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पीएम नरेंद्र मोदी करेंगे दिल्ली BJP मुख्यालय का लोकार्पण, जानें खास बातें

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सोमवार को दीनदयाल उपाध्याय मार्ग पर स्थित दिल्ली प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नवनिर्मित मुख्यालय का उद्घाटन करेंगे। यह कार्यालय पार्टी के राष्ट्रीय कार्यालय के बिल्कुल करीब स्थित है। दिल्ली भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने रविवार को संवाददाताओं को संबोधित करते हुए बताया कि श्री मोदी नवरात्र सप्तमी के शुभ दिन, सोमवार को इस नए कार्यालय का उद्घाटन करेंगे। अब तक पार्टी का प्रदेश कार्यालय 14, पंत मार्ग से संचालित होता था, जो सोमवार से आधिकारिक तौर पर दीनदयाल उपाध्याय मार्ग पर स्थानांतरित हो जाएगा। उद्घाटन समारोह और उपस्थिति कार्यालय उद्घाटन के इस अवसर पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, अनेक केंद्रीय मंत्री, दिल्ली सरकार के मंत्री, राष्ट्रीय पदाधिकारी और दिल्ली के सभी सांसद, विधायक और पार्षद उपस्थित रहेंगे। इस नए कार्यालय की नींव पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने 9 जून 2023 को रखी थी। लगभग दो वर्ष में बनकर तैयार हुआ यह भवन अब दिल्ली भाजपा के कामकाज का नया केंद्र बनेगा। पार्टी ने लगभग 35 वर्षों तक अपनी राजनीतिक गतिविधियों को 14, पंत मार्ग स्थित कार्यालय से संचालित किया था। इससे पहले दिल्ली में पार्टी का पहला प्रादेशिक कार्यालय अजमेरी गेट हुआ करता था, जो बाद में रकाबगंज रोड और फिर पंत मार्ग पर लाया गया था। सांगठनिक विस्तार और नया पता भाजपा देश भर में अपने सांगठनिक जिलों के कार्यालयों का निर्माण करा रही है। इसके तहत, मजबूत राज्यों—जैसे मध्य प्रदेश, गुजरात, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, महाराष्ट्र और अन्य राज्यों—के हर जिले में आधुनिक पार्टी कार्यालय बनाए जा रहे हैं। देश की राजधानी दिल्ली में भी पार्टी के सभी 14 सांगठनिक जिलों के कार्यालय बनाए जा चुके हैं। कार्यालय एक संस्कारशाला: वीरेन्द्र सचदेवा दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने रविवार को कहा कि उनकी पार्टी का कार्यालय केवल एक भवन नहीं होता है, बल्कि यह एक संस्कारशाला है। उन्होंने कहा कि यह वह स्थान है, जहाँ भाजपा के कार्यकर्ता अपने बड़े नेताओं से जनता की सेवा और राष्ट्र निर्माण के गुण सीखते हैं। उन्होंने इस नए मुख्यालय को एक राजनीतिक कार्यकर्ता के चरित्र निर्माण की पाठशाला बताया, जहाँ 'राष्ट्र प्रथम, पार्टी दूसरे नंबर पर और स्वयं को सबसे नीचे' रखने की प्रेरणा मिलती है। सचदेवा ने आशा व्यक्त की कि पार्टी का यह नया प्रदेश कार्यालय दिल्ली की जनता की सेवा करने में एक ऐतिहासिक भूमिका निभाएगा।  

फिर सहमी दिल्ली! एयरपोर्ट और कई स्कूलों को भेजी गई बम धमाके की चेतावनी

नई दिल्ली  देश की राजधानी दिल्ली एक बार फिर बम धमाके की धमकी से सहम गई। रविवार को दिल्ली एयरपोर्ट, स्कूलों और कई संस्थानों को ईमेल के जरिये बम रखने की धमकी दी गई। इस धमकी भरे मेल के बाद सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया और तत्काल जांच शुरू कर दी गई। जैसे ही एयरपोर्ट और अन्य संस्थानों को मेल प्राप्त हुआ, सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। बम निरोधक दस्ते (बीडीएस) और डॉग स्क्वॉड को मौके पर भेजा गया। एयरपोर्ट पर यात्रियों की आवाजाही पर नजर रखी गई। स्कूलों व संस्थानों से बच्चों और स्टाफ को सुरक्षित बाहर निकाला गया। हालांकि, अब तक की जांच में सुरक्षा एजेंसियों को कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है। दिल्ली पुलिस को अब तक की जांच में कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि मेल कहां से भेजा गया है। बता दें कि पिछले कुछ महीनों में दिल्ली में इस तरह के बम धमाके की झूठी धमकियों के कई मामले सामने आ चुके हैं। इससे पहले, 20 सितंबर को दिल्ली के कई स्कूलों को फिर से बम से उड़ाने की धमकी दी गई। धमकी मिलने वाले स्कूलों में नजफगढ़ का कृष्णा मॉडल पब्लिक स्कूल, कुतुब मीनार स्थित सर्वोदय सीनियर सेकेंडरी स्कूल, और द्वारका का डीपीएस स्कूल शामिल थे। धमकी मिलने के तुरंत बाद दिल्ली पुलिस और बम निरोधक दस्ते ने सभी स्कूलों को खाली कराया और परिसरों में गहन तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान किसी भी स्कूल से कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई। इसी तरह, 13 सितंबर को दिल्ली के शालीमार बाग, द्वारका और साकेत स्थित मैक्स के तीन अस्पतालों को बम से उड़ाने की धमकी मिली। मैक्स हॉस्पिटल के सेंटर ऑफिस को मिले ईमेल में स्पष्ट धमकी दी गई थी कि अस्पताल को बम से उड़ा दिया जाएगा। हालांकि, यह भी अफवाह मात्र साबित हुई। इससे एक दिन पहले दिल्ली हाईकोर्ट को धमकी भरा एक ईमेल मिला। दिल्ली पुलिस को स्पष्ट रूप से संबोधित करते हुए लिखे गए ईमेल में कहा गया, “उदाहरण के तौर पर शुक्रवार को आपके दिल्ली हाईकोर्ट में धमाका पिछले झांसों का संदेह दूर कर देगा। दोपहर के तुरंत बाद जज चैंबर में धमाका होगा।”  

दिल्ली में गैंगस्टर नेटवर्क पर पुलिस का शिकंजा, काला जठेड़ी गिरोह के 6 गुर्गे हथियारों संग गिरफ्तार

नई दिल्ली दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए कुख्यात काला जठेड़ी गिरोह के अवैध हथियार नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। टीम ने गिरोह के मुख्य हथियार सप्लायर समेत कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से 6 अत्याधुनिक पिस्टल और 13 कारतूस बरामद किये गए हैं। क्राइम ब्रांच के डीसीपी हर्ष इंदौरा ने बताया कि यह गिरफ्तारी अवैध हथियारों के धंधे में शामिल अपराधियों के खिलाफ चल रहे अभियान का हिस्सा है। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच टीम की इस कार्रवाई से बड़े गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में सबसे पहले सहदेव उर्फ देव को हिरासत में लिया गया था। पूछताछ के दौरान सहदेव ने खुलासा किया कि वह उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ से अवैध हथियार लाकर काला जठेड़ी गिरोह के विभिन्न सक्रिय सदस्यों को उनकी मांग पर सप्लाई करता था। सहदेव की निशानदेही पर ही पुलिस ने गिरोह के अपराधी साहिल को दिल्ली में गिरफ्तार किया। हर्ष इंदौरा ने बताया कि साहिल की निशानदेही पर पुलिस ने अत्याधुनिक पिस्टल और कारतूस बरामद किए, जिससे उसकी अवैध हथियारों के धंधे में शामिल होने की बात सामने आई है। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि गिरोह का सक्रिय सदस्य रोहित उर्फ बच्ची अपने साथियों के साथ नोएडा होते हुए दिल्ली आ रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस ने घेराबंदी कर नोएडा-दिल्ली सीमा के पास उनकी कार को रोककर रोहित और उसके तीन अन्य साथियों को गिरफ्तार कर लिया। इनकी गिरफ्तारी के बाद, उनके कब्जे से भी अत्याधुनिक पिस्टल और कारतूस बरामद किए गए। पुलिस ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ जारी है, जल्द ही नए खुलासे हो सकते हैं। जांच में ये बात सामने आई है कि गिरोह के विभिन्न सदस्यों को उनकी मांग पर हथियारों की सप्लाई होती थी। ये लोग अब तक किस-किस को हथियार की सप्लाई करते थे, इसकी भी जांच कराई जाएगी। जो भी दोषी पाए जाएंगे उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।  

दिल्लीवासियों के लिए बड़ी सौगात: यमुनापार से हर कोने तक दौड़ेंगी 300 देवी बसें

नई दिल्ली दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रविवार को यमुनापार के लोगों को 300 नई देवी (दिल्ली इलेक्ट्रिक व्हीकल इंटरकनेक्टर) बसों की सौगात दे दी। उन्होंने कहा कि लोगों की समस्या दूर करने के लिए पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर नए रूट तय किए गए हैं। नई बसों के चलने के बाद अब डीटीसी के बेड़े में कुल 974 देवी बसें हो गई हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पत्रकारों से बात करते हुए बताया कि कई इलाकों में बसें होने के बावजूद कनेक्टिविटी कमजोर थी। यात्रा करने में लंबा समय लगता था और भीड़ भी ज्यादा रहती थी। इसी चुनौती को दूर करने के लिए आईआईटी दिल्ली के सहयोग से वैज्ञानिक अध्ययन किया गया। इसके बाद ही पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर ये नए रूट बनाए गए। ये नई देवी बसें यमुनापार को राजधानी के हर कोने से जोड़ेंगी।” मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारा संकल्प है कि हर दिल्लीवासी को बराबर की सुविधा और सम्मान मिले। किसी को कोई परेशानी न हो। केंद्र और राज्य सरकार हमेशा जनता के साथ खड़ी है। पिछली सरकार पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने निशाना साधते हुए कहा, “यमुना पार्क, ट्रांस यमुना, यहां तक कि जो ट्रांस यमुना डेवलपमेंट बोर्ड था, उसे भी पिछली सरकार के कार्यकाल में बंद कर दिया गया था, जिससे लोगों को परेशानी हो रही थी। आज हमने यमुना पार को 300 इलेक्ट्रिक बसें दी हैं। इसके साथ ही, हमने आईआईटी दिल्ली के साथ पूरे रूट को भी बदल दिया है।” उन्होंने कहा कि इन देवी बसों में कैमरे और पैनिक बटन लगाए गए हैं। यात्रियों की सुविधा को देखते हुए इसे तैयार किया गया है। खास बात यह है कि हम लोगों ने इसमें पेमेंट का मोड भी ऑटोमेटिक कर दिया है जिससे किसी को कोई परेशानी न हो और वे आराम से यात्रा कर सकें। पटपड़गंज के पूर्व विधायक मनीष सिसोदिया पर भी हमला बोलते हुए रेखा गुप्ता ने कहा, “शिक्षा की बात करने वाले ने शिक्षा पर कोई काम नहीं किया। आज भी दिल्ली में टीन शेड के अंदर पढ़ाई हो रही है। जहां तक जलभराव की बात है, तो उनके लोग रील बनाने के लिए स्विमिंग करते हैं। मैं उनको यह बता दूं कि अगले साल उन्हें यह मौका नहीं मिलेगा।” मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि लोगों की जरूरत को ध्यान में रखते हुए यह बस सेवा शुरू की गई है। यमुनापार में हर उस जगह बस पहुंचाई जाएगी जहां लोगों को जरूरत है।  

छात्र की हत्या से हिल गई दिल्ली: मंगोलपुरी में सात नाबालिग आरोपी हिरासत में

नई दिल्ली दिल्ली के मंगोलपुरी इलाके में अन्य नाबालिगों के साथ हुई झड़प में एक नाबालिग की मौत के बाद दिल्ली पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में 7 छात्रों को हिरासत में भी लिया गया है। जानकारी सामने आई कि स्कूल से छुट्टी होने के बाद स्कूली छात्रों के बीच झड़प हुई थी। कुछ छात्रों ने मिलकर एक छात्र को बुरी तरह से पीटा था। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। बाद में छात्र को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक और आरोपी, दोनों अलग-अलग स्कूलों में पढ़ाई करते थे। इस मामले में पुलिस अधिकारियों ने कहा कि छात्र का शुक्रवार सुबह आरोपी से झगड़ा हुआ था। बाद में आरोपी ने कुछ लड़कों के साथ मिलकर उसकी पिटाई की थी। बाहरी दिल्ली के डीसीपी ने पुष्टि की है कि मामले में 7 नाबालिगों को हिरासत में लिया गया है। इस बीच, एक अन्य मामले में दिल्ली पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उन्होंने कथित तौर पर ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी के साथ मारपीट की थी। दिल्ली पुलिस के अनुसार, तिमारपुर थाना क्षेत्र में आरोपी स्कूटी पर जा रहे थे। उन्होंने यातायात नियमों का उल्लंघन किया। इस पर ट्रैफिक पुलिस के एसआई सूरज पाल रुकने का इशारा किया, लेकिन वे आरोपी सिग्नेचर ब्रिज की ओर भाग निकले। इसके बाद, पीछा करके एक पुलिसकर्मी ने उन्हें रोक लिया। आरोप है कि अपराधियों ने मिलकर अकेले पुलिसकर्मी के साथ मारपीट की। मामले में तुरंत एक्शन लेते हुए सीसीटीवी की मदद से पुलिस ने 4 आरोपियों की पहचान की। बाद में इन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। फिलहाल, पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है।  

स्पेशल टीम ने तोड़ा गैंगस्टर का राज: रूबल सरकार अब कानून के शिकंजे में

नई दिल्ली दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने हाशिम बाबा गैंग से जुड़े रूबल सरदार को गिरफ्तार किया। उसे पंजाब के अमृतसर एयरपोर्ट से पकड़ा गया। दिल्ली पुलिस को हाशिम गैंग के गैंगस्टर रूबल सरदार की तलाश थी। इस बीच दिल्ली पुलिस को जानकारी मिली कि वह अमृतसर एयरपोर्ट से कहीं जाने की तैयारी कर रहा है। सूचना के आधार पर दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम अमृतसर एयरपोर्ट पहुंची, जहां से आरोपी रूबल सरदार को गिरफ्तार किया गया। पहले ही उसके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर नोटिस जारी किया गया था। इससे पहले दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने हाशिम बाबा गैंग के सक्रिय सदस्य और शूटर असद अमीन (23) को गिरफ्तार किया था। जाफराबाद निवासी आरोपी पर गोकलपुरी थाना क्षेत्र में हत्या की कोशिश का केस दर्ज है और लंबे समय से उसकी तलाश थी। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक सेमी ऑटोमैटिक पिस्टल और तीन कारतूस बरामद किए थे। एसआई नवीन कुमार को 26 अगस्त को सूचना मिली थी कि एक संदिग्ध व्यक्ति बाराखंबा रोड मेट्रो स्टेशन के पास आने वाला है। इसके बाद इंस्पेक्टर गौरव चौधरी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने जाल बिछाया और संदिग्ध को रोक लिया। तलाशी लेने पर उसके पास से पिस्टल और कारतूस मिले। पुलिस ने आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी असद अमीन ने खुद को हाशिम बाबा गैंग का सक्रिय सदस्य बताया। उसने गोकलपुरी थाने में दर्ज हत्या के प्रयास के मामले में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। गिरफ्तार आरोपी 10वीं की पढ़ाई के बाद जूते-चप्पल बनाने का काम करता था, लेकिन ऐशोआराम की जिंदगी जीने के लिए अपराध की दुनिया में कदम रख दिया। अपने करीबी साथी अनस के जरिए वह हाशिम बाबा गैंग से जुड़ गया। आरोपी पर पहले से भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।  

सोनम वांगचुक को रिहा करने की मांग को लेकर आप का जोरदार कदम

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी (आप) ने शिक्षाविद् सोनम वांगचुक गिरफ्तारी को गलत करार देते हुए उनकी तत्काल रिहाई की माँग की है। आप के वरिष्ठ नेता दुर्गेश पाठक ने शनिवार को कहा कि पिछले दो-तीन दिनों में पूरे देश के अंदर हुए घटनाक्रम बहुत डरावने है और हमारे लोकतंत्र को कमजोर करने वाले हैं। यह घटना मोदी सरकार के तानाशाही चरित्र को दिखाता है। कई वर्षों से लद्दाख को केंद्र शासित राज्य से पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर आंदोलन चल रहा है। इस पूरे आंदोलन का नेतृत्व जाने-माने पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक कर रहे थे।  सोनम वांगचुक को एशिया का नोबल पुरस्कार कहे जाने वाले रमन मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। आठ से अधिक यूनिवर्सिटी ने उनको डॉक्टरेट की उपाधि दी है। खुद मोदी सरकार ने उनको कई सारे अवार्ड देकर सम्मानित किया है। इनके बावजूद श्री वांगचुक के ऊपर एनएसए लगाकर गिरफ्तार कर लिया गया। सरकार ने आरोप लगाया कि सोनम वांगचुक देशद्रोही और भारत के खिलाफ काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले कई सालों से पूरे देश के अंदर देखा जा रहा है कि जो भी व्यक्ति भाजपा या मोदी सरकार के खिलाफ बोलता है, तो उस व्यक्ति को किसी एक्ट में फंसाकर उसे जेल भेज देती है। इसके जरिए भाजपा दिखाना चाहती है कि कोई भी व्यक्ति मोदी सरकार की आलोचना नहीं कर सकता है और ना तो मोदी सरकार के खिलाफ बोल सकता है। भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने का वादा किया था। लद्दाख के लोग मोदी सरकार से अपना वादा पूरा करने की ही मांग कर रहे हैं। श्री पाठक ने कहा कि आम आदमी पार्टी भारत से प्यार करने वाले, भारतीय लोकतंत्र के मूल्यों से प्यार करने वाले हर भारतीय को सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी का विरोध करने की अपील करती है। मोदी सरकार की यह कार्रवाई भारतीय लोकतंत्र के खिलाफ है। मोदी सरकार की इस करतूत को देखकर आज हमारे संविधान निर्माता बाबा साहब डॉ. अंबेडकर, पंडित जवाहर लाल नेहरू, सरदार बल्लभ भाई पटेल शर्मिंदा होंगे। उन्होंने कहा कि केंद्र की सत्ता में बैठी मोदी सरकार विपक्ष की आवाज को खत्म करने के लिए किसी भी हद तक जा रही है। आम आदमी पार्टी सोनम वांगचुक को तत्काल रिहा करने और उन पर लगा एनएसए हटाने की मांग करती है। सरकार लद्दाख के लोगों की मांगों को सुने और उसे पूरा करे।  

गगनप्रीत कौर को बड़ी राहत! BMW हादसे में अब कोर्ट ने सुनाई जमानत

नई दिल्ली दिल्ली के धौला कुआं के पास हुए बीएमडब्ल्यू हादसे की आरोपी गगनप्रीत कौर को बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने गगनप्रीत को जमानत दे दी है। 14 सितंबर को हुए इस हादसे में वित्त मंत्रालय के एक अधिकारी नवजोत सिंह की दर्दनाक मौत हो गई थी। जबकि उनकी पत्नी संदीप गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। पत्नी ने आरोप लगाया था कि गाड़ी में मौजूद आरोपी पति-पत्नी उन्हें पास के किसी अस्पताल ना ले जाकर 19 किलोमीटर दूर एक छोटे से अस्पताल ले गए जिससे उनके पति को समय पर इलाज नहीं मिल पाया और उनकी मौत हो गई। उन्होंने दावा किया था कि वह बार-बार उनसे गुहार लगाती रहीं कि मेरे पति को तुरंत इलाज की जरूरत हैं, प्लीज किसी पास के अस्पताल में ले चलिए लेकिन उन दोनों ने एक नहीं मानी। आदेश सुनाने से पहले कोर्ट ने कहा कि कुछ ही सेकंड में एक एम्बुलेंस वहां पहुंच गई थी और 30 सेकंड तक वहीं रही। लेकिन घायलों को अस्पताल नहीं ले जाया गया। जबकि उन्हें कोई इमरजेंसी भी नहीं थी और वे वह पास के आर्मी बेस अस्पताल जा रहे थे। इस एम्बुलेंस का क्या किया जाना चाहिए? अदालत ने पुलिस से पूछा, क्या वे लापरवाही से हुई मौत के आरोपी नहीं हैं? अदालत ने कहा कि पैरामेडिक के साथ एम्बुलेंस घायलों को अस्पताल ले जाने के लिए बाध्य थी। अदालत ने कहा कि पैरामेडिक ने आसपास खड़े लोगों से पूछा कि क्या किसी को मदद चाहिए। वहां एक एंबुलेंस बिल्कुल तैयार थी जो 30 सेकंड के भीतर वहां से चली गई। क्या यह इलाज में लापरवाही नहीं है? इन शर्तों के साथ दी गई जमानत दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने उन्हें एक लाख रुपए के मुचलके और इतनी ही राशि की दो जमानत पर बेल दी है। कोर्ट ने गगनप्रीत कौर को अपना पासपोर्ट जमा करने का भी निर्देश दिया है।  

सुप्रीम कोर्ट का दिवाली से पहले अहम फैसला, दिल्ली-NCR में चल सकेंगे ग्रीन पटाखे

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने दिवाली से पहले पटाखों को लेकर शुक्रवार को बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने दिल्ली-एनसीआर में उन निर्माताओं को ग्रीन पटाखे बनाने की इजाजत दे दी, जिनके पास नेशनल एनवायरनमेंटल इंजीनियरिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (NEERI) और पेट्रोलियम एंड एक्सप्लोसिव्स सेफ्टी ऑर्गनाइजेशन (PESO) से प्रमाणित सर्टिफिकेट हैं। हालांकि, कोर्ट ने यह शर्त रखी है कि ये निर्माता दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में अगले आदेश तक किसी भी प्रकार के पटाखों की बिक्री नहीं कर सकेंगे। निर्माताओं को यह सुनिश्चित करने के लिए हलफनामा देना होगा कि वे दिल्ली-एनसीआर में पटाखों की बिक्री नहीं करेंगे। यह फैसला वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के मकसद से लिया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि वह हितधारकों के साथ मिलकर दिल्ली-एनसीआर में पटाखों की बिक्री और भंडारण पर प्रतिबंध से संबंधित समाधान तैयार करे और इसे 8 अक्टूबर तक कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत करे। इससे पहले, एससी ने दिल्ली-एनसीआर में पटाखों पर प्रतिबंध को चुनिंदा तरीके से लागू करने पर सवाल उठाया था। इसने कहा था कि अगर स्वच्छ हवा राष्ट्रीय राजधानी के कुलीन निवासियों का अधिकार है, तो यह पूरे देश के नागरिकों को भी मिलना चाहिए। चीफ जस्टिस बीआर गवई और जज विनोद चंद्रन की पीठ राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में पटाखों के विनियमन से संबंधित याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। कोर्ट का तर्क और संतुलन सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि बिहार में खनन पर प्रतिबंध लगाने से अवैध माफिया पैदा हो गए। ऐसे में दिल्ली-NCR में भी पटाखों पर पूर्ण पाबंदी से अवैध बाजार बढ़ रहा है। कोर्ट का कहना है कि इस मसले पर संतुलित दृष्टिकोण अपनाना जरूरी है। बिक्री पर अभी भी संशय हालांकि राहत सिर्फ निर्माण तक सीमित है। कोर्ट ने अभी साफ नहीं किया है कि दिल्ली-NCR में पटाखों की बिक्री और दागने की इजाजत होगी या नहीं। इस पर अंतिम फैसला 8 अक्टूबर की सुनवाई में हो सकता है। केंद्र सरकार को आदेश सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि सभी हितधारकों के साथ मिलकर पटाखों पर प्रतिबंध लागू करने की स्पष्ट नीति बनाई जाए। कोर्ट ने माना कि अब तक दिल्ली-NCR में पूरी तरह बैन लागू नहीं हो सका है। अब सभी की निगाहें 8 अक्टूबर पर दिल्ली-NCR की जनता में उत्सुकता है कि क्या दिवाली पर सालों बाद पटाखों की आवाज गूंजेगी। अब देखना होगा कि 8 अक्टूबर की सुनवाई में कोर्ट बिक्री और आतिशबाज़ी पर क्या फैसला सुनाता है। इससे कई सवाल खड़े हुए हैं कि क्या यह कदम प्रदूषण संकट को और बढ़ाएगा या फिर “ग्रीन पटाखे” सच में समाधान साबित होंगे। पटाखा बनाने वालों को देना होगा लिखित वचन बता दें कि पटाखा निर्माताओं को यह भी लिखित वचन देना होगा कि वे दिल्ली-एनसीआर में कोई पटाखा नहीं बेचेंगे। यह आदेश इसलिए दिया गया है क्योंकि इस क्षेत्र में दिवाली के समय प्रदूषण का स्तर बहुत बढ़ जाता है। इस मामले पर अगली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट यह तय करेगा कि आगे बिक्री पर क्या कदम उठाए जाएं। पूरे देश में नहीं लगा सकते रोक- बीआर गवई  बता दें कि, मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई की अध्यक्षता वाली बेंच ने यह फैसला सुनाया। कोर्ट ने साफ कहा कि वह पूरे देश में पटाखों की बिक्री और निर्माण पर पूरी तरह से रोक नहीं लगा सकता, क्योंकि केंद्र सरकार ने इस बारे में कोई राष्ट्रीय स्तर का प्रतिबंध प्रस्तावित नहीं किया है। राजधानी में 494 तक पहुंच गया था एक्यूआई शीर्ष अदालत का यह कदम दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए उठाया गया है। नवंबर 2024 में राजधानी का औसत एक्यूआई 494 तक पहुंच गया था, जिससे शहर घने स्मॉग की चादर में लिपट गया था और लोगों का सांस लेना मुश्किल हो गया था। सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला दिवाली से ठीक पहले आया है, जब पटाखों की बिक्री और जलाने से प्रदूषण का स्तर और ज्यादा बढ़ सकता था। अब दिल्ली-एनसीआर में पटाखों की बिक्री पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगी।  क्या NCR के शहर ही साफ हवा के हकदार? चीफ जस्टिस ने कहा, ‘अगर एनसीआर के शहर स्वच्छ हवा के हकदार हैं, तो दूसरे शहरों के लोग क्यों नहीं? जो भी नीति होनी चाहिए, वह अखिल भारतीय स्तर पर होनी चाहिए। हम केवल इसलिए दिल्ली के लिए नीति नहीं बना सकते कि वे देश के कुलीन नागरिक हैं।’ उन्होंने कहा, ‘मैं पिछली सर्दियों में अमृतसर में था और वहां प्रदूषण दिल्ली से भी बदतर था। अगर पटाखों पर प्रतिबंध लगाना है, तो उन्हें पूरे देश में प्रतिबंधित किया जाना चाहिए।’ सीनियर वकील अपराजिता सिंह ने कहा कि कुलीन वर्ग अपना ख्याल खुद रखता है। प्रदूषण होने पर वे दिल्ली से बाहर चले जाते हैं। पीठ ने केंद्र की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी से वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग से इस मुद्दे पर विस्तृत रिपोर्ट प्राप्त करने को कहा।

NHAI का बड़ा कदम: दिल्ली की सड़कों पर मिलेगी स्मूद ड्राइविंग, UER-II का विस्तार शुरू

 नई दिल्ली दिल्ली-NCR में बढ़ते ट्रैफिक जाम की समस्या को कम करने के लिए NHAI एक नया मार्ग विकसित कर रहा है। यह प्रोजेक्ट UER-II का 17 किलोमीटर लंबा विस्तार होगा, जो अलीपुर से शुरू होकर NH-709B (दिल्ली-सहारनपुर-देहरादून एक्सप्रेसवे) पर ट्रोनिका सिटी तक जाएगा। दिल्ली की रिंग रोड, NH-44, NH-48 और बरापुल्ला एलिवेटेड कॉरिडोर पर दबाव कम होगा। हरियाणा और राजस्थान से देहरादून की ओर जाने वाले ट्रैफिक के लिए तेज और सुगम रास्ता मिलेगा। राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में सड़कों की जाम समस्या में राहत मिलेगी। कितना बड़ा है ये प्रोजेक्ट? सितंबर को NHAI ने इस प्रोजेक्ट के लिए कंसल्टेंसी सर्विसेज के लिए बोली मंगाई। इसमें 5 महीने में फिजिबिलिटी स्टडी और डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार की जाएगी। इस स्टडी का खर्च 2.32 करोड़ रुपये होगा। अनुमान है कि इस 17 किलोमीटर लंबे हाईवे को बनाने में 3350 करोड़ रुपये से ज्यादा की लागत आएगी। यह प्रोजेक्ट न केवल भव्य है, बल्कि दिल्ली-एनसीआर की ट्रैफिक समस्या का स्थायी समाधान भी साबित हो सकता है। क्या-क्या होगा खास? NHAI की योजना में इस हाईवे को बनाने से पहले हर छोटी-बड़ी बात का ध्यान रखा जाएगा। पहले चरण में ट्रैफिक एनालिसिस, रास्ते के विकल्प और इलाके की टोपोग्राफी तय की जाएगी। लेन कॉन्फिगरेशन और बिजली-पानी की लाइनों, जंगल की मंजूरी जैसी पहलुओं पर भी निगरानी होगी। प्रोजेक्ट का सामाजिक-आर्थिक प्रभाव भी जांचा जाएगा, ताकि स्थानीय लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो। दूसरे चरण में कॉरिडोर का स्ट्रक्चरल डिजाइन, मिट्टी और पानी की जांच, चौराहों का डिजाइन, ड्रेनेज प्लान, ट्रैफिक साइनेज, लागत अनुमान और टोल स्कीम का निर्धारण इस हाईवे का निर्माण न केवल मजबूत होगा, बल्कि यह स्मार्ट और पर्यावरण के अनुकूल भी होगा। आवारा पशुओं का भी ध्यान राष्ट्रीय उच्च मार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने हाईवे पर आवारा पशुओं की समस्या का स्थायी समाधान निकालते हुए सुरक्षित पशु आश्रय बनाने की योजना शुरू की है। योजना के तहत हाईवे के आसपास ऐसे स्थान विकसित किए जाएंगे, जहां पशुओं के लिए चारा भंडारण, खाने की जगह और केयरटेकर्स के लिए बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। एनएचएआई का कहना है कि इस कदम से न केवल सड़क हादसों में कमी आएगी, बल्कि पशुओं की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी। आवारा पशु अक्सर हाईवे पर दुर्घटनाओं का कारण बनते हैं, और इस पहल से उनकी सुरक्षा के साथ-साथ यात्रियों की सुरक्षा भी बढ़ेगी। स्थानीय विरोध और चुनौतियां इस प्रोजेक्ट को लेकर उत्तरी दिल्ली के कुछ गांवों में विरोध भी हो रहा है। मुंडका-बक्करवाला खंड पर टोल प्लाजा को लेकर स्थानीय लोग नाराज हैं। एनएचएआई को इन मुद्दों को सुलझाने के लिए कदम उठाने होंगे, ताकि प्रोजेक्ट सुचारू रूप से आगे बढ़ सके। एनएचएआई के मुताबिक, इस विस्तार के पूरा होने के बाद UER-II दिल्ली के उत्तर, पश्चिम, दक्षिण और दक्षिण-पश्चिम हिस्सों के साथ-साथ गुरुग्राम तक जाने वाले ट्रैफिक के लिए एक अहम बायपास बन जाएगा। यह द्वारका एक्सप्रेसवे के साथ मिलकर दिल्ली की रिंग रोड को बायपास करेगा। भविष्य में UER-II का दूसरा 65 किलोमीटर लंबा पूर्वी विस्तार ट्रोनिका सिटी से गाजियाबाद होते हुए नोएडा तक जाएगा।