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रायपुर ग्रामीण में पुलिस विभाग में बदलाव, 3 थाना प्रभारियों का तबादला

रायपुर. रायपुर ग्रामीण पुलिस में एक बार फिर प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। पुलिस अधीक्षक रायपुर ग्रामीण श्वेता सिन्हा ने तीन थानों के प्रभारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया है। जारी तबादला आदेश के अनुसार राखी, खरोरा और माना थाना के प्रभारियों की नई पदस्थापना की गई है। इस फेरबदल के बाद तीनों थानों में पुलिस अधिकारियों की जिम्मेदारियां बदल गई हैं। अधिकारियों को उनकी नई पदस्थापना पर तत्काल कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। जारी आदेश के मुताबिक प्रेमप्रकाश अवधिया को राखी थाना प्रभारी के पद से हटाकर खरोरा थाना प्रभारी बनाया गया है। वहीं खरोरा थाना प्रभारी रहे विद्याभूषण भारद्वाज को स्थानांतरित कर माना थाना प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा SI दीपक कुमार साहू को राखी थाना प्रभारी बनाया गया है। इस तरह अब राखी, खरोरा और माना तीनों थानों में नए प्रभारी अपनी जिम्मेदारी संभालेंगे। जितेंद्र डहरिया पुलिस लाइन अटैच माना थाना प्रभारी की जिम्मेदारी संभाल रहे SI जितेंद्र डहरिया को वर्तमान पद से हटाकर पुलिस लाइन अटैच किया गया है। तबादला आदेश में उन्हें पुलिस लाइन में पदस्थ करने का निर्देश दिया गया है। इस बदलाव के बाद माना थाना की जिम्मेदारी अब विद्याभूषण भारद्वाज संभालेंगे। पुलिस अधीक्षक रायपुर ग्रामीण की ओर से जारी आदेश में सभी संबंधित अधिकारियों को नवीन पदस्थापना पर तत्काल कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही अधिकारियों को अपने नए थाने की जिम्मेदारी संभालने के लिए कहा गया है। तीन थानों की बदली कमान इस फेरबदल में खास तौर पर राखी, खरोरा और माना थाना प्रभावित हुए हैं। राखी से प्रेमप्रकाश अवधिया को खरोरा भेजा गया है, जबकि खरोरा से विद्याभूषण भारद्वाज को माना की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं SI दीपक कुमार साहू को राखी थाना प्रभारी नियुक्त किया गया है। पुलिस विभाग में समय-समय पर प्रशासनिक जरूरतों और विभागीय व्यवस्था के तहत इस तरह के तबादले किए जाते हैं। इस आदेश के बाद संबंधित थानों में नई जिम्मेदारियों के साथ पुलिस अधिकारियों की कार्यप्रणाली में भी बदलाव देखने को मिलेगा।

छत्तीसगढ़ में मानसून की विदाई का काउंटडाउन, बढ़ने लगा दिन का पारा

रायपुर. छत्तीसगढ़ से मानसून की विदाई की बेला नजदीक आ गई है. अगले 48 घंटे में प्रदेश के कुछ हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनने की संभावना जताई गई है. (CG Weather Forecast) गुरुवार को पूरे प्रदेश में मौसम शुष्क कहा. किसी भी इलाके में उल्लेखनीय बारिश दर्ज नहीं हुई. बारिश का दौर थमने के बाद मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है. (Monsoon Withdrawal) दिन के तापमान में बढ़ोतरी होने से लोगों को गर्मी का सामना करना पड़ रहा हैं. वहीं रात हो हल्की ठंड महसूस होने लगी है. रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम  राजधानी रायपुर में 2 अक्टूबर को मौसम मुख्यतः साफ रहने की संभावना जताई गई है. मौसम विभाग ने अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री और न्यूनतम 25 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान जताया है. बारिश की फिलहाल कोई संभावना नहीं है. प्रदेश में पिछले 24 घंटों के दौरान राजनांदगांव 34.5 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म रहा. वहीं पेंड्रा रोड में न्यूनतम तापमान 18.2 डिग्री दर्ज किया गया. यानी प्रदेश में दिन और रात के तापमान के बीच अच्छा खासा अंतर बना हुआ है. मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटे भी प्रदेश में मौसम के शुष्क रहने की संभावना है. फिलहाल किसी जिले के लिए कोई चेतावनी नहीं की है.   कई प्रदेशों में मानसून की विदाई की परिस्थियां अनूकूल मौसम विभाग ने बताया कि दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की रेखा फिलहाल गुरदासपुर, चंडीगढ़, मुजफ्फरनगर, अलीगढ़, धौलपुर, उदयपुर, डीसा और नलिया होते हुए आगे बढ़ रही है. मौसम विभाग के मुताबिक, अगले 48 घंटों में पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश के शेष हिस्सों के साथ गुजरात, मध्यप्रदेश के अधिकांश हिस्सों तथा जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड से मानसून की और वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल होने की संभावना है. इसी क्रम में बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों से भी मानसून की वापसी के संकेत मिल रहे हैं.

छत्तीसगढ़ के गांवों में आज से ‘रिफॉर्म उत्सव’, ग्रामीण तय करेंगे विकास का रोडमैप

रायपुर. महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर आगामी 2 अक्टूबर 2026 से छत्तीसगढ़ की सभी ग्राम पंचायतों में ‘रिफॉर्म उत्सव’ (Reform Utsav) का भव्य शुभारंभ होने जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन और विकेंद्रीकृत पंचायती राज व्यवस्था के विजन के अनुरूप, अब सरकारी दफ्तरों के बजाय सीधे ग्राम सभाओं (Gram Sabhas) में ग्रामीणों की सीधी सहभागिता से गांव के सर्वांगीण विकास का रोडमैप तैयार किया जाएगा। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा आयोजित इस विशेष जन-अभियान के तहत राज्य की समस्त ग्राम पंचायतों में ‘विकसित ग्राम पंचायत योजना’ (Viksit Gram Panchayat Plan) का निर्माण किया जाएगा। ‘रिफॉर्म उत्सव’ एवं ग्राम सभाओं की मुख्य रणनीतिक रूपरेखा – प्रमुख घटक    विवरण एवं क्रियान्वयन प्रारंभ तिथि    2 अक्टूबर 2026 (गांधी जयंती के पावन अवसर पर) आयोजन का दायरा    राज्य की समस्त ग्राम पंचायतें एवं नगरीय निकाय/वार्ड मूल तंत्र/योजना    विकसित ग्राम पंचायत योजना (Viksit Gram Panchayat Plan) डिजिटल मैपिंग    युुक्तधारा पोर्टल (Yuktdhara Portal) पर परिसंपत्तियों का सत्यापन व मैपिंग मुख्य उद्देश्य    जनभागीदारी से सड़क, पेयजल, शिक्षा व स्वरोजगार आवश्यकताओं का चिन्हांकन डिजिटल मैपिंग और ‘युक्तधारा पोर्टल’ से पारदर्शी नियोजन – ग्रामीण विकास की प्रक्रिया को वैज्ञानिक और पारदर्शी बनाने के लिए इस बार अत्याधुनिक डिजिटल तकनीक का समावेश किया गया है: – भौतिक परिसंपत्ति सत्यापन (Physical Asset Verification): ग्राम पंचायतों में पहले से मौजूद विकास कार्यों और सरकारी संपत्तियों का ऑन-साइट भौतिक सत्यापन किया जाएगा। युक्तधारा पोर्टल पर प्रविष्टि: जो परिसंपत्तियां पूर्व में डिजिटल रिकॉर्ड में दर्ज नहीं थीं, उन्हें जीआईएस आधारित ‘युक्तधारा पोर्टल’ (Yuktdhara Portal) पर मैप और अपलोड किया जाएगा। गैप एनालिसिस (Gap Analysis): गांवों में सड़क, नाली, बिजली, स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र और पेयजल संसाधनों की वास्तविक जरूरतों व कमियों को चिन्हित कर प्रस्तावित कार्यों को डिजिटल मानचित्र पर अंकित किया जाएगा। ‘रिफॉर्म उत्सव’: योजनाओं का रिपोर्ट कार्ड – केंद्र व राज्य सरकार के रिफॉर्म-ओरिएंटेड सुशासन (Reform-Oriented Governance) को रेखांकित करने के लिए ‘रिफॉर्म उत्सव’ के दौरान विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे: – हितग्राहियों का अनुभव साझाकरण: विभिन्न योजनाओं (जैसे महतारी वंदन, पीएम आवास, कृषि उन्नति और खाद्य सुरक्षा) के लाभार्थी मंच पर आकर अपने जीवन में आए सकारात्मक बदलावों को साझा करेंगे। ब्लॉक व जिला स्तर पर एकीकरण: ग्राम सभाओं द्वारा पारित एवं अनुमोदित विकास प्रस्तावों को जनपदों और जिला पंचायतों के एकीकृत विकास प्लान में शामिल किया जाएगा। ‘सेवा ही संगठन’ का क्रियान्वयन: अक्टूबर और नवंबर के दौरान लगातार वार्ड-स्तरीय और पंचायत-स्तरीय बैठकों के माध्यम से ग्रामीणों से सीधे सुझाव एकत्र किए जाएंगे। “गांवों के विकास की डोर अब ग्रामीणों के हाथ”: साय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों और जनप्रतिनिधियों से 2 अक्टूबर की ग्राम सभाओं में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि महात्मा गांधी के ‘ग्राम स्वराज’ के सपने को साकार करने के लिए आवश्यक है कि विकास की नीतियां ऊपर से थोपने के बजाय धरातल से निर्मित हों। ग्राम सभाएं ही लोकतंत्र की सबसे मजबूत शक्ति हैं, जहां गांव का प्रत्येक नागरिक अपनी जरूरत और प्राथमिकता को निसंकोच रख सकता है। 2 अक्टूबर से शुरू हो रहा ‘रिफॉर्म उत्सव’ छत्तीसगढ़ के ग्रामीण सुशासन में एक नया मील का पत्थर साबित होगा। जनभागीदारी, डिजिटल पारदर्शिता और स्थानीय प्राथमिकताओं के समावेश से निर्मित होने वाला यह रोडमैप ‘सशक्त गांव, समृद्ध किसान’ और ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

गांधी जयंती पर राज्यपाल डेका ने चलाया स्वच्छता अभियान, खुद की साफ-सफाई

राज्यपाल डेका ने गांधी जयंती पर की साफ-सफाई रायपुर राज्यपाल रमेन डेका ने आज राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर स्वच्छ भारत अभियान के तहत लोक भवन परिसर के बाहर में साफ-सफाई कर स्वच्छता का संदेश दिया। इस अवसर पर राज्यपाल डेका ने लोक भवन परिसर में स्वच्छता गतिविधियों में सहभागिता करते हुए स्वयं साफ-सफाई की। लोक भवन के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी सुबह परिसर के विभिन्न स्थानों पर स्वच्छता अभियान चलाया। उन्होंने झाड़ू लगाकर कचरे को एकत्रित किया तथा उसका उचित निपटान किया। राज्यपाल डेका ने कहा कि स्वच्छता केवल एक दिन का अभियान नहीं, बल्कि इसे हमें अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए। स्वच्छ और सुंदर परिसर के साथ स्वच्छ समाज के निर्माण में प्रत्येक नागरिक की सहभागिता आवश्यक है। इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा उपस्थित रहेे।

जमीन पर बैठकर बच्चों संग खेले अरुण साव

बच्चों के अंदर अपना बचपना ढूंढता हूं -उप मुख्यमंत्री जमीन पर बैठकर बच्चों संग खेले अरुण साव सुपोषण चौपाल में पोषण आहार पर हुई चर्चा, 'हर घर मुनगा घर-घर मुनगा' अभियान पोषण को जन-जन तक पहुंचाने की कोशिश-उप मुख्यमंत्री नन्हें बच्चों को बांटी मिठाई और खिलौने, चेहरों पर बिखरी मनमोहक मुस्कान आंगन मिलन उत्सव में शामिल हुए उप मुख्यमंत्री रायपुर.  उप मुख्यमंत्री अरुण साव सेवा संकल्प अभियान के तहत आज लोरमी में आंगन मिलन उत्सव में शामिल हुए। उन्होंने नन्हें बच्चों के साथ जमीन पर बैठकर खेला और उनके साथ घुल-मिलकर स्नेह-दुलार से बातें की। बच्चों के साथ बिताए इन पलों में साव का सहज और आत्मीय अंदाज नजर आया। उन्होंने बच्चों को मिठाई और खिलौने भी दिए। उपहार पाकर बच्चों के चेहरे खिल उठे। आंगन मिलन उत्सव में अन्नप्राशन और गोदभराई की रस्म भी संपन्न की गई। कार्यक्रम में आंगनबाड़ी परियोजना अधिकारियों, सुपरवाइजर्स एवं कार्यकर्ताओं का सम्मान किया गया। आंगन मिलन उत्सव में नन्हें बच्चों ने लाल टमाटर बड़े मजेदार, आंगनबाड़ी जाएंगे और आलू कचालू बेटे कहां गए थे जैसे बाल गीत सुनाए। बच्चों की मासूम प्रस्तुतियों और खिलखिलाहट से पूरा आंगनबाड़ी परिसर खुशनुमा हो गया। इस दौरान आयोजित सुपोषण चौपाल में बच्चों और माताओं के पोषण से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि स्वस्थ और सुपोषित बचपन ही मजबूत भविष्य की नींव है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार हर घर मुनगा, घर-घर मुनगा अभियान के माध्यम से पोषण को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास कर रही है।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ‘मन की बात’ कार्यक्रम में इस पहल की प्रशंसा की है। साव ने कहा कि बच्चों के बेहतर पोषण के लिए सरकार के प्रयासों के साथ परिवार और समाज की भागीदारी भी जरूरी है।

महानदी हमें बांटने वाली नहीं, दोनों राज्यों को जोड़ने वाली जीवनधारा : समाधान ऐसा हो जिसमें दोनों राज्यों की जीत हो – मुख्यमंत्री साय

महानदी विवाद के समाधान की दिशा में बड़ी पहल केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ और ओडिशा की उच्चस्तरीय बैठक महानदी हमें बांटने वाली नहीं, दोनों राज्यों को जोड़ने वाली जीवनधारा : समाधान ऐसा हो जिसमें दोनों राज्यों की जीत हो – मुख्यमंत्री साय संवाद, वैज्ञानिक आकलन और आपसी सहमति से न्यायपूर्ण एवं स्थायी समाधान के लिए छत्तीसगढ़ पूरी तरह प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री साय दोनों राज्यों के किसानों, आम नागरिकों और आने वाली पीढ़ियों के हितों को ध्यान में रखकर आगे बढ़ने पर जोर रायपुर   छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच लंबे समय से चले आ रहे महानदी जल विवाद के सौहार्दपूर्ण और स्थायी समाधान की दिशा में आज नई दिल्ली में महत्वपूर्ण पहल हुई। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में कर्तव्य भवन में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने महानदी से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की और अपने-अपने राज्यों का पक्ष रखा। बैठक में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल, केंद्रीय जल आयोग के अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ और ओडिशा के मुख्य सचिव सहित केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय, केंद्रीय जल आयोग तथा दोनों राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बैठक में छत्तीसगढ़ का पक्ष रखते हुए कहा कि महानदी केवल जल का स्रोत नहीं, बल्कि दोनों राज्यों की सभ्यता, संस्कृति, कृषि और जनजीवन से जुड़ी जीवनधारा है। महानदी छत्तीसगढ़ और ओडिशा को बांटने वाली नहीं, बल्कि दोनों राज्यों को जोड़ने वाली नदी है। इसलिए इसका समाधान भी प्रतिस्पर्धा या टकराव के बजाय सहयोग, विश्वास और सहमति की भावना से निकलना चाहिए। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारा प्रयास ऐसा समाधान निकालने का होना चाहिए जिसमें दोनों राज्यों और वहां के नागरिकों के हित सुरक्षित हों। छत्तीसगढ़ न्यायपूर्ण, निष्पक्ष, वैज्ञानिक, पारदर्शी और दीर्घकालिक समाधान का पक्षधर है। ऐसा समाधान दोनों राज्यों के किसानों, आम नागरिकों और आने वाली पीढ़ियों के हितों को ध्यान में रखकर तैयार होना चाहिए। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महानदी का उद्गम छत्तीसगढ़ में होता है और इसके जलग्रहण क्षेत्र का बड़ा हिस्सा प्रदेश में स्थित है। राज्य में कृषि, सिंचाई, पेयजल और विशेष रूप से आदिवासी एवं ग्रामीण अंचलों की विकास आवश्यकताएं महानदी से जुड़ी हुई हैं। इसलिए किसी भी स्थायी समाधान में छत्तीसगढ़ की इन वास्तविक आवश्यकताओं का समुचित ध्यान रखा जाना आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ अपने हितों की बात करते हुए ओडिशा की आवश्यकताओं और हितों का भी पूरा सम्मान करता है। हीराकुंड ओडिशा की जीवनरेखा है और छत्तीसगढ़ उसके महत्व को भलीभांति समझता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ हीराकुंड जलाशय के हितों और उसके सुचारु संचालन के लिए आवश्यक सहयोग की भावना के साथ आगे बढ़ने को तैयार है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जल जैसे महत्वपूर्ण प्राकृतिक संसाधन को  साझी समृद्धि का माध्यम बनाना चाहिए। दोनों राज्यों के बीच ऐसा तंत्र विकसित हो, जिसमें जल उपलब्धता, आवश्यकता और उपयोग से संबंधित तथ्य पारदर्शी ढंग से साझा हों और वैज्ञानिक आधार पर निर्णय लिए जाएं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की पहल से समाधान की उम्मीद मुख्यमंत्री साय ने महानदी जल विवाद के समाधान के लिए केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह द्वारा की गई पहल का स्वागत करते हुए कहा कि केंद्र सरकार की मध्यस्थता में दोनों राज्यों के बीच सकारात्मक संवाद से आपसी सहमति का रास्ता निकलने की उम्मीद मजबूत हुई है। उन्होंने सरदार वल्लभभाई पटेल के राष्ट्रीय एकीकरण में योगदान का स्मरण करते हुए कहा कि स्वतंत्रता के बाद सरदार पटेल ने देश को एक सूत्र में पिरोने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई। आज राज्यों के बीच वर्षों से लंबित विषयों को संवाद और सहमति के माध्यम से समाधान की दिशा में आगे बढ़ाने के प्रयास भी सहकारी संघवाद और राष्ट्रीय एकता की इसी भावना को मजबूत करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यों के बीच जल संबंधी प्रश्नों का सौहार्दपूर्ण समाधान राज्यों के बीच विश्वास, सहयोग और भावनात्मक जुड़ाव को भी मजबूत करता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सहकारी संघवाद की भावना के अनुरूप राज्यों और केंद्र के बीच समन्वय से जटिल विषयों पर समाधान की दिशा में आगे बढ़ने का वातावरण बना है। संवाद और वैज्ञानिक तथ्यों से निकलेगा टिकाऊ समाधान मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महानदी से संबंधित विषय में भावनाओं के साथ वैज्ञानिक तथ्यों का भी उतना ही महत्व है। छत्तीसगढ़ को केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय की मध्यस्थता तथा केंद्रीय जल आयोग के निष्पक्ष, वैज्ञानिक और पारदर्शी तकनीकी आकलन पर पूरा भरोसा है। उन्होंने कहा कि जल उपलब्धता, वर्तमान एवं भविष्य की आवश्यकताओं, सिंचाई, पेयजल, पर्यावरणीय जरूरतों और दोनों राज्यों की विकास संबंधी आवश्यकताओं का समग्र अध्ययन करते हुए आगे बढ़ना चाहिए। तकनीकी स्तर पर तथ्य स्पष्ट होंगे और राजनीतिक स्तर पर संवाद एवं विश्वास कायम रहेगा तो निश्चित रूप से ऐसा समाधान निकल सकता है, जो दोनों राज्यों को स्वीकार्य हो और आने वाली पीढ़ियों के हित में भी हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि दोनों राज्यों के परामर्श और केंद्र सरकार की मध्यस्थता से जो न्यायसंगत एवं व्यावहारिक समाधान सामने आएगा, छत्तीसगढ़ उसे सकारात्मक भावना से आगे बढ़ाने में पूरा सहयोग करेगा। बस्तर की तरह दृढ़ इच्छाशक्ति और समन्वय से समाधान की दिशा में बढ़ने का विश्वास मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने केंद्र और राज्य के बीच मजबूत समन्वय के सकारात्मक परिणामों को बस्तर में करीब से देखा है। नक्सलवाद जैसी दशकों पुरानी चुनौती से निपटने के लिए सुरक्षा, विकास और जनविश्वास को साथ लेकर जिस समन्वित दृष्टिकोण से काम किया गया, उससे बस्तर में व्यापक बदलाव आया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जटिल और लंबे समय से लंबित विषयों में भी जब स्पष्ट इच्छाशक्ति, निरंतर संवाद और सभी पक्षों के बीच विश्वास हो, तो समाधान की दिशा में निर्णायक प्रगति संभव है। महानदी के विषय पर भी इसी सकारात्मक भावना से दोनों राज्य आगे बढ़ सकते हैं। महानदी विवाद नहीं, सहयोग की धारा बने : मुख्यमंत्री साय मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच गहरे सामाजिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों पड़ोसी राज्यों के लोगों के बीच आत्मीय संबंध सदियों पुराने हैं। दोनों प्रदेशों की जनजातीय संस्कृति, परंपराओं और जीवनशैली … Read more

वित्त मंत्री एवं जांजगीर जिले के प्रभारी मंत्री ओ.पी. चौधरी बाइक रैली में हुए शामिल, युवाओं का बढ़ाया उत्साह

सेवा संकल्प अभियान: वडनगर से वाराणसी की सेवा यात्रा पहुंची जांजगीर वित्त मंत्री एवं जांजगीर जिले के प्रभारी मंत्री ओ.पी. चौधरी बाइक रैली में हुए शामिल, युवाओं का बढ़ाया उत्साह युवा संवाद में सेवा, सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी का किया आह्वान रायपुर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों की जनसेवा को समर्पित ‘सेवा संकल्प यात्रा’ वडनगर (गुजरात) से वाराणसी (उत्तर प्रदेश) तक जनसेवा से राष्ट्रसेवा का संदेश लेकर आगे बढ़ रही है। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत निकली इस यात्रा के जांजगीर पहुंचने पर जिले के प्रभारी मंत्री एवं वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी सहित जनप्रतिनिधियों, युवाओं और नागरिकों ने बाइक यात्रियों का आत्मीय स्वागत किया। इस अवसर पर वित्त मंत्री चौधरी स्वयं बाइक रैली में शामिल हुए और युवाओं का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने युवा संवाद कार्यक्रम में युवाओं से सीधा संवाद करते हुए उन्हें सेवा, सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में वडनगर से वाराणसी तक सेवा यात्रा कर रहे युवाओं को शाल एवं पुष्पगुच्छ भेंटकर सम्मानित किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 25 वर्षों की सार्वजनिक जीवन यात्रा जनसेवा और राष्ट्रसेवा को समर्पित : वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी युवा संवाद को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष केवल वर्षों का आंकड़ा नहीं, बल्कि जनसेवा, राष्ट्रसेवा और भारत के विकास के संकल्प की यात्रा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत से ही राष्ट्रहित और जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। गुजरात के मुख्यमंत्री से लेकर देश के प्रधानमंत्री तक उनकी सार्वजनिक जीवन की यात्रा सेवा और समर्पण की भावना से जुड़ी रही है। मंत्री चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने सार्वजनिक जीवन में प्रतिभाशाली और समाज के लिए योगदान देने की क्षमता रखने वाले लोगों को आगे आने के अवसर प्रदान किए हैं। वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के संकल्प में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। छत्तीसगढ़ को भी विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा, नवाचार और सकारात्मक सोच इस विकास यात्रा को नई गति दे सकती है। विकास के साथ संस्कृति और विरासत को आगे बढ़ाना भी हमारी जिम्मेदारी : मंत्री चौधरी वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि विकास के साथ-साथ अपनी संस्कृति और विरासत को सहेजते हुए आगे बढ़ाना भी हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे सेवा और समर्पण की भावना के साथ समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाएं तथा विकसित भारत के संकल्प से जुड़कर देश और प्रदेश के विकास में योगदान दें। सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े ने कहा कि 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से सेवा, समर्पण और जनभागीदारी की भावना को जन-जन तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने वडनगर से वाराणसी तक यात्रा कर रहे युवाओं के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि युवाओं की सक्रिय भागीदारी से सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश समाज के विभिन्न वर्गों तक प्रभावी रूप से पहुंचता है। पूर्व नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल ने सेवा संकल्प यात्रा में शामिल युवाओं का स्वागत करते हुए कहा कि अभियान के माध्यम से सेवा की भावना को गांव-गांव और जन-जन तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसके माध्यम से नागरिकों तक जनसेवा, विकास और सुशासन से जुड़े कार्यों की जानकारी भी पहुंच रही है। उन्होंने यात्रा में शामिल युवाओं का उत्साहवर्धन करते हुए सफल यात्रा के लिए शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला सहित अनेक जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में युवा उपस्थित थे।

नशा मुक्त भारत के संकल्प के साथ राज्यपाल डेका ने की पदयात्रा, गांधी-शास्त्री को किया नमन

नशा मुक्त भारत के संकल्प के साथ राज्यपाल डेका ने की पदयात्रा महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धांजलि अर्पित कर डॉ. अंबेडकर को किया नमन रायपुर, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर आज राजधानी रायपुर में सेवा संकल्प अभियान के तहत नशा मुक्त भारत के संकल्प के साथ पदयात्रा आयोजित की गई। राज्यपाल रमेन डेका पदयात्रा में शामिल हुए और नागरिकों को नशामुक्त समाज के निर्माण का संदेश दिया।         राज्यपाल डेका ने टाउन हॉल परिसर में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धा-सुमन अर्पित किए। इसके बाद उन्होंने टाउन हॉल से शुरू हुई पदयात्रा में सहभागिता की। पदयात्रा के दौरान भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की प्रतिमा पर भी माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया गया।        टाउन हॉल रायपुर से प्रारंभ होकर पदयात्रा अंबेडकर चौक पहुंची, जहां राज्यपाल डेका ने भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने नशामुक्त भारत के निर्माण के लिए सामूहिक सहभागिता और जनजागरूकता को महत्वपूर्ण बताया।          पदयात्रा में सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक पुरंदर मिश्रा, सुनील सोनी सहित बड़ी संख्या में युवा, महिलाएं, विद्यार्थी और शहर के नागरिक शामिल हुए। पदयात्रा के दौरान प्रतिभागियों ने नशे से दूर रहने और समाज को नशामुक्त बनाने का संकल्प लिया।

स्मार्ट मीटर और सूर्यघर योजना से बिजली व्यवस्था में पारदर्शिता, उपभोक्ताओं को दोहरा लाभ

स्मार्ट मीटर से पारदर्शी बिजली व्यवस्था, सूर्यघर योजना से उपभोक्ताओं को दोहरा लाभ – मासिक खपत के आंकड़ों में नहीं हुई वृद्धि, 43 लाख परिसरों में लग चुके स्मार्ट मीटर – 1.10 लाख से अधिक सोलर प्लांट स्थापित, प्रतिदिन 500 से अधिक नए प्लांट लग रहे – स्मार्ट मीटर और पीएम सूर्यघर योजना से उपभोक्ता सेवा में पारदर्शिता और ऊर्जा बचत को बढ़ावा रायपुर   छत्तीसगढ़ में स्मार्ट मीटर और प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के माध्यम से आधुनिक तकनीक को अपनाते हुए ऊर्जा क्षेत्र में सुधार की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है। स्मार्ट मीटर से बिजली खपत की पारदर्शी निगरानी संभव हो रही है, वहीं पीएम सूर्यघर योजना के माध्यम से घरेलू उपभोक्ता सौर ऊर्जा का लाभ लेकर बिजली बिल में कमी के साथ केंद्र एवं राज्य सरकार की सब्सिडी का लाभ प्राप्त कर रहे हैं। प्रदेश में कुल 52 लाख 28 हजार घरेलू उपभोक्ता हैं, जिनमें से 47 लाख से अधिक उपभोक्ता मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जनअभियान योजना का लाभ ले रहे हैं। वर्ष 2025-26 में 200 यूनिट से कम मासिक खपत वाले उपभोक्ताओं की संख्या 41.40 लाख, 200 से 400 यूनिट वाले उपभोक्ताओं की संख्या 6.85 लाख तथा 400 यूनिट से अधिक खपत वाले उपभोक्ताओं की संख्या 2.71 लाख थी। वर्ष 2026-27 में क्रमशः इनकी संख्या 42.40 लाख, 7.34 लाख और 2.56 लाख है। इस प्रकार विगत वर्ष की तुलना में मासिक खपत में अप्रत्याशित वृद्धि नहीं हुई है, यह सामान्य वार्षिक ग्रोथ के अनुसार ही है। खपत की वृद्धि स्मार्ट मीटर और गैर स्मार्ट मीटर वाले उपभोक्ताओं में एक ही अनुपात में है।  स्मार्ट मीटर से खपत में कोई अवांछित वृद्धि नहीं: मई 2025 से जुलाई 2026 तक के विभिन्न महीनों के आंकड़ों एवं विश्लेषण से यह निष्कर्ष सामने आया है कि स्मार्ट मीटर लगाए जाने के कारण उपभोक्ताओं की बिजली खपत में किसी भी प्रकार की अवांछित वृद्धि नहीं हुई है। यदि किसी उपभोक्ता को स्मार्ट मीटर लगाने के बाद अधिक विद्युत बिल आने की शिकायत है, तो उसके परिसर में चेक मीटर लगाने का भी प्रावधान है। स्मार्ट मीटर लगाने का प्रावधान:- स्मार्ट मीटर लगाने हेतु छत्तीसगढ़ में 13 जुलाई 2022 को डी.पी.आर. स्वीकृत किया गया, इसका टेंडर 11 अप्रैल 2023 को प्रकाशित किया गया। मई 2023 में कंपनियों को प्रदेश में 55 लाख स्मार्ट मीटर लगाने का एल.ओ.ए. जारी किया गया। वर्तमान में लगभग 43 लाख उपभोक्ता परिसरों में स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। इनमें से 7,780 उपभोक्ता परिसरों में स्मार्ट मीटर के साथ चेक मीटर भी लगाया गया है। इन सभी परिसरों में चेक मीटर और स्मार्ट मीटर में दर्ज खपत का अंतर निर्धारित मानक सीमा के भीतर ही पाया गया है। केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण विनियम 2026 के अनुसार सभी उपभोक्ता परिसरों में स्मार्ट मीटर लगाना अनिवार्य किया गया है। उपभोक्ताओं को मिल रही ऊर्जा राहत: घरेलू क्षेत्र में जिन उपभोक्ताओं की मासिक खपत 400 यूनिट तक है, उन्हें मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जनअभियान योजना के तहत 200 यूनिट की खपत पर 50 प्रतिशत की छूट दी जा रही है। प्रदेश में लगभग 15 लाख बीपीएल (एलपीएस) श्रेणी के उपभोक्ता हैं, जिन्हें 30 यूनिट प्रतिमाह मुफ्त बिजली प्रदान की जा रही है। 31 से 100 यूनिट तक बिजली का उपयोग करने वाले बीपीएल श्रेणी के उपभोक्ताओं को मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जनअभियान योजना के तहत अतिरिक्त छूट/सहायता भी दी जा रही है। सूर्यघर योजना से बिजली बिल में कमी: पीएम सूर्यघर योजना के तहत सोलर प्लांट लगाने वाले उपभोक्ताओं को दोहरा लाभ मिल रहा है। ऐसे उपभोक्ताओं का बिजली बिल लगभग शून्य अथवा अपेक्षाकृत काफी कम हुआ है। योजना के तहत केंद्र सरकार द्वारा 3 किलोवाट क्षमता के प्लांट पर अधिकतम 78 हजार रुपये तथा राज्य सरकार द्वारा 30 हजार रुपये तक की सब्सिडी का प्रावधान है। सोलर प्लांट की लागत राशि की व्यवस्था के लिए राष्ट्रीयकृत बैंकों द्वारा 6 प्रतिशत से भी कम ब्याज दर पर 2 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। अब तक पीएम सूर्यघर योजना के तहत प्रदेश के लाभार्थी उपभोक्ताओं को केंद्र सरकार द्वारा 661 करोड़ रुपये तथा राज्य सरकार द्वारा 225 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की जा चुकी है। प्रदेश में अब तक 1 लाख 11 हजार 713 सोलर प्लांट स्थापित किए जा चुके हैं। इनमें से 35 हजार से अधिक सोलर उपभोक्ताओं के बिल जीरो आ रहें हैं। पिछले वर्ष की तुलना में 60 हजार से अधिक लाभार्थी उपभोक्ता मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जनअभियान योजना का लाभ ले रहे हैं। पीएम सूर्यघर योजना के प्रति बढ़ते रुझान के चलते प्रदेश में अब प्रतिदिन 500 से अधिक सोलर प्लांट स्थापित किए जा रहे हैं। ऐसे उपभोक्ता जो 400 यूनिट से अधिक मासिक खपत के कारण मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जनअभियान योजना का लाभ नहीं ले पा रहे थे, वे भी तेजी से सूर्यघर योजना के तहत सोलर प्लांट लगाकर योजना की सब्सिडी के साथ मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जनअभियान योजना का दोहरा लाभ प्राप्त कर रहे हैं। अनेक उपभोक्ताओं के सोलर प्लांट लगने से उनके बिजली बिल में कमी आई है और वे निचले वाले स्लैब में शिफ्ट हुए हैं। इससे 200 यूनिट और 400 यूनिट खपत करने वाले उपभोक्ताओं की संख्या में वृद्धि हुई है। इस प्रकार राज्य सरकार विद्युत उपभोक्ताओं के हितों के संरक्षण और ऊर्जा सुधार के लिए लगातार कार्य कर रही है। उपभोक्ता सेवा में पारदर्शिता बढ़ाने तथा सेवाओं को अधिक सुविधायुक्त बनाने की दिशा में भी निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। प्रदेश में मासिक खपतवार घरेलू उपभोक्ता विवरण निम्नानुसार हैः- मासिक खपत यूनिट 200 से कम 200 – 400 400 से अधिक उपभोक्ता संख्या (लाख में) वर्ष जुलाई 2025 – 26 41.4 6.85 2.71 उपभोक्ता संख्या (लाख में) वर्ष जुलाई 2026 – 27 42.4 7.34 2.56 निष्कर्षः- 400 यूनिट से अधिक मासिक खपत करने वाले उपभोक्ता पी.एम. सूर्य घर योजना के तहत सोलर प्लांट लगा कर 400 यूनिट से कम खपत के दायरे में शामिल हुए हैं एवं 200 से 400 यूनिट वाले स्लैब के उपभोक्ता 200 से कम यूनिट वाले स्लैब में आ गए हैं।  

मुख्यमंत्री ने महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर किया नमन

सत्य, अहिंसा और सादगी के आदर्श हमें राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देते रहेंगे : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्यमंत्री ने महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर किया नमन नई दिल्ली स्थित छत्तीसगढ़ सदन में महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के चित्र पर पुष्प अर्पित कर दी श्रद्धांजलि रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज नई दिल्ली स्थित छत्तीसगढ़ सदन में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि महात्मा गांधी ने सत्य, अहिंसा और मानवता के मार्ग पर चलते हुए पूरी दुनिया को शांति और सद्भाव का संदेश दिया। उनके विचारों में समाज के अंतिम व्यक्ति के कल्याण और आत्मनिर्भर भारत की भावना निहित थी। उनका जीवन हमें सत्य के मार्ग पर अडिग रहते हुए समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करने की प्रेरणा देता है। मुख्यमंत्री साय ने पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री का स्मरण करते हुए कहा कि उनका सादगीपूर्ण जीवन, दृढ़ नेतृत्व और राष्ट्र के प्रति समर्पण प्रत्येक भारतीय के लिए प्रेरणास्रोत है। उनका दिया ‘जय जवान-जय किसान’ का मंत्र देश की सुरक्षा और समृद्धि में हमारे जवानों तथा किसानों के अमूल्य योगदान को रेखांकित करता है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के जीवन एवं आदर्श हमें जनकल्याण, सुशासन और राष्ट्रसेवा के पथ पर निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।