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CM मान आज लुधियाना से करेंगे ‘सूरमा’ अभियान का आगाज, नशामुक्ति की मिसाल बने 6 युवाओं का होगा सम्मान

लुधियाना पंजाब को नशामुक्त बनाने और युवाओं को नशे की दलदल से बाहर निकालने की दिशा में राज्य सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। मुख्यमंत्री भगवंत मान शनिवार को लुधियाना में नशा विरोधी अभियान के तहत ‘सूरमा’ मुहिम की शुरुआत करेंगे।  नशे जैसी गंभीर समस्या को हराना किसी जंग जीतने से कम नहीं माना जा रहा है। इसी के तहत पंजाब सरकार ने उन युवाओं को ‘सूरमा’ (योद्धा) का नाम दिया है, जिन्होंने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति से नशे को मात दी है। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण भी ऐसे ही युवा होंगे। 6 युवाओं का होगा विशेष सम्मान इस मुहिम के तहत मुख्यमंत्री भगवंत मान आज ऐसे 6 युवाओं को मंच पर विशेष रूप से सम्मानित करेंगे, जो कभी नशे की गिरफ्त में थे, लेकिन अब पूरी तरह नशा छोड़ चुके हैं। ये सभी युवा अब समाज की मुख्यधारा से जुड़कर विभिन्न कार्यों में लगे हुए हैं। कोई मेहनत-मजदूरी कर रहा है तो कोई छोटा-मोटा रोजगार चलाकर अपने परिवार का सम्मानपूर्वक पालन-पोषण कर रहा है। सरकार का उद्देश्य इन युवाओं को सम्मानित कर यह संदेश देना है कि नशे को छोड़कर एक बेहतर और सम्मानजनक जीवन की शुरुआत की जा सकती है। प्रशासन की तैयारियां मुकम्मल लुधियाना के गुरु नानक भवन में होने वाले इस बड़े आयोजन को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। कार्यक्रम को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। इसमें कई कैबिनेट मंत्री, विधायक और पुलिस-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। दूसरों के लिए बनेगी प्रेरणा इस मुहिम का मुख्य उद्देश्य राज्य के अन्य युवाओं को प्रेरित करना है। जो युवा अभी भी नशे के जाल में फंसे हैं, उन्हें यह संदेश देना है कि नशा छोड़ने पर सरकार और समाज दोनों उनके साथ खड़े हैं। यह सम्मान समारोह उन माता-पिता के लिए भी उम्मीद की किरण लेकर आया है, जिनके बच्चे इस बुरी लत का शिकार हैं। ‘सूरमा’ मुहिम पंजाब के युवाओं में नई ऊर्जा और सकारात्मक बदलाव लाने का काम करेगी।  

अमृतसर में आज जुटेंगे CM मान और केजरीवाल, हंसराज रघुवंशी करेंगे शिव महिमा का गुणगान; ट्रैफिक एडवाइजरी जारी

 अमृतसर मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल आज अमृतसर आएंगे। वे पाइटेक्स ग्राउंड, रंजीत एवेन्यू में आयोजित भगवान शिव के नाम एक शाम कार्यक्रम में शामिल होंगे। प्रसिद्ध भजन गायक हंसराज रघुवंशी भगवान शिव की महिमा का गुणगान करेंगे। कार्यक्रम का आयोजन सनातन सेवा समिति पंजाब तथा पंजाब सरकार के पर्यटन एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग द्वारा जिला प्रशासन के सहयोग से किया जा रहा है। कार्यक्रम शनिवार शाम 6:30 बजे शुरू होगा। संत-महापुरुषों, विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया गया है। आयोजन में प्रवेश सभी श्रद्धालुओं के लिए पूर्णतः निःशुल्क रहेगा। कार्यक्रम स्थल पर विशाल मंच और भव्य पंडाल का निर्माण किया जा रहा है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बैठने, पेयजल, पार्किंग, चिकित्सा एवं सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए हैं। शुक्रवार को कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण पर्यटन एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग के सलाहकार दीपक बाली, जिलाधीश दलविंदरजीत सिंह, पुलिस आयुक्त गुरप्रीत सिंह भुल्लर तथा सनातन सेवा समिति पंजाब के अध्यक्ष विजय शर्मा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने किया और तैयारियों की समीक्षा की।  मुख्यमंत्री मान और केजरीवाल करेंगे शिरकत राज्य स्तरीय इस कार्यक्रम में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल भी विशेष रूप से शामिल होंगे। दोनों नेता भगवान शिव के चरणों में मत्था टेककर प्रदेश की सुख-समृद्धि और शांति की कामना करेंगे। समय पर पहुंचने की अपील पंजाब सरकार के अनुसार, इस राज्य स्तरीय धार्मिक समागम का उद्देश्य समाज में आध्यात्मिक चेतना, सामाजिक सद्भाव और सांस्कृतिक मूल्यों को बढ़ावा देना है। आयोजन स्थल पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पार्किंग, पेयजल, चिकित्सा सहायता सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। आज शाम होने वाले इस समागम को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है। आयोजकों ने लोगों से समय पर कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। 4 पॉइंट्स में पढ़ें जारी ट्रैफिक एडवाइजरी:-     एडीसीपी ट्रैफिक अमनदीप कौर ने बताया कि हरतेज अस्पताल से गुमटाला रोड और टी-पॉइंट (इन-आउट बेकरी) से कार्यक्रम स्थल की ओर जाने वाले मार्ग पर विशेष ट्रैफिक प्रबंधन लागू रहेगा। आम लोगों से अपील की गई है कि अत्यंत आवश्यक कार्य न होने पर इन मार्गों का उपयोग करने से बचें।     रंजीत एवेन्यू जाने वाले वाहन चालक रतन सिंह चौक, एम.के. होटल रोड, बेस्ट वेस्टर्न रोड और सी-मार्केट टी-पॉइंट से होकर जाने वाले वैकल्पिक मार्ग का उपयोग करें। वहीं, शहर के बाहर से आने वाले लोगों को आईटीआई–आनंद पार्क मार्ग अपनाने की सलाह दी गई है।     कार्यक्रम स्थल और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है, जबकि प्रमुख चौराहों पर पुलिस कर्मी लगातार निगरानी रखेंगे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था भंग करने या किसी भी प्रकार की शरारती गतिविधि में शामिल पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त और तत्काल कार्रवाई की जाएगी।     ट्रैफिक पुलिस ने शहरवासियों और श्रद्धालुओं से ट्रैफिक एडवाइजरी का पालन करने, निर्धारित मार्गों का ही उपयोग करने तथा ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मियों का सहयोग करने की अपील की है। इससे धार्मिक समागम के शांतिपूर्ण संचालन के साथ लोगों को किसी प्रकार की अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। श्रद्धालुओं के लिए विशेष सुविधाएं सरकार की ओर से आयोजन स्थल पर पार्किंग, पेयजल, चिकित्सा सहायता और अन्य आवश्यक सुविधाओं का विशेष प्रबंध किया गया है। आयोजकों ने लोगों से समय पर कार्यक्रम स्थल पहुंचने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव कार्यक्रम के दौरान रंजीत एवेन्यू और आसपास के इलाकों में विशेष ट्रैफिक प्लान लागू रहेगा। ट्रैफिक पुलिस के अनुसार हरतेज अस्पताल से गुमटाला रोड तथा इन-आउट बेकरी टी-पॉइंट से कार्यक्रम स्थल की ओर जाने वाले मार्गों पर यातायात नियंत्रित किया जाएगा।

बठिंडा पुलिस में बड़ा फेरबदल, 7 SHO सहित 10 अधिकारियों का ट्रांसफर

बठिंडा. पंजाब के बठिंडा जिले में पुलिस व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से एसएसपी बठिंडा ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए सात थाना प्रभारियों (एसएचओ) सहित 10 पुलिस अधिकारियों के तबादले किए हैं। जारी आदेशों के अनुसार कई थाना प्रभारियों के साथ-साथ डीसीआर, चुनाव सेल और अन्य शाखाओं में भी नई तैनातियां की हैं। आदेशों के अनुसार इंस्पेक्टर दलजीत सिंह को चुनाव सेल से स्थानांतरित कर थाना कैनाल कालोनी का एसएचओ नियुक्त किया गया है। थाना कैनाल कालोनी के एसएचओ हरजोत सिंह को थाना थर्मल का प्रभारी बनाया गया है। वहीं, डीसीआर प्रभारी दलजीत सिंह को थाना सदर रामपुरा का एसएचओ नियुक्त किया गया है। इंस्पेक्टर जगदीप सिंह को थाना सदर रामपुरा से थाना संगत मंडी भेजा गया है, जबकि इंस्पेक्टर सुखविंदर सिंह को थाना संगत से डीसीआर प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इंस्पेक्टर जसविंदर सिंह को थाना नथाना से एंटी लिकर एंड एंटी नारकोटिक्स सेल में तैनात किया गया है, जबकि इंस्पेक्टर हरजीवन सिंह को थाना थर्मल से थाना नथाना का एसएचओ बनाया गया है। इसके अलावा सब-इंस्पेक्टर अमरीक सिंह को पुलिस लाइन से थाना तलवंडी साबो का एसएचओ तथा सब-इंस्पेक्टर दिलबाग सिंह को पुलिस लाइन से थाना रामा मंडी का एसएचओ नियुक्त किया गया है। पुलिस विभाग के अनुसार ये तबादले प्रशासनिक आधार पर किए गए हैं।

पंजाब में बच्चों के लिए बड़ा फैसला, जन्म से 3 साल तक तैयार होगा डिजिटल डेवलपमेंट रिपोर्ट कार्ड

चंडीगढ़. पंजाब सरकार ने जन्म से तीन वर्ष तक के बच्चों के समग्र विकास को सुनिश्चित करने के लिए राज्यभर में 'निक्के कदम बड़ा विकास' अभियान शुरू किया है। इस योजना के तहत अब प्रदेश के हर नवजात और तीन साल तक के बच्चे का विस्तृत विकास रिपोर्ट कार्ड तैयार किया जाएगा। इसमें बच्चे के शारीरिक विकास के साथ-साथ मानसिक विकास, पोषण स्तर और स्वास्थ्य संबंधी सभी पहलुओं की नियमित निगरानी की जाएगी। अभियान की शुरुआत शुक्रवार को चंडीगढ़ के होटल ललित में महिला एवं बाल विकास मंत्री डाॅ. बलजीत कौर ने की। डाॅ. बलजीत कौर ने बताया कि इस योजना के पहले चरण में प्रदेश के करीब डेढ़ लाख बच्चों को शामिल किया जाएगा। प्रत्येक बच्चे की विकास संबंधी जानकारी आंगनबाड़ी वर्कर नियमित रूप से दर्ज करेंगी। इसके लिए पहले सभी आंगनबाड़ी वर्करों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे बच्चों के विकास का वैज्ञानिक तरीके से आकलन कर सकें और किसी भी प्रकार की समस्या की समय रहते पहचान कर सकें। अभिभावकों के बनेंगे व्हाट्स एप ग्रुप उन्होंने कहा कि योजना के तहत प्रत्येक क्षेत्र में बच्चों के अभिभावकों के व्हाट्सएप ग्रुप भी बनाए जाएंगे। इन ग्रुपों के माध्यम से माता-पिता को बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और मानसिक विकास से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां उपलब्ध कराई जाएंगी। अभिभावक किसी भी समय अपने बच्चे की स्थिति के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकेंगे तथा आवश्यक सलाह भी ले सकेंगे। बच्चों की सेहत पर नजर रखना मुख्य उद्देश्य मंत्री ने बताया कि इस कार्यक्रम का सबसे बड़ा उद्देश्य बच्चों में कुपोषण, मानसिक विकास में देरी, व्यवहार संबंधी समस्याओं या अन्य स्वास्थ्य संबंधी विकारों की शुरुआती अवस्था में ही पहचान कर उनका समय पर उपचार सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि सर्वेक्षणों में यह भी सामने आया है कि विकास संबंधी समस्याएं केवल आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि संपन्न परिवारों के बच्चों में भी ऐसे मामले देखने को मिले हैं। इसलिए यह अभियान सभी वर्गों के बच्चों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। हर बच्चे तक योजना को पहुंचाना है लक्ष्य डाॅ. बलजीत कौर ने कहा कि सरकार का लक्ष्य पंजाब के हर गांव और शहर में जन्म लेने वाले प्रत्येक बच्चे तक इस योजना का लाभ पहुंचाना है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए आने वाले समय में 6,000 नई आंगनबाड़ी वर्करों की भर्ती की जाएगी। उन्होंने विश्वास जताया कि यह पहल बच्चों के बेहतर शारीरिक और मानसिक विकास के साथ-साथ स्वस्थ एवं सशक्त पंजाब के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

Punjab News: होशियारपुर में ड्रग तस्करी से जुड़ी अवैध संपत्ति ध्वस्त, आरोपी दंपती पर प्रशासन की कार्रवाई

होशियारपुर. होशियारपुर के सरहाला कलां गांव में पंचायत जमीन पर बने अवैध ढांचे को नशा विरोधी अभियान के तहत गिरा दिया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह ढांचा पंचायत की जमीन पर अवैध रूप से कब्जा करके बनाया गया था। जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों आरोपी नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस अधिनियम के तहत दर्ज कई मामलों में नामजद हैं। पुलिस के मुताबिक, दंपती पर कुल 14 मामले दर्ज हैं, जिनमें से कुछ मामलों में उन्हें दोषी भी ठहराया जा चुका है, जबकि कई मामले अभी अदालत में विचाराधीन हैं। फिलहाल दोनों आरोपी जेल में बंद हैं। सुरक्षा के लिए भारी पुलिस बल तैनात पुलिस ने दावा किया है कि यह संपत्ति नशा तस्करी से अर्जित धन के जरिए बनाई गई थी। इसी आधार पर प्रशासन ने अवैध निर्माण को हटाने की कार्रवाई की। कार्रवाई से पहले गांव में पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था, ताकि किसी भी प्रकार के विरोध या कानून व्यवस्था की स्थिति को नियंत्रित किया जा सके। जिला पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह कार्रवाई राज्य सरकार के “नशे के खिलाफ युद्ध” अभियान का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि नशा तस्करी से जुड़ी अवैध संपत्तियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और जहां भी ऐसे मामलों की पुष्टि होगी, वहां सख्त कार्रवाई की जाएगी। मई महीने में 95 मामले दर्ज जिले में नेशनल नारकोटिक्स कोऑर्डिनेशन पोर्टल (एनकॉर्ड) के तहत नशों के खिलाफ चल रही कार्रवाई की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में बताया गया कि मई माह में 95 मामले दर्ज कर 123 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने 878 ग्राम हेरोइन, 26 किलो से अधिक चूरा-पोस्त, एक हजार से अधिक नशीले कैप्सूल और 15,100 रुपये की ड्रग मनी बरामद की। अधिकारियों ने नशा मुक्ति केंद्रों में भर्ती, जागरूकता अभियान और संपत्ति जब्ती की कार्रवाई पर भी चर्चा की। बैठक में विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाकर अभियान को और तेज करने के निर्देश दिए गए।

Punjab News: तरनतारन में नकली नशा मुक्ति केंद्र पर छापा, फर्जी डॉक्टर बनकर मरीज किए गए भर्ती

तरनतारन. तरनतारन में पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त कार्रवाई में एक कथित अवैध नशा मुक्ति केंद्र का भंडाफोड़ किया गया है। आरोप है कि केंद्र संचालक खुद को डॉक्टर बताकर लोगों के साथ धोखाधड़ी कर रहे थे और नशा छुड़ाने के नाम पर उन्हें गैरकानूनी तरीके से केंद्र में बंधक बनाकर रखा गया था। छापेमारी के दौरान पुलिस ने सात लोगों को वहां से मुक्त कराया। मामले में दो लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है, जिनमें से एक आरोपित को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि दूसरे की तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। थाना सिटी तरनतारन के प्रभारी निरीक्षक परमजीत सिंह विरदी ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि शहर में एक नशा मुक्ति केंद्र बिना वैधानिक अनुमति के संचालित किया जा रहा है। सूचना के आधार पर स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ संयुक्त रूप से छापा मारा गया। जांच के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। डॉक्टर बता कर रहे थे उपचार पुलिस के अनुसार, अमृतसर निवासी सरबजीत सिंह और राणा प्रताप सिंह इस केंद्र का संचालन कर रहे थे। दोनों पर आरोप है कि वे स्वयं को डॉक्टर बताकर लोगों को उपचार का भरोसा देते थे। इसके बाद नशे की लत से जूझ रहे लोगों को केंद्र में रखकर उनका गैरकानूनी तरीके से इलाज किया जाता था। पुलिस का दावा है कि केंद्र में मौजूद लोगों को उनकी इच्छा के विरुद्ध बंधक बनाकर रखा गया था। छापेमारी के दौरान केंद्र से सात लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इन सभी को तत्काल गांव ठरू स्थित सरकारी नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां अब उनका चिकित्सकीय उपचार और देखभाल की जा रही है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच की शुरू पुलिस ने दोनों आरोपितों के खिलाफ धोखाधड़ी, गैरकानूनी तरीके से लोगों को बंधक बनाकर रखने और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। कार्रवाई के दौरान राणा प्रताप सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि दूसरे आरोपित सरबजीत सिंह की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। थाना प्रभारी परमजीत सिंह विरदी ने कहा कि मामले की गहन जांच की जा रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि केंद्र कितने समय से संचालित किया जा रहा था, यहां अब तक कितने लोगों का इलाज किया गया और क्या इसके लिए किसी प्रकार की वैधानिक अनुमति ली गई थी या नहीं।

मोदी कैबिनेट विस्तार में पंजाब को मिल सकती है बड़ी हिस्सेदारी, राघव चड्ढा, LPU चांसलर और चुघ रेस में

 चंडीगढ़  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल फेरबदल में पंजाब की लॉटरी लग सकती है। पंजाब में विधानसभा चुनाव बेहद निकट हैं। ये अगले साल की शुरुआत में प्रस्तावित हैं लेकिन इनके जल्दी भी होने की संभावनाएं जताई जा रही हैं। आम आदमी पार्टी शासित पंजाब से अभी केंद्रीय मंत्रिमंडल में सिर्फ रवनीत सिंह बिट्टू हैं। वे केंद्रीय राज्य मंत्री हैं। सियासी हलकों में चर्चा है कि मिशन पंजाब में जुटी बीजेपी राज्य को अधिक प्रतिनिधित्व दे सकती है। रवनीत सिंह बिट्टू की जगह पर किसी नए चेहरे को मौका मिल सकता है। सूत्रों का दावा है कि पंजाब को दो से तीन मंत्री मिल सकते हैं।हालांकि इस दौड़ में अमृतसर के रहने वाले व हाल ही में बिट्‌टू की जगह राज्यसभा भेजे तरूण चुघ भी शामिल हैं। सरकारी सूत्रों के मुताबिक संडे या मंडे को केंद्रीय कैबिनेट में फेरबदल हो सकता है। चर्चा है कि इसके लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह गुरूवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मिले, जिसमें उन्हें इसके बारे में सुझाव दिया गया है। हालांकि अभी मंत्रीपद वाले नए चेहरों को लेकर कोई औपचारिक पुष्टि या सूचना नहीं है। 2014 के बाद से सिर्फ तीन मंत्री नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल में पंजाब की प्रतिनिधित्व कम रहा है। 2014 के बाद शिरोमणि अकाली दल की नेता हरसिमरत कौर बादल केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री बनी थीं। उन्होंने 2020 में कृषि कानूनों के विरोध में इस्तीफा दे दिया था। इसके अलावा केंद्र में बीजेपी के सोम प्रकाश मंत्री बने थे। वह 2019 से 2024 तक रहे। इसके बाद रवनीत सिंह बिट्टू बने थे। पंजाब की क्या है सियासी ताकत:     पंजाब विधानसभा में कुल 117 सीटें हैं। विधानसभा में बीजेपी के दो MLA हैं।     पंजाब में लोकसभा की कुल सीटें 13 हैं। बीजेपी के पास कोई सीट नहीं है।     पंजाब में राज्यसभा की कुल सीटें सात हैं। इनमें छह बीजेपी के पास हैं। AAP के 7 सांसद तोड़ने में चड्‌ढा की अहम भूमिका राघव चड्‌ढा 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रमुख चेहरों में शामिल रहे। उन्होंने पार्टी की जीत के लिए ऑन ग्राउंड भी वर्किंग की। चुनाव के बाद पार्टी ने 117 में से 92 सीटें जीती। सरकार बनी और भगवंत मान मुख्यमंत्री बन गए। जिसके बाद शुरुआती 2 साल तक राघव चड्‌ढा को पंजाब में सुपर CM की तरह माना गया। हालांकि इसके बाद उनके पार्टी से रिश्ते बिगड़ने लगे। जब आम आदमी पार्टी के सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल को शराब के केस में जेल हुई तो चड्‌ढा तब यूके में थे। इसके बाद वह वापस लौटे तो बगावत कर दी और AAP के 7 सांसद तोड़कर भाजपा में शामिल हो गए। राघव चड्‌ढा को मंत्री बनाने से भाजपा को पंजाब में क्या फायदा भाजपा को पंजाब में मीडिया नैरेटिव के लिए एक बड़ा चेहरा मिल सकता है। राघव चड्‌ढा AAP की कोर टीम में रह चुके हैं। ऐसे में भाजपा से मंत्रीपद मिलने के बाद चड्‌ढा 2027 के चुनाव में एग्रेसिव ढंग से काम करेंगे। ऐसे में AAP के खिलाफ वह नैरेटिव खड़ा कर सकते हैं। इसके अलावा चड्‌ढा शहरी क्षेत्र में अपना असर दिखा सकते हैं, खास तौर पर लुधियाना और जालंधर जैसे इंडस्ट्रियल शहरों में, जहां वे कारोबारियों और केंद्र के बीच पुल का काम कर सकते हैं। AAP को इससे क्या नुकसान होगा? राघव चड्‌ढा केंद्र में मंत्री बने तो AAP को मनोवैज्ञानिक के साथ संगठनात्मक झटका लग सकता है। 2022 में AAP के लिए चड्‌ढा ने वोट मांगे। अब वही AAP की बुराई करेंगे तो वोटर के मन में सत्ताधारी पार्टी आप के प्रति सवाल खड़े होंगे। वहीं राघव चड्‌ढा भाजपा में बड़ी भूमिका में आए तो AAP में उनसे जुड़े नेता भी उनके साथ जा सकते हैं। खास तौर पर अगर AAP किसी MLA या हारे उम्मीदवार का टिकट काटे या किसी दावेदार को टिकट न दे तो ऐसी सूरत में वह चड्‌ढा के साथ जा सकते हैं। आप के दो पूर्व नेता हैं रेस में पश्चिम बंगाल की जीत के बाद पंजाब को गंभीरता से ले रही बीजेपी राज्य को केंद्रीय मंत्रिमंडल फेरबदल में अधिक तवज्जो दे सकती है। चर्चा है कि पंजाब में AAP छोड़कर आए नेताओं को इनाम मिल सकता है। इनमें सेलिब्रेटी फेस राघव चड्ढा का नाम सबसे आगे है। उनके साथ अशोक मित्तल (लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी) का भी नाम चल रहा है। चर्चा है कि दोनों में किसी एक को मंत्री बनाया जा सकता है, लेकिन अभी फैसला नहीं हुआ है। रवनीत बिट्टू को बीजेपी चुनावों में झोंकना चाहती है। उनकी जगह पर हाल ही में मध्य प्रदेश से राज्यसभा सांसद बने तरुण चुघ को लाया जा सकता है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के कद्दावर नेता चुघ पंजाब चुनाव में पार्टी को मजबूती देंगे। वह पंजाब से ही आते हैं।  

परियोजना बंद तो खत्म हुई नौकरी, संविदा वैज्ञानिक को राहत नहीं; पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

चंडीगढ़. पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने पंजाब स्टेट काउंसिल फार साइंस एंड टेक्नोलॉजी में कार्यरत संविदा वैज्ञानिक दिव्या कौशिक को राहत देने से इनकार करते हुए उनकी  अपील   खारिज कर दी। अदालत ने स्पष्ट किया कि जिस परियोजना के लिए नियुक्ति की गई थी, वह 31 मार्च 2026 को समाप्त हो चुकी है और ऐसी स्थिति में संविदा सेवा को जारी रखने का कोई आधार नहीं बनता। जस्टिस जसगुरप्रीत सिंह पुरी और जस्टिस अमरजोत भट्टी की खंडपीठ ने यह फैसला उस अपील पर सुनाया, जिसमें एकल पीठ द्वारा पारित 23 मार्च और 6 अप्रैल 2026 के अंतरिम आदेशों को चुनौती दी गई थी। अदालत ने कहा कि मूल  याचिका अभी भी एकल पीठ के समक्ष लंबित है और अपील केवल अंतरिम आदेशों के खिलाफ दायर की गई है, इसलिए हस्तक्षेप का कोई औचित्य नहीं है। 2011 में जॉइन की थी सेवा याचिकाकर्ता दिव्या कौशिक की ओर से कहा गया कि उन्हें वर्ष 2011 में पेटेंट इनफार्मेशन सेंटर (पीआईसी) में वैज्ञानिक के पद पर संविदा आधार पर नियुक्त किया गया था और समय-समय पर उनका कार्यकाल बढ़ाया जाता रहा। उन्होंने  याचिका में उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसके तहत उनके पद को समाप्त कर दिया गया था। एकल पीठ ने 16 जुलाई 2024 को यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया था। हालांकि बाद में परिषद की ओर से दायर आवेदन पर एकल पीठ ने 23 मार्च 2026 को आदेश में संशोधन करते हुए कहा था कि यदि परियोजना 31 मार्च 2026 के बाद भी बढ़ाई जाती है तो यथास्थिति का आदेश जारी रहेगा, अन्यथा परिषद उस आदेश से बाध्य नहीं होगी। इस आदेश को वापस लेने की मांग भी 6 अप्रैल 2026 को खारिज कर दी गई थी। 5 वर्षों के लिए थी परियोजना सुनवाई के दौरान परिषद की ओर से अदालत को बताया गया कि 'पेटेंट इनफार्मेशन सेंटर' परियोजना पांच वर्ष की अवधि के लिए थी और यह 31 मार्च 2026 को पूरी हो चुकी है। इसलिए परियोजना के साथ सह-समाप्त (को-टर्मिनस) संविदा नियुक्ति भी स्वत  समाप्त हो गई। परिषद ने यह भी बताया कि नियुक्ति पत्र में स्पष्ट शर्त थी कि परियोजना की अवधि समाप्त होने पर अनुबंध समाप्त माना जाएगा। खंडपीठ ने कहा कि एकल पीठ द्वारा पारित आदेश न तो अवैध हैं और न ही उनमें किसी प्रकार की त्रुटि है। चूंकि परियोजना का विस्तार नहीं हुआ और वह पूर्ण हो चुकी है, इसलिए संविदा कर्मचारी की सेवा जारी रखने का कोई कानूनी आधार नहीं बचता। इन टिप्पणियों के साथ अदालत ने अपील खारिज कर दी।

High Court Verdict: प्रोजेक्ट बंद होने पर संविदा वैज्ञानिक को नहीं मिली राहत, सेवा बहाली की याचिका खारिज

चंडीगढ़ पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने पंजाब स्टेट काउंसिल फार साइंस एंड टेक्नोलॉजी में कार्यरत संविदा वैज्ञानिक दिव्या कौशिक को राहत देने से इनकार करते हुए उनकी  अपील   खारिज कर दी। अदालत ने स्पष्ट किया कि जिस परियोजना के लिए उनकी नियुक्ति की गई थी, वह 31 मार्च 2026 को समाप्त हो चुकी है और ऐसी स्थिति में संविदा सेवा को जारी रखने का कोई आधार नहीं बनता। जस्टिस जसगुरप्रीत सिंह पुरी और जस्टिस अमरजोत भट्टी की खंडपीठ ने यह फैसला उस अपील पर सुनाया, जिसमें एकल पीठ द्वारा पारित 23 मार्च और 6 अप्रैल 2026 के अंतरिम आदेशों को चुनौती दी गई थी। अदालत ने कहा कि मूल  याचिका अभी भी एकल पीठ के समक्ष लंबित है और अपील केवल अंतरिम आदेशों के खिलाफ दायर की गई है, इसलिए हस्तक्षेप का कोई औचित्य नहीं है। 2011 में जॉइन की थी सेवा याचिकाकर्ता दिव्या कौशिक की ओर से कहा गया कि उन्हें वर्ष 2011 में पेटेंट इनफार्मेशन सेंटर (पीआईसी) में वैज्ञानिक के पद पर संविदा आधार पर नियुक्त किया गया था और समय-समय पर उनका कार्यकाल बढ़ाया जाता रहा। उन्होंने  याचिका में उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसके तहत उनके पद को समाप्त कर दिया गया था। एकल पीठ ने 16 जुलाई 2024 को यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया था। हालांकि बाद में परिषद की ओर से दायर आवेदन पर एकल पीठ ने 23 मार्च 2026 को आदेश में संशोधन करते हुए कहा था कि यदि परियोजना 31 मार्च 2026 के बाद भी बढ़ाई जाती है तो यथास्थिति का आदेश जारी रहेगा, अन्यथा परिषद उस आदेश से बाध्य नहीं होगी। इस आदेश को वापस लेने की मांग भी 6 अप्रैल 2026 को खारिज कर दी गई थी। 5 वर्षों के लिए थी परियोजना सुनवाई के दौरान परिषद की ओर से अदालत को बताया गया कि 'पेटेंट इनफार्मेशन सेंटर' परियोजना पांच वर्ष की अवधि के लिए थी और यह 31 मार्च 2026 को पूरी हो चुकी है। इसलिए परियोजना के साथ सह-समाप्त (को-टर्मिनस) संविदा नियुक्ति भी स्वत  समाप्त हो गई। परिषद ने यह भी बताया कि नियुक्ति पत्र में स्पष्ट शर्त थी कि परियोजना की अवधि समाप्त होने पर अनुबंध समाप्त माना जाएगा। खंडपीठ ने कहा कि एकल पीठ द्वारा पारित आदेश न तो अवैध हैं और न ही उनमें किसी प्रकार की त्रुटि है। चूंकि परियोजना का विस्तार नहीं हुआ और वह पूर्ण हो चुकी है, इसलिए संविदा कर्मचारी की सेवा जारी रखने का कोई कानूनी आधार नहीं बचता। इन टिप्पणियों के साथ अदालत ने अपील खारिज कर दी

95% मैपिंग पूरी, अब BLO से बदसलूकी पर होगी कड़ी कार्रवाई; प्रशासन ने जारी किए सख्त निर्देश

चंडीगढ़ पंजाब में एसआईआर शुरू हो चुका है। बीएलओ को फील्ड में किसी प्रकार की कोई परेशानी पेश न आए, इसके लिए सभी इलेक्टरोल रजिस्ट्रेशन अफसरों (एसडीएम व एडीसी) को हिदायतें जारी कर दी गई हैं। सभी ईआरओ रोजाना अपने-अपने क्षेत्रों के बीएलओ के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग करेंगे। इसके लिए मुख्य निर्वाचन कार्यालय की ओर से विशेष लिंक तैयार किया जा रहा है, जो सभी एआरओ को उपलब्ध करवाया जाएगा।  इसी लिंक के माध्यम से सभी बीएलओ की एक माह रोजाना वर्चुअल बैठकें होंगी और उनसे फीडबैक जुटाया जाएगा। दरअसल, प्री मैपिंग के दौरान फील्ड से बीएलओ की कई शिकायतें आई थीं, जिसमें उन्होंने अपने साथ लोगों द्वारा दुर्व्यवहार करने की बात कही थी। एसआईआर के दौरान ऐसी घटनाएं दोबारा न हो, इसके लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनिंदिता मित्रा खासी गंभीर हैं। मित्रा ने कहा, बीएलओ की सुरक्षा की जिम्मेदारी बहुत जरूरी है क्योंकि इस पूरी प्रक्रिया में बीएलओ की रीढ़ हैं। वे एसआईआर में एक बड़ी भूमिका निभा रहे हैं। लिहाजा सभी ईआरओ को निर्देश दिए जा चुके हैं कि वे रोजाना वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बीएलओ के साथ जुड़ेंगे। उनकी समस्याओं भी इसी दौरान चर्चा होगी। फील्ड से यदि किसी भी बीएलओ के साथ दुर्व्यवहार की घटनाएं सामने आती हैं तो सभी ईआरओ बनती कार्रवाई करने के लिए सक्षम होंगे।   मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि प्रदेश में 86.02 प्रतिशत प्री-मैपिंग हो गई है। कोशिश की जा रही है कि हाउस-टू-हाउस एन्यूमरेशन फॉर्म भरवाने के दौरान भी बीएलओ संबंधित क्षेत्र के बीएलएओ के साथ मिलकर अनमैप्ड लोगों की भी मैपिंग कर लें। यह प्रतिशत और बढ़ सकता है। मानसा में सबसे अधिक, मोहाली में सबसे कम मैपिंग मानसा जिले में सबसे अधिक 95.07 प्रतिशत मैपिंग हो चुकी है, जो सबसे ज्यादा है जबकि मोहाली जिले में सबसे कम 69.05 प्रतिशत मैपिंग हुई है। सीईओ अनिंदिता मित्रा बताती हैं कि दरअसल, साल 2003 (पंजाब में एसआईआर हुआ था) के बाद मोहाली में व्यापक स्तर पर बदलाव हुआ है। कई रिहायशी इलाके नए जुड़े हैं, कई हाईराइज भवन बने हैं, बहुत से लोग बाहर से आकर यहां बसे हैं, यह भी प्री-मैपिंग कम रहने की एक बड़ी वजह है लेकिन एसआईआर के दौरान यह सब कवर अप हो जाएगा। इसके अलावा लुधियाना में 77.17 प्रतिशत, जालंधर में 82.94, कपूरथला में 83.10, पटियाला में 85.05, फरीदकोट में 85.49, रूपनगर में 85.55, पठानकोट में 86.06, गुरदासपुर में 86.94, फिरोजपुर में 87.61, फतेहगढ़ साहिब में 88.16, फाजिल्का में 88.52, अमृतसर में 88.61, बठिंडा में 88.88, होशियारपुर में 89.69, संगरूर में 89.89, शहीद भगत सिंह नगर (नवांशहर) में 90.08, मोगा में 90.47, मलेरकोटला में 91.33, बरनाला में 92.24, श्री मुक्तसर साहिब में 92.79, तरनतारन में 93.03 व मानसा में 95.07 प्रतिशत प्री-मैपिंग हो चुकी है। पहले दिन 24,453 बीएलओ ने घरों में वितरित किए फॉर्म पंजाब में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) 2026 के तहत पहले दिन 24,453 बीएलओ ने घर-घर दौरे शुरू कर दिए हैं। 24 जुलाई तक यह दौरा जारी रहेगा, जिसके तहत पंजाब भर के 2,14,61,043 मतदाताओं तक पहुंच बनाई जाएगी। मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनिंदिता मित्रा ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे गणना फॉर्म वितरित करने और भरने में सहायता के लिए अपने घरों का दौरा करने वाले बीएलओ का सहयोग करें।  उन्होंने लोगों से अनुरोध है कि वे अपनी एक ताजा रंगीन फोटो तैयार रखें, फॉर्म भरकर, उस पर हस्ताक्षर करें और बीएलओ को सौंप दें व विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया पूरी होने तक दूसरी प्रति अपने पास सुरक्षित रखें।  मित्रा ने मतदाताओं को विश्वास दिलाते हुए कहा कि किसी भी स्थिति में घबराने की आवश्यकता नहीं है। यदि कोई घर बंद पाया जाता है तो बीएलओ फॉर्म को दरवाजे के नीचे से अंदर पहुंचा देगा और संबंधित घर के अगले दौरे की तारीख के बारे में दीवार पर स्टिकर चिपका दिया जाएगा। बीएलओ फॉर्म एकत्र करने के लिए तीन बार घर-घर जाएंगे। यदि मतदाता घर पर उपस्थित नहीं है, तो परिवार का कोई भी वयस्क सदस्य, संबंधित व्यक्ति से अपना रिश्ता बताकर उसके फॉर्म पर हस्ताक्षर करके फॉर्म वापस बीएलओ को दे सकता है।