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80 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूं उपार्जन के स्लॉट बुक, प्रदेश में लगातार बढ़ रहा आंकड़ा: CM यादव

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में गेहूँ उपार्जन का कार्य तेजी से किया जा रहा है। किसान भाइयों ने बड़ी संख्या में स्लॉट बुक किए हैं। अब तक 80 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूँ उपार्जन के लिए स्टॉल बुक हो चुके है। यह एक सकारात्मक संदेश है। स्टॉल बुकिंग का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। प्रदेश के किसानों से गेहूँ उपार्जन करने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। किसानों की सुविधा के लिए उपार्जन केन्द्रों पर सभी संभव व्यवस्थाएं की गई हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा में यह जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गेहूँ उपार्जन प्रक्रिया में व्यवस्थाएं चाक-चौबंद रखने के लिए आकस्मिक निरीक्षण लगातार चलता रहेगा और लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। सभी मंत्री, विधायक और संबंधित अधिकारियों को उपार्जन प्रक्रिया में पूरी सक्रियता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने और किसानों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए निर्देशित किया गया है। 23 मई तक गेहूं खरीदी की बढ़ी तारीख  न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर उपज बेचने में हो रही परेशानी को देखते हुए सरकार ने स्लॉट बुकिंग की अंतिम तिथि बढ़ाकर 23 मई कर दी है। इसके साथ ही खरीदी केंद्रों की क्षमता और सुविधाओं में भी इजाफा किया गया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी देते हुए बताया कि जिन किसानों को अब तक स्लॉट नहीं मिल पाया है, उन्हें अतिरिक्त समय दिया जा रहा है, ताकि वे अपनी फसल आसानी से बेच सकें। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी समयसीमा बढ़ाई गई थी, लेकिन व्यवस्थाओं में सुधार नहीं होने के कारण दोबारा अवधि बढ़ानी पड़ी।  जिलों में बढ़ा रही तौल कांटों की संख्या  मध्यप्रदेश सरकार ने किसानों के लिए उपार्जन केंद्रों पर छाया, बैठक और कई अन्य सुविधाओं की व्यवस्था की है। अब किसान जिले के किसी भी उपार्जन केन्द्र पर उपज विक्रय कर सकते हैं। इतना ही नहीं, किसानों को गेहूं की तौल के लिए इंतजार नहीं करना पड़े इसके लिए उपार्जन केन्द्रों में तौल कांटों की संख्या बढ़ाकर 6 कर दी गई है। सरकार जिलों में और भी तौल कांटे बढ़ा रही है। सरकार ने चमक विहीन गेहूं की सीमा भी 50 प्रतिशत कर दी है। सूकड़े दाने की सीमा 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 10 प्रतिशत तक की गई है। क्षतिग्रत दानों की सीमा बढ़ाकर 6 प्रतिशत तक की गई है। किसानों के उपज की तौल समय पर हो सके इसके लिए बारदाने, तौल कांटे, हम्माल तुलावटी, सिलाई मशीन, कम्यूंटर, नेट कनेक्शन, कूपन ,गुणवत्ता परीक्षण उपकरण, उपज की साफ-सफाई के लिए पंखा, छन्ना आदि व्यवस्थाएं उपार्जन केन्द्र पर उपलब्ध कराई जा रही हैं।  विगत वर्ष समर्थन मूल्य पर लगभग 77 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया गया था। इस वर्ष सरकार द्वारा 100 लाख मीट्रिक टन गेहूं के उपार्जन का लक्ष्य रखा गया है। सभी जिलों में लघु सीमांत के साथ ही मध्यम एवं बड़े किसानों के लिए स्लॉट बुकिंग की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। बड़े एवं मध्यम वर्ग के एक लाख 60 हजार किसानों ने स्लॉट बुक कराया है। पूरे प्रदेश में स्लॉ्ट बुकिंग की तारीख 30 अप्रैल 2026 से बढ़ाकर 9 मई तक की गई है। किसानों की सुविधा के लिए खरीदी के लिये प्रत्येक शनिवार को भी स्लॉट बुकिंग एवं उपार्जन का कार्य जारी रहेगा। अभी तक प्रदेश मे समर्थन मूल्य् पर गेहूं उपार्जन के लिये 9.60 लाख किसानों द्वारा 57.75 लाख मीट्रिक टन गेहूं के विक्रय के लिये स्लॉट बुक किए जा चुके हैं। किसानों को समर्थन मूल्य पर गेहूं विक्रय में किसी प्रकार की परेशानी न हो एवं उपज विक्रय के लिए इंतजार न करना पड़े इसके लिये किसानों को जिले के किसी भी उपार्जन केन्द्र पर उपज विक्रय करने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। उपार्जन केन्द्र पर किसानों की सुविधा के लिए पीने का पानी, बैठने के लिए छायादार स्थान, जन सुविधाएं आदि की व्यवस्थाएं की गई हैं। किसानों के उपज की तौल समय पर हो सके इसके लिये बारदाने, तौल कांटे, हम्माल तुलावटी, सिलाई मशीन, कम्यूंटर, नेट कनेक्शन, गुणवत्ता परीक्षण उपकरण, उपज की साफ-सफाई के लिए पंखा, छन्ना आदि व्यवस्थाएं उपार्जन केन्द्र पर उपलब्ध कराई जा रही है। किसानों से 2585 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य एवं राज्य सरकार द्वारा 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस राशि सहित 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं का उपार्जन किया जा रहा है।  

एमपी में कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत ₹993 बढ़ी, 20 हजार से ज्यादा शादियों पर पड़ेगा असर

भोपाल  दो महीने की किल्लत के बीच मध्य प्रदेश में कमर्शियल LPG सिलेंडर 993 रुपए महंगा हो गया है। भोपाल में 3074 रुपए, इंदौर में 3179 रुपए, जबलपुर में 3290 रुपए, ग्वालियर में 3296 रुपए और उज्जैन में 3241 रुपए में सिलेंडर मिलेगा। दो महीने में रेट 1248 रुपए बढ़ चुके हैं। इसका सीधा असर आम लोगों पर पड़ेगा। कमर्शियल सिलेंडर के रेट ऐसे समय बढ़े हैं, जब होटल, रेस्टोरेंट-ढाबों को जरूरत की 50 प्रतिशत गैस ही मिल रही है। जुलाई तक प्रदेश में 20 हजार से ज्यादा शादियां होनी हैं, ऐसे में आम लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। 500 लोगों के खाने पर 50 हजार रुपए खर्च बढ़ेगा मध्य प्रदेश टेंट कैटर्स एसोसिएशन के रामबाबू शर्मा ने बताया कि सिलेंडर के रेट बढ़ने से होटल और कैटर्स में 10 प्रतिशत तक कॉस्टिंग का फर्क पड़ेगा। 500 लोगों के 5 लाख रुपए के खाने का बजट अब 45 से 50 हजार रुपए तक बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि सिलेंडर पर 5 से 10 प्रतिशत तक बढ़ोतरी ठीक थी, लेकिन करीब 50 प्रतिशत बढ़ोतरी न्याय संगत नहीं है। सरकार को फैसला वापस लेना चाहिए। होटल संचालक बोले- खाना महंगा करना पड़ेगा भोपाल होटल एवं रेस्टोरेंट संघ के अध्यक्ष तेजकुलपाल सिंह पाली ने कहा कि कमर्शियल गैस सिलेंडर 2 महीने में साढ़े 12 सौ रुपए तक महंगा हुआ है। यानी पहले की तुलना में 60% रेट बढ़े हैं। फरवरी तक सिलेंडर 1800 रुपए में मिल जाता था, लेकिन अब 50 प्रतिशत आपूर्ति ही हो रही है। कमर्शियल गैस नहीं मिलने से डीजल भट्‌टी और इंडक्शन का उपयोग हो रहा है। इससे डीजल और बिजली का खर्च बढ़ा हुआ है। अब खाने के रेट बढ़ाने पड़ेंगे। 3323 रुपए में रीवा में मिलेगा सबसे महंगा सिलेंडर प्रदेश में सबसे महंगा सिलेंडर रीवा में 3323 रुपए में मिलेगा। सिंगरौली और सतना-नरसिंहपुर में 3321 रुपए, कटनी में 3320 रुपए, बालाघाट में 3319 रुपए, पन्ना में 3318 रुपए, शहडोल में 3317 रुपए, अनूपपुर, सीधी, मंडला, उमरिया और डिंडौरी में 3315 रुपए, सिवनी में रेट 3308 रुपए हो गए हैं। भोपाल में रेट सबसे कम 3074 रुपए है। शाजापुर-सीहोर में 3081 रुपए, हरदा में 3104 रुपए, सागर में 3105 रुपए, विदिशा-नर्मदापुरम में 3109 रुपए में सिलेंडर मिलेगा। रेस्टोरेंट में खाने का रेट 10 से 20 प्रतिशत बढ़ेगा नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) के एमपी हेड अभिषेक बहेती ने बताया कि कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतें हर महीने बढ़ रही हैं। पहले 60 रुपए, फिर 195 रुपए और अब 993 रुपए तक रेट बढ़े हैं। इससे रेस्टोरेंट में खाने का रेट 10 से 20 प्रतिशत तक बढ़ जाएगा। यह आम लोगों पर बोझ डालेगा।

एमपी में 17 जिलों में बारिश-ओले का अलर्ट, भोपाल में आंधी से कई इलाकों में पेड़ गिरे; 4 मई तक जारी रहेगा मौसम

भोपाल मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी के बीच मौसम ने अचानक करवट ले ली है. जहां एक तरफ कई जिलों में तापमान 42 से 45 डिग्री के बीच बना हुआ है, वहीं दूसरी ओर आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने लोगों को राहत के साथ परेशानी भी दी है. मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में राज्य के 17 जिलों में तेज आंधी, गरज-चमक और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है. इस बदलाव के पीछे पश्चिमी विक्षोभ और ट्रफ लाइन की सक्रियता को वजह माना जा रहा है, जो मध्य भारत के मौसम को तेजी से प्रभावित कर रही है. मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों पर न रहें. पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें और यात्रा करते समय सावधानी बरतें. किसानों को भी फसलों की सुरक्षा के लिए जरूरी इंतजाम करने को कहा गया है।  मौसम के इस दोहरे प्रभाव ने आम जनजीवन को प्रभावित किया है. एक तरफ लू जैसे हालात हैं तो दूसरी ओर अचानक तेज हवाओं के साथ बारिश से तापमान में गिरावट देखने को मिल रही है. विशेषज्ञों के अनुसार, यह स्थिति अगले कुछ दिनों तक बनी रह सकती है, जिससे किसानों, यात्रियों और शहरी जीवन पर मिश्रित असर पड़ेगा. प्रशासन ने भी सतर्कता बढ़ाते हुए लोगों को सुरक्षित रहने और मौसम अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी है.अगले 2 से 3 दिनों तक प्रदेश में यही स्थिति बनी रह सकती है. कहीं गर्मी तो कहीं आंधी-बारिश का सिलसिला जारी रहेगा. इसके बाद तापमान में धीरे-धीरे स्थिरता आने की संभावना जताई गई है।  इन 17 जिलों में अलर्ट जारी मौसम विभाग के अनुसार ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, सिवनी और बालाघाट जिलों में तेज आंधी और ओलावृष्टि की संभावना है. इन इलाकों में 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जिससे बिजली गिरने और पेड़ गिरने का खतरा भी बना रहेगा।  इन जिलों में भीषण गर्मी का असर राजधानी भोपाल समेत रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, अलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, रीवा, सतना, मैहर, पन्ना, कटनी, दमोह, जबलपुर, सागर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा में गर्मी का प्रकोप जारी है. यहां दिन का तापमान सामान्य से 2 से 4 डिग्री ज्यादा रिकॉर्ड किया जा रहा है।  उमरिया-मुरैना में ओले भी गिरे। IMD (मौसम केंद्र) ने शुक्रवार को ग्वालियर समेत 17 जिलों में अलर्ट जारी किया है। गुरुवार को सुबह से रात तक बारिश का दौर बना रहा।भोपाल और ग्वालियर के साथ सतना, श्योपुर, टीकमगढ़, रायसेन, बालाघाट, छतरपुर, मुरैना, सागर, पन्ना, मैहर, उमरिया, रीवा में भी कहीं तेज आंधी-बारिश तो कहीं ओलावृष्टि का दौर जारी रहा। भोपाल में तेज आंधी चलने से कोलार रोड समेत कई इलाकों में पेड़ भी उखड़ गए। देर रात तक प्रदेश में मौसम का मिजाज बदला रहा। आज इन जिलों में बारिश के आसार शुक्रवार को जिन जिलों में आंधी-बारिश का अनुमान है, उनमें ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, सिवनी और बालाघाट शामिल हैं। दूसरी ओर, भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, रीवा, मऊगंज, सतना, मैहर, पन्ना, कटनी, दमोह, जबलपुर, सागर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा में गर्मी का असर बना रहेगा। हालांकि, शाम को कुछ जिलों में तेज आंधी भी चल सकती है। क्यों बदला मौसम का मिजाज मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और मध्य भारत में बनी ट्रफ लाइन के कारण यह बदलाव हो रहा है. नमी और गर्म हवाओं के टकराव से गरज-चमक और ओलावृष्टि की स्थिति बन रही है. यही कारण है कि एक ही समय में अलग-अलग जिलों में अलग मौसम देखने को मिल रहा है।  किसानों और आम लोगों पर असर इस मौसम का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ सकता है. ओलावृष्टि से खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है, वहीं तेज आंधी से बिजली और यातायात व्यवस्था प्रभावित हो सकती है. शहरी क्षेत्रों में भी अचानक बारिश से ट्रैफिक और जलभराव की समस्या बढ़ सकती है।   

एमपी में 17 जिलों में बारिश और ओले का खतरा, भोपाल में आंधी से पेड़ गिरे; 4 मई तक जारी रहेगा मौसम का असर

भोपाल  मध्य प्रदेश में इन दिनों मौसम के दो अलग रूप देखने को मिल रहे हैं। जहां एक ओर भीषण गर्मी का प्रकोप है, वहीं दूसरी ओर आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने दस्तक दे दी है। गुरुवार को राजधानी भोपाल और ग्वालियर सहित प्रदेश के 15 से ज्यादा जिलों में तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ वर्षा दर्ज की गई। उमरिया और मुरैना जैसे जिलों में तो ओले भी गिरे हैं, जिससे तापमान में गिरावट महसूस की गई है। सुबह से शुरू हुआ बारिश का यह सिलसिला देर रात तक रुक-रुक कर चलता रहा। शुक्रवार सुबह से भी मौसम बदला हुआ सा है। कुछ जिलों में बादल छाए हैं तो कुछ जिलों में सुबह से तेज धूप है।   कहीं तेज आंधी चली तो कहीं ओले गिरे मौसम के इस अचानक बदलाव का असर जनजीवन पर भी पड़ा है। भोपाल, ग्वालियर, सतना, श्योपुर, टीकमगढ़, रायसेन, बालाघाट, छतरपुर, मुरैना, सागर, पन्ना, मैहर, उमरिया और रीवा में कहीं तेज आंधी चली तो कहीं ओले गिरे। राजधानी भोपाल में आंधी की रफ्तार इतनी तेज थी कि कोलार रोड समेत कई अन्य इलाकों में पेड़ उखड़ गए। प्रशासन और संबंधित विभाग देर रात तक स्थिति पर नजर बनाए हुए थे क्योंकि मौसम का मिजाज लगातार बदलता रहा। आज इन जिलों में बारिश के आसार शुक्रवार को जिन जिलों में आंधी-बारिश का अनुमान है, उनमें ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, सिवनी और बालाघाट शामिल हैं। दूसरी ओर, भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, रीवा, मऊगंज, सतना, मैहर, पन्ना, कटनी, दमोह, जबलपुर, सागर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा में गर्मी का असर बना रहेगा। हालांकि, शाम को कुछ जिलों में तेज आंधी भी चल सकती है। आगामी 24 घंटों के लिए मौसम विभाग का अलर्ट मौसम केंद्र (IMD) ने शुक्रवार को भी प्रदेश के कई हिस्सों में सावधानी बरतने की सलाह दी है। ग्वालियर समेत 17 जिलों के लिए अलर्ट जारी किया गया है। आज जिन प्रमुख जिलों में आंधी और बारिश होने की संभावना जताई गई है, उनमें ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, सिवनी और बालाघाट शामिल हैं। इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मौसम की गतिविधियों को देखते हुए सतर्क रहने को कहा गया है। गर्मी और बारिश का अनोखा संयोग एक तरफ जहां कई जिलों में बारिश की चेतावनी है, वहीं दूसरी ओर प्रदेश का एक बड़ा हिस्सा अब भी गर्मी की तपिश झेल रहा है। इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल और हरदा जैसे जिलों में गर्मी का असर बना रहेगा। इसके अलावा रीवा, सतना, जबलपुर और सागर जैसे क्षेत्रों में भी तापमान अधिक रहने की उम्मीद है, हालांकि यहां शाम के वक्त धूल भरी आंधी चलने के आसार जताए गए हैं। मई महीने में मौसम का बदला ट्रेंड आमतौर पर मई का महीना अपनी भीषण तपिश और लू के लिए जाना जाता है, लेकिन इस साल की शुरुआत कुछ अलग अंदाज में हुई है। मौसम विभाग के अनुसार, इस बार मई के शुरुआती चार दिनों तक आंधी और बारिश का अलर्ट बना हुआ है। गर्मी के इस पारंपरिक ट्रेंड में आए बदलाव ने लोगों को चिलचिलाती धूप से थोड़ी राहत तो दी है, लेकिन आंधी और ओलावृष्टि ने चिंताएं भी बढ़ा दी हैं। 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दुर्घटना में जान गंवाने वालों के परिजन के प्रति संवेदनाएं प्रकट की

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बरगी क्रूज दुर्घटना पर जताया दु:ख मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दुर्घटना में जान गंवाने वालों के परिजन के प्रति संवेदनाएं प्रकट की मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बरगी डैम हादसे की जांच के दिए निर्देश बरगी क्रूज दुर्घटना में लोगों को बचाने वालों को स्वतंत्रता दिवस पर किया जाएगा सम्मानित मुख्यमंत्री ने की नागरिकों से बोटिंग के समय लाइफ जैकेट पहनने की अपील भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जबलपुर के बरगी डैम में मौसमी चक्रवात के कारण दु:खद घटना हुई है। सूचना मिलते ही लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, संस्कृति एवं पर्यटन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र सिंह लोधी, अपर मुख्य सचिव संजय दुबे, एडीजी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ सहित स्थानीय प्रशासन के अधिकारी राहत और बचाव कार्य में पूरी तत्परता के साथ जुट गए। हमारे राहत और बचाव दल ने लगभग 29 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला है, रेस्क्यू जारी है, अब तक 9 शव बरगी डैम से बाहर निकाले गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा में यह जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि क्रूज दुर्घटना अत्यंत दु:खद है, राज्य सरकार ने हादसे की जांच के निर्देश दिए हैं। ऐसी दुर्घटना से मन दु:खी है। सभी नागरिकों को बोटिंग के दौरान लाइफ सेविंग जैकेट अवश्य पहननी चाहिए, जिन्होंने लाइफ जैकेट का इस्तेमाल किया, वे सुरक्षित रहे। भविष्य में इस प्रकार के हादसे न हो, इसके लिए पर्यटन विभाग जांच कराई जाएगी। हादसे में जान गंवाने वालों के परिजन के प्रति हमारी पूरी संवेदनाएं हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रेस्क्यू टीम ने बहादुरी के साथ अपनी जान की परवाह किए बगैर कई लोगों को सुरक्षित बचाया है , जिन व्यक्तियों ने तत्परता के साथ राहत और बचाव कार्य में हिस्सा लिया, उन सभी बहादुर नागरिकों को स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त पर सम्मानिेत किया जाएगा।  

सोनम गवाहों को प्रभावित कर सकती है, शिलांग पुलिस जमानत रद्द कराने हाईकोर्ट जाएगी

 इंदौर बहुचर्चित इंदौर-टू-शिलांग हनीमून मर्डर केस में ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी हत्याकांड में मुख्य आरोपित सोनम को मिली जमानत रद करने के लिए शिलांग पुलिस मेघालय हाई कोर्ट जाएगी। दरअसल, शिलांग पुलिस का मानना है कि गंभीर प्रकृति के इस केस में सोनम इसकी मास्टरमाइंड है। जमानत मिलने से वह गवाहों को प्रभावित कर सकती है। उसकी जमानत को आधार बनाकर शेष आरोपित भी जमानत मांगने लगे हैं। पुलिस उन बिंदुओं को ही आधार बनाएगी, जिन बिंदुओं पर शिलांग की सत्र न्यायालय ने सोनम को जमानत दी। सरकारी वकील केशव गौतम ने भी इसकी पुष्टि की है। सूत्रों के अनुसार, शिलांग पुलिस अब इस मामले से जुड़े साक्ष्यों और तथ्यों को और मजबूती से प्रस्तुत करने की रणनीति बना रही है, ताकि हाईकोर्ट में जमानत आदेश को चुनौती दी जा सके। पुलिस सूत्रों ने बताया कि पुलिस उन बिंदुओं को ही आधार बनाएगी, जिन बिंदुओं पर शिलॉन्ग की सत्र न्यायालय ने सोनम को जमानत दी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार शिलॉन्ग पुलिस अब इस मामले से जुड़े साक्ष्यों और तथ्यों को और मजबूती से प्रस्तुत करने की रणनीति बना रही है, ताकि हाईकोर्ट में जमानत आदेश को चुनौती दी जा सके। वहीं सरकारी वकील केशव गौतम ने इस पूरे मामले को लेकर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है। जमानत के आधार पर उठे सवाल बता दें कि इंदौर शहर के सहकार नगर निवासी राजा रघुवंशी की हत्या के मामले में उसकी पत्नी सोनम को सशर्त जमानत मिली है। सत्र न्यायालय ने जमानत देते समय शिलांग की ईस्ट खासी हिल्स थाना पुलिस की जांच प्रक्रिया पर प्रश्न उठाए थे। दरअसल, न्यायालय ने पाया गया कि सोनम की गिरफ्तारी के अभिलेख में हत्या की वास्तविक धारा के बजाय असंगत धारा लगा दी गई। इसके साथ ही सोनम को गिरफ्तारी के समय आरोपित के रूप में उसके अपराध के बारे में भी नहीं बताया गया। इसे सत्र न्यायालय ने कानूनी प्रक्रिया की गंभीर खामी और संविधान में आरोपित को प्राप्त मौलिक अधिकार का उल्लंघन माना। यह भी पाया कि 10 माह में भी मामले की जांच कर रही एसआईटी जांच को पूरा नहीं कर सकी है। सारे गवाहों के बयान भी दर्ज नहीं किए गए हैं। राजा के भाई बोले- हम भी जाएंगे हाई कोर्ट इस बीच, राजा रघुवंशी के भाई विपिन रघुवंशी ने कहा है कि वह स्वयं भी सोनम की जमानत खारिज कराने के लिए मेघालय हाई कोर्ट में जाएंगे। इसके लिए याचिका दायर करेंगे। इसके लिए वकील से संपर्क कर लिया है। प्रक्रिया के लिए दस्तावेज भी पहुंचा दिए गए हैं। एक और अर्जी दायर करने की तैयारी में सोनम रघुवंशी शिलॉन्ग पुलिस सूत्रों ने बताया कि जमानत के बाद सोनम को वकील की मदद से शिलॉन्ग में किसी सुरक्षित जगह पर रखा गया है। कारण यह है कि सोनम कोर्ट की अनुमति के बगैर शिलॉन्ग नहीं छोड़ सकती है। वहीं, सूत्रों के अनुसार सोनम खुद शिलॉन्ग से बाहर जाने के लिए कोर्ट में अर्जी दायर कर सकती है। इसके लिए वह स्वयं पर हमले का खतरा होने का तर्क दे सकती है। बताया जा रहा है कि उसके वकील की तरफ से इस मामले में तैयारी की जा रही है। राज पर आज आ सकता है फैसला शिलॉन्ग पुलिस के राजफाश में सोनम के कथित प्रेमी राज कुशवाह की जमानत पर शुक्रवार को शिलॉन्ग के सत्र न्यायालय का फैसला आ सकता है। सोनम की जमानत को आधार बनाकर राज के वकील योबिन ने कोर्ट में अर्जी लगाई थी। बुधवार को बहस पूरी होने के बाद कोर्ट ने आदेश सुरक्षित रख लिया था। योबिन ने बताया कि हमने राज कुशवाहा के लिए जमानत याचिका दायर की थी और कोर्ट ने जमानत के आदेश को सुरक्षित रख लिया है अभी बस, इतना ही है। अन्य आरोपितों पर भी असर वहीं, शिलांग पुलिस के राजफाश में सोनम के कथित प्रेमी राज कुशवाह की जमानत पर शुक्रवार को शिलांग की सत्र न्यायालय का फैसला आ सकता है। सोनम की जमानत को आधार बनाकर राज के वकील योबिन ने कोर्ट में अर्जी लगाई है। बुधवार को बहस पूरी होने के बाद कोर्ट ने आदेश सुरक्षित रख लिया था। शिलांग से बाहर जाने की अर्जी दायर कर सकती है सोनम सोनम की रिहाई की इंदौर से ज्यादा शिलांग में चर्चा हो रही है। मई 2025 में हुई इस घटना से टूरिस्ट प्रभावित हुए थे। मेघालय सरकार को आगे आकर टूरिस्ट को सुरक्षा की गारंटी देनी पड़ी थी। बताया गया है कि जमानत के बाद सोनम को वकील की मदद से शिलांग में किसी सुरक्षित जगह पर रखा गया है। कारण यह है कि सोनम कोर्ट की अनुमति के बगैर शिलांग नहीं छोड़ सकती है। वहीं, सूत्रों के अनुसार, सोनम खुद शिलांग से बाहर जाने के लिए भी कोर्ट अर्जी दायर कर सकती है। इसके लिए वह स्वयं पर हमले का खतरा होने का तर्क दे सकती है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव से पूर्व मुख्यमंत्री सिंह ने की भेंट

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने मुख्यमंत्री निवास के समत्व भवन में भेंट कर प्रदेश में जारी गेहूँ उपार्जन के संबंध में चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उन्हें बताया कि गेहूँ उपार्जन के लिए अब तक 80 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूँ उपार्जन के लिए स्लॉट बुक हो चुके हैं, स्लॉट बुकिंग का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। प्रदेश के किसानों से गेहूँ उपार्जन के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। किसानों की सुविधा के लिए सभी संभव व्यवस्थाएं की गई हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि वे स्वयं भी उपार्जन प्रक्रिया पर लगातार निगरानी बनाए हुए हैं।  

राज्यपाल पटेल से मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की सौजन्य भेंट

भोपाल  राज्यपाल मंगुभाई पटेल से शुक्रवार को लोकभवन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सौजन्य भेंट की। राज्यपाल पटेल का पुष्प-गुच्छ भेंट कर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अभिवादन किया। राज्यपाल पटेल को मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य के विकास एवं जनकल्याण संबंधी विभिन्न विषयों पर जानकारी दी। दोनों के बीच अनौपचारिक चर्चा भी हुई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई, राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी मौजूद थे।  

मध्य प्रदेश में श्रमिकों को राहत: CM मोहन ने 600 करोड़ का ट्रांसफर किया, गिग वर्कर्स को भी लाभ

भोपाल   मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि श्रमिकों के हित में केन्द्र और राज्य सरकार की अनेक योजनाएं संचालित हैं। अब असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को भी संबल योजना का लाभ दिया जा रहा है। इनमें विभिन्न प्रकार की उपभोक्ता सामग्री पहुंचाने वाले गिग वर्कर्स और प्लेटफार्म वर्कर्स को भी शामिल किया गया है। उन्होंने प्रदेश में 3529 गिक वर्कर्स को पहली बार योजना का लाभ प्रदान करने के लिये विभाग की सराहना की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि इस क्षेत्र के पात्र श्रमिकों को पंजीकृत कर सहायता और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करवाना हम सभी का दायित्व है।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रालयीन बैठक कक्ष से सिंगल क्लिक द्वारा मुख्यमंत्री जन कल्याण (संबल) योजना में 27 हजार से अधिक श्रमिक परिवारों के लिए 600 करोड़ रुपए की अनुग्रह सहायता राशि  अंतरित करते हुए ये बातें कहीं। इस अवसर पर श्रम मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल भी उपस्थित थे। राशि अंतरण के अवसर पर प्रदेश के जिलों में स्थित प्रशासनिक अधिकारी, श्रमिक भाई और जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में श्रम स्टार रेटिंग की अनूठी पहल शुरू की गई है। इस व्यवस्था में औद्योगिक संस्थाओं द्वारा श्रमिकों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को सुनिश्चित करने का कार्य किया जा रहा है। श्रेष्ठ कार्य के लिए प्रतिष्ठानों को श्रम स्टार रेटिंग के माध्यम से आंकलन कर प्रोत्साहित किया जाएगा। इससे श्रम कानूनों का बेहतर पालन करने वाले औद्योगिक संस्थानों की विश्वसनीयता में वृद्धि होगी। प्रदेश में 554 कारखानों ने स्वेच्छा से श्रम स्टार रेटिंग की व्यवस्था को अपनाया है।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि श्रम विभाग, श्रम संगठनों के साथ ही नागरिकों का भी यह दायित्व है कि जिस प्रतिष्ठान से खरीदारी करते हैं, वहां श्रम स्टार रेटिंग की व्यवस्था लागू करने को प्रोत्साहित करें। ऐसे संस्थानों से उत्पाद क्रय करने और सेवाएं लेने को प्राथमिकता भी दी जाए जो श्रमिक भाइयों के अधिकारों और उनके कल्याण के लिए तत्पर रहते हैं।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केन्द्र सरकार ने 4 नई श्रम संहिताओं का प्रावधान किया है। राज्य सरकार भी इन संहिताओं के अनुरूप नियम तैयार कर लागू करेगी। श्रमिक हित में लागू की गई केन्द्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक श्रमिकों को दिलवाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संबल योजना में श्रेष्ठ प्रदर्शन वाले 5 जिलों बालाघाट, धार, सागर, जबलपुर और खरगौन की तरह अन्य जिलों से भी श्रमिकों को अनुग्रह सहायता देने के कार्य में सक्रिय प्रदर्शन की अपेक्षा की।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव की श्रमिक हितैषी नीतियों में श्रम एवं पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री श्री पटेल ने विश्वास व्यक्त कर श्रमिक कल्याण की प्राथमिकता के लिये आभार माना। मंत्री श्री पटेल ने बताया कि वर्ष 2018 में श्रमिकों के हित में प्रारंभ हुई योजना से अब तक एक करोड़ 83 लाख श्रमिक जुड़ चुके हैं। अब तक 8 लाख 27 हजार से अधिक प्रकरणों में 7 हजार 720 करोड़ रूपए से अधिक की सहायता हितग्राहियों को दी जा चुकी है।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रमिकों को राशि अंतरित किए जाने के अवसर पर श्रम विभाग के अपर सचिव श्री संजय कुमार को उनके सेवानिवृत्ति दिवस पर भावी जीवन के लिए मंगलकामनाएं दीं। बैठक में सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय  आलोक सिंह, श्रम विभाग के सचिव एम. रघुराज सहित अन्य अधिकारी इस अवसर पर उपस्थित थे।

पूर्णिमा पर घर-घर गूंजा गायत्री यज्ञ

पूर्णिमा पर घर-घर गूंजा गायत्री यज्ञ अखिल विश्व गायत्री परिवार बड़वानी  शांतिकुंज हरिद्वार के तत्वावधान में 1 मई 2026 बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर देशभर में गृह-गृह गायत्री महायज्ञ का आयोजन किया गया। प्रातः 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक लाखों घरों में एक साथ यज्ञ सम्पन्न हुए, जिनका उद्देश्य विश्व शांति, सर्वकल्याण, पर्यावरण संरक्षण, नशामुक्त भारत और राष्ट्र की अखंडता व सशक्तिकरण रहा। बड़वानी जिले में भी हजारों घरों में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक यज्ञ कर “स्वाहा इदं गायत्री इदं नमः” के मंत्रों से वातावरण को आध्यात्मिक बनाया। गायत्री परिवार के दिनेश चौधरी ने बताया कि बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर जिलेभर के साधकों ने पूरे समर्पण के साथ इस अभियान को सफल बनाने में सहभागिता की। युवा प्रकोष्ठ जिला समन्वयक लखन विश्वकर्मा ने जानकारी दी कि वर्ष 2026 परम वंदनीय माता भगवती देवी शर्मा का जन्म शताब्दी वर्ष है। इस अवसर पर गायत्री परिवार द्वारा लाखों घरों को “देव परिवार” बनाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसे जिले के कार्यकर्ता पूरी निष्ठा से पूर्ण कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि गायत्री और यज्ञ भारतीय संस्कृति के मूल आधार हैं और इनके माध्यम से जीवन को श्रेष्ठ दिशा मिलती है। वहीं,  जिला समन्यवक विक्रम जमरे ने बताया कि मातृ जन्म शताब्दी वर्ष के अंतर्गत गृह-गृह गायत्री महायज्ञ, देव स्थापना एवं दीप यज्ञ जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। कार्यक्रम से जुड़ने के लिए श्रद्धालुओं ने मोबाइल, पीडीएफ, वीडियो लिंक, यूट्यूब एवं हरिद्वार से लाइव प्रसारण के माध्यम से भी भागीदारी की। सभी तहसील प्रभारियों एवं कार्यकर्ताओं ने अपने-अपने क्षेत्रों में जनसंपर्क कर इस अभियान को सफलतापूर्वक संपन्न कराया। इन आयोजनों के माध्यम से परम पूज्य पं. श्रीराम शर्मा आचार्य के “मनुष्य में देवत्व का उदय और धरती पर स्वर्ग का अवतरण” के संकल्प को साकार करने का प्रयास किया जा रहा है।