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44 डिग्री के पार तापमान, Chandigarh, Panchkula और Mohali में झुलसाती गर्मी; राहत की तारीख सामने

जीरकपुर. ट्राईसिटी क्षेत्र चंडीगढ़, पंचकूला और मोहाली समेत जीरकपुर, डेराबस्सी व लालड़ू में इन दिनों भीषण गर्मी का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। अप्रैल के अंतिम सप्ताह में ही तापमान में असामान्य बढ़ोतरी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। मौसम विभाग के अनुसार चंडीगढ़ में अधिकतम तापमान 41.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब 5 डिग्री अधिक है। वहीं जीरकपुर में तापमान करीब 40.5 डिग्री, डेराबस्सी में 40.2 डिग्री और लालड़ू में लगभग 40.0 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया। राज्य के बठिंडा और फरीदकोट में पारा 44.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जिससे पूरे पंजाब में लू जैसे हालात बन गए हैं। मौसम विज्ञान केंद्र, चंडीगढ़ ने क्षेत्र में हीट वेव को लेकर यलो अलर्ट जारी किया है। साथ ही “वार्म नाइट” यानी रात के समय भी गर्मी बने रहने की चेतावनी दी गई है। कई जिलों में 40 डिग्री पार, जनजीवन प्रभावित पंजाब के अमृतसर (40.3°C), लुधियाना (42.4°C), पटियाला (42.4°C), बठिंडा (42.5°C) और फरीदकोट (44.3°C) में तापमान 40 डिग्री से ऊपर दर्ज किया गया है। इसके अलावा फाजिल्का, फिरोजपुर, मोगा, बरनाला, मुक्तसर और पठानकोट सहित कई जिलों में तापमान 35 से 40 डिग्री के बीच बना हुआ है। ट्राईसिटी के आसपास के शहरों—जीरकपुर, डेराबस्सी और लालड़ू—में भी गर्मी का असर साफ देखने को मिल रहा है। दोपहर के समय बाजारों में सन्नाटा पसरा रहता है और लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। छत्तबीड़ चिड़ियाघर में भी गर्मी के चलते पर्यटकों की संख्या में गिरावट दर्ज की गई है। वहीं दिहाड़ी मजदूरों और बाहर काम करने वाले लोगों के लिए हालात और भी कठिन हो गए हैं, जिन्हें तेज धूप में काम करना पड़ रहा है। रात का तापमान 22 से 26 डिग्री के बीच रहने के कारण लोगों को रात में भी राहत नहीं मिल रही। कूलर और एसी का इस्तेमाल बढ़ने से बिजली की खपत में भी इजाफा हुआ है। 27 अप्रैल से बदल सकता है मौसम, राहत की उम्मीद मौसम विभाग के निदेशक सुरेंद्र पाल के अनुसार 27 से 30 अप्रैल के बीच पंजाब और ट्राईसिटी के कई हिस्सों में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। इस दौरान गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। इस बदलाव से तापमान में 2 से 4 डिग्री तक गिरावट आ सकती है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि मई महीने में गर्मी का असर और बढ़ सकता है। अगले तीन दिन का पूर्वानुमान 27 अप्रैल: फाजिल्का, मुक्तसर, बठिंडा और मानसा में बारिश व तेज हवाएं 27 अप्रैल: पठानकोट, गुरदासपुर और होशियारपुर में बारिश के आसार 28 अप्रैल: अमृतसर, जालंधर, पटियाला, मोहाली, जीरकपुर व डेराबस्सी में गरज-चमक के साथ बारिश 45–55°C वाली चेतावनी भ्रामक, अफवाहों से बचें सोशल मीडिया पर 45 से 55 डिग्री तापमान को लेकर वायरल हो रही चेतावनी को मौसम विशेषज्ञों ने भ्रामक बताया है। उनका कहना है कि यह कोई आधिकारिक सूचना नहीं है और लोगों को केवल मौसम विभाग की आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करना चाहिए। लू से बचाव के लिए सावधानी जरूरी भीषण गर्मी के बीच स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच घर से बाहर निकलने से बचें, पर्याप्त पानी और तरल पदार्थ लें तथा हल्के और ढीले कपड़े पहनें। बुजुर्गों, बच्चों और बीमार व्यक्तियों का विशेष ध्यान रखें। लू के लक्षण जैसे चक्कर आना, उल्टी या कमजोरी महसूस होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

Moga में बड़ा साइबर फ्रॉड, मुनाफे का झांसा देकर युवक से 20 लाख की ठगी

मोगा. मोगा में आनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर एक युवक से करीब बीस लाख रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। थाना साइबर अपराध पुलिस ने इस संबंध में अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपियों की पहचान करने और उन्हें पकड़ने के लिए प्रयास तेज कर दिए गए हैं। जानकारी के मुताबिक, मोगा की इंदिरा कालोनी निवासी अनिल कुमार ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को दी शिकायत में बताया कि वह सोशल माध्यम का उपयोग कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें एक व्यक्ति द्वारा ट्रेडिंग से जुड़ा एक एप डाउनलोड करने के लिए प्रेरित किया गया। उन्होंने भरोसा करते हुए वह एप डाउनलोड कर लिया और उसमें अपनी निजी जानकारी साझा कर दी। लालच में फंस युवक करवाता रहा पैसे जमा कुछ समय बाद उन्हें एक मोबाइल नंबर से संदेश और कॉल प्राप्त हुई। कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को ट्रेडिंग से जुड़ा जानकार बताते हुए उन्हें निवेश करने के लिए प्रेरित किया। आरोपी ने अलग-अलग तरीकों से उन्हें अधिक लाभ का लालच दिया और धीरे-धीरे उनसे पैसे जमा करवाता रहा। पीड़ित के अनुसार, आरोपी ने उनसे कुल 20 लाख 4 हजार 260 रुपए अलग-अलग किस्तों में ले लिए। जब पीड़ित को शक हुआ और उन्होंने आरोपी से संपर्क करना चाहा तो संबंधित मोबाइल नंबर बंद आने लगा। इसके बाद उन्हें ठगी का अहसास हुआ और उन्होंने तुरंत पुलिस से संपर्क किया। साइबर सैल ने जांच  की शुरू वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच साइबर अपराध थाना को सौंप दी। जांच अधिकारी इंस्पेक्टर कुलविंदर कौर ने बताया कि प्रारंभिक जांच के बाद रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी गई, जिसके आधार पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि इस तरह के मामलों में लोग लालच में आकर अपनी मेहनत की कमाई गंवा बैठते हैं। इसलिए किसी भी अनजान व्यक्ति या एप के माध्यम से निवेश करने से पहले पूरी जांच-पड़ताल करना जरूरी है। फिलहाल पुलिस आरोपियों तक पहुंचने के लिए तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई कर रही है।

Punjab टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट में हजारों अभ्यर्थी शामिल, परीक्षा केंद्रों पर हलचल

अमृतसर. स्टेट कौंसिल ऑफ रिसर्च ट्रेनिंग की ओर से पंजाब राज्य अध्यापक योग्यता के दूसरे चरण की परीक्षा का आयोजन रविवार को किया जा रहा है। इस परीक्षा में कुल चार हजार से अधिक विद्यार्थी बैठे हैं और पंजाब राज्य अध्यापक योग्यता परीक्षा के लिए अपने आपको आंक रहे हैं. इस परीक्षा में सभी उम्मीदवार शिक्षा विभाग में कार्यरत अध्यापकों को ही शामिल किया गया है। इससे पहले पंद्रह मार्च को पंजाब राज्य अध्यापक योग्यता परीक्षा का आयोजन किया गया था। तब नए उम्मीदवारों को भी परीक्षा पास करने का अवसर दिया गया था। 26 अप्रैल को होने वाली पंजाब राज्य अध्यापक योग्यता परीक्षा को लेकर अध्यापक संगठनों में काफी बवाल मचा हुआ था। पहले यह परीक्षा 19 अप्रैल को आयोजित की जानी थी। लेकिन इसके लिए अध्यापकों को करीब ढाई सौ किलोमीटर दूर सेंटर बनाए गए थे, जिस कारण अध्यापक संगठनों में विरोध पनप गया था। अध्यापकों के विरोध को देखते हुए पंजाब सरकार ने संबंधित अध्यापकों के शहर में ही अब परीक्षा केंद्रों का गठन कर दिया गया है। 26 अप्रैल को होने वाली परीक्षा में संबंधित जिले में बनाए गए परीक्षा केंद्रों में इन सर्विस अध्यापक परीक्षा देंगे। इस परीक्षा के लिए जिले में कुल पांच परीक्षा केंद्र बनाए गए है। बनाए गए परीक्षा केंद्रों में सुबह व शाम के सेशन में टाउन हाल स्कूल ऑफ एमिनेंस सारागढ़ी, खालसा कालेज सीसे स्कूल ब्वॉयज, खालसा सीसे स्कूल गर्ल्स, गुरु नानक स्कूल घी मंडी में दोनों सेशन में 480-480 उम्मीदवार परीक्षा देंगे। वहीं, छेहरटा सीसे स्कूल ऑफ एमिनेंस में 200-200 उम्मीदवार परीक्षा के लिए बैठेंगे। पहले सेशन की परीक्षा सुबह साढे नौ बजे से 12 बजे तक होगी। व दूसरी शिफ्ट दोपहर ढाई बजे से पांच बजे तक होगी। संबंधित सकूल का स्टाफ परीक्षा को सुचारू रूप से करवाएगा। संबंधित स्कूल में बनाए गए परीक्षा केंद्र का मुखी कंट्रोलर होंगे। इसके अलावा शिक्षा विभाग ने हर परीक्षा केंद्र में बाहरी स्कूलों से सुपरिटेडेंट तैनात किए है। सुबह सात बजे से माल रोड कंट्रोल रूम से परीक्षा प्रश्न पत्र मिलने शुरू हो जाएंगे। परीक्षा प्रश्न पत्र कलेक्ट करने की जिम्मेदारी कंट्रोलर को दी गई है। एससीईआरटी की ओर से परीक्षा केंद्रों पर आब्जर्वर तैनात किए गए है। इसके अलावा नकल को रोकने के लिए परीक्षा केंद्रों के बाहर व अंदर जैमर, कैमरे लगाए गए है। इसके अलावा उम्मीदवारों की बायोमैट्रिक की जाएगी। ताकि कोई बाहरी उम्मीदवार परीक्षा केंद्र में सेंध न लगा सके। परीक्षा की सभी तैयारियां पूरी: डीईओ डिप्टी डीईओ सेकेंडरी राजेश खन्ना ने बताया कि परीक्षा को लेकर सभी तरह की तैयारियां पूरी कर ली गई है। स्टाफ को ड्यूटी आवंटित की गई है। किसी भी परीक्षा केंद्र में नकल को रोकने के लिए व्यापक प्रबंध किए गए है। संबंधित कंट्रोलरों व स्टाफ को डयूटी आवंटित करते समय विशेष गाइडलाइन दी गई है। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग की ओर से परीक्षा को सुचारू रूप से करवाने के लिए विशेष प्रबंध किए गए है। इसके अलावा परीक्षा केंद्रों के बाहर सुरक्षा को बनाए रखने के लिए पुलिस विभाग को लिखा गया है। ताकि वहां पर पुलिस कर्मियों को तैनात किया जाए।

Sangrur में हिंसक झड़प, ट्रक यूनियन विवाद के बीच पुलिस पर हमला

संगरूर. संगरूर जिले के भवानीगढ़ क्षेत्र में ट्रक यूनियन की प्रधानगी को लेकर शुरू हुआ विवाद शनिवार देर रात हिंसक रूप ले बैठा। नेशनल हाईवे जाम करने और पुलिस पर पथराव करने के मामले में पुलिस ने दर्जन भर लोगों के खिलाफ इरादा कत्ल सहित कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। इस घटना में दो पुलिस कर्मचारी घायल हो गए, जबकि पुलिस की दो गाड़ियां भी क्षतिग्रस्त हुई हैं। जानकारी के अनुसार, ट्रक यूनियन की प्रधानगी को लेकर दो गुटों के बीच पहले से तनाव बना हुआ था। शनिवार को प्रधानगी के चयन के लिए दिन तय किया गया था। इस दौरान एक पक्ष को डीएसपी दफ्तर बुलाकर वहीं बैठा लिया गया, जबकि दूसरे गुट की ओर से मालविंदर सिंह माला को प्रधान घोषित कर दिया गया। प्रधान घोषित करते ही विवाद हुई शुरू जब इस फैसले की जानकारी दूसरे पक्ष को मिली तो क्षेत्रीय विधायक नरिंदर कौर भराज डीएसपी दफ्तर पहुंचीं और अपने समर्थकों को वहां से बाहर निकाला। इसके बाद उनके समर्थकों ने लवली शर्मा काकड़ा को अपना प्रधान घोषित कर दिया। इसी को लेकर दोनों गुटों के बीच विवाद और अधिक बढ़ गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लवली शर्मा को हिरासत में ले लिया। इसके विरोध में उनके समर्थकों ने बठिंडा-चंडीगढ़ हाईवे को देर रात तक जाम रखा। जब पुलिस ने हाईवे खुलवाने की कोशिश की तो गुस्साए ट्रक आपरेटरों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। इस दौरान पुलिस कर्मियों को चोटें आईं और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचा। हिंसक धाराओं के तहत मामला दर्ज एसएसपी सरताज सिंह चाहल ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। इनमें हत्या के प्रयास, सरकारी काम में बाधा, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और अन्य गंभीर आरोप शामिल हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए अलग-अलग स्थानों पर दबिश दी और अब तक दस से अधिक लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून हाथ में लेने वालों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल इलाके में पुलिस बल तैनात है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे।

Ravi River और Sutlej River में माइनिंग पर कोर्ट सख्त, Punjab सरकार को समयसीमा तय

चंडीगढ़. पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने रावी और सतलुज दरिया के क्षेत्र में अवैध खनन के मामले में पंजाब सरकार को जिम्मेदार अधिकारियों पर तीन हफ्ते के भीतर कार्रवाई करने का आदेश दिया है। हाई कोर्ट ने यह आदेश ड्रोन सर्वे रिपोर्ट के आधार पर दिया है। अदालत ने स्पष्ट रूप से कहा कि यदि निर्धारित खनन क्षेत्र से बाहर खुदाई पाई जाती है, तो इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई अनिवार्य रूप से की जाए। चंडीगढ़ निवासी गुरबीर सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा है कि पंजाब में अवैध खनन का कार्य जोरों पर चल रहा है, जिससे राज्य सरकार को हर वर्ष लगभग 10 हजार करोड़ रुपये का राजस्व नुकसान हो रहा है। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि अमृतसर बार्डर और रावी दरिया किनारे में अवैध रेत खनन अभी भी जारी है। सुनवाई के दौरान सर्वे आफ इंडिया द्वारा प्रस्तुत ड्रोन आधारित सर्वे रिपोर्ट को अदालत ने महत्वपूर्ण साक्ष्य माना। रिपोर्ट में हाई रिजोल्यूशन इमेजरी और डिजिटल टेरेन माडल के माध्यम से यह संकेत मिला कि कई स्थानों पर खुदाई निर्धारित खनन क्षेत्र से बाहर की गई है। हालांकि, ड्रोन सर्वे अभी केवल कुछ गांवों तक सीमित है और पूरे रावी-सतलुज बेल्ट का आकलन बाकी है। इस पर अदालत ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि अधूरी रिपोर्ट के आधार पर वास्तविक स्थिति का आकलन संभव नहीं है। कोर्ट ने सर्वे आफ इंडिया को निर्देश दिया कि शेष क्षेत्रों का व्यापक सर्वेक्षण तीन सप्ताह के भीतर पूरा कर रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपे, ताकि पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सके। अदालत ने पंजाब सरकार को भी निर्देशित किया कि जैसे ही अंतिम रिपोर्ट प्राप्त हो, अवैध खनन से जुड़े मामलों में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की जाए। इस पहले सुनवाई पर केंद्र सरकार ने भी बताया था कि बीएसएफ, सेना और केंद्र सरकार अवैध खनन और इसके जरिये सीमा क्षेत्र में होने वाली अवैध गतिविधियों को रोकने की दिशा में काम कर रही है। हाई कोर्ट ने रक्षा मंत्रालय को आदेश दिया था कि वह बताएं कि सीमा के निकट कैसे वैध खनन की अनुमति दी जा सकती है। सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार ने कहा था कि सीमा पर अवैध खनन बंद है और केवल रक्षा मंत्रालय की मंजूरी के बाद ही खनन की इजाजत दी जा रही है।

Punjab में सुरक्षा पर सियासत तेज, Harbhajan Singh की Z सिक्योरिटी हटी, केंद्र सरकार ने संभाली जिम्मेदारी

चंडीगढ़. पंजाब की राजनीति में उठापटक के बीच मान सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए पूर्व क्रिकेटर और आम आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा सदस्य हरभजन सिंह की जेड प्लस सुरक्षा वापस ले ली है। रविवार सुबह जालंधर स्थित उनके आवास से सुरक्षाकर्मियों को हटा लिया गया। इस कदम ने सियासी हलकों में नई चर्चा छेड़ दी है, खासकर ऐसे समय में जब पार्टी के भीतर टूट और बगावत की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। सूत्रों के अनुसार, सुरक्षा वापस लेने का निर्णय हालिया राजनीतिक घटनाक्रम के मद्देनजर लिया गया है। इससे पहले आप छोड़कर भाजपा में शामिल हुए राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा की सुरक्षा में भी बदलाव किया गया था। बाद में उन्हें केंद्र की ओर से जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा मिल गई थी। अब हरभजन सिंह को भी केंद्र सरकार ने तुरंत सुरक्षा दे दी है।  दरअसल, राघव चड्ढा ने दावा किया था कि आप के सात राज्यसभा सांसद पार्टी छोड़ने की तैयारी में हैं, जिनमें हरभजन सिंह का नाम भी शामिल बताया गया। हालांकि, हरभजन सिंह ने इस पूरे मामले पर अभी तक सार्वजनिक रूप से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। वहीं, आप नेतृत्व ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा है कि केवल तीन सांसदों ने ही पार्टी छोड़ी है। इधर, पार्टी छोड़ने की खबरों के बीच आप कार्यकर्ताओं में नाराजगी भी देखने को मिल रही है। जालंधर, लुधियाना और फगवाड़ा में कुछ सांसदों के आवास और संस्थानों के बाहर विरोध प्रदर्शन हुए। दीवारों पर आपत्तिजनक नारे लिखे गए, जिससे माहौल और गरमा गया। पुलिस मौके पर मौजूद रही, लेकिन प्रदर्शन को लेकर सख्ती कम नजर आई। राष्ट्रपति से मिलने के लिए सीएम मान ने मांगा समय राजनीतिक तनाव के बीच मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी सक्रियता बढ़ा दी है। उन्होंने राष्ट्रपति से मिलने का समय मांगा है। माना जा रहा है कि वे पार्टी बदलने वाले सांसदों के खिलाफ संवैधानिक कार्रवाई की मांग उठा सकते हैं। दूसरी ओर, आप के राज्यसभा सांसद संजय सिंह भी उपराष्ट्रपति से मुलाकात कर इन सांसदों की सदस्यता रद करने की मांग करेंगे। पूरे घटनाक्रम ने पंजाब की राजनीति को चुनावी मोड में ला दिया है। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले इस तरह की उठापटक को बड़े बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर यह संकट गहराता है तो इसका असर पार्टी के संगठन और चुनावी समीकरणों पर पड़ सकता है। फिलहाल, हरभजन सिंह की चुप्पी और सुरक्षा वापसी के फैसले ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि वे इस पूरे विवाद पर क्या रुख अपनाते हैं और पंजाब की सियासत किस दिशा में आगे बढ़ती है।

Punjab Politics: इस्तीफों से गरमाई सियासत, Harbhajan Singh के घर के बाहर विरोध प्रदर्शन

जालंधर. सात राज्यसभा सदस्यों के आम आदमी पार्टी से इस्तीफा देने के बाद पंजाब की राजनीति में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी कड़ी में शनिवार को जालंधर में राज्यसभा सांसद व क्रिकेटर रहे हरभजन सिंह के घर के बाहर आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने दीवारों पर नारे लिखे और विरोध जताते हुए गुस्से का इजहार किया। प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं ने हरभजन सिंह के घर के बाहर दीवार पर ‘गद्दार’ लिख दिया, जिससे पूरे इलाके में माहौल गरमा गया। बड़ी संख्या में पहुंचे कार्यकर्ताओं ने सिर पर काले कपड़े बांध रखे थे, जो उनके विरोध का प्रतीक माना जा रहा है। उन्होंने नारेबाजी करते हुए इस्तीफा देने वाले नेताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। कार्यकर्ताओं को फूटा गुस्सा जानकारी के अनुसार, हाल ही में सात राज्यसभा सदस्यों के पार्टी छोड़ने के बाद कार्यकर्ताओं में नाराजगी बढ़ गई है। उनका आरोप है कि जिन नेताओं को जनता और पार्टी ने सम्मान दिया, उन्होंने अचानक दल बदलकर भरोसे को ठेस पहुंचाई है। इसी गुस्से के चलते कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए हैं। प्रदर्शन के दौरान पुलिस भी मौके पर मौजूद रही और स्थिति पर नजर बनाए रखी। हालांकि किसी तरह की अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली, लेकिन एहतियात के तौर पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई थी। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को शांतिपूर्ण ढंग से विरोध करने की अपील की। मुद्दे को लेकर चर्चाएं तेज राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह घटनाक्रम आने वाले समय में और तूल पकड़ सकता है। पार्टी के अंदर और बाहर इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज हो गई है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे इस मुद्दे को लेकर आगे भी विरोध जारी रखेंगे और पार्टी नेतृत्व से सख्त कदम उठाने की मांग करेंगे। फिलहाल जालंधर में हुए इस प्रदर्शन ने साफ कर दिया है कि इस्तीफों का असर केवल राजनीतिक गलियारों तक सीमित नहीं है, बल्कि जमीनी स्तर पर भी इसका व्यापक प्रभाव देखने को मिल रहा है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आ सकती हैं।

किसानों के मुद्दों पर CM Nayab Singh Saini का बयान, बोले- उनकी समस्याओं से हूं परिचित

चंडीगढ़. हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा है कि वे प्रदेश के राजा नहीं, बल्कि एक किसान के बेटे हैं। उन्होंने स्वयं खेती की है। इसलिए किसानों की समस्याओं से भलीभांति परिचित है। वे किसानों की समस्याओं का समाधान करने के लिए सदैव तत्परता से लगातार कार्य कर रहे हैं। हरियाणा निवास में शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में नायब ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गरीब व जनहितैषी योजनाओं को लागू किया है। इनका लाखों लोगों ने लाभ उठाया है और वे गरीबी रेखा से बाहर हुए हैं। कांग्रेसी नेताओं द्वारा मंडियों के लगातार दौरों से जुड़े सवाल पर कहा कि विपक्ष ऐसा वातावरण खड़ा करने में लगा है, जैसे उनके समय में किसान बहुत खुश थे। वे केवल झूठ की दुकान खोलकर आमजन को गुमराह करने में लगे हैं, लेकिन जनता इन्हें अच्छे से समझती है। कांग्रेसी चुनाव के समय पोर्टल बंद करने की बात करते थे लेकिन जनता ने इन्हीं का पोर्टल बंद कर दिया है। वर्ष 2014 से लगातार डबल इंजन की सरकार विकास कार्यों को तेजी से कर रही है। नायब ने कहा कि पंजाब में आम आदमी पार्टी ने मतदाताओं को खूब सब्जबाग दिखाए थे। इनमें किसानों का कर्जा माफ करना, युवाओं को रोजगार उपलब्ध करवाना, पंजाब को नशे से मुक्त करना, महिलाओं को लाभ देने जैसे वादे शामिल हैं। इसके उलट पंजाब में नशा बढ़ गया है और युवा नशे की गिरफ्त में हैं। उन्होंने कहा कि चुटकुलों से जनता का पेट नहीं भरता, इसके लिए जनकल्याण के कार्य करने पड़ते हैं। हरियाणा में किसानों, महिलाओं, युवाओं के लिए अनेक योजनाएं क्रियान्वित की जा रही हैं। पंजाब में भाजपा की सरकार बनते ही हरियाणा में लागू सभी योजनाएं एवं व्यवस्थाएं हुबहू लागू की जाएंगी। हरियाणा में आयुष्मान चिरायु योजना के तहत अब तक 27 लाख परिवारों ने इलाज करवाकर स्वास्थ्य लाभ उठाया है। पंजाब में आप सरकार ने मोहल्ला क्लीनिक बनाए थे, वे अब हल्ला क्लीनिक बन गए हैं। पंजाब की जनता अब इनसे अपना पिंड छुड़वाना चाहती है। कानून व्यवस्था की सख्ती से निगरानी मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति की सख्ती से मानिटरिंग की जा रही है। यदि कोई ड्रग व नशा बेचते पाया जाता है तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। लोगों को नशा मुक्ति केंद्रों में भेजकर नशे से निजात दिलाई जा रही है। जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को नशे से सचेत किया जा रहा है। बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर जयंती पर 14 अप्रैल को पंचकूला में मैराथन का आयोजन किया गया, जिसका उद्वेश्य लोगों को नशे से दूर करना ही था।

AAP सांसदों पर CM Bhagwant Mann का वार, बोले- ‘स्वाद बढ़ा सकते हैं, पर वजूद नहीं’

चंडीगढ़. आम आदमी पार्टी (आप) के सात राज्यसभा सदस्यों के भाजपा में शामिल होने के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। इसी बीच पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक दिलचस्प और तंज भरा ट्वीट कर राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया। उनका यह ट्वीट ठीक उस समय आया जब पार्टी को बड़ा झटका लगते हुए राघव चड्ढा समेत सात सांसद भाजपा में शामिल हो गए। मुख्यमंत्री मान ने अपने पोस्ट में लिखा कि 'अदरक, लहसुन, जीरा, मेथी पाउडर, लाल मिर्च, काली मिर्च और धनिया – ये सात चीजें मिलकर सब्जी को स्वादिष्ट बना देती हैं, लेकिन इनकी अपनी कोई सब्जी नहीं बन सकती।' उनके इस बयान को सीधे तौर पर उन सात नेताओं से जोड़कर देखा जा रहा है, जिन्होंने पार्टी छोड़ दी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मान का यह ट्वीट एक प्रतीकात्मक हमला है, जिसमें उन्होंने यह संदेश देने की कोशिश की है कि कुछ नेता मिलकर भले ही किसी व्यवस्था को मजबूत करें, लेकिन अकेले उनकी राजनीतिक पहचान टिकाऊ नहीं होती। गौरतलब है कि शुक्रवार को आप के सात राज्यसभा सदस्य- राघव चड्ढा, पद्मश्री राजिंदर गुप्ता, पद्मश्री विक्रमजीत सिंह साहनी, एलपीयू के चांसलर अशोक मित्तल, पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह, संदीप पाठक और स्वाति मालिवाल भाजपा में शामिल हो गए। इनमें से अधिकांश सदस्य पंजाब से राज्यसभा पहुंचे थे। इस बड़े घटनाक्रम के बाद राज्यसभा में आप की ताकत 10 से घटकर महज तीन रह गई है। अब सदन में पार्टी की ओर से संजय सिंह, एनडी गुप्ता और संत सीचेवाल ही सदस्य बचे हैं। वहीं पंजाब से केवल संत सीचेवाल ही एकमात्र आप सांसद रह गए हैं। भाजपा में शामिल होने के बाद राघव चड्ढा ने कहा कि सातों सदस्यों के हस्ताक्षर के साथ दो-तिहाई सदस्यों के विलय का नोटिस राज्यसभा के सभापति को सौंप दिया गया है। इस कदम के बाद भाजपा की राज्यसभा में संख्या बढ़कर 113 हो गई है, जबकि राजग का आंकड़ा 146 तक पहुंच गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह विलय संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत वैध माना जाएगा, इसलिए इन सांसदों की सदस्यता पर कोई खतरा नहीं है। इस पूरे घटनाक्रम के बीच भगवंत मान का ट्वीट अब राजनीतिक गलियारों में चर्चा का केंद्र बन गया है। इसे आप की ओर से पहला बड़ा और प्रतीकात्मक जवाब माना जा रहा है, जो सीधे शब्दों में नहीं बल्कि व्यंग्य के जरिए दिया गया है।

जालंधर में हरभजन का विरोध, AAP कार्यकर्ताओं ने घर पर लिखा ‘गद्दार’; मित्तल भी शिकार

जालंधर आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह के पार्टी छोड़ने पर गुस्सा थम नहीं रहा। शनिवार को पंजाब में पार्टी कार्यकर्ता भड़के हुए नजर आए। नाराज कार्यकर्ताओं ने हरभजन के जालंधर स्थित आवास पर गद्दार लिख दिया। गौरतलब है कि पंजाब से राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह शुक्रवार को राघव चड्ढा के नेतृत्व में भाजपा में शामिल हो गए। आम आदमी पार्टी के कुल सात सांसदों ने भाजपा का दामन थामा है। वहीं, एक अन्य वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें अशोक मित्तल की लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के गेट पर आप कार्यकर्ता गद्दार लिख रहे हैं। वीडियो में क्या आया नजर इसका वीडियो भी वायरल हुआ है। वीडियो में नजर आ रहा है कि आम आदमी पार्टी के कुछ कार्यकर्ता हरभजन सिंह के आवास पर पहुंचे हैं। यह लोग उनके घर की दीवार पर स्प्रे पेंट से गद्दार लिख रहे हैं। इस दौरान वहां सुरक्षा में तैनात पुलिस के जवान उन्हें रोकने की कोशिश करते हैं। हालांकि पुलिस के रोकने के बावजूद यह लोग अपने मकसद में कामयाब हो जाते हैं। ब्लैक स्प्रे पेंट से अंग्रेजी और पंजाबी में दीवार पर गद्दार लिखा नजर आ रहा है। मित्तल काे भी नहीं छोड़ा कुछ ऐसा ही हाल अशोक मित्तल का भी हुआ है। अशोक मित्तल की लवली प्रोफेशन यूनिवर्सिटी के गेट के बाहर बड़ी संख्या में आप कार्यकर्ता पहुंचे। इन लोगों ने गेट पर ब्लैक स्प्रे पेंट से लिखा है, ‘पंजाब का गद्दार’। बताया जाता है कि इन राज्यसभा सांसदों के आप छोड़ने के बाद से पार्टी कार्यकर्ता काफी ज्यादा नाराज हैं। गौरतलब है कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपनी पार्टी छोड़ने वाले सांसदों पर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहाकि इन लोगों ने पंजाब की पीठ में छुरा घोंपा है और गद्दारी की है। ‘आप’ का क्या कहना है आम आदमी पार्टी (आप) के नेता संजय सिंह ने शनिवार को कहा कि पार्टी राज्यसभा सभापति को पत्र लिखकर उन सात सांसदों को सदन से अयोग्य घोषित करने की मांग करेगी, जिन्होंने एक दिन पहले पार्टी छोड़ने का ऐलान किया था। संजय सिंह ने कहाकि दल-बदल विरोधी कानून स्पष्ट रूप से कहता है कि राज्यसभा और लोकसभा में किसी भी प्रकार का विभाजन या गुटबंदी नहीं हो सकती। इसे कोई कानूनी मान्यता नहीं मिलती, भले ही दो-तिहाई बहुमत हो। उन्होंने कहा कि संविधान की दसवीं अनुसूची और दल-बदल विरोधी कानून दोनों ही राज्यसभा या लोकसभा में किसी भी प्रकार के विभाजन, अलग गुट या धड़े को मान्यता नहीं देते, चाहे दो-तिहाई बहुमत ही क्यों न हो।