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मंडला में 15 ईसाई लोगों ने हिंदू धर्म अपनाया, कहा- अब हम अपनी मूल संस्कृति में लौटे हैं

मंडला मध्य प्रदेश के मंडला जिले में 15 ईसाई लोगों ने घर वापसी की है। घर वापसी कार्यक्रम का आयोजन सुरंगदेवरी गांव स्थित प्रसिद्ध सिद्धेश्वर धाम में आयोजित किया गया था। सोमवार को यहां धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया गया है। इसके बाद तीन परिवारों के 15 सदस्यों ने सनातन धर्म अपनाया है। धार्मिक अनुष्ठान का हुआ आयोजन दरअसल, जिले के सुरंगदेवी गांव स्थित प्रसिद्ध सिद्धेश्वर धाम में एक धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन हुआ था। इसमें कुल 15 लोगों ने ईसाई धर्म को छोड़कर हिंदू धर्म अपनाया है। यह घर वापसी कार्यक्रम आचार्य ललित मिश्रा की उपस्थिति में वैदिक मंत्रोच्चार, हवन-पूजन और परंपरागत रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ। बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे यह आयोजन आचार्य ललित मिश्रा द्वारा आयोजित गणेश पुराण कथा के समापन दिवस पर हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण और श्रद्धालु मौजूद रहे, जिन्होंने पूरे विधि-विधान के साथ इस धार्मिक प्रक्रिया को साक्षी भाव से देखा। तीन वर्षों से कर रहे हैं धार्मिक आयोजन आचार्य ललित मिश्रा पिछले करीब तीन वर्षों से इस क्षेत्र में धार्मिक और आध्यात्मिक आयोजन कर रहे हैं। उनके द्वारा आयोजित कथाओं और धार्मिक कार्यक्रमों के माध्यम से अब तक कई परिवारों की घर वापसी कराई जा चुकी है। आचार्य मिश्रा ने बताया कि यह प्रक्रिया पूरी तरह स्वेच्छा से की जाती है और किसी पर कोई दबाव नहीं डाला जाता। स्वेच्छा से लौटे मूल धर्म में घर वापसी करने वाले परिवारों के सदस्यों ने बताया कि वे कुछ वर्ष पूर्व विभिन्न व्यक्तिगत और सामाजिक कारणों से ईसाई धर्म में चले गए थे। समय के साथ उन्हें अपनी मूल परंपराओं, संस्कारों और संस्कृति से जुड़ाव महसूस हुआ, जिसके बाद उन्होंने अपनी मर्जी से सनातन धर्म में लौटने का निर्णय लिया। संस्कृति से जोड़ना ही उद्देश्य इस अवसर पर आचार्य ललित मिश्रा ने कहा कि वे सभी धर्मों का सम्मान करते हैं और किसी भी धर्म के प्रति द्वेष नहीं रखते। उनका उद्देश्य केवल उन लोगों को उनकी मूल संस्कृति, परंपराओं और धार्मिक संस्कारों से दोबारा जोड़ना है, जो किसी कारणवश उनसे दूर हो गए थे। ग्रामीणों की रही मौजूदगी कार्यक्रम के दौरान सुरंगदेवरी गांव सहित आसपास के क्षेत्रों के कई लोग मौजूद रहे। पूरे आयोजन के दौरान शांति और अनुशासन बना रहा। घर वापसी के बाद हवन-पूजन कर सभी के सुख-समृद्धि की कामना की गई।

कलेक्टर का एक्शन, तहसीलदार को कलेक्ट्रेट अटैच, कोर्ट रीडर निलंबित, नायब तहसीलदार को कारण बताओ नोटिस

 सिंगरौली कलेक्टर गौरव बैनल ने तहसील कार्यालय सरई का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान तहसीलदार न्यायालय में संचालित राजस्व प्रकरणों के अवलोकन में गंभीर अनियमितताएं सामने आई। निरीक्षण में पाया गया कि अधिकांश राजस्व प्रकरण कई महीनों से लंबित हैं। कुछ मामलों में पारित आदेशों का पालन नहीं किया गया, जबकि कई प्रकरणों में निर्धारित तिथियों पर पेशी तक नहीं कराई गई। इससे स्पष्ट हुआ कि तहसीलदार न्यायालय का संचालन नियमित रूप से नहीं हो रहा था। इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने तहसीलदार सरई चन्द्रशेखर मिश्रा को कारण बताओ नोटिस जारी कर कलेक्ट्रेट कार्यालय में संलग्न अटैच करने के निर्देश दिए। वहीं तहसीलदार सरई के कोर्ट रीडर पुष्पेन्द्र द्विवेदी को निलंबित करने के आदेश जारी किए गए। कलेक्टर तहसील सरई के वृत्त खनुआ स्थित नायब तहसीलदार न्यायालय का भी निरीक्षण किया। यहां भी राजस्व प्रकरणों के निराकरण में अनियमितता पाए जाने पर नायब तहसीलदार देवकरण सिंह एवं संबंधित कोर्ट रीडर लखपति सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने अनुविभागीय अधिकारी एसडीएम देवसर को निर्देशित किया कि सभी लंबित राजस्व प्रकरणों का दो दिन के भीतर निराकरण सुनिश्चित किया जाए। न्यायालयों का संचालन नियमित और सुचारू रूप से कराया जाए, ताकि आम नागरिकों को समय पर न्याय मिल सके।

हाईकोर्ट ने इंदौर में हुई मौतों पर सरकार को दी फटकार, भागीरथपुरा में 38 नए मरीज मिले

 इंदौर   मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से हुई मौतों और बीमारी के मामले में बेहद तल्ख टिप्पणी (MP High Court on Indore Water Crisis) की है। एमपी हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में मामले की सुनवाई चल रही है जिसमें कोर्ट ने साफ शब्दों में कहा है कि देश के सबसे स्वच्छ शहर में ऐसा हो रहा, बहुत दुखद है। देश ही नहीं विदेश तक में शहर की छवि बिगड़ी है। देश का नाम खराब हो रहा है। इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी से पैदा हुआ स्वास्थ्य संकट लगातार बढ़ता जा रहा है। दूषित पानी ने अब तक 17 लोगों की जान ले ली है और 110 से अधिक लोग अस्पतालों में भर्ती हैं। यह केवल बीमारी नहीं, बल्कि प्रशासन और न्याय की चुनौती भी बन चुका है। हर दिन नए मरीज सामने आ रहे हैं, हाई कोर्ट में सुनवाई हो रही है और प्रशासन राहत पहुंचाने में जुटा है। क्या इंदौर के लोग अब सुरक्षित पानी की उम्मीद कर पाएंगे, यह सवाल सभी के सिर पर मंडरा रहा है।  इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित जल से हुई मौतों को लेकर मंगलवार (6 जनवरी) को एमपी हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में सुनवाई हुई। इस दौरान कोर्ट ने कहा कि इस घटना ने शहर की छवि को बहुत नुकसान पहुंचाया है। इंदौर देश का सबसे स्वच्छ शहर है. कोर्ट ने कहा कि पीने का पानी ही अगर दूषित हो तो यह बेहद गंभीर चिंता का विषय है। हम इस मामले में मुख्य सचिव को सुनना चाहते हैं, क्योंकि यह समस्या सिर्फ शहर के एक हिस्से तक सीमित नहीं है। दरअसल, पूरे इंदौर शहर का पीने का पानी सुरक्षित नहीं है। खास बात यह की कोर्ट ने अगली सुनवाई में मध्य प्रदेश के चीफ सेक्रेटरी को वर्चुअली हाजिर होने को कहा है। अगली सुनवाई 15 जनवरी को होगी बता दें, दूषित पानी पीने से अब तक 17 लोगों की मौत हो चुकी है। अभी अस्पतालों में 110 मरीज भर्ती हैं। अब तक कुल 421 मरीजों को अस्पतालों में भर्ती किया जा चुका है। इनमें से 311 मरीज अस्पताल से डिस्चार्ज किए जा चुके हैं। आईसीयू में 15 मरीजों का इलाज चल रहा है। तीसरी जनहित याचिका, जिम्मेदारी तय करने की मांग मामले में दायर तीसरी जनहित याचिका भी हादसे के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और एजेंसियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। भागीरथपुरा जैसा स्वास्थ्य संकट मप्र में पहली बार बता दें इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित जल संकट बना हुआ है। उल्टी-दस्त के 38 नए मामले सामने आए हैं। अब तक 17 लोगों की मौत हो चुकी है। अभी अस्पतालों में 110 मरीज भर्ती हैं। 15 का आइसीयू में इलाज चल रहा है। इस बीच, भोपाल से इंदौर पहुंची स्टेट इंटीग्रेटेड डिजीज सर्विलांस प्रोग्राम (एसआइडीएसपी) टीम के प्रमुख डा. भागवत भार्गव ने कहा कि भागीरथपुरा जैसा स्वास्थ्य संकट मध्य प्रदेश में पहली बार सामने आया है। उन्होंने बताया कि इतने कम समय में, इतने सीमित क्षेत्र में बड़ी संख्या में मरीजों का सामने आना और महामारी (एपिडेमिक) जैसी स्थिति बनना बेहद असाधारण और चिंताजनक है। कांग्रेस का प्रदर्शन नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी सहित 10 कांग्रेस नेताओं को भागीरथपुरा में जाने की अनुमति मिल गई है। ये सभी बाइक से क्षेत्र का दौरा करेंगे। इसके अलावा कांग्रेस ने शाम को कैंडल मार्च और हर वार्ड में रैली निकालने की घोषणा की है। उल्टी-दस्त के 38 नए मामले सामने आए हैं। इनमें से 6 मरीजों को अरबिंदो हॉस्पिटल रेफर किया गया है। आखिरकार इन्दौर प्रशासन ने 17 मौतें मानी भागीरथपुरा (Bhagirathpura) सहित प्रभावित क्षेत्रों में 17 मौतों को स्वीकारते हुए प्रशासन (administration)  ने सभी मृतकों के परिजनों (Finally) को दो-दो लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान कर दी।  कलेक्टर के निर्देश पर संबंधित अधिकारियों ने मृतकों के परिजनों को चैक वितरित किए। प्रशासन का कहना है कि जैसे-जैसे मृतकों की जांच रिपोर्ट सामने आती रही, चैक तैयार किए जाते रहे और उन्हें कल वितरित किया गया। क्षेत्रवासियों ने इस बात से भी राहत की सांस ली कि आखिरकार उनके परिजनों को मृतक की सूची में शामिल कर लिया गया। इन 17 लोगों की मौत हालिया बीमारी और दूषित जल से जुड़ी बताई जा रही थी। मृतकों में बुजुर्ग, महिलाएं और एक कम उम्र का बच्चा भी शामिल है। अधिकांश मामलों में उल्टी-दस्त और संक्रमण के लक्षण सामने आए थे, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन जान नहीं बच सकी। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि सभी मामलों की जांच की गई। जिन-जिन के मामलों की पुष्टि होती गई चैक दिए गए हैं। प्रशासन पूरी मुस्तैदी से यहां के रहवासियों की मदद के लिए तैनात है। वहीं नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग को क्षेत्र में शुद्ध पेयजल आपूर्ति, टंकियों की सफाई और दवा वितरण के निर्देश दिए गए हैं। इनको मिली 2- 2 लाख की मदद उर्मिला पति अलगू राम, मंजुला पति दिगंबर बाघे, सीमा पति गौरीशंकर, अवयान पिता सुनील साहू, तारारानी कोरी, नंदलाल सिद्धार्थ पाल, उमा बिहारीलाल कोरी, संतोष पिता कल्याण ,सुमित्रादेवी पति रामेश्वर दास, गोमती पति गोपाल, अशोक पिता मोतीलाल, रामकली पति जगदीश, शंकरलाल जीवनलाल बरेडे, श्रवण पिता नाथू व गीताबाई ध्रुवकर को देर शाम तक चैक का वितरण कर दिया गया। याचिकाकर्ता बोले- सप्लाई हो रहा पानी दूषित 31 दिसंबर 2025 को हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और नगर निगम को यह निर्देश दिया था कि नागरिकों को स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। इस पर एक स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की गई है। याचिकाकर्ताओं के वकील ने दलील दी है कि प्रभावित क्षेत्र में अब भी जो पानी सप्लाई किया जा रहा है, वह दूषित है, न कि स्वच्छ और पीने योग्य। 15  जनवरी को अगली सुनवाई  हाई कोर्ट द्वारा मध्य प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव को वीडियो कांफ्रेंस के जरिए तलब किया गया. कोर्ट ने पूरे प्रदेश में पानी को लेकर चिंता जताई है. वहीं, स्टेटस रिपोर्ट में 4 मौत दिखाने को लेकर सरकार को फटकार भी लगाई है. जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने अगली तारीख 15 जनवरी तय की है.  यदि शिकायतें सुन लेते तो ये नौबत नहीं आती अन्य याचिकाओं में यह मुद्दा … Read more

महाआर्यमन हुए घायल, केंद्रीय मंत्री सिंधिया के बेटे का कार एक्सीडेंट

शिवपुरी केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के बेटे और मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (MPCA) के अध्यक्ष महाआर्यमन सिंधिया शिवपुरी दौरे के दौरान एक हादसे का शिकार हो गए. अचानक ब्रेक लगने के कारण उन्हें सीने में चोट आई है. जानकारी के अनुसार, महाआर्यमन अपनी गाड़ी के सनरूफ से बाहर निकलकर जनता का अभिवादन स्वीकार कर रहे थे, तभी चालक ने अचानक तेज ब्रेक लगा दिए. झटके के कारण उनका सीना गाड़ी के अगले हिस्से से टकरा गया. दरअसल, महाआर्यमन सिंधिया दो दिवसीय शिवपुरी प्रवास के दूसरे दिन सोमवार को कोलारस विधानसभा क्षेत्र में आयोजित युवा सम्मेलन में शामिल होने पहुंचे थे. इसी दौरान वे कॉलेज ग्राउंड में आयोजित क्रिकेट प्रतियोगिता का भी जायजा लेने पहुंचे, जहां वे समर्थकों का अभिवादन कर रहे थे. इसी दौरान ड्राइवर ने अचानक से ब्रेक लगा दिए जिसके बाद वो चोटिलहो गए. शुरुआत में चोट को सामान्य मानते हुए उन्होंने अपना दौरा जारी रखा, लेकिन शाम होते-होते उनके सीने में दर्द बढ़ गया. एहतियात के तौर पर उन्हें तत्काल शिवपुरी जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनका सीटी स्कैन (CT Scan) किया. अस्पताल प्रबंधन और प्रशासन इस मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है. फिलहाल उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है.

खजराना गणेश को 7 करोड़ के आभूषणों से सजाया जाएगा, तिल चतुर्थी मेले में होगा ऐतिहासिक जनसैलाब

इंदौर  देश-विदेश में प्रसिद्ध इंदौर के खजराना गणेश मंदिर में आज से तीन दिवसीय पारंपरिक तिल चतुर्थी मेले का शुभारंभ हो रहा है। 6 से 8 जनवरी तक चलने वाले इस उत्सव में भगवान गणेश का परिवार 7 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के स्वर्ण मुकुट, स्वर्ण छत्र और अन्य बहुमूल्य आभूषणों से श्रृंगारित होगा। प्रशासन और मंदिर प्रबंधन को इस तीन दिवसीय आयोजन में करीब 5 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। सवा लाख तिल-गुड़ के लड्डुओं का महाभोग मेले के पहले दिन भगवान गणेश को सवा लाख तिल-गुड़ के लड्डुओं का भोग लगाया जाएगा। इसके लिए विशेष तैयारियां की गई हैं- 72 घंटे का श्रम – रसोइया खेमजी महाराज के नेतृत्व में 40 सदस्यों की टीम ने 10 भट्टियों पर लगातार काम कर ये लड्डू तैयार किए हैं। ध्वजा पूजन – आज सुबह 10 बजे कलेक्टर और निगम आयुक्त द्वारा ध्वजा पूजन के साथ उत्सव की औपचारिक शुरुआत होगी। विशेष भोग – 7 जनवरी को गोंद के लड्डू और 8 जनवरी को उड़द के लड्डुओं का विशेष भोग अर्पित किया जाएगा। तिल चतुर्थी का धार्मिक महत्व ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, 6 जनवरी (मंगलवार) को तिल चतुर्थी मनाई जा रही है। चंद्रोदय समय – आज रात 8:54 बजे चंद्रमा का उदय होगा। मान्यता – इसे 'तिल कूटा चौथ' भी कहा जाता है। इस दिन चंद्र पूजन से मानसिक कष्ट दूर होते हैं और माताएं संतान की लंबी आयु व सुखी जीवन के लिए व्रत रखती हैं। दर्शन और सुरक्षा व्यवस्था भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मंदिर प्रबंधन ने चलित दर्शन (Moving Darshan) की व्यवस्था की है ताकि आरती के दौरान भी कतारें न रुकें। पूरे परिसर को आकर्षक फूलों और रंग-बिरंगी विद्युत सज्जा से सजाया गया है। मेले में मनोरंजन के लिए झूले, चकरी और विभिन्न राज्यों से आए दुकानदारों के स्टॉल लगाए गए हैं। यातायात प्रबंधन (ट्रैफिक रूट प्लान) यातायात पुलिस ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष रूट तैयार किया है- प्रवेश मार्ग – वाहन चालक खजराना चौराहा से सर्विस रोड होते हुए सिद्धि विनायक हॉस्पिटल से बाएं मुड़कर पार्किंग स्थल तक पहुंच सकेंगे। निकासी मार्ग – दर्शन के बाद वाहन कालका माता मंदिर द्वार से होकर पीपल चौराहा की ओर निकलेंगे। प्रतिबंध – बंगाली चौराहे से सिद्धि विनायक हॉस्पिटल की ओर सर्विस रोड पर वाहनों का प्रवेश वर्जित रहेगा। मुख्य आकर्षण – सात करोड़ के स्वर्ण आभूषणों से सजे गणेश जी का मनोहारी स्वरूप इस साल के मेले का सबसे बड़ा आकर्षण है।

मध्य प्रदेश में कोहरे का असर, 14 घंटे लेट रहीं ट्रेनें, भोपाल समेत 7 जिलों में स्कूलों की टाइमिंग बदली

भोपाल  जनवरी 2026 में मध्य प्रदेश में सर्दी ने अब अपना कहर दिखाना शुरू कर दिया है। पूरे प्रदेश में घना कोहरा, तेज सर्द हवाएं और शीतलहर (कोल्ड वेव) का असर महसूस किया जा रहा है। राजधानी भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और खजुराहो समेत कई जिलों में सुबह-सुबह विजिबिलिटी 20 मीटर तक घट गई, जिससे सड़क और रेलवे यातायात प्रभावित हुआ। मौसम विभाग ने अगले तीन दिन तक राहत की संभावना कम बताई है। कड़ाके की सर्दी और घने कोहरे के चलते 24 जिलों में स्कूलों में छुट्टी घोषित की गई है, वहीं 7 जिलों में स्कूलों की टाइमिंग बदली गई है। बाकी 24 जिलों में फिलहाल कोई आदेश जारी नहीं हुआ, जिससे वहां के बच्चे तेज ठंड में स्कूल जाएंगे। कोहरे की वजह से 12191 श्रीधाम एक्सप्रेस 13.5 घंटे और 01666 अगरतला–रानी कमलापति स्पेशल ट्रेन 13 घंटे 50 मिनट लेट इटारसी पहुंची। इनके अलावा मालवा, सचखंड, शताब्दी समेत कई ट्रेनें 3 घंटे तक की देरी से चल रही हैं। शहडोल के कल्याणपुर में पारा 3.8 डिग्री पर आ गया। दतिया में 4.4 डिग्री, राजगढ़-खजुराहो में 5.4 डिग्री, मुरैना-मलाजखंड में 5.5 डिग्री, उमरिया में 5.7 डिग्री, मंडला-पचमढ़ी में 5.8 डिग्री दर्ज किया गया। बड़े शहरों में भोपाल में 6.8 डिग्री, इंदौर में 8.6 डिग्री, ग्वालियर में 6.4 डिग्री, उज्जैन में 9.5 डिग्री और जबलपुर में 9 डिग्री रहा। इन 24 जिलों में स्कूलों में छुट्टी घोषित     इंदौर: कक्षा 1 से 8 तक, तीन दिन की छुट्‌टी।     उज्जैन: नर्सरी से 5वीं तक, एक दिन छुट्‌टी।     मंदसौर: नर्सरी से 8वीं तक, दो दिन की छुट्‌टी।     शाजापुर: नर्सरी से 8वीं तक, 5–6 जनवरी को अवकाश।     विदिशा: नर्सरी से 5वीं तक, 5–6 जनवरी को अवकाश।     ग्वालियर: नर्सरी से 8वीं तक, 5–6 जनवरी को छुट्‌टी, 7 से स्कूल।     अशोकनगर: 5 जनवरी को स्कूल व आंगनबाड़ी बंद।     रायसेन: नर्सरी से 5वीं तक, 7 जनवरी तक छुट्‌टी।     आगर मालवा: कक्षा 1 से 8 तक, दो दिन अवकाश (आंगनबाड़ी भी बंद)।     भिंड: नर्सरी से कक्षा 8 तक, दो दिन अवकाश।     टीकमगढ़: नर्सरी से 8वीं तक, 5–6 जनवरी को छुट्‌टी।     हरदा: नर्सरी से 8वीं तक, दो दिन का अवकाश।     नीमच: नर्सरी से 8वीं तक, 5–6 जनवरी को छुट्‌टी।     रतलाम: नर्सरी से 8वीं तक, 5–6 जनवरी तक दो दिन का अवकाश।     राजगढ़: कक्षा 8वीं तक के स्कूलों में 2 दिन का अवकाश।     मंडला: नर्सरी से 8वीं तक, 5–6 जनवरी को दो दिन का अवकाश, आंगनबाड़ी भी बंद।     जबलपुर: नर्सरी से 8वीं तक, 5–6 जनवरी को दो दिन का अवकाश, आंगनबाड़ी भी बंद; परीक्षाएं यथावत।     दमोह: प्री-प्राइमरी से 8वीं तक एक दिन का अवकाश, आंगनबाड़ी भी बंद।     डिंडौरी: नर्सरी से 5वीं, 5–6 जनवरी तक दो दिन का अवकाश।     नर्मदापुरम: 6–7 जनवरी को कक्षा 8वीं तक के स्कूलों की छुट्‌टी।     झाबुआ: प्ले-ग्रुप से कक्षा 3 तक, 6 से 10 जनवरी तक अवकाश।     छतरपुर: कक्षा 1 से 8 तक, 2 दिन का अवकाश।     सीधी: नर्सरी से 8वीं तक, 2 दिन का अवकाश।     बैतूल: शीतलहर के कारण आज नर्सरी-8वीं तक स्कूल बंद। इन जिलों में स्कूलों की टाइमिंग बदली     भोपाल: नर्सरी से 8वीं तक के स्कूल सुबह 9:30 बजे के बाद खुलेंगे।     धार: नर्सरी से 8वीं तक की कक्षाएं 9:30 बजे के बाद, 9वीं से 12वीं तक समय यथावत।     सीहोर: 6 जनवरी से नर्सरी से 12वीं तक कक्षाएं सुबह 9:30 बजे से शुरू होंगी।     अनूपपुर: एक पाली वाले स्कूल सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक, दो पाली वाले स्कूल 11–1 और 1–5 बजे तक।     बड़वानी: सुबह 10 बजे के बाद लगेंगी नर्सरी से आठवीं तक की क्लास।     मुरैना : सुबह 10 बजे के बाद लगेंगी आठवीं तक की क्लास।     खरगोन : सुबह 9 बजे के बाद स्कूल लगेंगे। घना कोहरा और शीतलहर का असर भोपाल और खजुराहो सहित प्रदेश के कई इलाकों में सुबह के समय घना कोहरा छाया रहा। हाईवे और शहर की सड़कें सुस्त गति से चल रही हैं। मौसम केंद्र के अनुसार, उत्तर और मध्य मध्यप्रदेश में शीतलहर का असर ज्यादा है। इसके चलते रात और सुबह का तापमान सामान्य से काफी नीचे दर्ज किया जा रहा है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि, सुबह जल्दी अनावश्यक बाहर न निकलें, वाहन चलाते समय फॉग लाइट का इस्तेमाल करें और बुजुर्गों तथा बच्चों की सुरक्षा का ध्यान रखें। कड़ाके की ठंड को देखते हुए प्रशासन ने स्कूलों में अवकाश और टाइमिंग बदलने का निर्णय लिया।   स्कूलों में छुट्टी (मुख्य जिले) जिला क्लास अवकाश इंदौर 1-8 3 दिन उज्जैन नर्सरी-5 1 दिन मंदसौर नर्सरी-8 2 दिन शाजापुर नर्सरी-8 5-6 जनवरी ग्वालियर नर्सरी-8 5-6 जनवरी दमोह प्री-प्राइमरी-8 1 दिन मंडला नर्सरी-8 5-6 जनवरी जबलपुर नर्सरी-8 5-6 जनवरी छतरपुर 1-8 2 दिन बैतूल नर्सरी-8 1 दिन (कुल 24 जिलों में स्कूलों में अवकाश)            स्कूलों में टाइमिंग बदली जिला क्लास नई समय-सारणी भोपाल नर्सरी-8 सुबह 9:30 बजे बाद धार नर्सरी-8 सुबह 9:30 बजे, 9-12वीं यथावत सीहोर नर्सरी-12 सुबह 9:30 बजे से बड़वानी नर्सरी-8 सुबह 10 बजे के बाद मुरैना 1-8 सुबह 10 बजे के बाद ट्रेनों में देरी और यात्रियों की परेशानी कोहरे की वजह से कई प्रमुख ट्रेनों में 3-14 घंटे तक देरी दर्ज हुई। यात्रियों ने प्लेटफार्म पर ठंड में अलाव, चाय और गर्म कपड़ों का सहारा लिया। ट्रेन का नाम देरी 12191 श्रीधाम एक्सप्रेस 13.5 घंटे 01666 अगरतला-रानी कमलापति स्पेशल 13 घंटे 50 मिनट 20104 मुंबई एलटीटी सुपरफास्ट 1 घंटा 30 मिनट 11058 पठानकोट एक्सप्रेस 4 घंटे 45 मिनट 12722 दक्षिण एक्सप्रेस 4 घंटे न्यूनतम और अधिकतम तापमान (मुख्य शहर) शहर अधिकतम (°C) न्यूनतम (°C) भोपाल 18.4 3.8 इंदौर 22.0 8.6 ग्वालियर 19.6 7.3 जबलपुर 20.4 7.8 खजुराहो 18.6 4.4 मंडला 23.4 4.9 दमोह 19.5 5.6 रतलाम 22.2 7.8 उज्जैन 22.4 7.8 मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले 2-3 दिन भी घना कोहरा रहेगा और 15 जनवरी तक प्रदेश में कड़ाके की ठंड जारी रहने की संभावना है। कड़ाके की ठंड ने प्रदेश में तोड़ा … Read more

माघ मेला-2026 को लेकर रेलवे का बड़ा इंतजाम, प्रयाग स्टेशन पर कई ट्रेनों को अस्थायी ठहराव

इंदौर माघ मेला-2026 के अवसर पर यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए उत्तर रेलवे द्वारा प्रयाग स्टेशन पर कुछ ट्रेनों को अस्थायी ठहराव प्रदान किया है। इस ठहराव में पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल से होकर गुजरने वाली कुछ ट्रेनें भी शामिल है। पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार के अनुसार इस अवधि के दौरान चार ट्रेनों को प्रयाग स्टेशन पर दो मिनट का अस्थायी ठहराव प्रदान किया है, जो कि तत्काल प्रभाव से 20 फरवरी 2026 तक प्रभावी रहेगा।   प्रयाग स्टेशन पर अस्थायी ठहराव वाली प्रमुख ट्रेनें : इंदौर-वाराणसी सुपरफास्ट एक्सप्रेस आगमन 01:24 बजे/प्रस्थान 01:26 बजे, बांद्रा टर्मिनस-गाजीपुर सिटी एक्सप्रेस आगमन 01:58 बजे/प्रस्थान 02:00 बजे, गांधीनगर कैपिटल-वाराणसी सुपरफास्ट एक्सप्रेस आगमन 20:48 बजे/ प्रस्थान 20:50 बजे और ओखा-वाराणसी एक्सप्रेस आगमन 23:23 बजे/प्रस्थान 23:25 बजे रहेगा। इसके अतरिक्त अन्य कोई बदलाव नहीं किया गया हैं।  

RKMP में हाईटेक मेंटेनेंस की शुरुआत, भोपाल की ट्रेनों में 15 दिन का काम अब सिर्फ 3 घंटे में होगा

भोपाल भोपाल रेल मंडल की ट्रेनों के संचालन को और अधिक तेज, सुचारू और तकनीकी रूप से सक्षम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि सामने आई है। रानी कमलापति (आरकेएमपी) रेलवे स्टेशन पर अत्याधुनिक व्हील टर्निंग मशीन की स्थापना का कार्य अंतिम चरण में पहुंच चुका है। करीब 10.90 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित इस शेड का 90 प्रतिशत से अधिक कार्य पूर्ण किया जा चुका है। शेष कनेक्टिविटी कार्य पूरा होते ही मशीन को चालू कर दिया जाएगा। इसके शुरू होने से भोपाल से संचालित एवं होकर गुजरने वाली ट्रेनों के व्हील मेंटेनेंस में लगने वाला समय और संसाधन दोनों में उल्लेखनीय कमी आएगी। परिणामस्वरूप ट्रेनों की उपलब्धता और समयपालन में सुधार होगा, जिससे यात्रियों को भी सीधा लाभ मिलेगा। इस शेड के सिविल निर्माण कार्य का दायित्व एम/एस एल.एन. पांठी को सौंपा गया है, जबकि इलेक्ट्रिकल (जी) से संबंधित निर्माण कार्य एम/एस मारर सैनफील्ड इंडिया लिमिटेड, भोपाल द्वारा किया जा रहा है। तीन घंटे में एक व्हील की होगी रिपेयरिंग अब तक ट्रेनों के पहियों के मेंटेनेंस के लिए कोचों को निशातपुरा वर्कशॉप भेजना पड़ता था, जहां इस प्रक्रिया में करीब 10-15 दिन का समय लग जाता था। कई बार समय पर मेंटेनेंस न होने से ट्रेनों के संचालन पर भी असर पड़ता था। नई व्हील टर्निंग मशीन के शुरू होने के बाद यह पूरा काम आरकेएमपी स्टेशन पर ही हो सकेगा। खास बात यह है कि यह पूरी तरह ऑटोमेटिक मशीन है, जिससे जहां पहले एक हफ्ता लगता था, वहीं अब महज 3 घंटे में व्हील मेंटेनेंस संभव होगा। इससे ट्रेन टर्नअराउंड टाइम घटेगा और संचालन कहीं अधिक सुचारू बन सकेगा।  

पुलिसकर्मियों को मिलेगी थाने में स्वास्थ्य सुविधा, भोपाल के जूनियर डॉक्टरों की नई सोच

भोपाल काम के भारी दबाव और अनियमित दिनचर्या के चलते बीमारियों का शिकार हो रहे पुलिसकर्मियों के उपचार के लिए गांधी मेडिकल कालेज (जीएमसी) के जूनियर डाक्टरों ने नई पहल की है। अब खाकी वर्दी वालों को उपचार के लिए अस्पताल की लंबी कतारों में नहीं लगना होगा, बल्कि डॉक्टर खुद थाने पहुंचकर उनके स्वास्थ्य का परीक्षण करने के साथ ही उन्हें चिकित्सा उपलब्ध कराएंगे। इसके लिए प्रत्येक पुलिस थाने में नियमित स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे। लाइफस्टाइल बीमारियों की समय रहते पहचान इस अभियान का मुख्य उद्देश्य पुलिस बल में तेजी से बढ़ रही लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियों की समय रहते पहचान करना और उनका उपचार शुरू करना है। मालूम हो कि पुलिस की नौकरी में ड्यूटी के घंटे तय नहीं होते। त्योहार हो या वीआइपी मूवमेंट, पुलिसकर्मी घंटों खड़े रहकर ड्यूटी करते हैं। इस भागदौड़ और मानसिक दबाव के कारण उनमें हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारियां घर कर रही हैं।  

राजधानी में खिलेगा गुलाबों का संसार, 9–11 जनवरी तक महकेंगे फूलों के राजा

प्रदर्शनी के लिये ऑनलाइन और ऑफलाइन 6 जनवरी 2026 तक आवेदन आमंत्रित भोपाल फूलों के राजा गुलाब की महक 9 से 11 जनवरी तक राजधानी के गुलाब उद्यान में महकेगी। उद्यानिकी विभाग और मध्यप्रदेश रोज सोसायटी के संयुक्त तत्वावधान में गुलाब प्रदर्शनी का आयोजन किया जायेगा। प्रदर्शनी में भाग लेने के लिये आवेदन ऑनलाइन और ऑफलाइन 6 जनवरी 2026 तक आमंत्रित किये गये हैं। आयुक्त उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण श्री अरविन्द दुबे ने बताया कि मध्यप्रदेश फूलों के उत्पादन में देश में द्वितीय स्थान पर है। राज्य सरकार द्वारा फूलों के उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिये लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। इसी कड़ी में प्रतिवर्ष भोपाल स्थित गुलाब उद्यान परिसर में गुलाब प्रदर्शनी का आयोजन किया जाता है। गुलाब के प्रति आम लोगों के रूझान को देखते हुए गुलाब उत्पादकों के बीच स्वस्थ प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है। इसमें गमले से लेकर बगिया तक और टैरेस पर तैयार किये गये गुलाब के फूलों को पुरस्कार देकर प्रोत्साहित किया जाता है। तीन श्रेणियों में होगी प्रतियोगिता आयुक्त श्री दुबे ने बताया कि भोपाल शहर और उसके आसपास लगभग 40 किलोमीटर क्षेत्र में विकसित किये गये गुलाब उद्यानों की इंट्री इस प्रतियोगिता में शामिल की जाती हैं। जो गुलाब उत्पादक बड़ी संख्या में गुलाब का उत्पादन करते हैं, वह प्रतियोगिता में शामिल होने के लिये 6 जनवरी तक ऑनलाइन या ऑफलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके उपरान्त 7 और 8 जनवरी को रोज सोसायटी और उद्यानिकी विभाग के प्रतिनिधि उन गुलाब उद्यानों का निरीक्षण करेंगे, 9 जनवरी को घरों में गमलों में लगाये गये गुलाबों का प्रदर्शन गुलाब उद्यान में किया जायेगा। इसके लिये गुलाब उत्पादक सुबह 8 से 12 बजे तक गुलाब उद्यान में प्रविष्ठि कर सकते हैं। 10 जनवरी को कट-फ्लावरों का प्रदर्शन गुलाब उद्यान परिसर में किया जायेगा। गुलाब प्रदर्शनी का 10 जनवरी को समारोहपूर्वक शुभारंभ किया जायेगा तथा 11 जनवरी को विजेताओं को पुरस्कार वितरित होंगे।