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मौसम ने ली करवट: बारिश से सुहावना हुआ माहौल, आंधी का अलर्ट जारी

लुधियाना. पंजाब के कई जिलों में मंगलवार मध्यरात्रि से लेकर बुधवार सुबह छह बजे के दौरान तेज हवाओं के बीच हल्की से तेज वर्षा हुई, जिससे सुबह मौसम में ठंडक घुली रही। सुबह हल्की ठंड महसूस हो रह थी, जिसके चलते बहुत से लोगों को हलके गर्म कपड़े पहनने पड़े। मौसम केंद्र चंडीगढ़ के अनुसार, लुधियाना में 4.6 मिलीमीटर, पटियाला में 9.2 मिलीमीटर, बठिंडा में 21.2 मिलीमीटर, फरीदकोट में 8.4 मिलीमीटर, फिरोजपुर में 16.5 मिलीमीटर, रूपनगर में 9.5 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। वर्षा के चलते इन जिलों में दिन का तापमान कम रहा। हालांकि, सुबह छह बजे के बाद से लगभग सभी जिलों में तेज धूप निकल आई थी। लुधियाना में भी सुबह नौ बजे के बाद दिनभर बादलों का आना जाना लगा रहा। दूसरी तरफ मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, गुरुवार को मौसम साफ रहेगा, लेकिन शुक्रवार व शनिवार को पंजाब के कई जिलों में गरज के साथ छींटे पड़ सकते हैं। कुछ जिलों में हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी हवाएं चलने की संभावना है।इसे लेकर मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। पांच अप्रैल से मौसम दोबारा से साफ हो जाएगा। दिन का तापमान बढ़ेगा।

होमगार्ड के प्लाटून कमांडर चयन की प्रक्रिया निरस्त, अब नए विज्ञापन के साथ शुरू होगा चयन

जबलपुर  मप्र हाईकोर्ट ने होमगार्ड में प्लाटून कमांडर की चयन प्रक्रिया को दूषित पाते हुए उसे निरस्त कर दिया। जस्टिस एमएस भट्टी की एकलपीठ ने नए सिरे से चयन प्रक्रिया के लिए दोबारा विज्ञापन जारी करने के निर्देश दिए। आरोप था कि लिखित व शारीरिक परीक्षा के पहले ही नियमविरुद्ध तरीके से स्क्रीनिंग कमेटी ने अभ्यर्थियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया था।  जबलपुर निवासी सविनय कुमार गर्ग की ओर से अधिवक्ता विकास महावर ने पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि मप्र नगर सेना वर्ग-3 भर्ती नियम 2000 के तहत प्लाटून कमांडर के कुल 199 स्वीकृत पद हैं। इनमें से 6 प्रतिशत पद इन-सर्विस उम्मीदवारों से भरे जाते हैं। होमगार्ड डीजी ने 27 जनवरी 2026 को 4 पदों के लिए विज्ञापन जारी किया था। इस पद के लिए कुल 24 लोगों ने आवेदन किया था। इनको अपात्र बताकर परीक्षा से वंचित कर दिया नियमानुसार शारीरिक व लिखित परीक्षा के बाद स्क्रीनिंग कमेटी उम्मीदवारों का एसीआर देखने के बाद चयन सूची जारी करती है। दलील दी गई कि नियम विरुद्ध तरीके से परीक्षा के पहले ही स्क्रीनिंग कमेटी ने याचिकाकर्ता सहित 6 उम्मीदवारों को अपात्र बताकर परीक्षा से वंचित कर दिया। इस वजह से हुई निरस्त जबलपुर हाई कोर्ट को बताया गया कि भोपाल में 16 मार्च शारीरिक परीक्षण और 17 को लिखित परीक्षा आयोजित थी, लेकिन विभाग ने 13 मार्च को ही 18 पात्र उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर दी। दलील दी गई कि पूरी प्रक्रिया विधि सम्मत नहीं है। हाई कोर्ट ने याचिका की सुनवाई के बाद नियुक्ति प्रक्रिया को दूषित पाते हुए उसे निरस्त कर दिया। 

छत्तीसगढ़ में बीजेपी का बड़ा अभियान: जनप्रतिनिधि गांव-गांव पहुंचेंगे

रायपुर. भाजपा ने छत्तीसगढ़ में 6 से 14 अप्रैल तक “गांव चलो अभियान” चलाने का फैसला किया है। इस अभियान के तहत पार्टी के वरिष्ठ नेता, मंत्री, विधायक और सांसद गांव-गांव पहुंचकर लोगों से सीधा संवाद करेंगे। अभियान में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भी सक्रिय भूमिका निभाएंगे। उनके साथ डिप्टी सीएम अरुण साव और विजय शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी ग्रामीण इलाकों का दौरा करेंगे। पार्टी की योजना के मुताबिक हर विधानसभा क्षेत्र में करीब 50 गांवों का चयन किया गया है, जहां जनप्रतिनिधि चौपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनेंगे और उनके समाधान के प्रयास करेंगे। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं की जमीनी हकीकत का आकलन करना है। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि योजनाओं का लाभ आम लोगों तक किस तरह पहुंच रहा है। तीन से चार गांवों में हर सांसद-विधायक जाएगा हर सांसद और विधायक को तीन से चार गांवों में जाना होगा। प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल ने स्थापना दिवस के कार्यक्रमों को लेकर तैयारी बैठक, उसमें अपेक्षित श्रेणी सहित अन्य तमाम जानकारियां दीं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस तरह देश में विकास की राजनीति का आगाज किया है, उसे जन-जन तक पहुंचाना है। भाजपा का राजनीति मॉडल शोध का विषय प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कहा कि पार्टी का 46वां स्थापना दिवस हम सबको पूरे जोश के साथ मनाना है। इस मौके पर कार्यालयों से लेकर अन्य स्थानों पर पार्टी के झंडे फहराए जाएं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा ने विकास की राजनीति का जो मॉडल प्रस्तुत किया है, वो वैश्विक स्तर पर शोध का विषय है। हर जिले में होंगे सक्रिय कार्यकर्ता सम्मेलन होंगे और ग्रामीण प्रतिभाओं का सम्मान होगा। कार्यक्रमों की रूपरेखा तय की गई है। भाजपा ने बुधवार को 5 से 12 अप्रैल तक अपना 46वां स्थापना दिवस भव्य पैमाने पर मनाने का फैसला किया। 5 से 7 अप्रैल तक, पार्टी के पदाधिकारी दफ़्तरों को सजाएंगे और 6 अप्रैल को सभी दफ़्तरों में एक 'विकास यात्रा' निकाली जाएगी। बताया जा रहा है कि स्थापना दिवस कार्यक्रमों को लागू करने के लिए राज्य स्तर पर समन्वयकों की नियुक्ति की गई है। इसके अलावा, कई जोनों में क्षेत्रवार कार्यक्रम प्रभारियों की भी नियुक्ति की गई है। इस पहल के तहत, पंचायत स्तर और उससे ऊपर के जन प्रतिनिधियों सहित पार्टी कार्यकर्ता, प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के प्रमुख गांवों का दौरा करेंगे ताकि लोगों के साथ संबंधों को मज़बूत किया जा सके।

औद्योगिक क्षेत्रों में पारदर्शिता और निगरानी के लिए ड्रोन आधारित मॉनिटरिंग प्रणाली होगी लागू

औद्योगिक क्षेत्रों में पारदर्शिता एवं प्रभावी निगरानी के लिए ड्रोन आधारित मॉनिटरिंग प्रणाली होगी लागू यूपीसीडा की 50वीं बोर्ड बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मिली मंजूरी, औद्योगिक विकास को मिलेगी नई गति ड्रोन मॉनिटरिंग, ई-ऑक्शन, भूमि बैंक विस्तार और तेज इंफ्रास्ट्रक्चर विकास पर अहम फैसले तृतीय पक्ष निरीक्षण और ड्रोन सिस्टम से गुणवत्ता व पारदर्शिता होगी सुनिश्चित 75% आवंटन के बाद 25% भूमि ई-ऑक्शन से, निवेशकों को मिलेगा अवसर सहारनपुर-बदायूं समेत कई जिलों में कनेक्टिविटी के साथ औद्योगिक विस्तार को स्वीकृति लखनऊ उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) की 50वीं बोर्ड बैठक लोक भवन, लखनऊ में अपर मुख्य सचिव, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आलोक कुमार की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य के अनुरूप आयोजित इस बैठक में औद्योगिक विकास, आधारभूत संरचना सुदृढ़ीकरण एवं निवेश प्रोत्साहन से जुड़े कुल 34 प्रस्तावों पर विस्तार से विचार-विमर्श कर प्रमुख प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक में विकास एवं अनुरक्षण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु तृतीय पक्ष निरीक्षण (TPIA) एजेंसी के चयन को मंजूरी दी गई। इसके साथ ही औद्योगिक क्षेत्रों में पारदर्शिता एवं प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ड्रोन आधारित मॉनिटरिंग प्रणाली लागू करने का निर्णय लिया गया, जिसके माध्यम से सिविल, विद्युत एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़े कार्यों की नियमित निगरानी की जाएगी। कम्पिल कताई मिल, मऊ आइमा, बहादुरगंज, सलेमपुर एवं बाराबंकी के औद्योगिक क्षेत्रों के मानचित्रों को स्वीकृति प्रदान की गई। वहीं बलिया, हाथरस, फतेहपुर, बाराबंकी एवं चित्रकूट के औद्योगिक क्षेत्रों के प्रस्तावों पर विचार करते हुए संशोधन के निर्देश दिए गए तथा संशोधित तलपट (लेआउट) मानचित्र को स्वीकृति दी गई। भूमि बैंक को सुदृढ़ करने हेतु नीतिगत संशोधन के निर्देश दिए गए। साथ ही भूमि आवंटन की प्रक्रिया को अधिक सुव्यवस्थित एवं पारदर्शी बनाने के लिए संशोधित योजना तैयार करते हुए प्राप्त आवेदनों पर नियमानुसार कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा गया। एक महत्वपूर्ण निर्णय के तहत यह तय किया गया कि आवंटन योग्य भूमि का 75 प्रतिशत आवंटन पूर्ण होने के पश्चात शेष 25 प्रतिशत भूमि का आवंटन ई-ऑक्शन के माध्यम से किया जाएगा, जिससे पारदर्शिता और प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही यह भी निर्देशित किया गया कि प्रचलित परियोजनाओं में विकास कार्यों को जारी रखते हुए समानांतर रूप से आवंटन प्रक्रिया संचालित की जाए, ताकि निवेश में तेजी लाई जा सके। सहारनपुर एवं बदायूं में प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण के संदर्भ में निर्देश दिए गए कि अधिग्रहण से पूर्व सड़क संपर्क (रोड कनेक्टिविटी) एवं लॉजिस्टिक्स सुविधाओं को दुरुस्त किया जाए, जिससे औद्योगिक इकाइयों को बेहतर कनेक्टिविटी मिल सके। बैठक में यह भी निर्देशित किया गया कि अवस्थापना (इन्फ्रास्ट्रक्चर) विकास हेतु शासन द्वारा उपलब्ध कराए गए वित्तपोषण का प्रभावी उपयोग करते हुए एक वर्ष के भीतर बुनियादी सुविधाओं का तीव्र विकास सुनिश्चित किया जाए। साथ ही निवेशकों की समस्याओं के समाधान के लिए विशेष कैंप आयोजित कर एक माह के भीतर उनका निस्तारण किया जाए। अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार ने कहा कि यूपीसीडा का लक्ष्य केवल औद्योगिक भूखंडों का आवंटन करना नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश में एक विश्वस्तरीय औद्योगिक ईकोसिस्टम का निर्माण करना है, जहां तकनीक, पारदर्शिता और दक्षता के आधार पर उद्यमियों को बेहतर वातावरण मिल सके। उन्होंने कहा कि ड्रोन आधारित निगरानी, डिजिटल सेवाएं और पारदर्शी आवंटन प्रक्रिया जैसे निर्णय प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य की दिशा में तेजी से अग्रसर करेंगे। अंत में अध्यक्ष ने निर्देश दिए कि सहारनपुर और बदायूं जैसे क्षेत्रों में भूमि अधिग्रहण के दौरान कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स का विशेष ध्यान रखा जाए, ताकि औद्योगिक विकास को दीर्घकालिक मजबूती मिल सके।

कोर्ट का आदेश, याचिका खारिज होने के बाद भारी पुलिस बल की मौजूदगी में हटा अवैध निर्माण

लखनऊ लखनऊ के बक्शी का तालाब (बीकेटी) क्षेत्र में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है. यहां ग्राम सभा की जमीन पर बनी एक मस्जिद को बुलडोजर से जमींदोज कर दिया गया. यह कार्रवाई देर रात भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में की गई. दरअसल, यह पूरा मामला बीकेटी तहसील के ग्राम अस्ती स्थित गाटा संख्या 648 की जमीन से जुड़ा है. आरोप था कि इस सरकारी जमीन पर अवैध रूप से मस्जिद का निर्माण किया गया था. इसको लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था और मामला कोर्ट तक पहुंचा. मस्जिद कमेटी की ओर से कोर्ट में याचिका दाखिल कर निर्माण को वैध ठहराने की कोशिश की गई, लेकिन अदालत में जमीन पर अपना वैध अधिकार साबित नहीं हो पाया. याचिका खारिज होने के बाद प्रशासन को अवैध कब्जा हटाने की अनुमति मिल गई. कोर्ट के आदेश पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बुलडोजर कार्रवाई का फैसला लिया. देर रात जैसे ही कार्रवाई शुरू हुई, मस्जिद कमेटी के लोग और स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में मौके पर इकट्ठा हो गए. संभावित विरोध और कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने भारी पुलिस बल तैनात कर रखा था. कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों द्वारा नारेबाजी किए जाने और हल्की झड़प की कोशिश की खबरें भी सामने आईं, लेकिन पुलिस ने स्थिति को संभाला. मौके पर एसडीएम, नायब तहसीलदार समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे और पूरी कार्रवाई की निगरानी करते रहे. स्थानीय सूत्रों के अनुसार, इस मस्जिद में बाहरी लोगों का आना-जाना भी बढ़ गया था, जिससे क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन रही थी. प्रशासन ने इसे भी गंभीरता से लिया और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई को जरूरी बताया. प्रशासन का कहना है कि यह पूरी कार्रवाई कोर्ट के आदेश के तहत की गई है और अवैध कब्जों के खिलाफ आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी. अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सरकारी जमीन पर किसी भी तरह का अवैध निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. इस कार्रवाई के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई.

भोपाल में हनुमान जन्मोत्सव की धूम, भक्ति का सैलाब और शोभायात्राओं का आयोजन, मुख्यमंत्री ने दी शुभकामनाएं

भोपाल   आज पूरे प्रदेश सहित राजधानी भोपाल में हनुमान जन्मोत्सव श्रद्धा, उत्साह और भक्ति के साथ मनाया जा रहा है। शहर के सभी प्रमुख हनुमान मंदिरों में सुबह से ही भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है। श्रद्धालु पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और रामधुन में लीन दिखाई दे रहे हैं, जिससे पूरे शहर का माहौल भक्तिमय हो गया है। हनुमान जयंती के अवसर पर आज गुरुवार काे विभिन्न धार्मिक और सामाजिक संगठनों द्वारा भव्य आयोजन किए जा रहे हैं। विश्व हिंदू परिषद् भोपाल द्वारा आज शाम 4:30 बजे पुराने शहर स्थित कार्यालय से भव्य गदा यात्रा निकाली जाएगी, जो शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए विभिन्न हनुमान मंदिरों तक पहुंचेगी। इसके अलावा, जय मां भवानी हिंदू संगठन द्वारा कालीघाट मंदिर से बैरसिया रोड तक हिंदू एकता शोभायात्रा निकाली जा रही है। इस यात्रा में 15 फीट ऊंची हनुमान प्रतिमा, आकर्षक झांकियां, ढोल-नगाड़े और आतिशबाजी मुख्य आकर्षण हैं। वहीं बजरंग दल की वीर बजरंगी गदा यात्रा भी शाम 4:30 बजे छोला रोड से प्रारंभ होगी। प्रदेशभर में भी उमड़ा आस्था का जनसैलाब भोपाल के खेड़ापति हनुमान मंदिर के साथ-साथ इंदौर के पितरेश्वर और रणजीत हनुमान, उज्जैन के गेबी हनुमान, जबलपुर के अर्जी वाले हनुमान और ग्वालियर के मंशापूर्ण हनुमान मंदिरों में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी जा रही है। जगह-जगह भंडारे, शोभायात्राएं और धार्मिक आयोजन हो रहे हैं। दुर्लभ संयोग में मनाया जा रहा प्राकट्य उत्सव पंडित अमर डिब्बेवाला के अनुसार, इस वर्ष हनुमान जन्मोत्सव चैत्र शुक्ल पूर्णिमा पर गुरुवार, हस्त नक्षत्र और ध्रुव योग के दुर्लभ संयोग में मनाया जा रहा है। कन्या राशि में स्थित चंद्रमा इस शुभ अवसर का साक्षी है। यह विशेष योग साधना और उपासना के लिए अत्यंत फलदायी माना जाता है, जिससे हनुमान जी की कृपा प्राप्त होती है और ग्रह दोषों से मुक्ति मिलती है। ट्रैफिक प्लान लागू, कई मार्गों पर डायवर्जन हनुमान जन्मोत्सव के जुलूसों को देखते हुए भोपाल में विशेष ट्रैफिक प्लान लागू किया गया है। आज शाम 4 बजे से पुराने शहर के कई मार्गों पर यातायात प्रभावित रहेगा। दो प्रमुख जुलूस मार्ग तय पहला जुलूस – तलैया क्षेत्र से शुरू होकर बुधवारा चौराहा, इतवारा, आजाद मार्केट, छोटेभैया, घोड़ा नक्कास, बस स्टैंड, भोपाल टॉकीज होते हुए सिंधी कॉलोनी तक जाएगा। दूसरा जुलूस – ओम अग्रवाल धर्मशाला स्थित विश्व हिंदू परिषद कार्यालय से शुरू होकर छोला रोड, गणेश मंदिर, जेपी नगर तिराहा, डीआईजी बंगला चौराहा, काजी कैंप होते हुए सिंधी कॉलोनी चौराहा तक पहुंचेगा। बसों के रूट में बड़ा बदलाव हलालपुर बस स्टैंड से चलने वाली बसें नादरा नहीं जाएंगी, वहीं से संचालित होंगी नादरा से विदिशा-बैरासिया रूट की बसें बेस्ट प्राइस तक सीमित रहेंगी सभी प्रकार के व्यावसायिक, लोक परिवहन और भारी वाहन जुलूस मार्गों पर प्रतिबंधित रहेंगे . 200 साल पुराना खटलापुरा हनुमान मंदिर राजधानी स्थित खटलापुरा श्री हनुमान मंदिर अपनी प्राचीनता और चमत्कारी मान्यताओं के कारण श्रद्धालुओं के बीच विशेष आस्था का केंद्र बना हुआ है। करीब 200 वर्ष पुराने इस मंदिर की महिमा दूर-दूर तक फैली हुई है, जहां हर दिन भक्तों की भीड़ रहती है।  मंदिर की खासियत क्या है? इस मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता यहां विराजित हनुमान जी की अर्ध शिला रूप में स्थापित प्रतिमा है, जो बेहद दुर्लभ मानी जाती है। मान्यता है कि यह प्रतिमा बड़ा तालाब (लोअर लेक) से प्राप्त हुई थी, जिससे इस स्थान की पवित्रता और भी बढ़ जाती है। भक्त इसे सिद्ध और चमत्कारी स्थल मानते हैं। बताया जाता है कि नवाबों के जमाने में केवल भोपाल में चार मंदिर हुआ करते थे उन चार मंदिरों में यह मंदिर भी शामिल था जहां भक्त पहुंचते थे।   मनोकामनाएं पूरी होने की मान्यता स्थानीय श्रद्धालुओं का विश्वास है कि यहां सच्चे मन से मांगी गई हर मुराद पूरी होती है। संकटों से मुक्ति, साहस और सफलता की कामना लेकर लोग बड़ी संख्या में यहां पहुंचते हैं। यही आस्था इस मंदिर को खास पहचान दिलाती है।  हनुमान जयंती पर उमड़ती है भीड़ हनुमान जयंती के अवसर पर इस मंदिर का महत्व और बढ़ जाता है। हर साल इस दिन यहां हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। सुबह से ही मंदिर में लंबी कतारें लग जाती हैं और पूरा परिसर भक्ति के माहौल में डूब जाता है। नियमित दिनों में भी रहता है आकर्षण वैसे तो हर मंगलवार और शनिवार को यहां भक्तों की अच्छी-खासी भीड़ रहती है, लेकिन हनुमान जयंती पर यह संख्या कई गुना बढ़ जाती है और मंदिर आस्था के बड़े केंद्र के रूप में नजर आता है। पिछले कई वर्षों से हर मंगलवार यहां पर भंडारे का आयोजन किया जाता है खास बात है कि भंडारे में मिलने वाला प्रसाद बनाने का काम भक्त मंडल ही करता है।    

आसमान छूती कच्चे माल की कीमत,लखनऊ में दम तोड़ते उद्योग और रोजगार का संकट

लखनऊ ईरान-इस्त्राइल युद्ध के कारण मार्च से विभिन्न उद्योगों को एक हजार करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। इसमें प्लास्टिक उद्योग सर्वाधिक प्रभावित हुआ है, जिसे 500 करोड़ रुपये से अधिक की हानि का अनुमान है। साबुन, गत्ता, बेकरी और रसायन जैसे अन्य उद्योग भी बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। लखनऊ में करीब चार हजार प्लास्टिक उद्योगों का उत्पादन घटकर 20 फीसदी रह गया है। कच्चे माल की कीमतें दोगुनी होने से यह स्थिति बनी है। प्लास्टिक दाना जो नब्बे-सौ रुपये प्रति किलो मिलता था, वह दो सौ रुपये के पार पहुंच गया है। निजी और सरकारी कंपनियों में भी कच्चे माल की उपलब्धता नहीं है। बाजार 80 फीसदी तक घटने से उद्यमियों को रोजी-रोटी का संकट सता रहा है। यूपी आदर्श व्यापार मंडल के प्रदेश प्रभारी अविनाश त्रिपाठी का कहना है कि मिठाई, रेस्टोरेंट, ढाबे और होटल कारोबार को एक महीने में दो सौ करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। लखनऊ में मिठाई की 2 बिक्री आधी रह गई है। गैस की किल्लत के कारण नाश्ता काउंटर भी नहीं चल पा रहे हैं। सरोजनीनगर के प्लास्टिक उद्यमी अशोक चावला का कहना है कि हर दिन कच्चे माल की कीमत बढ़ रही है। होली के बाद से कई श्रमिकों को बुलाया भी नहीं गया है। यह स्थिति कब तक रहेगी, पता नहीं। बैंकों को कर्ज की किश्तें चुकाने में भी मुश्किल महसूस कर रही है। आईआईए के चेयरमैन विकास खन्ना का कहना है कि पेट्रोलियम पदार्थों की बढ़ी कीमतें, गैस सिलिंडर की दिक्कतें, डीजल की कमी आदि से पूरे महीने उद्योग बेपटरी रहा। पैकेंजिंग कारोबार घटकर आधा रह गया। अभी भी स्थिति सुधरी नहीं है। लखनऊ प्लास्टिक ट्रेड एसोसिएशन के अध्यक्ष दिनेश गोस्वामी का कहना है कि उद्यमी अपनी पूंजी का 25 फीसदी हिस्सा खर्च कर चुके हैं। लागत बढ़ने से व्यापारी माल लेने को तैयार नहीं हैं, जिससे श्रमिकों के रोजगार पर भी संकट गहराया है। सरोजनीनगर के उद्यमी रजत गुलाटी का कहना है कि साबुन उद्योग में पाम ऑयल, रसायन और पैकेजिंग सामग्री महंगी हुई है। इससे तैयार माल की लागत बढ़ी है और कारोबार पंद्रह-बीस फीसदी ही बचा है।  

‘टाइम ऑफ डे टैरिफ’ लागू: अब समय के हिसाब से बदलेगा बिजली बिल

भागलपुर. बिजली विभाग ने टाइम ऑफ डे टैरिफ लागू कर दिया है। नई व्यवस्था के तहत सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक यानी आठ घंटे के लिए निर्धारित बिजली दर से 20 प्रतिशत सस्ती बिजली मिलेगी। फिर शाम पांच बजे से रात 11 बजे तक यानी छह घंटे बिजली महंगी होगी। जबकि रात 11 से सुबह नौ बजे तक सामान्य बिजली दर लागू होगा। बता दें कि इस नई व्यवस्था से कृषि फीडर वाले सभी उपभोक्ताओं को बाहर रखा गया है। साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड, भागलपुर आपूर्ति क्षेत्र के कार्यपालक अभियंता (शहरी) पंकज कुमार के अनुसार इस व्यवस्था से उपभोक्ताओं के खर्च कम होंगे। बिजली व्यवस्था पर दबाव कम होगा और सौर ऊर्जा के बेहतर उपयोग को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने बताया कि 10 किलोवाट से अधिक लोड वाले घरेलू व व्यवसायिक उपभोक्ताओं को निर्धारित बिजली दर से 10 प्रतिशत अधिक शुल्क लगेगा। जबकि एक किलोवाट या फिर इससे अधिक लोड वाले सिर्फ स्मार्ट मीटर वाले उपभोक्ताओं पर ही यही नियम लागू होगा। समय के अनुसार आएगा बिल दिन को तीन भागों में बांटा गया है। सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक ऑफ-पीक समय है। इस दौरान बिजली 20 प्रतिशत सस्ती रहेगी। घरेलू उपभोक्ताओं को सामान्य दर 7.42 रुपये प्रति यूनिट की जगह केवल 5.94 रुपये प्रति यूनिट देना होगा। जबकि शाम 5 बजे से रात 11 बजे तक पीक आवर है। घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 10 प्रतिशत ज्यादा यानी 8.16 रुपये प्रति यूनिट लगेगा। व्यावसायिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं को 20 प्रतिशत ज्यादा यानी 120 प्रतिशत दर चुकानी पड़ेगी। रात 11 बजे से सुबह 9 बजे तक सामान्य दर 7.42 रुपये प्रति यूनिट ही रहेगी।

हिमाचल के टैक्स फैसले पर तकरार तेज, भगवंत मान का सख्त संदेश

चंडीगढ़. हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा पंजाब और हरियाणा की गाड़ियों पर लगाए गए एंट्री टैक्स को लेकर को पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने प्रतिक्रिया दी है। मुख्यमंत्री ने कहा हैं कि हम पंजाब में टोल टैक्स बंद करवा रहे हैं, जिसका फायदा हिमाचल की गाड़ियों को भी मिल रहा है। दूसरी तरफ हिमाचल प्रदेश हमारी गाड़ियों पर टैक्स लगा रहा है। सीएम ने कहा कि हमें भी टैक्स लगाना आता है। हालांकि इससे पहले उन्होंने एचपी सरकार द्वारा टैक्स कम करने को लेकर कहा कि सुबह का भूला अगर शाम को घर आ जाए तो भूला नहीं कहते। यह तो दोपहर में ही आ गए हैं। दरअसल, हिमाचल सरकार ने हरियाणा-पंजाब से आने वाली गाड़ियों पर 130 रुपये एंट्री टैक्स लगा दिया था, जिसे लेकर खासा विवाद हुआ। बढ़ते दबाव को देखते हुए सरकार ने टैक्स को 130 के स्थान पर 100 रुपये कर दिया। वहीं, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पंजाब के कांग्रेसी नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा, "हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की सरकार है। इस पर पंजाब कांग्रेस के नेता क्यों चुप हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी संकेत दिए कि भविष्य में पंजाब सरकार भी हिमाचल की गाड़ियों पर एंट्री टैक्स लगाने का विचार कर सकती है।" ग्रामीण क्षेत्रों में होगा जातीय सर्वेक्षण पंजाब सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में जातीय सर्वेक्षण करवा रही है। बुधवार को अपने सरकारी आवास पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि इस सर्वेक्षण के बाद यह स्पष्ट हो जाएगा कि किस वर्ग की कितनी आय हैं। क्योंकि इस सर्वे में ड्रग्स का डाटा भी एकत्रित किया जाएगा। सर्वे में नशा लेने वालों की जानकारी भी जुटाई जाएगी। जानकारी के अनुसार, पंजाब सरकार द्वारा शुरू की गई ‘मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना’ के तहत एससी वर्ग की महिलाओं को 1500 रुपये मासिक भत्ता दिया जाना है। इसका आंकड़ा भी इसी सर्वे से जुटाया जाएगा। वहीं, ड्रग्स को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि कई पंचायतों ने अपने गांवों को नशा मुक्त करार दिया हो। इस सर्वेक्षण के बाद यह तस्वीर भी स्पष्ट हो जाएगी की कितने गांव नशा मुक्त हो गए हैं। बता दें कि पंजाब में 13236 पंचायतें हैं। पंजाब में 1 अप्रैल से शुरू हुई गेहूं खरीद सीजन से पहले ही आढ़तियों ने हड़ताल की चेतावनी दे दी है, जिसका संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आढ़तियों की मांग केंद्र सरकार से जुड़ी हुई है। इसके बावजूद राज्य सरकार इस तरह की ब्लैकमेलिंग को बर्दाश्त नहीं करेगी। आज जब खरीद का सीजन शुरू हो रहा है तो वह हड़ताल पर जाने की बात कर रहे हैं। इससे सख्ती से निपटा जाएगा। खेतों को जाने वाली बिजली की लाइन होगी अंडरग्राउंड मुख्यमंत्री भगवान मान ने कहा कि खेतों को जाने वाली बिजली की लाइनें को अंडरग्राउंड करने का नया प्रयोग वह अपने गांव सतौज (संगरूर) में करने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिजली की लाइनें से कई प्रकार के नुकसान होता है। लाइन शॉर्ट होने पर फसल जल जाती है। वहीं खंभों को लेकर के गांव वासियों के बीच आपस में विवाद होता है। इसलिए वह एक नया प्रयोग करने जा रहे हैं। अगर यह प्रयोग सफल रहा तो इस पूरे पंजाब में लागू किया जाएगा। 'फूलका ने बीच में छोड़ दी थी राजनीति' आप के पूर्व विधायक व विपक्षी दल के नेता रहे एचएस फूलका द्वारा भाजपा में शामिल होने पर मुख्यमंत्री ने कहा, पूर्व विधायक ने राजनीति से संन्यास ले लिया था। दाखा विधान सभा के लोगों को मझधार में छोड़ दिया था। ऐसे लोग पुन: राजनीति में सफल नहीं होते।

निरीक्षण में खुली लापरवाही: राज्य खाद्य आयोग का विभागों पर कड़ा रुख

रायपुर. छत्तीसगढ़ राज्य खाद्य आयोग के निरीक्षण में 21 जिलों में संचालित शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में कई कमियां सामने आई हैं. इन खामियों को लेकर आयोग ने सख्ती दिखाते हुए संबंधित विभागों को त्वरित सुधार के निर्देश दिए हैं. आयोग के अध्यक्ष संदीप शर्मा की अध्यक्षता में नवा रायपुर स्थित कार्यालय में आयोजित अंर्तविभागीय बैठक में खाद्य, महिला एवं बाल विकास, स्कूल शिक्षा और आदिम जाति एवं अनुसूचित जनजाति विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा की गई. निरीक्षण में उचित मूल्य दुकानों, आंगनबाड़ी केन्द्रों, स्कूलों के मध्यान्ह भोजन और आश्रम-छात्रावासों की व्यवस्था का जायजा लिया गया था. बैठक में बालक छात्रावासों में भोजन की गुणवत्ता और सामग्री आपूर्ति में सुधार की जरूरत बताई गई, जबकि कन्या छात्रावासों की स्थिति बेहतर पाई गई. 21 जिलों से निरीक्षण संबंधी अनुशंसाओं के पालन प्रतिवेदन समय पर नहीं मिलने पर अध्यक्ष ने नाराजगी जताई और शीघ्र रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए. आयोग ने निर्देश दिए कि सभी आश्रम-छात्रावासों में दैनिक भोजन मैन्यू और कॉल सेंटर नंबर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किए जाएं, ताकि शिकायत और सुझाव दर्ज किए जा सकें. आंगनबाड़ी केन्द्रों में बच्चों की उपस्थिति पोषण ट्रैकर में सही दर्ज करने और आकस्मिक निरीक्षण से उसका मिलान करने को कहा गया. उचित मूल्य दुकानों में अनियमितता पर भी सख्त रुख अपनाते हुए नियमित रूप से दुकान नहीं खोलने, सूचना प्रदर्शित नहीं करने और स्टॉक में गड़बड़ी पाए जाने पर संचालकों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए. मध्यान्ह भोजन योजना के तहत प्रदेश में संचालित दो केंद्रीकृत किचनों की व्यवस्था संतोषजनक पाई गई. आयोग ने इन किचनों से अधिक से अधिक स्कूलों को जोड़ने की अनुशंसा की है. इसके अलावा छात्रावासों और स्कूलों में भोजन की गुणवत्ता पर नजर रखने के लिए किसी छात्र को मेस प्रभारी बनाने का सुझाव दिया गया. साथ ही सभी संस्थानों में चावल, दाल, सब्जी और खाद्य तेल की निर्धारित मात्रा का प्रदर्शन और उसका पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए. अध्यक्ष शर्मा ने कहा कि अधिकांश जिलों में योजनाएं ठीक चल रही हैं, लेकिन जहां कमियां मिली हैं. वहां जल्द सुधार करना जरूरी है. बैठक में आयोग के सदस्य राजेंद्र महिलांग, कुलदीप शर्मा और सदस्य सचिव राजीव कुमार जायसवाल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे.