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सिंहस्थ 2028 के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर तेज, समयसीमा पर कमिश्नर सख्त

उज्जैन उज्जैन में “सिंहस्थ महापर्व 2028” को लेकर शहर के विकास कार्यों को तेज कर दिया गया है। नगर निगम के मास्टर प्लान के तहत सड़कों के निर्माण का बड़ा अभियान चलाया जा रहा है। नगर निगम कमिश्नर अभिलाष मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि शहर में मास्टर प्लान के अंतर्गत कुल 27 सड़क परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं, जिनमें से वर्तमान में करीब 22 सड़कों पर निर्माण कार्य जारी है। उज्जैन में मास्टर प्लान की 27 सड़कों पर काम किया जाएगा। निगम कमिश्नर अभिलाष मिश्रा ने बताया कि सभी सड़कों का निर्माण मास्टर प्लान में निर्धारित चौड़ाई के अनुसार किया जा रहा है, ताकि भविष्य में शहर की यातायात व्यवस्था बेहतर हो सके। इन सभी परियोजनाओं की कुल लागत लगभग 530 करोड़ रुपए है। ठेकेदारों-इंजीनियरों को सख्त टाइमलाइन कमिश्नर अभिलाष मिश्रा ने बताया कि होली पर्व के कारण एक-दो दिन निर्माण कार्य की गति थोड़ी प्रभावित हुई थी, लेकिन अब सभी साइटों पर फिर से पूरी टीम के साथ काम शुरू कर दिया गया है और जल्द ही पहले जैसी रफ्तार देखने को मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि नगर निगम ने इन परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए ठेकेदारों और इंजीनियरों को स्पष्ट चुनौती देते हुए सख्त टाइमलाइन तय की है। ये है नगर निगम का लक्ष्य साथ ही कौन-सी सड़क कितने समय में पूरी होगी, इसका डेटा भी सार्वजनिक किया गया है, ताकि काम तय समय सीमा में पूरा हो सके। नगर निगम का लक्ष्य है कि “सिंहस्थ 2028” से पहले शहर की प्रमुख सड़कों का निर्माण पूरा कर यात्रियों और श्रद्धालुओं को बेहतर यातायात सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर दी बधाई

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर सभी महिलाओं को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देश, समाज और परिवार की प्रगति में हर चुनौती में सहभागी रहने वाली मातृशक्ति को शत्-शत् नमन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महिलाएं हर क्षेत्र में सफल हों, नए प्रतिमान गढ़ें, यही मेरी मंगलकामनाएं हैं।  

होली की गेर में शामिल हुए सीएम डॉ. मोहन यादव, उत्साह से खेली रंग-गुलाल

उज्जैन मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव 8 मार्च को महाकाल मंदिर में निकलने वाली परंपरागत गेर में शामिल हुए। उन्होंने ध्वजा के पूजन के साथ-साथ अखाड़े के शस्त्रों की भी पूजा की। इतना ही नहीं इस मौके पर सीएम डॉ. यादव ने शस्त्र चलाने का प्रदर्शन किया। इससे पहले उन्होंने प्रदेश की जनता को रंग पंचमी की बधाई दी। उन्होंने ईश्वर से जनता के जीवन में उत्साह और उल्लास की कामना की। प्रदेश के मुखिया डॉ. यादव ने जनता के बीच पहुंचकर जमकर रंग पंचमी मनाई। जनता ने उन्हें और उन्होंने जनता को रंगों से सराबोर किया। इस आनंद से भरीं उनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रंग पंचमी के पावन पर्व की प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि रंगों का यह त्यौहार आप सभी के जीवन में उत्साह व उल्लास की वृद्धि करे, मेरी ओर से बहुत-बहुत मंगलकामनाएं। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्। आज रंग पंचमी के पावन अवसर पर श्री महाकालेश्वर मंदिर से निकलने वाली परंपरागत गेर में ध्वजा एवं अखाड़ों के शस्त्रों का विधि-विधान से पूजन किया। इससे पूर्व बाबा महाकाल के दर्शन-पूजन कर समस्त प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और कल्याण की कामना की।’ प्रदेश की संस्कृति-परंपरा पर विशेष ध्यान गौरतलब है कि, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पद संभालने के बाद से ही प्रदेश की संस्कृति और परंपरा का विशेष ध्यान रखा है। उन्होंने प्रदेश के कई त्यौहारों को राज्य उत्सव का दर्जा दिया है। सीएम डॉ. यादव का मानना है कि हर त्यौहार हमारे बीच की दूरियों को कम करते हैं। इसलिए हम जितने उत्साह से त्यौहार मनाएंगे, उतना एक-दूसरे को जान सकेंगे। उनका मानना है कि यह समरसता का पर्व है, जिसे सभी को प्रेम और भाईचारे के साथ मनाना चाहिए। सीएम हाउस में मनाई थी ब्रज की होली आपको बता दें, 5 मार्च को मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सीएम हाउस में भी उत्साह के साथ होली मनाई थी। जहां भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में आम लोग और संत भी शामिल हुए थे। कार्यक्रम में फाग गीतों और पारंपरिक भजन गाए गए थे। सीएम हाउस ब्रज की थीम पर होली उत्सव की सजावट की गई थी। यहां बरसाने की होली जैसा माहौल देखने को मिला।

सांसद की मौजूदगी में मिर्ची की आहुति, बगलामुखी मंदिर में भारत की जीत की कामना

 उज्जैन भारत और न्यूजीलैंड के बीच टी-20 विश्व कप के अंतिम मुकाबले से पहले मध्य प्रदेश के उज्जैन के बगलामुखी मंदिर में विशेष मिर्ची अनुष्ठान किया गया। यह अनुष्ठान बीजेपी सांसद अनिल फिरोजिया की ओर से कराया गया। जिसका उद्देश्य भारतीय टीम की जीत के लिए प्रार्थना करना था। उज्जैन के भैरवगढ़ मार्ग स्थित मां बगलामुखी मंदिर में आयोजित इस अनुष्ठान में 51 बटुकों ने भाग लिया। उन्होंने भारतीय टीम के खिलाड़ियों के चित्रों के साथ मिर्ची, सरसों और अन्य पूजन सामग्री का उपयोग करते हुए लगभग एक घंटे तक पूजा-अर्चना की। सांसद अनिल फिरोजिया ने यज्ञ में मिर्ची की आहुति देते हुए माता बगलामुखी से प्रार्थना की कि वह भारतीय टीम को शक्ति प्रदान करें, ताकि वे अंतिम मुकाबला जीत सकें और करोड़ों देशवासियों की इच्छाएं पूरी हो सकें। इस अवसर पर महंत रामदास महाराज ने बताया कि इस अनुष्ठान का उद्देश्य भारतीय टीम की विजय की कामना करना था। उन्होंने कहा कि “हमने माता से प्रार्थना की है कि भारतीय टीम अपने विरोधियों को पराजित कर मुकाबला जीत सके।” क्रिकेट प्रेमियों में इस मुकाबले को लेकर जबरदस्त उत्साह है और देशभर के करोड़ो लोग भारतीय टीम की जीत के लिए प्रार्थना कर रहे है।

रंग पंचमी के अवसर पर सीएम डॉ. मोहन यादव ने महाकालेश्वर को अर्पित की दंडवत श्रद्धा

उज्जैन  रंग पंचमी पर्व के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचे। जहां उन्होंने बाबा महाकाल का आशीर्वाद लिया। सीएम ने गर्भगृह में जलाभिषेक व दुग्धाभिषेक कर पूजन-अर्चन की। दंडवत होकर बाबा महाकाल को प्रणाम किया। वहीं उन्होंने परंपरागत महाकाल की गेर का ध्वज पूजन भी किया। दरअसल, मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव 8 मार्च से उज्जैन प्रवास पर है। सीएम डॉ यादव कल शाम उज्जैन पहुंचे और कई आयोजनों में शामिल हुए। आज रविवार सुबह मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचे। पुजारी, पुरोहित आचार्यत्व में विधि-विधान से पूजन किया। बाबा महाकाल का जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक किया और प्रदेश की सुख, समृद्धि की कामना की। इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ यादव ने रंगपंचमी पर्व पर परंपरागत रूप से निकलने वाली श्री वीरभद्र ध्वज चल समारोह के ध्वज का पूजन किया। फिर सीएम ने शस्त्रों का पूजन कर शस्त्र संचालन-प्रदर्शन भी किया। रंगपंचमी पर्व पर आज शाम श्री वीरभद्र चल समारोह बड़े ही हर्षोल्लास के साथ निकलता है। जिसमें बैंड-बाजे, हाथी, घोड़े, रथ के साथ ही रंगबिरंगी रोशनी से नहाए विभिन्न मनमोहक धार्मिक झांकियां भी निकलती है।

भोपाल में रंगपंचमी चल समारोह, सुभाष चौक-सराफा से निकलेगा जुलूस, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

भोपाल  राजधानी में रंगपंचमी का पारंपरिक चल समारोह इस बार नए रंग और अंदाज में नजर आ रहा । श्री हिंदू उत्सव समिति की ओर से रविवार 8 मार्च को सुबह 11 बजे सुभाष चौक, सराफा मार्केट से भव्य चल समारोह निकाल। आयोजन को लेकर शनिवार को समिति पदाधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने परंपरागत मार्ग का संयुक्त निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने बताया कि इस वर्ष चल समारोह को इंदौर की प्रसिद्ध ‘गेर’ की तर्ज पर निकालने की तैयारी की गई है। जुलूस में डुलडुल घोड़ी, ढोल-ताशे, डीजे और बैंड की आकर्षक प्रस्तुतियां होंगी। बड़ी संख्या में लोग पिचकारियां और गुलाल के साथ उत्सव में शामिल होंगे, जिससे पूरा मार्ग रंगों से सराबोर नजर आएगा। इस बार चल समारोह में विशेष झांकियां भी आकर्षण का केंद्र रहेंगी। एक झांकी में भारत की क्रिकेट टीम द्वारा जीते गए वर्ल्ड कप का प्रतीकात्मक प्रदर्शन किया जाएगा, जिसमें युवाओं के हाथों में ट्रॉफी होगी और लोग रंगों के साथ जश्न मनाते दिखाई देंगे। इसके अलावा भगवान बाल कृष्ण की पालकी भी निकलेगी, जिसमें वे विराजमान रहेंगे और श्रद्धालु उनके साथ होली खेलते हुए चलेंगे। संतों की अगुवाई में यह पालकी जुलूस का विशेष आकर्षण बनेगी। तिवारी के अनुसार लगभग दो किलोमीटर लंबे इस चल समारोह में पांच ट्रालों पर अलग-अलग झांकियां सजाई जाएंगी। इनमें राधा-कृष्ण की झांकी के साथ भगवान शिव-पार्वती की ‘मसान में होली’ की थीम भी शामिल रहेगी। इन झांकियों के माध्यम से धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं का संदेश दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि इंदौर की गेर की तरह इस बार भवानी चौक पर विशेष मशीनें लगाई जाएंगी, जिनसे रंग और गुलाल की वर्षा होगी। इससे पूरे मार्ग पर उत्सव का माहौल बनेगा और श्रद्धालु रंगों की बौछार के बीच होली का आनंद ले सकेंगे। समिति ने राजधानी के नागरिकों से अपील की है कि वे बड़ी संख्या में शामिल होकर इस पारंपरिक आयोजन को भव्य और यादगार बनाएं। यह होगा चल समारोह का रूट चल समारोह सुभाष चौक कोतवाली से प्रारंभ होकर लोहा बाजार, जुनेराती गेट, जनकपुरी, पुराना पोस्ट आफिस, सिंधी मार्केट, भवानी चौक सोमवारिया, लखेरापुरा, पीपल चौक, चिंतामन चौराहा, इलेक्ट्रॉनिक मार्केट, इतवारा, जैन मंदिर रोड, गणेश चौक मंगलवार, कुन्दन नमकीन मार्ग, घोड़ा नक्कार, अग्रवाल पूरी भंडार, छोटे भैया चौराहा कारखर से हनुमान मंदिर गल्ला बाजार थाना हनुमानगंज में पर समाप्त होगा।

अब अस्पताल जाने की जरूरत नहीं: गर्भवतियों का पंजीयन घर बैठे, व्हाट्सएप सेवा शुरू

भोपाल सरकारी अस्पतालों में अब गर्भवती महिलाओं को पर्चा बनवाने के लिए लंबी कतारों में खड़ा नहीं होना पड़ेगा। घर बैठे ही वाट्एसेप पर जानकारी भेजने से उनका पंजीकरण हो जाएगा। अस्पताल पहुंचते ही उनका पर्चा तैयार होगा और प्राथमिकता से उनकी जांच और उपचार होगा। मुख्य चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) कार्यालय ने इसके लिए 9301089967 वाट्सएप नंबर जारी किया है। कई दिनों के अध्ययन के बाद लागू व्यवस्था अधिकारियों ने बताया कि इस व्यवस्था को लागू करने से पहले अस्पतालों की स्थिति का अध्ययन किया गया। जिला अस्पताल से लेकर काटजू अस्पताल तक की सीसीटीवी फुटेज देखी गई और मौके पर भी निरीक्षण किया।   हाईरिस्क गर्भवतियों के लिए अलग सेंटर जयप्रकाश जिला अस्पताल भोपाल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं के लिए अलग सेंटर बनाए गए हैं। इन केन्द्रों में 24 घंटे डॉक्टर और नर्स तैनात रहेंगे। महिलाओं और उनके परिजनों के ठहरने और भोजन की भी व्यवस्था की गई है। गर्भवतियों को समय पर बेहतर इलाज की सुविधा सीएमएचओ डॉ. मनीष शर्मा ने बताया कि गर्भवती महिलाओं को समय पर बेहतर इलाज मिले, इसलिए यह सुविधा शुरू की गई है। वाट्एसेप पर जानकारी मिलते ही उनका पर्चा बनाकर प्राथमिकता से उपचार दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रयासों से स्वदेश लौटे जैन परिवार ने किया आभार व्यक्त

मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव के प्रयासों से स्‍वदेश लौटे जैन परिवार ने जताया आभार सदस्‍यों ने मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव का किया स्‍वागत युद्ध के दौरान प्रदेश सरकार द्वारा नागरिकों की वापसी के किए गए प्रयासों की प्रशंसा की भोपाल ईरान-इजराइल-अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध के दौरान उज्‍जैन से शारजाह गया जैन परिवार भी फंस गया था। इस दौरान मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव से संपर्क करने के बाद मुख्‍यमंत्री के विशेष प्रयासों से यह परिवार सकुशल उज्‍जैन लौट पाया। शनिवार को मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव के उज्‍जैन आगमन पर जैन परिवार के सदस्‍यों ने वीवी आईपी गेस्‍ट हाउस पर डॉ. यादव का अभिनंदन कर आभार व्‍यक्‍त किया। विगत दिनों उज्‍जैन निवासी  अशोक तल्‍लेरा (जैन) परिवार के सदस्‍यों पत्नी संगीता तल्‍लेरा, बेटा श्रेयांस, बहू अंजली और 02 वर्षीय बालिका के साथ 23 फरवरी को इंदौर से शारजाह गए थे। परिवार की वापसी 01 मार्च को होना थी इसी बीच युद्ध शुरु होने के कारण फ्लाईट्स बंद हो गई थी। परिवार के सदस्‍यों ने भारतीय दूतावास में संपर्क कर वापस लौटने के प्रयास किए। वेटिंग होने के कारण मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव से चर्चा की तो उन्‍होंने तुरंत विशेष प्रयास कर जैन परिवार को भारत के लिए रवाना करवाया।  तल्‍लेरा ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्‍व के कारण विदेशों में जाने वाले भारतीयों का सम्‍मान बढ़ा है। युद्ध के कारण विदेश में फंसे भारतीयों को वापस लाने के लिए प्रधानमंत्री  नरेन्‍द्र मोदी के नेतृत्व से ही जल्‍दी वापसी हुई है। मध्‍यप्रदेश सरकार ने भी विदेश में युद्ध के कारण फंसे मध्‍यप्रदेश के निवासियों की वापसी के लिए प्रयास करने के कारण ही लोग सकुशल घर पहुंच सके है। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव द्वारा किए गए प्रयास के लिए परिवार के सभी सदस्‍यों ने उनका अभिनंदन कर आभार व्‍यक्‍त किया है। इस दौरान नगर निगम अध्‍यक्ष मती कलावती यादव भी उपस्थित थी।  

मध्य प्रदेश में महंगी होगी बिजली, कंपनियों के 34,561 करोड़ घाटे का बोझ जनता पर

भोपाल प्रदेश की बिजली वितरण कंपनियों में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। ये बिजली चोरी नहीं रोक पा रही हैं। तकनीकी व अन्य कारणों से लाइन लॉस जारी है। बड़े बकायादारों पर करोड़ रुपए बकाया है। उसकी शत-प्रतिशत वसूली नहीं हो पा रही है। इन कमजोरियों की सजा हर बार बिजली के दाम बढ़ाकर उपभोक्ताओं को दी जाती रही है। इस बार भी कंपनियों के प्रबंधन ने पौने दो करोड़ उपभोक्ताओं के सामने यही नौबत ला दी है। असल में मध्य, पूर्व व पश्चिम क्षेत्र बिजली कंपनियों ने विधानसभा में पूछे एक सवाल के जवाब में 9 साल के आय-व्यय का ब्योरा पेश किया है। इसके अनुसार, पूर्व क्षेत्र कंपनी को 16188.48 करोड़, पश्चिम क्षेत्र वितरण कंपनी को 3767 करोड़ व मध्य क्षेत्र बिजली वितरण कंपनी को 14605.88 का घाटा हुआ। इस तरह तीनों कंपनियों ने 9 सालों में 34 हजार 561 करोड़ का घाटा हुआ है। नौ साल से घाटे में पूर्व और मध्य क्षेत्र कंपनी चिंता की बात ये है कि घाटे को कम करने के लिए 4000 करोड़ से ज्यादा खर्च करने के बावजूद पिछले नौ सालों से पूर्व और मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनियां घाटे में चल रही है। पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी की बात करें तो इसका घाटा साल 2018-19 में सबसे ज्यादा 2896 करोड़ था। उसके बाद 2022-23 में 2451 करोड़ पर था। अब 2024-25 वित्तीय वर्ष में 1047 करोड़ दिखाया है। ऐसे ही मध्य क्षेत्र वितरण कंपनी का बात करें तो साल 2018-19 में घाटा सबसे ज्यादा 3837 करोड़ पर था। उसके बाद साल 2024-25 में 1570 करोड़ का घाटा दिखाया गया है। ये कंपनियां लगातार घाटे में चल रही हैं।   घाटा दिखाकर दाम बढ़ाने की सिफारिश प्रदेश की तीनों बिजली वितरण कंपनियों में से सिर्फ पश्चिम क्षेत्र बिजली वितरण कंपनी ने बीच के वर्षों में 2440 का लाभ दिखाया है। इन कंपनियों ने मप्र विद्युत नियामक आयोग को भी इसी तरह घाटा बताकर दाम बढ़ाने संबंधी सिफारिशें भेजी थीं। आयोग ने कंपनियों के प्रस्ताव का परीक्षण लगभग पूरा कर लिया है। यदि ये सिफारिशें मान ली गई तो 1 अप्रेल के बाद कभी भी बिजली के दाम बढ़ सकते हैं। इसका असर पौने वो करोड़ उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। यह हाल तब है जब कंपनियों को उक्त घाटा पाटने के लिए बीते वर्षों में केंद्र व राज्य ने विभिन्न योजनाओं के तहत लाखों करोड़ रुपए दिए हैं। हाल के वर्षों में तीनों बिजली कंपनियोंको 4 हजार करोड़ से अधिक की राशि भी मिली थी। पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी घाटे के बीच बनी नजीर पश्चिम विद्युत वितरण कंपनी घाटे के बीच नजीर बनी है। पिछले चार वित्तीय वर्षों की बात करें तो साल 2021 से 2024 के बीच पश्चिम कंपनी भी लगातार 1790, 1130 और 125 करोड़ के घाटे में रही है। लेकिन साल 2024-25 में पश्चिम कंपनी को 730 करोड़ का लाभ हुआ है। ऐसे में बड़ा सवाल ये खड़ा होता है कि मध्य और पूर्व क्षेत्र की कंपनियां पश्चिम के फायदे के फॉर्मूले को क्यों नहीं अपना रही है। विभाग के अनुसार, पश्चिम क्षेत्र कंपनी ने बिजली चोरी रोकने के साथ ही स्मार्ट मीटर और नई तकनीक अपनाने में पहल की। बिल वसूली, फीडर सेपरेशन, डिजिटल मॉनीटरिंग व एनालिटिक्स की भी मदद लेकर नुकसान कम करने का प्रयास किया है। कंपनी का दावा है कि इससे उन्होंने नुकसान कम करने में सफलता पाई।

36 मौतों पर मचा हड़कंप: दूषित पानी केस में हाईकोर्ट में 16 मार्च को बहस, CBI जांच की मांग तेज

इंदौर भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई 36 मौतों के मामले में सीबीआइ जांच की मांग करते हुए जनहित याचिका दायर हुई है। जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की युगलपीठ में शुक्रवार को याचिका सुनवाई के लिए पहुंची। कोर्ट ने विस्तार से बहस के लिए 16 मार्च की तारीख तय की है। याचिका अभिभाषक पुनीत शर्मा की ओर से वकील अनिल ओझा ने लगाई। एफआइआर तक दर्ज नहीं कहा है, दूषित पानी से 36 लोगों की जान चली गई, पर किसी जिम्मेदार पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। एफआइआर तक दर्ज नहीं की गई। अफसरों को बचने का पूरा मौका दिया गया। सिर्फ अफसरों को पद से हटा दिया। उन पर क्रिमिनल केस दर्ज कर जांच होनी चाहिए।   पूर्व निगमायुक्त, प्रदूषण बोर्ड समेत सरकार को बनाया पार्टी – जानबूझकर टेंडर होने के बाद फाइलें दबाई गईं। यह षड्यंत्र के तहत होता नजर आ रहा है। याचिका में तत्कालीन निगमायुक्त दिलीप यादव को नामजद, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और राज्य सरकार समेत निगमायुक्त को भी पार्टी बनाया गया है। – दिल्ली के उपकार सिनेमा हॉल अग्निकांड का उदाहरण भी दिया गया। अग्निकांड में लोगों की जान जाने पर अफसरों पर एफआइआर दर्ज कर जांच की गई थी।