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माता और बहनों का त्याग ही हमारे देश को अखंडता और अनेकता में एकता के सूत्र में पिरोता है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

सरलता, निश्चलता, क्षमता और योग्यता के बल पर संपूर्ण भारत में बिहारवासीयों ने बनाई अपनी पहचान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव माता और बहनों का त्याग ही हमारे देश को "अखंडता" और "अनेकता में एकता" के सूत्र में पिरोता है बिहार भारत की दिशा तय करता है, बिहार पर परमात्मा का है विशेष आशीर्वाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव उज्जैन के विक्रम सरोवर पर छठ पूजन में हुए सम्मिलित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पूर्वांचल और पूर्वोत्तर के अद्भुत छठ महापर्व की प्रदेशवासियों को मंगलकामनाएं और बधाइयां देते हुए कहा कि छठ मैया का महापर्व वैज्ञानिक पद्धति आधारित होकर सूर्य और जल की उपासना का पर्व है। भगवान सूर्यनारायरण सम्पूर्ण सृष्टि को ऊर्जा देकर सृष्टि का संचालन करते है, वही जल से ही जीवन की उत्पत्ति हुई है। छट व्रत हमें आत्म नियंत्रण, संयम और आत्मबल प्रदान करता है। अस्त और उदय होते हुए सूर्य का पूजन करने वाले इस पर्व की बात ही निराली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव उज्जैन के सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय स्थित विक्रम सरोवर पर मंगलवार को आयोजित छठ पूजन में शामिल होने के बाद श्रद्धालुओं को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा की बिहार भारत की दिशा तय करता है। बिहार पर परमात्मा का विशेष आशीर्वाद है। बिहार बुद्ध और महावीर की भूमि भी है, जिन्होंने अपने ज्ञान से देश ही नहीं संपूर्ण दुनिया को दिशा प्रदान है। सबसे ज्यादा आईएएस, आईपीएस किसी राज्य से निकलते हैं तो वह बिहार है। सरलता, निश्चलता, क्षमता और योग्यता के बल पर संपूर्ण भारत में बिहारवासी अपनी पहचान बनाते है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा की मध्यप्रदेश से बिहार का संबंध आदिकाल से रहा है। मध्यप्रदेश को नदियों का मायका कहा गया है। शिप्रा मैया का जल बिहार तक चंबल मैया, यमुना मैया और गंगा मैया के माध्यम से पहुंचता है। अमरकंटक से निकली सोन नदी गंगा मैया के माध्यम से बिहार पहुंचकर वहां समृद्धि फैलाती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा की माताओं और बहनों द्वारा देश , प्रदेश और परिवार की समृद्धि के लिए छठी मैया का व्रत रखा जाता है। माताओं और बहनों का त्याग कुटुंब और परिवार की एकता को कायम रखता है। हमारी संस्कृति मातृ शक्ति आधारित संस्कृति है, हमारे देश को "भारत माता" माना गया है। माताएं और बहनें अपने परिवार में सभी कष्ट सहकर भी पूरे परिवार की सेवा कर मंगल की कामना करती है। माताएं और बहने सबसे बड़ी योद्धा होती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत की एकता में सभी पर्व और त्यौहार महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। माता और बहनों का त्याग ही हमारे देश को "अखंडता" और "अनेकता में एकता" के सूत्र में पिरोता है। कुटुंब परंपरा का यह पर्व लाखों सालों से चलता आया है। छठ मैया का यह पर्व माता सीता से भी जुड़ता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में अयोध्या में भव्य राम मंदिर बना है। वही सीतामढ़ी में भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में 800 करोड़ की लागत से भव्य मंदिर बनाया जा रहा है। माता सीता का जीवन संपूर्ण भारत के लिए प्रेरणा स्त्रोत है वो राजकुमारी होकर भी वन में गई। राम राज्य की अवधारणा भी माता सीता के संकल्प से पूर्ण हुई। उज्जैन स्थित विक्रम सरोवर पर मिथिला घाट निर्माण की दी सौगात मुख्यमंत्री डॉ. यादव विक्रम सरोवर पर छठ पूजन किया और श्रद्धालुओं से चर्चा कर छठ महापर्व की मंगलकामनाएं दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा की विक्रम सरोवर सम्राट विक्रमादित्य के शौर्य का प्रतीक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विक्रम सरोवर पर मिथिला घाट के निर्माण की घोषणा की। कार्यक्रम में विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

9.36 लाख किसानों ने किया पंजीयन, मध्य प्रदेश में भावांतर योजना से सोयाबीन की बड़ी खरीद

भोपाल  मध्य प्रदेश के किसानों के लिए अच्छी खबर है। भावांतर योजना के तहत 24 अक्टूबर से प्रदेश की सभी मंडियों में सोयाबीन की खरीदी शुरू हो गई है, जो 15 जनवरी 2026 तक चलेगी।  अभी तक 14 हजार 727 किसानों से 25 हजार 999 टन सोयाबीन खरीदी गई है।प्रदेश में सोयाबीन की बिक्री के लिए लागू की गई भावांतर योजना में 9 लाख 36 हजार 352 किसानों ने पंजीयन कराया है। सोयाबीन के लिए एमएसपी प्रति क्विंटल 5328 रुपए घोषित की गई है। खास बात ये है कि किसान पहले की भांति मंडियों में सोयाबीन का विक्रय करेगा। योजना के तहत सोयाबीन उत्पादक किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य और बाजार भाव के बीच का अंतर सरकार द्वारा दिया जाएगा।फसल बिक्री के 15 दिन के भीतर भावमें अंतर की राशि सीधे किसानों के बैंक खाते में अंतरित कर दी जाएगी। अबतक 14 हजार 727 किसानों से 25 हजार 999 टन सोयाबीन की खरीदी प्रदेश में भावांतर योजना के तहत 27 अक्टूबर को 7 हजार 981 किसानों से 14 हजार 214 टन सोयाबीन की खरीदी हुई। कृषि उपज मंडी उज्जैन में सर्वाधिक 529, देवास में 512, ताल में 486, इंदौर में 455, खातेगांव में 425, बैरसिया में 396, आगर में 376, सागर में 368, आष्टा में 339 और शाजापुर में 335 टन सोयाबीन की खरीदी हुई। प्रदेश में सोयाबीन की बुवाई का रकवा वर्तमान में 53.20 लाख हेक्टेयर है। इस वर्ष 55.54 लाख मीट्रिक टन सोयाबीन का उत्पादन हुआ है। सोयाबीन खरीदी के प्रथम मॉडल भाव की घोषणा 7 नवंबर 2025 को की जाएगी। 9.36 लाख सोयाबीन उत्पादक किसानों ने कराया है पंजीयन सोयाबीन उत्पादक किसानों के लिए लागू की भावान्तर योजना के तहत 3 से 17 अक्टूबर तक शुरू हुए रजिस्ट्रेशन में 9.36 लाख किसानों ने पंजीयन करवाया है। प्रदेश में सात जिले उज्जैन, राजगढ़, शाजापुर, देवास, सीहोर, विदिशा और सागर ऐसे हैं जहां 50-50 हजार से अधिक किसानों ने पंजीयन करवाया है। इसी तरह 21 जिलों से 10-10 हजार से अधिक किसानों ने पंजीयन करवाया है। प्रदेश में 24 अक्टूबर से 15 जनवरी 2026 तक सोयाबीन की विक्रय अवधि रहेगी। अगर एमएसपी से कम कीमत पर सोयाबीन बिकता है तो किसानों के घाटे की भरपाई भावान्तर योजना के तहत राज्य सरकार द्वारा की जाएगी। फसल के विक्रय मूल्य और न्यूनतम समर्थन मूल्य MSP के अन्तर की राशि सीधे राज्य सरकार देगी। सीएम ने अधिकारियों को दिए है ये निर्देश मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए है कि किसानों के हित में भावांतर योजना प्रारंभ की गई है, प्रदेश में तीन गुना से अधिक पंजीयन योजना में हुए हैं। जिलों में किसानों को मंडियों और उपमंडियों में सोयाबीन विक्रय के लिए आवश्यक तैयारियां पूर्ण की जाएं।ई-उपार्जन पोर्टल के माध्यम से किसानों के पंजीकृत बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से भावांतर राशि का भुगतान निर्धारित अवधि में किया जाए।भुगतान के संबंध में किसान को एसएमएस के माध्यम से सूचना दी जाए। ई-उपार्जन पोर्टल पर पंजीयन के बाद मंडी पोर्टल में ई-मंडी पोर्टल पर सभी कार्य इलेक्ट्रानिक माध्यम से किए गए हैं। प्रवेश गेट और प्रांगण की सीसीटीवी मॉनिटरिंग की व्यवस्था की गई है। प्रत्येक मंडी में हेल्प डेक्स भी बनाई गई है। कृषि मंत्री ने दी ये जानकारी कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना ने बताया कि कृषि विभाग द्वारा केन्द्र सरकार को 26 लाख 49 हजार मीट्रिक टन का प्रस्ताव भेजा गया था, जिसे भारत सरकार द्वारा यथावत स्वीकृत करने की सहमति व्यक्त की  है। जब मण्डियों एवं बाजारों में किसानों को उनकी फसल का मूल्य न्यूनतम समर्थन मूल्य से ना मिले ये सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने भावांतर योजना लागू की है। इस वर्ष खरीफ-2025 में सोयाबीन का मण्डी भाव न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम है इसलिये किसानों को होने वाले नुकसान से बचाने के लिये मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा प्रदेश में भावांतर योजना लागू की गई, ताकि किसानों को किसी प्रकार की हानि न हो और उन्हें उपज का वाजिब दाम प्राप्त हो सके। प्रदेश में सोयाबीन में भावांतर योजनांतर्गत किसानों का पंजीयन 3 से 17 अक्टूबर तक किया गया है, जिसमें 9 लाख 36 हजार कृषकों ने पंजीयन कराया। पंजीकृत किसानों की भूमि का रकबा 22 लाख 64 हजार हेक्टेयर है।

तीर्थ यात्रियों के लिए खुशखबरी: नवंबर में इंदौर से चलेगी भारत गौरव टूरिज्म ट्रेन

इंदौर धार्मिक स्थलों की यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए इंडियन रेलवे की तरफ से बड़ी खुशखबरी है। मध्य प्रदेश की व्यापारिक नगरी इंदौर से अगले महीने नवंबर में एक बार फिर भारत गौरव पर्यटक ट्रेन चलेगी। इस यात्रा के जरिए श्रद्धालु दो ज्योतिर्लिंगों सहित अन्य प्रमुख धार्मिक स्थानों की यात्रा कर सकेंगे। दरअसल, मध्य प्रदेश के तीर्थ यात्रियों के लिए इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कारपोरेशन लिमिटेड ( आईआरसीटीसी ) द्वारा भारत गौरव पर्यटक ट्रेन का संचालन किया जा रहा है। यह ट्रेन 4 नवंबर को इंदौर शहर से पुरी, गंगासागर के साथ दो ज्योतिर्लिंग (बाबा वैद्यनाथ एवं काशी विश्वनाथ) यात्रा के लिए रवाना होगी। प्रदेश के इन स्टेशनों पर रहेगा स्टॉपेज यह ट्रेन मध्य प्रदेश के इंदौर, उज्जैन, शुजालपुर, सीहोर, संत हिरदाराम नगर, बीना, सागर, दमोह और कटनी मुरवारा स्टेशनों से होते हुए जाएगी। इन जगहों से यात्री इस ट्रेन पर सवार हो सकेंगे। 11 दिनों में इन तीर्थ स्थलों के दर्शन 11 दिनों की इस यात्रा में पुरी, गंगासागर, गया, वाराणसी एवं अयोध्या के दर्शनीय स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा। इसके लिए यात्रियों को महज 19,900 रुपए प्रति व्यक्ति (स्लीपर इकोनामी श्रेणी), 32,450 रुपए प्रति व्यक्ति (थर्ड एसी स्टैण्डर्ड श्रेणी) एवं 42,750 रुपए प्रति व्यक्ति (सेकंड एसी कम्फर्ट श्रेणी) का खर्च उठाना होगा। ट्रेन सफर के साथ रहने की भी व्यवस्था आईआरसीटीसी की भारत गौरव ट्रेन के विशेष एलएचबी रेक में आरामदायक रेल यात्रा, ऑनबोर्ड और ऑफबोर्ड भोजन, सड़क परिवहन और गुणवत्तायुक्त बसों में दर्शनीय स्थलों की यात्रा, आवास की व्यवस्था, यात्रा में टूर एस्कॉर्ट्स, यात्रा बीमा, ऑनबोर्ड सुरक्षा और हाउसकीपिंग की सेवा शामिल है। देश में धार्मिक और पर्यटन स्थलों तक पर्यटकों को बेहतर यात्रा सेवा सुलभ कराने के लिए आईआरसीटीसी द्वारा कई ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। इंदौर से पूर्व में भी देशव्यापी यात्रा की कई ट्रेनें रवाना हो चुकी हैं। इसी क्रम में यह ट्रेन धार्मिक स्थलों की यात्रा के लिए नवंबर माह में जाएगी।

महेंद्र नागर निष्कासित, CM मोहन का स्पष्ट संदेश: किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा

गुना   मध्य प्रदेश की भाजपा हाईकमान ने गुना किसान हत्या के आरोपी महेंद्र नागर को बीजेपी से निष्कासित कर दिया गया है। ग्राम गणेशपुरा के बूथ अध्यक्ष रहे महेंद्र नागर समेत 13 ज्ञात और एक अज्ञात आरोपी के विरुद्ध फतेहगढ़ थाने में हत्या का मामला दर्ज हुआ है। आरोप है कि 6 बीघा जमीन को लेकर हुए विवाद में आरोपियों ने पड़ोसी रामस्वरुप की हत्या कर दी। महेंद्र नागर का इलाके में दबदबा था। मामला सामने आने के बाद एसपी अंकित सोनी के निर्देश पर बनी पुलिस की टीमों ने एक आरोपी को हिरासत में ले लिया है। बाकी आरोपी भी पुलिस के रडार पर हैं, जिनकी भी जल्दी ही गिरफ्तारी होने की बात सूत्र बता रहे हैं। CM मोहन बोले- किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा मामले में सीएम मोहन ने संज्ञान लेते हुए पुलिस और प्रशासन को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। जमीनी विवाद से शुरू हुआ था मामला यह पूरा विवाद गुना जिले के गणेशपुरा गांव का है, जहां नागर समाज के दो पक्षों में जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। यह विवाद हिंसक झड़प में बदल गया और 40 वर्षीय किसान रामस्वरूप नागर की थार गाड़ी से कुचलकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने इस मामले में 14 नामजद आरोपियों के खिलाफ हत्या, षड्यंत्र और अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

सिंहस्थ से पहले उज्जैन को मिलेगा विज्ञान की सौगात, इंटरनेशनल पैरामीटर्स वाली लैब होगी तैयार

उज्जैन  उज्जैन अब प्रदेश के हेल्थ सेक्टर में नई पहचान बनाने जा रहा है। शहर में इंटरनेशनल पैरामीटर्स वाली फूड एंड ड्रग टेस्टिंग लैब की स्थापना की तैयारी जोरों पर है। यह अत्याधुनिक लैब लगभग 50 करोड़ रुपये की लागत से बनाई जाएगी, जिसका निर्माण कार्य मार्च 2026 से शुरू होने की संभावना है। अधिकारियों के अनुसार, इस लैब में खाद्य पदार्थों, दवाओं और पेय पदार्थों की गुणवत्ता की जांच अंतरराष्ट्रीय मानकों (International Standards) के अनुसार की जाएगी। इससे प्रदेश को सुरक्षित खाद्य एवं औषधि आपूर्ति सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। फूड एंड ड्रग विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अब तक प्रदेश में कई नमूने जांच के लिए भोपाल या दिल्ली भेजने पड़ते थे, जिससे रिपोर्ट आने में काफी समय लगता था। उज्जैन में इस नई सुविधा के शुरू होने से पूरे मालवा क्षेत्र को त्वरित जांच सेवा उपलब्ध हो सकेगी। यह लैब अत्याधुनिक उपकरणों, हाई-स्पीड एनालाइज़र, और डिजिटल रिपोर्टिंग सिस्टम से सुसज्जित होगी। इसमें प्रशिक्षित वैज्ञानिकों और तकनीकी विशेषज्ञों की टीम कार्य करेगी। परियोजना का उद्देश्य सिंहस्थ 2028 से पहले इस लैब को पूरी तरह संचालन में लाना है ताकि आयोजन के दौरान खाद्य और दवा सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित हो सके। इस परियोजना से उज्जैन को औद्योगिक और स्वास्थ्य क्षेत्र में एक नई पहचान मिलने की उम्मीद है। स्थानीय प्रशासन ने कहा है कि यह लैब न केवल उज्जैन बल्कि आसपास के जिलों के लिए भी एक रीजनल रेफरेंस सेंटर के रूप में काम करेगी। भोपाल लैब में होती थी जांच, रिपोर्ट आने में लगते थे महीनों अब तक प्रदेश भर से जहरीली कफ सिरप के अलावा कई दवाइयों, मिलावटी खाद्य सामग्री के जो सैंपल लिए जाते थे. उनकी जांच भोपाल स्थित राज्य प्रयोगशाला के जरिए होती थी. जिसमें जांच रिपोर्ट आने में सप्ताह से लेकर कई महीने तक लग जाते थे. ऐसी स्थिति में ना तो मिलावटखोरों पर प्रभावी कार्रवाई हो पाती थी, ना ही समय रहते मिलावट पर ही अंकुश लगा पता था. यही वजह है कि लंबे समय से राज्य सरकार अब इंदौर में एक समानांतर लैब स्थापित करने के प्रयासों में थी. फूड एंड ड्रग लैब का सीएम ने किया शुभारंभ 5 साल पहले कमलनाथ सरकार द्वारा चलाए गए शुद्ध के लिए युद्ध अभियान के दौरान इंदौर में जिस फूड एंड ड्रग लैब की आधारशिला रखी गई थी. उसका शुभारंभ सोमवार को मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा किया गया. इस दौरान मुख्यमंत्री ने मिलावटखोरों को चेतावनी देते हुए कहा अब "लैब से तत्काल रिपोर्ट प्राप्त होगी. जिसके आधार पर मिलावट करने वाले लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जा सकेगी." मिलावटी दवाई और खाद्य उत्पादों की होगी जांच वहीं स्वास्थ्य राज्यमंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने बताया "मध्य प्रदेश में अब फूड एंड ड्रग की जांच के तमाम संसाधनों के अपग्रेड होने के साथ मिलावटी दवाई के अलावा खानपान में मिलावट की जांच क्षमता में 200% वृद्धि हुई है. इंदौर की लैब तैयार हो जाने से 6000 की तुलना में अब करीब 20,000 जांच हो सकेगी. इसके अलावा अब जल्द से जल्द जहरीली सिरप और अन्य मिलावटी सामग्री की रिपोर्ट भी तत्काल प्राप्त हो जाएगी. मध्य प्रदेश में होगी औषधी प्रयोगशालाएं स्थापित उन्होंने कहा 8 करोड़ रुपए की लागत से मध्य प्रदेश की दूसरी आधुनिक लैब स्थापित किए जाने के बाद जल्द ही संभाग स्तर पर खाद एवं औषधी प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएगी. जिसमें ग्वालियर जबलपुर के बाद उज्जैन में सेहत के लिहाज से एक आधुनिक लैब स्थापित होगी. जहां इंटरनेशनल पैरामीटर के हिसाब से इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलप होगा. इसके अलावा मध्य प्रदेश में होने वाले तमाम टेस्ट अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरे उतर सके इसके लिए भी प्रयास हो रहे हैं.

भोपाल, चंबल-ग्वालियर, इंदौर और उज्जैन संभाग में झमाझम बारिश की चेतावनी, IMD अलर्ट जारी

भोपाल  सर्दी की शुरुआत में छाए बादलों का बरसना जारी है। सोमवार को प्रदेश के श्योपुर और शिवपुरी में बादल जमकर बरसे। श्योपुर में शाम साढ़े पांच बजे तक 56 मिलीमीटर और शिवपुरी में 34 मिलीमीटर बारिश हुई। इसके अलावा प्रदेश के चंबल-ग्वालियर, इंदौर और उज्जैन संभाग के जिलों में भी कहीं तेज-कहीं हल्की बारिश हुई। मौसम विज्ञानियों के अनुसार, एक-दो दिन बाद प्रदेश के छह जिलों में अलग-अलग जगह बनीं मौसम प्रणालियों के असर से भारी वर्षा हो सकती है। उधर, इस बदले मौसम का असर अधिकतम और न्यूनतम तापमान पर भी साफ नजर आ रहा है। सबसे कम तापमान श्योपुर में प्रदेश में दिन के तापमान में सबसे अधिक गिरावट श्योपुर में दर्ज हुई। यहां अधिकतम तापमान सामान्य से 11.4 डिग्री सेल्सियस कम रहकर 22.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं रात के तापमान में एक से दो डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज हुई है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार बारिश के पांच सिस्टम बने हुए हैं। इनमें से तीन सिस्टम काफी मजबूत हैं, जिनमें बंगाल की खाड़ी में चक्रवात, अरब सागर में कम दबाव का क्षेत्र और एक पश्चिमी विक्षोभ का होना शामिल हैं। इन सिस्टम की वजह से हवाओं के साथ नमी के साथ प्रदेश में बादल आ रहे हैं। भारी बारिश का अलर्ट इसके असर से 29 और 30 अक्टूबर को खासतौर पर प्रदेश के छह जिलों सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर और सिंगरौली में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। उधर, राजधानी की बात करें तो यहां हल्की बारिश होने के आसार हैं। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, प्रदेश में अगले चौबीस घंटों के दौरान चंबल-ग्वालियर, इंदौर और उज्जैन संभाग के जिलों में कहीं तेज और कहीं हल्की बारिश होने की संभावना है। चार बड़े शहरों में तापमान की स्थिति (डिग्री सेल्सियस में): भोपाल — अधिकतम 30.4, न्यूनतम 20.4 इंदौर — अधिकतम 29.8, न्यूनतम 20.2 ग्वालियर — अधिकतम 23.4, न्यूनतम 21.6 जबलपुर — अधिकतम 31.8, न्यूनतम 20.5   

महाराष्ट्र सीएम की पत्नी का भजन वायरल, दिग्विजय सिंह ने तारीफ की; 4.5 मिलियन व्यूज में चार दिन में पार

भोपाल / मुंबई  एमपी के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस की पत्नी अमृता की तारीफ की है। अमृता फडणवीस द्वारा गाए गए गीत 'कोई बोले राम-राम, कोई खुदा' को शेयर करते हुए दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया पर लिखा- धन्यवाद अमृता फडणवीस जी, आपके श्रीमुख से गुरु नानक जी के शब्दों पर गाए हुए “शब्द” सुने। बहुत अच्छा लगा। अमृता फडणवीस अपनी लाइफ स्टाइल, मॉडलिंग प्रोजेक्ट और सिंगिंग को लेकर चर्चाओं में रहती है। उनका नया भजन "कोई बोले राम राम, कोई खुदा" हाल ही में टी-सीरीज के आधिकारिक यू-ट्यूब चैनल पर रिलीज हुआ है। इसको अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। 24 अक्टूबर को रिलीज हुए इस भजन को अब तक 45 लाख 86 हजार से ज्यादा लोग देख चुके हैं। प्रशंसकों ने सोशल मीडिया पर हैशटैग #AmrutaFadnavisSong ट्रेंड किया है। कई मशहूर हस्तियों ने भी उनकी तारीफ की है। बता दें कि अमृता के फेसबुक पर 2.1 मिलियन, इंस्टाग्राम पर 1.5 मिलियन, ट्विटर पर 2 लाख 38 हजार और यू-ट्यूब पर 62 हजार फॉलोअर हैं। बैंक में कैशियर बनकर की थी करियर की शुरुआत अमृता फडणवीस का जन्म 9 अप्रैल 1979 को महाराष्ट्र के नागपुर में हुआ था। नागपुर के ही जीएस कॉलेज ऑफ कॉमर्स एंड इकोनॉमिक्स से ग्रेजुएशन किया। इसके बाद पुणे में सिंबायोसिस से एमबीए (फाइनेंस) की डिग्री ली। 2003 में एक्सिस बैंक में एग्जीक्यूटिव कैशियर के रूप में करियर की शुरुआत हुई। फिलहाल इसी बैंक में ट्रांजेक्शन बैंकिंग डिपार्टमेंट की वाइस प्रेसिडेंट हैं। अमृता की शादी साल 2005 में देवेंद्र फडणवीस से हुई थी। अपनी पेशेवर जिम्मेदारियों के साथ-साथ उन्होंने सामुदायिक गतिविधियों में भी भाग लिया। महिला सशक्तिकरण के लिए अलग-अलग कार्यक्रमों के माध्यम से काम भी किया। आज अमृता फडणवीस एक सफल बैंकर, कलाकार और समाजसेवी के रूप में अपनी पहचान बना चुकी हैं। इसके अलावा वे बीते कुछ सालों में शौकिया तौर पर गाने भी गा रही हैं। महाशिवरात्रि पर रिलीज किया था एक और गीत अमृता ने इसी साल महाशिवरात्रि पर खुद का लिखा गीत "देवाधिदेव तू महादेव" रिलीज किया था। इसे फेमस सिंगर शंकर महादेवन ने गाया था जबकि अमृता ने इसमें एक्ट किया था। दोस्त के घर अमृता से मिले थे देवेंद्र फडणवीस नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट, नागपुर के CEO शैलेश जोगलेकर ने एक इंटरव्यू में बताया था कि 2005 से वह, अमृता और देवेंद्र दोनों के कॉमन फ्रेंड हैं। अमृता रानाडे फडणवीस पेशे से बैंकर, एक्ट्रेस और सिंगर हैं। उनके माता-पिता नागपुर में डॉक्टर हैं। 2005 में एक दिन उनके घर पर ही अमृता और देवेंद्र की पहली मुलाकात हुई थी। तब देवेंद्र फडणवीस दूसरी बार विधायक बने थे। अमृता अपने घर पर बोलकर आई थीं कि वह आधे घंटे में आ जाएंगी। हालांकि, देवेंद्र से मिलने के बाद उनकी मुलाकात करीब डेढ़ घंटे तक चली थी। पहली ही मुलाकात में दोनों एक-दूसरे को पसंद करने लगे। कुछ समय बाद देवेंद्र और अमृता की मां ने मिलकर शादी तय की। 17 नवंबर 2005 को दोनों की अरेंज मैरिज हुई। दोनों की एक बेटी है, जिसका नाम दिविजा फडणवीस है। मुख्यमंत्री पति से गाना सुनती हैं अमृता एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में अमृता ने कहा था, 'देवेंद्र के साथ मुलाकात से पहले मैं घबराई हुई थी। मुझे टेंशन और प्रेशर महसूस हो रहा था। मैं सोच रही थी कि देवेंद्र किस टाइप के इंसान होंगे। नेताओं को लेकर मेरे दिमाग में नकारात्मक छवि थी, लेकिन उनसे मिलकर मुझे लगा कि वह सच्चे इंसान और डाउन टु अर्थ हैं। अमृता ने बताया कि उन्हें देवेंद्र से गाना सुनना पसंद है। अक्सर फ्री होने पर वो पति से गाना सुनती हैं।

बड़ी कार्रवाई: बुरहानपुर में आरोपी शिक्षक को निलंबित, विवादित मामला बच्चों को नमाज सिखाने का

बुरहानपुर  बुरहानपुर जिले में सूर्य नमस्कार से पहले स्कूली बच्चों को नमाज कराने का मामला सामने आया है. शिकायत मिलने पर शनिवार को जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) संतोष सिंह सोलंकी खुद स्कूल पहुंचे थे. उन्होंने बच्चों से पूरे मामले की जानकारी ली. मामला देवरी के एक सरकारी स्कूल का है. 5वीं की छात्राओं ने बताया कि उन्हें सूर्य नमस्कार से पहले नमाज की स्टेप्स कराई जाती थी. उन्होंने स्टेप्स करके भी दिखाए.  शुक्रवार को हिंदू जागरण मंच के जिलाध्यक्ष अजीत परदेसी भी स्कूल पहुंचे थे. वहां छात्राओं ने टीचर पर नमाज के स्टेप कराने के आरोप लगाए थे. वहीं इसे लेकर पालकों ने भी आक्रोश जताते हुए कार्रवाई की मांग की थी. पंचनामा बनाया गया था बताया गया है कि दीपावली के अवकाश के दौरान कुछ बच्चों ने जब घर में वह प्रक्रिया दोहराई तो माता-पिता ने पूछा। बच्चों ने बताया कि जबूर अहमद रोजाना योगासन से पहले उन्हें इसका अभ्यास कराता है। इसके बाद करीब दो दर्जन अभिभावक स्कूल पहुंच गए और विरोध दर्ज कराया। इसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी संतोष सिंह सोलंकी को सूचना दी। मामला गंभीर होने से डीईओ स्कूल पहुंचे और पंचनामा बनाया। एक पालक ने कहा, ''मेरे बच्चे स्कूल में पढ़ते हैं. दीपावली की छुट्टी के दौरान बच्चों ने यह बात घर पर बताई. इसके बाद स्कूल में आकर शिकायत की. इसके बाद जनशिक्षक स्कूल पहुंचे और डीईओ को मामले की जानकारी दी. अपर कलेक्टर बुरहानपुर वीर सिंह चौहान ने भी इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि बच्चों के बयानों के बाद डीईओ ने आरोपी शिक्षक जबूर अहमद तड़वी को निलंबित कर दिया है.  शिक्षक ने क्या कहा इस बीच जानकारी लगने पर हिंदू जागरण मंच के जिलाध्यक्ष अजीत परदेसी, बजरंग दल के दीपक पवार सहित अन्य पदाधिकारी भी स्कूल पहुंचे और विरोध दर्ज कराया था। इधर, शिक्षक जुबेर अहमद तड़वी का कहना था कि मुझ पर लगाए गए आरोप निराधार हैं।

छठ पर्व: सीएम ने सूर्य को दिया अर्घ्य, कहा- पर्व से मजबूत होती है सनातन संस्कृति की आस्था

उज्जैन मध्य प्रदेश के उज्जैन में सूर्य को अर्ध्य देकर छठ पूजा का समापन किया गया. विक्रम सरोवर पर हुए आयोजन में सीएम डॉ. मोहन यादव भी शामिल हुए. इस दौरान खास बात यह रही कि बादल छाए रहने के कारण सूर्य उदय नहीं होन पर भी सीएम ने व्रतियों के साथ अर्घ्य अर्पित कर प्रदेशवासियों के लिए मंगल कामना की. दरअसल, चार दिन तक चलने वाला छठ महापर्व मंगलवार को संपन्न हो गया. सुबह 7.30 बजे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव विक्रम सरोवर पर आयोजित छठ पूजन में शामिल हुए. उन्होंन व्रती महिलाओं के साथ पूजा कर प्रदेशवासियों की तरक्की और खुशहाली की मंगल कामना की.इसके अलावा बड़ी संख्या में व्रती महिलाओं ने शिप्रा नदी और तालाबों पर पहुंचकर भी सूर्य को अर्घ्य देकर छठी मइया की पूजा-अर्चना की.  मुख्यमंत्री ने विक्रम सरोवर पर पारंपरिक विधि से पूजा-अर्चना कर सूर्य देव से जनता की खुशहाली, संतान की दीर्घायु और परिवार की समृद्धि की कामना की। उन्होंने छठ मैया की आराधना करते हुए प्रदेशवासियों और मिथिलांचल के लोगों को इस महापर्व की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।चार दिनों तक चलने वाले इस लोकपर्व की शुरुआत ‘नहाय-खाय’ से होती है और समापन उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ होता है। इस वर्ष 26 अक्टूबर को खरना, 27 अक्टूबर को सायंकालीन अर्घ्य और 28 अक्टूबर को प्रातःकालीन अर्घ्य के साथ छठ व्रत की पूर्णता हुई।   पर्व के तीसरे दिन डूबते सूर्य को और चौथे दिन उगते सूर्य को अर्घ्य देने की परंपरा निभाई जाती है। इस दौरान महिलाएं जल में खड़े होकर बांस के सूप में फल, ठेकुआ, चावल के लड्डू, गन्ना और अन्य प्रसाद रखकर सूर्य देव की आराधना करती हैं।रामघाट और विक्रम विश्वविद्यालय परिसर स्थित विक्रम सरोवर पर हजारों श्रद्धालु इस पावन अवसर के साक्षी बने। पूजा-अर्चना के उपरांत मुख्यमंत्री डॉ. यादव कालिदास अकादमी पहुंचे, जहां उन्होंने भाजपा नगर द्वारा आयोजित ‘आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान’ संगोष्ठी में भाग लिया। सीएम बोले- छठ पूर्वांचल का प्रमुख पर्व छठ पूजन में शामिल हुए सीएम यादव ने कहा कि छठ पूर्वांचल का प्रमुख पर्व है, जिसमें महिलाएं परिवार के लिए कठोर व्रत रखती हैं. उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश नदियों का मायका है. यहां चढ़ाया गया जल क्षिप्रा नदी से होकर चंबल, यमुना और फिर गंगा नदी तक पहुंचता है. चार दिन चला छठ पर्व  चार दिवसीय छठ पूजन पर्व की शुरुआत 25 अक्टूबर को ‘नहाय-खाय' के साथ हुई. इसके बाद 26 को ‘खरना', 27 को निर्जल उपवास कर सायंकालीन अर्घ्य दान दिया गया और आज सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ इस महापर्व का समापन हो गया. इस दिन महिलाओं और परिवार के लोगों ने सूर्य को अर्घ्य देकर संतान की लंबी आयु और सुख-समृद्धि की कामना की.  तीसरे दिन डूबते, चौथे दिन उगते सूर्य को अर्घ्य पर्व के तीसरे दिन, डूबते सूर्य को अर्घ्य देने की परंपरा निभाई जाती है। इस दिन महिलाएं बांस के सूप में फल, गन्ना, चावल के लड्डू, ठेकुआ और अन्य सामग्री रखकर जल में खड़े होकर सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित करती हैं। इस तरह चौथे दिन उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ छठ महापर्व का समापन होता है। इस दौरान शिप्रा नदी के रामघाट और विक्रम विश्वविद्यालय परिसर स्थित विक्रम सरोवर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजन-अर्चन के लिए पहुंचते हैं। पूजन के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कालिदास अकादमी में भाजपा नगर द्वारा आयोजित आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान संगोष्ठी में शामिल होंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव जलवायु परिवर्तन एवं सतत विकास पर आयोजित संगोष्ठी में लेंगे हिस्सा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को जलवायु परिवर्तन और सतत विकास वैचारिक संगोष्ठी में होंगे शामिल भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंगलवार को इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय के वीथी संकुल, मुक्ताकाश (एम्फिथियेटर) में 12 बजे जलवायु परिवर्तन और सतत विकास वैचारिक संगोष्ठी में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।संगोष्ठी का आयोजन राज्य नीति आयोग,मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद और EPCO के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है। नर्मदा समग्र, सिकोईडिकोन, पैरवी, और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय कार्यक्रम के सह-आयोजक हैं।संगोष्ठी प्रातः 9:30 बजे से सायं 4:30 बजे तक होगी। संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य जलवायु परिवर्तन के समाधान में राज्यों की भूमिका पर विमर्श करना और व्यक्ति, समाज एवं सरकारों की सहभागिता से सतत विकास के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करना है। जलवायु संकट, जो जल, जंगल, जमीन, जैव विविधता और मानव जीवन के सभी पहलुओं को प्रभावित कर रहा है और वर्तमान समय की गंभीर चुनौती है। यह संगोष्ठी नवंबर 2025 में ब्राजील में होने वाले संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन (CoP 30) के लिए पूर्व परामर्श का कार्य करेगी। इसके सुझाव और विचार CoP 30 के अंतर्राष्ट्रीय मंच पर साझा किए जाएंगे। मध्यप्रदेश इस चर्चा को शुरू करने वाला भारत का पहला राज्य बन गया है। लिविंग द राइट वे की थीम पर आधारित इस संगोष्ठी में जलवायु परिवर्तन और सतत विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर सत्र आयोजित होंगे। इन सत्रों में पर्यावरण और जीवनशैली, जलवायु और सतत विकास के बीच संबंधों का सुदृढ़ीकरण, राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान और सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने में राज्य की भूमिका जैसे विषयों पर गहन चिंतन-मंथन किया जाएगा। इस आयोजन में विषय विशेषज्ञ, वैज्ञानिक, जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठन, सरकारी अधिकारी और मीडिया प्रतिनिधि शामिल होंगे।