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मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना के तहत एक वर्ष का प्रशिक्षण

भोपाल  मध्यप्रदेश के युवाओं को विद्युत उत्पादन के क्षेत्र में व्यावहारिक प्रशिक्षण और अपने कौशल को निखारने का अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड द्वारा मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना के अंतर्गत 559 ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग पद उपलब्ध कराए गए हैं। डिग्री, डिप्लोमा अथवा अन्य निर्धारित शैक्षणिक योग्यता प्राप्त करने के बाद रोजगार के अवसर तलाश रहे युवा इस योजना के माध्यम से कंपनी के विभिन्न कार्यालयों एवं विद्युत गृहों में एक वर्ष का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे। पात्र प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण अवधि के दौरान 8 हजार रूपये से 10 हजार प्रतिमाह तक स्टाइपेंड भी दिया जायेगा। जल एवं ताप विद्युत गृहों में मिलेगा व्यावहारिक प्रशिक्षण मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना के अंतर्गत मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी द्वारा प्रशिक्षण के लिए कुल 559 पद स्वीकृत किए गए हैं। इसके तहत युवाओं को जबलपुर स्थित कंपनी मुख्यालय के साथ प्रदेश में स्थित विभिन्न जल एवं ताप विद्युत गृहों में कार्य करते हुए व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। योजना के अंतर्गत इलेक्ट्रीशियन, इन्फॉर्मेशन एंड कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी एवं सिस्टम मेंटेनेंस, कंप्यूटर ऑपरेटर एवं प्रोग्रामिंग असिस्टेंट, स्टेनो (हिन्दी/अंग्रेजी), सिविल इंजीनियरिंग, मानव संसाधन, अकाउंट्स सहित विभिन्न कार्यश्रेणियों में प्रशिक्षण के अवसर उपलब्ध कराए गए हैं। इससे युवाओं को अपनी शैक्षणिक योग्यता के अनुरूप विद्युत उत्पादन एवं कंपनी के विभिन्न कार्यक्षेत्रों की कार्यप्रणाली को नजदीक से समझने का अवसर मिलेगा। एक वर्ष की प्रशिक्षण अवधि, प्रशिक्षण के बाद स्टाइपेंड ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद निर्धारित पात्रता के अनुसार अभ्यर्थियों का चयन किया जाएगा। चयनित प्रशिक्षणार्थियों को उनके द्वारा चयनित कार्यश्रेणी व जिले के अनुरूप कंपनी के विभिन्न विद्युत गृहों एवं कार्यालयों में प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ होने के एक माह बाद प्रशिक्षणार्थियों को पात्रता के अनुसार 8 हजार से 10 हजार प्रतिमाह स्टाइपेंड का भुगतान प्रारंभ होगा। प्रशिक्षण की कुल अवधि एक वर्ष निर्धारित है। 18 से 29 वर्ष के मध्यप्रदेश के स्थानीय निवासी कर सकते हैं आवेदन योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक का मध्यप्रदेश का स्थानीय निवासी होना आवश्यक है। अभ्यर्थी की आयु 18 से 29 वर्ष के मध्य होनी चाहिए। शैक्षणिक योग्यता के अंतर्गत निर्धारित कार्यश्रेणी के अनुसार 12वीं, आईटीआई, डिप्लोमा अथवा स्नातक उत्तीर्ण होना आवश्यक है। मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना के अंतर्गत आवेदन प्रक्रिया 23 सितंबर 2026 से प्रारंभ हो चुकी है। इच्छुक एवं पात्र अभ्यर्थी 15 अक्टूबर 2026 की रात्रि 11:59 बजे तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन पोर्टल से ही होगा आवेदन-इच्छुक अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना के ऑनलाइन पोर्टल (https://mmsky.mp.gov.in/Web/Candidate/Registration) के माध्यम से आवेदन करना होगा। योजना में पंजीयन के लिए समग्र आईडी एवं आधार की ई-केवाईसी आवश्यक है। अभ्यर्थियों को ध्यान रखना होगा कि मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना के अंतर्गत उपलब्ध ये पद प्रशिक्षण हेतु हैं तथा इन्हें नियमित नौकरी अथवा स्थायी रोजगार के रूप में नहीं माना जाएगा। आवेदन से संबंधित किसी भी प्रकार की कठिनाई अथवा जानकारी के लिए अभ्यर्थी अपने संबंधित जिला स्तरीय आईटीआई से संपर्क कर सकते हैं।  

स्कूलों में जर्जर भवन पर लगेगा लाल ‘X’, 41 अधिकारी करेंगे औचक निरीक्षण

बीकानेर  सरकारी स्कूलों में व्यवस्थाओं की निगरानी अब सिर्फ रिपोर्ट और पोर्टल तक सीमित नहीं रहेगी। शिक्षा विभाग ने 41 वरिष्ठ प्रशासनिक एवं विभागीय अधिकारियों को जिलों का प्रभारी बनाकर उन्हें नियमित रूप से स्कूलों का निरीक्षण करने की जिम्मेदारी दी है। अफसर मौके पर स्कूल की व्यवस्थाएं, सुरक्षा, नामांकन और बच्चों के सीखने का स्तर देखेंगे। स्थानीय स्तर पर समाधान योग्य कमी मिली, तो उसे मौके पर ही संबंधित अधिकारियों से समन्वय कर दूर कराने पर जोर रहेगा। बीकानेर जिले की जिम्मेदारी डॉ. नरेन्द्र चौधरी को सौंपी गई है, जबकि जयपुर का जिम्मा कानाराम मीना को दिया गया है। स्कूल शिक्षा एवं भाषा, पुस्तकालय व पंचायतीराज (प्रारंभिक शिक्षा) विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेश यादव के आदेश के तहत यह व्यवस्था लागू की गई है। हर दौरे में पीएम श्री और आवासीय स्कूल होंगे एजेंडे में प्रत्येक निरीक्षण के दौरान कम से कम दो पीएम श्री और दो आवासीय विद्यालयों का निरीक्षण करना होगा। इसके अलावा अन्य विद्यालयों की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की जाएगी। पेयजल की उपलब्धता, छात्र-छात्राओं के लिए अलग और क्रियाशील शौचालय, स्कूल भवन की स्थिति और शैक्षणिक वातावरण प्रमुख जांच बिंदु होंगे। पीएम श्री और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में स्वीकृत क्षमता के मुकाबले नामांकन की स्थिति भी देखी जाएगी। जर्जर भवन पर अब सिर्फ रिपोर्ट नहीं, लाल ‘एक्स’ भी असुरक्षित या जर्जर घोषित स्कूल भवनों और कमरों को लेकर निरीक्षण में विशेष सख्ती रहेगी। ऐसे भवन या कमरों पर तत्काल ताला लगाने और दरवाजे पर लाल रंग से ‘एक्स’ का निशान लगाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद प्राथमिकता के आधार पर उनके ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में छात्राओं की सुरक्षा, सीसीटीवी, भवन और शौचालयों की स्थिति भी जांची जाएगी। स्कूल परिसर में संचालित सह-स्थित आंगनवाड़ी केंद्रों के भवनों की सुरक्षा भी निरीक्षण का हिस्सा होगी। स्कूल की जमीन से लेकर कबाड़ तक पर नजर जिला प्रभारी ‘हरियालो राजस्थान’ अभियान के तहत स्कूलों में पौधरोपण और हरियाली की स्थिति देखेंगे। जिन सरकारी स्कूलों के पास भूमि का पट्टा नहीं है, वहां पट्टा दिलाने की कार्रवाई की प्रगति भी जांची जाएगी। स्कूल परिसरों में पड़ी अनुपयोगी सामग्री और कबाड़ के नियमानुसार नीलामी अथवा निस्तारण की स्थिति भी देखी जाएगी। शिक्षकों के नवाचारों को प्रोत्साहित करने तथा चित्रकला, निबंध जैसी प्रतियोगिताओं की गतिविधियों को पोर्टल पर फोटो-वीडियो सहित अपलोड कराने पर भी निगरानी रहेगी बच्चों की पढ़ाई भी परखी जाएगी निरीक्षण में यह भी देखा जाएगा कि स्कूल में सुविधाएं उपलब्ध होने के साथ बच्चों के सीखने का वास्तविक स्तर क्या है। जिला प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि निरीक्षण के दौरान सामने आने वाली ऐसी समस्याएं, जिनका समाधान स्थानीय स्तर पर संभव है, उन्हें लंबित नहीं रखा जाए। संबंधित अधिकारियों से समन्वय कर मौके पर ही समाधान कराने का प्रयास किया जाए।

छत्तीसगढ़ का खजाना जनता के लिए खुला है, गांव से शहर तक तेज गति से हो रहे विकास कार्य-उप मुख्यमंत्री अरुण साव

रायपुर कवर्धा शहर में प्रवेश करते ही अब बदलता हुआ शहर नजर आएगा। 54 करोड़ रुपए की लागत से राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर 7.8 किलोमीटर सड़क को 4 लेन में विकसित करने के साथ रायपुर और बिलासपुर की ओर दोनों प्रवेश मार्गों पर भव्य प्रवेश द्वार बनाए जाएंगे। उपमुख्यमंत्री अरुण साव और उपमुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा ने आज शहर वासियों को बड़ी सौगात देते हुए नया मंडी परिसर, कवर्धा में इस सड़क निर्माण का भूमिपूजन किया। चंद्रयान हॉस्पिटल से शुरू होकर कवर्धा शहर के प्रमुख हिस्सों से गुजरते हुए जोराताल के आगे तक बनने वाली इस 4 लेन सड़क में डिवाइडर का भी निर्माण किया जाएगा।  प्रवेश द्वारों के डिजाइन में धर्मनगरी कवर्धा की धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान को प्रमुखता दी जाएगी। उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा के विशेष आग्रह पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कवर्धा नगर पालिका में सामुदायिक भवन निर्माण और मटन मार्केट के लिए 3.50 करोड़ रुपए, नगर पंचायत बोड़ला में बाजार विस्थापन के लिए 1.50 करोड़ रुपए, सहसपुर लोहारा में बाधांटोला में गौरव पथ निर्माण के लिए 1.50 करोड़ रुपए और नगर पंचायत पिपरिया के खेल मैदान के लिए 1.50 करोड़ रूपए के विकास कार्यों की घोषणा की। इसके साथ ही उनकी मांगों पर विभिन्न सड़क निर्माण एवं मरम्मत कार्य की भी घोषणा की।    उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी पूरी होने की गारंटी है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने अपने संकल्पों को पूरा करने का कार्य किया है। प्रधानमंत्री आवास, 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी, दो वर्ष के पुराने बोनस का भुगतान, महतारी वंदन योजना, तेंदूपत्ता पारिश्रमिक में वृद्धि और पीएससी मामले की सीबीआई जांच जैसे महत्वपूर्ण संकल्पों को पूरा किया गया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के माथे पर नक्सलवाद का जो कलंक था, उसे मिटाने की दिशा में प्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सुरक्षा बलों ने नक्सलवाद के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की है। जवानों के साहस और परिश्रम से छत्तीसगढ़ नक्सलमुक्ति की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उप मुख्यमंत्री साव ने कहा कि सरकार विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लक्ष्य के साथ कार्य कर रही है। प्रदेश में सड़क सहित बुनियादी सुविधाओं के विस्तार को प्राथमिकता दी जा रही है। पिछले ढाई वर्षों में लोक निर्माण विभाग में 12,666 करोड़ रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है। अनेक कार्य शुरू हो चुके हैं और कई पूरे भी हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के पास विकास कार्यों के लिए संसाधनों की कमी नहीं है। जनता का पैसा जनता के विकास पर खर्च किया जा रहा है और छत्तीसगढ़ का खजाना छत्तीसगढ़ की जनता के लिए खोला गया है। इसी का परिणाम है कि गांवों से लेकर शहरों तक विकास कार्यों की गति बढ़ी है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सुशासन, विकास और शांति की दिशा में आगे बढ़ रहा है। कबीरधाम जिला भी विकास की इस यात्रा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने जिले की जनता के सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनता की सहभागिता से विकास की यह गति और मजबूत होगी। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि कवर्धा में लगभग 140 करोड़ रुपए के विभिन्न विकास कार्य स्वीकृत किए गए हैं। इनमें सड़क, शिक्षा, शहर के विकास और धार्मिक-पर्यटन स्थलों से जुड़े कार्य शामिल हैं। उन्होंने बताया कि कवर्धा शहर में 54 करोड़ रुपए की लागत से चार लेन सड़क का निर्माण शुरू होगा। रायपुर और बिलासपुर मार्ग की ओर लगभग 3-3 किलोमीटर सड़क का विकास किया जाएगा। कवर्धा में 4.5 करोड़ रुपए की लागत से नालंदा परिसर बनाया जा रहा है, जहां 24 घंटे पुस्तकालय और डिजिटल पुस्तकालय की सुविधा होगी। नए बस स्टैंड को शुरू करने के लिए 10 करोड़ रुपए की लागत से घोटिया रोड का निर्माण किया गया हैं। भोरमदेव परिसर के विकास के लिए 1.46 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। तालाब परिसर, उद्यान, मेला स्थल, छेरकी महल, रामचुआ और सरोधा क्षेत्र में विकास कार्य किए जा रहे हैं। उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार विकास, सुशासन और जनकल्याण को प्राथमिकता देते हुए दृढ़ता के साथ आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के उन्मूलन की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता मिली है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सुरक्षा बलों ने कठिन परिस्थितियों में अभियान चलाकर नक्सलवाद के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की है। जवानों के साहस और समर्पण से छत्तीसगढ़ नक्सलमुक्ति की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। शर्मा ने कहा कि विकास कार्यों को भी समान प्राथमिकता दी जा रही है। गांव-गांव और घर-घर तक प्रधानमंत्री आवास पहुंचाने के साथ सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य मूलभूत सुविधाओं के विस्तार पर काम किया जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि जरूरतमंद परिवारों को योजनाओं का लाभ समय पर मिले और विकास कार्यों का सीधा लाभ आम लोगों तक पहुंचे।  सांसद संतोष पाण्डेय ने कहा कि कवर्धा में बनने वाले दोनों भव्य प्रवेश द्वार केवल शहर की पहचान नहीं, बल्कि विकास के द्वार होंगे। इन द्वारों के साथ 54 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाली 4 लेन सड़क से कवर्धा का स्वरूप बदलेगा और आवागमन की नई सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के प्रयासों से क्षेत्र में सड़क, रेलवे और अन्य बुनियादी सुविधाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है। कटघोरा-डोंगरगढ़ रेल लाइन सहित विभिन्न परियोजनाओं से क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि खैरागढ़ से कवर्धा और राजनांदगांव क्षेत्र में सड़क परियोजनाओं से भी आवागमन बेहतर होगा।  भूमिपूजन कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू, उपाध्यक्ष कैलाश चंद्रवंशी, नगर पालिका अध्यक्ष चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी, राजेन्द्र चंद्रवंशी, पुलिस प्राधिकरण के सदस्य भगत पटेल, कलेक्टरमती तुलिका प्रजापति, पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र कुमार यादव सहित जनप्रतिनिधि हजारों की संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे।

हरियाणा के नेताओं को मिली नई जिम्मेदारी, रेखा शर्मा तेलंगाना की सह प्रभारी

चंडीगढ़  भाजपा के संगठनात्मक फेरबदल में हरियाणा की राजनीतिक और संगठनात्मक ताकत का प्रभाव राष्ट्रीय स्तर पर दिखाई दिया है। पार्टी हाईकमान ने हरियाणा से जुड़े कई नेताओं को दूसरे राज्यों में महत्वपूर्ण संगठनात्मक जिम्मेदारियां सौंपी हैं। हरियाणा से राज्यसभा सदस्य और भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री संजय भाटिया को राजस्थान का प्रभारी बनाया गया है। वहीं, राज्यसभा सदस्य रेखा शर्मा को तेलंगाना का सह प्रभारी नियुक्त किया गया है। हरियाणा भाजपा के निवर्तमान प्रभारी डा. सतीश पूनिया को पंजाब और जम्मू-कश्मीर का प्रभार दिया गया है। संजय भाटिया की नई जिम्मेदारी को हरियाणा के लिहाज से खास माना जा रहा है। करनाल लोकसभा क्षेत्र से सांसद रह चुके भाटिया ने 2024 के लोकसभा चुनाव में पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल के लिए अपनी सीट छोड़ी थी। इसके बाद उन्हें हरियाणा से राज्यसभा सदस्य बनाया गया, जिसके बाद भाजपा के राष्ट्रीय संगठन में महत्वपूर्ण भूमिका मिली। अब राजस्थान जैसे बड़े राज्य का प्रभारी बनाया गया है। राज्यसभा सदस्य रेखा शर्मा को तेलंगाना का सह प्रभारी बनाया है। इस फेरबदल ने हरियाणा भाजपा के कई नेताओं को प्रदेश की सीमाओं से बाहर संगठन खड़ा करने की जिम्मेदारी दी है। राष्ट्रीय स्तर पर हरियाणा के नेताओं की संगठनात्मक भूमिका हरियाणा भाजपा के प्रभारी रह चुके त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब को मध्य प्रदेश का प्रभारी बनाया गया है। पूर्व प्रभारी रहे विनोद तावड़े को उप्र प्रभारी बनाया है। निवर्तमान हरियाणा प्रभारी डा. सतीश पूनिया को पंजाब व जम्मू-कश्मीर की जिम्मेदारी दी गई है। भाजपा में दायित्व परिवर्तन स्वाभाविक प्रक्रिया: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्मृति ईरानी को हरियाणा का प्रभारी, डॉ. भोला सिंह को सह प्रभारी व सांसद संजय भाटिया को राजस्थान का प्रभारी बनाए जाने पर पार्टी हाईकमान का आभार जताया है। गुप्ता ने ईरानी और भोला सिंह की संगठनात्मक क्षमता सराही प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता ने नए प्रभारी और सह प्रभारी की नियुक्ति का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि नए प्रभारी और सह प्रभारी के अनुभव से प्रदेश संगठन को नई ऊर्जा और दिशा मिलेगी।  

किरण देव से मिले CM साय, स्वास्थ्य को लेकर ली जानकारी

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव के निवास पहुंचकर उनसे आत्मीय मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और जल्द स्वस्थ होने की कामना की। मुख्यमंत्री साय ने किरण सिंह देव के शीघ्र एवं पूर्ण स्वस्थ होने की मंगलकामना करते हुए उनके स्वास्थ्य को लेकर चर्चा की। दोनों नेताओं के बीच इस दौरान आत्मीय बातचीत भी हुई। मुलाकात के दौरान विधायक प्रबोध मिंज भी उपस्थित रहे। बता दें कि गुरु पूर्णिमा पर बागेश्वर धाम से वापस आने के दौरान यूपी में सड़क हादसे में किरण सिंह देव घायल हुए थे। उनका इलाज दिल्ली में चल रहा था। करीब 56 दिन बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव इलाज पूरा होने के बाद 23 सितंबर को दिल्ली से छत्तीसगढ़ लौटे। रायपुर एयरपोर्ट पहुंचने पर बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया था। सभी की प्रार्थना से स्वस्थ होकर लौट आया : किरण सिंह देव एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत करते हुए किरण सिंह देव ने कहा था कि छत्तीसगढ़ महतारी की पावन धरा पर वापस आकर बहुत अच्छा लग रहा है। बेड रेस्ट के दौरान बहुत से लोगों का साथ और भरपूर प्यार मिला। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से लेकर एक छोटे से कार्यकर्ता ने भरपूर साथ दिया। विपक्ष और अन्य राजनीतिक दलों का भी खूब प्रेम प्राप्त हुआ है। सभी का धन्यवाद ज्ञापित करना चाहता हूं। सभी की प्रार्थना और विश्वास का ही असर है, जिससे मैं स्वस्थ लौट आया हूं।

समन्वित प्रयासों से स्थिति नियंत्रण में, एएनसी कवरेज 100% करने के निर्देश: डिप्टी CM शुक्ल

समन्वित प्रयासों से स्थिति नियंत्रित, एएनसी कवरेज करें शत-प्रतिशत: उप मुख्यमंत्री शुक्ल बालाघाट में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण और रोग नियंत्रण की व्यापक कार्यवाही बाल रोग बेड की संख्या 50 से बढ़ाकर 150 तथा PICU बेड की संख्या 10 से बढ़ाकर 21 मलेरिया नियंत्रण के लिए एक सलाहकार, चार मलेरिया टेक्निकल सुपरवाइजर तथा 112 कम्युनिटी हेल्थ वालंटियर किए गए तैनात 51 नवीन डॉक्टर्स ने किया जॉइन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से की समीक्षा भोपाल  उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने आज मंत्रालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बालाघाट जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण, खसरा-रूबेला, डायरिया एवं मलेरिया नियंत्रण तथा दूरस्थ एवं जनजातीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए की जा रही कार्यवाही की विस्तृत समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि बालाघाट में महिला एवं बाल विकास, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, शिक्षा तथा स्वास्थ्य विभाग द्वारा आपसी समन्वय के साथ स्थिति को नियंत्रित करने के लिए गंभीरता से कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मैदानी स्तर पर निरंतर निगरानी, समय पर उपचार, टीकाकरण, पोषण, स्वच्छता और दूरस्थ क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के प्रयास लगातार जारी रहें। बालाघाट को आदर्श जिले के रूप में विकसित किया जाए उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि गंभीरता, समर्पण और बेहतर समन्वय के साथ सेवा प्रदाय किया जाए तो बालाघाट की सभी पंचायतों को सुमन पंचायत बनाया जा सकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वर्तमान प्रयासों को निरंतर बनाए रखते हुए बालाघाट को स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में पूरे प्रदेश के लिए एक आदर्श जिले के रूप में विकसित किया जाए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि बालाघाट जैसे जनजातीय एवं भौगोलिक रूप से चुनौतीपूर्ण जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए विभागों के बीच निरंतर समन्वय आवश्यक है। स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, शिक्षा तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग मिलकर काम करें और मैदानी स्तर पर प्रत्येक गतिविधि की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें। बैठक में एमडी एनएचएम डॉ. सलोनी सिडाना सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बालाघाट कलेक्टर कुमार सत्यम तथा जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए। सुमन पंचायत के रूप में पंचायतों को विकसित करने के लिए एक वर्ष की अवधि में शून्य मातृ एवं शिशु मृत्यु सुनिश्चित करना प्रमुख मानकों में शामिल है। गर्भवती महिलाओं का शत-प्रतिशत पंजीयन एवं एएनसी जांच, हाई रिस्क प्रेग्नेंसी का चिन्हांकन एवं फॉलोअप, संस्थागत प्रसव, प्रसवोत्तर एवं नवजात देखभाल और समय पर रेफरल जैसी सेवाओं की प्रभावी उपलब्धता सुनिश्चित किया जाना इसका लक्ष्य है। इन मानकों की सतत पूर्ति और मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की नियमित निगरानी के आधार पर पंचायतों को सुमन पंचायत के रूप में विकसित होने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि एएनसी चेकअप का कवरेज 90 प्रतिशत तक पहुंचना महत्वपूर्ण प्रगति है। इसे शत-प्रतिशत तक ले जाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। हाई रिस्क प्रेग्नेंसी वाली महिलाओं का समय पर चिन्हांकन, नियमित फॉलोअप तथा आवश्यकता के अनुसार उपयुक्त स्वास्थ्य संस्थान में समय से भर्ती सुनिश्चित की जाए। उन्होंने बर्थ वेटिंग होम की उपलब्ध सुविधाओं का अधिकतम उपयोग करने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य सेवाओं के लिए आवश्यक संसाधनों की कमी नहीं है। अधिकारी एवं मैदानी अमला पूरी गंभीरता और समर्पण के साथ कार्य करें। इसी गति से प्रयास जारी रहे तो बालाघाट की सभी पंचायतों को सुमन पंचायत के रूप में विकसित किया जा सकता है। उन्होंने बालाघाट में किए जा रहे कार्यों को प्रभावी मॉडल के रूप में विकसित कर पूरे प्रदेश के लिए उदाहरण बनाने पर जोर दिया। खसरा-रूबेला नियंत्रण के लिए विशेष निगरानी बालाघाट में खसरा नियंत्रण के लिए बुखार एवं दाने वाले मामलों की विशेष निगरानी की जा रही है। ऐसे संदिग्ध मामलों में खसरा-रूबेला की जांच सुनिश्चित की जा रही है। नियमित टीकाकरण से छूटे बच्चों की पहचान कर उन्हें MR वैक्सीन से सुरक्षित करने के लिए कैच-अप राउंड एवं आउटब्रेक रिस्पॉन्स इम्युनाइजेशन (ORI) गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। अब तक लगभग 27 हजार बच्चों का टीकाकरण किया जा चुका है, जबकि ORI के अंतर्गत 1 से 10 वर्ष आयु वर्ग के लगभग 15 हजार बच्चों का टीकाकरण किया गया है। संदिग्ध रोगियों को आवश्यकता अनुसार विटामिन-A की खुराक दी जा रही है तथा फीवर-रैश सर्विलांस लगातार जारी है। दुर्गम एवं कठिन पहुंच वाले क्षेत्रों में दूरस्थ गांवों की मैपिंग कर प्राथमिकता के आधार पर टीकाकरण एवं विशेष सर्विलांस किया जा रहा है। वैक्सीन को दूरस्थ क्षेत्रों तक समय पर पहुंचाने के लिए अल्टरनेट वैक्सीन डिलीवरी (AVD) व्यवस्था को भी सुदृढ़ किया गया है। डायरिया नियंत्रण के लिए व्यापक अभियान जिले में दस्त एवं डायरिया नियंत्रण के लिए घर-घर स्तर पर ओआरएस एवं जिंक की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। अब तक 1,63,902 परिवारों को ओआरएस तथा 1,60,431 परिवारों को जिंक उपलब्ध कराया गया है। गंभीर स्थिति वाले 734 बच्चों को अस्पताल में भर्ती कर सफल उपचार किया गया है। जिला अस्पताल में बच्चों के उपचार की क्षमता बढ़ाते हुए बाल रोग बेड की संख्या 50 से बढ़ाकर 150 तथा PICU बेड की संख्या 10 से बढ़ाकर 21 की गई है। दूरस्थ क्षेत्रों में गंभीर रूप से बीमार बच्चों तथा गर्भवती महिलाओं को समय पर स्वास्थ्य संस्थानों तक पहुंचाने के लिए मोबिलाइजेशन की व्यवस्था की गई है। मलेरिया नियंत्रण के लिए घर-घर स्क्रीनिंग बालाघाट के प्लाज्मोडियम फ़ाल्सीपैरम एंडेमिक क्षेत्रों में मलेरिया नियंत्रण के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। घर-घर बुखार की जांच के लिए 15 टीमें लगातार कार्यरत हैं। इन टीमों द्वारा प्रतिदिन औसतन 300 से अधिक जांच की जा रही हैं। 19 जुलाई 2026 से अब तक 26,865 व्यक्तियों की मलेरिया जांच की गई है, जिसमें 980 मलेरिया प्रकरण पाए गए। इनमें 895 प्लाज्मोडियम फ़ाल्सीपैरम तथा 85 प्लाज्मोडियम वाइवैक्स के प्रकरण शामिल हैं। सभी चिन्हित मरीजों को उपचार उपलब्ध कराया गया है तथा उपचार पूर्ण कराया जा रहा है। मच्छर नियंत्रण के लिए 71 गांवों के 7,065 घरों में कीटनाशक छिड़काव किया गया है। इसके साथ ही 44 गांवों के 8,610 घरों में थर्मल फॉगिंग की गई है। अतिरिक्त मानव संसाधन के रूप में एक सलाहकार, चार मलेरिया टेक्निकल सुपरवाइजर तथा 112 कम्युनिटी हेल्थ वालंटियर तैनात किए गए हैं। दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार … Read more

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी दिखाएंगे बसों को हरी झंडी

आज से प्रदेश में प्रारंभ होगी मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा' मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केन्द्रीय मंत्री  नितिन गडकरी दिखाएंगे बसों को हरी झंडी संभागायुक्त श्री कर्मवीर शर्मा एवं कलेक्टर श्री प्रियंक मिश्रा ने लिया तैयारियों का जायजा मंच, बैठक, ट्रैफिक एवं अन्य नागरिक सुविधाओं का सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के दिए निर्देश भोपाल      भोपाल में 25 सितंबर को आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय कार्यक्रम में प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी बीएचईएल दशहरा मैदान से ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ के अंतर्गत नई सार्वजनिक यात्री बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। इस सेवा का मुख्य उद्देश्य प्रदेशवासियों को बेहतर कनेक्टिविटी के साथ सुगम, सुरक्षित और विश्वसनीय सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है।     राजधानी भोपाल के बीएचईएल दशहरा मैदान में 25 सितंबर को आयोजित होने जा रहे ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ के राज्य स्तरीय शुभारंभ कार्यक्रम की तैयारियों का गुरूवार को संभागायुक्त श्री कर्मवीर शर्मा एवं कलेक्टर श्री प्रियंक मिश्रा ने निरीक्षण कर जायजा लिया। अधिकारियों ने संपूर्ण कार्यक्रम परिसर का भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था, सीटिंग प्लान और नागरिक सुविधाओं की समीक्षा की तथा संबंधित विभागीय अधिकारियों को सौंपी गई जिम्मेदारियों के अनुरूप समय-सीमा में उत्कृष्ट कार्य निष्पादन के निर्देश दिए। मंच, बैठक और यातायात व्यवस्था रहे सुचारू     स्थल निरीक्षण के दौरान संभागायुक्त श्री शर्मा एवं कलेक्टर श्री मिश्रा ने कार्यक्रम स्थल पर मंच व्यवस्था, विशिष्ट अतिथियों एवं आमजनों के बैठने के लिए सुव्यवस्थित बैठक व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति, शौचालय चलित प्रसाधन, पार्किंग एवं ट्रैफिक प्रबंधन को उत्कृष्ट करने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अधिकारियों ने निर्देशित किया कि बीएचईएल दशहरा मैदान की ओर आने-जाने वाले मार्गों पर ट्रैफिक का सुचारू संचालन रहे, जिससे आम नागरिकों एवं आगंतुकों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।     ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ के अंतर्गत शुरू होने वाली नई बसों का संचालन आधुनिक, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के लिए परिवहन विभाग ने व्यापक स्तर पर तैयारियां पूर्ण कर ली हैं। सड़कों पर दौड़ने वाली इन बसों की कमान एडवांस तकनीक से प्रशिक्षित चालकों के हाथों में होगी। ड्राइवरों को सीएनजी एवं इलेक्ट्रिक बसों की उन्नत तकनीक, सुचारू संचालन और सुरक्षा मानकों से भली-भांति परिचित कराने के लिए विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। पैनिक बटन और जीपीएस तकनीक से मिलेगी लाइव लोकेशन     यात्रियों—विशेषकर महिलाओं एवं वरिष्ठ नागरिकों—की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए सभी सार्वजनिक बसों में पैनिक बटन और जीपीएस (GPS) प्रणाली स्थापित की गई है। जीपीएस के माध्यम से कंट्रोल रूम द्वारा बसों की लाइव लोकेशन पर सतत् निगरानी रखी जाएगी, वहीं किसी भी आपात स्थिति में पैनिक बटन यात्रियों की त्वरित सुरक्षा सुनिश्चित करने का एक सशक्त माध्यम बनेगा। वर्ष 2031 तक 15 हजार बसों का लक्ष्य, ट्रेनिंग सेंटरों का होगा विस्तार     राज्य सरकार ने अगले पांच वर्षों में सार्वजनिक परिवहन का व्यापक विस्तार करते हुए वर्ष 2031 तक प्रदेश में बसों की संख्या 15 हजार तक पहुंचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। इसके अंतर्गत प्रतिवर्ष 2,500 से 3,000 नई बसें बेड़े में जोड़ी जाएंगी। सुरक्षित ड्राइविंग के लिए चालकों को प्रशिक्षण देने हेतु इंदौर और छिंदवाड़ा में 'इन्स्टिट्यूट ऑफ ड्राइविंग ट्रेनिंग एंड रिसर्च सेंटर' (IDTR) क्रियाशील हैं। इसके अतिरिक्त भोपाल, बैतूल, छतरपुर, उज्जैन एवं ग्वालियर में 5 रीजनल ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर तथा जिला स्तर पर 22 नए ड्राइवर ट्रेनिंग सेंटर जल्द ही स्थापित किए जाएंगे।  

अयोध्या में राम-रामायण से लेकर काशी में गंगा और लखनऊ में लोकधारा तक, यूपी में होंगे तीन बड़े कला आयोजन

राम-रामायण, लोकधारा और गंगा के रंगों से सजेगा यूपी, तीन प्रमुख कला शिविरों में जुटेंगे देशभर के कलाकार अयोध्या में राम-रामायण से लेकर काशी में गंगा और लखनऊ में लोकधारा तक, यूपी में होंगे तीन बड़े कला आयोजन गोंड से मधुबनी और भील से पिथौरा तक, ‘लोकधारा’ में एक मंच पर आएंगी देश की पारंपरिक कला शैलियां काशी की गंगा बनेगी कलाकारों की प्रेरणा, ‘काशी फ्लो’ में कला के जरिए दिखेगी जीवंत विरासत लखनऊ,  योगी सरकार उत्तर प्रदेश की समृद्ध कला, संस्कृति और जीवंत परंपराओं को नई पीढ़ी से जोड़ने के साथ देशभर के कलाकारों को एक मंच पर लाने की विशेष तैयारी कर रही है। इसके लिए अयोध्या, लखनऊ और वाराणसी में तीन प्रमुख कला कार्यशालाओं और शिविरों का आयोजन किया जाएगा। इन कार्यक्रमों में राम और रामायण की सांस्कृतिक परंपरा, लोक एवं पारंपरिक चित्रकला तथा काशी व गंगा की आध्यात्मिक-सांस्कृतिक विरासत को कला के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा। राज्य ललित कला अकादमी और विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के सहयोग से होने वाले इन आयोजनों में वरिष्ठ कलाकारों के साथ युवा कलाकारों और कला विद्यार्थियों को भी सीखने/संवाद करने का अवसर मिलेगा। अयोध्या में 22 से 26 अक्टूबर तक डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के सहयोग से राम की पैड़ी/गुप्तार घाट पर ‘राम, रामायण और अयोध्या’ राष्ट्रीय कार्यशाला एवं व्याख्यान श्रृंखला होगी, जिसमें 25 कलाकारों और 10 विशेषज्ञों की भागीदारी होगी। कार्यक्रम के माध्यम से राम, रामायण और अयोध्या की सांस्कृतिक विरासत को प्रस्तुत किया जाएगा, जिससे कलाकारों और विशेषज्ञों के साथ नई पीढ़ी भी अयोध्या की जीवंत सांस्कृतिक परंपरा को समझ सके। लखनऊ में 18 से 22 नवंबर तक राज्य ललित कला अकादमी की ओर से ‘लोकधारा’ लोक एवं पारंपरिक कला शिविर आयोजित किया जाएगा। इसका उद्देश्य देश की लोक और पारंपरिक कला को जीवंत मंच देना है, जहां प्रसिद्ध कलाकार, युवा विद्यार्थी और कला प्रेमी साथ आकर पारंपरिक कलाओं को समझें, उनका अभ्यास करें और उन्हें आगे बढ़ाने की दिशा में काम करें। शिविर में पद्मसम्मानित कलाकारों, राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त कलाकारों और पारंपरिक कला के वरिष्ठ कलाकारों के साथ करीब 35 से 40 लोक एवं पारंपरिक कला साधकों की भागीदारी होगी। लखनऊ और आसपास के संस्थानों के 25 चयनित वरिष्ठ कला विद्यार्थी भी इसमें शामिल होंगे।  ‘लोकधारा’ में लाइव कला निर्माण और प्रदर्शन, वरिष्ठ कलाकारों के साथ सीधा संवाद, तकनीक सीखने, अभ्यास और मार्गदर्शन पर विशेष जोर रहेगा। प्रस्तावित प्रतिभागियों में गोंड, भील, गोदना, पिथौरा, राजस्थानी, कोहबर और मधुबनी जैसी विभिन्न लोक एवं पारंपरिक कला शैलियों से जुड़े कलाकार शामिल हैं। पद्मदुर्गाबाई, पद्मभूरीबाई, पद्मशिवम पासवान, पद्मपरेश रावुआ, पद्ममहावीर स्वामी व पद्मश्याम शर्मा जैसे वरिष्ठ कलाकारों के साथ देश के विभिन्न हिस्सों के कलाकारों और उत्तर प्रदेश के युवा कलाकारों की भागीदारी होगी। इस शिविर का फोकस परंपरा को केवल प्रदर्शित करने के बजाय उसे नई पीढ़ी तक पहुंचाने और समकालीन संदर्भ में उसकी प्रासंगिकता समझाने पर रहेगा। पांच दिवसीय ‘लोकधारा’ में 18 नवंबर को उद्घाटन और स्टूडियो की शुरुआत के साथ कलाकारों का परिचय और कला निर्माण शुरू होगा। 19 नवंबर को वरिष्ठ कलाकारों का लाइव प्रदर्शन और तकनीकी संवाद, 20 नवंबर को मास्टरक्लास, रचनात्मक अभ्यास और मार्गदर्शन, 21 नवंबर को पारंपरिक तकनीकों पर प्रदर्शन, सवाल-जवाब और व्यावहारिक सीख का आयोजन होगा। 22 नवंबर को अंतिम कला प्रदर्शन, प्रदर्शनी की झलक और समापन होगा। इस आयोजन के लिए लखनऊ विश्वविद्यालय के ललित कला संकाय, डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय के ललित कला विभाग, एमिटी विश्वविद्यालय लखनऊ, गोयल इंस्टीट्यूट ऑफ हायर स्टडीज, टेक्नो इंस्टीट्यूट ऑफ हायर स्टडीज और वामसी इंस्टीट्यूट ऑफ फाइन आर्ट्स एंड डिजाइन समेत कई संस्थानों का सहयोग होगा।  वाराणसी में गंगा तट पर दिसंबर 2026 के दूसरे सप्ताह में चार दिवसीय ‘काशी फ्लो’ अंतरराष्ट्रीय कला शिविर एवं प्रदर्शनी होगी, जिसे गंगा महासभा और राज्य ललित कला अकादमी उत्तर प्रदेश के संयुक्त सहयोग से आयोजित किया जाएगा। इसका उद्देश्य उत्तर प्रदेश की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत, गंगा, काशी और यहां की जीवंत परंपराओं को कला के माध्यम से अभिव्यक्त और दस्तावेज तैयार करना है। आयोजन में देश के अलग-अलग हिस्सों से कलाकारों की भागीदारी होगी, जिनमें वाराणसी, वृंदावन, देहरादून, मथुरा, दिल्ली, जयपुर, भोपाल, ओडिशा, लखीमपुर, सिरसा, मऊ, मेरठ और अन्य स्थानों के कलाकार शामिल हैं।  ‘काशी फ्लो’ के जरिए देश और विदेश के कलाकारों को उत्तर प्रदेश की विरासत, उसके संरक्षण और सांस्कृतिक समृद्धि को कला की भाषा में समझने और प्रस्तुत करने का अवसर देने की परिकल्पना की गई है। आयोजन में कला, आध्यात्मिकता, विरासत, लोगों और गंगा के बीच संबंध को केंद्र में रखा जाएगा। इसके जरिए अयोध्या के राम मंदिर और राम परंपरा, काशी विश्वनाथ धाम और प्रयागराज की कुंभ परंपरा जैसे उत्तर प्रदेश के प्रमुख सांस्कृतिक प्रतीकों से जुड़ी विरासत को रचनात्मक अभिव्यक्ति देने का प्रयास होगा। कार्यक्रम को भविष्य के लिए रचनात्मक संवाद और जीवंत विरासत के संरक्षण का मंच बनाने की परिकल्पना है। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश की कला और संस्कृति केवल हमारी पहचान नहीं, बल्कि हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए एक अमूल्य विरासत है। प्रदेश सरकार का प्रयास है कि इस विरासत को संग्रहालयों और अभिलेखों तक सीमित रखने के बजाय उसे कलाकारों, विद्यार्थियों और आम लोगों के जीवन से जोड़ा जाए। उन्होंने बताया अयोध्या में राम और रामायण की सांस्कृतिक परंपरा, लखनऊ में लोक एवं पारंपरिक कलाओं और वाराणसी में गंगा तथा काशी की आध्यात्मिक विरासत को केंद्र में रखकर आयोजित होने वाले ये कला शिविर इसी सोच का हिस्सा हैं। हमारा लक्ष्य वरिष्ठ और प्रसिद्ध कलाकारों के अनुभव को युवा प्रतिभाओं तक पहुंचाना, पारंपरिक कला विधाओं को समकालीन संदर्भ में आगे बढ़ाना और उत्तर प्रदेश की जीवंत सांस्कृतिक विरासत को देश-दुनिया के सामने नई रचनात्मक भाषा में प्रस्तुत करना है।  अपर मुख्य सचिव (पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग) अमृत अभिजात ने बताया कि इन तीनों आयोजनों का व्यापक उद्देश्य परंपरा, रचनात्मकता और नई पीढ़ी के बीच निरंतर संवाद तैयार करना है। ‘लोकधारा’ से जहां पारंपरिक कला में नए कलाकारों को व्यावहारिक प्रशिक्षण, वरिष्ठ कलाकारों से सीधा सीखने और नई कलाकृतियां तैयार करने का अवसर मिलेगा, वहीं कला तकनीकों और प्रक्रियाओं का दस्तावेजीकरण भी किया जाएगा। कलाकारों, शिक्षण संस्थानों और समुदाय के बीच मजबूत सहयोग विकसित करने के साथ इसे भविष्य में वार्षिक आयोजन के रूप … Read more

इंजीनियरिंग डिग्री-डिप्लोमा वाले बनेंगे सरकारी ठेकेदार, 3 महीने की ट्रेनिंग और ब्याज मुक्त लोन

 चंडीगढ़  हरियाणा में इंजीनियरिंग की डिग्री या डिप्लोमा करने वाले युवा अब सरकारी विभागों में ठेकेदार बन सकेंगे। कांट्रेक्टर सक्षम युवा योजना के तहत इस साल आठ हजार युवाओं को सरकार के स्तर पर तीन महीने का प्रशिक्षण दिलाया जाएगा। ट्रेनिंग और मूल्यांकन पूरा करने वाले युवाओं काे हरियाणा इंजीनियरिंग वर्क्स पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा। पंजीकृत युवा ठेकेदारों को 25 लाख रुपये तक के विकास कार्यों के ठेके दिए जाएंगे। एक साल के लिए तीन लाख रुपये का ब्याज मुक्त बैंक ऋण मिलेगा। विशेष बात यह कि तीन महीने की ट्रेनिंग में सिर्फ कक्षा में पढ़ाई नहीं होगी। युवाओं को सरकारी विकास कार्यों की प्रक्रिया और ठेकेदारी से जुड़े तकनीकी व व्यावहारिक पहलुओं के साथ मौके पर काम का अनुभव भी दिया जाएगा। श्रीविश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय को प्रशिक्षण की जिम्मेदारी सौंपी गई है। ट्रेनिंग पूरी होने के बाद तृतीय पक्ष मूल्यांकन होगा और सफल अभ्यर्थियों को प्रमाणपत्र दिया जाएगा। निर्धारित शर्तें पूरी करने वाले युवा पंचायती राज संस्थाओं, शहरी स्थानीय निकायों और अन्य सरकारी विभागों के विकास कार्यों में ठेकेदार के रूप में भाग ले सकेंगे। ठेकेदारी शुरू करने के लिए फर्म और जरूरी दस्तावेज तैयार करने होंगे। 51.50 करोड़ रुपये का प्रविधान पैन, टैन, जीएसटी और टिन सहित संबंधित औपचारिकताएं पूरी करना जरूरी होगा। ठेकेदार सक्षम युवा योजना के लिए 51.50 करोड़ रुपये का प्रविधान किया गया है। ठेकेदार सक्षम युवा योजना की नींव फरवरी 2024 में पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल की सरकार के समय रखी गई थी। उस समय 10 हजार इंजीनियरिंग डिग्री और डिप्लोमा धारकों को प्रशिक्षण देकर ठेकेदारी से जोड़ने का लक्ष्य तय किया गया था। मकसद पंचायती राज संस्थाओं और शहरी स्थानीय निकायों के विकास कार्यों में इंजीनियरिंग योग्यता रखने वाले युवाओं के लिए ठेकेदारी के अवसर तैयार करना था। इसके बाद अगस्त 2024 में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस पर योजना को औपचारिक रूप से लांच किया। जनवरी 2025 में सरकार ने इसकी अधिसूचना जारी कर पात्रता और संचालन की शर्तें तय कीं। अब 2026-27 में योजना के तहत युवाओं से आनलाइन आवेदन मांगे गए हैं। यह होंगे पात्र हरियाणा निवासी 18 से 40 वर्ष की आयु के बेरोजगार बीई-बीटेक और इंजीनियरिंग डिप्लोमा धारक युवा योजना में आवेदन कर सकेंगे। परिवार पहचान पत्र जरूरी होगा। सीईटी की मेरिट सूची में नाम होना चाहिए।  

मरीन ड्राइव पर ट्रक में घुसी तेज रफ्तार कार, 4 युवाओं ने मौके पर तोड़ा दम

जमशेदपुर सोनारी मरीन ड्राइव स्थित दोमुहानी के समीप गुरुवार की अलसुबह एक भीषण सड़क दुर्घटना में झारखंड सरकार की ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह की पुत्री युविका सिंह समेत चार युवाओं की घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गयी. हादसा इतना भीषण था कि तेज रफ्तार कार सड़क पर खड़ी ट्रक में जा घुसी, जिससे कार के परखच्चे उड़ गये. तेज रफ्तार बनी हादसे की वजह जानकारी के अनुसार, घटना गुरुवार तड़के की है. कार ( जेएच05 डीएस 6450) अत्यधिक तेज गति में मरीन ड्राइव से गुजर रही थी. दोमुहानी के पास सड़क किनारे खड़ी एक ट्रक (जेएच02टी 3971) को कार चालक देख नहीं सका और बेकाबू वाहन सीधे ट्रक के पिछले हिस्से में जा टकराया. टक्कर की आवाज इतनी जोरदार थी कि आसपास के इलाकों में अफरा-तफरी मच गयी और सोए हुए लोगों की नींद खुल गयी. घटनास्थल पर ही तोड़ा दम टक्कर के बाद स्थानीय लोग राहत और बचाव के लिए दौड़े, लेकिन कार के अंदर सवार चारों युवकों की स्थिति अत्यंत नाजुक थी. हादसे में मंत्री की पुत्री युविका सिंह के अलावा नमन गुप्ता, सार्थक अग्रवाल और वंशिका खंडेलवाल की मौके पर ही मौत हो चुकी थी. एमजीएम में पसरा मातम घटना की सूचना मिलते ही सोनारी थाना पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची. पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद दुर्घटनाग्रस्त कार से शवों को बाहर निकाला और एमजीएम भेजा. पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त कार और ट्रक को जब्त कर लिया है. उल्लेखनीय है कि ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह का आवास कदमा स्थित दिंदली एनक्लेव में है. घटना की खबर फैलते ही मंत्री के परिजनों के अलावा अन्य मृतकों के रोते-बिलखते परिजन टीएमएच और घटनास्थल पर पहुंचने लगे. अस्पताल परिसर में परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया. शहर के कई गणमान्य लोग भी सूचना मिलते ही अस्पताल पहुंचे और शोक-संतप्त परिवारों को ढांढस बंधाया. सड़क पर खड़े वाहनों पर उठे सवाल सोनारी पुलिस मामले की जांच में जुट गई है. शुरुआती जांच में हादसे का कारण कार की तेज रफ्तार और मरीन ड्राइव पर अवैध रूप से खड़े ट्रक को माना जा रहा है. स्थानीय निवासियों ने मरीन ड्राइव पर बिना इंडिकेटर और रिफ्लेक्टर के खड़े रहने वाले भारी वाहनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है.