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जमीन विवादों पर अब तहसीलदार का फैसला अंतिम, रिकॉर्ड अपडेट से खत्म होगी फाइलों की पेंडेंसी

भोपाल  एसएलआर को अब तहसीलदार लिखा जाएगा। शासन की ओर से इसके आदेश जारी होने के बाद जिले में राजस्व प्रकरण फास्ट ट्रैक पर आ गए हैं। अब जिले में भू प्रबंधन और राजस्व प्रकरण निपटान अफसर एक ही होगा। यानी तहसीलदार ही अब जमीन से जुड़े रेकॉर्ड को अपडेट करेंगे और जमीन से जुड़े मामलों की सुनवाई का फैसला भी वहीं देंगे। जिले में इस समय जमीन से जुड़े करीब एक हजार प्रकरण है, इनके फास्ट ट्रैक में निपटने की स्थिति बन रही है। ऐसे समझें लाभ राजस्व सेवाएं फास्ट ट्रैक होगी। यहां बड़ी संख्या में नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन के आवेदन आते हैं। एकीकरण से काम में लगने वाला समय कम होगा, क्योंकि अब एक ही अधिकारी रेकॉर्ड की जांच और अंतिम आदेश जारी करेगा। इससे नागरिक सेवाओं की डिलीवरी तेज होगी। भोपाल मेट्रोपॉलिटन रीजन के तहत जमीन से जुड़े मामले जैसे सीमांकन, नामांतरण की जटिलता घटेगी। भू-अभिलेखों का प्रबंधन बहुत तेज और त्रुटिरहित हो जाएगा। एक एकीकृत कैडर को मास्टर प्लान के अनुसार भूमि उपयोग की बेहतर समझ होगी, जिससे अतिक्रमण हटाने और राजस्व भूमि के संरक्षण में अधिक सती आ सकेगी। जिले में मेट्रो समेत अन्य बड़ी विकास परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण भूमि रेकॉर्ड की सटीकता और तेजी से होंगे। शासन की ओर से एसएलआर को तहसीलदार का पदनाम देने के आदेश हुए हैं। इसके अनुसार व्यवस्था की जा रही है। आमजन को इससे लाभ मिलेगा।- कौशलेंद्र विक्रमसिंह, कलेक्टर

विंटर शेड्यूल के तहत राजाभोज इंटरनेशनल एयरपोर्ट से गोवा डायरेक्ट फ्लाइट सेवा शुरू होगी 28 अक्टूबर से

भोपाल  राजाभोज इंटरनेशनल एयरपोर्ट से विंटर शेड्यूल के अंतर्गत 28 अक्टूबर से गोवा के लिए डायरेक्ट फ्लाइट शुरू होने जा रही है। इसी के साथ दिल्ली और हैदराबाद के लिए अतिरिक्त उड़ान सेवा की सुविधा भी यात्रियों को मिलेगी। एयरपोर्ट डायरेक्टर रामजी अवस्थी ने बताया कि विंटर शेड्यूल जारी कर दिया गया है। गोवा के अलावा कई अन्य शहरों के लिए अतिरिक्त उड़ान सेवा विंटर सीजन में संचालित की जाएंगी। फिलहाल इंडिगो एयरलाइंस द्वारा इंटरनेशनल लाइट कनेक्टिविटी के लिए दुबई की घोषणा नहीं की गई है। उल्लेखनीय है की इंदौर के देवी अहिल्याबाई होलकर एयरपोर्ट से इंडिगो एयरलाइंस दुबई के लिए डायरेक्ट फ्लाइट संचालित करती है। इसे भोपाल से कनेक्टिविटी देने की लंबे समय से मांग की जा रही है। ये सुविधाएं मिलेंगी गोवा से इंडिगो की डायरेक्ट फ्लाइट 28 अक्टूबर से दोपहर बाद 2.40 पर भोपाल आएगी और 3.20 बजे वापस गोवा के लिए रवाना होगी। हैदराबाद उड़ान संख्या 6 ई-7594 हैदराबाद से शाम 6.55 बजे रवाना होगी और रात 9 बजे भोपाल पहुंचेगी। वहीं 6ई-7595 भोपाल से रात 9:20 बजे रवाना होगी और रात 11.30 बजे भोपाल पहुंचेगी। इसके शुरू होने से हैदराबाद भोपाल के लिए दो फ्लाइट्स की सुविधा हो जाएगी।

मध्य प्रदेश में मोंथा साइक्लोन का कहर, कई जिलों में बारिश और ठंड का अलर्ट जारी

भोपाल दक्षिण पूर्व बंगाल की खाड़ी में बना डीप डिप्रेशन धीरे-धीरे और मजबूत हो रहा है.  मंगलवार के बीच यह डीप डिप्रेशन घातक समुद्री तूफान में बदलने की संभावना है. इससे मौसम में हवा की रफ्तार बढ़ जाएगी और तटीय इलाकों में रेड अलर्ट की चेतावनी दी गई है. वहीं इससे मध्य प्रदेश में भी अगले 4 दिनों में भारी बारिश होने का अनुमान है. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि तूफान मोंथा मंगलवार को आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों से टकराएगा, जिससे बारिश की रफ्तार और बढ़ेगी. दिन के तापमान में 5 से 8 डिग्री की गिरावट अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में बने वेदर सिस्टम की वजह से प्रदेश के ज्यादातर शहरों में पिछले 36 घंटे से बारिश का दौर जारी है. इस सिस्टम का असर 30 अक्टूबर तक रहेगा. पिछले 24 घंटे में प्रदेश के 70 से अधिक स्थानों पर बारिश दर्ज की गई है. जिससे मध्य प्रदेश के शहरों में दिन के तापमान में 5 से 8 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है. तापमान में गिरावट होने से दिन भी अब रात की तरह ठंडे हो गए. मध्य प्रदेश में नौगांव रहा सबसे ठंडा मध्य प्रदेश में अधिकतर शहरों का तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया. दिन में सबसे अधिकतम तापमान 32.4 डिग्री सेल्सियस खजुराहो में दर्ज किया गया. जबकि दिन का सबसे न्यूनतम तापमान 23.2 डिग्री सेल्सियस धार में दर्ज हुआ. सोमवार की दरमियानी रात न्यूनतम तापमान नौगांव में 16.6 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 24.2 डिग्री सेल्सियस खजुराहो में दर्ज किया गया. मौसम में नमी से जारी रहेगा बारिश का दौर मौसम वैज्ञानिक दिव्या ई सुरेंद्रन ने बताया कि "बंगाल की दक्षिणपूर्व खाड़ी के ऊपर बना डीप डिप्रेशन मजबूत होकर पश्चिम-उत्तर पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है. 12 से 24 घंटे में दक्षिण-पश्चिम व उससे सटे पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक चक्रवाती तूफान मोंथा में बदलने की संभावना है. यह 28 अक्टूबर की शाम या रात के दौरान आंध्र प्रदेश तट के मछलीपट्टनम और कालींगपट्टनम के बीच, काकीनाडा के आसपास, लगभग 90-100 किमी प्रति घंटे की अधिकतम स्थायी हवा की गति और 110 किमी प्रति घंटे तक की झोंकों के साथ एक भीषण चक्रवाती तूफान के रूप में परिवर्तित होने की संभावना है. वहीं एक ट्रफ अरब सागर के पूर्व-मध्य भाग के ऊपर बने डिप्रेशन से जुड़े ऊपरी वायु चक्रवातीय परिसंचरण से लेकर पश्चिम मध्य प्रदेश तक बनी हुई है. इस प्रणाली से प्रदेश में नमी और अस्थिरता बढ़ रही है. इससे बारिश का दौर जारी है. आज 10 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट मंदसौर, नीमच, आगर-मालवा, राजगढ़, गुना, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, ग्वालियर और भिंड में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है. यहां 4.5 से 8 इंच तक बारिश होने की संभावना है. इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी और बिजली चमकने की संभावना भी है. इनके साथ ही प्रदेश के अन्य जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की चेतावनी जारी की गई है. 28 को हल्की बारिश, 29 को 6 जिलों में अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार 28 अक्टूबर को कहीं भी भारी बारिश की चेतावनी नहीं दी गई है. हालांकि इस दौरान प्रदेश में कहीं-कहीं हल्की बारिश के साथ गरज चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना है. वहीं 29 अक्टूबर को सिंगरौली, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, सिवनी और बालाघाट में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है. जबकि प्रदेश के अन्य जिलों में कहीं-कहीं हल्की बारिश होने की संभावना है. 30 को 17 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी 30 अक्टूबर को बारिश का सिस्टम एक बार फिर स्ट्रांग होगा और प्रदेश के आधे हिस्से में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है. मौसम विभाग ने 30 अक्टूबर को भिंड, मुरैना, दतिया, ग्वालियर, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी, अनूपपुर, शहडोल, सीधी, सिंगरौली और मउगंज जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर की रफ्तार से हवाएं चलेंगी.

खंडवा-खरगोन-बुरहानपुर इंदौर संभाग से अलग हो सकते हैं, भोपाल में हर विधानसभा में तहसील, मैहर-रीवा के गांवों पर टकराव

इंदौर  मध्य प्रदेश का प्रशासनिक और भौगोलिक नक्शा बदलने वाला है। प्रदेश में तीन नए जिले और एक नया संभाग बनाने की तैयारी है, जिससे कई जिलों की सीमाएं नए सिरे से खींची जाएंगी। इस पुनर्गठन का सबसे बड़ा असर राजधानी भोपाल, रीवा और हाल ही में गठित मैहर जिले पर पड़ेगा असर।  भोपाल में हर विधानसभा क्षेत्र में एक-एक तहसील बनाने का रास्ता साफ हो गया है, जिससे जिले में तहसीलों की संख्या आठ हो जाएगी। वहीं, मैहर के छह गांवों को रीवा जिले में शामिल करने के प्रस्ताव ने एक नए विवाद को जन्म दे दिया है। यह पूरी कवायद पिछले साल सितंबर में गठित प्रशासनिक पुनर्गठन आयोग की देखरेख में हो रही है। आयोग का लक्ष्य दिसंबर 2025 तक मैदानी काम पूरा करने का है, क्योंकि जनगणना महानिदेशालय ने प्रशासनिक इकाइयों की सीमाओं को फ्रीज करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद जनगणना का काम पूरा होने तक कोई नई प्रशासनिक इकाई नहीं बनाई जा सकेगी। आयोग ने सितंबर तक 25 जिलों में अपना मैदानी काम पूरा कर लिया है और अगले तीन महीनों में बाकी जिलों में भी यह प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य रखा है। सीमांकन के लिए ली जाएगी IIPA की मदद संभाग, जिला, तहसील और विकासखंडों की सीमाओं को वैज्ञानिक और सटीक तरीके से तय करने के लिए आयोग, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन (IIPA) की तकनीकी मदद लेगा। सरकार से सहमति मिलने के बाद आयोग ने IIPA को पत्र भेज दिया है। IIPA सीमा निर्धारण के लिए ड्रोन की मदद से सैटेलाइट इमेजरी तैयार करेगा। आधुनिक माध्यमों से सर्वे कर एक विस्तृत तकनीकी रिपोर्ट सौंपेगा। हालांकि, अंतिम निर्णय केवल तकनीकी रिपोर्ट पर आधारित नहीं होगा। आयोग इस रिपोर्ट का मिलान नागरिकों और जनप्रतिनिधियों से मिले सुझावों के साथ करेगा। प्रशासनिक इकाइयों की वास्तविक जरूरतों और जनभावनाओं को परखने के बाद ही सरकार के सामने एक संयुक्त रिपोर्ट पेश की जाएगी। राजस्व विभाग के अधिकारियों का कहना है कि 25 जिलों में बैठकों का दौर पूरा हो चुका है और पोर्टल के माध्यम से भी सुझाव मांगे जा रहे हैं। भोपाल में होंगी अब 8 तहसील पुनर्गठन का सबसे बड़ा असर राजधानी भोपाल में देखने को मिलेगा। वर्तमान में भोपाल जिले में केवल तीन तहसील हैं- हुजूर, कोलार और बैरसिया। हुजूर तहसील का कार्यक्षेत्र बहुत बड़ा है, जिसमें शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्र आते हैं, जिससे प्रशासनिक कामकाज प्रभावित होता है। अब इस व्यवस्था को बदलते हुए शहर के पांच प्रमुख नजूल सर्किल कार्यालयों को तहसील का दर्जा दिया जाएगा। इनमें शहर (पुराना भोपाल), संत हिरदाराम नगर (बैरागढ़), गोविंदपुरा, टीटी नगर और एमपी नगर शामिल हैं। इन पांच नई तहसीलों और पुरानी तीन तहसीलों को मिलाकर भोपाल जिले में कुल आठ तहसील हो जाएंगी। इन तहसीलों का सीमांकन विधानसभा क्षेत्रों को ध्यान में रखकर किया जाएगा, ताकि प्रशासनिक और राजनीतिक इकाइयों में तालमेल स्थापित हो सके। रीवा-मैहर सीमा पर खिंची तलवारें, मुकुंदपुर बना केंद्र बिंदु पुनर्गठन की इस कवायद के बीच रीवा और मैहर जिले की सीमा पर तनाव की स्थिति बन गई है। आयोग ने मैहर जिले की अमरपाटन तहसील के छह गांवों- मुकुंदपुर, धौबाहट, अमीन, परसिया, आनंदगढ़ और पापरा को रीवा जिले में शामिल करने का प्रस्ताव दिया है। इस प्रस्ताव का मुख्य कारण मुकुंदपुर में स्थित विश्व प्रसिद्ध 'महाराजा मार्तंड सिंह जूदेव व्हाइट टाइगर सफारी' है। भौगोलिक रूप से मुकुंदपुर रीवा से महज 20 किलोमीटर दूर है, जबकि मैहर से इसकी दूरी 65 किलोमीटर और पूर्व जिला मुख्यालय सतना से 50 किलोमीटर है। स्थानीय लोग लंबे समय से प्रशासनिक सुगमता के लिए इन गांवों को रीवा में शामिल करने की मांग कर रहे हैं। आयोग के पत्र के बाद मैहर जिला प्रशासन ने रिपोर्ट तैयार करने के लिए कहा है। सांसद ने सीएम को पत्र लिखा अमरपाटन के राजस्व अधिकारियों को सरपंचों, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों से राय लेकर रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया गया है। मैहर के अपर कलेक्टर शैलेन्द्र सिंह ने पुष्टि की है कि मुख्यमंत्री कार्यालय के ओएसडी (विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी) ने भी इस प्रस्ताव पर जनसुनवाई करने को कहा है। हालांकि, इस प्रस्ताव का विरोध भी शुरू हो गया है। सतना सांसद गणेश सिंह ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर इन गांवों को रीवा में शामिल करने का कड़ा विरोध किया है। उनका तर्क है कि इससे मैहर जिले का भौगोलिक और सांस्कृतिक संतुलन बिगड़ेगा। उन्होंने पत्र में लिखा कि यह किसी बड़ी साजिश के तहत हो रहा है। मुकुंदपुर की वाइट टाइगर सफारी हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण स्थान है। मैहर जिले की यह एक पहचान है। इसे लेकर सतना-मैहर के नेता डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला के खिलाफ लामबंद हो गए थे। हालांकि, डिप्टी सीएम शुक्ला ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट लिखकर स्थिति साफ करने की कोशिश की। सीहोरा को जिला बनाने की मांग ने फिर पकड़ा जोर जबलपुर जिले की सीहोरा तहसील के लोग पिछले 22 साल से इसे जिला बनाने की मांग कर रहे हैं। पहली बार 2002 में ये मांग उठी थी। उस समय तत्कालीन मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने सहमति दी थी। इसके बाद चुनाव आचार संहिता लागू हो गई और प्रदेश में बीजेपी की सरकार काबिज हो गई। इसके बाद भी लगातार मांग की जा रही है, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। एक बार अपनी इस मांग को लेकर सीहोरा के लोगों ने दिवाली से एक दिन पहले सीहोरा आंदोलन समिति के आह्वान पर अपने खून से दीपक जलाए। सीहोरावासियों का कहना है कि जब तक हमारी मांग मानी नहीं जाती, तब तक इसी तरह से प्रदर्शन चलता रहेगा। उन्होंने कहा कि इन दीयों में केवल तेल और बाती नहीं, बल्कि सिहोरा की पीड़ा और वर्षों की अनदेखी की आग जल रही है। अब जानिए, कौन से नए जिले बन सकते हैं… नर्मदापुरम से अलग होकर पिपरिया बन सकता है नया जिला पिपरिया नर्मदापुरम जिले में आता है। जिला मुख्यालय से पिपरिया की दूरी करीब 70 किमी है। पहाड़ी इलाका होने से आने-जाने में करीब 2 घंटे का समय लगता है। पिपरिया को जिला बनाने की मांग कई साल से की जा रही है। पिछले साल विधानसभा चुनाव के दौरान पिपरिया को जिला बनाने की मांग को लेकर धरना, प्रदर्शन और हड़ताल भी की गई थी। पिपरिया को … Read more

पहली बार लिंक रोड का कांक्रीटिंग काम शुरू, PWD की योजना 80% सड़कें सीसी बनाने की

भोपाल   पीडब्ल्यूडी की 80 फीसदी सड़कें एक से डेढ़ साल में सीमेंट कंक्रीट में बदल जाएंगी। विभाग की 560 किमी. की सड़कें हैं, इनमें से करीब 300 किमी. को पहले ही सीसी किया जा चुका है। 100 किमी. की डामर रोड को सीसी में बदलने के लिए अगले एक माह में काम होगा। हालांकि एक्सपर्ट्स से आपत्ति जताते हुए कहा कि सीसी रोड से प्रदूषण व तापमान बढे़गा। चीफ इंजीनियर पीडब्ल्यूडी संजय मस्के का कहना है कि सीसी रोड को लंबी गारंटी के साथ तैयार किया जा रहा है। ये 10 साल से 25 साल तक की गारंटी वाली सड़कें हैं। बारिश के दौरान गड्ढों से मुक्ति मिलेगी। यहां भी होगा निर्माण पहली बार लिंक रोड को सीसी करने का काम शुरू हुआ। लिंक रोड नंबर को सीसी किया जा रहा। इसी तरह लिंक रोड नंबर एक और नंबर दो को भी पीडब्ल्यूडी अब सीसी करने की योजना बना रहा है। विभाग के पास 20 रोड की सूची है जिन्हें सीसी करने का काम अगले एक से डेढ़ माह में शुरू कर किया जाएगा। यह हैं सीसी रोड -पीडब्ल्यूडी ने प्रदेश की पहली सीसी सिक्सलेन रोड कोलार में 15 किमी लंबाई में तैयार की है। -कोलार में ही सीआइ तिराहा से दानिश चौराहा होते हुए मनीषा मार्केट, देवी अहिल्या देवी तिराहा तक सात किमी. लंबाई की सीसी रोड अंतिम चरण में है। -हमीदिया रोड को करीब साढ़े पांच किमी लंबाई में मोतिया तालाब से पहले से लेकर रेलवे स्टेशन, करोद तक सीसी किया है। -भेल से लेकर प्रभात चौराहा, अशोका गार्डन, रेलवे स्टेशन तक करीब छह किमी लंबी पहली चार लेन सीसी रोड पीडब्ल्यूडी ने सबसे पहले बनाई थी। घरों से ऊंची हुई रोड तो सीएम से की शिकायत अरेरा कॉलोनी के रहवासियों ने मुख्यमंत्री समेत पीडब्ल्यूडी मंत्री, चीफ इंजीनियर पीडब्ल्यूडी से सीसी रोड का निर्माण रोकने को लेकर पत्र लिखा है। यहां बताया गया घरों से आठ इंच ऊंचाई में रोड बना रहे हैं। अन्य क्षेत्रों में सीसी से बढ़ने वाली दिक्कत बताकर काम रोकने का आह्वान किया। शिकायत में मैहर में एक सीसी रोड को बिना अध्ययन बनाने पर हाइकोर्ट की टिप्पणी का उल्लेख भी किया। नर्सिंग एसोसिएशन की ओर से भी एक शिकायत पत्र लिखकर सीसी रोड, इसकी ऊंचाई को नुकसानदायक बताते हुए रोकने की अपील की है।

सिंहस्थ 2028 को लेकर बड़ा फैसला, उपयोग न हुई जमीन दो साल बाद किसानों को लौटाई जाएगी

उज्जैन   उज्जैन सिंहस्थ वाले प्लान से सरकार ने लैंड पुलिंग को बाहर कर दिया है। सिंहस्थ 2028 के लिए इसी आधार पर प्लानिंग की थी, इस पर आगे बढ़ने से पहले कई बाधाएं आई, जिसका नए सिरे से परीक्षण कराया गया और लोगों से फीडबैक लिए। केंद्रीय नेतृत्व से भी राय ली, उसके बाद तय किया कि पहले की तरह ही मेला क्षेत्र में काम होंगे। इसके लिए दो साल के लिए ही जमीन ली जाएगी, उस पर अस्थाई काम होंगे। सिंहस्थ खत्म होने के बाद जमीन लौटा दी जाएगी। 2016 के सिंहस्थ के लिए करीब 3200 हेक्टेयर जमीन ली थी, इसमें से कुछ हेक्टेयर का उपयोग नहीं हुआ था। इस बार भी इतनी ही जमीन ली जाएगी और उसका 100 फीसद क्षेत्रफल उपयोग किया जाएगा। बन गई सहमति सरकार पूर्व की तरह अखाड़ों, धार्मिक संस्थाओं व साधु-संतों को पूरी तरह विकसित करके अस्थाई प्लाट देगी, लेकिन किसी को स्थाई तौर पर जमीन नहीं दी जाएगी। हालांकि इनके पास पूर्व से मौजूद निजी जमीन में से कुछ हिस्से पर स्थाई निर्माण की अनुमति विशेष शर्तों के तहत दी जाएगी। सरकार बीच का रास्ता निकाल रही है। किसानों व जमीन मालिकों को निराश नहीं किया जाएगा, जो जमीन प्लानिंग के लिए बहुत उपयोगी होगी, उसे ही आम अधिग्रहण की तरह लिया जाएगा। सरकार से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि सरकार ने उसी तर्ज पर काम किया और लगभग सहमति बन गई है। सरकार के सामने ये चुनौतियां बरकरार अस्थाई निर्माण में बांस: बल्लियों का उपयोग होता है। बड़ी मात्रा में टीन की चादरें लगती हैं। चूंकि सिंहस्थ का आयोजन गर्मियों में होता है, तब कई बार चक्त्रस्वात की स्थिति बनती है और अस्थायी निर्माण में शेड के लिए उपयोग किए टीन के चादर हवा के साथ उड़ जाते हैं, आम श्रद्धालुओं को नुकसान पहुंचने की आशंका बनी रहती है। खानपान व स्वास्थ्य सुविधा: इसके लिए पक्के भवनों की जरुरत है। अस्थाई शेड व निर्माण स्थलों पर कई तरह का खतरा रहता है। आग लगने जैसी संभावित अप्रिय स्थिति पैदा होने का प्रबल खतरा रहता है। प्रयागराज कुंभ में आग लगने जैसी घटना हो चुकी है। ऐसे अस्थाई निर्माणों को तेजी से नुकसान पहुंचता है। सुझाव: कम से कम जमीन पर स्थाई निर्माण हो। जब इस फार्मूले पर अमल होगा तो स्वाभाविक है कि जमीन की जरुरत कम से कम होगी। सरकार ने ये किया: सरकार इसी दिशा में बढ़ी। किसानों की जमीन पर जबरन की प्लानिंग को हटा दिया है। सुझाव: अभी जो प्लानिंग खाली खेतों पर निर्माण को लेकर की थी, उसका स्थान बदला जाए। ताकि सिंहस्थ के लिए किसानों की जमीन की जरुरत कम से कम पड़े। सरकार ने ये किया: स्थाई निर्माण शिप्रा नदी के किनारों और श्रद्धालुओं के आवागमन क्षेत्र तक। सुझाव: सिंहस्थ में आने वाले श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए आसपास के जिलों में भी प्रबंध हों, वहां से सिंहस्थ क्षेत्र तक आवागमन के ज्यादा विकल्प दिए जाएं। ताकि भीड़ प्रबंधन में आसानी हो। सरकार ने ये किया: उज्जैन से सटे जिलों में श्रद्धालुओं के लिए बड़े स्तर पर सुविधाएं विकसित करने का निर्णय लिया।

मध्यप्रदेश स्थापना दिवस: पूरे राज्य में उत्सव और कार्यक्रमों की भरमार

प्रदेश में हर्षोल्लास से मनाया जायेगा मध्यप्रदेश स्थापना दिवस मुख्य कार्यक्रम लाल परेड ग्राउंड भोपाल में होगा जिला-स्तर पर भी आयोजित होंगे कार्यक्रम भोपाल मध्यप्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर राजधानी भोपाल सहित जिला मुख्यालयों पर एक से तीन नवम्बर तक 3 दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे। एक नवम्बर को शासकीय भवनों पर रात्रि में प्रकाश व्यवस्था की जायेगी। अनेक नवाचारों का होगा शुभारंभ स्थापना दिवस समारोह का मुख्य कार्यक्रम एक नवम्बर को प्रात: 11 बजे से लाल परेड मैदान पर आयोजित किया जायेगा। कार्यक्रम में "विकसित मध्यप्रदेश @2047" दृष्टि पत्र का विमोचन, एमपीई-सेवा एवं 'इन्वेस्ट एमपी' पोर्टल का शुभारम्भ होगा। साथ ही प्रतिष्ठित कलाकारों द्वारा सुगम संगीत की प्रस्तुति तथा आतिशबाजी की जायेगी। सायंकाल में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन भी होगा। विभिन्न विभागों की लगेगी विकास प्रदर्शनी स्थापना दिवस पर 2 एवं 3 नवम्बर को स्व-सहायता समूह एवं प्रदेश के प्रतिष्ठित शिल्पियों की 'आर्ट एण्ड क्राफ्ट' प्रदर्शनी सह विक्रय स्टॉल के माध्यम से प्रदेश की बहुआयामी कला-संस्कृति का लोकव्यापीकरण और मंचीय कार्यक्रम में महाराजा विक्रमादित्य महानाट्य का मंचन एवं सुगम संगीत का कार्यक्रम होगा। कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं की सतत प्रगति, विरासत से विकास, उद्योग/विज्ञान क्षेत्र की विशिष्ट उपलब्धियों पर केन्द्रित आकर्षक प्रदर्शनी एवं मध्यप्रदेश के विकास पर केन्द्रित फिल्म का प्रदर्शन प्रदेश, जिला एवं ब्लॉक स्तर पर होगा। स्कूल-कॉलेजों में होंगी विभिन्न प्रतियोगिताएँ युवाओं को जोड़ने के लिए मध्यप्रदेश की गौरवशाली विरासत, बहुआयामी संस्कृति, पर्यटन, उद्योग, विज्ञान के क्षेत्र से संबंधित सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता, वाद-विवाद, निबंध प्रतियोगिता, मध्यप्रदेश के विकास, पर्यटन एवं सांस्कृतिक महत्व के स्थलों पर आधारित चित्र/फोटो प्रदर्शनी/पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन विभिन्न स्कूलों एवं कॉलेजों में किया जायेगा। सेवा के क्षेत्र में कार्य करने वाली संस्थाएँ, विज्ञान और उद्योग व्यवसाय के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि अर्जित करने वाली संस्थाओं सहित संवाद, गोष्ठी, युवा वैज्ञानिक सम्मेलन भी आयोजित किये जायेंगे। जिला-स्तरीय समारोह जिला मुख्यालयों पर स्थापना दिवस समारोह के अवसर पर विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियाँ, जिलावार उत्कृष्ट कार्यों तथा जिला उत्पादों पर केन्द्रित प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी। प्रभारी मंत्रियों के समन्वय से जिला स्तर पर कलेक्टर कार्यक्रम को अंतिम रूप देंगे। जिला मुख्यालय पर प्रमुख शासकीय भवनों पर एक नवम्बर की रात्रि को प्रकाश की व्यवस्था की जायेगी। स्थापना दिवस के कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों, उद्योगपतियों, व्यावसासियों, समाजसेवियों, धर्मगुरुओं, स्वयंसेवी संस्थाओं, हाईस्कूल एवं हायर सेकेण्ड्री विद्यालयों एवं महाविद्यालयीन छात्र/छात्राओं, शासकीय अधिकारी/कर्मचारियों, जिले के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, लोकतंत्र सेनानियों एवं शहीद सैनिकों के परिवारों तथा महत्वपूर्ण उपलब्धि अर्जित करने वाले स्व-सहायता समूह/स्टार्टअप के पदाधिकारियों को भी विशेष तौर पर आमंत्रित किया जायेगा। जिससे कार्यक्रम में समाज के सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित की जा सके।  

डॉ. यादव करेंगे ‘अनुगूँज’ कार्यक्रम की शुरुआत, सांस्कृतिक रंगों से रोशन होगा आयोजन

डॉ. यादव करेंगे 'अनुगूँज' कार्यक्रम की शुरुआत, सांस्कृतिक रंगों से रोशन होगा आयोजन सांस्कृतिक महोत्सव अनुगूँज का शुभारंभ, कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यमंत्री डॉ. यादव करेंगे शासकीय विद्यालयों के 500 विद्यार्थी करेंगे अपनी सांस्‍कृतिक प्रतिभा का प्रदर्शन भोपाल स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा शासकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों की सहभागिता से आयोजित किये जाने वाले सांस्‍कृतिक कार्यक्रम "अनुगूंज" का आयोजन मंगलवार 28 अक्‍टूबर को भोपाल स्थित शासकीय सुभाष उत्कृष्ट विद्यालय, शिवाजी नगर में शाम 5:30 बजे से होगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कार्यक्रम के मुख्‍य अतिथि होंगे। जनजातीय कल्‍याण मंत्री कुँवर विजय शाह एवं स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री  उदय प्रताप सिंह कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। अनुगूँज के प्रथम भाग 'धनक' के अंतर्गत वाद्य संगीत के साथ ही भारत के विविध शास्‍त्रीय नृत्‍य ओडिसी, भरतनाट्यम, कथक और मणिपुरी नृत्‍य आदि की मनमोहक प्रस्‍तुतियाँ होंगी। कार्यक्रम के द्वितीय भाग 'रंगकार' के अंतर्गत 'नाटक ताना बाना टूट न जाए' का मंचन विद्यार्थियों द्वारा किया जा रहा है। कार्यक्रम के सहभागी विद्यार्थियों ने एक माह की अल्पावधि में इन प्रस्तुतियों के लिए खुद को तैयार किया है। आत्‍मानुशासन, लगन, उत्साह और जोश के साथ भोपाल सहित प्रदेश के विभिन्‍न अंचलों से शासकीय विद्यालयों के लगभग 500 विद्यार्थियों ने अपनी अभिव्यक्ति को नए सोपान देने का प्रयास अनुगूँज में किया है। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा अनुगूँज के आकल्पन को आकार देने के लिए प्रदेश के राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय ख्‍यातिप्राप्‍त रंगकर्मी और कलाकारों को मेंटर्स के रूप में संयोजित किया गया है। इन मेंटर्स ने एक कुशल मार्गदर्शक के रूप में इस विशेष कार्यक्रम और भविष्य के लिए भी विद्यार्थियों को विभिन्न कलाओं में पारंगत कराया है। उल्‍लेखनीय है कि अनुगूँज समारोह स्कूल शिक्षा विभाग का एक रचनात्मक प्रयास है जो विद्यार्थियों की शिक्षा के साथ-साथ उनके रचनात्मक और सर्वांगीण विकास पर केंद्रित है। विद्यार्थियों के मार्गदर्शन के लिए प्रदेश के राष्‍ट्रीय और अंतर्राष्‍ट्रीय ख्‍याति प्राप्‍त कलाकार विद्यार्थियों का मार्गदर्शन कर रहे है। इनमें सुप्रसिद्ध संगीतकार मॉरिस लाजरस, ओडसी नृत्‍य की अंतर्राष्‍ट्रीय ख्‍याति प्राप्‍त नृत्‍य गुरू सु बिंदु जुनेजा, भरतनाट्यम शैली की शीर्षस्‍थ नृत्‍य गुरू सु भारती होम्‍बल, ख्‍याति प्राप्‍त कथक नृत्‍य गुरू मती पद्मजा रघुवंशी और मणिपुरी नृत्‍य शैली के प्रसिध्‍द आचार्य और राष्‍ट्रीय अंतर्राष्‍ट्रीय ख्‍याति प्राप्‍त नृत्‍य गुरू  एम.के. होजाइनगम्‍बा सिेंह, ख्‍यात रंग निदेशक  सादात भारती के साथ ही प्रसिद्ध मंच संचालक  विनय उपाध्‍याय जैसे शीर्षस्‍थ कला मनीषी शामिल हैं। एक भारत-श्रेष्‍ठ भारत की अवधारणा पर सजी अनुगूँज की इन प्रस्‍तुतियों को साकार करने के लिए देश की विभिन्‍न प्रदर्शनकारी सांस्‍कृतिक प्रस्‍तुतियों के प्रदर्शन के लिये विशाल मंच का निर्माण महाकाल की नगरी उज्‍जैन के महाकाल लोक के मॉडल पर तैयार किया गया है।  

नरसिंहपुर से 10 हजार का इनामी राजा हाशमी पकड़ा गया, इंदौर किन्नर विवाद में फिनाइल पिलाने का मामला

इंदौर    इंदौर पुलिस को किन्नर समाज से जुड़े एक विवादित में बड़ी सफलता हाथ लगी है. झगड़े के दौरान एक को फिनाइल पिलाने और मारपीट करने की घटना में फरार चल रहे 10 हजार रुपए के इनामी मुख्य आरोपी राजा हाशमी को गिरफ्तार कर लिया गया है.   किन्नर समाज से जुड़े विवाद में एक व्यक्ति को फिनाइल पिलाने और मारपीट करने का गंभीर आरोप. आरोपी राजा हाशमी घटना के बाद से पिछले एक हफ्ते से फरार चल रहा था, जिस पर डीसीपी जोन ने 10-10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था. पुलिस टीम को तकनीकी जानकारी और मुखबिर की मदद से राजा हाशमी की लोकेशन गोटेगांव, जिला नरसिंहपुर (जबलपुर के पास) में मिली. पुलिस ने उसके बहनोई के घर पर दबिश देकर उसे गिरफ्तार किया. आरोपी को हिरासत में लेकर इंदौर लाया गया है और पुलिस पूछताछ के लिए उसे अदालत में पेश कर रिमांड की मांग करेगी. इस मामले में पुलिस ने कुल चार आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया था. एक आरोपी सपना हाजी को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था. आरोपी अक्षय कुमायूं और पंकज जैन अब भी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस के प्रयास लगातार जारी हैं. 

सड़क सुरक्षा के लिए कार्रवाई, उज्जैन में बुलेट साइलेंसर पर पुलिस ने चलाया रोडरोलर

उज्जैन  अपने वाहनों से कर्कश ध्वनि फैलाकर ध्वनि प्रदूषण और सार्वजनिक शांति भंग करने वालों पर उज्जैन पुलिस ने फिर सख्ती दिखाई. टॉवर इलाके में पुलिस ने 5 लाख रुपए से अधिक कीमत के 30 से ज्यादा मोडिफाइड साइलेंसरों पर रोडरोलर चलवाकर उन्हें नष्ट किया. इस कार्रवाई के जरिए पुलिस ने संदेश दिया कि नियमों के खिलाफ कार्य बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे और ऐसे कृत्यों पर सख्त कार्रवाई होगी.  दरअसल, शहर में तेज आवाज वाले साइलेंसरों से लोगों को परेशान करने, तेज रफ्तार से वाहन चलाकर पटाखे जैसी आवाज निकालने और राहगीरों को परेशानी में डालने वालों पर पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है. लंबे समय से चल रही इस कार्रवाई में पुलिस ने ऐसी बाइकों, खासकर बुलेट में लगे मोडिफाइड साइलेंसर निकलवाए और वाहन चालकों पर जुर्माना भी लगाया. जब्त किए गए साइलेंसरों को टॉवर चौक पर जनता के सामने नष्ट कर पुलिस ने स्पष्ट किया कि ऐसी गतिविधियां बर्दाश्त नहीं की जाएंगी. एएसपी नितेश भार्गव ने बताया कि उज्जैन ट्रैफिक पुलिस शहर में यातायात नियम तोड़ने वालों, तेज रफ्तार से वाहन चलाने वालों और गैर-मानक साइलेंसरों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है.  करीब 5 लाख रुपए कीमत के 30 साइलेंसरों को सार्वजनिक स्थान पर नष्ट किया गया, ताकि समाज को यह संदेश जाए कि ऐसी चीजें वैध नहीं हैं और इन पर पुलिस कानूनी रूप से सख्त कार्रवाई करती है. पिछले कुछ समय से लगातार कार्रवाई चल रही है और भविष्य में भी अलग-अलग तरह की कार्रवाइयां नियोजित हैं.