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अर्थतंत्र को सशक्त और सुप्रबंधित करने में डॉ. मोहन यादव का योगदान

अर्थ तंत्र को सुप्रबंधित और सशक्त करते डॉ मोहन यादव  विश्व के महानतम अर्थशास्त्री कौटिल्य के अनुसार प्रजा के सुख में राजा का सुख निहित है।इसलिए राजा को – तस्मान्नित्योत्थितो राजा,कुर्यादर्थानुशासनम् । अर्थस्य मूलमुत्थानमनर्थस्य विपर्ययः ।। अर्थात राजा सदैव उद्यमशील रहकर,अर्थमूल में वृद्धि करे। इसके विपरीत कार्य अनर्थ या हानि के कारण बनते हैं ।  इस मंत्र को आत्मसात करते हुए भाजपा की डॉ मोहन यादव सरकार प्रगति पथ पर अग्रसर है।अर्थ तंत्र को उन्नत कर रही है।मुख्यमंत्री डाक्टर मोहन यादव के कुशल वित्तीय सुप्रबंधन द्वारा राज्य का अर्थ तंत्र उन्नत हो रहा है, सशक्त हो रहा है।वित्त विभाग द्वारा श्रेष्ठ वित्तीय प्रबंधन मानकों को अपनाकर शून्य आधारित बजट प्रक्रिया के अनुसार बजट तैयार किया जा रहा है। तीन वर्षों के लिये रोलिंग बजट की प्रक्रिया अपनाई गई है, जिसमें बजट प्रक्रिया से संबंधित नवाचार अपनाएं जा रहे हैं। वित्तीय संस्थाओं द्वारा जारी प्रतिवेदनों में मध्यप्रदेश के वित्तीय प्रबंधन,बजटीय विश्वसनीयता तथा गुणवत्ता को सराहा गया है।दूरदर्शी मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने 5 वर्षों में बजट के आकार को दोगुना कर वर्ष 2028-29 तक 7 लाख करोड़ रुपये करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।पूंजीगत निवेश को बढ़ाना,सड़क विस्तार एवं संधारण, सिंचाई क्षेत्रफ़ल जल संचय क्षमता विस्तारण,बिजली,सौर,पवन ऊर्जा उत्पादन,वितरण सुविधा का विस्तार, गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं, शिक्षा का विकास और उद्योग,रोजगार के अवसर वृद्धि हेतु,निवेश आकर्षित करने आदि के लक्ष्यों को पूर्ण कर,विकसित भारत निर्माण के परम लक्ष्य में योगदान देना है।मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव द्वारा प्रदेश में पूंजीगत व्यय में निरंतर, सतत वृद्धि की जा रही है। पूंजीगत व्यय से राज्य के इन्फ्रास्ट्रक्चर, अवसंरचना में गुणात्मक वृद्धि हुई है।वित्त वर्ष 2025-26 के लिए पूंजीगत व्यय,केपिटल एक्सपेंडिचर लगभग 85 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।प्रभावी पूंजीगत व्यय लगभग 90 हजार करोड़ रुपये है।प्रदेश के सकल घरेलू उत्पाद में नियमित वृद्धि बनी हुई है।वर्ष 2024-25 में प्रदेश का सकल राज्य घरेलू उत्पाद 15 लाख 03 हजार 395 करोड़ रूपये रहा एवं प्रति व्यक्ति आय 1 लाख 52 हजार 615 रूपये रही है।वर्तमान वित्त वर्ष में राज्य का सकल घरेलू उत्पाद लगभग 17 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के आर्थिक संकल्पों को उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा पूर्ण मनोयोग से सिद्ध कर रहे हैं।वर्तमान में वित्तीय मानकों के आधार पर प्रदेश की स्थिति अत्यधिक सुदृढ़ है।मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के निर्देशन में संचालनालय कोष एवं लेखा द्वारा अनेक नवाचार लागू किए गए हैं।मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की आर्थिक शुचिता और नवाचार के कारण लगभग 50 वर्षों से प्रचलित व्यवस्था को समाप्त किया गया है जिसके परिणामस्वरूप वर्तमान में मुख्यमंत्री एवं समस्त मंत्री स्वयं ही आयकर का भुगतान कर रहे हैं।पूर्व में मुख्यमंत्री,मंत्रीगणों, मुख्य सचिव का वार्षिक आयकर,शासकीय कोष द्वारा वहन किया जाता था। वाणिज्यिक कर अर्थव्यवस्था को सुप्रबंधित, सशक्त कर रहा है। वाणिज्य कर द्वारा वित्तीय वर्ष 2024-25 में 55 हजार 634 करोड़ रूपये का राजस्व प्राप्त हुआ था। वर्ष 2025-26 में माह नवम्बर तक कुल 34 हजार 829 करोड़ रूपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। वर्ष 2025-26 में माह नवम्बर तक डाटा एनालिटिक्स आधारित चिन्हित प्रकरणों में प्रवर्तन कार्यवाहियों से रुपये 967 करोड़ एवं ऑडिट की कार्यवाही से रुपये 404 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ है।  नवाचारी मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की दूरदर्शी पहल द्वारा मध्य प्रदेश, देश का प्रथम राज्य बन गया है जहाँ पंजीयन विभाग में 75 प्रकार के दस्तावेज पट्टा, पॉवर ऑफ अटर्नी, बंधक इत्यादि का घर बैठे वीडियो केवायसी के माध्यम से पंजीयन किया जा रहा है।पंजीयन विभाग के सॉफ्टवेयर संपदा 2.0 को राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार 2025 में स्वर्ण पदक मिला है। प्रदेश के 8 करोड़ से अधिक नागरिकों के लिये यह गौरव का विषय है।पंजीयन विभाग को वर्ष 2023-24 में 10 हजार 325 करोड रूपये का राजस्व प्राप्त हुआ है।वर्ष 2024-25 में 11 हजार 355 करोड रूपये का राजस्व प्राप्त हुआ है।वर्ष 2025-26 में 13 हजार 920 करोड रूपये का लक्ष्य रखा गया है।नवंबर 2025 तक 7 हजार 580 करोड रूपये का राजस्व प्राप्त हो गया है।प्रतिवर्ष उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। विभिन्न विभागों में अनेक आर्थिक सुधारों एवं नवाचारों को अपनाकर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ कर रहे हैं।मध्य प्रदेश के अर्थ तंत्र को, अर्थमूल को बढ़ा रहे हैं। इति श्री।                                                                                                                           लेखक- सत्येंद्र कुमार जैन 

रामानंदाचार्य सम्प्रदाय के तत्वावधान में ‘जीवनदान महाकुंभ 2026’ रक्तदान शिविर”

रामानंदाचार्य सम्प्रदाय के तत्वावधान में 'जीवनदान महाकुंभ 2026' रक्तदान शिविर" जीवनदान महाकुंभ 2026 भोपाल  जगद्गुरु श्रीमद् रामानंदाचार्य नरेंद्राचार्य जी महाराज की पावन प्रेरणा से रामानंदाचार्य सम्प्रदाय भक्त सेवा मंडल, भोपाल द्वारा “जीवनदान महाकुंभ 2026” के अंतर्गत एक विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया जा रहा है। यह रक्तदान शिविर रविवार, 18 जनवरी 2026 को प्रातः 10 बजे से  हेव- भारतीय मजदूर संघ कार्यालय, जुम्मे भवन, महात्मा गांधी चौराहा, भेल, भोपाल में आयोजित होगा। शिविर का आयोजन हेव-भारतीय मजदूर संघ, बीएचईएल भोपाल के सहयोग से किया जा रहा है। आयोजकों ने शहर के सभी स्वस्थ नागरिकों से अपील की है कि वे इस पुण्य कार्य में सहभागिता कर रक्तदान के माध्यम से जरूरतमंद मरीजों के जीवन की रक्षा में सहयोग करें।

नगरपालिका परिषद देवरी में श्रीमती नेहा अलकेश जैन फिर से बनीं अध्यक्ष

भोपाल  सचिव राज्य निर्वाचन आयोग दीपक सिंह ने जानकारी दी है कि सागर जिले की नगरपालिका परिषद देवरी की अध्यक्ष श्रीमती नेहा अलकेश जैन को वापस बुलाने के संबंध में 19 जनवरी को हुए मतदान में कुल 13 हजार 367 मत पड़े थे। मतगणना 21 जनवरी को हुई, जिसमें 6085 मत वापस बुलाने के पक्ष में तथा 7282 मत वापस बुलाने के विरूद्ध थे। मतगणना परिणाम के अनुसार श्रीमती नेहा अलकेश जैन पूर्ववत अध्यक्ष बनी रहेंगी। उल्लेखनीय है कि राज्य शासन द्वारा वर्ष 2000 में विधि संशोधन कर महापौर/अध्यक्ष को पद से वापस बुलाने का प्रावधान किया गया था। इसके तहत वर्ष 2018 तक 41 निर्वाचन अध्यक्ष पद से वापस बुलाने के लिये हुए। इसमें से 21 अध्यक्ष पद पर यथावत रहे तथा 20 अध्यक्ष पद से मुक्त हुए। इसके बाद यह प्रावधान समाप्त कर दिया गया था। वर्ष 2025 में विधि संशोधन कर पुन: अध्यक्ष को पद से वापस बुलाने का प्रावधान किया गया। इस प्रावधान के तहत नगरपालिका परिषद देवरी में पहला चुनाव कराया गया।  

महू में वंदे भारत ट्रेनों के मेंटेनेंस के लिए तैयार हो रहा आधुनिक कवर्ड शेड, इंदौर से ट्रेनों की संख्या बढ़ेगी

इंदौर   देशभर मे लग्जरी रेलयात्रा की पहचान बनी वंदे भारत ट्रेन अब मेंटेनेंस के दौरान आराम फरमा सकेंगी. इंदौर के महू मे इसके लिए कवर्ड शेड तैयार होगा. देश के विभिन्न इलाकों में फरवरी 2019 से शुरू की गई वंदे भारत सेवा से जुड़ी ट्रेनों को भी अब मेंटेनेंस की दरकार है. भारत के विभिन्न शहरों से करीब 164 वंदे भारत ट्रेन चेयर कार और एग्जीक्यूटिव क्लास का रेलवे सफर उपलब्ध करवा रही हैं. वंदे भारत ट्रेनों की संख्या बढ़ेगी अब रेल मंत्रालय की कोशिश है कि देश में 2030 तक 800 और 2047 तक करीब 2400 ट्रेन चलाई जा सकें. इसके लिए वंदे भारत के नेटवर्क और सेटअप को लगातार विकसित किया जा रहा है. इसी क्रम में अब मेंटेनेंस के लिए वंदे भारत ट्रेन के लिए कवर्ड शेड भी तैयार किया जा रहे हैं. हाल ही में इसे इंदौर के लिए भी स्वीकृत किया गया है, जो इसी साल इंदौर के महू में बनकर तैयार होगा. रेलवे के मुताबिक महू को वंदे भारत ट्रेन का मेंटेनेंस हब बनाने की तैयारी है. महू में बनेगा वंदे भारत ट्रेनों का शेड महू में तैयार किए जा रहे कवर्ड शेड में वंदे भारत ट्रेन की निर्धारित यात्रा के बाद सतत रूप से मेंटेनेंस और रखरखाव किया जा सकेगा. इंदौर रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार ने बताया "महू में 64.50 करोड़ की लागत से 2 फीट लाइन और आधुनिक शेड बनाए जाने हैं, जिनकी स्वीकृति मिल गई है. इन्हीं शेड से भविष्य में वंदे भारत ट्रेनों का संचालन हो सकेगा. फिलहाल इंदौर से नागपुर के लिए वंदे भारत ट्रेन का संचालन होता है." इंदौर से बड़े शहरों को वंदे भारत चलाने की मांग इंदौर से पुणे, दिल्ली, मुंबई, हावड़ा के लिए भी स्लीपर वंदे भारत एक्सप्रेस चलने की मांग की जा रही है. माना जा रहा है कि वंदे भारत के लिए शेड तैयार हो जाने से इंदौर से नागपुर ही नहीं, अन्य स्थानों के लिए भी वंदे भारत ट्रेन शुरू करने में आसानी रहेगी. इस मामले में रेलवे के विशेषज्ञ नागेश नाम जोशी ने बताया "वंदे भारत का मेंटेनेंस ज्यादा सुविधाजनक तब रहेगा, जहां जहां से उसे चलाया जा रहा है, वहीं इसकी व्यवस्था हो. इसलिए महू में वंदे भारत हब तैयार हो रहा है, जिसका लाभ भविष्य में इंदौर समेत आसपास के इलाकों को मिलेगा." 

आजीविका ग्रीन मेला भोपाल हाट में 24 से 26 जनवरी तक, हर्वल पेय रहेंगे आकर्षण का केन्‍द्र

आजीविका ग्रीन मेला भोपाल हाट में 24 से 26 जनवरी तक पौधे, फल, सब्‍जी, अनाज, बीज एवं बागवानी सामग्री के लगेंगे स्टॉल जूस, फ्रॅूट सलाद, हर्वल पेय रहेंगे आकर्षण का केन्‍द्र भोपाल  शहर के भोपाल हाट में 24 से 26 जनवरी तक तीन दिवसीय आजीविका ग्रीन मेले का आयोजन मध्‍यप्रदेश राज्‍य ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा किया जा रहा है। मेले में मिशन अंतर्गत महिला स्‍व-सहायता समूहों के रसायन रहित उत्‍पाद आकर्षण का केन्‍द्र रहेंगे। मुख्‍य रूप से समूहों की नर्सरी में तैयार किये गये पौधे, फल, सब्‍जी,रसायन रहित अनाज, बीज, खाद, कीटनाशक एवं बागवानी का सामान मेले में उपलब्‍ध रहेगा। भोपाल, रायसेन, सीहोर, हरदा, नर्मदापुरम, मंदसौर, विदिशा, ग्‍वालियर, राजगढ, सागर, श्‍योपुर, आगर-मालवा बैतूल, जबलपुर, नरसिंहपुर एवं गुना जिलों से समूहों की दीदीयां सामग्री लेकर आ रही हैं, सामग्री बेचने के लिये भोपाल हाट में लगभग 40 स्‍टॉल लगाये जायेंगे। मेले में शोभादार पौधों में गुलाब, सेवंती, डहेलिया, आस्‍था के पौधों में तुलसी, शमी, बेल, सब्‍जी के पौधों में टमाटर, मिर्च, गोभी, पत्‍ता गोभी, ग्राफ्टेड सब्‍जी में बैगन के पौधे उपलब्‍ध रहेंगे। उन्‍नत फलदार वृक्षों में ग्राफ्टेड आम, अमरूद (थाई पिंक थाई) नीबू (सीड लेस), संतरा, चीकू, अनार आदि विशेष रूप से उपलब्‍ध रहेंगे। इसके अलावा जैविक खाद, केंचुआ खाद, नाडेप खाद, धनजीवामृत, द्रव्‍यजीवामृत और जैविक कीटनाशक में नीमास्‍त्र, बह्रमास्‍त्र, अग्नि अस्‍त्र, पांचपर्णी, दशपर्णी काढा उपलब्‍ध रहेगा। एकीकृत कीट नियंत्रण सामग्री में नीला, पीला स्टिकी ट्रैप, फेरोमोने ट्रैप, लाई ट्रैप उपलब्‍ध रहेंगे। इसी प्रकार मिट्टी एवं गोबर के गमले, सब्‍जी पौध तैयार करने के लिये सामग्री रूट ट्रे, कोको पिट, नर्सरी में उपयोग होने वाले छोटे यंत्र खुरपी, कटाई छटाई हेतु सिकेटियर, बडिंग चाकू भी उपलब्‍ध रहेंगे। मेले में आने वाले लोगों के लिये विभिन्‍न प्रकार के फ्रेश जूस, फ्रूट सलाद, हर्वल पेय आदि भी मिलेंगे। मेला प्रति दिन 11 बजे से रात्रि 9 बजे तक खुलेगा।  

आधिकारिक ईमेल प्रणाली अब जोहो प्लेटफॉर्म पर शिफ्ट : ऊर्जा मंत्री तोमर

एमपी ट्रांसको के स्वदेशी टेक की ओर मजबूत कदम आधिकारिक ईमेल प्रणाली अब जोहो प्लेटफॉर्म पर शिफ्ट : ऊर्जा मंत्री  तोमर भोपाल  ऊर्जा मंत्री  प्रद्युम्न सिंह तोमर ने जानकारी दी कि मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) ने डिजिटल आत्मनिर्भरता की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए अपनी आधिकारिक ईमेल प्रणाली को स्वदेशी तकनीक आधारित जोहो कॉर्पोरेशन के प्लेटफॉर्म पर सफलतापूर्वक शिफ्ट कर दिया है। ऊर्जा मंत्री  तोमर ने जानकारी दी कि इस पहल का उद्देश्य डेटा सुरक्षा को सुदृढ़ करना, संचालन को अधिक भरोसेमंद बनाना तथा विदेशी प्लेटफॉर्म पर निर्भरता को कम करना है। डिजिटल इंडिया की ओर एक और कदम एम पी ट्रांसको के आई टी हेड डाक्टर हिमांशु श्रीवास्तव के अनुसार, एडवांस फीचर्स के जोहो प्लेटफॉर्म पर ईमेल शिफ्ट होने से सुरक्षित डेटा होस्टिंग, बेहतर एक्सेस कंट्रोल, उन्नत स्पैम व साइबर सुरक्षा फीचर्स तथा निर्बाध संचार सुनिश्चित होगा। यह कदम भारत सरकार की डिजिटल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत थीम के अनुरूप है। उल्लेखनीय है कि एमपी ट्रांसको ने स्वदेशी अराताई (ARATTAI) प्लेटफॉर्म का उपयोग प्रारंभ किया था। इसके अलावा अत्यंत संवेदनशील स्काडा सिस्टम को भी स्वदेशी तकनीक और उपकरणों की सहायता से अपग्रेड किया गया है, जिससे ट्रांसमिशन नेटवर्क की रियल-टाइम मॉनिटरिंग, विश्वसनीयता और साइबर सुरक्षा में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।  

भोपाल और पूरे कंपनी क्षेत्र में 6.57 लाख स्मार्ट मीटर हुए स्थापित

भोपाल सहित पूरे कंपनी कार्यक्षेत्र में अब तक 06 लाख, 57 हजार से अधिक स्मार्ट मीटर स्थापित दिन के टैरिफ में मिल रही 20 प्रतिशत की छूट भोपाल  केन्द्र सरकार की रिवेम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस) योजना के अंतर्गत मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा कंपनी कार्यक्षेत्र में स्मार्ट मीटर लगाने का काम त्वरित गति से चल रहा है। जहां स्‍मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, वहां पर समय पर बिलिंग तथा रीडिंग हो रही है तथा दिन के टैरिफ में 20 प्रतिशत की छूट भी मिल रही है। कंपनी कार्यक्षेत्र के भोपाल, नर्मदापुरम, ग्वालियर एवं चंबल संभाग के 16 जिलों में अब तक 6 लाख, 57 हजार 147 स्मार्ट मीटर स्‍थापित किए जा चुके हैं। इनमें सर्वाधिक भोपाल शहर वृत्‍त में 3 लाख, 30 हजार से अधिक स्‍मार्ट मीटर स्‍थापित किए जा चुके हैं। कंपनी ने कहा है कि स्‍मार्ट मीटर लगने से उपभोक्‍ताओं को बेहतर सेवाएं, सटीक बिलिंग और ऊर्जा दक्षता में सुधार हो रहा है। स्‍मार्ट मीटर लगाने का काम समय सीमा में पूर्ण करने के लिए कंपनी की टीमें लगातार कार्य में जुटी हुई हैं। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने स्‍मार्ट मीटर के फायदे बताते हुए कहा है कि स्‍मार्ट मीटर से रियल टाइम डेटा प्राप्‍त किया जा सकता है, जिससे उपभोक्‍ताओं को सटीक और समय पर बिलिंग सुनिश्चित की जा रही है। कंपनी ने बताया कि जहां-जहां भी स्‍मार्ट मीटर स्‍थापित किए जा चुके हैं, वहां पर बिलिंग तथा रीडिंग निर्धारित समय पर हो रही है, इससे सभी उपभोक्‍ता संतुष्‍ट हैं। नए टैरिफ आर्डर के अनुसार स्‍मार्ट मीटर उपभोक्‍ताओं को अब खपत के आधार पर दिन के टैरिफ में 20 प्रतिशत की छूट भी दी जा रही है। दिसंबर माह का बिल जो कि जनवरी  माह में जारी हुआ है, उसमें दिन के टैरिफ में सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक उपयोग की गई विद्युत के दौरान बनी यूनिट पर छूट अलग कॉलम में अंकित की गई है।  

HCL टेक का एमपी के टियर-2 टेक्नोलॉजी हब पर फोकस, दावोस में हुई अहम चर्चा

भोपाल  HCL- दावोस में वर्ल्ड इकोनामिक फोरम–2026 का पहला दिन एमपी के लिए निवेश, सहयोग और वैश्विक साझेदारी के नए द्वार खोलने वाला साबित हुआ। फोरम में एमपी की सशक्त मौजूदगी नजर आई। प्रदेश के प्रतिनिधि मंडल ने तकनीक, नवकरणीय ऊर्जा, एआई, आईटी, कृषि-खाद्य, पर्यटन और औद्योगिक क्षेत्रों में वैश्विक कंपनियों से चर्चा की। मध्यप्रदेश को एक उभरते हुए भरोसेमंद और फ्यूचर रेडी इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन के रूप में प्रस्तुत किया। यहां आईटी कंपनी एचसीएल टेक से भी अहम चर्चा हुई। कंपनी प्रतिनिधियों ने बताया एमपी को उभरते टेक्नोलॉजी डेस्टिनेशन के रूप में देखा जा रहा है। दावोस में मध्यप्रदेश सरकार और एआई आधारित प्रोटीन नवाचार में अग्रणी कंपनी शिरू (Shiru) के बीच सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा हुई। प्रदेश के औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग के प्रमुख सचिव राघवेन्द्र कुमार सिंह ने शिरू की सीईओ एवं संस्थापक डॉ. जैस्मिन ह्यूम से विस्तृत चर्चा की। इस दौरान एआई-संचालित प्रोटीन नवाचार, कृषि-आधारित इनपुट्स और अनुप्रयुक्त अनुसंधान पर फोकस रहा। शिरू की सीईओ ने मध्यप्रदेश की सुदृढ़ कृषि व्यवस्था में विशेष रुचि प्रदर्शित की। बातचीत के दौरा राज्य के विश्वविद्यालयों, कृषि अनुसंधान संस्थानों के साथ सहयोग की संभावनाओं, फसल-आधारित प्रोटीन इनपुट्स की पहचान एवं विकास पर ज्वाइंट वेंचर पर करने पर सहमति हुई। नवकरणीय ऊर्जा भंडारण पर अमारा राजा समूह से चर्चा हुई। बैठक में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला एवं अपर मुख्य सचिव मनु श्रीवास्तव ने समूह के सह-संस्थापक, चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर जय गल्ला से बातचीत की। हाइब्रिड मॉडलों की लागत संरचना एवं तकनीकी पहलुओं पर अध्ययन किए जाने पर सहमति बनी। एचसीएल टेक के साथ टियर-2 टेक्नोलॉजी हब पर अहम चर्चा दावोस में वैश्विक आईटी सेवा कंपनी एचसीएल टेक के साथ टियर-2 टेक्नोलॉजी हब पर अहम चर्चा हुई। मध्यप्रदेश प्रतिनिधिमंडल की एचसीएल टेक के कॉर्पोरेट वाइस प्रेसिडेंट अभय चतुर्वेदी के साथ महत्वपूर्ण बैठक में प्रमुख सचिव राघवेन्द्र कुमार सिंह ने प्रदेश में टियर-2 टेक हब के रूप में उपलब्ध अवसरों की जानकारी दी। टियर-2 टेक्नोलॉजी हब के रूप में मध्यप्रदेश में विस्तार की संभावनाओं पर बात की। एचसीएल टेक द्वारा पारंपरिक आईटी केंद्रों से आगे बढ़कर टियर-2 शहरों में संचालन विस्तार के अवसरों का आंकलन किए जाने की बात बताई गई। एचसीएल टेक के अनुसार मध्यप्रदेश को एक उभरते और संभावनाओं से परिपूर्ण टेक्नोलॉजी डेस्टिनेशन के रूप में देखा जा रहा है। विशेष ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) पॉलिसी की जानकारी दी इस अहम बैठक में मध्यप्रदेश शासन की विशेष ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) पॉलिसी की जानकारी दी गई।प्रतिस्पर्धी लागत लाभ और रेडी-टू-मूव-इन ऑफिस स्पेस की उपलब्धता को प्रमुख आकर्षण के रूप में प्रस्तुत किया गया। राज्य में आईआईटी, एनआईटी और आईआईएसईआर जैसे प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों की मौजूदगी को भी प्रमुख ताकत बताया गया। एचसीएल टेक ने मध्यप्रदेश में भविष्य के टेक्नोलॉजी सेंटर्स और ऑफशोर डेवलपमेंट सेंटर्स की संभावनाओं में रुचि व्यक्त की।

एमपी में खाद की ऑनलाइन बुकिंग का सिस्टम शुरू, अगले महीने से होगी होम डिलीवरी

भोपाल  एमपी में बुआई के हर मौसम में किसानों की खाद लेने के लिए लगी कतारें सरकार और पब्लिक दोनों को परेशान करती हैं। अब सरकार किसानों को खाद की ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा देने जा रही है। यही नहीं खाद की होम डिलेवरी सेवा पर भी काम चल रहा है। मप्र के कृषि विभाग ने एग्रीस्टेक पोर्टल पर सवा करोड़ किसानों की पूरी डिटेल दर्ज कराई है। इसमें किसान की खेती की भूमि का रकबा और उसमें बोई जाने वाली फसलों के साथ ही लगने वाली खाद की भी अनुमानित खपत दी है।  किसानों को खाद मिलने में पहले परेशानी का जरूर सामना करना पड़ता था, लेकिन अब किसानों को समय बचाने के लिए होम डिलीवरी शुरू की गई है. जिले के किसानों को इस योजना का लाभ लेने के लिए पहले ऑनलाइन बुकिंग करनी होगी. इसके बाद किसानों के घर में खाद पहुंचाई जाएगी. जिसके लिए ₹25 का शुल्क देना होगा. हालांकि यह सुविधा डबल लॉक केंद्र के 5 किलोमीटर के दायरे में फिलहाल शुरू की गई है, जिसका विस्तार भी किया जाएगा. अब किसानों के घर पहुंचेगी खाद इसके पहले किसानों को डबल लॉकर या विक्रय केंद्र में जाकर खाद लेना पड़ता था. लेकिन यह सुविधा भी अभी जारी रहेगी. इसके अलावा अब किसान 25 रूपए प्रति बोरी देकर अपने घर से पोर्टल में जाकर ऑनलाइन बुकिंग कर खाद की होम डिलेवरी भी कर सकेंगे. जहां योजना के तहत उर्वरक की होम डिलेवरी पर परिवहन शुल्क ₹15 प्रति बैग और लोडिंग, अनलोडिंग शुल्क ₹10 देना होगा, मतलब ₹25 कुल किसानों को होम डिलेवरी के लिए खर्च करने होंगे. किसान चुन सकेंगे होम डिलीवरी का विकल्प योजना के पहले किसान सुहाजनी के ओमप्रकाश बने जिन्होंने ऑनलाइन बुकिंग कर 14 बोरी यूरिया की बुकिंग की. इसके बाद डबल लॉक केंद्र से उनके घर यूरिया की 14 बोरी भिजवाई गई. किसान का कहना है यह योजना काफी अच्छी है, जिससे अब समय भी बचेगा और केंद्र में लगने वाली लाइनों से भी राहत मिलेगी. बहरहाल यह सुविधा जबलपुर के डबल लॉकर मझोली, सिहोरा और शहपुरा में शुरू कर दी गई है. जिसका लाभ अब किसान उठाने लगे हैं. चयनित उर्वरक विक्रेता के यहाँ पर ई-टोकन से कृषक उर्वरक क्रय कर सकेंगे  जिसकी वैद्यता 03 दिवस की रहेगी। जो किसान जिस सहकारी समिति का डयू सदस्य है, टोकन उसी समिति पर बुक करना होगा। सहकारी समिति के ऋणी कृषक सदस्य जिनकी खरीफ सीजन में खाद लेकर लिमिट पूरी हो चुकी है, वे नगद राशि जमा कर लिमिट खुलवा सकते है। ओवर डयू सदस्य या अन्य किसान, विपणन संघ के गोदाम, एमपी एग्रो, प्राइवेट विक्रेता पर टोकन बुक कर सकते है। टोकन की वैद्यता 03 दिवस रहेगी, पात्रता मिलने तक 3-3 दिवस के अंतराल पर बार-बार टोकन बुक किया जा सकता है।  

इस वर्ष समर्थन मूल्य पर 51 लाख 75 हजार मीट्रिक टन से अधिक हुई धान की खरीदी

गत वर्ष से 8 लाख 22 हजार मीट्रिक टन अधिक हुई धान की खरीदी : खाद्य मंत्री राजपूत इस वर्ष समर्थन मूल्य पर 51 लाख 75 हजार मीट्रिक टन से अधिक हुई धान की खरीदी प्रदेश में गत वर्ष खरीदी गई थी 43 लाख 52 हजार 905 मीट्रिक टन धान भोपाल  खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया है कि धान उपार्जन के लिये निर्धारित तिथि 20 जनवरी तक गत वर्ष से 8 लाख 22 हजार मीट्रिक टन अधिक धान की खरीदी हुई है। इस वर्ष 7 लाख 62 हजार 629 किसानों से 51 लाख 75 हजार 4 मीट्रिक टन धान की खरीदी न्यूनतम समर्थन मूल्य पर की गई है। उन्होंने बताया है कि गत वर्ष 43 लाख 52 हजार 905 मीट्रिक टन धान की खरीदी हुई थी। धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2369 रूपये प्रति क्विंटल है। किसानों को अभी तक 9485 करोड़ रूपये से अधिक राशि का भुगतान भी किया जा चुका है। उल्लेखनीय है कि धान विक्रय के लिये 8 लाख 59 हजार 822 किसानों ने पंजीयन कराया था। एक दिसम्बर से शुरू हुई धान खरीदी के लिये विभिन्न जिलों में 1436 केन्द्र बनाये गये थे। क्रय की गयी धान की 84 प्रतिशत मात्रा 43 लाख 55 हजार 879 मीट्रिक टन का परिवहन किया जा चुका है। मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के मुताबिक इस वर्ष धान बेचने किसानों का उत्साह अलग ही नजर आ रहा है। प्रदेश में धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2369 रूपए प्रति क्विंटल है। अभी तक पिछले साल की तुलना में 1 लाख 29 हजार मीट्रिक टन से ज्यादा धान की खरीदी की जा चुकी है। गत वर्ष 43 लाख 52 हजार 905 मीट्रिक टन धान की खरीदी हुई थी।मध्यप्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया है कि प्रदेश में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी की जा रही है। उल्लेखनीय है कि धान विक्रय के लिये 8 लाख 59 हजार 822 किसानों ने पंजीयन कराया है। एक दिसम्बर से शुरू हुई धान खरीदी के लिये विभिन्न जिलों में 1436 केन्द्र बनाये गये हैं। क्रय की गयी धान की 79 प्रतिशत मात्रा 39 लाख 19 हजार 277 मीट्रिक टन का परिवहन किया जा चुका है।