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मुख्यमंत्री ने उज्जैन को दी 173 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारी सरकार प्रदेश के समान विकास के लिए संकल्पित होकर कार्य कर रही है। उज्जैन (अवंतिका) एक प्राचीन नगर है। यहां का व्यापार व्यवसाय और इसका वैभव ही सदियों से इस नगर का गौरव और पहचान रही है। उज्जैनवासियों ने हर काल में शहर के विकास में सहयोग दिया है और आज भी यहां के लोग विकास एवं सौंदर्यीकरण के लिए स्वैच्छिक योगदान दे रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को महाकाल महालोक, उज्जैन में विकास कार्यों के भूमिपूजन एवं लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने यहां 173 करोड़ रुपये लागत के 15 विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन को जल्द ही मेट्रो ट्रेन की सौगात भी मिलेगी। भोपाल के मास्टर प्लान का ड्रॉफ्ट प्रकाशित कर दिया गया है। ग्वालियर नई मेट्रोपॉलियन सिटी के रूप में विकसित होगा साथ ही इसे टेलीकॉम सिटी के रूप में भी विकसित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर-भोपाल-जबलपुर तक औद्योगिक गलियारा बनने जा रहा है। इससे पूरे प्रदेश में औद्योगिक विकास को गति मिलेगी। हमारी सरकार सेवा भाव से समान रूप से कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सुगम परिवहन सेवा से प्रदेश में नई परिवहन सेवाएं प्रारंभ की गई हैं। इसके अन्तर्गत यात्री बसें एक नगर से दूसरे नगर तक ही नहीं, बल्कि एक राज्य से दूसरे राज्य तक जाएंगी। उज्जैन में श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों की सुविधा के लिए उज्जैन दर्शन हेतु 10 नई पीएम ई-बस सेवाओं का शुभारंभ किया गया है। कार्यक्रम को उज्जैन सांसद  अनिल फिरोजिया, राज्यसभा सदस्य बालयोगी  उमेशनाथ महाराज, सांसद डॉ. लता वानखेड़े एवं महापौर  मुकेश टटवाल ने भी संबोधित किया।जनप्रतिनिधियों ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में उज्जैन का चौमुखी विकास हो रहा है तथा सिंहस्थ के दृष्टिगत नगर को सजाया-संवारा जा रहा है। इस अवसर पर मध्यप्रदेश गृह एवं अधोसंरचना निर्माण मंडल के अध्यक्ष  ओम जैन, सिंहस्थ प्राधिकरण के अध्यक्ष  जगदीश अग्रवाल, पूर्व विधायक  राजेन्द्रध भारती,  संजय अग्रवाल,  जगदीश पांचाल एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे। आरंभ में मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। उज्जैन में होंगे 173 करोड़ रुपए के विकास कार्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार को उज्जैन में हुए कार्यक्रम में 15 विकास कार्यों का भूमि -पूजन और लोकार्पण किया। इसमें 12 कार्यों का भूमि-पूजन और 3 कार्यों का लोकार्पण शामिल है। भूमि-पूजन कार्यों में मुख्य रूप से नगर निगम उज्जैन के 8 बड़े कार्य हैं, जिनमें गौशाला मार्ग से शिप्रा विहार मार्ग निर्माण, महाकाल लोक क्षेत्र में पार्किंग सुविधा,  महाकाल मंदिर परिसर का विकास एवं क्षिप्रा नदी के घाटों का जीर्णोद्धार जैसे कार्य शामिल हैं। इसके साथ ही उज्जैन स्मार्ट सिटी द्वारा महाकाल मंदिर के पीछे लैंडस्केपिंग, पुलिस विभाग द्वारा चिंतामण जवासिया में पुलिस आवास और उन्हेल में थाना भवन तथा पर्यटन विभाग द्वारा 45 नगरीय वनों का विकास कार्य शामिल है, जिनकी कुल लागत 153.31 करोड़ रुपये है। लोकार्पित किए गए कार्यों में पुलिस आवास अधोसंरचना विकास निगम द्वारा नीलगंगा और उन्हेल में निर्मित पुलिस आवास एवं थाना भवन तथा ऊर्जा विभाग द्वारा बड़नगर में निर्मित 33/11 के.व्ही. उपकेन्द्र शामिल हैं, जिनकी कुल लागत 19.56 करोड़ रुपये है। इन सभी कार्यों से उज्जैन के नागरिकों को अधोसंरचना, सुरक्षा और पर्यटन विकास की बेहतर सुविधाएं प्राप्त होंगी।    

प्रेमानंद महाराज के शिष्य की संदिग्ध मौत, CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस; कई एंगल से जांच

मथुरा मथुरा के वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण की मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। शुक्रवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे बाराह घाट मार्ग स्थित गुरु कृपा कुंज आश्रम की छत से गिरने के बाद उनकी मौत हो गई। उन्हें आनन-फानन में निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इस बीच घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जिसमें वह अचानक आश्रम की छत से सड़क पर गिरते दिखाई दे रहे हैं। घटना के समय सड़क पर लोगों की आवाजाही थी। कुछ लोग साइकिल से गुजर रहे थे और एक साइकिल सवार के सामने ही दीपक के गिरने से वह चौंक गया। उसके पीछे आ रहा दूसरा साइकिल सवार भी रुक गया। इसी दौरान सामने से एक चार पहिया वाहन भी गुजर रहा था। घटना के बाद आसपास हड़कंप मच गया। अब सवाल उठ रहे हैं कि दीपक ने सुसाइड किया या फिर मामला कुछ और है। चौथी मंजिल से गिरने से वीडियो सामने आया प्रेमानंद महाराज के शिष्य दीपक पटेल उर्फ रसिक दुलारी शरण की मौत की गुत्थी सुलझाने में पुलिस जुट गयी है। जो दिख रहा है, उस पर तो पुलिस जांच कर ही रही है। पुलिस इस दिशा में भी जांच कर रही है कि कहीं कुछ ऐसा तो नहीं है जो अभी नजर नहीं आया हो। जो सीसीटीवी फुटेज पुलिस को मिले हैं, उन्हें जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेजा जा रहा है। यही नहीं ऐसी भी आशंका है कि घटना के समय मृतक किसी ड्रग्स के प्रभाव में तो नहीं था। इसलिए उसके रक्त का नमूना जांच के लिए भेजा गया है। प्राइवेट पार्ट कैसे कटा? कोई सामान्य व्यक्ति कैसे अपने प्राइवेट पार्ट को ग्राइंडर से काट सकता है, यह बात किसी के गले नहीं उतर रही। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जो सीसीटीवी फुटेज आश्रम के मिले हैं, उसे देखकर आश्चर्यचकित होना स्वाभाविक है। इन फुटेज के अनुसार रसिक दुलारी शरण कक्ष से निकलता दिखता है। उस समय एक धोती वह लपेटे हुए है, जिस पर खून दिख रहा है और एक धोती वह आगे की ओर किए हुए है, जिससे उसके आगे का हिस्सा दिख न सके। वह सीढ़ियों की ओर जाता दिखता है और छत पर पहुंच जाता है। वह पैर चौड़ाकर चल रहा होता है। छत पर पहुंचकर वह बाउंड्री पर बैठ जाता है। सीसीटीवी फुटेज की जांच में जुटी पुलिस पुलिस सूत्रों के अनुसार समूचे घटनाक्रम, सीसीटीवी और परिस्थितियों को देखते हुए रक्त नमूने जांच को भेजे गए हैं, ताकि यह पता चल सके कि उस समय मृतक किसी ड्रग्स के प्रभाव में तो नहीं था। हालांकि यह संतों का आश्रम है लेकिन जांच में सभी एंगल ध्यान में रखे जा रहे हैं। इसके अलावा पुलिस ने आश्रम से सीसीटीवी फुटेज कलेक्ट कर लिए हैं और उनको फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जा रहा है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उनसे कोई छेड़छाड़ तो नहीं हुई।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोक नि.वि. विभाग द्वारा निर्मित की जा रही सड़क का किया निरीक्षण

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने उज्जैन प्रवास के दौरान सिंहस्थ 2028 के लिए किए जा रहे निर्माण कार्यों के साथ ही लोक निर्माण विभाग द्वारा सीआईआरएफ के तहत निर्मित की जा रही 14.42 किलोमीटर लंबी सड़क, आरओबी व पुलों के निर्माण कार्य का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कार्य की प्रगति पर संतोष प्रकट किया तथा निर्देश दिए हैं कि समस्त कार्य समय सीमा में पूर्ण होना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा आज हरि फाटक से होकर लालपुर, मुल्लापुरा वाया शंकराचार्य चौराहा से चंदूखेड़ी मार्ग पर फोर एवं सिक्स लेन का निर्माण तथा शिप्रा नदी पर अतिरिक्त पुल का निर्माण व टू लेन आरओबी के निर्माण कार्य का स्थल पर जाकर निरीक्षण किया एवं दिशा-निर्देश भी दिए।  

योगी सरकार में खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास को नई रफ्तार, 1548 करोड़ रुपये से 8,397 परियोजनाएं ला रहीं बदलाव

लखनऊ उत्तर प्रदेश में खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास और वहां रहने वाले लोगों की सुविधाएं बढ़ाने के लिए जिला खनिज फाउंडेशन (डीएमएफ) निधि का योगी सरकार में व्यापक इस्तेमाल हो रहा है। वर्ष 2017 से अगस्त 2026 तक प्रदेश में इस निधि से कुल 8,397 परियोजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन परियोजनाओं पर अब तक 1548 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जा चुके हैं। इसके जरिए शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे से लेकर महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के कल्याण तक विभिन्न क्षेत्रों में इन परियोजनाओं का सुधारात्मक असर दिखाई दे रहा है। भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग के मुताबिक खनन से प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देने के लिए जिला खनिज फाउंडेशन निधि का उपयोग किया जा रहा है। इसके तहत अवैध खनन और परिवहन पर रोक के लिए चेकिंग रोड का निर्माण और समय-समय पर मरम्मत, वृक्षारोपण व रेन वाटर हार्वेस्टिंग जैसे कार्य भी कराए गए हैं। शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं पर विशेष जोर योगी सरकार के पिछले 9 वर्षों से अधिक में डीएमएफ निधि से प्रत्येक जनपद में शिक्षा से जुड़ी 3,419 परियोजनाओं के तहत प्राथमिक विद्यालयों का जीर्णोद्धार कराया गया। स्कूलों में स्मार्ट कक्षाएं, स्पेस लैब, कंप्यूटर सिस्टम समेत आधुनिक सुविधाएं व तकनीकी उपकरण उपलब्ध कराए गए। वहीं स्वास्थ्य क्षेत्र में 323 परियोजनाओं के तहत अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में आधुनिक एवं नवीन उपकरण उपलब्ध कराकर स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत किया गया है। गांवों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार ग्रामीण खनन प्रभावित क्षेत्रों में 516 भौतिक अवस्थापना परियोजनाओं के तहत सामुदायिक भवनों का निर्माण और जीर्णोद्धार कराया गया है। इसके साथ ही ग्रामीण विकास, स्वच्छता, सौर प्रकाश, पेयजल, कृषि और सिंचाई से जुड़ी परियोजनाएं भी संचालित हैं। महिलाओं और बच्चों के कल्याण के लिए 3,070 परियोजनाएं संचालित की जा रही हैं। इनमें आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण, वजन मापने की मशीन, लंबाई मापने के लिए टेप जैसी आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जा चुकी हैं। वहीं बुजुर्गों के लिए रात्रि केंद्र, किचन और हैंडपंप जैसी सुविधाओं पर भी काम किया गया। पैदल यात्रा के लिए फुटपाथ निर्माण जैसी योजनाएं भी जिला खनिज फाउंडेशन के माध्यम से कई जनपदों में पूरी हो गईं हैं। कौशल विकास से रोजगार के अवसर प्रदेश में खनन प्रभावित क्षेत्रों के युवाओं और अन्य लोगों को रोजगार से जोड़ने के लिए मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण, डेयरी फार्मिंग में रोजगार सृजन, कौशल विकास प्रशिक्षण और सिलाई प्रशिक्षण जैसे कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में काम हो रहा है।

कबड्डी में स्वर्ण जीतकर छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करने वाली संजू देवी से बोले अरुण साव- आप पर प्रदेश को गर्व

रायपुर उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  अरुण साव ने जापान में इन दिनों चल रहे एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय महिला कबड्डी टीम की सदस्य संजू देवी से वीडियो कॉल पर बात कर बधाई दी।  साव ने बातचीत के दौरान संजू देवी की स्वर्णिम सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए उनसे कहा कि आपने देश के साथ छत्तीसगढ़ को भी गौरवान्वित किया है। आपकी मेहनत, संघर्ष और खेल के प्रति जुनून प्रदेश की बेटियों और युवा खिलाड़ियों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देगा। उप मुख्यमंत्री  साव ने संजू देवी को आगे भी इसी तरह शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रदेश और देश का नाम रोशन करने के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश को अपनी बेटी की इस उपलब्धि पर गर्व है। बातचीत के दौरान संजू देवी ने आगे बढ़ने और अपने खेल को निखारने के लिए राज्य शासन तथा खेल विभाग की ओर से मिले सहयोग एवं प्रोत्साहन के लिए  आभार जताया।  साव ने कहा कि संजू देवी की यह सफलता उनके समर्पण और लगातार संघर्ष का परिणाम है। खेल के प्रति उनका जुनून प्रदेश के उभरते खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायी है। खासकर खेलों में आगे बढ़ने का सपना देख रही बेटियों को उनकी उपलब्धि नई प्रेरणा देगी। बिलासपुर के बहतराई खेल अकादमी में प्रशिक्षण ले रही कोरबा की संजू देवी भारतीय कबड्डी टीम की महत्वपूर्ण सदस्य है। भारत की ओर से खेलते हुए उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंचों में तीसरी स्वर्णिम सफलता हासिल की है। उन्होंने कबड्डी विश्वकप और एशियन चैंपियनशिप में भी भारत को विजेता बनाने में उम्दा प्रदर्शन किया था।

डीलर-एजेंट नहीं कर पाएंगे पसंदीदा नंबर लॉक! RTO में नई व्यवस्था की तैयारी

इंदौर आरटीओ की सेवाओं में बदलाव और निजीकरण की चर्चाओं के बीच अब च्वाइस नंबर की व्यवस्था बदलने की तैयारी है। प्रस्तावित व्यवस्था में वाहन मालिक अपनी पसंद का नंबर पहले से रिजर्व करा सकेंगे। इसके लिए निर्धारित शुल्क देना होगा। इसका मकसद डीलर या एजेंट द्वारा नंबर पहले ही लॉक कर लेने की स्थिति खत्म करना है। सूत्रों के अनुसार, इस संबंध में मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के अधिकारियों ने पिछले दिनों दिल्ली मुख्यालय से भी चर्चा की है। मौजूदा समय में दो और चार पहिया वाहनों के वीआइपी नंबरों का आवंटन बिडिंग के जरिए होता है। वहीं च्वाइस नंबरों की अलग श्रेणी है। इसमें ऐसे नंबर आते हैं, जिन्हें वाहन मालिक अपनी पसंद के कारण लेना चाहते हैं। ये होती थी समस्या अभी इन नंबरों को लेने की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है और वाहन डीलर के माध्यम से आवेदन किया जाता है। परेशानी तब होती है, जब किसी पसंदीदा नंबर को जिले का कोई डीलर या एजेंट पहले ही पोर्टल पर लॉक कर देता है। बाद में वाहन मालिक अपनी नई गाड़ी के लिए वही नंबर लेना चाहता है तो स्पेशल नंबर पोर्टल पर नंबर पहले से बुक दिखाई देता है। अब नंबर पहले से अपने नाम पर रिजर्व करने का विकल्प नई व्यवस्था के प्रस्ताव में वाहन मालिक को अपना पसंदीदा नंबर पहले से अपने नाम पर रिजर्व कराने का विकल्प देने पर विचार किया जा रहा है। इसके लिए निर्धारित अतिरिक्त शुल्क लिया जा सकता है। इससे वाहन खरीदने से पहले ही पसंदीदा नंबर सुरक्षित हो सकेगा और डीलर या एजेंट द्वारा उसे पहले लॉक करने की स्थिति नहीं बनेगी। अंतिम निर्णय मुख्यालय स्तर पर लिया जाना है। बदनाम है विभाग सरकारी महकमें में सबसे बदनाम विभागों में आरटीओ का नाम सबसे उपर आता है। यहां पर कोई भी काम बिना व्यवहार के नहीं होता है। जिसको लेकर कई बार शिकवें-शिकायतें भी हुई, लेकिन कुएं में भांग मिली होने जैसे हाल होने पर कोई कार्रवाई नहीं होती है। केंद्र सरकार ने अब विभाग पर नकेल कसना शुरू कर दिए। धीरे-धीरे कई काम अब ऑनलाइन और निजी हाथों में दे दिए हैं। इसमें सबसे बड़ा झटका विभाग को फिटनेस की व्यवस्था के निजीकरण से लगा था। इस काम में एजेंटों के साथ विभाग की अच्छी सेवा होती थी।

बिहार में झमाझम बारिश के बाद राहत के आसार, 28 सितंबर को आंधी-बिजली का अलर्ट

पटना  बिहार के लोगों को अब पिछले दिनों हुई झमाझम बारिश से राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विज्ञान केंद्र पटना (IMD) द्वारा जारी ताजा रिपोर्ट के अनुसार पिछले 24 घंटों के दौरान बिहार में मानसून सक्रिय रहा। पश्चिमी चंपारण और सीतामढ़ी जिलों के एक-दो स्थानों पर बहुत भारी वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा गोपालगंज, सिवान, पूर्वी चंपारण, शिवहर, मधुबनी, सुपौल और पटना जिले में भी भारी वर्षा हुई है। पिछले 24 घंटों में वर्षा और हवा के आंकड़े पिछले 24 घंटे में वाल्मीकिनगर (194.8 मिमी), सोनबरसा (190.0 मिमी), मैनाटांड़ (168.4 मिमी), मधुबनी (108.6 मिमी), रघुनाथपुर (102.2 मिमी) और पिपराही (100.8 मिमी) बारिश दर्ज की गई है। वहीं, राजधानी पटना में 61.2 मिमी बारिश दर्ज की गई। पिछले 24 घंटे में कैमूर (भोजपुर) जिले में सबसे तेज 65 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवा दर्ज की गई। पिछले 24 घंटे में सर्वाधिक अधिकतम तापमान पूर्णिया में 33.2 डिग्री सेल्सियस और सबसे कम न्यूनतम तापमान रोहतास के डेहरी में 21.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। कल का मौसम मौसम विभाग के अनुसार कल सोमवार 28 सितंबर को उत्तर-पश्चिम और उत्तर-मध्य भागों में मेघगर्जन, बिजली चमकने तथा 30-40 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने के आसार हैं। तापमान में बदलाव का अनुमान मौसम विभाग के अनुसार अगले 2 दिनों के दौरान राज्य के अधिकांश भागों में अधिकतम तापमान में 3 डिग्री सेल्सियस से 5 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने का पूर्वानुमान है। वहीं, अगले 2-3 दिनों में न्यूनतम तापमान में कोई विशेष परिवर्तन देखने को नहीं मिलेगा।  

किसानों का धान भी अब सरकार समर्थन मूल्य पर खरीदेगी

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसानों को सिंचाई के लिए दिन में 10 घंटे बिजली उपलब्ध कराई जाएगी। प्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को अधिक लाभकारी बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इस वर्ष सरकार ने पहली बार शहडोल के किसानों का  अन्न कोदो, कुटकी समर्थन मूल्य पर खरीदा है। इस बार भी किसानों का धान भी सरकार समर्थन मूल्य पर खरीदेगी, किसान किसी प्रकार की चिंता न करें। दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए पशुपालन को प्रोत्साहित किया जाएगा। किसानों को उन्नत बीज उपलब्ध कराकर आधुनिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पशुपालन, बकरी पालन, कुक्कुट पालन और मछली पालन से भी किसानों को जोड़कर किसानों की आय में वृद्धि की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार को शहडोल में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव कार्यक्रम को उज्जैन से वर्चुअली संबोधित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों से संवाद करते हुए कहा कि राज्य सरकार किसानों के कल्याण के लिए निरंतर प्रयासरत है। किसानों और कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों के माध्यम से निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार द्वारा सिंचाई का रकबा बढ़ाने के प्रयास किए जाएंगे। हर एक खेत तक पानी उपलब्ध करवाया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शहडोल जिले के ओडीपी उत्पाद क्षेत्र की पहचान हल्दी को जियोटैग मिला है, क्षेत्र में हल्दी का उत्पादन प्रचुर मात्रा में होता है। क्षेत्र की कृषि क्षमता को देखते हुए मसाला फसलों की खेती को भी प्रोत्साहित किया जाएगा। हल्दी की प्रोसेसिंग और बाजार उपलब्ध करवाया जा रहा है, जिससे किसानों को अतिरिक्त आय के अवसर मिल सकें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जैविक खेती करने वाले किसानों से संवाद किया और शहडोल क्षेत्र के राजाबाग अमरूद, मूंगा, कोदो, कुटकी की प्रसिद्धि का जिक्र करते हुए किसानों को उद्यानिकी फसलों का उत्पादन करने के लिए भी प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की दुर्लभ वनस्पतियों के संग्रहण, प्रसंस्करण एवं बाजार की उपलब्धता सुनिश्चित की जायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसानों की मदद के लिए हर कदम पर खड़ी है। अब तक सरकार किसानों को बिना ब्याज का ऋण साल में दो बार भरने की सुविधा दे रही थी। अब सरकार ने इसे साल में एक ही बार करने का निर्णय लिया है। अब किसान अपनी सुविधा अनुसार साल में कभी भी ऋण की राशि जमा कर सकेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शहडोल क्षेत्र में होम-स्टे भी बनाए जायेंगे। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिये प्रदेश के जनजातीय बहुल ग्रामों में होम-स्टे विकसित किये जायेंगे। होम-स्टे के लिये राज्य सरकार ने अनुदान की व्यवस्था भी की है, जिससे युवाओं को रोजगार एवं आय के नये अवसर मिलेंगे और ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। सरकार पर्यटन विभाग के माध्यम से होम-स्टे का संचालन भी करवाएगी, जिससे क्षेत्र के लोगों को अतिरिक्त आमदनी होगी। मुख्यमंत्री ने किसानों का उत्साहवर्धन करते हुए जैविक एवं प्राकृतिक कृषि को अधिक से अधिक अपनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों, आधुनिक खेती के तौर-तरीकों और विभिन्न कृषि योजनाओं से संबंधित साहित्य का वितरण भी किया गया। महोत्सव के माध्यम से किसानों को कृषि के साथ पशुपालन, उद्यानिकी एवं अन्य गतिविधियों को अपनाकर आय के विविध स्रोत विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। कार्यक्रम में एपेक्स बैंक के अध्यक्ष  महेन्द्र सिंह यादव, विधायक जय सिंह नगर विधानसभा क्षेत्र मती मनीषा सिंह, विधायक ब्यौहारी  शरद कोल, विधायक जैतपुर  जयसिंह मरावी, सीईओ जिला पंचायत  शिवम् प्रजापति, जयपाल सिंह चावड़ा, विन्ध्य विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष  पंचूलाल प्रजापति, कप्तान सिंह,  ब्रजेश प्रताप सिंह,  सुरेश चतुर्वेदी, जिला योजना समिति की सदस्य मती अमिता चपरा,  संतोष लोहानी,  रविकांत त्रिपाठी,  भूपेंद्र मिश्रा, संयुक्त संचालक कृषि  के.एस. यादव, कृषि वैज्ञानिक  मृगेन्द सिंह, डॉ. बी.के. प्रजापति,  भानू प्रताप सिंह, सहित जिले के किसान, कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन, उद्यानिकी विभाग के अधिकारी सहित गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।  

स्वाइन फ्लू का डर दिखाकर निजी अस्पतालों पर अवैध वसूली के आरोप, 24 संदिग्ध निगेटिव

जबलपुर. जिले में सामान्य सर्दी, खांसी और फेफड़ों के संक्रमण से जूझ रहे मरीजों को स्वाइन फ्लू का खौफ दिखाकर निजी अस्पतालों द्वारा मनमाने इलाज और अवैध वसूली की लगातार आ रही शिकायतों पर स्वास्थ्य विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवीन कोठारी के अनुसार जिले में स्वाइन फ्लू की आशंका पर करीब 24 संदिग्ध लोगों की पड़ताल कराई गई थी, जिनमें निजी नर्सिंग होम से रेफर होकर आए मरीज भी शामिल थे। विभाग ने इन सभी 24 व्यक्तियों के नमूने नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज की माइक्रोबायोलॉजी लैब में भेजे थे, जहां जांच के बाद प्रत्येक व्यक्ति का परीक्षण पूरी तरह निगेटिव निकला। सीएमएचओ ने साफ कर दिया कि किसी भी निजी अस्पताल अथवा लैब को इस संक्रामक बीमारी की पुष्टि करने की कानूनी मान्यता नहीं है।

ईसरदा बांध से 1256 गांवों और 6 कस्बों को मिलेगा पानी, 299 किमी पाइपलाइन का काम पूरा

जयपुर ईसरदा बांध से दौसा और सवाईमाधोपुर के गांवों और शहरों तक पानी पहुंचाने की योजना पर काम तेज हो गया है। ईसरदा बांध से पानी फिल्टर प्लांट तक पहुंच चुका है। 225 एमएलडी क्षमता वाले प्लांट की टेस्टिंग चल रही है। करीब 3588 करोड़ रुपए की इस परियोजना के पूरा होने के बाद 1256 गांवों और छह कस्बों को पानी मिलने लगेगा। इससे करीब 35 लाख लोगों को फायदा होगा। परियोजना में 3.06 लाख से ज्यादा घरों तक पानी का कनेक्शन पहुंचाने की योजना है। शहरी इलाकों में नवंबर तक पानी पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद जिन ग्रामीण इलाकों में पाइपलाइन और पानी की टंकियों का काम पूरा हो चुका है, वहां घरों तक कनेक्शन देकर पानी पहुंचाया जाएगा। 299 किलोमीटर पाइपलाइन पूरी ईसरदा से महुआ तक करीब 341 किलोमीटर लंबी मुख्य पाइपलाइन बिछाने का काम चल रहा है। इसमें से अब तक लगभग 299 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है। यानी ज्यादातर काम पूरा हो चुका है और बाकी हिस्से में भी तेजी से काम किया जा रहा है। इसके साथ ही ईसरदा और बगड़ी में पानी जमा करने के लिए बनाए जा रहे जलाशयों का काम भी पूरा हो गया है। इस पूरे हिस्से में अब तक करीब 1005.60 करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं। अलग-अलग काम, दौसा के 918 गांवों तक पहुंचेगा पानी दौसा जिले में पानी पहुंचाने के लिए अलग-अलग हिस्सों में काम चल रहा है। लालसोट क्षेत्र के 302 गांवों और लालसोट शहर को पानी मिलेगा। यहां 2002 किलोमीटर में से 124.7 किलोमीटर पाइपलाइन बिछ चुकी है। दौसा क्षेत्र के 248 गांवों और दौसा शहर के लिए 1709 किलोमीटर पाइपलाइन बिछनी है, जिसमें 154 किलोमीटर का काम पूरा हो चुका है। पाइप लाइन बिछी, सवाईमाधोपुर के 177 गांव भी जुड़ेंगे बसवा क्षेत्र में 368 गांवों और बांदीकुई शहर को पानी मिलेगा। यहां 2077 किलोमीटर में से 1801 किलोमीटर पाइपलाइन बिछ चुकी है। महुआ क्षेत्र में भी 315 किलोमीटर में से 244 किलोमीटर पाइपलाइन का काम पूरा हो गया है। परियोजना का दायरा सवाई माधोपुर तक भी है। बौंली के 99, मलारना डूंगर के 61 और चौथ का बरवाड़ा के 17 गांवों यानी कुल 177 गांवों को इससे जोड़ा जाएगा।