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मारकंडेय यादव को सीएम योगी ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि

मारकंडेय यादव को सीएम योगी ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि गोरक्षपीठ के अनन्य भक्त थे मारकंडेय यादव, श्रद्धांजलि देने उनके गांव पहुंचे मुख्यमंत्री वरिष्ठ समाजसेवी के पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित किए मुख्यमंत्री ने, परिजनों को बंधाया ढांढस गोरखपुर  गोरक्षपीठ के अनन्य भक्त, वरिष्ठ समाजसेवी, पिपराइच के लुहसी गांव निवासी मारकंडेय यादव के निधन पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गहरी संवेदना व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने गुरुवार सुबह लुहसी स्थित उनके पैतृक आवास पहुंचकर पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित किए और अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि दी। मारकंडेय यादव का बुधवार सुबह गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया था। उनकी गोरक्षपीठ के प्रति अगाध श्रद्धा थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार सुबह करीब सवा दस बजे लुहसी स्थित मारकंडेय यादव के आवास पर पहुंचे। उन्होंने स्मृतिशेष के पार्थिव शरीर व चित्र पर पुष्प अर्पित किए और भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की चिर शांति के लिए महायोगी गुरु गोरखनाथ से प्रार्थना की। सीएम योगी ने स्वर्गीय मारकंडेय यादव के परिजनों, पत्नी गुड्डी यादव, पुत्रद्वय संजीव यादव व विशाल यादव, भाई हरेंद्र यादव, पुत्री वंदना यादव, दामाद हिमांशु यादव आदि से आत्मीयता से बातचीत कर उन्हें ढांढस बंधाया। इस अवसर पर गोरखपुर के महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायक महेंद्रपाल सिंह, विपिन सिंह, उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक के सभापति संतराज यादव, भाजपा के जिलाध्यक्ष जनार्दन तिवारी, पिपराइच नगर पंचायत के चेयरमैन संजय मद्धेशिया, वरिष्ठ नेता राधेश्याम सिंह, आनंद शाही, रणविजय सिंह मुन्ना आदि भी मौजूद रहे।

गैस की कालाबाजारी, फरीदाबाद में 4 हजार रुपये तक पहुंचा सिलेंडर का दाम

फरीदाबाद केंद्र सरकार के निर्देशों के बावजूद शहर में अब तक पेट्रोल पंपों पर केरोसीन (मिट्टी तेल) की बिक्री शुरू नहीं हो सकी है। इसके चलते वाणिज्यिक गैस सिलेंडरों की किल्लत झेल रहे लोगों, खासकर दिहाड़ी मजदूरों को काफी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। हालात यह हैं कि सरकारी फैसले का जमीनी स्तर पर कोई असर नजर नहीं आ रहा और जिम्मेदार अधिकारी ऊपर से आदेश नहीं आने का हवाला देकर स्थिति स्पष्ट करने से बच रहे हैं, जिससे लोग काफी परेशान है। शहर करीब 80 पेट्रोल पंप है। केंद्र सरकार के नए आदेश अनुसार केरोसीन तेल का वितरण पुराने पेट्रोल पंपों के माध्यम से किया जाना है, जहां पहले से केरोसीन तेल भंडारण के इंतजाम हैं। पेट्रोप पंप एसोसिएशन के पदाधिकारियों के अनुसार शहर में ऐसे दो पेट्रोल पंप हैं, जिन पर केरोसीन बिक्री की व्यवस्था शुरू की जानी थी, लेकिन अभी तक यह योजना कागजों से बाहर नहीं निकल सकी है। ऐसे में मजदूर वर्ग और निम्न आय वर्ग के लोग वैकल्पिक ईंधन के लिए परेशान हैं।छोटे सिलेंडरों को लेकर मजदूरों की परेशानी बढ़ीशहर में रसोई गैस की कमी का सीधा असर गरीब और मजदूर वर्ग पर पड़ रहा है। गैस एजेंसियों पर आपूर्ति प्रभावित होने के कारण लोगों को समय पर सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं। सबसे ज्यादा परेशानी उन दिहाड़ी मजदूरों को हो रही है, जिनकी आय सीमित है और जो महंगे सिलेंडर खरीदने में सक्षम नहीं हैं। कई इलाकों में मजदूर पांच किलो के छोटे सिलेंडर ब्लैक में भरवाकर खाना बनाने को मजबूर हैं। संजय कॉलोनी निवासी रवि सिंह ने बताया कि वह अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ यहां किराये पर रहते हैं और एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते हैं। पहले किसी प्रकार पांच किलो का छोटा सिलेंडर भरवा कर काम चल जाता है और 100 रुपये किलो गैस भरी जाती थी। पांच किलो गैस 10 से 15 दिन चल जाती थी। अब गैस भरने वालों ने प्रति किलो 250 से 300 रुपये दाम कर दिए है। उन्हें मजबूरी में यह विकल्प अपनाना पड़ रहा है। यदि पेट्रोल पंपों पर केरोसीन की बिक्री शुरू हो जाती, तो उनके जैसे अनेक लोगों को कुछ राहत मिल सकती है।ब्लैक में घरेलू सिलेंडर तीन से चार हजार में बिक रहाशहर में प्रशासन की छापेमारी कार्रवाई के बावजूद गैस की कालाबारी जोरशोर से जारी है। सूत्रों के अनुसार गैस सिलेंडरों की कालाबाजी कर धंधा खूब फल-फूल रहा है। एक व्यक्ति ने बताया कि ब्लैक में एक सिलेंडर तीन हजार से चार हजार रुपये का मिल रहा है।अधिकांश मजदूरों के पास नहीं है गैस कनेक्शनशहर के एनआईटी, नहर पार और बल्लभगढ़ क्षेत्रों में बड़ी संख्या में दिहाड़ी मजदूर रहते हैं, जो आसपास के निर्माण कार्यों में लगे हैं। इनमें से अधिकांश के पास घरेलू रसोई गैस कनेक्शन तक नहीं है। ऐसे लोग अब तक छोटे सिलेंडरों या वैकल्पिक साधनों के जरिए काम चला रहे थे, लेकिन गैस की कमी और सख्ती बढ़ने से उनकी परेशानी और गहरा गई है। मजदूरों का कहना है कि अगर सस्ती दर पर केरोसीन उपलब्ध हो जाए, तो उनकी रसोई फिर से सुचारु हो सकती है।पेट्रोल पंपों पर केरोसीन बिक्री को लेकर मुख्यालय से अभी तक कोई स्पष्ट आदेश या दिशा-निर्देश प्राप्त नहीं हुए हैं। आदेश मिलते ही व्यवस्था लागू कर दी जाएगी।-कविता सिंह परिहार, नियंत्रक, जिला खाद्य एवं आपूर्ति

पूर्व विधायक शीतल पांडेय के पुत्र को मुख्यमंत्री योगी ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि

पूर्व विधायक शीतल पांडेय के पुत्र को मुख्यमंत्री योगी ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि मनु पांडेय के चित्र पर पुष्प चढ़ाये सीएम ने, परिजनों को बंधाया ढांढस  गोरखपुर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने  सहजनवा के पूर्व विधायक शीतल पांडेय के रामगढ़ताल/तारामंडल क्षेत्र स्थित आवास पर जाकर उनके पुत्र मानवेंद्र पांडेय ‘मनु’ को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। मानवेंद्र का मंगलवार को आकस्मिक निधन हो गया था।  बुधवार शाम मुख्यमंत्री लखनऊ से गोरखपुर आए। एयरपोर्ट से वह सीधे पूर्व विधायक शीतल पांडेय के आवास पर पहुंचे। उन्होंने पूर्व विधायक के पुत्र मानवेंद्र पांडेय के चित्र पर पुष्पांजलि और भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने दिवंगत की आत्मा की शांति के लिए महायोगी गुरु गोरखनाथ से प्रार्थना की। मुख्यमंत्री ने पूर्व विधायक शीतल पांडेय और अन्य परिजनों से आत्मीयता से बातचीत कर उन्हें ढांढस बंधाया। इस अवसर पर महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, एमएलसी एवं भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायक विपिन सिंह, महानगर संयोजक राजेश गुप्ता, भाजपा नेता अश्विनी त्रिपाठी, डॉ. विभ्राट चंद कौशिक, पुष्पदंत जैन आदि भी मौजूद रहे।  गुरुवार सुबह पिपराइच के लुहसी जाएंगे सीएम योगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार सुबह पिपराइच क्षेत्र के लुहसी गांव जाएंगे। वह यहां के निवासी और गोरक्षपीठ के अनन्य भक्त मारकंडेय यादव के आवास पर पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि देंगे। मारकंडेय यादव का बुधवार को निधन हो गया।

किसानों के लिए नई बिजली कंपन,हरियाणा में 7 लाख किसानों को मिलेगा लाभ, भंडारण के लिए ₹550 करोड़ मंजूर

चंडीगढ़  हरियाणा सरकार की ओर से प्रदेश में किसानों के कल्याण के लिए निरंतर कदम उठाए जा रहे हैं। इस कड़ी में अब किसानों को बिजली पर करोड़ों रुपए की सब्सिडी मिलेगी। किसानों को इसी वित्तीय वर्ष में 138.2 करोड़ यूनिट अतिरिक्त बिजली दी जाएगी। किसानों को यह बिजली 10 पैसे प्रति यूनिट के हिसाब से दी जाएगी। खास बात यह है कि सरकार की ओर से 10686.64 मिलियन यूनिट बिजली दी जाएगी और कुल 7870.32 करोड़ रुपए का अनुदान दिया जाएगा। इसी प्रकार से गेहूं भंडारण के लिए भी किसानों को बड़ी सहायता दी जाएगी। जूट बैग खरीद से किसानों को सुरक्षित भंडारण का लाभ मिलेगा। सरकार की ओर से 550 करोड़ रुपए की लागत से जूट एवं अन्य स्टोरेज बैग खरीद को मंजूरी दी गई है। गौरतलब है कि हरियाणा में भाजपा सरकार द्वारा कृषि के क्षेत्र में ऐतिहासिक कदम उठाए जा रहे हैं। इस वित्तीय वर्ष में किसानों को कृषि के लिए बिजली का जल्दी कनैक्शन व निर्बाध बिजली देने के लिए हरियाणा एग्री डिस्कॉम नाम से तीसरी बिजली कंपनी बनाई जाएगी। यह कंपनी 5084 कृषि फीडरों के अंतर्गत आने वाले करीब 7 लाख 12 हजार किसानों को सेवाएं देगी। किसानों को सीधा बाजार देने के लिए प्रदेशभर में ग्रामीण हॉट मंडियां स्थापित की जाएंगी। सरकार की ओर से इस वित्तीय वर्ष में मशरूम, स्ट्राबेरी, चीकू की खेती को बढ़ावा देने के लिए उत्कृष्टता केंद्र बनाए जाएंगे और मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए सिरसा में एक्वा केंद्र बनेगा तो ज्योतिसर और सांपला के मछली बीज फार्मों का आधुनिकीकरण किया जाएगा। इसके साथ ही सरकार की ओर से पशुपालन को बढ़ावा देने के मकसद से 10 करोड़ की लागत से 100 पशुओं वाले आधुनिक डेयरी फार्म स्थापित किए जाएंगे। दूध प्रसंस्करण क्षमता को बढ़ाने के उद्देश्य से ही रेवाड़ी एवं अंबाला में 300-300 करोड़ रुपए की लागत से 5 लाख लीटर प्रतिदिन क्षमता वाले 2 नए मिल्क प्लांट बनाए जाएंगे। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत हिसार व फरीदाबाद में 100 करोड़ रुपए की लागत से मछली मंडियां एवं करनाल में 50 करोड़ रुपए की लागत से मछली प्रसंस्करण स्थापित की जाएगी। इन योजनाओं से बदला किसानों का जीवन स्तर : हरियाणा में पिछले 11 वर्षों में भाजपा सरकार की ओर से लागू की गई कई योजनाओं से किसानों का जीवन स्तर बदला है। विशेष बात यह है कि मेरा पानी मेरी विरासत योजना के तहत किसानों को धान की बजाय दूसरी वैकल्पिक फसल बोने पर 8 हजार रुपए प्रति एकड़ अनुदान दिया जा रहा है। पिछले खरीफ सीजन में इस योजना के चलते ही धान के रकबे में 70 हजार एकड़ की कमी दर्ज की गई। अब किसान व्यापक पैमाने पर बागवानी एवं सब्जियों की खेती के अलावा प्राकृतिक खेती भी करने लगे हैं। सरकार की ओर से बागवानी एवं प्राकृतिक खेती पर अनुदान भी दिया जा रहा है। किसानों को सोलर पम्प पर दिया जा रहा है अनुदान उल्लेखनीय सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के मकसद से सरकार की ओर से किसानों को सोलर पम्प लगाने पर भी 75 प्रतिशत का अनुदान दिया जा रहा है। इससे किसानों की खेती की लागत कम हुई है तो बिजली की भी बचत होने लगी है। सरकार की ओर से सफेदा एवं पॉपुलर लगाने पर भी 7 हजार रुपए प्रति एकड़ राशि किसानों को दी जा रही है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत साल 2016-17 में हरियाणा के 2 लाख 20 हजार किसानों को 296 करोड़ रुपए का क्लेम दिया गया जबकि साल 2017-18 में कुल 13 लाख किसानों को इस योजना के तहत कवर किया गया और करीब 3 लाख 24 हजार किसानों को 895 करोड़ रुपए की राशि क्लेम के रूप में दी गई। इसी प्रकार से 2018-19 में 14 लाख किसानों को योजना में शामिल करते हुए करीब 20 लाख हैक्टेयर रकबा कवर किया गया और 941.60 करोड़ रुपए की राशि क्लेम के रूप में दी गई। साल 2019-20 में करीब 927 करोड़ रुपए का क्लेम किसानों को दिया गया। ऐसे ही 2020-21 में 880 करोड़, 2021-22 में 720 करोड़ रुपए, 2022-23 में 930 करोड़, 2023-24 में 770 एवं 2024-25 में 890 करोड़ रुपए का क्लेम किसानों को दिया गया। किसानों के कल्याण के लिए निरंतर कदम उठा रही है सरकार : नायब सैनी मुख्यमंत्री नायब सैनी का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में आत्मनिर्भर भारत के संकल्प के साथ देश तेज गति से आगे बढ़ रहा है। ऐसे समय में कृषि क्षेत्र की भूमिका और भी अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है। सरकार भी किसानों के कल्याण के लिए लगातार कदम उठा रही है। प्रदेश में किसानों की 24 फसलें न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी जा रही है। किसानों को पशुपालन से जोड़ा जा रहा है। मुख्यमंत्री सैनी का कहना है कि सरकार का पशुपालकों की आय को बढ़ाना, जोखिम घाटे को कम करना और बाजार तक सीधी पहुंच बनाना प्राथमिकता है। सरकार की ओर से सोनीपत में आधुनिक फल मंडी बनाई गई है। बागवानी व सब्जियों के अलावा प्राकृतिक खेती को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।

एक दूसरे के राज्य के गौरवशाली इतिहास का स्मरण करने का है यह महत्वपूर्ण अवसर – राज्यपाल डेका

लोकभवन में मनाया गया विभिन्न राज्यों का स्थापना दिवस एक दूसरे के राज्य के गौरवशाली इतिहास का स्मरण करने का है यह महत्वपूर्ण अवसर – राज्यपाल डेका 140 करोड़ देशवासियों को जोड़ रहा है एक भारत श्रेष्ठ भारत अभियान – मुख्यमंत्री साय रायपु  राज्यपाल रमेन डेका के मुख्य आतिथ्य में लोकभवन में 7 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों का स्थापना दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय विशेष रूप से उपस्थित थे।  एक भारत श्रेष्ठ भारत कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित इस समारोह में राज्यपाल डेका ने मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश, दादरा एवं नगर हवेली एवं दमन दीव, बिहार, राजस्थान और ओडिशा राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के स्थापना दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी।  राज्यपाल ने कहा कि यह अवसर इन राज्यों की समृद्ध विरासत, ऐतिहासिक परंपराओं और विकास यात्रा को स्मरण करने का महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर शुरू की गई एक भारत श्रेष्ठ भारत योजना का उद्देश्य विभिन्न राज्यों की भाषा, संस्कृति और परंपराओं के माध्यम से आपसी समझ और जुड़ाव को बढ़ाना है जिससे भारत की एकता और अखंडता मजबूत होती है।  राज्यपाल ने मिजोरम और अरूणाचल प्रदेश की प्राकृतिक संुदरता और जनजातीय संस्कृति, दादरा एवं नगर हवेली तथा दमन-दीव की पर्यटन एवं औद्योगिक विशेषताओं, बिहार के लोगों का अर्थव्यवस्था एवं विकास में योगदान,  ऐतिहासिक और आध्यात्मिक विरासत, राजस्थान के लोगों के व्यापारिक उन्नति और शौर्य परंपरा तथा ओडिशा के ऐतिहासिक महत्व का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ओडिशा और छत्तीसगढ़ में बहुत समानताएं हैं। राज्यपाल ने कहा कि भारत की विविधता की उसकी सबसे बड़ी ताकत है और ऐसे आयोजन राष्ट्रीय एकता को और अधिक मजबूत बनाते हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि एक भारत श्रेष्ठ भारत 140 करोड़ देशवासियों को जोड़ रहा है। भाषा, वेशभूषा, खान-पान में भले ही हम अलग अलग है लेकिन अनेकता में एकता हमारी देश की विशेषता हैं। एक भारत श्रेष्ठ भारत कार्यक्रम इसी भावना को दर्शाता है।  छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच रोटी बेटी के संबंध, राजस्थान के व्यापारियों का छत्तीसगढ़ के व्यापार एवं उद्योग की उन्नति में योगदान सहित अन्य राज्यों की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि एक भारत श्रेष्ठ भारत के तहत हम लोग विभिन्न राज्यों में जाकर वहां की संस्कृति से परिचित हो रहे हैं।   समारोह में राज्यों के प्रतिनिधियों ने अपने राज्यों की विशेषताओं, परंपरा, संस्कृति पर प्रकाश डाला। समारोह में विभिन्न विश्वविद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने सभी राज्यों के सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रंगारंग प्रस्तुति दी। विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों को राज्यपाल ने राजकीय गमछा और स्मृति चिन्ह भेंट किया। उन्होंने भी राज्यपाल को अपने राज्य की ओर से स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।  कार्यक्रम में राज्यपाल के विधिक सलाहकार भीष्म प्रसाद पाण्डेय के सेवानिवृत्त होने के अवसर पर राज्यपाल ने उनका सम्मान किया। इसी तरह राज्यपाल की उप सचिव सुनिधि साहू ने देहदान का निर्णय लिया है जिसकी सराहना करते हुए डेका ने उन्हें भी सम्मानित किया। कार्यक्रम में विधायक पुरंदर मिश्रा, अन्य जनप्रतिनिधि, राज्यपाल के सचिव डॉ. सी. आर प्रसन्ना, अन्य अधिकारी एवं इन सभी राज्यों के युवा, महिलाएं एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

अस्पताल पहुंचकर मंत्री ने जानी हकीकत, महिला मरीजों की समस्याएं सुनीं

पटियाला. यहां माता कौशल्या अस्पताल में बीते दिन बुधवार को अस्पताल के एक कर्मचारी द्वारा पर्ची बनवाने के लिए लाइन में लगी महिला को थप्पड़ करने का मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य मंत्री डॉ बलबीर सिंह वीरवार सुबह नो बजे ही अस्पताल में स्थित ओपीडी में पहुंच गए। इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने पर्ची काउंटर पर पर्ची बनवाने के लिए लाइन में लगी महिलाओं से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनी और तुरंत अधिकारियों को समस्याओं का समाधान करने के निर्देश भी दिए। इसके बाद स्वास्थ्य मंत्री द्वारा महिला को थप्पड़ मारने के मामले को लेकर अस्पताल अधिकारियों से बातचीत की गई मौजूदा समय में स्वास्थ्य मंत्री की अस्पताल अधिकारियों से मीटिंग चल रही है। पंजाब ने बड़े पैमाने पर सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा वितरण में एक मिसाल कायम की; डॉ. बलबीर सिंह के अनुसार, मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत 3 महीने से भी कम समय में 30.51 लाख से अधिक परिवार पंजीकृत हुए। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब ने मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत बड़े पैमाने पर सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने में एक मिसाल कायम की है। 8 जनवरी, 2026 को शुरू होने के तीन महीने के भीतर ही 30.51 लाख से अधिक परिवार इस योजना में नामांकित हो चुके हैं और 292 करोड़ रुपये के मुफ्त उपचार को मंजूरी मिल चुकी है, जिससे यह योजना राष्ट्रीय स्तर पर एक अग्रणी मॉडल के रूप में उभरी है। शुक्रवार को पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने योजना के व्यापक कार्यान्वयन और गति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस योजना से पंजाब भर में लाखों परिवारों को तेजी से वास्तविक वित्तीय राहत और स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच प्राप्त हुई है।

छत्तीसगढ़ की फुटबॉलर किरण पिस्दा की कहानी: जनजातीय जड़ों से अंतर्राष्ट्रीय स्तर तक का संघर्ष

जनजातीय जड़ों से अंतर्राष्ट्रीय फलक तक: छत्तीसगढ़ की स्टार फुटबॉलर किरण पिस्दा के संघर्ष की कहानी किरण भारत के लिए खेल चुकी हैं और क्रोएशियन महिला लीग में डिनामो ज़ाग्रेब के लिए भी खेली हैं किसी भी पोज़िशन पर खेलने की क्षमता उनकी सबसे बड़ी ताकत रायपुर  जब खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के सेमीफाइनल में अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ पेनल्टी शूटआउट के दौरान किरण पिस्दा ने गोलकीपिंग के दस्ताने पहने, तब वह अपने अब तक के अनुभवों पर भरोसा कर रही थीं। उन अनुभवों पर, जिन्होंने चुनौतियों और निराशाओं के बीच उन्हें और अधिक मजबूत बनाया।              24 साल की उम्र में किरण अपने खेल कौशल के शिखर पर नजर आती हैं। वह यूरोप में लीग फुटबॉल खेल चुकी हैं और अब बड़े अंतर्राष्ट्रीय टूर्नामेंटों के लिए भारतीय टीम में जगह बनाने की दहलीज पर हैं।          हालांकि, उनका यह सफर बिल्कुल आसान नहीं रहा, भले ही उन्हें स्कूल और परिवार से शुरुआती समर्थन मिला। उनके भाई गिरीश पिस्दा, जो खुद राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी हैं, उनके लिए प्रेरणा बने।          किरण ने साई मीडिया से कहा, “मुझे स्कूल में काफी सपोर्ट मिला। वहीं से मुझे राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर खेलने के मौके मिले और हर चयन के साथ मेरा आत्मविश्वास बढ़ता गया।” इसके बाद किरण शारीरिक शिक्षा में डिग्री हासिल करने के लिए रायपुर आईं। छत्तीसगढ़ महिला लीग के दौरान उन्होंने चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा और उन्हें राष्ट्रीय शिविर के लिए बुलावा मिला।             किरण बताती हैं, “उस समय मैं शारीरिक रूप से उतनी फिट नहीं थी और मेरा मानसिक स्तर भी सीनियर खिलाड़ियों के साथ प्रतिस्पर्धा करने के लिए तैयार नहीं था।”  यही कारण रहा कि उस राष्ट्रीय शिविर में उन्हें भारतीय टीम के लिए चयन नहीं मिला। वह कहती हैं, “मुझे एहसास हुआ कि वहां जो अनुभव मिला है, उस पर मुझे काम करना होगा।”             इसके बाद उनके जीवन में आत्म-सुधार का एक कठिन दौर शुरू हुआ। उन्होंने अपनी फिटनेस पर काम किया, मैचों का विश्लेषण करना शुरू किया और अपनी पोज़िशनल समझ को बेहतर बनाया। लेकिन सबसे बड़ा बदलाव उनकी मानसिकता में आया।          वह कहती हैं, “मैंने खुद से कहा कि चाहे कुछ भी हो जाए, मैं नकारात्मक नहीं सोचूंगी। अगर आप नकारात्मक हो जाते हैं, तो उसका सीधा असर आपके प्रदर्शन पर पड़ता है।” इस बदलाव में उनके मेंटर और कोच योगेश कुमार जांगड़ा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। किरन ने कहा,“जब भी मुझे लगता है कि मैं अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रही हूं या मन खराब होता है, तो मैं उनसे बात करती हूं। वह हमेशा मुझे सकारात्मक रहने और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं।”            किरण की मेहनत का असर धीरे-धीरे दिखने लगा। घरेलू स्तर पर उनके प्रदर्शन ने केरल ब्लास्टर्स जैसे क्लबों के दरवाजे खोले, जहां उन्होंने खुद को और निखारा। उनकी सबसे बड़ी ताकत उनकी बहुमुखी प्रतिभा बन गई। वह कहती हैं, “मैंने स्ट्राइकर के रूप में शुरुआत की, फिर मिडफील्ड में खेली और अब राष्ट्रीय टीम के लिए फुल-बैक के रूप में खेलती हूं। एक फुटबॉलर के रूप में आपको अपनी टीम के लिए कई पोज़िशन पर खेलने के लिए तैयार रहना चाहिए।”            किरण कई बार भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। वह 2022 के सैफ़ चैंपियनशिप स्क्वाड का हिस्सा रही हैं और क्रोएशियन महिला लीग में डिनामो ज़ाग्रेब के लिए भी खेल चुकी हैं। फिर भी, इस मुकाम पर भी असफलताएं उनके सफर का हिस्सा रही हैं। हाल ही में ऑस्ट्रेलिया में आयोजित एएफसी (AFC) महिला एशियन कप जैसे बड़े टूर्नामेंट के लिए चयन न होना उनके लिए एक और परीक्षा थी।          किरण कहती हैं, “बड़े टूर्नामेंट के लिए चयन न होना दुख देता है। हर खिलाड़ी इसे महसूस करता है। लेकिन अब मैं इसे अलग नजरिए से देखती हूं। इसे मैं और मेहनत करने और मजबूत वापसी करने की प्रेरणा मानती हूं।” दबाव को संभालना उनकी पहचान बन चुका है। चाहे टीम में जगह के लिए प्रतिस्पर्धा हो या अहम मैचों में प्रदर्शन, उन्होंने खुद को संयमित रखना सीख लिया है। वह कहती हैं, “ऊंचे स्तर पर खेलते समय दबाव हमेशा रहता है। आपको उसे संभालना सीखना पड़ता है।”             किरण टीम के प्रदर्शन की भूमिका को भी महत्वपूर्ण मानती हैं। उन्होंने कहा, “अगर टीम अच्छा कर रही होती है, तो हर खिलाड़ी आत्मविश्वास से भरा होता है। लेकिन जब टीम हार रही होती है, तो व्यक्तिगत प्रदर्शन भी प्रभावित होता है।” जनजातीय पृष्ठभूमि से आने वाली किरण दूर-दराज के इलाकों के खिलाड़ियों की चुनौतियों को अच्छी तरह समझती हैं। उनका मानना है कि खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स जैसे मंच इस अंतर को पाटने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।            वह कहती हैं, “जनजातीय इलाकों में बहुत प्रतिभा है, लेकिन खिलाड़ियों को हमेशा मौके नहीं मिलते। खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स ने उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच दिया है। इससे उन्हें आत्मविश्वास और राज्य तथा देश के लिए खेलने का सपना देखने की प्रेरणा मिलती है।” जहां तक किरण का सवाल है, उनका फोकस फिलहाल इंडियन वुमेंस लीग जैसी घरेलू प्रतियोगिताओं में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने और राष्ट्रीय टीम में नियमित जगह बनाने पर है। लेकिन उनका लक्ष्य इससे कहीं बड़ा है।            वह कहती हैं, “मैं लगातार खुद को बेहतर बनाना चाहती हूं, नियमित प्रदर्शन करना चाहती हूं और बड़े टूर्नामेंट में भारत का प्रतिनिधित्व करना चाहती हूं। अगर आपका चयन नहीं होता, तो इसका मतलब यह नहीं कि आप अच्छे खिलाड़ी नहीं हैं—इसका मतलब है कि आपको और मेहनत करनी होगी।”

प्रॉपर्टी खरीदना अब पड़ेगा महंगा: राज्य में नए कलेक्टर रेट लागू

झज्जर. नया वित्त वर्ष शुरू होते ही जिले में जमीन के नए कलेक्टर रेट लागू कर दिए गए हैं। बुधवार को पहले दिन नए रेट पोर्टल पर अपडेट न होने के कारण तहसीलों में रजिस्ट्री का कार्य प्रभावित रहा। लोग दिनभर सरल केंद्रों के चक्कर काटते रहे, लेकिन केवल वही रजिस्ट्रियां हो पाईं जिनमें स्टांप ड्यूटी की छूट थी या जो खून के रिश्तों के आधार पर होनी थीं। अब जेब पर पड़ेगा अतिरिक्त बोझ जिला राजस्व अधिकारी मनबीर सिंह सांगवान ने पुष्टि की कि बुधवार शाम को मुख्यालय की ओर से नए कलेक्टर रेट की सूचना प्राप्त हो गई है और इसे सिस्टम पर अपलोड कर दिया गया है। वीरवार सुबह से जो भी लोग रजिस्ट्री के लिए आवेदन करेंगे, उन्हें बढ़े हुए कलेक्टर रेट के अनुसार ही स्टांप ड्यूटी चुकानी होगी। क्षेत्रवास दाम बढ़ने से जमीन खरीदना आम जनता के लिए महंगा हो जाएगा। इधर, सरल केंद्र के कर्मचारियों के अनुसार, शाम तक तकनीकी प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब वीरवार से सभी प्रकार की रजिस्ट्रियां सुचारू रूप से शुरू हो जाएंगी। हालांकि, पहले दिन की देरी के कारण कई खरीदार और विक्रेता निराश होकर लौट गए। तहसीलों की स्थिति और टोकन का ब्योरा दोपहर 2 बजे तक तीन प्रमुख तहसीलों में कुल 28 टोकन काटे, जिनमें 9 रजिस्ट्रियां ही हो सकीं। झज्जर व बहादुरगढ़: दोनों तहसीलों में 11-11 टोकन कटे, जिनमें से 4-4 रजिस्ट्रियां हुईं। बादली: यहां पर 6 टोकन कटे, जिनमें से केवल एक रजिस्ट्री हो पाई। साल्हावास, बेरी और मातनहेल तहसीलों में दोपहर बाद तक कोई नया टोकन नहीं कटा, क्योंकि लोग नए रेट लागू होने का इंतजार कर रहे थे।

15वें वित्त आयोग से बड़ी मदद: अब तेजी से होंगे स्थानीय विकास कार्य

रायपुर. वित्तीय वर्ष के आखिरी 48 घंटों में छत्तीसगढ़ के नगरीय प्रशासन विभाग ने एक शानदार रिकॉर्ड कायम किया है. विभाग ने मिशन मोड में काम करते हुए राज्य के नगरीय निकायों के लिए 15वें वित्त आयोग की 404.66 करोड़ रुपये की बड़ी राशि प्राप्त कर दिखाया. दरअसल, लगातार प्रयासों से वित्तीय वर्ष खत्म होने के ठीक पहले 30 मार्च 2026 को भारत सरकार से 202.33 करोड़ रुपये राज्य को प्राप्त हुई. उप मुख्यमंत्री के निर्देश पर विभाग द्वारा सभी निकायों को तुरंत राशि अंतरित की गई, और अगली किश्त की पात्रता के लिए GTC तैयार कर त्वरित मांग प्रस्तुत किया गया. नियमानुसार ग्रांट ट्रांसफर सर्टिफिकेट समय सीमा में प्रस्तुत होने से केंद्र से अगले किस्त की राशि की पात्रता प्राप्त कर ली गई और कुछ ही घंटों में राशि भी प्राप्त हो गई. ​महज 24 घंटे में हुआ पूरा प्रोसेस मात्र एक दिन के भीतर कोषालय ट्रेजरी से राशि निकाली गई, निकायों को ट्रांसफर की गई और ग्रांट ट्रांसफर सर्टिफिकेट’ GTC तैयार कर केंद्र सरकार को भेज दिया गया. तुरंत मिली दूसरी किश्त इस त्वरित कार्रवाई और केंद्र सरकार आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय और वित्त मंत्रालय के साथ बेहतरीन समन्वय का नतीजा यह रहा कि बिना समय गंवाए 202.33 करोड़ रुपये की दूसरी किश्त भी तुरंत मंजूर हो गई. ​इस प्रकार मान उप मुख्यमत्री जी के लगातार मानिटरिंग एवम केंद्र से बेहतर समन्वय से कुल 404.66 करोड़ रुपये की राशि छत्तीसगढ़ के शहरों के लिए प्राप्त कर ली गई. इस फंड के आने से अब प्रदेश के नगरीय निकायों में विकास कार्यों, पेयजल और स्वच्छता सुविधाओं को एक नई रफ्तार मिलेगी.

चंडीगढ़ BJP ऑफिस अटैक में पाकिस्तान मेड ग्रेनेड का प्रयोग, संदिग्धों के 2 और वीडियो हुए सार्वजनिक

चंडीगढ़ चंडीगढ़ के सेक्टर-37 स्थित पंजाब बीजेपी के मुख्यालय के बाहर हुए ब्लास्ट में नया खुलासा हुआ है। सूत्रों के मुताबिक इस हमले में GHD2P हैंड ग्रेनेड का इस्तेमाल किया गया था। यह ग्रेनेड पाकिस्तान में बनाया जाता है। जानकारी के अनुसार, विस्फोट के बाद यह करीब 5 से 10 मीटर के दायरे में बेहद घातक साबित हो सकता है। वहीं इसके टुकड़े 20 से 25 मीटर तक फैल सकते हैं, जिससे आसपास मौजूद लोगों के गंभीर रूप से घायल होने का खतरा रहता है। इससे पहले 2 नए वीडियो सामने आए। हमले से कुछ मिनट पहले वीडियो में BJP ऑफिस के पास स्थित एक अन्य दफ्तर के बाहर 2 संदिग्ध खड़े दिखाई दे रहे हैं। वहीं दूसरे वीडियो में हमले के बाद दोनों संदिग्ध सड़क के दूसरी ओर भागते हुए कैद हुए हैं। बुधवार शाम को पंजाब बीजेपी के मुख्यालय के बाहर ब्लास्ट हुआ था। इससे मौके पर खड़ी कई कारों के शीशे टूट गए और आसपास की दीवार पर छर्रों के निशान बन गए। घटना के 2 वीडियो वायरल हुए, जिसमें से एक में व्यक्ति ग्रेनेड बम फेंकता दिखा। जबकि, दूसरे वीडियो में बाइक पर जाते दो लोग दिखे, जिन्हें हमलवार बताया गया। वहीं, सोशल मीडिया पर एक पोस्ट भी वायरल हुई, जिसमें इस हमले की जिम्मेदारी खालिस्तानी संगठन ने ली। अब तक पुलिस ने इस मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं की है। चंडीगढ़ की SSP कंवरदीप कौर ने कहा था कि क्रूड जैसी चीज फेंकी गई है। चंडीगढ़ पुलिस और सीएफएसएल की टीम बीजेपी ऑफिस के बाहर जांच में जुटी हुई हैं। 30 फुट दूरी से फेंका गया ग्रेनेड BJP मुख्यालय के बाहर करीब 30 फुट दूरी से ग्रेनेड फेंका गया था। दीवार की ऊंचाई लगभग 3 फुट है, जबकि उसके ऊपर करीब 2 फुट ऊंची एल्यूमीनियम ग्रिल लगी हुई है। जिस जगह ग्रेनेड गिरा, वहां से बीजेपी दफ्तर के मुख्य द्वार की दूरी करीब 25 फीट बताई जा रही है। मुख्य द्वार के पास सुरक्षा कर्मियों के लिए केबिन बना हुआ है, जहां केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के दो जवान राउंड द क्लॉक तैनात रहते हैं। वहीं मुख्य गेट पर चंडीगढ़ पुलिस के कर्मचारी भी मौजूद रहते हैं। हालांकि जिस स्थान पर ग्रेनेड गिरा, वहां अकसर आने वाले लोग अपनी गाड़ियां पार्क करते हैं और घटना के समय भी वहां वाहन खड़े थे। खालिस्तानी आतंकी सुखजिंदर सिंह बब्बर ने इस घटना की जिम्मेदारी लेने का दावा किया है। सोशल मीडिया पर जारी एक पोस्ट में कहा गया है कि चंडीगढ़ के सेक्टर-37 में हुए ग्रेनेड हमले के पीछे वही है। पोस्ट में कहा गया है कि भारतीय सिस्टम चाहे पंजाब के सिख युवाओं के खिलाफ कितने भी कदम उठा ले, इसका जवाब दिया जाएगा। खालसा पंथ उचित प्रतिक्रिया करेगा। गुरदासपुर में रणजीत सिंह की हत्या का जिक्र करते हुए उसके आरोपियों को भी न बख्शने की बात कही गई है। पंजाब की धरती खालसा की धरती पोस्ट के अंत में खालिस्तान समर्थक नारे भी लिखे गए हैं, जिनमें खालिस्तान के समर्थन और खालसा राज की बात दोहराई गई है। इस में कहा गया है कि पंजाब की धरती खालसा की धरती है। पंजाब में खालिस्तान बनेगा खालिस्तान जिंदाबाद, खालसा राज करेगा। वायरल पोस्ट में संगठन की ओर से इस वारदात को अंजाम देने का जिक्र करते हुए पंजाब के डीआईजी संदीप गोयल को भी चेतावनी दी गई है। वहीं, सोशल मीडिया पर इस घटना का एक वीडियो भी वायरल हुआ है, जिसमें एक शख़्स ग्रेनेड की पिन निकाल कर फेंकते हुए दिख रहा है। हमले की जांच में पुलिस को सीसीटीवी में दो संदिग्ध दिखे हैं। दोनों लोगों को मोटरसाइकिल पर बीजेपी ऑफिस के आसपास घूमते देखा गया। पुलिस उनकी तलाश कर रही है। कहीं पंजाब भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष तो नहीं थे निशाना? पुलिस सूत्रों के मुताबिक इस घटना के तार प्रतिबंधित आतंकी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल से जुड़ने की आशंका है। इसके अलावा इस हमले को पंजाब भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष अश्वनी कुमार शर्मा से जोड़कर भी देखा जा रहा है। करीब 15 दिन पहले एसएसपी पठानकोट ने अश्वनी शर्मा को सतर्क रहने और सार्वजनिक स्थानों पर कम जाने की चेतावनी दी थी। घटना से दो दिन पहले तक शर्मा पार्टी कार्यालय में मौजूद थे और बुधवार सुबह ही दिल्ली में एक कार्यक्रम के लिए रवाना हुए थे। क्रूड बम का इस्तेमाल किया: एसएसपी चंडीगढ़ सेक्टर-37 में पंजाब भाजपा कार्यालय के बाहर बुधवार शाम करीब 4:48 बजे जोरदार धमाके से भाजपा कार्यालय के बाहर खड़ी कार का शीशा टूट गया। काले रंग की एक एक्टिवा क्षतिग्रस्त हो गई और चारदीवारी पर 50 से अधिक स्थानों पर छर्रों के निशान देखने को मिले। चण्डीगढ़ की एसएसपी कंवरदीप कौर ने कहा कि विस्फोट के लिए क्रूड बम का इस्तेमाल किया गया था। उन्होंने बताया कि इससे पहले क्रूड बम का इस्तेमाल पश्चिम बंगाल में एक घटना में किया गया था। घटना के बाद केंद्रीय फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (सीएफएसएल) और नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) की टीमों ने भी घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए। वहीं, घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।