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हिसार और सिरसा में बदला मौसम का मिजाज, ओले गिरने से फसलों को भारी नुकसान

 हिसार पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के बाद प्रदेश में मौसम का मिजाज बदल गया। प्रदेश के कई जिलों में बूंदाबांदी हुई है। सिरसा जिले में सबसे अधिक 21 एमएम बारिश होने से जनजीवन प्रभावित हो गया। हिसार जिले में वीरवार देर रात दो गांवों बालसमंद और डोभी में ओलावृष्टि होने से फसलों को नुकसान पहुंचा है। मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को भी कुछ स्थानों पर बारिश व तेज हवाएं चलने के आसार हैं। भारतीय मौसम विभाग ने आरेंज अलर्ट जारी कर दिया है। मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि नया पश्चिमी विक्षोभ दो अप्रैल को सक्रिय होने से वीरवार को पश्चिमी जिलों में बारिश और बूंदाबांदी हुई है। शुक्रवार को सिरसा ,फतेहाबाद ,हिसार ,जींद ,कैथल, भिवानी पानीपत, करनाल ,महेंद्रगढ़, रेवाड़ी ,गुरुग्राम, फरीदाबाद ,मेवात ,पलवल में हल्की बारिश बूंदाबांदी और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की गतिविधियों को दर्ज किया गया है। नया पश्चिमी विक्षोभ सात अप्रैल से सक्रिय होगा मौसम विभाग के अनुसार नया पश्चिमी विक्षोभ सात अप्रैल से सक्रिय होगा। इस वजह से उत्तर-पश्चिम भारत विशेषकर हरियाणा एनसीआर दिल्ली में मौसम में बदलाव आएगा। हरियाणा एनसीआर दिल्ली में 7-8-9 अप्रैल आंधी चलने के साथ ही बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि होने के आसार है। उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों पर भारी बर्फबारी होने से तापमान में रिकॉर्ड तोड़ गिरावट देखने को मिलेगी। किसानों की माथे पर चिंता की लकीरें गेहूं की कटाई के समय लगातार बदल रहे मौसम ने किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें बढ़ा दी है। किसानों के लिए फसल निकालना चुनौती बन गया है। मौसम का मिजाज पल पल बदल रहा है। कभी धूप खिल रही है तो कभी बादल छा रहे हैं। गांव तरकांवाली में घर पर गिरी बिजली, युवती झुलसी सिरसा। जिले के चोपटा गांव तरकांवाली में वीरवार रात बिजली गिरने से एक घर क्षतिग्रस्त हो गया और युवती ज्योति (18) झुलस गई।  

सरयू राय का बड़ा दांव! हेमंत सोरेन को दिया बिना BJP-कांग्रेस सरकार बनाने का प्रस्ताव

रांची. जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को एक गैर-भाजपा, गैर-कांग्रेस सरकार बनाने का प्रस्ताव दिया है। जेएमएम और कांग्रेस के बीच बढ़ती तल्खियों के बीच सरयू राय का यह बयान राज्य की सियासत में नए समीकरणों की संभावनाओं को जन्म दे रहा है। सरयू राय ने दावा किया कि झारखंड में ऐसी राजनीतिक स्थिति बन सकती है, जहां झारखंड मुक्ति मोर्चा को न तो कांग्रेस के सहारे की जरूरत होगी और न ही भाजपा के समर्थन की। उन्होंने कहा कि यदि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन राजनीतिक साहस दिखाते हैं तो वे स्वयं बाहर से बिना किसी शर्त के समर्थन देने को तैयार हैं। बहुमत का गणित भी बताया सरयू राय ने अपने दावे को केवल बयानबाजी तक सीमित नहीं रखा, बल्कि विधानसभा का पूरा गणित भी सामने रखा। उन्होंने कहा कि झारखंड विधानसभा में बहुमत के लिए 41 विधायकों का आंकड़ा जरूरी है। जेएमएम के पास 34 विधायक हैं। इसके अलावा राष्ट्रीय जनता दल के चार विधायक, भाकपा माले के दो विधायक और जयराम महतो का एक वोट मिलाकर यह संख्या 41 तक पहुंचती है। राय ने जोर देकर कहा कि इस स्थिति में सरकार चलाने के लिए कांग्रेस या भाजपा की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। उन्होंने इसे व्यवहारिक और संभव विकल्प बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री को इस दिशा में गंभीरता से विचार करना चाहिए। कांग्रेस-JMM रिश्तों पर उठाए सवाल सरयू राय ने मौजूदा राजनीतिक तनाव की जड़ में कांग्रेस और जेएमएम के रिश्तों को बताया। उन्होंने कहा कि बिहार चुनाव में कांग्रेस ने जेएमएम को उचित भागीदारी नहीं दी और अब असम चुनाव में भी इसी तरह की स्थिति देखने को मिल रही है। उनके मुताबिक कांग्रेस केवल अपने हितों के अनुसार गठबंधन करती है, जिससे सहयोगी दलों में असंतोष बढ़ता है। उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव के दौरान एक-दूसरे के खिलाफ बयानबाजी और बाद में साथ आ जाना गठबंधन की विश्वसनीयता को कमजोर करता है। राय के अनुसार, यह राजनीतिक अवसरवाद का संकेत है, जो दीर्घकाल में नुकसानदेह साबित हो सकता है। असम चुनाव के बाद बदल सकते हैं समीकरण सरयू राय ने संकेत दिया कि असम विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद झारखंड की राजनीति में बड़े बदलाव संभव हैं। उनका मानना है कि इन परिणामों का असर राज्य के गठबंधन समीकरणों पर पड़ेगा और नए राजनीतिक विकल्पों के लिए रास्ता खुल सकता है।

मगरमच्छ ने 14 साल के किशोर पर किया हमला, पिता की बहादुरी ने बचाई जान, गांव में दहशत का माहौल

पीलीभीत उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. यहां एक पिता ने अपने 14 साल के बेटे को बचाने के लिए मगरमच्छ से मुकाबला कर लिया और अपनी जान की परवाह किए बिना उसे मौत के मुंह से वापस खींच लाया. घटना जहानाबाद क्षेत्र के नगरिया सहगवां गांव की है. यहां रहने वाले प्रेम शंकर अपने बेटे मोहित कुमार के साथ गेहूं की फसल काटने के लिए नदी किनारे खेत पर गए थे. इसी दौरान अचानक ये घटना हो गई. मीडिआ रिपोर्ट  के अनुसार, मोहित नदी के किनारे के पास पहुंच गया था, तभी पानी में मौजूद मगरमच्छ ने अचानक उस पर हमला कर दिया. इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, मगरमच्छ ने मोहित को अपने जबड़ों में जकड़ लिया और उसे पानी की ओर घसीटने लगा. बेटे की चीख सुनते ही पिता प्रेम शंकर बिना एक पल गंवाए उसकी ओर दौड़ पड़े और वे सीधे मगरमच्छ से भिड़ गए. बिना किसी हथियार के केवल हिम्मत और अपने बेटे को बचाने के लिए प्रेम शंकर ने मगरमच्छ से संघर्ष शुरू कर दिया. यह संघर्ष कुछ मिनटों तक चला, जो किसी के लिए भी सदमे से कम नहीं था. आखिरकार, पिता की हिम्मत ने बेटे को मगरमच्छ के जबड़े से खींच लिया. प्रेम शंकर ने तुरंत घायल बेटे को वहां से बाहर निकाला और उसे पीलीभीत जिला अस्पताल पहुंचाया. घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची. रेंजर कौशेंद्र के नेतृत्व में टीम ने गांववालों से जानकारी जुटाई और हालात का जायजा लिया. जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में तैनात डॉक्टर गौरव गंगवार के मुताबिक, बच्चे को गंभीर चोटें आई थीं, लेकिन प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत अब खतरे से बाहर है. फिलहाल उसे निगरानी में रखा गया है और डॉक्टर उसकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं. इस घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है. ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में मगरमच्छ का खतरा लगातार बढ़ रहा है और अब खेतों के पास जाना भी जोखिम भरा हो गया है. उन्होंने वन विभाग से मांग की है कि मगरमच्छ को जल्द से जल्द पकड़ा जाए और उसे सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया जाए. वन विभाग ने भी लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है. अधिकारियों ने कहा है कि नदी या तालाब के किनारे जाने से बचें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत दें.

एक्साइज नीति में राहत: ठेकेदारों की फीस 15% तक घटी, कारोबार को मिलेगा सहारा

जालंधर/चंडीगढ़. पंजाब में आबकारी विभाग द्वारा ग्रुपों की नीलामी प्रक्रिया के बावजूद अभी भी 10 एक्साइज (आबकारी) ग्रुप अलॉट होने से रह गए हैं। महंगे रेट और कम मुनाफे के कारण ठेकेदार इन ग्रुपों को खरीदने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। इस स्थिति को देखते हुए आबकारी विभाग ने ठेकेदारों को आकर्षित करने के लिए लाइसेंस फीस में कुल 15 प्रतिशत तक की कटौती कर दी है, ताकि लंबित ग्रुपों को जल्द से जल्द अलॉट किया जा सके। आवेदन करने की सीमा तय ठेकेदारों ने बताया कि विभाग ने अब 4 अप्रैल को दोपहर 4 बजे तक ई-टैंडर के माध्यम से आवेदन करने की अंतिम समय सीमा तय की है। इसके तहत न्यू चंडीगढ़, भारतगढ़ (रोपड़), अमृतसर सिटी सैंटर, टांडा (होशियारपुर-2), दसूया (होशियारपुर-2), बी.एम.सी. चौक (जालंधर ईस्ट), फगवाड़ा-2, बस स्टैंड (पठानकोट) और फिरोजपुर कैंट सहित कई प्रमुख क्षेत्र अभी भी लंबित ग्रुपों में शामिल हैं, जिन्हें विभाग जल्द अलॉट करना चाहता है। ठेकेदारों का कहना है कि मौजूदा वित्तीय वर्ष में उन्हें भारी नुकसान का सामना करना पड़ा है, जिसके चलते वे नए ग्रुप लेने से हिचकिचा रहे हैं। उनका यह भी मानना है कि यदि अंग्रेजी शराब की बिक्री और वितरण पर सरकार का नियंत्रण बढ़ाया जाए, तो बाजार में चल रही अस्वस्थ प्रतिस्पर्धा को खत्म किया जा सकता है और कारोबार में स्थिरता लाई जा सकती है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि नीतियों में और सुधार किए जाएं, ताकि ठेकेदारों का भरोसा बहाल हो सके और आबकारी विभाग को भी राजस्व का नुकसान न उठाना पड़े।  …तो  राज्य के राजस्व पर पड़ सकता है नकारात्मक प्रभाव  फिलहाल विभाग द्वारा दी गई रियायतों के बावजूद यह देखना बाकी है कि 4 अप्रैल तक इन लंबित ग्रुपों के लिए कितने आवेदन आते हैं और स्थिति कितनी सुधरती है। इसके अलावा आबकारी विभाग के अधिकारियों का मानना है कि लाइसैंस फीस में की गई 15 प्रतिशत की कटौती से ठेकेदारों को कुछ राहत मिलेगी और ई-टैंडर प्रक्रिया में भागीदारी बढ़ने की उम्मीद है। विभाग लगातार स्थिति की समीक्षा कर रहा है और जरूरत पड़ने पर आगे और राहत देने पर भी विचार किया जा सकता है, ताकि सभी ग्रुप समय पर अलॉट हो सकें और सरकार के राजस्व लक्ष्य पूरे किए जा सकें। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है, तो इससे राज्य के राजस्व पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। ऐसे में सरकार के लिए जरूरी हो जाता है कि वह बाजार की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए संतुलित नीति बनाए।

सरकारी आवास महंगे! BSP अधिकारियों से ₹10 लाख वसूली का प्रावधान तय

भिलाई नगर/दुर्ग. भिलाई स्टील प्लांट में ई. क्यू. – 1 ( केवल सी 3 टाइप) / एन क्यू-4 (रूआबांधा सेक्टर) के चिन्हित एवं सूचीबद्ध आवास लायसेंस योजना के तहत 11 माह की अवधि के लिए एक बार आवंटन के लिए नगर सेवाएं विभाग ने आवेदन आमंत्रित किया है। सुरक्षा निधि के रूप में सी -3 टाइप के लिए 10 लाख रु. एवं एनक्यू-4 श्रेणी रुआंबांधा सेक्टर के लिए 8 लाख रु. सहित 11 माह की किराया राशि एडवांस में जमा करनी होगी। अफसरों को 3600 रु. और कर्मियों को 1800 रु. प्रतिमाह किराया देना होगा। ज्ञात हो कि लाइसेंस योजना के तहत अफसरों कोसी 3 टाइप और कर्मियों को एनक्यू-4 श्रेणी के आवास आवंटित किए जाएंगे। खास बात यह है कि इन आवासों का रिनोवेशन करने के लिए मैनेजमेंट सहमत है। कारण, विगत वर्ष इस योजना को लांच किए जाने पर बहुत अच्छा रिस्पांस नहीं मिला था। अब चूंकि इन आवासों का रिनोवेशन किया जाना प्रस्तावित है और रिटेंशन स्कीम बंद कर दी गई है इसलिए इस बार लाइसेंस योजना को अच्छा रिस्पांस मिलने की संभावना है। पहले आओ पहले पाओ योजना के लिए प्रस्तावित आवास पहले आओ पहले पाओ के आधार पर आवंटित किया जाएगा। किसी एक आवास के विरूद्ध दो या अधिक आवेदन एक साथ प्राप्त होने पर लाटरी से चयन कर आबंटन की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। यह लाटरी नगर सेवाएं विभाग के महाप्रबंधक स्तर के अधिकारी के माध्यम से होगा। ऐसे कार्यपालक / गैर कार्यपालक जिनके स्वयं या पति/पत्नी के नाम पर भिलाई इस्पात संयंत्र के 20 किलोमीटर की परिधि क्षेत्र में आवास आबंटित है इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगे एवं सभी आवेदकों को तत्संबंधी एक शपथपत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। आवास आबंटी को निर्धारित प्रपत्र के अनुसार (रू.50/- का नॉन ज्यूडिशियल स्टैंप पेपर) पर अनुबंध पत्र जमा करना होगा। सुरक्षा निधि पर ब्याज नहीं मिलेगा प्रबंधन द्वारा सुरक्षानिधि पर किसी भी प्रकार का ब्याज देय नहीं होगा। आवास रिक्त करने के पश्चात आवेदन देकर सुरक्षा निधि प्राप्त की जा सकती है। बिलों के भुगतान या अन्य राशि लंबित होने की दशा में बकाया राशि के समायोजन के पश्चात ही शेष राशि लौटाई जाएगी। विस्तृत जानकारी के लिए नगर सेवा विभाग के हाउसिंग लाइसेंस सेल से संपर्क किया जा सकता है।

एयर इंडिया की फ्लाइट पकड़ने पहुंचे यात्री से बरामद हुए .315 बोर के कारतूस, पटना पुलिस कर रही है कड़ी पूछताछ

पटना पटना के जय प्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उस समय हड़कंप मच गया, जब सुरक्षा जांच के दौरान एक यात्री के बैग से तीन जिंदा कारतूस बरामद किए गए. यह घटना शनिवार सुबह की है. यात्री दिल्ली जाने के लिए एयर इंडिया की फ्लाइट पकड़ने एयरपोर्ट पहुंचा था. एयर इंडिया की फ्लाइट संख्या AI-1892 से दिल्ली जाने वाले यात्रियों की रुटीन स्क्रीनिंग चल रही थी. इसी दौरान एक यात्री का बैग एक्स-रे मशीन से गुजरते वक्त संदिग्ध दिखाई दिया. ड्यूटी पर तैनात सीआईएसएफ (CISF) के जवानों ने तुरंत अलर्ट होते हुए बैग को अलग किया और उसकी तलाशी ली. इस बैग से .315 बोर के तीन जिंदा कारतूस बरामद हुए. तुरंत एक्शन लेते हुए सीआईएसएफ ने यात्री को हिरासत में ले लिया और उसे एयरपोर्ट थाना पुलिस के हवाले कर दिया. पकड़े गए युवक की पहचान मोहसिन अली मासूमी के रूप में हुई है, जो पटना के फुलवारी शरीफ इलाके के पूर्णेन्दु नगर स्थित जय रघुराज टावर का रहने वाला है. पूछताछ के दौरान आरोपी ने जो सफाई दी, उसने मामले को और उलझा दिया है. मोहसिन का दावा है कि उसे इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि उसके बैग में कारतूस कैसे आए. उसने इसे अनजाने में हुई गलती बताया, हालांकि पुलिस इस दावे को लेकर गंभीरता से जांच कर रही है और हर पहलू को खंगालने में जुटी है. एयरपोर्ट थाना प्रभारी सुनील कुमार जायसवाल ने कहा कि यात्री दिल्ली जाने की तैयारी में था, लेकिन स्क्रीनिंग के दौरान उसके बैग से तीन जिंदा कारतूस बरामद हुए. सीआईएसएफ के लिखित आवेदन के आधार पर केस दर्ज कर लिया गया है और आरोपी को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है. फिलहाल, पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह कारतूस आखिर कहां से आए.

कमलनाथ का बड़ा बयान: भारत में पेट्रोल-डीज़ल और गैस की कोई कमी नहीं है

भोपाल  कांग्रेस नेता कमलनाथ के देश में LPG गैस क्राइसिस पर दिए गए बयान के बाद अब BJP ने कांग्रेस और राहुल गांधी के एलपीजी क्राइसिस को लेकर घेरना शुरू कर दिया है। सबसे आगे केंद्रीय मंत्री सिंधिया आए, जिन्होंने कहा कि कमलनाथ ने राहुल गांधी और कांग्रेस के आरोपों की पोल खोल दी है, शर्म आना चाहिए। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपने X हैंडल पर एक पोस्ट शेयर की है। इसमें उन्होंने लिखा है कि 'अब तो कांग्रेस नेता कमलनाथ जी ने भी स्वयं कह दिया है कि देश में पेट्रोल-डीजल और गैस की कोई कमी नहीं है' 'झूठ और भ्रम के बलबूते जनता को इतने दिनों तक गुमराह कर रही कांग्रेस को अब शर्म आना चाहिए। अब समय है कि कांग्रेस जनता में डर और विश्वास पैदा कर अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकना बंद कर दे।' क्या है मामला, ऐसे समझें     कमलनाथ ने गैस क्राइसिस पर बयान दिया था     उन्होंने कहा था, गैस की ऐसी कोई कमी नहीं है     उनका बयान पार्टी लाइन से इतर आया था     भाजपा ने तत्काल इसे कांग्रेस लपक लिया     सिंधिया ने कहा, कांग्रेस जनता को गुमराह कर रही     कांग्रेस को शर्म आना चाहिए कमलनाथ का वीडियो भी शेयर किया है मंत्री सिंधिया ने भाजपा मध्य प्रदेश के X की पोस्ट को शेयर किया था, जिसमें पार्टी ने लिखा था कि 'अब तो कांग्रेस नेता कमलनाथ ने भी राहुल गांधी द्वारा एलपीजी को लेकर फैलाए जा रहे प्रोपेगेंडा की पोल खोल दी' इसमें कमलनाथ का छिंदवाड़ा का वह वीडियो भी लगाया गया था, जिसमें कमलनाथ ने कहा था कि, गैस की कमी नहीं है, सिस्टम में गड़बड़ी है और एक भ्रम फैलाया गया है। कमलनाथ ने LPG पर क्या कहा था दरअसल बीते रोज कमलनाथ छिंदवाड़ा आए थे। उन्होंने हेलीपेड पर मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए कहा था कि, 'गैस की कोई कमी नहीं है, यह अव्यवस्था है, लेकिन माहौल बना दिया कि कमी है।' उनके इस बयान के कई मायने निकाले जा रहे हैं। उनका यह बयान पार्टी लाइन से हटकर दिया है। कांग्रेस पार्टी पूरे देश में एलपीजी और पेट्रोलियम क्राइसिस को लेकर MP सहित पूरे देश में विरोध-प्रदर्शन कर रही है। जबकि कमलनाथ कह रहे हैं कि ऐसी कोई कमी नहीं है। BJP ने मौके को तत्काल लपक लिया कमलनाथ का 'गैस ऐसी कोई कमी नहीं है' बयान को BJP ने तत्काल पलक लिया और इसके 'कांग्रेस के गैस की क्राइसिस कैंपेन' की हवा निकालने के लिए उपयोग कर रही है। भाजपा इस मौके को कतई छोड़ने वाली नहीं है। MP से लेकर दिल्ली तक भाजपा ने इसको लेकर राहुल गांधी और कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

अमृतसर में हेल्थ कार्ड से इलाज पर अस्पताल का विरोध, AAP विधायक ने की हस्तक्षेप, बच्चा रेफर

अमृतसर  पंजाब के अमृतसर से एक चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां सरकार की स्वास्थ्य योजना होने के बावजूद एक गरीब परिवार को अपने बीमार बच्चे के इलाज के लिए परेशानी उठानी पड़ी। घटना मकबूलपुरा क्षेत्र के एक निजी अस्पताल की है, जहां स्वास्थ्य कार्ड के तहत मुफ्त इलाज की सुविधा होने के बावजूद अस्पताल प्रबंधन ने बच्चे का उपचार करने से इन्कार कर दिया। पीड़ित परिवार की सदस्य मनीषा ने बताया कि उनका बच्चा लंबे समय से बीमार है और वे अलग-अलग अस्पतालों में उसका इलाज करवा रहे हैं। इस बार उन्हें उम्मीद थी कि स्वास्थ्य योजना के तहत उन्हें राहत मिलेगी, लेकिन अस्पताल द्वारा इलाज से मना करने पर उनकी मुश्किलें और बढ़ गईं। इस दौरान अस्पताल परिसर में काफी देर तक हंगामा चलता रहा। अस्पताल में बिगढ़ा माहौल मामले की जानकारी मिलते ही आम आदमी पार्टी के स्थानीय नेता कमल कुमार मौके पर पहुंचे और अस्पताल प्रबंधन के साथ तीखी बहस की। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ निजी अस्पताल सरकारी योजनाओं को सही ढंग से लागू नहीं कर रहे हैं और गरीब मरीजों से अनुचित तरीके से पैसे वसूलने की कोशिश की जाती है। विवाद बढ़ने पर क्षेत्र की विधायक जीवनजोत कौर भी अस्पताल पहुंचीं और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने इसे गलतफहमी का मामला बताते हुए कहा कि अस्पतालों को मरीजों के प्रति संवेदनशील होना चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि हर प्रकार की बीमारी का इलाज हर अस्पताल में संभव नहीं होता, इसलिए कई बार मरीजों को बेहतर उपचार के लिए दूसरे बड़े केंद्रों पर भेजना पड़ता है। विधायक बोलीं-गलतफहमी हुई विवाद बढ़ने पर पूर्वी हलके की विधायक जीवनजोत कौर भी मौके पर आईं। उन्होंने इसे गलतफहमी का मामला बताया और कहा कि अस्पतालों को मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार करना चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि हर बीमारी का इलाज हर अस्पताल में संभव नहीं होता, इसलिए मरीजों को उच्च केंद्रों पर रेफर करना पड़ता है। अस्पताल के डायरेक्टर डॉ. ऋषभ ने कहा कि मरीज की बीमारी योजना के तहत कवर नहीं थी, जिससे यह गलतफहमी पैदा हुई। उन्होंने बताया कि अब मरीज को बेहतर इलाज के लिए उच्च केंद्र पर रेफर कर दिया गया है और मामला आपसी सहमति से सुलझ गया है। बच्चे की बिमारी योजना से बाहर वहीं अस्पताल के निदेशक डॉ. ऋषभ ने अपनी सफाई में कहा कि बच्चे की बीमारी स्वास्थ्य योजना के दायरे में नहीं आती थी, जिससे यह स्थिति उत्पन्न हुई। उन्होंने बताया कि मरीज को अब बेहतर इलाज के लिए उच्च चिकित्सा केंद्र में भेज दिया गया है और मामला आपसी सहमति से सुलझा लिया गया है। इस घटना ने एक बार फिर स्वास्थ्य योजनाओं के जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन और निजी अस्पतालों की भूमिका पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि सरकार इस तरह के मामलों की गंभीरता से जांच करे, ताकि जरूरतमंद मरीजों को समय पर उपचार मिल सके।  

आग का कहर किसान की फसल जलकर खाक

 राजनगर     राजनगर ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले ग्राम राजामोटा ग्राम पंचायत सूरजपुर की किसान मेदा पाल पति मइयादीन पाल उम्र 45 साल निवासी राजामोटे थाना बमीठा की थाना उपस्थित आकर मौखिक रिपोर्ट किया कि में उक्त पते की रहने वाली हू । घरु एवं खेती किसानी का काम करती हू । मेरी राई की फसल मेरे खेत कुआ के पास मे गल्ले में इकट्ठी रखी थी। जो आज दिनाक 03/04/ 26 के शाम करीबन 4.30 बजे राई की कटी फसल में आग लग गई। जिसे मैने एवं परिवार के लोगों व गांव के लोगो द्वारा आग बुझाई गई। आग लगने से कटी राई की फसल पूरी तरह जल गई है जिससे करीबन 20 से 22 क्वटल राई कीमत करीब 1 लाख रुपये का नुकसान हो गया है। राइ के गल्ले में आग कैसे लगी मुझे कोई जानकारी  नही  लग पाई है  आग लगने के संबंध में किसी पर कोई शक सदेह नही है  थाना जाकर  रिपोर्ट दर्ज कर ली गईं हैं पुलिस जांच में जुटी.

पश्चिमी विक्षोभ से बदला मौसम का मिजाज, लखनऊ समेत कई जिलों में ओलावृष्टि का अलर्ट

 लखनऊ यूपी में मौसम एक बार फिर से बदलने जा रहा है। विक्षोभ की वजह से प्रदेश के कई जिलों में आज बारिश हो सकती है। कुछ जिलों में ओले भी गिर सकते हैं। उत्तर प्रदेश में सक्रिय हुए नए विक्षोभ के असर से शुक्रवार को पश्चिमी यूपी के नोएडा, गाजियाबाद और सहारनपुर में तेज हवाओं, गरज-चमक और हल्की बारिश दर्ज की गई, जिससे अधिकतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई। मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार तक इसका प्रभाव मध्यांचल और पूर्वांचल तक पहुंच जाएगा। प्रदेश के करीब 35 जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश और 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि भी हो सकती है शुक्रवार को वाराणसी और सुल्तानपुर 38.6 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म रहे। बलिया में 38.5 डिग्री और बांदा में 38.4 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि दक्षिणी अफगानिस्तान और आसपास के पाकिस्तान क्षेत्र में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ का असर अब उत्तर प्रदेश में दिखने लगा है। इसके चलते पश्चिमी यूपी, मध्यांचल और बुंदेलखंड के कई हिस्सों में तेज झोंकेदार हवाएं चलेंगी और मौसम में बदलाव जारी रहेगा। यहां है ओले गिरने की चेतावनी अमेठी, औरैया, अयोध्या, बहराइच, बलरामपुर, बांदा, बाराबंकी, बस्ती, चित्रकूट, इटावा, फर्रुखाबाद, फतेहपुर, गोंडा, हमीरपुर, हरदोई, जातीन, झांसी, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, कौशांबी, लखीमपुर खीरी, ललितपुर, लखनऊ, महोबा, मैनपुरी, पीलीभीत, प्रतापगढ़, रायबरेली, शाहजहांपुर, सिद्धार्थनगर, सीतापुर, श्रावस्ती, सुल्तानपुर, उन्नाव में ओले गिरने की चेतावनी जारी की गई है। राजधानी में झोंकेदार हवाओं के साथ बूंदाबांदी के आसार राजधानी में शनिवार को माैसम में बदलाव की आहट है। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह का कहना है कि सक्रिय विक्षोभ के असर से 50 से 60 किमी प्रति घंटे की गति से तेज हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना है। इस दाैरान कहीं-कहीं ओले गिरने की भी आशंका है। इधर, शुक्रवार को सुबह से ही तेज हवाओं के साथ आसमान में घने बादल छाए रहे, लेकिन दोपहर में धूप खिलने से गर्माहट महसूस की गई। अधिकतम तापमान 1.6 डिग्री की गिरावट के साथ 35.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। वहीं न्यूनतम पारा 2.9 डिग्री की उछाल के साथ 23.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। हिमाचल के लिए अंधड़-ओलावृष्टि का अलर्ट हिमाचल प्रदेश में शुक्रवार को ऑरेंज अलर्ट के बीच रोहतांग सहित भरमौर, लाहौल और मनाली की चोटियों पर बर्फबारी हुई। भरमौर की ऊपरी चोटियों में सात सेंटीमीटर तक बर्फबारी हुई। रोहतांग दर्रा सहित लाहौल और मनाली की ऊंची चोटियों पर हिमपात हुआ। अटल टनल के पास हिमस्खलन की चेतावनी के बीच बर्फ के फाहे गिरे। राजधानी शिमला समेत हमीरपुर, कांगड़ा में भी हल्की बारिश हुई। प्रदेश के पांच जिलों चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला के कई क्षेत्रों में शनिवार को अंधड़ और ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट जारी हुआ है। अन्य जिलों के लिए यलो अलर्ट रहेगा। प्रदेश में नौ अप्रैल तक मौसम खराब बना रहने का पूर्वानुमान है। खराब मौसम के कारण कई जिलों में ट्रांसफार्मर खराब होने से अंधेरा छा गया। सलूणी और पांगी में दो मार्ग बंद हो गए हैं।