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मुख्यमंत्री ने जनता का जताया आभार, बोले- सभी 17 नगर निगमों में मेयर की सीटें भाजपा की झोली में डालीं

जनता का पैसा जनहित में ही खर्च होगाः सीएम योगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नगर निगम लखनऊ की 413 करोड़ की 342 परियोजनाओं का किया शिलान्यास/लोकार्पण, स्वच्छ-सुंदर-समर्थ लखनऊ से संबंधित पुस्तिका का किया विमोचन  जनता का जताया आभार, बोले- सभी 17 नगर निगमों में मेयर की सीटें भाजपा की झोली में डालीं पिछली सरकारों के पापों के गड्ढों को भरने और भ्रष्टाचार के कूड़े को साफ करने में लगा समयः मुख्यमंत्री लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों का आभार जताते हुए कहा कि जनता ने पहली बार सभी 17 नगर निगमों में मेयर की सीट भाजपा की झोली में डालीं। सभी नगर निगमों में भाजपा का बोर्ड बना। इसका परिणाम रहा कि नगर निगम ने 3 वर्ष में कुछ प्रतिमान भी स्थापित किए, विकास व स्वच्छता का मॉडल दिया। हमें पिछली सरकारों के पापों के गड्ढों को भरने, भ्रष्टाचार के कूड़े को साफ करने में समय भी लगा। विकास पर खर्च होने वाला पैसा जनता का है। इसे मुख्यमंत्री या मंत्री नहीं दे रहे, बल्कि केवल उसका उचित नियोजन कर रहे हैं। जनता का पैसा जनहित में ही खर्च होगा। यही पीएम मोदी जी का विजन है, प्रेरणा है। मुख्यमंत्री ने नगर निगम में महापौर के कार्यकाल के तीन वर्ष पूर्ण होने पर मंगलवार को लखनऊवासियों को विकास की सौगात दी। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में सीएम ने 413 करोड़ की 342 परियोजनाओं का शिलान्यास/लोकार्पण किया और स्वच्छ-सुंदर-समर्थ लखनऊ से संबंधित पुस्तिका का विमोचन किया। इस दौरान लघु फिल्म भी दिखाई गई। सीएम ने सभी 17 नगर निगमों के महापौर, 200 नगर पालिका परिषद, 545 नगर पंचायतों के चेयरमैन तथा लगभग 14000 पार्षदों को तीन वर्ष का कार्यकाल संपन्न होने पर शुभकामनाएं दीं। स्वच्छता हर नागरिक की जिम्मेदारी  सीएम योगी ने कहा कि स्वच्छता रैंकिंग में लखनऊ नगर निगम को देश में तीसरा स्थान मिला, इसे पहले स्थान पर लाना है। यह केवल महापौर, पार्षद या सफाई कर्मचारी की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि यह हर नागरिक की जिम्मेदारी है। घर का कूड़ा कूड़ेदान में ही फेंकें, गीला-सूखा कूड़ा अलग करें। सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग न करें। नालियों में कूड़ा न फेंकें और सरकारी संपत्तियों का नुकसान भी न करें। लोग कहते हैं कि लखनऊ बहुत साफ-सुथरा है, जब सरकार की कार्यपद्धति साफ-सुथरी होती है तो ऐसा ही होता है। मंत्री, महापौर, पार्षद, पूरी कार्यकारिणी, अधिकारी, सुपरवाइजर तथा सफाई कर्मचारी, सब जुटते हैं तो स्वच्छता दिखाई देती है। सीएम ने ढाई करोड़ की कार से आकर गमला चोरी करने वालों पर कटाक्ष किया और कहा कि सभी जगहों पर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। 45 रुपये का गमला खरीद लेते तो सम्मान भी बना रहता और शहर भी सुंदर दिखता। सीएम ने राष्ट्र प्रेरणा स्थल का दिया उदाहरण सीएम योगी ने राष्ट्र प्रेरणा स्थल का उदाहरण दिया और कहा कि जहां 30 वर्षों से कूड़ा डंप होता था, वह अब बेहतरीन स्थल है। वहां डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पं. दीनदयाल उपाध्याय व भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमाएं स्थापित की गईं। सीएम ने तीनों महापुरुषों के व्यक्तित्व व राष्ट्र के लिए योगदान का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आज लखनऊ में राष्ट्र प्रेरणा स्थल ही नहीं, ग्रीन कॉरिडोर व  मेट्रो समेत हर प्रकार की जन-सुविधाएं हैं।  गरीब, युवा, महिला व किसान को केंद्र में रखा सीएम ने कहा कि 2017 से पहले सपा सरकार में गरीब के लिए मकान स्वीकृत नहीं हुए। उनकी योजनाएं गरीबों, नौजवानों के लिए नहीं थीं। हमने चेहरा, जाति, क्षेत्र, मत-मजहब देखे बिना देश की चार जातियों (गरीब, युवा, महिला व किसान) को केंद्र में रखकर काम किया। शहरी-ग्रामीण क्षेत्र में 65 लाख से अधिक गरीबों को आवास उपलब्ध कराए। पहले की सरकारें परिवार के लिए सोचती थीं, इसलिए फेल थीं। सपा के गुंडे महिला सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा थे। सपा सरकार में शासन की योजनाओं का लाभ चुनिंदा परिवारों को मिलता था, जबकि मोदी जी ने देशवासियों, डबल इंजन सरकार ने 25 करोड़ प्रदेशवासियों और नगर निगम ने पूरे क्षेत्र को अपना परिवार माना। नकारात्मक राजनीति करने वालों को दिया जवाब सीएम ने लखनऊ को प्रदेश का सबसे बड़ा महानगर व नगर निगम बताते हुए कहा कि जितना बड़ा दायित्व होगा, उतनी बड़ी चुनौतियां भी होंगी, लेकिन लखनऊ व प्रदेश चुनौतियों का बखूबी सामना कर रहा है। सीएम ने नकारात्मक राजनीति करने और सकारात्मक पहल पर अंगुली उठाने वालों को जवाब देते हुए कहा कि तीन वर्ष में नगर निगम, 9 वर्ष में प्रदेश और 12 वर्ष में पीएम मोदी के नेतृत्व में विकास के कार्यक्रम नए प्रतिमान से बढ़ाए गए। नगर निकाय, प्रदेश व राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा सरकार ने कुछ नया करके दिखाया है। हमारे शहर ‘ईज ऑफ लिविंग’ की दृष्टि से स्वच्छ, सुंदर और सुरक्षित हैं। लखनऊ नगर निगम ने गत वर्ष 200 करोड़ से अधिक का बांड जारी किया था, जबकि 2017 के पहले यहां के बांड की कीमत 25 करोड़ भी नहीं थी।  देश को कटघरे में खड़ा करने का प्रयास अस्वस्थ मानसिकता  सीएम योगी ने कहा कि ऊर्जा संकट वैश्विक बन चुका है। अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण सप्लाई लाइन बाधित हुई है। दुनिया के तमाम क्षेत्रों में तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं। जिस अमेरिका के पास अपने ऊर्जा के क्षेत्र हैं, वहां पेट्रोलियम पदार्थ के दाम दोगुने से अधिक हुए हैं। महंगाई चरम पर है, लेकिन पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत में लगातार इसे नियंत्रित किया गया है। पेट्रोलियम उत्पादों के दाम दुनिया में बढ़ेंगे, सप्लाई चेन बाधित होगी तो उसका असर यहां भी पड़ेगा, लेकिन संकट के समय देश के साथ खड़े होने के बजाय देश को कटघरे में खड़ा करने का प्रयास अस्वस्थ मानसिकता का पर्याय है। जरूरत के अनुसार ही करें बिजली की खपत सीएम योगी ने कहा कि गर्मी एकाएक बढ़ने से तमाम थर्मल पावर प्लांट ने अचानक शटडाउन ले लिया। उत्पादन पर असर पड़ा। 2017 तक यूपी में पीक पावर की सप्लाई 15-16 हजार मेगावाट रहती थी, आज यह 32-33 हजार मेगावाट पहुंच गई है। उस समय 6 हजार मेगावाट उत्पादन था, जबकि आज 13 हजार मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है। रिन्युवल एनर्जी का उत्पादन लगभग 10 हजार मेगावाट तक बढ़ा है, लेकिन हमारी आवश्यकता 33-35 हजार मेगावाट है। एलपीजी संकट को देखते हुए लोग … Read more

दर्दनाक सड़क हादसा: कैंची धाम जा रही कार पलटी, 4 दोस्तों ने गंवाई जान

 बाराबंकी बाराबंकी में सुल्तानपुर-लखनऊ हाईवे पर ऐसा दर्दनाक हादसा हुआ, जिसने कुछ ही सेकंड में खुशियों से भरी यात्रा को मातम में बदल दिया. कैंची धाम जा रहे सात दोस्तों की इनोवा कार तेज रफ्तार ट्रेलर से जा टकराई. टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के अगले हिस्से के परखच्चे उड़ गए और अंदर बैठे लोग चीख तक नहीं पाए. हादसे में चार युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं।  यह हादसा हैदरगढृ कोतवाली क्षेत्र के भिखरा गांव के पास देर रात करीब 2:50 बजे हुआ. रात के सन्नाटे में अचानक जोरदार धमाके की आवाज सुनाई दी तो आसपास के लोग घबराकर बाहर निकल आए. हाईवे पर पहुंचते ही सामने का मंजर देखकर लोगों के रोंगटे खड़े हो गए. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक तेज रफ्तार इनोवा कार सुल्तानपुर से लखनऊ की तरफ जा रही थी. उसी दौरान आगे चल रहे ट्रेलर से कार की जोरदार भिड़ंत हो गई. टक्कर इतनी भयानक थी कि इनोवा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई. कार का अगला हिस्सा पूरी तरह दब गया और अंदर बैठे लोग उसमें फंस गए. हादसे के तुरंत बाद हाईवे पर चीख-पुकार मच गई. राहगीरों ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और राहत-बचाव अभियान शुरू किया गया।  कैंची धाम जा रहे थे सभी दोस्त बताया जा रहा है कि इनोवा में सवार सभी लोग कैंची धाम दर्शन के लिए जा रहे थे. सफर हंसी-मजाक और उत्साह के साथ शुरू हुआ था, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि यह यात्रा उनकी आखिरी यात्रा बन जाएगी. हादसे में जिन चार युवकों की मौत हुई, उनकी पहचान हादसे में मृतकों की पहचान राहुल कुमार पुत्र संजय कुमार निवासी मुगलसराय, जनपद चंदौली, राहुल सिंह पुत्र अजय प्रताप निवासी गैबीपुर, जनपद गाजीपुर, सत्यम सिंह पुत्र स्वर्गीय तेज प्रताप सिंह निवासी रामपुर रसड़ा, जनपद बलिया तथा सूरज यादव निवासी गाजीपुर के रूप में हुई है. चारों की मौत की खबर मिलते ही परिवारों में कोहराम मच गया. कई घरों में रातभर रोने-बिलखने की आवाजें गूंजती रहीं।  घायल युवकों की हालत गंभीर हादसे में घायल हुए पंकज, प्रशांत और चंदन सिंह को पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हैदरगढ़ ले जाया गया. डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया. बताया जा रहा है कि घायलों में कुछ की हालत अभी भी चिंताजनक बनी हुई है।  पुलिस ने काटकर निकाले शव हादसा इतना भयावह था कि कार में फंसे लोगों को बाहर निकालने में पुलिस और स्थानीय लोगों को काफी मशक्कत करनी पड़ी. कार का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो चुका था. कई लोगों को लोहे को काटकर बाहर निकाला गया. मौके पर मौजूद लोगों का कहना था कि हादसा देखकर ऐसा लग रहा था जैसे कार सीधे किसी दीवार से टकरा गई हो।  रात 3 बजे पहुंची पुलिस हैदरगढ़ कोतवाली प्रभारी अनिल पांडे ने बताया कि रात करीब 3 बजे हादसे की सूचना मिली थी. पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल भेजा गया. उन्होंने बताया कि चार लोगों की मौके पर मौत हो गई थी जबकि तीन लोग गंभीर रूप से घायल थे. पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है. प्रारंभिक जांच में माना जा रहा है कि हादसे की बड़ी वजह तेज रफ्तार हो सकती है. देर रात हाईवे लगभग खाली था और संभवतः इनोवा की स्पीड काफी ज्यादा थी. हालांकि पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है. ट्रेलर चालक से भी पूछताछ की जा रही है।  हादसे के बाद हाईवे पर लगा जाम भीषण टक्कर के बाद हाईवे पर लंबा जाम लग गया. पुलिस ने क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त वाहनों को हटवाया, जिसके बाद यातायात सामान्य हो सका. कुछ देर तक हाईवे पर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा. आसपास के लोग भी बड़ी संख्या में मौके पर जुट गए थे. हादसे की खबर जैसे ही मृतकों के घर पहुंची, परिवारों में चीख-पुकार मच गई. किसी घर का बेटा चला गया तो कहीं दोस्त हमेशा के लिए बिछड़ गए. जिन परिवारों ने अपने बच्चों को धार्मिक यात्रा पर भेजा था, उन्हें क्या पता था कि सुबह उनके घर मातम की खबर पहुंचेगी. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है. पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हादसे के समय इनोवा की स्पीड कितनी थी और दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई. वहीं घायलों का इलाज जारी है और परिवार के लोग अस्पताल पहुंच चुके हैं। 

विकास खंडों में लगने वाली साप्ताहिक चौपालों के साथ किसान मेला का भी हो आयोजन: मुख्यमंत्री

खरीफ-2026 की तैयारी समय से पूरी करें, किसानों को हर जरूरी संसाधन उपलब्ध हो: मुख्यमंत्री विकास खंडों में लगने वाली साप्ताहिक चौपालों के साथ किसान मेला का भी हो आयोजन: मुख्यमंत्री दलहन, तिलहन और श्रीअन्न की खेती को बढ़ावा देने के निर्देश यूपी आईटीएस की तर्ज पर कृषि विभाग भी आयोजित करे अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी खरीफ-2026 में 302.62 लाख मीट्रिक टन उत्पादन का लक्ष्य 2.29 करोड़ से अधिक किसानों की फार्मर रजिस्ट्री पूरी पीएम किसान और फसल बीमा योजनाओं का लाभ समय से दिलाने के निर्देश लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को कृषि विभाग की विभिन्न प्रस्तावित कार्ययोजनाओं की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि खरीफ-2026 की सभी तैयारियां समय से पूरी कर ली जाएं तथा किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज, उर्वरक और तकनीकी सहायता समय पर उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक, पारदर्शी व्यवस्था और फसल विविधीकरण को बढ़ावा देते हुए किसानों की आय बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलते मौसम और जलवायु परिस्थितियों को देखते हुए दलहन, तिलहन और श्रीअन्न की खेती को प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सूखा संभावित क्षेत्रों के लिए अग्रिम कार्ययोजना तैयार रखी जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर किसानों को वैकल्पिक फसलों के बीज उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने निर्देश दिए कि यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो की तर्ज पर कृषि विभाग को भी अपनी विशेषताओं की अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी लगानी चाहिए। बैठक में बताया गया कि खरीफ-2026 में 110.65 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल और 302.62 लाख मीट्रिक टन उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। धान उत्पादन का लक्ष्य 224.25 लाख मीट्रिक टन रखा गया है, जबकि बाजरा, मक्का, अरहर और मूंगफली के उत्पादन में वृद्धि का लक्ष्य तय किया गया है। बैठक में बताया गया कि खरीफ-2026 के लिए 2.29 लाख क्विंटल बीज वितरण का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें 24 मई 2026 तक 1.26 लाख क्विंटल बीज उपलब्ध कराया जा चुका है। धान के लिए 80 हजार क्विंटल बीज वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।  मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को समय-समय पर कृषि संबंधी तकनीकी सलाह उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि टेक्स्ट मैसेज, सोशल मीडिया, दूरदर्शन, आकाशवाणी और अन्य माध्यमों से किसानों तक जानकारी पहुंचाई जाए। साथ ही कम अवधि और सूखा सहनशील प्रजातियों के उपयोग को बढ़ावा दिया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा आगामी जून माह से सभी विकास खंडों में चौपाल लगाई जाएगी। इन चौपालों के साथ ही किसान मेला भी लगाई जाए। किसानों को हर योजना का लाभ मिले और उन्हें प्रगतिशील खेती से जोड़े जाने का प्रयास हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि विभाग के अंतर्गत सभी विश्वविद्यालयों, कृषि विज्ञान केंद्रों, मंडियों, वेयरहाउस आदि के आस-पास साफ-सफाई होनी चाहिए आवश्यकतानुसार इनकी रंगाई कराई जाए। इन केंद्रों तक पहुंचने के लिए अच्छी कनेक्टिविटी होनी चाहिए। बैठक में बताया गया कि प्रदेश के लगभग 18 से 20 जनपद सूखे की दृष्टि से संवेदनशील हैं। धान एवं मूंगफली के लगभग 10 लाख हेक्टेयर क्षेत्र के प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए दलहन, तिलहन और श्रीअन्न फसलों के अतिरिक्त बीजों की व्यवस्था की जा रही है। मुख्यमंत्री ने लखनऊ में प्रस्तावित सीड पार्क को प्रारम्भ करने की दिशा में तेजी के निर्दश दिए। उर्वरकों की उपलब्धता एवं वितरण की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि जमाखोरी, कालाबाजारी और उर्वरकों के डायवर्जन पर प्रभावी नियंत्रण रखा जाए। उन्होंने संतुलित उर्वरक उपयोग और जैविक विकल्पों को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया। बैठक में बताया गया कि 24 मई 2026 तक प्रदेश में 36.44 लाख मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध रहे तथा 28.26 लाख मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध स्थिति में हैं। उर्वरक प्रवर्तन अभियान के तहत 4025 छापे डाले गए, 81 लाइसेंस निलंबित किए गए तथा 9 एफआईआर दर्ज कराई गईं।  मुख्यमंत्री ने कृषि योजनाओं में डिजिटल तकनीक के उपयोग को और बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों को योजनाओं का लाभ पारदर्शी और सरल तरीके से उपलब्ध कराया जाए। बैठक में बताया गया कि एग्रीस्टैक योजनांतर्गत 24 मई 2026 तक 2.29 करोड़ से अधिक किसानों की फार्मर रजिस्ट्री पूरी की जा चुकी है। किसान पोर्टल और मोबाइल ऐप के माध्यम से भी पंजीकरण कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने प्राकृतिक खेती और श्रीअन्न उत्पादन को बढ़ावा देने के निर्देश देते हुए कहा कि बुंदेलखंड सहित जल संकट वाले क्षेत्रों में ऐसी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। बैठक में बताया गया कि बुंदेलखंड के सभी विकासखंडों में गौ-आधारित प्राकृतिक खेती कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। वर्ष 2025-26 में 23,500 हेक्टेयर क्षेत्र में रसायन मुक्त खेती की गई तथा 21,934 किसानों को प्रशिक्षण दिया गया।  मुख्यमंत्री ने मक्का उत्पादन को बढ़ावा देने तथा उससे जुड़े उद्योगों के साथ समन्वय मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने किसानों को तकनीकी सहयोग, प्रशिक्षण और विपणन सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया। बैठक में बताया गया कि वर्ष 2026-27 में मक्का क्षेत्रफल 11.39 लाख हेक्टेयर रहने का अनुमान है तथा वर्ष 2027-28 तक 32.84 लाख मीट्रिक टन उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है।   मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि एवं प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि पात्र किसानों को योजनाओं का लाभ समय से उपलब्ध कराया जाए तथा बीमा दावों के निस्तारण में तेजी लाई जाए। बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत अब तक प्रदेश के किसानों को 99,032 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि वितरित की जा चुकी है। वहीं प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत वर्ष 2016-17 से वर्ष 2025-26 तक 80.61 लाख किसानों को 6454.57 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति प्रदान की गई है। कृषि उत्पादों के निर्यात पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्लोबल मानकों का ध्यान रखते हुए उत्पाद को तैयार कराया जाए। वहीं मंडी समिति की योजनाओं की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मंडी समितियों को किसानों के हित में आधुनिक, पारदर्शी और सुविधायुक्त बनाया जाए, कृषि विपणन व्यवस्था को और मजबूत करें।

यूपी में बिजली सप्लाई का नया रिकॉर्ड, पीक डिमांड पूरी करने में योगी सरकार देश में नंबर-1

प्रदेश के इतिहास में इस समय सबसे ज्यादा बिजली सप्लाई, पीक डिमांड आपूर्ति में योगी सरकार देश में अव्वल प्रचंड गर्मी के बावजूद योगी सरकार ने बड़ी उपलब्धि हासिल की यूपी में पीक डिमांड 31,824 मेगावाट पहुंची, महाराष्ट्र में 29,463 मेगावाट की आपूर्ति बढ़ती पीक डिमांड के बीच यूपी ने बनाया नया विद्युत आपूर्ति रिकॉर्ड शहर, तहसील नगर पंचायत में 24 घंटे बिजली आपूर्ति, ग्रामीण क्षेत्रों में भी 22 से 22.5 घंटे दी गई बिजली लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने प्रदेशवासियों को बिजली देने के मामले में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। योगी सरकार में पीक डिमांड आपूर्ति के मामले में उत्तर प्रदेश ने महाराष्ट्र को पीछे छोड़ दिया है। 24 मई को उत्तर प्रदेश ने 31,824 मेगावाट पीक डिमांड पूरी की। जबकि इस अवधि में महाराष्ट्र ने 29,463 मेगावाट डिमांड की आपूर्ति की थी। यह न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि देश के किसी भी राज्य द्वारा अब तक की गई सर्वाधिक विद्युत आपूर्ति है। अभी तक साल 2025 में 11 जून को रात 12:45 बजे 31486 मेगावाट पीक डिमांड सबसे ज्यादा थी। 24 मई की रात को रिकॉर्ड पीक डिमांड की आपूर्ति की गई प्रदेश में प्रचंड गर्मी के बावजूद योगी सरकार में उत्तर प्रदेश के इतिहास में सबसे ज्यादा विद्युत आपूर्ति की जा रही है। प्रदेश ने बिजली आपूर्ति के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए 24 मई की रात्रि 10:29 बजे 31,824 मेगावाट की रिकॉर्ड पीक डिमांड को सफलतापूर्वक पूरा किया है। योगी सरकार का उद्देश्य हर घर, हर गांव और हर शहर तक निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण बिजली पहुंचाना है, जिस दिशा में लगातार कार्य किए जा रहे हैं। निर्धारित रोस्टर से आगे बढ़कर प्रदेश में व्यापक स्तर पर निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित कराने का प्रयास किया गया है।  25 मई दोपहर 2 बजे 29,616 मेगावाट विद्युत आपूर्ति की गई 24/25 मई की रात 1 बजे 29,933 मेगावाट और रात 3 बजे 30569 मेगावाट की विद्युत आपूर्ति की गई। जबकि 25 मई की सुबह 5 बजे 29,573 मेगावाट और सुबह 10 बजे 27,392 मेगावाट की आपूर्ति की गई है। इसी तरह दोपहर 2 बजे 29,616 मेगावाट डिमांड की विद्युत आपूर्ति की गई है। ऊर्जा विभाग लगातार आपूर्ति कर रहा है। यूपीपीसीएल के निदेशक वितरण ज्ञानेंद्र धर द्विवेदी ने बताया कि स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक रविवार को शहरी क्षेत्रों, तहसील, नगर पंचायत, महानगर, मंडल मुख्यालय और उद्योगों को 24 घंटे बिजली आपूर्ति की गई है। बुंदेलखंड में सिर्फ 22 मिनट के लिए बिजली काटी गई थी।  ग्रामीण क्षेत्रों में रोस्टर से ज्यादा बिजली आपूर्ति की गई निदेशक वितरण ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी औसत 22 से 22.5 घंटे तक बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की गई है, जबकि ग्रामीण क्षेत्र में 18 घंटे का रोस्टर है। इससे आमजन, किसान, व्यापारी और उद्योगों को बड़ी राहत मिली है। अपर मुख्य सचिव (ऊर्जा) एवं उप्र. पावर कारपोरेशन अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के अनुपालन के क्रम में प्रदेश में सभी को निर्बाध विद्युत देने का प्रयास किया जा रहा है। सभी अधिकारियों एवं कर्मियों को युद्धस्तर पर विद्युत आपूर्ति के कार्यों में लगाया गया है।  देश में सर्वाधिक बिजली उपलब्ध कराने वाला राज्य बना यूपीः ऊर्जा मंत्री ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने बताया कि उत्तर प्रदेश आज देश में सर्वाधिक बिजली उपलब्ध कराने वाला राज्य बन चुका है। तकनीकी, प्राकृतिक अथवा मानवजनित कारणों से कहीं-कहीं स्थानिक व्यवधान उत्पन्न हो सकते हैं, लेकिन उन्हें दूर करने के लिए विद्युत विभाग के अधिकारी और कर्मचारी दिन-रात पूरी निष्ठा एवं समर्पण के साथ कार्य कर रहे हैं। ऊर्जा मंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा कि विद्युतकर्मियों का मनोबल बढ़ाएं, क्योंकि भीषण गर्मी और कठिन परिस्थितियों में भी वह लगातार जनता को बेहतर बिजली सुविधा उपलब्ध कराने में जुटे हुए हैं।

CM योगी की पहल से निराश्रित बच्चों को मिला नया सहारा, बदल रही जिंदगी की तस्वीर

सीएम योगी की पहल से बदल रही निराश्रित बच्चों की जिंदगी महिला कल्याण विभाग की बाल देखरेख संस्थाएं बन रहीं उज्ज्वल भविष्य की नई पाठशाला बोर्ड परीक्षाओं में 213 बच्चों की सफलता ने बढ़ाया प्रदेश का मान 107 बच्चों ने 60 प्रतिशत से अधिक अंक लाकर पेश की प्रेरणादायक मिसाल परामर्श सेवाएं, शिक्षा, पुनर्वास और आत्मनिर्भरता के जरिए बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ रही योगी सरकार लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में महिला कल्याण विभाग निराश्रित, देखरेख, संरक्षण एवं विधि से संघर्षरत बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए संवेदनशीलता के साथ काम कर रही है। योगी सरकार बाल देखरेख संस्थाओं के माध्यम से हजारों बच्चों को सुरक्षित आश्रय, अच्छी शिक्षा, परामर्श सेवाएं और संस्कारयुक्त वातावरण उपलब्ध करा रही है। इन संस्थाओं में रह रहे 213 बच्चों ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की विभिन्न बोर्ड परीक्षाओं में सफलता हासिल की है।  दरअसल, इन संस्थाओं में बच्चों के मानसिक, सामाजिक और नैतिक विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है, ताकि वह आत्मविश्वास के साथ समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें। योगी सरकार की इस पहल से बच्चों को नया जीवन, नई दिशा और आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिल रहा है।  बच्चों ने सफलता हासिल कर बढ़ाया प्रदेश का गौरव सीएम योगी की मंशा के अनुरूप बालगृहों और राजकीय सम्प्रेक्षण गृहों में रहने वाले बच्चों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के साथ-साथ उनके मानसिक, सामाजिक और भावनात्मक विकास के लिए भी निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। यही कारण है कि वर्ष 2026 की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षाओं में विभागीय संस्थाओं में निवासरत बच्चों ने सफलता हासिल कर प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। बच्चों को काउंसलिंग और शैक्षिक वातावरण उपलब्ध कराया जा रहा महिला कल्याण विभाग द्वारा बच्चों को नियमित शैक्षिक मार्गदर्शन, अध्ययन सामग्री, ऑनलाइन कोचिंग, काउंसलिंग, स्मार्ट क्लास की सुविधा और अनुकूल शैक्षिक वातावरण उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके साथ ही बच्चों में आत्मविश्वास बढाने और सकारात्मक सोच विकसित करने के लिए विभिन्न प्रेरणात्मक एवं व्यक्तित्व विकास कार्यक्रम भी संचालित किए जाते हैं। योगी सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि संस्थाओं में रहने वाला प्रत्येक बच्चा शिक्षा और अवसरों से वंचित न रहे। 213 बच्चों ने सफलता हासिल की महिला कल्याण विभाग की निदेशक सी. इंदुमति ने बताया कि इस वर्ष कुल 213 बच्चों ने विभिन्न बोर्ड परीक्षाओं में सफलता प्राप्त की है। इनमें 107 बच्चों ने 60 प्रतिशत से अधिक अंक अर्जित कर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। कठिन परिस्थितियों में जीवन व्यतीत करने वाले इन बच्चों की यह उपलब्धि न केवल प्रेरणादायक है, बल्कि यह सरकार की बाल हितैषी नीतियों और संवेदनशील कार्यप्रणाली का भी प्रमाण है। अपने पारिवारिक सहयोग के अभाव के बावजूद महिला कल्याण विभाग के संरक्षण में बच्चों ने अपनी मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास के दम पर सफलता की नई कहानी लिखी है।

75 वर्ष से अधिक आयु, असाध्य रोगियों, बच्चों संग महिला बंदियों व जमानत राशि न जमा कर पाने वाले कैदियों की सूची तैयार करें: मुख्यमंत्री

जेलों को सुधार, पुनर्वास और कौशल विकास का प्रभावी केंद्र बनाया जाए: मुख्यमंत्री केवल पेशेवर अपराधी, माफिया को जेलों में रखने की जरूरत, छोटे अपराधों में ओपन जेल की परिकल्पना उपयोगी 75 वर्ष से अधिक आयु, असाध्य रोगियों, बच्चों संग महिला बंदियों व जमानत राशि न जमा कर पाने वाले कैदियों की सूची तैयार करें: मुख्यमंत्री ‘ओपन जेल’ की परिकल्पना को साकार करने के लिए विशेष कार्ययोजना बनाई जाए: मुख्यमंत्री प्रदेश की जेलों में ओवरक्राउडिंग दर 1.77 से घटकर 1.03 हुई सात नए कारागार शुरू, छह निर्माणाधीन; बंदी क्षमता में लगातार बढ़ोतरी 6200 सीसीटीवी, ड्रोन कैमरे और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से मजबूत हुई जेल सुरक्षा व्यवस्था ‘वन जेल वन प्रोडक्ट’ से बंदियों को मिल रहा कौशल और रोजगार का अवसर लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने  कारागार विभाग की समीक्षा करते हुए कहा कि जेलों को केवल बंदी रखने का स्थान नहीं, बल्कि सुधार, पुनर्वास और कौशल विकास का प्रभावी केंद्र बनाया जाना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रदेश की सभी कारागारों में सुरक्षा व्यवस्था, बंदियों के स्वास्थ्य, स्वच्छता, प्रशिक्षण, तकनीकी सुदृढ़ीकरण और पुनर्वास संबंधी व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक तकनीक, पारदर्शी व्यवस्था और सुधारात्मक गतिविधियों के माध्यम से कारागारों को नई पहचान दी जाए। बैठक में बताया गया कि विभिन्न प्रक्रियाओं के माध्यम से बंदियों की समयपूर्व रिहाई की व्यवस्था को गति दी गई है। वर्ष 2012 से 2016 के बीच 273 बंदियों को समयपूर्व रिहाई मिली थी, जबकि वर्ष 2017 से 2021 के बीच यह संख्या बढ़कर 2882 और वर्ष 2022 से 2026 के बीच 3846 हो गई। जुर्माना जमा कर रिहा होने वाले बंदियों की संख्या भी वर्ष 2012-16 के 2823 की तुलना में वर्ष 2017-2026 के दौरान बढ़कर 6231 हो गई। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि 75 वर्ष से अधिक उम्र के कैदियों, असाध्य रोगों से ग्रस्त कैदियों, बच्चों के साथ जेल में बंद महिला कैदियों और जमानत राशि जमा न कर पाने के अभाव में जेल में बंद कैदियों की सूची तैयार की जाए। मुख्यमंत्री ने 'ओपन जेल' की परिकल्पना को विशेष महत्व देते हुए इसे साकार रूप में लाने के लिए विशेष कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जेल केवल पेशेवर अपराधी और माफिया के लिए होनी चाहिए। छोटे अपराधों के लिए 'ओपन जेल' उपयोगी होगी।  मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जेलों में ओवरक्राउडिंग कम करने के लिए निर्माणाधीन परियोजनाओं को समयबद्ध ढंग से पूरा किया जाए। उन्होंने नए कारागारों और बैरकों के निर्माण कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि वर्ष 2017 में प्रदेश की 70 जेलों में क्षमता 58,400 थी जबकि बंदियों की संख्या 96,383 थी और ओवरक्राउडिंग दर 1.77 थी। वर्तमान में प्रदेश में 77 कारागार संचालित हैं, जिनकी कुल क्षमता 77,673 है तथा बंदियों की संख्या 79,782 है। ओवरक्राउडिंग दर घटकर 1.03 रह गई है।  बैठक में बताया गया कि वर्ष 2017 से अब तक चित्रकूट, अंबेडकरनगर, संतकबीरनगर, इटावा, प्रयागराज, श्रावस्ती और बरेली समेत सात नए कारागार संचालित किए गए हैं, जिससे 10,495 बंदियों की अतिरिक्त क्षमता विकसित हुई है। इसके अतिरिक्त अमेठी, महोबा, हाथरस, कुशीनगर, जौनपुर और हापुड़ में छह नए कारागारों का निर्माण कार्य प्रगति पर है, जिनकी कुल क्षमता 6,156 होगी। कई प्रस्तावित जेलों के लिए भूमि क्रय और पंजीकरण की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। मुख्यमंत्री ने बहुमंजिला करागारों के निर्माण को प्राथमिकता देने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जेलों में सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं होगा। तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया जाए। बैठक में बताया गया कि वर्ष 2017 से 2026 के बीच प्रदेश की जेलों में 6200 सीसीटीवी कैमरे, 24 बैगेज स्कैनर, 30 ड्रोन कैमरे, 84 डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर, 195 बॉडी वार्न कैमरे और अन्य आधुनिक सुरक्षा उपकरण स्थापित किए गए हैं। सभी जेल बैरकों में सीसीटीवी कैमरे तथा मेनवॉल पर वायर फेंसिंग कराई गई है। न्यायालयों में पेशी के लिए 83 वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग इकाइयां स्थापित हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कारागारों में बंदियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कौशल विकास और उत्पादन गतिविधियों को और बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि सुधारात्मक प्रयासों से बंदियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है। बैठक में बताया गया कि लखनऊ, आगरा, नैनी, बरेली, वाराणसी, फतेहगढ़, गोरखपुर, उन्नाव और अन्य कारागारों में सिलाई, दरी, कम्बल, फिनायल, काष्ठ कला, मसाला, प्रिंटिंग, हैंडीक्राफ्ट, रेडीमेड गारमेंट, एलईडी बल्ब, पॉटरी, कार्पेट और विभिन्न हस्तशिल्प उद्योग संचालित किए जा रहे हैं। प्रदेश की 37 जेलों में ‘वन जेल वन प्रोडक्ट’ आधारित इकाइयां संचालित हैं।  मुख्यमंत्री ने कहा कि जेलों में बंदियों के स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन और सकारात्मक वातावरण के लिए योग, खेलकूद, कृषि और गौसंवर्धन जैसी गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जाए। बैठक में बताया गया कि वर्तमान में प्रदेश की 17 जेलों में गौशालाएं संचालित हैं, जहां कुल 1265 गोवंश संरक्षित हैं। बैठक में यह भी बताया गया कि जेलों की कृषि भूमि वर्ष 2020 में 584.51 एकड़ से बढ़कर वर्तमान में 624.14 एकड़ हो गई है। कृषि फार्मों में सब्जी और आलू उत्पादन 81,270 क्विंटल से बढ़कर 86,720 क्विंटल तक पहुंच गया है।   बैठक में बताया गया कि विभाग में विभिन्न श्रेणियों के 3647 रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया प्रचलित है। वर्ष 2017 से अब तक 4055 नियुक्तियां दी गई हैं तथा विभिन्न पदों पर कुल 2868 पदोन्नतियां प्रदान की गई हैं। मुख्यमंत्री ने रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए।

यूपी बनेगा एडवांस ट्रेनिंग हब, 17 राज्यों के छात्र सीखेंगे फॉरेंसिक साइंस और साइबर सिक्योरिटी

17 राज्यों के छात्र-छात्राएं यूपी में लेंगे फॉरेंसिक साइंस, साइबर सिक्योरिटी समेत अन्य विषयों में प्रशिक्षण यूपीएसआईएफएस में 6 हफ्ते की समर इंटर्नशिप शुरू, 108 छात्र-छात्राओं ने लिया हिस्सा हमारा मुख्य उद्देश्य सर्टिफिकेट देना ही नहीं, कौशल विकास करना है: डॉ. जीके गोस्वामी लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश फॉरेंसिक साइंस, साइबर सिक्योरिटी का हब बनकर उभर रहा है। अब यूपी अपने ही नहीं, दूसरे राज्यों के छात्र-छात्राओं को भी विभिन्न माध्यम से प्रशिक्षण दे रहा है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टिट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंस लखनऊ (यूपीएसआईएफएस) में ग्रीष्मकालीन (समर) इंटर्नशिप कार्यक्रम की शुरूआत सोमवार से हुई। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सहित 17 राज्यों के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों से कुल 108 छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। यह सभी छात्र-छात्राएं छह हफ्ते तक विषय विशेषज्ञों द्वारा लॉ, फोरेंसिक साइंस, साइबर सिक्योरिटी और डिजिटल फोरेंसिक विषयों की गहनता से जानकारी व दक्षता प्राप्त करेंगे। सीएम योगी आदित्यनाथ मिले निर्देश पर इंटर्नशिप कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान के संस्थापक निदेशक डॉ. जीके गोस्वामी ने किया। उन्होंने डेटा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्तमान समय में जिसके पास जितना डाटा रहेगा वह उतना ही सबल होगा। उन्होंने कहा कि फॉरेंसिक के क्षेत्र में युवाओं के लिए रोजगार के लिए बेहतर अवसर है, जिसके लिए आप में लगनशीलता होनी चाहिए। अगर लगन है तो निश्चित रूप से सफलता मिलेगी।  उन्होंने यह भी कहा कि यूपीएसआइएफएस में बिताये गए आपके छह हफ्ते आपके भविष्य के द्वार को खोलेगा, आपको अपनी योग्यता से ऐसे अवसर का लाभ लेना चाहिए। सीएम योगी का निर्देश- देशभर के बच्चों का भविष्य संवारें डॉ. जीके गोस्वामी ने विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं कॉलेज से आए हुए छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्पष्ट निर्देश है कि यह संस्थान न केवल उत्तर प्रदेश के छात्र-छात्राओं, युवाओं के भविष्य को विकसित करने में अग्रणी रहे बल्कि देश के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में अध्ययनरत बच्चों के भविष्य को संवारने में अपना योगदान दे। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य मात्र एक सर्टिफिकेट देना नहीं है बल्कि आपके भीतर कौशल विकास करना है ताकि आप बाहर की दुनिया में स्वयं को प्रतिष्ठापित कर सकें। वहीं अपर निदेशक राजीव मल्होत्रा ने कहा कि संकल्प का कोई विकल्प नहीं होता है। आप यूपीएसआईएफएस में एक संकल्प लेकर आये हैं और आप लगनशील हैं तो तो वह निश्चित पूरा होगा।   इस मौके पर डिप्टी डायरेक्टर चिरंजीव मुखर्जी, जनसंपर्क अधिकारी संतोष कुमार तिवारी, डॉ. सपना शर्मा, डॉ. प्रेरणा, डॉ.अजीत कुमार डॉ. प्रीती, डॉ. नेहा, डॉ. निताशा सहित अन्य उपस्थित रहे।

‘मेरी उड़ान’ से बुलंद हुए सपने, KGBV की बेटियों ने मेहनत से छुआ सफलता का आसमान

मेरी उड़ान: केजीबीवी की बेटियों ने मेहनत से हासिल किया सफलता का आसमान अलीगढ़ में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों से निकली बेटियों ने खाकी पहन बढ़ाया प्रदेश का मान वंचित परिवारों की छात्राओं ने शिक्षा और संकल्प के दम पर लिखी प्रेरणा की नई कहानी लखनऊ  सपनों को पंख तब मिलते हैं, जब अवसर, शिक्षा और आत्मविश्वास एक साथ जुड़ते हैं। उत्तर प्रदेश के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय आज ऐसी ही हजारों बेटियों की उड़ान का मजबूत आधार बन रहे हैं। सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बीच पढ़ाई करने वाली वंचित परिवारों की बेटियां अब प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल कर समाज में नई पहचान बना रही हैं। बेसिक शिक्षा विभाग की पहल, शिक्षकाओं के मार्गदर्शन और छात्राओं की अथक मेहनत ने इन विद्यालयों को केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि बेटियों के सपनों को साकार करने का माध्यम बना दिया है। जनपद अलीगढ़ के विकास खण्ड अतरौली स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय मढ़ौली की पूर्व छात्रा यामिनी वर्मा की कहानी संघर्ष से सफलता तक की प्रेरक यात्रा है। वर्ष 2012 में कक्षा-06 में प्रवेश लेने वाली यामिनी ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपने लक्ष्य को नहीं छोड़ा। निरंतर मेहनत और आत्मविश्वास के बल पर उन्होंने पहले ही प्रयास में प्रतियोगी परीक्षा उत्तीर्ण की और 18 जून 2025 को जनपद इटावा में कांस्टेबल पद पर नियुक्ति प्राप्त कर अपने परिवार, गांव और विद्यालय का नाम रोशन किया। यामिनी वर्मा कहती हैं, “केजीबीवी ने मुझे केवल शिक्षा ही नहीं दी, बल्कि आत्मविश्वास भी दिया। यहां की शिक्षिकाओं ने हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। अगर मुझे यहां का सहयोग और मार्गदर्शन नहीं मिलता तो शायद मैं अपने सपने तक नहीं पहुंच पाती। आज जो भी हूं, उसमें मेरे विद्यालय का बहुत बड़ा योगदान है।” इसी विद्यालय की छात्रा रहीं मुनिशा यादव ने भी अपने सपनों को हकीकत में बदलकर मिसाल पेश की। वर्ष 2008 में कक्षा-06 में प्रवेश लेने वाली मुनिशा शुरू से ही पुलिस सेवा में जाना चाहती थीं। पढ़ाई के साथ नियमित व्यायाम, दौड़ और अनुशासित तैयारी को उन्होंने अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाया। उनकी मेहनत रंग लाई और उन्होंने पहले ही प्रयास में परीक्षा उत्तीर्ण कर 12 जुलाई 2018 को जनपद अमरोहा में कांस्टेबल पद पर नियुक्ति प्राप्त की। मुनिशा यादव बताती हैं, “केजीबीवी में रहकर मुझे अनुशासन, आत्मनिर्भरता और बड़े सपने देखने की सीख मिली। यहां शिक्षिकाएं हर कदम पर हमारा हौसला बढ़ाती थीं। विद्यालय का माहौल ऐसा था जिसने मुझे अपने लक्ष्य के लिए लगातार मेहनत करने की ताकत दी।” विकास खण्ड गंगीरी की छात्रा कंचन ने भी अपनी लगन से सफलता का नया अध्याय लिखा। 2010 में कक्षा-08 उत्तीर्ण करने के बाद उन्होंने लगातार शिक्षा जारी रखी। हाईस्कूल, इंटरमीडिएट और विज्ञान वर्ग से बीएससी की पढ़ाई पूरी करने के बाद कंचन ने यूपी पुलिस सब इंस्पेक्टर परीक्षा पहले ही प्रयास में उत्तीर्ण की और 13 मार्च 2023 को जनपद सहारनपुर में सब इंस्पेक्टर पद पर ज्वाइन किया। उनकी सफलता आज ग्रामीण क्षेत्र की बेटियों के लिए बड़ी प्रेरणा बन चुकी है। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की ये बेटियां आज यह साबित कर रही हैं कि परिस्थितियां चाहे जैसी हों, अगर शिक्षा और संकल्प साथ हो तो हर सपना पूरा किया जा सकता है। बेसिक शिक्षा विभाग की पहल अब हजारों बेटियों के जीवन में नई उम्मीद, नया आत्मविश्वास और नई उड़ान बनकर सामने आ रही है।

योगी सरकार का बड़ा रिकॉर्ड, यूपी में 19 हजार से अधिक अमृत सरोवरों का निर्माण और पुनरुद्धार

योगी सरकार ने किया रिकॉर्ड 19 हजार से अधिक अमृत सरोवरों का निर्माण और पुनरुद्धार देश भर में बने अमृत सरोवरों का 30 प्रतिशत यूपी में निर्मित गोरखपुर सरोवर निर्माण में पहले स्थान पर, जिले के 735 स्थानों पर काम पूरा सरोवर अभियान से ग्रामीण रोजगार में हो रही वृद्धि लखनऊ उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने जल संरक्षण और ग्रामीण विकास की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। केंद्र सरकार के महत्वाकांक्षी 'अमृत सरोवर योजना' के तहत उत्तर प्रदेश 19 हजार से अधिक अमृत सरोवरों का निर्माण और पुनरुद्धार पूरा हो चुका है। ग्राम्य विकास विभाग के मुताबिक देश में मौजूद सभी अमृत सरोवरों में से लगभग 30 प्रतिशत उत्तर प्रदेश में निर्मित किए गए हैं। साथ ही इस योजना के तहत स्थानीय स्तर पर रोजगार भी सृजित हो रहा है। अब तक पूरे प्रदेश में 19,978 सरोवरों का निर्माण  सरोवर निर्माण अभियान में प्रदेश में गोरखपुर सबसे आगे है। यहां 735 सरोवरों का निर्माण हो चुका है। वहीं महाराजगंज में 601 और प्रयागराज में 525 सरोवर निर्माण के साथ क्रमश: दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं। अब तक 19,978 सरोवरों का निर्माण पूरे प्रदेश में हो चुका है।  कई स्तर पर हो रहा फायदा उत्तर प्रदेश अमृत सरोवरों के निर्माण और पुनरुद्धार करने में देश में पहले स्थान हासिल कर चुका है। यह पहल केवल जल स्रोतों के संरक्षण तक ही सीमित नहीं है, बल्कि गांवों में पर्यावरणीय संतुलन को मजबूत करने, भूजल स्तर में सुधार लाने और कृषि आधारित आजीविका को बढ़ावा देने में भी सहायक है। अमृत सरोवरों का निर्माण वर्षा जल संचयन को बढ़ावा दे रहा है, जिससे किसानों को सिंचाई में सहायता मिल रही है और ग्रामीण क्षेत्रों में जल की उपलब्धता में सुधार हो रहा है। साथ ही यह अभियान गांवों में हरियाली, स्वच्छता और सतत विकास को एक नई दिशा दे रहा है। जल संरक्षण के ये प्रयास ग्रामीण समृद्धि, पर्यावरण संरक्षण और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए एक मजबूत आधार बन रहे हैं। पर्यावरण को स्वच्छ बना रहे अमृत सरोवर योगी सरकार की इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि इन जल निकायों को सिर्फ पानी इकट्ठा करने का साधन नहीं बनाया गया। प्रत्येक अमृत सरोवर को न्यूनतम 1 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया गया है, जिसकी जल क्षमता लगभग 10 हजार क्यूबिक मीटर है। इसके चारों तरफ ग्रामीणों के ग्रामीणों के टहलने के लिए पक्का रास्ता बनाया गया है। बैठने के लिए बेंच और लाइट की व्यवस्था की गई है। साथ ही पर्यावरण को स्वच्छ रखने के लिए वृक्षारोपण भी किया गया है। ग्रामीणों को मिल रहा रोजगार योगी सरकार ने इस योजना को न केवल पर्यावरण से जोड़ा, बल्कि इसे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में भी लाभकारी बनाया है। अमृत सरोवरों की खुदाई, गाद निकालने और उनके सुंदरीकरण के काम को वीबी जी राम जी (पूर्व में मनरेगा) से जोड़ा गया। इससे प्रदेश के लाखों ग्रामीण परिवारों को उनके गांव में ही रोजगार मिल रहा है।

मुख्यमंत्री ने पद्म पुरस्कार पाने वाली विभूतियों को दी बधाई एवं शुभकामनाएं

मुख्यमंत्री ने पद्म पुरस्कार पाने वाली विभूतियों को दी बधाई एवं शुभकामनाएं खेल, चिकित्सा, कला समेत अनेक क्षेत्र में उत्तर प्रदेश का गौरव बढ़ाने वालों को मिला सम्मान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने नई दिल्ली में किया सम्मानित पद्म विभूषण से अलंकृत वायलिन वादिका एन. राजम व दिवंगत फ़िल्म अभिनेता धर्मेंद्र सिंह देयोल के परिजनों को भी बधाई दी लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पद्म पुरस्कार पाने वाली विभूतियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली विभूतियों को सोमवार को नई दिल्ली में सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट 'एक्स' पर पोस्ट कर पद्म विभूषण से अलंकृत वायलिन वादिका एन. राजम एवं दिवंगत फ़िल्म अभिनेता धर्मेंद्र सिंह देयोल के परिजनों को भी बधाई दी।  डॉ. ठकराल के शोध कार्य मानवता के लिए अमूल्य निधि  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 'एक्स' पर लिखा- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु जी द्वारा आयुर्वेद के अनन्य साधक एवं प्रख्यात शोधकर्ता डॉ. केवल कृष्ण ठकराल जी को चिकित्सा के क्षेत्र में 'पद्म श्री' से सम्मानित किए जाने पर हार्दिक बधाई। ​छह दशकों की दीर्घ साधना, ब्रोंकियल अस्थमा उपचार में 'कर्ण वेधन' जैसी युगांतरकारी तकनीक का विकास और प्राचीन भारतीय चिकित्सा पद्धति को वैश्विक प्रतिष्ठा दिलाने वाले आपके शोध कार्य मानवता के लिए अमूल्य निधि हैं। प्रो. श्याम सुंदर के समर्पण, शोध और सेवा भावना को राष्ट्र की आदरपूर्ण अभिव्यक्ति है यह सम्मान सीएम योगी ने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु जी द्वारा चिकित्सा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान हेतु उत्तर प्रदेश के सुप्रसिद्ध कालाजार विशेषज्ञ प्रो. श्याम सुन्दर जी को ‘पद्म श्री’ से सम्मानित किया जाना अत्यंत गौरव का विषय है। कालाजार के उपचार हेतु प्रथम प्रभावी मौखिक दवा के विकास एवं त्वरित निदान परीक्षण विकसित कर आपने चिकित्सा अनुसंधान और मानव सेवा में ऐतिहासिक योगदान दिया है। यह सम्मान आपके समर्पण, शोध और सेवा भावना को राष्ट्र की आदरपूर्ण अभिव्यक्ति है, हार्दिक बधाई। आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प को नई ऊर्जा प्रदान करते हैं डॉ. सिंह के कार्य मुख्यमंत्री ने कृषि विज्ञान के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान हेतु उत्तर प्रदेश के गौरव डॉ. अशोक कुमार सिंह जी को 'पद्म श्री' सम्मान से अलंकृत किए जाने पर हार्दिक बधाई दी। उन्होंने लिखा कि धान की उन्नत प्रजातियों के विकास, कृषि अनुसंधान एवं किसान हित में आपके द्वारा किए गए अभिनव कार्य 'आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प को नई ऊर्जा प्रदान करते हैं। आपकी यह गौरवपूर्ण उपलब्धि समस्त देशवासियों के लिए हर्ष एवं गर्व का विषय है। प्रो. राजेंद्र प्रसाद का उत्कृष्ट योगदान संपूर्ण राष्ट्र के लिए अत्यंत गौरव का विषय मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति द्वारा वरिष्ठ चिकित्सक प्रो. (डॉ.) राजेंद्र प्रसाद जी को चिकित्सा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य हेतु 'पद्म श्री' सम्मान से विभूषित होने पर हार्दिक बधाई दी। सीएम ने कहा कि टीबी एवं एमडीआर-टीबी उपचार के क्षेत्र में पिछले पांच दशकों की आपकी निस्वार्थ एवं समर्पित सेवा सराहनीय है। लाखों मरीजों को नवजीवन प्रदान करने और जनस्वास्थ्य के प्रति आपका उत्कृष्ट योगदान संपूर्ण राष्ट्र के लिए अत्यंत गौरव का विषय है। आपका यह सम्मान चिकित्सा जगत में सेवा, समर्पण और मानवता के उच्चतम मूल्यों का अभिनंदन है। प्रो. बुद्ध रश्मि मणि का भगीरथ प्रयास हर देशवासी के लिए प्रेरणापुंज  मुख्यमंत्री ने भारतीय पुरातत्व एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान हेतु उत्तर प्रदेश के गौरव प्रो. बुद्ध रश्मि मणि जी को 'पद्म श्री' सम्मान से अलंकृत किए जाने पर हार्दिक बधाई दी। उन्होंने लिखा कि अयोध्या और सारनाथ जैसी हमारी पावन धरोहरों के पुनरुत्थान तथा भारतीय संस्कृति को वैश्विक पटल पर प्रतिष्ठित करने का आपका भगीरथ प्रयास हर देशवासी के लिए प्रेरणापुंज है। आपके इस अप्रतिम पुरुषार्थ का अभिनंदन! प्रवीण की उपलब्धि प्रेरणा का उज्ज्वल स्रोत सीएम ने खेल जगत में उत्कृष्ट योगदान हेतु उत्तर प्रदेश के पैरालंपिक स्वर्ण पदक विजेता एवं लगातार पैरालंपिक पदक जीतने वाले सबसे युवा दिव्यांग हाई जंप खिलाड़ी प्रवीण कुमार को 'पद्म श्री' सम्मान प्राप्त करने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। सीएम ने लिखा कि आपकी यह ऐतिहासिक उपलब्धि उत्तर प्रदेश सहित सम्पूर्ण देश के युवाओं और दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का उज्ज्वल स्रोत है। आपके समर्पण, संघर्ष और अनुशासन ने भारत को वैश्विक मंच पर गौरवान्वित किया है।