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पुलिस और बदमाशों के बीच चली गोलियां, गुरदासपुर में एनकाउंटर के दौरान आरोपी घायल

गुरदासपुर. कुछ दिन पहले बटाला शहर में एक नामी कपड़ा व्यापारी के घर पर हुई फायरिंग के मामले में गिरफ्तार किए गए दो आरोपियों में से एक आरोपी पुलिस मुठभेड़ के दौरान घायल हो गया। पुलिस ने इस मामले में पहले दो युवकों को गिरफ्तार किया था, जिनकी पहचान बलदेव सिंह उर्फ करण और कुलदीप सिंह, निवासी गांव खजाला, के रूप में हुई थी। जानकारी के अनुसार, थाना सिविल लाइन की पुलिस बलदेव सिंह उर्फ करण को अवैध हथियार की बरामदगी के लिए थाना घुमाण क्षेत्र में लेकर गई थी। इस दौरान आरोपी ने मौके का फायदा उठाते हुए पुलिस पार्टी पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी फायरिंग की, जिसमें गोली आरोपी की टांग में लगी और वह घायल हो गया। घटना की सूचना मिलते ही एसएसपी बटाला डॉ. महिताब सिंह, एसपी Investigation रमणिंदर सिंह, डीएसपी सिटी सुखइंदर सिंह, डीएसपी श्री हरगोबिंदपुर, थाना सिविल लाइन के एसएचओ गुरमीत सिंह तथा सीआईए स्टाफ के प्रभारी सुखराज सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी। घायल आरोपी को तुरंत इलाज के लिए सिविल अस्पताल बटाला में भर्ती कराया गया। समाचार लिखे जाने तक पुलिस मामले की जांच और कानूनी कार्रवाई में जुटी हुई थी। साथ ही पुलिस मुठभेड़ और हथियार बरामदगी से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है। 

बेअदबी मामले में CM मान का बड़ा खुलासा, कहा- गले के निशान बताते हैं पूरी साजिश

चंडीगढ़  बेअदबी मामले में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बड़ा पलटवार करते हुए दावा किया है कि उनके खिलाफ सुनियोजित साजिश रची गई है. वीडियो में दिख रहा शख्स वह नहीं, बल्कि उनके चेहरे का मास्क पहनने वाला व्यक्ति है. इस दौरान, सीएम मान ने गले के निशान से लेकर हुलिये तक कई सबूत पेश भी किए. साथ ही, उन्‍होंने दावा किया कि लोगों के मन में उनके खिलाफ नफरत फैलाने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने साफ कहा कि धर्म का इस्तेमाल राजनीति के लिए करना गलत है और आने वाले दिनों में इस पूरे मामले के पीछे पैसे देने वालों का भी खुलासा किया जाएगा।  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी कथित आपत्तिजनक वीडियो को लेकर कई बड़े दावे किए हैं. उन्होंने दावा किया कि सोशल मीडिया पर वायरल की गई वीडियो पूरी तरह फर्जी है और इसे सियासी फायदे के लिए तैयार कराया गया है. इस नकली वीडियो के जरिए सिर्फ उनकी छवि खराब करने की कोशिश नहीं है, बल्कि लोगों के मन में उनके खिलाफ धार्मिक आधार पर नफरत पैदा करने की साजिश भी है।      प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भगवंत मान ने एक वीडियो भी दिखाई. उनका कहना था कि वीडियो बनाने का दावा करने वाले जगमन समरा के हाथ में उनके चेहरे वाला मास्क साफ दिखाई देता है. वीडियो में जिस व्यक्ति को दिखाया गया है, उसने उनका मास्क पहना हुआ है।      उन्होंने सवाल उठाया कि अगर वीडियो असली होती तो उसमें उनके गले पर बचपन के ऑपरेशन का निशान क्यों नहीं दिखाई देता. उन्होंने कहा कि मेरे गले पर बचपन से ऑपरेशन का निशान है, लेकिन वायरल वीडियो में ऐसा कोई निशान नहीं है।      मुख्यमंत्री ने यह भी दावा किया कि वीडियो में दिख रहा व्यक्ति हमेशा चश्मा लगाए हुए नजर आता है, क्योंकि आंखों से असली पहचान छिपाई नहीं जा सकती. होटल के कमरे में गुरु साहब की तस्वीर लगाए जाने की बात भी पूरी तरह गलत है।      उन्होंने कहा कि नवंबर 2016 के बाद वह कभी कनाडा गए ही नहीं, जबकि वीडियो बनाने वाला व्यक्ति कनाडा में बैठा है. सीएम भगवंत मान ने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में राजनीतिक साजिश रची गई है. कांग्रेस, अकाली दल और बीजेपी मिलकर उनके खिलाफ सांझा मोर्चा बनाकर काम कर रहे हैं।      उनका कहना था कि उनकी सरकार ने बेअदबी कानून, पालकी साहब वाली गाड़ियों के टोल और पवित्र शहरों को विशेष दर्जा देने जैसे कई अहम फैसले किए हैं, जिन्हें पहले की सरकारें नहीं कर सकीं. इसी वजह से उन्हें लगातार निशाना बनाया जा रहा है।      मुख्यमंत्री मान ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) पर भी सवाल उठाए. उन्होंने पूछा कि गुरुद्वारों के बाहर उनके खिलाफ बोर्ड क्यों लगाए जा रहे हैं, जबकि पहले ऐसा कभी नहीं हुआ. उन्होंने कहा कि एसजीपीसी के प्रधान खुद सार्वजनिक रूप से कह चुके हैं कि वह सुखबीर बादल के सिपाही हैं।      भगवंत मान ने कहा कि वह पहले भी अकाल तख्त साहिब गए थे और अगर दोबारा बुलाया जाएगा तो फिर जाएंगे. उन्होंने कहा कि उस समय उन्होंने कार्यवाही को लाइव करने की भी अपील की थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया. अब अलग-अलग क्लिप जारी कर लोगों को गुमराह किया जा रहा है।  गुरु नानक नाम लेवा संगत के हाथों अंतिम फैसला मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि वह इस नकली वीडियो को अकाल तख्त साहिब को भी भेजेंगे ताकि उसकी निष्पक्ष जांच हो सके. उन्होंने कहा कि अंतिम फैसला गुरु नानक नाम लेवा संगत पर छोड़ते हैं. साथ ही उन्होंने ऐलान किया कि जगमन समरा को इंटरपोल की मदद से भारत लाने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है. उन्होंने दावा किया कि आने वाले दिनों में यह भी सामने लाया जाएगा कि इस वीडियो को बनवाने के लिए पैसा किसने दिया था. मान ने कहा कि चाहे जितनी कोशिश कर ली जाए, पंजाब के लोगों के मन में उनके खिलाफ नफरत पैदा करने की यह साजिश सफल नहीं होगी। 

समय आने पर होगा फैसला, BJP-अकाली गठबंधन पर नितिन नबीन ने दिए संकेत

अमृतसर   पंजाब में शिरोमणि अकाली दल या किसी अन्य अकाली धड़े के साथ भविष्य में गठबंधन को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता नितिन नबीन ने बड़ा संकेत दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि गठबंधन को लेकर अभी दरवाजे पूरी तरह बंद नहीं हुए हैं और इस संबंध में कोई भी फैसला सही समय आने पर ही लिया जाएगा। अपने हालिया पंजाब दौरे के दौरान जालंधर में आयोजित एक मीडिया कॉन्क्लेव में पूछे गए सवाल के जवाब में नबीन ने कहा, "कुछ निश्चित मुद्दों को सही समय आने पर हल कर लिया जाएगा।" भाजपा नेता ने इस बात को दोहराया कि मौजूदा हालात में पार्टी का पूरा ध्यान पंजाब के हर विधानसभा क्षेत्र में अपने सांगठनिक ढांचे को मजबूत करने पर है। नबीन ने कहा, "अभी हम इसी दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। जब चुनाव नजदीक आएंगे और राजनीतिक गतिविधियां बढ़ेंगी, तब हम उस समय की परिस्थितियों का आकलन करेंगे और उसी के आधार पर (गठबंधन पर) निर्णय लेंगे। आज के दिन हम न तो गठबंधन के पक्ष में हैं और न ही इसके खिलाफ हैं।" पार्टी की तात्कालिक रणनीति को स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा ने फिलहाल अपने दम पर आगे बढ़ने का फैसला किया है। नबीन ने कहा, "हम अपनी खुद की ताकत से आगे बढ़ना चाहते हैं। समय के साथ कई चीजें अपने आप स्पष्ट हो जाएंगी। जहां तक गठबंधन का सवाल है, तो उस पर फैसला लेने के लिए अभी काफी वक्त है। आज इसका समय नहीं है, सही समय को आने दीजिए।" छह महीने बाद जनता के संदेश का होगा आकलन नितिन नबीन ने बताया कि राज्य के नए प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व में पार्टी अगले छह महीने तक अपनी तय योजनाओं और रणनीति के तहत काम करेगी। उन्होंने कहा, "अगले छह महीनों में हम खुद को मजबूत आधार पर स्थापित करेंगे, हर विधानसभा क्षेत्र के प्रत्येक मुद्दे को उठाएंगे और सीधे जनता के बीच जाएंगे। भविष्य में गठबंधन करना है या नहीं, यह आगे तय होगा। हम देखेंगे कि हमें जनता की तरफ से क्या संदेश मिलता है। हम छह महीने बाद इस पर दोबारा फैसला लेंगे।" भाजपा नेता के इस बयान ने 'द ट्रिब्यून' की उस पूर्व रिपोर्ट की भी एक तरह से पुष्टि कर दी है, जिसमें यह संकेत दिया गया था कि पंजाब में दोनों पुराने सहयोगियों के बीच दोबारा साथ आने का अध्याय अभी पूरी तरह से समाप्त नहीं हुआ है।

SIR अभियान में BLO की दोबारा दस्तक, घर बंद मिलने पर फिर पहुंचेंगे अधिकारी

चंडीगढ़/जालंधर. पंजाब में 25 जून से यानी आज विशेष गहन पुनरीक्षण (एस.आई.आर.) के तहत घर-घर गणना के पहले चरण का काम शुरू है। घर-घर गणना संबंधी सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। गणना के पहले चरण के दौरान बी.एल.ओ. द्वारा घर-घर जाकर प्री-प्रिंटेड फॉर्मों का वितरण किया जाएगा। बी.एल.ओज. इन फॉर्मों को भरने में मतदाताओं की मदद करेंगे और इन्हें घर-घर जाकर वापस भी एकत्रित करेंगे। घर-घर गणना की प्रक्रिया 24 जुलाई तक चलेगी। यदि बी.एल.ओज. को कोई फॉर्म प्राप्त न हो तो वह उस घर का 3 बार दौरा करेगा और अपने दौरे संबंधी जानकारी घर के दरवाजे पर स्टिकर चिपकाकर दर्ज करेगा। उन्होंने बताया कि 24,453 बी.एल.ओज. द्वारा राज्य के 2 करोड़ 14 लाख 61 हजार 43 मतदाताओं की गणना की जाएगी। वर्तमान में पंजाब में 1 करोड़ 84 लाख 61 हजार 581 मतदाताओं की मैपिंग हो चुकी है, जो 86.02 प्रतिशत है। मुख्य चुनाव अधिकारी पंजाब ने बताया कि भारत चुनाव आयोग द्वारा एस.आई.आर. संबंधी घोषित कार्यक्रम के अनुसार 25 जून से 24 जुलाई तक घर-घर गणना, पोलिंग स्टेशन की रैशनेलाइजेशन का काम 24 जुलाई तक पूरा किया जाएगा, जबकि मतदाता सूचियों का ड्राफ्ट 3 अगस्त को प्रकाशित किया जाएगा। मतदाता सूचियों संबंधी आपत्तियां और दावे 3 अगस्त से 2 सितम्बर तक प्रस्तुत किए जा सकेंगे। आपत्तियों और दावों का निपटारा 3 अगस्त से 28 सितम्बर तक किया जाएगा। अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 1 अक्तूबर को किया जाएगा। मुख्य चुनाव अधिकारी अनिंदिता मित्रा ने बताया कि एस.आई.आर. की पूरी प्रक्रिया संबंधी पंजाब राज्य की सभी राजनैतिक पार्टियों को बैठक करके जानकारी दे दी गई है और उनके द्वारा दिए गए सुझावों पर अमल किया गया है। SIR अभियान: मतदाताओं के लिए क्या बदलेगा, क्या नहीं घर-घर वोटर लिस्ट की जांच क्यों हो रही है? चुनाव आयोग वोटर लिस्ट को साफ और दुरुस्त करने के लिए SIR अभियान चला रहा है। इसका मकसद यह पता लगाना है कि सूची में कोई फर्जी नाम, दोहरी एंट्री, मृत व्यक्ति या स्थान बदल चुके मतदाता तो नहीं हैं। BLO आपके घर आए तो क्या प्रक्रिया होगी? बूथ लेवल अधिकारी मतदाता की जानकारी की पुष्टि करेगा। जरूरत पड़ने पर फॉर्म भरवाया जाएगा और रिकॉर्ड अपडेट किया जाएगा। यह सामान्य सत्यापन प्रक्रिया है। घर पर न मिलने से वोट पर असर पड़ेगा? नहीं। अगर कोई घर पर नहीं मिलता तो अधिकारी दो-तीन बार दोबारा संपर्क करेगा। सिर्फ इस वजह से किसी की वोट नहीं हटाई जाएगी। शहर से बाहर रहने वालों को चिंता करने की जरूरत नहीं काम, पढ़ाई या किसी और कारण से बाहर रह रहे लोगों की वोट अपने आप खत्म नहीं होगी। उन्हें जानकारी देने का पूरा मौका मिलेगा। अगर अधिकारी घर नहीं आया तो क्या करें? मतदाता खुद पहल कर सकते हैं। इसके लिए हेल्पलाइन, BLO या चुनाव कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है। SIR में कोई फीस नहीं लगती यह पूरी प्रक्रिया मुफ्त है। अगर कोई व्यक्ति पैसे की मांग करता है, तो उसकी शिकायत की जा सकती है। पहले से वोटर हैं, फिर भी जांच क्यों? SIR सिर्फ नए नाम जोड़ने का अभियान नहीं है। पुराने मतदाताओं की जानकारी को भी अपडेट और सत्यापित किया जा रहा है। वोटर कार्ड या आधार न हो तो? वोटर कार्ड या आधार कार्ड जरूरी नहीं है। अन्य वैध दस्तावेजों से भी पहचान साबित की जा सकती है। किरायेदार, छात्र और PG में रहने वालों के अधिकार किराए पर रहने वाले, छात्र या हॉस्टल/PG में रहने वाले लोग जहां रह रहे हैं, वहां वोट बनवा सकते हैं, लेकिन एक व्यक्ति का नाम एक ही जगह रह सकता है। विदेश में रहने वाले भारतीय मतदाता जो लोग विदेश में पढ़ाई या नौकरी कर रहे हैं और अब भी भारतीय नागरिक हैं, वे वोटर बने रह सकते हैं। विदेशी नागरिकता लेने पर वोट का अधिकार खत्म हो जाता है। अनमैप्ड वोटर का मतलब क्या है? कुछ मतदाताओं का नाम सूची में तो है, लेकिन उनका पता या पोलिंग बूथ डिजिटल सिस्टम में सही तरह जुड़ा नहीं है। ऐसे लोगों को अपनी जानकारी ठीक कराने के मौके दिए जाएंगे। दो जगह वोट होने पर क्या होगा? कानून के मुताबिक एक व्यक्ति एक ही जगह वोटर हो सकता है। दो जगह नाम होने पर एक जगह की एंट्री हटानी होगी। पता बदला है तो क्या करना चाहिए? जिले या राज्य बदलने पर वोट ट्रांसफर कराने की सुविधा मौजूद है। इसके लिए आवेदन किया जा सकता है। क्या किसी की वोट सीधे हट सकती है? नहीं। बिना सूचना और जवाब का मौका दिए किसी का नाम नहीं हटाया जाएगा। फॉर्म नहीं भरा तो क्या वोट कट जाएगी? नहीं। केवल फॉर्म न भरने से वोट अपने आप समाप्त नहीं होती। नए वोटरों के लिए राहत की खबर जो युवा 1 जुलाई 2026 तक 18 साल के हो जाएंगे, वे आवेदन करके वोटर बन सकते हैं। SIR के बाद दावे और आपत्तियां ली जाएंगी। सभी प्रक्रियाओं के बाद अंतिम वोटर सूची 1 अक्टूबर 2026 को जारी की जाएगी। निष्कर्ष SIR अभियान वोट छीनने की कार्रवाई नहीं है, बल्कि वोटर लिस्ट को पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने की कोशिश है। सही जानकारी देने से मतदाता और चुनाव व्यवस्था – दोनों मजबूत होंगे।

आधी रात घर की छत गिरी, गुरदासपुर में बेटे की सूझबूझ से 90 साल की मां की जान बची

बटाला. तेज बारिश और आंधी के बीच बटाला के निकट स्थित गांव अलोवाल में बड़ा हादसा होते-होते टल गया। देर रात एक मकान की छत अचानक भरभराकर गिर गई। गनीमत यह रही कि घर में मौजूद बुजुर्ग महिला और उनका बेटा समय रहते कमरे से बाहर निकल आए, जिससे किसी तरह का बड़ा जानी नुकसान नहीं हुआ। हालांकि हादसे में घर का काफी सामान मलबे के नीचे दब गया और परिवार को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। गांव अलोवाल निवासी हरजिंदर सिंह ने बताया कि वह अपनी करीब 90 वर्षीय माता जोगिंदर कौर के साथ घर में मौजूद थे। देर रात मौसम खराब होने के कारण तेज बारिश और आंधी चल रही थी। इसी दौरान कमरे की छत से धीरे-धीरे छोटे-छोटे टुकड़े गिरने लगे। शुरुआत में उन्हें लगा कि बारिश के कारण प्लास्टर झड़ रहा है, लेकिन कुछ ही क्षण बाद तेज आवाज सुनाई दी। खतरा देख बुजुर्ग मां को बाहर निकाला हरजिंदर सिंह के अनुसार स्थिति को भांपते हुए उन्होंने तुरंत अपनी बुजुर्ग माता को कमरे से बाहर निकालने का प्रयास किया। जैसे ही दोनों कमरे से बाहर पहुंचे, छत का बड़ा हिस्सा अचानक भरभराकर नीचे गिर पड़ा। हादसा इतना अचानक हुआ कि यदि कुछ सेकंड की भी देरी हो जाती तो बड़ा जानी नुकसान हो सकता था। हादसे में जोगिंदर कौर को मामूली चोटें आई हैं, जबकि घर के अंदर रखा सामान मलबे में दब गया। छत गिरने के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। गांव के लोग सहायता के लिए आए आगे घटना की जानकारी मिलते ही गांव के कई लोग पीड़ित परिवार की सहायता के लिए मौके पर पहुंचे। इनमें बलविंदर सिंह चट्ठा, हरमन गिल, जय सिंह तथा वार्ड के मौजूदा पार्षद के परिजन भी शामिल थे। ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार को हरसंभव मदद का भरोसा दिया। ग्रामीणों ने बताया कि हरजिंदर सिंह का परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है और उनके पास आय का कोई स्थायी साधन नहीं है। ऐसे में मकान की मरम्मत करवाना उनके लिए बेहद मुश्किल होगा। उन्होंने प्रशासन से परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग की है। पास वाले घर की छत भी क्षतिग्रस्त इसी मकान से जुड़ी साझी छत वाले घर में रहने वाली जसविंदर कौर ने बताया कि उनके मकान की छत भी आधे से अधिक हिस्से तक क्षतिग्रस्त हो चुकी है। उन्होंने कहा कि वह लोगों के घरों में काम करके अपने परिवार का पालन-पोषण करती हैं और मकान की मरम्मत करवाना उनकी क्षमता से बाहर है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और सरकार से मांग की है कि दोनों प्रभावित परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायता, मुआवजा और सुरक्षित आवास उपलब्ध कराया जाए, ताकि वे इस मुश्किल परिस्थिति से उबर सकें और अपना जीवन सामान्य रूप से फिर से शुरू कर सकें।

खाद संकट या पर्याप्त भंडार? पंजाब में यूरिया और DAP की उपलब्धता पर छिड़ा राजनीतिक घमासान

 चंडीगढ़ पंजाब में यूरिया व डीएपी खाद की कमी की अटकलों का केंद्र सरकार ने विरोध किया है। केंद्र ने पुष्टि की है कि खरीफ 2026 सीजन के लिए पंजाब में यूरिया और डीएपी खाद की आवश्यक मात्रा उपलब्ध है। यह जवाब भाजपा पंजाब के अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों की ओर से बीती 10 जून 2026 को केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री को लिखे गए पत्र के जबाव में आया है। दरअसल, 23 जून 2026 को केंद्र सरकार के रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय की संयुक्त सचिव वंदना प्रेयशी ने ढिल्लों को बताया कि पंजाब को 11,45,000 मीट्रिक टन यूरिया और 1,80,000 मीट्रिक टन डीएपी उपलब्ध करवाई गई है जो राज्य की आवश्यकता से भी अधिक है। वर्तमान में राज्य के पास 4,27,000 मीट्रिक टन यूरिया और 98,000 मीट्रिक टन डीएपी का क्लोजिंग स्टॉक मौजूद है। खाद किसानों तक पहुंचाने की मांग ढिल्लों ने कहा मोदी सरकार ने एक बार फिर साबित किया है कि पंजाब का किसान उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। ढिल्लों का कहना है कि उनकी तरफ से भेजे गए पत्र का कुछ ही दिनों में केंद्र ने स्पष्ट जवाब दिया है। अब सवाल यह है कि क्या आप सरकार इस खाद को जिला और ब्लाक स्तर तक किसानों तक पहुंचाएगी या नहीं। समयबद्ध वितरण व्यवस्था सुनिश्चित करे सरकार  ढिल्लों ने चेतावनी दी कि उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 और आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत जमाखोरी, कालाबाजारी और ऊंचे दामों पर बिक्री के खिलाफ कार्रवाई करना राज्य सरकार की पूरी जिम्मेदारी है। यदि किसानों तक खाद नहीं पहुंचती, तो इसकी सीधी जिम्मेदारी भगवंत मान सरकार की होगी। भाजपा पंजाब मांग करती है कि आप सरकार सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों में खाद की पारदर्शी और समयबद्ध वितरण व्यवस्था सुनिश्चित करे।

पंजाब में हथियारों का बड़ा नेटवर्क बेनकाब, अफगानी नागरिक सहित 7 लोग अरेस्ट

अमृतसर. अमृतसर पुलिस और केंद्रीय एजेंसी की संयुक्त कार्रवाई में हथियार, हेरोइन और हवाला नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ। एक अफगान नागरिक और एक किशोर समेत सात आरोपित गिरफ्तार किए हैं. पुलिस के अनुसार आरोपितों के पास से कुल 10 अत्याधुनिक हथियार बरामद हुए हैं। इनमें दो सब मशीन गन भी शामिल हैं। इसके अलावा 5.048 किलोग्राम हेरोइन और 30.38 लाख रुपये की हवाला राशि भी जब्त की गई है। बरामदगी को हाल के समय की बड़ी सफलताओं में से एक माना जा रहा है। विदेश में बैठे नेटवर्क के संचालक प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह पूरा नेटवर्क विदेश में बैठे संचालकों के इशारों पर काम कर रहा था। आरोपित सामाजिक माध्यमों के जरिए विदेशी हैंडलरों के संपर्क में थे और उनके निर्देशों के अनुसार काम करते थे। जांच एजेंसियों को संदेह है कि आरोपितों को समय-समय पर हथियार और नशीले पदार्थों की खेप उपलब्ध कराई जाती थी, जिसे वे आगे अपराधी तत्वों तक पहुंचाते थे। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक यह गिरोह केवल नशीले पदार्थों और हथियारों की तस्करी तक सीमित नहीं था, बल्कि हवाला के जरिए वित्तीय लेन-देन भी करता था। विभिन्न स्थानों पर धन पहुंचाने और भुगतान लेने के लिए हवाला तंत्र का इस्तेमाल किया जाता था। इसी माध्यम से विदेश में बैठे संचालकों और स्थानीय नेटवर्क के बीच आर्थिक गतिविधियां संचालित की जाती थीं। आरोपियों से पूछताछा जारी मामले में इस्लामाबाद थाना में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपितों से गहन पूछताछ कर रही है ताकि नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान की जा सके। जांच एजेंसियां इस बात का भी पता लगा रही हैं कि अब तक इस गिरोह ने कितनी खेपों की आपूर्ति की और किन-किन लोगों तक हथियार तथा नशीले पदार्थ पहुंचाए गए। अधिकारियों का कहना है कि जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है। नेटवर्क की पिछली और आगे की कड़ियों को जोड़ने, विदेशी संचालकों की भूमिका स्पष्ट करने तथा अन्य सहयोगियों की पहचान के लिए विशेष टीमें काम कर रही हैं। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां तथा अतिरिक्त बरामदगी होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा।

पंजाब में गर्मी और बारिश का डबल अटैक, लुधियाना-पठानकोट में बरसे बादल, कई जिलों में अलर्ट जारी

अमृतसर  पंजाब में गर्मी व बारिश एक साथ देखने को मिल रही हैं। बुधवार जहां राज्य के कई हिस्सों में बादल छाए रहे व बारिश हुई, वहीं अधिकतम तापमान एक बार फिर 41 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। हालांकि वेस्टर्न डिस्टरबेंस के प्रभाव के चलते आने वाले दिनों में कई जिलों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना बनी हुई है।चंडीगढ़ में मौसम का मिजाज बदला हुआ है। लुधियाना और पठानकोट में गुरुवार को बारिश हुई, जबकि जालंधर समेत कई इलाकों में तेज हवाएं चल रही हैं। मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ ने आज (25 जून) और कल के लिए राज्य में बारिश, आंधी और गरज-चमक का यलो अलर्ट जारी।  मौसम विभाग ने 25 और 26 जून के लिए राज्य के कई हिस्सों में यलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान राज्य के कई जिलों में बारिश का असर देखने को मिलेगा। लेकिन 27 जून से मौसम सामान्य रहने का अनुमान है। मौसम विभाग की तरफ से जारी बुलेटिन के अनुसार बुधवार को राज्य के अधिकतम तापमान में औसतन 0.7 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि दर्ज की गई, हालांकि ये सामान्य के करीब बना हुआ हे। बठिंडा रहा सबसे गर्म राज्य में सबसे अधिक तापमान बठिंडा क्षेत्र में 41.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा फाजिल्का में 40.4 डिग्री, पठानकोट में 40.0 डिग्री, फरीदकोट में 39.5 डिग्री, बठिंडा शहर में 39.5 डिग्री और फिरोजपुर में 38.9 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। प्रमुख शहरों में चंडीगढ़ का अधिकतम तापमान 39.8 डिग्री, पटियाला 38.6 डिग्री, लुधियाना 37.8 डिग्री और अमृतसर 37.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं श्री आनंदपुर साहिब क्षेत्र में 30.5 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जबकि पटियाला, पठानकोट, मोहाली और अन्य कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश हुई। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, पंजाब के 12 जिलों में आंधी, गरज-चमक और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है। इनमें पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, होशियारपुर, नवांशहर, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर और मोहाली शामिल हैं। वहीं, राज्य के 15 जिलों में बारिश की संभावना जताई गई है। इनमें पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, होशियारपुर, नवांशहर, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, बरनाला, संगरूर, फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर, पटियाला और मोहाली शामिल हैं। 33 फीसदी कम बारिश दर्ज पंजाब में पिछले 24 घंटों के दौरान सबसे अधिक 30.5 मिमी बारिश श्री आनंदपुर साहिब (रूपनगर) में दर्ज की गई। इसके अलावा पठानकोट, थेन डैम (पठानकोट) और मोहाली में 1-1 मिमी, जबकि पटियाला में 0.6 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। अमृतसर में केवल ट्रेस बारिश दर्ज हुई, जबकि राज्य के अधिकांश अन्य जिलों में बारिश नहीं हुई। राज्य में अब तक सामान्य औसत 35.7 मिमी के मुकाबले 33 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। यानी इस सीजन में पंजाब में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। हालांकि पिछले कुछ दिनों के दौरान कई जिलों में बारिश की गतिविधियां बढ़ी हैं, जिससे मौसम में बदलाव देखने को मिला है। जानिए गर्मी के दो असर:-     पंजाब में कुछ जिलों में बारिश होने के बावजूद उमस में काफी बढ़ोतरी दर्ज की गई। वहीं, धान की रोपाई का काम भी जोरों पर है। ऐसे में बिजली की मांग बढ़कर 15 हजार मेगावाट के पार पहुंच गई। शाम 6:30 बजे बिजली की मांग 14,790 मेगावाट दर्ज की गई, जो रात 8 बजे बढ़कर 14,972 मेगावाट और पौने 9 बजे 15,150 मेगावाट तक पहुंच गई। इस दौरान पंजाब ने 49,717 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया, जबकि केंद्र से 10,051 मेगावाट बिजली प्राप्त की गई। शुरुआत में बिजली की मांग 9,700 मेगावाट रहने का अनुमान था, लेकिन खपत बढ़ने के कारण अतिरिक्त बिजली लेनी पड़ी।     रोपड़ के चार में से एक यूनिट व लहरा मोहब्बत के चार में से दो यूनिट बंद हैं। जबकि बाकी नियमित रूप से चल रहे हैं। हाइड्रो से 877 मेगावाट उत्पादन हुआ है। ऐसी है मौसम की स्थिति पंजाब और आसपास के क्षेत्रों को प्रभावित कर रहा पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) अब पूर्व की ओर बढ़कर उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश व उससे सटे इलाकों तक पहुंच गया है। वहीं, हरियाणा के ऊपर बना ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) अब उत्तर हरियाणा के ऊपर सक्रिय है। इन मौसम प्रणालियों के प्रभाव से पंजाब के कई जिलों में गरज-चमक, तेज हवाओं और हल्की से मध्यम बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में मौसम में बदलाव बना रहने की संभावना है। तापमान बढ़ने के आसार मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ के डायरेक्टर सुरेंद्र पाल के अनुसार, 24 से 26 जून और 29 जून तक पंजाब के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इस दौरान तेज हवाएं भी चल सकती हैं। उन्होंने बताया कि अगले तीन दिनों में दिन के तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी होने के आसार हैं। आज कई जिलों में यलो अलर्ट जारी 25 जून: मौसम विभाग ने अमृतसर, तरनतारन, गुरदासपुर, पठानकोट, कपूरथला, जालंधर, होशियारपुर, नवांशहर, रूपनगर, मोहाली, फतेहगढ़ साहिब, लुधियाना और आसपास के क्षेत्रों में गरज-चमक, बिजली गिरने तथा 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है। इन जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है। 26 जून:  अमृतसर, तरनतारन, गुरदासपुर, पठानकोट, कपूरथला, जालंधर, होशियारपुर, नवांशहर, मोहाली, फतेहगढ़ साहिब और लुधियाना समेत कई जिलों में गरज-चमक और तेज हवाओं का यलो अलर्ट रहेगा। दक्षिणी पंजाब के अधिकांश जिलों में मौसम अपेक्षाकृत सामान्य रहने की संभावना है। 27 और 28 जून: मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार 27 और 28 जून को पूरे पंजाब में किसी प्रकार की मौसम चेतावनी जारी नहीं की गई है। हालांकि कुछ स्थानों पर बादल छाए रहने और छिटपुट बारिश की संभावना बनी रह सकती है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि वेस्टर्न डिस्टरबेंस के सक्रिय रहने के कारण अगले दो दिनों तक मौसम में उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा। इससे दिन के तापमान में बहुत बड़ी गिरावट नहीं आएगी, लेकिन कई इलाकों में तेज हवाओं और बारिश के कारण लोगों को गर्मी से आंशिक राहत मिल सकती है।

पेपर लीक विवाद गरमाया, कांग्रेस ने धर्मेंद्र प्रधान को घेरा; सरकार से मांगा जवाब

चंडीगढ़. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान बुधवार को चंडीगढ़ पहुंच गए हैं। वह दोपहर करीब 12:30 बजे सेक्टर-18 स्थित टैगोर थिएटर पहुंचेंगे, जहां भारतीय जनता पार्टी द्वारा आपातकाल की स्मृति में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में शामिल होंगे। धर्मेंद्र प्रधान के चंडीगढ़ दौरे को लेकर कांग्रेस और युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। कार्यकर्ता काले झंडे लेकर सड़कों पर उतरे और शिक्षा मंत्री के खिलाफ नारेबाजी की। कांग्रेस पेपर लीक मामलों को लेकर धर्मेंद्र प्रधान को जिम्मेदार ठहराते हुए उनके इस्तीफे की मांग कर रही है। प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। कांग्रेस और युवा कांग्रेस के कई कार्यकर्ताओं को सेक्टर-17 क्षेत्र में ही रोक दिया गया, ताकि वे टैगोर थिएटर तक न पहुंच सकें। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सामने आए पेपर लीक मामलों से देशभर के लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है। इसी मुद्दे को लेकर पार्टी पिछले कई दिनों से चंडीगढ़ के अलग-अलग हिस्सों में लगातार प्रदर्शन कर रही है। उधर, भाजपा के कार्यक्रम को लेकर टैगोर थिएटर में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कार्यक्रम में आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र का काला अध्याय बताते हुए चर्चा की जाएगी। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने संबोधन में आपातकाल के दौरान हुई घटनाओं, लोकतांत्रिक संस्थाओं पर पड़े प्रभाव और संविधान की रक्षा के महत्व पर अपने विचार रखेंगे। धर्मेंद्र प्रधान के टैगोर थिएटर पहुंचने से पहले ही पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया है। बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है और कार्यक्रम स्थल के आसपास निगरानी बढ़ा दी गई है। कांग्रेस कार्यकर्ता उनके आगमन पर काले झंडे दिखाकर विरोध दर्ज कराने की तैयारी में हैं।

पासिंग फीस और अवैध वाहनों के मुद्दे पर सरकार गंभीर, मंत्री चीमा ने ऑपरेटरों को दिया आश्वासन

चंडीगढ़  वाहनों की पासिंग फीस में भारी वृद्धि से ट्रांसपोटरों की वित्तिय देनदारियों को कम करने के लिए सभी कानूनी समाधानों पर विचार किया जाएगा। ट्रांसपोर्ट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने मिनी बस आपरेटरों के प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि अवैध रूप से संचालित वाहनों के कारण उत्पन्न होने वाली गंभीर परिचालन समस्याओं निर्धारित मिनी बस मार्गों पर चलने वाले ऐसे अनियमित वाहनों के विरुद्ध तत्काल सख्त कार्रवाई करने के आदेश दिए। बैठक में परिवहन सचिव वरुण रूजम, स्टेट ट्रांसपोर्ट कमिश्नर परनीत शेरगिल और निदेशक परिवहन राजीव कुमार गुप्ता के साथ एसोसिएशन की ओर से अपनी परिचालन संबंधी समस्याओं के बारे में सौंपे गए एक विस्तृत मांग पत्र का बारीकी से मूल्यांकन किया। वित्त मंत्री ने विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को आवश्यकता अनुसार तत्काल प्रशासनिक हस्तक्षेप करने के निर्देश जारी किए और इस बात पर जोर दिया कि राज्य सरकार पंजाब भर के हजारों स्वरोजगार से जुड़े परिवहन ऑपरेटरों के आर्थिक हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। ये वाहन स्थापित ऑपरेटरों की आजीविका को गंभीर रूप से प्रभावित करते हैं, बसों की समय-सारिणी को बाधित करते हैं और सड़क दुर्घटनाओं का कारण बनकर यात्रियों की सुरक्षा से समझौता करते हैं। वित्त मंत्री ने डीजल, टायरों और मोटर लुब्रिकेंट्स सहित परिचालन लागत में हुई वृद्धि के कारण छोटे स्तर के आपरेटरों को पेश आ रही गंभीर वित्तीय कठिनाइयों का भी संज्ञान लिया। यह स्वीकार करते हुए कि बढ़ती लागतें इस क्षेत्र के अस्तित्व के लिए खतरा बन रही हैं, वित्त मंत्री ने वित्त एवं परिवहन विभागों को राज्य स्तरीय कर ढांचे का व्यापक मूल्यांकन करने के निर्देश दिए ताकि संकट का सामना कर रहे इस स्वरोजगार क्षेत्र को परिचालन राहत प्रदान करने के लिए उपयुक्त उपाय खोजे जा सकें। बैठक के दौरान क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों में स्थायी अधिकारियों की नियुक्ति के बजाय उप-मंडल मजिस्ट्रेटों और अतिरिक्त उपायुक्तों को अस्थायी या अतिरिक्त प्रभार सौंपे जाने से संबंधित प्रशासनिक बाधाओं पर भी चर्चा की गई। परिवहन मंत्री ने इसके कारण कार्यों में आ रही देरी का संज्ञान लेते हुए विभाग को प्रशासनिक नियुक्तियों को सुव्यवस्थित करने, परिवहन प्राधिकरणों की डिजिटल क्लीयरेंस प्रणाली को और बेहतर बनाने तथा दैनिक कार्यों से संबंधित प्रमाणपत्रों का शीघ्र निपटारा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि एक मजबूत और कुशल परिवहन अर्थव्यवस्था को बनाए रखा जा सके।