samacharsecretary.com

प्रशासनिक फेरबदल: मनीष सिंह की नई तैनाती, दीपक सक्सेना संभालेंगे आबकारी विभाग

भोपाल  राज्य सरकार ने शुक्रवार आधी रात बड़ी प्रशासनिक सर्जरी करते हुए 11 आईएएस और 4 राज्य प्रशासनिक सेवा अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं. नई लिस्ट के अनुसार, कई अहम विभागों में शीर्ष स्तर पर बदलाव हुआ है. 2009 बैच के मनीष सिंह को दोबारा जनसंपर्क आयुक्त बनाया गया है, जबकि अब तक जनसंपर्क की कमान संभाल रहे दीपक कुमार सक्सेना को आबकारी आयुक्त ग्वालियर की जिम्मेदारी सौंपी गई है. स्वास्थ्य और वन विभाग में अदला-बदली अपर मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल को वन विभाग से हटाकर लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग और भोपाल गैस त्रासदी विभाग की कमान सौंपी गई है. उनके पास पर्यावरण विभाग पहले की तरह बना रहेगा, इसके साथ ही खाद्य सुरक्षा आयुक्त की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी वर्णवाल को दी गई है. वहीं प्रमुख सचिव संदीप यादव को स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग से हटाकर वन विभाग का मुखिया बनाया गया है. उन्हें प्रवासी भारतीय विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है.   MP में 11 IAS अधिकारियों का ट्रांसफर IAS अधिकारी वर्तमान पदस्थापना नवीन पदस्थापना IAS अशोक बर्णवाल (1991) अपर मुख्य सचिव, मध्य प्रदेश शासन, वन विभाग तथा कृषि उत्पादन आयुक्त, मध्य प्रदेश तथा अपर मुख्य सचिव, मध्य प्रदेश शासन, पर्यावरण विभाग एवं पर्यावरण आयुक्त तथा महानिदेशक, एप्को (अतिरिक्त प्रभार) (1) अपर मुख्य सचिव, मध्य प्रदेश शासन, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग तथा (2) अपर मुख्य सचिव, मध्य प्रदेश शासन, भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग तथा कृषि उत्पादन आयुक्त, मध्य प्रदेश तथा अपर मुख्य सचिव, मध्य प्रदेश शासन, पर्यावरण विभाग तथा पर्यावरण आयुक्त तथा महानिदेशक, एप्को तथा आयुक्त, खाद्य सुरक्षा, मध्य प्रदेश भोपाल (अतिरिक्त प्रभार) IAS संदीप यादव (2000) प्रमुख सचिव, मध्य प्रदेश शासन, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग एवं प्रमुख सचिव, मध्य प्रदेश शासन, भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग तथा प्रमुख सचिव, मध्य प्रदेश शासन, प्रवासी भारतीय विभाग तथा आयुक्त, खाद्य सुरक्षा, मध्य प्रदेश भोपाल (अतिरिक्त प्रभार) (1) प्रमुख सचिव, मध्य प्रदेश शासन, वन विभाग तथा (2) प्रमुख सचिव, मध्य प्रदेश शासन, प्रवासी भारतीय विभाग (अतिरिक्त प्रभार) IAS अजय गुप्ता (2009) संचालक, किसान कल्याण तथा कृषि विकास, मध्य प्रदेश, भोपाल प्रबंध संचालक, मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत् वितरण कंपनी लिमिटेड, जबलपुर IAS मनीष सिंह (2009) सचिव, मध्य प्रदेश शासन, जेल विभाग तथा सचिव, मध्यप्रदेश शासन, परिवहन विभाग तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम, भोपाल तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी, इंटर स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी, भोपाल तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एवं अधोसंरचना लिमिटेड (अतिरिक्त प्रभार) (1) आयुक्त, जनसंपर्क मध्य प्रदेश, भोपाल तथा (2) सचिव, मध्य प्रदेश शासन, परिवहन विभाग तथा प्रबंध संचालक, मध्य प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम, भोपाल तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी, इंटर स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी, भोपाल तथा प्रबंध संचालक, मध्य प्रदेश यात्री परिवहन एवं अधोसंरचना लिमिटेड तथा प्रबंध संचालक, मध्य प्रदेश माध्यम (अतिरिक्त प्रभार) IAS अभिजीत अग्रवाल (2010) आबकारी आयुक्त, मध्य प्रदेश, ग्वालियर प्रबंध संचालक, मध्य प्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित, भोपाल IAS दीपक कुमार सक्सेना (2010) आयुक्त, जनसंपर्क मध्यप्रदेश, भोपाल तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश माध्यम (अतिरिक्त प्रभार) आबकारी आयुक्त, मध्य प्रदेश, ग्वालियर IAS उमाशंकर भार्गव (2011) राज्यपाल के अपर सचिव, राजभवन, भोपाल संचालक, किसान कल्याण तथा कृषि विकास, मध्य प्रदेश, भोपाल IAS सुनील दुबे (2016) मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत, भिंड राज्यपाल के उप सचिव, राजभवन, भोपाल IAS संघमित्रा गौतम (2016) उप सचिव, मध्य प्रदेश शासन, उच्च शिक्षा विभाग मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत, अलीराजपुर IAS नंदा भलावे कुशरे (2019) मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत, आगर मालवा अपर परियोजना संचालक, राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान, भोपाल IAS कमल सोलंकी (2019) उप सचिव, मध्य प्रदेश शासन, स्कूल शिक्षा विभाग मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत, रायसेन 3 SAS अधिकारियों का भी तबादला अधिकारी शिवशेखर शुक्ला, भाप्रसे (1994), अपर मुख्य सचिव, मध्य प्रदेश शासन, गृह विभाग तथा अपर मुख्य सचिव, मध्य प्रदेश शासन, संस्कृति विभाग तथा आयुक्त-सह-संचालक, स्वराज संस्थान एवं न्यासी सचिव, भारत भवन तथा अपर मुख्य सचिव, मध्य प्रदेश शासन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग (अतिरिक्त प्रभार) को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ-साथ अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक अपर मुख्य सचिव, मध्यप्रदेश शासन, जेल विभाग का प्रभार अतिरिक्त रूप से सौंपा गया है. अधिकारी अजय गुप्ता, भाप्रसे (2009) द्वारा प्रबंध संचालक, मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत् वितरण कंपनी लिमिटेड, जबलपुर का कार्यभार ग्रहण करने पर अधिकारी विशेष गढ़पाले, भाप्रसे (2008) प्रबंध संचालक, मध्य प्रदेश पॉवर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड, जबलपुर तथा सचिव, मध्य प्रदेश शासन, ऊर्जा विभाग तथा प्रबंध संचालक, मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, जबलपुर (अतिरिक्त प्रभार) केवल प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, जबलपुर के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त होंगे. अधिकारी अभिजीत अग्रवाल, भाप्रसे (2010) द्वारा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित, भोपाल का कार्यभार ग्रहण करने पर श्री कुमार पुरुषोत्तम, भाप्रसे (2012) प्रबंध संचालक, कृषि विपणन बोर्ड-सह-आयुक्त, मण्डी, मध्य प्रदेश, भोपाल तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित, भोपाल (अतिरिक्त प्रभार) केवल प्रबंध संचालक, मध्य प्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित, भोपाल के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त होंगे. मनीष सिंह फिर संभालेंगे जनसंपर्क सरकार ने 2009 बैच के मनीष सिंह को दोबारा जनसंपर्क विभाग की कमान दी है. वे पहले भी इस विभाग का नेतृत्व कर चुके हैं. उनके पास परिवहन और जेल विभाग पूर्ववत रहेंगे. साथ ही मप्र राज्य सड़क परिवहन निगम और इंटर स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी का अतिरिक्त प्रभार भी रहेगा. जनसंपर्क संभाल रहे दीपक कुमार सक्सेना को अहम जिम्मेदारी देते हुए आबकारी आयुक्त ग्वालियर बनाया गया है. लंबे समय से आबकारी देख रहे अभिजीत अग्रवाल को मध्य प्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ भोपाल का प्रबंध संचालक बनाकर वापस बुलाया गया है. कृषि वर्ष से पहले अहम बदलाव किसान कल्याण एवं कृषि विभाग से अजय गुप्ता को हटाकर मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी जबलपुर का प्रबंध संचालक नियुक्त किया गया है. राज्यपाल के अपर सचिव रहे उमाशंकर भार्गव को किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग का संचालक बनाया गया है. यह बदलाव इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि राज्य सरकार वर्ष 2026 को कृषि वर्ष के रूप में मना रही है. ऐसे में कृषि विभाग में नई प्रशासनिक रणनीति के संकेत माने जा रहे हैं. इसके साथ ही भिंड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुनील दुबे को राज्यपाल का उप सचिव बनाया गया है. जबकि … Read more

MP में रेललाइन विस्तार: महू-खंडवा गेज परिवर्तन का काम जल्द, महाराष्ट्र-साउथ से सीधे जुड़ेगी ट्रेनें

महू   मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के डॉ. आंबेडकर नगर (महू) से खंडवा तक गेज कन्वर्जन में तेजी आने वाली है। महू से बलवाड़ा तक के महत्वपूर्ण घाट सेक्शन के लिए भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा रेलवे को सैद्धांतिक स्वीकृति दे दी है। डॉ. आंबेडकर नगर से बलवाड़ा के बीच लगभग 454 हेक्टेयर वन भूमि पर रेलवे द्वारा निर्माण कार्य किया जाना है। वन विभाग से भूमि हस्तांतरण प्रक्रिया चल रही थी। वन विभाग ने भेजा अंतिम प्रस्ताव रेलवे द्वारा वन विभाग की सभी शर्तों के पालन की सहमति के बाद अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (भू-प्रबंधन) द्वारा मंत्रालय को सैद्धांतिक स्वीकृति हेतु प्रस्ताव भेजा गया था। पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार ने बताया कि मंत्रालय से सैद्धांतिक अनुमति प्राप्त होने के बाद रेलवे द्वारा संबंधित क्षेत्र में कार्य शुरू करने के लिए वन विभाग से अंतिम अनुमति का प्रस्ताव भेजा है। वन विभाग से स्वीकृति प्राप्त होते ही निर्माण प्रारंभकर दिया जाएगा। महू-खंडवा गेज कन्वर्जन इंदौर के लिए खास है। इस लाइन से शहर का जुड़ाव महाराष्ट्र और साउथ से होगा। घाट सेक्शन के लगभग 454 हेक्टेयर वन भूमि के अधिग्रहण के लिए रेलवे निर्माण विभाग द्वारा पूर्व में 100.08 करोड़ वन विभाग को जमा कराए गए हैं। बीते दिनों, महू स्टेशन के विस्तार और महू-खंडवा नई रेल लाइन परियोजना के लिए बेहद अहम मानी जा रही है। लंबे समय से यहां बने मकानों के कारण काम अटका हुआ था। कल भी पक्के निर्माणों पर मशीनें चलीं तो कई परिवारों ने सामान समेटने की मशक्कत की। प्रशासन ने पहले ही नोटिस जारी कर दिए थे, इसलिए अधिकतर लोगों ने खुद ही घर खाली कर दिए थे। बचे हुए हिस्सों को भी पूरी तरह हटाकर क्षेत्र समतल कर दिया गया।

समान वेतन और सामाजिक सुरक्षा का लाभ, आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए EPF और ESI की तैयारी

भोपाल  मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर में ऑल डिपार्टमेंट आउटसोर्स, अध्यापक, अंशकालीन और ग्राम पंचायत कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। इन कर्मचारियों की लंबी लड़ाई अब रंग लाने वाली है। मुख्य मांगें: समान कार्य के लिए समान वेतन और समान अधिकार ,आउटसोर्स कर्मचारियों का नियमितीकरण ,सभी कर्मचारियों को समय पर पूरा वेतन ,EPF और ESI की नियमित सुविधा सुनिश्चित ,ग्रेड वेतन कार्यानुसार देने की मांग ,नौकरी की सुरक्षा और मनमानी छंटनी रोकना मोर्चा पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो प्रदेश के समस्त आउटसोर्स कर्मचारी हड़ताल पर जाएंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। जानकारी: मध्यप्रदेश में अब चतुर्थ श्रेणी पदों पर नियुक्ति नहीं होगी। सरकार ने पहले ही इन पदों पर आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया रोक दी है। वित्त विभाग के 31 मार्च 2023 के निर्देशों के बाद अब केवल आवश्यकतानुसार ही आउटसोर्स कर्मचारियों की सेवाएं ली जा सकेंगी।

बदनावर पीएम मित्र पार्क में बड़े निवेश की घोषणा, लाखों रुपये का प्रोजेक्ट और हजारों रोजगार के अवसर

बदनावर  मध्य प्रदेश के इंदौर में बदनावर स्थित पीएम मित्र पार्क (PM Mitra Park) में उद्योग स्थापित करने को लेकर कंपनियों की दिलचस्पी लगातार बढ़ती जा रही है। बढ़ती मांग को देखते हुए शासन ने पार्क के विकास का दूसरा चरण शुरू कर दिया है। दूसरे चरण में 13 कंपनियों को 320 एकड़ भूमि आवंटित की गई है, जिनके माध्यम से लगभग 7,500 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव है। इससे 16 हजार से अधिक नए रोजगार सृजित होने का दावा किया गया है। पीएम मित्र पार्क का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। पहले चरण में ही कई बड़ी कंपनियों ने निवेश प्रस्ताव देकर जमीन प्राप्त कर ली थी। उद्योगों की बढ़ती रुचि को देखते हुए मप्र औद्योगिक विकास निगम (MPIDC) ने दूसरे चरण की आवंटन प्रक्रिया आगे बढ़ाई है। दूसरे चरण के पूरा होने के साथ ही पीएम मित्रा पार्क में 38 कंपनियों से प्राप्त कुल निवेश प्रस्ताव 21,500 करोड़ रुपये से अधिक हो गए हैं। इस निवेश से बदनवार क्षेत्र में लगभग 55,000 रोजगार के अवसर सृजित होंगे। अब तक कुल 1,140 एकड़ भूमि आवंटित की जा चुकी है और तीसरे चरण का कार्य शीघ्र ही शुरू होगा। वर्तमान में, एमपीआईडीसी पट्टा विलेख और भूखंड पर कब्जा दिलाने की प्रक्रिया में तेजी से काम कर रही है। दूसरे चरण में, भीलोसा इंडस्ट्रीज ने 4,500 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव रखा है, जिसके लिए 200 एकड़ भूमि आवंटित की जा रही है। इस इकाई से 3,500 नए रोजगार सृजित होंगे। मानव निर्मित फाइबर क्षेत्र की अग्रणी कंपनी भीलोसा इंडस्ट्रीज का राज्य में आगमन, एमएमएफ उद्योग के विकास में एक नए अध्याय की शुरुआत करेगा। एमपीआईडीसी के कार्यकारी निदेशक हिमांशु प्रजापति ने बताया कि मध्य प्रदेश के निवेश आकर्षण मॉडल को भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय द्वारा 30-31 जनवरी को चेन्नई में आयोजित चिंतन शिविर में औद्योगिक नीति और निवेश संवर्धन विभाग के प्रधान सचिव राघवेंद्र कुमार सिंह द्वारा प्रस्तुत किया गया था। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में आयोजित क्षेत्रीय, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय रोड शो और सम्मेलनों की अन्य पीएम मित्र राज्यों में सराहना की गई। एमपीआईडीसी के कार्यकारी निदेशक ने बताया कि अगला लक्ष्य पीएम मित्र पार्क के आसपास सामाजिक बुनियादी ढांचे का विकास करना है, जिसमें स्कूल, कॉलेज, खेल के मैदान, अस्पताल, मनोरंजन केंद्र और कर्मचारियों के लिए स्वच्छ, सुरक्षित और आरामदायक आवास शामिल हैं। सभी आय वर्ग के कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए आवास की योजना बनाई जा रही है। पीएम मित्रा पार्क को अत्याधुनिक औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। उद्योगों के लिए आवश्यक सभी बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ पर्यावरणीय मानकों पर विशेष ध्यान दिया गया है। इसमें 20 एमएलडी जीरो लिक्विड डिस्चार्ज कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट, 10 मेगावाट का सौर ऊर्जा संयंत्र और नियमों के अनुसार हरित क्षेत्र और जलाशयों का विकास शामिल है। वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए, पार्क में बॉयलर में कोयले के उपयोग पर पूर्णतः प्रतिबंध लगा दिया गया है। 38 कंपनियों से 21,500 करोड़ से अधिक का निवेश प्रस्ताव एमपीआइडीसी के कार्यकारी निदेशक हिमांशु प्रजापति के अनुसार, दूसरे चरण की पूर्णता के साथ ही पीएम मित्र पार्क में अब तक कुल 38 कंपनियों से 21,500 करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। इन प्रस्तावों के आधार पर बदनावर और आसपास के क्षेत्र में लगभग 55 हजार रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है। अब तक पार्क में कुल 1,140 एकड़ भूमि आवंटित की जा चुकी है। तीसरे चरण की प्रक्रिया भी शीघ्र शुरू की जाएगी। वर्तमान में लीज डीड और प्लॉट आधिपत्य से संबंधित कार्यवाही लगातार जारी है। 4,500 करोड़ के निवेश प्रस्ताव, 200 एकड़ भूमि आवंटित दूसरे चरण के प्रमुख निवेशकों में भिलोसा इंडस्ट्रीज शामिल है, जिसने 4,500 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव दिया है। कंपनी को 200 एकड़ भूमि आवंटित की गई है। इस इकाई से लगभग 3,500 लोगों को रोजगार मिलने का अनुमान है। पिछले दिनों चेन्नई में आयोजित वस्त्र मंत्रालय के चिंतन शिविर में मध्यप्रदेश के निवेश आकर्षण मॉडल का प्रस्तुतिकरण प्रमुख सचिव, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग राघवेंद्र कुमार सिंह ने किया, जिसमें राज्य के औद्योगिक विकास और पीएम मित्र पार्क की प्रगति को प्रमुखता से रखा गया।

कुक्षी में बालिकाओं के लिए बने शौचालय में पुरुषों के यूरिनल, 3.12 लाख खर्च के बावजूद 6 साल तक कोई कार्रवाई नहीं

धार धार जिले के कुक्षी स्थित एक कन्या प्राथमिक विद्यालय में बालिकाओं के लिए बने शौचालय में पुरुषों के यूरिनल लगाए गए हैं। यह निर्माण कार्य वर्ष 2019-20 में 3.12 लाख रुपए की लागत से हुआ था, लेकिन पिछले छह वर्षों से शिक्षा विभाग के अधिकारी इस गंभीर त्रुटि पर कोई ध्यान नहीं दिया।  कुक्षी के सिनेमा चौराहे स्थित शासकीय प्राथमिक विद्यालय क्रमांक 1 में ग्रामीण यांत्रिकी सेवा (आरईएस) विभाग ने यह शौचालय बनाया था। हैरानी की बात यह है कि शौचालय के प्रवेश द्वार पर 'बालिका शौचालय' का बोर्ड लगा है, जबकि अंदर पुरुषों के लिए यूरिनल पार्ट स्थापित किए गए हैं। यह मामला तब सामने आया जब रविवार शाम एक जागरूक नागरिक ने शौचालय के अंदर के वीडियो बनाए। इस निर्माण त्रुटि और छह साल तक किसी भी अधिकारी का ध्यान न जाना, गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। बीआरसी देंगे जवाब कुक्षी के बीईओ राजेश सिन्हा ने बताया कि प्राथमिक शाला क्रमांक 1 और 2 एकीकृत हैं। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य बीआरसी कार्यालय की ओर से चलाए जाते हैं और इस मामले में बीआरसी ही जवाब देंगे। प्राथमिक शाला प्रधान ने नहीं दी जानकारी इस संबंध में कुक्षी के बीआरसी सीताराम डावर ने बताया कि बालिकाओं के लिए शौचालय का निर्माण 2020 में हुआ था, उस दौरान वे बीआरसी नहीं थे। उन्होंने इस निर्माण में निर्माण एजेंसी आरईएस की बड़ी गलती बताई। डावर ने यह भी कहा कि प्राथमिक शाला प्रधान राकेश सोनी द्वारा भी उन्हें इस प्रकार की कोई जानकारी नहीं दी गई थी। उन्होंने बताया कि यह प्राथमिक शाला एकीकृत हो जाने के कारण अब प्राचार्य के अधीन आती है। फिलहाल, स्कूल के पीछे बनाए गए अतिरिक्त कक्ष के पास बालिकाओं के लिए शौचालय बनाया गया है।

इंदौर डबल डेकर ब्रिज: निर्माण का अधिकांश हिस्सा पूरा, जल्द मिलेगा ट्रैफिक के लिए नया ब्रिज

इंदौर  इंदौर के लवकुश चौराहे पर बन रहे प्रदेश के पहले डबलडेकर ब्रिज का काम 80 प्रतिशत पूरा हो चुका है। चार माह में इस ब्रिज की सौगात मिल सकती है। यह ब्रिज मेट्रो ट्रैक और सुपर कॉरिडोर बने ब्रिज को पार कर उज्जैन रोड की तरफ उतरेगा। इस ब्रिज की अधिकतम ऊंचाई जमीन से 70 फीट है। ब्रिज के मध्य हिस्से के स्पान रखे जाना शेष है। इसके लिए विशेष क्रेन कंपनी ने मंगाई है। यह काम ट्रैफिक रोककर किया जाएगा।  अपनी ऊंचाई के कारण इस ब्रिज की लंबाई भी शहर के दूसरे ब्रिजों से ज्यादा है। यह ब्रिज डेढ़ किलोमीटर लंबा है और इसके निर्माण पर 300 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। डबलडेकर ब्रिज के बनने से हर दिन एक लाख लोगों की राह आसान होगी। सिंहस्थ के समय भी यह ब्रिज ट्रैफिक में मददगार साबित होगा। यह ब्रिज अरबिंदो अस्पताल के चौराहे पर खत्म होगा और वहां से इंदौर-उज्जैन छहलेन ब्रिज का काम शुरू होगा। भुजा पर हो रहा डामरीकरण ब्रिज की भुजा पर डामरीकरण शुरू हो चुका है। दोनों तरफ से यह काम जारी है। इसके अलावा ब्रिज के विद्युतीकरण और सौंदर्यीकरण का काम भी चल रहा है। जल्दी ही यह काम पूरा हो जाएगा। जून माह तक ब्रिज का निर्माण पूरा हो जाएगा। इसके बाद ट्रैफिक के लिए यह खोल दिया जाएगा। इंदौर विकास प्राधिकरण के अफसरों का कहना है कि ब्रिज के मध्य हिस्से की डिजाइन में कर्व दिया गया है। इससे ब्रिज पर चलने वाला ट्रैफिक भी सुरक्षित रहेगा और सुंदर भी दिखाई देगा। आपको बता दें कि ब्रिज का भूमिपूजन तीन साल पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किया था। सुपर कॉरिडोर का ब्रिज सालभर पहले बन चुका था। उसकी दोनों भुजाओं से ट्रैफिक गुजर रहा है।

होली के मौके पर बिहार जाने वालों के लिए राहत, राजस्थान और MP से चलेंगी दो स्पेशल ट्रेनें

भोपाल  होली के त्योहार के दौरान एक जगह से दूसरी जगह पर आने-जाने वाले यात्रियों की संख्या में अचानक बढ़ोतरी हो जाती है। इसी अतिरिक्त यात्री दबाव को देखते हुए रेल प्रशासन ने लोगों को परेशानी से बचाने और उनकी यात्रा को सुगम बनाने के लिए कुछ स्पेशल ट्रेनों की घोषणा की है। इस दौरान पश्चिम मध्य रेलवे ने मध्य प्रदेश के रानी कमलापति स्टेशन और राजस्थान के सोगरिया स्टेशन से बिहार के दानापुर के लिए दो विशेष ट्रेन चलाने की जानकारी दी है। ये दोनों ट्रेन अलग-अलग दिनों पर चलेंगी और दोनों दिशाओं में कुल चार फेरे लगाएंगी। इसके अलावा रेल विभाग ने भोपाल से रीवा और रानी कमलापति स्टेशन से रीवा के बीच भी विशेष ट्रेन चलाने का फैसला किया है। इन ट्रेनों का किराया सामान्य ट्रेनों की तुलना में 20 से 30 प्रतिशत तक अधिक रहेगा। इन सभी ट्रेनों के चलने के समय और दिन की विस्तृत जानकारी हम आपको इस रिपोर्ट में बता रहे हैं।     गाड़ी संख्या 09821/09822 सोगरिया-दानापुर-सोगरिया स्पेशल ट्रेन (2-2 ट्रिप)     गाड़ी संख्या 01667/01668 रानी कमलापति-दानापुर-रानी कमलापति स्पेशल ट्रेन (2-2 ट्रिप) ट्रेन नंबर 09821 सोगरिया से दानापुर स्पेशल ट्रेन कब चलेगी- 28 फरवरी 2026 (शनिवार) एवं 7 मार्च 2026 (शनिवार) प्रस्थान का समय- सोगरिया से रात 23:10 बजे प्रस्थान करेगी पहुंचने का समय- दूसरे दिन रात्रि 23:45 बजे दानापुर स्टेशन पहुंचेगी ट्रेन नंबर 09822 दानापुर से सोगरिया स्पेशल ट्रेन कब चलेगी- 2 मार्च 2026 (सोमवार) एवं 9 मार्च 2026 (सोमवार) प्रस्थान का समय- दानापुर स्टेशन से मध्य रात्रि 1:15 बजे प्रस्थान करेगी पहुंचने का समय- अगले दिन मध्य रात्रि 01:10 बजे सोगरिया स्टेशन पहुंचेगी। रास्ते में यह ट्रेन दोनों दिशाओं में इन स्टेशनों पर रुकेगी- बारां, सालपुरा, छाबड़ा गुगोर, रुठियाई, गुना, अशोकनगर, महादेवखेड़ी, सागर, दमोह, कटनी, मैहर, सतना, माणिकपुर, प्रयागराज छिवकी, मिर्जापुर, पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन, बक्सर एवं आरा स्टेशन होकर दानापुर पहुंचेगी। गाड़ी संख्या 01667 रानी कमलापति-दानापुर स्पेशल ट्रेन (2 फेरे) कब चलेगी- 27 फरवरी 2026 (शुक्रवार) और 2 मार्च 2026 (सोमवार) प्रस्थान का समय- रानी कमलापति से दोपहर 14:25 बजे शुरू होगी पहुंचने का समय- अगले दिन सुबह 08:45 बजे दानापुर स्टेशन पहुंचेगी विभिन्न स्टेशनों से निकलने का समय- रानी कमलापति स्टेशन (दोपहर 14:25 बजे प्रस्थान), नर्मदापुरम (15:25 बजे), इटारसी (15:55 बजे), पिपरिया (17:10 बजे), गाडरवारा (17:45 बजे ), नरसिंहपुर (18:25 बजे), जबलपुर (19:40 बजे ), सिहोरा रोड (20:10 बजे), कटनी (20:50 बजे), मैहर (21:40 बजे), सतना (22:15 बजे) से निकलकर मानिकपुर, प्रयागराज छिवकी, मिर्जापुर, पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन, बक्सर एवं आरा होते हुए अगले दिन सुबह 08:45 बजे दानापुर स्टेशन पहुंचेगी। गाड़ी संख्या 01668 दानापुर-रानी कमलापति स्पेशल ट्रेन (2 फेरे) कब चलेगी- 28 फरवरी 2026 (शनिवार) और 3 मार्च 2026 (मंगलवार) प्रस्थान का समय- दानापुर स्टेशन से सुबह 11:15 बजे शुरू होगी पहुंचने का समय- अगले दिन सुबह 08:55 बजे रानी कमलापति स्टेशन पहुंचेगी। विभिन्न स्टेशनों से निकलने का समय- दानापुर स्टेशन से 11:15 बजे प्रस्थान कर आरा, बक्सर, PDDU जंक्शन, मिर्जापुर, प्रयागराज छिवकी, मानिकपुर होते हुए सतना पहुंचेगी फिर यहां से रात्रि 01:00 बजे निकलेगी, फिर रात्रि 1.28 बजे मैहर से, रात्रि 2:30 बजे कटनी से, रात्रि 3:13 बजे सिहोरा रोड से, तड़के 4.00 बजे जबलपुर से, सुबह 5:00 बजे नरसिंहपुर से, सुबह 5:30 बजे गाडरवारा से, सुबह 6:00 बजे पिपरिया से, सुबह 7:10 बजे इटारसी से, सुबह 7:48 बजे नर्मदापुरम से निकलकर सुबह 8:55 बजे रानी कमलापति स्टेशन पहुंचेगी। रास्ते में यह ट्रेन दोनों दिशाओं में इन स्टेशनों पर रुकेगी- नर्मदापुरम, इटारसी, पिपरिया, गाडरवारा, नरसिंहपुर, जबलपुर, सिहोरा रोड, कटनी, मैहर, सतना, मानिकपुर, प्रयागराज छिवकी, मिर्जापुर, पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन, बक्सर एवं आरा स्टेशनों पर रुकेगी। स्पेशल ट्रेन के ठहराव एवं समय के बारे में विस्तृत जानकारी www.enquiry.indianrail.gov.in से भी प्राप्त की जा सकती है। रेलयात्री किसी भी कंप्यूटरीकृत आरक्षण केन्द्र या ऑनलाइन IRCTC की वेबसाइट से इन होली स्पेशल ट्रेनों में आरक्षण सुविधा का लाभ उठा सकते हैं।

MSP पर गेहूं उपार्जन के लिए किसानों में उत्साह, 20,000 से अधिक रजिस्ट्रेशन दर्ज

20 हजार से अधिक किसानों ने समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन के लिये कराया पंजीयन : मंत्री  राजपूत भोपाल  रबी विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन के लिये अब तक 20 हजार 98 किसानों ने पंजीयन करा लिया है। किसान 7 मार्च तक पंजीयन करा सकते हैं। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री  गोविंद सिंह राजपूत ने किसानों से अपील की है कि निर्धारित समय में पंजीयन अवश्य करा लें। उन्होंने बताया है कि किसान पंजीयन की व्यवस्था को सहज और सुगम बनाया गया है। कुल 3186 पंजीयन केन्द्र बनाये गए हैं। केन्द्र सरकार द्वारा वर्ष 2026-27 के लिये गेहूँ का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2585 रूपये प्रति क्विंटल घोषित किया गया है, जो गत वर्ष से 160 रूपये अधिक है। मंत्री  राजपूत ने बताया कि अभी तक इंदौर संभाग में 4084, उज्जैन में 9524, ग्वालियर में 476, चम्बल में 123, जबलपुर में 788, नर्मदापुरम में 900, भोपाल में 3602, रीवा में 68, शहडोल में 83 और सागर में 450 किसानों ने पंजीयन कराया है। पंजीयन की नि:शुल्क व्यवस्था पंजीयन की निःशुल्क व्यवस्था ग्राम पंचायत और जनपद पंचायत कार्यालयों में स्थापित सुविधा केन्द्र पर, तहसील कार्यालयों में स्थापित सुविधा केन्द्र पर और सहकारी समितियों एवं सहकारी विपणन संस्थाओं द्वारा संचालित पंजीयन केन्द्र पर की गई है। पंजीयन की सशुल्क व्यवस्था पंजीयन की सशुल्क व्यवस्था एम.पी. ऑनलाईन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेन्टर कियोस्क, लोक सेवा केन्द्र और निजी व्यक्तियों द्वारा संचालित साइबर कैफे पर की गई है। किसानों को करें एसएमएस खाद्य मंत्री  राजपूत ने बताया है कि विगत रबी एवं खरीफ के पंजीयन में जिन किसानों के मोबाइल नंबर उपलब्ध हैं, उन्हें एसएमएस से सूचित करने के निर्देश दिये गये हैं। गांव में डोंडी पिटवाकर ग्राम पंचायतों के सूचना पटल पर पंजीयन सूचना प्रदर्शित कराने तथा समिति/ मंडी स्तर पर बैनर लगवाने के निर्देश भी दिये गये हैं।  

समाधान योजना में 5.58 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को सरचार्ज में राहत, सरकार ने जारी किए आंकड़े

समाधान योजना में अब तक 05 लाख 58 हजार से अधिक उपभोक्‍ताओं को मिली सरचार्ज में छूट 553 करोड़ 90 लाख मूल राशि हुई जमा, 267 करोड़ 70 लाख का सरचार्ज हुआ माफ दूसरे चरण में 28 फरवरी तक एकमुश्‍त जमा करने पर सरचार्ज में मिलेगी 90 प्रतिशत तक की छूट भोपाल  मध्यप्रदेश सरकार की समाधान योजना 2025-26 का द्वितीय व अंतिम चरण 28 फरवरी तक लागू है। इस दौरान तीन माह से अधिक के बकायादार उपभोक्‍ताओं को एकमुश्‍त राशि जमा करने पर 90 प्रतिशत तक सरचार्ज में छूट का लाभ दिया जा रहा है। मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने कहा है कि पिछले साल 3 नवंबर से शुरू हुई समाधान योजना 2025-26 में शामिल होकर लाखों बकायादार उपभोक्‍ताओं ने छूट का लाभ लिया। कंपनी के प्रबंध संचालक  ऋषि गर्ग ने उपभोक्‍ताओं से अपील की है कि तीन माह से अधिक के बकायादार उपभोक्‍ता योजना के प्रथम चरण में शामिल नहीं हो पाए, वे अब द्वितीय चरण में शामिल होकर अपना बकाया बिल एकमुश्‍त जमा करके 90 फीसदी तक सरचार्ज माफी का लाभ उठा सकते हैं। समाधान योजना में 2025-26 में अब तक मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के 5 लाख 58 हजार 598 बकायादार उपभोक्‍ताओं ने अपना पंजीयन कराकर लाभ लिया है। मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के खाते में 553 करोड़ 90 लाख से अधिक की मूल राशि जमा हुई है, जबकि 267 करोड़ 70 लाख रूपए का सरचार्ज माफ किया गया है। समाधान योजना 2025-26 के लागू होने से ऐसे अनेक उपभोक्‍ता हैं, जो बकाया बिल जमा कर रहे हैं और एकमुश्‍त बकाया राशि जमा करने पर अधिकतम छूट का लाभ ले रहे हैं। यह योजना उन बकायादार उपभोक्ताओं के लिए वरदान बनी है जो सरचार्ज के कारण मूलधन राशि जमा नहीं कर पा रहे थे। अब उन्हें समाधान योजना के द्वितीय चरण में सरचार्ज में 50 से लेकर 90 प्रतिशत तक छूट के साथ एकमुश्‍त अथवा किस्तों में भुगतान करने का विकल्प मिल रहा है। समाधान योजना 2025-26 : एक नजर में समाधान योजना 2025-26 का उद्देश्य 3 माह से अधिक अवधि के उपभोक्ताओं को बकाया विलंबित भुगतान के सरचार्ज पर छूट प्रदान करना है। यह योजना जल्दी आएं, एकमुश्‍त भुगतान कर ज्यादा लाभ पाएं के सिद्धांत पर आधारित है। योजना में द्वितीय और अंतिम चरण 01 फरवरी से शुरू हो चुका है जो कि 28 फरवरी 2026 तक चलेगा। दूसरे चरण में एक मुश्‍त भुगतान करने पर 70 से 90 फीसदी तथा किस्‍तों में भुगतान करने पर 50 से 60 फ़ीसदी तक सरचार्ज माफ किया जा रहा है। समाधान योजना 2025-26 का लाभ उठाने के लिए उपभोक्ताओं को म.प्र. मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी भोपाल के लिये portal.mpcz.in पर पंजीयन कराना होगा। कंपनी के "उपाय" ऐप एवं कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) तथा एमपी ऑनलाइन पर भी पंजीयन की सुविधा उपलब्‍ध है। पंजीयन के दौरान अलग-अलग उपभोक्ता श्रेणी के लिए पंजीयन राशि निर्धारित की गई है। घरेलू एवं कृषि उपभोक्ता कुल बकाया राशि का 10 प्रतिशत तथा गैर घरेलू और औद्योगिक उपभोक्ता कुल बकाया राशि का 25 प्रतिशत भुगतान कर पंजीयन कराकर योजना में शामिल होकर लाभ उठा सकते हैं। विस्तृत विवरण तीनों कंपनियों की वेबसाइटों पर भी देखा जा सकता है साथ ही विद्युत वितरण केंद्र से भी योजना के संबंध में जानकारी ले सकते हैं।  

MP में बड़ा प्रशासनिक बदलाव, कई जिलों के अधिकारी होंगे ट्रांसफर, नई लिस्ट जल्द सार्वजनिक

भोपाल  मध्यप्रदेश में बजट सत्र खत्म होते ही बड़े प्रशासनिक बदलाव की तैयारी है। सरकार कई जिलों में कलेक्टर और कमिश्नर बदलने की योजना बना चुकी है। सूत्रों के मुताबिक, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का कार्य 21 फरवरी को अंतिम प्रकाशन के साथ पूरा हो जाएगा, लेकिन तबादलों की कार्रवाई अब विधानसभा के बजट सत्र के बाद ही की जाएगी। विधानसभा का बजट सत्र 16 फरवरी से 6 मार्च तक चलेगा। परंपरागत रूप से इस दौरान तबादले नहीं किए जाते, इसलिए सत्र समाप्त होते ही मंत्रालय से लेकर मैदानी स्तर तक व्यापक फेरबदल देखने को मिल सकता है। कामकाज के आधार पर होगी छंटनी जानकारी के अनुसार, जिन कलेक्टरों की कार्यप्रणाली संतोषजनक नहीं पाई गई है, उन्हें बदला जाएगा। इस संबंध में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा आयोजित कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस में दिए गए निर्देशों के पालन की समीक्षा की गई है। मुख्य सचिव अनुराग जैन दो बार अधिकारियों के कामकाज का विस्तृत आकलन करा चुके हैं। सामान्य प्रशासन विभाग ने इसकी रिपोर्ट भी तैयार कर ली है। अब अंतिम निर्णय बजट सत्र के बाद लिया जाएगा। सचिव और अपर कलेक्टर भी होंगे प्रभावित फेरबदल सिर्फ कलेक्टर-कमिश्नर तक सीमित नहीं रहेगा। सचिव स्तर के कई अधिकारियों को नए दायित्व दिए जाएंगे। मैदानी स्तर पर अपर कलेक्टरों को भी बदला जा सकता है, खासकर वे अधिकारी जो ढाई साल से अधिक समय से एक ही स्थान पर पदस्थ हैं। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के प्रमुख सचिव पी नरहरि केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने के इच्छुक हैं और उन्हें हरी झंडी भी मिल चुकी है। इसके अलावा सचिव स्तर के अधिकारी श्रीमन शुक्ला और स्वतंत्र कुमार सिंह भी प्रतिनियुक्ति की कतार में बताए जा रहे हैं। अधिकारियों की कमी से बढ़ा दबाव वर्तमान में प्रदेश के 44 अधिकारी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं, जिनमें 14 अधिकारी 2024-25 में ही गए हैं। इससे प्रदेश में वरिष्ठ अधिकारियों की कमी महसूस की जा रही है। प्रमुख सचिव और अपर मुख्य सचिव स्तर पर कमी के कारण कई अधिकारियों के पास दो से तीन विभागों का अतिरिक्त प्रभार है। इस वर्ष केवल एम. सेलवेंद्रन को ही प्रमुख सचिव पद पर पदोन्नति मिली है। स्पष्ट है कि बजट सत्र समाप्त होते ही प्रदेश में बड़ा प्रशासनिक बदलाव देखने को मिल सकता है, जिसका असर मंत्रालय से लेकर जिलों तक पड़ेगा।