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प्रदेश में पाये जाने वाले थलीय एवं जलीय जीवों की विशिष्टताओं को करें एक्सप्लोर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मध्यप्रदेश की जैविक विविधताओं का हो वैश्विक प्रचार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश में पाये जाने वाले थलीय एवं जलीय जीवों की विशिष्टताओं को करें एक्सप्लोर अन्य राज्यों के वन्य जीव लाकर प्रदेश की जैव विविधता को करें और भी समृद्ध मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने म.प्र. राज्य वन्यप्राणी बोर्ड की 30वीं बैठक की अध्यक्षता कर दिए निर्देश भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में पाई जाने वाली फ्लोरल एंड फौनल डायवर्सिटी (वानस्पतिक एवं जैविक विविधताओं) के बारे में प्रापर ब्रांडिंग की जाए। प्रदेश के समृद्ध वन क्षेत्रों एवं यहां के वनों में वन्य जीवों की सहज दृश्यता का व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जाये। इसके लिए भारतीय फिल्म डिवीजन, डिस्कवरी और अन्य चैनल्स के साथ मिलकर शॉट फिल्म्स, डाक्यूमेंटरी फिल्म, प्रमोशनल्स कैपसूल्स तैयार कर मध्यप्रदेश की वन विशिष्टताओं के बारे में पूरे विश्व को बतायें। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी अच्छाईयां दुनिया के सामने आनी ही चाहिए। दूसरे राज्यों को प्रदेश में उपलब्ध वन्य प्राणी अवश्य दें, परन्तु उनसे भी उनके यहां उपलब्ध वन्य प्राणी प्राप्त कर प्रदेश की वन विविधताओं को और अधिक समृद्ध करें। उन्होंने कहा कि आसाम से गेंडा या एक सींग वाला गेंडा प्राप्त करने के प्रयास किए जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की नदियों में मगरमच्छ, कछुआ और घड़ियाल सहित डॉल्फिन जैसे जलीय जीव मुक्त करने के लिए तैयारी करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को मंत्रालय में मध्यप्रदेश राज्य वन्यप्राणी बोर्ड की 30वीं बैठक की अध्यक्षता कर संबोधित कर रहे थे। बैठक में वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री  दिलीप अहिरवार एवं बोर्ड के सदस्य डॉ. नारायण व्यास वर्चुअली शामिल हुए। मुख्य सचिव  अनुराग जैन, मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव  नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव वन  अशोक बर्णवाल, प्रधान मुख्य वन संरक्षक  वी.एन. अम्बाडे, वन्य प्राणी बोर्ड के सदस्य  मोहन नागर,  रूपनारायण मांडवे,  महेन्द्र सिंह चौहान, डॉ. सुदेश बाघमारे, डॉ. रविचंद्रन सहित अन्य सदस्यगण भी उपस्थित थे। बैठक में तीन राज्यों उड़ीसा, राजस्थान और छत्तीसगढ़ को तीन जोड़े टाइगर देने पर गहन विचार विमर्श किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिन राज्यों को टाइगर दिए जा रहे हैं, उनसे उस राज्य में पाए जाने वाले वन्य जीव भी प्राप्त किए जाएं। बैठक में बोर्ड के सदस्य डॉ. आलोक कुमार ने कहा कि प्रदेश में पन्ना एवं बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के परिक्षेत्र में एक और कन्जर्वेशन रिजर्व बनाया जा सकता है। इसी प्रकार कान्हा और बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के परिक्षेत्र में बालाघाट जिले के सोनेवानी फॉरेस्ट रेंज को समाहित करते हुए एक पृथक कन्जर्वेशन रिजर्व बनाने की प्रबल संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि यदि इस विषय पर गंभीरतापूर्वक निर्णय लिया जाता है, तो यह प्रदेश में वाइल्ड लाइफ कन्जर्वेशन की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम होगा। गजरक्षक ऐप तैयार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि राज्य में जंगली हाथियों के कारण हो रही दुर्घटनाओं एवं उनसे मानव दंद को रोकने के लिए समुचित उपाय किए जाएं। एडिशनल पीसीसीएफ  कृष्णमूर्ति ने बताया कि एआई बेस्ड गजरक्षक ऐप तैयार किया गया है, जो जंगली हथियों की गतिविधियों की सूचना देता है और हाथी से मानव बसाहट वाले क्षेत्र में नजदीक होने पर ग्रामीणों को मैसेज के जरिए सूचना का प्रसार किया जाता है। कॉलरिंग के जरिए भी यह कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि हाथी विचरण जिलों और वनमंडलों में हाथी मित्र दलों का गठन भी किया गया है। बोर्ड की विशेष उपलब्धियां बैठक में  कृष्णमूर्ति ने म.प्र. राज्य वन्य प्राणी बोर्ड की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए बताया कि खरमोर अभयारण्य सरदारपुर का पुनर्गठन किया गया है। इससे क्षेत्र के 14 राजस्व गांवों के लोगों को उनकी भूमि क्रय-विक्रय की समस्या का स्थायी समाधान हो गया है। उन्होंने बताया कि भोपाल में 29 जुलाई को अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस मनाया गया। प्रदेश में 14 रेस्क्यू स्कवॉड एवं 16 डॉग स्कवॉड और गौर बारहसिंगा आदि के परिवहन के लिए 6 विशेष वन्यजीव परिवहन एवं 3 रेस्क्यू वाहन सहित डॉग स्कवॉड वाहन लोकार्पित किए गए हैं। जहांनगढ़ अभयारण्य का गठन किया गया। यह प्रदेश का 26वां अभयारण्य है। इस वर्ष भोपाल में हुए बाघ दिवस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बाघ राखी बांधकर बाघ रक्षाबंधन की शुरुआत की गई। प्रधानमंत्री  मोदी की भावना के अनुरूप 23 टाईगर रिजर्व में लोहे के स्क्रैप मटेरियल से एक विशालकाय बाघ प्रतिमा का निर्माण किया। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय चम्बल अभयारण्य में इस वर्ष अब तक नदिगांव में 86 घोंसले, बरौली में 32, बाबू सिंह घेर में 20, डांग वसई में 16, रैड़ी में 7 और भरा में 5 घौंसलों से बच्चे निकल चुके हैं। उन्होंने बताया कि स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स मध्यप्रदेश, टाइगर स्ट्राइक फोर्स, शिवपुरी एवं सामान्य वनमंडल, श्योपुर की संयुक्त कार्यवाही में श्योपुर जिले में वन्य प्राणी बाघ और तेन्दुए के अवैध शिकार एवं उसके अवयवों यानि हड्डियां/कंकाल का अवैध परिवहन एवं व्यापार करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह पर कार्यवाही करते हुए सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। कई प्रस्तावों को मिली मंजूरी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक में विभिन्न प्रस्तावों को मंजूरी दी। इसमें खण्डवा एवं बैतूल जिले में सतपुड़ा-मेलघाट कॉरीडोर में 17.148 हेक्टेयर वन भूमि एनएचएआई खण्डवा को उपयोग के लिए मंजूरी दी गई। सिंघोरी अभयारण्य के अंतर्गत ग्राम देहगांव-बम्होरी मार्ग के बेलगांव तक सी.सी. रोड निर्माण के लिए 0.85 हेक्टेयर अभयारण्य वन भूमि ईई आरईएस रायसेन को उपयोग के लिए दी गई। पदम डॉ. विष्णु धर वाकणकर टाइगर रिजर्व (रातापानी अभयारण्य) के बफर जोन की 1.575 हेक्टेयर भूमि ईई पीडब्ल्यूडी रायसेन को उपयोग के लिए दी गई। इसी प्रकार अन्य प्रस्तावों में भी वन भूमि क्षेत्र में निर्माण कार्यों एवं अन्य प्रकार के उपयोग की अनुमतियां दी गई।  

शिवपुरी : बीच सड़क पर लोकायुक्त की छापेमारी, रिश्वत लेते फॉरेस्ट गॉर्ड को दबोचा

शिवपुरी जिले में लोकायुक्त की टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। पिछोर अनुविभाग के मायापुर थाना अंतर्गत राजापुर चौकी पर पदस्थ एक फॉरेस्ट गार्ड को 5 हजार की रिश्वत के साथ रंगे हाथों दबोचा है। वह खदान से पत्थर भरा ट्रैक्टर निकालने के एवज में 10 हजार रुपए रिश्वत की मांग किया था। बाद में 5 हजार रुपए में सौदा तय हुआ था। लोकायुक्त डीएसपी विनोद सिंह कुशवाह ने बताया कि खनियाधाना के ग्राम रूपेपुर निवासी बलवीर सिंह लोधी ने 16 सितंबर को ग्वालियर लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। उसने बताया था कि राजापुर चौकी पर पदस्थ फॉरेस्ट गार्ड ध्रुव सिंह तोमर उससे खदान से पत्थर का ट्रैक्टर ले जाने के एवज में 10 हजार रुपए की रिश्वत मांग रहा है। जबकि वह पत्थर की रॉयल्टी भी देता है। पैसे लेते ही लोकायुक्त की टीम ने दबोचा पुलिस ने बलवीर के शिकायत की जांच की। जिसके बाद आरोपी फॉरेस्ट गार्ड ध्रुव सिंह तोमर के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया। उसके बाद आरोपी को पकड़ने के लिए प्लान बनाया। फरियादी बलवीर को पूरी योजना समझाई। जब बलवीर ने राजापुर चौकी के पास  हीरापुर-पुरैनी मार्ग तिराहे पर आरक्षक तोमर को जैसे ही 5 हजार रुपए दिए तो पीछे से लोकायुक्त पुलिस टीम ने रंगे हाथों दबोच लिया। लोकायुक्त डीएसपी विनोद सिंह कुशवाह ने बताया कि बलवीर ने ग्वालियर लोकायुक्त पुलिस कार्यालय में फॉरेस्ट गार्ड के खिलाफ रिश्वत मांगने की शिकायत दर्ज कराई थी। इस पर से गुरुवार को हमने आरोपी को 5 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए पकड़ा है। आगे की विवेचना की जा रही है।

मतदाता मैपिंग में गलती, सिंगरौली में BLO को फौरन निलंबित करने का आदेश!

सिंगरौली  मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में चुनावी तैयारियों की गंभीरता पर फिर एक बार रोक-टोक हुई है। कलेक्टर व जिला निर्वाचन अधिकारी चन्द्रशेखर शुक्ला ने मतदान केंद्र क्रमांक 291 (विन्दुल) के बीएलओ राम लल्लू सिंह को निलंबित कर दिया है। राम लल्लू सिंह वर्तमान में उस ही केंद्र पर सहायक अध्यापक के पद पर तैनात थे, लेकिन निर्वाचन सूची में मतदाताओं की मैपिंग में अनदेखी पाए जाने के बाद उन पर कार्रवाई की गई। कलेक्टर कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार राम लल्लू सिंह को पहले कारण‑बताओ नोटिस जारी किया गया था, जिसका सही समय पर उत्तर नहीं मिला। इसलिए लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 32 तथा मध्यप्रदेश सिविल सेवा नियम, 1966 के तहत उन्हें निलंबित किया गया है। निलंबन के दौरान उन्हें विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी के कार्यालय में रिपोर्ट करना अनिवार्य रहेगा; इसी अवधि में नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। कलेक्टर चन्द्रशेखर शुक्ला ने स्पष्ट कहा कि निर्वाचन कार्य में कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह कार्रवाई सिर्फ एक कर्मचारी तक सीमित नहीं है, बल्कि चुनावी जिम्मेदारियों के प्रति सभी कर्मचारियों के लिए चेतावनी है — अपना कर्तव्य पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ निभाना होगा। 

राज्यपाल पटेल ने राज्यमंत्री श्रीमती गौर को दी जन्म दिन की बधाई

भोपाल  राज्यपाल  मंगुभाई पटेल से सौजन्य भेंट के लिए पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर शुक्रवार को राजभवन पहुंची। उनके जन्म दिवस अवसर पर राजभवन आगमन के प्रसंग में राज्यपाल  पटेल ने पुष्पगुच्छ भेंट कर श्रीमती गौर को जन्म दिवस की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी। राज्यपाल मंगुभाई पटेल की शुभकामनाओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए, श्रीमती गौर ने भी उन्हें पुष्पगुच्छ भेंट कर धन्यवाद ज्ञापित किया।  

मंत्री गोविंद राजपूत के निर्वाचन पर याचिका, जबलपुर कोर्ट ने चुनाव आयोग को दिया समय

जबलपुर  प्रदेश सरकार में मंत्री गोविंद राजपूत के द्वारा अपने नामांकन के आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किये जाने को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई। याचिका की सुनवाई के दौरान चुनाव आयोग की तरफ से दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए समय प्रदान करने का आग्रह किया गया। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा तथा जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ ने आग्रह को स्वीकार करते हुए याचिका पर अगली सुनवाई 9 अक्तूबर को निर्धारित की है। सागर निवासी किसान राज कुमार सिंह की तरफ से दायर की गई याचिका में कहा गया था कि प्रदेश सरकार के मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने साल 2023 में हुए विधानसभा चुनाव में नामांकन के दौरान सभी आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किये थे। जो जन प्रतिनिधित्व अधिनियम का उल्लंघन है और उनका निर्वाचन शून्य घोषित किया जाना चाहिए। इस संबंध में याचिकाकर्ता ने चुनाव आयोग के समक्ष साक्ष्यों के साथ याचिका प्रस्तुत की थी। याचिकाकर्ता ने बताया कि चुनाव आयोग ने उसकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की। जिस कारण उक्त याचिका दायर की गई है। याचिका में राहत चाही गई थी कि शिकायत पर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश चुनाव आयोग को जारी किये जाएं। प्रारंभिक सुनवाई के दौरान युगलपीठ ने पाया कि याचिकाकर्ता ने 8 सितम्बर को हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका के साथ प्रस्तुत हलफनामा एक दिन पूर्व 7 सितंबर का है। युगलपीठ ने याचिकाकर्ता को निर्देशित किया है कि वह सही तारीख के साथ हलफनामा प्रस्तुत करें।  

MIG-21 का आखिरी सलाम: ग्वालियर से जुड़ी यादें और 2004 में US एयरफोर्स को दिखाया दम

ग्वालियर  भारतीय वायुसेना का जंगी लड़ाकू विमान मिग-21 ग्वालियर एयरबेस के आसमान से लेकर जमीन तक जांबाजी का साक्षी रहा है। देश के सबसे महत्वपूर्ण एयरबेस में शामिल ग्वालियर एयरफोर्स स्टेशन पर मिग-21 बाइसन वर्ष 2004 में भारतीय वायुसेना और यूएस एयरफोर्स के संयुक्त कोप इंडिया अभ्यास में शामिल रहा। 62 वर्ष के गौरवशाली इतिहास के साथ आज भारतीय वायुसेना से विदाई लेने वाले इस लड़ाकू विमान का ग्वालियर से गहरा नाता रहा है। ग्वालियर में 2022 के बाद से मिग-21 की गूंज सुनाई नहीं दी। ग्वालियर एयरबेस के जांबाज अधिकारियों ने मिग-21 में उड़ान भरकर देश को गौरवान्वित किया है। ग्वालियर एयरबेस पर मिग-21 ने लंबे समय तक उड़ान भरी साथ ही युद्धों से लेकर विभिन्न वायुसेना के आयोजनों में भी सहभागिता की है। एयरबेस पर तैनात रहे अफसरों ने मिग-21 के जरिए कौशल भी दिखाया है। बता दें कि यह विमान 1963 में पहली बार भारतीय वायुसेना में शामिल किया गया था। आखिरी बार मिग-21 ने प्रयागराज में कुंभ मेले में एयरशो में भाग लिया था। मिग-21 की अधिकतम गति लगभग 2,200 किलोमीटर प्रति घंटा है। यह 17,500 मीटर की ऊंचाई तक उड़ान भर सकता है। हवा से हवा में मार करने वाली और हवा से जमीन पर मार करने वाली मिसाइलें लगाई जाती थीं। विमान का डिजाइन छोटा पर शक्तिशाली था, जो तेज हमलों व हवाई युद्ध के लिए आदर्श माना गया। 2004 में ग्वालियर में हुआ था कोप इंडिया अभ्यास ग्वालियर में कोप इंडिया अभ्यास के दौरान मिग-21 बाइसन ने अपनी युद्ध क्षमता का बखूबी प्रदर्शन किया। इस अभ्यास में भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों को संयुक्त राज्य वायुसेना के एफ-15 जैसे विमानों के खिलाफ खड़ा किया गया था। घने विद्युत चुंबकीय माहौल में अच्छे प्रदर्शन के कारण इसे अमेरिकी फोर्स की भी सराहना मिली। इस पूरे अभ्यास में बाइसन अपनी धैर्यता व क्षमता के कारण नेतृत्व की भूमिका में रहा। देश में अहम है ग्वालियर एयरबेस ग्वालियर का महाराजपुरा एयरफोर्स स्टेशन 1942 में बना था और अब तक हुए युद्धों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुका है। वर्ष 1965, 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में इसी एयरफोर्स स्टेशन से लड़ाकू विमानों ने उड़ान भरी थी। ये स्टेशन देश का एकमात्र एयरबेस है, जहां फाइटर प्लेन में हवा में ईंधन भरा जा सकता है। अगर युद्ध के दौरान उड़ान के वक्त किसी फाइटर प्लेन को ईंधन की जरूरत पड़ी तो इस एयरबेस पर तुरंत दूसरा जेट प्लेन हवा में जाकर ही उसे रिफ्यूल कर सकता है।

शूर्पणखा पुतला दहन में सोनम रघुवंशी का नाम और चेहरा जोड़ा, इंदौर में लोगों का फूटा गुस्सा

इंदौर  इंदौर के महालक्ष्मी नगर मेला ग्राउंड में दशहरे के अवसर पर आयोजित होने वाले शूर्पणखा पुतला दहन को लेकर विवाद गहराता जा रहा है. रघुवंशी समाज ने इस आयोजन का जोरदार विरोध करते हुए बुधवार को विजयनगर थाने और जिला कलेक्टर कार्यालय में ज्ञापन सौंपा. रघुवंशी समाज का आरोप है कि आयोजन में शूर्पणखा के पुतले पर सोनम रघुवंशी का नाम और चेहरा दर्शाना न केवल गलत है, बल्कि पूरे समाज की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला कदम है. नाम और चेहरे के इस्तेमाल का विरोध समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बुराई का प्रतीक दर्शाने के लिए किसी व्यक्ति विशेष या जाति का नाम जोड़ना समाज विरोधी है. उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि इस आयोजन से सोनम रघुवंशी का नाम नहीं हटाया गया, तो कार्यक्रम पूरी तरह से निरस्त किया जाए, अन्यथा समाज व्यापक आंदोलन करेगा. जिला अध्यक्ष पिंकी रघुवंशी ने कहा कि इस तरह का आयोजन महिला समाज का अपमान है और यह न केवल अवैधानिक बल्कि समाज विरोधी भी है. उनका कहना था कि जिन महिलाओं को इस आयोजन में शूर्पनखा के चेहरे के रूप में दर्शाया जा रहा है, वो केवल आरोपी हैं और उनके प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन हैं. ऐसे में दोष सिद्ध किए बिना उनका नाम इस प्रकार से जोड़ना गलत है. रघुवंशी समाज को बदनाम करने की साजिश: प्रदर्शनकारी वहीं, राष्ट्रीय अध्यक्ष उमाशंकर रघुवंशी ने आरोप लगाया कि संस्था जानबूझकर केवल 11 हिंदू महिलाओं को निशाना बना रही है. उन्होंने सवाल उठाया कि जब अपराध पुरुष और महिलाएं दोनों करते हैं, तो केवल महिलाओं को क्यों चुना जा रहा है. उनके अनुसार, अखबारों और सोशल मीडिया पर इस आयोजन का प्रचार कर समाज और अन्य समुदायों की छवि धूमिल की जा रही है. सोनम रघुवंशी के भाई गोविंद रघुवंशी ने भी इसे परिवार और समाज की प्रतिष्ठा पर हमला करार दिया. उन्होंने कहा कि यह आयोजन पूरी तरह से समाज की भावनाओं को आहत करने वाला है और इसे तत्काल निरस्त किया जाना चाहिए. फिलहाल, जिला प्रशासन ने ज्ञापन प्राप्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है. रघुवंशी समाज के बढ़ते विरोध को देखते हुए यह आयोजन रद्द होगा या संशोधित, इस पर सभी की निगाहें टिकी हैं.  

गरबा में शामिल होने के लिए गोमूत्र अनिवार्य? भोपाल में उठे नए धार्मिक सवाल

भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी  भोपाल के गरबा आयोजनों में गैर-हिंदुओं की एंट्री रोकने के लिए एक नया फॉर्मूला अपनाया है. यहां प्रवेश द्वार पर पहले तिलक लगाकर 'जय श्री राम' का जयकारा लगवाया जा रहा है। इसके बाद आम के पत्तों से गंगाजल का आचमन कराया जाता है और तांबे के लोटे से गोमूत्र का छिड़काव किया जाता है। भोपाल के अवधपुरी इलाके में श्री कृष्ण सेवा समिति गरबा मंडल के आयोजकों का मानना है कि गैर-हिंदू गोमूत्र और गंगाजल का आचमन नहीं करेंगे, जिससे उनकी एंट्री रुक जाएगी. आधार कार्ड, तिलक और कलावा की जांच के बाद ही यह प्रक्रिया पूरी की जा रही है. गरबा पंडाल में बिना गंगाजल और गोमूत्र के प्रवेश की अनुमति नहीं है.  गरबा देखने आए लोगों ने गंगाजल और गोमूत्र को पवित्र बताते हुए इसकी सराहना की. हिंदू संगठनों की इस नई गाइडलाइन ने गरबा आयोजन को धार्मिक रंग दिया है. आयोजकों का कहना है कि यह फॉर्मूला धार्मिक शुद्धता बनाए रखने के लिए अपनाया गया है.  इस मामले में भोपाल सांसद आलोक शर्मा का कहना है कि कुछ लोग हिंदू प्रतीकों जैसे कलावा और तिलक का इस्तेमाल कर गरबा में प्रवेश लेकर हिंदू महिलाओं को लुभाने की कोशिश कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ऐसी हरकत बर्दाश्त नहीं करेगी और नवरात्रि केवल हिंदुओं और सनातन धर्म के अनुयायियों के लिए है. बता दें कि 22 सितंबर से शुरू हुई नवरात्रि में देवी दुर्गा और उनकी विभिन्न रूपों की पूजा की जाती है. गरबा गुजरात का जीवंत नृत्य रूप है, जो इस दौरान बड़े पैमाने पर आयोजित होता है.

दो महीने की देरी के बाद MP में नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता पर फैसला जल्द

 भोपाल मध्य प्रदेश के नर्सिंग कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया एक सप्ताह के भीतर प्रारंभ हो जाएगी। इसके पहले एक-दो दिन के भीतर नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता जारी करने की तैयारी है। लगभग दो सौ कॉलेजों को मान्यता मिलने के आसार हैं। इनमें 20 हजार से अधिक सीटें हो सकती हैं। इंडियन नर्सिंग काउंसिल द्वारा निर्धारित कैलेंडर के अनुसार 30 सितंबर तक कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया पूरी हो जानी थी, पर निरीक्षण में देरी के चलते अभी तक मान्यता ही जारी नहीं हो पाई है। निर्धारित तारीख के बाद प्रवेश के लिए राज्य सरकार को विशेष अनुमति लेनी होगी। मप्र नर्सिंग काउंसिल के कैलेंडर के अनुसार 14 जुलाई तक कालेजों का निरीक्षण पूरा हो जाना था। इसके बाद मान्यता जारी होनी थी। नए और पुराने मिलाकर 172 कॉलेजों ने मान्यता के लिए आवेदन किया था, जिनका निरीक्षण होना था। प्रदेश भर में नर्सिंग फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद पहली बार निरीक्षण कराने की जिम्मेदारी कलेक्टरों को दी गई थी, पर उन्होंने रुचि नहीं ली। स्वास्थ्य आयुक्त के बार-बार पत्र लिखने के बाद अब जाकर निरीक्षण पूरा हो पाया है। अब इस रिपोर्ट के आधार पर मान्यता जारी की जाएगी। फर्जीवाड़े के चलते मामला हाई कोर्ट में विचाराधीन होने के कारण दो वर्ष से नए कॉलेज नहीं खुले थे। इस वर्ष कुछ नए कॉलेजों को भी मान्यता मिलेगी। इन 172 कॉलेजों के अतिरिक्त सीबीआई ने जिन कॉलेजों को अपनी जांच रिपोर्ट में उपयुक्त बताया था, उन्हें बिना निरीक्षण ही नवीनीकरण की मान्यता मिल जाएगी। देरी से विद्यार्थियों को यह नुकसान बीएससी नर्सिंग और डिप्लोमा पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए कर्मचारी चयन मंडल से प्रवेश परीक्षा आयोजित होने के बाद परीक्षा परिणाम जारी किए जा चुके हैं। अभ्यर्थी लगभग दो माह से काउंसलिंग प्रारंभ होने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। मध्य प्रदेश के पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश के नर्सिंग कॉलेजों में प्रवेश की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। राजस्थान में सहित अन्य राज्यों में या तो पूरी हो गई है या अंतिम चरण में है। ऐसे में मध्य प्रदेश के जिन अभ्यर्थियों को यहां के कॉलेजों में प्रवेश नहीं मिल पाएगा वे दूसरे राज्यों में भी प्रवेश नहीं ले पाएंगे। दूसरा नुकसान यह है कि प्रवेश में देरी होने से विद्यार्थियों का पूरा सत्र देर हो जाएगा। जल्द काउंसलिंग शुरू कराने की तैयारी     नर्सिंग कॉलेजों में प्रवेश के लिए जल्दी ही काउंसलिंग शुरू कराने की तैयारी है। एक-दो दिनों में कॉलेजों की मान्यता जारी हो जाएगी। – मनोज सरयाम, संचालक (नर्सिंग), लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग।  

मध्यप्रदेश में मौसम मेहरबान: अगले 2 दिन हल्की बारिश, अब तक 44.1 इंच बरसात

भोपाल  मध्य प्रदेश मानूसन विदाई ले रहा है साथ ही बारिश भी हो रही है। मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए कई जिलों में हल्की बारिश, गरज-चमक होने के आसार जताए हैं। जबकि 28 और 29 सितंबर को इंदौर, नर्मदापुरम, जबलपुर और उज्जैन संभाग में तेज बारिश होने का अलर्ट जारी किया है। गुरुवार को मंडला-रीवा में पौने 2 इंच पानी गिरा। वहीं, उज्जैन, जबलपुर, सतना, सिवनी, सीधी, उमरिया और बालाघाट में हल्की बारिश दर्ज की गई। भोपाल में तेज धूप खिली। इससे गर्मी और उमस का असर रहा। इंदौर, ग्वालियर में भी मौसम साफ रहा। मध्यप्रदेश से विदाई ले रहा मानसून जाते-जाते भी जमकर बरसेगा। मौसम विभाग ने 28 और 29 सितंबर को इंदौर, नर्मदापुरम, जबलपुर और उज्जैन संभाग में तेज बारिश होने का अलर्ट जारी किया है। हालांकि, इससे पहले कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है। लो प्रेशर एरिया की वजह से बारिश के आसार मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के चार जिले- नीमच, श्योपुर, भिंड और मुरैना से मानसून लौट चुका है। अगले एक-दो दिन में ग्वालियर, दतिया और मंदसौर से भी मानसून के लौटने की संभावना है। मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए इन जिलों में बारिश की चेतावनी जारी नहीं की। बाकी सभी जिलों में हल्की बारिश, गरज-चमक होने के आसार जताए हैं। अगले 2 दिन तक कुछ जिलों में हल्की बारिश हो सकती है, लेकिन 28 और 29 सितंबर को तेज बारिश का अलर्ट है। इंदौर, देवास, खरगोन, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, बैतूल, उज्जैन, शाजापुर, सीहोर, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा में बारिश हो सकती है। ग्वालियर, दतिया और मंदसौर से लौटेगा मानसून मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के चार जिले- नीमच, श्योपुर, भिंड और मुरैना से मानसून लौट चुका है। अगले एक-दो दिन में ग्वालियर, दतिया और मंदसौर से भी मानसून के लौटने की संभावना है। अगले 2 दिन तक कुछ जिलों में हल्की बारिश हो सकती है, लेकिन 28 और 29 सितंबर को तेज बारिश का अलर्ट है। इंदौर, देवास, खरगोन, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, बैतूल, उज्जैन, शाजापुर, सीहोर, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा में बारिश हो सकती है। अब तक औसत 44.1 इंच बारिश दर्ज  प्रदेश में अब तक औसत 44.1 इंच बारिश हो चुकी है। अब तक 36.9 इंच पानी गिरना था। इस हिसाब से 7.2 इंच पानी ज्यादा गिर चुका है। प्रदेश की सामान्य बारिश औसत 37 इंच है। यह कोटा पिछले सप्ताह ही पूरा हो गया है। अब तक 118 प्रतिशत बारिश हो चुकी है। प्रदेश से भी मानसून की विदाई शुरू हो गई है। 4 जिले- नीमच, भिंड, मुरैना और श्योपुर से सबसे पहले मानसून विदा हुआ है। यहां 35 से 115 प्रतिशत तक बारिश ज्यादा हुई है। चंबल संभाग के श्योपुर में सामान्य 26.2 इंच के मुकाबले 56.6 इंच पानी गिर गया, जो 115 प्रतिशत अधिक है। भिंड में 32.4 इंच, मुरैना में 37 इंच और नीमच में 42.9 इंच बारिश हो चुकी है, जो सामान्य बारिश से ज्यादा है।