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पंजाब सरकार का ऐतिहासिक कदम, 201 गांवों में किसानों को धान की अग्रिम बिजाई करने की मिली अनुमति

 कलानौर  पंजाब सरकार ने सेमग्रस्त घोषित किए राज्य के 201 गांवों में अग्रिम धान बीजने की छूट दी है। इनमें गुरदासपुर जिले के तीन गांव शामिल हैं, जिनके करीब 200 एकड़ जमीन सेमग्रस्त है। पंजाब सरकार ने यह छूट दो साल के लिए दी है। गौर हो कि पंजाब में किसान दस मई से पहले धान की पनीरी की बिजाई नहीं कर सकते हैं। इसका उद्देश्य राज्य में घटते भू-जल स्तर को रोकना है। निकटवर्ती निज्जरपुर गांव के सरपंच रणदीप सिंह ने बताया कि ब्लाक डेरा बाबा नानक से संबंधित सरपंचों की मांग पर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पंजाब भर में सेमग्रस्त घोषित किए 201 गांवों में अग्रिम धान बीजने की छूट दी है। अब इन खेतों के किसान साल भर में कभी भी धान की बिजाई कर सकते हैं। इस फैसले से डेरा बाबा नानक ब्लाक के सेमग्रस्त गांवों के सरपंचों व किसानों में खुशी की लहर है। इस संबंध में गांव निज्जरपुर के सरपंच रणदीप सिंह, प्रकाश सिंह, कुलविंदर सिंह, कर्मजीत सिंह, जगजीत सिंह आदि ने बताया कि पिछले साल अगस्त में सक्की किरण नाले और रावी दरिया के पानी से आई बाढ़ में उनकी धान की फसल तबाह हो गई थी। इसके बाद विभिन्न संगठनों के सहयोग से उन्होंने गेहूं की बिजाई की, लेकिन गेहूं वाले खेतों में सेम आ जाने के कारण उनकी गेहूं की फसल भी नष्ट हो गई थी। सरपंच रणदीप सिंह ने बताया कि उन्होंने गांव अठवाल, कोटली सूरत मल्ली, अर्लीभन्न के रकबे में सेम पड़ जाने और गेहूं की फसल नष्ट होने पर मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इन सेम प्रभावित खेतों में अग्रिम धान लगाने की मांग की थी। इस मांग के मद्देनजर पंजाब सरकार ने कृषि विभाग और विभिन्न टीमों को सेमग्रस्त खेतों की जांच के लिए भेजा था। टीमों ने जांच के बाद पाया कि इन खेतों में डेढ़ से दो फुट मिट्टी खोदने के बाद सेम का पानी आ जाता है। पंजाब सरकार ने किसानों की मांग स्वीकार करते हुए जिला गुरदासपुर के गांव भुल्लर, अठवाल, कोटली सूरत मल्ली के अलावा पूरे पंजाब के विभिन्न जिलों के कुल 201 गांवों को सेमग्रस्त घोषित किया है। इनमें श्री मुक्तसर साहिब के 95, फरीदकोट के 19, फाजिल्का के 81, बठिंडा के दो और मानसा के एक गांव शामिल हैं। सरकार ने इन गांवों के क्षेत्र को धारा 3(3)(सी) के तहत 'पंजाब प्रिजर्वेशन ऑफ सब-सायल वाटर एक्ट, 2009' के दायरे से अगले दो सालों की अवधि के लिए छूट दे दी है। इस छूट के बाद अब ये किसान निर्धारित तिथि से पहले अग्रिम धान की बिजाई कर सकेंगे। किसानों का कहना है कि इस फैसले से उनकी आर्थिक को काफी राहत मिलेगी। सरपंच रणदीप सिंह ने सेमग्रस्त जमीनों के मालिक किसानों से अपील की कि वे धान की बिजाई के लिए नर्सरियों की तैयारी करें ताकि सेमग्रस्त खेतों में धान की बिजाई की जा सके। सरपंच रणजीत सिंह और प्रभावित किसानों ने बताया कि पिछले साल अगस्त महीने में बाढ़ के पानी से जहां उनकी धान की फसल पूरी तरह तबाह हो गई थी, वहीं देर से खेतों में किसानों द्वारा बिजाई की गई गेहूं की फसल भी खेतों में सेम की मार पड़ जाने के कारण नष्ट हो गई है। उन्होंने बताया कि कई किसानों के खेतों में से डेढ़ से तीन क्विंटल प्रति एकड़ गेहूं की पैदावार ही निकली है, जो सामान्य से काफी कम है। किसानों ने कहा कि पंजाब सरकार को सेमग्रस्त जमीनों पर खराब हुई गेहूं की फसल का भी किसानों को तुरंत मुआवजा देना चाहिए ताकि समय-समय पर प्राकृतिक आपदाओं का सामना कर रहे किसानों की आर्थिक सहायता हो सके। जिला गुरदासपुर के कृषि अधिकारी डा. ठाकुर रणधीर सिंह से बातचीत में उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार द्वारा पंजाब के विभिन्न जिलों के अलावा जिला गुरदासपुर के तीन गांवों आदि सहित कुल 201 गांवों को सेमग्रस्त घोषित किया गया है। इसके तहत इन सेमग्रस्त गांवों के किसानों को अग्रिम धान बिजाई की छूट मिली है, जबकि दूसरी जमीनों में धान की पनीरी की बिजाई और धान की रोपाई पंजाब सरकार के खेतीबाड़ी विभाग के आदेशों पर होगी।

नीना मित्तल का बड़ा बयान: भाजपा के पंजाब में सत्ता में आने की उम्मीदें पूरी नहीं होंगी

लुधियाना  आम आदमी पार्टी की हलका विधायक नीना मित्तल की अगुवाई में  यहां पार्टी के सात पूर्व राज्यसभा सांसदों के खिलाफ प्रदर्शन किया गया। टाहली वाला चौक में हुए इस प्रदर्शन के दौरान आम आदमी पार्टी के अनेक कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद रहे। प्रदर्शन के दौरान भाजपा में शामिल हुए राज्यसभा सदस्यों के पुतले फूंके गए और नारेबाजी कर अपना रोष व्यक्त किया गया। इस मौके पर विधायक नीना मित्तल ने कहा कि जिन लोगों ने पार्टी के साथ विश्वासघात किया है, उन्हें पंजाब के लोग कभी माफ नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि यह कदम केवल निजी लाभ के लिए उठाया गया है, जिससे जनता के भरोसे को ठेस पहुंची है। उन्होंने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि केंद्र सरकार की सोच पंजाब विरोधी है और उसके मंसूबे कभी भी पंजाब की सत्ता पर काबिज होने के पूरे नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा की नीतियों ने पहले ही पंजाब की किसानी और युवाओं को नुकसान पहुंचाया है, जिसे लोग भली-भांति समझते हैं। विधायक नीना मित्तल ने कहा कि पार्टी अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत मान की अगुवाई में राज्य को विकास के रास्ते पर आगे बढ़ा रही है। राज्य सरकार ने स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव किए हैं, जिनका सीधा लाभ जनता को मिल रहा है। विधायक नीना मित्तल ने जनता से अपील की कि सच और विकास की राजनीति का साथ दें और विरोधियों की गुमराह करने वाली नीतियों से सतर्क रहे।

पंजाब में 33 हफ्ते में जन्मी नवजात को ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ से मिली जिंदगी, जीती मौत की जंग

चंडीगढ़  नवजात की पहली किलकारी राहत लेकर आनी चाहिए, लेकिन कई बार यह सन्नाटा भी लेकर आती है. बठिंडा जिले के रामपुरा फूल स्थित अग्रवाल अस्पताल में एक बच्ची का जन्म हुआ, लेकिन उसके जीवन की जंग अभी शुरू ही हुई थी।  सिर्फ 33 सप्ताह में जन्मी रेशम सिंह और गुरमेल कौर की बेटी समय से पहले बेहद नाजुक हालत में इस दुनिया में आई. उसका वजन केवल 1.926 किलोग्राम था, जो सामान्य पूर्णकालिक जन्म वजन (लगभग 2.5 से 4 किलोग्राम) से काफी कम है. जन्म के पहले ही पल से उसे सांस लेने में कठिनाई हो रही थी. बिना चिकित्सकीय सहायता के सांस लेना संभव नहीं था. ऐसे हालात में समय गंवाने की कोई गुंजाइश नहीं थी।  डॉ. सुरिंदर अग्रवाल (एमडी पीडियाट्रिक्स), जिनके पास 24 वर्षों का अनुभव है, ने अपनी टीम के साथ तुरंत उपचार शुरू किया. बच्ची को एनआईसीयू में भर्ती किया गया, जहां मशीनें वह काम कर रही थीं, जो उसके अविकसित फेफड़े नहीं कर पा रहे थे. मॉनिटर पर हर धड़कन और हर सांस पर नजर रखी जा रही थी. हर पल अनिश्चितता और हर पल महत्वपूर्ण था।  इसके बाद 17 दिनों तक लगातार देखभाल और सही उपचार जारी रहा. नवजात को 10 दिनों तक कंटीन्यूअस पॉजिटिव एयरवे प्रेशर (CPAP) सहायता दी गई, इसके बाद 4 दिनों तक ऑक्सीजन सपोर्ट दिया गया. इस दौरान बच्ची को पीलिया हो गया, जिसका इलाज फोटोथेरेपी से किया गया. सीमित कंगारू मदर केयर के जरिए सावधानीपूर्वक पोषण दिया गया, ताकि उसकी नाजुक स्थिति प्रभावित हुए बिना उसे गर्माहट और स्थिरता मिल सके।  डॉ. अग्रवाल ने कहा, “एनआईसीयू में सुधार अचानक नहीं आता, यह धीरे-धीरे स्थिर संकेतों के साथ आता है.” धीरे-धीरे सुधार दिखना शुरू हुआ। सांस सामान्य होने लगी. प्रतिक्रियाएं बेहतर हुईं. जो नाजुक शरीर पहले संघर्ष कर रहा था, वह दिन-ब-दिन मजबूत होने लगा. डॉ. अग्रवाल ने कहा, “कई बार बच्चे को बचाना सिर्फ इलाज पर नहीं, बल्कि सही समय पर निर्भर करता है. थोड़ी-सी देरी भी सब कुछ बदल सकती है।  इस मामले में कोई देरी नहीं हुई. मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत परिवार को कैशलेस इलाज मिला, जिससे डॉक्टर बिना किसी आर्थिक चिंता के पूरी तरह उपचार पर ध्यान केंद्रित कर सके।  17 दिनों के इलाज के बाद बच्ची को स्थिर हालत में छुट्टी दे दी गई. अब उसका वजन 2.106 किलोग्राम है. हालांकि वह अभी भी नाजुक है, लेकिन पहले से काफी स्वस्थ है. नवजात अपने माता-पिता की गोद में जीवित, स्थिर और स्वस्थ हालत में अस्पताल से बाहर आई।  एक अन्य मामले में, होशियारपुर के मनिंदर सिंह ने अपना अनुभव साझा किया. उनकी बेटी गुरकीरत कौर, जिसका जन्म इसी वर्ष 14 अप्रैल को हुआ था, को भी जन्म के बाद नवजात देखभाल की जरूरत पड़ी. उन्होंने कहा, “अस्पताल में उसका अच्छा इलाज हुआ और पूरा खर्च मुख्यमंत्री स्वास्थ्य कार्ड के तहत कवर हो गया।  रजिस्ट्रेशन उसी दिन पूरा हो गया और अब परिवार को हर साल 10 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य कवर मिल रहा है।  मनिंदर सिंह ने धन्यवाद देते हुए कहा, “इसलिए ‘मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना’ बहुत महत्वपूर्ण है. जो व्यक्ति अपनी रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने के लिए संघर्ष करता है, वह भी अपने बच्चे के लिए बेहतर इलाज ले सकता है. यह बहुत बड़ी बात है।  पंजाब के एनआईसीयू में अभी भी खामोशी होती है, लेकिन अब वह डर नहीं, बल्कि उम्मीद से भरी होती है।  यह उम्मीद बिल्कुल शांत और स्थिर होती है, जिसमें मॉनिटर हर दिन और मजबूत होती किसी नन्हे दिल की धड़कन दिखाता है, और कई बार यही खामोशी और स्थिरता सब कुछ बदलने के लिए काफी होती है। 

अमृतसर सीमा पर बीएसएफ ने की बड़ी गिरफ्तारी, ड्रोन से हेरोइन तस्करी की कोशिश को किया विफल

अमृतसर  देर रात भारत-पाकिस्तान सीमा के पास बीओपी कलाम डोगर इलाके में ड्रोन के जरिए हेरोइन की खेप भेजने की कोशिश की गई। सीमा पर तैनात जवानों ने संदिग्ध ड्रोन की दिशा में फायरिंग भी की, ताकि उसे निष्क्रिय किया जा सके और किसी भी तरह की घुसपैठ को रोका जा सके। कुछ देर बाद बीएसएफ और अन्य एजेंसियों ने संयुक्त सर्च ऑपरेशन चलाया। तलाशी के दौरान खेतों और आसपास के इलाके से एक ड्रोन बरामद किया गया। इसके साथ ही हेरोइन का एक पैकेट भी मिला, जिसका वजन करीब 535 ग्राम बताया जा रहा है। मामले की गहन जांच की जा रही है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि ड्रोन किस स्थान से उड़ाया गया और इसके छे कौन सा नेटवर्क सक्रिय है।

पंजाब में NDPS मामलों में 40% बढ़ोतरी, मान सरकार ने तस्करों के खिलाफ लिया बड़ा एक्शन

चंडीगढ़  पंजाब में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में चलाए जा रहे ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ अभियान के प्रभावी, तेज और ठोस परिणाम सामने आ रहे हैं. ताजा आंकड़े दर्शाते हैं कि नशों के खिलाफ कार्रवाई में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, नशा तस्करी नेटवर्क को बड़े स्तर पर कमजोर किया गया है और दोषियों के खिलाफ सजा दर में भी महत्वपूर्ण सुधार दर्ज किया गया है।  आंकड़ों के अनुसार, साल 2022 से 2026 (अब तक) के दौरान 73,541 एनडीपीएस मामले दर्ज किए गए हैं, जो 2017–2021 के 52,255 मामलों की तुलना में 40 प्रतिशत से अधिक वृद्धि दर्शाते हैं. गिरफ्तारियों की संख्या भी 68,064 से बढ़कर 98,596 हो गई है, जो राज्यभर में नशा तस्करी नेटवर्क के खिलाफ लगातार और व्यापक कार्रवाई को दर्शाती है।  जब्तियों के आंकड़े इस अभियान की सफलता को और साफ करते हैं. हेरोइन की बरामदगी में 148 प्रतिशत का बड़ा उछाल दर्ज किया गया है—2022 से अब तक 5,979 किलोग्राम हेरोइन जब्त की गई, जबकि 2017–21 के दौरान यह मात्रा 2,412 किलोग्राम थी. अफीम की जब्ती में भी 43 प्रतिशत से अधिक वृद्धि होकर यह 3,583 किलोग्राम तक पहुंच गई है, जो जमीनी स्तर पर तेज कार्रवाई को दर्शाती है। सिंथेटिक ड्रग्स के खिलाफ कार्रवाई में विशेष रूप से उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखी गई है. ‘आइस’ (क्रिस्टल मेथामफेटामाइन) की जब्ती 17 किलोग्राम से बढ़कर 93 किलोग्राम हो गई है, जो 447 प्रतिशत की वृद्धि है. कोकीन की जब्ती 6,064 किलोग्राम रही, जो पहले के 6,852 किलोग्राम के लगभग बराबर है।  इस अभियान की पहुंच अब दवाइयों के दुरुपयोग तक भी बढ़ चुकी है. 2022–26 के दौरान 8.7 करोड़ गोलियां और कैप्सूल जब्त किए गए हैं, जो खासकर युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति को रोकने के लिए सप्लाई चेन पर बड़े प्रहार का संकेत है।  इस कार्रवाई के सकारात्मक परिणाम न्याय प्रणाली में भी दिखाई दे रहे हैं. दोषियों के लिए सजा दर बढ़कर 89 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जो मजबूत जांच, साक्ष्य संग्रह और प्रभावी अभियोजन को दर्शाती है।  डीजीपी पंजाब गौरव यादव ने कहा, 'यह केवल कार्रवाई में वृद्धि नहीं, बल्कि नशे के खतरे से निपटने के तरीके में एक मूलभूत बदलाव है. मामलों और जब्तियों में वृद्धि इंटेलिजेंस आधारित कार्रवाई को दर्शाती है, जबकि बढ़ती सजा दर यह दिखाती है कि मामलों को उनके तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाया जा रहा है. सप्लायर से लेकर डिस्ट्रीब्यूटर तक पूरी श्रृंखला पर लगातार दबाव बनाया गया है।  उन्होंने बताया कि इस कार्रवाई की व्यापकता और निरंतरता मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की साफ रणनीतिक सोच का परिणाम है, जिसके तहत ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ अभियान राज्यभर में सक्रिय और निर्णायक कार्रवाई का प्रमुख हिस्सा बन चुका है।  हालांकि जब्तियों में वृद्धि जमीनी स्तर पर तेज कार्रवाई को दर्शाती है, लेकिन सरकार ने साफ किया है कि मुख्य उद्देश्य नशा नेटवर्क को तोड़ना और नशों की उपलब्धता को कम करना है, ताकि इस अभियान का स्थायी और दीर्घकालिक प्रभाव सुनिश्चित किया जा सके।   

7 करोड़ कैश मिलने के बाद ED का एक्शन तेज, भुल्लर के 11 ठिकानों पर रेड

चंडीगढ़ रिश्वतखोरी के केस में गिरफ्तार पंजाब के पूर्व DIG हरचरण सिंह भुल्लर के 11 ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) तलाशी अभियान चला रही है. यह कार्रवाई सोमवार सुबह शुरू हुई. भुल्लर के चंडीगढ़, लुधियाना, पटियाला, नाभा और जालंधर में स्थित 11 ठिकानों पर तलाशी ली जा रही है. ये जगहें आरोपी भुल्लर और उसके साथियों और संदिग्ध बेनामीदारों से जुड़ी हैं. मालूम हो कि डीआईजी भुल्लर को पिछले साल 8 लाख रुपए के रिश्वत से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया गया था. जिसके बाद उनके ठिकानों पर हुई छापेमारी में 7 करोड़ से ज्यादा रुपए कैश मिले थे।  आज भुल्लर के ठिकानों पर चल रही ईडी की रेड CBI, ACB द्वारा दर्ज किए गए मूल अपराधों से जुड़ी है। इन अपराधों में एक बिचौलिए के ज़रिए किसी आपराधिक मामले को निपटाने के लिए अवैध रिश्वत मांगने के आरोप शामिल हैं, साथ ही आय के ज्ञात स्रोतों से कहीं ज़्यादा संपत्ति का पता भी चला है।  चंडीगढ़, लुधियाना, पटियाला, नाभा, जालंधन में चल रही तलाशी मिली जानकारी के अनुसार भुल्लर और उसके करीबियों के चंडीगढ़ में स्थित दो, लुधियाना में स्थित 5, पटियाला में स्थित दो के साथ-साथ नाभा और जालंधर में स्थित एक-एक ठिकानों पर तलाशी ली जा रही है. इन तलाशी अभियानों का मकसद अपराध से हासिल हुई और संपत्ति का पता लगाना, बेनामी संपत्तियों की पहचान करना और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े सबूत इकट्ठा करना है।  बताते चले कि पिछले साल चंडीगढ़ में भुल्लर के आवास पर तलाशी के दौरान सीबीआई ने 7.36 करोड़ रुपये से अधिक नकदी, 2.32 करोड़ रुपये से अधिक के आभूषण, 26 ब्रांडेड घड़ियां और परिवार के सदस्यों के नाम अचल संपत्ति के दस्तावेज बरामद किए थे।  इन 11 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी ईडी की टीमें पीएमएलए की धारा 17 के तहत कुल 11 जगहों पर तलाशी अभियान चला रही हैं. ये अभियान 5 शहरों में चल रहे हैं।      चंडीगढ़ – 2 ठिकाने     लुधियाना जिला – 5 ठिकाने     पटियाला – 2 ठिकाने     नाभा – 1 ठिकाना     जालंधर – 1 ठिकाना जानकारी के अनुसार ये छापे आरोपी, उसके सहयोगियों और संदिग्ध बेनामी संपत्तियों से जुड़े लोगों के ठिकानों पर मारे जा रहे हैं. इस दौरान मनी ट्रेल और बेनामी संपत्तियों की जांच की जा रही है।  ईडी की कार्रवाई का ये है उद्देश्य     . अपराध से अर्जित धन (Proceeds of Crime) का पता लगाना     . भुल्लर से संबंधित बेनामी संपत्तियों की पहचान करना     . मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े सबूत जुटाना फिलहाल ईडी की तलाशी की कार्रवाई जारी है और मामले में आगे की जांच की जा रही है।  सीबीआई ने क्‍यों क‍िया था गि‍रफ्तार  पंजाब पुलिस के पूर्व उप महानिरीक्षक यानी DIG हरचरण सिंह भुल्लर को रिश्वत लेने के आरोप में सीबीआई ने पिछले साल गिरफ्तार किया था और वे तभी से जेल में बंद हैं. भुल्लर के साथ बिचौलिए कृष्ण शारदा को भी 8 लाख रुपये की रिश्वत के मामले में पकड़ा था. हाल ही में भुल्लर ने सुप्रीम कोर्ट से जमानत मांगी थी लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने जमानत याचिका खारिज कर दी थी।   

Punjab में बिजली संकट पर काबू, पावर कट्स खत्म करने के आदेश जारी

जालंधर. पंजाब में बीते कई दिनों से बिजली के कट लग रहे हैं। विभाग द्वारा मेंटेनेंस कार्यों को लेकर कई शहरों में बिजली कटों का ऐलान किया गया था। वहीं इसी बीच बड़ी खबर सामने आई है कि बिजली विभाग द्वारा मेंटेनेंस को लेकर घोषित किए गए पावट कटों पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं। जारी नए आदेशों में कहा गया है कि 11 kV और इससे ऊपर के किसी भी काम (PTW) की इजाजत बिना जोनल दफ्तर की लिखित मंजूरी के 30 अप्रैल तक नहीं दी जाएगी। सूत्रों से जानकारी मिली है कि विभान ने पहले से तय सभी शटडाउन तुरंत प्रभाव से रद्द कर दिए हैं। विभाग ने इन आदेशों का सख्ती से पालन करने के निर्देश देते हुए कहा कि मेंटेनेंस के काम को तुरंत रोका जाए और जल्द से जल्द बिजली सप्लाई बहाल की जाए। बता दें कि इससे पहले विभाग द्वारा जालंधर, लुधियाना, अमृतसर, पटियाला सहित अन्य कई शहरों में बिजली कटौती के आदेश जारी किए थे।

खेत में संदिग्ध ड्रोन मिलने से सनसनी, सुरक्षा एजेंसियां सतर्क

दीनानगर/फिरोजपुर. दीनानगर विधानसभा क्षेत्र के तहत थाना दौरांगला के गांव वजीरपुर अफगाना में एक किसान के खेतों में एक छोटा ड्रोन मिला है। इस बारे में जानकारी देते हुए DSP दीनानगर राजिंदर मिन्हास ने बताया कि बॉर्डर के बिल्कुल पास बसे इस गांव के किसान हरजीत सिंह पुत्र राम सिंह जब अपने खेतों की तरफ घूमने गया तो उसने अपने खेत में एक छोटा ड्रोन पड़ा देखा तो इस दौरान हड़कंप मच गया। उसने तुरंत थाना दोरांगला पुलिस को सूचित किया। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर ड्रोन को जब्त कर लिया और जब पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया गया तो अभी तक किसी भी तरह की कोई संदिग्ध चीज बरामद नहीं हुई है, बाकी पूरे मामले की जांच जारी है। इसके पहले फिरोजपुर के नजदीकी गांव कोहाला में गेहूं की कटाई कर रहे किसान को अपने खेतों में एक ड्रोन और करीब सात किलो हेरोइन का पैकेट मिला। प्राप्त जानकारी के अनुसार किसान ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी। जानकारी के मुताबिक, जिस किसान के खेतों से यह बरामदगी हुई है, उसकी पहचान गुरजंट सिंह पुत्र थाना सिंह के रूप में हुई है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और ड्रोन सहित हेरोइन के पैकेट को अपने कब्जे में ले लिया। प्रारंभिक जांच में यह मामला सरहदी क्षेत्र से जुड़ा हुआ माना जा रहा है, जिसमें ड्रोन के जरिए नशीले पदार्थों की तस्करी की आशंका जताई जा रही है। पुलिस द्वारा मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और इलाके में सतर्कता बढ़ा दी गई है।

आबादी के बीच प्लास्टिक फैक्ट्री में लगी भयंकर आग, लोग घर छोड़ने को मजबूर

खन्ना. खन्ना के कब्जा फैक्ट्री रोड स्थित रिहायशी इलाके में उस समय हड़कंप मच गया, जब सुबह एक प्लास्टिक फैक्ट्री में अचानक भीषण आग लग गई। आग की लपटें उठती देख आसपास के लोग दहशत में घरों से बाहर निकल आए। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की गाड़ियां भी मौके पर पहुंच गईं और आग बुझाने के काम में जुट गईं। काफी देर की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। वहीं मोहल्ला निवासी शशि वर्धन ने बताया कि आग सुबह करीब 7 से 7:30 बजे के बीच लगी। उन्होंने कहा कि फैक्ट्री को भारी नुकसान हुआ है और आसपास घनी आबादी होने के कारण बड़ा हादसा होते-होते टल गया। स्थानीय निवासी अवतार मोरिया ने आरोप लगाया कि इलाके में कई फैक्ट्रियां अवैध रूप से चलाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि मोहल्ला वासियों ने इस संबंध में कई बार नगर काउंसिल को शिकायतें दीं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। दूसरी तरफ टेक चंदन एंड सांस फैक्ट्री के मालिक संजय ने आरोप लगाया कि फायर ब्रिगेड मौके पर काफी देर से पहुंची, जिससे आग पर काबू पाने में देरी हुई। साथ ही उन्होंने दावा किया कि फैक्ट्री चलाने के लिए उनके पास सभी जरूरी एनओसी मौजूद हैं। वहीं फायर अफसर दमनप्रीत ने बताया कि उन्हें टेलीफोन के जरिए सूचना मिली थी कि कब्जा फैक्ट्री रोड स्थित एक फैक्ट्री में आग लगी है। सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। उन्होंने कहा कि मामले में जो भी बनती कार्रवाई होगी, वह की जाएगी। फिलहाल घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है और प्रशासन जांच में जुट गया है।

44 डिग्री के पार तापमान, Chandigarh, Panchkula और Mohali में झुलसाती गर्मी; राहत की तारीख सामने

जीरकपुर. ट्राईसिटी क्षेत्र चंडीगढ़, पंचकूला और मोहाली समेत जीरकपुर, डेराबस्सी व लालड़ू में इन दिनों भीषण गर्मी का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। अप्रैल के अंतिम सप्ताह में ही तापमान में असामान्य बढ़ोतरी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। मौसम विभाग के अनुसार चंडीगढ़ में अधिकतम तापमान 41.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब 5 डिग्री अधिक है। वहीं जीरकपुर में तापमान करीब 40.5 डिग्री, डेराबस्सी में 40.2 डिग्री और लालड़ू में लगभग 40.0 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया। राज्य के बठिंडा और फरीदकोट में पारा 44.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जिससे पूरे पंजाब में लू जैसे हालात बन गए हैं। मौसम विज्ञान केंद्र, चंडीगढ़ ने क्षेत्र में हीट वेव को लेकर यलो अलर्ट जारी किया है। साथ ही “वार्म नाइट” यानी रात के समय भी गर्मी बने रहने की चेतावनी दी गई है। कई जिलों में 40 डिग्री पार, जनजीवन प्रभावित पंजाब के अमृतसर (40.3°C), लुधियाना (42.4°C), पटियाला (42.4°C), बठिंडा (42.5°C) और फरीदकोट (44.3°C) में तापमान 40 डिग्री से ऊपर दर्ज किया गया है। इसके अलावा फाजिल्का, फिरोजपुर, मोगा, बरनाला, मुक्तसर और पठानकोट सहित कई जिलों में तापमान 35 से 40 डिग्री के बीच बना हुआ है। ट्राईसिटी के आसपास के शहरों—जीरकपुर, डेराबस्सी और लालड़ू—में भी गर्मी का असर साफ देखने को मिल रहा है। दोपहर के समय बाजारों में सन्नाटा पसरा रहता है और लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। छत्तबीड़ चिड़ियाघर में भी गर्मी के चलते पर्यटकों की संख्या में गिरावट दर्ज की गई है। वहीं दिहाड़ी मजदूरों और बाहर काम करने वाले लोगों के लिए हालात और भी कठिन हो गए हैं, जिन्हें तेज धूप में काम करना पड़ रहा है। रात का तापमान 22 से 26 डिग्री के बीच रहने के कारण लोगों को रात में भी राहत नहीं मिल रही। कूलर और एसी का इस्तेमाल बढ़ने से बिजली की खपत में भी इजाफा हुआ है। 27 अप्रैल से बदल सकता है मौसम, राहत की उम्मीद मौसम विभाग के निदेशक सुरेंद्र पाल के अनुसार 27 से 30 अप्रैल के बीच पंजाब और ट्राईसिटी के कई हिस्सों में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। इस दौरान गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। इस बदलाव से तापमान में 2 से 4 डिग्री तक गिरावट आ सकती है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि मई महीने में गर्मी का असर और बढ़ सकता है। अगले तीन दिन का पूर्वानुमान 27 अप्रैल: फाजिल्का, मुक्तसर, बठिंडा और मानसा में बारिश व तेज हवाएं 27 अप्रैल: पठानकोट, गुरदासपुर और होशियारपुर में बारिश के आसार 28 अप्रैल: अमृतसर, जालंधर, पटियाला, मोहाली, जीरकपुर व डेराबस्सी में गरज-चमक के साथ बारिश 45–55°C वाली चेतावनी भ्रामक, अफवाहों से बचें सोशल मीडिया पर 45 से 55 डिग्री तापमान को लेकर वायरल हो रही चेतावनी को मौसम विशेषज्ञों ने भ्रामक बताया है। उनका कहना है कि यह कोई आधिकारिक सूचना नहीं है और लोगों को केवल मौसम विभाग की आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करना चाहिए। लू से बचाव के लिए सावधानी जरूरी भीषण गर्मी के बीच स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच घर से बाहर निकलने से बचें, पर्याप्त पानी और तरल पदार्थ लें तथा हल्के और ढीले कपड़े पहनें। बुजुर्गों, बच्चों और बीमार व्यक्तियों का विशेष ध्यान रखें। लू के लक्षण जैसे चक्कर आना, उल्टी या कमजोरी महसूस होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।