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मध्यप्रदेश में गिद्धों का बढ़ता आंकड़ा, पन्ना और वन विहार में अलग-अलग प्रजातियां; सिर्फ एक दशक में दोगुना

भोपाल  मध्य प्रदेश में इस बार गिद्धों की संख्या 14 हजार के पार पहुंच गई है। वन विभाग द्वारा तीन दिन तक किए गए सर्वे में यह आंकड़े सामने आए हैं। अंतिम रिपोर्ट जारी होने के बाद संख्या में और बढ़ोतरी संभव है। पिछली गणना में प्रदेश में 12,981 गिद्ध दर्ज किए गए थे। पन्ना क्षेत्र में लाल सिर वाले गिद्ध और भोपाल स्थित वन विहार नेशनल पार्क में सफेद पीठ वाले गिद्ध पाए गए हैं। पिछले 10 वर्षों में प्रदेश में गिद्धों की संख्या लगभग दोगुनी हो चुकी है। मध्य प्रदेश पहले से ‘चीता, टाइगर और तेंदुआ स्टेट’ के रूप में पहचाना जाता है। अब गिद्धों की बढ़ती संख्या ने वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में राज्य की उपलब्धि को और मजबूत किया है। 20 से 22 फरवरी के बीच हुए सर्वे में करीब 7 प्रजातियों की पहचान हुई है। इनमें भारतीय गिद्ध, सिनेरियस गिद्ध, मिस्र गिद्ध (व्हाइट स्कैवेंजर) और हिमालयन ग्रिफॉन प्रमुख हैं। 23 फरवरी को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रायसेन जिले के हलाली डैम क्षेत्र में लुप्तप्राय प्रजाति के 5 गिद्धों को प्राकृतिक आवास में छोड़ा था। इन पक्षियों पर अत्याधुनिक जीपीएस ट्रैकर लगाए गए हैं, जिससे वन विभाग उनकी गतिविधियों पर लगातार नजर रख रहा है। 2016 से लगातार बढ़ रहे आंकड़े प्रदेश में गिद्धों की गणना वर्ष 2016 से शुरू हुई थी। तब 7,028 गिद्ध दर्ज किए गए थे। इसके बाद संख्या लगातार बढ़ती रही—     2019: 8,397     2021: 9,446     2024: 10,845     2025: 12,981 अब 2026 में यह आंकड़ा 14 हजार से अधिक पहुंचने की संभावना है। प्रदेश में कुल 7 प्रजातियां पाई जाती हैं, जिनमें 4 स्थानीय और 3 प्रवासी हैं। शीत ऋतु के अंतिम चरण में गणना करना सबसे उपयुक्त माना जाता है, क्योंकि इस समय स्थानीय और प्रवासी दोनों प्रजातियां एक साथ मिल जाती हैं। इंदौर और भोपाल में भी इजाफा इंदौर वन मंडल में पिछली बार 86 गिद्ध गिने गए थे, जो इस बार बढ़कर 156 हो गए हैं। वहीं, Van Vihar National Park के गिद्ध संरक्षण केंद्र में सफेद पीठ वाले गिद्धों की संख्या में वृद्धि दर्ज की गई है। कभी विलुप्ति की कगार पर थे विशेषज्ञों के अनुसार, गिद्ध स्वभाव से संवेदनशील और कम प्रजनन दर वाले पक्षी होते हैं। एक समय प्रदेश समेत देशभर में इनकी संख्या तेजी से घट रही थी और ये विलुप्ति के कगार पर पहुंच गए थे। लेकिन संरक्षण प्रयासों के चलते अब स्थिति में सुधार हो रहा है। प्रदेश में ऐसे बढ़ी गिद्धों की संख्या जानकारी के अनुसार, प्रदेश में गिद्धों की गणना की शुरुआत वर्ष 2016 से की गई थी। प्रदेश में गिद्धों की कुल 7 प्रजातियां पाई जाती हैं। इसमें से 4 प्रजातियां स्थानीय एवं 3 प्रजाति प्रवासी हैं। गिद्धों की गणना करने के लिए शीत ऋतु का अंतिम समय सही रहता है। इस दौरान स्थानीय एवं प्रवासी गिद्धों की गणना आसानी से हो जाती है। वर्ष 2019 की गणना में गिद्धों की संख्या 8 हजार 397, वर्ष 2021 में 9 हजार 446, वर्ष 2024 में 10 हजार 845 और 2025 में 12 हजार 981 हो गई थी। इस बार हुई गणना में यह संख्या 14 हजार से ज्यादा पहुंच सकती है। इंदौर में भी बढ़ी संख्या इंदौर वन मंडल में पिछली बार 86 गिद्ध मिले थे, जो इस बार 156 काउंट किए गए हैं। वन विहार के गिद्ध संरक्षण केंद्र में सफेद पीठ वाले गिद्धों की संख्या में इजाफा हुआ है। कभी विलुप्त होने की कगार पर थे गिद्ध एक्सपर्ट के मुताबिक, गिद्ध जल्दी अपना साथी या मैटिंग पेयर नहीं बनाते हैं। यह पक्षी असल में नर्वस किस्म का जीव है। इस मामले में शर्मिला कहा जा सकता है। गिद्ध कभी विलुप्त होने की कगार पर थे। मप्र सहित देशभर में 'धरती के सफाई दूत' की संख्या बुरी तरह घटती जा रही थी, लेकिन अब प्रदेश में इनकी संख्या लगातार बढ़ रही है। वन विहार में 3 साल पहले हरियाणा से लाए गए थे गिद्ध भोपाल के वन विहार नेशनल पार्क में करीब तीन साल पहले हरियाणा से सफेद पीठ वाले 20 गिद्ध लाए गए थे। 1100 किलोमीटर की यात्रा करके यह भोपाल पहुंचे थे। वर्तमान में यह गिद्ध संरक्षण एवं संवर्धन केंद्र की एवरी में है। 20 व्हाइट रम वल्चर (सफेद पीठ वाले गिद्ध) में 5 नर और 5 मादा, 10 सब एडल्ट गिद्ध थे। अंडे से जीवित निकलने का सक्सेस रेट 50% गिद्ध साल में एक ही बार अंडे देते हैं। साइज में यह मुर्गी के अंडे से तीन गुना बड़े होते हैं। मई-जून से अक्टूबर के दौरान मैटिंग सीजन और अंडे देने का समय होता है। अंडे से बच्चे जीवित निकलने का सक्सेस रेट 50% माना जाता है। यही वजह है कि आधे अंडे विकसित नहीं होते हैं। अंडे से 55 दिन में बच्चा निकलता है। चार महीने बच्चा घोंसले में रहता है। फिर वह उड़ने के लिए तैयार हो जाता है। संरक्षण प्रयासों का असर भोपाल के केरवा डैम में 2014 में गिद्ध प्रजनन केंद्र की स्थापना के साथ संरक्षण अभियान शुरू हुआ। मार्च 2017 में यहां सफेद पीठ वाले गिद्ध का पहला सफल प्रजनन दर्ज किया गया। इसके अलावा पन्ना, रायसेन (हलाली डैम), शिवपुरी और गांधीसागर अभयारण्य (मंदसौर) में भी विशेष संरक्षण कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। वन विभाग गिद्धों को प्राकृतिक आवास में छोड़ने से पहले उन पर जीपीएस ट्रैकर लगाता है, ताकि उनकी सुरक्षा और गतिविधियों की निरंतर निगरानी की जा सके। प्रदेश में गिद्धों की बढ़ती संख्या वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। 2014 में शुरू हुए थे संरक्षण के प्रयास भोपाल के केरवा डैम में गिद्ध प्रजनन केंद्र की स्थापना के साथ वर्ष 2014 में गिद्धों के संरक्षण के प्रयास शुरू हुए थे। मार्च 2017 में यहां पहले सफल प्रजनन के रूप में सफेद पीठ वाले गिद्ध का चूजा पैदा हुआ था। यहां सफेद पीठ वाले (Oriental White-backed) और लंबी चोंच वाले (Long-billed) गिद्धों का प्रजनन किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, गिद्धों के संरक्षण और उनके प्राकृतिक आवास के लिए पन्ना (पवई), रायसेन (हलाली डैम), शिवपुरी और गांधीसागर अभयारण्य (मंदसौर) में भी विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। 2016 में पहली बार हुई थी गणना मध्य … Read more

महादेव की होली सीहोर में धूमधाम से, पंडित मिश्रा ने नबाव के बंद करने की बात बताई और शांति की कामना की

सीहोर  सीहोर में महादेव की होली गुरुवार को शुरू हो चुकी है। काशी, मथुरा और बरसाना की तर्ज पर यहां पर फूल-गुलाल से होली खेली जाएगी। कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि पहले सीवन नदी किनारे होली खेली जाती थी। नबाव साहब ने इसे बंद करा दिया था, अब हमने फिर से शुरू किया।  उन्होंने कहा भगवान शिव के स्वरूप को सब जानें कि उनकी भक्ति का रंग अजर-अमर है। इजराइल-अमेरिका, ईरान में चल रहे युद्ध पर भी कथावाचक ने कहा कि किसी न किसी कारण से देश बर्बाद हो रहे हैं। सारे राष्ट्र में अब शांति हो यह युद्ध अब समाप्त होना चाहिए। सब पर बाबा देवाधिदेव महादेव की कृपा बनी रहे। भारत का एक-एक नागरिक प्रार्थना करता है कि सभी जगह पर शांति हो। फूल-गुलाल से खेली जाती है होली इस होली की खास बात यह है कि इसमें केवल गुलाल और फूलों का उपयोग किया जाता है। पानी या पानी में घुले रंगों का प्रयोग पूरी तरह वर्जित है। इसका उद्देश्य यह है कि दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को वापस घर लौटते समय किसी तरह की असुविधा न हो। पांच शिव मंदिरों में खेली जाती है होली महादेव की होली शहर के छावनी स्थित चमत्कारेश्वर महादेव मंदिर से शुरू होकर विभिन्न शिव मंदिरों से होती हुई आगे बढ़ती है। इसके बाद यह गुप्तेश्वर महादेव मंदिर, पिपलेश्वर महादेव मंदिर और नर्मदेश्वर महादेव मंदिर होते हुए प्राचीन मनकामेश्वर महादेव मंदिर पहुंचती है। यहां विशेष आरती के साथ आयोजन का समापन किया जाता है। शिव और गुरु के साथ होली का संदेश पंडित प्रदीप मिश्रा के अनुसार यह होली शिव और गुरु के साथ खेली जाती है, जो यह संदेश देती है कि बड़ों के सानिध्य में जीवन खुशियों के रंगों से भर जाता है। उनका कहना है कि शिव ही ऐसे हैं जिनका रंग एक बार चढ़ जाए तो जीवन भर नहीं उतरता। देशभर के श्रद्धालुओं को किया आह्वान पंडित मिश्रा ने देशवासियों से अपने-अपने शिव मंदिरों में भगवान शिव को चंदन युक्त जल अर्पित करने का आह्वान किया है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की है कि महादेव की होली उत्साह के साथ लेकिन पूरी शांति और अनुशासन के साथ मनाएं।

मध्यप्रदेश में भीषण गर्मी, तापमान सामान्य से 3°C ऊपर; इंदौर-उज्जैन संभाग में रिकॉर्ड हाई, होली पर भोपाल और ग्वालियर-जबलपुर भी गर्म

भोपाल  मार्च का पहला सप्ताह खत्म होते-होते ही मध्यप्रदेश में गर्मी ने रफ्तार पकड़ ली है। होली के मौके पर अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब 3 डिग्री ज्यादा है। दिन के साथ-साथ रात का तापमान भी बढ़ने लगा है, जिससे मौसम में गर्मी का अहसास तेज हो गया है। सबसे ज्यादा असर इंदौर और उज्जैन संभाग में देखने को मिला। वहीं भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर में भी होली के दिन तेज धूप ने लोगों को झुलसाया। प्रदेशभर में आसमान साफ रहा और बारिश या बादलों की कोई स्थिति नहीं बनी, जिससे तापमान तेजी से ऊपर चढ़ा।  मौसम विभाग के अनुसार इंदौर और उज्जैन संभाग में सबसे ज्यादा गर्मी दर्ज की गई। वहीं भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर भी गर्म रहे। अगले चार दिनों में और बढ़ेगा तापमान भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार प्रदेश में अगले चार दिनों तक मौसम का मिजाज लगभग ऐसा ही बना रहेगा। दिन के तापमान में 2 से 4 डिग्री तक बढ़ोतरी हो सकती है। 6 मार्च से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है। इसके प्रभाव से प्रदेश के कुछ हिस्सों में मौसम में हल्का बदलाव आ सकता है और बादल छाने के साथ हल्की बारिश भी हो सकती है। 40 डिग्री तक पहुंच सकता है पारा मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले चार दिनों में अधिकतम तापमान में करीब 4 डिग्री तक बढ़ोतरी हो सकती है। ऐसे में संभावना है कि मार्च के पहले ही पखवाड़े में प्रदेश का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। होली पर तेज धूप से बढ़ी गर्मी होली के दिन पूरे प्रदेश में तेज धूप रही और कहीं भी बारिश या बादल नहीं दिखाई दिए। इस कारण गर्मी का असर अधिक महसूस किया गया। नर्मदापुरम में इस सीजन में पहली बार अधिकतम तापमान 37.7 डिग्री दर्ज किया गया। धार, रतलाम और सागर में भी तापमान 36 डिग्री या उससे अधिक रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा गुना, दमोह, खंडवा, टीकमगढ़, खजुराहो, खरगोन, श्योपुर और मंडला में तापमान 35 डिग्री से ज्यादा रहा। प्रदेश के एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी में ही तापमान 30 डिग्री से नीचे रहा। रात का तापमान भी बढ़ा प्रदेश में दिन के साथ रातें भी गर्म हो गई हैं। मंगलवार-बुधवार की रात बैतूल, गुना, नर्मदापुरम, खंडवा, रतलाम, श्योपुर, जबलपुर, नरसिंहपुर, सागर, सिवनी और टीकमगढ़ में न्यूनतम तापमान 16 डिग्री या उससे अधिक दर्ज किया गया। सबसे अधिक न्यूनतम तापमान धार में 19 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। अप्रैल-मई में चल सकती है लू मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मार्च में लू चलने की संभावना कम है, लेकिन अप्रैल और मई में गर्मी का असर ज्यादा रहेगा। इन महीनों में करीब 15 से 20 दिन तक लू चलने का अनुमान है। मार्च में तीनों मौसम का असर पिछले 10 वर्षों के आंकड़ों के अनुसार मध्य प्रदेश में मार्च के दौरान दिन गर्म और रातें ठंडी रहती हैं, जबकि कभी-कभी बारिश भी होती है। अनुमान है कि भोपाल, इंदौर और उज्जैन में अधिकतम तापमान 40 डिग्री से अधिक पहुंच सकता है, जबकि रात का तापमान 10 से 17 डिग्री के बीच रह सकता है। फरवरी में चार बार बदला मौसम इस साल फरवरी में प्रदेश में चार बार मौसम बदला। महीने की शुरुआत में दो बार ओले, बारिश और आंधी का दौर चला, जिससे फसलों को नुकसान हुआ। इसके बाद 18 फरवरी से तीसरी बार प्रदेश में बारिश हुई और 19, 20 और 21 फरवरी को भी इसका असर रहा। वहीं 23 और 24 फरवरी को चौथी बार ओले और बारिश दर्ज की गई।

इंदौर के जंगलों में बाघ लौटे, बन रहा है एक नया वाइल्डलाइफ कॉरिडोर

 इंदौर  वर्ल्ड वाइल्डलाइफ डे के मौके पर इंदौर वनमंडल से एक सकारात्मक संकेत सामने आया है। यहां के जंगल इन दिनों बाघों और तेंदुओं के लिए तेजी से अनुकूल बनते जा रहे हैं। घने वन, पर्याप्त जल स्रोत और शिकार की उपलब्धता ने चोरल-महू-मानपुर क्षेत्र को फिर से बड़े वन्यजीवों का ठिकाना बना दिया है। जनवरी से फरवरी के बीच चोरल क्षेत्र में बाघ की मौजूदगी के पुख्ता प्रमाण मिले हैं। कई स्थानों पर बाघ के पंजों के निशान और विष्ठा पाई गई है, जबकि तेंदुओं की गतिविधियां लगातार देखी जा रही हैं। उदयनगर से बड़वाह तक नया टेरीटरी विकसित कर रहे दिसंबर में हुई बाघ गणना के दौरान भी इंदौर वनमंडल के नाहरझाबुआ-भड़किया, उमठ-वेका और मलेंडी-मांगलिया क्षेत्रों में बाघ की हलचल दर्ज की गई। वन अधिकारियों के अनुसार बाघ अब उदयनगर से बड़वाह तक नया टेरीटरी विकसित कर रहे हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि खिवनी अभयारण्य से लेकर उदयनगर-बड़वाह तक का क्षेत्र एक संभावित वाइल्डलाइफ कारिडोर के रूप में उभर रहा है। देहरादून स्थित वाइल्डलाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया भी इस क्षेत्र को महत्वपूर्ण कॉरिडोर मानता है। हालांकि, विकास परियोजनाओं के कारण जंगलों का दायरा प्रभावित हुआ है। नए सुरक्षित क्षेत्रों की ओर बढ़ रहे हैं इंदौर-खंडवा मार्ग, महू-सनावद रेल लाइन और अन्य परियोजनाओं से वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास बाधित हुआ, जिससे वे नए सुरक्षित क्षेत्रों की ओर बढ़ रहे हैं। यही कारण है कि 2022 से 2024 के बीच कई बार बाघ इन इलाकों में नजर आए हैं। चोरल, महू और इंदौर के कई क्षेत्रों में कैमरा ट्रैप लगाए वन विभाग ने बाघ और तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए चोरल, महू और इंदौर के कई क्षेत्रों में कैमरा ट्रैप लगाए हैं। इनसे मिली तस्वीरों का अध्ययन देहरादून स्थित संस्थान में किया जा रहा है, ताकि बाघों की संख्या और मूवमेंट का सटीक आकलन हो सके। इसलिए बढ़ रही है गतिविधि विशेषज्ञों के अनुसार क्षेत्र में सांभर, चीतल, हिरण और नीलगाय जैसे शाकाहारी वन्यजीवों की संख्या बढ़ने से बाघों को पर्याप्त शिकार मिल रहा है। वहीं जंगलों में बढ़ती मानव गतिविधियों और निर्माण कार्यों के कारण वन्यजीव नए सुरक्षित आवास की तलाश में हैं। मांचल और मोरोद जैसे क्षेत्रों में औद्योगिक और अन्य प्रस्तावित गतिविधियों से भी वनक्षेत्र पर दबाव बढ़ा है। सुरक्षा बनी बड़ी चुनौती विशेषज्ञ अभय जैन का कहना है कि यदि इस उभरते कारिडोर को संरक्षित किया जाए तो बाघों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की जा सकती है। इसके लिए विकास और संरक्षण के बीच संतुलन जरूरी है।     सूचना तंत्र मजबूत किया जा रहा है और गर्मियों में आग, अतिक्रमण व अवैध कटाई को रोकने के लिए विशेष रणनीति बनाई जा रही है। इंदौर-चोरल-महू क्षेत्र में बाघों की बढ़ती मौजूदगी एक ओर जहां संरक्षण प्रयासों की सफलता का संकेत है, वहीं यह जिम्मेदारी भी बढ़ाती है कि इन जंगलों और वन्यजीवों को सुरक्षित रखा जाए।     -लाल सुधाकर सिंह, डीएफओ, इंदौर वनमंडल  

शिवराज सिंह चौहान ने जन्मदिन पर तय किए 5 संकल्प, समर्थकों से कहा—गिफ्ट मत लाना, करेंगे छात्रों को सम्मानित

भोपाल केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान पांच मार्च को यानी आज अपने जन्मदिन पर पांच बड़े संकल्प लेने जा रहे हैं। वे पर्यावरण, सेवा, सहायता, शिक्षा और प्रतिभा प्रोत्साहन को लेकर पंच पर प्रण लेंगे। उनका जन्मदिन उनके संसदीय क्षेत्र विदिशा में प्रेम-सेवा संकल्प दिवस के रूप में मनाया जाएगा। शिवराज आज अपने जन्मदिन पर विदिशा में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे।  केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का आज 67वां जन्मदिन है। शिवराज सिंह चौहान ने अपना जन्मदिन ‘प्रेम-सेवा संकल्प दिवस’ के रूप में मनाने का फैसला किया है। इसके साथ ही वह मध्य प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर कोचिंग कक्षाओं और मोबाइल अस्पतालों की शुरुआत करेंगे। यह जानकारी उनके कार्यालय द्वारा जारी एक बयान में दी गई। शिवराज सिंह चौहान को मध्य प्रदेश में ‘मामा’ के नाम से जाना जाता है। उनके जन्मदिन पर शुरू की जाने वाली कोचिंग कक्षाओं तथा अस्पतालों के नाम में भी ‘मामा’ शब्द जोड़ा जाएगा। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री चौहान पर्यावरण, सेवा, सहयोग, शिक्षा और प्रतिभा संवर्धन से जुड़े पांच संकल्प भी लेंगे। उपहार नहीं लेंगे शिवराज सिंह चौहान पूर्व सीएम और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने समर्थकों से अपील की है कि वे उनके जन्मदिन पर माला, गुलदस्ता, शॉल या कोई भी उपहार लेकर नहीं आएं। उन्होंने शुभचिंतकों से एक पौधा लगाने और उसकी तस्वीर क्यूआर कोड के माध्यम से एक पोर्टल पर अपलोड करने की अपील की है, जिससे वे शिव वृक्ष मित्र बन सकेंगे। ईनाम देने की घोषणा शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि उन्होंने अपने माता-पिता की स्मृति में ‘प्रेम-सुंदर प्रतिभा सम्मान’ पुरस्कार शुरू करने का निर्णय लिया है, जिसके तहत विदिशा लोकसभा क्षेत्र के आठों विधानसभा क्षेत्रों में 10वीं कक्षा और 12वीं कक्षा में अव्वल स्थान पाने वाले छात्रों को क्रमश 51,000 रुपये, 31,000 रुपये और 21,000 रुपये की नकद राशि दी जाएगी। लोकसभा क्षेत्र स्तर पर शीर्ष तीन स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को विशेष सम्मान भी दिया जाएगा। मामा चलित अस्पताल का शुभारंभ करेंगे शिवराज सिंह चौहान ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए आठों विधानसभा क्षेत्रों में ‘मामा चलित अस्पताल’ की भी शुरुआत करेंगे। इन वाहनों में आधुनिक जांच सुविधाएं और चिकित्सक उपलब्ध रहेंगे, जो गांवों और बस्तियों में लोगों को फ्री इलाज और परामर्श देंगे। यह पहल सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास निधि और जनसहयोग से संचालित की जाएगी। फ्री कोचिंग क्लासेस की शुरुआत विदिशा शहर, रायसेन और भैरुंदा में ‘मामा कोचिंग क्लासेस’ भी शुरू की जाएंगी। इन केंद्रों पर बैंकिंग, एसएससी, एमपीपीएससी, डीआरडीओ और वन सेवा जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी फ्री कराई जाएगी। स्वागत में माला, गुलदस्ते और गिफ्ट नहीं शिवराज सिंह चौहान ने अपने दोनों मंत्रालयों कृषि और ग्रामीण विकास मंत्रालय में यह परंपरा शुरू करा दी है कि विभागीय कार्यक्रमों में गुलदस्ते, शाल, और मोमेंटो के बजाय पौधे भेंट करके स्वागत करें। पर्यावरण संरक्षण की इस पहल पर उनका कहना है उपहार न दें, उपकार करें। पौधे लगाने वाले लोग एक क्यूआर कोड के जरिए अपनी फोटो पोर्टल पर अपलोड करके शिव वृक्ष मित्र बन सकेंगे। उन्होंने अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं से आह्वान करते हुए कहा है कि, इस बार उनके जन्मदिन पर कोई भी होर्डिंग, शाल या बुके न लाए। धरती माता को बचाने के इस पुण्य अभियान में मेरा साथ दें, आने वाली पीढ़ी के लिए जीवन सुरक्षित करना ही मेरा सबसे बड़ा उपहार होगा। माता पिता की स्मृति में प्रेम-सुंदर प्रतिभा सम्मान शिवराज सिंह चौहान ने अपने माता-पिता की स्मृति में ''प्रेम-सुंदर प्रतिभा सम्मान'' शुरू करने का निर्णय लिया है। विदिशा लोकसभा की आठों विधानसभाओं में 10वीं और 12वीं के टॉपर्स को 51,000, 31,000 और 21,000 की सम्मान राशि दी जाएगी। लोकसभा स्तर पर प्रथम तीन स्थान पाने वालों को विशेष बड़े पुरस्कारों से नवाजा जाएगा। मामा चलित अस्पताल विदिशा संसदीय क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए सभी आठों विधानसभाओं में मामा चलित अस्पताल शुरू किए जाएंगे। इन वाहनों में आधुनिक जांच सुविधाएं और योग्य डॉक्टरों की टीम होगी, जो गांव-गांव और मजरे-टोलों में जाकर निश्शुल्क इलाज और परामर्श देगी। मामा चलित अस्पताल का संचालन पूर्ण रूप से सांसद निधि और जनसहयोग से किया जाएगा। दिव्यांगों को गिफ्ट करेंगे मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल शिवराज सिंह चौहान ने विदिशा में दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक विशेष पहल तेज कर दी है। इस अभियान के तहत क्षेत्र में दिव्यांगजनों की पहचान कर उन्हें मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल भेंट की जा रही है, ताकि उनकी दैनिक आवाजाही सुगम हो सके और वे बिना किसी पर निर्भर हुए अपने कार्य कर सकें।  

प्राथमिक वा माध्यमिक विद्यालय के शिक्षकों को नही है बात करने की तजुर्बा मुंह से निकालते आग

प्राथमिक वा माध्यमिक विद्यालय के शिक्षकों को नही है बात करने की तजुर्बा मुंह से निकालते आग  राजेंद्रग्राम  कार्यालय विकासखंड पुष्पराजगढ़ अंतर्गत आने वाली एकीकृत माध्यमिक विद्यालय नगमला वा शासकीय प्राथमिक विद्यालय के शिक्षकों के द्वारा किसी संस्था से आए हुए अधिकारी कर्मचारी वा पत्रकारो के आने से सिक्षको में खलबली मच जाती है।और सभी शिक्षक एक जगह आए हुए अधिकारी कर्मचारी वा पत्रकार बंधुओ को घेर कर उसका इंटरव्यू लेने के कगार में होते है।कहा जाता है की आप लोगों से हमारा कोई लगाओ नही है क्यू आए और किस लिए आए हो शिक्षकों का इंटरव्यू पत्रकारों को लेने की बजाय पत्रकारों का इंटरव्यू शिक्षकों के द्वारा लिया जाता है।और कहा तो जितना प्रधाना ध्यापक का अधिकार नही होता है उससे कई ज्यादा अधिकार दो दिनों का मेहमान अतिथि शिक्षको को बोलने का अधिकार दिया जाता है।और अतिथि शिक्षको के पास इतना भी तजुर्बा नही होता की को कोई परिचय पूछते है तो उनका नाम पूछने से नाम वा परिचय नही बताया जाता है क्या शिक्षा विभाग के द्वारा यही संस्कार विद्यार्थियों को दिलाए जाने की सलाह अपने शिक्षा कर्मियों  को सिखाया जाता है और अगर ऐसे शिक्षको को आने वाले टाइम में भर्ती करेगी सरकार तो विद्यार्थियों का उज्वल भविष्य क्या कभी साकार हो सकेगी। अतिथि शिक्षक के द्वारा बनाया गया वीडियो रिकॉर्डिंग एकीकृत माध्यमिक विद्यालय नगमला के अतिथि शिक्षक को नाम पूछने पर नाम नही बताया गया और अपने मोबाइल का कैमरा चालू कर वीडियो बनाने में लग जाते है अगर बच्चो से कोई उनके ही किताब से कोई प्रश्न पूंछ लिया जाता है तो बच्चे उस प्रश्न का जवाब नही दे पाते है अगर वीडियो बनाने की जगह विद्यार्थियों को पढ़ाया लिखाया जाता तो सही तरीके से विद्यार्थियों अपना शिक्षा ग्रहण कर पाते और कभी कोई भी प्रश्न पूछने पर सही सही जवाब जरूर दे पाते ना की सिर नीचे कर लिया करते और सभी विभागों से अच्छा शिक्षा विभाग को माना गया है,जहां शिक्षा मिलती है ,लेकिन ऐसे शिक्षको के द्वारा शिक्षा विभाग वा अच्छा शिक्षा  कर्मचारियों को बदनाम करने के लिए तुले बैठे हैं।और सासन प्रशासन को भी बदनाम किया जाता है। समय से नही खुलता है, विद्यालय नही आते शिक्षक जानकारी के अनुसार बताया गया की शिक्षक अपने मनमानी से विद्यालय खोलते है और मनमानी से बंद किया जाता है और समय से विद्यालय में उपस्थित ही नही होते है और सौचालय मेंशिक्षको के द्वारा ताला लगाकर विद्यार्थियों को सौच के लिए नदी तालाब में भेजने के लिए मजबूर किया जाता है ,और बच्चों को डांट फटकार व प्रताड़ित भी किया जाता है।ग्रामीणों का कहना है की उचित व्यवस्था कराकर विद्यार्थियों की उज्ज्वल भविष्य की कामना करते है।

अमरकंटक माउंटेन ट्रैक का दूसरा दिन: जोहिला की वादियों और सघन वनों के बीच रोमांच का अद्भुत अनुभव

अमरकंटक माउंटेन ट्रैक का दूसरा दिन जोहिला की वादियों और सघन वनों के बीच रोमांच का अद्भुत अनुभव अनूपपुर अनूपपुर जिला प्रशासन और इंडियाहाइक्स के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित चार दिवसीय ‘अमरकंटक वॉटरफॉल माउंटेन ट्रैक’ के दूसरे दिन ट्रैकर्स ने प्रकृति के अनछुए और रोमांचकारी स्वरूप का सजीव अनुभव किया। यात्रा का दूसरा पड़ाव जोहिला डैम और उसके आसपास के सघन वन क्षेत्रों में केंद्रित रहा। प्राकृतिक सौंदर्य और साहसिक अनुभव सुबह ट्रैकर दल ने जोहिला के जलभराव क्षेत्र और विंध्य पर्वतमाला के घने वनों के बीच ट्रैकिंग की। जल और हरियाली के संगम ने प्रतिभागियों को मंत्रमुग्ध कर दिया।   उन्होने इस रूट को अंतरराष्ट्रीय स्तर के ट्रैकिंग अनुभव के समकक्ष बताया। ट्रैकर्स  ने बताया कि अमरकंटक क्षेत्र की जैव-विविधता, शांत वातावरण और प्राकृतिक संरचना इसे एक आदर्श इको-टूरिज्म डेस्टिनेशन बनाती है। ‘ग्रीन ट्रेल्स’ और ज़ीरो वेस्ट का अनुकरणीय पालन  कलेक्टर श्री हर्षल पंचोली की मंशा के अनुरूप ‘जीरो वेस्ट’ नीति का दूसरे दिन भी सख्ती से पालन किया गया। इंडियाहाइक्स के दल प्रमुख अंकित कुमार के नेतृत्व में ट्रैकर्स ने न केवल अपना कचरा वापस लाया, बल्कि मार्ग में मिले अन्य अजैविक कचरे को भी एकत्रित कर ‘ग्रीन टराइलस’ अभियान को सशक्त किया। यह पहल पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रतिभागियों की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। स्थानीय गाइड और रोजगार के नए अवसर ट्रैकिंग के दौरान स्थानीय गाइडों ने प्रतिभागियों को क्षेत्र की वनोषधियों, भौगोलिक विशेषताओं और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि की जानकारी दी। प्रशासन की इस पहल से स्थानीय स्तर पर सकारात्मक वातावरण निर्मित हुआ है, क्योंकि ऐसे आयोजनों से होम-स्टे, गाइड सेवा और स्थानीय उत्पादों के माध्यम से रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। अगला पड़ाव पडौना वॉटरफॉल ट्रैक का अगला चरण पडौना वॉटरफॉल की ओर होगा, जहाँ प्रतिभागी भव्य जलप्रपात के मध्य प्रकृति की अनुपम छटा का आनंद लेंगे। 3 मार्च को संपन्न होने वाली यह यात्रा अनूपपुर जिले को एडवेंचर टूरिज्म के मानचित्र पर एक नई पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

कठिन हालात में भी पीएम मोदी ने निकाला समाधान: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रधानमंत्री  मोदी ने विपरीत परिस्थितियों में समाधान की राह निकाली है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्य पूर्व एशिया में युद्ध की स्थिति में मध्यप्रदेश के निवासियों की सहायता के लिए विशेष व्यवस्थाएं भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्य पूर्व एशिया खाड़ी युद्ध की स्थिति पर मध्य प्रदेश के नागरिकों की सहायता के लिए महत्वपूर्ण व्यवस्थाएं की गई हैं। इसके लिए विशेष कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। मध्यप्रदेश शासन इस बारे में संवेदनशील है। गृह विभाग, मध्यप्रदेश शासन और नई दिल्ली में आवासीय आयुक्त कार्यालय मध्य प्रदेश भवन की टीम तैनात है। सीएम हेल्पलाइन 181 नंबर पर परिजन से प्राप्त हो रही सूचनाओं को गंभीरता से लिया जा रहा है। सभी का पंजीयन और रिकॉर्ड भी रखा जा रहा है। भारत शासन के विदेश मंत्रालय से समन्वय स्थापित कर नागरिकों को सुरक्षित वापस स्वदेश बुलवाने की व्यवस्था की गई है। इस अवधि में नागरिकों के लिए भोजन और अन्य व्यवस्थाओं की चिंता की जा रही है। परिजनों से भी संवाद स्थापित किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि नई दिल्ली में स्थापित कंट्रोल रूम का दूरभाष नंबर 011-26772005, व्हाट्सऐप नम्बर – 9818963273 और ईमेल आईडी – mphelpdeskgulf@gmail.com है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के सक्षम नेतृत्व में भारत सरकार ने पूर्व में भी ऐसी विपरीत परिस्थितियों में समाधान की राह निकाली है। केन्द्रीय गृह मंत्री  अमित शाह भी संपूर्ण स्थिति पर नजर रखते हुए समीक्षा कर रहे हैं। विदेश मंत्रालय सहित सभी संबंधित मंत्रालय भी गतिशील हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार मध्य पूर्व एशिया में युद्ध की परिस्थितियों के संबंध में पूर्ण सजग और संवेदनशील है। मध्यप्रदेश सरकार के प्रयासों के अच्छे परिणाम भी आ रहे हैं। लगभग 50 परिवारों द्वारा पंजीयन करवाया गया है। मेरा यही अनुरोध है कि सीएम हेल्पलाइन एवं नई दिल्ली स्थित कंट्रोल रूम पर नागरिक संपर्क कर सकते हैं। यह चुनौती अवश्य है लेकिन कठिन कार्य नहीं है। इस चुनौती का हम समुचित ढंग से सामना कर हल निकल रहे हैं। कृपया इस व्यवस्था पर विश्वास बनाए रखें और अपनी कठिनाइयों के लिए हेल्पलाइन पर अवगत करवाने का कष्ट करें और अपना जीवन सुरक्षित करें। सेफ रहें और एक रहें।  

ग्राम झांपी से 19 वर्षीय युवक हुआ लापता

ग्राम झांपी से 19 वर्षीय युवक हुआ लापता उमरिया उमरिया जिले के बिलासपुर तहसील अंतर्गत ग्राम झांपी से जमुना कोल पिता पंजू कोल उम्र लगभग 19 वर्ष 2मार्च से लापता है। जिसकी कोई भी सुराग नहीं मिल रही है। वही लड़के के पिता ने जानकारी देते ही बताएं कि 2 मार्च की रात लगभग 8:00 बजे ग्राम बड़खेरा से दो लड़के बाइक से आए थे। और उसे बिरसिंहपुर से अखड़ार की ओर रास्ते से लेकर गए हैं। उसी दिन से मेरे लड़के का कुछ भी पता नहीं चल रहा है। और बताया कि मेरे द्वारा पुलिस चौकी बिलासपुर में भी जानकारी दी गई है।लेकिन अभी तक कुछ भी पता नहीं चल रहा है। लड़के के न मिलने से परिजनों का रो-रो करके बुरा हाल है।तीन दिनों से लड़का लापता है।

होली का पर्व हर आंगन में खुशियां, शांति और समृद्धि के रंग भरता है: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

हर आंगन में सुख, शांति और समृद्धि के नए रंग बिखेरता है होली का उत्सव: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संतों , समाजसेवियों, जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों, कार्यकर्ताओं और मीडिया के साथियों के साथ खेली होली मुख्यमंत्री निवास में आयोजित होली मिलन समारोह में सभी को दीं मंगलकामनाएं सभी ने हर्षोल्लास और आत्मीयता के साथ एक-दूसरे को रंग-गुलाल लगाकर दीं बधाई ब्रज, बरसाने और होली गीतों के साथ मयूर नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति से सराबोर हुआ वातावरण भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को मुख्यमंत्री निवास में आयोजित होली मिलन समारोह में प्रदेशवासियों को उत्साह, उमंग और समरसता के पावन पर्व होली की बधाई और मंगलकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह उत्सव हर आंगन में सुख, शांति और समृद्धि के नए रंग बिखेरे और समाज में सद्भाव-सकारात्मकता और एकता का रंग सदा चटक रहे यही कामना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी से आत्मीयता और सौहार्द के साथ त्यौहार मनाने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने होली पर मुख्यमंत्री निवास पहुंचे नागरिकों के साथ होली की मंगलकामनाओं का आदान-प्रदान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री निवास पधारे संतों से आशीर्वाद प्राप्त किया। वरिष्ठ और गणमान्य नागरिकों का अभिवादन किया तथा सभी आगंतुकों पर पुष्प वर्षा एवं गुलाल उड़ाकर मेजबान के रूप में सबका स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सांस्कृतिक प्रस्तुति देने वाले कलाकारों को गुलाल लगाया और पारम्परिक वाद्य यंत्रों के साथ उनके सुर में सुर भी मिलाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को मुख्यमंत्री निवास पधारे राज्य मंत्री  नरेंद्र शिवाजी पटेल, वरिष्ठ सांसद  विष्णु दत्त शर्मा, विधायक  रामेश्वर शर्मा, नगर निगम अध्यक्ष  किशन सूर्यवंशी, मुख्य सचिव  अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव  नीरज मंडलोई,  मनु वास्तव,  शिवशेखर शुक्ला , प्रमुख सचिव  उमाकांत उमराव , सचिव परिवहन एवं आयुक्त जनसंपर्क  मनीष सिंह, खाटू श्याम मंदिर भोपाल के प्रमुख प्रचारक पूज्य अनिल आनंद महाराज सहित कई जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों, पत्रकार गण और वरिष्ठ अधिकारियों ने मंगल कामनाएं दीं। मुख्यमंत्री निवास में आयोजित होली मिलन समारोह में उड़ते रंग गुलाल और पुष्प वर्षा के बीच, ब्रज-बरसाने के होली गीतों, पारंपरिक संगीत और मयूर नृत्य के साथ उल्लास और उमंग से सराबोर वातावरण में सभी ने शालीनता के साथ पर्व का आनंद लिया। मंच पर प्रस्तुति दे रहे कलाकारों ने रंग बरसे, होली के दिन दिल खिल जाते हैं, होली खेलें रघुवीरा, आज ब्रज में होली रे रसिया जैसे होली गीतों का सस्वर गायन कर सभी के उल्लास को दोगुना कर दिया। मुख्यमंत्री निवास में होली पर्व पर आयोजित मिलन समारोह में सभी को गुजिया, बालूशाही, ठंडाई सहित कई परंपरागत व्यंजन परोसे गए।