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400 फीट ऊंचे टावर से 18 महीने बाद नीचे आए Gurjit Singh Khalsa, गूंजे जयकारे

पटियाला. पंजाब के पटियाला जिले के समाना इलाके में बेअदबी के खिलाफ सख्त कानून बनाने की मांग को लेकर पिछले करीब 18 महीनों से चल रहा पदर्शन आखिरकार शुक्रवार को खत्म हुआ। गुरजीत सिंह खालसा को टेलीकॉम टावर से शुक्रवार सुबह सुरक्षित नीचे उतार लिया गया। गुरजीत सिंह खालसा करीब 400 फीट ऊंचे टावर पर बैठकर अपना विरोध जता रहे थे। इतने लंबे समय तक इतनी ऊंचाई पर रहना अपने आप में हैरान करने वाला था। इस दौरान कई बार प्रशासन ने उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन वे अपनी मांग पर डटे रहे। उनका कहना था कि जब तक सरकार बेअदबी के मामलों पर सख्त कानून नहीं बनाएगी, तब तक वे नीचे नहीं उतरेंगे। 560 दिनों बाद 400 फुट ऊंचे मोबाइल टावर से नीचे उतरे 560 दिनों से 400 फुट ऊंचे मोबाइल टावर पर बैठे कार्यकर्ता गुरजीत सिंह खालसा को आखिरकार शुक्रवार सुबह नीचे उतार लिया गया। इसके साथ ही 43 के खालसा के अनूठे ढंग से किए जा रहा विरोध प्रदर्शन आखिरकार खत्म होगया। बता दें कि खालसा ने 12 अक्टूबर 2024 को पटियाला के समीप समाना में स्थित टावर पर चढ़कर अपना विरोध प्रदर्शन शुरू किया था। पटियाला जिला प्रशासन ने खालसा को सुरक्षित रूप से नीचे उतारने के लिए सेना से सहायता मांगी थी। खालसा शुक्रवार की सुबह ‘सिख जयकारा’ और ‘जो बोले सो निहाल, सत श्री अकाल’ के नारों के बीच टावर से उतरे। खालसा के नीचे उतरने के बाद उन्हें चिकित्सा जांच के लिए एम्बुलेंस में अस्पताल ले जाया गया। इस बीच उनके समर्थकों ने उन पर फूल बरसाए। सरकार ने मान ली ये मांगें पंजाब सरकार ने गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के खिलाफ संशोधित कानून ‘जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम, 2026’ को हाल ही में अधिसूचित कर दिया है। इसमें गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के किसी भी कृत्य के लिए आजीवन कारावास और 25 लाख रुपये तक के जुर्माने समेत कठोर दंड का प्रावधान है। इसे अधिसूचित किए जाने के बाद खालसा ने प्रदर्शन समाप्त करने का फैसला किया। यह विधेयक पंजाब विधानसभा के 13 अप्रैल को विशेष सत्र के दौरान सर्वसम्मति से पारित किया गया था। बाद में पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने विधेयक को अपनी मंजूरी दे दी थी। मांगे पूरी होने के बाद नीचे उतरने का फैसला किया दरअसल पंजाब सरकार द्वारा जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार एक्ट 2026 लागू करने के बाद आखिरकार यह धरना खत्म हो गया। इस कानून के लागू होने के बाद गुरजीत सिंह खालसा ने अपनी मांग पूरी मानते हुए टावर से नीचे उतरने का फैसला लिया। राहत की बात यह रही कि इतने लंबे समय के बाद भी उन्हें सुरक्षित नीचे लाने में टीम सफल रही। नीचे उतरने के बाद गुरजीत सिंह खालसा ने सरकार और प्रशासन का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि उनकी और संगत की मांग को ध्यान में रखते हुए सरकार ने कानून बनाया, जिसके लिए वे आभारी हैं। उन्होंने बताया कि वे 18 महीने 12 दिन बाद टावर से सुरक्षित उतर गए हैं। इस दौरान उन्होंने धार्मिक अंदाज में 'वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु जी की फतेह' कहकर धन्यवाद किया और कहा कि यह सब गुरु की कृपा से ही संभव हो पाया।

‘लॉरेस ऑफ पंजाब’ वेब सीरीज के विरोध में रंधावा, वड़िंग और मजीठिया को बिश्नोई गैंग से धमकी

 गुरदासपुर पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री और गुरदासपुर से सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा को लॉरेंस बिश्नोई गैंग की ओर से धमकी भरा संदेश मिला। यह धमकी उस समय सामने आई जब रंधावा ने लॉरेस ऑफ पंजाब (Lawrence of Punjab) नामक डॉक्यूमेंट्री के रिलीज का विरोध किया था। इसके अलावा पंजाब कांग्रेस प्रमुख अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया, दिवंगत गायक सिद्धू मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह सहित कई अन्य नेताओं को भी इसी तरह के व्हाट्सएप संदेश मिले हैं। रंधावा ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में पंजाब के डीजीपी गौरव यादव को सूचित कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि गैंगस्टरों को केंद्रीय एजेंसियों का संरक्षण प्राप्त है, तभी लॉरेंस बिश्नोई, जो गुजरात की साबरमती जेल में बंद है, बाहर से गतिविधियां संचालित कर रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया, जो डिब्रूगढ़ जेल में बंद है, खुलेआम मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रहा है। इस बीच, अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने कहा कि पंजाब कांग्रेस गैंगस्टरों के खिलाफ लड़ाई को अंजाम तक पहुंचाएगी और “गैंगस्टर मुक्त पंजाब” उनकी पार्टी की शीर्ष प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी बताया कि पंजाब के लोगों द्वारा कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई पर आधारित वेब सीरीज लॉरेस ऑफ पंजाब का विरोध किए जाने के बाद भारत सरकार ने इसके रिलीज पर रोक लगा दी है।

रवजोत सिंह का बयान: नशा मुक्त जेल बनाना सरकार की मुख्य प्राथमिकता

अमृतसर  पंजाब के संसदीय मामलों, एनआरआई मामलों और जेल मामलों के मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने शनिवार सेंट्रल जेल पटियाला का विशेष दौरा करते हुए जेल प्रबंधों का जायजा लिया। उन्होंने उजाला नर्सरी और जेल लाइब्रेरी का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि उजाला नर्सरी का उद्देश्य कैदियों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना और उन्हें रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ना है। लाइब्रेरी कैदियों को शिक्षा और जानकारी प्राप्त करने के बेहतर अवसर प्रदान करेगी, जिससे वे अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकेंगे। जेल मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार जेलों का सुधार और पुनर्वास के केंद्रों में बदलने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि जेलों को नशा-मुक्त बनाना सरकार की प्रमुख प्राथमिकता है और इस दिशा में जेल प्रशासन द्वारा किए जा रहे प्रयासों की उन्होंने सराहना की। अपने दौरे के दौरान मंत्री ने जेल अस्पताल, बैरकों और आम आदमी क्लिनिक सहित विभिन्न इकाइयों का निरीक्षण किया और कैदियों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस मौके पर जेल विभाग के सचिव मोहम्मद तैयब, जेल सुपरिंटेंडेंट गुरचरन सिंह धालीवाल, जेल सुपरिंटेंडेंट गुरचरण सिंह धालीवाल, अतिरिक्त सुपरिंटेंडेंट जैदीप सिंह, अतिरिक्त सुपरिंटेंडेंट अर्पणजोत सिंह, डिप्टी सुपरिंटेंडेंट (सिक्योरिटी) आदर्शपाल सिंह और सहायक सुपरिंटेंडेंट करणवीर सिंह मौजूद रहे।

राजनीति में हलचल: Bhagwant Mann करेंगे राष्ट्रपति से भेंट, राज्यसभा में दल बदल पर नजर

चंडीगढ़. आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सदस्यों के भाजपा में शामिल होने का मामला अब मामला राष्ट्रपति भवन तक पहुंचने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राष्ट्रपति से मुलाकात के लिए समय मांगा है। माना जा रहा है कि वह हाल ही में भाजपा में शामिल हुए 7 राज्यसभा सदस्यों के मुद्दे को लेकर अपना पक्ष रखेंगे और इस पूरे घटनाक्रम पर संवैधानिक हस्तक्षेप की मांग करेंगे। जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री राष्ट्रपति से यह अनुरोध कर सकते हैं कि संबंधित राज्यसभा सदस्यों को बुलाकर उनका पक्ष सुना जाए और उसके बाद नियमों के तहत उचित फैसला लिया जाए। इसके साथ ही दलबदल कानून के तहत इन सदस्यों की सदस्यता रद्द करने की मांग भी उठाई जा सकती है।सरकार का मानना है कि यह मामला लोकतांत्रिक मूल्यों और राजनीतिक नैतिकता से जुड़ा हुआ है, इसलिए इस पर स्पष्ट निर्णय जरूरी है। सीएम मान ने आम आदमी पार्टी छोड़ने वाले नेताओं पर तीखा हमला करते हुए व्यंग्यात्मक टिप्पणी की। उन्होंने 7 राज्यसभा सांसदों के इस्तीफे और बीजेपी में शामिल होने पर तंज कसते हुए कहा कि अलग-अलग ये नेता ज्यादा महत्व नहीं रखते। उन्होंने एक्स पर पंजाबी में लिखा, 'अदरक, लहसुन, जीरा, मेथी पाउडर, लाल मिर्च, काली मिर्च और धनिया – ये सात चीजें मिलकर किसी खाने का स्वाद बढ़ा देती हैं, लेकिन अकेले इनमें से कोई भी पूरी डिश नहीं बन सकती।' किन 7 नेताओं ने छोड़ा AAP का साथ यह बयान उस घटना के एक दिन बाद आया जब राघव चड्ढा और संदीप पाठक समेत 7 राज्यसभा सांसदों ने AAP छोड़कर बीजेपी में शामिल होने का ऐलान किया है। इनके साथ अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, राजिंदर गुप्ता, स्वाति मालीवाल और विक्रमजीत साहनी के नाम भी शामिल बताए गए हैं। राघव चड्ढा ने आरोप लगाया कि अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली पार्टी अपने मूल सिद्धांतों और मूल्यों से भटक गई है, इसलिए उन्होंने बीजेपी का दामन थामा। उन्होंने यह भी कहा कि सातों सांसद एक गुट के रूप में बीजेपी में शामिल हुए हैं। इस घटनाक्रम के बाद भगवंत मान ने इन नेताओं को गद्दार करार दिया और बीजेपी पर AAP को तोड़ने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बेअदबी (धार्मिक अपमान) के खिलाफ सख्त कानून बनने के बाद से बीजेपी असहज हो गई है। मान ने यह भी कहा कि इन सातों में से कोई भी बड़ा जनाधार वाला नेता नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया, 'एक सरपंच के पास भी वोट बैंक होता है, क्या इनके पास कोई वोट बैंक है?' उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में बार-बार चुनावी हार झेलने वाली बीजेपी अब दबाव, प्रलोभन और दल-बदल के जरिए AAP सरकार को कमजोर करने की कोशिश कर रही है। राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं शुरू उधर आम आदमी पार्टी के लिए यह घटनाक्रम बड़ा झटका माना जा रहा है। पंजाब से पार्टी के छह राज्यसभा सदस्यों का एक साथ भाजपा में शामिल होना राजनीतिक गलियारों में चर्चा का केंद्र बना हुआ है। इस घटनाक्रम से भाजपा की राज्यसभा में स्थिति मजबूत हुई है। खास बात यह है कि पंजाब में केवल दो विधायक होने के बावजूद भाजपा अब राज्यसभा में सात सदस्यों के साथ अपनी उपस्थिति दर्ज करा रही है। सीएम की मुलाकात पर टिकी नजरें वहीं दूसरी ओर आप के राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा ने पहले ही पार्टी का रुख साफ कर दिया है। उनका कहना है कि जब दो-तिहाई सदस्य एक साथ दल बदलते हैं तो दलबदल कानून लागू नहीं होता। इस बयान के बाद कानूनी बहस भी तेज हो गई है और विशेषज्ञ अलग-अलग राय दे रहे हैं। अब सबकी नजरें मुख्यमंत्री भगवंत मान की संभावित राष्ट्रपति से मुलाकात पर टिकी हैं। अगर यह मुलाकात होती है तो आने वाले दिनों में इस पूरे मामले पर कोई बड़ा संवैधानिक फैसला सामने आ सकता है, जो पंजाब की सियासत की दिशा तय करेगा।

अप्रवासी पंजाबियों की समस्याओं का हल: हर माह दो बैठकें करेंगे समाधान की कोशिश

चंडीगढ़ पंजाब सरकार ने विदेशों में बसे पंजाबियों की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी समाधान के लिए अहम कदम उठाया है। उनकी समस्याओं के समाधान के लिए अब हर महीने दो बैठकें आयोजित की जाएंगी।अप्रवासी भारतीय मामलों के मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने चंडीगढ़ में बताया कि हर महीने के दूसरे बुधवार को ऑनलाइन बैठक होगी, जबकि महीने में एक बार डिवीजन स्तर पर बैठक होगी। उन्होंने कहा कि ये बैठकें मालवा-1, मालवा-2, माझा और दोआबा डिवीजनों के अनुसार आयोजित होंगी, जिससे हर क्षेत्र के अप्रवासी भारतीय पंजाबी अपनी समस्याएं आसानी से दर्ज करवा सकें और उनका समाधान हो सके। ऑनलाइन बैठक के लिए आवेदन निर्धारित तिथि से तीन दिन पहले तक स्वीकार किए जाएंगे और बैठक वाले दिन ही उनका निपटारा किया जाएगा।मंत्री ने बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य अप्रवासी भारतीय पंजाबियों के साथ सीधा संपर्क स्थापित करना और उनकी समस्याओं का जल्द समाधान करना है। इस अवसर पर अप्रवासी भारतीय मामलों के सचिव वीएन जाडे, जालंधर के डिवीजनल कमिश्नर और सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के सचिव रामवीर, विशेष सचिव अप्रवासी भारतीय मामलों की अधिकारी अमनदीप कौर, एडीजीपी अप्रवासी भारतीय मामलों के आरके जायसवाल और एआईजी अजींदर सिंह उपस्थित रहे।

Food Safety Action: तरनतारन में डेयरी और फूड आउटलेट्स पर रेड, 6 सैंपल कलेक्ट

तरनतारन. डिप्टी कमिश्नर तरनतारन राहुल और सिविल सर्जन डॉ. गुरप्रीत सिंह राय, डिस्ट्रिक्ट हेल्थ ऑफिसर डॉ. सुखबीर कौर के गाइडेंस में फूड सेफ्टी टीम ‘फूड सेफ्टी फोर्टनाइट’ के तहत बड़े लेवल पर कैंपेन चला रही है। इसी कैंपेन के तहत फूड सेफ्टी टीम ने आज तरनतारन के लोकल और बॉर्डर एरिया-द्रजके, पहलवानके, चेला और दयालपुर में डेयरियों और अलग-अलग फूड आउटलेट्स का सरप्राइज इंस्पेक्शन किया। इस दौरान टीम ने दूध, लड्डू, चिकन और पनीर के 6 सैंपल इकट्ठा किए, जिन्हें टेस्टिंग के लिए खरड़ की लैब में भेज दिया गया है। इंस्पेक्शन के साथ-साथ टीम ने अवेयरनेस कैंपेन भी जारी रखा। इस दौरान सभी फूड बिजनेस ऑपरेटर्स को दुकानों और डेयरियों में पूरी सफाई रखने की हिदायत दी गई। खाने की चीजों में किसी भी तरह की मिलावट न की जाए। इस्तेमाल किया हुआ तेल दोबारा इस्तेमाल न किया जाए और बर्तन सही टेम्परेचर पर रखे जाएं। सभी व्यापारियों को अपना फूड रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस पूरा रखना चाहिए। इसके अलावा, टीम ने दयालपुर में एक स्पेशल ट्रेनिंग कैंप लगाया, जिसमें लोगों को शुद्ध खाने की चीजो और बाजरे के फायदों के बारे में डिटेल में जानकारी दी गई। 

‘आओ मुझे खरीदकर दिखाओ’: भगवंत मान का भाजपा को कड़ा जवाब, AAP में बगावत के बाद चुनौती

चंडीगढ़  राघव चड्ढा की अगुवाई में राज्यसभा के सात सांसदों के इस्तीफे के बाद आम आदमी पार्टी (AAP) में भगदड़ मच गई है। पूरी पार्टी सहम सी गई है। इस बीच पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भारतीय जनता पार्टी को चुनौती दी है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है, 'क्या बीजेपी को पंजाब के बेटे भगवंत मान का चैलेंज स्वीकार है? आओ मुझे खरीदकर दिखाओ।' इससे पहले भगवंत मान ने चंडीगढ़ में एक प्रेस वार्ता में आरोप लगाया कि केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा, आम आदमी पार्टी को तोड़ने की कोशिश कर रही है और उसने पंजाब की जनता के साथ विश्वासघात किया है।' भगवंत मान ने दावा किया कि 'बेअदबी' के खिलाफ सख्त कानून बनने के बाद से भाजपा की बेचैनी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है, क्योंकि उसे पंजाब की भावनाओं से गहराई से जुड़े एक मुद्दे पर निर्णायक कार्रवाई को स्वीकार करने के लिए जद्दोजहद करनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब में बार-बार अस्वीकृति का सामना कर चुकी भाजपा ने राज्य और आम आदमी पार्टी (आप) दोनों के प्रति शत्रुतापूर्ण रवैया अपनाया है तथा धमकी, प्रलोभन और दल-बदल के प्रयासों के माध्यम से भ्रष्टाचार मुक्त सरकार को कमजोर करने की कोशिश की है। गौरतलब है कि ये घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आए हैं, जब अगले साल के आरंभ में पंजाब विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। पार्टी छोड़ने वालों और ऐसा कराने वालों की निंदा करते हुए मान ने कहा कि भाजपा के राजनीतिक आधार की कमी ने उसे ऐसी रणनीति अपनाने के लिए मजबूर किया है तथा स्कूलों, अस्पतालों, सड़कों और रोजगार में दिखाई देने वाले सुधारों ने उसे अस्थिर कर दिया है। भगवंत मान ने कहा कि किसी व्यक्ति से पार्टी बड़ी है, और आप छोड़ने वाले 6-7 लोग पंजाब का प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वे गद्दार हैं। राघव चड्ढा और संदीप पाठक ने शुक्रवार को घोषणा की कि वे पार्टी के पांच अन्य सांसदों के साथ भाजपा में शामिल हो रहे हैं। इससे पहले, दिल्ली में प्रेस वार्ता में आप के राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा और संदीप पाठक ने कहा कि वे भाजपा में शामिल हो रहे हैं।

स्टूडेंट्स की सेहत पर फोकस: पंजाब में स्कूल-कॉलेज में Energy Drink बिक्री प्रतिबंधित

लुधियाना. स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए बड़ा फैसला लेते हुए ने राज्यभर में बच्चों को कैफीन युक्त एनर्जी ड्रिंक बेचने पर प्रतिबंध लगा दिया है।  जारी आदेश के अनुसार, अब न सिर्फ बच्चों को एनर्जी ड्रिंक बेचना मना होगा, बल्कि स्कूल-कॉलेज कैंटीन और आसपास भी इसकी बिक्री पर रोक रहेगी। ग्रामीण क्षेत्रों में स्कूल से 100 मीटर और शहरी इलाकों में 50 मीटर के दायरे में एनर्जी ड्रिंक नहीं बेची जा सकेगी। स्वास्थ्य विभाग ने अपने आदेश में बताया कि कई एनर्जी ड्रिंक्स के लेबल पर पहले ही लिखा होता है कि ये बच्चों के लिए उपयुक्त नहीं हैं, बावजूद इसके इन्हें बड़े पैमाने पर बच्चों और युवाओं को बेचा जा रहा है। इन ड्रिंक्स में कैफीन, ग्वाराना, टॉरिन, जिनसेंग जैसे तत्व होते हैं, जो शरीर पर उत्तेजक प्रभाव डालते हैं। शरीर पर पड़ सकता है नकारात्मक असर मेडिकल स्टडीज के हवाले से विभाग ने चेतावनी दी है कि ज्यादा कैफीन के सेवन से दिल, दिमाग, पाचन तंत्र और किडनी पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। खासकर बच्चों, गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए यह अधिक खतरनाक है। एफ डी ऐ कमिश्नर कनवल प्रीत बराड़ ने बताया कि यह फैसला पब्लिक हेल्थ को ध्यान में रखते हुए लिया गया है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। 

पंजाब में एजीटीएफ की छापेमारी, लॉरेंस बिश्नोई गैंग का करीबी गिरफ्तार, भारी मात्रा में हथियार बरामद

चंडीगढ़  पंजाब में संगठित अपराध के खिलाफ चल रही मुहिम के तहत एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) को बड़ी सफलता हाथ लगी है। एजीटीएफ ने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े एक सक्रिय सहयोगी को गिरफ्तार किया है, जो अंतरराज्यीय आपराधिक नेटवर्क का अहम हिस्सा बताया जा रहा है। गिरफ्तारी के दौरान आरोपित के कब्जे से एक .32 बोर पिस्टल और तीन जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार पकड़ा गया आरोपित राजस्थान में दर्ज एक हत्या के मामले में वांछित था। उसकी गिरफ्तारी पर नकद इनाम भी घोषित किया गया था। लंबे समय से फरार चल रहा यह आरोपित विभिन्न राज्यों में आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने के बाद लगातार ठिकाने बदल रहा था, जिससे उसकी गिरफ्तारी चुनौती बनी हुई थी। एजीटीएफ की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर सुनियोजित तरीके से ऑपरेशन चलाया और आरोपित को दबोच लिया। शुरुआती जांच में सामने आया है कि वह गैंगस्टर अर्जू बिश्नोई के संपर्क में था, जो लॉरेंस बिश्नोई गिरोह का सक्रिय सदस्य माना जाता है। पुलिस को आशंका है कि यह नेटवर्क पंजाब, राजस्थान और आसपास के राज्यों में सक्रिय रहकर हथियारों की सप्लाई, रंगदारी और अन्य गंभीर अपराधों को अंजाम देता रहा है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपित से पूछताछ में कई अहम खुलासे होने की उम्मीद है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क के पीछे और कौन-कौन लोग शामिल हैं और किन-किन राज्यों में इसकी जड़ें फैली हुई हैं। इसके साथ ही ‘बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंक’ यानी इस गैंग से जुड़े पुराने और नए संपर्कों को भी खंगाला जा रहा है। पंजाब पुलिस ने स्पष्ट किया है कि राज्य में गैंगस्टर नेटवर्क को खत्म करने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा। एजीटीएफ की यह कार्रवाई उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। हाल के महीनों में पुलिस ने कई बड़े गैंग्स के सदस्यों को गिरफ्तार कर उनकी गतिविधियों पर अंकुश लगाया है। डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि आम लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी कीमत पर अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने यह भी अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति को संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिलती है तो तुरंत पुलिस को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। एजीटीएफ की इस कार्रवाई से यह साफ संकेत गया है कि पंजाब पुलिस राज्य में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह सतर्क है और संगठित अपराध के खिलाफ उसकी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

फिनलैंड यूनिवर्सिटी के साथ पंजाब सरकार का सहयोग, शिक्षा में सुधार और बेहतर क्लासरूम वातावरण

 चंडीगढ़ मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार और फिनलैंड की टुर्कू यूनिवर्सिटी के बीच सहयोग से पंजाब के क्लासरूम में प्रत्यक्ष बदलाव दिखने लगे हैं, जिसने शिक्षण प्रथाओं को अधिक आनंदमय और व्यावहारिक बना दिया है और विद्यार्थियों के लिए सीखने का माहौल अधिक प्रभावशाली बन रहा है।  इस पहल के हिस्से के रूप में पढ़ाई-लिखाई रट्टे मारने के तरीकों से हटकर अब अधिक आनंदमय और सहभागितापूर्ण सीखने के माहौल की ओर बढ़ रही है. पंजाब की व्यापक शिक्षा क्रांति में शामिल यह कार्यक्रम स्थानीय क्लासरूम में वैश्विक विशेषज्ञता को शामिल करने पर केंद्रित है, जो एक संरचित ट्रेन-द-ट्रेनर्स मॉडल के माध्यम से पैमाने को निर्धारित करता है, जिसमें बुनियादी शिक्षा को मजबूत करने के लिए लगभग 300 शिक्षकों को ट्रेनिंग दी जाएगी।  फिनलैंड की अपनी सरकारी यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कुकुलो-मोइकोइनेन अर्ली चाइल्डहुड एजुकेशन एंड केयर सेंटर का दौरा किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल पहले से ही स्थानीय क्लासरूम के साथ वैश्विक शिक्षा विशेषज्ञता को एकीकृत करके शानदार परिणाम दे रही है।  मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा कि स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत स्टेट काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग के माध्यम से शुरू की गई यह साझेदारी प्रारंभिक और बुनियादी शिक्षा में शिक्षक की भूमिका को मजबूत करने के प्रयासों की ओर अग्रसर है. यह अल्पकालिक हस्तक्षेप के रूप में नहीं बल्कि पंजाब की शिक्षा प्रणाली में बाल-केंद्रित और खेल-आधारित शिक्षा को शामिल करने के लिए दीर्घकालिक संस्थागत प्रयास के रूप में तैयार की गई है, जिसमें बेहतरीन शिक्षा प्रथाओं को भी शामिल किया गया है।  यह कार्यक्रम शिक्षकों को शोध-आधारित तरीकों से सुसज्जित करने पर केंद्रित है, यह सुनिश्चित करते हुए कि ये दृष्टिकोण पंजाब के सामाजिक-सांस्कृतिक संदर्भ के अनुकूल हों. उन्होंने कहा कि ये प्रशिक्षण सत्र चंडीगढ़ और फिनलैंड के शहरों टुर्कू तथा राउमा दोनों जगह आयोजित किए गए, जिसमें शिक्षकों को कार्यशालाओं, मार्गदर्शन प्रथाओं और स्कूलों के दौरों के माध्यम से क्लासरूम की नई तकनीकों से अवगत करवाना शामिल है. गौरतलब है कि मई 2026 तक चार समूहों में लगभग 300 शिक्षक प्रशिक्षण प्राप्त कर लेंगे, जिससे पूरे पंजाब भर के विद्यार्थियों को लाभ होगा।  मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जोर देते हुए कहा, "शिक्षा को आनंदमय और दिलचस्प बनाने पर जोर दिया जा रहा है. इसलिए हम रट्टे लगाने के पुराने तरीकों के स्थान पर सक्रिय सहभागिता की ओर बढ़ रहे हैं. शिक्षकों को विशेषज्ञों की सहायता वाले संदर्भ-विशिष्ट प्रोजेक्ट डिजाइन करने के लिए भी प्रोत्साहित किया गया है ताकि इन विचारों को उनके अपने क्लासरूम में लागू किया जा सके. क्षेत्र से मिले फीडबैक से विद्यार्थियों की भागीदारी और प्रेरणा में सुधार होता है और क्लासरूम का वातावरण सकारात्मक बनता है।  उन्होंने कहा, "शिक्षकों ने नए तरीकों के साथ प्रयोग करने और सीखने की विभिन्न आवश्यकताओं के अनुसार पाठों को ढालने में अधिक विश्वास प्रकट किया है. इस पहल की एक अनूठी विशेषता विदेशी मॉडलों को सीधे लागू करने के बजाय प्रासंगिक अनुकूलन पर जोर देना है. फिनलैंड के विशेषज्ञों से निरंतर सलाह सहायता ने इस बदलाव को सक्षम बनाया है और यह सुनिश्चित किया गया है कि वैश्विक स्तर के सर्वोत्तम अभ्यासों को स्थानीय प्रणालियों में सार्थक रूप से एकीकृत किया जाए।  इस दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने विस्तृत बातचीत के लिए टुर्कू यूनिवर्सिटी और टुर्कू शिक्षक प्रशिक्षण स्कूल का भी दौरा किया. उन्होंने कहा, "सरकार अब कार्यक्रम को 'ट्रेन-द-ट्रेनर्स' दृष्टिकोण के माध्यम से विस्तारित करने की योजना बना रही है, जिससे प्रांत भर में इसकी पहुंच बढ़ाने के लिए मास्टर ट्रेनर्स का एक कैडर तैयार किया जा रहा है." उन्होंने आगे कहा, "निरंतर व्यावसायिक विकास और व्यापक पहुंच का समर्थन करने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म और मिश्रित प्रशिक्षण फॉर्मेट भी विकसित किए जा रहे हैं।  मुख्यमंत्री ने कहा, "विस्तार के लिए एक संरचित प्रणाली और प्रशिक्षित शिक्षकों के बढ़ते पूल के साथ इस सहयोग को पंजाब के व्यापक शिक्षा सुधारों की नींव के रूप में देखा जा रहा है. प्रांत जन शिक्षा को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि विद्यार्थी सफल होने के लिए बेहतर ढंग से तैयार हो सकें और इस क्षेत्र में गति बनाए रखने के लिए इसी प्रकार की पहल की जाएंगी।