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लोकायुक्त ने महिला एवं बाल विकास अधिकारी को दबोचा, नौकरी बचाने के लिए मांगी रिश्वत

देवास  कम्प्यूटर ऑपरेटर को नौकरी पर बरकरार रखने के एवज में रिश्वत मांगना महिला व बाल विकास परियोजना अधिकारी को महंगा पड़ गया. बागली में लोकायुक्त की टीम ने कार्रवाई करते हुए परियोजना अधिकारी को कार में 5 हजार रु की रिश्वत लेते पकड़ा है. हालांकि, अधिकारी ने मीडिया से बातचीत में आरोपों को निराधार बताया और कहा कि उसे षड्यंत्र रचाकर फंसाया गया है. कंप्यूटर ऑपरेटर ने लगाए थे रिश्वत मांगने के आरोप देवास के बागली क्षेत्र के महिला व बाल विकास विभाग में आउटसोर्सिंग कम्प्यूटर ऑपरेटर प्रीतेश तंवर का आरोप है कि उसे नौकरी पर कन्टिन्यू रखने के एवज में 18 हजार रू की रिश्वत मांगी गई थी. उसने उज्जैन लोकायुक्त की टीम को इस मामले की लिखित शिकायत की थी. पहले लोकायुक्त उज्जैन ने शिकायत कंफर्म करने के लिए शिकायतकर्ता को कुछ पैसे लेकर अधिकारी के पास भेजा और कंफर्मेशन के बाद ट्रैप की प्लानिंग की. इसके बाद बुधवार को अगली किश्त के रूप में शिकायतकर्ता से 5 हजार रु रिश्वत के रूप में दिलवाए, तभी लोकायुक्त की टीम ने महिला व बाल विकास परियोजना अधिकारी को रंगे हाथों पकड़ लिया. उज्जैन लोकयुक्त की टीम ने आगे की कार्रवाई देवास सर्किट हाउस में की और लोकल जमानत पर अधिकारी को छोड़ दिया है. डीएसपी लोकायुक्त ने बताई पूरी कहानी वहीं, मामले को लेकर लोकायुक्त डीएसपी उज्जैन दिनेशचंद्र पटेल ने कहा, '' 4 दिसंबर को शिकायतकर्ता प्रीतेश तंवर, निवासी बागली, जिला देवास ने पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त उज्जैन आनंद यादव को शिकायत की थी कि वह कार्यालय परियोजना अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग में कम्प्यूटर ऑपरेटर के रूप में कार्यरत है. उसे ऑनलाइन सेंटर वफोटोकॉपी सेंटर से प्रपत्र टाइपिंग कार्य और ईमेल आदि कार्यों के संपादन के लिए 9000 रु प्रतिमाह मिलता है. लेकिन आरोपी रामप्रवेश तिवारी, परियोजना अधिकारी ने उसी कार्यालय में लगातार उसे कार्य करने देने के लिए दो महीने के हिसाब से 18 हजार रु की मांग की थी. इसके बाद शिकायतकर्ता की शिकायत के बाद ट्रैप की कार्वाई की गई.'' लोकायुक्त डीएसपी ने आगे कहा, '' 10 दिसंबर को आवेदक द्वारा आरोपी रामप्रवेश तिवारी को रेलवे स्टेशन रोड देवास पर रिश्वत की अगली किस्त दी गई, तभी टीम ने रिश्वत राशि लेते हुए आरोपी को रंगे हाथ पकड़ा है.''

सिंहस्थ 2028 के लिए सरकार ने लिया बड़ा फैसला, नगर निगम आयुक्त और महापौर के वित्तीय अधिकार होंगे दोगुने

उज्जैन मध्यप्रदेश के उज्जैन महाकाल की नगरी में होने वाले आगामी सिंहस्थ के लिए नगर निगम अयुक्त और महापौर के वित्तीय अधिकार दोगुने हो जाएंगे। सरकार ने तैयारियों की गति बढ़ाने के उद्देश्य से यह फैसला लिया है। बता दें कि उज्जैन में आगामी साल 2028 में सिंहस्थ महाकुंभ होगा। इसी कड़ी में उज्जैन नगर निगम आयुक्त (कमिश्नर), महापौर (मेयर) और एमआईसी के वित्तीय अधिकार दोगुने कर दिए है। बढ़ी हुई शक्तियां 30 मई 2028 तक लागू रहेंगी। सिंहस्थ से जुड़े कार्यों के लिए शहरी निकायों की सभी वित्तीय शक्तियां मेयर-इन-काउंसिल और प्रेजिडेंट-इन-काउंसिल को सौंपी गईं है। उज्जैन मेयर 10 से 20 करोड़ रुपए तक के सिंहस्थ संबंधित कार्यों को मंजूरी दे पाएंगे। बिना नोटिस किसी भी भवन या परिसर में जाकर निरीक्षण का अधिकार होगा। इसका उद्देश्य नियमों का उल्लंघन, टैक्स वसूली, स्वच्छता और अन्य निरीक्षण कार्य शामिल हैं।

इंदौर में शुक्रवार को बाबा रणजीत की प्रभातफेरी, होगा रंगारंग उत्सव

 इंदौर  इंदौर के पश्चिमी क्षेत्र से शुक्रवार सुबह चार बजे रणजीत हनुमान की प्रभातफेरी निकलेगी। जिसमे दो लाख से अधिक लोगों के जुटने का अनुमान है। कड़ाके की ठंड में इतनी सुबह भक्तों का इतना जमावड़ा देश में शायद ही कही और होता होगा। चारों तरफ भगवा पताकाएं, भजन गाती मंडलियां, भक्ती में डूबे लोगों का हुजूम सड़क पर नजर आएगा। मंदिर में चार दिनी उत्सव की शुरुआत हो चुकी है। बुधवार को दीपोत्सव मनाया गया तो गुरुवार को अनुष्ठान हुआ । रात से ही रणजीत हनुमान मार्ग पर प्रभातफेरी की तैयारियां शुरू हो जाएगी। प्रभातफेरी को लेकर ट्रैफिक और सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए है। सुबह चार बजे मंदिर परिसर से बाबा रणजीत अपने पारंपरिक रथ में सवार होकर निकलेंगे। इस दौरान भव्य आतिशबाजी होगी। प्रभातफेरी धीरे-धीरे महूनाका की तरफ बढ़ेगी। अन्नपूर्णा, दशहरा मैदान, नरेंद्र तिवारी मार्ग होते हुए प्रभातफेरी फिर मंदिर पहुंचेगी।  रामायण पर आधारित दो झांकियों का निर्माण कराया जा रहा है। इसके अलावा दस से ज्यादा भजन मंडलियां भी प्रभातफेरी में चलेगी। प्रभातफेरी में शामिल भक्त नंगे पैर चलेंगे।  तीन मार्गों पर वाहन प्रतिबंधित प्रभात फेरी के दौरान शहर में यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया है। 12 दिसबंर को सुबह तीन बजे से फूठीकोटी, उषा नगर, और अन्नपूर्णा मार्ग पर वाहन प्रतिबंधित रहेगा। इसके अलावा फूटी कोठी चौराहा से रणजीत हनुमान रोड होकर महुनाका चौराहा तक आवागमन बंद रहेगा। तीनों मार्ग पर ट्रैफिक गुरुवार रात दो बजे से शुक्रवार सुबह आठ बजे तक बंद रहेगा। तीन स्थानों पर पार्किंग कलेक्टोरेट की दिशा से आने वाले वाहन लालबाग परिसर में वाहन पार्क कर सकेंगे। गंगवाल क्षेत्र से आने वाले वाहन, सराफा स्कूल एमअेाजी लाइन में वाहन पार्क कर सकेंगे। अन्नपूर्णा मार्ग की तरफ से आने वाले वाहन दशहरा मैदान में वाहन पार्क सकेंगे। पांच सौ पुलिस जवान रहेंगे तैनात रणजीत हनुमान की प्रभातफेरी में पांच सौ से ज्यादा पुलिस जवान तैनात रहेंगे। इसके अलावा मार्ग के बड़े भवनों से भी पुलिस जवान निगरानी करेंगे। ड्रोन के जरिए भी पुलिस संदिग्ध लोगों पर नजर रखेगी। रथ के आसपास भी पुलिस सुरक्षा के घेरा बना रहेगा। चार किलोमीटर लंबे यात्रा मार्ग से जुड़ी गलियों में भी पुलिस जवान तैनात रहेंगे और गलियों में बैरिकेड लगाए जाएंगे।    

कुबरेश्वर धाम के पास डर्टी वीडियो मामले में प्रदीप मिश्रा का बयान, ‘धाम आएं, होटल में न रुकें

सीहोर  मध्य प्रदेश  के प्रसिद्ध कुबरेश्वर धाम के पास बने एक होटल में वायरल हुए डर्टी वीडियो मामले ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। इस घटना पर अब कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में कथा के दौरान उन्होंने कहा –  “कुबरेश्वर धाम आए हैं, तो किसी होटल में मत जाइए। बाबा कांबेश्वर भंडारी का द्वार खुला है। यहां पार्किंग फ्री, सोने की जगह फ्री, ओढ़ने-बिछाने को सब मिलेगा, खाना भी फ्री मिलेगा। जैसे बेटियां मायके जाती हैं, वैसे ही धाम आएं—बस होटल में न रुकें। राजस्थान से आए कपल का वीडियो बनाकर वायरल किया गया मिली जानकारी के अनुसार राजस्थान से आए एक कपल ने कुबरेश्वर धाम क्षेत्र के होटल डमरू वाला के कमरे में ठहराव किया था। तभी पास के होटल उपासना पैलेस के एक कर्मचारी ने सामने की खिड़की से कपल का अश्लील वीडियो बना लिया। बताया जा रहा है कि वीडियो बनाने के बाद उसने इसे अपने दोस्तों को भेज दिया, जिसके बाद यह तेजी से सोशल मीडिया पर फैल गया। मैनेजर की शिकायत पर दर्ज हुआ केस जब होटल डमरू वाला के मैनेजर को यह वीडियो मिला तो उन्होंने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने: चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है आरोपी कर्मचारी वीडियो बनाने वाला बताया जा रहा है पुलिस अब पूरे मामले की तकनीकी जांच कर रही है स्थानीय स्तर पर बढ़ी सुरक्षा चर्चा इस घटना के बाद कुबरेश्वर धाम क्षेत्र में होटल सुरक्षा, प्राइवेसी और निगरानी पर भी सवाल उठने लगे हैं। श्रद्धालुओं में भी इस मामले को लेकर नाराजगी देखी जा रही है। निजता भंग करने का मामला दर्ज मीडिया में मामला उछलने के बाद पुलिस अब सक्रिय हुई है। मंडी थाना पुलिस ने होटल उपासना पैलेस के संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ निजता भंग करने, अश्लील सामग्री प्रसारित करने और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। कुबेरेश्वर धाम जैसे भीड़भाड़ वाले धार्मिक क्षेत्र में इस तरह की घटना ने पर्यटन और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। होटल में रुकते समय इन बातों का ध्यान रखें      कमरे की खिड़कियां और दरवाजे हमेशा बंद रखें।     अजनबियों से सावधान रहें, खासकर होटल कर्मचारियों से।     अपने सामान और निजी वस्त्रों को सुरक्षित जगह पर रखें।     अगर कोई संदिग्ध गतिविधि देखी जाए तो तुरंत होटल प्रबंधन या पुलिस से संपर्क करें।     अपने कमरे में कैमरे या अन्य सुरक्षा उपकरणों का ध्यान रखें। यह घटना धार्मिक स्थल की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाती है? इस तरह की घटना ने सिर्फ धार्मिक स्थल की इज्जत को नुकसान नहीं पहुंचाया, बल्कि सुरक्षा और पर्यटन पर भी सवाल उठा दिए हैं। कुबेरेश्वर धाम, जो एक बहुत ही प्रमुख धार्मिक जगह है। वहां इस तरह की घटना के बाद अब पर्यटकों और श्रद्धालुओं के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। लोग सोचने लगे हैं कि अगर यहां ऐसा हो सकता है, तो कहीं और क्या होगा? दोस्तों से शेयर किया दंपती का वीडियो सुमित पैरवाल ने वीडियो बनाकर उसे वाट्सएप के जरिए अपने दोस्तों के साथ शेयर किया था। इस वीडियो के प्रसार के बाद होटल प्रबंधक कृष्णपाल ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने सुमित पैरवाल के साथ-साथ अंकित जाटव और विनोद मालवीय के खिलाफ शिकायत दर्ज की। इन तीनों को हिरासत में लिया गया है। आरोपितों के खिलाफ अश्लीलता फैलाने, निजता भंग करने और सूचना प्रौद्योगिकी कानून के तहत मामला दर्ज किया गया। इस मामले में एक और आरोपित कमलेश उर्फ कनक कौशल की तलाश जारी है।

मंत्री प्रतिमा बागड़ी के भाई पर गांजा तस्करी का आरोप, सीएम मोहन यादव ने कहा- ‘जो अपराध करेगा, उसे सजा मिलेगी’

भोपाल मध्य प्रदेश की मंत्री प्रतिमा बागड़ी का भाई गांजा तस्करी के आरोप में पकड़े गया है और इस मुद्दे पर विपक्ष बेहद आक्रामक है। इस बीच मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपनी पहली प्रतिक्रिया में कहा है कि जो भी अपराध करेगा उसे सजा दी जाएगी और मंत्री के भाई का भाई भी बच नहीं सकता है। उन्होंने कहा कि उनकी और सरकार की छवि तब खराब होती जब मंत्री का भाई होने की वजह से आरोपी को पकड़ा नहीं जाता।  मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पर कोई विवाद नहीं है और पुलिस की ओर से लिए गए ऐक्शन से कानून व्यवस्था और सुशासन पर सरकार की प्रतिबद्धता झलकती है। सीएम ने कहा, 'प्रतिमा बागड़ी के मुद्दे पर कोई विवाद नहीं है। इसके ठीक उलट है। प्रतिमा बागड़ी के भाई के खिलाफ आरोप था, और हमने तुरंत पुलिस को उसे पकड़ने को कहा। इसलिए विवाद कैसा?' कानून व्यवस्था और सुशासन के लिए यह हमारी प्रतिबद्धता है।' मुख्यमंत्री ने आगे कहा, 'यहां तक कि कोई मंत्री का भाई हो तो भी, वह कानून से बच नहीं सकता है। मैं प्रतिमा बागड़ी को भी यह कहने के लिए धन्यवाद देता हूं कि कानून अपना काम करेगा। उन्होंने भी सरकार के ऐक्शन का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि जो भी अपराध करेगा उसे सजा मिलेगी। इसलिए यह एक अच्छा उदाहरण है।'  जब सीएम से पूछा कि क्या मंत्री के भाई अनिल बागड़ी की गिरफ्तारी से सरकार की छवि को नुकसान पहुंचा है तो मोहन यादव ने कहा, 'हमारी सरकार की छवि तब धूमिल होती, यदि हम उसे गिरफ्तार नहीं करते। यह मेरी भी छवि नष्ट कर देता यदि मंत्री के भाई को गिरफ्तार नहीं किया जाता और ऐक्शन नहीं लिया जाता। लेकिन मैंने कहा कि कोई बचाव नहीं होगा।' दूसरी तरफ कांग्रेस पार्टी पहली बार की विधायक और राज्य मंत्री बनीं बागड़ी से इस्तीफे की मांग कर रही है। बुधवार सुबह यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने मंत्री के बंगले के बाहर भोपाल में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। यूथ कांग्रेस प्रमुख अमित खत्री की अगुआई में बंगले के बाहर मंत्री के नेम प्लेट पर कालिख पोत दी गई।

DGP के आदेश के बाद रात 12 से 5 बजे तक केवल जरूरी मामलों में ही चले पुलिस वाहन

भोपाल  सागर जिले में मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात ट्रॉले से टकराकर मुरैना जिले के बम डिस्पोज़ल एंड डॉग स्क्वॉड (BDDS) वाहन में सवार चार पुलिसकर्मियों की मौत के बाद पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने नए निर्देश जारी किए हैं। निर्देशों में कहा गया है कि रात 12 बजे से सुबह 5 बजे के बीच पुलिस वाहन केवल अत्यावश्यक स्थिति में ही चलाए जाएं। डीजीपी मकवाणा ने इंदौर और भोपाल पुलिस आयुक्तों सहित सभी जोन के आईजी और जिलों के पुलिस अधीक्षकों को भेजे पत्र में उल्लेख किया कि सागर जिले में हुए इस भीषण हादसे में चार पुलिसकर्मी जान गंवा चुके हैं, जबकि एक घायल जवान को एयरलिफ्ट कर दिल्ली इलाज के लिए भेजा गया है। हादसे का शिकार वाहन मुरैना जिले का था, जो बालाघाट में एक महीने तक नक्सल विरोधी अभियान में ड्यूटी करने के बाद वापस लौट रहा था। देर रात बढ़ता है हादसों का खतरा डीजीपी ने पत्र में कहा कि बीते वर्षों में भी यह देखा गया है कि देर रात लंबी दूरी की यात्रा करने पर वाहन चालक थकान का शिकार हो जाते हैं, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है। इसलिए यह सुनिश्चित किया जाए कि वाहन की स्थिति बेहतर हो, चालक अधिकृत हो और उसे कोई स्वास्थ्य संबंधी परेशानी न हो। रात में यात्रा पर सख्त निर्देश आदेश में कहा गया है कि रात्रि गश्त, थानों की आकस्मिक ड्यूटी, अचानक उत्पन्न परिस्थितियों में घटनास्थल पर पहुंचना या वीवीआईपी मूवमेंट जैसी आवश्यक स्थितियों को छोड़कर रात 12 से सुबह 5 बजे के बीच यात्रा से बचा जाए। यदि लंबी दूरी तय करनी हो तो मार्ग में पड़ने वाली पुलिस इकाइयों पर चालक को पर्याप्त विश्राम दिलाया जाए। डीजीपी ने सभी इकाइयों को इन निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं।  

पति की दहेज मांग पूरी न होने पर शर्मनाक हरकत, पत्नी का अश्लील वीडियो वायरल कर दिया

रीवा   रीवा जिले से एक शर्मसार करने खबर सामने आई है. आरोप है कि यहां एक शख्स ने दहेज न मिलने पर अपनी ही पत्नी के अंतरंग वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिए. पीड़िता रेखा साहू ने इस पूरे प्रकरण की शिकायत थाने में दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.पोर्न स्टार बनने की सनक में रीवा के एक युवक ने अपनी पत्नी का अश्लील वीडियो बनाया और उसे सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया। पुलिस ने आरोपी पति के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। अभी वह फरार है। उसकी लोकेशन मुंबई में ट्रेस हुई है। आरोप है कि पति ने पहले पत्नी को दहेज के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया. इसके बाद भी जब दहेज नहीं मिला, तब पत्नी को भरोसे में लेकर उसके साथ संबंध बनाते हुए अंतरंग वीडियो तैयार किया और फिर उन वीडियो को फेसबुक व इंस्टाग्राम पर वायरल कर दिया. पीड़िता मामले की शिकायत लेकर समान थाना पहुंची, जहां पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. मामले में पुलिस ने जांच की तो पता चला कि आरोपी लंबे समय से पोर्न साइट्स देखने का आदी था। वह पोर्न वीडियो के किरदारों को अपना आइडल मानता था और खुद को “स्टार” बनाने की चाहत में पत्नी के साथ 13 मिनट 14 सेकंड का निजी वीडियो रिकॉर्ड किया। जब पत्नी ने वीडियो वायरल होने पर इसका विरोध किया तो आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने यह जानबूझकर किया है और उसे कोई पछतावा नहीं है। उसका मकसद था कि लोग वीडियो देखकर उसे पहचानें और वह “पॉपुलर” हो जाए। पीड़िता बोली- “मेरी जिंदगी तबाह कर दी, वह इंसान नहीं दरिंदा है” वीडियो वायरल होने से आहत पीड़िता ने बताया कि आरोपी पति ने वीडियो रिश्तेदारों और दोस्तों तक भेज दिया, जिससे वह सामाजिक रूप से अपमानित महसूस कर रही है। उसने कहा,“उसने मुझे कहीं मुंह दिखाने लायक नहीं छोड़ा। अब हर जगह से फोन आ रहे हैं। मेरी जिंदगी बर्बाद कर दी। वह इंसान नहीं, दरिंदा है।” दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर उठाया घिनौना कदम: भाई पीड़िता के भाई ने आरोप लगाया कि शादी 10 मई को हुई थी। शुरुआत से ही दहेज को लेकर तनाव बना हुआ था। शादी से पहले भी 3 लाख रुपए की मांग की गई थी, जिसमें से 2 लाख रुपए दिए गए थे। शेष रकम के लिए आरोपी लगातार दबाव बना रहा था। भाई के अनुसार,“मनचाही रकम न मिलने की नाराजगी में उसने यह घिनौना कदम उठाया। वह लगातार बहन को परेशान करता रहा। हमें भी धमकियां देता रहा।” मुंबई में छिपा आरोपी, पुलिस बोली- जल्द गिरफ्तार करेंगे शुरुआत में समान थाना पुलिस ने मामले में जीरो पर कायमी की थी, लेकिन वीडियो सामने आने के बाद मामला गंभीर होते ही FIR दर्ज कर ली गई। पुलिस के अनुसार, आरोपी मुंबई भाग गया है। सीएसपी राजीव पाठक ने बताया कि पुलिस टीम जल्द ही वहां दबिश देने वाली है और आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।  अंतरंग पलों के वीडियो बनाकर किया वायरल पीड़िता रेखा साहू के अनुसार शादी से पहले ही उसके ससुराल पक्ष द्वारा दहेज के लिए दबाव बनाया जा रहा था. परिवार द्वारा असमर्थता जताने के बाद विवाह तो सम्पन्न हो गया और रेखा को ससुराल विदा कर दिया गया, लेकिन ससुराल पहुंचने के बाद उसका पति शिवम साहू दहेज के लिए लगातार उसे शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करता रहा. पत्नी रेखा का आरोप है कि जब आरोपी अपने परिवार पर दबाव बनाने में सफल नहीं हुआ, तो उसने उसे बहला-फुसला कर संबंध बनाए और यह कहते हुए निजी पलों का वीडियो बना लिया कि हम हस्बैंड-वाइफ हैं, कोई बॉयफ्रेंड या गर्लफ्रेंड नहीं हैं. हम अपना वीडियो थोड़े ही वायरल करेंगे. कुछ समय बाद आरोपी पति ने एक बार फिर दहेज की मांग की और जब मांग पूरी नहीं हुई, तो उसने पत्नी के साथ बनाए गए अंतरंग वीडियो को सोशल मीडिया के कई प्लेटफॉर्म, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर वायरल कर दिया. बदनामी और प्रताड़ना से परेशान पीड़ित ने तत्काल अपने परिजनों के साथ समान थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई. फिलहाल, पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

IAS संतोष वर्मा का नया विवाद, हाईकोर्ट पर आरोप: ‘एससी-एसटी के बच्चों को सिविल-जज बनने का नहीं मिल रहा अवसर’

भोपाल   विवादों में घिरे IAS अफसर संतोष वर्मा एक बार फिर सुर्खियों में हैं. सोशल मीडिया में उनका एक और वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वे सीधे हाईकोर्ट पर गंभीर आरोप लगाते दिख रहे हैं. ब्राह्मण बेटियों पर दिए बयान से मचे हंगामे के बाद अब उनका नया बयान पूरे प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा रहा है. वायरल वीडियो में संतोष वर्मा यह कहते सुनाई दे रहे हैं कि “हाईकोर्ट SC-ST बच्चों को सिविल जज नहीं बनने दे रहा.उन्होंने दावा किया कि सिविल जज भर्ती में 50% कटऑफ होने के बावजूद SC-ST उम्मीदवारों को 49.95 तक नंबर देकर बाहर किया जा रहा है. वर्मा ने आगे कहा कि इंटरव्यू में भी SC-ST उम्मीदवारों को पूरा 20 नहीं बल्कि सिर्फ 19.5 नंबर दिए जाते हैं. उनका सवाल था कि हमारा बच्चा IAS-IPS बन सकता है, पर सिविल जज क्यों नहीं? संतोष वर्मा यही नहीं रुके. उन्होंने दावा किया कि हाईकोर्ट ही रोक रहा है SC-ST को आगे बढ़ने से.” यह बयान सामने आते ही विवाद और गहरा गया है. उनके पहले वीडियो में ब्राह्मण बेटियों को लेकर दिए गए कमेंट ने पहले ही माहौल गर्म कर दिया था, और अब हाईकोर्ट पर सीधी टिप्पणी ने तनाव और बढ़ा दिया है. दूसरा वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया में उनकी बातें आग की तरह फैल गईं. लोग इसे “संविधान, न्यायपालिका और समाज को बांटने वाला बयान” बताते हुए सवाल उठा रहे हैं. वहीं कुछ लोग उनके दावों की जांच की मांग कर रहे हैं. हमारा बच्चा IAS-IPS बन सकता है, पर सिविल जज नहीं दरअसल IAS संतोष वर्मा ने एक कार्यक्रम में कहा कि- एससी/एसटी (SC-ST) बच्चों को हाईकोर्ट सिविल जज नहीं बनने दे रहा है। IAS वर्मा के बयान पर सोशल मीडिया में हंगामा मच गया है। उन्होंने कहा- 50% कटऑफ, लेकिन SC-ST को दिए जा रहे 49.95 नंबर। “इंटरव्यू में 20 नहीं… 19.5 नंबर दिए जाते हैं”। “हमारा बच्चा IAS-IPS बन सकता है, पर सिविल जज नहीं?” IAS संतोष वर्मा का बड़ा दावा है कि -“हाईकोर्ट ही SC-ST को रोक रहा है”। ज्यूडिशरी में हमारा ‘बीज’ खत्म किया जा रहा है। संतोष वर्मा ने आगे कहा कि आपने तय कर लिया कि 50 पर्सेंट कटऑफ करके छात्र को 49.95 प्रतिशत देना है,50 नहीं देना है। आपने इंटरव्यू में भी तय कर दिया कि 20 की जगह 19 नंबर ही देना है, ऐसे में कौन सिविल जज बना देगा हमारे बच्चों को? ये कौन सा आरक्षण है, कौन सा नियम है? ये कौन कर रहा है? ये हमारा हाईकोर्ट कर रहा है, जिससे न्याय की उम्मीद होती है, बाबा साहेब आंबेडकर के संविधान के हिसाब से चलने की गारंटी मानते हैं। ये वहीं से हो रहा है। बता दें कि एक दिन पहले कार्यक्रम में भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर की तारीफ में आईएएस संतोष वर्मा ने कहा था कि तुम कितने संतोष वर्मा मारोगे हर घर से संतोष वर्मा निकलेगा। इसपर पर सपाक्स की महिला विंग ने आंदोलन की चेतावनी देते हुए कहा था कि अगर ऐसा है तो हर घर से चंडी निकलेगी जिसे तुम रोक नहीं पाओगे। IAS संतोष वर्मा के विवादित बयान से महिला विंग में आक्रोश IAS संतोष वर्मा के विवादित बयान के बाद ब्राह्मण महिला विंग में आक्रोश जारी है. महिला विंग ने चेतावनी दी है कि अगर संतोष वर्मा पर कार्रवाई नहीं हुई तो हर घर से महिलाएं दुर्गा काली बनकर ऐसे लोगों को सबक सिखाएंगी. ब्राह्मण महिला विंग न्यायालय की शरण लेगी और संतोष वर्मा के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज करने की मांग करेगी. उन्होंने कहा कि महिलाएं केवल घर नहीं संभाल रही हैं बल्कि वकील, डॉक्टर, और पुलिसकर्मी के कर्तव्यों का निर्वहन भी कर रही हैं. महिला विंग का मानना है कि संतोष वर्मा को ऊपर से संरक्षण प्राप्त है. आईएएस संतोष वर्मा का एक और वीडियो वायरल विवादित आईएएस संतोष वर्मा का एक और वीडियो वायरल हो गया है, जिसमें उन्होंने हाईकोर्ट पर सीधी टिप्पणी की है. वर्मा का आरोप है कि SC-ST बच्चों को सिविल जज बनने से रोका जा रहा है. पहले ब्राह्मण बेटियों पर बयान दिया था और अब हाईकोर्ट को लेकर विवादित बयान दिया है. उनका बयान सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है. वर्मा ने कहा कि 50% कटऑफ है, लेकिन SC-ST को 49.95 नंबर दिए जा रहे हैं. इंटरव्यू में 20 नहीं, बल्कि 19.5 नंबर दिए जाते हैं. वर्मा का दावा है कि हाईकोर्ट ही SC-ST को रोक रहा है. IAS संतोष वर्मा के विवादित बयान से गरमाया ब्राह्मण समाज IAS संतोष वर्मा के लगातार विवादित बयानों से ब्राह्मण संगठनों में रोष है. 65 ब्राह्मण संगठन आज अपनी आगामी रणनीति पर चर्चा के लिए बैठक करेंगे. इन संगठनों का उद्देश्य एक मंच पर साथ आकर सीएम निवास का घेराव और आगामी प्रदर्शन की रणनीति तय करना है. संतोष वर्मा ने ब्राह्मण समाज की बेटियों पर विवादास्पद बयान दिया था, जिसके बाद दूसरा वीडियो भी सामने आया है. हर घर से निकलेगा एक संतोष वर्मा दूसरा वीडियो सामने आते ही विवाद बढ़ गया है। संतोष वर्मा भड़काऊ बयान लगातार दे रहे। अफसर का विवादित बयान… “कितने संतोष वर्मा को मारोगे?” “हर घर से निकलेगा एक संतोष वर्मा”। ब्राह्मण बेटियों वाले बयान के बाद उसकी मुश्किलें बढ़ी है। ब्राम्हण समाज का विरोध प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने का क्रम जारी है। समाज द्वारा उन्हें नौकरी से बार्खस्त करने की मांग की जा रही है।  जानबूझकर एग्जाम में 49.95, इंटरव्यू में 19.5 नंबर वर्मा यहीं नहीं रुके। उन्होंने कहा कि आपने कट ऑफ मार्क्स रख दिया है 50 प्रतिशत और आपने तय कर लिया कि इसे 49.95 नंबर देना है। 50 नंबर नहीं देना है। आपने देख लिया कि इंटरव्यू में 20 नंबर नहीं देना है। इसे 19.5 नंबर देना है। …तो कौन सिविल जज बना देगा, हमारे बच्चों को? ये कौन सा आरक्षण है…ये कौन सा नियम है। ये कौन कर रहा है…? यह हमारा हाईकोर्ट कर रहा है, जिससे हम न्याय की उम्मीद करते हैं, जिससे हम बाबा साहब के संविधान के हिसाब से चलने की गारंटी मांगते हैं। यह वहीं से हो रहा है। मेरा सिर्फ आपको यह कहना है कि जिस तरह से जूडिशरी से, न्यायपालिका से … Read more

इंदौर में कड़ाके की ठंड, पारा 4.5° तक गिरा, 10 साल में सबसे कम तापमान, पचमढ़ी भी ठंडी

भोपाल   मध्य प्रदेश में बुधवार को भीषण सर्दी का असर देखने को मिला। शहडोल का कल्याणपुर ठंड से कांप उठा। यहां सीजन में पहली बार न्यूनतम तापमान 3 डिग्री दर्ज हुआ। आज गुरुवार को भी कई जगहों पर शीतलहर चलने की चेतावनी दी गई है। आइए एक नजर डालते है मौसम के ताजा हाल पर… मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में जेट स्ट्रीम का असर है। यह जमीन से 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर 222 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से बह रही है। जिससे एमपी में भीषण ठंड पड़ रही है। इसके अलावा जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बर्फबारी हो रही है। जिससे प्रदेश में शीतलहर की स्थिति बनी हुई है। आज भोपाल, इंदौर, राजगढ़, शाजापुर और सीहोर में कोल्ड वेव का अलर्ट है। पचमढ़ी में पारा 4.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 5 बड़े शहरों में भोपाल में 6.6 डिग्री, ग्वालियर में 9.2 डिग्री, उज्जैन में 8.2 डिग्री और जबलपुर में तापमान 8.5 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग के अनुसार, बीती रात अधिकांश शहरों में तापमान 10 डिग्री से नीचे ही रहा। रायसेन में 5 डिग्री, रीवा में 5.9 डिग्री, शिवपुरी में 6 डिग्री, उमरिया में 6.1 डिग्री, बालाघाट के मलाजखंड में 6.8 डिग्री, नौगांव में 7.1 डिग्री, मंडला में 7.3 डिग्री, खजुराहो में 7.4 डिग्री, रायसेन-छिंदवाड़ा में 7.5 डिग्री, नरसिंहपुर में 8.2 डिग्री, छिंदवाड़ा में 8.4 डिग्री, सतना में 8.6 डिग्री, दमोह में 8.8 डिग्री, रतलाम में 9.2 डिग्री, श्योपुर-गुना में पारा 9.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसलिए बढ़ी सर्दी मौसम विभाग के अनुसार उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में जेट स्ट्रीम का असर भी है। यह जमीन से 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर 222 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से बह रही है। जिसका असर एमपी में भी है। इस कारण गुरुवार को भी शीतलहर का अलर्ट है। सबसे ठंडा शहडोल का कल्याणपुर बात करें बीती रात की तो इस सीजन में पहली बार पारा 3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। शहडोल के कल्याणपुर में 3 डिग्री दर्ज हुआ। उमरिया में 4.9 डिग्री, राजगढ़-पचमढ़ी में 5.2 डिग्री, इंदौर में 5.4 डिग्री, शाजापुर के गिरवर में 5.5 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। जबकि रीवा में 5.8 डिग्री, मलाजखंड में 6.7 डिग्री, भोपाल में 6.8 डिग्री, मंडला-नौगांव में 7 डिग्री, रायसेन में 7.4 डिग्री, छिंदवाड़ा में 7.8 डिग्री, शिवपुरी में 8 डिग्री, सतना में 8.1 डिग्री, बैतूल में 8.2 डिग्री, खजुराहो में 8.4 डिग्री, उज्जैन में 8.7 डिग्री, दमोह में 8.8 डिग्री, नरसिंहपुर में 9 डिग्री, जबलपुर में 9.1 डिग्री और ग्वालियर में 9.3 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। अधिकतम तापमान में भी गिरावट मध्य प्रदेश में जहां न्यूनतम में काफी गिरावट दर्ज की गई है तो वहीं अधिक तापमान भी लुढ़का है। बालाघाट के मलाजखंड में पारा 22.7 डिग्री रिकॉर्ड हुआ। वहीं नरसिंहपुर, धार, सीधी, रीवा और बैतूल में पारा 26 डिग्री से कम रहा। क्या होती है जेट स्ट्रीम? मौसम एक्सपर्ट की मानें तो प्रदेश में ठंड बढ़ने की खास वजह जेट स्ट्रीम भी है। यह जमीन से लगभग 12 किमी ऊंचाई पर चलने वाली तेज हवा है। इसकी रफ्तार 222 किमी प्रति घंटा है। यह देश के उत्तरी हिस्से में सक्रिय है। पहाड़ों से आने वाली बर्फीली हवा के अलावा ये ऊंची हवा इस बार सर्दी बढ़ाएगी। उत्तर के मैदानी इलाकों से जब ठंडी हवा और पहाड़ी इलाकों से बर्फीली हवा हमारे यहां आती है, तब तेज ठंड पड़ती है। यह सब उत्तर भारत में पहुंचने वाले मौसमी सिस्टम वेस्टर्न डिस्टरबेंस के कारण होता है। ऐसे में यदि जेट स्ट्रीम भी बन जाए तो सर्दी दोगुनी हो जाती है। इस बार यही होना है। उत्तर से बर्फीली हवाएं आ रही देश के उत्तरी हिस्से यानी, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में बर्फबारी हुई है। इस वजह से हवा की रफ्तार उत्तरी हो गई है। बर्फीली हवा की वजह से ही प्रदेश में शीतलहर की स्थिति है। बुधवार को भोपाल, इंदौर, राजगढ़, शाजापुर, सीहोर और रायसेन में शीतलहर का असर देखा गया। दिसंबर में भी रिकॉर्ड तोड़ रही सर्दी मौसम विभाग की मानें तो इस बार सर्दी का असर तेज है। भोपाल में नवंबर की सर्दी का 84 साल का रिकॉर्ड टूट चुका है, जबकि इंदौर में 25 साल में सबसे ज्यादा ठंड पड़ी है। ऐसी ही सर्दी दिसंबर में भी है। इंदौर में दिसंबर की सर्दी का 10 साल का रिकॉर्ड टूट गया है। नवंबर में रिकॉर्ड तोड़ चुकी है सर्दी इस बार नवंबर में सर्दी रिकॉर्ड तोड़ चुकी है। भोपाल में लगातार 15 दिन तक शीतलहर चली। रिकॉर्ड के अनुसार साल 1931 के बाद शीतलहर के यह सबसे ज्यादा दिन है। दूसरी ओर 17 नवंबर की रात में पारा 5.2 डिग्री तक पहुंच गया, जो ओवरऑल रिकॉर्ड भी रहा। इससे पहले 30 नवंबर 1941 में तापमान 6.1 डिग्री रहा था। इंदौर में भी पारा 6.4 डिग्री ही रहा। यहां भी सीजन की सबसे सर्द रात रही। 25 साल में पहली बार पारा इतना लुढ़का।

सागर में सड़क हादसे में मरे चार पुलिसकर्मियों को पुलिस लाइन में दी गई अंतिम विदाई, हर आंख नम

मुरैना ड्यूटी के दौरान हुए दिल दहला देने वाले सड़क हादसे में बीडीडीएस टीम के चार जांबाज़ पुलिसकर्मियों की मौत के बाद आज पुलिस लाइन का पूरा परिसर शोक में डूबा दिखाई दिया। गुरुवार सुबह उनके पार्थिव शरीर जैसे ही पुलिस लाइन लाए गए, माहौल अचानक गमगीन हो गया। साथी जवानों की आंखें भर आईं और पूरे सम्मान के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी गई। अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि, भारी पुलिस बल मौजूद श्रद्धांजलि समारोह में डीआईजी, एडिशनल एसपी सहित जिलेभर का बड़ा पुलिस अमला मौजूद रहा। चारों शहीद जवानों के ताबूत तिरंगे में लिपटे थे, जिनके सामने खड़े होकर हर किसी की भावनाएं छलक उठीं। पूरे परिसर में सिर्फ एक ही आवाज़ गूंज रही थी— “अमर रहें हमारे वीर जवान”। सागर सड़क हादसे में जान गंवाने वाले मुरैना पुलिस के चार जवानों का गुरुवार को अंतिम संस्कार किया जा रहा है। रात 2 बजे सभी की पार्थिव देह मुरैना पहुंची। यहां पुलिस लाइन में सभी को श्रद्धांजलि दी गई। श्रद्धांजलि स्थल पर डीआईजी ने हादसे में जान गंवाने वाले सभी पुलिसकर्मियों के परिजनों को एक-एक लाख रुपए के चेक दिए। वहीं, चार-चार लाख रुपए के चेक बाद में दिए जाएंगे। सरकार अंतिम संस्कार के लिए कुल पांच लाख रुपए देती है। हादसे में जान गंवाने वाले परिमाल सिंह तोमर को मुरैना जिले के ग्राम नख्ती, डॉग मास्टर विनोद शर्मा को मुरैना के जौरा, प्रद्युम्न दीक्षित को भिंड के फूप और अनिल सिंह कौरव को भिंड के ग्राम टेंटोन में अंतिम विदाई दी जाएगी। हादसा बुधवार सुबह सागर जिले के बांदरी थाना क्षेत्र में हुआ था। मुरैना बीडीडीएस (बम निरोधक दस्ता) पुलिस टीम की गाड़ी (MP03 A 4883) सामने से आ रहे ट्रक से टकरा गई थी। ये सभी जवान बालाघाट में नक्सल विरोधी अभियान में अपनी ड्यूटी पूरी कर वापस मुरैना लौट रहे थे। 4 पुलिसकर्मियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल आरक्षक राजीव चौहान को सागर से एयरलिफ्ट कर दिल्ली भेजा गया है। परिजनों का रो-रोकर हाल बेहाल— शव पैतृक गांव रवाना श्रद्धांजलि के बाद चारों जवानों के पार्थिव शरीरों को पूर्ण राजकीय सम्मान के साथ उनके-उनके पैतृक गांव के लिए रवाना कर दिया गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। घरों में मातम पसरा हुआ है, परिवार अपने लाड़लों को अंतिम बार देखने के लिए तड़प उठा। अंतिम संस्कार के लिए दी गई एक-एक लाख की सहायता राशि पुलिस विभाग की ओर से मृतक जवानों के परिवारों को अंतिम संस्कार हेतु एक-एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि प्रदान की गई। डीआईजी ने कहा— “हमने अपने चार बहादुर साथी खो दिए हैं, उनकी कमी कभी पूरी नहीं हो सकेगी।” कैसे हुआ हादसा? डीआईजी ने बताया कि बीडीडीएस की टीम बालाघाट में ड्यूटी पूरी कर मुरैना लौट रही थी, तभी सागर जिले में तेज रफ्तार और अनियंत्रित वाहन से हुए भीषण हादसे में चार जवानों की मौके पर ही मौत हो गई। एक जवान गंभीर रूप से घायल है, जिसका इलाज जारी है। शहर में पसरा मातम— पुलिस परिवार सदमे में पूरा पुलिस बल अपने साथियों की शहादत से स्तब्ध है। जवानों को अंतिम सलामी देते वक्त हर चेहरे पर दुख और गर्व दोनों दिखाई दिए।