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ग्वालियर का गजरा राजा मेडिकल कॉलेज बनेगा आधुनिक सुविधाओं से लैस : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

गजरा राजा मेडिकल कॉलेज ग्वालियर को विश्वस्तरीय स्वरूप देने के लिए प्रावधानों को प्रस्ताव में करें शामिल : उप मुख्यमंत्री  शुक्ल मेडिकल कॉलेज ग्वालियर एवं संबद्ध चिकित्सालय के सुदृढ़ीकरण कार्यों की वृहद समीक्षा की ग्वालियर उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में गजरा राजा मेडिकल कॉलेज ग्वालियर एवं संबद्ध चिकित्सालय के सुदृढ़ीकरण कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कहा कि गजरा राजा मेडिकल कॉलेज ग्वालियर-चंबल अंचल का एक प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थान है, जो लंबे समय से क्षेत्र के नागरिकों को स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान कर रहा है। इस संस्थान को भविष्य की आवश्यकताओं, अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं और मरीजों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए सुदृढ़ीकरण किया जाना आवश्यक है। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि चिकित्सा शिक्षा और जन-स्वास्थ्य सेवाओं के स्तर को उन्नत करना प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने गजरा राजा मेडिकल कॉलेज और उससे संबद्ध चिकित्सालय के मास्टर प्लान की समीक्षा कर सभी आवश्यक प्रावधानों को सम्मिलित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रस्ताव इस तरह तैयार किया जाए कि आने वाले वर्षों में किसी भी प्रकार की संरचनात्मक या तकनीकी बाधा न आए और कॉलेज परिसर का विस्तार दीर्घकालिक दृष्टि से उपयोगी सिद्ध हो। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि मरीजों की सुविधा, चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ के कार्यस्थल की सहजता, साथ ही शिक्षण-प्रशिक्षण की गुणवत्ता में सुधार के सभी पहलुओं को ध्यान में रखा जाए। उन्होंने 500 बिस्तरों वाले सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल को योजना में शामिल करने के निर्देश दिए तथा एमआरआई, लिनेक सहित अत्याधुनिक चिकित्सकीय उपकरणों की स्थापना का भी प्रावधान करने को कहा। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि अस्पताल परिसर में एस.टी.पी. (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) की क्षमता भविष्य मांग अनुसार हो ताकि स्वच्छता और पर्यावरणीय मानकों का पूर्ण पालन हो सके। मरीजों के परिजनों एवं बाहर से आने वाले आगंतुकों की सुविधा के लिए रैन बसेरा (विश्राम गृह) का निर्माण भी प्रस्ताव में शामिल किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी कार्यों में समयबद्ध प्रगति सुनिश्चित की जाए और समस्त प्रक्रियाएँ गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्यों के मानकों के अनुरूप हों। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण और अधोसंरचना से जुड़ी समस्त प्रक्रियाएँ वर्ष 2028 के पूर्व पूर्ण कर ली जाएँ, ताकि नागरिकों को शीघ्र ही उच्चस्तरीय और विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध हो सकें। प्रभारी आयुक्त लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा  विशेष गढ़पाले, एमडी बीडीसी  सिबी चक्रवर्ती, संचालक चिकित्सा शिक्षा डॉ. अरुणा कुमार सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।  

मिलावटखोरी कर लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ कतई बर्दाश्त नहीं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

जनता के स्वास्थ्य और जीवन रक्षा के लिए हम प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मिलावटखोरी कर लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ कतई बर्दाश्त नहीं इंदौर स्वच्छता में सिरमौर, अब बन रहा है शुद्धता का भी पर्याय जबलपुर और ग्वालियर में भी लैब जल्द ही प्रारंभ होंगी फूड एंड ड्रग टेस्टिंग के लिए चलाई जायेंगी मोबाईल लैब्स मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया इंदौर में फूड एण्ड ड्रग टेस्ट की नई लैब का लोकार्पण इंदौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के नागरिकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिये हम लगातार प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इंदौर केवल स्वच्छता और स्वाद की धरती नहीं, बल्कि सुशासन और सेवा की धरती भी है। यहां पर लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर ने सिखाया कि शासन का सच्चा अर्थ जन-कल्याण, न्याय और संवेदना है। आज जब हम इस खाद्य एवं औषधि परीक्षण प्रयोगशाला जैसी माडर्न लैब का लोकार्पण कर रहे हैं तो यह उसी सुशासन की परंपरा को आगे बढ़ाने का प्रयास है जिसके मूल में “जनता का स्वाद, जनता का स्वास्थ्य और जनता की सुरक्षा” सम्मिलित है। शुद्धता और स्वच्छता अच्छे स्वास्थ्य की कुंजी कही जाती है। खाना बहुत अच्छा बना हो लेकिन शुद्धता और स्वच्छता की कसौटी पर खरा न हो तो बीमार कर देता है। इंदौर में संभागीय खाद्य एवं औषधि परीक्षण प्रयोगशाला का शुभारंभ प्रदेश की जनता के स्वास्थ्य और सुरक्षा के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रतीक है। यह केवल एक भवन नहीं, बल्कि खाद्य गुणवत्ता और स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में एक मजबूत कदम है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मां अन्नपूर्णा की कृपा से यह प्रयोगशाला स्वाद, सुरक्षा और पोषण का केंद्र बने। उन्होंने कहा कि प्रदेश में ड्रग रेगुलेटरी सिस्टम को मजबूत बनाने के लिए हमने इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में नई खाद्य एवं औषधि परीक्षण प्रयोगशालाएं बनाने का निर्णय लिया था, आज हम इंदौर में इसका साकार रूप देख रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को इंदौर जिले की सांवेर विधानसभा क्षेत्र के लसुड़िया मोरी में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यहां नवनिर्मित खाद्य एवं औषधि परीक्षण प्रयोगशाला (फूड एण्ड ड्रग टेस्टिंग लैब) का फीता काटकर शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह नई लैब एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इस लैब से इंदौर संभाग के सभी नागरिकों को फूड एण्ड ड्रग टेस्ट की शीघ्र और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं समय पर और संभागीय स्तर पर ही मिल जायेंगी। जांच का दायरा बढ़ाएगी इंदौर लैब- 20 हजार सैम्पल प्रतिवर्ष का लक्ष्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रदेश में नागरिकों के स्वास्थ्य की चिंता करने वाली हमारी संवेदनशील सरकार है। खाद्य सामग्री में मिलावटखोरी पर अंकुश लगाने के लिए प्रदेश में खाद्य एवं औषधि परीक्षण प्रयोगशालाओं की संख्या बढ़ाई जा रही है। भोपाल और इंदौर के बाद जबलपुर और ग्वालियर में भी ऐसी प्रयोगशालाएं शुरू की जायेंगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अभी सिर्फ एक खाद्य एवं औषधि प्रयोगशाला राजधानी भोपाल में स्थित है। यहां जांच की क्षमता सालाना 6000 सैंपल की थी। इंदौर में अत्याधुनिक प्रयोगशाला के लोकार्पण के साथ अब खाद्य सामग्रियों के परीक्षण की क्षमता बढ़कर प्रतिवर्ष 20 हजार सैंपल तक हो जाएगी। इंदौर में लैब खुलने से पूरे मालवांचल को सीधा लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खाद्य सामग्री एवं दवाओं में मिलावटखोरों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अगर प्रदेश में कोई गलत काम करेगा तो सरकार उसे छोड़ने वाली नहीं है। अच्छा काम करने वालों को प्रोत्साहन भी मिलेगा। नागरिकों के जान-माल की रक्षा करना राज्य सरकार का कर्तव्य है। राज्य सरकार ने 18 नई नीतियां लागू करते हुए खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को कई प्रकार की छूट दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अगले 3 माह में जबलपुर में खाद्य एवं औषधि परीक्षण प्रयोगशाला की शुरुआत होगी। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार चलित प्रयोगशालाएं (मोबाइल लैब्स) शुरू करने पर भी काम कर रही है। इसमें माइक्रोबायोलॉजिकल जांच की सुविधा भी मिलेगी। संभागीय मुख्यालयों के बाद सभी जिलों में भी खाद्य एवं औषधि परीक्षण की ऐसी ही प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी। यह प्रयोगशालाएं जन-जागरूकता एवं सर्टिफिकेशन जैसे कई प्रकार के कार्य भी करेंगी। अत्याधुनिक पांच मंजिला प्रयोगशाला मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि यह अद्भुत और अत्याधुनिक पांच मंजिला प्रयोगशाला 3700 वर्ग फीट में बनी है। इसकी लागत 8 करोड़ रुपए से अधिक है। यह प्रयोगशाला ऐसे प्रहरी है जो हमारे भोजन और औषधियों दोनों की गुणवत्ता और शुद्धता की रक्षा करेगा। पूरी तरह से आधुनिक और सर्व सुविधायुक्त यह लैब संभाग की सेहत की निगरानी करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर में नई लैब के खुलने से आसपास के सभी जिलों को बड़ी आसानी होगी। इससे जांच का दायरा बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि यहां खाने-पीने की चीजों और दवाओं के सैंपल की जांच नई और भरोसेमंद मशीनों से होगी ताकि लोगों को सटीक और सुरक्षित रिपोर्ट मिल सके। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश के विकास की नई इबारत लिखी जा रही है। जल संसाधन एवं मछुआ कल्याण मंत्री तुलसीराम सिलावट ने कहा कि नागरिकों को हर वस्तु शुद्ध मिले, यह राज्य सरकार का संकल्प है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में सिंहस्थ 2028 के भव्य और दिव्य आयोजन के लिए तैयारियां चल रही हैं। सरकार अन्नदाता और मातृ शक्ति के कल्याण के लिए नई-नई योजनाओं की सौगात दे रही है। लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दी गई सौगातों को पूरा करने की गारंटी मुख्यमंत्री डॉ. यादव हैं। आज प्रदेश की दूसरी खाद्य एवं औषधि परीक्षण प्रयोगशाला का लोकार्पण हुआ है। अगले तीन माह में जबलपुर में तीसरी, ग्वालियर में चौथी और पांचवीं खाद्य एवं औषधि परीक्षण प्रयोगशाला उज्जैन में स्थापित कर दी जाएगी। सिंहस्थ-2028 के आयोजन के मद्देनजर यह प्रयोगशाला राष्ट्रीय स्तर की होगी। कार्यक्रम में विधायक मधु वर्मा, महापौर इंदौर पुष्यमित्र भार्गव, सुमित मिश्रा, चावड़ा सहित अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधि, खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।    

मुख्यमंत्री डॉ. यादव बोले – सबका साथ, सबका विकास ही हमारी सरकार की पहचान

हर समाज को साथ लेकर चलना ही हमारी सरकार का उद्देश्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव 30 करोड़ रूपये की सीवर लाइन परियोजना का भूमिपूजन इंदौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा दिवाली का यह समय शुभ अवसर है, जब जनकल्याण के कार्यों की शुरुआत करना मंगलकारी माना जाता है। सरकार का संकल्प है कि विकास की हर योजना जनता के द्वार तक पहुंचे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार सभी वर्गों और समाजों को साथ लेकर समान अवसर और विकास के पथ पर आगे बढ़ना चाहती है। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य अंतिम व्यक्ति तक सुख और सुविधा पहुंचाना है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के ‘अंत्योदय’ के विचार को मूर्त रूप देने का प्रयास हमारी हर योजना में झलकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को ब्लू लोटस गार्डन इंदौर में आयोजित भूमिपूजन समारोह और सामाजिक समरसता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 4 के अंतर्गत अमृत 2.0 योजना के तहत सुदामा नगर सेक्टर-डी और ई में ₹30 करोड़ की लागत से 34.235 किलोमीटर लंबी सीवर लाइन बिछाने के कार्य का भूमिपूजन किया। इस परियोजना से नागरिकों को ड्रेनेज चोकिंग की समस्या से स्थायी राहत मिलेगी और जल-मल निकासी व्यवस्था में बड़ा सुधार होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने जनजातीय समाज और वंचित वर्गों के सशक्तिकरण के लिए अनेक ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री ने उल्लेख किया कि पहली बार रानी दुर्गावती के नाम पर जबलपुर में कैबिनेट आयोजित की गई और खरगोन में टंट्या मामा के नाम पर विश्वविद्यालय की स्थापना की गई है। यह हमारी प्रतिबद्धता है कि हम हर समाज के महापुरुषों के योगदान को सम्मान दे रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य की आर्थिक प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले जहाँ प्रदेश का वार्षिक बजट 20 हज़ार करोड़ रुपये तक सीमित था, वहीं आज यह 4 लाख करोड़ रुपये तक पहुँच गया है। किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए हमारी सरकार ने 2 हजार 600 रुपये प्रति क्विंटल गेहूं खरीदा, जो हमारे किसान सम्मान के संकल्प का प्रमाण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के ‘2047 अमृत काल’ के विजन के अनुरूप मध्यप्रदेश में विकास के नए मानक स्थापित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इंदौर और भोपाल एरिया में एक आधुनिक मेट्रोपॉलिटन सर्किट का निर्माण किया जा रहा है, जिससे मालवा क्षेत्र देश के प्रमुख विकास केंद्रों में शामिल होगा। विधायक मती मालिनी गौड़, महापौर  पुष्यमित्र भार्गव और  सुमित मिश्रा ने भी अपने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री की जनसेवा भावना और समरसता की नीति ने प्रदेश में एक नई राजनीतिक संस्कृति स्थापित की है। इस अवसर पर मंत्री  तुलसीराम सिलावट, विधायक  मनोज पटेल, पूर्व महापौर  कृष्ण मुरारी मोघे, सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष  प्रताप करोसिया,  निशांत खरे,  सावन सोनकर,  सुमित मिश्रा सहित अनेक जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठन और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

एयर एम्बुलेंस सेवाओं के प्रदाय में प्राथमिकता से निर्णय लें: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के विभिन्न विषयों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य जनसामान्य को सुगम, गुणवत्तापूर्ण और समय पर स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराना है। इस दिशा में विभागीय कार्यों की नियमित समीक्षा आवश्यक है ताकि स्वास्थ्य अधोसंरचनाओं का समयबद्ध सुदृढ़ीकरण और सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके। बैठक में प्रभारी आयुक्त लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा  विशेष गढ़पाले तथा संचालक चिकित्सा शिक्षा डॉ. अरुणा कुमार उपस्थित रहे। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि एयर एम्बुलेंस सेवा आपातकालीन स्थितियों में त्वरित एवं उत्कृष्ट चिकित्सकीय सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से प्रारंभ की गई है। अतः इसके संचालन में समय का विशेष ध्यान रखा जाए तथा इमरजेंसी प्रकरणों में तत्काल निर्णय लेकर मरीजों को शीघ्रतम राहत दी जाए। उन्होंने कहा कि यह सेवा केवल परिवहन का माध्यम नहीं बल्कि जीवनरक्षक प्रणाली का अभिन्न अंग है, इसलिए इसके संचालन में समन्वय और समयबद्धता सर्वोच्च प्राथमिकता में रहे। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने ओ.पी.डी. सेवाओं के समय को जनसुविधा के दृष्टिकोण से और प्रभावी बनाने के लिए इसे प्रातः 9 बजे से अपराह्न 4 बजे तक संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे मरीजों को बेहतर और विस्तारित समयावधि में चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध हो सकेगा। उन्होंने मेडिकल रिकूटमेंट प्रक्रिया को विभाग की शीर्ष प्राथमिकताओं में रखते हुए निर्देश दिए कि रिकूटमेंट एजेंसियों के साथ नियमित संवाद कायम रखा जाए। सभी लंबित प्रस्ताव शीघ्र भेजे जाएँ और औपचारिकताओं की पूर्ति कर समयबद्ध भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि चिकित्सक और नर्सिंग स्टाफ की समय पर नियुक्ति से स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और उपलब्धता दोनों में सुधार आएगा। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने एमआरआई एवं सीटी स्कैन सेवाओं की सतत मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मरीजों को इन सुविधाओं का सुविधाजनक, पारदर्शी और निर्बाध प्रदाय सुनिश्चित किया जाए। मशीनों की कार्यशील स्थिति और रिपोर्टिंग में किसी भी प्रकार की देरी को गंभीरता से लिया जाए। आगामी वर्षों में स्वास्थ्य सेवाओं की बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए नए मेडिकल कॉलेजों एवं अस्पतालों के प्रस्ताव भविष्य की आवश्यकताओं और चिकित्सकीय मानकों के अनुरूप तैयार किए जाएँ। इन संस्थानों में शिक्षण, अनुसंधान और सेवा – तीनों पहलुओं में संतुलन बनाकर दीर्घकालिक उपयोगिता और स्थायित्व सुनिश्चित किया जाए। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने दवाओं की गुणवत्ता एवं पर्याप्त उपलब्धता पर विशेष बल देते हुए कहा कि प्रत्येक जिला और मेडिकल कॉलेज में दवाओं की आपूर्ति प्रणाली की नियमित मॉनिटरिंग की जाए। बैठक में उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में मेडिकल टीचर्स के वेतन एवं आयुष्मान भत्ते के वितरण, छिंदवाड़ा मेडिकल कॉलेज में छात्रावास निर्माण और नर्सिंग पदों पर भर्ती प्रक्रिया की समीक्षा भी की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इन कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की घोषणा: हर नगरीय निकाय में बनेगा गीता भवन, भव्य रूप से मनाई जाएगी गीता जयंती

सभी नगरीय निकायों में गीता भवन बनेंगे- श्रद्धा और भक्ति से मनाई जायेगी गीता जयंती : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री नंदा नगर में आयोजित कथा में शामिल हुएव्यास पीठ की पूजा और आरती की प्रधानमंत्री  मोदी के कार्यकाल में देश में बह रही है सांस्कृतिक धारा   इंदौर  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में गीता भवन बनाये जायेंगे। सभी पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाये जायेंगे। आगामी दिनों में गीता जयंती भी श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाई जायेगी। बीते दिनों राज्य शासन ने विजया दशमी पर उत्साह के साथ शस्त्र पूजन के कार्यक्रम किये दीपोत्सव में गोवर्धन पूजा के कार्यक्रम हर्षोल्लास के साथ मनाए गये। इस उत्सव को गौ-संवर्धन के रूप में मनाया। राज्य शासन गौ-पालन को बढ़ावा देने के लिये हर स्तर पर कार्य कर रही है। गौ-शालाओं का बढ़ावा देने के साथ उसे संरक्षण भी दे रही है। गायों को खुराक के लिये दिये जाने वाली राशि बढ़ाकर दुगुनी कर दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को नंदा नगर स्थित गणेश परिसर में मलूक पीठाधीश स्वामी राजेन्द्र दास देवाचार्य महाराज की कथा के अवसर पर अपना सम्बोधन दे रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के शासन में देश में एक ऐसी सांस्कृतिक धारा बह रही है। जिसके कारण चारों और उत्साह का वातावरण है। साधु-संतों का सम्मान हो रहा है। धार्मिक स्थानों पर श्रद्धालुओ की संख्या बढ़ रही है।  विदेश के राष्ट्रपति या प्रधानमंत्री भारत में आते हैं, तो हमारे प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी उन्हें हमारे मंदिरों का भ्रमण कराते है और उन्हें गीता और रामायण जैसे ग्रंथ भेंट करते हैं। उज्जैन में महाकाल लोक बनने के बाद उज्जैन की काया ही बदल गई है। अब वहाँ रिकार्ड तोड संख्या में  श्रद्धालु आ रहे हैं। सम्राट विक्रमादित्य की गौरव गाथाओं का गुणगान महानाट्य विक्रमादित्य के माध्यम से किया जा रहा है। इसका मंचन राजधानी दिल्ली के अलावा अन्य स्थानों पर भी हो चुका है। पहले कैलेण्डर में शक संवत होता था अब उसे विक्रम संवत कर दिया गया है। प्रधानमंत्री  मोदी के दृढ़ संकल्पों से काशी विश्वनाथ में सुंदर कॉरिडोर बन गया है। अयोध्या में भगवान राम का भव्य मंदिर बन चुका है। मर्यादा पुरूषोत्तम भगवान राम के पथ जहां-जहां पड़े वहाँ राम पथ बनाया गया है। चित्रकूट धाम का भी जीर्णोद्धार किया जायेगा। जहां-जहां योगेश्वर कृष्ण की लीलाएं हुई हैं, वहां भी तीर्थ स्थान बनाएं जायेंगे।  जानापाव में भगवान परशुराम की जन्म स्थली का भी विकास किया गया है। ऐसे और भी धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों का विकास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संतों के द्वारा कही गई  कथा से हम सबको अच्छे संस्कार मिलते हैं। हमारे जीवन में नयी ऊर्जा का संचार होता है। जहां सामान्य मनुष्य की सोच समाप्त होती है, वहाँ से संतों के सोचने की शुरूआत होती है। उन्होंने कहा कि  मानव शरीर परमात्मा की सुंदर रचना है और इसके रोम-रोम में परमात्मा है। इस शरीर में सारी शक्तियां समाहित है। इसकी अनुभूति हमें संत कराते हैं। संतों के पास बैठने से हमारा जीवन मंगलमय होता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने व्यास पीठ का पूजन किया और आरती में शामिल हुए। मुख्यमंत्री एवं जनप्रतिनिधियों ने मलूक पीठाधीश स्वामी राजेन्द्र दास देवाचार्य महराज  स्वागत किया। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री  कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि यह आयोजन विधायक  रमेश मेंदोला के माता-पिता की स्मृति में किया जा रहा है। इस तरह के आयोजन लगातार होना चाहिए। इस मौके पर जल संसाधन मंत्री  तुलसीराम सिलावट, महापौर  पुष्यमित्र भार्गव, विधायक  मधु वर्मा,  रमेश मेंदोला,  सुमित मिश्रा तथा  श्रवण सिंह चावड़ा, डॉ. निशांत खरे, संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, पुलिस कमिश्नर  संतोष कुमार सिंह, कलेक्टर  शिवम वर्मा, नगर निगम आयुक्त  दिलीप कुमार यादव आदि मौजूद थे।  

डॉ. यादव का दावा: प्रदेश में बढ़ रही है सामाजिक समरसता और सद्भावना

डॉ. यादव का दावा: प्रदेश में बढ़ रही है सामाजिक समरसता और सद्भावना सरकार के प्रयासों से प्रदेश में बन रहा है सामाजिक सौहार्द का माहौल: मुख्यमंत्री भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की विशेष उपस्थिति में सोमवार को इंदौर में विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 5 का सामाजिक समरसता सम्मेलन आयोजित किया गया।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में जो विकास एवं सामाजिक समरसता का सिलसिला प्रारंभ हुआ था, वह वर्तमान प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में निरंतर जारी है। उन्होंने कहा कि डॉ. बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर का सामाजिक समरसता के क्षेत्र में योगदान अमूल्य है। उनके बताए मार्गों पर चलकर प्रदेश में सामाजिक एकता और समानता का नया वातावरण स्थापित किया जा रहा है। कार्यक्रम में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री  कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री  तुलसीराम सिलावट, विधायक  महेंद्र हार्डिया,  गोलू शुक्ला, डॉ. निशांत खरे,  सुमित मिश्रा, संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, पुलिस कमिश्नर  संतोष कुमार सिंह, कलेक्टर  शिवम वर्मा और नगर निगम आयुक्त  दिलीप कुमार यादव सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे। महापौर  पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि इंदौर में विकास का नया अध्याय लिखा जा रहा है। शहर में ड्रेनेज, जलप्रदाय लाइन और सड़कों का तेज़ी से विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा आज 600 करोड़ रुपये लागत के विकास कार्यों का भूमि पूजन एवं लोकार्पण किया गया है। विधायक  महेंद्र हार्डिया ने कहा कि विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 5 सामाजिक समरसता का उत्कृष्ट उदाहरण है, जहां हर समाज और वर्ग के लोग मिलकर विकास में भागीदार बन रहे हैं। कार्यक्रम को  सुमित मिश्रा ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधि, विभिन्न समाज के वरिष्ठ जन और अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद थे। 

छठ महापर्व का पारंपरिक उल्लास, दिल्ली से पटना तक गूंजे छठ गीत और भक्ति की स्वर लहरियाँ

भोपाल  चार दिन तक चली सूर्य उपासना की परंपरा मंगलवार को सुबह पूरी हो गई। कार्तिक शुक्ल सप्तमी पर आज छठ महापर्व का आखिरी दिन है। भोपाल के 52 घाटों पर सुबह की पहली किरण के साथ श्रद्धालुओं ने उगते सूर्य को दूध, जल और प्रसाद से अर्घ्य अर्पित किया। इसी के साथ 36 घंटे का निर्जला व्रत पूर्ण हुआ। नगर निगम ने घाटों पर सुरक्षा, रोशनी, पेयजल और सफाई की व्यवस्था की थी। पुलिस और प्रशासनिक टीमें भी सुबह से मौजूद रहीं। श्रद्धालुओं ने शांति और अनुशासन के साथ पूजा संपन्न की। दरअसल, भोपाल में लोक आस्था के महापर्व छठ पूजा का समापन सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य अर्पित करने के साथ हुआ। चार दिनों से चल रही सूर्य उपासना की परंपरा भक्ति, अनुशासन और उत्साह के माहौल में पूरी हुई। प्रदेशभर के साथ भोपाल में भी श्रद्धालु सुबह की पहली किरण के साथ घाटों पर पहुंचे और सूर्य देव तथा छठी मैया से परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। लोक आस्था और सूर्योपासना का महापर्व छठ पूजा देशभर में पूरे उत्साह, श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया. बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, दिल्ली से लेकर नोएडा, चंडीगढ़ और मुंबई तक घाटों पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. गोरखपुर के गुरु गोरखनाथ घाट, पटना के कंकड़बाग और दीघा घाट, और नोएडा के कालिंदी कुंज तट पर हजारों श्रद्धालु परिवारों सहित पहुंचे. छठ महापर्व के दौरान घाट भक्ति गीतों, ढोलक की थाप और पारंपरिक गीतों से गुलजार रहे. छठ घाटों पर वेदी को केले से पारंपरिक तौर पर सजाया गया.. इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी बीजेपी नेता संजय मयूख के आवास पर पूजा-अर्चना में हिस्सा लिया. प्रशासन की ओर से सुरक्षा और व्यवस्थाओं के लिए विशेष इंतजाम किए गए. चार दिन चलने वाला यह पर्व सूर्य देव और छठी मैया की आराधना के साथ संपन्न हुआ, जिसने एक बार फिर पूरे देश को आस्था और एकता के रंग में रंग दिया. दिल्ली के यमुना नदी के वासुदेव घाट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छठ पूजा में हिस्सा लेने वाले हैं. उनकी इस यात्रा के मद्देनजर घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. वहीं, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी खुद घाटों का दौरा कर पूजा की तैयारियों का जायजा लिया है. बिहार में इस बार छठ का राजनीतिक रंग भी देखने को मिला. विधानसभा चुनाव में कई राजनीतिक दलों के उम्मीदवार घाटों पर पहुंचे और श्रद्धालुओं का आशीर्वाद लिया. राजनेताओं की मौजूदगी ने माहौल को और भी खास बना दिया. छठ का महापर्व फिर से बड़े उत्साह से मनाया जा रहा है, जहां हर कोई सूर्य देव के प्रति आस्था और परिवार की खुशहाली की प्रार्थना करता नजर आ रहा है. देश के कई प्रमुख क्षेत्रों जैसे पटना, गोपालगंज, मऊ, वाराणसी, नोएडा, और दिल्ली के घाटों पर सुबह और शाम की पूजा में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ रहा है. आस्था का अद्भुत संगम राजधानी के 52 घाटों पर मंगलवार को आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। कमला पार्क, वर्धमान पार्क, खटलापुरा घाट, प्रेमपुरा घाट, हथाईखेड़ा डैम, बरखेड़ा और घोड़ा पछाड़ डैम पर हजारों श्रद्धालु एकत्र हुए। घाटों पर पारंपरिक गीतों की गूंज, दीयों की रोशनी और पूजा की तैयारियों से वातावरण भक्ति से भर गया। 36 घंटे का निर्जला उपवास समाप्त सुबह जैसे ही सूरज की पहली किरण जल में पड़ी, व्रती महिलाओं ने दूध और जल से अर्घ्य अर्पित किया। इसके साथ ही 36 घंटे का निर्जला उपवास समाप्त हुआ। अर्घ्य के बाद व्रती महिलाओं ने पारण कर व्रत का समापन किया। भोजन में चावल, दाल, साग, सब्जी, पापड़, बड़ी, पकौड़ी और चटनी का पारंपरिक प्रसाद शामिल रहा। पुलिस का अमला रहा तैनात नगर निगम की ओर से सभी घाटों पर सफाई, पेयजल, रोशनी और सुरक्षा की व्यवस्थाएं की गई थीं। पुलिस व प्रशासनिक अमला सुबह से ही तैनात रहा। शीतलदास की बगिया में भी छठ पर्व की रौनक देखने लायक रही। यहां भोपाल दक्षिण-पश्चिम क्षेत्र के विधायक भगवान दास सबनानी ने पहुंचकर श्रद्धालुओं को पर्व की शुभकामनाएं दीं। भोजपुरी एकता मंच की ओर से सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें लोकगीतों और भजनों ने समा बांध दिया। इस साल अधिक श्रद्धालु घाटों पर पहुंचे भोजपुरी एकता मंच के अध्यक्ष कुंवर प्रसाद ने बताया कि सोमवार शाम अस्त होते सूर्य को अर्घ्य देने के बाद श्रद्धालु पूरी रात भजन-कीर्तन में लीन रहे। मंगलवार सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य अर्पित करने के साथ चार दिन की पूजा संपन्न हुई। इस बार पिछले वर्षों की तुलना में कहीं अधिक श्रद्धालु घाटों पर पहुंचे। दीपों की जगमगाहट, फूलों की सजावट और लोकगीतों की मधुर ध्वनि से पूरा भोपाल छठ मैया की भक्ति में डूबा नजर आया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंदौर में पूर्वोत्तर सांस्कृतिक संस्थान द्वारा आयोजित छठ महोत्सव में हुए शामिल

अपनों के सुख समृद्धि के लिए कष्ट सहते हुए आनंद के साथ व्रत रखने वाली माता-बहनों को मेरा नमन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंदौर में पूर्वोत्तर सांस्कृतिक संस्थान द्वारा आयोजित छठ महोत्सव में हुए शामिल मुख्यमंत्री ने जलाभिषेक कर किया छठ पूजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों को दी छठ पर्व की शुभकामनाएं इंदौर  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि छठ पूजा में सूर्य उपासना, परिवार के स्वास्थ्य और जीवन के दीर्घायु के संकल्प का प्रतीक है। त्रेता युग से भगवान राम  की लम्बी आयु की कामना से यह छठ पूजा आरम्भ हुई। माताएं-बहनें अपनी आस्था एवं संस्कारों के साथ इस पर्व को मनाती हैं। हमारी मातृशक्ति अपने परिवार के कष्टों को दूर करने और सुख समृद्धि के लिए आनंद के साथ जीवन के कष्टों को सहन करते हुए यह व्रत रखती हैं। मैं इन माता-बहनों को नमन करता हूं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंदौर के मन कामनेश्वर महादेव उद्यान में पूर्वोत्तर सांस्कृतिक संस्थान द्वारा आयोजित छठ महोत्सव में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने जलाभिषेक कर छठ पूजन किया। छठ महोत्सव में एक साथ बड़ी संख्या में माताओं-बहनों ने जलकुंड में उतरकर छठ पूजन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उपस्थित सभी माता-बहनों, नागरिकों के साथ ही प्रदेशवासियों को छठ पूजन की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। छठ महापर्व सूर्य उपासना के साथ समाज में मातृशक्ति की भक्ति और शक्ति का प्रतीक  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि छठ पर्व सामाजिक एकता, आस्था और लोक परंपरा का अद्वितीय संगम है। छठ पूजा विशेष रूप से बिहार एवं पूर्वांचल क्षेत्र के लिए यह प्रमुख पर्व है। बिहार से मालवांचल का संबंध लगभग एक हजार साल पुराना है और हमारे रिश्ते लगातार मजबूत हो रहे हैं। अब यह पर्व पूरे देश में श्रद्धा एवं उत्साह के साथ मनाया जाने लगा है। इंदौर में ही आज लगभग 200 से ज्यादा स्थानों पर छठ पूजन के कार्यक्रम हो रहे हैं। छठ पर्व हमारी सांस्कृतिक विविधता और एक भारत-श्रेष्ठ भारत की भावना को और मजबूत करता है। उन्होंने कहा कि छठ पर्व आस्था, संयम और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक है। यह पर्व समाज में सामूहिकता, अनुशासन और सांस्कृतिक एकता का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार सभी धार्मिक और  सांस्कृतिक आयोजनों के सम्मान और संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। छठ महापर्व सूर्य उपासना के साथ समाज में मातृशक्ति की भक्ति और शक्ति का भी प्रतीक है। माता-बहनों की आस्था और सुविधा के लिये प्रदेश में एक नहीं हजार कुण्ड बनाएंगे नगरीय विकास एवं आवास मंत्री  कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि हमारे देश में सनातन परम्परा आदिकाल से चली आ रही है। यहां पर हमारी माताएं-बहनें संस्कार और संस्कृति का पालन करते हुए व्रत रखती है और देवी-देवताओं की पूजा करती हैं। उन्होंने कहा कि भारत ही ऐसा देश है जहां इस तरह की पूजा कर माताएं-बहनें अपने पति की लम्बी आयु और परिवार की सुख समृद्धि के लिये व्रत रखती हैं। यही हमारी भारतीय परम्परा और संस्कार है। उन्होंने कहा कि माता-बहनों की आस्था और सुविधा के लिये प्रदेश में एक नहीं हजार कुण्ड बनाएंगे। मुख्यमंत्री की घोषणा पर इंदौर में बनाये जा रहे हैं तीन जल कुण्ड जल संसाधन मंत्री  सिलावट ने कहा कि प्रदेश सरकार मातृशक्ति के प्रति समर्पित है। उन्होंने बताया कि पिछली बार जब मुख्यमंत्री इंदौर आये थे तब उन्होंने छठ पूजा के लिये तीन बड़े जल कुण्ड बनाये जाने की घोषणा की थी। मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार इंदौर के अन्नपूर्णा, पिपल्याहाना और छोटा बांगड़दा में कुण्ड बनाने का कार्य चल रहा है और शीघ्र ही बनकर तैयार हो जाएंगे।  इस अवसर पर महापौर  पुष्यमित्र भार्गव, विधायक  रमेश मेंदोला, डॉ. निशांत खरे,  सुमित मिश्रा, संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, पुलिस आयुक्त  संतोष सिंह, कलेक्टर  शिवम वर्मा, पूर्वोत्तर सांस्कृतिक संस्थान के प्रदेश अध्यक्ष ठा. जगदीश सिंह, छठ महोत्सव अध्यक्ष ठा. दीनानाथ सिंह, संस्थान के युवा प्रकोष्ठ अध्यक्ष कुं. अरविंद सिंह सहित संस्थान के अन्य  पदाधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि, बड़ी संख्या में माताएं-बहनें एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

अमृत 2.0, कायाकल्प और नगरीय अधोसंरचना योजनाओं के तहत इंदौर में विकास कार्यों का शुभारंभ

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर में किया अमृत 2.0 योजना,कायाकल्प योजना एवं मुख्यमंत्री नगरीय क्षेत्र अधोसंरचना निर्माण योजना अंतर्गत करोड़ों के विकास कार्यों का भूमिपूजन इन विकास कार्यों से नगरीय अधोसंरचना का होगा सुदृढ़ीकरण भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर के विधानसभा क्षेत्र क्र.3 के आईडीए ग्राउंड में आयोजित भूमिपूजन समारोह एवं सामाजिक समरसता सम्मेलन में अमृत 2.0 योजना,कायाकल्प योजना एवं मुख्यमंत्री नगरीय क्षेत्र अधोसंरचना निर्माण योजना अंतर्गत कुल 50 करोड़ की लागत से सीवर,सड़क एवं रिवर फ्रंट डेवलपमेंट के विकास कार्यों का वर्चुअल भूमिपूजन किया। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि नागरिकों को मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध कराने और शहरों को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने की दिशा में यह विकास कार्य एक महत्वपूर्ण कदम साबित होंगे जिससे नगरीय अधोसंरचना को मजबूती मिलेगी। विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत हुआ इन विकास कार्यों का भूमिपूजन अमृत- 2.0 (अटल मिशन फॉर रिजुवनेशन एंड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन) योजना अंतर्गत शहर के मध्य क्षेत्र में छावनी चौराहे से चन्द्रभागा ब्रिज तक रू 6.00 करोड़ की लागत से 300 एमएम व्यास से 900 एमएम व्यास की कुल लम्बाई 3.0 किमी. की सीवर लाईन बिछाई जाने का कार्य किया जाएगा। उक्त कार्य से छावनी एवं आस-पास के अन्य क्षेत्रों में मास्टर प्लान की सड़क निर्माण के पूर्व ड्रेनेज लाईन बिछाई जाने से क्षेत्र के रहवासियों को जल निकासी और सीवरेज व्यवस्था को सुदृढ़ करने एवं कान्ह नदी शुद्धीकरण में लाभ मिलेगा। इस परियोजना के तहत शहर के मध्य क्षेत्र में सीवरेज के पुराने नेटवर्क को आधुनिक और अधिक क्षमता वाले नए नेटवर्क से बदला जाएगा। 3.0 कि.मी. लंबी इस सीवर लाइन से घनी आबादी वाले क्षेत्र के निवासियों को बेहतर स्वच्छता सुविधाएँ सुनिश्चित होगी। मुख्यमंत्री नगरीय क्षेत्र अद्योसंरचना निर्माण योजना के तहत रामबाग चौराहे से अहिल्या आश्रम तक रिव्हरफ्रंट विकास कार्य का भूमिपूजन किया। इस विकास कार्य की कुल लंबाई 1.13 किलोमीटर एवं लागत ₹19.25 करोड़ है। उक्त कार्य के अंतर्गत नदी के दोनों किनारों पर सौंदर्यीकरण संबंधित कार्य के तहत वाक-वे निर्माण, गेबियन वॉल, पिचिंग, स्ट्रीट लाईट व आकर्षक म्यूरल वाल आर्ट आदि कार्य किये जाना प्रस्तावित है। उक्त विकास कार्य के क्रियान्वयन से न केवल क्षेत्र के अद्योसंरचनात्मक सुधार होंगे,बल्कि यह स्थान एक प्रमुख पर्यटन और नागरिक आकर्षण का केंद्र भी बन सकेगा। सरवटे बस स्टेण्ड जूनी इन्दौर ब्रिज से चन्द्रभागा होते हुए पंढरीनाथ चौराहे तक शेष सड़क कार्य का भूमिपूजन किया। 12 करोड़ रुपये की लागत से वार्ड क्र.56 में पानी की टंकी निर्माण कार्य एवं 5 करोड़ की लागत से खेल स्टेडियम निर्माण करने की सौगात दी। इस अवसर पर नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, इंदौर सांसद शंकर लालवानी, इंदौर महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक गोलू शुक्ला, संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह, कलेक्टर शिवम वर्मा, नगर निगम आयुक्त दिलीप कुमार यादव एवं अन्य जनप्रतिनिधि सहित बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।    

सरकारी कनेक्शनों पर भारी बकाया: 16 जिलों में 73 हजार कनेक्शन और 406 करोड़ का पेंडिंग बिल

भोपाल  मध्यप्रदेश में सरकारी विभागों पर बिजली कंपनियों का भारी बकाया चढ़ गया है। प्रदेश के 16 विभागों ने अब तक 406 करोड़ 36 लाख रुपये के करीब बिजली बिलों का भुगतान नहीं किया है। कुल 72,900 बिल बकाया हैं।सबसे बड़ा बकायादार नगरीय विकास एवं आवास विभाग है, जिस पर 125 करोड़ 62 लाख रुपये (12,003 बिल) का बकाया है। इसके बाद पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग पर 102 करोड़ 32 लाख रुपये (17,049 बिल) बाकी हैं। वित्त विभाग ने इन विभागों के लिए बजट जारी कर दिया था, लेकिन फिर भी भुगतान नहीं किया गया। बिजली कंपनियों ने बार-बार नोटिस भेजे हैं, वहीं एसीएस ऊर्जा और पीएस ने भी सभी विभागों को तत्काल भुगतान करने के निर्देश दिए, मगर कोई असर नहीं दिखा। अन्य प्रमुख बकायेदार विभागों में महिला एवं बाल विकास (34.45 करोड़, 9,965 बिल), स्कूल शिक्षा (29.64 करोड़, 18,539 बिल), स्वास्थ्य (21.07 करोड़), जलसंसाधन (13.97 करोड़), गृह विभाग (10.49 करोड़) और पीएचई विभाग (11.35 करोड़) शामिल हैं। बिजली कंपनियों ने अब एसीएस और पीएस को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की है। चेतावनी दी गई है कि अगर जल्द भुगतान नहीं किया गया तो सरकारी दफ्तरों के बिजली कनेक्शन काटे जा सकते हैं, जिससे कई विभागों का कामकाज ठप पड़ सकता है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के शासकीय कनेक्शनों की प्रदेश के ग्वालियर, चंबल और भोपाल संभागों में कुल संख्या 72 हजार 900 है। इसमें सबसे अधिक 16049 कनेक्शन पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग के हैं, जिन पर 102.32 करोड़ का बिजली बिल बाकी बताया गया है। मंत्री प्रहलाद पटेल के विभाग पर बकाया राशि के भुगतान के लिए संबंधित विभागाध्यक्षों को पत्र लिखे गए हैं। इसी तरह नगरीय विकास विभाग के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के विभाग के 12034 कनेक्शन हैं, जिन पर 125.62 करोड़ का बिल बाकी है। इसके अलावा जिन मंत्रियों के विभागों से संबंधित बिजली कनेक्शनों पर बकाया राशि अधिक है, उसमें महिला और बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया, स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह, डिप्टी सीएम और लोक स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा मंत्री राजेंद्र शुक्ल के नाम शामिल हैं। इन सभी विभागों को भी मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के एमडी क्षितिज सिंघल ने पत्र लिखा है और बिल जमा कराने को कहा है। यह बकाया राशि अगस्त 2025 की स्थिति में है जबकि अभी अक्टूबर महीने का अंतिम सप्ताह चल रहा है। ऐसे में यह राशि पांच सौ करोड़ से अधिक होने की उम्मीद जताई जा रही है। इन सरकारी विभागों पर बकाया है इतनी राशि (करोड़ रुपए) क्र. विभाग का नाम संख्या बकाया राशि 1 नगरीय विकास, आवास 12034 125.62 2 पंचायत, ग्रामीण विकास 17049 102.32 3 पीएचई 445 11.35 4 नर्मदा घाटी विकास 4 0.086 5 गृह विभाग 2070 10.49 6 स्कूल शिक्षा 18539 29.64 7 किसान कल्याण, कृषि 381 2.39 8 वन 766 4.30 9 स्वास्थ्य 1910 21.07 10 ट्राइबल 2805 6.87 11 राजस्व 485 3.76 12 लोक निर्माण 541 4.29 13 उच्च शिक्षा 331 1.56 14 जल संसाधन 497 13.97 15 महिला, बाल विकास 9965 34.45 16 अन्य विभाग 5078 34.21 17 कुल 72900 406.36