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अधिमान पत्रकार नेतृत्व सनिति के ब्लॉक अध्यक्ष बने छबिलाल महरा

अधिमान पत्रकार नेतृत्व सनिति के ब्लॉक अध्यक्ष बने छबिलाल महरा  राजेंद्रग्राम  अधिमान पत्रकार नेतृत्व समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष डल्लू कुमार सोनी व अनूपपुर जिला के जिलाध्यक्ष प्रवीण  कुमार चंद्रवंशी जी के नेतृत्व में पुष्पराजगढ़ के ब्लॉक अध्यक्ष छबिलाल महरा जी को घोषित किया गया। जिसमें जिला व ब्लॉक के सभी सदस्यों के द्वारा स्वागत वंदन अभिनंदन कर अपने काम को निष्ठा पूर्वक करने का दिशा निर्देश दिया गया है। जहां समिति के कर्मचारियों के द्वारा बधाई दिया गया।व क्षेत्रवासियों ने ब्लॉक अध्यक्ष बनने पर खुशी जाहिर किए हैं वह बधाई दिए हैं।

फिल्म अभिनेत्री मेधा शंकर ने बाबा महाकाल की शरण में बिताए दो घंटे, की शिव आराधना

उज्जैन  विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर मंदिर में रोजाना सेलिब्रिटी अपनी मनोकामना लिए आते हैं. मंगलवार को अलसुबह होने वाली भस्म आरती में फिल्म अभिनेत्री मेधा शंकर शामिल हुईं. मेधा शंकर उभरती अभिनेत्री हैं. वह 12वीं फेल फिल्म में लीड रोल निभा चुकी हैं. मेधा ने भस्म आरती के दर्शन किए और काफी देर तक भगवान शिव की आराधना की. दर्शन के बाद क्या बोली मेधा शंकर श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति की ओर से इंजीनियर शिवाकांत पांडे द्वारा मेधा शंकर का स्वागत एवं सत्कार किया गया. मेधा ने चांदी द्वार से माथा टेक भगवान का आशीर्वाद लिया. नंदी हॉल में 2 घंटे बैठकर भगवान शिव की भक्ति में लीन रही. इसके बाद अभिनेत्री मेधा शंकर ने कहा "मैं दूसरी बार दर्शन आई हूं. पहले वर्ष 2024 में आई थी. अच्छे व सुगम दर्शन हुए हैं. बाबा महाकाल के दर्शन करने से ही सारी समस्याएं दूर हो जाती हैं. वह उम्मीद करती हैं कि बाबा महाकाल इसी प्रकार उन्हें अपने दर पर बुलाते रहें." मंदिर का इतिहास, महत्व बताया दो दिन पहले सुषमा स्वराज विदेश सेवा संस्थान के 43 सदस्यीय दल ने श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचकर कर बाबा महाकाल के दर्शन लाभ प्राप्त किए. मंदिर प्रबंध समिति की ओर से डेलीगेशन के सदस्यों का स्वागत एवं सत्कार किया गया गया. प्रबंध समिति के सदस्यों ने इस मौके पर अतिथियों को श्री महाकालेश्वर मंदिर की प्राचीनता, धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्ता, मंदिर की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि से अवगत कराया. सभी सदस्यों नंदी हॉल में बैठ शिव साधना की. श्री महाकालेश्वर मंदिर में फिल्मी हस्तियों के साथ ही क्रिकेटर्स, राजनेता, उद्योगपति लगातार आते हैं. यहां वीवीआईपी मूवमेंट बना ही रहता है. बॉलीवुड कलाकार अपनी फिल्म रिलीज होने से पहले बाबा महाकाल के दर हाजिरी लगाते हैं. अगर इंदौर के आसपास फिल्म की शूटिंग होती है तो भी सारे कलाकार महाकालेश्वर मंदिर आते हैं. इंदौर में क्रिकेट मैच खेलने से पहले और बाद में क्रिकेटर्स लगातार हाजिरी लगाते रहते हैं. 

भोपाल में आसमान साफ, लेकिन एमपी के 5 जिलों में बारिश की चेतावनी

भोपाल  मध्य प्रदेश में फरवरी का महीना इस बार पूरी तरह बदला-बदला नजर आ रहा है। प्रदेश में चौथी बार बारिश का दौर शुरू हो चुका है। दक्षिणी हिस्से में बने कम दबाव के क्षेत्र और दो सक्रिय द्रोणिकाओं के कारण कई जिलों में आंधी, गरज-चमक और हल्की से मध्यम वर्षा का सिलसिला जारी है। मंगलवार को बालाघाट, डिंडौरी समेत पांच जिलों में बारिश की संभावना जताई गई है, जबकि भोपाल और इंदौर में धूप खिलने के आसार हैं।  इन जिलों में असर ज्यादा मौसम विभाग के मुताबिक दक्षिणी मध्य प्रदेश में सक्रिय सिस्टम का प्रभाव बना हुआ है। इसके चलते अनूपपुर, मंडला और सिवनी सहित आसपास के इलाकों में बादल छाने और बारिश होने की स्थिति बन रही है। दिन में धूप, शाम को बदल गया मौसम सोमवार को कई जिलों में दोपहर तक धूप खिली रही, लेकिन इसके बाद मौसम ने करवट बदली। जबलपुर, रीवा, सीधी में बारिश हुई। वहीं, रात में भी मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, ग्वालियर, मुरैना, रीवा, बड़वानी, धार, दतिया, सीधी, खरगोन, सागर और दमोह में भी गरज-चमक और बारिश की स्थिति देखने को मिली। दिन में धूप, शाम को बदला रंग सोमवार को कई शहरों में सुबह से दोपहर तक तेज धूप रही, लेकिन शाम होते-होते मौसम पलट गया। जबलपुर में धूल भरी आंधी चली और बूंदाबांदी दर्ज की गई। वहीं रीवा और सीधी में भी बारिश हुई। रात के समय ग्वालियर, मुरैना, सागर, दमोह और खरगोन सहित कई जिलों में गरज-चमक के साथ वर्षा का असर दिखाई दिया। फरवरी में चार बार बारिश वाला मौसम बता दें कि फरवरी के शुरुआत में ही प्रदेश में दो बार ओले, बारिश और आंधी का दौर रह चुका है। इससे फसलों को खासा नुकसान हुआ था। इसके बाद सरकार ने प्रभावित फसलों का सर्वे भी कराया था। 18 फरवरी से तीसरी बार प्रदेश भीग गया है। 19, 20 और 21 फरवरी को भी असर रहा। अब चौथी बार 23 फरवरी को बारिश का दौर शुरू हुआ, जो मंगलवार को भी जारी रहेगा। रात में सर्दी से राहत, दिन में पारा लुढ़का बारिश की वजह से दिन के तापमान में गिरावट हुई है, लेकिन रात में पारा बढ़ा हुआ है। रविवार-सोमवार की रात में पचमढ़ी में सबसे कम 11.2 डिग्री, मंदसौर में 11.7 डिग्री और राजगढ़ में 12.4 डिग्री रहा। बड़े 5 शहरों में भी तापमान 12 डिग्री से ऊपर ही दर्ज किया गया। फरवरी बना बरसाती महीना आम तौर पर फरवरी को सर्दी के विदा होने का महीना माना जाता है, लेकिन इस बार हालात अलग हैं। महीने की शुरुआत में ही दो बार ओले और बारिश से फसलों को नुकसान हुआ। इसके बाद 18 फरवरी से तीसरा दौर चला, जो तीन दिन तक सक्रिय रहा। अब 23 फरवरी से चौथी बार बादलों ने दस्तक दी है और इसका असर अभी बना हुआ है। तापमान में उतार-चढ़ाव बारिश से दिन का तापमान नीचे आया है, जबकि रात में ठंड कुछ कम हुई है। रविवार-सोमवार की रात पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 11.2 डिग्री, मंदसौर में 11.7 डिग्री और राजगढ़ में 12.4 डिग्री दर्ज किया गया। प्रदेश के बड़े शहरों में भी रात का पारा 12 डिग्री से ऊपर रहा। मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज फिलहाल अस्थिर बना हुआ है। कहीं धूप तो कहीं बादल और बारिश फरवरी के आखिरी दिनों में भी मौसम राहत देने के मूड में नजर नहीं आ रहा। 

उज्जैन में ऐतिहासिक ग्रामीण डाक सेवक सम्मेलन, 7500 सेवकों की होगी उपस्थिति

उज्जैन मध्य प्रदेश के उज्जैन में स्थित कार्तिक मेला ग्राउंड पर मंगलवार शाम 5 बजे ग्रामीण डाक सेवक सम्मेलन आयोजित होगा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सीएम डॉ. मोहन यादव होंगे और अध्यक्षता केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया करेंगे। सम्मेलन में 7 हजार ग्रामीण डाक सेवक (जीडीसी) शामिल होंगे। सम्मेलन का उद्देश्य ग्रामीण डाक सेवकों के समर्पण और सेवा को सम्मानित करना है। ये ग्रामीण क्षेत्रों में इंडिया पोस्ट की रीड़ हैं। लोगों को जोडऩे और ग्रामीण भारत में डाक, बैंकिंग और बीमा सेवाओं का विस्तार करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। कार्यक्रम में मध्य प्रदेश परिमंडल के विभिन्न संभागों से करीब 7 हजार ग्रामीण डाक सेवक शामिल होंगे। ग्रामीण डाक सेवा समुदाय से बातचीत करेंगे केंद्रीय मंत्री सिंधिया केंद्रीय संचार मंत्री सिंधिया ग्रामीण डाक सेवा समुदाय के साथ बातचीत करेंगे। आधुनिक और नागरिक केंद्रित डाक नेटवर्क के लिए अपना दृष्टिकोण बताएंगे और उन्हें ग्रामीण समुदायों की सरकारी और वित्तीय सेवाएं प्रदान करते विभाग को लाभ की स्थिति तक लाने में उनकी भूमिका को और मजबूत करने के लिए प्रेरित करेंगे। सिंधिया करेंगे सम्मानित सिंधिया डाक और पार्सल वितरण, नए बचत खाते खोलने, डाक जीवन बीमा (पीएलआई) और ग्रामीण डाक जीवन बीमा (आरपीएलआई) पॉलिसी खरीदने, ग्रामीण क्षेत्रों में लाभार्थियों को सीधे भुगतान जैसे क्षेत्रों में उत्कृष्ट और सर्वश्रेष्ठ कार्य निष्पादन करने वाले ग्रामीण डाक सेवकों को सम्मानित करेंगे। इंडिया पोस्ट को सशक्त बनाने निभाएगा अहम किरदार बताया जा रहा है कि, ये सम्मेलन ग्रामीण भारत में सार्वजनिक सेवा वितरण के प्रवेश द्वार के रूप में इंडिया पोस्ट को सशक्त बनाने, प्रत्येक डाकघर को नागरिक-केंद्रित सेवाओं के केंद्र में बदलने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए उत्प्रेरक के रूप में भूमिका निभाने को सरकार की प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है।

उच्च शिक्षित उम्मीदवार भी फिजिकल टेस्ट में शामिल, आरक्षक भर्ती का नया दौर

ग्वालियर मध्य प्रदेश में पुलिस आरक्षक भर्ती प्रक्रिया का दूसरा चरण शुरू हो गया है। लिखित परीक्षा के बाद अब शारीरिक प्रवीणता परीक्षा (पीईटी) सोमवार से प्रारंभ हो चुकी है। प्रदेश भर में इसके लिए 10 केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें ग्वालियर का 14वीं बटालियन एसएएफ ग्राउंड भी शामिल है। इस केंद्र पर कुल 5600 अभ्यर्थियों को फिजिकल परीक्षा के लिए बुलाया गया है। इस दौरान जो खास बात देखने को मिली कि 12 पास आरक्षक पद के लिए ग्रेजुएट, पोस्ट ग्रेजुएट और टेक्निकल साक्षरता का ज्ञान रखने वाले अभ्यर्थी भी पहुंच रहे हैं। भर्ती प्रक्रिया के तहत प्रतिदिन 200 अभ्यर्थियों को बुलाया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, 23 फरवरी से शुरू हुई यह शारीरिक दक्षता परीक्षा 14 मार्च तक चलेगी। तिथि निर्धारित दूसरा मौका नहीं ग्वालियर रेंज के डीआईजी अमित सांघी ने बताया कि ग्वालियर केंद्र पर 5 हजार से अधिक अभ्यर्थियों को बुलाया गया है। सोमवार और मंगलवार को 200-200 अभ्यर्थियों को परीक्षा के लिए बुलाया गया, जबकि इसके बाद प्रतिदिन 400 अभ्यर्थियों की शारीरिक प्रवीणता परीक्षा आयोजित की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी अभ्यर्थी को निर्धारित तिथि और समय में कोई बदलाव या रियायत नहीं दी जाएगी। समय से चूकने पर दूसरा मौका नहीं मिलेगा। बहन ग्रेजुऐशन कर रही है फिजिकल परीक्षा में शामिल होने के लिए न केवल ग्वालियर बल्कि आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में अभ्यर्थी पहुंच रहे हैं। अशोकनगर से आए गिर्राज रघुवंशी अपनी बहन के साथ केंद्र पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि उनकी बहन लिखित परीक्षा उत्तीर्ण कर चुकी है और अब शारीरिक परीक्षा देने आई है। वह बीए प्रथम वर्ष की छात्रा है। गिर्राज सुबह 5 बजे ही बहन के साथ ग्राउंड पहुंच गए थे और बाहर इंतजार करते नजर आए। यूपीएससी की तैयारी कर रही है बहन इसी तरह गुना से आए अरविंद अपनी बहन के साथ परीक्षा केंद्र पहुंचे। उन्होंने बताया कि उनकी बहन बीएससी पास है, एमएससी कर रही है और साथ ही यूपीएससी की तैयारी भी कर रही है। लिखित परीक्षा पास करने के बाद उसे ग्वालियर केंद्र पर फिजिकल टेस्ट के लिए बुलाया गया है। भर्ती के लिए न्यूनतम पात्रता 12वीं पास निर्धारित की गई है, लेकिन बड़ी संख्या में स्नातक और परास्नातक अभ्यर्थी भी परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, यहां आने वाले अधिकांश अभ्यर्थी बीए, बीएससी, एमए और बीटेक जैसे उच्च शिक्षित युवा हैं, जो पुलिस सेवा में करियर बनाने के लिए प्रयासरत हैं।

घूसखोर पंडित पर विवाद: वैभव पाठक ने दायर किया परिवाद, नेटफ्लिक्स समेत कई पर कानूनी कार्रवाई

जबलपुर मनोज बाजपेयी की फिल्म ‘घूसखोर पंडत' को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा. नाम बदलने के बाद भी मामला अदालत तक पहुंच चुका है और अब इससे जुड़ी कानूनी कार्रवाई और सख्त हो गई है. जबलपुर जिला न्यायालय ने परिवाद पर सुनवाई करते हुए फिल्म के निर्माता‑निर्देशक नीरज पांडे के साथ‑साथ Netflix के कई शीर्ष अधिकारियों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं. समाज के एक वर्ग की भावना आहत होने का आरोप लगाते हुए परिवादी ने इस मामले को गंभीर सांस्कृतिक और सामाजिक मुद्दा बताया है. अदालत में दर्ज हुआ परिवादी का बयान जबलपुर के प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी पंकज सविता की अदालत में सोमवार को परिवादी वैभव पाठक का बयान दर्ज किया गया. उन्होंने फिल्म के विवादित शीर्षक का विरोध करते हुए इसे ब्राह्मण समुदाय की गरिमा पर प्रहार बताया. अदालत ने बयान सुनने के बाद फिल्म के निर्माता‑निर्देशक सहित Netflix के संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए. Netflix के शीर्ष अधिकारियों को नोटिस नोटिस जिन लोगों को भेजा गया है, उनमें Netflix (USA) के अध्यक्ष रीड हेस्टिंग्स, सह‑मुख्य कार्यकारी अधिकारी टेड सरंदास, मुख्य सामग्री अधिकारी बेला बजरिया और Netflix इंडिया की उपाध्यक्ष मोनिका शेरगिल शामिल हैं. अदालत ने इन सभी से इस मामले में जवाब माँगने के निर्देश दिए हैं. परिवाद में रीड हेस्टिंग्स (अध्यक्ष, नेटफ्लिक्स यूएसए), टेड सरंदास (सह-मुख्य कार्यकारी अधिकारी, नेटफ्लिक्स यूएसए), बेला बजरिया (मुख्य सामग्री अधिकारी, नेटफ्लिक्स यूएसए) और नेटफ्लिक्स की भारतीय वितरक मोनिका शेरगिल को भी पक्षकार बनाया गया है। अभियुक्तों के विरुद्ध नोटिस जारी करने का आदेश सोमवार को जेएमएफसी न्यायालय ने परिवादी के बयान दर्ज करने के बाद प्राथमिक दृष्टया आपराधिक मानहानि का मामला पाते हुए पांचों प्रस्तावित अभियुक्तों के विरुद्ध नोटिस जारी करने का आदेश पारित किया। न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी पंकज सविता ने यह आदेश परिवादी पं. वैभव पाठक के शपथ-पत्र और प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर दिया। परिवादी पं. वैभव पाठक (मध्य प्रदेश प्रगतिशील ब्राह्मण महासभा के सक्रिय सदस्य) ने अदालत को बताया कि फिल्म के शीर्षक में प्रयुक्त शब्दों से ब्राह्मण समुदाय की सामाजिक गरिमा को ठेस पहुंची है। उनका कहना है कि ‘पंडित’ शब्द भारतीय संस्कृति में विद्या, वैदुष्य और धार्मिक पवित्रता का प्रतीक रहा है, ऐसे में इसे ‘घूसखोर’ जैसे शब्द के साथ जोड़ना पूरे समुदाय की छवि को धूमिल करने का प्रयास है। प्रचार-प्रसार से हुई सामाजिक क्षति परिवादी की ओर से अधिवक्ता असीम त्रिवेदी ने तर्क रखा कि भले ही सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद फिल्म का शीर्षक बदला जा रहा हो, लेकिन पहले किए गए व्यापक प्रचार-प्रसार से जो सामाजिक क्षति हुई है, वह अपरिवर्तनीय है। इसलिए संबंधित व्यक्तियों को विधि सम्मत जवाबदेह ठहराया जाना आवश्यक है। पंडित शब्द को नकारात्मक विशेषण के साथ जोड़ा पं. वैभव पाठक ने अदालत के समक्ष कहा कि यह मामला केवल एक फिल्म के शीर्षक का नहीं, बल्कि सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक अस्मिता का प्रश्न है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि ‘पंडित’ उपाधि को जवाहरलाल नेहरू और अटल बिहारी वाजपेयी जैसी विभूतियों ने गौरवान्वित किया है, ऐसे शब्द को नकारात्मक विशेषण के साथ जोड़ना भारतीय परंपरा का अपमान है। अब इस मामले में नोटिस जारी होने के बाद सभी पक्षों को अदालत में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखना होगा। प्रकरण की अगली सुनवाई की तिथि शीघ्र निर्धारित की जाएगी। परिवादी की दलील: भावनाएं आहत  परिवादी की ओर से अधिवक्ता असीम त्रिवेदी ने अदालत में कहा कि भले ही शीर्षक बदलने की प्रक्रिया चल रही है, लेकिन फिल्म के पहले किए गए प्रचार‑प्रसार ने समाज के एक बड़े वर्ग को चोट पहुंचाई है. उनका कहना है कि इससे ब्राह्मण समुदाय की प्रतिष्ठा को नुकसान हुआ है, जो केवल नाम बदल देने से भरपाई नहीं हो सकता. "पंडित" शब्द के इस्तेमाल पर आपत्ति परिवाद में यह भी तर्क दिया गया कि “पंडित” शब्द भारतीय संस्कृति में विद्वता, ज्ञान और धार्मिक प्रतिष्ठा से जुड़ा है. इसे “घूसखोर” जैसे नकारात्मक शब्द के साथ जोड़ना न केवल एक काल्पनिक चरित्र का चित्रण है, बल्कि पूरे समुदाय की सामाजिक छवि को प्रभावित करता है. परिवादी ने यह भी कहा कि यह मामला सिर्फ एक शीर्षक का नहीं, बल्कि सामाजिक पहचान और सम्मान से जुड़ा प्रश्न है. राष्ट्रीय हस्तियों का उल्लेख भी आया सामने याचिका में कहा गया कि “पंडित” शब्द को देश की प्रमुख हस्तियों पंडित जवाहरलाल नेहरू और पंडित अटल बिहारी वाजपेयी ने सम्मान दिया है. ऐसे में इस शब्द को विवादित संदर्भ से जोड़ना भारतीय परंपरा और मूल्यों के खिलाफ है. अदालत जल्द ही इस मामले की अगली सुनवाई की तारीख निर्धारित करेगी. नोटिस जारी होने के बाद अब फिल्म निर्माताओं और Netflix की ओर से जवाब दर्ज होने की प्रतीक्षा की जा रही है.  

राहुल गांधी-खड़गे के साथ भोपाल किसान महासम्मेलन, शहरभर में यातायात पर असर

भोपाल भोपाल में आज कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे का महत्वपूर्ण दौरा है. राजधानी में आयोजित किसान महा चौपाल कार्यक्रम में दोनों नेता शामिल होंगे और किसानों से सीधे संवाद करेंगे इस दौरे को प्रदेश की राजनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है. निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार राहुल गांधी दोपहर 12 बजे दिल्ली से भोपाल के लिए रवाना होंगे और लगभग 1 बजे भोपाल पहुंचेंगे. एयरपोर्ट पर संक्षिप्त स्वागत के बाद वे दोपहर 1:30 बजे जवाहर चौक के लिए प्रस्थान करेंगे और करीब 1:55 बजे वहां पहुंचेंगे. किसान महा चौपाल कार्यक्रम दोपहर 2 बजे से किसान महा चौपाल कार्यक्रम की शुरुआत होगी, जिसमें राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे किसानों को संबोधित करेंगे. यह कार्यक्रम लगभग डेढ़ घंटे तक चलेगा. दोपहर 2 बजे से 3:30 बजे तक राहुल गांधी किसानों के बीच मौजूद रहेंगे और अलग-अलग कृषि मुद्दों, समर्थन मूल्य, फसल नुकसान, कर्ज, और अन्य समस्याओं पर खुलकर चर्चा करेंगे. बताया जा रहा है कि इस दौरान वे किसानों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं सुनेंगे और पार्टी की नीतियों को साझा करेंगे. कार्यक्रम समाप्त होने के बाद राहुल गांधी दोपहर 3:35 बजे जवाहर चौक से एयरपोर्ट के लिए रवाना होंगे. वे शाम 4 बजे भोपाल एयरपोर्ट पहुंचेंगे और 4:15 बजे दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगे. यह दौरा आगामी राजनीतिक रणनीति और किसानों से बातचीत के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिसमें पार्टी नेतृत्व जमीनी स्तर पर संपर्क मजबूत करने का प्रयास करेगा. राहुल-खड़गे के साथ मंच पर 250 नेता बैठेंगे मंच पर मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी के साथ करीब 250 नेता बैठेंगे। इनमें एमपी कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी, पूर्व केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश, कांग्रेस मीडिया डिपार्टमेंट के नेशनल चेयरमैन पवन खेड़ा भी रहेंगे। साथ ही पीसीसी चीफ जीतू पटवारी, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, एमपी के सभी कांग्रेस विधायक, तीनों राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह, विवेक तन्खा, अशोक सिंह, पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी के मेंबर और सभी 71 जिला कांग्रेस अध्यक्ष बैठेंगे। कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष, सीईसी मेंबर भी शामिल होंगे। तीन दिन की तैयारी में लाखों लोग जुटेंगे: पटवारी मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा- देश के हर किसान को चाहे वह भाजपा की विचारधारा को एक्सेप्ट करता हो, लेकिन जो किसान खेती से जुड़ा है। उसे ये एहसास हो गया है कि नरेंद्र मोदी ने दबाव में आकर ट्रेड डील की है। उसी का असर है कि तीन दिन की तैयारी में लाखों लोग भोपाल आ रहे हैं। 21 फरवरी को यह तय हुआ कि 24 को भोपाल में चौपाल होगी। उसमें लाखों की तादाद में लोग आएंगे। भोपाल की सड़कें पट जाएंगी। ये अपने आप में मैसेज है कि ये ट्रेड डील देश विरोधी, किसान विरोधी है। नरेंद्र मोदी दबे हुए हैं। उन्होंने कंप्रोमाइज किया है। दुनिया भर में चल रही सेक्स फाइल का भी इस डील पर असर पड़ा है। यह कोई इल्जाम नहीं है। ट्रम्प ने एक बार कहा था कि मैं नरेंद्र मोदी का पॉलिटिकल करियर खत्म नहीं करना चाहता। यह हमारे देश की बेइज्जती है। PM का अपमान होगा तो हर भारतवासी को गुस्सा आएगा जीतू पटवारी ने कहा- आखिर नरेंद्र मोदी हमारे प्रधानमंत्री हैं। उनके खिलाफ विदेश का कोई राष्ट्राध्यक्ष इस तरह की बात करता है तो भारत के हर नागरिक को गुस्सा आएगा, लेकिन सवाल यह है कि इस पर नरेंद्र मोदी ने कोई बयान क्यों नहीं दिया। इस ट्रेड डील से किसानों की गर्दन ट्रम्प की तलवार पर रख दी गई है। ट्रेड डील से एमपी के 70 फीसदी किसान प्रभावित जीतू पटवारी ने कहा- राहुल जी और खड़गे जी को धन्यवाद। इस ट्रेड डील से सबसे ज्यादा किसान अगर कहीं प्रभावित हुए हैं तो मप्र में हुए हैं। सोयाबीन उत्पादक किसान सबसे ज्यादा हमारे यहां के हैं। हम सोया स्टेट थे। कपास, मक्का सबसे ज्यादा यहां पैदा होते हैं। 70% किसान इससे प्रभावित हैं तो उन्होंने मप्र को सबसे पहले चुना। मेरी और उनकी आपस में बात हुई। पार्टी ने निर्णय लिया और अब हम किसान की लड़ाई लड़ेंगे। शहरभर में रहेगा ट्रैफिक डायवर्जन कार्यक्रम के दौरान जवाहर चौक और आसपास के मार्गों पर यातायात प्रतिबंधित रहेगा। डिपो चौराहा से पीएनटी या पॉलिटेक्निक चौराहा होकर आवागमन किया जा सकेगा। प्लेटिनम चौराहा से आने वाले वाहन माता मंदिर या टीटी नगर मार्ग का उपयोग करेंगे। रंगमहल से आने वाले वाहन बाणगंगा या माता मंदिर मार्ग से गुजरेंगे। एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों को कंट्रोल रूम तिराहा, पीएचक्यू, लिली टॉकीज, तलेया, भारत टॉकीज, हमीदिया रोड और लालघाटी होकर जाने की सलाह दी गई है, ताकि किसी प्रकार की देरी से बचा जा सके। दिक्कत होने पर करें संपर्क पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे निर्धारित वैकल्पिक मार्गों का पालन करें और अनावश्यक रूप से कार्यक्रम स्थल के आसपास न जाएं। किसी भी असुविधा की स्थिति में यातायात कंट्रोल रूम के नंबर 0755-2677340 और 2443850 पर संपर्क किया जा सकता है।  शिवराज सिंह चौहान के क्षेत्र से करेंगे लड़ाई की शुरुआत जीतू पटवारी ने कहा- यहां के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान देश के कृषि मंत्री हैं। जब अमेरिका के कृषि मंत्री का बयान आया तो उन्होंने कहा था कि नरेंद्र मोदी को बहुत साधुवाद वो विश्व के ऐसे नेता हैं कि जिसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। उन्होंने भारत के किसानों को बचा लिया। क्या भारत के किसानों की कोई गर्दन पकड़कर हत्या कर रहा था? अगर बचा लिया तो जीरो प्रतिशत टैरिफ के एग्रीकल्चर प्रोडक्शन आएगा। 18% टैरिफ पर यहां से अमेरिका जाएंगे। हम विदिशा, बुधनी से यह किसान संवाद यात्रा शुरू करेंगे। प्रदेश का हर नेता कार्यकर्ता इसे आगे लेकर जाएंगे। जैसे नरेंद्र मोदी को तीन काले कानून वापस लेने पडे़ थे। वैसे ही ये ट्रेड डील भी वापस लेना पड़ेगी।

ASI रिपोर्ट ने खोला भोजशाला का राज, मंदिर के अस्तित्व के सबूत मिले कमाल मौला मस्जिद में

धार  मध्य प्रदेश के धार जिला स्थित भोजशाला परिसर में मौजूद कमाल मौला मस्जिद को लेकर बड़ी खबर है. भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने अपनी विस्तृत जांच रिपोर्ट में यह निष्कर्ष निकाला है कि इस मस्जिद का निर्माण प्राचीन मंदिरों के अवशेषों का उपयोग करके किया गया था. एएसआई के अनुसार यह निष्कर्ष वैज्ञानिक जांच, सर्वेक्षण, खुदाई, प्राप्त अवशेषों के अध्ययन, स्थापत्य संरचनाओं, शिलालेखों, कला और मूर्तियों के विश्लेषण के आधार पर निकाला गया है. एएसआई की यह रिपोर्ट मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर पीठ में सौंपी गई थी. रिपोर्ट में कहा गया है कि मौजूदा ढांचा सदियों बाद बनाया गया, जिसमें समरूपता, डिजाइन और स्थापत्य संतुलन का विशेष ध्यान नहीं रखा गया. सोमवार को इस मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की बेंच ने निर्देश दिया कि एएसआई की रिपोर्ट सभी पक्षों को उपलब्ध कराई जाए. साथ ही, सभी पक्षों को दो सप्ताह के भीतर अपनी आपत्तियां, सुझाव और राय दाखिल करने को कहा गया है. मामले की अगली सुनवाई 16 मार्च को होगी. ASI की रिपोर्ट में क्या-क्या? करीब 2,000 पन्नों की यह रिपोर्ट 10 खंडों में तैयार की गई है, जिसका नेतृत्व एएसआई के अतिरिक्त महानिदेशक आलोक त्रिपाठी ने किया. 98 दिनों तक चले सर्वेक्षण में आधुनिक वैज्ञानिक तकनीकों का उपयोग किया गया. खुदाई के दौरान कुल 94 मूर्तियां और उनके अवशेष मिले, जिनमें से कई को क्षतिग्रस्त किया गया था. इनमें गणेश, ब्रह्मा, नरसिंह, भैरव सहित कई देवी-देवताओं, मानव और पशु आकृतियों की नक्काशी पाई गई. एएसआई ने संकेत दिया है कि यह स्थल संभवतः देवी सरस्वती को समर्पित एक प्राचीन मंदिर रहा होगा. ASI के मुताबिक, यह स्थल देवी सरस्वती को समर्पित एक प्राचीन मंदिर रहा होगा. ‘हिंदू समाज के लिए उत्साहजनक यह रिपोर्ट’  रिपोर्ट के मुताबिक, याचिकाकर्ता और हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस के प्रदेश उपाध्यक्ष आशीष गोयल ने कहा कि एएसआई का सर्वे स्पष्ट रूप से बताता है कि यह संपूर्ण संरचना परमार वंश काल की है और इसका निर्माण राजा भोज और उनके पूर्वजों द्वारा कराया गया था. उन्होंने दावा किया कि यह ढांचा लगभग 950 से 1,000 वर्ष पुराना है और यह रिपोर्ट हिंदू समाज के लिए उत्साहजनक है. एक अन्य याचिकाकर्ता भोज उत्सव समिति के संयोजक अशोक जैन ने कहा कि उनकी मांग शुरू से स्पष्ट रही है. यदि यह स्थल मस्जिद है तो उसे मुस्लिम पक्ष को दिया जाए और यदि यह मंदिर है तो हिंदू पक्ष को. उन्होंने बताया कि रिपोर्ट से यह साबित होता है कि बाद में बने ढांचों में पुराने भोजशाला मंदिर के अवशेषों को तोड़कर इस्तेमाल किया गया.

सरसों किसानों की बढ़ी उम्मीदें: भावांतर योजना में शामिल, कम कीमत का नुकसान भरेगी सरकार

भोपाल मध्य प्रदेश में किसानों को उपज का उचित मूल्य दिलाने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। अब सोयाबीन की तरह ही सरसों पर भावांतर दिया जाएगा। जो पंजीकृत किसान मंडियों में उपज बेचेंगे, उन्हें योजना का लाभ मिलेगा। इतना ही नहीं उड़द पर प्रति किसान प्रति क्विंटल छह सौ रुपये का बोनस भी दिया जाएगा। चना, मसूर और तुअर का प्राइस सपोर्ट स्कीम में उपार्जन करने के लिए भारत सरकार को प्रस्ताव भी भेजा गया है। मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने यह जानकारी सोमवार को विधानसभा में दी। वर्ष 2026 'कृषक कल्याण वर्ष' घोषित उन्होंने कृषि पर अपना वक्तव्य देते हुए कहा कि सरकार ने वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। किसान को अन्नदाता के साथ ऊर्जादाता की तरह उद्यमी बनाने की दिशा में कई कदम उठाए जा रहे हैं। प्रदेश को खाद्यान्न उत्पादों का हब बनाया जाएगा। सोयाबीन में समर्थन मूल्य का लाभ दिलाने के लिए 6.86 लाख किसानों को 1,492 करोड़ रुपये का भावांतर दिया गया। इस योजना को पूरे देश में सराहा गया। इसे आगे बढ़ाते हुए सरसों में भी लागू किया जा रहा है।   दलहन उत्पादन को प्रोत्साहन और केंद्र को भेजे गए उपार्जन प्रस्ताव अभी मंडी में सरसों का भाव 5,500 से 6,000 के बीच चल रहा है। इसका समर्थन मूल्य 6,200 रुपये है। इसमें भावांतर लागू किए जाने का प्रस्ताव भारत सरकार को भेज दिया है। प्रदेश में सरसों के क्षेत्र में 28 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। उत्पादन 15.71 लाख टन होने का अनुमान है। दलहन उत्पादन को बढ़ावा देने का निर्णय लिया है। वैसे भी प्रदेश में बिजली और पानी की कोई कमी नहीं है। ग्रीष्मकालीन मूंग के स्थान पर उड़द को प्रोत्साहित करने के लिए प्रति क्विंटल छह सौ रुपये बोनस दिया जाएगा। चना, मसूर और तुअर के उपार्जन का प्रस्ताव भी भेजा है। इसमें 6.45 लाख टन चना और एक लाख टन मसूर शामिल है। इसी तरह तुअर भी प्राइस सपोर्ट स्कीम में खरीदा जाएगा। विपक्ष ने उठाए बिजली और गेहूं पंजीयन के मुद्दे इस पर प्रतिपक्ष के नेता उमंग सिंघार ने कहा कि 12 घंटे बिजली किसानों को मिलनी चाहिए। मक्का खरीदने का प्रस्ताव ही सरकार ने भारत सरकार को नहीं भेजा। गेहूं का पंजीयन सही नहीं हो रहा है। सर्वर डाउन होने की शिकायतें मिल रही हैं। ओलावृष्टि से नुकसान पर सर्वे और मुआवजे का आश्वासन उधर, प्रश्नकाल में ओलावृद्धि से गेहूं, धनिया, अफीम सहित अन्य फसलों के खराब होने का मुद्दा ध्यानाकर्षण के माध्यम से कांग्रेस और भाजपा के विधायकों ने उठाया। सभी ने कहा कि सर्वे ठीक से नहीं हो रहा है। अफीम की फसल नीमच, रतलाम और मंदसौर में खराब हो गई। गुना में धनिया बर्बाद हो गया। गेहूं की फसल खेत में लेट गई है। उपज की गुणवत्ता प्रभावित हो गई। उत्पादन पर भी असर पड़ेगा। फसल बीमा के लिए किसान परेशान हो रहे हैं। राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने कहा कि सर्वे कराया जा रहा है। कहीं 10 प्रतिशत नुकसान हुआ है तो कहीं 15। सर्वे होने के बाद सही स्थिति सामने आएगी और मापदंड के अनुसार सरकार राहत देगी।

मध्य प्रदेश में सरकारी नौकरी में महिलाओं की हिस्सेदारी 3 साल में ढाई फीसदी बढ़ी, आधी दुनिया की ताकत में इजाफा

भोपाल  मप्र में पुरुषों के मुकाबले सरकारी नौकरी में महिलाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। बीते तीन साल में ही बढ़ोतरी तकरीबन ढाई प्रतिशत देखी गई। जबकि पुरुषों का प्रतिशत घट गया। आर्थिक सांख्यिकी विभाग की रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई है। खास बात यह है कि क्लास-वन, क्लास-टू और क्लास-थ्री श्रेणी में महिलाओं की संख्या बीते वर्षों की तुलना में बढ़ी है। ये सब श्रेणियां अफसर के स्तर की होती हैं। तीनों में प्रतिशत 30 से ऊपर है, जबकि चतुर्थ श्रेणी में प्रतिशत 20.54 है। क्लास-टू में तो आंकड़ा 33 प्रतिशत से भी अधिक हो गया है। प्रदेश के कुल 22 विश्वविद्यालयों में जरूर महिलाओं की संख्या घटी है। दो विवि ग्वालियर के राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विवि और महर्षि पाणिनि संस्कृत एवं वैदिक विवि उज्जैन में तो एक-एक ही महिला रह गई हैं। भोपाल के राष्ट्रीय विधि संस्थान विवि (एनएलआईयू) में सिर्फ तीन महिलाएं हैं। यह दस फीसदी से भी कम है। सर्वाधिक 37 से अधिक महिलाएं भोपाल के हिंदी विवि में हैं। नौकरियां घटीं… 2024 के मुकाबले 2025 में 16,396 नौकरी कम हुईं रिपोर्ट में यह जानकारी भी सामने आई कि सरकार के 54 विभागों में एक मार्च 2024 से एक मार्च 2025 के बीच सिर्फ 282 लोगों को नियमित (रेग्यूलर) नौकरी मिली है। यानी आंकड़ा 6 लाख 6 हजार 876 से बढ़कर 6 लाख 7 हजार 158 हुआ जो सिर्फ 0.05 प्रतिशत बढ़ोतरी बता रहा है। दूसरी तरफ सरकारी नौकरी से इतर राज्य के सार्वजनिक उपक्रम व अर्द्धशासकीय संस्थाओं में संख्या 3447 घट गई। पांच सालों में 2021 से 2025 के बीच सार्वजनिक उपक्रम व अर्द्धशासकीय संस्थाओं में 15 हजार लोगों की नौकरी घटी है। यही हाल नगरीय निकायों का भी है। यहां 450 नौकरी कम हुई। ग्रामीण निकायों में 38, विकास प्राधिकरण व विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण में 98 और विवि में 130 नौकरियां कम हुई हैं। तमाम वर्गों को देखें तो 2024 के मुकाबले मप्र में 2025 में 16 हजार 396 नौकरी कम हुई है। नियमित कर्मचारी… भोपाल-इंदौर में और स्कूल शिक्षा में सर्वाधिक सरकार के नियमित कर्मचारियों में 39.8% जिलों में काम करते हैं। इसमें भोपाल में सर्वाधिक नियमित कर्मियों की संख्या 6.65% है। दूसरे नंबर पर इंदौर 4.47, फिर ग्वालियर 3.50 और धार 3.36 प्रतिशत है। इसी तरह प्रदेश में कुल नियमित कर्मचारियों में सर्वाधिक 37.66% लोग स्कूल शिक्षा विभाग में पदस्थ हैं। दूसरा नंबर गृह विभाग का है, जहां 15.18% लोग हैं। इसके बाद तीसरे और चौथे नंबर पर क्रमश आदिम जाति व अनुसूचित जाति कल्याण एवं लोक स्वास्थ्य व परिवार कल्याण विभाग आते हैं।