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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सान्निध्य में 6,412 जोड़ों का विवाह

रायपुर. मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना छत्तीसगढ़ में सामाजिक समरसता, अंत्योदय और संवेदनशील शासन की भावना को साकार करने वाली ऐतिहासिक पहल है। उन्होंने कहा कि एक समय गरीब परिवारों के लिए बेटी का विवाह बड़ी चिंता का विषय होता था, जिसे इस योजना ने सम्मान और भरोसे में बदल दिया है। मुख्यमंत्री  साय राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय सामूहिक विवाह कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना : सामाजिक समरसता का विश्व रिकॉर्ड मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की उपस्थिति में रायपुर सहित पूरे प्रदेश में कुल 6,412 जोड़े विभिन्न धार्मिक परंपराओं एवं रीति-रिवाजों के अनुसार वैवाहिक जीवन में बंधे। साइंस कॉलेज मैदान में 1,316 नवविवाहित जोड़ों को मुख्यमंत्री ने प्रत्यक्ष रूप से आशीर्वाद प्रदान किया, जबकि अन्य जिलों के जोड़े वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े। योजना के अंतर्गत प्रत्येक नवविवाहित दंपति को 35 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई। उल्लेखनीय है कि इस अभूतपूर्व आयोजन को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना : सामाजिक समरसता का विश्व रिकॉर्ड मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि यह आयोजन केवल विवाह समारोह नहीं, बल्कि सर्वधर्म समभाव और सामाजिक एकता का उत्सव है। इस वृहद आयोजन में हिंदू, मुस्लिम, ईसाई, बौद्ध तथा विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा समुदाय के जोड़े अपने-अपने रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह सूत्र में बंधे, जो छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता और सामाजिक समरसता को दर्शाता है। मुख्यमंत्री  साय ने इस अवसर पर कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान का औपचारिक शुभारंभ किया। उन्होंने बताया कि पायलट प्रोजेक्ट के रूप में सरगुजा एवं बस्तर संभाग के आठ जिलों में इस अभियान की शुरुआत की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वस्थ और सुपोषित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए शासन के साथ-साथ समाज की सहभागिता आवश्यक है तथा अभियान की सफलता के बाद इसे पूरे प्रदेश में विस्तारित किया जाएगा। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रदेशवासियों के आशीर्वाद से छत्तीसगढ़ तेजी से विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि सरकार ने दो वर्षों में  ही मोदी की गारंटी के अधिकांश वादों को पूरा किया है। महतारी वंदन योजना के अंतर्गत 70 लाख से अधिक महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपये की सहायता दी जा रही है। उन्होंने तेंदूपत्ता संग्राहकों के हित में मानक बोरा मूल्य में वृद्धि, चरण पादुका योजना का पुनः प्रारंभ, रामलला दर्शन योजना तथा भूमिहीन मजदूरों को आर्थिक सहायता जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं का भी उल्लेख भी किया। महिला एवं बाल विकास मंत्री मती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना की शुरुआत पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में की गई थी, जिसे मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए सतत प्रयासरत है और कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ के लक्ष्य में जनसहभागिता आवश्यक है। कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने इसे ऐतिहासिक दिन बताते हुए कहा कि एक ही दिन में हजारों जोड़ों का विवाह मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता और सर्वसमावेशी सोच का प्रमाण है। कार्यक्रम में विधायक  सुनील सोनी,  पुरंदर मिश्रा,  अनुज शर्मा,  मोतीलाल साहू,  संपत अग्रवाल, छत्तीसगढ़ बीज निगम के अध्यक्ष  चंद्रहास चंद्राकर तथा बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा, महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव मती शम्मी आबिदी, संचालक डॉ. रेणुका वास्तव अनेक जनप्रतिधि और अधिकारी कर्मचारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

भ्रष्टाचार पर बड़ी कार्रवाई: लाखों रुपये के घोटाले में तत्कालीन जनपद CEO गिरफ्त में

बलरामपुर जनपद पंचायत वाड्रफनगर के तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) श्रवण मरकाम को पुलिस ने लाखों रुपये की शासकीय राशि हेराफेरी के मामले में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। बता दें कि आरोपी लंबे समय से फरार चल रहे थे। पूरा मामला वाड्रफनगर पुलिस चौकी क्षेत्र का है। पुलिस के अनुसार वर्ष 2013-14 में श्रवण मरकाम वाड्रफनगर जनपद पंचायत में CEO के पद पर पदस्थ थे। इस दौरान कुटरचित दस्तावेज तैयार कर शासकीय राशि गबन का मामला सामने आया था। जांच में दोषी पाए जाने के बाद उनके विरुद्ध कार्रवाई की गई। इस मामले में पूर्व में चार अन्य आरोपियों को भी जेल भेजा जा चुका है, जबकि अन्य संलिप्त आरोपियों की तलाश अभी जारी है। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। इस प्रकरण को लेकर वाड्रफनगर पुलिस की जांच आगे भी जारी है। शासकीय धन के दुरुपयोग से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।

नई दिल्ली में 17 फरवरी को होगी ‘एमपी की समीक्षा’, अमित शाह करेंगे समीक्षा सत्र

भोपाल  'केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह 17 फरवरी को नई दिल्ली में सहकारिता सम्मेलन में समीक्षा करेंगे। इसमें राज्यों के सहकारिता विभागों के क्रियाकलापों की समीक्षा के साथ उनके नवाचारों पर भी चर्चा होगी।प्रदेश के सहकारिता विभाग ने भी इसकी तैयारी शुरू कर दी है।सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग भी इसमें शामिल होंगे। प्रजेंटेशन तैयार करने के निर्देश उन्होंने विभाग में किए गए नवाचार एवं उपलब्धियों से संबंधित प्रजेंटेशन तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि केन्द्र सरकार द्वारा चाही गई बिन्दुवार जानकारी तैयार की जाए।  दी हिदायत भी इस बात का रखा जाए खास ख्याल जानकारी पूर्णत: अद्यतन हो, इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए। मंत्री ने कहा कि प्रजेंटेशन में सहकारिता विभाग की उपलब्धियों के साथ सीपीपीपी मॉडल, चीता, बीज और नवाचारों का भी समावेश किया जाए।

मुख्यमंत्री से छत्तीसगढ़ रियल एस्टेट वेलफेयर एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने की मुलाकात-मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर. मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से कल यहां उनके निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ रियल एस्टेट वेलफेयर एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने राज्य सरकार द्वारा जमीन की गाइडलाइन का पुनर्मूल्यांकन कर उसमें रियायत प्रदान करने के निर्णय के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।  मुख्यमंत्री को गजमाला पहनाकर प्रतिनिधिमंडल ने उनका सम्मान किया। एसोसिएशन के सदस्यों ने कहा कि इस निर्णय से रियल एस्टेट क्षेत्र को नई गति मिलेगी तथा आम नागरिकों को भी राहत प्राप्त होगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार जनता के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। भूमि गाइडलाइन दरों में संशोधन करते हुए इस बात का ध्यान रखा गया है कि इससे आम नागरिकों, किसानों, व्यवसायियों सहित सभी वर्ग के लोगों को सहूलियत मिले। उन्होंने कहा कि नई गाडलाइन दरों से आर्थिक विकास को गति मिलेगी।  इस अवसर पर छत्तीसगढ़ रियल एस्टेट वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री महेंद्र आहूजा, श्री दीपक रहेजा, श्री राजीव अग्रवाल, श्री विजय पिंजानी, श्री अजय अग्रवाल, श्री प्रतीक अग्रवाल, श्री मुलकराज शर्मा, श्री रजत चाबड़ा, श्री विलास सुतार, श्री विनोद छितिजा, श्री विजय मोटवानी, श्री सनी सेवलानी तथा श्री गौरव खेतपाल सहित अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे।

कोरोना वॉरियर्स को बड़ी राहत: छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग ने जारी की वेरिफाइड लिस्ट

जगदलपुर छत्तीसगढ़ में शासकीय स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने और कोरोना काल के संकट मोचकों को उनके समर्पण का समुचित अवसर देने की दिशा में राज्य सरकार ने एक निर्णायक कदम उठाया है। इस महत्वपूर्ण फैसले के तहत उन हजारों अभ्यर्थियों के अनुभव प्रमाण पत्रों की सत्यापित सूची सार्वजनिक कर दी गई है, जिन्होंने महामारी के कठिन दौर में छह माह से अधिक का समय अस्पतालों में निरंतर सेवा देते हुए व्यतीत किया था। संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं द्वारा जारी इस ताजा अपडेट के बाद अब भर्ती प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ अपने अगले चरण में प्रवेश कर चुकी है। विभागीय जानकारी के अनुसार संभाग स्तरीय समितियों द्वारा 30 जनवरी से 8 फरवरी के बीच किए गए गहन भौतिक सत्यापन के परिणामों को आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड किया जा रहा है। इस सूची के सार्वजनिक होते ही अब अभ्यर्थियों के लिए दावा-आपत्ति की खिड़की खुल गई है, जिसके तहत वे 16 फरवरी तक अपने संबंधित संभाग के संयुक्त संचालक कार्यालय में जाकर अपनी आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे। विभाग ने स्पष्ट किया है कि अभ्यर्थी उसी क्षेत्र में अपना पक्ष रखें जहाँ से उनका अनुभव प्रमाण पत्र संबद्ध है, ताकि प्रक्रिया में किसी प्रकार की त्रुटि की गुंजाइश न रहे। यह प्रक्रिया आगामी 19 मार्च को अपने अंतिम मुकाम तक पहुँचेगी। संशोधित समय-सारणी के मुताबिक, 20 फरवरी तक प्राप्त आपत्तियों का त्वरित निराकरण किया जाएगा, जिसके पश्चात 3 मार्च को पहली मेरिट सूची का प्रकाशन होगा। इस चरण में भी अभ्यर्थियों को पुनर्विचार का मौका देने के बाद, आगामी 19 मार्च 2026 को आधिकारिक रूप से अंतिम चयन सूची वेबसाइट https://www.cghealth.nic.in/public/#/ पर साझा कर दी जाएगी। 

शैक्षणिक सत्र 2026-27 से लागू: 9वीं से 12वीं तक बच्चों को प्रतिदिन 200 ग्राम दूध मिलेगा

चंडीगढ़ देसां म्ह देस हरियाणा, जित दूध-दही का खाना यह कहावत हरियाणा की खानपान संस्कृति और पौष्टिकता को दर्शाती है। हरियाणा में पहली बार सरकारी स्कूलों में 9वीं से 12वीं कक्षा के प्रति बच्चे को 200 ग्राम दूध सप्ताह में चार दिन मिलेगा। इसके अतिरिक्त एक मिल्कबार या पिन्नी भी शामिल की जाएगी। देश के भविष्य बच्चों के स्वास्थ्य के हितकारी कदम उठाने वाला हरियाणा देश का पहला राज्य बन गया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की मंजूरी के बाद यह लाभकारी योजना सरकारी स्कूलों में आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 से शुरू हो जाएगी।  मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा के मार्गदर्शन में योजना को अमलीजामा पहनाने का ब्योरा तैयार किया गया है। अब योजना को बच्चों तक पहुंचाने के लिए आखिरी मंजूरी सीएम नायब सिंह सैनी ने दे दी है। मिड-डे-मील के तहत सरकारी स्कूलों में पोषण पदार्थ बच्चों को देने की व्यवस्था आठवीं कक्षा तक लागू है। 6.20 लाख बच्चों को मिलेगा लाभ प्रदेशभर में तकरीबन 14,300 सरकारी स्कूल संचालित है। वर्तमान में 9वीं से 12वीं कक्षा तक तकरीबन 6.20 लाख विद्यार्थी सरकारी स्कूलों में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। ऐसे में इस योजना का लाभ सभी बच्चों को मिलेगा। हालांकि, आगामी शैक्षणिक सत्र से विद्यार्थियों की संख्या में कमी या वृद्धि होने के मद्देनजर योजना को लागू करने की तैयारी की गई है। 35 से 40 करोड़ रुपये की सालाना लागत शिक्षा विभाग के अनुसार इस योजना को लागू करने के लिए पैक्ड दूध की खरीद की जाएगी। इसके लिए खाद्य व आपूर्ति विभाग के साथ एमओयू साइन किया जाएगा। ताकि दूध की आपूर्ति की जिम्मेदारी विभाग की ओर से निर्धारित की जा सके। साथ ही स्कूल स्तर पर सप्ताह में चार दिन तक बच्चों को दूध के वितरण की जिम्मेदारी शिक्षा विभाग के अधिकारियों की ओर से तय की जाएगी। बढ़ती उम्र में दूध के अनेक फायदे सप्ताह में चार दिन तक किसी बच्चे को 200 ग्राम (लगभग एक गिलास) दूध देने से कई महत्वपूर्ण फायदे मिल सकते हैं, खासकर बढ़ती उम्र में यह और भी आवश्यक है। यदि किसी बच्चे को दूध से एलर्जी या पाचन समस्या हो तो डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है। दूध में कैल्शियम और विटामिन डी होता है जो हड्डियों की मजबूती और सही लंबाई बढ़ाने में मदद करता है। प्रोटीन, विटामिन-बी और अच्छे फैट्स बच्चों की याददाश्त, एकाग्रता और मानसिक विकास में सहायक होते हैं। दूध से मिलने वाला प्रोटीन मांसपेशियों के विकास और रोजमर्रा की ऊर्जा बनाए रखने में मदद करता है। वहीं, दूध में मौजूद पोषक तत्व बच्चों की इम्युनिटी बढ़ाते हैं जिससे वे जल्द बीमार नहीं पड़ते और नियमित दूध से जरूरी पोषण मिलता है जिससे कमजोरी व पोषण की कमी कम होती है। -डॉ. सनी मेहता, जीएमएसएच-16, चंडीगढ़।

छत्तीसगढ़ का ऐतिहासिक दिन: बस्तर में 280 जोड़े बने हमसफ़र, सिटी ग्राउंड में बना विश्व कीर्तिमान

जगदलपुर बस्तर जिला मुख्यालय जगदलपुर का प्रतिष्ठित सिटी ग्राउंड मंगलवार 10 फरवरी को एक ऐतिहासिक और भव्य नजारे का गवाह बना, जहां मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत 280 जोड़ों ने एक ही मंडप के नीचे अपने नव-दाम्पत्य जीवन की सामूहिक शुरुआत की। जिला प्रशासन और महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित इस गरिमामय समारोह ने उस वक्त और भी गौरव हासिल कर लिया, जब पूरे प्रदेश में एक साथ 6,412 जोड़ों का विवाह संपन्न कराकर छत्तीसगढ़ का नाम गोल्डन बुक ऑफ वल्र्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया। इसी कड़ी में जगदलपुर का यह आयोजन अपनी पारंपरिक भव्यता और सांस्कृतिक छटा के कारण आकर्षण का केंद्र रहा। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना समारोह का आगाज एक भव्य बारात के साथ हुआ, जिसमें 280 वरों के साथ उनकी माताएं हाथों में कलश और दीप लेकर परंपरा अनुसार चल रही थीं। बस्तर की पारंपरिक बाजा मोहरी की सुमधुर स्वर लहरियों के बीच निकली इस बारात ने पूरे शहर को उल्लास से भर दिया। विवाह मंडप में हरिद्रालेपन, सप्तपदी और जयमाला जैसी रस्में पूरी श्रद्धा के साथ संपन्न हुईं और हवन से उठने वाले सुगंधित द्रव्यों ने समूचे वातावरण को महका दिया। नव-वधुओं ने वरों के साथ एकसूत्र में बंधकर नए जीवन का संकल्प लिया, जिससे सिटी ग्राउंड का माहौल अत्यंत भावुक और उत्साहजनक हो गया। इस पावन अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़कर नव विवाहित जोड़ों को अपना आशीर्वाद प्रदान किया। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में योजना की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह योजना गरीब माता-पिता के लिए एक बहुत बड़ा सहारा है। उन्होंने पुरानी यादों को साझा करते हुए बताया कि पूर्व में निर्धन परिवारों को बेटियों के सम्मानजनक विवाह के लिए अपनी संपत्ति तक गिरवी रखनी पड़ती थी, लेकिन तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ शासन ने 2005 में इस जिम्मेदारी को उठाया। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि वर्ष 2005 में मात्र 5 हजार रुपये की सहायता राशि से शुरू हुई यह योजना आज 50 हजार रुपये तक पहुँच चुकी है, जो गरीब परिवारों के सशक्तिकरण का प्रतीक है। कार्यक्रम में क्षेत्र के अनेक जनप्रतिनिधि और विशिष्ट अतिथि इस पुनीत कार्य के साक्षी बने, जिनमें महापौर श्री संजय पांडे, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती वेदवती कश्यप, नगर निगम सभापति श्री खेमसिंह देवांगन, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री बलदेव मंडावी और जनपद पंचायत अध्यक्ष श्री पदलाम नाग शामिल थे। इन सभी ने नव-दंपत्तियों को सुखमय दाम्पत्य जीवन की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान डिप्टी कलेक्टर सुश्री नंदिनी साहू, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग श्री मनोज सिन्हा सहित अन्य अधिकारियों व कर्मचारियों की सक्रिय मौजूदगी में यह विशाल आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

अमृतपाल फाजिल्का जल्द भारत लौटेंगे, पिता का खुलासा: पाकिस्तान में सिर्फ 20 मिनट हुई बातचीत

फाजिल्का फाजिल्का जिले के जलालाबाद के साथ लगते गांव खैरे की उताड़ का रहने वाला अमृतपाल अब भारत वापिस लौट रहा है। इस बात की पुष्टि उसके पिता जगराज सिंह ने की है। उनका कहना है कि पाकिस्तान जेल में बंद उसके बेटे से उनकी 20 मिनट बात हुई है। फाजिल्का सेक्टर के किसान अमृतपाल की जल्द रिहाई की खबर सामने आ रही है। सरहदी गांव खैरेके उताड़ का किसान अमृतपाल 21 जून, 2025 को अनजाने में अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर पाकिस्तान पहुंच गया था। किसान के पिता जगराज सिंह के अनुसार, अमृतपाल खेत में चूहों को बेहोश करने वाली दवा का छिड़काव कर रहा था। दवा के असर और उसके बाद चाय पीने की वजह से उसे चक्कर आने लगे और बेहोशी की हालत में वह गलती से पाक सीमा में दाखिल हो गया। वहां उसे पाकिस्तानी रेंजर्स ने हिरासत में लेकर कंगनपुर के अस्पताल में दाखिल कराया था। बीते दिन पाकिस्तान की जेल में बंद पंजाब के 7 लोगों की सजा पूरी होने के बाद रिहाई की गई है, जिनकी अंबेसी बुधवार को क्लीयर हो गई थी। जगराज सिंह के अनुसार अमृतपाल के केस की अंबेसी शुक्रवार को क्लीयर हो चुकी है और किसी भी समय अमृतपाल की रिहाई हो सकती है। पंजाब के 7 लोगों की सजा पूरी जगराज सिंह के अनुसार अमृतपाल खेत में चूहों को बेहोश करने वाली दवा का छिड़काव कर रहा था। दवा के असर और उसके बाद चाय पीने की वजह से उसे चक्कर आने लगे और बेहोशी की हालत में वह गलती से पाक सीमा में दाखिल हो गया। उसे पाकिस्तानी रेंजर्स ने हिरासत में ले लिया था। गत दिन पाकिस्तान की जेल में बंद पंजाब के 7 लोगों की सजा पूरी होने के बाद रिहाई की गई है, जिनकी एंबेसी बुधवार को क्लियर हो गई थी। जगराज सिंह के अनुसार अमृतपाल के की एंबेसी शुक्रवार को क्लियर हो चुकी है और किसी भी समय अमृतपाल की रिहाई हो सकती है। पाक की कोर्ट ने लगाया 50 हजार जुर्माना पाकिस्तानी पुलिस ने बॉर्डर क्रॉसिंग का केस दर्ज कर अमृतपाल को कोर्ट में पेश किया था। पाक की कोर्ट ने अमृतपाल को एक महीने के कारावास और 50 हजार के जुर्माने की सजा सुनाई थी, जो पूरी हो चुकी है। रिहाई की खबर मिलते ही अमृतपाल के परिवार ने इस खबर पर राहत की सांस ली। जेल अफसरों की निगरानी में हुई बात अमृतपाल के पिता जगराज सिंह के अनुसार 4 फरवरी को अमृतपाल ने पाक जेल से फोन पर जानकारी दी है कि उसकी एंबेसी क्लियर हो चुकी और शीघ्र ही रिहाई की संभावना है। उन्होंने बताया कि पाक जेल में बंद भारतीय कैदियों को जेल अफसरों की निगरानी में परिवार के साथ हर बुधवार को 20 मिनट तक बात करने की इजाजत होती है, इसी के तहत अमृतपाल से उनकी बात हुई है। एक महीने की जेल, 50 हजार जुर्माने की सजा पाकिस्तानी पुलिस ने बॉर्डर क्रॉसिंग का केस दर्ज कर अमृतपाल को अदालत में पेश किया था। पाक की अदालत ने अमृतपाल को एक महीने के कारावास और 50 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई थी, जो अब पूरी हो चुकी है। पाकिस्तानी वकील सुहैल अंसारी अमृतपाल का केस नि:शुल्क लड़ रहे हैं। उन्होंने हाल ही में किसान से जेल में मुलाकात कर उनका एक 15 सेकेंड का वीडियो परिवार को भेजा था, जिसमें अमृतपाल ने खुद के बिल्कुल ठीक होने की बात कही थी। अमृतपाल की सजा की अवधि और कानूनी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद अब उसकी रिहाई और वतन वापसी का रास्ता साफ होता दिख रहा है। ताजा घटनाक्रम के अनुसार, कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद किसी भी समय उसे बीएसएफ के हवाले किया जा सकता है, जिससे उसके परिवार का लंबा इंतजार खत्म होगा। कोट लखपत जेल में बंद है अमृतपाल पिछले कुछ समय से पाकिस्तान की कोट लखपत जेल में बंद है। उसकी गिरफ्तारी के बाद से ही भारतीय सीमा सुरक्षा बल और स्थानीय प्रशासन निरंतर पाकिस्तानी अधिकारियों के संपर्क में थे। फ्लैग मीटिंग और कूटनीतिक बातचीत के जरिए उसकी रिहाई के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे थे। रिहाई की खबर मिलते ही फाजिल्का सेक्टर में सुरक्षा और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। परिजनों में खुशी की लहर अमृतपाल के परिवार ने इस खबर पर राहत की सांस ली है और उनके स्वागत की भव्य तैयारी शुरू कर दी है। जगराज सिंह के अनुसार 4 फरवरी को अमृतपाल ने पाक जेल से फोन पर जानकारी दी है कि उसकी अंबेसी क्लीयर हो चुकी है और शीघ्र ही रिहाई की संभावना है। उन्होंने बताया कि पाक जेल में बंद भारतीय कैदियों को जेल अफसरों की निगरानी में परिवार के साथ हर बुधवार 20 मिनट बात करने की इजाजत होती है।

बजरंगपुरी में आग का तांडव: कबाड़ दुकान समेत उत्सव हॉल राख, भारी आर्थिक नुकसान

पटना पटना सिटी के आलमगंज थाना क्षेत्र के बजरंगपुरी में मंगलवार की सुबह एक कबाड़ की दुकान में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग पास के उत्सव हॉल तक फैल गई। आसपास के लोगों के मुताबिक, इस आग में लाखों रुपये की संपत्ति जलकर नष्ट हो गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत डायल 112 पुलिस को इसकी सूचना दी। जानकारी मिलते ही अग्निशमन दस्ते की छोटी-बड़ी करीब 10 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने में जुट गईं। जानें क्या कहा अधिकारी गयानंद सिंह ने इस मामले में अग्निशमन दस्ते के अधिकारी गयानंद सिंह ने बताया कि दमकल के सभी कर्मचारी आग पर काबू पाने में लगे हुए हैं। आग कैसे लगी, इसकी वजह का भी पता लगाया जा रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बजरंगपुरी मोहल्ले में एक कबाड़ की दुकान के पीछे से अचानक तेज धुआं उठने लगा। पहले लोगों को लगा कि शायद कबाड़ की दुकान में कोई सामान जलाकर बेचने का काम हो रहा है। लेकिन कुछ ही देर में आग की लपटें तेज हो गईं और पास के कम्युनिटी हॉल को भी अपनी चपेट में ले लिया।   मचा इलाके में हड़कंप कम्युनिटी हॉल में आग लगते ही आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया। आसपास रहने वाले लोग अपने-अपने घरों से सामान निकालने लगे, खासकर गैस सिलेंडर को सुरक्षित जगह पर ले जाने में जुट गए। इसी बीच लोगों ने डायल 112 को फोन कर आग लगने की जानकारी दी। सूचना मिलते ही डायल 112 की गाड़ी मौके पर पहुंची। इसके बाद स्थानीय लोगों ने पटना सिटी के अग्निशमन कार्यालय को भी इसकी जानकारी दी। बताया जा रहा है कि अग्निशमन विभाग की छोटी-बड़ी करीब 10 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने की कोशिश में जुट गईं। स्थानीय निवासी मुकेश कुमार ने बताया कि चंद्रमणि उत्सव पैलेस में शादी-ब्याह के मौसम में अक्सर कार्यक्रम होते रहते हैं, लेकिन सोमवार की रात वहां कोई कार्यक्रम नहीं था। उन्होंने कहा कि अगर उस समय कोई शादी का कार्यक्रम चल रहा होता, तो नुकसान और भी ज्यादा हो सकता था।  

गरीबी से कारोबार तक का सफर: बिहान योजना से सशक्त बनी पंचबाई, हर महीने कमा रही ₹3 लाख

रायपुर राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत बिहान योजना ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इसी क्रम में  मुंगेली जिले के विकासखण्ड लोरमी के ग्राम खपरीडीह निवासी पंचबाई साहू ने बिहान योजना से जुड़कर आत्मनिर्भरता की दिशा में सफलता प्राप्त की है। बिहान योजना से जुड़कर उन्होंने अपनी तकदीर बदली है, अब वे सफल व्यसायी बन चुकी है।  स्व-सहायता समूह से जुड़ने से पूर्व पंचबाई साहू की आर्थिक स्थिति अत्यंत कमजोर थी। परिवार की दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए उन्हें साहूकारों से ऊँचे ब्याज दर पर ऋण लेना पड़ता था। आर्थिक निर्भरता के कारण न केवल परिवार की बुनियादी ज़रूरतें अधूरी रह जाती थीं, बल्कि आत्मसम्मान भी प्रभावित होता था। पंच बाई ने बताया कि बिहान योजना के अंतर्गत माँ सरस्वती महिला स्व-सहायता समूह के माध्यम से उन्हें वित्तीय साक्षरता, सामूहिक सहयोग और आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला। उन्होंने व्यवसाय के लिए रिवॉल्विंग फंड से 15 हजार रूपए, बैंक ऋण 01 लाख 50 हजार रूपए और 60 हजार रूपए सीआईएफ राशि प्राप्त हुई। साथ ही समूह के स्तर पर उन्हें 30 हजार रूपए का अतिरिक्त सहयोग भी मिला।  प्राप्त राशि से उन्होंने फर्नीचर दुकान की शुरुआत की। परिश्रम, सही योजना और समूह के सहयोग से उनका व्यवसाय निरंतर आगे बढ़ता गया। आज उनकी मासिक आय लगभग 2.5 लाख रूपए से 03 लाख रूपए तक पहुँच चुकी है। इससे उनके बच्चों की शिक्षा बेहतर होने के साथ-साथ जीवन स्तर में सुधार आया है। पंचवाई साहू आज केवल स्वयं सफल नहीं हैं, बल्कि ग्राम की अन्य महिलाओं को भी समूह से जुड़ने और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही हैं।