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पंजाब शिक्षा विभाग का बड़ा कदम, अब RTE के तहत गरीब बच्चों को मिलेगा प्राइवेट स्कूलों में एडमिशन

लुधियाना : पंजाब में अब गरीब बच्चों के लिए प्राइवेट स्कूलों में दाखिला मिलना आसान हो गया है। पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश के बाद शिक्षा विभाग ने प्राइवेट स्कूलों में गरीब बच्चों को एडमिशन देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस कदम से राज्य के उन बच्चों को फायदा होगा जो शिक्षा के अवसरों से वंचित थे। पंजाब के सभी प्राइवेट स्कूलों के प्रिंसिपल्स को 12 जनवरी तक विभाग की वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन करवाने के निर्देश दिए गए हैं। शिक्षा विभाग ने साफ किया है कि रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया के बाद गरीब बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में एडमिशन दिलवाने का काम विभाग करेगा। राइट टू एजुकेशन एक्ट के तहत प्राइवेट स्कूलों को अपनी 25 प्रतिशत सीटें गरीब बच्चों के लिए रिजर्व रखनी होती हैं। इन रिजर्व सीटों पर बच्चों का दाखिला शिक्षा विभाग की ओर से भेजे गए सिफारिशों के आधार पर होगा। इससे सुनिश्चित किया जाएगा कि गरीब बच्चों को सही तरीके से सरकारी सुविधाएं मिल सकें। पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने फरवरी 2025 में आदेश दिए थे कि प्राइवेट स्कूलों को गरीब बच्चों के लिए 25 प्रतिशत सीटें रिजर्व रखनी होंगी। मार्च 2025 में शिक्षा विभाग ने इस आदेश के तहत सभी प्राइवेट स्कूलों को निर्देश दिए थे कि वे गरीब बच्चों के लिए सीटें खाली रखें। हालांकि, शिक्षा सत्र शुरू होने के करीब 10 महीने बाद भी प्राइवेट स्कूलों में किसी भी गरीब बच्चे का एडमिशन नहीं हो सका और रिजर्व सीटें खाली पड़ी रहीं। वहीं पंजाब में 7806 गैर-वित्तीय सहायता प्राप्त प्राइवेट स्कूल हैं। हर स्कूल में एंट्री लेवल पर लगभग 12 सीटें रिजर्व रखनी होती हैं। सीबीएसई और आईसीएसई स्कूलों में कई सेक्शन होते हैं, और इस तरह से अनुमान है कि करीब 1 लाख गरीब बच्चे प्राइवेट स्कूलों में दाखिला लेने से वंचित रह गए हैं। स्कूल संघ पंजाब के को-ऑर्डिनेटर राजेश नागर ने कहा कि सरकार को आरटीई के तहत रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शिक्षा सत्र की शुरुआत में ही पूरी करनी चाहिए थी, ताकि बच्चों को समय पर शिक्षा मिल सके। वहीं, स्कूल संघ पंजाब के महासचिव भुवनेश भट्ट ने यह भी कहा कि शिक्षा विभाग को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि जो बच्चे आरटीई के तहत एडमिशन लें, उन्हें समय पर किताबें, वर्दी और अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध करवाई जाए, ताकि उनकी पढ़ाई में कोई रुकावट न आए। शिक्षा विभाग भेजेगा प्राइवेट स्कूलों में गरीब विद्यार्थी राइट टू एजुकेशन एक्ट के तहत गरीब विद्यार्थियों के सरकारी स्कूलों में 25 फीसदी सीटें रिजर्व रखनी होती हैं। रिजर्व सीटों पर दाखिले के लिए बच्चे शिक्षा विभाग की तरफ से रिकमंड किए जाने हैं ताकि विभाग के पास दाखिल करवाए गए बच्चों का रिकार्ड रहे और उनको विभागीय सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा सके। मार्च में दिए थे 25 प्रतिशत सीट खाली रखने के आदेश फरवरी 2025 में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश के बाद शिक्षा विभाग ने मार्च 2025 में प्राइवेट स्कूलों को आदेश दिए थे कि वो गरीब बच्चों के एडमिशन के लिए 25 प्रतिशत सीट खाली रखें। विभाग के आदेश पर प्राइवेट स्कूलों ने सीटें खाली रखी लेकिन शिक्षा सत्र शुरू हुए 10 महीने बीत गए लेकिन शिक्षा विभाग ने एक भी गरीब बच्चे का एडमिशन प्राइवेट स्कूल में नहीं करवाया और प्राइवेट स्कूलों में रिजर्व रखी 25 प्रतिशत सीटें खाली रह गई। 1 लाख से ज्यादा बच्चे एडमिशन से रह गए वंचित पंजाब में 7806 गैर वित्तीय सहायता प्राप्त यानि प्राइवेट स्कूल हैं। स्कूल में एंट्री क्लास का अगर एक सेक्शन हो तो हर स्कूल में 12 बच्चों के एडमिशन के लिए सीट खाली हैं। सीबीएसई व आईसीएससी स्कूलों में एंट्री लेवल पर चार से पांच सेक्शन तक भी हैं। इस तरह पंजाब में कम से कम 1 लाख गरीब बच्चे प्राइवेट स्कूलों में दाखिला लेने से वंचित रह गए। स्कूल संघ ने किया किया स्वागत स्कूल संघ पंजाब के कोऑर्डिनेटर राजेश नागर ने कहा कि सरकार को आरटीई के तहत यह रजिस्ट्रेशन शिक्षा सत्र के शुरुआत में करवानी चाहिए थी ताकि गरीब बच्चों को इसका लाभ मिलता। वहीं स्कूल संघ पंजाब के महासचिव भुवनेश भट्ट ने कहा कि आरटीई के तहत एडमिशन लेने वाले बच्चों को सरकार समय पर किताबें, वर्दी व अन्य सामग्री समय पर उपलब्ध करवाए ताकि उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो और बाकी बच्चों के बीच में वो खुद को अलग महसूस न करें। 12 जनवरी तक स्कूल करें रजिस्ट्रेशन डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन सेकेंडरी गुरदीप सिंह सोढ़ी का कहना है कि स्कूलों को 12 जनवरी तक डिपार्टमेंट की साइट पर रजिस्ट्रेशन करवानी होगी। उन्होंने कहा कि रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया के बाद गरीब बच्चों को आरटीई के तहत प्राइवेट स्कूलों में दाखिला देने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। रजिस्ट्रेशन के लिए आवश्यक जानकारी डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन सेकेंडरी, गुरदीप सिंह सोढ़ी ने बताया कि 12 जनवरी तक सभी स्कूलों को रजिस्ट्रेशन करना होगा। स्कूलों को रजिस्ट्रेशन करते वक्त जानकारी अपलोड करनी होगी। स्कूल का प्रकार (गर्ल्स, ब्वॉयज, या को-एजुकेशनल) पढ़ाई का मीडियम (पंजाबी, अंग्रेजी, या हिंदी) स्कूल को मान्यता मिलने का वर्ष पिन कोड प्रिंसिपल / हेडमास्टर / हेडमिस्ट्रेस का नाम संपर्क नंबर और स्कूल की वेबसाइट विभाग या बोर्ड से एफिलिएशन नंबर एंट्री क्लास में कुल सीटों की संख्या सालाना स्कूल फीस का विवरण स्कूल का पता और लोकेशन स्कूल का स्तर (प्राइमरी, अपर प्राइमरी, सेकेंडरी, सीनियर सेकेंडरी)

कनाडा सरकार ने पंजाबियों को दिया झटका, बुजुर्गों की PR पर रोक, केयरगिवर प्रोग्राम भी रोका

ओटावा कनाडा ने वीजा नियमों में बदलाव कर पंजाबियों को बड़ा झटका दिया है। इसके तहत अब देखभाल के बहाने बुजुर्गों के परमानेंट रेसिडेंस वीजा पर रोक लगा दी गई है। हालांकि अभी भी इनके पास सुपर वीजा का आप्शन खुली रहेगी। इसके तहत 5 साल तक लगातार कनाडा में रहा जा सकता है।  कनाडा इमिग्रेंट डिपार्टमेंट ने केवल बुजुर्गों की PR पर रोक लगाई है। कनाडा जाने पर रोक नहीं है। अगर वे घूमने या कुछ समय तक जाना चाहते हैं तो ऐसे वीजा पर कोई रोक नहीं रहेगी। कनाडा सरकार 2026-2028 के लिए PR की संख्या कम कर रही है। इस कटौती के तहत माता-पिता और दादा-दादी को बुलाने वाले प्रोग्राम (PGP) के नए आवेदनों को रोका गया है। 2025 में PGP के तहत नए आवेदन नहीं लिए जा रहे हैं। केवल 2024 में सबमिट किए गए आवेदनों को ही प्रोसेस किया जाएगा। साल 2024 में, कनाडा ने माता-पिता और दादा-दादी कार्यक्रम (PGP) के तहत लगभग 27,330 नए PR वीजा दिए थे। इसके अलावा कनाडा सरकार ने अपना केयरगिवर कार्यक्रम को भी बंद कर दिया है। हर साल 6 हजार पंजाबी बुजुर्ग करते PR के लिए अप्लाई कनाडा में दूसरे देशों से आकर रहने वाले लोग अपने बुजुर्गों को यहां बुलाते हैं। हर साल लगभग 25 से 30 हजार बुजुर्गों को PR मिलती है। इसमें 6 हजार के लगभग पंजाबी बुजुर्ग शामिल होते हैं। कनाडा के इमिग्रेशन डिपार्टमेंट के अनुसार इस वक्त कनाडा में कुल 81 लाख के करीब लोग ऐसे हैं जिनकी उम्र 65 साल से ज्यादा है। कनाडा सरकार का कहना है कि ये रोक 2026-2028 तक के लिए है। इसके बाद रिव्यू किया जाएगा। समीक्षा के बाद PGP प्रोग्राम को दोबारा शुरू करने का निर्णय लिया जाएगा। केयरगिवर प्रोग्राम पर भी लगाई गई रोक दिसंबर 2025 में कनाडा सरकार ने केयरगिवर के नाम से शुरू 'होम केयर वर्कर' पायलट प्रोग्राम को भी अगले आदेश तक रोक दिया है। यह प्रोग्राम उन लोगों के लिए था जो बुजुर्गों या बच्चों की देखभाल के लिए कनाडा जाना चाहते थे। अब यह मार्च 2026 में दोबारा नहीं खुलेगा। कनाडा सरकार ने अपनी इमिग्रेशन पॉलिसी 2026-2028 के तहत इमिग्रेशन की संख्या को सीमित करने का फैसला किया है। इसका मुख्य कारण आवास की कमी और सेहत सेवाओं पर बढ़ता दबाव बताया जा रहा है। तीर्थ सिंह ने बताया- अभी नियम जानना बाकी, बच्चों से मिलने के कई आप्शन जालंधर बस स्टैंड के पास पिनेकल वीजा के मालिक तीर्थ सिंह ने बताया कि कनाडा ने बुजुर्गों के पीआर को लेकर जो रोक लगाई है, उसके नियम अभी स्पष्ट नहीं हो पाए हैं। पूरी पॉलिसी पढ़ने के बाद पता चल सकेगा। बच्चों से मिलने जाने वाले बुजुर्गों में ये पैनिक वाली न्यूज है। मुझे कई बुजुर्गों के फोन आ चुके हैं कि अब क्या करेंगे। मैंने उनको बताया है कि डरने की बात नहीं है, कई और भी आप्शन हैं। बच्चों से मिलने के लिए जा सकते हैं। कनाडा ने ऐसा पहली बार नहीं किया है, पहले भी ऐसा किया जा चुका है।

भारत-कनाडा के संबंधों में सुधार से नाराज खालिस्तान समर्थक, कनेडियन सिखों को अलग-थलग करने का आरोप

चंडीगढ़  खालिस्तान समर्थक हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद कनाडा और भारत सरकार के संबंधों में आई दरार के बाद कनाडा सरकार अब भारत के साथ संबंध बहाल करके व्यापार करना चाहती है। इसके लिए ब्रिटिश कोलंबिया के प्रीमियर डेविड एबी एक प्रतिनिधि मंडल के साथ भारत दौरे पर।  ब्रिटिश कोलंबिया के प्रीमियर डेवी एबी 12 जनवरी से 17 जनवरी तक भारत दौरे पर आ रहे हैं। डेवी एबी का यह दौरा ट्रेड मिशन के तहत किया जा रहा है। वहीं बीसी में रहने वाले खालिस्तान समर्थकों ने कनाडा को सरकार भारत के साथ व्यापार न करने को कहा है। उनका कहना है कि भारत ने कनाडा में रहने वाले सिखों का कत्ल किया है। सिखों को अलग-थलग कर रही है सरकार गुरु नानक सिख गुरुद्वारा सरे के सेक्रेटरी भूपिंदर सिंह होथी का कहना है कि बीसी प्रीमियर डेविड एबी कह रहे हैं कि बीसी सिटिजन के फायदे के लिए व्यापार का फैसला लिया जा रहा है। इसका मतलब यह है कि कनेडियन सिखों को अलग-थलग किया जा रहा है। सिखों के कत्ल हो रहे हैं। सिखों के बिजनेस को खतरा पहुंचाया जा रहा है। कनाडा भारत से न करे व्यापार बीसी गुरुद्वारा काउंसिल के मोहिंदर सिंह ने कहा कि, हम उन लोगों के साथ हाथ मिलाने जा रहे हैं जिनके हाथ सिखों के खून से रंगे हैं। कनेडियन सिटिजन के खून से रंगे हैं। इसमें कोई भी ठोस बात सामने नहीं निकलेगी। अगर हमनें इकॉनोमिक व ट्रेड डाइवरसीफिकेशन को देखना है तो भारत के अलावा कई देश हैं जिनसे बात की जा सकती है। भारत ने यहां पर हिंसा की है। उनके साथ हाथ मिलाना ठीक नहीं है। उनका कहना है कि अमेरिका की तर्ज पर कनाडा को टैरिफ लगाना चाहिए। दरअसल, खालिस्तान समर्थक हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के लिए वो भारत को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। खालिस्तान समर्थकों के एजेंडे को होगा नुकसान उन्होंने कहा कि, भारत-कनाडा के संबंधों में सुधार से खालिस्तान समर्थकों के एजेंडे को नुकसान हो सकता है। इसलिए खालिस्तान समर्थक नहीं चाहते कि भारत और कनाडा के संबंध अच्छे हों। दरअसल, कनाडा में बैठे खालिस्तान समर्थक भारत के खिलाफ अपना एजेंडा चलाते हैं। उन्हें डर है कि अगर भारत से संबंध अच्छे हुए तो उनकी गतिविधियों पर रोक लग सकती है। 12 से 17 जनवरी तक भारतीय दौरे पर रहेंगे ब्रिटिश कोलंबिया के प्रीमियर डेविड एबी (David Eby) और बीसी के जॉब्स और इकोनॉमिक्स मंत्री रवि कालोन 12 से 17 जनवरी 2026 तक भारत के दौरे पर आ रहे हैं। यह दौरा एक व्यापार मिशन के रूप में किया जा रहा है। जिसे दोनों देशों के बीच आर्थिक और कारोबारी संबंधों को मजबूत करने के उद्देश्य से बनाया गया है। इस मिशन के दौरान प्रतिनिधि मंडल नई दिल्ली, मुंबई, चंडीगढ़ और बेंगलुरु जैसे प्रमुख स्थानों पर भारत सरकार के अधिकारियों, उद्योगों और व्यापारिक समुदाय के साथ मुलाकात करेंगे। इस दौरे के जरिए बीसी के उत्पादों और व्यवसायों को भारतीय बाजार में बढ़ावा देना, नए निवेश और व्यापारिक समझौते किए जा सकते हैं।

पंजाब सरकार ने लिया बड़ा फैसला, झज्जर बचौली सैंक्चुअरी का नाम गुरु तेग बहादुर साहिब रखा

चंडीगढ़  पंजाब राज्य वन्यजीव बोर्ड की स्टैंडिंग कमेटी ने वीरवार को अहम फैसला लिया है जिसमें रूपनगर जिले की झज्जर-बचौली वन्यजीव सेंक्चुअरी का नाम नौवें सिख गुरु श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के नाम पर रखने की मंजूरी दी गई है। बैठक की अध्यक्षता करते हुए वन एवं वन्यजीव सुरक्षा मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी का 350वां शहीदी दिवस पिछले साल 25 नवंबर को श्री आनंदपुर साहिब में श्रद्धा के साथ मनाया गया था। कैबिनेट मंत्री हरजोत बैंस ने झज्जर-बचौली जंगली जीव सेंक्चुअरी का नाम बदलकर श्री गुरु तेग बहादुर जी के नाम पर रखने की सिफारिश भेजी थी जिसे बोर्ड ने मान लिया है। यह सेंक्चुअरी तीन गांवों झज्जर, बचौली और लमलेहरी में 289 एकड़ क्षेत्र में फैली हुई है।  आनंदपुर साहिब में स्थित है सैंक्चुअरी झज्जर-बचौली वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी पंजाब के रूपनगर जिले में, श्री आनंदपुर साहिब के पास स्थित है। आनंदपुर साहिब से करीब 15 किलोमीटर दूर है और सतलुज नदी के आसपास फैली हुई है। यह सैंक्चुअरी जंगल और जानवरों की सुरक्षा के लिए बनाई गई है। यहां खैर, शीशम, नीम और आंवला जैसे पेड़-पौधे हैं, जिससे यह इलाका हरा-भरा रहता है। सैंक्चुअरी में नीलगाय, हिरण, जंगली सूअर और सियार जैसे जानवर पाए जाते हैं। यह जगह वन्यजीवों को बचाने और प्रकृति देखने वाले लोगों के लिए खास है। सरकार इसे पर्यटन के रूप में भी विकसित करना चाहती है। पहले आनंदपुर साहिब को यह सौगात मिली थी पंजाब सरकार द्वारा इस समय गुरु तेग बहादुर जी का 350वां शहीदी शताब्दी समारोह मनाया जा रहा है। इस संबंध में सरकार की तरफ से श्री आनंदपुर साहिब में भव्य समारोह करवाया गया था। इस दौरान सर्वधर्म संत सम्मेलन भी आयोजित किया गया था। क्योंकि शहीदी के बाद उनके शीश को यहां लगाया था। वहीं, 24 नवंबर को पंजाब सरकार की तरफ से पहली बार चंडीगढ़ से बाहर विशेष विधानसभा सत्र आयोजित किया गया था। इस दौरान सीएम भगवंत मान ने श्री आनंदपुर साहिब समेत तीन तख्तों को होली सिटी बनाने का ऐलान किया था। इसके बाद उन्होंने आनंदपुर साहिब में गुरु तेग बहादुर जी के नाम पर वर्ल्ड क्लास यूनिवर्सिटी बनाने की घोषणा की थी।

पंजाब में हाई-सिक्योरिटी नंबर प्लेट के लिए ऑनलाइन आवेदन, 2019 से पुराने वाहनों को भी शामिल किया गया

अमृतसर  पंजाब में अब लोगों को अपने वाहनों पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट (HSRP) लगवाने के लिए केवल ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इसके लिए ट्रांसपोर्ट दफ्तर या सुविधा केंद्र जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। 1 अप्रैल 2019 से पहले पंजीकृत वाहनों की रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया भी अब ऑनलाइन ही होगी। यह सारा काम एक निजी कंपनी के सहयोग से किया जाएगा। इसके बाद जिन वाहनों पर हाई-सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं लगी होगी, उनके खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी। ऐसे बुक करनी होगी अप्वाइंटमेंट पंजाब सरकार की ओर से यह जिम्मेदारी सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) को सौंपी गई है। ऐसे में लोगों को अपने वाहनों के लिए हाई- सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगवाने के लिए SIAM की वेबसाइट www.siam.in पर जाना होगा। वेबसाइट पर जाकर वाहन की रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसके बाद विभाग की ओर से तय तारीख पर नंबर प्लेट लगवाने के लिए बुलाया जाएगा। इसी तरह पूरी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। दलालों से बचने की सलाह विभाग ने लोगों को सख्त हिदायत दी है कि वे किसी भी एजेंट या दलाल के झांसे में न आएं। पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और ऑनलाइन है। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब हाल ही में विजिलेंस विभाग ने लाइसेंस और आरसी घोटाले का पर्दाफाश किया था।

पंजाब सरकार में बड़ा प्रशासनिक बदलाव, बदले गए अहम विभागों के प्रभार

चंडीगढ़ पंजाब सरकार एक बार फिर अपने मंत्रिमंडल में बड़ा फेरबदल कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक इस बार कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा को लोकल बॉडी (नगर निकाय) विभाग दिया गया है, जबकि डॉ. रवजोत सिंह को एनआरआई विभाग की कमान सौंपी गई है। माना जा रहा है कि ये बदलाव प्रशासनिक क्षमता बढ़ाने और क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखने के उद्देश्य से किए गए हैं। यह सातवीं बार है जब भगवंत मान सरकार ने अपने मंत्रियों के विभागों में बदलाव किया है। आप सरकार के सत्ता में आने के बाद लगातार कई मंत्रियों के विभाग बदले गए या उन्हें मंत्रिमंडल से बाहर किया गया है। जुलाई 2025 में भी हुए थे बड़े बदलाव जुलाई 2025 में संजीव अरोड़ा को पहली बार कैबिनेट में शामिल किया गया था। उसी समय कुलदीप सिंह धालीवाल को कैबिनेट से हटाया गया और उनका एनआरआई विभाग अरोड़ा को सौंपा गया था। इससे पहले सितंबर 2024 में बड़ा फेरबदल हुआ था, जिसमें चेतन सिंह जौड़ामाजरा, बलकार सिंह,  ब्रह्म शंकर जिम्पा और अनमोल गगन मान जैसे चार मंत्रियों को हटाकर उनकी जगह पांच नए चेहरों को मौका दिया गया था।   राजनीतिक समीकरण और उपचुनाव बने आधार इन बदलावों को मंत्रियों का आंतरिक प्रदर्शन और उपचुनावों के नतीजों से जुड़ा माना जा रहा है। तरुणप्रीत सिंह सोढ़ी के पास पहले उद्योग और वाणिज्य विभाग था, जिसे बाद में अरोड़ा को दे दिया गया। बदले में सोढ़ी को पर्यटन, संस्कृति, श्रम और पंचायत जैसे विभाग दिए गए। यह फेरबदल 2022 से लगातार चल रहे हैं, जब पहली बार मंत्रिमंडल विस्तार किया गया था। अब तक 4–5 मंत्रियों को हटाकर नए विधायकों को मौका दिया जा चुका है, ताकि सरकार में संतुलन और ताजगी बनी रहे। 2027 चुनाव की तैयारी का हिस्सा माना जा रहा बदलाव राजनीतिक जानकारों का कहना है कि ये बदलाव 2027 विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी को मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा हैं। वहीं राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने इन सभी बदलावों को मंजूरी दे दी है।  

लुधियाना का हौजरी कारोबारी और कोर्ट का एजेंट निकला खालिस्तानी

चंडीगढ़. लुधियाना में एक आतंकी साजिश को पंजाब पुलिस ने नाकाम कर दिया है। स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (SSOC) और काउंटर इंटेलिजेंस की संयुक्त कार्रवाई में बुधवार को पकडे़ गए आरोपियों में एक कोर्ट परिसर में एजेंट का काम करता है और दूसरा हौजरी का काम करता है। आरोपी करनबीर (21) हैबोवाल कलां और अवतार सिंह तारी न्यू शिमलापुरी मिलरगंज का रहने वाला है। अवतार सिंह कोर्ट परिसर में एजेंट का काम करता है। यहीं से वह सभी सरकारी इमारतों की रेकी करता रहता था। बाद में वह एक निहंग बन गया। इसी तरह आरोपी करनबीर अपने पिता के साथ हौजरी का काम करता है। पुलिस अब दोनों आरोपियों के पारिवारिक सदस्यों से भी पूछताछ जल्द करेगी। पुलिस ने दावा किया कि आरोपी सोशल नेटवर्किंग साइटों के माध्यम से हैंडलर के संपर्क में आए। पुलिस ने बताया कि अवतार सिंह का आपराधिक इतिहास रहा है, उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट और आईपीसी के तहत कई मामले दर्ज हैं, जबकि करनबीर सिंह का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। पुलिस को मिला पिस्तौल और जिंदा कारतूस पुलिस ने इनके कब्जे से एक 9 एमएम की पिस्तौल और पांच जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। पंजाब के पुलिस महानिदेशक (DGP) गौरव यादव ने बताया था कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि दोनों आरोपी ब्रिटेन और जर्मनी में बैठे आकाओं के सीधे संपर्क में थे। जिनका संबंध खालिस्तान कमांडो फोर्स (KCF) और कट्टरपंथी विचारधारा से है। उनके निर्देशों पर, आरोपियों ने कथित तौर पर लुधियाना में सरकारी इमारतों और प्रमुख कार्यालयों की रेकी की थी, जो एक लक्षित हमले को अंजाम देने की एक बड़ी साजिश का हिस्सा था। जांच में यह भी पता चला है कि दोनों को कई चिह्नित व्यक्तियों से संबंधित इनपुट एकत्र करने और जमीनी कार्य करने का भी काम सौंपा गया था, जो एक व्यापक नेटवर्क और संभावित रूप से एक बड़ी साजिश का संकेत देता है। खुफिया जानकारी के बाद ऑपरेशन किया एसएसओसी एसएएस नगर के एआईजी डी.सुडरविजी ने ऑपरेशन की जानकारी साझा करते हुए बताया कि साजिश के बारे में विशिष्ट और विश्वसनीय खुफिया जानकारी के बाद, एसएसओसी एसएएस नगर और काउंटर इंटेलिजेंस लुधियाना की एक संयुक्त टीम ने एक सटीक अभियान शुरू किया और दोनों आरोपियों को लुधियाना से गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान, अवतार सिंह के कब्जे से एक 9 एमएम पिस्तौल और जिंदा कारतूस बरामद किए। AIG ने कहा कि जांच से यह भी पता चला है कि दोनों व्यक्तियों को उनके विदेश स्थित आकाओं द्वारा कट्टरपंथी बनाया गया था और भर्ती किया गया था। उन्हें अपने काम के हिस्से के रूप में सोशल मीडिया पर चरमपंथी सामग्री प्रसारित करने का निर्देश दिया गया था। इस संबंध में पुलिस स्टेशन एसएसओसी एसएएस नगर में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 113 (5) और 61 (2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने कहा कि ऑपरेशन से सार्वजनिक सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरे को टाल दिया गया है और पूरे नेटवर्क को खत्म करने के लिए जांच जारी है। आरोपियों ने कई नेताओं की रेकी की आरोपी विदेश में रहने वाले कुलवंत सिंह मान खालसा नाम के एक हैंडलर के संपर्क में आए। खालसा ने दोनों को एक वॉट्सऐप ग्रुप में जोड़ा और उन्हें कट्टरपंथी बना दिया। उसने उन्हें शहर में दक्षिणपंथी नेताओं और सरकारी कार्यालयों की रेकी करने का काम दिया। आरोपियों ने उनके घरों और कार्यालयों की तस्वीरें क्लिक कीं और उन्हें भेज दीं।

पंजाबी सिंगर मनकीरत औलख ने बाढ़ प्रभावित लड़के-लड़कियों को गिफ्ट की कारें

चंडीगढ़. पंजाब में अगस्त 2025 में जब बाढ़ आई थी, तो उस समय लोगों के घरों, खेतों और वाहनों का काफी नुकसान हुआ था। उस समय पंजाबी सिंगर मनकीरत औलख और उनके दोस्तों ने लोगों को फ्री में ट्रैक्टर और घर बनाने के लिए करोड़ों रुपए बांटे थे। इस दौरान उन्होंने एक परिवार की बेटियों को घर बनाने में मदद करने के साथ ही उनकी शादी पर कार देने का वादा किया था, जिसे नए साल के शुरू में मनकीरत औलख ने पूरा किया है। उन्होंने कबड्डी खिलाड़ी राजनदीप शर्मा और जस शर्मा को स्विफ्ट कार दी है। जबकि कबड्डी खिलाड़ी जुझार सिंह को आई-20 कार सौंपी है। मनकीरत औलख अपनी टीम के साथ मोहाली के गुरुद्वारा सिंह शहीदां में पहुंचे और गाड़ियों की चाबी सौंपी। वीडियो के जरिए मांगी थी मदद अगस्त महीने में जब पंजाब में बाढ़ आई थी, उस समय मनकीरत औलख खुद बाढ़ प्रभावित जिलों में पहुंच गए थे। साथ ही लोगों को घर बनाने के लिए लाखों रुपए बांटे थे। इस दौरान मानसा की लड़कियां, जो कबड्डी खिलाड़ी थीं, उन्होंने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया के जरिए मदद की गुहार लगाई थी। क्योंकि उन्हें पता चला था मनकीरत औलख लोगों की मदद कर रहे हैं। उन्होंने अपने घर का वीडियो बनाया था, जो कि पूरी तरह से टूटा हुआ था। इसके बाद मनकीरत औलख उनके इलाके में पहुंचकर उन्हें करीब 5 लाख रुपए घर बनाने के लिए मदद की थी। साथ ही उनकी शादी पर गाड़ी देने का वादा किया था, जिसे अब उन्होंने पूरा किया है। पहले कबड्‌डी कप पर देनी थी कार मनकीरत औलख की तरफ से पहले ये कार लड़कियों को सोहाना में कबड्डी कप वाले दिन 15 दिसंबर को देनी थीं। लेकिन इस दौरान कबड्डी प्रमोटर राना बलाचौरिया का मर्डर हो गया था। इस वजह से यह प्रोग्राम टल गया था। इसके बाद अब यह प्रोग्राम किया गया। मनकीरत औलख और रूपा सोहाना की तरफ से उक्त लड़कियों और कबड्डी खिलाड़ी को कार देकर सम्मानित किया गया। भाई का कर्ज नहीं चुका पाऊंगी इस मौके कबड्डी खिलाड़ी लड़की ने बताया कि भाई ने वादा किया था कि कबड्डी कप पर कार देंगे। लेकिन उस दिन बड़ी घटना हो गई। भाई बलाचौरिया का मर्डर हो गया। उससे काफी दुख लगा है। आज एक खुशी भी है और गम भी है। पहले यही कार लोगों के बीच मिलनी थी। भाई ने घर बनाने में भी मदद की। अब गाड़ी से मदद की है। सारी जिंदगी यह कर्ज नहीं चुका पाऊंगी। 700 ट्रैक्टर देने के लिए प्रधानमंत्री बनना पड़ेगा इस मौके मनकीरत औलख ने कहा कि हम पंजाब के युवा के साथ खड़े हैं। अपनी नेक कमाई से जो दश-बंद निकालते हैं, वही करते हैं। वहीं मनकीरत ने साफ किया कि उन्होंने बाढ़ प्रभावित किसानों को सौ ट्रैक्टर देने का वादा किया था। 51 ट्रैक्टर अब तक दे दिए गए हैं, लेकिन जो 700 ट्रैक्टर देने के बारे में कह रहा है, उसके लिए मुझे प्रधानमंत्री बनना पड़ेगा। वह आपने बनाना नहीं है। जितनी जो सेवा करता है, उसे स्वीकार करना चाहिए।

CM मान बोले- पेशी का लाइव टेलीकास्ट में लाउंगा गोलक का हिसाब-किताब

चंडीगढ़. पंजाब में लाखों लोगों का पैसा बैंक खातों, एफडी, पीएफ, शेयर और बीमा पॉलिसियों में पड़ा हुआ है, लेकिन उन्हें इसकी जानकारी ही नहीं है। अनुमान के मुताबिक, 10 साल या उससे ज्यादा समय तक दावा न किए जाने के कारण 3100 करोड़ रुपये से अधिक रकम RBI के पास चली गई है। यह पैसा सिर्फ आज की पीढ़ी का ही नहीं, बल्कि माता-पिता, दादा-दादी और पुराने जमाने के खातों से जुड़ा भी हो सकता है। इसमें वे लोग भी शामिल हैं जो विदेश में चले गए हैं। पंजाब के कई जिलों में बहुत बड़ी रकम अनक्लेम्ड पड़ी है। सबसे ज्यादा अनक्लेम्ड पैसा जालंधर जिले में बताया जा रहा है। यहां 10 लाख से ज्यादा लोगों का करीब 593 करोड़ रुपये भूला हुआ है। इसके बाद लुधियाना में 10 लाख से ज्यादा लोगों का लगभग 485 करोड़ रुपये बिना दावे के है। अमृतसर में 7 लाख से ज्यादा लोगों का करीब 280 करोड़ रुपये पड़ा है। होशियारपुर में 5 लाख से ज्यादा लोगों के लगभग 237 करोड़ रुपये और पटियाला में 5 लाख से ज्यादा लोगों के करीब 199 करोड़ रुपये अनक्लेम्ड हैं। इसी तरह पंजाब के हर जिले में अलग-अलग आंकड़े सामने आए हैं। पूरे पंजाब में करीब 83 लाख ऐसे बैंक और वित्तीय खाते हैं, जिनमें पैसा तो है, लेकिन अभी तक उसे लिया नहीं गया है। इसके पीछे कई आम वजहें हैं—पुराने खाते याद न रहना, नौकरी बदलने के बाद पीएफ न निकालना, बीमा पॉलिसी की जानकारी परिवार को न होना या बुजुर्गों के निधन के बाद खाते बंद न कराना। इस परेशानी को दूर करने के लिए RBI ने UDGAM नाम का एक ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया है। इस पोर्टल पर जाकर कोई भी व्यक्ति आसानी से यह जांच सकता है कि उसके नाम से कोई अनक्लेम्ड पैसा है या नहीं। इसके लिए RBI की UDGAM वेबसाइट पर जाकर अपना नाम और जरूरी जानकारी भरनी होती है। अगर आपके नाम से कोई पैसा बिना दावे के होगा, तो वह स्क्रीन पर दिख जाएगा। इसके बाद संबंधित बैंक में जरूरी कागजात जमा करके पैसा आसानी से लिया जा सकता है। हो सकता है कि सिर्फ एक छोटी सी ऑनलाइन जांच से आपके या आपके परिवार का सालों पुराना भूला हुआ पैसा वापस मिल जाए।पंजाब के CM भगवंत मान ने श्री अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज से अपील की कि 15 जनवरी को जब वह अकाल तख्त पर पेश हों तो सभी चैनलों पर उसका लाइव टेलीकास्ट किया जाए। मान ने सोशल मीडिया X पर लिखा- पूरी दुनिया से मुझे संदेश आ रहे हैं कि 15 जन मैं भी दुनिया भर की संगत की भावना को समझते हुए जत्थेदार को विनती करता हूं कि मेरे स्पष्टीकरण का सीधा प्रसारण किया जाए। ताकि संगत पल-पल और पैसे के हिसाब–किताब से जुड़ी रहे। मिलते हैं जी 15 जनवरी को, सबूतों समेत। मान के इस बयान पर SGPC मेंबर गुरचरण सिंह ग्रेवाल ने कहा कि अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ने कोई चीज महसूस की हाेगी। जनता के बीच एतराज आया, इसलिए मुख्यमंत्री को बुलाया। इस मामले को राजनीतिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए। इसका कारण दुनिया को पता है, जो दस्तावेज अकाल तख्त जाएंगे, वह ऐतिहासिक होंगे। अकाल तख्त पर जा रहे हो तो शर्तें न लगाई जाएं। पंजाब CM मान की सोशल मीडिया पोस्ट… CM मान को अकाल तख्त पर तलब क्यों किया जा रहा… यह विवाद पंजाबी सिंगर जसबीर जस्सी के शबद गायन के बाद शुरू हुआ। जिसमें जस्सी के शबद गायन पर अकाल तख्त जत्थेदार ने एतराज जताया था। उनका कहना था कि जस्सी पूर्ण सिख नहीं हैं, इसलिए वह शबद गायन नहीं कर सकते। इस पर सीएम मान ने कहा कि अगर ऐसा है तो फिर पतित सिखों के माथा टेकने और गोलक में पैसे डालने पर भी रोक लगा दो। अकाल तख्त जत्थेदार ने वीडियो, टिप्पणियों पर जताई थी नाराजगी सीएम भगवंत मान के बयानों के बाद अकाल तख्त जत्थेदार ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि गुरुओं के दशवंध के सिद्धांत से जुड़ी गुरु की गोलक के बारे में टिप्पणी आपत्तिजनक है। जत्थेदार ने बरगाड़ी और मौड़ के बेअदबी व बम धमाके के केसों में कार्रवाई न होने पर भी नाराजगी जाहिर की। इसके अलावा जत्थेदार ने एक वीडियो को लेकर भी आपत्ति जताई कि सीएम मान गुरुओं और संत जरनैल सिंह भिंडरावाले की तस्वीरों के साथ आपत्तिजनक हरकतें कर रहे हैं। इसको लेकर मान को 15 जनवरी को अकाल तख्त के सचिवालय में पेश होने को कहा है। CM मान ने कहा था- नंगे पैर पेश होने जाऊंगा जत्थेदार के तलब करने के बाद सीएम भगवंत मान ने कहा कि वह विनम्र सिख की तरह अकाल तख्त पर पेश होने जाएंगे। इस दौरान सीएम ने उसी दिन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के कार्यक्रम में न जा पाने के बारे में भी जानकारी दी थी। CM मान ने कहा था- श्री अकाल तख्त साहिब से आया हुक्म सिर-मत्थे, दास मुख्यमंत्री नहीं बल्कि एक विनम्र सिख की तरह नंगे पैर चलकर हाजिर होगा। 15 जनवरी को राष्ट्रपति गुरुनानक देव यूनिवर्सिटी अमृतसर में कान्फ्रेंस में हिस्सा लेने के लिए आ रही हैं, उस दिन के लिए माफी मांगता हूं।

पंजाब के दावेदार न मिलने से RBI के पास जमा हैं 3100 करोड़ रूपए

चंडीगढ़. पंजाब में लाखों लोगों का पैसा बैंक खातों, एफडी, पीएफ, शेयर और बीमा पॉलिसियों में पड़ा हुआ है, लेकिन उन्हें इसकी जानकारी ही नहीं है। अनुमान के मुताबिक, 10 साल या उससे ज्यादा समय तक दावा न किए जाने के कारण 3100 करोड़ रुपये से अधिक रकम RBI के पास चली गई है। यह पैसा सिर्फ आज की पीढ़ी का ही नहीं, बल्कि माता-पिता, दादा-दादी और पुराने जमाने के खातों से जुड़ा भी हो सकता है। इसमें वे लोग भी शामिल हैं जो विदेश में चले गए हैं। पंजाब के कई जिलों में बहुत बड़ी रकम अनक्लेम्ड पड़ी है। सबसे ज्यादा अनक्लेम्ड पैसा जालंधर जिले में बताया जा रहा है। यहां 10 लाख से ज्यादा लोगों का करीब 593 करोड़ रुपये भूला हुआ है। इसके बाद लुधियाना में 10 लाख से ज्यादा लोगों का लगभग 485 करोड़ रुपये बिना दावे के है। अमृतसर में 7 लाख से ज्यादा लोगों का करीब 280 करोड़ रुपये पड़ा है। होशियारपुर में 5 लाख से ज्यादा लोगों के लगभग 237 करोड़ रुपये और पटियाला में 5 लाख से ज्यादा लोगों के करीब 199 करोड़ रुपये अनक्लेम्ड हैं। इसी तरह पंजाब के हर जिले में अलग-अलग आंकड़े सामने आए हैं। पूरे पंजाब में करीब 83 लाख ऐसे बैंक और वित्तीय खाते हैं, जिनमें पैसा तो है, लेकिन अभी तक उसे लिया नहीं गया है। इसके पीछे कई आम वजहें हैं—पुराने खाते याद न रहना, नौकरी बदलने के बाद पीएफ न निकालना, बीमा पॉलिसी की जानकारी परिवार को न होना या बुजुर्गों के निधन के बाद खाते बंद न कराना। इस परेशानी को दूर करने के लिए RBI ने UDGAM नाम का एक ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया है। इस पोर्टल पर जाकर कोई भी व्यक्ति आसानी से यह जांच सकता है कि उसके नाम से कोई अनक्लेम्ड पैसा है या नहीं। इसके लिए RBI की UDGAM वेबसाइट पर जाकर अपना नाम और जरूरी जानकारी भरनी होती है। अगर आपके नाम से कोई पैसा बिना दावे के होगा, तो वह स्क्रीन पर दिख जाएगा। इसके बाद संबंधित बैंक में जरूरी कागजात जमा करके पैसा आसानी से लिया जा सकता है। हो सकता है कि सिर्फ एक छोटी सी ऑनलाइन जांच से आपके या आपके परिवार का सालों पुराना भूला हुआ पैसा वापस मिल जाए।