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भोपाल-इंदौर मेट्रो में 27 अप्रैल से ऑटोमैटिक फेयर कलेक्शन सिस्टम की शुरुआत, रिचार्ज पर मिलेगी छूट

भोपाल/इंदौर  भोपाल और इंदौर के मेट्रो स्टेशन पर अब ऑटोमैटिक फेयर कनेक्शन सिस्टम शुरू हो रहा है। 27 अप्रैल से यात्रियों को मैन्युअली की जगह ऑनलाइन तरीके से ही टिकट मिलेगी। वहीं, टिकट और वॉलेट रिचार्ज पर छूट भी दी जाएगी।मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (MPMRCL) इस सिस्टम की शुरुआत करने जा रही है। भोपाल और इंदौर में ऑटोमैटिक फेयर कलेक्शन सिस्टम (AFC) शुरू किया जा रहा है। इसके साथ ही मेट्रो यात्रियों को विशेष रियायत दी जाएगी। टिकट पर ये मिलेगी छूट राउंड ट्रिप (आवागमन) टिकट पर कुल किराए में 5 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। इससे उन यात्रियों को विशेष लाभ मिलेगा जो एक ही दिन में आवागमन करते हैं। ग्रुप में यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए भी विशेष प्रावधान किया गया है। समूह टिकट पर कुल किराए में 10 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। यह सुविधा (एकल समूह टिकट पर) न्यूनतम 8 एवं अधिकतम 40 यात्रियों के समूह के लिए उपलब्ध होगी। MP Metro एप पर वॉलेट रिचार्ज पर अतिरिक्त बचत मेट्रो के आधिकारिक मोबाइल एप MP Metro के माध्यम से यात्री क्यूआर टिकट बुक कर सकेंगे। इस एप के वॉलेट रिचार्ज पर विशेष रियायत दी जाएगी। मोबाइल एप के माध्यम से टिकट प्राप्त करने पर यात्रियों का समय भी बचेगा। इस तरह से मिलेगी रिचार्ज स्लैब में छूट 200 से 499 रुपए के टिकट पर 8 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। 500 से 999 के टिकट पर 10% की छूट मिलेगी। 1000 से 1499 रुपए पर 12% और 1500 से 2000 में 15% की छूट दी जाएगी। राउंड ट्रिप और ग्रुप टिकट पर विशेष छूट मेट्रो के अनुसार अब राउंड ट्रिप (आने-जाने) का टिकट एक साथ लेने पर यात्रियों को कुल किराए में पांच प्रतिशत की छूट मिलेगी। यह उन लोगों के लिए फायदेमंद होगा जो रोजाना मेट्रो से सफर करते हैं। वहीं समूह में यात्रा करने वालों के लिए 10 प्रतिशत की छूट का प्रावधान किया गया है। यह सुविधा कम से कम आठ और अधिकतम 40 यात्रियों के समूह को एक ही टिकट पर मिलेगी। एमपी मेट्रो मोबाइल ऐप के वॉलेट रिचार्ज पर अलग-अलग स्लैब में छूट दी जाएगी। यात्री ऐप के माध्यम से क्यूआर टिकट बुक कर अपना समय भी बचा सकेंगे। ऐप वॉलेट रिचार्ज पर 15 प्रतिशत तक की बचत एमपी मेट्रो ऐप के वॉलेट रिचार्ज पर यात्रियों को शानदार बचत का मौका मिलेगा। इसके लिए निम्नलिखित स्लैब तय किए गए हैं- 200 से 499 रुपये के रिचार्ज पर: आठ प्रतिशत 500 से 999 रुपये के रिचार्ज पर: 10 प्रतिशत 1000 से 1499 रुपये के रिचार्ज पर: 12 प्रतिशत 1500 से 2000 रुपये के रिचार्ज पर: 15 प्रतिशत टिकटिंग के मिलेंगे दो विकल्प यात्री अपनी सुविधा के अनुसार पेपर क्यूआर या मोबाइल क्यूआर टिकट चुन सकते हैं। पेपर क्यूआर टिकट स्टेशन के काउंटर से नकद या यूपीआई के माध्यम से मिलेंगे, जबकि मोबाइल क्यूआर टिकट एमपी मेट्रो ऐप से खरीदे जा सकेंगे। यह ऐप गूगल प्ले स्टोर और ऐपल स्टोर दोनों पर उपलब्ध है। ध्यान रहे कि ऐप के वॉलेट में जमा राशि का उपयोग केवल टिकट खरीदने के लिए ही किया जा सकेगा और यह राशि वापस नहीं होगी। टिकटिंग के प्रकार : पेपर QR और मोबाइल QR     यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए टिकटिंग के विभिन्न विकल्प उपलब्ध कराए गए हैं। पेपर क्यूआर टिकट, टाम (टिकट काउंटर)/ईएफओ (ग्राहक सेवा केंद्र) रूम से नकद या यूपीआई के माध्यम से प्राप्त किए जा सकते हैं।     मोबाइल क्यूआर टिकट MPMRCL के आधिकारिक मोबाइल एप्प “MP Metro” के माध्यम से डिजिटल भुगतान द्वारा आसानी से खरीदे जा सकेंगे। MP Metro मोबाइल एप्प एंड्रॉयड (Google Play Store) एवं iOS (Apple App Store) दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है।     MPMRCL वॉलेट में जमा की गई राशि का उपयोग केवल मेट्रो टिकट खरीद के लिए ही किया जा सकेगा और यह राशि किसी भी स्थिति में वापस नहीं की जाएगी।  

क्रांतिवीर राजाओं और जनजातीय योद्धाओं के स्मरण का महापर्व है शौर्य यात्रा

भोपाल.  अखिल भारतीय लोधी, लोधा, लोध क्षत्रिय महासभा मध्यप्रदेश, नर्मदा टाईगर हिरदेशाह शोध संस्था तथा गोंड महासभा के तत्वावधान में 28 अप्रैल 2026 को नर्मदा टाईगर हिरदेशाह लोधी के बलिदान दिवस पर शौर्य यात्रा का आयोजन भोपाल के जम्बूरी मैदान पर आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव होंगे। प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास, श्रम, मंत्री प्रहलाद पटेल कार्यक्रम की अध्‍यक्षता करेंगे।  अखिल भारतीय लोधी, लोधा, लोध क्षत्रिय महासभा के प्रदेश अध्यक्ष, पूर्व मंत्री जालम सिंह पटेल एवं पूर्व विधायक एवं युवा राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष प्रध्युम्न सिंह लोधी ने संयुक्त पत्रकार वार्ता में इस वृहद आयोजन की जानकारी दी। जालम सिंह पटेल ने कहा कि यह आयोजन इतिहास की अनदेखी का शिकार उन क्रांतिवीर राजाओं और जनजातीय योद्धाओं के स्मरण का महापर्व है जिनके बलिदान से आजादी की नींव रखी जा सकी लेकिन उनके योगदान को इतिहासकारों के पूर्वाग्रहों ने गुमनाम बना दिया। 1857 में देश के पहले स्वतंत्रता संग्राम से पहले ही 1842 में पिछड़े, दलित और आदिवासी राजाओं ने ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ बगावत का बिगुल फूंक दिया था। इस विद्रोह का नेतृत्व हीरापुर के बहादुर नर्मदा टाईगर हिरदेशाह लोधी ने किया, बड़ी संख्या में बुंदेला राजा और योद्धा इस संघर्ष में जुड़ते गए। गोंड और राजगोंड राजाओं ने भी इस विद्रोह में अंग्रेजों के हौसले को पस्त किया। करीब दो साल चला यह संघर्ष आपसी दगाबाजी तथा प्रमुख राजाओं और उनके परिजनों को फांसी दिए जाने से कमजोर पड़ गया। अंग्रेजों के खिलाफ यह पहला सशस्त्र विद्रोह था लेकिन इतिहासकारों ने इसे स्वतंत्रता आंदोलन का गौरव नहीं बनने दिया। जालम सिंह पटेल ने बताया कि ब्रिटिश हुकूमत ने देश में जमीनों को हड़पने के लिए तीन काले कानून बनाकर लागू किए थे। किसानों से उनकी आय का 6 से 30 गुना तक लगान वसूला जाने लगा था, जमीन को सिकमी पर देने के लिए भी रोक लगा दी गई थी इस कानून का उल्लंघन करने पर जमीन राजसात कर ली जाती थी, मृत्यु के बाद जमीन का नामांतरण बंद कर दिया गया था और जमीन राजसात की जाने लगी थी। 1834 में 5 साल के लिए लाए गए कानून को बाद में 20 साल के लिए बढ़ा दिया गया इन कानूनों ने साधारण किसानों के साथ जमीदारों और राजाओं के लिए भी अपनी जमीन बचाना मुश्किल कर दिया था। नर्मदा टाईगर हिरदेशाह लोधी ने इन कानूनों के खिलाफ दलित, पिछड़े और आदिवासी राजाओं को एकजुट कर क्रांति का शंखनाद किया। अंग्रेजों की फौज ने नर्मदा टाइगर के नाम से विख्यात नर्मदा टाईगर हिरदेशाह की गिरफ्तारी पर दस हजार का इनाम घोषित था। बड़े इनाम के लालच में शाहगढ़ के बखतबली बुंदेला ने दिसंबर 1843 को उन्हें धोखे से गिरफ्तार करा दिया। नर्मदा टाईगर हिरदेशाह को नौ महीने तक चुनार जेल में रखा गया। 1857 के विद्रोह में उनके भाई गजराज सिंह लोधी को फांसी की सजा दी गई। नर्मदा टाईगर हिरदेशाह 28 अप्रैल 1858 को शहीद हुए। बुंदेला विद्रोह में गोंड राजा डेलन शाह ने बड़ी कुर्बानी दी। डेलन शाह को जिंदा या मुर्दा पकड़ने के लिए अंग्रेजों ने 2000 रुपए इनाम घोषित किया था। डेलन शाह को पकड़ पाने में नाकाम अंग्रेजों की फौज ने उनके परिवार पर कहर बरपाया। 17 जनवरी 1858 को डेलन शाह के 16 परिवार सदस्यों और साथियों को एक साथ फांसी दे दी गई इसमें उनका पांच साल का पोता भी शामिल था। इसी दिन डेलन शाह के चार अन्य परिजनों को गोली मारी गई। डेलन शाह इस अन्याय से टूट गये और गिरफ्तार कर लिए गए। इन्हें 16 मई 1858 को फांसी दी गई। मदनपुर के गोंड राजा नरवर शाह पर एक हजार इनाम घोषित था, इनकी जेल में रहते मौत हुई। मधुकर शाह बुंदेला को फरवरी 1844 में नरहट सागर में फांसी दी गई। दीवान गजराज सिंह को 29 नवंबर 1857 को चडालगढ़ जबलपुर में फांसी दी गई। अंग्रेजों ने अनेक वीरों पर भारी भरकम इनाम घोषित किया था, सावंत सिंह पर 5000 का इनाम, चंद्रपुर के दीवान जवाहर सिंह पर 10000, राजा पारीक्षत जैतपुर पर 10000, दीवान बहादुर सिंह,  गणेश जू, सागर के लक्ष्मण सिंह, पहलवान सिंह पर पांच-पांच शहर का इनाम घोषित किया गया गोकुल सिंह, दरियाव सिंह, पंचम सिंह और गणेश जू पर 3000 आदमपुर के शाह पर ₹2000 के नाम घोषित थे। इन वीरों का नाम अमर है लेकिन इतिहास इनका उल्लेख नहीं करता। नर्मदा टाईगर हिरदेशाह लोधी शोध संस्था द्वारा अब लगातार ऐतिहासिक तथ्यों को एकत्रित कर देश के सामने लाया जा रहा है। कार्यक्रम में दीदी उमा भारती (पूर्व मुख्‍यमंत्री), धर्मेन्‍द्र भाव सिंह लोधी (राज्‍यमंत्री), राहुल सिंह (सांसद), विपिन कुमार वर्मा डेविड (विधायक), कमलेश प्रताप शाह (विधायक), प्रेम शंकर वर्मा (विधायक), प्रहलाद सिंह लोधी (विधायक), प्रीतम सिंह लोधी (विधायक), नीरज सिंह लोधी (विधायक), वीरेन्‍द्र सिंह लोधी (विधायक), अनुभा मुंजारे (विधायक), दीदी रामसिया भारती (विधायक), राजकुमार कर्राहे (विधायक), राजा कौशलेन्‍द्र सिंह जूदेव लोधी (वंशज, नर्मदा टाईगर हिरदेशाह लोधी), ठाकुर राम कुमार सिंह (वंशज, गोंड राजा नरवर शाह) शामिल होंगे। अखिल भारतीय लोधी लोधा लोध महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष, एटा उत्तर प्रदेश के विधायक विपिन वर्मा डेविड कार्यक्रम में हिस्सा लेने विशेष रूप से भोपाल आ रहे हैं। आजादी की लड़ाई के इन महानायकों को श्रृद्धा सुमन अर्पित करने प्रदेश भर के लोधी समाज और गोंड समाज के लोग बड़ी संख्या में भोपाल आएंगे। देश के अनेक हिस्सों से समाज के प्रतिनिधि भोपाल के शौर्य समागम में हिस्सा लेंगे।

हर जरुरतमंद को मिलेगा सरकारी योजनाओं का लाभ : मंत्री तोमर

भोपाल. जन-जन की सेवा ही मध्यप्रदेश की सरकार का मूलमंत्र है और इसे साकार करते हुए ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने शनिवार को अपने रेसकोर्स रोड स्थित 38 नम्बर सरकारी कार्यालय पर आयोजित जनसुनवाई के दौरान समस्याओं को सुना और उनका त्वरित निदान किया। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि आपका यह सेवक जिस मुकाम पर है, वह आप सभी के आशीर्वाद का ही प्रतिफल है। उन्होंने कहा कि सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है। यह उनका हक है, जो मध्यप्रदेश की कर्मशील सरकार द्वारा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हर जरुरतमंद के चेहरे पर खुशहाली लाना प्रदेश सरकार का संकल्प है। इसकी पूर्ति के लिए हम सभी को मिलकर प्रयास करने होंगे। ऊर्जा मंत्री तोमर ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अंतिम छोर के अंतिम व्यक्ति तक सरकार की योजनाओं का लाभ पहुंचे इसके लिए हर जिला, तहसील स्तर पर जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। इस दिशा में सरकार सतत प्रयत्नशील है। जन सेवा ही हमारा संकल्प है। उन्होंने दोहराया कि हर जरुरतमंद के चेहरे पर खुशहाली लाना ही हमारा लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि विकास का यह सिलसिला अभी थमने वाला नहीं है। शहर के प्रत्येक नागरिक को अच्छी शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवा मुहैया कराना ही शासन की प्राथमिकता है। ऊर्जा मंत्री तोमर ने आहवान किया कि हम सब मिलकर यह संकल्प लें कि अपने जीवन में स्वच्छता को अपनाएंगे और एक नया स्वस्थ, हरा-भरा, नशा मुक्त समाज बनाएंगे। उन्होंने कहा कि हमें अपने शहर को साफ और सुंदर बनाने के लिए साथ मिलकर अपना सहयोग देना होगा। उन्होंने मौजूद प्रशासन, नगर निगम, विद्युत विभाग से सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर आवेदक की समस्या का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करें।  

एमपी ट्रांसको ने दमोह की पारेषण व्यवस्था को किया सशक्त

भोपाल.  ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) ने दमोह जिले की विद्युत पारेषण प्रणाली को और अधिक मजबूत एवं विश्वसनीय बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। एम पी ट्रांसको द्वारा 220 केवी सब स्टेशन, दमोह में क्षमता वृद्धि करते हुए 43 वर्ष पुराने 20 एमवीए पावर ट्रांसफार्मर के स्थान पर 50 एमवीए का नया पावर ट्रांसफार्मर स्थापित कर ऊर्जीकृत किया गया है। इससे सब स्टेशन की क्षमता बढ़कर 650 एम वी ए की हो गई है। विद्युत आपूर्ति की गुणवत्ता और स्थिरता में होगा सुधार मंत्री तोमर ने बताया कि लगभग 5 करोड रुपये की अनुमानित लागत के इस अपग्रेडेसन से दमोह जिले में विद्युत आपूर्ति की गुणवत्ता और स्थिरता में उल्लेखनीय सुधार होगा। बढ़ती विद्युत मांग को ध्यान में रखते हुए किया गया यह कार्य न केवल वर्तमान जरूरतों को पूरा करेगा, बल्कि भविष्य की मांग के अनुरूप भी पर्याप्त क्षमता उपलब्ध कराएगा। इस क्षमता वृद्धि से दमोह जिले सहित आसपास के क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति अधिक निर्बाध और विश्वसनीय हो सकेगी। दमोह जिले की क्षमता हुई 1083 एमवीए एमपी ट्रांसको के अधीक्षण अभियंता एम वाय मंसूरी ने बताया कि दमोह जिले की कुल स्थापित ट्रांसफार्मेशन कैपेसिटी बढकर 1083 एमवीए हो गई है। दमोह जिले में एमपी ट्रांसको अपने छह सब स्टेशनों के माध्यम से विद्युत पारेषण करती है जिसमें 220 केवी सब स्टेशन दमोह के अलावा एवं 132 केवी के 5 सब स्टेशन दमोह 132 केवी 90 एमवीए, बटियागढ़ 90 एमवीए, हटा 113 एमवीए, पटेरा 50 एमवीए एवं तेजगढ़ 90 एमवीए शामिल हैं।  

विकसित समाज वही, जहां देश के विकास में हो दिव्यांगजनों की बराबर भागीदारी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि दिव्यांगता का अर्थ दुर्बलता कतई नहीं है। शक्ति शारीरिक क्षमता से नहीं, इच्छाशक्ति से आती है। परमेश्वर ने दिव्यांगजनों को विशेष गुण देकर औरों से सशक्त बनाया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एक सच्चा विकसित समाज वही है, जहां दिव्यांगजन सिर्फ़ सहानुभूति के नहीं, वरन् देश के विकास में बराबरी, सम्मान, समान हक और अवसरों के अधिकारी हों। दिव्यांगजनों के अधिकारों और अवसरों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि दिव्यांग, दिव्य शक्ति के दिव्य अंश हैं। देश की प्रगति के अभिन्न अंग भी हैं। हम अपनी पूरी संवेदनाओं के साथ दिव्यांगजनों के हितों के प्रति संवेदनशील हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्र और राज्य सरकार द्वारा दिव्यांगजनों के कल्याण के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में विशिष्ट दिव्यांगता पहचान पत्र, शासकीय नौकरियों में 4 प्रतिशत आरक्षण, हर विभाग में समान अवसर के लिए पृथक प्रकोष्ठ (सेल), सार्वजनिक एवं शासकीय भवनों में सहज और सुगम आवागमन के लिए रैंप, वॉशरूम्स का इंतजाम, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, जरूरत के मुताबिक सहायक उपकरणों का वितरण, सामाजिक एकीकरण को बढ़ावा देने के लिए विवाह प्रोत्साहन जैसी अनेक योजनाएं प्रभावी रूप से लागू की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की संस्थाओं में अतिथि शिक्षकों को वर्ग-1 के समान हर महीने 18 हजार रुपये मानदेय देने का निर्णय लिया है। दिव्यांगजनों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए हमने टोल-फ्री हेल्पलाइन भी शुरू की है। प्रदेश में दिव्य मेलों का आयोजन कर दिव्यांगजनों को उनकी नैसर्गिक प्रतिभा के प्रदर्शन के लिए मंच भी उपलब्ध कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नज़र का नहीं, नज़रिए का कमाल होता है। जो अपनी कमी को भी ताकत बना लेता है, वही संसार में नया इतिहास रचता है। हमारे समाज में ऐसे अनेक दिव्यांगजन हुए हैं, जिन्होंने कवि, टीकाकार, लेखक, वैज्ञानिक, व्यवसायी, उद्यमी, शिक्षक, कलाकार और विचारक बनकर समाज में अग्रणी भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार दिव्यांगजनों के सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक और सांस्कृतिक सशक्तिकरण के लिए कृत संकल्पित है। राज्य में विभिन्न संस्थानों के माध्यम से संकेत भाषा प्रशिक्षण, मानसिक स्वास्थ्य पुनर्वास और कौशल विकास के क्षेत्र में निरंतर काम हो रहा है। दिव्यांगजनों के जीवन में खुशहाली लाने के लिए समाज की भागीदारी से एक व्यापक रोडमैप तैयार करने की आवश्यकता है और हमारी सरकार इसी दिशा में काम कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दिव्यांगता से जुड़े विषयों के अध्ययन-अध्यापन, शोध एवं पुनर्वास संबंधी गतिविधियों के लिए भोपाल शहर देश के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभर रहा है। यहां दिव्यांगजनों के हितार्थ नई नीतियां भी बन रही हैं और उन्हें धरातल पर भी उतारा जा रहा है। विशेषकर मानसिक स्वास्थ्य और पुनर्वास के क्षेत्र में सीहोर शहर में NIMHR जैसे राष्ट्रीय संस्थानों के सहयोग से मध्यप्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है। हम देश को दिव्यांगजन कल्याण की नई दिशा भी दे रहे हैं। देश के साथ-साथ मध्यप्रदेश में भी दिव्यांगजनों के समावेशन और सशक्तिकरण के लिए इको-सिस्टम को और मजबूत किया जा रहा है। सांकेतिक भाषा अनुसंधान एवं प्रशिक्षण हो, मानसिक स्वास्थ्य पुनर्वास या खेल प्रशिक्षण जैसे विभिन्न क्षेत्रों में देश के कई राज्य और राष्ट्रीय स्तर के संस्थान भी पूरे समर्पण से काम कर रहे हैं। दिव्यांगजनों की देखभाल करने वालों के कल्याण और उनके मानसिक स्वास्थ्य की ओर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। दिव्यांगजनों के बाधारहित जीवन के लिए राज्य सरकार द्वारा बीते 2 सालों में किए गए प्रमुख कार्य प्रदेश में सभी शासकीय एवं अशासकीय राज्य अनुदान प्राप्त विशेष विद्यालयों के 3 कक्षों को स्मार्ट क्लास के रूप में तैयार कर कुल 168 स्मार्ट क्लास तैयार किये गए। प्रदेश में श्रवणबाधित दिव्यांगजनों की संवाद संबंधी कठिनाईयों को दूर करने के लिए लाईव इंटरप्रिटर की सुविधा QR Code के माध्यम से प्रारंभ की गई है। दिव्यांगजनों के हित में संचालित विभिन्न योजनाओं के संबंध में मार्गदर्शन एवं दिव्यांगजनों की विभिन्न कठिनाईयों/समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए टोल फ्री हेल्पलाईन नं (1800-233-4397) का संचालन किया जा रहा है। सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की योजनाओं एवं दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 एवं नियम 2017 पर दृष्टिबाधित दिव्यांगजनों के लिए ब्रेल लिपि में बुकलेट तैयार की गई। दिव्यांगजनों को विशेष भर्ती अभियान के तहत गत वित्तीय वर्ष में मध्यप्रदेश के सभी विभागों द्वारा अक्टूबर 2025 तक लगभग 2589 दिव्यांगजनों को शासकीय पदों पर नियुक्ति पत्र दिए गए। दिव्यांगजन अधिनियम-2016 अनुसार, निराश्रित निधि से दिव्यांगजन खेल प्रोत्साहन लक्ष्य अन्तर्गत श्री सतेन्द्र लोहिया एवं श्री रामबरन पाल, प्रत्येक को इंग्लिश चैनल स्विमिंग प्रतियोगिता के लिए 5-5 लाख रुपये प्रोत्साहन राशि दी गई। प्रदेश में 1 से 18 वर्ष के दिव्यांगजनों के पहली बार चिन्हांकन के लिए स्क्रीनिंग कैंप आयोजित किए गए। मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह सहायता योजनांतर्गत कुल एक लाख 52 हजार 353 हितग्राहियों को कुल 83844.39 लाख रुपये सहायता राशि दी गई। मुख्यमंत्री कल्याणी विवाह सहायता योजना में 1 हजार 620 कल्याणियों को 3 हजार 240 लाख रुपये की सहायता राशि दी गई। मुख्यमंत्री सेवा पखवाड़ा अभियान: 2025 के अंतर्गत प्रदेश के विभिन्न जिलों में चिंहित दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग/सहायक उपकरण वितरण के लिए राशि 6 करोड़ 52 लाख 45 हजार रुपये भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम संस्थान को  गई। नशामुक्त भारत अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रदेश के सभी जिलों से कुल 570 मास्टर ट्रेनर्स का 2 दिवसीय राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम भोपाल में किया गया। प्रदेश में नशा मुक्ति का वातावरण तैयार करने के लिए युवाओं, छात्र-छात्राओं एवं आमजन में नशामुक्ति जनजागरूकता के लिए नशामुक्त्ति पर आधारित 4 वीडियो बनाये गये। नशे से पीड़ित व्यक्तियों के उपचार के लिए व्यसन उपचार केन्द्र (ATF – Addiction Treatment Facility) प्रदेश के 10 जिला चिकित्सालयों/मेडिकल कॉलेजेस में संचालित किए गए। ''विकसित भारत का मंत्र, भारत हो नशे से स्वतंत्र" अंतर्गत देशव्यापी कार्यक्रम MyGov.in पोर्टल पर e-Pledge (नशामुक्ति संकल्प) में मध्यप्रदेश की सर्वाधिक 33 प्रतिशत (46236) की भागीदारी रही। दिसम्बर 2023 से अक्टूबर 2025 के दरमियान प्रदेश में एक लाख 58 हजार 297 दिव्यांगजनों के UDID कार्ड बनाये गये।  

एमपी से प्रमुख शहरों के टिकट महंगे हुए, युद्ध का असर: एयर टिकट में 25% से ज्यादा बढ़ोतरी

इंदौर  मध्य प्रदेश से देश के प्रमुख शहरों के लिए हवाई यात्रा अब पहले से काफी महंगी हो गई है। ईरान-इजराइल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का असर अंतरराष्ट्रीय बाजार पर पड़ा है, जिससे कच्चे तेल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में तेज उछाल आया है। इसका सीधा प्रभाव एयर टिकट पर देखने को मिल रहा है, जहां किराए 20 से 25 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं। इंदौर समेत राज्य के अन्य शहरों से मुंबई, दिल्ली, बैंगलोर और जयपुर जाने वाले यात्रियों को अब अधिक खर्च करना पड़ रहा है। एयरलाइंस कंपनियों ने बढ़ती लागत को देखते हुए फ्यूल सरचार्ज भी लागू कर दिया है। इसके साथ ही समर शेड्यूल के बाद कई सीधी उड़ानों के बंद होने से यात्रियों की परेशानी और बढ़ गई है। अब लोगों को कनेक्टिंग फ्लाइट्स का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे समय और खर्च दोनों बढ़ रहे हैं। अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव का असर अब भारत के आम नागरिकों की जेब पर भी साफ दिखाई देने लगा है। इस वैश्विक तनाव ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतें बढ़ा दी हैं। इसका सीधा असर हवाई किरायों पर पड़ रहा है। इंडिगो और एयर इंडिया जैसी एयरलाइंस ने लागत बढ़ने के चलते ‘फ्यूल सरचार्ज’ लागू कर दिया है। इसके बाद से ही मध्य प्रदेश सहित देशभर में फ्लाइट टिकट 15 से 20% तक महंगे हो गए हैं। मार्च के अंत से लागू समर शेड्यूल के बाद इंदौर से कई शहरों की सीधी फ्लाइट्स बंद हो गई हैं। जिसके कारण यात्रियों को अब कनेक्टिंग फ्लाइट्स लेनी पड़ रही हैं, जिससे समय और खर्च दोनों बढ़ गए हैं। बढ़े हुए किराये की वजह से कई लोग अब ट्रेन या दूसरे विकल्प चुन रहे हैं। इस महंगाई का असर समर वेकेशन प्लान पर भी पड़ा है। ट्रैवल एजेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़) के चेयरमैन हेमेंद्र सिंह जादौन के अनुसार यदि अंतरराष्ट्रीय हालात नहीं सुधरे और एटीएफ सस्ता नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में किराए और बढ़ सकते हैं। इंदौर से मुंबई का किराया 2000 तक बढ़ा इंदौर से चलने वाली घरेलू और अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट्स के किराए में औसतन 20% तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कुछ रूट्स पर यह और ज्यादा है। उदाहरण के तौर पर इंदौर से मुंबई का किराया 4500 रुपए से बढ़कर करीब 6500 रुपए तक पहुंच गया है। कोलकाता जाने वाला किराया सबसे ज्यादा बढ़ा है। जहां पहले टिकट 6500-7500 रुपए में मिल जाता था, वहीं अब 8500 से 12,000 रुपए तक पहुंच गया है। ट्रैवल एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इस रूट पर कम प्रतिस्पर्धा और ज्यादा मांग की वजह से किराए तेजी से बढ़े हैं। किराए में बढ़ोतरी इंदौर से उड़ान भरने वाले यात्रियों पर इस समय सबसे ज्यादा असर देखा जा रहा है। मुंबई का किराया जहां पहले करीब 4500 रुपए था, अब बढ़कर 6500 रुपए तक पहुंच गया है। कोलकाता रूट पर सबसे ज्यादा उछाल दर्ज किया गया है। पहले जहां टिकट 6500 से 7500 रुपए के बीच मिलता था, अब यह 8500 से 12,000 रुपए तक पहुंच चुका है। कनेक्टिविटी पर असर मार्च के अंत से लागू समर शेड्यूल के बाद कई शहरों के लिए सीधी उड़ानें बंद हो गई हैं। इसका असर यात्रियों की सुविधा पर पड़ा है। अब यात्रियों को कनेक्टिंग फ्लाइट्स लेनी पड़ रही हैं, जिससे यात्रा लंबी और महंगी हो गई है। इसका असर खासतौर पर गर्मी की छुट्टियों की यात्रा योजनाओं पर दिख रहा है। इंटरनेशनल फ्लाइट्स में 35% तक उछाल खाड़ी देशों के ऊपर से गुजरने वाले कई हवाई मार्ग प्रभावित हुए हैं। रूट डायवर्जन के कारण दूरी और ईंधन खर्च बढ़ा है। इसका असर इंटरनेशनल टिकट पर ज्यादा दिख रहा है, जहां किराए में 30-35% तक उछाल दर्ज किया गया है। कई फ्लाइट बंद हो गई किराया बढ़ने के साथ-साथ इंदौर के हवाई यात्रियों के लिए एक और बड़ी समस्या कनेक्टिविटी की कमी के रूप में सामने आई है। मार्च के अंत से लागू हुए नए समर शेड्यूल के कारण इंदौर से कई प्रमुख शहरों की सीधी उड़ानें बंद कर दी गई हैं। सीधा संपर्क टूटने की वजह से यात्रियों को कनेक्टिंग फ्लाइट्स का सहारा लेना पड़ रहा है, जो समय और पैसा दोनों के लिहाज से काफी महंगा पड़ रहा है। अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर असर सिर्फ घरेलू नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के किराए में भी भारी बढ़ोतरी हुई है। इंटरनेशनल टिकट 30 से 35 प्रतिशत तक महंगे हो गए हैं।खाड़ी देशों के ऊपर से गुजरने वाले हवाई मार्गों में बदलाव के कारण दूरी और ईंधन खर्च बढ़ गया है, जिससे किराए में यह उछाल आया है। फिलहाल एमपी एयर टिकट महंगे होने का असर साफ दिख रहा है और यात्रियों को अपने बजट और यात्रा योजना में बदलाव करना पड़ रहा है।

खजुराहो और नौगांव बने सबसे गर्म, ग्वालियर-उज्जैन में लू का अलर्ट, 20 शहरों में हीटवेव की चेतावनी

भोपाल मध्य प्रदेश में इन दिनों गर्मी का असर साफ तौर पर दिखाई दे रहा है। सुबह होते ही सूरज की किरणें तीखी हो जाती हैं और जैसे-जैसे दिन बढ़ता है, गर्मी और ज्यादा परेशान करने लगती है। दोपहर के समय हालात ऐसे हो जाते हैं कि बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है। ज्यादातर जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ है। IMD ने ग्वालियर, उज्जैन समेत 20 से ज्यादा जिलों में लू की चेतावनी जारी की है। स्कूलों की छुट्‌टी नहीं, गर्मी से बच्चे परेशान तेज गर्मी के बावजूद भोपाल समेत कई जिलों में स्कूलों की छुट्टियां घोषित नहीं की गई हैं। हालांकि, कुछ जगहों पर स्कूल का समय कम जरूर किया गया है, लेकिन बच्चे अब भी दोपहर में ही घर लौटते हैं। इस दौरान उन्हें तेज धूप और गर्म हवाओं का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उनकी सेहत पर असर पड़ने की आशंका है। मौसम विभाग ने प्रदेश के 20 से ज्यादा जिलों में हीटवेव यानी लू चलने की चेतावनी जारी की है। ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, उज्जैन, रतलाम, धार और अलीराजपुर जैसे जिलों में लू का असर ज्यादा रहेगा। इसके अलावा अन्य जिलों में भी तेज गर्मी बनी रहेगी और तापमान 40 डिग्री से ऊपर रहने का अनुमान है। प्रदेश के उत्तर और पश्चिमी हिस्सों में गर्म हवाओं का असर लगातार बढ़ रहा है. मौसम विभाग के अनुसार, तापमान में 2 से 4 डिग्री तक और बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे हीटवेव की स्थिति और गंभीर होगी. विशेषज्ञों का कहना है कि यह दौर स्वास्थ्य के लिहाज से बेहद संवेदनशील है, खासकर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों के लिए. ऐसे में प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके. लगातार बढ़ती गर्मी से हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और थकान के मामले बढ़ सकते हैं. अस्पतालों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं।  कहां कितना तापमान, 20 जिलों लू चल रही राज्य के कई शहरों में तापमान सामान्य से ऊपर पहुंच गया है. खजुराहो और नौगांव सबसे गर्म रहे, जहां तापमान 43 डिग्री के करीब दर्ज किया गया. ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, उमरिया, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, रतलाम, उज्जैन, झाबुआ, धार और आलीराजपुर में लू का अलर्ट है. मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिन बेहद अहम हैं. अगर तापमान इसी तरह बढ़ता रहा, तो कई जिलों में गंभीर हीटवेव की स्थिति बन सकती है।  हीटवेव का बढ़ता खतरा, लू और तेज हवाओं का अलर्ट मौसम विभाग ने साफ संकेत दिए हैं कि अगले कुछ दिनों में हीटवेव और तेज हो सकती है. उत्तर और पश्चिमी मध्य प्रदेश ज्यादा प्रभावित रहेंगे. मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के लिए लू चलने की चेतावनी जारी की है. कुछ क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ 30 से 40 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और हल्की बारिश की संभावना जताई गई है. शनिवार को अधिकतम तापमान 42 डिग्री के आसपास रहने का अनुमान है।  दोपहर की गर्मी से बचें, ज्‍यादा पानी पीएं  विशेषज्ञों के अनुसार साफ आसमान, तेज धूप और शुष्क हवाएं तापमान बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रही हैं. बारिश या बादलों की कमी से राहत मिलने की संभावना फिलहाल कम है. दोपहर के समय बाहर निकलने से बचें. ज्यादा पानी पिएं. हल्के कपड़े पहनें और धूप से बचाव करें।  खजुराहो और नौगांव बने सबसे गर्म शहर प्रदेश में सबसे ज्यादा गर्मी छतरपुर जिले में दर्ज की गई है। खजुराहो में तापमान 43.9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो 44 डिग्री के करीब है। वहीं नौगांव में 43.5 डिग्री दर्ज किया गया। इसके अलावा रतलाम, सतना, टीकमगढ़, दमोह और मंडला जैसे जिलों में भी पारा 42 डिग्री से ऊपर रहा। बड़े शहरों की बात करें तो ग्वालियर, भोपाल, इंदौर और जबलपुर में भी तेज गर्मी बनी हुई है। खजुराहो: 43.9°C नौगांव: 43.5°C रतलाम: 43.2°C बड़े शहरों में-     ग्वालियर: 42.1°C     भोपाल: 41.6°C     इंदौर: 41.2°C     जबलपुर: 42°C     उज्जैन: 41.5°C  

मध्यप्रदेश में बढ़ी गर्मी, 30 अप्रैल तक स्कूलों की छुट्टी घोषित, सरकार ने जारी किया आदेश

भोपाल  एमपी में इन दिनों आसमान से आग बरस रही है। भीषण गर्मी में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इसी बीच स्कूल जाने वाले बच्चों के स्वास्थ्य को देखते हुए कई जिलों में स्कूलों में 30 अप्रैल तक अवकाश घोषित किया गया है। मौसम विभाग के अलर्ट के बीच प्रशासन ने यह अहम निर्णय लिया है। जानकारी के अनुसार राज्य के चार जिलों में भीषण गर्मी के कारण स्कूल में बच्चों को अवकाश घोषित किया गया है। इस दौरान जबलपुर, दमोह, रतलाम जिलों में कक्षा नर्सरी से पांचवीं तक 30 अप्रैल तक अवकाश घोषित किया गया है। वहीं, पन्ना जिले में भी स्कूलों में 6वीं से 8वीं कक्षा के बच्चों को 30 अप्रैल तक छुट्टी रहेगी। यहां नर्सरी से 5वीं तक छोटे बच्चों को पहले ही छुट्टी घोषित कर दी गई है। इसके अलावा जिन स्कूलों में छुट्टियां अभी होनी है, शिक्षा विभाग ने इन स्कूलों को निर्देश दिया है कि आउटडोर असेंबली को सीमित एवं छायादार स्थानों पर कराया जाए। तपती धूप और लू के बीच बच्चों की सेहत मध्य प्रदेश में लगातार बढ़ती गर्मी अब आम जनजीवन के साथ साथ स्कूल शिक्षा व्यवस्था पर भी असर डालने लगी है। प्रदेश के कई जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है और कई शहरों में लू के साथ वार्म नाइट जैसी स्थिति बनी हुई है। सागर में स्कूलों की छुट्टी घोषित किए जाने के बाद अब जबलपुर, सिंगरौली, पन्ना, हरदा और नर्मदापुरम जिलों में भी स्कूलों के लिए अवकाश घोषित कर दिया गया है। प्रदेश में ग्रीष्मकालीन अवकाश 1 मई 2026 से शुरू होना पहले से तय है लेकिन तेज गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान को देखते हुए कई जिलों में यह छुट्टियां पहले ही लागू कर दी गई हैं। प्रशासन का कहना है कि बच्चों को लू और हीट स्ट्रोक जैसी समस्याओं से बचाने के लिए यह कदम उठाया गया है। कक्षा 5वीं तक के बच्चों को राहत जबलपुर जिला प्रशासन ने भीषण गर्मी को देखते हुए बड़ा फैसला लिया है। कलेक्टर राघवेंद्र कुमार सिंह के निर्देश पर जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में प्री-प्राइमरी से लेकर कक्षा 5वीं तक के विद्यार्थियों के लिए 30 अप्रैल 2026 तक अवकाश घोषित कर दिया गया है। जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा इस संबंध में आदेश जारी कर दिए गए हैं और यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। शिक्षकों और स्कूल स्टाफ को नियमित रूप से विद्यालय में उपस्थित रहना होगा। उन्हें शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्यों का निष्पादन करना होगा। इससे पहले जिला प्रशासन ने स्कूलों का समय सुबह 7 बजे से दोपहर 12 बजे तक निर्धारित किया था लेकिन तापमान में लगातार बढ़ोतरी के कारण अब छुट्टी का निर्णय लिया गया है। छोटे बच्चों के लिए 24 अप्रैल से छुट्टी पन्ना जिले में भी गर्मी को देखते हुए प्रशासन ने स्कूलों में छुट्टी का आदेश जारी किया है। कलेक्टर ऊषा परमार ने प्री-प्राइमरी से कक्षा 5वीं तक के बच्चों के लिए 24 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक अवकाश घोषित किया है। कक्षा 6वीं से 12वीं तक की कक्षाएं पूर्व निर्धारित समयानुसार संचालित होंगी। इन कक्षाओं का समय सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक रखा गया है। प्रशासन का मानना है कि छोटे बच्चों पर गर्मी का असर ज्यादा होता है इसलिए पहले उन्हें राहत दी गई है। गर्मी की तीव्रता और लू के बढ़ते खतरे सिंगरौली जिला प्रशासन ने भी इसी तरह का फैसला लिया है। कलेक्टर गौरव बेनल ने जिले के सभी स्कूलों में प्री-प्राइमरी से कक्षा 5वीं तक के विद्यार्थियों के लिए 24 अप्रैल से 30 अप्रैल तक अवकाश घोषित किया है। गर्मी की तीव्रता और लू के बढ़ते खतरे को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। जिला प्रशासन का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और मौसम की स्थिति को देखते हुए आगे भी जरूरी निर्णय लिए जा सकते हैं। नर्सरी से 8वीं तक छुट्टी नर्मदापुरम जिले में तापमान में तेज वृद्धि और लू की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने और बड़ा फैसला लिया है। यहां नर्सरी से लेकर कक्षा 8वीं तक के सभी छात्रों के लिए आगामी आदेश तक अवकाश घोषित किया गया है। यह आदेश जिले के सभी सरकारी, निजी, सीबीएसई, आईसीएसई, केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय और अनुदान प्राप्त शैक्षणिक संस्थानों पर लागू होगा। कलेक्टर सोमेश मिश्रा द्वारा जारी आदेश में साफ कहा गया है कि शिक्षक और संस्था प्रमुख सुबह 7:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक स्कूल में उपस्थित रहेंगे और विभागीय कार्य करेंगे। वहीं पहले से निर्धारित परीक्षाएं और अन्य सरकारी कार्य पूर्व निर्देशानुसार जारी रहेंगे। गर्मी से बच्चों को मिली राहत हरदा जिले में भी गर्मी को देखते हुए स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई है। कलेक्टर सिद्धार्थ जैन ने नर्सरी से कक्षा 8वीं तक के छात्रों के लिए 30 अप्रैल तक अवकाश घोषित किया है। कक्षा 9वीं से 12वीं तक की पढ़ाई जारी रहेगी और इन कक्षाओं का समय सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक तय किया गया है। प्रशासन का कहना है कि मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। कई शहरों में लू का अलर्ट मध्य प्रदेश के कई शहरों में पिछले कुछ दिनों से तापमान लगातार बढ़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार कई जिलों में पारा 40 डिग्री के पार पहुंच चुका है। दिन के साथ साथ रात के तापमान में भी कमी नहीं आ रही है जिसके चलते वार्म नाइट की स्थिति बनी हुई है। छोटे बच्चों में गर्मी का असर जल्दी होता है। लंबे समय तक धूप में रहने से डिहाइड्रेशन, चक्कर, उल्टी और हीट स्ट्रोक जैसी समस्याएं हो सकती हैं। 1 मई से शुरू होंगे ग्रीष्मकालीन अवकाश प्रदेश में ग्रीष्मकालीन अवकाश 1 मई 2026 से शुरू होने वाले हैं। ऐसे में कई जिलों ने सिर्फ कुछ दिनों पहले ही छुट्टी घोषित कर बच्चों को राहत दी है। शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन की ओर से अभिभावकों को भी सलाह दी गई है कि वे बच्चों को दोपहर के समय घर से बाहर न निकलने दें और पर्याप्त पानी पिलाते रहें। बच्चों की सुरक्षा पर प्रशासन का फोकस गर्मी के बीच जिला प्रशासन का यह फैसला बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता … Read more

बुरहानपुर में नई रेल लाइन का ट्रायल सफल, महाराष्ट्र से कनेक्टिविटी में होगी वृद्धि, 135 की गति से दौड़ी ट्रेन

बुरहानपुर  मध्य प्रदेश के रेल यात्रियों के बड़ी खुशखबरी सामने आई है। पश्चिम रेल्वे के अंतर्गत एक नए रेलवे रूट (New Rail Line) का ट्रायल किया गया है। दरअसल, महू-अकोला रेल्वे रूट (Mhow-Akola railway route) पर ब्रॉडगेज लाइन कन्वर्जन का लंबे समय से चल रहा है। इसी के अंतर्गत गुरुवार को बुरहानपुर जिले के अमुल्ला खुर्द से तुकईथड़ तक रेलवे रूट (Amulla Khurd-Tukaithed Railway Route) का सीआरएस द्वारा ट्रॉयल किया गया जो पूरी तरह सफल रहा। इस ट्रॉयल में रेल (ट्रेन) 135 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलाई गई। इससे पहले खंडवा से तुकईथड़ गांव तक के रूट का कार्य पूरा हो चुका है। जानकारी के लिए बता दें कि,यह खंडवा-अकोला ब्रॉडगेज कन्वर्जन परियोजना का हिस्सा है। इसे महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के बीच रेल कनेक्टिविटी मजबूत होगी। कई दिनों से चल रही थी तैयारियां मिली जानकारी के अनुसार, इस ट्रॉयल की तैयारियां पिछले 8 दिनों से चल रही थी। इसके लिए तुकईथड़, रत्नापुर, अमूल्ला खुर्द रेल्वे स्टेशन को भव्य तरीके से सजाया गया था। इस ट्रॉयल से समस्त रेलवे अधिकारियों कर्मचारियों जिन ठेकेदारों ने इस रेल्वे ट्रैक को तैयार किया है सभी में एक खुशी की लहर देखने को मिली। इस ट्रॉयल में सीआरएस अधिकारी, डीआरएम नांदेड़, सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे। सबसे बड़ा सवाल- कब शुरू होगी ट्रेन सेवा रेलवे रूट का साफा ट्रायल होने के बावजूद अभी रेलवे अधिकारियों ने साफ़ नहीं किया है कि यहां ट्रेन सेवा किस तारीख से शुरू की जाएगी। बता दें कि, क्षेत्र के लोग पिछले 10 सालों से इसका इंतजार कर रहे हैं। अब देखना यह है कि क्या इस सफ़ल सीआरएस ट्रायल होने के बाद भी रेल्वे अधिकारी जल्दी इस रूट पर रेल गाड़ी चलाने के लिए हरि झंडी दिखाएंगे या सिर्फ इस सफ़ल ट्रायल लेने के बाद भी क्षेत्र वासियों को और इंतजार करवाएंगे। तारीख बता पाना मुश्किल- डीआरएम नांदेड़ डीआरएम नांदेड़ डिविजन संदीप पांडे ने पत्रिका के साथ बातचीत में बताया है कि आज अमुल्ला खुर्द से ग्राम तुकईथड़ रेल्वे रूट का सीआरएस ट्रायल सफल रहा। इसमें अभी भी कुछ कमियां मिली है जिन्हें पूरा करने के निर्देश दिए हैं। पांडे ने कहा कि हालांकि अभी यह कहना मुश्किल है इस रूट पर रेल गाड़ी कब तक चालू होगी। परियोजना एक नजर में अमुल्ला खुर्द से तुकईथड़ ब्रॉडगेज कन्वर्जन परियोजना खंडवा-अकोला रेलवे ट्रैक के आधुनिकीकरण (Khandwa-Akola Broad Gauge Conversion Project) का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह परियोजना दक्षिण मध्य रेलवे के नांदेड़ डिवीजन के अंतर्गत आती है। इस परियोजना का उद्देश्य नैरो गेज को ब्रॉडगेज लाइन में परिवर्तन करना है। इसके अंतर्गत टोटल 206 रेलवे लाइन डलेगी। अभी 26 किमी अमूल्ला से खकनारकला तक का काम चल रहा है। इसकी लागत 250 करोड़ बताई जा रही है। संभावना है कि ये प्रोजेक्ट 2026-27 तक पूरा हो जाएगा। 

मध्‍यम और बड़े कृषकों के लिए गेहूं विक्रय की सुविधा: स्‍लॉट बुकिंग प्रणाली की शुरुआत

मध्‍यम एवं बड़े कृषकों को गेहूं विक्रय करने के लिये स्‍लॉट बुकिंग की सुविधा प्रारंभ स्‍लॉट बुकिंग की सुविधा 30 अप्रैल से बढ़ाकर 9 मई 2026 तक भोपाल  खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया है कि विगत वर्ष समर्थन मूल्‍य पर लगभग 77 लाख मे.टन गेहूं का उपार्जन किया गया था। इस वर्ष युद्ध की विपरीत परिस्थिति के बावजूद किसानों के हित में सरकार द्वारा 100 लाख मे.टन गेहूं के उपार्जन का लक्ष्‍य रखा गया है। इन्‍दौर, उज्‍जैन, भोपाल, नर्मदापुरम् संभागों के जिलों में 24 अप्रैल से शाम 6 बजे से मध्‍यम श्रेणी एवं बड़े किसानों के लिए स्‍लॉट बुकिंग की सुविधा उपलब्‍ध कराई गई है। यह सुविधा पूर्व वर्ष अनुसार ही की गई है। जबलपुर, रीवा, शहडोल, सागर, ग्‍वालियर एवं चम्‍बल संभागों के जिलों में 25 अप्रैल (दोपहर 12 बजे) से मध्‍यम श्रेणी एवं बड़े किसानों से गेहूं उपार्जन के लिये स्‍लॉट बुकिंग की सुविधा उपलब्‍ध कराई जा रही है। पूरे प्रदेश में स्‍लॉट बुकिंग की तारीख 30 अप्रैल 2026 से बढ़ाकर 9 मई 2026 तक की गई है। किसानों की सुविधा के लिए खरीदी के लिये प्रत्‍येक शनिवार को भी स्‍लॉट बुकिंग एवं उपार्जन का कार्य जारी रहेगा। अभी तक प्रदेश मे समर्थन मूल्‍य पर गेहूं उपार्जन के लिये 7.76 लाख किसानों द्वारा 32.16 लाख मे. टन गेहूं के विक्रय के लिये स्‍लॉट बुक किए जा चुके है। प्रदेश में 3 लाख 96 हजार 97 किसानों से 16 लाख 57 हजार 526 मे. टन गेहूं का उपार्जन किया जा चुका है। समर्थन मूल्‍य पर गेहूं विक्रय करने वाले 2,01,254 किसानों को 2166.29 करोड़ रुपये के भुगतान के लिये ईपीओ जनरेट किए गए। उपार्जन केन्‍द्र की क्षमता अनुसार उपज की तौल की जा सके एवं अधिक से अधिक किसानों से उपार्जन किया जा सके इसके लिये उपार्जन केन्‍द्र पर प्रतिदिन प्रति उपार्जन केन्‍द्र पर गेहूं विक्रय के लिये स्‍लॉट बुकिंग की क्षमता 1000 क्विंटल से बढ़ाकर 2250 क्विंटल प्रतिदिन प्रति उपार्जन केन्‍द्र किया गया। कृषक द्वारा उपार्जन केन्‍द्र की प्रतिदिन तौल क्षमता 2250 क्विंटल के मान से स्‍लॉट बुकिंग की जा सकेगी। प्रत्‍येक उपार्जन केन्‍द्र पर तौल कांटों की संख्‍या 4 से बढ़ाकर 6 कर दी गई है, जिससे अधिक संख्‍या में किसान तथा मात्रा के स्‍लॉट बुकिंग कराकर गेहूं का उपार्जन किया जा सकेगा। किसानों को समर्थन मूल्‍य पर गेहूं विक्रय में किसी प्रकार की परेशानी न हो एवं उपज विक्रय के लिए इंतजार न करना पड़े इसके लिये किसानों को जिले के किसी भी उपार्जन केन्‍द्र पर उपज विक्रय करने की सुविधा उपलब्‍ध कराई गई है। उपार्जन केन्‍द्र पर किसानों की सुविधा के लिए पीने का पानी, बैठने के लिए छायादार स्‍थान, जन सुविधाएं आदि की व्‍यवस्‍थाएं की गई हैं। किसानों को उपज की तौल समय पर हो सके इसके लिये समस्‍त आवश्‍यक व्‍यवस्‍थाएं की गई हैं, जिसमें बारदाने, तौल कांटे, हम्‍माल तुलावटी, सिलाई मशीन, कम्‍प्‍यूटर, नेट कनेक्‍शन, गुणवत्‍ता परीक्षण उपकरण, उपज की साफ-सफाई के लिए पंखा, छन्‍ना आदि की व्‍यवस्‍था की गई है। उपार्जन केन्‍द्र पर उपलब्‍ध सुविधाओं के फोटो ग्राफ्स भारत सरकार के पीसी सेप पोर्टल पर अपलोड करने की कार्यवाही की जा रही है। किसानों से 2585 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्‍य एवं राज्‍य सरकार द्वारा 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस राशि सहित 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं का उपार्जन किया जा रहा है। समर्थन मूल्‍य पर गेहूं उपार्जन के लिये आवश्‍यक बारदानों की व्‍यवस्‍था की जा चुकी है। उपार्जित गेहूं की भर्ती जूट बारदाने के साथ-साथ PP/HDP बेग एवं जूट के एक भर्ती बारदाने का उपयोग किया जा रहा है। समर्थन मूल्‍य पर गेहूं उपार्जन के लिये भण्‍डारण की पर्याप्‍त व्‍यवस्‍था की गई है, जिससे उपार्जित गेहूं का सुरक्षित भण्‍डारण किया जा सके।