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“बिहार ने दिखाया कमाल, गरीबी 41% से घटकर 4% पर! नीतीश कुमार के नेतृत्व में हुआ बदलाव”

पटना. बिहार में इन दिनों मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चा हर चौक-चौराहे पर हो रही है.  नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद बिहार का सीएम कौन होगा, इस सवाल का जवाब भी लोग जानना चाह रहे हैं. वहीं नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार की जेडीयू में जॉइनिंग के साथ ही उनके सियासी उदय की भी चर्चा जोरों पर है. लेकिन, इन सबके बीच नए बिहार को लेकर जो आंकड़े सामने आए  हैं, वह सच में नीतीश कुमार के विजन और विजडम दोनों की बेहतरीन मिसाल पेश करते हैं। दरअसल कभी विकास के मामले में देश के सबसे पिछड़े राज्यों में गिने जाने वाले बिहार को लंबे समय तक “बीमारू राज्य” कहा जाता रहा. लेकिन, अब तस्वीर तेजी से बदलती दिख रही है. प्रसिद्ध अर्थशास्त्री और प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद की सदस्य श्यामका रवि ने ‘प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद’ (Economic Advisory Council to the Prime Minister) से जुड़ी अपनी भूमिका के साथ इंडिया एक्स्प्रेस (The Indian Express) में लिखे लेख में बताया है कि पिछले एक दशक में बिहार ने जीवन स्तर, गरीबी और पोषण क्षमता जैसे कई अहम सूचकों पर उल्लेखनीय सुधार किया है। संजय झा ने भी शेयर किया पोस्ट इस आर्टिकल में बताया गया कि गया है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यकाल के दौरान बिहार में राजनीतिक स्थिरता और शासन की निरंतरता का असर विकास के आंकड़ों में साफ दिखाई देता है. कई मामलों में बिहार ने पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल को भी पीछे छोड़ दिया है. उपभोग, गरीबी में कमी और पोषण क्षमता जैसे क्षेत्रों में बिहार की प्रगति राष्ट्रीय औसत के करीब पहुंचती दिख रही है. राज्यसभा सांसद और जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने भी इस आर्टिकल को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट शेयर इसे आंख खोलने वाली रिपोर्ट बताई है। हैरान करने वाले हैं रिपोर्ट के प्रमुख आंकड़े और तथ्य     2011 से 2024 के बीच बिहार के ग्रामीण इलाकों में रियल मासिक प्रति व्यक्ति खर्च (MPCE) में औसतन 4.5% वार्षिक वृद्धि हुई, जो राष्ट्रीय औसत 3.1% से करीब 50% अधिक है।     शहरी बिहार में रियल MPCE की वृद्धि 4.6% रही, जबकि पूरे भारत में यह 2.6% रही.     ग्रामीण बिहार में मासिक प्रति व्यक्ति खर्च 2011-12 में ₹1,086 से बढ़कर ₹3,531 हो गया.     इसी अवधि में पश्चिम बंगाल में यह ₹1,211 से बढ़कर ₹3,366 तक पहुंचा, लेकिन उसकी वृद्धि दर कम रही.     शहरी बिहार में नॉमिनल MPCE की वृद्धि 10.7% रही, जबकि पश्चिम बंगाल में यह केवल 6.9% दर्ज की गई. राष्ट्रीय औसत के मुकाबले बिहार की स्थिति में सुधार     बिहार का ग्रामीण MPCE राष्ट्रीय औसत के 80.5% से बढ़कर 91.7% तक पहुंच गया.     शहरी क्षेत्रों में यह 58.7% से बढ़कर 75.4% हो गया.     इसके विपरीत पश्चिम बंगाल के आंकड़ों में गिरावट देखी गई.     ग्रामीण अनुपात 89.8% से घटकर 87.5% हो गया.     शहरी अनुपात 97.5% से घटकर 82.8% रह गया. गरीबों की आय में भी तेज वृद्धि     ग्रामीण बिहार में सबसे गरीब 20% आबादी की आय में 4.2% CAGR की वृद्धि हुई.     मध्यम वर्ग में यह 4.6% और अमीर वर्ग में 4.4% रही.     शहरी बिहार में गरीब वर्ग की वृद्धि 5.7% रही, जो सबसे ज्यादा है. गरीबी में भारी गिरावट     2011-12 में बिहार में गरीबी दर 41.3% थी.     2023-24 में यह घटकर 4.4% रह गई, जो राष्ट्रीय औसत 4.0% के लगभग बराबर है.     पश्चिम बंगाल की गरीबी दर इसी अवधि में 30.4% से घटकर 6% रही, जो बिहार से अधिक है। पोषण क्षमता में भी सुधार     2011-12 में बिहार में 64.7% परिवार पोषणयुक्त भोजन खरीदने में सक्षम नहीं थे.     2023-24 में यह घटकर 27.4% रह गया.     पश्चिम बंगाल में यह आंकड़ा 56% से घटकर 34.6% तक आया क्या कहता है विश्लेषण? रिपोर्ट के अनुसार बिहार में जीवन स्तर में सुधार, गरीबी में तेज कमी और खपत क्षमता में बढ़ोतरी जैसे संकेत स्पष्ट हैं. विश्लेषकों का मानना है कि लंबे समय तक स्थिर शासन और नीतिगत निरंतरता ने इस बदलाव में अहम भूमिका निभाई है. रिपोर्ट का निष्कर्ष है कि जिस बिहार को कभी स्थायी आर्थिक पिछड़ेपन का उदाहरण माना जाता था, अब वही राज्य कई सामाजिक-आर्थिक संकेतकों पर तेजी से आगे बढ़ता नजर आ रहा है।

धनबाद कोर्ट को बम धमकी का ईमेल फर्जी, जांच के बाद अफवाह साबित

धनबाद  झारखंड के धनबाद में स्थित दीवानी अदालत को गुरुवार को बम से उड़ाने की धमकी मिली, जो बाद में अफवाह साबित हुई। एक पुलिस अधिकारी ने यह जानकारी दी। पुलिस ने कहा कि अदालत को भेजी गई एक ईमेल में दावा किया गया था कि कई 'साइनाइड बम' लगाए गए हैं। धनबाद शहर पुलिस अधीक्षक ऋत्विक श्रीवास्तव ने बताया, "जैसे ही अदालत अधिकारियों ने पुलिस को सूचना दी, हम तुरंत बम निरोधक और श्वान दस्ते के साथ मौके पर पहुंचे और लगभग दो घंटे तक व्यापक तलाशी अभियान चलाया। उन्होंने बताया कि तलाशी में अब तक कोई विस्फोटक सामग्री नहीं मिली है। अदालत परिसर और उसके आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है।" पुलिस अधिकारी ने बताया कि पुलिस का तकनीकी और साइबर प्रकोष्ठ ईमेल कहां से आया है, उसका पता लगा रहा है। धनबाद दीवानी अदालत को इससे पहले फरवरी में भी बम की धमकियां मिली थीं।  

राज्यसभा चुनाव से पहले बिहार में सियासी हलचल, सम्राट चौधरी के घर जुटे NDA विधायक

पटना बिहार से राज्यसभा की 5 सीटों के चुनाव के लिए 16 मार्च को मतदान से पहले भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वरिष्ठ नेता और राज्य के उप-मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज (गुरुवार) शाम पटना में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के विधायकों की बैठक बुला ली है। सम्राट चौधरी ने पटना में अपने आवास पर एनडीए (राजग) के 5 दलों के सभी 202 विधायकों को मीटिंग और रात्रि भोज के लिए बुलाया है। चुनाव में एनडीए उम्मीदवार नीतीश कुमार, नितिन नवीन, उपेंद्र कुशवाहा, रामनाथ ठाकुर और शिवेश राम को जिताने की रणनीति बनाई जाएगी। एनडीए ने भाजपा के अध्यक्ष नितिन नवीन और शिवेश राम, जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के अध्यक्ष व सीएम नीतीश कुमार और केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर और राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा को उम्मीदवार बनाया है। सूत्रों का कहना है कि सम्राट चौधरी के आवास पर बैठक एनडीए के 5 के 5 कैंडिडेट को जिताने की रणनीति पर चर्चा होगी। भाजपा ने राज्यसभा चुनाव के लिए केंद्रीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा और छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम विजय शर्मा को पर्यवेक्षक बनाकर भेजा है, जो बुधवार को ही पटना पहुंच गए थे। इन दोनों से सम्राट चौधरी की कल रात ही मुलाकात हो गई थी, जिस दौरान बिहार बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष दिलीप जायसवाल और संगठन महासचिव भीखूभाई दलसानिया भी मौजूद थे। सम्राट चौधरी के घर आज की बैठक में एनडीए के 5 कैंडिडेट के लिए वोट डालने वाले अलग-अलग विधायकों के समूह का चयन शुरू हो सकता है। बिहार से 5 राज्यसभा सीटों के चुनाव में जीतने के लिए एक कैंडिडेट कम से कम 41 वोट चाहिए। इस बैठक में 41-41 विधायकों के 4 ग्रुप बनाने के साथ-साथ बचे हुए 38 एमएलए को 5वें कैंडिडेट का नाम बताया जा सकता है, जिसके लिए एनडीए विपक्षी खेमे में क्रॉस वोटिंग से 3 और वोट का जुगाड़ कर सकता है। एनडीए के इस 5वें कैंडिडेट के नाम का राजनीतिक हलकों में बेताबी से इंतजार है। एनडीए कैंप में राज्यसभा का चुनाव लड़ भले बीजेपी, जेडीयू और आरएलएम रही है, लेकिन राजग के उम्मीदवारों को जिताने की जवाबदेही चुनाव नहीं लड़ रहे सहयोगी दलों की भी है। इनमें चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी- रामविलास (एलजेपी-आर) और जीतनराम मांझी की हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा (एचएएम) शामिल है। विधानसभा में भाजपा के 89, जदयू के 85, लोजपा-आर के 19, हम के 5 और रालोमो के 4 कुल 202 विधायक एनडीए के साथ हैं। 41-42 वोट के हिसाब से 164 एनडीए विधायक 4 सीट पर जीत पक्की कर लेंगे। 5वीं सीट के लिए एनडीए के पास अपना 38 वोट है। 3 और वोट के लिए उसकी नजर बसपा, आईआईपी और कांग्रेस के विधायकों पर है। एनडीए के पास 5वीं सीट के लिए 3 वोट की कमी वाले आपदा को अवसर में बदलने के लिए लालू यादव और तेजस्वी यादव ने राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) से अमरेंद्र धारी सिंह उर्फ एडी सिंह को लड़ाया है। अरबपति नेता एडी सिंह मौजूदा सांसद हैं और उनका यह कार्यकाल 9 अप्रैल को खत्म हो रहा है। तेजस्वी की उम्मीद सदन में मौजूद 41 गैर-एनडीए विधायक हैं, जिसमें राजद, कांग्रेस, लेफ्ट और आईआईपी के 35 एमएलए के अलावा असदुद्दीन ओवैसी की एआईएमआईएम के 5 और मायावती की बसपा के 1 विधायक शामिल हैं।  

दोपहर में बैंक पर धावा: 6 हथियारबंद बदमाशों ने 13 लाख रुपये लूटे, इलाके में मचा हड़कंप

रांची झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले में दिनदहाड़े बैंक लूट की बड़ी घटना सामने आई है। लंच ब्रेक के दौरान नकाबपोश बदमाश बैंक में घुस गए और हथियार के बल पर लाखों रुपये लेकर फरार हो गए। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय लोगों से पूछताछ के आधार पर आरोपियों की तलाश कर रही है। नकाबपोश बदमाशों ने बैंक से लूटे 13 लाख रुपये जिले में एक नेशनलाइज्ड बैंक की शाखा में दिनदहाड़े लूट की घटना हुई। छह नकाबपोश बदमाशों ने बैंक से करीब 13 लाख रुपये लूट लिए। यह घटना मंगलवार को बहरागोड़ा थाना क्षेत्र में हुई। पुलिस के अनुसार, बदमाश लंच ब्रेक के समय बैंक में घुस आए। उन्होंने कर्मचारियों को बंदूक की नोक पर डराकर कैश काउंटर से पैसे लूट लिए। इस दौरान बदमाशों ने बैंक कर्मचारियों के सोने की चेन, मोबाइल फोन और पर्स भी छीन लिए। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही लूट के बाद सभी आरोपी मोटरसाइकिल पर सवार होकर मौके से फरार हो गए। हालांकि भागते समय वे कुछ मोबाइल फोन रास्ते में ही छोड़ गए।घाटशिला के सब-डिविजनल पुलिस अधिकारी अजीत कुमार कुज्जुर ने बताया कि घटना में छह लोग शामिल थे। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और स्थानीय दुकानदारों से भी पूछताछ की जा रही है। पुलिस को मामले में कुछ अहम सुराग मिले हैं और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार करने का दावा किया गया है।  

गैस संकट से जूझता पटना: सिलेंडर की कमी पर सड़कों पर उतरे लोग, NH-98 जाम

पटना पटना जिले के फुलवारी शरीफ में एलपीजी गैस सिलेंडर की भारी किल्लत से लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। गुरुवार को फुलवारी शरीफ और आसपास के इलाकों में गैस नहीं मिलने से परेशान उपभोक्ताओं ने पटना-एम्स रोड स्थित नौसा मोड़ के पास नेशनल हाईवे-98 को जाम कर दिया। सड़क जाम होने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। बताया जा रहा है कि होली से पहले ही बड़ी संख्या में लोगों ने गैस सिलेंडर की बुकिंग कराई थी, लेकिन कई दिनों के बाद भी उपभोक्ताओं को सिलेंडर नहीं मिल रहा है। इससे लोगों में भारी नाराजगी है। सुबह से ही उपभोक्ता सिलिंडर लेकर गैस एजेंसियों और गोदामों के बाहर लंबी कतार में खड़े नजर आए। समय बीतने के साथ भीड़ बढ़ती गई और लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। फुलवारी शरीफ के ईसापुर राय चौक, नोहसा मोड़, हरियाली गैस एजेंसी, सुलभ इंडियन गैस, नवादा मोड़, अनीसाबाद हरनी चक और बेऊर समेत आसपास के कई इलाकों में गैस की किल्लत से लोग परेशान हैं। जहां-जहां गैस एजेंसियां और गोदाम हैं, वहां उपभोक्ताओं की भारी भीड़ जमा हो गई है। लोगों का कहना है कि वे कई दिनों से एजेंसी का चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन अब तक एक भी सिलेंडर उपलब्ध नहीं कराया गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस समय रमजान का महीना चल रहा है और कुछ ही दिनों में ईद आने वाली है। वहीं दूसरी ओर रामनवमी का पर्व भी नजदीक है। ऐसे में घरों में गैस सिलेंडर नहीं होने से लोगों की परेशानी और बढ़ गई है। महिलाएं खाना बनाने को लेकर चिंतित हैं, जबकि पुरुष अपने काम-धंधे छोड़कर गैस सिलिंडर लेकर एजेंसियों और गोदामों के चक्कर लगा रहे हैं। कई उपभोक्ताओं ने बताया कि वे सुबह से लाइन में खड़े हैं, लेकिन घंटों इंतजार के बाद भी उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। कुछ लोग भरे हुए सिलेंडर की तलाश में इधर-उधर भटक रहे हैं, लेकिन कहीं भी गैस उपलब्ध नहीं हो पा रही है। स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि कई घरों में चूल्हा जलाना भी मुश्किल हो गया है। गैस नहीं मिलने से नाराज उपभोक्ताओं ने नौसा मोड़ के पास पटना-एम्स रोड को जाम कर दिया। सड़क जाम की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाकर जाम हटाने की कोशिश की। प्रशासन की ओर से लोगों को भरोसा दिलाया गया है कि जल्द ही गैस की आपूर्ति सामान्य कर दी जाएगी। हालांकि स्थानीय लोगों का आरोप है कि गैस आपूर्ति को लेकर प्रशासन की ओर से कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई है, जिसके कारण आम लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।

रांची में LPG की कमी नहीं, लोगों से पैनिक न होने की अपील

रांची  झारखंड की राजधानी रांची में घरेलू गैस को लेकर मची हाहाकार के बाद उपायुक्त सह जिला दण्डाधिकारी मंजूनाथ भजन्त्री ने कहा कि जिले में घेरलू गैस की पर्याप्त आपूर्ति है, लोगों को परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। भजन्त्री ने बैठक आईओसीएल, बीपीसीएल, एवं एचपीसीएल के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। गैस कंपनियों की ओर से ये भी कहा गया कि लोग पैनिक होकर बुकिंग न करें। ज्यादा संख्या में बुकिंग रिक्वेस्ट आने से गैस कंपनियों के सॉफ्टवेयर पर असर पड़ा है, जिसके अपग्रेडेशन का कार्य जारी है, कुछ ही दिनों में सामान्य रुप से बुकिंग हो सकेगी, लोगों को एजेंसियों के ऑफिस आने की आवश्यकता नहीं है। भारत सरकार के दिशा निर्देशानुसार गैस कंपनियों के प्रतिनिधियों ने बताया कि एक बुकिंग के बाद 25 दिनों बाद ही दूसरी बुकिंग हो पायेगी। आपातकालीन स्थिति में उपभोक्ता 2 और 5 लीटर के सिलेंडर प्राप्त कर सकते हैं। प्रतिनिधियों ने बताया कि एचपीसीएल और बीपीसीएल के 5 लीटर के सिलेंडर बाजार में पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध, आधार कार्ड लेकर उपभोक्ता गैस प्राप्त कर सकते हैं। बैठक में गैस कंपनियों के प्रतिनिधियों ने बताया कि उपभोक्ता आइवीआर, मिस्ड कॉल फैसिलिटी, ऐप और वेब बेस्ड बुकिंग करें, उन्हें एजेंसी में आने की जरुरत नहीं है। बुकिंग में हो रही देरी सॉफ्टवेयर अपग्रेडेशन के कारण है जो जल्द ही दूर हो जायेगा। भजन्त्री ने गैस की बढ़ती मांग के बीच सभी गैस कंपनियों और एजेंसियों को प्रॉपर प्लानिंग और कम्यूनिकेशन के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि देश में आवश्यक वस्तु अधिनियम लागू है, सभी उपभोक्ताओं तक घरेलू गैस सामान्य तरीके से पहुंचाना सुनिश्चित करें, किसी भी तरह की कालाबाजारी पर कड़ी कारर्वाई की जायेगी। बैठक में भजन्त्री द्वारा अस्पतालों, आंगनवाड़ी केन्द्रों, ओल्ड ऐज होम, अनाथालय, कल्याण विभाग द्वारा संचालित हॉस्टल, मध्याह्न भोजन, संप्रेषण गृह, जेल, सीएपीएफ आदि में गैस की आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। उपायुक्त भजन्त्री द्वारा इसके लिए डिस्ट्रिक लेवल मॉनिटरिंग कमिटि बनाने का निर्देश दिया गया। कमेटि में अनुमण्डल पदाधिकारी सदर एवं बुण्डू, माकेर्िंटग ऑफिसर, ओएमसी एवं गैस एजेंसी के नोडल, हॉस्पिटल के नोडल एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी होंगे। इसके साथ ही उपायुक्त द्वारा अबुआ साथी (9430328080) पर गैस आपूर्ति से संबंधित आनेवाली शिकायतों के त्वरित समाधान के निर्देश दिये। मौजूदा वैश्विक स्थिति को देखते हुए भजन्त्री द्वारा सभी से टीम इंडिया, टीम झारखंड और टीम रांची बनकर काम करने की बात कही है। उन्होंने रांचीवासियों से गैस एजेंसियों के दिये गये निर्देशों का पालन करने की बात कही ताकि लंबे समय तक रसोई गैस की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।  

रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा: बरकाकाना–कोडरमा डबल लाइन प्रोजेक्ट को हरी झंडी

रामगढ़/रांची. झारखंड में रेल यातायात को मजबूत और बेहतर बनाने के उद्देश्य से बरकाकाना से अरगड्डा, हजारीबाग होते हुए कोडरमा तक डबल रेल लाइन की महत्वाकांक्षी योजना को केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी है। वर्तमान में इस रूट पर सिंगल लाइन होने के कारण ट्रेनों के बचे संचालन में कई तरह की कठिनाइयां सामने आते थे। धनबाद मंडल से मिली जानकारी के अनुसार यह दोहरी लाइन का कार्य टेंडर प्रक्रिया में है। निर्धारित समय सीमा में कार्य को पूरा करना है। रेल मंत्रालय की योजना के अनुसार कोडरमा से बरकाकाना तक लगभग 133 किलोमीटर लंबी रेल लाइन को डबल किया जाएगा। इस परियोजना में लगभग तीन हजार करोड़ रुपये से अधिक की लागत आने का अनुमान किया गया है। इस रेलखंड के डबल रेल लाइन से न केवल यात्री ट्रेनों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि मालगाड़ियों का संचालन भी अधिक होगा । झारखंड का यह क्षेत्र कोयला उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है और यहां से बड़ी मात्रा में कोयला तथा अन्य खनिज देश के विभिन्न राज्यों में भेजे जाते हैं। दोहरी लाइन बनने के बाद माल ढुलाई की क्षमता बढ़ेगी और उद्योगों को भी बड़ा लाभ मिलेगा। योजना के अनुसार इस परियोजना में करीब 17 बड़े पुल और लगभग 180 छोटे पुल-पुलियों का निर्माण किया जाना है। डबल रेल लाइन जल्द पूरी कर ली जाएंगी। कई स्थानों पर सड़क और रेल यातायात को सुरक्षित बनाने के लिए रोड ओवर ब्रिज (आरओबी) और रोड अंडर ब्रिज (आरयूबी) भी बनाए जाएंगे। मिली जानकारी के अनुसार परियोजना की स्वीकृति मिलने के बाद आगे की प्रक्रिया जैसे सर्वेक्षण, विस्तृत परियोजना रिपोर्ट, टेंडर और अन्य तकनीकी औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। यह रेल लाइन झारखंड के कोडरमा, चतरा, हजारीबाग और रामगढ़ जिलों से होकर गुजरती है। इसलिए इस परियोजना से इन जिलों के लाखों लोगों को सीधा लाभान्वित की संभावना है। डबल रेल लाइन बनने के बाद यात्रियों को अधिक ट्रेनें उपलब्ध हो सकेंगी और यात्रा का समय भी कम होगा। साथ ही आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के लिए भी रेल यात्रा अधिक सुविधाजनक हो जाएगी। डबल रेल लाइन से कई फायदे  आय में वृद्धिः रेल लाइन के पास के क्षेत्रों में व्यापार और वाणिज्य बढ़ता है, जिससे आय में वृद्धि होती है। रोजगार के अवसर: रेल लाइन के निर्माण और संचालन से रोजगार के अवसर पैदा होते हैं। संचार में सुधारः रेल लाइन से लोगों का आवागमन आसान होता है, जिससे संचार में सुधार होता है। व्यापार में वृद्धिः रेल लाइन से माल की ढुलाई आसान होती है, जिससे व्यापार में वृद्धि होती है। कोडरमा चतरा, हजारीबाग और रामगढ़ से गुजरती है लाइन अभी दो एक्सप्रेस व एक पैसेंजर अप व डाउन ट्रेन चल रही, नई ट्रेनें मिलने की उम्मीद है। इस रूट पर अभी दो एक्सप्रेस ट्रेन पटना से रांची तक वंदे भारत व आसनसोल से इंटरसिटी एक्सप्रेस हटिया तक चल रही है वहीं कोडरमा से सुबह-शाम बरकाकाना के लिए पैसेंजर ट्रेन चल रही है। सबसे महत्वपूर्ण बात बात यह है कि बरकाकाना स्टेशन को 33 करोड़ की लागत से सुंदरीकरण कर मॉडल स्टेशन बनाया जा रहा है। इस स्टेशन से विभिन्न राज्यों के लिए ट्रेन चलती है।

झारखंड में स्वास्थ्य क्षेत्र को बड़ा बढ़ावा: RIMS-2 एशिया का सबसे बड़ा अस्पताल, 8 मेडिकल कॉलेज खुलेंगे

रांची. झारखंड विधानसभा में बुधवार को स्वास्थ्य, खाद्य आपूर्ति एवं आपदा प्रबंधन विभाग का के बजट पर कटौती प्रस्ताव को खारिज करते हुए मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि हम राज्य के हर नागरिक को सुलभ, सस्ती और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना चाहते हैं। अंसारी ने शिबू सोरेन को नमन करते हुए अपने संबोधन की शुरुआत की और विपक्ष पर पलटवार करते हुए कहा कि आपने 25 वर्षों में नौ मेडिकल कॉलेज खोले और हेमंत सरकार एक साल में आठ मेडिकल कॉलेज खाेलने जा रही है। रिम्स-2 को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी की ओर से उठाए गए सवालों के जवाब में इरफान ने कहा कि हर हाल में इस वर्ष निर्माण कार्य शुरू होगा। उन्होंने राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं को बढ़ाने के लिए किए जा रहे प्रयासों से सदन का अवगत कराया। अंसारी ने कहा कि सरकार की कोशिश है कि कोई गरीब भूखा न सोए और संकट की घड़ी में सरकार हर नागरिक के साथ मजबूती से खड़ी रहे। राज्य में स्वास्थ्य विभाग के लिए 7,990 करोड़ रुपये का बजट है तो खाद्य आपूर्ति विभाग के लिए 2,887 करोड़ एवं आपदा प्रबंधन विभाग के लिए 1,859 करोड़ का बजट। गोड्डा, साहिबगंज में भी मेडिकल कॉलेज बनाएंगे अंसारी ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए सरकार बड़े स्तर पर बुनियादी ढांचे का विस्तार कर रही है। इसी क्रम में राज्य में 8 नए मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जाएंगे। पहले चरण में जामताड़ा, गिरिडीह, धनबाद, खूंटी और सरायकेला-खरसावां में मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जाएंगे, जबकि दूसरे चरण में गोड्डा, साहिबगंज और लातेहार में मेडिकल कॉलेज की स्थापना की जाएगी। इससे राज्य के युवाओं को चिकित्सा शिक्षा के बेहतर अवसर मिलेंगे और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता भी मजबूत होगी। इस दौरान उन्होंने कहा कि रिम्स-2 का इस साल से ही निर्माण कार्य शुरू होगा। इसके तहत पहले चरण में 1400 बेड और दूसरे चरण में 2600 बेड का अस्पताल परिसर बनकर तैयार होगा। उन्होंने विपक्ष से आग्रह किया कि स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र को राजनीति से दूर रखें। यहां अंडर ग्रेजुएट के पांच सौ से अधिक और पोस्ट ग्रेजुएट के एक हजार सीट होंगे। 25 हाई टेक ट्रामा सेंटर, 750 अबुआ मेडिकल स्टोर इस दौरान उन्होंने सभी मेडिकल कॉलेज में एमआरआइ, 25 हाई टेक ट्रामा सेंटर, 750 अबुआ मेडिकल स्टोर आदि खोलने की घोषणा की। बताया कि राज्य में पहली बार रांची के सदर अस्पताल में बोन मैरो ट्रांसप्लांट की सुविधा बहाल हाेने जा रही है। इसके साथ ही सभी जिलों में एनीमिया की जांच की सुविधा होगी और सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2029 तक झारखंड एनीमिया मुक्त राज्य बने। उन्होंने बताया कि राज्य में आइएएस और आइपीएस को मिलनेवाली स्वास्थ्य सुविधाएं मंत्री, विधायक और पूर्व मंत्रियों को भी दी जाएगी। सभी गर्भवती महिलाओं का मुफ्त में अल्ट्रासाउंड कराया जाएगा। इसके बाद उन्होंने धान खरीद को लेकर अपने वक्तव्य में कहा कि राज्य में पहली बार वन टाइम धान खरीद की प्रक्रिया शुरू की गई है। हमने 80 प्रतिशत लक्ष्य पूरा कर लिया है। जल्द ही 100 प्रतिशत धान खरीद होगी। इसी तरह धोती साड़ी वितरण योजना की मदद से गरीबों को वस्त्र मुहैया कराया जा रहा है।

सम्राट चौधरी के घर बड़ी बैठक से सियासी हलचल, कुशवाहा और चौधरी आवास पर भी नजरें

पटना राज्यसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन और महागठबंधन हर हाल में जीत दर्ज करना चाहती है। दो दिन पहले नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने महागठबंधन के सभी दलों की बैठक बुलाई थी। एक दिन पहले AIMIM के बिहार प्रमुख अख्तरूल ईमान ने उनसे मुलाकात की। राज्यसभा चुनाव में अपने पांचों विधायकों के समर्थन की बात की। इधर, एनडीए के विधायकों की भी बैठक बुलाई गई है। यह बैठक तीन चरणों में होगी। पहली बैठक आज डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के आवास पर होगी। इसके बाद 14 मार्च को राष्ट्रीय लोक मोर्चा के अध्यक्ष और राज्यसभा उम्मीदवार उपेंद्र कुशवाहा के आवास पर और 15 मार्च को संसदीय कार्य मंत्री व जदयू के वरिष्ठ नेता विजय चौधरी के आवास पर बैठक बुलाई गई है। तीनों दिन भोज की व्यवस्था की गई है। रात्रि भोज का भी इंतजाम किया गया है डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने गुरुवार यानी आज शाम को एनडीए के विधायकों को बुलाया है। रात्रि भोज का भी इंतजाम किया गया है। इस बैठक में विधायकों को एकजुट किया जाएगा। साथ ही मतदान प्रक्रिया की बारिकियों की जानकारी दी जाएगी। ऐसा पहली बार हो रहा है जब सम्राट चौधरी ने इतनी बड़ी बैठक बुलाई है। राजनीतिक पंडितों की मानें तो यह सब राज्यसभा की पांचवी सीट जीतने के लिए किया जा रहा है। राज्यसभा की पांच सीट पर छह उम्मीदवार खड़े हो गए हैं। विधायकों की संख्या को देखते हुए भाजपा और जदयू के खाते में दो-दो सीटें तो आ जाएंगे लेकिन पांचवीं सीट के लिए एनडीए और महागठबंधन को संघर्ष करना पड़ रहा है। एनडीए को पांचवी सीट जीतने के लिए तीन और महागठबंधन को छह विधायकों की जरूरत है। AIMIM और IIP के बयान के बाद बढ़ी एनडीए में टेंशन एक दिन पहले AIMIM के प्रमुख अख्तरूल ईमान ने तेजस्वी यादव से मुलाकात की थी। उन्होंने पत्रकारों से बातची के दौरान कहा कि हमलोगों की बीच पॉजिटिव बात हुई है। लेकिन, अंतिम फैसला हमारे मुखिया असदुद्दीन ओवैसी को लेंगे। उन्होंने कहा कि 15 मार्च को मेरे आवास पर इफ्तार पार्टी है। इसमें तेजस्वी यादव भी आएंगे। इसके बाद राजद के विधायकों ने दावा किया कि हमलोगों के पास पूर्ण बहुमत आ गया है। हमारे उम्मीदवार एडी सिंह जीत रहे हैं। वहीं तेजस्वी यादव ने कहा कि हमें अपने उम्मीदवार के जीतने पर पूरा भरोसा है।  वहीं आईआईपी पार्टी के प्रमुख इंद्रजीत प्रसाद गुप्ता ने कहा दावा है कि महागठबंधन के संपर्क में एनडीए के कुछ विधायक हैं। हमलोगों के बाद 41 नहीं 45 विधायकों का समर्थन है। इसलिए पांचवी सीट पर हमलोगों की जीत आसानी से हो जाएगी। जानिए एनडीए की ओर किस नेता ने क्या कहा? एनडीए के ओर से राज्यसभा उम्मीदवार उपेंद्र कुशवाहा दावा कर चुके हैं कि राज्यसभा की सभी पांचों सीटें एनडीए जीत रही है। विपक्ष के कई विधायक हमारे संपर्क में हैं। चुनाव के बाद सारी बातें स्पष्ट हो जाएंगी। हमलोग जीत रहे हैं। वहीं बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि पांचों सीटों पर एनडीए की शानदार जीत तय है। कहीं कोई संशय नहीं है। विपक्ष के कुछ विधायक भी हमारे संपर्क में हैं। हर हाल में एनडीए की ही जीत होगी। कौन कौन हैं राज्यसभा उम्मीदवार…     जदयू- नीतीश कुमार, रामनाथ ठाकुर     भाजपा- नितिन नवीन, शिवेश राम     रालोमो- उपेंद्र कुशवाहा     राजद- अमरेंद्र धारी सिंह (एडी सिंह)

Revenue Offices में दलालों पर शिकंजा: बिहार सरकार ने जारी किया टोल-फ्री नंबर, होगी FIR

पटना. बिहार में जमीन की रसीद कटाने, दाखिल-खारिज या परिमार्जन के नाम पर दलालों और मुंशियों के आगे-पीछे घूमने के दिन अब लद गए हैं. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘रूल ऑफ लॉ’ का ऐसा शिकंजा कसा है, जिससे बिचौलियों के सिंडिकेट में हड़कंप मच गया है. अब दफ्तरों के बाहर मंडराने वाले दलालों पर सिर्फ जुर्माना नहीं लगेगा, बल्कि भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सख्त धाराओं के तहत सीधे एफआईआर दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया जाएगा. बिचौलिया दिखा तो नपेंगे अंचलाधिकारी और कर्मचारी नई व्यवस्था के तहत, यदि किसी अंचल कार्यालय या राजस्व दफ्तर के परिसर में दलाल सक्रिय पाए जाते हैं, तो सिर्फ बाहरी व्यक्ति ही नहीं, बल्कि वहां के अंचलाधिकारी (CO) और संबंधित कर्मचारियों को भी जवाब-तलब किया जाएगा. विभाग का मानना है कि दलालों की हिम्मत तभी बढ़ती है जब उन्हें भीतर से मौन समर्थन मिलता है. अब जवाबदेही तय होने से सरकारी बाबू दलालों को संरक्षण देने से कतराएंगे, जिससे भ्रष्टाचार की जड़ों पर सीधा चोट होगी. फर्जीवाड़े का अंत दाखिल-खारिज और एलपीसी (LPC) जैसे कामों के लिए अक्सर आम लोग जल्दी के चक्कर में मुंशियों के झांसे में आ जाते हैं. कई बार पैसे देने के बाद भी फर्जी कागजात थमा दिए जाते हैं या काम ही नहीं होता. इसी ठगी और भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए सरकार ने डिजिटल और कानूनी दोनों मोर्चों पर घेराबंदी की है. विभाग ने साफ लहजे में अपील की है कि किसी भी राजस्व सेवा के लिए किसी तीसरे व्यक्ति की जरूरत नहीं है. जनता की मेहनत की कमाई डकारने वाले इन दलालों को अब सीधे न्यायिक और आपराधिक कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा. जारी हुआ टोल फ्री नंबर सरकार ने जनता को सबसे बड़ा हथियार देते हुए एक विशेष हेल्पलाइन नंबर जारी किया है. अब आपको किसी दलाल से बहस करने की जरूरत नहीं है, बस अपने फोन से 18003456215 डायल करें. यह टोल फ्री नंबर सीधे उच्चाधिकारियों से जुड़ता है, जहां आप दलाली, काम में देरी या रिश्वत मांगे जाने की शिकायत दर्ज करा सकते हैं. इसके अलावा बिहार सरकार के जन शिकायत पोर्टल पर भी लिखित शिकायत की सुविधा दी गई है. यह कदम आम नागरिकों को बिना किसी खौफ के सरकारी सेवाएं प्राप्त करने का साहस देगा.