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कपिल मिश्रा पर जांच रोक, कोर्ट ने दिल्ली दंगों मामले में आदेश को किया खारिज

नई दिल्ली दिल्ली के कानून मंत्री कपिल मिश्रा को राऊज एवेन्यू कोर्ट से राहत मिली है. राऊज एवेन्यु  सेशन कोर्ट ने फरवरी 2020 में हुए दिल्ली दंगों से जुड़े एक मामले में कपिल मिश्रा की भूमिका को जांच को लेकर दिए मजिस्ट्रेट कोर्ट के आदेश को रद्द किया है. इस आदेश को कपिल मिश्रा और दिल्ली पुलिस दोनों ने सेशन कोर्ट में चुनौती दी  थी.  क्या था मजिस्ट्रेट कोर्ट का आदेश 1 अप्रैल को एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट  वैभव चौरसिया ने कपिल मिश्रा के खिलाफ आगे जाँच करने का आदेश दिया था. कोर्ट ने यह आदेश  मोहम्मद इलियास नाम के शख्श की अर्जी पर दिया था जिसमे दिल्ली दंगों में कपिल मिश्रा समेत अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी.मोहम्मद इलियास ने कोर्ट में दायर शिकायत में कहा था कि  उन्होंने 23 फरवरी 2020 को कपिल मिश्रा और उनके साथियों को कर्दमपुरी में मुस्लिम की रेहड़ी पटरी वालों की गाड़ियों को तोड़ते हुए भी देखा था. मौके पर  दिल्ली पुलिस के अधिकारी भी मौजूद थे. शिकायत के मुताबिक  कपिल मिश्रा ने प्रदर्शनकारियों को जगह खाली करने या परिणाम भुगतने की धमकी दी थी. एडिशनल चीफ जुडिशल मजिस्ट्रेट ने कहा था कि इस मामले में कोर्ट के सामने जो तथ्य रखें गए है, उसके मद्देनजर कर्दमपुरी इलाके में कपिल मिश्रा की मौजूदगी साबित हो रही है और ये संज्ञेय अपराध का मामला बनता है. मजिस्ट्रेट कोर्ट ने कपिल मिश्रा के खिलाफ आगे जांच का आदेश दिया था. दिल्ली पुलिस का रुख मजिस्ट्रेट कोर्ट के आदेश को कपिल मिश्रा और दिल्ली पुलिस ने सेशन कोर्ट में चुनौती दी थी. दिल्ली पुलिस ने कपिल मिश्रा के खिलाफ एफआईआर दर्ज किए जाने की मांग का विरोध किया था. दिल्ली पुलिस का कहना था कि इस मामले में कपिल मिश्रा को फंसाने की साजिश हो रही है.सेशन कोर्ट ने कपिल मिश्रा और पुलिस की याचिका पर सुनवाई करते हुए निचली अदालत के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी थी. इसके चलते कपिल मिश्रा के खिलाफ जांच  अभी रुकी हुई थी. अब सेशन कोर्ट ने चूंकि इस आदेश को रद्द ही कर दिया है ,इसलिए अब साफ है कि उनकी भूमिका को लेकर कोई जांच नहीं होगी. 

गरीब परिवारों को सशक्त करने की तैयारी: रेखा गुप्ता सरकार की नई योजना पर काम तेज़

नई दिल्ली दिल्ली के झुग्गीवासियों को जल्द बड़ी सौगात मिलने जा रही है। दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार झुग्गीवासियों को उज्ज्वला योजना से जोड़ने का ऐलान किया है। उज्ज्वला योजना से झुग्गीवासियों के जुड़ जाने के बाद गरीब परिवारों को मुफ्त एलपीजी कनेक्शन और रसोई सामान मिलेगा। सीएम रेखा गुप्ता ने घोषणा की है कि अब राजधानी की झुग्गियों में रहने वाले परिवारों को प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से जोड़ा जाएगा। इस फैसले के तहत उन परिवारों को मुफ्त एलपीजी गैस कनेक्शन दिए जाएंगे जो अब तक लकड़ी, कोयला या मिट्टी के तेल से खाना बनाते हैं। मुख्यमंत्री ने दिल्ली शेल्टर बोर्ड (DUSIB) के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जल्द से जल्द झुग्गी-झोपड़ियों में सर्वे कर यह पता लगाया जाए कि किन परिवारों को अब तक इस योजना का लाभ नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि हर गरीब परिवार को साफ और सुरक्षित ईंधन उपलब्ध कराया जाए, ताकि महिलाओं और बच्चों की सेहत पर धुएं का असर न पड़े। सीएम रेखा गुप्ता ने बताया कि लकड़ी और कोयले से खाना पकाने पर न सिर्फ घरों में धुआं फैलता है, बल्कि इससे दिल्ली का वायु प्रदूषण भी बढ़ता है। ऐसे में रसोई गैस का उपयोग न केवल स्वास्थ्य के लिए बेहतर है बल्कि पर्यावरण के लिए भी फायदेमंद साबित होगा। सरकार ने साफ किया है कि पात्र परिवारों को एलपीजी सिलेंडर, गैस स्टोव और पाइप जैसी सभी जरूरी वस्तुएं मुफ्त दी जाएंगी, ताकि किसी को कोई परेशानी न हो। देशभर में करोड़ों परिवार इस योजना से हो चुके हैं लाभान्वित- सीएम मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा है कि सर्वे कार्य को तेजी से पूरा कर सूची तैयार की जाए और अधिक से अधिक झुग्गी परिवारों को इस योजना से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि यह कदम गरीबों के जीवन में स्वच्छता, सेहत और सम्मान का नया अध्याय खोलेगा। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना केंद्र सरकार की एक महत्वाकांक्षी पहल है, जिसे वर्ष 2016 में शुरू किया गया था। इस योजना का मकसद है कि देश के हर गरीब परिवार को मुफ्त एलपीजी कनेक्शन देकर परंपरागत ईंधनों से मुक्ति दिलाई जाए। अब तक देशभर में करोड़ों परिवार इस योजना से लाभान्वित हो चुके हैं।

सांस लेना हुआ मुश्किल: राजधानी में हवा 3 गुना ज़्यादा प्रदूषित, अलर्ट जारी

नई दिल्ली  दिल्ली वालों को फिर 'जहरीली हवा' का सामना करना पड़ रहा है। केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक, शनिवार को दिल्ली के कई हिस्सों में एक्यूआई का स्तर 400 को पार कर गया। एक्यूआई का 400 के स्तर को पार करना जहरीली हवा की श्रेणी में माना जाता है। इसे गंभीर श्रेणी में हवा का होना भी कहते हैं। इससे राष्ट्रीय राजधानी देश के सबसे प्रदूषित शहरों में से एक बन गई। आने वाले दिनों में दिल्ली में पलूशन की समस्या गहराने का अनुमान है। सीपीसीबी के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में हर दिन शाम को 4 बजे दर्ज किया जाने वाला 24 घंटे का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) शनिवार को 361 अंक रहा। इससे दिल्ली 'रेड जोन' में आ गई। दिल्ली देश का दूसरा सबसे प्रदूषित शहर बन गया। 24 घंटे के दौरान इसमें 39 अंकों की तेज बढ़ोतरी हुई है। दिल्ली के कई इलाकों में शनिवार को 5 बजे एक्यूआई 400 के पार यानी गंभीर श्रेणी में दर्ज किया गया। इन इलाकों में AQI 400 पार सीपीसीबी के मुताबिक, अलीपुर, बवाना, बुराड़ी क्रासिंग, आईटीओ, जहांगीरपुरी, नरेला, नेहरू नगर, रोहिणी, विवेक विहार और वजीरपुर जैसे इलाकों में शाम पांच बजे एक्यूआई का स्तर 400 को पार कर गया। हवा में 3 गुने से ज्यादा प्रदूषक कण शनिवार को पीएम2.5 और पीएम10 प्रमुख प्रदूषक बने रहे। शनिवार की शाम तीन बजे दिल्ली-एनसीआर की हवा में पीएम 100 का स्तर 321 और पीएम 2.5 का स्तर 187 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर पर रहा। यानी दिल्ली-एनसीआर की हवा में मानकों से तीन गुने से भी ज्यादा प्रदूषक कण मौजूद हैं। मानकों के मुताबिक हवा में पीएम 10 का स्तर 100 से और पीएम 2.5 का स्तर 60 से नीचे होने पर ही उसे स्वास्थ्यकारी माना जाता है। पराली, तापमान और हवा 3 फैक्टर जिम्मेदार दिल्ली में प्रदूषण बढ़ने के पीछे कई कारकों को जिम्मेदार माना जा रहा है। दिल्ली में दिन के ज्यादातर समय हवा की रफ्तार 10 किलोमीटर प्रति घंट से कम रह रही है। इससे प्रदूषक कणों का विसर्जन धीमा हो रहा है जबकि, दिन के समय हवा की रफ्तार बढ़ी तो उसकी दिशा उत्तरी पश्चिमी थी। यह हवा अपने साथ-साथ पराली का धुआं भी ला रही है। दिल्ली में न्यूनतम तापमान में खासी गिरावट दर्ज की गई है। इससे भी प्रदूषक कण देर तक बने रह रहे हैं। पराली जलाने से बढ़ी समस्या वायु गुणवत्ता पूर्वानुमान के लिए निर्णय सहायता प्रणाली (डीएसएस) के अनुसार, दिल्ली के प्रदूषण में पराली जलाने का योगदान लगभग 30 प्रतिशत था। वहीं परिवहन क्षेत्र का योगदान 15.2 फीसदी रहा। उपग्रह से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार को पंजाब में पराली जलाने की 100, हरियाणा में 18 और यूपी में 164 घटनाएं हुईं। खराब रहेगी दिल्ली की हवा दिल्ली के लिए वायु गुणवत्ता प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली का पूर्वानुमान है कि अगले कुछ दिनों के दौरान दिल्ली की वायु गुणवत्ता 'बेहद खराब' श्रेणी में बनी रहेगी। वायु गुणवत्ता पूर्व चेतावनी प्रणाली के मुताबिक, अगले तीन-चार दिनों के बीच दिन के ज्यादातर समय हवा की रफ्तार दस किलोमीटर से नीचे रहेगी। जबकि, तापमान भी सामान्य से नीचे रहने की संभावना है। इसके चलते प्रदूषक कणों का विसर्जन धीमा होगा। अगले चार-पांच दिनों के बीच दिल्ली की वायु गुणवत्ता बेहद खराब श्रेणी में ही रहने के आसार हैं। सुबह दिखेगी धुंध लेकिन दोपहर में राहत इस बीच मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली में 14 नवंबर तक दिल्ली में सुबह के वक्त धुंध छाने का अनुमान है। मौसम विभाग की मानें तो तापमान गिरने और ठंड बढ़ने की वजह से इस हफ्ते दिल्ली में धुंध देखी जा सकती है। हालांकि दोपहर के वक्त हवा की रफ्तार अधिक होने से धुंध छटने की भी संभावनाएं हैं। कुल मिलाकर दिल्ली वालों को इस हफ्ते यानी अगले छह दिन सुबह के वक्त धुंध जारी रहने का अनुमान है।  

यौन शोषण मामलों में ‘कैरेक्टर’ नहीं बनेगा बचाव का हथियार: हाईकोर्ट

नई दिल्ली  दिल्ली हाई कोर्ट ने महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि बलात्कार के मामलों में पीड़िता के चरित्र (चाहे वह कितना भी दागदार क्यों न हो) को उसके खिलाफ हथियार नहीं बनाया जा सकता। जस्टिस अमित महाजन की पीठ ने इस बात पर जोर दिया कि यहां तक कि जो महिला या युवती कुछ पैसे के बदले किसी व्यक्ति के साथ जाती है वह भी दुष्कर्म की शिकार हो सकती है। पीठ ने यह टिप्पणी एक बलात्कार के आरोपी की याचिका पर सुनवाई करते हुए की, जिसने अपने खिलाफ दर्ज प्राथमिकी रद्द करने की मांग की थी। आरोपी एक विवाहित व्यक्ति है, जिस पर शादी का झूठा वादा करके बलात्कार व अप्राकृतिक यौन संबंध बनाने का आरोप लगा है। शिकायतकर्ता महिला ने आरोप लगाया है कि आरोपी ने उसकी ड्रिंक में कुछ मिलाकर उसे यौन उत्पीड़न का शिकार बनाया। उसके बाद भी आरोपी ने उससे शादी का झूठा वादा कर के शारीरिक संबंध बनाना जारी रखा। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी ने उससे लगभग 8 लाख रुपये ले लिए और 10 लाख और मांगे। साथ ही धमकी दी कि यदि वह राशि नहीं देती है तो वह उसकी तस्वीरें और वीडियो वायरल कर देगा। वहीं आरोपी ने महिला के चरित्र पर सवाल उठाते हुए दलील दी कि वह खुद पहले भी इसी तरह के आरोपों पर मामला दर्ज करा चुकी है, जिसमें आरोपी बरी हो चुका है। आरोपी ने दलील दी कि शिकायतकर्ता महिला अनैतिक देहव्यापार (रोकथाम) अधिनियम, 1956 के तहत भी एक मामले में फंसी थी। आरोपी का दावा था कि महिला ने खुद कहा था कि वह शारीरिक संबंध के लिए पैसे की मांग करती है। हालांकि इस मामले में दिल्ली हाई कोर्ट की पीठ ने सुनवाई करते हुए कहा कि महिला के चरित्र को ढाल बनाकर कोई उसके साथ अपराध को अंजाम नहीं दे सकता है। फिर चाहे उस महिला चरित्र पूर्व में कितना भी दागदार क्यों ना रहा हो। किसी आरोपी को यह अधिकार नहीं दिया जा सकता है कि वह किसी महिला के चरित्र का गलत लाभ उठाए या ऐसी कोशिश करे।  

दिल्ली कोचिंग हादसे पर सख्त कार्रवाई, दो अधिकारियों पर गिरा गाज

नई दिल्ली दिल्ली के उपराज्यपाल (एलजी) वीके सक्सेना ने जुलाई 2024 में ओल्ड राजेंद्र नगर स्थित राउज आईएएस स्टडी सर्कल के बेसमेंट में तीन स्टूडेंट्स की दर्दनाक मौत के मामले में फायर सेफ्टी विभाग के ग्रुप 'ए' के दो अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई को मंजूरी दे दी है। ये अधिकारी वेद पाल (डिविजनल ऑफिसर) और उदयवीर सिंह (असिस्टेंट डिविजनल ऑफिसर) हैं, जिन्हें ड्यूटी के दौरान लापरवाही और तथ्यों को छिपाने के आरोप में तत्काल निलंबित कर दिया गया है। राज निवास के अनुसार, यह कार्रवाई सीसीएस (सीसीए) नियम 1965 के नियम 18 के साथ नियम 14 के तहत की गई है, और आगे की कार्रवाई के लिए मामला नेशनल कैपिटल सिविल सर्विस अथॉरिटी (एनसीसीएसए) को भेजा जाएगा। बता दें, 27 जुलाई 2024 को भारी बारिश के कारण कोचिंग सेंटर के बेसमेंट लाइब्रेरी में पानी भर गया, जिसमें उत्तर प्रदेश की श्रेया यादव (25), तेलंगाना की तन्या सोनी (25) और केरल के नेविन डेल्विन (24) की दम घुटने से मौत हो गई थी।   जांच में पाया गया कि वेद पाल और उदयवीर सिंह ने जुलाई 2024 में फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट जारी करने के लिए निरीक्षण किया था, लेकिन उन्होंने बेसमेंट के अवैध उपयोग (लाइब्रेरी के रूप में) की जानकारी छिपाई और म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन ऑफ दिल्ली (एमसीडी) को सूचित नहीं किया। नतीजतन, 9 जुलाई को गलत तरीके से सर्टिफिकेट जारी हो गया, जो हादसे का प्रमुख कारण बना। जिला मजिस्ट्रेट (सेंट्रल) की जांच ने इनकी लापरवाही को साबित किया।   

दिल्ली एयरपोर्ट ने साइबर हमले से किया इनकार, सिस्टम गड़बड़ी से यात्रियों को झेलनी पड़ी लंबी प्रतीक्षा

नई दिल्ली दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGIA) पर गुरुवार दोपहर एक बड़ी तकनीकी खराबी के कारण हवाई यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। इस गड़बड़ी का असर न सिर्फ दिल्ली बल्कि मुंबई सहित कई अन्य शहरों की उड़ानों पर भी पड़ा। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) के एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) सिस्टम में इस्तेमाल होने वाला Automatic Message Switching System (AMSS) अचानक ठप पड़ गया। यह वही सिस्टम है, जो एयरलाइनों के फ्लाइट प्लान, मौसम संबंधी जानकारी और परिचालन संदेश एटीसी अधिकारियों तक पहुंचाता है। AMSS फेल होने के बाद एटीसी को पूरी तरह मैनुअल मोड में काम करना पड़ा, यानी फ्लाइट-प्लान की हैंड प्रोसेसिंग, आवाज के जरिये कोऑर्डिनेशन और मैन्युअल लॉगिंग जैसी प्रक्रियाएं अपनानी पड़ीं। इससे एयर ट्रैफिक की क्षमता बहुत घट गई और उड़ानों में देरी शुरू हो गई। प्रभाव कितना बड़ा था? शुक्रवार को कई उड़ानें प्रभावित रहीं, क्योंकि सिस्टम बहाल होने में समय लगा। दिल्ली एयरपोर्ट पर रोज औसतन 1,500 फ्लाइट मूवमेंट्स होती हैं, और पीक टाइम पर 60–70 मूवमेंट प्रति घंटे दर्ज किए जाते हैं। ऑटोमेशन के बिना इतनी घने एयर ट्रैफिक को संभालना लगभग असंभव होता है। औसतन, दिल्ली से रवाना होने वाली उड़ानों में करीब 50 मिनट की देरी दर्ज की गई। एयरलाइनों ने यात्रियों से अनुरोध किया कि वे यात्रा से पहले फ्लाइट स्टेटस चेक करें, और अतिरिक्त समय लेकर एयरपोर्ट पहुंचें। एयरपोर्ट और एयरलाइनों ने क्या बताया दिल्ली एयरपोर्ट (DIAL) और AAI दोनों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X और इंस्टाग्राम पर बयान जारी कर कहा कि Automatic Message Switching System में तकनीकी समस्या आई है, जिसे हमारी तकनीकी टीम प्राथमिकता पर हल करने की कोशिश कर रही है। इंडिगो, स्पाइसजेट, एयर इंडिया और अकासा एयर जैसी एयरलाइनों ने यात्रियों को एडवाइजरी जारी कर अपडेटेड शेड्यूल चेक करने और धैर्य बनाए रखने की अपील की। AAI ने यह भी स्पष्ट किया कि सुरक्षा पर कोई असर नहीं पड़ा है। केवल ऑटोमेशन बंद होने से क्षमता घटी है, लेकिन सभी उड़ानें सुरक्षित अंतराल बनाए रखते हुए नियंत्रित की जा रही हैं। जांच में साइबर अटैक से इनकार सूत्रों के अनुसार, AMSS सिस्टम में यह खराबी ATC सॉफ्टवेयर अपग्रेड के दौरान आई तकनीकी गड़बड़ी के कारण हुई। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (IT Ministry) के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक यह साइबर अटैक नहीं है। अपग्रेडेशन प्रक्रिया के दौरान फ्लाइट-प्लान के ऑटोमेटिक अपडेट का कार्य बंद हो गया था। शुक्रवार सुबह IT मंत्रालय ने सिविल एविएशन मंत्रालय के साथ मिलकर जांच की और यह पुष्टि की कि कोई साइबर हमला नहीं हुआ था। यात्री क्या करें  अगर आप दिल्ली से उड़ान भरने या यहां लैंड करने वाले हैं, तो अपनी फ्लाइट का स्टेटस एयरलाइन की वेबसाइट या ऐप से जांचें। एयरपोर्ट कम से कम 2 घंटे पहले पहुंचें। कनेक्टिंग फ्लाइट होने पर अतिरिक्त समय का अंतर रखें। विमानन विशेषज्ञों का कहना है कि भारत को अब ऐसे सिस्टम के लिए मजबूत बैकअप नेटवर्क, तेज रिस्टोरेशन प्रोटोकॉल और कंट्रोल रूम में स्वचालित-से-मैनुअल संक्रमण (fail-safe) प्रक्रियाएं विकसित करनी होंगी।

ATC में तकनीकी खराबी के कारण दिल्ली एयरपोर्ट पर उड़ान संचालन ठप, यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें

 नई दिल्ली        दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI) पर एयर ट्रैफ़िक कंट्रोल (ATC) सिस्टम में तकनीकी खराबी आ गई. खामी आने की वजह से उड़ान संचालन बुरी तरह प्रभावित हुआ है. इस तकनीकी खराबी का असर IGI दिल्ली एयरपोर्ट पर आने और जाने वाली दोनों तरह की उड़ानों पर पड़ा है. एजेंसी के मुताबिक, दिल्ली एयरपोर्ट के ने बताया कि एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) सिस्टम में टेक्निकल दिक्कत की वजह से कम से कम 100 फ्लाइट्स लेट हो गई हैं. सूत्रों के मुताबिक, ATC में एक सॉफ्टवेयर संबंधी समस्या के कारण IGI में उड़ानों के संचालन में देरी हो रही है. स्पाइसजेट समेत कई एयरलाइनों की उड़ानें प्रभावित हुई हैं, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. दिल्ली एयरपोर्ट ने इन बाधाओं पर एक बयान जारी किया है. बयान में कहा गया है कि ATC प्रणाली में एक तकनीकी समस्या की वजह से IGIA में उड़ान संचालन में देरी हो रही है. एयरपोर्ट की टीम इस समस्या को जल्द से जल्द हल करने के लिए DIAL सहित सभी हितधारकों के साथ सक्रिय रूप से काम कर रही है. यात्रियों को सलाह… एयरपोर्ट मैनेजमेंट ने यात्रियों को हुई असुविधा के लिए गहरा खेद जताया है. यात्रियों को सलाह दी गई है कि नवीनतम उड़ान अपडेट के लिए वे अपनी संबंधित एयरलाइनों के संपर्क में रहें. एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए बयान जारी करते हुए कहा, "दिल्ली एयरपोर्ट पर ऑटोमैटिक मैसेज स्विचिंग सिस्टम (AMSS) में टेक्निकल दिक्कत की वजह से फ्लाइट ऑपरेशन में देरी हो रही है. यह सिस्टम एयर ट्रैफिक कंट्रोल डेटा को सपोर्ट करता है. कंट्रोलर फ्लाइट प्लान को मैन्युअल रूप से प्रोसेस कर रहे हैं, जिससे कुछ देरी हो रही है. टेक्निकल टीमें जल्द से जल्द सिस्टम को ठीक करने पर काम कर रही हैं. हम सभी यात्रियों और स्टेकहोल्डर्स की समझ और सहयोग की सराहना करते हैं." स्पाइसजेट ने दी चेतावनी स्पाइसजेट एयरलाइन ने भी इस संबंध में जानकारी दी है. उन्होंने बताया कि दिल्ली में ATC (एयर ट्रैफिक कंट्रोल) की भीड़ की वजह से सभी आगमन, प्रस्थान और उनके परिणामस्वरूप होने वाली उड़ानें प्रभावित हो सकती हैं. स्पाइसजेट ने भी यात्रियों से गुजारिश की है कि वे अपनी फ्लाइट का स्टेटस चेक करते रहें. 

दिल्ली में भी वोट, बिहार में भी वोट? BJP कार्यकर्ता पर फर्जी मतदान का आरोप, मामला गरमाया

नई दिल्ली  कांग्रेस नेता राहुल गांधी के हरियाणा चुनाव में वोट चोरी के आरोपों के दूसरे दिन आज आम आदमी पार्टी ने भी इसी मुद्दे पर एक खुलासा किया है। आप नेता और दिल्ली के आप संयोजक सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि भाजपा के एक कार्यकर्ता ने दो राज्यों में वोट डाला है। सौरभ का आरोप है कि इस बीजेपी वर्कर ने दिल्ली विधानसभा चुनाव के अलावा आज बिहार के सिवान में भी वोट डाला। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि वोट चोरी का सबूत आपके सामने है।   सौरभ भारद्वाज ने एक वीडियो की मदद से बताया कि वोट चोरी के सुबूत आपके सामने हैं। भाजपा का एक कार्यकर्ता पहले 05 फरवरी 2025 को दिल्ली विधानसभा चुनाव में वोट डालता है। उसके बाद आज 06 नवंबर 2025 वो बिहार के विधानसभा चुनाव में वोट डालता है। दिल्ली के द्वारका में फिर बिहार के सिवान में वोट डाला। SIR के बाद ये गुंजाइश ही नहीं बची कि बाहर किसी राज्य में रहने वाले व्यक्ति का वोट बिहार की वोटर लिस्ट में हो और रह जाए। फिर ये कैसे हुआ? ऐसे कितने भाजपा कार्यकर्ता हैं जो देश के अलग अलग राज्यों से आकर आज बिहार में वोट डाल रहे हैं? सौरभ भारद्वाज ने इस भाजपा वर्कर की पूरी प्रोफाइल भी बताई। बकौल सौरभ, इस बीजेपी वर्कर का नाम नागेंद्र कुमार है और ये द्वारका विधानसभा में रहते हैं। सौरभ ने नागेंद्र कुमार की फेसबुक प्रोफाइल पर लिखे एक पोस्ट को दिखाते हुए बताया कि इन्होंने 5 फरवरी 2025 को दिल्ली विधानसभा में वोट डालने के बाद एक फोटो डाला था। इसके बाद आज की बीजेपी वर्कर की दूसरी फोटो दिखाई जिसमें वह कथित तौर पर बिहार के सिवान में वोट डाल कर आए हैं। आप नेता ने कहा कि अगर इनका नाम SIR में आता तो नाम कट जाना चाहिए था पर ऐसा नहीं हुआ।  

दिल्ली की हवा अब होगी साफ? चीन की तकनीक देगी प्रदूषण पर ‘नियंत्रण’

नई दिल्ली दिल्ली में वायु प्रदूषण के खतरनाक स्तर के बीच चीन ने दिल्ली और आसपास के इलाकों में इस समस्या से निपटने के लिए मदद की पेशकश की है। 2010 के दशक की शुरुआत में दिल्ली और बीजींग दोनों ही धुंध और वायु प्रदूषण के अत्यधिक और खतरनाक स्तर से जूझ रहे थे, जहां पीएम 2.5 की सांद्रता नियमित रूप से 500 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर से अधिक थी। यह विश्व स्वास्थ्य संगठन के 10 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर वार्षिक दिशानिर्देश से 50 गुना ज्यादा थी। नवंबर 2025 तक बीजींग ने निरंतर सुधारों के जरिये वायु प्रदूषण की समस्या पर काफी हद तक अंकुश लगाने में सफलता हासिल कर ली है। आइये जानते हैं चीन ने बीजींग की हवा को कैसे साफ किया।   चीन की दिल्ली को प्रदूषण में मदद की पेशकश नई नीतियों के साथ कड़ाई से लागू किए गए नियम चीनी सरकार ने एक राष्ट्रीय अभियान शुरू किया, जिसमें नई नीतियों के साथ नए नियम बना कर उनको कड़ाई से लागू किया। चीन ने सबसे पहले बीजींग को चुना। यहां दूसरे देशों के दूतावास हैं और वायु प्रदूषण की समस्या चीन के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शर्मिंदगी का कारण बन गई थी। तमाम बदलाव लाने वाली तकनीकों का परीक्षण बीजींग में किया गया और इसके सकारात्मक नतीजे सामने आने के बाद इसे दूसरी जगहों पर भी लागू किया गया। लो एमिसन जोन की रणनीति वायु प्रदूषण से निपटने और विशिष्ट क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता में सुधार लाने की बीजींग की रणनीति में लो एमिसन जोन(एलईजेड) जैसी पहलों ने महत्पपूर्ण भूमिका निभाई। बीजिंग ने प्रदूषण नियंत्रण में सफलता पाई ये क्षेत्र उच्च-उत्सर्जन वाले वाहनों के प्रवेश को सीमित करते हैं, जिससे परिवहन के स्वच्छ और अधिक पर्यावरण-अनुकूल साधनों के उपयोग को बढ़ावा मिलता है। इसके अतिरिक्त, शहर ने प्रदूषणकारी औद्योगिक सुविधाओं को बंद करके और ही¨टग प्रणालियों को उन्नत करके कोयले की खपत को कम करने के लिए काम किया।गैस आधारित इंडस्ट्री बीजींग ने कोयले के इस्तेमाल में कमी लाने में अग्रणी भूमिका निभाई। 3,000 छोटे बायलरों को चरणबद्ध तरीके से बंद किया और 2017 तक कोयले के इस्तेमाल को 1.5 करोड़ टन तक सीमित कर दिया। यानी 30 प्रतिशत की कटौती। प्राकृतिक गैस और नवीकरणीय ऊर्जा स्त्रोतों ने इस कमी को पूरा किया, और शहर ने 4 गीगावाट सौर और पवन ऊर्जा क्षमता बढ़ाई। वाहनों के प्रदूषण पर नियंत्रण का तरीका बीजींग ने लाइसेंस प्लेट लाटरी के •ारिए वाहनों की संख्या सीमित कर दी और मेट्रो नेटवर्क का विस्तार 1,000 किलोमीटर तक कर दिया। कैसे साफ हुई बीजींग की हवा? बीजींग ने सार्वजनिक परिवहन, साइकिलिंग और नवीकरणीय ऊर्जा स्त्रोतों से चलने वाले ई-वाहनों को अपनाया है, जिससे शहर के परिवहन परि²श्य में नया बदलाव आया है। 2020 तक, सब्सिडी और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास से नई बिक्री में इलेक्टि्रक वाहनों का योगदान 40 प्रतिशत तक पहुंच गया। 2,000 से ज्यादा कारखाने बंद हो गए या स्थानांतरित हो गए, और सर्दियों के दौरान इस्पात उत्पादन में कटौती की गई। निगरानी और पेड़ लगाने पर जोर निगरानी के मोर्चे पर काफी काम किया गया। 1,500 स्टेशनों के एक राष्ट्रव्यापी नेटवर्क ने रियल टाइम पीएम2.5 डाटा उपलब्ध कराया। सार्वजनिक ट्रेकिंग के लिए 'ब्लू स्काई' जैसे एप को सशक्त बनाया गया। बीजींग के आसपास 10 करोड़ पेड़ लगाए। इससे पेड़ों ने बड़ी मात्रा में कार्बन का अवशोषण किया और हवाओं के प्रदूषण को कम करने में बड़ा योगदान दिया। ये रहे नतीजे 2013 से 2017 तक, बीजींग में पीएम2.5 का स्तर 35 प्रतिशत से घटकर 89.5 से 58 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रह गया। इसी अवधि में राष्ट्रीय औसत में 25 प्रतिशत की गिरावट आई। 2020 तक, तीन-वर्षीय कार्य योजना ने कोयले की खपत में 15 करोड़ टन की और कटौती की और कुल खपत में स्वच्छ ऊर्जा की हिस्सेदारी 15 प्रतिशत तक बढ़ा दी। सांस की दिक्कतों से जुड़े मामलों में 20 प्रतिशत की कमी आई। औसत आयु पर असर वायु गुणवत्ता में सुधार ने लोगों की जीवन प्रत्याशा को बढ़ाने में योगदान दिया है। बीजींग में, पीएम2.5 के स्तर में गिरावट से स्थानीय जीवन प्रत्याशा में लगभग 4.6 वर्ष की वृद्धि होने का अनुमान है। राष्ट्रीय स्तर पर 2013 से औसत जीवन प्रत्याशा में दो वर्ष की वृद्धि हुई है। 2013 और 2020 के बीच, चीन वायु प्रदूषण में कुल वैश्विक कमी के लगभग तीन-चौथाई के लिए जिम्मेदार था। इसके विपरीत, बांग्लादेश, भारत, नेपाल और पाकिस्तान सहित दक्षिण एशियाई देशों में 2000 के बाद से कण प्रदूषण में ¨चताजनक वृद्धि देखी गई है।  

दिल्ली सरकार सख्त: प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों और फैक्ट्रियों पर होगी ताबड़तोड़ कार्रवाई

नई दिल्ली  दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण पर नियंत्रण को लेकर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। उन्होंने प्रदूषण फैलाने वाली गाड़ियों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। सीएम रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर कहा कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए दिल्ली सरकार ने ठोस और निर्णायक कदम उठाए हैं। प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों और औद्योगिक इकाइयों पर सख्त कार्रवाई जारी है। कूड़ा जलाने की घटनाओं पर पूर्ण रोक के लिए विशेष निगरानी टीमें तैनात हैं और नियम तोड़ने वालों पर भारी जुर्माने के साथ कठोर कार्रवाई का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि हॉटस्पॉट क्षेत्रों में वॉटर स्प्रिंकलिंग, धूल नियंत्रण और सड़क सफाई के लिए अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। सभी विभाग एकजुट होकर समन्वित प्रयास कर रहे हैं। दिल्ली सरकार ने प्रदूषण नियंत्रण के लिए सख्त एक्शन प्लान बनाए हैं। प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए अतिरिक्त टीमों की तैनाती की गई है। प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों एवं इंडस्ट्रीज पर सख्त कार्रवाई होगी। कूड़ा जलाने पर कड़ी निगरानी एवं जुर्माना लगेगा। हॉटस्पॉट क्षेत्रों पर लगातार वॉटर स्प्रिंकलिंग और प्रदूषण नियंत्रण के लिए पड़ोसी राज्यों के साथ साझा प्रयास जरूरी है। बता दें कि एक दिन पहले राजधानी में प्रदूषण की स्थिति को लेकर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को दिल्ली सचिवालय में एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई थी। बैठक में मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों से प्रदूषण को कंट्रोल करने के लिए लगातार चल रहे उपायों पर बातचीत की और कहा कि अब अन्य उपाय भी किए जाने जरूरी हैं ताकि प्रदूषण नियंत्रण में तो आए ही, साथ ही उसमें बढ़ोतरी भी न हो सके। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अधिकारियों को कई निर्देश जारी किए और कहा कि इन्हें तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए। मुख्यमंत्री ने अफसरों को सख्त चेतावनी दी है कि प्रदूषण नियंत्रण को लेकर किसी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अगर कहीं भी लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि दिल्ली को प्रदूषण से बचाना हमारी प्राथमिकता है और इसके लिए लगातार गंभीर व प्रभावी उपाय किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदूषण फैलाने वाली औद्योगिक इकाइयों और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों के लिए कई टीमों का गठन कर दिया गया है। इसके अलावा प्रदूषण के ‘हॉट स्पॉट’ को सामान्य बनाने के लिए लगातार अभियान चल रहा है।