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एलसी3 तकनीक से निर्माण, करीब 1.37 लाख वर्ग मीटर का विशाल टर्मिनल

अत्याधुनिक तकनीक और इको-फ्रेंडली निर्माण से सुसज्जित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का टर्मिनल-1 बनेगा नया मानक एलसी3 तकनीक से निर्माण, करीब 1.37 लाख वर्ग मीटर का विशाल टर्मिनल उच्च क्षमता, तेज सेवाएं और विश्वस्तरीय यात्री सुविधाएं होंगी सुलभ नोएडा  नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट अपने अत्याधुनिक और पर्यावरण अनुकूल इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण देश के सबसे आधुनिक एयरपोर्ट्स में शामिल होने जा रहा है। यहां निर्मित टर्मिनल-1 न केवल आकार और क्षमता के लिहाज से बड़ा है, बल्कि तकनीकी नवाचार और यात्री सुविधाओं के मामले में भी नया मानक स्थापित करेगा। लो-कार्बन एलसी3 तकनीक से पर्यावरण को बढ़ावा एयरपोर्ट का निर्माण देश में पहली बार बड़े पैमाने पर एलसी3 (चूना-मिट्टी-सीमेंट मिश्रण) तकनीक से किया गया है। यह लो-कार्बन निर्माण सामग्री पारंपरिक सीमेंट की तुलना में पर्यावरण पर कम प्रभाव डालती है, जिससे यह परियोजना इको-फ्रेंडली इंफ्रास्ट्रक्चर का उत्कृष्ट उदाहरण बनती है। विशाल टर्मिनल और आधुनिक यात्री सुविधाएं करीब 1.37 लाख वर्ग मीटर में फैले टर्मिनल-1 में यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अत्याधुनिक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। यहां 48 चेक-इन काउंटर, 20 सेल्फ बैगेज ड्रॉप और 9 सिक्योरिटी चेक लेन स्थापित किए जाएंगे, जिससे यात्रियों को तेज और सहज अनुभव मिलेगा। अंतर्राष्ट्रीय यात्रियों के लिए फास्ट-ट्रैक सुविधा के साथ 9-9 इमिग्रेशन काउंटर उपलब्ध रहेंगे, जिससे समय की बचत और सुगम आवागमन सुनिश्चित होगा। घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों के लिए अलग व्यवस्था घरेलू उड़ानों के लिए 10 एयरोब्रिज और 2 बस बोर्डिंग गेट की व्यवस्था की गई है, जबकि अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों के लिए 2 एयरोब्रिज और एक बस बोर्डिंग गेट उपलब्ध होंगे। यह विभाजन संचालन को व्यवस्थित और कुशल बनाएगा, जिससे यात्रियों की आवाजाही में किसी प्रकार की बाधा न हो। उच्च क्षमता और तेज संचालन की तैयारी नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्रति घंटे लगभग 30 विमानों के टेकऑफ और लैंडिंग की क्षमता के साथ तैयार किया गया है। इसके अलावा, एयरपोर्ट की वार्षिक कार्गो हैंडलिंग क्षमता 2.5 लाख मीट्रिक टन निर्धारित की गई है, जो इसे एक मजबूत लॉजिस्टिक्स हब के रूप में स्थापित करेगी।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के उद्घाटन पर राजकीय वायुयान ने भरी पहली उड़ान

ऐतिहासिक क्षण: जेवर से पहली उड़ान, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल व सीएम योगी ने किया लखनऊ का सफर नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के उद्घाटन पर राजकीय वायुयान ने भरी पहली उड़ान यूपी के उड्डयन इतिहास में जुड़ा नया अध्याय, ऐतिहासिक पल का साक्षी बना जेवर एयरपोर्ट नोएडा/लखनऊ  नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के प्रथम चरण के उद्घाटन के ऐतिहासिक अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार के राजकीय वायुयान ने जेवर रनवे से अपनी पहली उड़ान भरते हुए विकास की नई कहानी लिख दी। इस विशेष उड़ान में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नोएडा से लखनऊ तक का सफर तय किया। राजकीय वायुयान की इस पहली उड़ान ने न केवल एयरपोर्ट के संचालन की औपचारिक शुरुआत को चिह्नित किया, बल्कि प्रदेश में बेहतर कनेक्टिविटी और तेज विकास के नए द्वार भी खोल दिए। पश्चिमी उत्तर प्रदेश से राजधानी तक की दूरी अब और अधिक सहज और तेज हो जाएगी, जिससे व्यापार, निवेश और आवागमन को सीधा लाभ मिलेगा।

हवेली शैली की झलक, गंगा घाट थीम पर बना मल्टीलेवल टर्मिनल

आधुनिकता के साथ संस्कृति का संगम: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का डिजाइन दे रहा भारत दर्शन का अनुभव हवेली शैली की झलक, गंगा घाट थीम पर बना मल्टीलेवल टर्मिनल देशभर के हैंडीक्राफ्ट्स से सजा एयरपोर्ट बनेगा सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक नोएडा/जेवर नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट केवल एक आधुनिक एयरपोर्ट नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और परंपरा का जीवंत प्रतीक बनने जा रहा है। इसके वास्तु और इंटीरियर डिजाइन में उत्तर प्रदेश की विरासत को विशेष रूप से शामिल किया गया है, जिससे यात्रियों को एक अनूठा सांस्कृतिक अनुभव मिलेगा। हवेली शैली में झलकेगी उत्तर प्रदेश की विरासत एयरपोर्ट के डिजाइन में उत्तर प्रदेश की पारंपरिक हवेलियों की झलक स्पष्ट रूप से दिखाई देगी। वास्तुकला में उपयोग किए गए डिजाइन एलिमेंट्स जैसे मेहराब, आंगन और पारंपरिक संरचनाएं यात्रियों को प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर से जोड़ेंगे। गंगा घाट थीम से मिलेगा आध्यात्मिक अनुभव टर्मिनल को गंगा घाट की थीम पर मल्टी-लेवल संरचना में विकसित किया जा रहा है, जिससे यात्रियों को वाराणसी और हरिद्वार के घाटों जैसा अनुभव मिलेगा। सीढ़ीनुमा डिजाइन, खुले स्पेस और प्रकाश व्यवस्था इस तरह तैयार की गई है कि यह आध्यात्मिक और शांत वातावरण का एहसास कराए। हैंडीक्राफ्ट्स से सजेगा पूरा एयरपोर्ट एयरपोर्ट के सौंदर्यीकरण में देश के विभिन्न राज्यों के पारंपरिक हैंडीक्राफ्ट्स का उपयोग किया गया है। यह पहल न केवल भारत की विविध कला परंपराओं को प्रदर्शित करेगी, बल्कि स्थानीय और राष्ट्रीय कारीगरों को भी एक वैश्विक मंच प्रदान करेगी। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का डिजाइन इस बात का उदाहरण है कि कैसे आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर में सांस्कृतिक पहचान को समाहित किया जा सकता है। हाईटेक सुविधाओं के साथ पारंपरिक थीम इसे अन्य एयरपोर्ट्स से अलग और विशिष्ट बना रही है।

इंटरनेशनल फ्लाइट पकड़ने दिल्ली नहीं, अब जेवर आएंगे उत्तर भारत के लोग

कनेक्टिविटी का रिकॉर्ड स्थापित करेगा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट इंटरनेशनल फ्लाइट पकड़ने दिल्ली नहीं, अब जेवर आएंगे उत्तर भारत के लोग मेट्रो, हाई-स्पीड रेल और एक्सप्रेसवे नेटवर्क से जुड़ेगा जेवर दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के जुड़ने से दक्षिण हरियाणा और पश्चिमी भारत से सीधी और तेज पहुंच होगी सुनिश्चित लखनऊ देश का सबसे बड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनने की ओर अग्रसर नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट अब देश के सबसे बेहतर कनेक्टिविटी नेटवर्क से जुड़ने की दिशा में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। सड़क, रेल, मेट्रो और हाईस्पीड रेल के जरिए इसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जोड़ा जा रहा है। इससे इंटरनेशनल फ्लाइट पकड़ने के लिए दिल्ली जाने के बजाय, उत्तर भारत के लोग अब जेवर एयरपोर्ट का रुख करेंगे।  एयरपोर्ट को यमुना एक्सप्रेसवे से सीधे जोड़ा गया है, जहां समर्पित इंटरचेंज तैयार है। इसके अलावा दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे (बल्लभगढ़ लिंक) के जुड़ने से दक्षिण हरियाणा और पश्चिमी भारत से भी सीधी और तेज पहुंच सुनिश्चित हो गई है। आने वाले समय में गंगा एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के माध्यम से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और मजबूत होगी। गाजियाबाद, मेरठ, पलवल और सोनीपत से सीधा मार्ग उपलब्ध होगा ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे का इंटरचेंज निर्माणाधीन है, जिसके पूरा होने के बाद गाजियाबाद, मेरठ, पलवल और सोनीपत से सीधा मार्ग उपलब्ध होगा। वहीं, औद्योगिक और एयर कार्गो यातायात के लिए बनाए जा रहे उत्तर और पूर्व एक्सेस रोड लगभग तैयार हैं। सेक्टर-28 में 60 मीटर चौड़ी सेवा सड़क को यमुना एक्सप्रेसवे से जोड़कर स्थानीय ट्रैफिक का दबाव भी कम करने की तैयारी है। दिल्ली-वाराणसी हाईस्पीड रेल लाइन में जेवर टर्मिनल पर स्टेशन का प्रावधान रेल और रैपिड रेल कनेक्टिविटी को लेकर भी बड़ा काम हो रहा है। दिल्ली से जेवर एयरपोर्ट को जोड़ने वाली रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) परियोजना का डीपीआर केंद्र सरकार को भेजा जा चुका है। साथ ही, चोला-रुंधी रेल लाइन से कनेक्टिविटी के लिए भी योजना तैयार की जा रही है। भविष्य की दिल्ली-वाराणसी हाई-स्पीड रेल लाइन में जेवर टर्मिनल पर स्टेशन का प्रावधान इस एयरपोर्ट को और खास बनाएगा। यूपी सहित उत्तराखंड, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान से अंतरराज्यीय बस सेवाएं शुरू होंगी सार्वजनिक परिवहन को मजबूत बनाने के लिए उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपीएसआरटी) के साथ समझौता किया गया है। इसके तहत उत्तर प्रदेश सहित उत्तराखंड, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान से अंतरराज्यीय बस सेवाएं शुरू की जाएंगी। नोएडा, ग्रेटर नोएडा और नोएडा और यमुना एक्सप्रेस वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण उत्तर प्रदेश (यीडा) मिलकर 500 इलेक्ट्रिक बसें चलाएंगे, जो एयरपोर्ट तक पर्यावरण अनुकूल अंतिम माइल कनेक्टिविटी देंगी। ब्रांडेड कैब सेवा भी शुरू होगी यात्रियों की सुविधा के लिए अत्याधुनिक कैब सेवाओं की भी व्यवस्था की जा रही है। महिंद्रा लॉजिस्टिक्स द्वारा संचालित एनआईए ब्रांडेड कैब सेवा शुरू होगी, जिसमें सुरक्षा, समयबद्धता और डिजिटल भुगतान की सुविधाएं मिलेंगी। इसके अलावा उबर, रैपिडो, ओला और मेक माईट्रिप जैसी कंपनियां ऑन-डिमांड कैब सेवा देंगी। यात्रियों को सेल्फ ड्राइव और ड्राइवर के साथ वाहन किराए पर लेने का विकल्प भी मिलेगा कार रेंटल सेवाओं के तहत यात्रियों को सेल्फ ड्राइव और ड्राइवर के साथ वाहन किराए पर लेने का विकल्प भी मिलेगा, जिससे यात्रा और अधिक सुविधाजनक होगी। इन सभी योजनाओं के साथ जेवर एयरपोर्ट केवल उत्तर भारत ही नहीं, बल्कि पूरे देश का प्रमुख एविएशन हब बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है, जहां हर प्रकार की कनेक्टिविटी एकीकृत रूप में उपलब्ध होगी। दिल्ली एयरपोर्ट पर पड़ने वाला दबाव घटेगा सड़क, रेल, मेट्रो और हाईस्पीड रेल के जरिए जेवर एयरपोर्ट को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जोड़ा जा रहा है। इससे अब इंटरनेशनल फ्लाइट पकड़ने के लिए सिर्फ दिल्ली पर निर्भरता नहीं रह जाएगी। उत्तर भारत और आसपास के राज्यों के लोग अब जेवर एयरपोर्ट से भी इस सुविधा का लाभ उठा पाएंगे। इससे दिल्ली एयरपोर्ट पर पड़ने वाला दबाव भी घटेगा, क्योंकि इससे पहले इंटरनेशनल फ्लाइट पकड़ने के लिए लोगों को दिल्ली जाना पड़ता था। अब यह सुविधा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से मिलने के बाद कई राज्यों के लोगों की सहूलियत बढ़ जाएगी।

सीएम योगी के विजन व नियमित समीक्षा से निर्धारित समय में तैयार हुआ नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (एनआईए)

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट:पेपर से प्रोजेक्ट तक: 8 वर्षों में साकार हुआ सपना सीएम योगी के विजन व नियमित समीक्षा से निर्धारित समय में तैयार हुआ नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (एनआईए) 2017 में क्लीयरेंस से 2026 के उद्घाटन तक त्वरित फैसले, कुशल नेतृत्व और समयबद्ध क्रियान्वयन की मिसाल बना एनआईए एविएशन इंडस्ट्री के फलक पर चमकने को तैयार यूपी का 'जेवर', एयरपोर्ट से आगे का विकास मॉडल भी तैयार जेवर  आठ वर्षों के सतत श्रम, समन्वय, सुपरविजन व समीक्षा से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (एनआईए) हकीकत बना है। मार्च 2026 में एयरोड्रम लाइसेंस प्राप्त करने और अब पीएम मोदी द्वारा फेज-1 के लोकार्पण के बाद यह एयरपोर्ट संचालन के लिए पूरी तरह तैयार है। उत्तर प्रदेश को वैश्विक एविएशन हब बनाने की दिशा में यह एक निर्णायक कदम है। यह सब कुछ संभव हुआ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दृढ़ संकल्प की वजह से, जिनके विजन, कार्यकुशलता व नियमित समीक्षा के चलते यह मेगा प्रोजेक्ट समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ा। 2017: एक सपने की शुरुआत इस महत्वाकांक्षी परियोजना की शुरुआत वर्ष 2017 में हुई, जब जुलाई में साइट क्लीयरेंस और अक्टूबर में गृह मंत्रालय से एनओसी प्राप्त हुई। यही वह समय था, जब जेवर को एक वैश्विक एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने की नींव रखी गई। इसके बाद वर्ष 2018 में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (एनआईएएल) का गठन हुआ और परियोजना को संस्थागत रूप मिला। 2020 में ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी को कंसेशनायर के रूप में चुना गया और कंसेशन एग्रीमेंट साइन किया गया। 2021: फाइनेंशियल क्लोजर से निर्माण का रास्ता साफ अगस्त 2021 में फाइनेंशियल क्लोजर और मास्टर प्लान की मंजूरी के बाद अक्टूबर 2021 में ‘अपॉइंटेड डेट (तिथिवार कार्ययोजना)’ घोषित हुई, जिससे इस मेगा प्रोजेक्ट का मार्ग प्रशस्त हो गया। मार्च 2022 में निर्माण कार्य शुरू हुआ और टाटा प्रोजेक्ट्स को ईपीसी (इंजीनियरिंग, प्रोकरमेंट एंड कन्सट्रक्शन) कॉन्ट्रैक्टर नियुक्त किया गया। इसके बाद 2022 से 2024 के बीच सभी अहम टास्क समयबद्ध तरीके से पूरे किए गए, जो परियोजना प्रबंधन की दक्षता को दर्शाता है। अक्टूबर 2025 में कैलिब्रेशन फ्लाइट सफल रही और मार्च 2026 में एयरोड्रम लाइसेंस मिल गया। इसी के साथ एयरपोर्ट संचालन के लिए पूरी तरह तैयार हो गया। हर कदम पर सक्रिय रहे सीएम योगी इस मेगा प्रोजेक्ट के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सक्रियता भूमि अधिग्रहण से लेकर इसके लोकार्पण तक हर कदम पर दिखाई दी। चाहे निर्माण से जुड़े मामले हों, विभिन्न प्रकार की एनओसी या विभागों के बीच समन्नय, सीएम योगी नियमित निर्देशन व समीक्षा से इसे अमली जामा पहनाते रहे। उन्होंने इस परियोजना को केवल एयरपोर्ट तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इसे औद्योगिक, लॉजिस्टिक्स और निवेश केंद्र के रूप में विकसित करने की व्यापक रणनीति बनाई। इसका नतीजा यह निकला कि यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में तेजी से विकसित हो रहे औद्योगिक सेक्टर विकास की नई जमीन तैयार कर रहे हैं। यह एयरपोर्ट न सिर्फ रोजगार के लाखों अवसर सृजित करेगा, बल्कि निवेश, औद्योगिकीकरण, निर्यात, लॉजिस्टिक्स व पर्यटन को भी नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन का यह परिणाम उत्तर प्रदेश को वैश्विक कनेक्टिविटी और आर्थिक शक्ति के नए युग में प्रवेश कराता है। आठ वर्षों का यह सफर अब नई उड़ान की शुरुआत बन चुका है।

राज्य मंत्री दिलीप जायसवाल ने कटकोना से ऊरा तक मार्ग का किया भूमि पूजन

राज्य मंत्री दिलीप जायसवाल ने कटकोना से ऊरा तक मार्ग का किया भूमि पूजन अनूपपुर   मध्य प्रदेश शासन में कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिलीप जायसवाल ने आज जनपद पंचायत अनूपपुर के अंतर्गत ग्राम पंचायत ऊरा से कटकोना मार्ग के निर्माण कार्य का विधिवत भूमिपूजन किया। इस मार्ग की लंबाई लगभग 3.00 किलोमीटर है तथा इसके निर्माण पर 446 लाख रुपये की लागत व्यय की जाएगी। इस अवसर पर राज्य मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क संपर्क सुदृढ़ होने से आवागमन सुगम होगा तथा क्षेत्र के लोगों को विकास की नई सुविधाएँ प्राप्त होंगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ग्रामीण अधोसंरचना के विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है और गांवों को बेहतर सड़क सुविधाओं से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य सुभारती केवट, रिंकू मिश्रा, कार्यपालन अभियंता लोक निर्माण विभाग प्रभात लोरिया, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत अनूपपुर रवि ग्वाल, नायब तहसीलदार मिथिला प्रसाद पटेल सहित अन्य जनप्रतिनिधि, पत्रकारगण एवं ग्रामीण जन उपस्थित थे।

पेट्रोल-डीजल व गैस का पर्याप्त स्टॉक, घबराने की जरूरत नहीं: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

पेट्रोल-डीजल व गैस का पर्याप्त स्टॉक, घबराने की जरूरत नहीं: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मनेन्द्रगढ़/एमसीबी प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी गैस की पर्याप्त उपलब्धता होने की बात कहते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने लोगों से अफवाहों से दूर रहने और अनावश्यक भंडारण न करने की अपील की है। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर आपूर्ति व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि राज्य में ईंधन व गैस का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है, इसलिए किसी भी तरह की घबराहट की आवश्यकता नहीं है। साथ ही जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। कालाबाजारी पर होगी सख्त कार्रवाई मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने साफ कहा कि जमाखोरी या कालाबाजारी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। राज्यभर में 335 जगह छापेमारी की गई, जिसमें 3 हजार 841 गैस सिलेंडर जब्त किए गए और 97 एफआईआर दर्ज की गईं। साथ ही पेट्रोल पंप और गैस एजेंसियों की नियमित जांच के भी आदेश दिए गए हैं। सप्लाई पूरी तरह सामान्य अधिकारियों और तेल कंपनियों ने साफ किया है कि गैस और पेट्रोलियम उत्पादों की सप्लाई पूरी तरह सामान्य है। गैस सिलेंडर की बुकिंग भी पहले की तरह ही चल रही है। सरकार ने लोगों से अपील की है कि किसी भी तरह की भ्रामक खबरों पर भरोसा न करें और सही जानकारी के लिए ऑफिशियल सोर्स का ही सहारा लें। जिला प्रशासन द्वारा पेट्रोल पंपों और गैस एजेंसियों की नियमित निगरानी की जा रही है। कलेक्टर डी. राहुल वेंकट ने बताया कि अवैध भंडारण पर कार्रवाई जारी है और शिकायतों के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं। प्रशासन ने उपभोक्ताओं से निर्धारित अंतराल पर ही गैस बुकिंग करने तथा आवश्यकतानुसार ही उपयोग करने की अपील की है, ताकि सभी को समय पर सुविधा मिल सके।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के प्रथम चरण का भव्य शुभारंभ

विकसित उत्तर प्रदेश की 'उड़ान' का प्रतीक है नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट: पीएम मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के प्रथम चरण का भव्य शुभारंभ कार्गो टर्मिनल का लोकार्पण और 40 एकड़ में बनने वाली एमआरओ सुविधा का भी किया शिलान्यास पीएम ने कहा, पश्चिमी यूपी के किसानों, उद्योगों और युवाओं के लिए खुलेंगे नए अवसर जेवर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के प्रथम चरण का भव्य शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने एयरपोर्ट के कार्गो टर्मिनल का लोकार्पण करने के साथ ही 40 एकड़ क्षेत्र में विकसित होने वाली अत्याधुनिक एमआरओ (मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ओवरहॉल) सुविधा का शिलान्यास भी किया। इस दौरान प्रधानमंत्री ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि यह एयरपोर्ट केवल एक बुनियादी ढांचा परियोजना नहीं, बल्कि “विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश” अभियान का नया अध्याय है। यह एयरपोर्ट उत्तर भारत के लिए लॉजिस्टिक गेटवे बनकर निवेश, व्यापार और निर्यात को नई गति देगा। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विकास को मिलेगा बड़ा बूस्ट प्रधानमंत्री ने कहा कि यह एयरपोर्ट आगरा, मथुरा, अलीगढ़, मेरठ, गाजियाबाद, बुलंदशहर सहित पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए विकास का नया द्वार खोलेगा। इससे किसानों, छोटे और लघु उद्योगों तथा युवाओं को व्यापक अवसर प्राप्त होंगे। उन्होंने विशेष रूप से स्थानीय किसानों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी जमीन के योगदान से ही यह परियोजना साकार हो पाई है, जिससे अब कृषि उत्पाद वैश्विक बाजारों तक आसानी से पहुंच सकेंगे। मल्टी मोडल कनेक्टिविटी और कार्गो हब से बढ़ेगा निर्यात प्रधानमंत्री ने बताया कि जेवर एयरपोर्ट मल्टी मोडल कनेक्टिविटी का उत्कृष्ट उदाहरण है, जहां सड़क, रेल और हवाई परिवहन का निर्बाध एकीकरण होगा। एयरपोर्ट का कार्गो हब प्रारंभिक चरण में 2.5 लाख मीट्रिक टन वार्षिक क्षमता के साथ कार्य करेगा, जिसे भविष्य में 18 लाख मीट्रिक टन तक बढ़ाने की योजना है। इससे उत्तर प्रदेश के उत्पादों को वैश्विक बाजार में नई पहचान मिलेगी। एमआरओ सुविधा से आत्मनिर्भर बनेगा एविएशन सेक्टर प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में अब तक 85% विमान एमआरओ सेवाओं के लिए विदेश भेजे जाते थे, जिससे भारी खर्च होता था। जेवर में बनने वाली एमआरओ सुविधा देश को इस क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाएगी और हजारों युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करेगी। यूपी बना एविएशन हब प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में एयरपोर्ट नेटवर्क का तेजी से विस्तार हुआ है और अब यह देश के सर्वाधिक एयरपोर्ट वाले राज्यों में शामिल हो गया है। जेवर एयरपोर्ट डबल इंजन सरकार की कार्यसंस्कृति का उदाहरण है। वर्ष 2003 में इस परियोजना को मंजूरी मिली थी, लेकिन वर्षों तक यह फाइलों में अटकी रही। केंद्र और राज्य में समन्वय बनने के बाद ही इस परियोजना ने गति पकड़ी और आज यह धरातल पर उतर सकी है। हर दो मिनट में एक विमान के उड़ान भरने की क्षमता पीएम मोदी ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज सबसे अधिक अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डों वाले राज्यों में शामिल हो गया है। जिस उत्तर प्रदेश ने उन्हें अपना प्रतिनिधि चुना और सांसद बनाया, आज उसी प्रदेश की पहचान एक भव्य एयरपोर्ट के साथ जुड़ गई है। यहां से न केवल दुनिया के विभिन्न हिस्सों के लिए विमान उड़ान भरेंगे, बल्कि यह विकसित उत्तर प्रदेश की नई उड़ान का प्रतीक भी बनेगा। जेवर एयरपोर्ट पूरे उत्तर भारत को दुनिया से जोड़ने का कार्य करेगा। यह एक अत्याधुनिक एयरपोर्ट होगा, जहां हर दो मिनट में एक विमान के उड़ान भरने की क्षमता विकसित की जा रही है। जनता से कराया अनोखा उद्घाटन अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने एक अनोखी पहल करते हुए उपस्थित लोगों से मोबाइल फोन की फ्लैशलाइट जलाकर एयरपोर्ट का उद्घाटन करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह एयरपोर्ट आपकी अमानत है, आपका भविष्य है, आपका पुरुषार्थ है, इसलिए इसका उद्घाटन भी आपके हाथों से होना चाहिए। इस पर पूरा परिसर “भारत माता की जय” के नारों और रोशनी से जगमगा उठा, जो इस ऐतिहासिक क्षण का प्रतीक बना।

मध्यप्रदेश में 23 सालों में कर्मचारियों को महंगाई भत्ते में 15,345 करोड़ का घाटा, हुआ दावा

भोपाल  मध्यप्रदेश में पिछले 23 सालों में कर्मचारियों को महंगाई भत्ते (DA) के रूप में 15,345 करोड़ रुपए का नुकसान होने का दावा सामने आया है। आरोप है कि कांग्रेस और भाजपा दोनों ही दलों की सरकारों ने केंद्र सरकार की तारीख के अनुसार महंगाई भत्ता नहीं दिया, जिससे लाखों कर्मचारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। इस मुद्दे में पूर्व मुख्यमंत्रियों दिग्विजय सिंह, कमल नाथ, उमा भारती, बाबूलाल गौर और शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल को लेकर सवाल उठाए गए हैं। मामला सिर्फ कर्मचारियों तक सीमित नहीं है। पेंशनर्स और परिवार पेंशनधारकों को भी समय पर महंगाई राहत (DR) नहीं मिल रही। वर्तमान में मोहन यादव सरकार पर भी आरोप है कि पेंशनर्स को जनवरी 2026 से राहत दी गई, जबकि यह जुलाई 2025 से मिलनी चाहिए थी। पांचवें-छठवें वेतनमान में सबसे ज्यादा नुकसान बताया गया है कि पांचवें और छठवें वेतनमान के दौरान करीब 11,970 करोड़ रुपए का महंगाई भत्ता समय पर नहीं दिया गया। हालांकि भत्ता बाद में दिया गया, लेकिन केंद्र की तय तारीख से देरी के कारण कर्मचारियों को एरियर का पूरा लाभ नहीं मिल पाया। सातवें वेतनमान में 27 महीने का DA रोका सातवें वेतनमान में जुलाई 2019 से सितंबर 2021 तक 27 महीने का 5% महंगाई भत्ता नहीं दिया गया। इस अवधि में राज्य में पहले कमल नाथ की सरकार थी, बाद में शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में भाजपा सरकार आई, लेकिन भत्ता जारी नहीं किया गया। इससे कर्मचारियों को करीब 3,375 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। दिग्विजय सरकार में 2 साल DA पूरी तरह बंद जनवरी 2002 से दिसंबर 2003 तक, जब दिग्विजय सिंह मुख्यमंत्री थे, उस दौरान करीब 24 महीने तक महंगाई भत्ता नहीं दिया गया। इससे कर्मचारियों को लगभग 1,260 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। भाजपा सरकार में भी देरी से मिला लाभ दिसंबर 2003 के बाद उमा भारती, बाबूलाल गौर और शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल में DA दिया गया, लेकिन केंद्र की दर और तारीख से नहीं। इससे छठवें वेतनमान में करीब 10,710 करोड़ रुपए का नुकसान बताया गया है। कर्मचारी संगठन का आरोप मप्र तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के प्रदेश महामंत्री उमाशंकर तिवारी के मुताबिक, “कांग्रेस और भाजपा—दोनों ही सरकारों ने केंद्र के बराबर समय पर DA नहीं दिया। इसका सीधा असर कर्मचारियों की जेब पर पड़ा है और लाखों रुपए का नुकसान हुआ है।”

मां बिरासिनी धाम बिलासपुर में ऐतिहासिक जवारा जुलूस निकाला गया

मां बिरासिनी धाम बिलासपुर में ऐतिहासिक जवारा जुलूस निकाला गया  उमरिया उमरिया जिले के बिलासपुर तहसील अंतर्गत मां बिरासिनी धाम बिलासपुर में हजारों की संख्या में भव्य जवारा जुलूस निकाला गया।जिसने पूरे गांव को आस्था और भक्ति के रंग में रंग दिया।यह आयोजन इस वर्ष ऐतिहासिक रूप में देखने को मिला।जहां श्रद्धा का जन सैलाब उमर पड़ा। जुलूस में शामिल हजारों जवारे ने सड़कों पर हरियाली की मानव चादर बिछा दी।गांव की गलियां जयकारों से गूंज उठी।और हर ओर भक्ति का अद्भुत माहौल नजर आया।दूर-दूर से आए श्रद्धालुओं ने इस भव्य दिव्य दृष्टि को देखने के लिए भारी संख्या में सहभागिता की। जवारा जुलूस मां बिरासिनी मंदिर से महामाया चौराहा बिलासपुर बस स्टैंड से होते हुए गांव की गलियों से होते हुए बखरी पहुंची।वही जगह-जगह पर नगर वासियों एवं भक्तों के द्वारा ठंडा पानी सरवत वितरण किया गया।अपने सिर पर जवारों को धारण किए बच्चे महिलाएं और युवा नंगे पांव पूरे गांव में घूमते नजर आए। जो आस्था और श्रद्धा का अद्भुत दृश्य प्रस्तुत कर रहा था। चैत्र नवरात्रि के नौ दिनों तक मां की उपासना एवं कन्या पूजन के पश्चात आज मां के दरबार में यह ऐतिहासिक जवारा जुलूस निकाला गया। मंदिर में लगभग 2200 जवारे कलश 151 अखंड ज्योत तेल की और 51 घी की दीपक से पूरा मंदिर परिसर जगमगाया हुआ था। जिससे पूरे गांव को भक्ति में बना दिया नंगे पैर चल रहे हैं श्रद्धालुओं को राहत देने के लिए ग्रामवासी अपने घरों के सामने पानी डालते हुए नजर आए। जिससे जुलूस में शामिल लोगों को ठंडक मिल सके।मां काली के नेतृत्व में निकाली गई अनेक भाव इस जुलूस का मुख्य आकर्षण रही।झांकियां की भव्यता और धार्मिक भावनाओं ने श्रद्धालुओं को भाव विभोर कर दिया।जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। जुलूस के दौरान श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर रहा। महिलाओं और बुजुर्गों सहित हर वर्ग के लोग ने बढ़ चढ़कर भाग लिया।और आस्था का अद्भुत परिचय दिया। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क रही। चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात किया गया था। जिससे पूरा आयोजन शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ।