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शराब ठेकों पर एक्साइज विभाग का बड़ा कदम, लाइसेंस फीस में कमी

जालंधर/चंडीगढ़  पंजाब में शराब के ठेकों की अलॉटमेंट प्रक्रिया के तहत एक्साइज विभाग ने पेंडिंग 25 में से 8 शराब ग्रुप (लिकर ग्रुप) अलॉट कर दिए हैं, जबकि 17 ग्रुप अभी भी बाकी हैं, जिन्हें ई-टेंडर प्रक्रिया के तहत भरा जाएगा। विभाग ने सभी ग्रुप की बिक्री यकीनी बनाने के लिए एक बार फिर लाइसेंस फीस में 3 परसेंट की कटौती की है। इस ताजा कटौती के बाद अब तक कुल 13 फीसदी लाइसेंस फीस घटाई जा चुकी है। ठेकेदारों का कहना है कि पिछले वित्त वर्ष में उन्हें इन ग्रुपों से भारी नुकसान उठाना पड़ा था, जिसके कारण इस बार वे नए ग्रुप लेने में ज्यादा रूची नहीं दिखा रहे।      उनका मानना ​​है कि मौजूदा नीतियों और मुकाबले के कारण कारोबार में लाभ की संभावना कम हो गई है। एक्साइज विभाग फिर से कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों के शराब ग्रुप के लिए ई-टेंडर जारी करेगा। इनमें चंडीगढ़ के नए इलाके, भारतगढ़, सिटी सेंटर, टांडा, दसूहा, जालंधर के B.M.C. चौक और सोढल चौक, बलाचौर सिटी, कपूरथला-2, फगवाड़ा-2, बेगोवाल, पठानकोट बस स्टैंड, जुगियाल, परमानंद, बठिंडा-2 भारत नगर, फिरोजपुर कैंट और अबोहर सिटी-2 शामिल हैं। ठेकेदारों ने सरकार से मांग की है कि राज्य में अंग्रेजी शराब की बिक्री को कंट्रोल किया जाए और सिर्फ देसी शराब के दायरे में ही कारोबार को सीमित किया जाए।  

बरनाला में मिसाल बनी संस्था, 6800 महिलाओं तक पहुंचाए 3 महीने के सेनेटरी पैड

बरनाला. न कोई सरकारी बजट, न कोई बड़ा दफ्तर, न कोई राजनीतिक मंच बस एक संकल्प कि बरनाला की एक भी बेटी स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में पीछे न रहे। यही संकल्प है मिट्टी फाउंडेशन का, जिसने आज तक 6800 महिलाओं और बेटियों तक तीन-तीन महीने के सेनेटरी पैड पहुंचाकर वो मुकाम हासिल किया है जो बड़ी-बड़ी सरकारी योजनाएं भी नहीं कर पाईं। आज इसी मिशन की अगली कड़ी के रूप में मिट्टी फाउंडेशन के संस्थापक एवं नगर पार्षद और हेमराज गर्ग के नेतृत्व में सर्वहितकारी उच्च विद्या मंदिर बरनाला में 200 जरूरतमंद छात्राओं को विशेष स्वास्थ्य किट भेंट की गईं। प्रत्येक किट में 28 सेनेटरी पैड, एक तौलिया, टूथब्रश और टूथपेस्ट शामिल थे। वो संख्या जो बताती है असली कहानी 6800 यह केवल एक आंकड़ा नहीं है। यह 6800 उन महिलाओं और बेटियों की कहानी है जो पहले इस बुनियादी स्वास्थ्य सुविधा से वंचित थीं। यह उन परिवारों की मजबूरी है जहां सेनेटरी पैड को विलासिता समझा जाता था, जरूरत नहीं। और यह उस एक इंसान की जिद है जिसने तय किया कि यह हालात बदलेंगे। हेमराज गर्ग ने आज के कार्यक्रम में कहा कि जब उन्होंने यह मुहिम शुरू की थी तो लोगों ने कहा था कि इस विषय पर कौन बात करेगा, कौन साथ देगा। लेकिन आज मिट्टी फाउंडेशन की यह यात्रा 6800 महिलाओं तक पहुंच चुकी है और यह सिलसिला रुकने वाला नहीं है। शर्म की दीवार तोड़ना सबसे बड़ी चुनौती हेमराज गर्ग ने बेबाकी से कहा कि देश में सेनेटरी पैड के मुद्दे पर आज सबसे ज्यादा बात करने की जरूरत है, लेकिन शर्म और संकोच के कारण इस विषय पर खुलकर चर्चा नहीं होती। उन्होंने कहा कि यही शर्म हमारी बेटियों के स्वास्थ्य की सबसे बड़ी दुश्मन है। जब एक किशोरी को यह नहीं पता कि माहवारी के दौरान स्वच्छता कितनी जरूरी है तो वह न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक भी पीड़ित होती है। गर्ग ने कहा कि मिट्टी फाउंडेशन केवल सेनेटरी पैड नहीं बांट रही, बल्कि उस चुप्पी को तोड़ रही है जो दशकों से हमारे समाज में घर किए हुए है। उन्होंने समाज के हर वर्ग से अपील की कि इस विषय पर घर में, स्कूल में और समाज में खुलकर बात करें क्योंकि जागरूकता ही सबसे बड़ी दवा है। किट में था पूरे स्वास्थ्य का संदेश  इस बार वितरित की गई किट महज सेनेटरी पैड तक सीमित नहीं थी। 28 सेनेटरी पैड के साथ-साथ तौलिया, टूथब्रश और टूथपेस्ट देकर मिट्टी फाउंडेशन ने यह संदेश दिया कि स्वास्थ्य केवल एक पहलू नहीं, यह एक समग्र जीवनशैली है। संस्था का मानना है कि जब बेटी स्वस्थ होगी तभी वह पढ़ेगी, आगे बढ़ेगी और समाज को बदलेगी। विद्यालय प्रबंधन ने की सराहना सर्वहितकारी उच्च विद्या मंदिर के अध्यक्ष एडवोकेट जीवन मोदी,मैनेजर एडवोकेट अभय जिंदल और एडवोकेट सोमनाथ गर्ग ने मिट्टी फाउंडेशन की पूरी टीम की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि जब समाज में ऐसी संस्थाएं काम करती हैं तो सरकारी तंत्र की कमियां भी भर जाती हैं। उन्होंने संस्था के इस निस्वार्थ कार्य को समाज के लिए अनुकरणीय बताया और कहा कि मिट्टी फाउंडेशन का यह मिशन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगा। कार्यक्रम में मिट्टी फाउंडेशन के अनेक समर्पित सदस्य उपस्थित रहे जिन्होंने छात्राओं को किट वितरित करने में उत्साहपूर्वक सहयोग दिया।

रमन अरोड़ा को मिली फिर से सुरक्षा, जालंधर में चल रही हैं कई तरह की अटकलें

जालंधर सत्ता की बाजी में दोस्त और दुश्मन कब बदल जाएं, कोई नहीं जानता। बस वक्त और फायदा तय करता है कि कौन किसके साथ है। यह खेल ही ऐसा है, जहां चाल बदलते देर नहीं लगती। जालंधर सेंट्रल हलके की राजनीति में भी यही चल रहा है। पिछले एक सप्ताह में हुई राजनीतिक उठापठक के बाद सेंट्रल हलके की राजनीति गर्म हो गई है। भ्रष्टाचार के आरोपों में पिछले एक साल से विजिलेंस की कार्रवाई का सामना कर रहे विधायक रमन अरोड़ा की सुरक्षा सरकार ने शुक्रवार को वापस कर दी। 354 दिन के बाद विधायक को सुरक्षाकर्मी वापस मिले हैं। राजनीति के हाशिए पर चल रहे विधायक को सुरक्षा वापस मिलने से राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया। सबके मन में बड़ा सवाल यही है कि क्या ये विधायक की सेंट्रल हलके की राजनीति में वापसी का संकेत है? अगर ऐसा है तो फिर रमन अरोड़ा की गिरफ्तारी के बाद राजनीति के मैदान में सीधे तौर पर उतरे नितिन कोहली का क्या? जालंधर नगर निगम चुनाव के दौरान मित्तल की भूमिका अहम  वैसे भी राजनीति की बिसात पर मोहरों के रंग भी बदल जाते हैं। पिछले दिनों आप के राज्यसभा सदस्य अशोक मित्तल ने राघव चड्ढा के साथ मिलकर भाजपा ज्वाइन कर ली थी। अशोक मित्तल की जालंधर में आप की राजनीति में अहम भूमिका रही है। नितिन कोहली के राजनीतिक गुरु अशोक मित्तल को ही माना जाता है। नितिन कोहली को आप में शामिल करवाने और उन्हें सेंट्रल हलके की कमान सौंपने के पीछे बड़ी भूमिका अशोक मित्तल की रही थी। यही नहीं जालंधर नगर निगम चुनाव के दौरान मित्तल की भूमिका अहम रही थी। मेयर के नाम के लिए अशोक मित्तल, वनीत धीर के साथ थे और बाद में धीर को ही मेयर बनाया गया था। अब अशोक मित्तल के आप छोड़कर भाजपा में शामिल होने से जालंधर में कई राजनीतिक समीकरण बदलने लगे हैं। हालांकि एक दिन पहले ही नितिन कोहली व मेयर वनीत धीर दिल्ली में आप संयोजक अरविंद केजरीवाल से मिले थे लेकिन एक दिन बाद ही भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे सेंट्रल हलके के विधायक की सुरक्षा वापस होने से राजनीति जरूर गर्म हो गई। 23 मई को विधायक रमन अरोड़ा को विजिलेंस ने किया था गिरफ्तार सुरक्षा वापस मिलने के बाद विधायक अरोड़ा के समर्थकों ने लड्डू बांटे। वहीं, विधायक ने भी पहली बार विधानसभा सत्र के दौरान की अपनी तस्वीर फेसबुक पर शेयर कर इस मामले को और हवा दी। गौरतलब है कि 12 मई, 2025 को विधायक रमन अरोड़ा की सुरक्षा सरकार ने वापस ले ली थी। उनके पास नियमों से अधिक 14 सुरक्षाकर्मी होते थे। 23 मई, 2025 को विधायक रमन अरोड़ा को विजिलेंस ने गिरफ्तार कर लिया था। सितंबर, 2025 को उन्हें जमानत मिली थी। जेल से बाहर आने के बाद से अरोड़ा राजनीति में सक्रीय नहीं थे। हालांकि अब उन्हें एक गाड़ी और चार पुलिसकर्मी वापस मिले हैं। उधर सुरक्षा वापस मिली, शहर में उतार दिए होर्डिंग एक तरफ सरकार की ओर से विधायक रमन अरोड़ा की सुरक्षा वापस करने की खबर चल रही थी वहीं, शहर में एक धार्मिक आयोजन को लेकर लगाए गए होर्डिंग जिनमें अरोड़ा की तस्वीर थी उन्हें उतरवा दिया गया। विधायक अरोड़ा श्री कष्ट निवारण बालाजी मंदिर बाजार शेखां के तत्वावधान में साई दास स्कूल पटेल चौक की ग्राउंड में बालाजी का भव्य संकीर्तन 14 मई को करवाने वाले हैं। इसको लेकर शहर भर में होर्डिंग लगाए गए थे। शुक्रवार को नगर निगम की टीम ने कई जगह से होर्डिंग उतार दिए। इसके बाद शहर में चर्चा और तेज हो गई कि एक तरफ सरकार सुरक्षा वापस कर रही है, वहीं शहर में उनके होर्डिंग उतारे जा रहे हैं। सेंट्रल हलके की राजनीति में खूब घमासान चल रहा है।     अभी में चंडीगढ़ में हूं। विधानसभा सत्र के लिए आया था। सूचना मिली है कि सरकार ने सुरक्षा वापस कर दी है। जालंधर लौटकर ही इस मुद्दे पर और अधिक बात कर पाऊंगा।     – रमन अरोड़ा, विधायक हलका सेंट्रल     विधायक रमन अरोड़ा को नियमों के तहत सुरक्षा दी गई है। एक गाड़ी और चार सुरक्षाकर्मी दिए गए हैं।     – धनप्रीत कौर, पुलिस कमिश्नर जालंधर  

पंजाब में मजदूर दिवस के मौके पर श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी 15% बढ़ी, मान सरकार ने लिया बड़ा कदम

 चंडीगढ़  पंजाब विधानसभा ने मई दिवस के अवसर पर शुक्रवार को 13 साल बाद न्यूनतम मजदूरी में 15 प्रतिशत बढ़ोतरी करने के प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पारित कर दिया। सरकारी और प्राइवेट सेक्टर के सभी रजिस्टर्ड श्रमिकों को इसका लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बढ़ोतरी को श्रमिक वर्ग के योगदान के प्रति सम्मान बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रमिकों के लिए न्यूनतम मजदूरी की बेस दर (मूल दर) आखिरी बार 2012 में संशोधित की गई थी। हालांकि, साल 2012 से अब तक महंगाई भत्ता बढ़ता रहा है, लेकिन न्यूनतम मजदूरी की बेस दर में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई। शुरू करेंगे शुक्राना यात्रा मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में जागत ज्योति श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार संशोधन एक्ट 2026 लागू हो गया है। इस कानून के बनने के बाद अब वे 6 मई से श्री आनंदपुर साहिब से शुक्राना यात्रा शुरू करेंगे, जो 9 मई तक चलेगी। इस यात्रा के दौरान तख्त श्री केसगढ़ साहिब, श्री अकाल तख्त साहिब, दमदमा साहिब, मस्तुआणा साहिब, गुरुद्वारा दुख निवारण साहिब और श्री फतेहगढ़ साहिब में माथा टेककर शुक्राना किया जाएगा। जानिए अब कितनी मिलेगी न्यूनतम सैलरी सरकार की तरफ से बताया गया है कि अकुशल मजदूरों की सैलरी अब 13486 रुपये मिलेगा। प्रतिदिन 518.69 रुपये के हिसाब से देना होगा। अर्ध अकुशल मजदूरों को 14383 रुपये मिलेगा। इन्हें 553.19 रुपये प्रतिदिन दी दर से मजदूरी मिलेगी। कुशल मजदूरों को 15414 रुपये मिलेगा। इन्हें 638.50 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से पैसा मिलेगा। उच्च कुशल मजदूरों को 16601 रुपये प्रति महीने न्यूनतम सैलरी मिलेगी।  वहीं, स्टाफ कैटगरी-ए के कर्मचारियों को न्यूनतम सैलरी 19431 रुपये प्रति महीने मिलेगी। इन्हें 747.34 रुपये प्रति दिन के हिसाब से वेतन मिलेगा। स्टाफ कैटगरी-बी के कर्मचारियों 17510 रुपये मिलेगा। इनको 673.46 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से वेतन मिलेगा। स्टाफ कैटगरी-सी वर्ग के कर्मचारियों को 15786 रुपये प्रति महीने वेतन मिलेगा। इन्हें 607.15 रुपये प्रति दिन की दर से सैलरी मिलेगी। स्टाफ कैटगरी-डी वर्ग के कर्मचारियों को 14406 रुपये वेतन मिलेगा। इन्हें 554.07 रुपये प्रति दिन के हिसाब से पैसा मिलेगा। इस बदलाव से विभिन्न उद्योगों में काम करने वाले पंजीकृत मज़दूरों की कमाई बढ़ने की उम्मीद है। स्टाफ कैटेगरी के बारें जानें स्टाफ कैटेगरी A: ऐसा व्यक्ति जिसके पास पोस्ट ग्रेजुएशन डिग्री/MBA/मार्केटिंग/फाइनेंस/ह्यूमन रिसोर्स डेवलपमेंट या कंपनी सेक्रेटरी या इसके बराबर या कोई प्रोफेशनल डिग्री हो। स्टाफ कैटेगरी B: किसी भी सब्जेक्ट में ग्रेजुएट या अंडर ग्रेजुएट जिसके पास स्टेनोग्राफी में डिप्लोमा/सर्टिफिकेट कोर्स या कंप्यूटर एप्लीकेशन/अकाउंटेंसी में डिप्लोमा हो या सुपरवाइजरी स्टाफ जिसे खुद से फैसले लेने हों। स्टाफ कैटेगरी C: ऐसा व्यक्ति जो मैट्रिकुलेट से ऊपर हो लेकिन ग्रेजुएट या अंडरग्रेजुएट न हो और जिसके पास स्टेनो टाइपिस्ट/कंप्यूटर एप्लीकेशन/अकाउंटेंसी के डेटा एंट्री ऑपरेटर का सर्टिफिकेट हो, इसमें स्टाफ कीपर, सेल्समैन, असिस्टेंट और स्टोरकीपर शामिल हैं। स्टाफ कैटेगरी D: कोई भी क्लास-IV कर्मचारी (कैजुअल, कॉन्ट्रैक्टर के ज़रिए या कॉन्ट्रैक्ट बेसिस पर)  

पंजाब में बिगड़ा मौसम का मिजाज, 7 मई तक बारिश-आंधी का येलो अलर्ट जारी

लुधियाना. जम्मू-कश्मीर व हिमाचल के ऊपरी हिस्सों में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से पिछले तीन दिनों से मौसम बदल गया है। कई जिलों में सुबह तेज हवाओं के बीच हल्की वर्षा हो रही है। शुक्रवार को भी चार जिलों में हल्की वर्षा दर्ज की गई, जबकि दो जिलों में बूंदाबांदी हुई। मौसम केंद्र चंडीगढ़ के अनुसार मोहाली में 5.5 मिलीमीटर, रोपड़ में 1.5 मिलीमीटर, चंडीगढ़ में 2.6 मिलीमीटर व एसबीएस नगर में 0.7 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। वहीं पठानकोट व होशियारपुर में बूंदाबांदी हुई। मौसम में आए बदलाव के चलते पंजाब में लू नहीं चल रही और दिन का तापमान भी सामान्य से दो से तीन डिग्री सेल्सियस कम दर्ज किया जा रहा है। मौसम केंद्र चंडीगढ़ के पूर्वानुमान के अनुसार शनिवार से सात मई तक पंजाब के अलग अलग जिलों में गरज के साथ छींटे पड़ने, बूंदाबांदी व कहीं कहीं हल्की वर्षा के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी हवा चल सकती है। कुछ जिलों में सुबह के समय सामान्य से मध्यम वर्षा की भी संभावना है। मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है।

पंजाब में मौसम का मिजाज बदला, 7 मई तक बारिश और धूलभरी तेज हवाओं का यलो अलर्ट

लुधियाना  जम्मू-कश्मीर व हिमाचल के ऊपरी हिस्सों में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से पिछले तीन दिनों से मौसम बदल गया है। कई जिलों में सुबह तेज हवाओं के बीच हल्की वर्षा हो रही है। शुक्रवार को भी चार जिलों में हल्की वर्षा दर्ज की गई, जबकि दो जिलों में बूंदाबांदी हुई। मौसम केंद्र चंडीगढ़ के अनुसार मोहाली में 5.5 मिलीमीटर, रोपड़ में 1.5 मिलीमीटर, चंडीगढ़ में 2.6 मिलीमीटर व एसबीएस नगर में 0.7 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। वहीं पठानकोट व होशियारपुर में बूंदाबांदी हुई। मौसम में आए बदलाव के चलते पंजाब में लू नहीं चल रही और दिन का तापमान भी सामान्य से दो से तीन डिग्री सेल्सियस कम दर्ज किया जा रहा है। मौसम केंद्र चंडीगढ़ के पूर्वानुमान के अनुसार शनिवार से सात मई तक पंजाब के अलग अलग जिलों में गरज के साथ छींटे पड़ने, बूंदाबांदी व कहीं कहीं हल्की वर्षा के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी हवा चल सकती है। कुछ जिलों में सुबह के समय सामान्य से मध्यम वर्षा की भी संभावना है। मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है।

पंजाब सरकार का बड़ा कदम: 6 IAS और 39 PCS अधिकारियों के ट्रांसफर, कई अहम विभागों में बदलाव

चंडीगढ़  पंजाब सरकार ने शुक्रवार को बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 6 आईएएस और 39 पीसीएस अधिकारियों के तबादला आदेश जारी किए। सरकार ने कई अहम विभागों और जिलों में नई तैनातियां करते हुए प्रशासनिक ढांचे में व्यापक बदलाव किया है। इस फेरबदल को सरकार की प्रशासनिक कसावट और विभिन्न विभागों में कार्यकुशलता बढ़ाने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है। गृह, आवास एवं शहरी विकास, कृषि, परिवहन और राजस्व विभाग सहित कई महत्वपूर्ण महकमों में अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। आईएएस अधिकारियों में नीलिमा को सचिव गृह नियुक्त किया गया है। मनीष राणा एमडी पीआरटीसी पटियाला नियुक्त साक्षी साहनी को मुख्य प्रशासक, डिपार्टमेंट ऑफ हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट के साथ अतिरिक्त तौर पर डायरेक्टर टाउन एंड कंट्री प्लानिंग की जिम्मेदारी दी गई है। संदीप कुमार को मुख्य प्रशासक गमाडा बनाया गया है। अभिजीत कपलिश को डायरेक्टर माइनिंग एंड जियोलॉजी के साथ अतिरिक्त तौर पर चीफ एग्जीक्यूटिव पेड़ा नियुक्त किया गया है। मनीष राणा को एमडी पीआरटीसी पटियाला और लतीफ अहमद को अतिरिक्त सचिव कृषि एवं किसान कल्याण के साथ पंजाब वक्फ बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। राजेश कुमार शर्मा बने तलवंडी साबो के एसडीएम   पीसीएस अधिकारियों में भी बड़े पैमाने पर फेरबदल किया गया है। संजीव शर्मा को एडीसी जनरल शहीद भगत सिंह नगर, रोहित गुप्ता को अतिरिक्त रेजिडेंट कमिश्नर एवं जनरल मैनेजर पंजाब भवन नई दिल्ली, अलका कालिया को एसडीएम अमृतसर-1 और एस्टेट ऑफिसर अमृतसर डेवलपमेंट अथॉरिटी नियुक्त किया गया है। दीपज्योति कौर को एसडीएम बस्सी पठाना, हरप्रीत सिंह अटवाल को आरटीओ मोहाली, राजेश कुमार शर्मा को एसडीएम तलवंडी साबो और अतिरिक्त तौर पर आरटीओ बठिंडा लगाया गया है। लक्ष्मण सिंह को एसडीएम जीरा नियुक्त किया इसके अलावा मनजीत कौर को एसडीएम भवानीगढ़, अर्शदीप सिंह लुभाने को एडीसी जनरल पठानकोट, शुभ अग्रवाल को एसडीएम जालंधर-1, अंकिता कांसल को एसी जनरल मोहाली, मनदीप सिंह मान को एसडीएम पठानकोट, सुखजिंदर सिंह टिवाना को एसडीएम राजपुरा, तरुण गुप्ता को एसडीएम फतेहगढ़ साहिब, मनवीर सिंह ढिल्लों को एसडीएम लोपोके और लक्ष्मण सिंह को एसडीएम जीरा नियुक्त किया गया है। सरकार ने कई अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार भी सौंपे हैं। प्रशासनिक हलकों में इस बड़े फेरबदल को आगामी चुनौतियों और विकास कार्यों को गति देने की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है।

पंजाब में होटल-रेस्टोरेंट्स में खाने की कीमतों में 20% तक बढ़ोतरी, कमर्शियल सिलेंडर की कीमत ₹1380 बढ़ी

लुधियाना  अगर आप होटल-रेस्टोरेंट में खाने के शौकीन हैं तो अगले वीकेंड से आपको खाने के लिए जेब ज्यादा ढीली करनी पड़ेगी। कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोत्तरी के बाद होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ने खाने के रेट बढ़ाने का फैसला कर लिया। पंजाब होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष अमरवीर सिंह की मानें तो गैस सिलेंडर की कीमत बढ़ने से कुकिंग कॉस्ट में 15 से 20 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हो गई। होटल रेस्टोरेंट्स मालिकों के लिए पुरानी कीमत पर खाना बनाना अब मुश्किल है। एसोसिएशन ने फैसला किया कि अगर सरकार ने गैस की कीमतों की कई गई बढ़ोत्तरी वापस नहीं ली तो अगले वीकेंड से खाने की कीमत 15 से 20 प्रतिशत बढ़ाई जाएगी। उनका तर्क है कि गैस की कीमतें चार महीने में 1380 रुपए बढ़ गई। होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन का एक शिष्टमंडल सोमवार को केंद्र सरकार के साथ बैठक कर रही है ताकि कमर्शियल गैस की कीमतों में हो रही बढ़ोत्तरी पर लगाम लगाया जा सके। अमरवीर ने बताया कि सोमवार को होने वाली बैठक के बाद खाने के रेट बढ़ाए जाएंगे। कुकिंग कॉस्ट में 20% का उछाल: होटल मालिकों ने खड़े किए हाथ पंजाब होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष अमरवीर सिंह का कहना है कि गैस की कीमतों में हुई बढ़ोतरी ने होटल और रेस्टोरेंट के किचन का बजट पूरी तरह तहस-नहस कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सिर्फ गैस सिलेंडर की कीमतों में हुई इस वृद्धि के कारण खाने की कुकिंग कॉस्ट 15 से 20 प्रतिशत तक बढ़ गई है। अमरवीर सिंह ने कहा, "हम पिछले कई महीनों से बढ़ती लागत को खुद सह रहे थे, लेकिन ₹1000 की एकमुश्त बढ़ोतरी ने हमारी कमर तोड़ दी है। अब हमारे पास खाने के रेट बढ़ाने के अलावा और कोई चारा नहीं बचा है। यदि हम ऐसा नहीं करते, तो पंजाब का पूरा होटल उद्योग घाटे में डूब जाएगा।" जनवरी से मई तक तेजी से बढ़ी गैस की कीमतें इस साल की शुरुआत 1 जनवरी 2026 को हुई, जब नए साल के पहले ही दिन कीमतों में ₹111 की बढ़ोतरी की गई, जिससे सिलेंडर ₹1,691.50 का हो गया। इसके ठीक एक महीने बाद 1 फरवरी 2026 को फिर से ₹49 की मामूली वृद्धि हुई और कीमत ₹1,740.50 तक पहुंच गई। मार्च का महीना व्यापारियों के लिए दोहरी मार लेकर आया। पहले 1 मार्च को कीमतों में ₹30 का इजाफा हुआ और फिर ठीक 6 दिन बाद 7 मार्च 2026 को युद्ध और ग्लोबल एनर्जी क्राइसिस का हवाला देते हुए कीमतों में ₹115 की बड़ी छलांग लगाई गई, जिससे सिलेंडर ₹1,883 के करीब पहुंच गया। महंगाई का यह सिलसिला यहीं नहीं थमा। 1 अप्रैल 2026 को कीमतों में फिर से ₹195.50 की बड़ी बढ़ोतरी हुई और सिलेंडर ₹2,078.50 के स्तर को पार कर गया। लेकिन सबसे बड़ा 'महा-झटका' 1 मई 2026 को लगा, जब अब तक की सबसे रिकॉर्ड वृद्धि करते हुए केंद्र सरकार ने एक ही झटके में ₹993 बढ़ा दिए। अब कमर्शियल सिलेंडर की नई कीमत ₹3,071.50 हो गई है। यानी मात्र 120 दिनों के भीतर एक सिलेंडर पर करीब ₹1,380 का अतिरिक्त बोझ बढ़ चुका है। अगले वीकेंड से लागू होंगे नए रेट कार्ड एसोसिएशन ने अल्टीमेटम दिया है कि वे सोमवार को केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों के साथ इस मसले पर बैठक करेंगे। बैठक में सरकार के सामने कीमतों को घटाने या कमर्शियल गैस पर सब्सिडी देने की मांग रखी जाएगी। अमरवीर सिंह ने साफ कर दिया है कि यदि सरकार ने इस मामले में कोई राहत नहीं दी, तो अगले वीकेंड तक पूरे पंजाब के होटलों, रेस्टोरेंट्स, ढाबों और फास्ट फूड जॉइंट्स में खाने के दाम 15 से 20% तक बढ़ा दिए जाएंगे। पंजाब के 8000 से ज्यादा रेस्टोरेंट्स पर असर अमरवीर ने कहा कि पंजाब में छोटे ढाबों से लेकर फाइव स्टार होटलों तक करीब 8000 से ज्यादा इकाइयां काम कर रही हैं। रेट बढ़ने का असर न केवल आलीशान होटलों पर पड़ेगा, बल्कि उन आम लोगों पर भी पड़ेगा जो काम के सिलसिले में या छोटे फंक्शन्स के लिए ढाबों और मिड-रेंज रेस्टोरेंट्स पर निर्भर हैं। मिडिल क्लास परिवारों के लिए अब बाहर खाना एक लग्जरी बनता जा रहा है।

पंजाब में FIR, AAP छोड़कर BJP में गए संदीप पाठक के खिलाफ कार्रवाई

चंडीगढ़  आम आदमी पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए राज्यसभा सदस्य संदीप पाठक की मुश्किलें बढ़ सकती है। सूत्रों अनुसार उनके खिलाफ पंजाब के 2 अलग-अलग जिलों में एफआईआर दर्ज होने के बाद गिरफ्तारी की संभावना जताई जा रही है। पंजाब के अलग-अलग जिलों से जुड़े हुए हैं दोनों केस सूत्रों के अनुसार, संदीप पाठक के खिलाफ दर्ज दोनों मामलों में गैर-जमानती धाराएं लगाई गई हैं, जिससे पुलिस को किसी भी समय सख्त कार्रवाई करने का अधिकार मिल गया है। बताया जा रहा है कि ये दोनों केस पंजाब के अलग-अलग जिलों से जुड़े हुए हैं। सामने आया संदिप पाठक का बयान उधर, संदिप पाठक ने FIR की खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा: “मुझे ऐसी किसी भी FIR की जानकारी नहीं है, और न ही किसी पुलिस अधिकारी ने मुझे इसके बारे में सूचित किया है। मैंने अपना पूरा जीवन ईमानदारी और निष्ठा के साथ देश की सेवा में लगाया है। देश किसी भी पार्टी से बड़ा है—मैं न कभी इसके साथ विश्वासघात करूंगा और न किसी और को ऐसा करने दूंगा। अगर मेरे जैसे व्यक्ति के खिलाफ कोई कार्रवाई की गई है, तो यह केवल उनके डर को दर्शाता है। मैं इससे ज्यादा कुछ नहीं कहना चाहता।” हालांकि अभी तक पुलिस या संबंधित अधिकारियों की ओर से मामले की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। लेकिन कानूनी स्थिति को देखते हुए यह माना जा रहा है कि आने वाले समय में पुलिस कार्रवाई तेज हो सकती है। फिलहाल, पूरे घटनाक्रम पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं और आगे की अपडेट का इंतजार किया जा रहा है।

पंजाब में छात्रों के लिए नया विकल्प: PSEB ने लॉन्च किया ई-कॉमर्स पोर्टल, डायरेक्ट मिलेंगी किताबें

 चंडीगढ़  पंजाब में स्कूली शिक्षा व्यवस्था को डिजिटल और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। 2026-27 शैक्षणिक सत्र से पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (पीएसईबी) निजी स्कूलों के पहली से बारहवीं तक के विद्यार्थियों को सीधे किताबें उपलब्ध कराएगा। इस पूरी प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए बोर्ड ने एक समर्पित ई-कॉमर्स पोर्टल और मोबाइल एप तैयार किया है, जिसके जरिए किताबों की खरीद और वितरण पूरी तरह ऑनलाइन किया जाएगा। नई व्यवस्था के तहत छात्र और अभिभावक घर बैठे ही मोबाइल एप या ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपनी जरूरत के अनुसार किताबों का आर्डर दे सकेंगे। इसके साथ ही स्कूलों को कक्षा और विषयवार अपनी मांग डिजिटल रूप से अपलोड करनी होगी। प्रत्येक छात्र को अलग लागइन क्रेडेंशियल दिए जाएंगे, जिससे अभिभावक सीधे पोर्टल पर जाकर आर्डर प्लेस कर सकें और पूरी प्रक्रिया पर नजर रख सकें। इस पहल का मुख्य उद्देश्य किताबों की आपूर्ति में बिचौलियों की भूमिका खत्म करना, लागत को कम करना और समय पर किताबों की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। नई व्यवस्था में स्कूल केवल वितरण की जिम्मेदारी निभाएंगे और किसी भी प्रकार का अतिरिक्त शुल्क नहीं ले सकेंगे। स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि छूट वाले प्रिंटेड बिल मूल्य से अधिक कोई राशि नहीं वसूली जाएगी, जिससे अभिभावकों पर आर्थिक बोझ कम होगा। पीएसईबी के चेयरमैन अमरपाल सिंह ने बताया कि इस पोर्टल को सुरक्षित ऑनलाइन पेमेंट गेटवे से जोड़ा गया है, जिससे लेन-देन पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित रहेगा। उन्होंने कहा कि सिस्टम को इस तरह डिजाइन किया गया है कि ओवरचार्जिंग की कोई गुंजाइश न रहे और हर स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके।