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गुप्ता सरकार की बड़ी सौगात: दिल्ली में EWS वर्ग के लिए इलाज की आय सीमा बढ़ी

नई दिल्ली दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार ने दिल्लीवालों को एक बड़ी राहत दी है। सरकार ने प्राइवेट अस्पतालों में इलाज के लिए आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) की आमदनी सीमा को दोगुने से अधिक कर दिया है। अब 5 लाख रुपये तक की सालाना आमदनी वालों को इस कैटिगरी में रखा जाएगा। दिल्ली सरकार की ओर से इस आदेश का नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। अभी तक यह सीमा 2.20 लाख रुपये थी। स्वास्थ्य निदेशालय की ओर से 2 जनवरी को जारी किए गए आदेश में 2 सितंबर 2025 को हाई कोर्ट की ओर से दिए गए आदेश का भी हवाला दिया गया है। इसमें बताया गया है कि चिह्नित अस्पतालों में ईडब्ल्यूएस वर्ग के मरीजों के इलाजे के लिए आमदनी की सीमा को बदला गया है। आदेश में कहा गया है कि आमदनी की सीमा को 2 लाख 20 हजार सालाना से बढ़ाकर 5 लाख रुपये सालाना कर दिया गया है। सभी चिह्नित प्राइवेट हॉस्पिटलों को निर्देशों का सख्ती से पालन करने को कहा गया है। संबंधित अधिकारियों को निर्देशों का अनुपालन कराने और ऐसा नहीं किए जाने को गंभीरता से लेने को कहा गया है। लाखों परिवार EWS दायरे में आएंगे आय सीमा में इस बदलाव से दिल्ली में लाखों परिवार को फायदा होगा। आय सीमा में बदलाव के प्रभाव को आप इस बात से भी समझ सकते हैं कि अभी तक करीब 18 हजार मासिक आमदनी वालों को ही इसका लाभ मिलता था, जबकि अब 41 हजार औतम मासिक आदमनी वाले लोग भी इस कैटिगरी में आ जाएंगे।  

भारत को नीचा दिखाने वालों की सोच अधूरी है— दिल्ली शब्दोत्सव 2026 में सीएम रेखा गुप्ता

नई दिल्ली दिल्ली शब्दोत्सव 2026 के भव्य मंच से मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने देश, संस्कृति और भारतीयता पर बात की। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा कि अगर कोई भारतीय नेता या व्यक्ति विदेश जाकर अपने ही देश के बारे में हल्के शब्दों का इस्तेमाल करता है, तो यह दर्शाता है कि वह इस देश की मिट्टी और संस्कृति से जुड़ा नहीं है और उसने भारत को सही मायने में समझा ही नहीं। सीएम रेखा गुप्ता ने कहा, "अगर कोई अपने ही देश के लिए विदेश में जाकर नकारात्मक बातें करता है, तो इसका कोई औचित्य नहीं है।" दिल्ली शब्दोत्सव को ऐतिहासिक बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली में किसी सरकारी मंच से ऐसा भव्य आयोजन पहले कभी नहीं हुआ। आज का भारत अपने अतीत, वर्तमान और भविष्य से एक साथ संवाद करता हुआ दिखाई दे रहा है। वैदिक काल से लेकर डिजिटल युग तक भारत ने जो ऐतिहासिक यात्रा तय की है, उसका साक्षी यह शब्दोत्सव बनने जा रहा है। उन्होंने कहा, "न झुका है, न झुकेगा, अमर था, अमर रहेगा मेरा भारत महान।" सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली में इस तरह का आयोजन होना खास मायने रखता है, क्योंकि यहां देश के कोने-कोने से लोग आकर जुड़ते हैं। यह जुड़ाव भविष्य की ओर बढ़ते भारत का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की जड़ें इतनी मजबूत रही हैं कि देश ने बार-बार खुद को खड़ा किया है। आज भी ऐसे आयोजनों की जरूरत है जो लोगों को अपनी जड़ों से जोड़ें। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि विज्ञान और तकनीक के साथ-साथ संस्कृति से जुड़ाव भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन उन सवालों का भी जवाब है जो हर भारतीय माता-पिता के मन में होते हैं कि आधुनिकता की राह पर चलते हुए अपने बच्चों को संस्कृति से कैसे जोड़े रखें। उनके अनुसार, शब्दोत्सव भारतीय विविधता का सजीव उदाहरण है। सीएम ने दिल्ली में मनाए जाने वाले विभिन्न सांस्कृतिक आयोजनों का जिक्र करते हुए कहा कि बिहार और पूर्वांचल का छठ पर्व दिल्ली में पूरे धूमधाम से मनाया गया। महाराष्ट्र का गणेश चतुर्थी उत्सव, गुजरात का डांडिया, कांवड़ यात्रा और दीपावली पर कर्तव्य पथ पर सवा लाख दीप जलाना, ये सभी कार्यक्रम दिल्ली की सांस्कृतिक समृद्धि को दर्शाते हैं। उन्होंने बताया कि इस आयोजन में 40 पुस्तकों का विमोचन किया गया, जो साहित्य को मजबूत करने की दिशा में एक सुंदर प्रयास है। उन्होंने कहा कि भारत ने कभी अपने विचारों को नहीं छोड़ा और हमेशा विवेक का हाथ थामे रखा। सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि यह भारतीयता के पुनर्जागरण का काल है। भारत आज विश्व पटल पर एक उभरती हुई शक्ति के रूप में खड़ा है, जहां विकास के साथ-साथ विरासत को भी आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि विकास जरूरी है, लेकिन संस्कृति को छोड़े बिना। उन्होंने भरोसा दिलाया कि यह आयोजन पहली बार जरूर हो रहा है, लेकिन आखिरी बार नहीं। अगले वर्ष भी दिल्ली शब्दोत्सव को और भव्य रूप में आयोजित किया जाएगा।

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन: दिल्ली से बिहार समेत 4 राज्यों को मिलेगा फायदा इस महीने से

नई दिल्ली आरामदायक सफर और तेज रफ्तार की पहचान बन चुकी ‘वंदे भारत ट्रेन’ अब नई सुविधा के साथ पटरी पर दौड़ने वाली है। पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन दिल्ली से चलने वाली है। दिल्ली से कोलकाता के बीच नई ट्रेन इसी महीने के अंत तक सफर की शुरुआत कर सकती है। इस ट्रेन के शुरू होने से दिल्ली-पश्चिम बंगाल के अलावा यूपी और बिहार यानी कुल 4 राज्यों के यात्रियों को सुविधा होगी। पश्चिम बंगाल में कुछ ही महीनों बाद विधानसभा चुनाव होना है। ऐसे में केंद्र सरकार राज्य की जनता को बड़ा तोहफा दे सकती है। सूत्रों के मुताबिक, जनवरी के तीसरे सप्ताह में पहली वंदे भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जा सकता है। हालांकि, इस ट्रेन को पहले दिसंबर 2025 में ही शुरू किए जाने की बात कही गई थी। हाल ही में 180 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से दौड़ी ट्रेन की स्पीड भले ही अभी कुछ कम होगी पर आरामदायक सफर से लंबे रूट पर यात्रियों का अनुभव बेहतर होने जा रहा है। वंदे भारत स्लीपर ट्रेन लंबी दूरी के सफर को ध्यान में रखकर डिजाइन की गई है और इसमें यात्रियों के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं। वंदे भारत 4 राज्यों को होगा फायदा, इस रूट पर यात्री भी बहुत दिल्ली-कोलकाता के बीच चलने वाली इस ट्रेन से दिल्ली के अलावा यूपी, बिहार और पश्चिम बंगाल को फायदा होगा। यूपी और बिहार में इसका स्टॉपेज कहां-कहां होगा यह अभी साफ नहीं है। लेकिन माना जा रहा है कि कानुपर, इलाहाबाद, दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन, पटना जैसे प्रमुख स्टेशनों पर स्टॉपेज हो सकता है। बता दें कि इस रूट पर बड़ी संख्या में ट्रेनें चलती हैं, लेकिन यात्रियों की संख्या भी इतनी अधिक है कि वेटिंग लिस्ट बहुत लंबी होती है। ऐसे में इस रूट पर नई वंदे भारत स्लीपर को बड़ी संख्या में यात्री मिल सकते हैं। 180 की स्पीड में फाइनल ट्रायल हाल ही में कोटा-नागदा रूट पर स्वदेशी रूप से डिजाइन की गई 'वंदे भारत स्लीपर ट्रेन' का अंतिम चरण का हाई-स्पीड परीक्षण किया। इस दौरान ट्रेन ने 180 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम गति प्राप्त की। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 30 दिसंबर को 'एक्स' पर एक वीडियो शेयर किया जिसमें दिखाया गया कि 180 की स्पीड में भी पानी भरे गिलास स्थर रहे। पानी भी नहीं छलका।

दिल्ली-NCR के उपभोक्ताओं को न्यू ईयर तोहफा, PNG गैस हुई सस्ती

नई दिल्ली  दिल्ली-एनसीआर के घरेलू उपभोक्ताओं के लिए नए साल का तोहफा देते हुए इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) ने पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) की कीमतों में कटौती की घोषणा की है। कंपनी ने बताया कि नए साल की शुरुआत से पीएनजी के दाम 70 पैसे प्रति मानक घनमीटर (SCM) कम हो जाएंगे। इस कटौती के बाद दिल्ली में नई कीमत 47.89 रुपये और गुरुग्राम में 46.70 रुपये प्रति एससीएम होगी जबकि नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद के उपभोक्ताओं को अब 47.76 रुपये प्रति एससीएम का भुगतान करना होगा।   न्यू ईयर पर कम किए दाम देश की सबसे बड़ी सिटी गैस रिटेलर इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (आईजीएल) दिल्ली-एनसीआर में पाइप सप्लाई के जरिए प्राकृतिक गैस का वितरण करती है। इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड ने दिल्ली-एनसीआर के अपने उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी राहत देते हुए पाइप के जरिये घरों में आपूर्ति की जाने वाली (पीएनजी) की कीमतों में नए साल पर कटौती की घोषणा की। दिल्ली में कितनी कीमत? कंपनी ने बुधवार को बताया कि नये साल से वह दिल्ली-एनसीआर में पीएनजी की कीमतों में 70 पैसे प्रति मानक घनमीटर (एससीएम) कम करेगी। कटौती के बाद दिल्ली के उपभोक्ताओं को पीएनजी की नई कीमत 47.89 रुपये प्रति एससीएम होगी। एनसीआर के शहरों में कितना देना होगा कीमतों में कटौती के बाद गुरुग्राम में पीएनजी की कीमत 46.70 रुपये प्रति एससीएम होगी। नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद में पीएनजी की कीमतें 47.76 रुपये प्रति एससीएम होगी। कंपनी ने नए साल का स्वागत करते हुए स्वच्छ ईंधन को आम लोगों के बजट के दायरे में लाने की अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई है। PNGRB के ऐलान के बाद पहल कंपनी ने बताया कि कीमतों में यह पहल पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड (PNGRB) की ओर से हाल ही में गैस पाइपलाइन शुल्क व्यवस्था में किए गए बदलाव के बाद की गई है। बता दें कि प्राकृतिक गैस का उपयोग बिजली उत्पादन, उर्वरक विनिर्माण, वाहन ईंधन और और घरेलू रसोई में किया जाता है। टैरिफ में किए थे बदलाव कीमतों में यह कमी सेक्टर रेगुलेटर पेट्रोलियम एंड नेचुरल गैस रेगुलेटरी बोर्ड (PNGRB) की ओर से पाइपलाइन टैरिफ में हाल ही में किए गए बदलाव के बाद सामने आई है। पेट्रोलियम एंड नेचुरल गैस रेगुलेटरी बोर्ड ने बीते 16 दिसंबर को पीएनजी के लिए एक तर्कसंगत टैरिफ स्ट्रक्चर की घोषणा की थी। जारी बयान में कहा गया है कि 1 जनवरी से प्रभावी संशोधित टैरिफ से नेचुरल गैस ट्रांसपोर्टेशन के उपभोक्ताओं बड़ी राहत मिलेगी।

न्यू ईयर ईव पर प्रकृति का कहर, 6 रिक्टर तीव्रता से हिली धरती

नई दिल्ली  एक तरफ जहां पूरी दुनिया नए साल के जश्न की तैयारी कर रही है तो दूसरी ओर जापान में भूकंप से धरती हिल गई है। नए साल की पूर्व संध्या पर जापान में छह रिक्टर स्केल का भूकंप आया है। यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे के अनुसार, बुधवार, 31 दिसंबर को जापान के नोडा शहर में 6 तीव्रता का भूकंप आया। USGS ने बताया कि भूकंप नोडा से करीब 91 किलोमीटर पूर्व में आया और इसकी गहराई 19.3 किलोमीटर थी। भूकंप को लेकर राहतभरी बात यह रही कि किसी भी नुकसान या जान-माल के नुकसान की तुरंत कोई जानकारी नहीं मिली है। इसके अलावा, नए साल की पूर्व संध्या पर दिन में पहले तिब्बत में दोपहर के समय 3.4 तीव्रता का भूकंप आया था। भूकंप भारतीय समयानुसार दोपहर करीब 3.26 बजे 10 किलोमीटर की गहराई पर आया था। इससे पहले नौ दिसंबर को उत्तरी जापान में देर रात 7.5 तीव्रता का एक शक्तिशाली भूकंप आया था, जिसके कारण 33 लोग घायल हो गए और प्रशांत महासागर के तटवर्ती इलाकों में सुनामी आ गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अग्निशमन एवं आपदा प्रबंधन एजेंसी ने बताया कि 33 लोग घायल हुए हैं जिनमें एक गंभीर रूप से घायल है। सार्वजनिक प्रसारक ‘एनएचके की खबर के अनुसार, अधिकतर लोग वस्तुएं गिरने के कारण घायल हुए। जापान के मुख्य होन्शू द्वीप के सबसे उत्तरी प्रांत आओमोरी के तट से लगभग 80 किलोमीटर दूर प्रशांत महासागर में रात लगभग 11 बजकर 15 मिनट पर भूकंप आया था। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण ने भूकंप की तीव्रता 7.6 मापी तथा कहा कि यह सतह से 44 किलोमीटर (27 मील) नीचे आया। आओमोरी प्रांत के हाचिनोहे शहर में एक दुकान के मालिक नोबुओ यामादा ने एनएचके से कहा, ‘‘मैंने कभी इतना भीषण भूकंप नहीं देखा।’’ इसके भीषण भूकंप के बाद जापान में कई अन्य भूकंप के झटके भी महसूस किए गए हैं।

दिल्ली विधानसभा का शीतकालीन सत्र 5 जनवरी से, इन अहम मुद्दों पर सरकार-विपक्ष आमने-सामने

नई दिल्ली  दिल्ली में 5 जनवरी से विधानसभा सत्र शुरु होने वाला है। यह तीन दिवसीय शीतकालीन सत्र होगा। सत्र के दौरान पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल के आधिकारिक आवास के पुनर्निर्माण से जुड़ी CAG रिपोर्ट को लेकर होगी, जिसे सदन के पटल पर रखा जाएगा। इसकी पुष्टि विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने की है। इस रिपोर्ट में 6, फ्लैगस्टाफ रोड स्थित बंगले (जिसे भाजपा ने 'शीश महल' का नाम दिया है) के नवीनीकरण में हुए खर्च और कथित वित्तीय अनियमितताओं का लेखा-जोखा होने की संभावना है। भ्रष्टाचार और प्रदूषण पर भी होगी चर्चा इसके अलावा सीएम रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली वर्तमान सरकार ने संकेत दिए हैं कि वे न केवल 'शीश महल' बल्कि दिल्ली जल बोर्ड (DJB) और मोहल्ला क्लीनिक से जुड़ी ऑडिट रिपोर्ट भी पेश कर सकते हैं। इसके अलावा दिल्ली के गंभीर वायु प्रदूषण और जनहित से जुड़े अन्य मुद्दों पर भी तीखी बहस होने के आसार हैं। विपक्षी दल आम आदमी पार्टी (AAP) इन आरोपों को 'राजनीति से प्रेरित' बताकर सरकार को घेरने की तैयारी में है। 

फर्जी प्रचार पर शिक्षा मंत्री का हमला, बोले– ‘शिक्षकों से कुत्तों की गिनती’ का कोई आदेश नहीं

नई दिल्ली  दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने मंगलवार को दिल्ली सचिवालय में प्रेस वार्ता कर आम आदमी पार्टी (आप) पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि 'आप' के नेता लगातार सोशल मीडिया के जरिए झूठ और अफवाहें फैलाकर दिल्ली के सामाजिक ताने-बाने को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। प्रेस वार्ता में शिक्षा मंत्री ने कहा कि सोमवार को सोशल मीडिया पर एक संगठित अभियान चलाया गया, जिसमें यह झूठा दावा किया गया कि दिल्ली के शिक्षकों को लावारिस कुत्तों की गिनती के काम में लगाया गया है। यह दावा पूरी तरह निराधार और झूठा है। मंत्री ने आम आदमी पार्टी को खुली चुनौती देते हुए कहा कि अगर शिक्षकों को कुत्तों की गिनती में लगाने से जुड़ा कोई आदेश या सर्कुलर मौजूद है, तो उसे तुरंत सार्वजनिक किया जाए। ऐसा न कर पाने की स्थिति में आप नेताओं को दिल्ली की जनता से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। सूद ने आगे कहा कि आम आदमी पार्टी ने दिल्ली के तहसीलदारों और सब-रजिस्ट्रारों के निलंबन को लेकर भी झूठ फैलाकर प्रशासनिक अराजकता पैदा करने की कोशिश की। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर 'आप' को भ्रष्टाचारियों से इतना लगाव क्यों है? शिक्षा मंत्री के मुताबिक, 'आप' सरकार के कार्यकाल में इन दफ्तरों में खुलेआम भ्रष्टाचार होता था, जबकि अब मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है। ऐसे में 'आप' का भ्रष्ट अधिकारियों के समर्थन में खड़ा होना उनकी मंशा पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने 25 दिसंबर के आसपास किए गए एक अन्य 'एक्स' पोस्ट का भी जिक्र किया, जिसमें यह दावा किया गया था कि दिल्ली सरकार ने स्कूलों में सांता क्लॉज बनकर आने वाले बच्चों पर कार्रवाई करने का आदेश दिया है। शिक्षा मंत्री ने इसे भी पूरी तरह झूठ बताते हुए कहा कि अगर आम आदमी पार्टी के पास ऐसा कोई आदेश है, तो उसे सार्वजनिक क्यों नहीं किया जा रहा। दिल्ली अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड (डीएसएसएसबी) से जुड़े मुद्दों पर भी मंत्री ने 'आप' पर जानबूझकर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 में ही डीएसएसएसबी के माध्यम से लगभग 16 हजार अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया गया था। इसके बावजूद गलत जानकारी फैलाना आम आदमी पार्टी की प्रशासनिक अक्षमता और विफलता को दर्शाता है। सूद ने कहा कि दिल्ली की जनता ने चुनावों में आम आदमी पार्टी के तथाकथित शिक्षा मॉडल, शिक्षा मंत्री, मुख्यमंत्री और तथाकथित भारत रत्न के दावेदारों को पूरी तरह नकार दिया। उन्होंने 'आप' की राजनीति को फ्रॉड, फर्जीवाड़े और झूठ पर आधारित बताते हुए कड़े शब्दों में निंदा की। शिक्षा मंत्री ने कहा कि चुनावी हार के 10 महीने बाद भी 'आप' अपनी पराजय स्वीकार नहीं कर पा रही है और पूरी तरह राजनीतिक जमीन खो चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी ने न तो दिल्ली में शिक्षा के क्षेत्र में कोई ठोस काम किया और न ही प्रशासनिक स्तर पर विकास किया। पार्टी ने सिर्फ झूठ, शोर और आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति की है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार जनहित से जुड़े काम कर रही है। इसी वजह से आम आदमी पार्टी बौखलाहट में सोशल मीडिया के जरिए झूठ और अफवाहें फैलाकर सरकार की छवि खराब करने की कोशिश कर रही है, लेकिन दिल्ली की जनता सच्चाई समझती है और ऐसे प्रयासों को कभी सफल नहीं होने देगी।

न्यू ईयर सेलिब्रेशन 2026: 31 दिसंबर शाम 7 बजे से कनॉट प्लेस सील, ट्रैफिक एडवाइजरी जानना है जरूरी

नई दिल्ली   दिल्ली यातायात पुलिस ने नये साल के जश्न के मद्देनजर मंगलवार को एक विस्तृत परामर्श जारी कर 31 दिसंबर के लिए कनॉट प्लेस और आसपास के इलाकों में यातायात प्रतिबंधों, मार्ग परिवर्तन और पार्किंग के विशेष प्रबंधों की जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि नये साल के स्वागत के लिए कनॉट प्लेस और आसपास के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की संभावना है। इसे देखते हुए पैदल यात्रियों और वाहनों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। परामर्श के अनुसार, यातायात प्रतिबंध 31 दिसंबर की शाम सात बजे से लागू होंगे और जश्न की समाप्ति तक प्रभावी रहेंगे। ये प्रतिबंध विशेष अनुमति प्राप्त वाहनों के अलावा सभी निजी और सार्वजनिक परिवहन वाहनों पर लागू होंगे। पुलिस के मुताबिक मंडी हाउस, बंगाली मार्केट, पटेल चौक, गोल मार्केट, जीपीओ और कस्तूरबा गांधी मार्ग-फिरोजशाह रोड चौराहे, जय सिंह रोड-बंगला साहिब लेन और विंडसर प्लेस जैसे निर्धारित बिंदुओं से आगे किसी भी वाहन को कनॉट प्लेस की ओर जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। परामर्श में कहा गया है कि वैध प्रवेश पास वाले वाहनों को छोड़कर, कनॉट प्लेस के अंदरूनी, मध्य या बाहरी सर्किल में वाहनों के प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। इंडिया गेट पर भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए ओ-पॉइंट, डब्ल्यू-पॉइंट, एमएलएनपी और सुनहरी मस्जिद गोल चक्कर, राजपथ-रफी मार्ग, मथुरा रोड-पुराना किला रोड, शेर शाह रोड और जाकिर हुसैन मार्ग जैसे स्थलों पर भी यातायात को प्रतिबंधित किया जा सकता है या उनके मार्ग में परिवर्तन किया जा सकता है।   यातायात पुलिस ने उत्तर-दक्षिण और पूर्व-पश्चिम आवाजाही के लिए रिंग रोड, मथुरा रोड, रानी झांसी मार्ग, पचकुइयां रोड, मंदिर मार्ग और मदर टेरेसा क्रिसेंट जैसे वैकल्पिक मार्गों के उपयोग का सुझाव दिया है। कनॉट प्लेस क्षेत्र में पार्किंग के लिए काली बाड़ी मार्ग, पंडित पंत मार्ग, भाई वीर सिंह मार्ग, रकाब गंज रोड, कॉपरनिकस मार्ग, बाबर रोड, तानसेन मार्ग, विंडसर प्लेस और रायसीना रोड जैसे स्थानों को चिह्नित किया गया है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि पार्किंग 'पहले आओ-पहले पाओ' के आधार पर उपलब्ध होगी और अनधिकृत पार्किंग करने पर वाहन को जब्त किया जाएगा और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।   दक्षिण दिल्ली से नयी दिल्ली रेलवे स्टेशन जाने वाले यात्रियों को विशिष्ट मार्गों का उपयोग करने की सलाह दी गई है, जबकि कनॉट प्लेस के रास्ते चेल्म्सफोर्ड रोड से प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन जाने वाला यातायात प्रभावित नहीं होगा। यातायात पुलिस ने लोगों से सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने की अपील की है क्योंकि इंडिया गेट और कनॉट प्लेस के पास पार्किंग सीमित है। यात्रियों से अनुरोध किया गया है कि वे प्रभावित सड़कों से बचें और रेलवे स्टेशन या हवाई अड्डे जाने के लिए घर से जल्दी निकलें।  

रेखा गुप्ता सरकार खोलेगी ‘शीशमहल’ की परतें, CAG रिपोर्ट पर विधानसभा में तीखी टकराव की तैयारी

नई दिल्ली मुख्यमंत्री रहते हुए अरविंद केजरीवाल जिस बंगले में रहे उस कथित 'शीशमहल' को लेकर दिल्ली में एक बार फिर घमासान होने जा रहा है। दिल्ली विधानसभा में सरकार 'शीशमहल' समेत 3 सीएजी रिपोर्ट पेश करने जा रही है। इसके अलावा रेखा गुप्ता सरकार ने प्रदूषण पर प्रस्ताव लाने का ऐलान किया है। इसके तहत पिछले 20 साल में रही सरकारों के कामकाज पर भी चर्चा होगी और इस मुद्दे पर भी हंगामे की उम्मीद है। दिल्ली के मंत्री कपिल मिश्रा ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आगामी सत्र को लेकर कई जानकारियां साझा कीं। उन्होंने कहा कि दिल्ली विधानसभा का सत्र 5 जनवरी से शुरू होगा। चार दिन के सत्र में 2-3 प्रस्ताव दिल्ली सरकार लाएगी। मंत्रिपरिषद ने निर्णय लिया है कि प्रदूषण पर चर्चा होगी। सरकार प्रस्ताव लेकर आएगी इस पर सभी सदस्य चर्चा करेंगे। प्रदूषण पर ‘20 साल वाली’ चर्चा कपिल मिश्रा ने कहा, ‘दिल्ली में प्रदूषण की मौजूदा स्थिति क्या है, उसके कारण क्या हैं, सुप्रीम कोर्ट में पिछली सरकारों ने जो एफिडेविट दिए उनका क्या स्टेटस क्या है, वैज्ञानिकों ने क्या रिपोर्ट दी थी, सरकारों की क्या जिम्मेदारी, पिछले 20 सालों का लेखाजोखा और वर्तमान स्थिति को रखा जाएगा। मैं विपक्ष के साथियों से भी अपील करता हूं कि आपकी सरकार ने जो किया था उसका ब्योरा जरूर विधानसभा में लेकर आइए, हम खुली चर्चा करेंगे कि क्या कमियां रह गईं थीं और प्रदूषण को दूर करने के लिए क्या किया जा सकता है।’ इन 3 सीएजी रिपोर्ट को पेश करेगी सरकार दिल्ली सरकार के कानून मंत्री कपिल मिश्रा ने शीशमहल समेत 3 सीएजी रिपोर्ट भी पेश किए जाने की बात कही। उन्होंने कहा, सीएजी की कुछ रिपोर्ट्स को विधानसभा के पटल पर रखा जाएगा। सीएजी की रिपोर्ट जो पिछली सरकार के दौरान आ गई थी, लेकिन पिछली मुख्यमंत्री ने रोककर रखा था। हमने संकल्प लिया था कि सभी रिपोर्ट को पटल पर रखेंगे। आने वाले सत्र में शीशमहल पर सीएजी की रिपोर्ट विधानसभा पटल पर रखी जाएगी। 2022 तक दिल्ली जल बोर्ड की कार्यप्रणाली पर सीएजी की बहुत विस्तृत रिपोर्ट है उसे भी पटल पर रखा जाएगा। हायर एजुकेशन में 2023 तक किस तरह भ्रष्टाचार हुआ उसकी भी सीएजी रिपोर्ट सदन में पटल पर रखा जाएगा।'  

मंडप में हुआ बड़ा कांड! सिंदूर भूल आया दूल्हा, ब्लिंकिट की फटाफट डिलीवरी बनी लाइफसेवर, VIDEO वायरल

नई दिल्ली  दिल्ली में एक शादी के दौरान उस समय मजेदार स्थिति बन गई जब फेरों के बाद दूल्हा-दुल्हन को पता चला कि सिंदूर साथ लाना भूल गए हैं। रस्म रुक गई और परिवार वाले परेशान हो गए। लेकिन फिर दूल्हे ने ब्लिंकिट ऐप से सिंदूर ऑर्डर कर दिया। सिर्फ 16 मिनट में डिलीवरी पहुंच गई। दूल्हे ने सिंदूर दुल्हन की मांग में भरा और रस्म पूरी हो गई। यह पूरा वाकया वीडियो में रिकॉर्ड हुआ, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। तैयारियों में हुई छोटी-सी भूल शादी की भागदौड़ में दूल्हा हृषि और दुल्हन पूजा सिंदूर लाना भूल गए। फेरों के बाद जब सिंदूर की रस्म का समय आया तो सबको यह बात याद आई। दूल्हा ने कैमरे पर मुस्कुराते हुए कहा, "हम सिंदूर लाए ही नहीं।" परिवार वाले पहले तो हैरान हुए, लेकिन जल्द ही सबने हंसकर स्थिति संभाल ली। किसी ने दुकान जाने की बजाय ब्लिंकिट से ऑर्डर करने का फैसला किया। ब्लिंकिट की तेज डिलीवरी ने बचाई लाज ऑर्डर करते ही ऐप ने 16 मिनट का समय दिखाया। सभी मंडप में इंतजार करते रहे। दूल्हा-दुल्हन शांत बैठे मुस्कुराते रहे। ठीक समय पर डिलीवरी बॉय पहुंचा और सिंदूर का पैकेट सौंपा। इसके बाद दूल्हे ने दुल्हन की मांग भरी। मेहमानों ने तालियां बजाईं और माहौल खुशी से भर गया। यह घटना दिखाती है कि आजकल क्विक डिलीवरी ऐप्स शादियों में भी काम आ रहे हैं। वीडियो वायरल, लोग कर रहे मजेदार कमेंट्स इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया गया यह वीडियो लाखों लोगों ने देख लिया है। लोग कमेंट कर रहे हैं कि ब्लिंकिट ने असली में जोड़ी बचा ली। कुछ मजाक कर रहे हैं कि अब शादियों में ब्लिंकिट जरूरी हो गया। यह अनोखी घटना सबको याद रहेगी और दिखाती है कि छोटी भूलें कभी-कभी सबसे मजेदार यादें बन जाती हैं।