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रोहित गोदारा गैंग पर शिकंजा, मोस्ट वांटेड कृष्ण सिंह दबोचा गया

जयपुर राजस्थान में संगठित अपराध और गैंगस्टरों के खिलाफ प्रदेश की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) ने एक और बड़ी कामयाबी हासिल की है. एडीजी दिनेश एम एन के कड़े निर्देशन में काम कर रही टीम ने सुजानगढ़ के बहुचर्चित 'जेडीजे ज्वैलर्स' फायरिंग मामले के मुख्य आरोपी कृष्ण सिंह को गिरफ्तार कर लिया है. वह पिछले 3 सालों से पुलिस की आंखों में धूल झोंक रहा था. रोहित गोदारा गैंग का सक्रिय मोहरा गिरफ्तार पकड़ा गया आरोपी कृष्ण सिंह कुख्यात अपराधी रोहित गोदारा और वीरेन्द्र चारण गैंग का बेहद सक्रिय सदस्य है. कृष्ण सिंह पर रंगदारी वसूलने के लिए फायरिंग करने और हत्या जैसे कई गंभीर मामले दर्ज हैं. पुलिस लंबे समय से इसकी तलाश में जुटी थी. एजीटीएफ की पैनी नजर और सटीक मुखबिरी के चलते इस मोस्ट वांटेड अपराधी को सलाखों के पीछे भेजा जा सका है. 27 मुकदमों का अपराधी लक्ष्मण सिंह भी दबोचा गया इस कार्रवाई में टास्क फोर्स ने केवल कृष्ण सिंह को ही नहीं बल्कि एक और आदतन अपराधी लक्ष्मण सिंह को भी दबोचने में सफलता पाई है. लक्ष्मण सिंह के खिलाफ अलग-अलग थानों में 27 मुकदमे दर्ज हैं. वह वैशाली नगर और मकराना पुलिस के लिए लंबे समय से सिरदर्द बना हुआ था. इन दोनों की गिरफ्तारी से गैंग के नेटवर्क को तगड़ा झटका लगा है. इन जांबाज पुलिसकर्मियों की रही अहम भूमिका इस सफल ऑपरेशन में टीम प्रभारी सोहन सिंह और हेड कांस्टेबल महेश सोमरा के नेतृत्व में पूरी टीम ने जी-जान लगा दी. टीम के सदस्य होशियार सिंह, प्रवीण कुमार, जुगन सिंह, महावीर सिंह और कांस्टेबल मोहित महला, जगदीप, जितेंद्र कुमार व सुरेंद्र कुमार ने अपनी विशेष भूमिका निभाई.

बाइक सवार को बचाने में हादसा, चार गंभीर घायल कोटा रेफर

 बूंदी राजस्थान के बूंदी जिले में रविवार तड़के एक दर्दनाक सड़क हादसे ने यात्रियों की जान जोखिम में डाल दी. कापरेन थाना क्षेत्र के अंतर्गत कापरेन और हीरापुर के बीच बूंदी-कोटा लालसोट हाईवे पर सवारियों से भरी एक तेज रफ्तार स्लीपर बस अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई. यह बस कोटा से दिल्ली की ओर जा रही थी, जिसमें बड़ी संख्या में यात्री सवार थे. इस हादसे में लगभग 15 यात्री घायल हो गए हैं. बाइक सवार को बचाने के चक्कर में हुआ हादसा हादसे की शुरुआती जांच में एक चौंकाने वाली बात सामने आई है. बताया जा रहा है कि बस ड्राइवर ने सड़क पर अचानक आए एक बाइक सवार को बचाने का प्रयास किया था, लेकिन बस की रफ्तार इतनी तेज थी कि वह उस पर नियंत्रण नहीं रख सका. देखते ही देखते बस सड़क पर पलट गई और मौके पर चीख-पुकार मच गई. जान बचाने की जद्दोजहद में यात्री इधर-उधर भागने लगे, जिससे हाईवे पर अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया. क्रेन की मदद से बाहर निकाले गए फंसे हुए यात्री घटना की जानकारी मिलते ही कापरेन थाना पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और स्थानीय ग्रामीणों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया. बस पलटने के कारण कुछ यात्री उसके अंदर ही बुरी तरह फंस गए थे, जिन्हें निकालने के लिए पुलिस को क्रेन की मदद लेनी पड़ी. काफी मशक्कत के बाद दो यात्रियों को बस के मलबे से सुरक्षित बाहर निकाला गया. 4 गंभीर घायलों को कोटा किया गया रेफर सभी घायलों को तत्काल कापरेन के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया. चिकित्सकों के अनुसार, घायल 15 यात्रियों में से 4 की हालत अत्यंत गंभीर है, जिसके चलते उन्हें बेहतर इलाज के लिए कोटा के एमबीएस (MBS) अस्पताल रेफर कर दिया गया है. अन्य घायलों का उपचार कापरेन में ही जारी है. हाइवे पर लगा लंबा जाम, पुलिस ने संभाली स्थिति इस दुर्घटना के बाद हाईवे पर यातायात पूरी तरह बाधित हो गया और सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं. पुलिस ने मौके पर स्थिति को संभालते हुए क्रेन की मदद से बस को हटवाया और धीरे-धीरे यातायात को सुचारू कराया. फिलहाल पुलिस हादसे के वास्तविक कारणों की जांच कर रही है और घायलों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है.

नए पार्टी कार्यालय का उद्घाटन, राजस्थान में 7 दफ्तरों का वर्चुअल शुभारंभ

टोंक टोंक में भारतीय जनता पार्टी की मेगा सभा को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं. 27 अप्रैल को बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा टोंक पहुंचेंगे. राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद नितिन नवीन का राजस्थान में पहला दौरा होगा. यह दौरा कई मायनों में खास माना जा रहा है. खास इसलिए भी क्योंकि टोंक विधानसभा कांग्रेस नेता सचिन पायलट का गढ़ भी है. इस लिहाज से भी बीजेपी का यह आयोजन अहम माना जा रहा है.   7 नए पार्टी ऑफिस का भी होगा उद्घाटन इसी दौरान, टोंक में बीजेपी के नए कार्यालय का उद्घाटन भी किया जाएगा. साथ ही राजस्थान के छह अन्य पार्टी कार्यालयों का वर्चुअली उद्घाटन भी किया जाएगा. इसके बाद बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं के साथ एक बड़ी जनसभा आयोजित होगी. हेलीपैड से लेकर सभा स्थल तक 11 जगहों पर होगा स्वागत सभा को लेकर कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है. राष्ट्रीय अध्यक्ष का स्वागत राजस्थानी परंपरा होगा. हेलीपैड से सभा स्थल तक 11 जगहों पर ढोल-नगाड़े और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ भव्य स्वागत की तैयारी है. प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने पहले ही सभा स्थल का पूजन कर तैयारियों का जायजा लिया है. वहीं, कैबिनेट मंत्री भी तैयारी में जुटे हैं. जलदाय मंत्री कन्हैया लाल चौधरी और ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर भी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर तैयारियों का जायजा ले रहे हैं. 

सांवलिया सेठ मंदिर में चढ़ावा रिकॉर्ड तोड़, अब मोरपंख पर लगी पाबंदी

 चित्तौड़गढ़ राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में मेवाड़ अंचल के प्रसिद्ध कृष्ण मंदिर श्री सांवलिया सेठ मंदिर के मासिक भंडार की गणना 7 चरणों में पूरी हुई. भंडार गणना के पूर्ण होने पर 41 करोड़ 67 लाख 38 हजार 569 रुपए प्राप्त हुए. गणना सम्पन्न होने के साथ ही मासिक भंडार की अब तक के इतिहास में सबसे ज्यादा राशि सामने आई है।  मंदिर मंडल बोर्ड के अध्यक्ष हजारी दास वैष्णव ने बताया कि श्री सांवलिया सेठ मंदिर का भंडार 16 अप्रैल को खोला गया था, उसके बाद भंडार की गणना शुरू हुई इसके तहत भंडार से 33,21,63,539 रुपए प्राप्त हुए।  इसके साथ ही भेंटकक्ष और ऑनलाइन डोनेशन से 8,45,75,030 रुपए प्राप्त हुए हैं. भंडार और भेंट कक्ष में सोना-चांदी भी बड़ी मात्रा में आया है. भेंटकक्ष और भंडार से सोना 660 ग्राम 500 मिलीग्राम और भेंटकक्ष और भंडार से चांदी 84 किलो 620 ग्राम प्राप्त हुई है।  परंपरा के अनुसार, पूरे वर्ष में 8 महीने सांवलिया सेठ के भंडार को मासिक अमावस्या से पूर्व चौदस को खोला जाता है. इस बार मासिक भंडार से निकलने वाली दान राशि के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।  भंडार गणना के दौरान मुख्य कार्यपालक अधिकारी प्रभा गौतम, मंदिर मंडल बोर्ड के सदस्य पवन तिवारी, किशन लाल अहीर, राम लाल गुर्जर, हरिराम गाडरी, प्रशासनिक अधिकारी राजेन्द्र सिंह, मंदिर एव संपदा प्रभारी भेरुगिरि गोस्वामी मौजूद रहे।  डीएम और मंदिर मंडल की सीईओ प्रभा गौतम ने बताया- 16 अप्रैल को चतुर्दशी के दिन भंडार खोला गया था। इसके बाद सात राउंड में गिनती की गई। इस दौरान मंदिर के भंडार से कुल 33 करोड़ 21 लाख 63 हजार 539 रुपए प्राप्त हुए। भेंटकक्ष और ऑनलाइन माध्यम से 8 करोड़ 45 लाख 75 हजार 30 रुपए मिले। इनके अलावा करीब 1 करोड़ रुपए कीमत का सोना और करीब 2 करोड़ रुपए की चांदी की भेंट भी चढ़ावे में आई है। प्रभा गौतम ने बताया- इस महीने भंडार, भेंटकक्ष और ऑनलाइन माध्यम से कुल 41 करोड़ 67 लाख 38 हजार 569 रुपए की दान राशि प्राप्ति हुई है। यह एक महीने (29 दिन) में मिली अब तक की सबसे ज्यादा राशि है। इससे पहले, साल 2025 में अप्रैल में अमावस्या पर खोले गए भंडार से करीब 25 करोड़ रुपए चढ़ावे में मिले थे, जो एक महीने में सबसे ज्यादा थे। वहीं, मंदिर में दर्शन की नई व्यवस्था लागू की गई है। अब मोरपंख और 56 भोग लगाने की परंपरा बंद कर दी गई है। सोना-चांदी का भी हुआ तौल आखिरी राउंड की गिनती के दौरान शुक्रवार को कुल 660 ग्राम 500 मिलीग्राम सोना और 84 किलो 620 ग्राम चांदी का तौल हुआ। राजस्थान सर्राफा संघ के महामंत्री किशन पिछोलिया के अनुसार, इस सोने की कीमत करीब 1 करोड़ और चांदी की लगभग 2 करोड़ रुपए है। इसके अलावा काफी मात्रा में विदेशी मुद्रा और चेक भी प्राप्त हुए हैं, जिनकी प्रक्रिया अलग से अपनाई जा रही है। जानिए- पहले से आखिरी राउंड तक कितना मिला चढ़ावा     16 अप्रैल : भंडार खोला गया। पहले दिन 11 करोड़ 11 लाख रुपए गिने गए।     17 अप्रैल : अमावस्या होने से दानराशि की गणना नहीं की गई।     18 अप्रैल : दूसरे राउंड में 6 करोड़ 51 लाख 24 हजार 500 रुपए की दानराशि सामने आई।     19 अप्रैल : रविवार होने से गिनती नहीं की गई।     20 अप्रैल : तीसरे चरण में 9 करोड़ 60 लाख 61 हजार 500 रुपए की राशि प्राप्त हुई।     21 अप्रैल : चौथे राउंड में 3 करोड़ 78 लाख 77 हजार रुपए की गिनती की गई।     22 अप्रैल : पांचवें चरण में 1 करोड़ 31 लाख 42 हजार रुपए गिने गए।     23 अप्रैल : छठे राउंड में 54 लाख 6 हजार 600 रुपए की गिनती हुई।     24 अप्रैल : सातवें राउंड में 34 लाख 51 हजार 939 रुपए की गिनती हुई। कुल 660 ग्राम 500 मिलीग्राम सोना और 84 किलो 620 ग्राम चांदी मिली। भेंटकक्ष और ऑनलाइन माध्यम से 8 करोड़ 45 लाख 75 हजार 30 रुपए मिले। पिछले साल बना था दो महीने की सर्वाधिक दान राशि का रिकॉर्ड मंदिर प्रशासन का कहना है कि नवंबर, 2025 में दिवाली के बाद खोले गए भंडार के दौरान 51 करोड़ 27 लाख 30 हजार 112 रुपए चढ़ावा आया था। यह अब तक की सर्वाधिक दान राशि है। हालांकि यह दो महीने (21 सितंबर से 18 नवंबर तक) की दान राशि का रिकॉर्ड है।

नोट बरसाने’ का ड्रामा, तांत्रिक बनकर गिरोह ने ऐसे लूटा शिकार

अजमेर तत्र-मंत्र से नोट बरसाने का पाखंड और भोले-भाले लोगों से पैसे ऐंठने के बाद मौत का ड्रामा, यह मामला किसी फिल्मी सीन से कम नहीं लगता. डीग में ऐसी ही ठगी का भंडाफोड़ हुआ है, जहां आरोपी खुद को तांत्रिक बताते हुए पैसा दोगुना करने का झांसा देता था. इस एवज में उसने कई लोगों से ठगी कर ली. पुलिस ने शातिर और संगठित गिरोह का भंडाफोड़ कर दिया है. कामां थाना पुलिस और डीएसटी टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए गिरोह के 4 सदस्यों को गिरफ्तार किया. पुलिस ने इनके पास से ठगी गई पूरी राशि  4 लाख 35 हजाररुपए बरामद कर ली है. सुनसान जगह ले गया आरोपी डीग एसपी शरण कांबले ने बताया कि अजमेर निवासी राजेंद्र सिंह सोलंकी को गिरोह ने फोन कर झांसे में लिया था. उसे खेडली जल्लो क्षेत्र के एक सुनसान जगह पर बुलाया गया. वहां गिरोह ने पहले से ही एक पटकथा तैयार कर रखी था. एक छोटे कद का व्यक्ति 'तांत्रिक' बनकर बैठा था, जिसने तंत्र-मंत्र और कंबल से नोट बरसाने का पाखंड किया. इसके बाद पैसे ठगने का खेल शुरू होता था. पैसे हड़पने के बाद 'नाटक' शुरू जैसे ही पीड़ित राजेंद्र ने 4 लाख 35 हजार रुपए आरोपियों को सौंपे, तांत्रिक ने अचानक 'मौत' का नाटक शुरू कर दिया. गिरोह के अन्य सदस्यों ने वहां डर का माहौल पैदा कर दिया और पीड़ित को पुलिस केस और मौत के डर से वहां से भागने पर मजबूर कर दिया. जांच में सामने आया है कि गिरोह का मुख्य सरगना पिछले 10 वर्षों के दौरान कई लोगों को ठगी का शिकार बना चुका है. आरोपियों से पूछताछ कर गिरोही के अन्य साथियों और पीड़ित के बारे में भी पता लगाया जा रहा है.

OPS को लेकर बढ़ी सख्त,CAG ने राजस्थान सरकार से वित्तीय डेटा मांगा

जयपुर  राजस्थान में ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) एक बार फिर चर्चा में है. इस बार मामला सरकारी फाइलों और आर्थिक गणित से जुड़ा है. भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) ने शनिवार को राजस्थान सरकार को एक अहम नोटिस जारी किया है, जिसमें राज्य के खजाने पर पड़ने वाले आर्थिक असर का ब्यौरा मांगा गया है. आइए, आसान शब्दों में समझते हैं कि इस नोटिस के पीछे की कहानी क्या है और यह क्यों महत्वपूर्ण है. क्या मांग रहा है CAG? CAG ने राजस्थान सरकार को निर्देश दिया है कि वह OPS से जुड़ी एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करे. इस रिपोर्ट के जरिए सरकार को यह बताना होगा कि अगले 10 वर्षों में पेंशन स्कीम के कारण सरकारी खजाने पर कितना आर्थिक दबाव पड़ेगा. रिपोर्ट में मुख्य रूप से ये जानकारी देनी होगी CAG की इस विस्तृत रिपोर्ट में राजस्थान सरकार को तीन प्रमुख पहलुओं पर फोकस करना होगा. सबसे पहले, अगले 10 सालों में OPS के कारण सरकारी खजाने पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ का अनुमान लगाना अनिवार्य है. इसके साथ ही, राज्य की मौजूदा बजट स्थिति और वित्तीय हालात का सटीक खाका पेश करना होगा, ताकि पेंशन भुगतान और राजस्व आय के बीच के संतुलन को स्पष्ट रूप से समझा जा सके. क्यों जरूरी है यह रिपोर्ट? यह कोई सामान्य सवाल-जवाब नहीं है, बल्कि कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है. CAG ने यह जानकारी वित्तीय जिम्मेदारी एवं बजट प्रबंधन अधिनियम (FRBM Act) के तहत मांगी है. क्या होता है FRBM Act? यह एक्ट एक तरह का 'रूलबुक' है, जो राज्य सरकारों को अनुशासन में रखता है. इसके तहत किसी भी राज्य को यह स्पष्ट करना अनिवार्य है कि वह अपने खर्चों का प्रबंधन कैसे कर रहा है और भविष्य में उसके वित्तीय दायित्व (Financial Obligations) क्या होंगे. यह एक्ट सुनिश्चित करता है कि राज्य सरकार कर्ज के जाल में न फंसे और विकास के लिए पर्याप्त फंड बचा रहे. रिपोर्ट जमा करने की डेडलाइन राजस्थान सरकार को यह पूरी जानकारी 15 जून तक जमा करानी है. सरकार को अपनी वित्तीय स्थिति का स्पष्ट आईना पेश करना होगा, जिससे यह पता चल सके कि भविष्य में पेंशन का बोझ राज्य के विकास कार्यों या अन्य योजनाओं को प्रभावित तो नहीं करेगा. मामला क्या है? याद दिला दें कि राजस्थान में साल 2022 में तत्कालीन सरकार ने नई पेंशन योजना (NPS) को हटाकर वापस ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) लागू की थी. तभी से यह मुद्दा देशभर में बहस का विषय बना हुआ है कि लंबे समय में यह स्कीम राज्य की अर्थव्यवस्था पर क्या असर डालेगी. अब CAG की इस रिपोर्ट से वित्तीय स्थिति की पूरी तस्वीर साफ हो पाएगी.

जयपुर हाईकोर्ट में विरोध के बीच कामकाज जारी, 39 जज रहे मौजूद

जयपुर राजस्थान हाईकोर्ट में शनिवार (25 अप्रैल) को कार्य दिवस बनाए जाने पर एक बार फिर से विवाद रहा. हाईकोर्ट में आज महीने के चौथे शनिवार को कार्य दिवस घोषित किया गया है. हालांकि, हर शनिवार की तरह आज भी अधिवक्ताओं ने कार्य बहिष्कार किया. दरअसल, हाईकोर्ट में महीने के पहले और चौथे शनिवार को कार्यदिवस घोषित किया गया है. अधिवक्ता इस फैसले का विरोध कर रहे हैं. आज सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत भी जयपुर में है. इस दौरान जयपुर में 39 न्यायाधीश एक साथ हाईकोर्ट में सुनवाई के लिए मौजूद रहे. आज विशेष रूप से 12 न्यायाधीशों की चार लार्जर बेंच का गठन भी किया गया है. पिछले साल लिया गया था फैसला हालांकि आज कोर्ट में न्यायाधीश तो उपस्थित रहे, लेकिन अधिवक्ता नदारद रहे. कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा ने इस पर चिंता भी जताई. बता दें कि पिछले साल 12 दिसंबर 2025 को राजस्थान हाईकोर्ट की फुल कोर्ट की बैठक में यह निर्णय लिया गया था कि जनवरी से हाईकोर्ट हर महीने के दो शनिवार खुला रहेगा. इससे वर्षभर में 24 दिन अतिरिक्त काम हो सकेगा और लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आएगी. लगातार बढ़ रहा है केस का दवाब फुल कोर्ट बैठक में यह माना गया कि अदालतों में लगातार बढ़ते मामलों के दबाव को देखते हुए न्यायिक समय का विस्तार आवश्यक हो गया है. महीने के दो शनिवार को हाईकोर्ट के खुलने से न केवल लंबित मामलों की संख्या कम होगी, बल्कि न्यायिक प्रक्रिया अधिक प्रभावी, तेज और समयबद्ध बनेगी.

स्कूटी से रेकी, गुलेल से वार… अंतरराज्यीय गिरोह के 2 बदमाश गिरफ्तार

जयपुर जयपुर ने कारों के शीशे तोड़कर कीमती सामान और नकदी चोरी करने वाली गैंग का खुलासा हुआ है. जयपुर पूर्व जिले की पुलिस ने अंतरराज्यीय ‘गुलेल गैंग' ने 2 शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है. जवाहर नगर थाना और डीएसटी टीम ने संयुक्त कार्रवाई की. आरोपी संगठित तरीके से वारदात को अंजाम देते थे. इन आरोपियों ने शहर के जवाहर नगर, कानोता, जामडोली, अशोक नगर, श्याम नगर सहित अन्य इलाकों में एक दर्जन से अधिक वारदातों को अंजाम दिया. इसके अलावा दौसा, अलवर और नीमच जैसे क्षेत्रों में भी इस गिरोह की सक्रियता सामने आई है. पहले रेकी और फिर वारदात को अंजाम एक आरोपी स्कूटी से पहले रेकी करता था और गाड़ियों में बैग या कीमती सामानों चिन्हित करता था. इसके बाद दूसरा आरोपी पावर बाइक पर मौके पर पहुंचकर गुलेल से पत्थर मारकर कार का शीशा तोड़ता और सामान निकालकर दोनों तुरंत फरार हो जाते थे. पुलिस की टीम ने करीब 100 किलोमीटर क्षेत्र में लगे 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरों को खंगाला. जांच के दौरान, 80 होटल और गेस्ट हाउस के रिकॉर्ड की भी पड़ताल की गई. तकनीकी विश्लेषण और फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया गया. 2 आरोपी गिरफ्त में, तीसरा फरार गिरफ्तार आरोपी इम्तियाज आलम उर्फ अमनराज सिवान (बिहार) और रोहित कृष्णा तमिलनाडु का रहने वाला है. दोनों फरीदाबाद में किराये पर रह रहे थे. पुलिस ने बताया कि तीसरा आरोपी परमजीत यादव फरार है, जिसकी तलाश जारी है. दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर 30 अप्रैल तक पुलिस रिमांड पर लिया गया है. पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य मामलों का खुलासा करने और चोरी गए माल की बरामदगी के प्रयास कर रही है. 18 अप्रैल को जयपुर आए आरोपी जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी हाल ही में जेल से बाहर आने के बाद ओएलएक्स के जरिए स्कूटी और बाइक खरीदकर वारदातों को अंजाम दे रहे थे. आरोपी ने 16 अप्रैल को दिल्ली से गाड़ी ली और 18 अप्रैल को जयपुर पहुंचे. इसके बाद 20 अप्रैल तक चोरी की वारदात करते रहे.   इन इलाकों में की चोरी     18 अप्रैल: जामडोली, कानोता और अशोक नगर में नकदी और इलेक्ट्रॉनिक सामान चोरी.     19 अप्रैल: सी स्कीम, सोडाला, महेश नगर और श्याम नगर में कई स्थानों पर वारदात.     20 अप्रैल: अजमेर रोड स्थित होटल हाईवे किंग और सी स्कीम में भी चोरी.

बांसवाड़ा में दहशत,श्यामपुरा इलाके में फिर दिखे दो पैंथर

बांसवाड़ा अगर आप मॉर्निंग वॉक पर जाए और पैंथर से सामना हो तो क्या होगा? कुछ ऐसा ही डर, इन दिनों बांसवाड़ा में बरकरार है. शहर से सटे श्यामपुरा वन क्षेत्र में एक बार फिर पैंथर ने दस्तक दी है. पैंथर की मौजूदगी से इलाके में हड़कंप मच गया है. इस बार दो पैंथर मुख्य सड़क के पास बनी दीवार पर बैठे नजर आए, जिससे वहां से गुजरने वाले लोगों में दहशत फैल गई. यह क्षेत्र शहर के बेहद करीब होने के साथ-साथ एक व्यस्त मार्ग भी है, जहां दिनभर लोगों की आवाजाही बनी रहती है. ऐसे में खुले इलाके में पैंथर का दिखना खतरे की घंटी माना जा रहा है. इलाके में लगातार पैंथर का मूवमेंट स्थानीय लोगों के अनुसार, इस इलाके में पहले भी कई बार पैंथर देखे जा चुके हैं, जिससे आसपास के रहवासियों में लगातार डर बना हुआ है. श्यामपुरा क्षेत्र में बने जॉगिंग ट्रैक पर सुबह-सुबह टहलने आने वाले लोगों में खासा भय देखा जा रहा है. लोगों ने वन विभाग से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने और गश्त बढ़ाने की मांग की है. तापमान बढ़ने से वन्यजीवों का खतरा भी बढ़ा विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती गर्मी और जंगलों में पानी की कमी के कारण वन्यजीव आबादी वाले इलाकों की ओर रुख कर रहे हैं. यही वजह है कि पैंथर जैसे जानवर शहर के करीब नजर आ रहे हैं, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष का खतरा भी बढ़ रहा है. वहीं, वन विभाग की तैयारियों पर भी सवाल उठने लगे हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि अब तक पर्याप्त सुरक्षा उपाय नहीं किए गए हैं. यही वजह है कि इस तरह की घटनाएं बार-बार सामने आ रही हैं.

डीग पुलिस का बड़ा एक्शन,नकली सोना और साइबर फ्रॉड गिरोह का भंडाफोड़

डीग डीग के मेवात क्षेत्र में संगठित अपराध और साइबर ठगी के खिलाफ पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया. शुक्रवार (24 अप्रैल) को ठगों के नेटवर्क पर करारा प्रहार करते हुए ‘ऑपरेशन एंटी-वायरस' और ‘वज्र प्रहार' के तहत कार्रवाई की गई. पुलिस ने जुरहरा थाना क्षेत्र के कलतरिया के जंगलों और भंडारा गांव की सीमा में करीब 4 घंटे तक सर्च ऑपरेशन चलाया. इस मेगा ऑपरेशन में कुल 18 शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है. इनमें से 11 आरोपी नकली सोने की ईंट दिखाकर ठगी करने वाले गिरोह से जुड़े हैं, जबकि 4 आरोपी साइबर फ्रॉड में लिप्त पाए गए. इसके अलावा लंबे समय से फरार चल रहे 3 वांछित अपराधियों को भी दबोचा गया है. कई गाड़ियां, मोबाइल और फर्जी सिम जब्त पुलिस ने आरोपियों के पास से ठगी की रकम से खरीदी गई थार, स्कॉर्पियो जैसी कई गाड़ियां भी जब्त की. साथ ही नकली पीतल की ईंटें, 4 एंड्रॉयड मोबाइल और 7 फर्जी सिम कार्ड भी बरामद किए गए हैं. पुलिस ने आरोपियों को नहीं लगने दी भनक एसपी कांबले शरण गोपीनाथ ने कार्रवाई के निर्देश दिए. इस दौरान 2 डीएसपी, 4 थानाधिकारी और डीएसटी-क्यूआरटी टीम समेत करीब 50 पुलिसकर्मी शामिल रहे. पुलिस टीम ने एक साथ कई ठिकानों पर दबिश दी, जिससे आरोपियों को भागने का मौका नहीं दिया. ब्लैकमेलिंग से लेकर ठगी तक का नेटवर्क प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी पीतल की ईंटों को पॉलिश कर ‘प्राचीन सोना' बताकर लोगों को ठगते थे. जबकि साइबर ठग सोशल मीडिया और फर्जी आईडी के जरिए ब्लैकमेलिंग करते थे. फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क और बैंक खातों की जांच कर रही है, जिससे और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है.