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पीएनजी वाले घरों में अब एलपीजी सिलिंडर नहीं चलेगा, सरकार ने जारी किए सरेंडर के आदेश

चंडीगढ़  हरियाणा में अब रसोई गैस की व्यवस्था पूरी तरह बदलने जा रही है। सरकार ने साफ कर दिया है कि जिन घरों तक पाइप नेचुरल गैस यानी पीएनजी पहुंच चुकी है, वहां अब एलपीजी सिलिंडर नहीं चलेगा। यानी एक ही घर में दो तरह की गैस रखने का दौर अब खत्म होगा। सोमवार को मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव की अध्यक्षता में हुई अहम बैठक के बाद ये सख्त फैसले लिए गए हैं। इसमें राज्य में एलपीजी और पीएनजी की स्थिति की समीक्षा करते हुए यह तय किया गया कि जहां पीएनजी उपलब्ध है, वहां के उपभोक्ताओं को उसी पर शिफ्ट करना होगा। भले ही वे पीएनजी को न चाहते हों लेकिन फिर भी उन्हें पीएनजी ही लेनी होगी।  बैठक में निर्णय लिया गया है कि पीएनजी कनेक्शन होने के बावजूद एलपीजी कनेक्शन रखना अब गैरकानूनी माना जाएगा। ऐसे सभी उपभोक्ताओं को तुरंत अपना सिलिंडर कनेक्शन सरेंडर करना होगा। आदेश में यह भी स्पष्ट है कि इसके बाद कोई भी उपभोक्ता सरकारी तेल कंपनियों से गैस सिलिंडर की रिफिल यानी भरवा नहीं ले सकेगा। सबसे सख्त प्रावधान ये है कि अगर किसी इलाके में पीएनजी की सुविधा उपलब्ध है और उपभोक्ता इसे लेने से इनकार करता है, तो उसका एलपीजी कनेक्शन ही सस्पेंड कर दिया जाएगा। यानी अब विकल्प की गुंजाइश लगभग खत्म कर दी गई है। जिन घरों में पीएनजी मीटर पहले ही लगाए जा चुके हैं, वहां तुरंत प्रभाव से एलपीजी सप्लाई बंद करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि एक ही घर में दोहरी गैस व्यवस्था पूरी तरह खत्म हो जाए। अफसरों को सख्ती से आदेश करवाने होंगे लागू- राज्य सरकार ने प्रदेश के सभी उपायुक्तों, जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रकों और सिटी गैस कंपनियों को निर्देश दिए हैं कि इस फैसले को जमीनी स्तर पर सख्ती से लागू कराया जाए। साथ ही पीएनजी पाइपलाइन बिछाने में आ रही अड़चनों जैसे रोड कटिंग और राइट ऑफ वे को भी तुरंत दूर करने को कहा गया है। ताकि गैस कंपनी शहर की सड़कों पर अपनी पाइपलाइन बिछा सकें और ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पीएनजी के कनेक्शन पहुंच सकें। सरकार का दावा है कि पीएनजी ज्यादा सुरक्षित, सस्ती और सुविधाजनक है। इससे सिलिंडर ढुलाई, गैस खत्म होने और ब्लैक मार्केटिंग जैसी समस्याएं खत्म होंगी। अधिकारी के अनुसार सरकार की ओर से ये आदेश मिले हैं। इनको धरातल पर सख्ती से लागू कराया जाएगा। जहां पीएनजी की पाइपलाइन हैं वहां के उपभोक्ताओं को पीएनजी कनेक्शन ही लेना होगा। जिनके कनेक्शन चल रहे हैं उन्हें अपना एलपीजी सिलिंडर सरेंडर करना होगा। पाइपलाइन बिछाने के लिए सरकार की ओर से नगर निगम और एचएसवीपी को भी निर्देश जारी किए हैं। -मुकेश कुमार, डीएफएससी, करनाल।

चंडीगढ़ हाईकोर्ट में बंदरों का बढ़ता खतरा, वकील ने पार्किंग से लेकर कोर्ट रूम तक सुरक्षा बढ़ाने की अपील की

चंडीगढ़  पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट परिसर में बंदरों का आतंक बढ़ गया है। इसको लेकर एक एडवोकेट ने प्रशासन का ध्यान खींचा है। एडवोकेट नितिन सचदेवा ने हाई कोर्ट प्रशासन को ईमेल भेजकर सुरक्षा बढ़ाने और तुरंत कार्रवाई करने की मांग की है। एडवोकेट नितिन सचदेवा ने अपने पत्र में कहा कि हाल के दिनों में हाई कोर्ट परिसर में बंदरों का आतंक काफी बढ़ गया है, जिससे वकीलों, कोर्ट स्टाफ, वादियों और आम लोगों की सुरक्षा को गंभीर खतरा पैदा हो गया है। पार्किंग से लेकर कोर्ट रूम तक बढ़ा खतरा पत्र में बताया गया है कि बंदर खासतौर पर पार्किंग एरिया में खड़े वाहनों को नुकसान पहुंचा रहे हैं और बैग व फाइल लेकर आने-जाने वाले लोगों पर हमला कर रहे हैं। वहीं कोर्ट रूम की ओर जाने वाले गलियारों में भी बंदरों की मौजूदगी के कारण फाइलों के आवागमन में बाधा और लोगों में दहशत का माहौल बन रहा है। हाईकोर्ट की कैंटीन और खुले स्थान भी अब असुरक्षित हो गए हैं, जहां बंदर लोगों के हाथों से खाने-पीने का सामान छीन रहे हैं और कई बार हमला भी कर रहे हैं। पत्र में ये सुझाव बताए गए एडवोकेट ने समस्या के समाधान के लिए कुछ आसान सुझाव दिए हैं। उन्होंने कहा कि बंदरों को पकड़कर दूसरी जगह छोड़ा जाए। साथ ही लंगूर की आवाज निकालने वाले या बंदरों को संभालने वाले लोगों को तैनात किया जाए। इसके अलावा पार्किंग, एंट्री-एग्जिट, कैंटीन और गलियारों में बंदरों को रोकने के लिए जरूरी इंतजाम करने की भी मांग की गई है। पत्र में यह भी कहा गया है कि हाई कोर्ट आने वाले लोगों को बंदरों को खाना न देने के लिए जागरूक किया जाए, ताकि इस समस्या को कम किया जा सके।  

26 और 29 मार्च को दो नए मौसम सिस्टम एक्टिव, रीवा-सागर में बूंदाबांदी, आंधी-बारिश का अलर्ट

भोपाल   मध्यप्रदेश में मौसम के कई रंग एक साथ देखने को मिल रहे हैं. कहीं चिलचिलाती धूप ने पसीने छुड़ा दिए हैं, तो कहीं बादलों के डेरे ने तापमान में गिरावट दर्ज की है. मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में एक बार फिर ‘वेस्टर्न डिस्टर्बेंस’ एक्टिव हो रहा है, जिसका असर ग्वालियर, चंबल, रीवा और सागर संभाग में देखने को मिलेगा. बीते दिन सोमवार को उज्जैन, सागर और ग्वालियर-चंबल संभाग में साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम की वजह से आसमान में बादल छाए रहे. इसका सीधा असर पारे पर पड़ा और ग्वालियर में तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से नीचे लुढ़क गया. हालांकि प्रदेश के बाकी हिस्सों में गर्मी का तीखा असर बरकरार रहा. वहीं 26 और 29 मार्च को उत्तर-पश्चिमी भारत में दो नए सिस्टम एक्टिव हो रहे है. जिसके चलते आंधी-बारिश का अलर्ट है. 26 और 27 मार्च को इन जिलों में बारिश के आसार फिलहाल 26 और 27 मार्च को प्रदेश के कई हिस्सों में तेज आंधी के साथ बारिश होने की संभावना है. जबकि 29 मार्च को एक और नया सिस्टम एक्टिव होगा, जिसका मतलब है कि अप्रैल की शुरुआत भी गरज-चमक और बौछारों के साथ हो सकती है. बहरहाल एक तरफ बारिश का अलर्ट है, तो दूसरी तरफ सूरज के तेवर भी कड़े हैं. सोमवार को प्रदेश के कई शहरों में भीषण गर्मी दर्ज की गई. जहां प्रदेश में सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान नर्मदापुरम में 37.7° सेल्सियस, रायसेन में 37.6°, रतलाम में 37.2°, खरगोन 36.0°, खजुराहो और नरसिंहपुर 36.0° और धार में 35.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. 24 घंटे में कई जिलों में बारिश और बादल पिछले 24 घंटे में प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश दर्ज की गई। रीवा में 3 मिमी बारिश और सागर में 1 मिमी बारिश दर्ज की गई। ग्वालियर-चंबल संभाग समेत कई जिलों में बादल छाए रहे। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार यह बदलाव साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम की वजह से हुआ है, जिसके कारण उत्तरी मध्य प्रदेश में मौसम अपेक्षाकृत ठंडा रहा। ग्वालियर में दिन का तापमान 30 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया, जबकि बाकी हिस्सों में गर्मी का असर जारी रहा। 26 मार्च से फिर सक्रिय होगा नया सिस्टम मौसम विभाग के अनुसार 26 मार्च को उत्तर-पश्चिम भारत में नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। इसका असर दो दिनों तक मध्य प्रदेश के कई जिलों में देखने को मिलेगा। इस सिस्टम के कारण तेज हवाएं, गरज-चमक के साथ बारिश और बादल छाए रहने की संभावना जताई जा रही है। इसके बाद 29 मार्च को भी एक नया सिस्टम सक्रिय हो सकता है, जिससे मार्च के आखिरी दिनों में मौसम अस्थिर बना रहेगा। 26 मार्च को इन जिलों में बारिश के आसार ग्वालियर, भिंड, दतिया, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, पन्ना, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज और सीधी. 27 मार्च को इन जिलों में बारिश के आसार पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, अनूपपुर और शहडोल. इस तरह रहा बड़े शहरों अधिकतम तापमान  भोपाल में 34.2°C इंदौर में 34.9°C जबलपुर में 34.2°C ग्वालियर में 29.2°C उज्जैन में 35.0°C बड़े शहरों का न्यूनतम तापमान भोपाल में 17.0°C इंदौर में 18.2°C जबलपुर में 17.3°C ग्वालियर में 17.5°C उज्जैन में 16.3°C

कलेक्टर ने जनदर्शन में सुनी आमलोगों की समस्याएं, अधिकारियों को त्वरित कार्यवाही के दिए निर्देश

  बिलासपुर जिला कार्यालय में आयोजित साप्ताहिक जनदर्शन में आज कलेक्टर संजय अग्रवाल ने भी लोगों की समस्याएं सुनी। शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों से आए सैकड़ों लोगों ने कलेक्टर से मिलकर निजी एवं सामुदायिक शिकायत संबंधी आवेदन दिया। कलेक्टर ने अधिकांश मामलों में मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इस दौरान नगर निगम कमिश्नर प्रकाश कुमार सर्वे एवं जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल ने भी लोगों की समस्याएं सुनी।         जनदर्शन में ग्राम कछार के सुरेश कुमार बंजारे ने आवेदन देकर बताया कि गांव के ही राधेश्याम द्वारा घर के सामने गली में दीवार खड़ी कर रास्ता संकीर्ण कर दिया गया है, जिससे आवागमन के लिए काफी परेशानी हो रही है। कलेक्टर ने एसडीओ को प्रकरण भेजते हुए परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। बिलासपुर की उत्तरा यादव के द्वारा विधवा पेंशन का लाभ दिलाने की मांग कलेक्टर के समक्ष रखी गई। इस संबंध में संयुक्त संचालक समाज कल्याण विभाग को जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। ग्राम जरोंधा निवासी परमानंद कौशिक ने कलेक्टर से मुलाकात कर आवेदन दिया कि उनकी निजी भूमि पर गांव के ही गोपाल मेहर द्वारा अवैध रूप से कब्जा कर दीवार खड़ी कर दी गई है और रास्ते में कीचड़युक्त पानी बहाकर आवागमन में बाधा उत्पन्न कर रहा है। इससे खेती-किसानी के कार्यों में भारी परेशानी हो रही है।  उन्होंने बताया कि इस संबंध में पहले भी शिकायत की जा चुकी है और न्यायालय से कब्जा हटाने का आदेश भी मिला था, लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने प्रशासन से पुनः हस्तक्षेप कर अवैध कब्जा हटाने की मांग की है। देवरीखुर्द निवासी पुरुषोत्तम दास ने प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना के तहत स्वामित्व कार्ड जारी करने की मांग की है। उन्होंने बताया कि वे पिछले 50 वर्षों से निवास कर रहे हैं और उनकी पत्नी के नाम पर पट्टा भी है, लेकिन अब तक उन्हें स्वामित्व कार्ड नहीं मिला है। उन्होंने प्रशासन से शीघ्र कार्ड जारी करने की अपील की है ताकि उन्हें अपने अधिकारों का लाभ मिल सके। कलेक्टर ने एसडीओ मस्तुरी को मामले पर उचित कार्यवाही के निर्देश दिए।           सकरी तहसील अंतर्गत ग्राम चिचिरदा निवासी धनीराम कौशि ने कलेक्टर को दिए आवेदन में बताया कि उन्होंने अपनी भूमि के सीमांकन के लिए आवेदन किया था। तहसीलदार द्वारा राजस्व निरीक्षक को सीमांकन करने का आदेश भी जारी किया गया, लेकिन आज तक सीमांकन नहीं किया गया है। इससे उन्हें लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कलेक्टर ने एसडीओ तखतपुर को प्रकरण की जांच कर निराकरण करने के निर्देश दिए है। बिल्हा ब्लॉक के ग्राम नगपुरा निवासी रूचि नेताम ने बताया कि उन्होंने जाति प्रमाण पत्र बनवाने के लिए वर्ष 2024-25 में आवेदन किया था। काफी समय बीत जाने के बाद भी प्रमाण पत्र जारी नहीं हुआ। दस्तावेज की कमी के अभाव में उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारी को मामले को सौंपा।   

मजदूरी से उठकर अनीता ने बदली अपनी कहानी, मेहनत से बनाई पहचान

स्वयं सहायता समूह से बदली तकदीर: अनीता संग 4400 महिलाएं बनीं आत्मनिर्भर मजदूरी से उठकर अनीता ने बदली अपनी कहानी, मेहनत से बनाई पहचान सरकारी सहयोग से सिलाई और किराने की दुकान से अनीता ने बनाया आर्थिक आधार लखनऊ अमरोहा जिले के विकास खंड गजरौला के ग्राम पंचायत सलेमपुर गोसाईं की रहने वाली अनीता देवी आज उन हजारों महिलाओं के लिए प्रेरणा बन चुकीं हैं, जो कभी आर्थिक तंगी और सीमित संसाधनों के कारण अपनी जरूरतों को भी ठीक से पूरा नहीं कर पातीं थीं। वे अपने पति के साथ मजदूरी कर किसी तरह अपने परिवार का गुजारा करती थीं। जीवन में स्थिर आय का कोई साधन नहीं था और हर दिन संघर्ष से भरा होता था। लेकिन आज वही अनीता “लखपति दीदी” के रूप में जानी जाती हैं, जो अपने दम पर सालाना लाखों की आय अर्जित कर रहीं हैं। उनके समूह से जुड़ी 4400 महिलाएं भी आत्मनिर्भर बन गई हैं। योगी सरकार की मदद से अनीता ने लिखी अपनी कहानी सरकार द्वारा संचालित राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ने अनीता देवी के जीवन में जो बदलाव किया, जिसने पूरी दिशा ही बदल दी। आज वह अपने समूह की अध्यक्ष हैं। उनके समूह से 4400 महिलाएं जुड़ी हुई हैं जो कि आत्मनिर्भर बन चुकीं हैं। शक्ति स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद अनीता को न केवल आर्थिक सहायता मिली, बल्कि उन्हें आत्मविश्वास, प्रशिक्षण और आगे बढ़ने का अवसर भी मिला। योगी सरकार के सहयोग से वर्ष 2021 में सामुदायिक निवेश निधि से उन्हें 1,10,000 रुपये मिले जिससे उनके व्यवसाय को मजबूत आधार दिया। इसके बाद उन्हें वर्ष 2023 में समूह के माध्यम से 15 हजार रिवॉल्विंग फंड के रूप में प्राप्त हुए। जबकि वर्ष 2024 में 3,00,000 सीसीएल और 2025 में 4,00,000 सीसीएल प्राप्त हुआ। आज समूह के सहयोग से अनीता देवी ने यह साबित कर दिया है कि अगर सही मार्गदर्शन और अवसर मिले, तो कोई भी महिला अपने जीवन को बदल सकती है।  कोरोना काल में किया खूब काम, उसी से मिली सफलता  आज सलेमपुर में अनीता ने 27 समूह बनाए हैं। उन्होंने अपने घर से सिलाई के कार्य की शुरुआत की। धीरे-धीरे उन्होंने इसे एक व्यवसाय का रूप दिया और कपड़े तैयार कर बेचने लगीं। कोरोना काल में उनके समूह ने मिलकर मास्क और उससे जुड़े बहुत से उत्पाद बनाए थे। उनकी यही मेहनत रंग लाई और आज उनकी आमदनी में काफी अच्छी बढ़ोतरी हुई है। 2023 दिसंबर में उन्होंने 'शक्ति ट्रेडर्स' के नाम से किराना की दुकान खोली जिसे उनके पति और बेटा मिलकर चलाते हैं। इससे उनकी आय के स्रोत बढ़ते गए। वर्तमान में उनकी मासिक आय 40,000 से 45000 रुपये तक हो जाती है। यह सफलता केवल उनके परिश्रम का परिणाम नहीं है, बल्कि यह इस बात का उदाहरण भी है कि योगी सरकार की योजनाएं जमीनी स्तर पर कैसे महिलाओं को सशक्त बना रही हैं।  आत्मनिर्भरता से सम्मान तक: अनीता बनीं समूह और गांव के लिए प्रेरणा आज अनीता न केवल अपने परिवार का सहारा बनीं हैं, बल्कि पूरे गांव के लिए प्रेरणा का स्रोत भी हैं। इसके अलावा समय मिलने पर वह अपने घर से कॉस्मेटिक से जुड़े उत्पाद भी बेचने का काम करतीं हैं। उन्होंने मेहनत से यह दिखाया है कि आत्मनिर्भरता से ही सच्चा सम्मान मिलता है। अब वह अन्य महिलाओं को भी समूह से जुड़ने के लिए प्रेरित करती रहती हैं, ताकि वे भी अपने पैरों पर खड़ी हो सकें। अनीता इसके लिए योगी सरकार का धन्यवाद देती हैं। वे कहती हैं कि “समूह से जुड़ने के बाद हमारे जीवन में बहुत बड़ा बदलाव आया है। अब हमारे अपने परिवार की आर्थिक स्थिति पहले से बहुत बेहतर हुई है। अनीता की यह कहानी केवल एक महिला की सफलता की कहानी नहीं है, बल्कि यह उस बदलाव की कहानी है, जो सरकारी योजनाओं, सामूहिक प्रयास और मजबूत इच्छाशक्ति से संभव हुई है।

सीएम विष्णुदेव साय का नुआपाड़ा दौरा, पत्नी कौशल्या साय व विधायक पुरंदर मिश्रा रहे साथ

नुआपाड़ा छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज धार्मिक यात्रा पर ओडिशा के नुआपाड़ा जिले में स्थित कोमना के वैष्णो देवी मंदिर पहुंचे। वहां उन्होंने विधिपूर्वक पूजा-अर्चना की और मंदिर परिसर का अवलोकन किया। मंदिर पहुंचने पर मुख्यमंत्री का स्थानीय श्रद्धालुओं और मंदिर प्रबंधन ने गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान उनके साथ पत्नी कौशल्या साय और विधायक पुरंदर मिश्रा भी मौजूद थे।

हरियाणा में पंचायती जमीन पर निजी परियोजनाओं की मंजूरी के लिए नए नियम लागू, ग्राम सभा की अनुमति जरूरी

 चंडीगढ़  हरियाणा सरकार ग्राम पंचायत की सामूहिक भूमि (शामलात देह) पर निजी परियोजनाओं के लिए रास्ता बनाने के नये नियम लागू करने वाली है। अब कोई भी निजी प्रोजेक्ट ग्राम पंचायत की जमीन के जरिए रास्ता लेना चाहे, तो उसके लिए पहले ग्राम पंचायत और ग्राम सभा की मंजूरी लेना अनिवार्य होगी। प्रस्तावित नई नीति के मुताबिक, ग्राम पंचायत के सभी सदस्यों में से कम से कम तीन-चौथाई सदस्यों का समर्थन होना चाहिए। उसके बाद गांव की आम बैठक यानी ग्राम सभा में उपस्थित लोगों में से दो-तिहाई लोगों की हां जरूरी है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि रास्ता बनाने का फैसला सिर्फ कुछ लोगों के स्वार्थ के लिए नहीं होगा, बल्कि पूरी पंचायत और गांव की सहमति से लिया जाए। प्रदेश सरकार यह भी प्रस्तावित कर रही है कि रास्ता बनाने के लिए जमीन बेची या लीज पर नहीं दी जाएगी। नया रास्ता पंचायत के स्वामित्व में रहेगा और सभी गांववासियों के लिए सामान्य उपयोग के लिए उपलब्ध रहेगा। निजी प्रोजेक्ट के लिए रास्ता बनाते समय पंचायत की भूमि का लाभ निजी लाभ के लिए नहीं लिया जाएगा। इस नियम का उद्देश्य है कि निजी परियोजनाओं के विकास में ग्राम पंचायत की जमीन सुरक्षित रहे, गांववासियों की सहमति सुनिश्चित हो और कोई विवाद न उठे। साथ ही, यह नीति निजी निवेश और बुनियादी ढांचे के निर्माण को भी प्रोत्साहित करेगी, क्योंकि अब रास्ता बनाने की मंजूरी प्रक्रिया साफ, सरल और नियमबद्ध होगी। पानीपत की ग्राम पंचायत मच्छरौली ने शामलात देह की नौ कनाल तीन मरला भूमि को एमएस कपूर इंडस्ट्रीज लिमिटेड की 15 कनाल जमीन के साथ बदलने का प्रस्ताव पास किया है। यह निर्णय इसलिए लिया गया, क्योंकि मौजूदा कुछ रास्ते और खाल अब उपयोग में नहीं हैं, और नए रास्ते की सुविधा प्रदान करने के लिए यह आदान-प्रदान आवश्यक है। आज कैबिनेट मीटिंग में पंचायत के इस प्रस्ताव पर मुहर लग सकती है। तय फार्मेट के अनुसार दिखाना होगा सरकारी अनुदान का उपयोग राज्य सरकार ने वित्तीय नियमों में बड़ा बदलाव करने की तैयारी कर ली है। वित्तीय नियम 8.14 (बी) के तहत यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट (यूसी) का नया फार्मेट निर्धारित किया जा रहा है। मंगलवार को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में होने वाली राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में इस पर मुहर लग सकती है। सरकारी अनुदान (ग्रांट-इन-एड) अक्सर स्वायत्त संस्थाओं, स्थानीय निकायों, बोर्ड/कार्पोरेशनों और सहकारी समितियों को दी जाती है। इन संस्थाओं को यह प्रमाण देना होता है कि अनुदान का उपयोग केवल उस उद्देश्य के लिए किया गया, जिसके लिए इसे मंजूरी मिली थी। पहले इस यूसी का कोई तय फार्मेट नहीं था, जिससे जवाबदेही और निगरानी में दिक्कतें आती थीं। अब वित्त विभाग ने एक मानक फॉर्मेट बनाया है, जिसे सभी संस्थाओं को अब अपनाना होगा।

कॉन्स्टेबल भर्ती: खाली पद वेटिंग लिस्ट से भरने की योजना, हाईकोर्ट ने जॉइनिंग के बाद पद भरने का दिया निर्देश

बिलासपुर  छत्तीसगढ़ में कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा से जुड़े विवाद पर हाईकोर्ट ने अभ्यर्थियों को बड़ी राहत देते हुए अहम फैसला सुनाया है। जस्टिस पीपी साहू ने स्पष्ट किया है कि सूची जारी होने के बाद भी अगर पद खाली रहते हैं, तो उन्हें वेटिंग लिस्ट (प्रतीक्षा सूची) के अभ्यर्थियों से भरा जाएगा। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि सबसे पहले चयन सूची में शामिल उम्मीदवारों की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी की जाए और उनकी जॉइनिंग सुनिश्चित की जाए। इसके बाद कुछ पद खाली रह जाते हैं तो उन पदों को वेटिंग लिस्ट के अभ्यर्थियों को मौका देकर भरा जाए। बता दें कि एक ही कैंडिडेट का कई-जिलों में सिलेक्शन हो गया था। दरअसल कॉन्स्टेबल भर्ती के खिलाफ हाईकोर्ट में अलग-अलग दर्जनों याचिकाएं दायर की गई है, जिसमें बताया गया कि पुलिस विभाग में करीब 5967 पदों के लिए भर्ती निकली थी। एक से अधिक जिलों में आवेदन की अनुमति होने के कारण कई अभ्यर्थी कई जगह चयनित हो गए। इस वजह से कई योग्य उम्मीदवार मेरिट सूची से बाहर रह गए। विभाग ने जिलेवार वेटिंग लिस्ट जारी नहीं किया है, जिसके कारण पद खाली होने के बाद भी वेटिंग लिस्ट जारी नहीं होने के कारण उम्मीदवारों को चयन से वंचित होना पड़ेगा। चयन सूची में गड़बड़ी के आरोप याचिकाकर्ताओं का आरोप था कि कई जिलों में चयन सूची में भी गड़बड़ी की गई है। अभ्यर्थियों से कम नंबर पाने वालों का नाम चयन सूची में शामिल है, जबकि अधिक नंबर पाने वालों का नाम कट गया है। उनका यह भी तर्क था कि एक ही अभ्यर्थी के कई जिलों की चयन सूची में शामिल होने के कारण वास्तविक रूप से बड़ी संख्या में पद खाली रह जाएंगे, जबकि विभाग ने सभी पद भरने का दावा किया था। राज्य का जवाब- जॉइनिंग के बाद ही स्पष्ट होंगे रिक्त पद दूसरी तरफ राज्य सरकार की ओर से हाईकोर्ट को बताया गया कि चयन सूची मैरिट के आधार पर जिला स्तर पर तैयार की गई है और एक से अधिक जिलों में चयन होना विज्ञापन की शर्तों के अनुरूप है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि वास्तविक स्थिति तब सामने आएगी, जब चयनित अभ्यर्थी किसी एक स्थान पर ज्वॉइन करेंगे। ऐसे में जिन अन्य स्थानों पर वे चयनित हैं, वहां पद स्वतः थाली हो जाएंगे। हाईकोर्ट बोला- वेटिंग लिस्ट से भरे जाएं खाली पद हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई के बाद कहा कि यह स्पष्ट है कि केवल चयन सूची से सभी पद नहीं भर पाएंगे। ऐसे में राज्य शासन को आदेश दिया जाता है कि पहले चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति और जॉइनिंग की प्रक्रिया पूरी करे। इसके बाद जो पद खाली रह जाते हैं, उन्हें नियमानुसार प्रतीक्षा सूची के अभ्यर्थियों से भरा जाए। इस आदेश के साथ ही हाईकोर्ट ने याचिकाओं को खारिज कर दिया है।

छत्तीसगढ़ में गर्मी का कहर, अगले 3 दिन में पारा 2 से 4 डिग्री तक चढ़ेगा, राजनांदगांव सबसे गर्म

रायपुर  छत्तीसगढ़ में मौसम अब धीरे-धीरे गर्मी की ओर बढ़ता नजर आ रहा है. प्रदेश में फिलहाल मौसम पूरी तरह शुष्क बना हुआ है और अधिकतम तापमान सामान्य से 2 से 3 डिग्री सेल्सियस कम दर्ज किया गया है. हालांकि मौसम विभाग के अनुसार आने वाले तीन दिनों में तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी होने की संभावना है, जिससे लोगों को गर्मी का असर महसूस होने लगेगा. इसके बाद कुछ दिनों तक तापमान में विशेष बदलाव नहीं होगा और मौसम शुष्क ही बना रहेगा. अभी कैसा है प्रदेश का मौसम प्रदेश में वर्तमान में मौसम पूरी तरह शुष्क बना हुआ है और कहीं भी वर्षा दर्ज नहीं की गई है. अधिकतम तापमान सामान्य से थोड़ा कम होने के कारण दिन में हल्की राहत महसूस हो रही है, लेकिन आने वाले दिनों में इसमें बदलाव होगा. तापमान में होगी बढ़ोतरी मौसम विभाग के मुताबिक अगले तीन दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की वृद्धि होने की संभावना है. इसके बाद तापमान स्थिर रहेगा और किसी बड़े बदलाव के संकेत नहीं हैं. कहां कितना तापमान दर्ज हुआ प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 37.5°C राजनांदगांव में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 13.0°C अंबिकापुर में रिकॉर्ड किया गया. इससे साफ है कि प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में तापमान में अंतर बना हुआ है. वर्षा और चेतावनी की स्थिति प्रदेश में कहीं भी वर्षा दर्ज नहीं की गई है और मौसम विभाग ने किसी प्रकार की चेतावनी भी जारी नहीं की है. आने वाले दिनों में भी मौसम शुष्क बने रहने की संभावना है. रायपुर का मौसम अपडेट राजधानी रायपुर में 24 मार्च को आकाश मुख्यतः साफ रहने की संभावना है. यहां अधिकतम तापमान 36°C और न्यूनतम तापमान 21°C के आसपास रहने का अनुमान है, जिससे दिन में गर्मी और रात में हल्की ठंडक महसूस हो सकती है. कोंडागांव में देखने को मिला शिमला-मनाली जैसा नजारा इससे पहले शनिवार को कोंडागांव जिले में शिमला-मनाली जैसा नजारा दिखा। जिले में जमकर ओले गिरे। बड़ेराजपुर विकासखंड के टेवंसा, छोटेराजपुर, पाडोकी और बड़ेराजपुर गांवों के खेतों में बर्फ की मोटी चादर बिछ गई। ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान हुआ है। वहीं, जशपुर जिले के दुलदुला में बिजली गिरने से मजदूर सनऊ राम (51) की मौत हो गई, जबकि 25 वर्षीय रेखा घायल हो गईं। दूसरी ओर रायगढ़ में बिलासपुर जलाशय का गेट टूटने से पानी NH और पास के खेतों में फैल गया।

नई गाइडलाइन के तहत प्रदेश में LPG गैस सिलेंडर वितरण, कोटा निर्धारित

भोपाल  मध्यप्रदेश सरकार ने गैस सिलेंडरों के वितरण का कोटा तय कर दिया है। घरेलू उपभोक्ताओं को पहले की तरह 100 प्रतिशत आपूर्ति मिलती रहेगी। वहीं, शिक्षा और चिकित्सा क्षेत्रों को संबंधित जिले में उपलब्ध कमर्शियल गैस के कुल स्टॉक में से 30 प्रतिशत आपूर्ति देने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का मानना है कि ऐसे में दोनों क्षेत्रों की जरूरत पूरी हो सकेगी। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के उप सचिव बीके चंदेल ने सभी कलेक्टरों को इस संबंध में निर्देश जारी किए। इससे पहले विभागीय मंत्री गोविंद सिंह राजपूत और अपर मुख्य सचिव रश्मि अरुण शमी ने गैस व पेट्रोल-डीजल आपूर्ति की समीक्षा की। सरकार ने कहा कि जमाखोरी या कालाबाजारी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। तय कर दिया गया सबका कोटा केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल, सुरक्षा एजेंसियां, पुलिस, एयरपोर्ट, रेलवे, दीनदयाल रसोई, जेल, सामाजिक न्याय विभाग और महिला-बाल विकास को 35 प्रतिशत सिलेंडर मिलेगा। होटल क्षेत्र को 9 प्रतिशत, रेस्टोरेंट व केटरिंग को भी समान आपूर्ति तथा ढाबा व स्ट्रीट फूड वेंडरों को 7 प्रतिशत आपूर्ति होगी। उद्योगों में फार्मास्यूटिकल, फूड प्रोसेसिंग, पोल्ट्री फीड व सीड प्रोसेसिंग क्षेत्र को 5 प्रतिशत और अन्य उद्योगों को भी इतनी ही मात्रा में सिलेंडर दिए जाएंगे। किया जाएगा निरिक्षण सरकार ने स्पष्ट किया है कि जमाखोरी, अवैध भंडारण और कालाबाजारी को रोकने के लिए जिला प्रशासन द्वारा नियमित रूप से निरीक्षण किया जाएगा। आवश्यक वस्तु अधिनियम सहित अन्य संबंधित कानूनों के तहत नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। राज्य सरकार ने संस्थानों और प्रतिष्ठानों को अस्थायी रूप से वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत अपनाने के लिए भी प्रोत्साहित किया है, ताकि गैस की उपलब्धता का संतुलन बनाए रखा जा सके। यह नई व्यवस्था अगले आदेश तक लागू रहेगी, जिससे आवश्यक सेवाओं को प्राथमिकता देते हुए आम आपूर्ति व्यवस्था को सुचारू रखा जा सके। कमर्शियल गैस सिलिंडरों की दिक्कत राजधानी में अभी भी कमर्शियल गैस सिलिंडरों की किल्लत हो रही है। बीते दो सप्ताह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद आपूर्ति व्यवस्था सामान्य नहीं हो सकी है। अब इसका सीधा असर होटल, रेस्तरां और छोटे ढाबा संचालकों पर पड़ रहा है। कारोबार चौपट होने की कगार पर पहुंच चुका है, जिससे व्यापारियों में नाराजगी बढ़ रही है।