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घने कोहरे और खराब मौसम से हवाई सफर प्रभावित, मुंबई एयरपोर्ट पर विजिबिलिटी शून्य; इंदौर में दो फ्लाइटों की इमरजेंसी लैंडिंग जैसी स्थिति

इंदौर सुबह मुंबई में शुरू हुई मूसलाधार बारिश और आसमान में छाए घने काले बादलों ने हवाई यातायात की कमर तोड़ दी। विजिबिलिटी इतनी कम हो गई कि मुंबई एयर ट्रैफिक कंट्रोल को आनन-फानन में लैंडिंग रोकनी पड़ी। मुंबई की तरफ बढ़ रहे दो बड़े यात्री विमानों के पायलटों को अचानक मैसेज मिला कि वे अपना रुख मध्य प्रदेश के इंदौर की तरफ मोड़ लें। इसके बाद देवी अहिल्याबाई होल्कर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर अचानक हलचल बढ़ गई। 2 मिनट के भीतर 2 विमानों की लैंडिंग इंदौर एयरपोर्ट पर सुबह 11 बजकर 8 मिनट पर कोच्चि से मुंबई जा रही इंडिगो की फ्लाइट (6E662) ने टचडाउन किया। अभी एयरपोर्ट स्टाफ इस फ्लाइट के यात्रियों को संभालने की रणनीति बना ही रहा था कि ठीक 2 मिनट बाद, सुबह 11 बजकर 10 मिनट पर नई दिल्ली से मुंबई जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट (AI2963) भी रनवे पर उतर गई। मुंबई के बदलते मौसम के कारण पायलटों के पास इंदौर में अनशेड्यूल्ड लैंडिंग के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा था। इंडिगो (6E662)     कोच्चि से मुंबई     सुबह 11:08 बजे     दोपहर 01:00 बजे एयर इंडिया (AI2963)     नई दिल्ली से मुंबई     सुबह 11:10 बजे     दोपहर 01:00 बजे टर्मिनल पर फंसे 240 से ज्यादा यात्री एक के बाद एक दो विमानों के अचानक आ जाने से इंदौर टर्मिनल पर करीब 240 से ज्यादा यात्री फंस गए। रविवार की छुट्टी होने के बावजूद इंदौर एयरपोर्ट की ग्राउंड हैंडलिंग टीम और संबंधित एयरलाइंस के स्टाफ को तुरंत मोर्चे पर लगाया गया। अचानक पहुंचे इन यात्रियों के लिए तुरंत खाने-पीने और आराम की व्यवस्था की गई ताकि वे परेशान न हों। एयरपोर्ट प्रबंधन का आधिकारिक बयान इंदौर एयरपोर्ट के पीआरओ रामस्वरूप यादव ने इस पूरी स्थिति पर जानकारी देते हुए बताया: 'मुंबई और दिल्ली से वेदर क्लीयरेंस मिलने का इंतजार किया जा रहा था। इस दौरान इंदौर एयरपोर्ट पर फंसे यात्रियों को स्टैंडर्ड रिफ्रेशमेंट और हर जरूरी सहायता मुहैया कराई गई। मौसम साफ होने के बाद दोपहर करीब 1 बजे दोनों ही फ्लाइट्स ने इंदौर से मुंबई के लिए दोबारा उड़ान भरी।'

सतना का 10 वर्षीय बालक अकेले पहुंचा भोपाल, रेवांचल एक्सप्रेस में सफर के बाद GRP ने ऐसे खोजी मां

 भोपाल ऑपरेशन हमर्दद ने एक मासूम को उसकी मां से मिलवा दिया। बच्चे के सही सलामत होने की खबर सुन मां भावुक हो गई। मामला रानी कमलापति रेलवे स्टेशन का है। जीआरपी ऑपरेशन हमदर्द चला रही है। 10 वर्षीय बालक स्टेशन पर भीख मांग रहा था। महिला आरक्षकों ने उसकी पूरी बात सुनी। बच्चे ने अपनी मां का मोबाइल नंबर बताया। इसी एक नंबर ने मां-बेटे को फिर से मिला दिया। स्टेशन पर भीख मांगते मिला था बालक जीआरपी के अनुसार, बुधवार को रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर ऑपरेशन हमदर्द के तहत बेशहारा और लावारिस लोगों का डोजियर तैयार किया जा रहा था। इसी दौरान ओवरब्रिज पर एक 10 वर्षीय बालक भीख मांगता मिला। महिला आरक्षकों ने उसे सुरक्षित जीआरपी थाने लाकर पूछताछ शुरू की। सतना से अकेला पहुंच गया भोपाल बच्चे ने बताया कि वह सतना से रेवांचल एक्सप्रेस में अकेले बैठकर भोपाल पहुंच गया था। सुबह से वह स्टेशन परिसर में भीख मांग रहा था। बातचीत के दौरान उसने अपनी मां का मोबाइल नंबर बताया, जिसके बाद जीआरपी ने तुरंत संपर्क किया।  

लखनऊ में भाजपा का शक्ति प्रदर्शन, नितिन नवीन और योगी ने साधा विपक्ष पर निशाना

लखनऊ भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का दो दिवसीय लखनऊ दौरा न केवल भाजपा संगठन के लिए नई ऊर्जा देने वाला रहा बल्कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सरकार को भी राहत दे गया। इस दौरे में नितिन नवीन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मिशन-2027 के लिए संगठन व सहयोगी दलों के साथ समन्वय की राह प्रशस्त की। वहीं, राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले से उपजी उलझन को आक्रामकता के साथ विपक्ष पर हमला कर वर्ष 2027 के सियासी रण के तेवर-तपिश भी तय कर दी। मिशन-2027 में तीखे हमले-पलटवार की रणनीति भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का दौरा ऐसे वक्त में हुआ जब संगठन और सरकार दोनों राममंदिर चढ़ावा चोरी को लेकर विपक्ष के निशाने पर थे। नितिन नवीन ने खुद ही कहा कि वह मिशन-2027 के सियासी रण का शंखनाद करने आए थे, उन्होंने कार्यकर्ताओं, मंत्रियों, विधायकों के साथ मंथन कर किया भी वैसा ही। उन्हें कड़े परिश्रम की सीख दी उन्होंने जिस आक्रामकता से विपक्ष खासतौर पर राहुल गांधी, अखिलेश यादव और अरविंद केजरीवाल का नाम लेकर हमला किया, उससे साफ कर दिया है कि मिशन-2027 के रण में भाजपा कुछ ऐसे ही तीखे हमलों-पलटवार से विपक्ष को घेरेगी। विपक्ष को असहज करने की कोशिश दरअसल, विपक्ष नहीं चाहता कि 2027 का सियासी समर धार्मिक मुद्दों, मजहबी वैमनस्यता अथवा उसके कार्यकाल से जुड़े रहे अतीत के किस्सों के इर्द-गिर्द लड़ा जाए। कहना गलत न होगा कि विपक्ष को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार कानून-व्यवस्था और माफिया के मुद्दे उठाकर घेरते रहे हैं। मुख्यमंत्री ने रविवार को भी कुछ ऐसा ही कर विपक्ष को असहज करने की कोशिश की। अव्वल तो उन्होंने हिन्दू हृदय सम्राट की अपनी छवि के मुताबिक, अपना संबोधन ही ‘सियावर रामचंद्र’ की जय और ‘योगेश्वर श्री कृष्ण की जय’ के साथ शुरू किया। इसके पीछे उनकी मंशा विपक्ष को संदेश देने की थी कि प्रभु राम हिन्दुओं की आस्था के केंद्र में थे हैं और रहेंगे। राम मंदिर से एक कदम आगे बढ़ते हुए मुख्यमंत्री ने योगेश्वर श्रीकृष्ण की जयकार कर हिन्दुओं के ह्रदय को मथुरा में चल रहे श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद से जोड़ने की कोशिश की। नितिन नवीन ने सपा और कांग्रेस को घेरा बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने आने वाले विधानसभा चुनाव से पहले कार्यकर्ताओं में जोश भरने के साथ ही विपक्षी दलों के नेताओं पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने रविवार को लखनऊ में आयोजित शक्ति केंद्र संयोजक सम्मेलन में कहा कि कांग्रेस आज खत्म होने की स्थिति में पहुंच चुकी है। भाजपा कार्यकर्ता सपा की राजनीति को पूरी तरह समाप्त करने का संकल्प लेकर मैदान में उतरेगा। इस बार साइकिल पंचर नहीं, खराब ही हो जाएगी। उन्होंने कहा कि विपक्ष पर तुष्टिकरण, परिवारवाद और समाज को बांटने की राजनीति का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश के लक्ष्य को साकार करने के लिए कार्य कर रही है। नितिन नवीन ने कहा कि भाजपा सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मूल मंत्र पर कार्य करती है, जिसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश को दिया है।

CM डॉ. मोहन यादव ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को किया नमन, बोले- मध्य प्रदेश में इसी महीने लागू होगा UCC

सीएम डॉ. यादव ने जनसंघ के संस्थापक मुखर्जी को किया नमन, कहा- एमपी में इसी महीने लागू होगा UCC – भारतीय जनसंघ के संस्थापक-विचारक डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी की 125 वीं जयंती – राजधानी भोपाल में आयोजित हुआ कार्यक्रम, सीएम डॉ. यादव ने किया माल्यार्पण – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विश्व में बन रही भारत की अलग पहचान भोपाल  मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 6 जुलाई को भारतीय जनसंघ के संस्थापक एवं विचारक डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी की जयंती पर उन्हें नमन किया। सीएम डॉ. यादव ने भोपाल में लालघाटी पर स्थित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी हमारी यादों में बसे हुए हैं। हमारे लिए सौभाग्य की बात है कि मध्यप्रदेश भी उन गौरवशाली राज्यों में शामिल हो रहा है, जहां एक संविधान लागू है। डॉ. मुखर्जी ने आजादी के समय बनने वाले संविधान के अंदर की कमी को परिलक्षित करते हुए कहा था कि देश एक निशान-एक प्रधान-एक विधान से चलना चाहिए। मध्यप्रदेश भी इसी महीने समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की ओर बढ़ रहा है।  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश वह सब करने जा रहा है, जो देश के लिए जरूरी है। उनके नेतृत्व में भारत दुनिया में अपनी विशेष पहचान बना रहा है। डॉ. मुखर्जी के उदात्त विचार को लेकर हम औद्योगिकीकरण की ओर बढ़ रहे हैं। हम हर वर्ग के जीवन में कल्याण करने की तरफ बढ़ रहे हैं। डॉ. मुखर्जी जिस प्रकार के भारत की कल्पना करते थे, हम वह राष्ट्र बनाने की ओर अग्रसर हैं। मध्यप्रदेश ने पहली बार डिफेंस के सेक्टर में स्वर्णिम इतिहास लिखा है। अब हमारे प्रदेश के अंदर तमाम प्रकार के रक्षा उत्पाद बनेंगे। उन्होंने कहा कि हम मध्यप्रदेश को सर्वांगीण रूप से सशक्त करते हुए, सक्षम करते हुए विकास के पथ पर आगे बढ़ेंगे।  एमपी में बेरोजगारी की दर सबसे कम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आज मैं डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती को सार्थक करते हुए सतगढ़ी में बहुत बड़े इंडस्ट्रियल पार्क का उद्घाटन करूंगा। इस पार्क में रहना, खाना, आराम करना, रोजगार पाना समग्र रूप से सुगम होगा। भोपाल बदलते समय में एक समृद्धशाली आर्थिक राजधानी बनने जा रहा है। विकास की आधारशिला रखने के लिए डॉ. मुखर्जी की जयंती से बड़ा दिन और कौन सा हो सकता है। मध्यप्रदेश का सबसे बड़ा कंवेंशन सेंटर भोपाल में बनेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूरी दुनिया के अतिथि भारत आते हैं और सहजता से सारे कार्यक्रम संपन्न होते हैं। इसलिए अच्छे कामों के संकल्प के लिए हम कुशाभाऊ ठाकरे सभागार के पास भी कंवेंशन सेंटर बना रहे हैं। इसमें 5 हजार लोगों के बैठने की क्षमता होगी। जबकि, सतगढ़ी का कंवेंशन सेंटर 10 से 15 हजार लोगों की बैठक क्षमता वाला होगा। आज मुझे इस बात की प्रसन्नता है कि पूरे देश में मध्यप्रदेश वो स्थान है, जहां बेरोजगारी की दर सबसे कम है। प्रदेश हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है।

MSME विभाग के कर्मचारियों को बड़ी सौगात! 10 साल बाद 217 प्रमोशन, 116 नए पदों पर होगी भर्ती

भोपाल मध्य प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) विभाग में लंबे समय से अटकी पदोन्नति प्रक्रिया आखिरकार आगे बढ़ गई है। करीब दस साल बाद विभाग में बड़े स्तर पर कर्मचारियों को पदोन्नति दी गई है। विभाग की ओर से कुल 217 कर्मचारियों के प्रमोशन के आदेश जारी किए गए हैं। इसके साथ ही विभाग में सीधी भर्ती के लिए 116 नए पद भी उपलब्ध हो गए हैं, जिन पर आने वाले समय में नियुक्तियों की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। लंबे समय से पदोन्नति का इंतजार कर रहे कर्मचारियों के लिए यह प्रशासनिक निर्णय अहम माना जा रहा है। विभागीय स्तर पर इसे लंबित मामलों के समाधान की दिशा में बड़ा कदम बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार राज्य सरकार की ओर से विभिन्न विभागों में लंबित पदोन्नति मामलों को प्राथमिकता से निपटाने के निर्देश दिए गए थे। सामान्य प्रशासन विभाग के दिशा-निर्देश मिलने के बाद उद्योग संचालनालय ने अलग-अलग संवर्गों की विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की बैठक आयोजित की। बैठक में सेवा अभिलेख, वरिष्ठता सूची और अन्य आवश्यक औपचारिकताओं की समीक्षा के बाद पात्र कर्मचारियों के नामों पर सहमति बनी। इसके आधार पर विभाग ने रविवार को पदोन्नति संबंधी आदेश जारी कर दिए। 116 नए पदों पर जल्द शुरू होगी भर्ती विभाग का कहना है कि पदोन्नति के बाद सीधी भर्ती के 116 नए पद उपलब्ध हो गए हैं। इन पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी। इससे विभाग में लंबे समय से रिक्त पदों को भरने का रास्ता साफ होगा और नए अभ्यर्थियों को रोजगार का अवसर मिलेगा। कर्मचारियों को 10 साल बाद मिली पदोन्नति एमएसएमई विभाग में करीब एक दशक बाद बड़े पैमाने पर पदोन्नतियां होने से कर्मचारियों में उत्साह का माहौल है। विभागीय कर्मचारी और कर्मचारी संगठनों ने पदोन्नति आदेश जारी होने पर राज्य सरकार के प्रति आभार जताया है। लंबे समय से लंबित पदोन्नति का इंतजार कर रहे कर्मचारियों को इससे बड़ी राहत मिली है। अधिकारियों की डीपीसी भी जल्द विभाग ने अधिकारियों की विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की तैयारी भी पूरी कर ली है। अधिकारियों की पदोन्नति के लिए जल्द ही मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग के माध्यम से डीपीसी बैठक आयोजित करने का प्रस्ताव है। इसके बाद अधिकारियों की पदोन्नति प्रक्रिया भी आगे बढ़ेगी। जारी आदेश के मुताबिक सबसे वरिष्ठ श्रेणी में अधीक्षक के एक पद पर पदोन्नति की गई है। इसके अलावा सहायक अधीक्षक के तीन पदों पर कर्मचारियों को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। सहायक वर्ग-1 में 43 कर्मचारियों को पदोन्नत किया गया है, जबकि सबसे अधिक 131 कर्मचारियों को सहायक वर्ग-2 के पद पर प्रोन्नति मिली है। इसी तरह सहायक वर्ग-3 के 14 कर्मचारियों को भी उच्च पद पर पदोन्नत किया गया है। निज सहायक संवर्ग में 25 कर्मचारियों को प्रमोशन का लाभ मिला है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक सभी आदेश नियमानुसार जारी किए गए हैं और संबंधित कार्यालयों को इसकी सूचना भेज दी गई है। सूत्रों के अनुसार लंबे समय से पदोन्नति नहीं होने के कारण विभाग में कई पदों पर कार्यभार का असंतुलन बना हुआ था। वरिष्ठता के आधार पर आगे बढ़ने की प्रतीक्षा कर रहे कर्मचारियों में लगातार असंतोष भी देखा जा रहा था। कई कर्मचारी वर्षों से एक ही पद पर कार्यरत थे, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था भी प्रभावित हो रही थी। अब बड़ी संख्या में पदोन्नतियां होने से विभागीय ढांचे में नई व्यवस्था लागू होगी और जिम्मेदारियों का पुनर्वितरण भी किया जाएगा। इन पदोन्नतियों का एक बड़ा असर भर्ती प्रक्रिया पर भी पड़ा है। विभाग के अनुसार जब कर्मचारियों को उच्च पदों पर पदोन्नत किया गया तो निचले स्तर के कई पद रिक्त हो गए। ऐसे कुल 116 पद अब सीधी भर्ती के लिए उपलब्ध हो गए हैं। विभाग ने संकेत दिए हैं कि इन पदों को जल्द भरने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। भर्ती की औपचारिकताओं को लेकर संबंधित एजेंसियों और प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां प्रारंभ की जा रही हैं। इससे नए अभ्यर्थियों के लिए सरकारी सेवा में आने का अवसर भी बढ़ेगा। अधिकारियों का कहना है कि रिक्त पदों पर नियुक्तियां होने से विभाग के विभिन्न कार्यालयों में लंबे समय से बनी स्टाफ की कमी भी काफी हद तक दूर हो सकेगी। वर्तमान में कई इकाइयों में सीमित कर्मचारियों के सहारे कामकाज संचालित किया जा रहा है। नई नियुक्तियों के बाद प्रशासनिक कार्यों की गति बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। साथ ही विभिन्न योजनाओं के संचालन और उद्योगों से जुड़े मामलों के निस्तारण में भी सुविधा मिलने की संभावना है। विभागीय कर्मचारियों के बीच पदोन्नति आदेश जारी होने के बाद उत्साह का माहौल देखा गया। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि वर्षों से लंबित प्रक्रिया पूरी होने से बड़ी संख्या में कर्मचारियों को राहत मिली है। कई कर्मचारियों को लंबे इंतजार के बाद पहली बार पदोन्नति का लाभ मिला है। विभागीय स्तर पर इसे कर्मचारियों के मनोबल को बढ़ाने वाला फैसला माना जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार पदोन्नति मिलने से कर्मचारियों की जिम्मेदारियां भी बढ़ेंगी और विभागीय कामकाज में अनुभव का बेहतर उपयोग हो सकेगा। एमएसएमई विभाग ने केवल कर्मचारियों की पदोन्नति तक ही प्रक्रिया सीमित नहीं रखी है। विभाग अब अधिकारियों के लंबित प्रमोशन पर भी काम कर रहा है। जानकारी के मुताबिक अधिकारियों की विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं। इसके लिए मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग के माध्यम से आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जाएगी। आयोग से बैठक की तारीख तय होने के बाद अधिकारियों के मामलों पर भी विचार किया जाएगा। विभागीय सूत्रों का कहना है कि प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी होते ही अधिकारियों की पदोन्नति से जुड़े आदेश भी जारी किए जा सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक सरकार का उद्देश्य विभिन्न विभागों में लंबे समय से लंबित पदोन्नति मामलों का चरणबद्ध तरीके से समाधान करना है। इसी कड़ी में एमएसएमई विभाग की कार्रवाई को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विभागीय स्तर पर वरिष्ठता सूची, रिक्त पदों की स्थिति और सेवा नियमों के अनुरूप आगे की प्रक्रियाएं भी जारी हैं। आने वाले समय में भर्ती और पदोन्नति दोनों मोर्चों पर विभाग में गतिविधियां और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।

वक्फ बोर्ड में पहली बार 2 हिंदू सदस्यों की एंट्री, MP सरकार ने मनोज मालपानी और अनिमेष भार्गव की नियुक्ति की

भोपाल  मध्य प्रदेश वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 के तहत अपने वक्फ बोर्ड का पुनर्गठन करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। वक्फ बोर्ड में पहली बार दो हिंदू सदस्य शामिल किए गए हैं। यह कदम संशोधित कानून के तहत किए गए बदलावों के बाद उठाया गया है, जो गैर-मुस्लिम सदस्यों को राज्य वक्फ बोर्ड का हिस्सा बनने की अनुमति देता है। वक्फ बोर्ड का किया गया है पुनर्गठन मध्य प्रदेश सरकार ने 10 सदस्यीय वक्फ बोर्ड का पुनर्गठन किया है और मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सांवर पटेल को इसका अध्यक्ष नियुक्त किया है। बोर्ड में मनोज मालपानी और अनिमेष भार्गव हिंदू सदस्य के रूप में शामिल हैं, जिससे यह संशोधित अधिनियम के तहत गैर-मुस्लिम सदस्यों को शामिल करने वाला देश का पहला राज्य स्तरीय वक्फ बोर्ड बन गया है। नए वक्फ बोर्ड की अधिसूचना रविवार को गजट में जारी की गई। एक अधिकारी ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया, “मध्य प्रदेश नए अधिनियम के तहत वक्फ बोर्ड का पुनर्गठन करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है।” इनको दी गई है जगह बोर्ड में अध्यक्ष डॉ सनव्वर पटेल के अतिरिक्त पहले से सदस्य नजमा हेपतुल्ला, भोपाल उत्तर से विधायक आतिफ अकील, उज्जैन के रहने वाले फैजान खान, इंदौर की फातिमा चौधरी, बैरसिया भोपाल की पार्षद शाइस्ता सुल्तान, रतलाम की पार्षद शबाना खान और हिंदू सदस्यों में इंदौर के मनोज मालपानी और राघवगढ़ (गुना) के अनिमेष भार्गव को बोर्ड में सदस्य बनाया है। इसके पहले विधायक के नाते आरिफ अकील सदस्य थे। उनकी मृत्यु के बाद उनके बेटे आतिफ अकील को जगह दी गई है। स्टेट बार काउंसिल का अध्यक्ष निर्वाचित होने के बाद उन्हें भी इसमें शामिल किया जाएगा। इसके साथ ही अध्यक्ष और सभी 10 सदस्य हो जाएंगे। वक्फ बोर्डों को और पारदर्शी बनाने के लिए लाया गया था ये संसोधन उल्लेखनीय है कि वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 वक्फ बोर्डों में पारदर्शिता, महिलाओं व गैर-मुसलमानों की भागीदारी और संपत्तियों के डिजिटल पंजीकरण के लिए लाया गया एक प्रमुख कानून है। कौन हैं मनोज मालपानी और अनिमेश भार्गव मनोज मालपानी इंदौर के रहने वाले हैं और लंबे समय से सामाजिक के साथ-साथ सार्वजनिक गतिविधियों से जुड़े हुए हैं. वे अलग-अलग सामाजिक संगठनों में एक्टिव रोल निभाते रहे हैं. इसके अलावा वे कई धार्मिक और जनसेवा से जुड़े कार्यक्रमों में भी भाग लेते रहे हैं. उनके अनुभव को देखते हुए सरकार ने उन्हें वक्फ बोर्ड का मेंबर बनाया है. वहीं, अनिमेश भार्गव गुना के राघौगढ़ निवासी हैं. वे भी सामाजिक और सार्वजनिक कार्यों में एक्टिव रहे हैं. स्थानीय स्तर पर लोगों के बीच उनकी पहचान एक सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में है. वे लंबे समय से जनहित के मुद्दों पर काम करते रहे हैं. उनकी सक्रियता और अनुभव को ध्यान में रखते हुए उन्हें भी वक्फ बोर्ड में सदस्य की जिम्मेदारी सौंपी गई है।  वक्फ बोर्ड क्या है? वक्फ अधिनियम, 1995 (2025 में संशोधित) की धारा 13(1) के तहत अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्य सरकार ने अधिनियम की धारा 14 के प्रावधानों के अनुसार बोर्ड का गठन किया। वक्फ बोर्ड एक वैधानिक निकाय है जो राज्य में वक्फ संपत्तियों के प्रशासन और संरक्षण के लिए जिम्मेदार है। वक्फ की ज़िम्मेदारियों में वक्फ संपत्तियों का रिकॉर्ड रखना, उनके इस्तेमाल और उनसे होने वाली आय की देखरेख करना, उन्हें कब्ज़े से बचाना और यह पक्का करना शामिल है कि उनका इस्तेमाल धार्मिक, शैक्षणिक और सामाजिक कल्याण के कामों के लिए हो। चेयरमैन संवार पटेल के अलावा नए बने बोर्ड में नई दिल्ली से नज़मा हेपतुल्ला, भोपाल से आतिफ अकील, उज्जैन से फ़ैज़ान खान, इंदौर से फ़ातिमा चौधरी, शाइस्ता सुल्तान, शबाना खान, इंदौर से मनोज मालपानी और गुना के राघोगढ़ से अनिमेष भार्गव शामिल हैं। पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के कमिश्नर इसके पदेन सदस्य होंगे। राज्य सरकार के अनुसार नज़मा हेपतुल्ला को वक्फ़ एक्ट, 1995 (2013 में संशोधित) की धारा 14 के तहत 19 अप्रैल, 2023 को जारी नोटिफिकेशन के जरिए चुने गए सदस्यों की श्रेणी में नियुक्त किया गया था। वह18 अप्रैल, 2028 तक सदस्य बनी रहेंगी। एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि इसलिए उनके कार्यकाल के बचे हुए समय के लिए उन्हें नए बोर्ड में भी शामिल रखा गया है।

वन, वन्यजीव और पर्यावरण कानूनों के प्रभावी पालन के लिए न्यायिक-प्रशासनिक समन्वय पर जोर

वन, वन्यजीव और पर्यावरण कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए न्यायिक एवं प्रशासनिक समन्वय ज़रूरी मध्यप्रदेश राज्य न्यायिक अकादमी में दो दिवसीय कार्यशाला सम्पन्न भोपाल मध्यप्रदेश राज्य न्यायिक अकादमी (एमपीएसजेए), जबलपुर में 4 एवं 5 जुलाई को ‘वन, वन्यजीव और पर्यावरण कानूनों से जुड़े प्रमुख मुद्दे’ विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में वन विभाग के 15 वरिष्ठ अधिकारियों, 45 न्यायिक मजिस्ट्रेटों तथा 15 सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारियों (एडीपीओ) ने सहभागिता की। कार्यशाला का उद्देश्य वन, वन्यजीव एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़े मामलों में न्यायिक एवं प्रशासनिक समन्वय को और अधिक सुदृढ़ बनाना था। प्रशिक्षण से वन अधिकारियों के कौशल का उन्नयन होगा, क्षेत्रीय कार्यों के निष्पादन में दक्षता बढ़ेगी तथा वन्यजीव अपराधों की प्रभावी विवेचना और डिजिटल साक्ष्यों को न्यायालय के समक्ष प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने में सहायता मिलेगी। इससे न्यायालयों में शासन का पक्ष और अधिक सशक्त रूप से रखा जा सकेगा। कार्यशाला का शुभारंभ मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति आनंद पाठक ने किया। उद्घाटन सत्र में न्यायिक नवाचारों एवं संस्थागत समन्वय के माध्यम से प्रदूषण नियंत्रण तथा पर्यावरण न्याय को सुदृढ़ बनाने पर विस्तृत चर्चा हुई। इस अवसर पर प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं मुख्य वन्यजीव अभिरक्षक श्रीमती समिता राजोरा, मध्यप्रदेश राज्य न्यायिक अकादमी के निदेशक उमेश पांडे, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (संरक्षण) मनोज अग्रवाल, मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पूर्व निदेशक हेमंत शर्मा सहित अनेक विशेषज्ञ उपस्थित रहे। न्यायमूर्ति आनंद पाठक ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति न्यायपालिका की संवेदनशील भूमिका एवं न्यायिक नवाचारों की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि वर्ष 2017 से अब तक उनके न्यायिक आदेशों के माध्यम से लगभग 3,500 मामलों में वृक्षारोपण के निर्देश दिए गए, जिसके परिणामस्वरूप करीब 30 हजार पौधों का रोपण हुआ। उन्होंने बताया कि 129 मामलों में जमानत की विशेष शर्त के रूप में वाटर हार्वेस्टिंग कराने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल वृक्षारोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक सकारात्मक विचार के अंकुरण और जन-जागरूकता का भी माध्यम है। दो दिवसीय तकनीकी सत्रों में वन भूमि विवाद, जैव विविधता अधिनियम-2002, मध्यप्रदेश वन उपज अधिनियम, वन्यजीव फोरेंसिक तथा इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के महत्व जैसे विषयों पर विशेषज्ञों ने विस्तार से विचार-विमर्श किया। इसके साथ ही वन अपराधों की जांच, तलाशी, जब्ती तथा वन्यजीव अपराधों से संबंधित मामलों में शिकायत दर्ज करने की प्रक्रियाओं पर व्यावहारिक प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया।  

CM डॉ. मोहन यादव बोले- ग्वालियर-चंबल क्षेत्र अब विकास की नई रफ्तार पकड़ेगा

ग्वालियर-चंबल क्षेत्र अब और तेज गति से बढ़ेगा आगे: मुख्यमंत्री डॉ. यादव राज्य सरकार पर्यटन विकास को दे रही नई दिशा  ग्वालियर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश के लिए बेहद गौरव का विषय है कि आज शिवपुरी में डिफेंस सेक्टर के 2500 करोड़ रुपए के एक बड़े प्रोजेक्ट की शुरुआत होने जा रही है। यहां आज ही 211 करोड़ रुपये की लागत के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि पूजन भी हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार के समावेशी विकास लक्ष्यों और निजी क्षेत्र की भागीदारी से ग्वालियर-चंबल का यह पूरा क्षेत्र अब और तेज गति से आगे बढ़ेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्वालियर में स्थानीय मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा में यह बात कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार पर्यटन को प्रदेश की अर्थव्यवस्था और रोजगार का सशक्त आधार बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। विशेष रूप से वन एवं प्राकृतिक पर्यटन की अपार संभावनाओं वाले क्षेत्रों में पर्यटन सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, ताकि स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर मिलें और क्षेत्रीय विकास को गति मिले। उन्होंने कहा कि हम केवल पर्यटन सर्किट विकसित करने तक ही सीमित नहीं हैं, हरेक पर्यटन स्थल की प्राकृतिक और सांस्कृतिक विशेषताओं के अनुरूप वहां समग्र विकास का प्रबंधन भी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारे टाइगर रिजर्व और प्राकृतिक धरोहर प्रदेश की बड़ी ताकत हैं, जिन्हें विश्वस्तरीय पर्यटन स्थलों के रूप में विकसित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में चल रही केन–बेतवा नदी लिंक तथा पार्वती–कालीसिंध–चंबल नदी लिंक परियोजनाएं विकास की नई इबारत लिखेंगी। इन महत्वाकांक्षी परियोजनाओं से शिवपुरी सहित पूरे क्षेत्र में सिंचाई, पेयजल, उद्योग, पशुपालन और कृषि क्षेत्र को व्यापक लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पर्यटन, जल प्रबंधन और अधोसंरचना विकास को एकीकृत दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ा रही है, जिससे किसानों की समृद्धि, स्थानीय रोजगार और क्षेत्र के संतुलित विकास को नई गति मिलेगी।  

मध्य प्रदेश को मिलेगी नई औद्योगिक पहचान, CM डॉ. मोहन यादव करेंगे स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क का शिलान्यास

मुख्यमंत्री डॉ. यादव करेंगे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क का भूमि-पूजन और शिलान्यास – भोपाल को मिलेगा 25 एकड़ क्षेत्रफल का विश्वस्तरीय कन्वेंशन और एग्जिबिशन सेंटर – ग्रीन और स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क से औद्योगिक विकास को मिलेगी नई रफ्तार भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश को देश का अग्रणी औद्योगिक एवं निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करने के लिये औद्योगिक अधोसंरचना के विस्तार, निवेश-अनुकूल वातावरण के निर्माण और रोजगार सृजन को गति देने के उद्देश्य से निरंतर प्रभावी पहल की जा रही हैं। इसी क्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव 6 जुलाई को सतगढ़ी में विकसित किए जा रहे 'डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क' का भूमि-पूजन एवं शिलान्यास करेंगे। राष्ट्रवादी चिंतक एवं भारत के प्रथम उद्योग एवं आपूर्ति मंत्री डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर आयोजित यह कार्यक्रम प्रदेश की औद्योगिक विकास यात्रा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव होगा। कार्यक्रम में देश और प्रदेश के लगभग 200 से अधिक प्रमुख उद्योगपति, निवेशक और उद्योग संगठनों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। लगभग 173 एकड़ क्षेत्र में विकसित होने वाला डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क भोपाल और आसपास के क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार का नया आधार बनेगा। परियोजना में आधुनिक औद्योगिक अधोसंरचना, उत्कृष्ट सड़क एवं परिवहन संपर्क, आईटी एवं एआई आधारित सुविधाएं, लॉजिस्टिक्स एवं वेयरहाउसिंग कॉम्प्लेक्स तथा भविष्य की औद्योगिक आवश्यकताओं के अनुरूप स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाएगा, जिससे निवेशकों को विश्वस्तरीय औद्योगिक वातावरण उपलब्ध हो सके। यह परियोजना 'वर्क-लिव-ग्रो' मॉडल पर आधारित होगी, जहां उद्योगों के साथ कौशल विकास, नवाचार और गुणवत्तापूर्ण जीवन के लिए आवश्यक सुविधाओं का समन्वित विकास किया जाएगा। पार्क में उच्च मूल्य विनिर्माण, गारमेंट, टॉयज, आईटी, एआई, लॉजिस्टिक्स तथा उभरती तकनीकों से जुड़े उद्योगों को स्थापित करने की परिकल्पना की गई है। इससे राजधानी में विविध औद्योगिक क्षेत्रों का संतुलित विकास सुनिश्चित होगा और नए निवेश के अवसर सृजित होंगे। 25 एकड़ में बन रहा परिसर सतगढ़ी में विकसित हो रहा यह स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क कोलार क्षेत्र के विकास की दिशा भी बदलेगा। अब तक मुख्य रूप से आवासीय क्षेत्र के रूप में विकसित कोलार आने वाले समय में निवेश, उद्योग और रोजगार का नया केंद्र बनेगा। परियोजना से 15 हजार से अधिक प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने का अनुमान है, जिनका लाभ विशेष रूप से भोपाल और आसपास के युवाओं को मिलेगा। इसके साथ ही बढ़ती औद्योगिक एवं व्यावसायिक गतिविधियों से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति प्राप्त होगी। परियोजना की एक विशेष उपलब्धि यहां विकसित किया जाने वाला विश्वस्तरीय कन्वेंशन एवं एग्जिबिशन सेंटर होगा। लगभग 25 एकड़ क्षेत्र में प्रस्तावित यह परिसर 10 हजार से अधिक लोगों की क्षमता वाला होगा, जहां राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर के निवेशक सम्मेलन, औद्योगिक प्रदर्शनियां, व्यापारिक आयोजन और वैश्विक व्यवसायिक कार्यक्रम आयोजित किए जा सकेंगे। इससे भोपाल को मध्य भारत के प्रमुख एमआईसीई (मीटिंग्स, इंसेन्टिव्स, कॉन्फ्रेंसेस एण्ड एग्जिबिशन) गंतव्य के रूप में नई पहचान मिलने की दिशा में महत्वपूर्ण आधार मिलेगा। कुशल प्रबंधन को मिलेगा बढ़ावा  रणनीतिक दृष्टि से भी यह परियोजना अत्यंत महत्वपूर्ण है। सतगढ़ी क्षेत्र राजा भोज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, रानी कमलापति रेलवे स्टेशन, कोलार रोड तथा प्रस्तावित वेस्टर्न बायपास से बेहतर संपर्क के कारण निवेशकों के लिए सुविधाजनक औद्योगिक गंतव्य के रूप में विकसित होगा। यह कनेक्टिविटी उद्योगों की स्थापना, लॉजिस्टिक्स और व्यापारिक गतिविधियों को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। पार्क को पर्यावरण अनुकूल एवं स्मार्ट औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके अंतर्गत एससीएडीए आधारित जल प्रबंधन प्रणाली, जल एवं सीवेज शोधन संयंत्र, ऑटोमेटेड एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग सिस्टम, इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग स्टेशन, आधुनिक सुरक्षा व्यवस्था तथा अत्याधुनिक यूटिलिटी कॉरिडोर जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे औद्योगिक विकास के साथ पर्यावरण-संरक्षण और संसाधनों के कुशल प्रबंधन को भी बढ़ावा मिलेगा। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क राजधानी भोपाल में औद्योगिक निवेश, आधुनिक विनिर्माण और रोजगार सृजन के नए अवसरों का मार्ग प्रशस्त करेगा। यह परियोजना औद्योगिक अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण के साथ प्रदेश की निवेश क्षमता को और मजबूत करेगी तथा भोपाल को मध्य भारत के प्रमुख औद्योगिक एवं व्यावसायिक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

आलीराजपुर में लगभग 2 करोड़ रुपये मूल्य की 2004 पेटी अवैध अंग्रेजी शराब जब्त, दो कंटेनर वाहन सहित दो आरोपी गिरफ्तार

भोपाल मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा मादक पदार्थों एवं अवैध नशे के कारोबार के विरुद्ध लगातार प्रभावी और निर्णायक कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में जिला आलीराजपुर की जोबट पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 2 करोड़ रुपये मूल्य की 2004 पेटी अवैध अंग्रेजी शराब जब्त की है। पुलिस ने इस कार्रवाई में 40 लाख रुपये मूल्‍य के दो कंटेनर वाहन भी जब्त किए हैं तथा दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक आलीराजपुर श्री रघुवंश कुमार सिंह के निर्देशन में जिलेभर में अवैध शराब के परिवहन एवं कारोबार पर अंकुश लगाने हेतु सघन एवं आकस्मिक चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इसी दौरान थाना जोबट पुलिस को मुखबिर से अवैध शराब के बड़े परिवहन की विश्वसनीय सूचना प्राप्त हुई। सूचना के आधार पर थाना प्रभारी जोबट द्वारा पुलिस की दो पृथक टीमों का गठन कर त्वरित कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान आयशर कंटेनरों को रोककर तलाशी ली गई। तलाशी में प्रथम कंटेनर से 930 पेटी तथा द्वितीय कंटेनर से 1074 पेटी, कुल 2004 पेटी अवैध अंग्रेजी शराब बरामद की गई। जब्त शराब में विभिन्न हाई-रेंज ब्रांड शामिल हैं। जब्त शराब का अनुमानित बाजार मूल्य लगभग 2 करोड़ रुपये है। पुलिस ने शराब के परिवहन में प्रयुक्त दोनों कंटेनर वाहन भी जब्त कर लिए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 40 लाख रुपये है। कार्रवाई के दौरान कंटेनर चालकों को मौके से गिरफ्तार किया गया। थाना जोबट में आरोपियों के विरुद्ध पृथक-पृथक अपराध पंजीबद्ध कर मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम के अंतर्गत वैधानिक कार्रवाई की गई है। प्रकरण की विवेचना जारी है तथा आरोपियों से जब्त शराब के स्रोत, आपूर्ति श्रृंखला एवं इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य व्यक्तियों के संबंध में गहन पूछताछ की जा रही है। मध्यप्रदेश पुलिस प्रदेशभर में मादक पदार्थों, अवैध शराब एवं अन्य नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार के विरुद्ध इसी प्रकार निरंतर प्रभावी कार्रवाई कर रही है। ऐसे अवैध नेटवर्क को ध्वस्त करने के साथ-साथ इनके स्रोत एवं तस्करी श्रृंखला का भी पता लगाकर संबंधित सभी आरोपियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।