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संजय गांधी हॉस्पिटल में डक्ट कूलिंग सिस्टम का किया लोकार्पण

भोपाल  उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने संजय गांधी अस्पताल रीवा में डक्ट कूलिंग सिस्टम और 17 व्हील चेयर का लोकार्पण किया। डक्ट कूलिंग सिस्टम से दो वार्डों में रोगियों और उनके परिजनों को शीतल हवा मिलेगी। इसका निर्माण आइनॉक्स कंपनी द्वारा 20 लाख रुपए की लागत से किया गया है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि रीवा तेजी से मेडिकल हब बनने की ओर अग्रसर है। उपचार के लिए नागपुर जाने वाले रोगियों की संख्या में कमी आई है। कुछ ही महीनों में कैंसर यूनिट का निर्माण पूरा होते ही रीवा में दो सौ बेड का कैंसर अस्पताल शुरू हो जाएगा। इसमें 40 करोड़ रुपए की लागत से लीनेक मशीन लगाई जा रही है। इस अस्पताल में कैंसर के उपचार की आधुनिकतम सुविधा उपलब्ध रहेगी। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि चिकित्सा सुविधाओं के विकास के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। संजय गांधी अस्पताल में सुधार तथा नई व्यवस्थाओं के लिए 321 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं। सर्जरी विभाग में सिंगरौली की एनसीएल कंपनी द्वारा दी गई 6 करोड़ रुपए की सहयोग राशि से आधुनिक मशीन लगाई जा रही है। यहाँ के डॉक्टर बहुत योग्य हैं। डॉक्टर और चिकित्साकर्मी अस्पतालों की आत्मा हैं। उन्होंने कहा कि रोगियों का अच्छा उपचार करने के साथ उनसे मृदु व्यवहार भी करें। डॉक्टर के अच्छे व्यवहार से रोगी का आधा रोग ठीक हो जाता है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि आईनॉक्स कंपनी ने कोरोना संकट के समय ऑक्सीजन की आपूर्ति करके सराहनीय कार्य किया। कंपनी ने संजय गांधी अस्पताल के दो वार्डों में कूलिंग सिस्टम लगाया है। आईनॉक्स कंपनी के प्रतिनिधि श्री अतुल कुमार ने कहा कि कंपनी प्रतिदिन 4500 टन ऑक्सीजन का निर्माण कर रही है। कोरोना काल में प्रतिदिन 40 टैंकर ऑक्सीजन की आपूर्ति प्रदेश को की जा रही थी। जनकल्याण के लिए कंपनी सदैव सहयोग करेगी। जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नीता कोल, नगर निगम अध्यक्ष श्री व्यंकटेश पाण्डेय, मेडिसिन विभाग के डॉ. पी.के. बघेल, संजय गांधी अस्पताल के अधीक्षक डॉ. राहुल मिश्रा सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।  

मंत्री सारंग ने किया छोला दशहरा मैदान का निरीक्षण

भोपाल  सहकारिता मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने शुक्रवार को दशहरा उत्सव की तैयारियों के संबंध में भोपाल शहर के ऐतिहासिक छोला दशहरा मैदान का निरीक्षण किया। मंत्री श्री सारंग ने कहा कि कई वर्षों से भोपाल शहर का यह मैदान दशहरा उत्सव का प्रमुख केंद्र रहा है। यहां हर वर्ष श्री हिन्दू उत्सव समिति भोपाल द्वारा भव्य और ऐतिहासिक दशहरा उत्सव मनाया जाता है और हर वर्ष बड़ी संख्या में शहरवासी इस ऐतिहासिक पर्व के साक्षी बनते हैं। मंत्री श्री सारंग ने तय समयावधि में तैयारियों को पूर्ण करने तथा भव्य, अनुशासित और सुरक्षित आयोजन सुनिश्चित करने के लिये संबंधितों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान श्री हिन्दू उत्सव समिति, भोपाल के अध्यक्ष श्री चन्द्रशेखर तिवारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि, नगर निगम, पुलिस प्रशासन और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। मंत्री श्री सारंग ने बताया कि मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम की विजय का प्रतीक दशहरा असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की जीत का शाश्वत संदेश देता है। यह केवल उत्सव नहीं बल्कि समाज में धर्म, संस्कार और राष्ट्रधर्म की भावना को प्रबल करने वाला पर्व है। इस वर्ष भी भोपाल शहर के हजारों नागरिक इस पावन आयोजन के साक्षी बनेंगे इसलिए तैयारियाँ व्यापक और ऐतिहासिक स्तर पर की जा रही हैं। श्री खेड़ापति हनुमान कॉरिडोर बनेगा शहर में बड़े आयोजनों का केंद्र मंत्री श्री सारंग ने बताया कि महाकाल लोक के तर्ज पर भोपालवासियों के आस्था के केंद्र श्री खेड़ापति हनुमान कॉरिडोर का निर्माण किया जा रहा है। साथ ही छोला दशहरा मैदान का खुला स्वरूप संरक्षित रखते हुए यहाँ दर्शक दीर्घा, रावण दहन स्थल एवं अन्य आवश्यक निर्माण करवाए जाएंगे। बड़े आयोजनों में आने वाले नागरिकों को सड़क पर खड़े न होना पड़े इसके लिए बैठक व्यवस्था की जाएगी। भविष्य में भोपाल शहर में बड़े-बड़े आयोजन और भी सुगमता से हो सकेंगे। यह कॉरिडोर भोपाल में बड़े आयोजनों का केंद्र बनेगा। भव्य तैयारियां और व्यापक व्यवस्थाएं मंत्री श्री सारंग ने बताया कि आगामी 2 अक्टूबर को छोला दशहरा मैदान में हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी हजारों की संख्या में नागरिक इस पावन उत्सव के साक्षी बनेंगे। इस अवसर पर दर्शकों के लिए पर्याप्त बैठक व्यवस्था की जा रही है। वाहनों के लिए पार्किंग की अलग से व्यवस्था होगी। मैदान के आसपास यातायात को सुचारू रखने के लिये विशेष ट्रैफिक प्लान तैयार किया गया है। नागरिकों के लिए शुद्ध पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए चिकित्सा दल एवं अग्निशमन दल तैनात रहेंगे। मंत्री श्री सारंग ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक व्यवस्था इतनी सुदृढ़ हो कि आने वाले नागरिक बिना किसी असुविधा के उत्सव का आनंद ले सकें।  

नशामुक्ति केंद्रों में अब होगी सख्त जांच! सामाजिक न्याय मंत्री कुशवाहा ने दिए निर्देश

सामाजिक न्याय मंत्री कुशवाहा ने नशामुक्ति केंद्रों की जाँच के दिये निर्देश राज्य स्तरीय कार्यक्रम कर दिव्यांगों की प्रतिभा को मंच देने के निर्देश भोपाल सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा ने प्रदेश में संचालित समस्त शासकीय नशा मुक्ति केंद्रों के निरीक्षण के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर कलेक्टर की अध्यक्षता में समिति गठित कर केंद्रों का आकस्मिक निरीक्षण कराया जाए। उन्होंने यह निर्देश शुक्रवार को मंत्रालय में विभागीय समीक्षा बैठक में दिये। इसके साथ ही दिव्यांगों के लिए जिला और ब्लॉक स्तर पर मेडिकल बोर्ड के शिविर आयोजित करने के निर्देश भी दिए। मंत्री कुशवाहा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के "विकसित भारत का मंत्र-भारत हो नशे से स्वतंत्र" देशव्यापी कार्यक्रम के अंतर्गत मध्यप्रदेश में नशा मुक्ति के क्षेत्र में प्रभावी कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। नशा मुक्त समाज के लिए सामाजिक भागीदारी के साथ-साथ विभाग द्वारा जो कार्यक्रम और योजनाएं संचालित की जा रही है, उनका प्रभावी क्रियान्वयन मैदानी स्तर पर किया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि नशे से पीड़ित लोगों के लिए प्रदेश में 13 नशा मुक्ति-सह-पुनर्वास केन्द्र, सात आउट रिच एंड ड्रॉप इन सेंटर, तीन कम्युनिटी बेस्ड पियर-लेड इन्टरवेशन सेंटर तथा 8 जिला मुख्यालय पर डीडीआरसी संचालित किए जा रहे हैं। इन सभी संस्थानों के सुव्यवस्थित संचालन की नियमित समीक्षा किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजन के लिए चलाए जा रहे "सुगम भारत अभियान" की भी नियमित समीक्षा की जाए। मंत्री कुशवाहा ने कहा कि दिव्यांगजन को प्रोत्साहित करने के लिए विभाग द्वारा राज्य स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएं, जिसमें प्रदेश भर के दिव्यांगजन जो गायन, वादन, नृत्य, अभिनय और खेलकूद में रुचि रखते हैं, उनको प्रतिभा दिखाने का अवसर प्राप्त हो सके। इसके लिए विभाग कार्यक्रम की रूपरेखा बनाकर प्रस्तुत करे। प्रमुख सचिव श्रीमती सोनाली वायंगणकर ने बताया कि प्रदेश में नशा मुक्ति अभियान के अंतर्गत सामाजिक संगठन, शैक्षणिक संस्थाओं, स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ सामाजिक न्याय विभाग द्वारा लगातार जन-जागरूकता के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। गांधी जयंती 2 अक्टूबर को विशेष ग्रामसभाओं का आयोजन भी कराया जाएगा। शैक्षणिक संस्थानों में युवाओं को नशे के दुष्प्रभाव से बचने के लिए छात्रावास स्तर पर नशा मुक्ति समितियों का गठन किया गया है। इसके सकारात्मक परिणाम प्राप्त हो रहे हैं। बैठक में प्रमुख सचिव सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण श्रीमती सोनाली वायंगणकर सहित अन्य विभाग की अधिकारी उपस्थित थे।

मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग का 31वाँ स्थापना दिवस

"साइबर सुरक्षा एवं मानव अधिकार विषय पर होगा आयोजन लोकायुक्त श्री सत्येन्द्र कुमार सिंह होंगे शामिल भोपाल  मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग का 31वाँ स्थापना दिवस समारोह "साइबर सुरक्षा एवं मानव अधिकार'' विषय पर शनिवार 13 सितम्बर को आरसीव्हीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी, भोपाल में प्रात: 11 बजे होगा। कार्यक्रम में मुख्य रूप से न्यायमूर्ति श्री सत्येन्द्र कुमार सिंह लोकायुक्त और मानव अधिकार आयोग के कार्यवाहक अध्यक्ष श्री राजीव कुमार टंडन विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम में "साइबर सुरक्षा एवं मानव अधिकार'' विषय पर विषय विशेषज्ञों द्वारा जानकारी दी जायेगी। मानव अधिकार आयोग की स्मारिका का विमोचन और आयोग की नवीन वेबसाइट www.hrc.mp.gov.in का लोकार्पण भी होगा। कार्यक्रम में निदेशक राजीव गाँधी साइबर लॉ सेंटर एनएलआईयू भोपाल प्रो. श्री अतुल पाण्डे, कार्यकारी निदेशक पीडब्ल्यूसी इण्डिया हैदराबाद श्री कृष्ण शास्त्री पेड्ंयाला, वरिष्ठ अधिवक्ता सर्वोच्च न्यायालय नई दिल्ली सुश्री एन.एस. नप्पिनाई, मानव अधिकार आयोग के प्रमुख सचिव श्री मुकेश चंद गुप्ता, सेवानिवृत्त न्यायाधीश, विधि संकाय के प्राध्यापक, प्रशासनिक अधिकारी तथा विद्यार्थी उपस्थित रहेंगे। 

प्रदेश के 9300 हाई एवं हायर सेकेण्डरी स्कूलों में मनाया गया उमंग दिवस

भोपाल "उमंग है तो जिंदगी में रंग है… उमंग है तो प्रगति में संग है'' इस थीम पर आधारित उमंग दिवस का आयोजन शुक्रवार को प्रदेश के 9 हजार 300 हाई एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों में हुआ। इस कार्यक्रम में 20 लाख से अधिक बच्चों की भागीदारी रही। भोपाल के शिवाजी नगर स्थित सुभाष उत्कृष्ट विद्यालय में उमंग कार्यक्रम मनाया गया। कार्यक्रम में समग्र शिक्षा अभियान की अपर परियोजना प्रबंधक श्रीमती मनीषा सेंतिया, संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (यूएनएफपीए) के राज्य प्रमुख श्री सुनील जैकब, कार्यक्रम अधिकारी श्री अनुराग सोनवलकर, डीईओ श्री नरेन्द्र अहिरवार और मोटिवेशनल स्पीकर के रूप में उमंग के नोडल अधिकारी श्री अंकुश वर्मा ने भाग लिया। मोटिवेशनल स्पीकर श्री वर्मा ने बताया कि उमंग स्कूल हेल्थ एंड वैलनेस कार्यक्रम बच्चों के जीवन कौशल शिक्षा आधारित एक ऐसा करिकुलम जो खुद से खुद की पहचान करना सिखाता है। उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम बच्चों को नजरों से नजरें मिलाकर मिलना सिखाता है। बच्चों को यह सिखाता है कि प्रत्येक बच्चे की प्रकृति अलग है। बच्चों को हर परिस्थिति में सामंजस्य बनाने और प्रगति की ओर बढ़ते रहने की उमंग को मजबूत करता है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा निर्धारित 10 जीवन कौशलों से परिचित करवाना है। कार्यक्रम की जीवन कौशल सलाहकार सुश्री तबस्सुम खान ने बच्चों को जीवन में सकारात्मकता के साथ आगे बढ़ने के बारे में जानकारी दी। उमंग स्कूल हेल्थ एवं वेलनेस प्रोग्राम है, जिसे स्कूल शिक्षा, स्वास्थ्य विभाग और यूनाइटेड नेशन्स पापुलेशन फण्ड की बराबर भागीदारी से मिलकर चलाया जा रहा है। राज्य में अब तक 19 हजार शिक्षकों को उमंग के लिये प्रशिक्षित किया जा चुका है।  

17 सिंतबर को बदनावर जिला धार मे होगा प्रधानमंत्री श्री मोदी का आगमन

मुख्य सचिव ने की तैयारियों की समीक्षा भोपाल  प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के बदनावर जिला धार में 17 सितंबर को आगमन को लेकर मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने शुक्रवार को मंत्रालय में विस्तृत समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिये। बैठक में प्रधानमंत्री के मिनिट-टू-मिनिट कार्यक्रम अनुसार न्यू ब्लु बुक अनुसार सुरक्षा को लेकर निर्देश-दिये गये। बैठक में स्वागतकर्ताओं की सूची, हेलीपेड की व्यवस्था, फायरब्रिगेड, एम्बुलेंस एवं फ्यूल की व्यवस्था, वाहन व्यवस्था, वाहनों की पार्किंग, मंच व्यवस्था, विद्युत व्यवस्था, अस्पताल व्यवस्था, फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी व्यवस्था और मीडिया पास पर चर्चा की गयी। बैठक में अपर मुख्य सचिव श्री अशोक वर्णबाल, श्री संजय कुमार शुक्ल, श्री शिवशेखर शुक्ला, प्रमुख सचिव श्री सुखवीर सिंह, श्री संदीप यादव, सचिव मुख्यमंत्री श्री आलोक सिंह, आयुक्त जनसंपर्क श्री दीपक सक्सेना पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना उपस्थित थे। इंदौर पुलिस कमिश्नर एवं कलेक्टर जिला धार वीडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।  

आउटसोर्स कर्मियों के वेतन की तिथि निर्धारित

भोपाल श्रम विभाग ने आउटसोर्स कर्मियों के हित में समय पर वेतन दिलाने की पहल की है। इसके लिये विभाग ने एक व्हाट्सअप नंबर भी जारी किया है। श्रम विभाग के अपर सचिव श्री बसंत कुर्रे ने बताया है कि शासकीय कार्यालयों, निगमों मंडलों और प्राधिकरणों में अगर 1000 से कम आउटसोर्स कर्मचारी कार्यरत हैं तो उन्हें भुगतान 7 तारीख तक किया जाना अनिवार्य है। इसी तरह 1000 से अधिक आउटसोर्स कर्मचारी होने पर उन्हें माह की 10 तारीख तक वेतन का भुगतान किया जाना अनिवार्य है। किसी भी आउटसोर्स कर्मचारी को निर्धारित समय सीमा में वेतन भुगतान न होने की स्थिति में शासन द्वारा संचालित WHATSAPP नंबर 07552555582 पर कर्मचारी अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं।  

स्कूल के टॉपर्स स्कूटी चलाते वक्त यातायात सुरक्षा नियमों का रखें ध्यान : स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री सिंह

भोपाल  स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने आहवान किया है कि स्कूल शिक्षा विभाग के स्कूटी वितरण से लाभान्वित टॉपर्स स्कूटी चलाते वक्त यातायात सुरक्षा नियमों का सावधानीपूर्वक पालन करें। उन्होंने कहा कि 11 सितम्बर को भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विद्यार्थियों को स्कूटी वितरण कार्यक्रम में हेलमेट पहन कर स्कूटी पर सवारी की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हेलमेट पहन कर विद्यार्थी को यह संदेश भी दिया कि वाहन चलाते समय हेलमेट पहनना जरूरी है। यातायात नियमों का रखे ख्याल स्कूल एवं परिवहन मंत्री श्री सिंह ने हितग्राही विद्यार्थियों से सुरक्षा के लिये यातायात नियमों का पालन करने का आहवान किया है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि स्कूटी चलाते वक्त हेलमेट अनिवार्य रूप से पहने और पीछे बैठने वालो को भी दोनों हेलमेट पहनें के लिये कहें। ट्रैफिक सिग्नल, जेब्रा क्रॉसिंग और स्टॉप लाइन का पालन जरूर करें। वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग न करें, मोबाइल का उपयोग दुर्घटना का कारण बनता है। सड़‍क पर मुड़ने से पहले इंडिकेटर अवश्य दें और हॉर्न का अनावश्यक प्रयोग न करें। गलत दिशा में न चलें और ओवरटेक से बचें। वाहन की नियमित जाँच करें। ब्रेकलाइट, टायर और अन्य उपकरण सही हालत में रखें। दो पहिया वाहनों पर दो से ज्यादा लोग न बैठें। परिवहन मंत्री ने बताया कि परिवहन विभाग ने 16 वर्ष से 18 वर्ष तक की उम्र में 50 सीसी से कम इंजन वाली गेयरलेस वाहन के लिये, 16 साल की उम्र में लर्नर लायसेंस ओर 18 साल पूरे होने पर गियर वाले लाइट मोटर व्हीकल के लिये स्थायी ड्रायविंग लायसेंस दिये जाने का प्रावधान है। लर्नर लायसेंस जारी होने के 30 दिन बाद 180 दिन के भीतर ड्रायविंग टेस्ट देना अनिवार्य किया गया है। पिछले 3 वर्षों में 23 हजार 454 टॉपर्स को दी गई स्कूटी प्रदेश में प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रोत्साहन देने के लिये राज्य सरकार ने 3 वर्ष पहले नि:शुल्क स्कूटी प्रदाय योजना शुरू की थी। इस योजना में अब तक सरकारी हायर सेकेण्डरी स्कूल में 23 हजार 454 टॉपर विद्यार्थियों को 246 करोड़ 58 लाख रूपये की राशि व्यय कर स्कूटी प्रदान की गई है। टॉपर्स द्वारा चयन की गई पेट्रोल स्कूटी पर 90 हजार और इलेक्ट्रिकल व्हीकल चयन करने पर एक लाख 20 हजार रूपये की राशि उनके बैंक खातों में अंतरित की गई है। इस राशि में रजिस्ट्रेशन, इंश्योरेंस और हेलमेट की सुविधा भी शामिल है।  

345 करोड़ के विकास कार्यों के साथ झाबुआ चमकेगा, CM मोहन यादव ने किया लोकार्पण

भोपाल/झाबुआ मध्यप्रदेश में 12 सितंबर का दिन महिलाओं के नाम रहा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने झाबुआ जिले के पेटलावद में प्रदेश की 1.26 करोड़ से अधिक लाड़ली बहनों के खाते में 1541 करोड़ से ज्यादा रुपये ट्रांसफर किए। यह राशिलाड़ली बहना योजना की 28वीं किश्त थी। इसके अलावा प्रदेश के मुखिया ने 53.48 लाख सामाजिक सुरक्षा पेंशन हितग्राहियों को 320.89 करोड़ रुपये, 31 लाख से ज्यादा बहनों को एलपीजी सिलेंडर रीफिलिंग के लिए 48 करोड़ रुपये, बीपीएल परिवारों के दिव्यांग हितग्राहियों को कस्टमाइज्ड व्हीकल दिए। उन्होंने पेटलावद में 345.34 करोड़ के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन भी किया। उन्होंने विभिन्न विभागों की थीम पर आधारित प्रदर्शनियों का अवलोकन किया। इस अवसर पर कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का पारंपरिक झूलड़ी-पगड़ी पहनाकर और तीर कमान भेंटकर भव्य स्वागत किया। कार्यक्रम में सीएम डॉ. यादव ने कांग्रेस पर भी जमकर प्रहार किया।   कांग्रेसियों के पेट में मरोड़ें उठने लगीं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि झाबुआ खेती और सब्जी उत्पादन में नई इबारत लिख रहा है। यहां का टमाटर देश के साथ-साथ विदेशों तक जाता है। लाड़ली बहनों को आज एक बार फिर सिंगल क्लिक से 1250 रुपए की सौगात मिली है। यह रक्षाबंधन के आनंद की तरह है। कांग्रेस ने महिलाओं को कभी एक रुपया भी नहीं दिया। कांग्रेसियों को शर्म आनी चाहिए, उन्हें डूब मरना चाहिए। हमारी सरकार ने सावन के महीने में जब लाड़ली बहनों को 1500 रुपये दिए तो कांग्रेसियों के पेट में मरोड़ें उठने लगीं। उनको नींद नहीं आ रही थी, उनका पूरा ध्यान वोट बैंक पर था। कांग्रेसियों ने बेशर्म होकर कहा कि बहनों को पैसे दो तो शराब पी जाती हैं। बहनों को इस बात का जवाब कांग्रेसियों को देना होगा। बहनें पूरे परिवार को देखकर चलती हैं। वे बच्चों की दवाई से लेकर हर चीज में पैसे का सदुपयोग करती हैं। कांग्रेसी जो मन में आ रहा है बेशर्मी से बोल रहे हैं। पूरा प्रदेश इन्हें माफ नहीं करेगा। इस राज्य के लोग बहनों का अपमान कभी बर्दाश्त करने वाले नहीं हैं। कांग्रेस ने कभी फूटी कौड़ी नहीं दी। उन्होंने कभी बहनों की चिंता नहीं की। जब हम बहनों के लिए योजना लेकर आए तो कांग्रेसी सवाल-जवाब करने लगे। कांग्रेसी देख लें, योजना शुरू भी हुई और चल भी रही है। इस योजना में अभी तक 41 हजार करोड़ की राशि दी जा चुकी है। कांग्रेसियों सुन लो बहनों के लिए हमारे खजाने में कोई कमी नहीं है। हम भविष्य में बहनों को 3 हजार रुपये देने के लिए वचनबद्ध हैं। झाबुआ के लोगों को बाहर जाने की नहीं होगी जरूरत सीएम डॉ. यादव ने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में यहां मौजूद कपास की मिलें बंद होती गईं, कपास के खेत घटते गए। परिणाम यह हुआ कि प्रदेश में कपड़ा बनना करीब-करीब बंद हो गया। अब झाबुआ के लोगों को बाहर जाने की जरूरत नहीं है। इस पूरे क्षेत्र में रोजगार के बड़े पैमाने पर अवसर मिलेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशवासियों को जीएसटी से छूट मिली है। वे भारत को आत्मनिर्भर बनाते हुए दुनिया के सामने चट्टान की तरह खड़े हैं। दुनिया के हर मंच पर प्रधानमंत्री मोदी के पहुंचने से ही सबेरा आता है। दुनिया भारत की ओर आशा भरी निगाहों से देख रही है। भारत सरकार देश के 85 करोड़ जरूरतमंदों को नि:शुल्क राशन वितरित कर रही है। प्रधानमंत्री उज्जवला कनेक्शन के माध्यम से बहनों को 48 करोड़ रुपए की सहायता राशि भेजी गई है।  

दुर्गोत्सव समितियों को ऊर्जा मंत्री का निर्देश: अस्थाई बिजली कनेक्शन लेकर ही करें झांकी और पंडाल की सजावट

भोपाल ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने धार्मिक उत्सव समितियों और बिजली उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे रामलीला, दुर्गोत्सव, डांडिया एवं गरबा उत्सव के दौरान धार्मिक पण्डालों एवं झाकियों में बिजली साज-सज्जा कंपनी से नियमानुसार अस्थायी कनेक्शन लेकर ही करें। नवरात्रि त्यौहार तथा गरबा पंडालों को अस्थायी कनेक्शन देने के लिए उपयुक्त प्रबंध किए हैं। अस्थाई कनेक्शन लेने की प्रक्रिया बिजली कंपनी के पोर्टल http://saralsanyojan.mpcz.in पर जाकर निर्धारित प्रपत्र में सही संयोजित विद्युत भार को दर्शाते हुए अस्थायी कनेक्शन के लिये ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। समितियों के पदाधिकारियों से कहा गया है कि वे लायसेंसी विद्युत ठेकेदार की टेस्ट रिपोर्ट आवेदन में संलग्न करें एवं वायरिंग इत्यादि लायसेंसधारी विद्युत ठेकेदार से ही करवाएं। आवेदन में दर्शाए अनुसार विद्युत भार के अनुरूप सुरक्षा निधि एवं अनुमानित विद्युत उपभोग की राशि अग्रिम जमा कराकर बिजली कंपनी से अस्थाई कनेक्शन की रसीद अवश्य लें। रसीद की लेमीनेटेड प्रति अनिवार्य रूप से पंडाल/झांकी के सामने लगाएं। आवेदित विद्युत भार से अधिक भार का उपयोग विद्युत साज-सज्जा के लिए न करें। विद्युत कनेक्शन मीटरीकृत होगा एवं विद्युत देयक की बिलिंग नियमानुसार अस्थायी कनेक्शन हेतु लागू घरेलू दर पर की जाएगी। झांकियों के निर्माण एवं विद्युत साज-सज्जा में सुरक्षा नियमों का अनिवार्य रूप से पालन करें। अनधिकृत तरीके से विद्युत का उपयोग न करें। अधिक जानकारी के लिए कंपनी के टोल फ्री नंबर 1912 पर कॉल कर सकते हैं। अस्थाई कनेक्शन न लेने पर दंड का प्रावधान अधिक भार से ट्रांसफार्मर के जलने की संभावना तथा दुर्घटना की आशंका रहती है। पारेषण एव वितरण प्रणाली पर विपरीत असर होने से अंधेरे होने की संभावना रहती है। अनधिकृत विद्युत उपयोग करने पर इलेक्ट्रिसिटी एक्ट 2003 के तहत उपयोगकर्ता एवं जिस विद्युत ठेकेदार से कार्य कराया गया है, उनके विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही की जाएगी। अनाधिकृत विद्युत उपयोग की दशा में संबंधित विद्युत ठेकेदार के लायसेंस निरस्तीकरण की कार्यवाही की जाएगी।