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मनोज बाजपेयी ने बढ़ाया मदद का हाथ, बोले – बिहार बाढ़ प्रभावितों के लिए हर प्रयास ज़रूरी

पटना बॉलीवुड स्टार मनोज बाजपेयी ने बिहार में बाढ़ प्रभावित लोगों की सहायता करने की अपील की है। बिहार में भीषण बाढ़ ने तबाही मचा रखी है, जिससे हजारों परिवार विस्थापित हो गए हैं और कई गांव जलमग्न हो गए हैं। ऐसे समय में मनोज बाजपेयी राहत प्रयासों को तेज करने के लिए आगे आए हैं। उन्होंने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम और ट्विटर हैंडल पर लोगों से इस आपदा से प्रभावित लोगों की तत्काल सहायता करने की अपील की है। अपने पोस्ट में बाजपेयी ने तबाही के स्तर को उजागर करते हुए लिखा कि कैसे कई परिवार बेघर हो गए हैं और जीवित रहने के लिए राहत केंद्रों पर निर्भर हैं। उन्होंने एनजीओ आह्वान फाउंडेशन की ज़मीनी प्रयासों की जानकारी साझा करते हुए बताया कि एनजीओ ने अब तक 50,000 से अधिक राहत किट वितरित किए हैं और सबसे अधिक प्रभावित जिलों में 53 राहत केंद्र स्थापित किए हैं। अभिनेता ने अपने प्रशंसकों और आम जनता से उदारता से योगदान देने की अपील करते हुये कहा कि 'हर प्रयास जीवन बचाने में अहम है।' बिहार को अभी हमारी सबसे ज़्यादा ज़रूरत मनोज बाजपेयी, जो बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के बेलवा गांव से ताल्लुक रखते हैं, अक्सर राज्य के प्रति अपने गहरे लगाव के बारे में बात करते आए हैं। उनकी अपील में एक व्यक्तिगत भावनात्मक जुड़ाव नज़र आया, जब उन्होंने बाढ़ पीड़ितों की दुर्दशा पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि एकजुटता और सामूहिक प्रयास ही इस त्रासदी से उबरने का रास्ता हैं। मनोज वाजपेयी ने सोशल मीडिय पर कहा, 'मैं सभी से आग्रह करता हूं कि आगे आएं और मदद करें। बिहार को अभी हमारी सबसे ज़्यादा ज़रूरत है।' उन्होंने आह्वान फाउंडेशन के दान और सहायता के आधिकारिक लिंक भी टैग किए।  

बार काउंसिल को मिले तीन नए भवन, CM हेमंत ने रखी नींव और बताई उपलब्धियां

रांची झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बीते मंगलवार को बार काउंसिल के तीन भवनों की आधारशिला रखी। सोरेन ने झारखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान की उपस्थिति में खूंटी में बार काउंसिल भवन की आधारशिला रखी। मुख्यमंत्री हेमंत ने चाईबासा और चांडिल में अन्य दो बार काउंसिल भवनों की नींव रखी। सोरेन ने खूंटी में आयोजित समारोह में कहा, ‘‘हमारी योजना राज्य के सभी 24 जिलों और सात अनुमंडलों में बार काउंसिल भवन बनाने की है। अन्य जिलों में भी बार काउंसिल भवनों की आधारशिला जल्द ही रखी जाएगी।'' उन्होंने कहा कि सरकार ने सभी जिलों में बार काउंसिल भवनों के निर्माण के लिए 132.84 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं और इनका शिलान्यास एवं उद्घाटन तीन चरणों में किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार न्यायिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि न्यायिक अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। सोरेन ने कहा, ‘‘झारखंड देश का पहला राज्य है जो अधिवक्ताओं को पेंशन प्रदान कर रहा है। इसके अलावा सरकार उनके स्वास्थ्य बीमा और वजीफे का भी ध्यान रख रही है। राज्य सरकार न्यायिक प्रणाली को स्वतंत्र रूप से कार्य करने के लिए हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।''  

PM नरेंद्र मोदी 75 वर्ष के हुए, CM हेमंत सोरेन ने दी बधाई

रांची देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आज 75वां जन्मदिन है। पूरे देश में जश्न का माहौल है। अलग-अलग पार्टियों के नेता पीएम मोदी को जन्मदिन की शुभकामनाएं दे रहे हैं। वहीं, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिन की बधाई दी है। मरांग बुरु सदैव उत्तम स्वास्थ्य और सुदीर्घ जीवन प्रदान करें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, "देश के माननीय प्रधानमंत्री आदरणीय नरेंद्र मोदी जी को 75वें जन्मदिवस की अनेक-अनेक बधाई, शुभकामनाएं और जोहार। मरांग बुरु आपको सदैव उत्तम स्वास्थ्य और सुदीर्घ जीवन प्रदान करें, यही कामना करता हूं। … तो इस कारण भाजपा गुजरात में सत्ता में आई पीएम मोदी का जन्म 17 सितंबर 1950 को गुजरात के वडनगर में हुआ था। उन्होंने गुजरात विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में एमए की पढ़ाई की है। शुरुआती दिनों में नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के साथ काम किया। उन्होंने गुजरात में भारतीय जनता पार्टी का क्षेत्रीय आयोजक के रूप में भी काम किया। जानकारी के मुताबिक, पीएम मोदी ने साल 1987 में राजनीति में एंट्री ली। वह 1988 में गुजरात बीजेपी संघ के महासचिव बने। इसके बाद वह 1995 में, नरेंद्र मोदी को भाजपा की राष्ट्रीय संघ के सचिव बने। उन्होंने 1995 और 1998 के गुजरात विधानसभा चुनावों में पार्टी के लिए प्रचार में अहम किरदार निभाया। इस कारण भाजपा गुजरात में सत्ता में आई।  

झारखंड: करोड़ों की लागत से बनी सड़क बार-बार धंस रही, लोगों में नाराज़गी

धनबाद झारखंड की पहली आठ लेन वाली सड़क का एक हिस्सा फिर से धंस गया। इस सड़क का निर्माण 461.9 करोड़ रुपये की लागत से हुआ था और पिछले साल अक्टूबर में धनबाद में इसका उद्घाटन किया गया था। झारखंड राज्य राजमार्ग प्राधिकरण (एसएचएजे) के उप महाप्रबंधक (डीजीएम) संजय कुमार ने बताया, ‘‘विश्व बैंक द्वारा वित्त पोषित 20 किलोमीटर लंबी आठ लेन वाली सड़क का एक हिस्सा शनिवार को धनबाद के राजा तालाब के पास धंस गया। इससे पहले भी धनबाद जलापूर्ति परियोजना के तहत भूमिगत पानी की पाइपलाइन में रिसाव के कारण सड़क के कुछ अन्य हिस्से धंस गए थे।'' एसएचएजे के अधिकारी ने बताया कि झारखंड के जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने पानी की पाइपलाइन बिछाई थी और इसका बड़ा हिस्सा आठ-लेन सड़क के नीचे से गुजरता है। कुमार ने कहा, ‘‘पानी की आपूर्ति की जांच करते समय पाइपलाइन में दबाव की वजह से रिसाव हो जाता है, जिससे सड़क के नीचे की मिट्टी धंस जाती है और सड़क की सतह में गड्ढा बन जाता है। निजी कंपनी से कहा गया है कि वह लगातार निगरानी रखे और ऐसे धंसाव को रोकने के लिए तुरंत मरम्मत करे ताकि शहर में यात्रियों को परेशानी न हो।'' मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आठ लेन वाली इस सड़क का उद्घाटन चार अक्टूबर, 2024 को किया था और इसका रखरखाव धनबाद नगर निगम (डीएमसी) द्वारा किया जा रहा है।  

आज से होगी शुरू दानापुर-जोगबनी वंदे भारत , यात्रियों का अभाव

पटना पटना को तिरहुत-मिथिलांचल-सीमांचल से जोड़ने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस आज से शुरू हो रही है। पटना के दानापुर से जोगबनी तक की यात्रा कराने वाली इस ट्रेन का पूर्व मध्य रेलवे प्रचार ठीक से नहीं कर सका है। यही कारण है कि ट्रेन अभी तक लगभग खाली है। वंदे भारत के चेयर कार में 419 सीटें हैं, जिनमें से 17 सितंबर को सुबह 7:25 बजे तक 61 सीटें ही आरक्षित हुई हैं। इसी तरह एक्जीक्यूटिव क्लास की 40 में से केवल छह सीटें ही बुक हैं। आप चाहें तो इसमें आसानी से टिकट लेकर यात्रा कर सकते हैं। दानापुर से आज खुलेगी, वंदे भारत की ज्यादा सीटें खाली हैं दानापुर से जोगबनी का चेयर कार का टिकट 1310 रुपए का है, जिसमें 308 रुपए कैटरिंग चार्ज शामिल है। उसी हिसाब से अन्य स्टेशनों का टिकट देख सकते हैं। दानापुर-जोगबनी वंदे भारत मंगलवार को छोड़कर सप्ताह में छह दिन चलेगी। जोगबनी से यह ट्रेन गुरुवार 18 सितंबर को चलनी शुरू होगी। बुधवार को छोड़कर सप्ताह में छह दिन यह ट्रेन वहां से चलेगी। जोगबनी से दानापुर लाने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस कल खुलेगी, लेकिन इसमें गुरुवार सुबह 7:25 तक महज 37 टिकटें चेयर कार और छह टिकटें एक्जीक्यूटिव क्लास में बुक हुई हैं। उधर से यात्रा का टिकट 1145 रुपए है, जिसमें 142 रुपए कैटरिंग चार्ज शामिल है। दानापुर से शाम में खुलेगी, जोगबनी से आधी रात के बाद लौटेगी 26302 दानापुर-जोगबनी वंदे भारत एक्सप्रेस आज शाम दानापुर से 17:10 बजे खुलकर 18:05 बजे हाजीपुर, 18:50 बजे मुजफ्फरपुर, 19:43 बजे समस्तीपुर,  20:23 बजे हसनपुर रोड, 20:38 बजे सलौना, 21:00 बजे खगड़िया, 21:55 बजे सहरसा, 22:23 दौरम मधेपुरा, 23:00 बजे बनमनखी, 23:40 बजे पूर्णिया के बाद अगली तारीख को 00:18 अररिया कोर्ट एवं 00:48 बजे फारबिसगंज रुकते हुए 01:20 बजे जोगबनी पहुंचेगी।26301 जोगबनी-दानापुर वंदे भारत एक्सप्रेस 18 सितंबर को जोगबनी से 03:25 बजे खुलकर 03:35 बजे फारबिसगंज, 04:00 बजे अररिया कोर्ट, 04:50 बजे पूर्णिया, 05:26 बजे बनमनखी, 05:53 बजे दौरम मधेपुरा, 06:20 बजे सहरसा, 07:13 बजे खगड़िया, 07:33 बजे सलौना, 07:48 बजे हसनपुर रोड, 08:23 बजे समस्तीपुर, 09:00 बजे मुजफ्फरपुर, 09:45 बजे हाजीपुर रुकते हुए 11:30 बजे दानापुर पहुंचेगी।  

चुनावी तैयारी तेज़: अमित शाह की बैठक में सीट शेयरिंग और उम्मीदवारों पर फोकस

पटना भारतीय जनता पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और इस समय भी संगठन के सबसे बड़े रणनीतिकार अमित शाह बिहार आ रहे हैं। देश के गृह मंत्री के रूप में नहीं, बल्कि भाजपा के रणनीतिकार के रूप में बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले उनका यह पहला दौरा है। चर्चा हो रही है कि वह आ रहे हैं तो सीट बंटवारे पर भी बात करेंगे और पार्टी के प्रत्याशियों को भी उम्मीद देकर जाएंगे। लेकिन, हकीकत यह नहीं है। वह इस महीने दो बार बिहार आ रहे हैं। आज वह आएंगे और कल आधे बिहार को टारगेट करेंगे और 10 दिन बाद फिर दूसरे आधे हिस्से को। 20 संगठन जिलों के भाजपा नेताओं से वह कल बात करेंगे। फिर बाकी जिलों से 27 सितंबर को। सीट बंटवारे या प्रत्याशी पर नहीं करेंगे बात गृह मंत्री अमित शाह गुरुवार शाम पटना पहुंच रहे हैं। रात में वह पार्टी के चुनिंदा नेताओं से गठबंधन के बाकी दलों को लेकर गुफ्तगू करेंगे। गुफ्तगू इसलिए भी क्योंकि केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने 20 सीटें नहीं मिलने पर 100 सीटों पर लड़ने क बात कह रखी है। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के बाकी दल अब शांत हैं। चिराग पासवान ने सीएम नीतीश कुमार के नाम पर कोई असहमति नहीं छोड़ी है और उपेंद्र कुशवाहा सीटें मिलने की प्रतीक्षा में शांत हैं। मांझी का गणित वह भाजपा नेताओं से जरूर समझेंगे, लेकिन सीट बंटवारे को लेकर पटना में भाजपा नेताओं से कुछ औपचारिक बात नहीं करेंगे। इस बार की यात्रा में वह प्रत्याशियों को लेकर भी बात नहीं करने जा रहे हैं, हालांकि वह मौजूदा विधायकों के परफॉर्मेंस और उनके प्रति अच्छी-बुरी रिपोर्ट को जरूर समझेंगे। कल किन संगठन जिलों से कहां बात करेंगे अमित शाह अमित शाह आज पटना आएंगे और कल दो जिलों- सासाराम और बेगूसराय का दौरा करेंगे। सासाराम के डेहरी-ऑन-सोन के ललन सिंह स्टेडियम में वह रोहतास, कैमूर, बक्सर, भोजपुर, पूर्वी गया, पश्चिमी गया, जहानाबाद, अरवल, नवादा और औरंगाबाद के भाजपा नेताओं से बात करेंगे। इन इलाकों के सांसद, विधायक, विधान पार्षदों के अलावा पार्टी के प्रमुख पदाधिकारियों को इस बैठक में बुलाया गया है। दूसरी बैठक बेगूसराय के रिफाइनरी टाउनशिप खेल मैदान में होगी। इसमें बेगूसराय के साथ ही पटना महानगर, पटना ग्रामीण, बाढ़ पटना, नालंदा, शेखपुरा, मुंगेर, जमुई, लखीसराय और खगड़िया के भाजपा नेताओं से बात करेंगे। इन दोनों ही बैठकों में अमित शाह केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के लाभ से जनता को अवगत कराने की बात करेंगे। इसके अलावा वह एनडीए के बाकी दलों के साथ समन्वय में किसी तरह की परेशानी न हो, यह भी सीख देंगे। पिछले दिनों एनडीए के सम्मेलनों में हंगामे की खबरें भी आई थीं और फिर कल से अगले दौर का सम्मेलन शुरू भी हो रहा है। ऐसे में समन्वय को लेकर सीख अमित शाह की बैठक का अहम एजेंडा रखा गया है।

AI वीडियो मामले में कांग्रेस को कोर्ट से झटका, पटना HC ने दिए हटाने के निर्देश

पटना  कांग्रेस द्वारा पीएम मोदी और उनकी मां के AI वीडियो मामले पर सुनवाई करते हुए पटना हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है.अदालत ने कांग्रेस से तत्काल रूप से इस वीडियो को हटाने का निर्देश दिया है. पटना हाईकोर्ट के कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश पी.बी. बाजंतरी की अदालत में हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट ने निर्देश जारी किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी दिवंगत मां हीराबेन मोदी को अपमानित करने वाला ये वीडियो तत्काल प्रभाव से सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से हटा दिया जाए. दरअसल, 10 सितंबर को बिहार कांग्रेस के आधिकारिक एक्स हैंडल पर पोस्ट किया गया था, जिसमें पीएम मोदी के सपने में उनकी मां का AI-आधारित चित्रण किया गया है.  वीडियो में दिवंगत हीराबेन मोदी का किरदार बेटे को राजनीतिक लाभ के लिए अपने नाम का दुरुपयोग करने पर फटकार लगाता नजर आता है. एक दृश्य में पीएम मोदी जैसा दिखने वाला शख्स बिस्तर पर लेटते हुए कहता है, 'आज की वोट चोरी हो गई, अब अच्छी नींद लो.' फिर सपने में उनकी मां प्रकट होकर उन्हें नसीहत देती हैं. वीडियो को AI GENERATED मार्क किया गया था, लेकिन बीजेपी ने इसे घिनौना और मां का अपमान करार दिया था. साथ ही इस वीडियो को खिलाफ पटना हाईकोर्ट का रुख किया था. बीजेपी ने दर्ज कराई FIR बीजेपी ने अपनी शिकायत में दावा किया गया कि ये वीडियो न केवल प्रधानमंत्री की छवि को धूमिल करने वाला है, बल्कि महिलाओं की गरिमा का उल्लंघन भी है. दिल्ली पुलिस ने पहले ही 13 सितंबर को बीजेपी कार्यकर्ता संकेत गुप्ता की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की है, जिसमें भारतीय न्याय संहिता की कई धाराओं के तहत कांग्रेस नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई. FIR में वीडियो को पीएम मोदी और उनकी मां की छवि को बदनाम करने वाला बताया गया है. कांग्रेस ने किया था बचाव कांग्रेस ने अपनी इस वीडियो का बचाव किया था. पार्टी के मीडिया प्रमुख पवन खेड़ा ने कहा, 'यह वीडियो किसी का अपमान नहीं करता. मां केवल अपने बच्चे को राजधर्म सिखा रही है, अगर पीएम को ये अपमानजनक लगता है तो ये उनकी समस्या है.' खेड़ा ने जोड़ा कि वीडियो में कोई असम्मान नहीं है और बीजेपी इसे सहानुभूति बटोरने के लिए इस्तेमाल कर रही है. बिहार कांग्रेस ने आंतरिक जांच शुरू की है ताकि पता लगाया जा सके कि वीडियो साझा करने वाले कौन जिम्मेदार थे.

बिहार सरकार की सौगात: 42 कोर्स के लिए ब्याज मुक्त स्टूडेंट लोन

पटना बिहार में सीएम नीतीश कुमार की अगुवाई वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार विधानसभा चुनाव की घोषणा से पहले हर कैबिनेट बैठक में अलग-अलग तबके पर तोहफे की बरसात कर रही है। नीतीश सरकार ने अब बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना से उच्च शिक्षा के लिए मिलने वाले लोन पर ब्याज खत्म कर दिया है और कर्ज चुकाने की समय सीमा 2 से 3 साल तक बढ़ा दी है। एजुकेशन लोन लेने वाले स्टूडेंट्स को अब सूद नहीं देना होगा और कर्ज लौटाने की मियाद बढ़ने से मासिक किस्त (EMI) भी कम हो जाएगी। कैबिनेट ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, जिसकी जानकारी खुद नीतीश ने एक ट्वीट में दी है। बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत साधारण बीए, बीएससी, बीकॉम से लेकर मेडिकल, इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट जैसे 42 तरह के कोर्स (कोर्स लिस्ट की पीडीएफ कॉपी नीचे है) को पूरा करने के लिए राज्य सरकार बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम लिमिटेड के जरिए 4 लाख रुपये तक का कर्ज देती है। इसका लाभ बिहार से बोर्ड या पॉलिटेक्निक पास स्टूडेंट्स को मिलता है। साथ ही झारखंड, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश के संस्थानों से इसी तरह की डिग्री वाले बिहार मूल के छात्र-छात्राओं को भी योजना का फायदा मिलता है। सामान्य तौर पर उम्र सीमा 25 साल है, लेकिन पीजी कोर्स के लिए 30 साल तक के स्टूडेंट आवेदन कर सकते हैं। बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड स्कीम के तहत 4 लाख रुपये तक का एजुकेशन लोन मिलता है। इस कर्ज पर 4 परसेंट की इंटरेस्ट रेट से ब्याज लगता था। महिला, दिव्यांग और ट्रांसजेंडर को मात्र 1 फीसदी सूद देना होता था। सरकार ने अब इस ब्याज को पूरी तरह खत्म करने का फैसला लिया है, जिसका लाभ आवेदकों को आगे मिलेगा। 2 लाख तक का लोन लौटाने के लिए पहले 5 साल की मियाद थी, जिसे सरकार ने अब 7 साल कर दिया है। 2 लाख से ऊपर का कर्ज वापस करने के लिए पहले 7 साल की मियाद थी, जिसे अब 10 साल कर दिया गया है। नौकरी मिलने के छह महीने या पढ़ाई खत्म होने के एक साल बाद कर्ज लौटाना शुरू होता है। नौकरी नहीं हो या आय नहीं हो तो जून और दिसंबर में शपथ पत्र दाखिल कर कर्ज वापसी को टाला जा सकता है। नीतीश सरकार ने उच्च शिक्षा में बिहार की सकल नामांकन दर (GER) को बढ़ाने के लिए सात निश्चय के तहत 2015 से 2020 वाले कार्यकाल में स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना को लागू करने का फैसला किया था। 2021-22 में बिहार का जीईआर बढ़कर 17.1 फीसदी तक पहुंचा है जो एक साल पहले 15.9 परसेंट था। जब योजना की शुरू हुई थी, तब बिहार का जीईआर 14.3 फीसदी था। इस समय उच्च शिक्षा में सकल नामांकन दर का राष्ट्रीय औसत 28.4 फीसदी है जो योजना की शुरुआत के वक्त 24 प्रतिशत था।

जीतनराम मांझी का बड़ा बयान: एनडीए से मांगी 15 सीटें, चुनाव को बताया करो या मरो

पटना  बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए एनडीए में सीट शेयरिंग पर घमासान छिड़ा हुआ है। केंद्रीय मंत्री एवं हिंदुस्तान आवाम मोर्चा (हम) के सुप्रीमो जीतनराम मांझी कम से कम 15 सीटों की मांग पर अड़े हुए हैं। मांझी ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के नेताओं को यह तक कह दिया है कि वह 15 सीटों के लिए भीख मांग रहे हैं, क्योंकि उनके लिए इस बार करो या मरो की स्थिति है। मांझी ने सहयोगियों पर दबाव बढ़ाते हुए यह भी कहा कि अगर उनकी मांग के अनुसार सीटें नहीं मिली तो हम पार्टी आगामी बिहार चुनाव में 100 सीटों पर अकेले लड़ जाएगी। हिंदुस्तान आवाम मोर्चा (हम) के संरक्षक जीतनराम मांझी ने सोमवार को पटना में मीडिया से बातचीत में कहा कि वह अपनी पार्टी के लिए एनडीए में 15 से 20 सीटों की मांग कर रहे हैं। इस मांग के पीछे पार्टी की मान्यता बड़ी वजह है। हम पार्टी बीते 10 सालों से निबंधित पार्टी है, अभी तक उसे प्रदेश स्तरीय राजनीतिक दल की मान्यता नहीं मिल पाई है। उसे मान्यता दिलाने के लिए कम से कम 7-8 विधायक या 6 प्रतिशत वोट होना जरूरी है। मांझी ने एनडीए के नेताओं से कहा कि कम से कम हम पार्टी को इतनी सीटें दें कि बिहार विधानसभा में मान्यता प्राप्त पार्टी का दर्जा मिल जाए। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वह अपनी पार्टी की मान्यता के लिए एनडीए के नेताओं से भीख मांग रहे हैं, इन सीटों पर उनका कोई दावा नहीं है। अगर कम से कम 15 सीटें लड़ने के लिए मिलेंगी, तभी 8-10 सीटें जीतकर हम मान्यता प्राप्त पार्टी बन सकेगी। गौरतलब है कि हिंदुस्तान आवाम मोर्चा ने 2020 विधान सभा चुनाव में एनडीए के साथ मिलकर 7 सीटों पर प्रत्याशी उतारे थे। उनमें से मांझी की पार्टी ने 4 सीटों पर जीत दर्ज की थी। पार्टी को 0.89 फीसदी वोट मिले थे। जीतनराम मांझी 2024 में गया से लोकसभा सांसद चुने गए और नरेंद्र मोदी सरकार में मंत्री भी हैं। हालांकि, उनकी पार्टी अभी तक बिहार में 6 प्रतिशत वोट हासिल करने में कामयाब नहीं हो पाई है। दरअसल, चुनाव आयोग से मान्यता मिलने के बाद राजनीतिक दल को कई तरह की सुविधाएं मिल जाती हैं। मान्यता प्राप्त पार्टी का चुनाव चिह्न स्थायी हो जाता है। साथ ही चुनाव में अधिकतम 40 स्टार प्रचारक रखने की मंजूरी मिल जाती है। इसके अलावा टीवी और रेडियो पर राजनीतिक प्रसारण का टाइम स्लॉट और वोटर लिस्ट हासिल करने जैसी सुविधाएं भी मिलती हैं।

कांग्रेस ने घोषित की प्रदेश चुनाव समिति, अखिलेश सिंह को नहीं मिली जगह

पटना बिहार विधानसभा चुनावों की तैयारी में जुटी कांग्रेस पार्टी ने मंगलवार को प्रदेश चुनाव समिति का गठन कर दिया है। कांग्रेस ने इस बार पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं को इसमें जगह दी है। प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम की ओर से कहा गया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी की प्रदेश चुनाव समिति के गठन को मंज़ूरी दी है। नई समिति का गठन तत्काल प्रभाव से किया गया है। हम सब मिलकर बिहार में कांग्रेस पार्टी के संगठन और जनआंदोलन को और मजबूत बनाएंगे। इस समिति में कई दिग्गज नेताओं को शामिल किया गया है, जिनमें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम, वरिष्ठ नेता शकील अहमद खान और मदन मोहन झा प्रमुख रूप से शामिल हैं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस समिति के गठन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है और यह समिति तत्काल प्रभाव से कार्य करना शुरू कर देगी। कुल 39 सदस्य, कई पदाधिकारी स्थायी आमंत्रित समिति में कुल 39 सदस्य शामिल हैं। इसके अलावा, बिहार से कांग्रेस के सभी सांसद, विधायक, विधान पार्षद, एआईसीसी सचिव, सीडब्ल्यूसी सदस्य और फ्रंटल संगठनों के प्रमुख इस समिति के स्थायी आमंत्रित सदस्य होंगे। चौंकाने वाली बात यह है कि इस समिति में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह को जगह नहीं दी गई है। जानिए, किन नेताओं को मिली बिहार प्रदेश कांग्रेस चुनाव समिति में जगह     राजेश कुमार राम     शकील अहमद खान     मदन मोहन झा     जितेन्द्र गुप्ता     शकील-उल-जमां अंसारी     संजीव प्रसाद टोनी     मोतीलाल शर्मा     कपिल देव प्रसाद यादव     अंशुल अविजीत     ब्रजेश कुमार पांडेय     जमाल अहमद भल्लू     मंजू राम     अजमी बारी     नागेन्द्र कुमार विकल     कैलाश पाल     राजेश राठौर     निर्मलेन्दु वर्मा     कैसर अली खान     प्रभात कुमार सिंह     कमल देव नारायण शुक्ला     कुमार आशीष     जमोतरी ममता निषाद     शकील-उर-रहमान     संतोष कुमार श्रीवास्तव     विश्वनाथ सर्राफ     रमेश प्रसाद यादव     शशि रंजन     सुबोध मंडल     नदीम अख्तर अंसारी     नीतू निषाद     फौजिया राणा     रामशंकर कुमार पान     उदय मांझी     रेखा सोरेन     तारक चौधरी     विश्वनाथ बैथा     सुनील कुमार पटेल     साधना राजक     खुशबू कुमारी