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मंत्री परमार ने चित्रकूट स्थित पंचवटी घाट पर किया श्रमदान

भोपाल उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने सोमवार को चित्रकूट प्रवास के दौरान पवित्र पंचवटी घाट पर माँ मंदाकिनी नदी के स्वच्छता अभियान में भाग लेकर श्रमदान किया। मंत्री परमार ने स्वयं घाट परिसर में सफाई करते हुए लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। मंत्री परमार ने कहा कि चित्रकूट धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण स्थल है। यहाँ बहने वाली माँ मंदाकिनी नदी करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है, इसलिए इसकी स्वच्छता बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। मंत्री श्री परमार ने कहा कि स्वच्छता केवल सरकारी अभियान नहीं बल्कि जनभागीदारी से सफल होने वाला जनआंदोलन है। स्वच्छता अभियान में मंत्री श्री परमार ने घाट परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं, स्थानीय नागरिकों एवं प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मिलकर घाट की सफाई की और लोगों से अपील की कि वे नदी में कचरा न डालें तथा आसपास के वातावरण को स्वच्छ बनाए रखने में सहयोग करें। सभी ने मिलकर माँ मंदाकिनी की स्वच्छता के लिए श्रमदान करते हुए स्वच्छता का संदेश दिया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

मध्य प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और LPG सप्लाई पर सरकार की पैनी नजर, तीन मंत्रियों को बनाया प्रभारी

भोपाल मुख्यमंत्री ने सभी मंत्रियों को निर्देश दिए कि वे अपने प्रभार के जिलों में स्थिति की समीक्षा करें। कहीं पर भी पैनिक नहीं होना चाहिए। पेट्रोल डीजल रसोई गैस की स्थिति पर नजर रखने और केंद्र सरकार व आयल कंपनियों से समन्वय के लिए तीन मंत्रियों की समिति बनाई। उच्च स्तरीय समिति का गठन उप मुख्यमंत्री वित्त जगदीश देवड़ा, खाद्य नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत और सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चेतन्य काश्यप को समिति में रखा। कैबिनेट बैठक के बाद खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग की अपर मुख्य सचिव रश्मि अरुण शमी ने बताया कि पेट्रोल डीजल की उपलब्धता में निरंतरता बनी हुई है।   ईंधन और गैस आपूर्ति की वर्तमान स्थिति रसोई गैस सिलेंडर की आपूर्ति को लेकर भी फिलहाल कोई दिक्कत नहीं है। कमर्शियल गैस का स्टॉक रिटेलर के पास दो दिन और तेल कंपनियों के पास सात दिन का है। विभाग ने कलेक्टर कमिश्नर को निर्देश दिए हैं कि वह कमर्शियल गैस के विवेकपूर्ण उपयोग के लिए उपभोक्ताओं से संवाद करें।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ममलेश्वर में जलाभिषेक एवं पूजन किया

नर्मदा जल लेकर पहुँचे मंदिर भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दादा गुरु जी की चौथी "नर्मदा सेवा परिक्रमा" के समापन अवसर पर मंगलवार को खंडवा जिले के ओंकारेश्वर स्थित ममलेश्वर मंदिर में विधिवत पूजा अर्चना कर मां नर्मदा के जल से अभिषेक किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवान ममलेश्वर से प्रदेशवासियों के लिए सुख-समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव और पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद पटेल, दादा गुरुजी के साथ ओंकारेश्वर के गजानन आश्रम से नर्मदा जल का कलश लेकर पदयात्रा करते हुए ममलेश्वर मंदिर पहुंचे। इस अवसर पर मांधाता क्षेत्र के विधायक श्री नारायण पटेल सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी और श्रद्धालु मौजूद रहे।  

नवजात लाड़ली बालिका शिशुओं व कार्यरत महिला कुलियों का हुआ सम्मान

अनूपपुर अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित ‘फिट इंडिया वूमेन वीक’ के समापन दिवस पर जिले में विभिन्न प्रेरक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन कलेक्टर  हर्षल पंचोली के निर्देशन तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत मती अर्चना कुमारी के मार्गदर्शन में किया गया। इस अवसर पर जिले के विभिन्न स्थानों पर महिला सशक्तिकरण, सम्मान और आत्मरक्षा से जुड़े कई गतिविधियों का आयोजन किया गया।       जिसके अंतर्गत मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत मती अर्चना कुमारी ने जिला चिकित्सालय अनूपपुर के प्रसव वार्ड का भ्रमण किया। उन्होंने वहां जन्मी नवजात लाड़ली बालिका शिशुओं का उपहार भेंट कर स्वागत किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इसके पश्चात् वन स्टॉप सेंटर अनूपपुर में निवासरत महिलाओं एवं बालिकाओं को दैनिक उपयोग की आवश्यक सामग्री की किट वितरित कर उन्हें संबल प्रदान किया।   महिला सशक्तिकरण की अनूठी मिसाल प्रस्तुत करते हुए प्रशासन द्वारा रेलवे स्टेशन अनूपपुर में कार्यरत महिला कुलियों को भी सम्मानित किया गया। इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी मती अर्चना कुमारी ने महिला कुलियों को शॉल भेंट कर सम्मानित करते हुए कहा कि वे अपने परिवार के भरण-पोषण और उन्नति के लिए सराहनीय कार्य कर रही हैं। उनका आत्मनिर्भर और सशक्त बनना न केवल उनके लिए बल्कि उनके परिवार और आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणादायक है। महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पीएम  शासकीय तुलसी महाविद्यालय, अनूपपुर में अध्ययनरत छात्राओं के लिए विशेष सेल्फ डिफेंस प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षक अंजली सिंह एवं सहायक अंकिता पांडे ने छात्राओं को आत्मरक्षा से जुड़े मार्शल आर्ट के पंच एवं विभिन्न मूवमेंट का प्रशिक्षण दिया, जिससे छात्राओं में आत्मविश्वास और विपरीत परिस्थितियों में सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़े।  इस दौरान सहायक संचालक महिला एवं बाल विकास विभाग मती मंजूषा शर्मा, अध्यक्ष बाल कल्याण समिति  मोहनलाल पटेल, सिविल सर्जन डॉ. एस. आर. परस्ते, डॉ. एस.सी. राय, प्राचार्य तुलसी महाविद्यालय  अनिल सक्सेना, क्रीड़ा अधिकारी डॉ. रामायण प्रसाद वर्मा, विधि सह परिवीक्षा अधिकारी  अशोक कुमार त्रिपाठी सहित जिला चिकित्सालय, तुलसी महाविद्यालय एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री यंग इंटर्न्स फॉर गुड-गवर्नेस प्रोग्राम को मंजूरी

निःशक्तजन को वृत्तिकर से छूट को 31 मार्च 2030 तक निरंतर किये जाने की स्वीकृति 7 जिलों के लिए "एक जिला-एक उत्पाद" परियोजना का किया अनुमोदन सिंगरौली में कनिष्ठ व्यवहार न्यायाधीश सहित 7 पदों की स्वीकृति मैहर, कैमोर और निमरानी में 3 नये औषधालयों को मंजूरी भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में हुई। मंत्रि-परिषद ने कल्याणकारी योजनाओं सहित विभिन्न 7 विभागों की महत्वपूर्ण योजनाओं की आगामी 5 वर्षों तक निरंतरता के लिए लगभग 33 हजार 240 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है। मंत्रि-परिषद ने मुख्यमंत्री यंग इंटनर्स फॉर गुड-गवर्नेंस प्रोगाम को भी मंजूरी दी है। सिंगरौली के चितरंगी में कनिष्ठ व्यवहार न्यायाधीश सहित कुल 7 नवीन पदों के सृजन की भी मंत्रि-परिषद द्वारा स्वीकृति दी है। मंत्रि-परिषद ने मैहर, कैमोर जिला कटनी और निमरानी जिला खरगोन में कर्मचारी राज्य बीमा निगम के 3 औषधालय खोलने सहित चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टॉफ के 51 पदों के सृजन को स्वीकृति दी गयी है। मुख्यमंत्री यंग इंटर्नस फॉर गुड-गवर्नेस प्रोग्राम को 3 वर्ष क्रियान्वयन के लिए 190 करोड़ रूपये की स्वीकृति त्रि-परिषद द्वारा "मुख्यमंत्री यंग इंटर्नस फॉर गुड-गवर्नेस प्रोग्राम" को 3 वर्ष के लिए क्रियान्वयन के लिए लगभग 190 करोड़ रूपये की स्वीकृति प्रदान की गयी है। लोक सेवा प्रबंधन विभाग को अग्रिम कार्यवाही तथा प्रक्रिया निर्धारण कर नियमों एवं निर्देशों को जारी कर क्रियान्वयन के लिए अधिकृत किया गया है। निःशक्त जन को वृत्तिकर से छूट की निरंतरता कीस्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा मध्यप्रदेश वृत्तिकर अधिनियम, 1995 के अंतर्गत निःशक्त जन को वृत्तिकर से छूट को 31 मार्च, 2030 तक निरंतर किये जाने की स्वीकृति दी गयी गई है। 7 जिलों के लिए "एक जिला-एक उत्पाद" परियोजना का अनुमोदन मंत्रि-परिषद द्वारा "एक जिला-एक उत्पाद" परियोजना अंतर्गत चयनित 07 जिलों में पारंपरिक व विशिष्ट उत्पाद के सरंक्षण, विकास और विपणन हेतु आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए आगामी 5 वर्षों में 37.50 करोड़ रूपये की स्वीकृति प्रदान की गयी है। इस परियोजना में चयनित 07 जिलों में सीधी जिले में दरी एवं कारपेट, दतिया में गुड़, अशोकनगर में चंदेरी, हाथकरघा वस्त्र, भोपाल मे जरी-जरदोजी एवं जूट उत्पाद (जैसे पर्स आदि), धार में बाग प्रिंट, सीहोर में लकड़ी के खिलौने तथा उज्जैन में बटिक प्रिंट में आगामी 5 वर्षों के लिए 37.50 करोड़ रूपये की डी.पी.आर, तैयार की गयी है।इस परियोजना से स्थानीय शिल्पकारों, बुनकरों और कारीगरों को प्रशिक्षण, डिजिटलीकरण, ब्रांडिंग, विपणन तथा बाजार उपलब्धता जैसी सुविधायें प्रदान की जाएगी। यह परियोजना प्रदेश में स्थानीय उद्यमिता को बढावा, रोजगार सृजन एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं। सिंगरौली में कनिष्ठ व्यवहार न्यायाधीश सहित 7 पदों की स्वीकृति मंत्रि-परिषद ने चितरंगी जिला सिंगरौली में व्यवहार न्यायालय की स्थापना के लिए व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ खण्ड का एक नवीन पद और उनके कार्यालयीन अमले के लिए तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के 6 नवीन पद सहित कुल 7 नवीन पदों का सृजन किये जाने की स्वीकृत प्रदान की है। मैहर, कैमोर और निमरानी में 3 नये औषधालयों को मंजूरी मंत्रि-परिषद ने भारत सरकार के कर्मचारी राज्य बीमा निगम (इएसआईसी) द्वारा मैहर (जिला-मैहर), कैमोर (जिला कटनी), तथा निमरानी (जिला खरगौन) में 3 नये औषधालयों को खोलने एवं चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टॉफ के 51 पदों का सृजन की स्वीकृति प्रदान की गयी है। मैहर, कैमोर तथा निमरानी में नये कर्मचारी राज्य बीमा औषधालय खोलने एवं नये पद सृजित करने की स्वीकृति प्रदान की गयी है। इससे रजिस्टर्ड 15,686 श्रमिकों एवं उन पर आश्रित लगभग 62,744 परिजनों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्राप्त होंगी। रिवेम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम के अंतर्गत केन्द्रांश पर देय एसजीएसटी की राशि वितरण कंपनियों को अंशपूंजी के रूप में प्रदान करने की स्वीकृति मंत्रि-परिषद् द्वारा निर्णय लिया गया कि रिवेम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम के अंतर्गत वितरण अधोसंरचना के उन्नयन, यथा वितरण हानियों में कमीं तथा वितरण प्रणाली सुदृढ़ीकरण एवं आधुनिकीकरण से संबंधित बुनियादी अधोसंरचना के निर्माण और विकास कार्यों के लिए प्राप्त केन्द्रांश पर देय एसजीएसटी की राशि राज्य की वितरण कंपनियों को राज्य शासन द्वारा अनुदान के स्थान पर अंशपूंजी के रूप में उपलब्ध कराई जायेगी।स्कीम के अंतर्गत माह नवम्बर 2024 तक ऋण के रूप में प्रदत्त राशि 887 करोड़ 91 लाख रूपये को राज्य शासन द्वारा वितरण कंपनियों को अंशपूंजी के रूप में प्रदान किए जाने का अनुमोदन किया गया। विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण व विश्वसनीय विद्युत आपूर्ति के उद्देश्य से वित्तीय रूप से साध्य व परिचालन में दक्ष वितरण क्षेत्र विकसित करने के लिए रिवेम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस) लागू की गई है। योजना अन्तर्गत विद्युत अधोसंरचनात्मक कार्यों के लिए केन्द्र शासन द्वारा 60 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है एवं शेष 40 प्रतिशत राशि राज्य शासन द्वारा वितरण कंपनियों को अंशपूंजी के रूप में प्रदान की जा रही है। लोक वित्त पोषित कार्यक्रमों और योजनाओं की निरंतरता के लिए 63 करोड़ 76 लाख रूपये की स्वीकृति मंत्रि-परिषद् द्वारावित्त विभाग की लोक वित्त पोषित कार्यक्रमों, योजनाओं एवं परियोजनाओं के परीक्षण तथा प्रशासकीय अनुमोदन की प्रक्रिया के अन्तर्गत 16 वें केन्द्रीय वित्त आयोग की अवधि (01 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक) के लिए निरंतरता के लिए कुल 63 करोड़ 76 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की गयी है। ग्रामीण, पिछड़े और खनिज क्षेत्रों में ग्रामीण अवसंरचना एवं पेयजल आपूर्ति के लिए 6090 करोड़ रूपये की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा खनिज साधन विभाग के अंतर्गत "खनिज अधिभार का रक्षित निधि में अतंरण" योजना को वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतर रखे जाने के लिए 6090 करोड़ 12 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की गयी है। यह योजना खनिज साधन विभाग के अंतर्गत पूर्व से संचालित योजना पूर्णतः राज्य वित्त पोषित एवं भारित व्यय से संबंधित योजना है। इस राशि का उपयोग ग्रामीण क्षेत्रों, पिछड़े क्षेत्रों, खनि क्षेत्रों में ग्रामीण अवसंरचना, पेयजल आपूर्ति योजना तथा सड़क विकास कार्यक्रम के क्रियान्वयन के लिये किया जायेगा। पंचायत एवं ग्रामीण विकास की योजनाओं के सुचारू संचालन के लिये 7,127 करोड़ रूपये की स्वीकृति मंत्रि परिषद द्वारा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों की 31 मार्च 2031 तक निरंरता एवं सुचारू संचालन के लिये 7,127 करोड़ 38 लाख रूपये की स्वीकृति दी गयी है। स्वीकृति अनुसार विभागीय परिसंपत्तियों का संधारण के लिए 16 करोड़ 78 लाख रूपये, महात्मा गांधी राज्य ग्रामीण … Read more

शिक्षक की बेटी को मिली साइकिल, जिम्मेदारों के बयान आपस में टकराए

बड़वानी  बड़वानी के शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय क्रमांक–1 में साइकिल वितरण योजना को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। दूरदराज से आने वाले विद्यार्थियों की सुविधा के लिए चलाई जा रही सरकारी योजना में कथित अनियमितता सामने आई है, जब उसी विद्यालय में पदस्थ शिक्षक की पुत्री को साइकिल वितरित किए जाने का मामला उजागर हुआ। जानकारी के अनुसार विद्यालय में अध्ययनरत कुमारी प्रियांशी गुजराती, पिता जगदीश गुजराती, को भी साइकिल दी गई थी, जबकि उनके पिता स्वयं इसी विद्यालय में शिक्षक के रूप में पदस्थ हैं। सूत्रों के अनुसार छात्रा की आईडी में निवास स्थान अवलदा दर्शाया गया है, जबकि परिवार के लोग एकलव्य विद्यालय परिसर के क्वार्टर में निवासरत बताए जा रहे हैं। ऐसे में यह प्रश्न उठ रहा है कि यदि छात्रा विद्यालय के पास ही रहती है तो उसे योजना का लाभ किस आधार पर दिया गया। गौरतलब है कि शिक्षा विभाग की साइकिल वितरण योजना का उद्देश्य उन विद्यार्थियों को लाभ देना है जो दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों से स्कूल आते हैं। योजना में दूरी और निवास स्थान प्रमुख पात्रता मापदंड माने जाते हैं। ऐसे में शिक्षक की पुत्री को साइकिल मिलने से पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं। मामले को लेकर जिम्मेदार अधिकारियों के बयान भी एक-दूसरे से मेल नहीं खा रहे। विद्यालय के प्राचार्य का कहना है कि साइकिल वितरण कार्यक्रम जुलाई–अगस्त में हुआ था और वे छात्रवृत्ति प्रभारी  शुक्ला से जानकारी लेकर बताएंगे। वहीं छात्रवृत्ति एवं साइकिल वितरण प्रभारी  शुक्ला का दावा है कि जब शिक्षक की पुत्री को साइकिल मिलने का मामला सामने आया तो प्रभारी बीईओ  जाधव के कहने पर साइकिल वापस ले ली गई और उसे वर्ष 2027–28 में वितरित करने की बात कही गई। लेकिन इस पूरे मामले में नया मोड़ तब आया जब बीईओ  जाधव ने ही साफ इनकार कर दिया। उनका कहना है कि उन्होंने ऐसा कोई निर्देश नहीं दिया और न ही साइकिल वापस लेने की बात कही। अधिकारियों के परस्पर विरोधी बयान से मामले में और संदेह गहरा गया है। इधर संबंधित शिक्षक जगदीश गुजराती का नाम पहले भी विवादों में रह चुका है। बताया जाता है कि पूर्व में सहायक आयुक्त के नाम से कूट रचित पत्र जारी करवाने का मामला भी सामने आ चुका है। इसके बावजूद उन्हें जिला स्तरीय माध्यमिक शिक्षा मंडल के मूल्यांकन केंद्र, शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय में बनाई गई परीक्षा मूल्यांकन समिति में शामिल किया गया है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि इस तरह के विवादित आचरण वाले शिक्षक को बोर्ड परीक्षा की गोपनीय मूल्यांकन प्रक्रिया में शामिल करना क्या उचित है। स्थानीय लोगों और अभिभावकों का कहना है कि साइकिल वितरण सूची, पात्रता और दस्तावेजों की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। यदि जांच में अनियमितता सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्र विद्यार्थियों तक पहुंच सके। अब सवाल यह है कि— क्या साइकिल योजना में नियमों को ताक पर रखा गया? और जिम्मेदार अधिकारी आखिर सच क्यों छिपा रहे हैं?

MP में साइबर पुलिस ने 33 जिलों में एक ही चेहरे पर सक्रिय 36 हजार सिम पकडे

इंदौर/भोपाल. मध्य प्रदेश में फर्जी दस्तावेजों के जरिए सिमकार्ड जारी करने के बड़े घोटाले का खुलासा हुआ है। साइबर पुलिस ने एक ही फोटो का इस्तेमाल कर अलग-अलग पहचान पत्रों के सहारे सिम एक्टिवेट कराने वाले गिरोह के खिलाफ ‘ऑपरेशन फेस’ शुरू किया है। दूरसंचार विभाग से मिले डेटा के विश्लेषण में सामने आया है कि प्रदेश के 33 जिलों में 135 ऐसे चेहरे हैं, जिनके नाम और फोटो के आधार पर 36,668 सिमकार्ड सक्रिय किए गए हैं। पुलिस अब इन मामलों की गहन जांच कर आरोपी पीओएस एजेंटों और गिरोह से जुड़े लोगों की धरपकड़ की तैयारी कर रही है। 33 जिलों में फैला फर्जीवाड़े का नेटवर्क     साइबर पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों के अनुसार यह घोटाला केवल राजधानी भोपाल तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेश के कई जिलों में संगठित रूप से चल रहा था। जांच में पता चला है कि 33 जिलों में ऐसे 135 चेहरे चिन्हित किए गए हैं, जिनके आधार पर कम से कम 50 या उससे अधिक सिमकार्ड जारी किए गए हैं।     इन सभी मामलों में एक ही व्यक्ति की फोटो का उपयोग कर अलग-अलग पहचान पत्रों के जरिए बड़ी संख्या में सिमकार्ड सक्रिय किए गए। इससे यह संकेत मिलता है कि प्रदेश में एक बड़ा संगठित गिरोह सक्रिय था। गुना, सतना और मुरैना में सबसे ज्यादा मामले     दूरसंचार विभाग से प्राप्त डेटा के अनुसार सबसे बड़ा फर्जीवाड़ा गुना जिले में सामने आया है। यहां एक ही फोटो के आधार पर 3,760 सिमकार्ड सक्रिय पाए गए हैं।     इसी तरह सतना जिले में 2,870 और मुरैना में 2,714 सिमकार्ड एक ही तस्वीर के आधार पर जारी किए गए हैं। इसके अलावा बैतूल, भोपाल और इंदौर जैसे बड़े जिलों में भी इस तरह के कई मामले सामने आए हैं। नियमों को दरकिनार कर जारी किए सिम नियमों के अनुसार किसी भी व्यक्ति के नाम और पहचान पत्र के आधार पर अधिकतम नौ सिमकार्ड ही जारी किए जा सकते हैं। लेकिन पीओएस (पॉइंट ऑफ सेल) एजेंटों ने इस नियम की अनदेखी करते हुए फर्जी दस्तावेज तैयार कर बड़ी संख्या में सिमकार्ड एक्टिवेट कर दिए। इसके लिए पहचान पत्रों और फोटो में हेरफेर कर नई पहचान तैयार की गई, जिससे एक ही व्यक्ति के नाम और चेहरे का इस्तेमाल कई बार किया जा सका। पांच सप्ताह तक चलेगा अभियान     साइबर पुलिस ने इस फर्जीवाड़े में शामिल लोगों के खिलाफ ‘ऑपरेशन फेस’ शुरू किया है। यह विशेष अभियान पांच सप्ताह तक चलाया जाएगा। इस दौरान पुलिस संदिग्ध सिमकार्ड और उनसे जुड़े लोगों की पहचान कर कार्रवाई करेगी।     साइबर पुलिस मुख्यालय के आईजी शियास मजीद के अनुसार जांच को तेज कर ऐसे पीओएस एजेंटों को चिन्हित किया जा रहा है, जिन्होंने नियमों का उल्लंघन कर बड़ी संख्या में सिमकार्ड जारी किए। दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।     पुलिस का मानना है कि इन फर्जी सिमकार्ड का इस्तेमाल साइबर अपराध, धोखाधड़ी और अन्य अवैध गतिविधियों में किया जा सकता है, इसलिए इस पूरे नेटवर्क को खत्म करना बेहद जरूरी है।

MP सरकार फिर लेगी 5800 करोड़ का कर्ज

भोपाल. वित्तीय वर्ष के अंतिम दौर में मध्य प्रदेश सरकार एक बार फिर तीन किस्तों में 5,800 करोड़ रुपये का कर्ज लेने जा रही है। यह भारतीय रिजर्व बैंक के माध्यम से लिया जाएगा। होली के पहले सरकार ने 6,300 करोड़़ रुपये का कर्ज लिया था। इस प्रकार देखा जाए तो प्रदेश के ऊपर 5,66,000 करोड़ रुपए के करीब कर्ज हो जाएगा। वित्त विभाग के अधिकारियों के अनुसार 10 मार्च यानी मंगलवार को तीन किस्तों में 1,900, 1,700 और 2,200 करोड़ रुपए का कर्ज लिया जाएगा। यह राशि विकास परियोजना और आर्थिक गतिविधियों को गति देने के लिए ली जा रही है। इसका उपयोग पूंजीगत कार्यों यानी अधोसंरचना विकास के कामों में ही किया जाएगा। इसके पहले 6300 करोड़ रुपए का कर्ज लिया गया था। नए कर्ज को मिला लिया जाए तो वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल मिलाकर कर्ज की राशि 85,000 करोड़ रुपये हो जाएगी। जीतू पटवारी ने लगाया प्रदेश को कर्ज में डुबोने का आरोप प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सरकार पर प्रदेश को कर्ज में डुबोने के आरोप लगाए हैं। वहीं, सरकार स्पष्ट कर चुकी है कि जो कर्ज लिया जा रहा है वह राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन अधिनियम के प्रविधान के अनुसार है।

भोपाल में प्रॉपर्टी 20 से 100 प्रतिशत तक होगी महंगी

भोपाल. भोपाल में आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए तैयार की गई कलेक्टर गाइडलाइन में कई क्षेत्रों में प्रॉपर्टी की कीमतों में भारी वृद्धि का प्रस्ताव रखा गया है। शहर की करीब 500 से अधिक लोकेशन पर जमीन और प्रॉपर्टी के दामों में 50 से 100 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की तैयारी की गई है। हालांकि नई गाइडलाइन में लोकेशन की संख्या घटाकर 2,175 कर दी गई है, जबकि वर्तमान गाइडलाइन में 2,881 लोकेशन शामिल थीं। कई क्षेत्रों में सरकारी परियोजनाओं के कारण कीमतों में वृद्धि प्रस्तावित नहीं की गई है। 706 लोकेशन कम की गईं नई कलेक्टर गाइडलाइन में कुल 706 लोकेशन कम कर दी गई हैं। पहले जहां 2,881 लोकेशन शामिल थीं, वहीं अब केवल 2,175 लोकेशन को ही गाइडलाइन में रखा गया है। अधिकारियों के अनुसार कई क्षेत्रों में सरकारी परियोजनाएं शुरू होने के कारण वहां किसी प्रकार की वृद्धि प्रस्तावित नहीं की गई है। कई इलाकों में 20 से 100 प्रतिशत तक बढ़ोतरी कलेक्टर गाइडलाइन के प्रस्ताव के अनुसार शहर के कई प्रमुख क्षेत्रों में प्रॉपर्टी के दामों में बड़ी वृद्धि की तैयारी है। करोंद, पलासी, गांधीनगर, बैरागढ़, परवलिया सड़क, अयोध्या बायपास, आनंद नगर, रातीबड़, नीलबड़ और कोलार सहित कई क्षेत्रों में जमीन की कीमतों में 20 से 100 प्रतिशत तक वृद्धि प्रस्तावित की गई है। इसके अलावा रायसेन रोड, विदिशा रोड, बैरसिया रोड, नर्मदापुरम रोड, भोपाल-इंदौर रोड, भोपाल बायपास, बंगरसिया, 11 मील और कटारा हिल्स जैसे क्षेत्रों में भी कीमतों में बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा गया है। 621 लोकेशन पर 11 प्रतिशत वृद्धि का दावा पंजीयन और राजस्व अधिकारियों ने प्रस्ताव में 621 लोकेशन पर औसतन 11 प्रतिशत वृद्धि का दावा किया है। हालांकि जब यह प्रस्ताव पोर्टल पर अपलोड हुआ तो कई क्षेत्रों में इससे कहीं अधिक वृद्धि का प्रस्ताव सामने आया। अभी तक नहीं आई आपत्ति कलेक्टर गाइडलाइन का प्रस्ताव दो दिन पहले ही आम लोगों के लिए पोर्टल पर अपलोड किया गया है। जानकारी के अभाव में अब तक इस पर एक भी ऑनलाइन आपत्ति दर्ज नहीं हुई है। अगर, इसी तरह कोई आपत्ति नहीं आती है, तो अधिकतम वृद्धि वाले प्रस्ताव को केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड के पास अंतिम मंजूरी के लिए भेज दिया जाएगा। सर्वर ठप होने से रजिस्ट्री में परेशानी प्रॉपर्टी की कीमतों में संभावित वृद्धि को देखते हुए लोग जल्दी रजिस्ट्री कराने के लिए पंजीयन कार्यालय पहुंच रहे हैं। हालांकि सोमवार को सर्वर ठप होने के कारण कई लोगों को रजिस्ट्री के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा।

कटनी में कार की टक्कर से बाइक सवार चार युवकों की मौत

कटनी. जिले के बड़वारा थाना क्षेत्र में कटनी शहडोल राष्ट्रीय राजमार्ग पर रेलवे पुल के पास सोमवार मंगलवार की रात्रि कार और बाइक की सीधी भिड़ंत में बाइक सवार चार युवकों की घटना स्थल पर ही मौत हो गई। कार सवार पांच लोग घायल हो गए। सभी घायलों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। जानकारी के अनुसार मानपुर जिला उमरिया निवासी एक युवक महाराष्ट्र से मजदूरी करके लौट रहे अपने तीन मित्रों को लेने बाइक से कटनी स्टेशन आया था। रात को वह अपने मित्रों को साथ लेकर वापस घर जा रहा था। इसी दौरान बड़वारा रेलवे पुल के पास सामने से आ रही कार ने बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। मौके पर ही मानपुर निवासी बाइक सवार रामकिशोर सिंह, रामदास सिंह, जितेंद्र सिंह और इंद्रभान सिंह की मौत हो गई। राजगढ़ निवासी कार सवार अंबिकापुर से घर वापस लौट रहे थे। इसी दौरान बड़वारा के समीप हादसा हो गया। कार सवार एक महिला सहित पांच लोगों को गंभीर चोट आई। घटना की जानकारी लगते ही बड़वारा पुलिस पहुंची। घायलों को बड़वारा अस्पताल पहुंचाया, जहां से प्राथमिक इलाज के बाद उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया है। मृतकों के शव बड़वारा अस्पताल में रखवाए गए हैं और उनका पीएम कराया जा रहा है।