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सुरक्षा को प्राथमिकता: विकास मार्ग पर स्ट्रीट लाइट लगाने का फैसला, पैदल और साइकिल चालकों को फायदा

चंडीगढ़. शहर के दक्षिणी सेक्टरों में अंधेरे में डूबी साइकिल ट्रैकों को रोशन करने के लिए चंडीगढ़ प्रशासन ने करीब 1.95 करोड़ रुपये की स्ट्रीट लाइट परियोजना शुरू करने की योजना बनाई है। इसका उद्देश्य पैदल यात्रियों और साइकिल चालकों की सुरक्षा बढ़ाना तथा झपटमारी और लूटपाट जैसी घटनाओं पर अंकुश लगाना है। परियोजना के तहत विकास मार्ग पर सेक्टर 39/56, 55/40, 54/41, 53/42, 52/43, 51/44, 50/45, 49/46 और 48/47 के बीच स्थित साइकिल ट्रैकों पर प्रकाश व्यवस्था की जाएगी। इन इलाकों में लंबे समय से पर्याप्त रोशनी नहीं होने के कारण सुरक्षा संबंधी चिंताएं बनी हुई थीं। हाल के वर्षों में इन अंधेरे मार्गों पर कई झपटमारी और लूट के प्रयास सामने आए हैं। मार्च में सेक्टर-56 के पास एक व्यक्ति से सामान छीने जाने की घटना हुई थी, जबकि पिछले वर्ष सेक्टर-39 के निकट साइकिल ट्रैक पर एक राहगीर को खिलौना पिस्तौल दिखाकर लूटने का प्रयास किया गया था। शहर में 200 किलोमीटर से अधिक लंबा साइकिल ट्रैक नेटवर्क है, लेकिन दक्षिणी सेक्टरों में कई ट्रैक सुनसान क्षेत्रों, खाली प्लिटों और घने पेड़ों वाले इलाकों से होकर गुजरते हैं, जहां शाम ढलते ही अंधेरा छा जाता है। पुलिस रिकॉर्ड भी बताते हैं कि अपराधी ऐसे कम रोशनी वाले और कम आवाजाही वाले क्षेत्रों को निशाना बना रहे हैं। प्रशासन का मानना है कि नई स्ट्रीट लाइट व्यवस्था से दृश्यता बढ़ेगी, सुरक्षा मजबूत होगी और रात के समय साइकिल ट्रैकों का उपयोग अधिक सुरक्षित बन सकेगा।

भीषण गर्मी से बढ़ा बिजली का लोड, यूपी में मांग ने तोड़ा देश का अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड

लखनऊ यूपी में बिजली आपूर्ति की अधिकतम मांग ने एक बार फिर नया रिकॉर्ड बनाया है। रविवार देर रात बिजली की अधिकतम मांग ने 32348 मेगावॉट का नया आंकड़ा छू लिया। यह देश में अब तक की अधिकतम मांग का रिकॉर्ड है। ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसे लेकर पोस्ट किया। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र की अधिकतम मांग इस साल 13 मई को 32317 मेगावॉट गई थी। यह अब तक देश की अधिकतम मांग थी। यूपी ने रविवार को इस मांग को पीछे छोड़ते हुए नया कीर्तिमान स्थापित किया है। एके शर्मा ने इस उपलब्धि के लिए जनता और बिजली विभाग के सभी कर्मचारियों व अधिकारियों को शुभकामनाएं दी हैं। चढ़ते पारे से एक बार फिर बिजली की मांग में बेतरतीब इजाफा दर्ज किया जा रहा है। तकरीबन 10 दिनों के बाद बिजली की अधिकतम मांग बढ़कर 31 हजार मेगवॉट के पार चली गई है। बिजली की बढ़ती मांग के बीच चार पावर प्लांट ठप रहे, जिसकी वजह से बिजली के इंतजाम एक्सचेंज व अन्य स्रोतों से करना पड़ा। वहीं, बढ़ते लोड से बिजली फॉल्ट की संख्या भी बढ़ी है। बिजली की आवाजाही से जनता परेशान रही। बढ़ी हुई मांग की आपूर्ति बनाए रखना चुनौती जानकारों की मानें तो मौसम देखते हुए अभी बिजली की मांग में इजाफा दर्ज होगा। ऐसे में बिजली की आपूर्ति बनाए रखना पावर कॉरपोरेशन के लिए चुनौती से कम नहीं है। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष और राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि उपभोक्ताओं के संयोजित भार और ट्रांसफॉरमरों के भार में करीब 2 करोड़ किलोवॉट का अंतर है। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के संयोजक शैलेंद्र दुबे कहते हैंकि उमस भरे मौसम में बिजली की मांग और भी बढ़ती है। ऐसे में अभी दर्ज हो रही मांग से ज्यादा अधिकतम मांग वाला समय मॉनसून में आएगा। निर्बाध आपूर्ति के लिए बेहतर होगा कि छांटे गए संविदा कर्मचारियों को बहाल किया जाए। इससे बिजली फॉल्ट जल्दी ठीक किए जा सकेंगे। और लोग कम परेशान होंगे। शनिवार-रविवार रात 31509 मेगावॉट तक पहुंच गई थी मांग शनिवार-रविवार की दरम्यानी रात को करीब 1.30 बजे बिजली की अधिकतम मांग 31509 मेगावॉट पहुंच गई। वहीं, न्यूनतम मांग का आंकड़ा भी 24369 मेगावॉट दर्ज किया गया। इसके पहले 10 जून को बिजली की अधिकतम मांग 31894 मेगावॉट दर्ज की गई थी। हालांकि, इसके बाद से मौमस में नर्मी थी तो बिजली की मांग भी कम पड़ी थी। अब एक बार फिर मौसम तप रहा है और बिजली की मांग बढ़ रही है। मांग बढ़ने की वजह से ट्रांसफॉर्मरों पर लोड़ बढ़ रहा है। तमाम जगहों पर एरियल बंच कंडक्टर (एबीसी) जलने, केबल जल जाने और ट्रांसफॉर्मर फुंक जाने जैसी घटनाएं हो रही हैं। इस तरह के फॉल्ट की संख्या में बीते दो दिनों में इजाफा दर्ज किया गया है। ऐसे में बिजली की आवाजाही उपभोक्ताओं के लिए मुसीबत बनी हुई है। गर्मी में फॉल्ट की वजह से आपूर्ति बाधित होने से लेाग आक्रोशित हैं। वहीं, बिजली की मांग बढ़ने के साथ ही उत्पादन इकाइयों के ठप होने से बिजली की उपलब्धता भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।

रेत माफियाओं पर सख्ती: भाजपा नेता हत्याकांड के बाद रातभर चला संयुक्त उड़नदस्ता का अभियान

रायपुर. कोरिया जिले में रेत उत्खनन को लेकर हुए विवाद के बाद भाजपा नेता की भाजपा नेता द्वारा की गई जघन्य हत्या के बाद अब सरकार हरकत में आती नजर आ रही है. केंद्रीय खनि उड़नदस्ता की संयुक्त टीम ने बीती रात नदियों का औचक निरीक्षण किया. औचक निरीक्षण में अवैध भंडारण पर कार्रवाई करते हुए भंडारण करने वालों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. संचालक आईएएस रजत बंसल के निर्देश पर सक्रिय हुए केंद्रीय खनि उड़नदस्ता की संयुक्त टीम ने बीती रात मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिला के तहसील केल्हारी में दंडाहस्वाही स्थित केवाई नदी, पसौरी, कुटरा और हसदेव नदी का निरीक्षण किया. इस दौरान स्वीकृत दो अस्थाई भण्डारण अनुज्ञप्ति स्थलों की सघन जांच की गई. मौके पर ड्रोन सर्वे के माध्यम से रेत की मात्रा का मापन किया गया. विभागीय जानकारी के अनुसार, केवल एमसीबी जिला ही नहीं, बल्कि संचालक के निर्देशानुसार राज्य के विभिन्न जिले के पहुंच विहीन क्षेत्र एवं अवैध रेत उत्खनन क्षेत्रों का चिन्हांकन कर हाईटेक ड्रोन सर्वे के माध्यम से से निगरानी की जा रही है, जिससे अवैध रेत खनन एवम भंडारण पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके. इसके साथ ही जांच में केंद्रीय उड़नदस्ता की संयुक्त जांच टीम के साथ जिला स्तरीय टीम मौजूद रहे. 

योगी सरकार का बड़ा एक्शन! 21 साल पुराने सपा कार्यालय पर चला बुलडोजर

सीतापुर  यूपी के सीतापुर में सुबह-सुबह समाजवादी पार्टी के ऑफिस में योगी सरकार का बुलडोजर गरजा। टॉउन हॉल परिसर में 21 साल पहले नजूल भूमि पर बना कार्यालय चार बुलडोजर की मदद से जमींदोज कर दिया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात रहे। प्रशासन द्वारा नोटिस जारी होने पर दो दिन पहले सपा कार्यालय खाली कर दिया गया था। टाउन हॉल परिसर की नजूल भूमि को तत्कालीन नगर पालिका अध्यक्ष राधेश्याम जायसवाल ने नियम विरुद्ध 15 जनवरी 2005 को समाजवादी पार्टी के कार्यालय संचालन के लिए आवंटित किया था। जिसका वार्षिक किराया केवल 100 रुपये था। आवंटन प्रक्रिया नियम विरुद्ध होने पर पूर्व में नगर पालिका ने उक्त आवंटन को निरस्त कर दिया था। आवंटन निरस्त होने के बाद भी सपा कार्यालय नियम विरुद्ध संचालित हो रहा था। बीते आठ जून को जिलाधिकारी न्यायालय ने नोटिस जारी कर कार्यालय को 15 दिन के भीतर खाली करने का आदेश जारी किया गया था। प्रशासन की ओर से लगातार कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही थी। तय समय पूरा होने के पहले ही सपा जिलाध्यक्ष छत्रपाल यादव ने लगभग दो दिन पहले ही कार्यालय खाली कर दिया। कार्यालय खाली होने के बाद सोमवार इसके बाद सोमवार सुबह ही प्रशासनिक अधिकारी बुलडोजर लेकर समाजवादी पार्टी कार्यालय पर पहुंच गए। समाजवादी पार्टी कार्यालय की बिल्डिंग को बुलडोजर की मदद से जमीदाज कर दिया। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि सरकारी जमीन पर अतिक्रमण की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। सपा कार्यालय को दिया गया था नोटिस नगर पालिका की अधिशासी अधिकारी सीमा सिंह ने कहा कि नियमों के तहत संबंधित पक्ष को विधिवत नोटिस जारी किया गया था। निर्धारित 15 दिन की अवधि पूरी होने के बाद भूमि को खाली कराया गया, क्योंकि उस पर अवैध कब्जा था। यहां एक पार्टी कार्यालय संचालित हो रहा था। प्रशासन का उद्देश्य इस भूमि को कब्जामुक्त कराकर सरकारी महाविद्यालय के निर्माण के लिए सुरक्षित करना है। बागपत में सरकारी जमीन पर बनी मस्जिद पर चला बुलडोजर उधर, बागपत के राजपुर खामपुर गांव में न्यायालय के आदेश पर प्रशासन ने सरकारी जमीन पर बनी करीब 40 साल पुरानी मस्जिद को शनिवार को बुलडोजर से ध्वस्त करा दिया। कार्रवाई के दौरान गांव को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया। प्रशासनिक अधिकारी पूरे अभियान की निगरानी करते रहे। राजपुर खामपुर गांव में तकिए वाली मस्जिद है। करीब पांच साल पहले गांव के एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई गई थी कि इस मस्जिद को सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करके बनाया गया है। शिकायत के अनुसार तालाब की जमीन पर करीब 40 साल पहले मस्जिद का निर्माण कर लिया गया था। मामला लंबे समय से न्यायालय में विचाराधीन था। अब न्यायालय के आदेश के बाद जिला प्रशासन ने पुलिस और राजस्व विभाग की टीम के साथ शनिवार को ध्वस्तीकरण अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान गांव में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे।

जलवायु परिवर्तन का गहरा असर: बिहार में घट रही बारिश, बढ़ रहा तापमान

पटना बिहार सहित देश भर में जलवायु परिवर्तन का गंभीर असर अब साफ तौर पर दिखने लगा है, जिससे मौसम का स्वाभाविक तेवर पूरी तरह बिगड़ चुका है और ऋतुओं का स्वरूप बेरंग हो रहा है। मौसम विभाग ने पिछले दो दशकों में तेजी से बदले इस पर्यावरण संकट के कारणों का एक विशेष अध्ययन करने का फैसला लिया है। रिपोर्ट के अनुसार, बिहार सहित देश भर में बारिश की गतिविधियां लगातार कम हो रही हैं और मानसून की चाल बुरी तरह बाधित हुई है। इस वजह से न केवल बारिश के दिनों में हीट वेव की स्थिति बन रही है, बल्कि सालभर के कुल वर्षापात (Rainfall) के आंकड़े भी साल-दर-साल लगातार घटते जा रहे हैं, जो कृषि प्रधान बिहार के लिए एक खतरे की बड़ी घंटी है। पिछले दो दशकों में 13 साल सूखा जैसे हालात आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 20 साल में बिहार के भीतर ऐसे 13 मौके आए हैं जब मानसून अवधि में सामान्य से काफी कम बारिश दर्ज की गई है। आंकड़ों को देखें तो वर्ष 2025 में 31%, 2024 में 20%, 2023 में 23%, 2022 में 31% और 2018 में 25% कम वर्षा हुई थी, जबकि इस साल भी अब तक सूबे में 41% बारिश की भारी कमी बनी हुई है। जलवायु विशेषज्ञ प्रो. डॉ. प्रधान पार्थसारथी के अनुसार, बिहार में सावन और भादो के महीने में होने वाली पारंपरिक धीमी और लगातार बारिश, जिसे स्थानीय भाषा में 'झपसी' कहा जाता था, वह पिछले डेढ़ दशक से पूरी तरह गायब हो चुकी है। इस झपसी से न केवल धान की फसलों को प्रचुर लाभ मिलता था, बल्कि वातावरण का तापमान भी नियंत्रित रहता था, लेकिन अब नई पीढ़ी इस अनमोल मौसमी घटना से पूरी तरह वंचित हो चुकी है। देश के अलग-अलग केंद्रों को सौंपी गई जिम्मेदारी मौसम विभाग की इस विशेष योजना के तहत देश के विभिन्न प्रमुख केंद्रों को अध्ययन की अलग-अलग कमान सौंपी गई है। इसके तहत चंडीगढ़ केंद्र पश्चिमी विक्षोभ, अहमदाबाद हीट वेव व कोल्ड वेव, भोपाल मानसून के प्रसार, भुवनेश्वर ट्रॉपिकल साइक्लोन और जयपुर केंद्र डेजर्ट मेट्रोलॉजी पर अध्ययन करेगा, जबकि हैदराबाद को समेकित शहरी मौसम प्रणाली की जिम्मेदारी मिली है। गौरतलब है कि भारत में साल 1901 से 1930 की तुलना में 2015 से 2024 के बीच औसत तापमान में 0.9 डिग्री सेल्सियस की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों के कारण हरित क्षेत्र में कमी, वज्रपात की अप्रत्याशित घटनाएं, शहरी बाढ़, ग्राउन्ड वाटर पर असर पड़ रहा है, जिसे रोकने के लिए अब यह वैज्ञानिक अध्ययन बेहद मील का पत्थर साबित होगा।

अयोध्या राम मंदिर दान घोटाले की जांच तेज, शुरुआती रिपोर्ट के आधार पर दर्ज हो सकती है FIR

अयोध्या अयोध्या राम मंदिर दान में कथित हेराफेरी की जांच के लिए बनाई गई स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) अपनी अंतरिम रिपोर्ट आज देर शाम तक सौंप सकती है। सूत्रों के अनुसार, अंतरिम रिपोर्ट पूरी हो चुकी है। इसे आज शाम को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यालय को सौंपा जा सकता है। 15 दिन बाद फाइनल रिपोर्ट श्रीराम जन्मभूमि में रामलला के चढ़ावे में धांधली की जांच के लिए गठित एसआईटी सोमवार को प्रारम्भिक रिपोर्ट शासन को सौंप सकती है। रिपोर्ट पूरी करने के लिए शासन से नामित वरिष्ठ जांच अधिकारी भले शनिवार शाम लखनऊ चले गए, लेकिन उनका स्टाफ देर रात तक श्रीराम जन्मभूमि परिसर के पीएफसी में कार्यरत रहा। यह टीम रविवार को भी पूरी सक्रियता से काम करती रही। 15 दिनों के बाद फाइनल रिपोर्ट सौंपी जाएगी। द्वितीय चरण की जांच एसआईटी सोमवार से शुरू करेगी। एसआईटी की प्रारम्भिक रिपोर्ट पर होगा मुकदमा टीम ने रिपोर्ट में शामिल लोगों के बयान में हुई भूल-चूक दुरुस्त करने के लिए दोबारा बुलाकर बयान दर्ज किया। सूत्र बताते हैं कि रिपोर्ट तैयार होने के बाद यह टीम या इनका कोई अधिकृत व्यक्ति लखनऊ जाएगा और सोमवार को जांच टीम के अधिकारी रिपोर्ट शासन को सौंप देंगे। पुनः शासन के निर्देश पर अग्रिम कार्यवाही सुनिश्चित होगी, जिसमें प्रथम दृष्टया दोषसिद्धि के आधार पर संबंधितों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जा सकती है। नृपेन्द्र के बयानों से असहज हो रहे ट्रस्टी अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे में धांधली के साथ दिन-प्रतिदिन हो रहे नए खुलासों के बीच मीडिया में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के पदेन सदस्य और भवन-निर्माण समिति चेयरमैन नृपेन्द्र मिश्र के बयान ने कठघरे में खड़े ट्रस्टियों को असहज कर दिया है। किसी ने कहा कि प्रशासनिक सेवा से वरिष्ठतम अधिकारी के रूप में सेवानिवृत्त होकर और मंदिर ट्रस्ट में शामिल होते हुए भी उनकी ओर से बयान जारी करना उचित नहीं प्रतीत होता है। इससे ट्रस्ट की छवि ही नहीं प्रभावित हो रही, बल्कि मीडिया को भी अनर्गल प्रलाप का मौका मिल गया है। कई लोगों ने लगाए संगीन आरोप एक सप्ताह के भीतर देखें तो एसआईटी की जांच के बीच कुछ लोगों ने निर्माण से लेकर मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाने वाले रुपए और धातुओं को गायब करने का आरोप लगाया है। सूत्र बताते हैं कि अब जांच के दूसरे चरण में सोशल मीडिया सहित अन्य माध्यमों से जिन लोगों ने विभिन्न प्रकार के आरोप लगाए हैं अब उनसे भी पूछताछ की जाएगी। इसके बाद ही पता चल सकेगा कि उनके दावे में कितनी सच्चाई थी। इसके बाद बड़ी कार्रवाई की चर्चा है।

राहुल गांधी का पंजाब कांग्रेस को कड़ा संदेश! गुटबाजी छोड़ने की नसीहत, 5 दिग्गज नेताओं संग बैठक

 चंडीगढ़ लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने 2027 विधानसभा चुनाव से पहले  पंजाब कांग्रेस के पांच नेताओं के साथ अहम बैठक की।  इस बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रदेश कांग्रेस में चल रही गुटबाजी को समाप्त करना था। राहुल ने वरिष्ठ नेताओं को एकजुटता का पाठ पढ़ाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी में किसी भी तरह की गुटबाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में पंजाब कांग्रेस प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा, सांसद चरणजीत सिंह चन्नी और विजय इंदर सिंगला समेत अन्य नेता शामिल थे। बाजवा ने बताया कि राहुल गांधी ने सभी वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की। संगठनात्मक बदलाव का फैसला राहुल गांधी पर छोड़ दिया गया है। पंजाब की जनता कांग्रेस को एक और अवसर देने के लिए तैयार है।  उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के प्रदर्शन का हवाला दिया। कांग्रेस ने तब 14 में से 8 संसदीय सीटें जीती थीं, जिनमें सात पंजाब की थीं। बाजवा के अनुसार, एकजुट होकर कांग्रेस 2027 के विधानसभा चुनाव में 70 से 80 सीटें जीत सकती है। 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियां  पंजाब कांग्रेस के प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने बताया कि यह बैठक 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिए थी। सभी नेताओं ने इसमें अपनी राय रखी। वड़िंग ने भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रधान नितिन नबीन के पंजाब दौरे पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि भाजपा का पंजाब में जबरदस्ती करने का सपना पूरा नहीं होगा। पंजाब के लोग ऐसी किसी भी जबरदस्ती को बर्दाश्त नहीं करेंगे। संगठनात्मक बदलाव पर मंथन  पार्टी में प्रधान पद में बदलाव को लेकर भी चर्चा चल रही है। सांसद चरणजीत सिंह चन्नी और सुखजिंदर सिंह रंधावा के नाम पर विचार हो रहा है। पार्टी आलाकमान इन दोनों नामों पर गहन मंथन कर रहा है। प्रदेश कांग्रेस में गुटबाजी खत्म करना पार्टी आलाकमान के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। पार्टी ने गुटबाजी पर सख्त रुख अपनाया है। राहुल ने पहले भी पंजाब दौरे के दौरान चेतावनी दी थी कि जो नेता काम नहीं करेगा, उसे घर बैठा दिया जाएगा। नेताओं के साथ व्यक्तिगत बैठकें  बैठक से पहले पर्यवेक्षकों ने भी नेताओं के साथ व्यक्तिगत बैठकें की थीं। इन बैठकों में सांसद, विधायक, पूर्व मंत्री और जिला प्रधान शामिल थे। नेता प्रतिपक्ष प्रताप बाजवा ने बताया कि उन्होंने सबसे पहले समय मांगा था। उन्होंने बैठक के दौरान अपनी बात विस्तार से रखी। ये बैठकें नेताओं की व्यक्तिगत राय जानने के लिए महत्वपूर्ण थीं।  

कैशियर मर्डर केस में बड़ा खुलासा, सूटकेस से शूटरों तक पहुंची पुलिस; 500 CCTV फुटेज खंगाले

चंडीगढ़.  सेक्टर-11 स्थित श्री कुमार केमिस्ट के कैशियर जानकी दास की हत्या के मामले में एक साधारण सा सिल्वर रंग सूटकेस पुलिस के लिए सबसे महत्वपूर्ण सुराग साबित हुआ। हत्या के बाद फरार हुए शूटरों की तलाश में जुटी चंडीगढ़ पुलिस को विभिन्न स्थानों से मिली सीसीटीवी फुटेज में आरोपित बार-बार एक ही सूटकेस के साथ नजर आए। इसी सूटकेस ने पुलिस को उनकी गतिविधियों का पीछा करने और अंततः उनकी पहचान तक पहुंचने में मदद की। जांच के दौरान पता चला कि हत्या के बाद आरोपित चंडीगढ़ से दिल्ली भाग गए थे। दिल्ली के पहाड़गंज में एक होटल में ठहरने के बाद आरोपित ट्रेन के जरिए जम्मू पहुंच गए। पुलिस लगातार सीसीटीवी फुटेज, यात्रा रिकाॅर्ड और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर रही थी। इस दौरान हर अहम फुटेज में आरोपितों के हाथ में सिल्वर रंग का एक सूटकेस नजर आ रहा था। इसी सूटकेस के जरिए पुलिस को उनकी लोकेशन का पता चलता रहा। इससे उनकी पहचान करने में भी आसानी होती रही। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इसी सुराग के आधार पर जांच आगे बढ़ी और जम्मू-कश्मीर में आरोपितों की मौजूदगी का पता चला। इसके बाद चंडीगढ़ पुलिस ने जम्मू पुलिस के साथ मिलकर उनके ठिकानों पर दबिश दी और तीनों आरोपितों आर्यन, सन्नी मेहरा और अमित को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस को आरोपितों तक पहुंचने में पांच दिन लग गए, लेकिन पुलिस ने इस केस में बड़ी कामयाबी हासिल की। एनकाउंटर में पुलिस ने पैर में मारी गोली चंडीगढ़ पुलिस ने जम्मू से आर्यन और सन्नी का ट्रांजिट रिमांड हासिल किया और फिर इन्हें चंडीगढ़ लाया गया। चंडीगढ़ पहुंचते ही धनास के पास क्राइम ब्रांच की गाड़ी हादसे का शिकार हो गई। इस दौरान दोनों शूटरों ने भागने की कोशिश की। उन्होंने एक पिस्टल उठाकर पुलिस पर फायरिंग भी की। जवाबी हमले में पुलिस ने भी फायरिंग कर दी। इस दौरान दोनों के पैर में गोली लग गई। इसके बाद उन्हें पीजीआई में भर्ती किया गया था। पीजीआई में उनका इलाज चला जिसके बाद उन्हें सेक्टर-16 के अस्पताल में भेज दिया गया। पुलिस इस मामले में तीसरे आरोपित अमित को भी पकड़ चुकी है, जोकि फिलहाल जम्मू पुलिस के पास सात दिन के रिमांड पर है। दिनदहाड़े की थी कैशियर की हत्या 13 जून को गैंगस्टर गोल्डी ढिल्लों के इशारे पर दो शूटर सेक्टर-11 की मार्केट पहुंचे। यहां वह अलग-अलग केमिस्ट की दुकानों पर रेकी करते रहे। फिर अचानक एससीओ नंबर-14 के श्री कुमार केमिस्ट में मास्क पहनकर पहुंचे। तभी उन्होंने कैशियर जानकी दास पर दो सेकेंड में 13 राउंड फायर कर दिए। उनकी मौके पर मौत हो गई थी। इसके बाद शूटर दुकान से भागे और उनका एक साथी बाइक पर उनका इंतजार कर रहा था। तीनों बाइक पर बैठकर मौके से फरार हो गए थे। चंडीगढ़ में ही 100 से ज्यादा कैमर जांचे वारदात को अंजाम देकर आरोपित कजहेड़ी पहुंचे थे। जहां उन्होंने कपड़े बदले और फिर वह बस से दिल्ली पहुंच गए। वहां एक होटल में रुकने के बाद आरोपित ट्रेन पकड़कर जम्मू के लिए रवाना हो गए थे। चंडीगढ़ पुलिस के पास आरोपितों को पकड़ने का एक ही जरिया था, सीसीटीवी कैमरे। पुलिस ने चंडीगढ़ से दिल्ली और जम्मू तक रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर लगे 500 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला। चंडीगढ़ में ही पुलिस ने 100 से ज्यादा कैमरों की जांच की। इस दौरान आरोपित चंडीगढ़ में 12 सीसीटीवी कैमरों में नजर आए। चंडीगढ़ से जम्मू तक हर फुटेज में उनके हाथ में सूटकेस नजर आ रहा था।

सोमनाथ स्वाभिमान सांस्कृतिक यात्रा का आगाज आज, 1000 विशिष्टजनों की होगी भागीदारी

रायपुर. सोमनाथ स्वाभिमान सांस्कृतिक यात्रा 22 जून यानी आज से शुरू हो रही है, जो 26 जून तक आयोजित की जाएगी. इस विशेष यात्रा में छत्तीसगढ़ के करीब 1000 विशिष्टजन भाग लेंगे, जिनमें पद्म सम्मानित कलाकार, साहित्यकार और संस्कृति कर्मी शामिल हैं. प्रतिभागी प्रदेश के विभिन्न जिलों की मिट्टी और नदियों का जल लेकर सोमनाथ धाम पहुंचेंगे. यात्रा के दौरान सोमनाथ मंदिर में दर्शन के साथ सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा. इस पहल का उद्देश्य राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक गौरव और छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति एवं परंपराओं को राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करना है. यात्रा को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए विशेष ट्रेन सहित सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं.

आज राजनांदगांव पहुंचेंगे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, किसान सम्मेलन में करेंगे बड़ा संबोधन

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर और राजनांदगांव जिले के विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे. मुख्यमंत्री सुबह 11 बजे रायपुर रेलवे स्टेशन से सोमनाथ स्वाभिमान सांस्कृतिक यात्रा का शुभारंभ करेंगे और विशेष ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे. इसके बाद मुख्यमंत्री दोपहर करीब 12 बजे रायपुर पुलिस ग्राउंड हैलीपैड से राजनांदगांव के लिए रवाना होंगे. वहां दोपहर 12:30 बजे स्टेट हाई स्कूल ग्राउंड में आयोजित प्रगतिशील किसान सम्मेलन और लोकार्पण एंव भूमि पूजन कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे. इसके पश्चात दोपहर 2 बजे विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के निवास पहुंचकर उनसे मुलाकात करेंगे. निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री शाम 3 बजे रायपुर के लिए रवाना होंगे.