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डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश के सांस्कृतिक अभ्युदय के लिए प्रतिबद्ध है सरकार: राज्य मंत्री लोधी

संपूर्ण भारत और वैश्विक पटल पर मध्य प्रदेश को सर्वश्रेष्ठ पर्यटन स्थल के रूप में रेखांकित करना हमारी प्राथमिकता मध्यप्रदेश पर्यटन की असीम संभावनाओं वाला प्रदेश   पिछले साल 14 करोड़ से अधिक पर्यटकों का हुआ आगमन पर्यटन के उत्कृष्ट कार्यों के लिये विभाग को पिछले 2 वर्षों में 18 से अधिक पुरस्कारों और सम्मानों से किया गया सम्मानित प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सांस्कृतिक पुनर्जागरण के दौर से गुजर रहा देश 900 करोड़ रूपये से अधिक की लागत से 20 सांस्कृतिक और धार्मिक लोकों का निर्माण   वैश्विक पटल पर 10 यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों और भोपाल, इंदौर एवं महेश्वर को क्रिएटिव सिटी के रूप में विकसित करना सरकार की प्राथमिकता प्रदेश की जीडीपी में पर्यटन का योगदान बढ़ाकर 10 प्रतिशत करना हमारा लक्ष्य भोपाल पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने कहा कि  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत का सांस्कृतिक पुर्नजागरण हो रहा है। डॉ. मोहन यादव जी के नेतृत्व में हमारी सरकार प्रदेश के सांस्कृतिक अभ्युदय के लिए प्रतिबद्ध है। पर्यटन की दृष्टि से मध्यप्रदेश संपूर्ण भारत में एवं वैश्विक पटल पर सर्वश्रेष्ठ पर्यटन स्थल के रूप में रेखांकित हो ऐसी हमारी प्राथमिकता है। आने वाले समय में निश्चित ही आपको पर्यटन और संस्कृति के क्षेत्र में अनेक अद्वितीय कार्य देखने को मिलेंगे। भारत के कुल 69 यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों में से 18 विरासत स्थल मध्यप्रदेश में हैं। विगत 2 वर्षों में ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिये 400 से अधिक होमस्टे का निर्माण कर प्रारंभ किये गये हैं। जिनसे ग्रामीण परिवारों को 7 करोड़ से अधिक का व्यवसाय प्राप्त हुआ है। सरकार का लक्ष्य 1000 हजार होम स्टे निर्माण करने का है। पर्यटन के क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने के लिये रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव और मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट जैसे बड़े आयोजन किये गये हैं। इन आयोजनों के माध्यम से लगभग 10 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुये हैं। राज्य मंत्री श्री लोधी मंगलवार को भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय सभागार में विकास और सेवा के 2 वर्ष पर केन्द्रित पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर अपर प्रबंध संचालक, मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड डॉ. अभय अरविंद बेडेकर, संचालक संस्कृति विभाग श्री एन. पी. नामदेव तथा विभागीय अधिकारी भी मौजूद थे। राज्य मंत्री श्री लोधी ने कहा कि ओमकारेश्वर को अद्वैत लोक के रूप में विकसित किया जा रहा है। जिसके प्रथम चरण में आदि शंकराचार्य की 108 फीट ऊँची प्रतिमा स्थापित की जा चुकी है तथा द्वितीय चरण में अद्वैत लोक के निर्माण हेतु रूपये 2424 करोड़ से अधिक राशि की स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। पर्यटन के क्षेत्र में सरकार द्वारा जो विकास कार्य एवं नवाचार किये गये हैं, उसी का परिणाम है कि पिछले साल मध्यप्रदेश की धरती पर 14 करोड़ से अधिक पर्यटकों का आगमन हुआ है तथा प्रदेश में पर्यटकों की संख्या में लगभग 25 प्रतिशत की वृद्धि हुई है जो देश में सर्वाधिक है। पर्यटन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों के लिये विभाग को पिछले 2 वर्षों में 18 से अधिक पुरस्कारों और सम्मानों से सम्मानित किया गया है। प्रदेश में धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिये हमारी सरकार द्वारा 900 करोड़ रूपये से अधिक की लागत से 20 सांस्कृतिक और धार्मिक लोकों का निर्माण किया जा रहा है, जो लगभग पूर्णता की ओर है। विगत 2 वर्षों में सरकार द्वारा भगवान श्री राम को समर्पित श्री रामचन्द्र वनगमन पथ की संकल्पना को मूर्त रूप प्रदान किया गया है, और युग अवतार भगवान श्री कृष्ण पर केंद्रित श्री कृष्ण पाथेय योजना की संकल्पना को स्वीकृति प्रदान की गई है। सरकार द्वारा प्रदेश के सभी जिलों का साहित्यिक गैजेटियर तैयार किये जा रहे हैं। विगत 2 वर्षों में 15 जिलों के साहित्यिक गैजेटियर तैयार किये जा चुके हैं। इसके साथ ही हमारी सरकार द्वारा उज्जैन, भोपाल, ग्वालियर, सागर, पन्ना, जबलपुर, महेश्वर जैसे अनेक स्थानों पर विशिष्टता को सम्मिलित करते हुये पूरे प्रदेश में संग्रहालयों की एक नवीन श्रृंखला का निर्माण किया जा रहा है। संस्कृति के क्षेत्र में मध्यप्रदेश ने 8 विश्व कीर्तिमान स्थापित किये हैं। विगत 2 वर्षों में मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत लगभग 25 हजार तीर्थ यात्रियों को लाभान्वित किया गया है। इसके साथ हीं विगत 2 वर्षों में 132 शासन संधारित मंदिरों का जीर्णोद्धार भी हमारी सरकार द्वारा किया गया है। आने वाले समय में हमारा लक्ष्य प्रदेश की जीडीपी में पर्यटन का योगदान बढ़ाकर 10 प्रतिशत करना है। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिये आने वाले समय में 500 नये होटलों के माध्यम से 20 हजार कक्षों और 500 मार्ग सुविधा केन्द्रों का निर्माण किया जाएगा। समावेशी विकास एवं सेफ टूरिज्म के लिए 50 हजार महिलाओं और बालिकाओं को प्रशिक्षित किया जाएगा। वैश्विक पटल पर 10 यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों और भोपाल, इंदौर एवं महेश्वर को 'क्रिएटिव सिटी' के रूप में विकसित करना हमारी सरकार की प्राथमिकता है। दो वर्षों की उपलब्धियाँ मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना     मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के अंतर्गत वर्ष 2024-25 में 20 ट्रेनों का सफल संचालन कर 16 हजार तीर्थयात्रियों को लाभान्वित किया गया।     वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक 08 ट्रेनों का सफल संचालन कर 6 हजार 400 तीर्थयात्रियों को लाभान्वित किया गया।     25 वायुयानों से 800 यात्रियों को लाभान्वित किया गया।     मंदिरों का जीर्णोद्धार     विगत दो वर्षों में शासन संधारित 132 मंदिरो के जीर्णोद्धार के कार्य स्वीकृत किये गये।     शासन संधारित मंदिरों के पुजारियों के लिये लगभग 32 करोड़ का अनुदान आबंटित किया गया है।     शासन संधारित देवालयों में पुजारियों के लिये उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किये गये।       पुजारियों के मानदेय में वृद्धि की गई।     शासन संधारित देवस्थानों का दस्तावेजीकरण     प्रदेश के सभी जिलों में स्थित शासन संधारित देवस्थानों का दस्तावेजीकरण किया गया। जिसका डिजिटलाइजेशन का कार्य प्रकियाधीन है। नवाचार     धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग एवं स्कूल ऑफ प्लानिंग एण्ड आर्किटेक्चर के बीच विरासत संरक्षण, रेट्रोफिंटिंग और स्मारकों के पुनर्वास, मंदिर परिसरों और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग के दायरे में आने वाली सुविधाओं सहित परामर्श सेवाओं के सभी पहलुओं को शामिल कर समझौता एम.ओ.यू. … Read more

प्रदेश के 65 हजार से अधि​क मतदान केंद्रों पर हुआ प्रारुप मतदाता सूची का प्रकाशन

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मप्र श्री संजीव कुमार झा ने मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को प्रारूप प्रकाशन के संबंध में दी जानकारी भोपाल मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मप्र श्री संजीव कुमार झा ने मंगलवार को निर्वाचन सदन, भोपाल में मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की और प्रारूप मतदाता सूची के प्रकाशन की जानकारी दी। इस अवसर पर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मप्र श्री झा ने राजनीतिक दलों को प्रारूप सूची की सीडी भी प्रदान की. बैठक में संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री राम प्रताप सिंह जादौन, उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री संजय कुमार श्रीवास्तव, श्रीमती सुरभि तिवारी, श्री राजेश यादव सहित भाजपा के श्री भगवान दास सबनानी, कांग्रेस के श्री जे.पी. धनोपिया एवं श्री ललित सेन और आप पार्टी के श्री सी.पी. सिंह चौहान उपस्थित रहे। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मप्र श्री झा ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) का कार्य 4 नवंबर से शुरू हुआ था.इस अवधि में बीएलओ द्वारा घर घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन किया गया. गणना पत्रक भरे गए। मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री संजीव कुमार झा ने बताया कि राज्य में इस कार्य में मतदाताओं की अभूतपूर्व भागीदारी देखने को मिली। उन्होंने बताया कि 23 दिसंबर 2025 से 22 जनवरी 2026 तक दावा आपत्ति की प्रक्रिया चलेगी. इस अवधि में वास्तविक मतदाता अपना नाम जुड़वा सकते हैं या आपत्तियाँ दर्ज करा सकते हैं। युवा मतदाता जुडवा सकते हैं नाम मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री झा ने बताया कि जो युवा मतदाता 1 जनवरी 2026 को 18 वर्ष की आयु पूरी कर रहे हैं, वे ऑफलाइन या ऑनलाइन अपना नाम जुडवा सकते हैं। भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट Voters.eci.gov.in पर जाकर ऑनलाइन फॉर्म-6 भरना होगा. इसके साथ ही ऑफलाइन के लिए बीएलओ से संपर्क कर सकते हैं।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसान दिवस की बधाई दी

पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न चौधरी श्री चरण सिंह की जयंती पर किया पुण्य स्मरण भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसान दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों की लगन और अथक परिश्रम से ही देश के अन्न भंडार समृद्ध हैं। अन्नदाताओं का परिश्रम और प्रतिबद्धता वंदनीय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न चौधरी चरण सिंह जी की जयंती पर सादर नमन किया, उन्होंने कहा कि चौधरी चरण सिंह ने किसानों के कल्याण और कृषि विकास के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। उल्लेखनीय है पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह को सम्मान देने के लिए, उनकी जयंती किसान दिवस के रूप में मनाई जाती है।  

‘किस्मत की चाबी’ ने मचाया सुरों का जादू, उज्जैन में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किया राहु केतु के नए गाने का भव्य लॉन्च

उज्जैन राहु केतु के मेकर्स ने अपना नया गाना ‘किस्मत की चाबी’ रिलीज़ कर दिया है और ये अब सभी प्लेटफॉर्म्स पर धूम मचा रहा है। पॉप स्टार राजा कुमारी और अभिनव शेखर की आवाज़ में, और संगीत व बोल भी अभिनव शेखर के है, ये ट्रैक जबरदस्त एनर्जी, जोश और दमदार सोशल मैसेज का परफेक्ट कॉम्बिनेशन है, जहां संगीत सिर्फ मनोरंजन नहीं बल्कि सोच बदलने का जरिया बनता है। ये गाना मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव की मौजूदगी में लॉन्च किया गया, और सीधे जुड़ता है राज्य के नशा मुक्ति अभियान से, जो समाज, परिवार और युवाओं पर नशे के असर से लड़ने का मिशन है।  ‘किस्मत की चाबी’ इस सोच को ताकत देता है कि जागरूकता, सही समय पर कदम और मिलकर जिम्मेदारी निभाने से सच में बदलाव आ सकता है। पुल्कित सम्राट, वरुण शर्मा और शालिनी पांडे पर फिल्माया गया ये गाना राहु केतु की कहानी से एकदम घुलमिल जाता है, और एडिक्शन जैसे गंभीर मुद्दे को भावुक, समझने लायक और रिलेट करने जैसा बनाता है। ये गाना याद दिलाता है कि बदलाव की शुरुआत सोच से होती है और सही सपोर्ट, समझ और हौसला सब कुछ बदल सकता है। विपुल गर्ग द्वारा निर्देशित और ज़ी स्टूडियोज द्वारा प्रस्तुत ‘राहु केतु’ ज़ी स्टूडियोज और बीलाइव प्रोडक्शंस की फिल्म है, जो किस्मतों की टक्कर, ग्रहों की गड़बड़ी और मस्तीभरे हाहाकार के बीच जबरदस्त एंटरटेनमेंट का वादा करती है। राहु केतु 16 जनवरी 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी।

राहुल गांधी की टिप्पणियों के पीछे विदेशी ताकतें, देशहित से खिलवाड़ : विश्वास सारंग

जबलपुर  मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री विश्वास सारंग ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बर्लिन दौरे पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जब कभी विदेश दौरे पर जाते हैं, तो वो भारत विरोधी बयानबाजी जरूर करते हैं। उन्होंने आशंका जताई कि कहीं राहुल गांधी को इसके लिए विदेशी फंडिंग तो नहीं मिलती है। इसकी बाकायदा जांच होनी चाहिए, ताकि पूरी तस्वीर साफ हो सके। उन्होंने मंगलवार को आईएएनएस से बातचीत में कहा कि राहुल गांधी भारत की गरिमा को नीचा करने और संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने के लिए विदेश जाते हैं, जिसे अब बिल्कुल भी स्वीकार नहीं किया जा सकता है।  अब स्थिति राहुल गांधी की अपरिपक्वता का हिस्सा नहीं, बल्कि विदेशी साजिश का हिस्सा है। जिसकी जांच जरूरी है। मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री ने कहा कि अगर बर्लिन में राहुल गांधी को बोलने के लिए मंच दिया जा रहा है, तो इसकी मूल वजह यह है कि वो दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश भारत के नेता प्रतिपक्ष हैं। राहुल गांधी को इसलिए नहीं बर्लिन में बोलने दिया जा रहा है कि उनके कोई पर लगे हुए हैं। अफसोस की बात है कि जिन लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं की वजह से राहुल गांधी को वहां पर मौका मिल रहा है, वो उसी पर कुठाराघात कर उसे कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं, जो पूरी तरह से दुर्भाग्यपूर्ण है। सारंग ने कहा कि एक तरफ जहां पूरी दुनिया में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व को स्वीकारा जा रहा है। पूरी दुनिया इस बात को मान रही है कि आज की तारीख में भारत दोहरी गति से विकास पथ पर अग्रसर है। ऐसी स्थिति में राहुल गांधी विदेशी मंच पर जाकर भारत विरोधी टिप्पणी कर रहे हैं। इससे यह साफ जाहिर हो रहा है कि वो ऐसा करके किसी विदेशी साजिश को सफल करने में अपनी तरफ से अहम भूमिका निभा रहे हैं, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी भारत के विरोध में झंडा बुलंद करने वाले देशों से मिले पैसों के दम पर राष्ट्र विरोधी अभियान चला रहे हैं। इससे ज्यादा दुर्भाग्यपूर्ण और कुछ नहीं हो सकता। राहुल गांधी को यह समझना होगा कि यह राष्ट्र विरोधी कृत्य है, जो बिल्कुल गलत है।

मध्यप्रदेश स्वास्थ्य के क्षेत्र में नवाचारी सोच के साथ देश का नेतृत्व कर रहा है : केन्द्रीय मंत्री नड्डा

धार में पीपीपी मोड पर आकार लेगा देश का पहला मेडिकल कॉलेज : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश स्वास्थ्य के क्षेत्र में नवाचारी सोच के साथ देश का नेतृत्व कर रहा है : केन्द्रीय मंत्री नड्डा मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री नड्डा ने किया धार मेडिकल कॉलेज का शिलान्यास स्वामी विवेकानंद शिक्षा धाम फाउंडेशन के साथ अनुबंध के तहत 25 एकड़ भूमि पर 260 करोड़ रूपए की लागत से तैयार होगा धार का मेडिकल कॉलेज पीपीपी मोड में समाज और सरकार मिलकर स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण, हर व्यक्ति को मिलेगा बेहतर इलाज शीघ्र ही कटनी और पन्ना मेडिकल कॉलेज का भी होगा शिलान्यास भिण्ड, मुरैना, खरगोन, अशोकनगर, गुना, बालाघाट, टीकमगढ़, सीधी और शाजापुर में भी मेडिकल कॉलेज आरंभ करने की तैयारी धार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में मध्यप्रदेश आज एक ऐतिहासिक और अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल कर रहा है। प्रदेश के दो जनजातीय बाहुल्य जिलों में आज मेडिकल कॉलेजों का भूमि पूजन हो रहा है। प्रदेश के अंतिम पंक्ति में बैठे अंतिम व्यक्ति तक सस्ती, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगतप्रकाश नड्डा का प्रदेशवासियों की ओर से विशेष आभार है। यह पीपीपी मोड (जन-निजी भागीदारी) पर बनने वाला देश का पहला मेडिकल कॉलेज होगा। इस पहल की शुरुआत मध्यप्रदेश की धरती से हो रही है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने कहा कि धार में मेडिकल कॉलेज का भूमि-पूजन देश के लिए ऐतिहासिक अवसर है। मध्यप्रदेश ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में देश को एक नेतृत्व दिया है। राज्य में नवाचारी सोच और जन सहभागिता के साथ देश में पीपीपी मोड के आधार पर पहला मेडिकल कॉलेज शुरू किया जा रहा है। मध्यप्रदेश ने इस मामले में देश का नेतृत्व किया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृ्त्व में देश की स्वास्थ्य व्यवस्था में बड़ा बदलाव आया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पीपीपी मॉडल में समाज और सरकार मिलकर स्वास्थ्य सेवाओं का सुदृढ़ीकरण कर, हर व्यक्ति तक बेहतर इलाज पहुंचाने की दिशा में कार्य करेंगे। सेवा और विकास हमारी सरकार का मूल मंत्र है, विगत दो वर्ष जनकल्याण और विकास की दृष्टि से अद्वितीय रहे हैं। मध्यप्रदेश देश का एकमात्र राज्य है, जिसके दो बड़े शहरों- भोपाल और इंदौर में सालभर के अंदर मेट्रो ट्रेन का शुभारंभ हुआ। इसके साथ ही प्रदेश में हवाई सेवाओं का भी विस्तार हो रहा है। अब रीवा से इंदौर और नई दिल्ली के लिए हवाई सेवा उपलब्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव धार में पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कॉलेज के शिलान्यास के लिए पीजी कॉलेज मैदान धार में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, रसायन और उर्वरक मंत्री जे.पी. नड्डा कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव तथा केन्द्रीय मंत्री नड्डा ने रिमोट का बटन दबाकर मेडिकल कॉलेज का शिलान्यास और धार जिले के विकास कार्यों का भूमिपूजन व लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इसी वर्ष अगस्त माह में पीपीपी मॉडल पर बैतूल, कटनी, धार और पन्ना में चार नए चिकित्सा महाविद्यालय स्थापित करने के लिए अनुबंध पर हस्ताक्षर हुए थे। आज धार और बैतूल का शिलान्यास हो रहा है। शीघ्र ही कटनी और पन्ना में भी मेडिकल कॉलेजों का शिलान्यास किया जाएगा। इन जिलों के बाद भिण्ड, मुरैना, खरगोन, अशोकनगर, गुना, बालाघाट, टीकमगढ़, सीधी और शाजापुर में भी इसी तरह मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की तैयारी है। धार जिले में 260 करोड़ रूपए की लागत से 25 एकड़ भूमि पर मेडिकल कॉलेज का निर्माण किया जा रहा है। इस मेडिकल कॉलेज के लिए स्वामी विवेकानंद शिक्षा धाम फाउंडेशन ने सरकार के साथ हाथ मिलाया है। फाउंडेशन को 25 एकड़ जमीन 1 रूपए की लीज पर देकर राज्य सरकार ने स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा को मजबूत करने का रास्ता खोला है। अब धार के लोगों को इलाज के लिए बड़े शहरों में नहीं जाना पड़ेगा। स्थानीय जनजातीय बच्चों को डॉक्टर बनने का अवसर भी मिलेगा। यहां नर्सिंग एवं पैरामेडिकल के कोर्स भी संचालित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य में वर्ष 2002-03 तक मात्र 5 मेडिकल कॉलेज थे। अब प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 33 हो चुकी है। राज्य में पिछले दो सालों में 6 शासकीय मेडिकल कॉलेज शुरू किए गए। इनमें आदिवासी अंचल सिंगरौली और श्योपुर के मेडिकल कॉलेज भी शामिल हैं। राज्य सरकार ने सीनियर रेजिडेंट्स डॉक्टरों के 354 पदों को स्वीकृति दी है। प्रदेश में सिकल सेल एनीमिया अभियान को आगे बढ़ाते हुए 1 करोड़ 25 लाख से अधिक लोगों की जांच की जा चुकी है। धार में 15 लाख से अधिक लोगों की सिकल सेल कार्यक्रम के तहत जांच की गई। प्रदेश के टीकमगढ़, नीमच, सिंगरौली, श्योपुर, डिंडौरी के अस्पतालों में 800 बेड का उन्नयन और डॉक्टरों के 810 नए पदों की स्वीकृति प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि धार को ऋषि दाधीच और मां नर्मदा का आशीर्वाद प्राप्त है। यह जनसंघ के आदिपुरुष एवं पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष कुशाभाऊ ठाकरे की जन्मस्थली भी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में धार जिले को पिछले 4 महीने में अनेक विकास कार्यों की सौगात मिली हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने 75वें जन्मदिवस पर धार में देश के पहले पीएम मित्र पार्क का भूमिपूजन किया। टेक्सटाइल आधारित इस इंडस्ट्रियल पार्क के माध्यम से क्षेत्र के कपास उत्पादक किसानों को लाभ मिलेगा और 3 लाख के अधिक प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में पीएमएयर एम्बुलेंस सेवा दूरस्थ क्षेत्रों के लिए वरदान बनी है। अब आयुष्मान कार्ड के माध्यम से जरूरतमंदों को नि:शुल्क इलाज और एयर एम्बुलेंस की सुविधा मिल रही है। परिजन के मृत्यु के बाद परिवारों की सुविधा के लिए प्रदेश के सभी जिला और सिविल अस्पतालों में शव वाहन उपलब्ध कराए गए हैं। राज्य सरकार ने सड़क हादसों में घायलों की मदद के लिए राहवीर योजना की शुरुआत की है। यह राज्य सरकार का मानवीय संवेदनाओं वाला पक्ष है। घायलों को समय पर अस्पताल पहुंचाने वाले राहवीरों को राज्य सरकार प्रोत्साहन स्वरूप 25 हजार की राशि प्रदान कर रही है। साथ ही प्रदेश में अंगदान को प्रोत्साहन देने के लिए … Read more

चिकित्सा शिक्षा और आयुष क्षेत्र में मध्य प्रदेश में ऐतिहासिक सुधार, CM मोहन यादव के प्रयासों की गाथा

संकल्प से सिद्धि: स्वास्थ्य हब बनता मध्य प्रदेश मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव के नेतृत्व में  चिकित्सा शिक्षा और आयुष क्षेत्र में ऐतिहासिक कायाकल्प की गाथा भोपाल  मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएँ अब केवल चुनावी वादों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह दीर्घकालिक सेवा और सुदृढ़ नीति का प्रमाण बन चुकी हैं। 2003 से पहले जहाँ प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की स्थिति स्थिर थी, वहीं आज डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में सरकार ने इसे 'जन-आंदोलन' का रूप दे दिया है। एलोपैथी के आक्रामक विस्तार से लेकर आयुष के पुनरुत्थान तक—मध्य प्रदेश अब "बेसिक मेडिकल शिक्षा" से आगे बढ़कर "एडवांस्ड हेल्थ केयर" की ओर कदम बढ़ा चुका है।  चिकित्सा शिक्षा – विस्तार, गुणवत्ता और भविष्य (2003-2028) 1. ठहराव से रफ़्तार तक का सफ़र (ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य) आंकड़े गवाह हैं कि प्रदेश ने पिछले दो दशकों में कैसे लंबी छलांग लगाई है: सीमित अतीत (1946-2003): 1970 के पूर्व और उसके बाद कई दशकों तक मेडिकल कॉलेजों की संख्या लगभग स्थिर रही। 1946 से 2003 के बीच ग्वालियर, इंदौर, भोपाल, जबलपुर और रीवा जैसे चुनिंदा शहरों तक ही चिकित्सा शिक्षा सीमित थी। 2003 तक प्रदेश में शासकीय मेडिकल कॉलेज मात्र 5 थे और कुल कॉलेज केवल 6 थे । बदलाव का दौर (2004-2023): सागर (2009) जैसे नए शासकीय कॉलेज खुले और निजी क्षेत्र को भी अवसर मिला। 2018-19 के बाद विदिशा, दतिया, शहडोल, खंडवा, शिवपुरी और छिंदवाड़ा जैसे जिलों में मेडिकल कॉलेज शुरू हुए, जिससे चिकित्सा शिक्षा संभाग से निकलकर जिले की दहलीज़ तक पहुँची । 2. डॉ. मोहन यादव सरकार का 'आक्रामक विस्तार' (2023 के बाद) वर्तमान सरकार ने मेडिकल शिक्षा के विस्तार को नई दिशा दी है: रिकॉर्ड उपलब्धि: 2003 से पहले जितने मेडिकल कॉलेज खुले थे, डॉ. मोहन यादव की सरकार ने लगभग उतने ही कॉलेज केवल दो वर्षों में खोल दिए हैं । हर लोकसभा तक पहुँच: सिवनी, नीमच, मंदसौर, श्योपुर और सिंगरौली जैसे सुदूर जिलों में नए मेडिकल कॉलेज शुरू हुए हैं। आज प्रदेश का हर लोकसभा क्षेत्र मेडिकल कॉलेज से जुड़ने की दहलीज़ पर खड़ा है । वर्तमान स्थिति (2025): आज शासकीय मेडिकल कॉलेजों की संख्या 14 से बढ़कर 19 और निजी कॉलेजों की संख्या 12 से बढ़कर 14 हो चुकी है। यानी कुल 33 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं । 3. सीटों में अभूतपूर्व वृद्धि (MBBS, PG और सुपर स्पेशलिटी) डॉक्टरों की कमी के पुराने तर्क को ध्वस्त करते हुए सीटों में भारी इजाफा किया गया है: MBBS सीटें: 2003 में मात्र 1,250 सीटें थीं। 2023-24 में यह 4,875 हुईं और 2025-26 के सत्र में यह बढ़कर 5,550 (शासकीय: 2850, निजी: 2700) हो गई हैं। यह वृद्धि जनसंख्या वृद्धि की तुलना में कहीं अधिक है । PG और सुपर स्पेशलिटी (एडवांस्ड केयर): सरकार का फोकस केवल MBBS तक सीमित नहीं है। PG सीटें: कुल PG (MD/MS) सीटें बढ़कर 2,862 हो गई हैं । सुपर स्पेशलिटी: शासकीय क्षेत्र में सीटें 47 से बढ़कर 64 हो गई हैं और कुल सीटें 93 हैं। यह संकेत है कि मप्र अब एडवांस्ड हेल्थ केयर की ओर बढ़ रहा है । 4. अभिनव पहल: पीपीपी (PPP) मॉडल और भविष्य का रोडमैप (2026-28) सरकार निजी निवेश और सार्वजनिक लक्ष्यों के समन्वय से बड़े लक्ष्य साध रही है: PPP मॉडल पर प्रगति : 4 मेडिकल कॉलेजों—कटनी, धार, पन्ना, और बैतूल—के लिए MoU हस्ताक्षरित हो चुके हैं । निविदा प्रक्रिया जारी : 9 जिलों—अशोकनगर, मुरैना, सीधी, गुना, बालाघाट, भिंड, टीकमगढ़, खरगोन और शाजापुर—में पीपीपी मोड पर कॉलेज खोलने की प्रक्रिया प्रगतिरत है । 2026-28 का विजन : दमोह, बुधनी, छतरपुर, राजगढ़, मंडला और उज्जैन में कुल 6 नवीन कॉलेज प्रस्तावित हैं । महायोग (Grand Total) : योजनानुसार, 2028 तक प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की कुल संख्या 52 हो जाएगी और MBBS सीटें 7,450 तक पहुँचने का अनुमान है । 5. सुधरते सामाजिक मानक (Impact Metrics) डॉक्टर-जनसंख्या अनुपात : प्रति 10 लाख जनसंख्या पर MBBS सीटों की उपलब्धता 2003 में 20.8 थी, जो 2025 में 63 तक पहुँच चुकी है। 2028 तक यह राष्ट्रीय औसत के करीब होगी । विधानसभा स्तर पर सुधार : प्रति विधानसभा सीट MBBS औसत 2003 में 5 था, जो अब बढ़कर 24 हो गया है। आयुष विभाग – गौरवशाली परंपरा, आधुनिक उपलब्धियाँ एलोपैथी के साथ-साथ 'निरोगी काया' के संकल्प को पूरा करने के लिए आयुष विभाग ने भी महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ हासिल की हैं: 1. अधोसंरचना और मानव संसाधन का सुदृढ़ीकरण नए पदों का सृजन : 05 नए आयुर्वेद महाविद्यालयों के लिए 1570 पद, 50/30 बिस्तरीय आयुष चिकित्सालयों हेतु 1179 पद और 58 जिला आयुष विंगों में 213 पद सृजित किए गए हैं। फैकल्टी की कमी दूर: शासकीय महाविद्यालयों में सीनियर फैकल्टी की कमी को दूर करने के लिए 543 आयुर्वेद, 35 होम्योपैथी, 14 यूनानी चिकित्सा अधिकारियों की नियुक्ति और 74 को उच्च पद का प्रभार दिया गया है। 8 नवीन महाविद्यालय: नर्मदापुरम, मुरैना, शहडोल, बालाघाट, सागर, झाबुआ, शुजालपुर और डिंडोरी में 8 नए आयुर्वेद महाविद्यालयों की स्वीकृति प्रदान की गई है। 2. चिकित्सालयों का विस्तार और उन्नयन वेलनेस टूरिज्म: प्रदेश में 12 'वेलनेस टूरिज्म केंद्र' स्थापित किए गए हैं, जो स्वास्थ्य पर्यटन को बढ़ावा दे रहे हैं। आयुष्मान आरोग्य मंदिर: 238 औषधालयों को अपग्रेड कर 'आयुष्मान आरोग्य मंदिर' (Health & Wellness Centres) में परिवर्तित किया गया है और 108 नए औषधालयों का निर्माण किया गया है। नए 50-बिस्तरीय और 30-बिस्तरीय चिकित्सालयों का निर्माण एवं संचालन निरंतर जारी है। 3. आगामी 3 वर्षों की कार्य-योजना (भविष्य की झलक) आयुष विभाग ने अगले तीन वर्षों के लिए एक ठोस रोडमैप तैयार किया है: नए संस्थान: 8 नए आयुर्वेद महाविद्यालय, 1 होम्योपैथी महाविद्यालय और 13 नए आयुष चिकित्सालयों (12 पचास-बिस्तरीय, 1 तीस-बिस्तरीय) का संचालन शुरू होगा। छात्र सुविधाएँ: सभी आयुष महाविद्यालयों में 100-सीटर छात्रावास और स्वयं की फार्मेसी स्थापित की जाएगी। एकीकृत स्वास्थ्य (Integrated Health): सभी जिला एलोपैथी चिकित्सालयों में 'आयुष विंग' और 'पंचकर्म यूनिट' स्थापित की जाएगी। सिकल सेल और जनजातीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों का विस्तार होगा। डिजिटल क्रांति : 'E-औषधि' और 'E-Hospital' प्रणाली लागू कर ऑनलाइन औषधि आपूर्ति और रियल-टाइम मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाएगी। अनुसंधान : प्रमुख पर्यटन स्थलों पर आयुष वेलनेस सेंटर और अत्याधुनिक अनुसंधान लैब का आधुनिकीकरण किया जाएगा। मेडिकल कॉलेजों की संख्या 6 से 52 तक ले जाने का लक्ष्य और आयुष को जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प। यह केवल … Read more

25 दिसंबर को ग्वालियर में अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह होंगे मुख्य अतिथि

अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट 25 दिसंबर को ग्वालियर में, केंद्रीय गृह मंत्री शाह होंगे शामिल निवेश से रोजगार का अटल संकल्प, विकास की नई दिशा ग्वालियर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की सहभागिता और मुख्यमंत्री की उपस्थिति में 25 दिसंबर 2025 को ग्वालियर के मेला ग्राउंड में ‘अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट’ का राज्य स्तरीय आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी जी की जयंती के अवसर पर उनके विकासवादी विचारों, सुशासन की अवधारणा और राष्ट्रनिर्माण के संकल्प को समर्पित रहेगा। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. वाजपेयी की दूरदर्शी विकास दृष्टि से प्रेरित यह समिट ‘निवेश से रोजगार – अटल संकल्प, उज्ज्वल मध्यप्रदेश’ की थीम पर आधारित है। कार्यक्रम का उद्देश्य प्रदेश में बीते दो वर्षों के दौरान हुए औद्योगिक विस्तार, निवेश उपलब्धियों और रोजगार सृजन के ठोस एवं धरातलीय परिणामों से नागरिकों को अवगत कराना तथा भविष्य की औद्योगिक प्राथमिकताओं और विकास के स्पष्ट रोडमैप को साझा करना है। इस राज्य स्तरीय आयोजन में लगभग एक लाख लाभार्थियों की सहभागिता अपेक्षित है। समिट के दौरान ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट एवं विभिन्न राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय निवेश आयोजनों के माध्यम से प्राप्त दो लाख करोड़ रु. से अधिक के निवेश प्रस्तावों से जुड़ी परियोजनाओं का भूमि-पूजन, दस हजार करोड़ रु. से अधिक की पूर्ण परियोजनाओं का लोकार्पण, औद्योगिक इकाइयों को भूमि आवंटन तथा आशय-पत्रों का वितरण किया जाएगा। साथ ही निवेश प्रस्तावों से जुड़े लाभार्थियों का सम्मान तथा रोजगार-केंद्रित पहलों का प्रस्तुतीकरण भी किया जाएगा। कार्यक्रम में औद्योगिक इकाइयों के माध्यम से रोजगार प्राप्त युवाओं, सफल लाभार्थियों और महिला उद्यमियों द्वारा संचालित इकाइयों को विशेष रूप से प्रस्तुत किया जाएगा, जिससे महिला सशक्तिकरण और समावेशी विकास का स्पष्ट संदेश सामने आए। औद्योगिक सुधार और नवाचार के अंतर्गत विशेष औद्योगिक क्षेत्र का शुभारंभ, एक क्लिक प्रोत्साहन वितरण प्रणाली की शुरुआत, नए औद्योगिक क्लस्टरों तथा प्लग-एंड-प्ले इकाइयों का उद्घाटन किया जाएगा। विभिन्न क्षेत्रों से संबंधित महत्वपूर्ण औद्योगिक परियोजनाओं का लोकार्पण भी कार्यक्रम का हिस्सा रहेगा। प्रदेश सरकार की पिछले दो वर्षों की उपलब्धियों पर आधारित एक विस्तृत प्रदर्शनी का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें औद्योगिक सुधारों, नीतिगत नवाचारों, निवेश प्रोत्साहन, अधोसंरचना विकास और रोजगार सृजन से जुड़े प्रयासों को प्रभावी एवं दृश्यात्मक रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। जिला स्तर पर औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन की उपलब्धियों को भी इस मंच पर प्रदर्शित किया जाएगा। स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर एक विशेष स्मृति प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा, जिसमें उनके दूरदर्शी नेतृत्व, आधारभूत संरचना विकास, औद्योगिक दृष्टि और सुशासन से जुड़े ऐतिहासिक योगदान को प्रदर्शित किया जाएगा। यह प्रदर्शनी अटल जी के विचारों से प्रेरित वर्तमान मध्यप्रदेश की औद्योगिक यात्रा को रेखांकित करेगी। समिट में प्रदेश की औद्योगिक क्षमता, निवेश-अनुकूल नीतियाँ, सिंगल विंडो प्रणाली, भूमि एवं अधोसंरचना उपलब्धता तथा MSME, स्टार्ट-अप, महिला उद्यमिता, युवा कौशल विकास और क्षेत्रीय औद्योगिक संभावनाओं से जुड़े अवसरों को दर्शाने वाली थीमेटिक प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी। इस आयोजन में उद्योग जगत के प्रमुख निवेशक, औद्योगिक संघों के प्रतिनिधि, महिला एवं युवा उद्यमी, लाभार्थी समूह तथा विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी सहभागिता करेंगे। अटल जयंती के अवसर पर आयोजित यह राज्य स्तरीय आयोजन आत्मनिर्भर, समृद्ध और रोजगार-समृद्ध मध्यप्रदेश की दिशा में प्रदेश के विकास संकल्प को नई ऊर्जा प्रदान करेगा।  

हाईकोर्ट ने यूनियन कार्बाइड की राख पर अस्थाई रोक हटाई, समीक्षा आवेदन के बाद निर्णय

जबलपुर  हाईकोर्ट ने यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे के विनष्टीकरण से निकली राख की लैंडफिलिंग पर लगी रोक को अस्थाई रूप से वापस ले लिया है. लैंडफिलिंग पर लगाई गई रोक के आदेश पर समीक्षा करने सरकार की ओर से आवेदन दायर किया था. हाईकोर्ट जस्टिस विवेक कुमार सिंह व जस्टिस अजय कुमार निरंकारी की युगलपीठ ने आवेदन की सुनवाई करते हुए पूर्व में पारित आदेश के अनुसार आगे कार्यवाही करने के निर्देश जारी किए हैं. हाईकोर्ट ने लगाई थी लैंडफिलिंग पर रोक इस याचिका की सुनवाई 2004 में आलोक प्रताप सिंह द्वारा लगाई गई याचिका के साथ संयुक्त रूप से हो रही थी. 2004 में यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे के विनष्टीकरण की मांग करते हुए हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी. याचिकाकर्ता की मृत्यु के बाद हाईकोर्ट मामले की सुनवाई संज्ञान याचिका के रूप में कर रहा था. वहीं, सोमवार से पहले हुई कई सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने सरकार से कचरे की विनष्टीकरण की रिपोर्ट पेश करने को कहा था. इसके बाद रिपोर्ट देखकर हाईकोर्ट ने राख को घनी आबादी के पास लैंडफिल किए जाने पर रोक लगा दी थी. यूनियन कार्बाइड की राख पर हाईकोर्ट ने जताई थी चिंता 8 अक्टूबर 2025 को हाईकोर्ट ने कहा था कि जहरीले राख की लैंडफिलिंग के आदेश के बावजूद सरकार ने दूसरे स्थान के संबंध में कोई जानकारी नहीं दी. सरकार द्वारा इंसानों की आबादी से सिर्फ 500 मीटर दूर लैंड फिलिंग का स्थान निर्धारित किया गया है. राख अभी भी जहरीली है और अगर इसे ठीक से नहीं रोका गया तो भूकंप जैसी किसी प्राकृतिक आपदा के कारण उसे रोकने वाला स्ट्रक्चर गिरने पर एक और आपदा हो सकती है. ऐसे में राज्य सरकार को राख ऐसी जगहों पर ले जाने की संभावना पर विचार करना चाहिए जो इंसानी बस्तियों, पेड़-पौधों और पानी के सोर्स से बहुत दूर हों. कंटेनमेंट सिस्टम टूट भी जाए, तो भी इसके बुरे असर बहुत कम हों. हालांकि, अगली सुनवाई में इसे लेकर सरकार ने अपनी ओर से तर्क रखे. दो महीने के अंदर पूरी करें विनष्टीकरण की प्रक्रिया : हाईकोर्ट सरकार की ओर से इस मामले में फिर दलील दी गई कि जहरीली राख को रोकने के लिए जो स्ट्रक्चर बनाया है, उसे सबसे मॉडर्न सुरक्षा तकनीक से बनाया गया है. शुरुआत में कोर्ट राज्य सरकार की ओर से दिए गए इस तर्क से सहमत नहीं था. हालांकि, सोमवार को राज्य सरकार द्वारा आदेश पर समीक्षा करने के आवेदन पर युगलपीठ ने राहत दे दी. हाईकोर्ट ने आदेश देते हुए कहा कि पूर्व में पारित आदेश को देखने व मामले के तथ्यातक पहलुओं पर विचार करने के बाद हम इस निष्कर्ष पर पहुंचे है कि 8 अक्टूबर 2025 के आदेश को अस्थाई रूप से स्थगित रखा जाए. राज्य सरकार को न्यायालय के द्वारा गठित विशेषज्ञ समिति की राय के अधीन दो माह की अवधि के अंदर पूर्व में पारित आदेशानुसार विनष्टीकरण की प्रक्रिया पूर्ण करनी होगी.

शिवराज चौहान के काफिले में सुरक्षा लापरवाही, केंद्रीय मंत्री के आगे सड़क पर युवक बैठा

 खातेगांव  मध्यप्रदेश के देवास जिले के खातेगांव में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की सुरक्षा में चूक का मामला सामने आया है। उनके काफिले में एक युवक के घुसने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। किसानों की समस्या को लेकर मंत्री से बात दरअसल सोमवार को शिवराज सिंह चौहान खातेगांव विधानसभा क्षेत्र के दौरे पर थे। इसी दौरान कांग्रेस नेता रोहित बंडावाला अचानक शिवराज सिंह के काफिले के सामने आ गए और कार से उतरकर उनकी गाड़ी के सामने सड़क पर बैठ गए। ब्लैक शर्ट पहने और चश्मा लगाए रोहित बंडावाला किसानों की समस्याओं को लेकर केंद्रीय मंत्री शिवराज से बात करना चाहते थे। घटना के बाद युवक ने सोशल मीडिया पर किया पोस्ट घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। बता दें कि पिछले दिनों ही शिवराज चौहान के भोपाल और दिल्ली स्थित बंगले की सुरक्षा बढ़ाई गई थी, इसके बाद इस तरह काफिले तक पहुंच जाना सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।अब इस मामले को लेकर राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है कि क्या केंद्रीय मंत्री की सुरक्षा में चूक हुई है? घटना के बाद रोहित बंडावाला ने सोशल मीडिया पर अपनी बात लिखी है।