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पंजाब के दावेदार न मिलने से RBI के पास जमा हैं 3100 करोड़ रूपए

चंडीगढ़. पंजाब में लाखों लोगों का पैसा बैंक खातों, एफडी, पीएफ, शेयर और बीमा पॉलिसियों में पड़ा हुआ है, लेकिन उन्हें इसकी जानकारी ही नहीं है। अनुमान के मुताबिक, 10 साल या उससे ज्यादा समय तक दावा न किए जाने के कारण 3100 करोड़ रुपये से अधिक रकम RBI के पास चली गई है। यह पैसा सिर्फ आज की पीढ़ी का ही नहीं, बल्कि माता-पिता, दादा-दादी और पुराने जमाने के खातों से जुड़ा भी हो सकता है। इसमें वे लोग भी शामिल हैं जो विदेश में चले गए हैं। पंजाब के कई जिलों में बहुत बड़ी रकम अनक्लेम्ड पड़ी है। सबसे ज्यादा अनक्लेम्ड पैसा जालंधर जिले में बताया जा रहा है। यहां 10 लाख से ज्यादा लोगों का करीब 593 करोड़ रुपये भूला हुआ है। इसके बाद लुधियाना में 10 लाख से ज्यादा लोगों का लगभग 485 करोड़ रुपये बिना दावे के है। अमृतसर में 7 लाख से ज्यादा लोगों का करीब 280 करोड़ रुपये पड़ा है। होशियारपुर में 5 लाख से ज्यादा लोगों के लगभग 237 करोड़ रुपये और पटियाला में 5 लाख से ज्यादा लोगों के करीब 199 करोड़ रुपये अनक्लेम्ड हैं। इसी तरह पंजाब के हर जिले में अलग-अलग आंकड़े सामने आए हैं। पूरे पंजाब में करीब 83 लाख ऐसे बैंक और वित्तीय खाते हैं, जिनमें पैसा तो है, लेकिन अभी तक उसे लिया नहीं गया है। इसके पीछे कई आम वजहें हैं—पुराने खाते याद न रहना, नौकरी बदलने के बाद पीएफ न निकालना, बीमा पॉलिसी की जानकारी परिवार को न होना या बुजुर्गों के निधन के बाद खाते बंद न कराना। इस परेशानी को दूर करने के लिए RBI ने UDGAM नाम का एक ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया है। इस पोर्टल पर जाकर कोई भी व्यक्ति आसानी से यह जांच सकता है कि उसके नाम से कोई अनक्लेम्ड पैसा है या नहीं। इसके लिए RBI की UDGAM वेबसाइट पर जाकर अपना नाम और जरूरी जानकारी भरनी होती है। अगर आपके नाम से कोई पैसा बिना दावे के होगा, तो वह स्क्रीन पर दिख जाएगा। इसके बाद संबंधित बैंक में जरूरी कागजात जमा करके पैसा आसानी से लिया जा सकता है। हो सकता है कि सिर्फ एक छोटी सी ऑनलाइन जांच से आपके या आपके परिवार का सालों पुराना भूला हुआ पैसा वापस मिल जाए।

कंगना रनौत की पेशी से छूट की अर्जी कोर्ट ने खारिज की, अब हर हाल में कोर्ट में पेश होना होगा

बठिंडा बॉलीवुड अभिनेत्री और भाजपा सांसद कंगना रनौत को पंजाब के बठिंडा कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। किसान आंदोलन के दौरान एक बुजुर्ग महिला किसान पर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से जुड़े मानहानि मामले में कोर्ट ने उनकी पेशी से छूट की अर्जी खारिज कर दी है। अदालत ने स्पष्ट आदेश दिया है कि कंगना को 15 जनवरी को हर हाल में व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में हाजिर होना होगा। अगर वे पेश नहीं हुईं तो उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया जा सकता है और उनकी जमानत भी रद्द हो सकती है। मामला क्या है? यह विवाद 2020-21 के किसान आंदोलन से जुड़ा है। बठिंडा जिले के बहादुरगढ़ जंडिया गांव की बुजुर्ग महिला किसान महिंदर कौर (उर्फ बेबे महिंदर कौर) ने जनवरी 2021 में कंगना रनौत के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप है कि कंगना ने सोशल मीडिया (एक्स) पर महिंदर कौर की फोटो शेयर करते हुए टिप्पणी की थी कि 'ऐसी बुजुर्ग महिलाएं धरने में 100-100 रुपये लेकर आती हैं' या 'ऐसी दादी 100 रुपये में उपलब्ध हैं'। महिंदर कौर ने इसे अपनी गरिमा और प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने वाला बताया। कंगना ने दावा किया था कि यह ट्वीट गलती से रीट्वीट था और उन्होंने किसी को लक्ष्य नहीं किया, लेकिन शिकायतकर्ता पक्ष ने इसे मानहानिकारक माना। मामला IPC की धारा 499 और 500 (मानहानि) के तहत दर्ज है। कोर्ट की हालिया कार्यवाही 5 जनवरी 2026 को सुनवाई के दौरान कंगना रनौत कोर्ट में पेश नहीं हुईं। उनके वकील ने मुंबई में प्री-शेड्यूल्ड कामकाज और आधिकारिक प्रतिबद्धताओं का हवाला देते हुए पेशी से छूट की अर्जी दाखिल की। शिकायतकर्ता महिंदर कौर के वकील रघुबीर सिंह ने इसका कड़ा विरोध किया। उन्होंने कहा कि यह चौथी बार है जब कंगना छूट मांग रही हैं और संसद का सत्र खत्म होने के बाद भी अनुपस्थिति जानबूझकर की जा रही है, जो मुकदमे में देरी का प्रयास है। इसके बाद कोर्ट ने छूट की अर्जी खारिज कर दी और 15 जनवरी को व्यक्तिगत पेशी का आदेश दिया। कोर्ट ने यह भी कहा कि स्थायी छूट की उनकी पुरानी अर्जी पर भी 15 जनवरी को ही बहस होगी। पिछली कार्यवाहियां अक्टूबर 2025 में कंगना पहली बार कोर्ट में पेश हुई थीं और जमानत मिली थी। तब उन्होंने मौखिक रूप से माफी मांगी थी, लेकिन शिकायतकर्ता पक्ष ने इसे स्वीकार नहीं किया। नवंबर 2025 में आरोप तय (चार्ज फ्रेम) हो गए। कंगना ने सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट में केस रद्द करने की याचिका दायर की थी, लेकिन दोनों जगह राहत नहीं मिली। दिसंबर 2025 में भी वे पेश नहीं हुईं और छूट मिली थी, लेकिन कोर्ट ने चेतावनी दी थी। शिकायतकर्ता के वकील रघुबीर ने कहा- कंगना की अनुपस्थिति से मुकदमा लंबा खिंच रहा है। अब कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। वहीं, कंगना की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

पंजाब राइस इंडस्ट्री एसोसिएशन ने केंद्रीय मंत्री जोशी से रखी बड़ी मांगें

दिल्ली/चंडीगढ़. भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुघ के नेतृत्व में पंजाब राइस इंडस्ट्री एसोसिएशन (PRIA) के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रह्लाद जोशी से उनके निवास पर मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने पंजाब के चावल मिलिंग उद्योग से जुड़े गंभीर और महत्वपूर्ण मुद्दों की ओर उनका ध्यान आकर्षित किया, विशेष रूप से फोर्टिफाइड राइस कर्नल (ऍफ़आरके) नीति और राज्य में गहरे भंडारण संकट के समाधान पर जोर दिया। PRIA के अध्यक्ष भारत भूषण बिंटा के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल ने मौजूदा FRK नीति पर गहरी चिंता व्यक्त की। एसोसिएशन ने मांग की कि कम से कम मौजूदा वर्ष के लिए फोर्टिफाइड चावल की डिलीवरी को स्थगित किया जाए, यह बताते हुए कि केंद्र सरकार के पास पहले से ही देशभर के गोदामों में फोर्टिफाइड चावल का भारी भंडार मौजूद है। बिंटा ने कहा कि यदि एक वर्ष के लिए फोर्टिफाइड चावल की डिलीवरी रोक दी जाती है, तो FRK से जुड़ी जटिलताओं के कारण चावल मिलिंग उद्योग पर जो भारी दबाव बना हुआ है, वह काफी हद तक कम हो जाएगा। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि अतिरिक्त भंडार होने के बावजूद FRK पर लगातार जोर देने से मिलिंग कार्य प्रभावित हुआ है और पंजाब के चावल मिलरों पर अनावश्यक वित्तीय और परिचालन दबाव बढ़ा है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से जमीनी वास्तविकताओं को ध्यान में रखते हुए व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाने और उद्योग को तत्काल राहत देने की अपील की। चर्चा के दौरान तरुण चुघ ने सुझाव दिया कि एफआरके को जारी रखने के बजाय सरकार को कम पॉलिश किए गए चावल को स्वीकार करने की नीति पर विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान में एफसीआई पंजाब से अत्यधिक पॉलिश किया हुआ चावल स्वीकार कर रहा है, जो अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप नहीं है। चुघ ने जोर देकर कहा कि यदि कम पॉलिश चावल की नीति अपनाई जाती है, तो चावल की प्राकृतिक गुणवत्ता बनी रहेगी और फोर्टिफिकेशन की आवश्यकता स्वतः समाप्त हो जाएगी। इससे जहां उपभोक्ताओं और उद्योग दोनों को लाभ होगा, वहीं देश पर पड़ने वाला वित्तीय बोझ भी कम होगा।

रेकी पूरी, वारदात से पहले दबोचे गए आरोपी—लुधियाना में KCF के 2 सदस्यों की गिरफ्तारी

पंजाब पंजाब पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए खालिस्तान कमांडो फोर्स के सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पंजाब पुलिस की स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (SSOC) मोहाली ने लुधियाना की काउंटर इंटेलिजेंस के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो विदेशी हैंडलरों के निर्देश पर एक टारगेट किलिंग की योजना बना रहे थे। यह जानकारी पंजाब के पुलिस महानिदेशक (DGP) गौरव यादव ने बुधवार को सोशल मीडिया पर साझा की है। गिरफ्तार किए गए लुधियाना निवासी आरोपियों के कब्जे से एक 9 MM पिस्टल और 5 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपी यूके और जर्मनी में बैठे हैंडलरों के संपर्क में थे, जिनका संबंध प्रतिबंधित संगठन खालिस्तान कमांडो फोर्स (KCF) और कट्टरपंथी विचारधारा से जुड़ा हुआ है। DGP गौरव यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘x’ पर बताया कि विदेशी हैंडलरों के निर्देश पर आरोपियों ने लुधियाना में सरकारी और प्रमुख संस्थानों की रेकी की थी। इसके अलावा, उन्हें कुछ अन्य चिन्हित व्यक्तियों के बारे में जानकारी जुटाने और ग्राउंडवर्क करने का भी जिम्मा सौंपा गया था। इस मामले में मोहाली में FIR दर्ज कर ली गई है और नेटवर्क की आगे-पीछे की कड़ियों को खंगालने के लिए जांच जारी है।   बता दें कि, लुधियाना में आतंकी हमले की धमकी मिलने के बाद जिला पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम कर दिए थे। अगस्त महीने में सरकारी दफ्तरों को निशाना बनाए जाने से जुड़े इनपुट मिलने के बाद से ही सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई थीं। हालांकि उस समय पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी इसे नियमित सुरक्षा अभ्यास बता रहे थे। इसके बाद से अब तक लुधियाना के कई सरकारी दफ्तरों के बाहर इसी तरह के सुरक्षा प्रबंध लगातार बनाए रखे गए हैं।     गौरतलब है कि एक दिन पहले भी पंजाब पुलिस ने एक बड़ी साजिश को नाकाम करते हुए अर्श डल्ला गैंग से जुड़े 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने उनके पास से 4 अवैध पिस्टल, चार मैगजीन और 26 कारतूस बरामद किए थे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कुलदीप सिंह (निवासी गिल पट्टी, बठिंडा, वर्तमान में कनाडा), गुरविंदर सिंह (कोटशमीर, बठिंडा) और गगनदीप सिंह (गांव भोखरा, बठिंडा) के रूप में हुई है। जिनके पास से  एक ग्लॉक पिस्टल, एक जिगाना, एक .30 बोर और एक .32 बोर पिस्टल बरामद किए थे।

1.50 करोड़ का फ्रॉड: मोहाली के रियल एस्टेट कारोबारी के खिलाफ मामला दर्ज

पंजाब पंजाब में आए दिन ठगी के मामले सामने आ रहे हैं। इसी बीच लुधियाना पुलिस ने सख्त एक्शन लिया है। मिली जानकारी के अनुसार मोहाली के रियल एस्टेट कारोबारी पर धोखाधड़ी का आरोप लगा है, जिसे लेकर लुधियाना पुलिस कमिश्नर स्वप्न शर्मा के आदेशों पर एफआईआर दर्ज की गई है। जानकारी मुताबिक, कारोबारी समीर जुनेजा निवासी मोहाली जोकि गोल्ड स्टार प्रॉपर्टीज के मालिक हैं। उसने करीब 1.50 करोड़ रुपए की ठगी की है। शिकायतकर्ता गुरजोत सिंह निवासी पटियाला की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। शिकायतकर्ता गुरजोत सिंह ने बताया कि आरोपी कारोबारी समीर जुनेजा ने उससे 1.50 करोड़ रुपए लेकर भी उसकी जमीन की रजिस्ट्री नहीं करवाई। गुरजोत ने आगे बताया कि लुधियाना में उसके जानकार सुमित सचदेवा, जिनका शराब और अहाते का कारोबार है, उसने ही मोहाली के प्रॉपर्टी कारोबारी समीर जुनेजा से मुलाकात करवाई थी। इस दौरान प्रॉपर्टी की डील 1.50 करोड़ रुपए में हुई। कारोबारी समीर जुनेजा ने 1.50 करोड़ रुपए लेकर भी रजिस्ट्री नहीं करवाई। जांच करने करने पर बाद में पता चला कि प्रॉप्रटी समीर जुनेजा की थी ही नहीं। पूरा मामला पुलिस के पास पहुंचा तो पता चला कि समीर जुनेजा ने करोड़ों रुपए की ठगी की है। इसके बाद लुधियाना पुलिस कमिश्नर स्वप्न शर्मा ने एक्शन लेते हुए कारोबारी समीर जुनेजा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है।

पंजाब में नशे की समस्या को लेकर सीएम भगवंत मान का बड़ा बयान: ‘नशा लहर से होगा समाधान’

चंडीगढ़  पंजाब के सीएम भगवंत मान ने कहा है कि नशा लहर से खत्म होगा, कहर से खत्म नहीं होगा. पंजाबियों के सामने बड़ी-बड़ी मुसीबत भी बौनी साबित होती है. हमारे गुरुओं ने वरदान दिया है यहां कोई भूखा नहीं मर सकता. प्रदूषण को लेकर उन्होंने कहा कि अब पराली तो नहीं जल रही फिर दिल्ली में प्रदूषण क्यों है? पंजाब सरकार की नशे के विरुद्ध मुहिम पूरे सख्ती के साथ लगातार आगे बढ़ रही है। सरकार ने साफ कर दिया है कि नशे के खिलाफ यह लड़ाई आधी-अधूरी नहीं होगी, बल्कि इसे अंजाम तक पहुंचाया जाएगा। इसी कड़ी में आज बुधवार को जालंधर में इस अभियान के दूसरे चरण की औपचारिक शुरुआत होने जा रही है। इस मौके पर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान खुद मौजूद रहेंगे। पहले चरण में सरकार ने नशा तस्करों के खिलाफ बड़ी और सख्त कार्रवाई की। पुलिस और प्रशासन ने मिलकर राज्यभर में अभियान चलाया, जिसमें हजारों नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया। इस दौरान भारी मात्रा में नशीले पदार्थ बरामद किए गए और करोड़ों रुपये की ड्रग मनी भी जब्त की गई। सरकार का कहना है कि यह सिर्फ शुरुआत है और आने वाले समय में कार्रवाई और तेज होगी। आंकड़ों की बात करें तो पहले चरण में अब तक 1,859 किलो हेरोइन बरामद की जा चुकी है। इसके अलावा 43 हजार से ज्यादा नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। इस पूरे अभियान के दौरान 29,978 एफआईआर दर्ज की गईं और करीब 15.32 करोड़ रुपये की ड्रग मनी जब्त की गई। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में चल रही यह मुहिम सिर्फ नशा तस्करों पर कार्रवाई तक सीमित नहीं है। सरकार का मकसद युवाओं को नशे की दलदल से बाहर निकालना भी है। इसके लिए नशा मुक्ति केंद्रों को मजबूत किया जा रहा है, जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं और युवाओं को रोजगार व सकारात्मक दिशा देने पर भी जोर दिया जा रहा है। सरकार का मानना है कि नशा पंजाब के भविष्य के लिए सबसे बड़ा खतरा है और अगर इसे अभी नहीं रोका गया तो आने वाली पीढ़ियां इसकी भारी कीमत चुकाएंगी। इसलिए युद्ध नशे के विरुद्ध अभियान को प्रदेश में नशे के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी और संगठित कार्रवाई माना जा रहा है। वहीं आज जालंधर से शुरू होने वाला दूसरा चरण इस लड़ाई को और मजबूती देगा।

चंडीगढ़ मेयर चुनाव में कांग्रेस के समर्थन को आप ने ठुकराया

चंडीगढ़. मेयर चुनाव के लिए आम आदमी पार्टी को बिना शर्त समर्थन देने की घोषणा किए कांग्रेस को 24 घंटे भी नहीं गुजरे हैं। आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच इंटरनेट मीडिया पर वार शुरू हो गई है। आप ने कांग्रेस पर तीखा प्रहार करते हुए उसकी भाजपा के साथ साठगांठ बता दी है। एक तरह से कांग्रेस के समर्थन को भी आप ने ठोकर मार दी है। शहर पहुंचे आप चंडीगढ़ प्रभारी जरनैल सिंह ने एक्स पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष मलिकार्जुन खरगे की हाथ मिलाते फोटो साझा कर हमला बोला। जरनैल सिंह ने लिखा कि एक तरफ कट्टर विरोधी बनने का दिखावा, दूसरी ओर सत्ता में साझेदारी। चंडीगढ़ में भाजपा का मेयर होना और कांग्रेस के पास सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर के पद होना दोनों की अंदरूनी मिलीभगत का साफ और मजबूत सुबूत है। सरदार जरनैल सिंह ने लिखा कि दोनों की यह नूरा कुश्ती सब देख रहे हैं। देश अब इस फर्जी लड़ाई और नाटक को समझ चुका है। यह खेल अब ज्यादा दिनों तक नहीं चलने वाला। कांग्रेस का पलटवार आप प्रभारी के बयान पर कांग्रेस अध्यक्ष एचएस लक्की ने पलटवार करते हुए लिखा कि जब 2024 में मेयर आप का और सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर भाजपा के बने थे तब कौन सी कुश्ती खेली जा रही थी। कांग्रेस नहीं आप भाजपा की बी टीम है। उनके पार्षदों ने ही भाजपा मेयर बनवाए। आप का जवाब आप ने एक्स पर कांग्रेस अध्यक्ष से पूछा उनका 2022 और 2023 में मेयर चुनाव का बायकाट करने का क्या कारण था जिससे भाजपा के मेयर दोनों साल लगातार बने। क्या दोनों के बीच कोई गोपनीय डील हुई थी। चंडीगढ़ की जनता यह जानना चाहती है। मेयर नहीं आप ने शुरू की निगम चुनाव की लड़ाई कांग्रेस के बिना शर्त समर्थन के अगले ही दिन आप प्रभारी का इस तरह से एक्स पर हमला करना सोची समझी रणनीति का हिस्सा है। उनकी नजर मेयर की कुर्सी पर इस बार नहीं है। नंबर भी पर्याप्त नहीं हैं उन्हें पता है कि भाजपा मेयर तो बना ही लेगी फिर चाहे कांग्रेस का साथ क्यों न हो। इसलिए उन्होंने मेयर कुर्सी दांव पर लगाकर साल के आखिर में होने वाले निगम चुनाव के लिए ग्राउंड तैयार करना शुरू कर दिया है। कांग्रेस ने मेयर चुनाव में भले समर्थन किया साथ ही निगम चुनाव में अलग मैदान में उतरने की घोषणा की थी। इस वजह से अगर कांग्रेस के समर्थन से आप मेयर बनाती है तो भाजपा दोनों को एक ही बताएगी। आप कमजोर होगी। अब मेयर पद नहीं भी मिलता है तो आप कांग्रेस पर निशाना साधती रहेगी। बिना मांगे दिया जा रहा समर्थन – राष्ट्रीय पार्टी कांग्रेस आप के आगे घुटने टेक चुकी है। बिना मांगे ही समर्थन दिया जा रहा है। पंजाब में दोनों एक दूसरे को गाली दे रहे हैं। भाजपा को नीचा दिखाने के चक्कर में चंडीगढ़ के नेताओं ने कांग्रेस को बहुत नीचे गिरा दिया है। वह यह भूल गए के कांग्रेस बड़ा दल है। भाजपा मेयर ने एक वर्ष में इतने विकास कार्य कराए कि अब यह बौखला गए हैं। दोनों मिलकर भी भाजपा को नहीं हरा सकते तो अब निगम चुनाव के लिए नौटंकी शुरू कर दी है। जनता जानती है यह दोनों एक ही हैं। -देवेंद्र सिंह बबला, उपाध्यक्ष, भाजपा।

डल्लेवाल के किसान मोर्चे में दो फाड़, जानें किसने ली कमान

पटियाला पंजाब की राजनीति और किसान आंदोलनों में सक्रिय रहने वाली 'भारतीय किसान यूनियन (एकता-सिद्धूपुर)'  दो गुटों में बंट गई। संगठन के आठ जिलों के अध्यक्षों और वरिष्ठ पदाधिकारियों ने मौजूदा अध्यक्ष जगजीत सिंह डल्लेवाल के खिलाफ बगावत कर दी है। नाराज गुट ने संगठन के संस्थापक पिशोरा सिंह सिद्धूपुर के बेटे दलबीर सिंह सिद्धूपुर को अपना नया संयोजक घोषित कर दिया है। पटियाला के पास बहादरगढ़ में हुई एक बड़ी बैठक के बाद बागी गुट ने डल्लेवाल पर कई गंभीर आरोप लगाए। पदाधिकारियों का आरोप है कि डल्लेवाल तानाशाह की तरह संगठन चला रहे थे। पिछले छह साल से संगठन के चुनाव नहीं कराए गए, जबकि नियम के अनुसार हर तीन साल में चुनाव होने चाहिए। दलबीर सिंह सिद्धूपुर ने आरोप लगाया कि संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) से अलग होकर शंभू और खनौरी बॉर्डर पर मोर्चा लगाना एक गलत फैसला था। उन्होंने दावा किया कि साल भर चले इस विरोध प्रदर्शन में किसानों की जान गई और कई किसानों के ट्रैक्टर व सामान चोरी हो गए, जिनका अब तक पता नहीं चला। आरोप है कि जिन सदस्यों ने डल्लेवाल के फैसलों पर सवाल उठाए, उन्हें संगठन से बाहर कर दिया गया। कौन हैं जगजीत सिंह डल्लेवाल? डल्लेवाल किसान आंदोलन 2.0 का सबसे प्रमुख चेहरा रहे हैं। उन्होंने न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी जैसी मांगों को लेकर पिछले साल 26 नवंबर से 9 अप्रैल तक (131 दिन) लंबा अनशन किया था। खनौरी बॉर्डर पर हुए प्रदर्शन का नेतृत्व भी उन्होंने ही किया था। बागी गुट ने संगठन के नए चुनाव कराने के लिए 5 सदस्यीय कमेटी बना दी है। दूसरी ओर डल्लेवाल गुट ने फिलहाल चुप्पी साधी हुई है, लेकिन उनके करीबी नेता काका सिंह कोटरा ने संगठन में किसी भी तरह की फूट से इनकार किया है। डल्लेवाल गुट बुधवार को जालंधर में एक कॉन्फ्रेंस कर इन आरोपों का जवाब दे सकता है।

एयरपोर्ट से घर जाते समय ट्रक और पेड़ से टकराई कार

चंडीगढ़. दुबई से लौटकर आपने घर शाहकोट जा रहे युवक की रास्ते में लोहियां-मलसियां मार्ग पर हादसे में मौत हो गई, जबकि उसके एक दोस्त को इलाज के लिए जालंधर रैफर किया गया है तथा दूसरा दोस्त भी घायल है। जानकारी के अनुसार दीपक शर्मा पुत्र जगजीत राय निवासी कोटला सूरज मल्ल शाहकोट जो आज दुबई से लौटने के बाद कार से घर आ रहा था। इस दौरान तेज गति से चल रही कार गांव निहालुवाल के सरकारी सीनियर सैकेंडरी स्कूल के सामने से आ रही स्विफ्ट कार से टकराने के बाद ट्रक से जा टकराई, जिसके बाद कार बेकाबू होकर पेड़ से टकरा गई जिससे दीपक शर्मा की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका दोस्त वंश अरोड़ा गंभीर घायल हो गया जिसे उपचार के लिए जालंधर भेजा गया है। मृतक दीपक शर्मा के जीजा ने बताया कि अमृतसर एयरपोर्ट पर उतरने के बाद उसने कहा कि वह खुद ही बस से गांव पहुंच जाएगा। इसके बाद दीपक शर्मा ने शाहकोट में रहते अपने दोस्तों वंश अरोड़ा और साहिल अरोड़ा को इंडिया आने की जानकारी दी। जिस पर दोनों दोस्त आई-20 कार में उसे लेने अमृतसर एयरपोर्ट पर पहुंच गए। मृतक दीपक जो दुबई में ड्राइवरी करता था, खुद कार चलाने लगा। वह कार इतनी तेज गति से चला रहा था कि विपरीत दिशा से आ रही स्विफ्ट कार से टकराने के बाद ट्रक से टकराकर पेड़ से जा टकराई। आसपास के लोगों ने कार में से सभी को बाहर निकालने की कोशिश की तो दीपक शर्मा मौके पर ही दम तोड़ गया था, जबकि उसका एक दोस्त वंश अरोड़ा गंभीर रूप से ज़ख़्मी हो गया। उसके अन्य दोस्त साहिल अरोड़ा को मामूली चोटें ही लगी हैं। दीपक की लाश को नकोदर मोर्चरी में रखा गया है। थाना लोहियां के ए.एस.आई. हरविंदर सिंह ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है और हादसे की जांच की जा रही है। मृतक दीपक अपने पीछे पत्नी और 2 बच्चों को छोड़ गया है।

CBSE देगा बोर्ड परीक्षाओं से पहले छात्रों को मुफ्त मेंटल हेल्थ काउंसलिंग सेवा

चंडीगढ़. बोर्ड परीक्षाओं के दबाव और छात्रों की मानसिक सेहत को प्राथमिकता देते हुए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कक्षा 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों के लिए मुफ्त साइको-सोशल काउंसलिंग सेवा की शुरुआत कर दी है। यह सेवा वर्ष 2026 की बोर्ड परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए शुरू की गई है और 1 जून 2026 तक जारी रहेगी। CBSE द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, यह काउंसलिंग सुविधा बोर्ड की वार्षिक पहल का पहला चरण है, जिसका उद्देश्य छात्रों और अभिभावकों को परीक्षा से जुड़े तनाव, डर और भावनात्मक समस्याओं से उभरने में मदद करना है। टेली-काउंसलिंग सेवा के तहत विद्यार्थी और माता-पिता सोमवार से शुक्रवार सुबह 9:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक विशेषज्ञों से बात कर सकते हैं। इस कार्यक्रम के तहत कुल 73 अनुभवी प्रशिक्षित विशेषज्ञ छात्रों का मार्गदर्शन करेंगे। इनमें CBSE से जुड़े स्कूलों के प्रिंसिपल, प्रशिक्षित काउंसलर, स्पेशल एजुकेटर और मनोवैज्ञानिक शामिल हैं। इनमें से 61 विशेषज्ञ भारत में सेवाएं दे रहे हैं, जबकि 12 काउंसलर नेपाल, जापान, कतर, ओमान और यूएई जैसे देशों से जुड़े हुए हैं। यह सेवा शनिवार और रविवार को उपलब्ध नहीं रहेगी। CBSE का कहना है कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य छात्रों को मानसिक रूप से मजबूत बनाना है, ताकि वे फरवरी में शुरू होने वाली बोर्ड की थ्योरी परीक्षाओं का सामना बिना तनाव और घबराहट के कर सकें। बोर्ड के अनुसार, मानसिक संतुलन और सकारात्मक सोच परीक्षा प्रदर्शन में अहम भूमिका निभाते हैं। इसके अलावा, छात्र और अभिभावक टोल-फ्री नंबर 1800-11-8004 पर कॉल कर 24×7 आईवीआरएस सुविधा का लाभ भी उठा सकते हैं। यह सेवा हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध है, जिसमें परीक्षा तैयारी, समय प्रबंधन, तनाव नियंत्रण और CBSE से जुड़ी जरूरी जानकारियां दी जाती हैं। CBSE ने यह भी स्पष्ट किया है कि तनाव प्रबंधन और प्रभावी पढ़ाई से जुड़े कई उपयोगी संसाधन बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट cbse.gov.in पर उपलब्ध हैं, जिन्हें छात्र किसी भी समय एक्सेस कर सकते हैं।