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महिलाओं के चेहरे पर खुशी: लाड़ली बहनों को 1500 रुपये मिले, गैस सब्सिडी की भारी रकम जारी

नर्मदापुरम नर्मदापुरम के माखन नगर (बाबई) से मध्य प्रदेश की सवा करोड़ महिलाओं के लिए खुशियों की बड़ी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने साल 2026 का पहला बड़ा तोहफा देते हुए 'लाडली बहना योजना' की 32वीं किस्त जारी कर दी है। इस बार बहनों के खातों में 1250 रुपये के बजाय बढ़ी हुई राशि यानी 1500-1500 रुपये जमा किए गए हैं। 1.25 करोड़ महिलाओं को मिला लाभ मुख्यमंत्री ने एक सिंगल क्लिक के माध्यम से प्रदेश की 1.25 करोड़ से अधिक पात्र महिलाओं के बैंक खातों में कुल 1,836 करोड़ रुपये की राशि अंतरित की। गौरतलब है कि सरकार ने नवंबर महीने से ही योजना की राशि में 250 रुपये का इजाफा कर इसे 1500 रुपये प्रति माह कर दिया था।   गैस सिलेंडर सब्सिडी का भी हुआ भुगतान लाडली बहना योजना के साथ-साथ मुख्यमंत्री ने 'गैस सिलेंडर रिफिलिंग योजना' की सब्सिडी भी जारी की। प्रदेश की लगभग 29 लाख लाडली बहनों के खातों में 90 करोड़ रुपये की सब्सिडी राशि ट्रांसफर की गई है। इस कदम से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की महिलाओं को रसोई खर्च में बड़ी राहत मिलेगी। ऐसे चेक करें अपने खाते का स्टेटस यदि आप भी इस योजना की लाभार्थी हैं और अपना पेमेंट स्टेटस चेक करना चाहती हैं, तो इन आसान स्टेप्स का पालन करें:     वेबसाइट पर जाएं: सबसे पहले आधिकारिक पोर्टल cmladlibahna.mp.gov.in पर लॉग-इन करें।     विकल्प चुनें: होम पेज पर “आवेदन एवं भुगतान की स्थिति” लिंक पर क्लिक करें।     डिटेल्स भरें: अपना आवेदन क्रमांक (Application ID) और कैप्चा कोड दर्ज करें।     OTP वेरिफिकेशन: मोबाइल पर आए ओटीपी (OTP) को दर्ज कर "खोजें" बटन पर क्लिक करें।     स्टेटस देखें: आपकी स्क्रीन पर भुगतान की पूरी जानकारी आ जाएगी। बजट और भविष्य की योजनाएं नर्मदापुरम के कार्यक्रम के दौरान सीएम ने स्पष्ट किया कि महिला सशक्तिकरण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। लाडली बहना योजना न केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वतंत्र बना रही है, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी गति दे रही है।

स्टार्ट-अप ईको-सिस्टम से देश में मध्यप्रदेश अग्रणी

भोपाल राष्ट्रीय स्टार्ट-अप दिवस के अवसर पर मध्यप्रदेश, भारत के स्टार्ट-अप आंदोलन के एक दशक और राष्ट्र निर्माण में एमएसएमई व स्टार्ट-अप ईको-सिस्टम की परिवर्तनकारी भूमिका का उत्सव मना रहा है। आज भारत विश्व की सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित है। यहाँ एमएसएमई इंडस्ट्री देश की जीडीपी में लगभग 30% का योगदान देती है। यह 11 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार प्रदान कर रही है। इसका कुल निर्यात में 40 से 45% का योगदान है। राष्ट्रीय दृष्टि के अनुरूप मध्यप्रदेश एक अग्रणी स्टार्ट-अप डेस्टीनेशन के रूप में उभरा हैं। वर्ष 2016 में डीपीआईआईटी से मान्यता प्राप्त मात्र 7 स्टार्ट-अप से बढ़कर वर्तमान में राज्य के सभी जिलों में 6,600 से अधिक स्टार्ट-अप सक्रिय हैं। विशेष रूप से, इन स्टार्ट-अप में से 48% में कम-से-कम एक महिला संस्थापक हैं, जो समावेशी और समान उद्यमिता के प्रति राज्य की दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाता है। स्टार्ट-अप से क्षेत्र में उल्लेखनीय यह प्रगति सशक्त नीतिगत ढांचे और संस्थागत सहयोग का परिणाम है, जिसका आधार मध्यप्रदेश स्टार्ट-अप नीति एवं क्रियान्वयन योजना-2025 है, जिसे ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 के दौरान  प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा लॉन्च किया गया। यह नीति स्टार्ट-अप जीवन चक्र के प्रत्येक चरण में समग्र सहयोग प्रदान करती है, जिसमें एंटरप्रेन्योर-इन-रेज़िडेंस सहायता, विचार स्तर पर सीड फंडिंग तथा विकास-चरण के उद्यमों के लिए समर्पित स्टार्ट-अप कैपिटल फंड शामिल है। साथ ही अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, महिला, दिव्यांगजन एवं ट्रांसजेंडर संस्थापकों के लिए विशेष प्रावधान भी किए गए हैं। स्टार्ट-अप यात्रा के हर चरण में सहायता के लिए नीति में कई अन्य प्रावधान भी सम्मिलित हैं। मध्यप्रदेश सरकार संस्थागत सहयोग, वित्तीय सहायता और सतत मार्गदर्शन के माध्यम से उद्यमिता को आकांक्षी, सुलभ और साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में मध्यप्रदेश स्टार्ट-अप समिट-2026 का आयोजन 11 एवं 12 जनवरी 2026 को रवीन्द्र भवन, भोपाल में किया गया। यह आयोजन राज्य के स्टार्ट-अप ईको-सिस्टम को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध हुआ, जिसमें स्टार्ट-अप, निवेशक, इनक्यूबेटर्स, नीति-निर्माता एवं वैश्विक साझेदारों सहित 2,500 से अधिक हितधारकों की सहभागिता रही। प्रमुख आकर्षणों में 70+ स्टार्ट-अप की स्टार्ट-अप एवं नवाचार प्रदर्शनी, महिला-नेतृत्व वाली उद्यमिता, वैश्विक विस्तार और एग्री स्टार्ट-अप जैसे प्राथमिक क्षेत्रों पर केंद्रित 9 थीमैटिक सत्र तथा 105 टीमों के साथ 12 घंटे का इनोवेशन स्प्रिंट HACK & MAKE 2026 शामिल रहे। समिट के ठोस परिणामों में 170+ स्टार्ट-अप को रूपये 2.5 करोड़ से अधिक की सिंगल-क्लिक वित्तीय सहायता, मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के अंतर्गत 21 स्टार्ट-अप को रूपये 8.17 करोड़ के ऋण स्वीकृत, चार एमओयू का आदान-प्रदान तथा एमपी स्टार्ट-अप ईको-सिस्टम अवॉर्ड्स-2026 में 27 स्टार्ट-अप और तीन इनक्यूबेटर्स का सम्मान शामिल है जिससे मध्यप्रदेश की अग्रणी स्टार्ट-अप हब के रूप में स्थिति और सुदृढ़ हुई। इन उपलब्धियों के साथ, मध्यप्रदेश “राष्ट्रीय स्टार्ट-अप दिवस” को नवाचार-आधारित, समावेशी और भविष्य-सक्षम आर्थिक विकास के माध्यम से देश के स्टार्ट-अप ईको-सिस्टम को मजबूत करने की प्रतिबद्धता के साथ मना रहा है तथा वर्ष 2030 तक राज्य में डीपीआईआईटी-मान्यता प्राप्त स्टार्ट-अप की संख्या को दोगुना कर 12,000+ तक पहुँचाने के लक्ष्य की दिशा में अग्रसर है।  

शैक्षिक ओलम्पियाड स्पर्धा में उत्साहपूर्वक शामिल हुए विद्यार्थी

विकासखंड मुख्यालय स्तर पर आयोजित हो रही स्पर्धा भोपाल शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में अध्ययनरत कक्षा 2 से 8 के विद्यार्थियों के लिए आयोजित की जा रही जिला स्‍तरीय शैक्षिक ओलम्पियाड स्‍पर्धा में पहले दिन लाखों विद्यार्थियों ने उत्‍साहपूर्वक सहभागिता की। दो दि‍वसीय स्‍पर्धा का आयोजन स्‍कूल शिक्षा विभाग द्वारा किया जा रहा है। यह प्रदेश के समस्‍त विकासखंड मुख्‍यालयों पर आयोजित की जा रही। शैक्षिक ओलम्पियाड प्रतियोगिता में पहले दि‍न कक्षा 2 और 3 के विद्यार्थियों ने हिन्‍दी, अंग्रेजी और गणित विषयों के प्रश्‍नों के उत्‍तर ओएमआर शीट पर अंकित किए। दूसरी तरफ कक्षा 6 से 8 के विद्यार्थियों ने पहले दिन हिन्‍दी, अंग्रेजी और संस्‍कृत विषयों के प्रश्‍नों को हल किया। 17 जनवरी 2026 को कक्षा 4 एवं 5 के विद्यार्थियों के लिए हिन्‍दी, अंग्रेजी, गणित एवं पर्यावरण अध्‍ययन एवं कक्षा 6 से 8 के विद्यार्थी विज्ञान, गणित और सामाजिक अध्‍ययन विषयों के प्रश्‍नों को ओएमआर शीट पर हल करेंगे। उल्‍लेखनीय है कि, इस जिला स्‍तरीय शैक्षिक ओलम्पियाड प्रतियोगिता में सहभागिता कर रहे विद्यार्थी अपने-अपने जन शिक्षा केन्‍द्र के विजेता बन इस प्रतियोगिता के लिए चयनित हुए हैं। प्रत्‍येक जनशिक्षा केन्द्र से कक्षा 2 एवं 3 के तीनों विषयों (अंग्रेजी, हिन्दी, गणित) के 04-04 टॉपर विद्यार्थी तथा कक्षा 4 एवं 5 से चारों विषयों (अंग्रेजी, हिन्दी, गणित, पर्यावरण) के टॉपर 04-04 विद्यार्थी अर्थात् प्रत्येक जनशिक्षा केन्द्र से कक्षा 2-5 के कुल 28 विद्यार्थियों का चयन जिला स्‍तरीय प्रतियोगिता के लिए किया गया है। वहीं कक्षा 6 से 8 के तहत जनशिक्षा केन्द्र स्तर से सर्वाधिक अंको के आधार पर प्रत्येक विषय से 06-06 विद्यार्थियों के रुप में एक जनशिक्षा केन्द्र से कुल 36 विद्यार्थियों का चयन जिला स्तरीय ओलंपियाड़ के लिए किया गया है। जन शिक्षा केन्‍द्र मुख्‍यालयों से प्रभारी शिक्षक विद्यार्थियों को बसों और अन्‍य परिवहन सुविधाओं से विकासखंड मुख्‍यालय के परीक्षा केन्‍द्रों तक पहुंचे। विकासखंड मुख्‍यालयों पर आयोजित हो रही इस ओलम्पियाड परीक्षा के लिए चयनित बच्‍चों के परिवहन, स्‍वल्‍पाहार एवं भोजन आदि की सभी व्‍यवस्‍थाएं स्‍कूल शिक्षा विभाग द्वारा की गई हैं।  

देशभक्ति और जन सेवा की भावना मजबूत करते हुए प्रदेश को आंतरिक सुरक्षा का आदर्श राज्य बनाए रखना हम सबका लक्ष्य

पुलिस बल का हर परिस्थिति में अपने कर्तव्य पर डटे रहना और उनका अनुशासन सराहनीय देश को नारकोटिक्स से मुक्त करने का अभियान आगामी एक अप्रैल से होगा आरंभ भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश से नक्सलियों का पूरी तरह सफाया करना असंभव को संभव करने जैसा था। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने इस उपलब्धि पर संतोष व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश से नक्सल उन्मुलन के लिए पुलिस अधिकारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि पुलिस की ड्यूटी में कई तरह की चुनौतियां होती हैं, लेकिन पुलिस बल हर समय अपने कर्तव्य पर उत्साह और उमंग के साथ डटा रहता है। सभी पुलिसकर्मी अभिनंदन के पात्र हैं, पुलिस का अनुशासन सराहनीय और अनुकरणीय है। प्रदेश सरकार के लिए वर्ष 2025 उपलब्धियों से भरा रहा है। राष्ट्र विरोधी ताकतों को मध्यप्रदेश पुलिस जड़ से खत्म कर रही है। राज्य में संगठित अपराध के लिए कोई स्थान नहीं है। नशा विरोधी अभियान में प्रदेश पुलिस निरंतर सराहनीय उपलब्धियां हासिल कर रही है। राज्य सरकार और पुलिस नए अनुभवों के साथ आगे बढ़ रही है। देशभक्ति और जन सेवा की भावना को और मजबूत करते हुए मध्यप्रदेश को आंतरिक सुरक्षा का आदर्श प्रदेश बनाए रखना हम सबका लक्ष्य हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आईपीएस सर्विस मीट का शुभारंभ कर संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना तथा अध्यक्ष भारतीय पुलिस सेवा संघ श्री चंचल शेखर ने पुष्पगुच्छ और पौधा भेंट कर स्वागत किया। कार्यक्रम स्थल पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सलामी ली और भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारियों के साथ उनका ग्रुप फोटो हुआ। पुलिस महानिदेशक श्री मकवाना तथा आईपीएस ऐसोसिएशन के अध्यक्ष श्री चंचल शेखर द्वारा मुख्यमंत्री को स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। लोकतंत्र और कानून-व्यवस्था की मजबूती में पुलिस का महत्वपूर्ण योगदान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लोकतंत्र और कानून-व्यवस्था की मजबूती में पुलिस का महत्वपूर्ण योगदान है। जल्द ही प्रदेश पुलिस को पदोन्नति की स्वीकृति का समाचार मिलेगा। इसके साथ ही पुलिस विभाग में पर्याप्त भर्तियां भी होंगी। नए कानून लागू करने में प्रदेश पुलिस देश के लिए आदर्श उदाहरण है। मध्यप्रदेश में साइबर अपराधों सहित सभी तरह के संगठित गिरोह और अपराधियों पर अंकुश लगाया जा रहा है। पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्यवाही से प्रदेश में किसी भी राष्ट्र विरोधी ताकत को पनपने का अवसर नहीं मिला। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने आतंकवाद और अपराध के गठजोड़ के प्रति सभी को चेताया है। हमें भी पराम्परागत तरीके बदलकर बड़े पैमाने पर काम करना होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2026 भविष्य की पुलिसिंग की दिशा तय करने का अवसर है। आने वाले वर्षों में हम तकनीक में दक्ष, निर्णय में तेज और जनता के प्रति अधिक संवेदनशील पुलिस व्यवस्था समाज और प्रदेशवासियों को प्रदान करें, हम सब इस संकल्प के साथ आगे बढ़ें। नक्सलमुक्त प्रदेश करने में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मार्गदर्शन और त्वरित निर्णय रहे महत्वपूर्ण : डीजीपी श्री मकवाना पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना ने कहा कि प्रदेश को नक्सलमुक्त करने में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मार्गदर्शन और उनके द्वारा लिए गए त्वरित निर्णयों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। नक्सल आपरेशन्स में पुलिस निरीक्षक आशीष शर्मा का शहीद होना दुर्भाग्यपूर्ण रहा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पहल पर ही उनके परिवार को एक करोड़ रुपए की राहत राशि और छोटे भाई को उप निरीक्षक के पद पर नियुक्ति प्रदान की गई। श्री मकवाना ने कहा कि डायल 112 योजना का छह माह में क्रियान्वयन और नए अपराधिक कानूनों को लागू करना वर्ष 2025 की बड़ी उपलब्धि रही। इसके लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में संसाधन और रिक्त पदों की पूर्ति करते हुए तैयारियां जारी हैं। मध्यप्रदेश पुलिस बल साइबर अपराध की चुनौती का सामना करने के लिए स्वयं को निरंतर सशक्त और सक्षम बना रहा है। सिंहस्थ, सड़क सुरक्षा और साइबर सक्षमता विकास पुलिस की प्राथमिकताओं में पुलिस महानिदेशक श्री मकवाना ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह द्वारा आगामी एक अप्रैल 2026 से नारकोटिक्स से देश को मुक्त करने का अभियान आरंभ किया जा रहा है। देश को ड्रग्स मुक्त बनाने के लिए तीन वर्ष का लक्ष्य रखा गया है। ड्रग्स माफिया के विरूद्ध पुलिस का अभियान निरंतर जारी रहेगा। ड्रग्स के बारे में जागरूकता के लिए प्रदेश में "नशे से दूरी है जरूरी" अभियान का भी वर्ष 2025 में सफलतापूर्वक संचालन किया गया। उन्होंने बताया कि पुलिस कर्मियों में तनाव प्रबंधन और उनके मानसिक स्वास्थ्य की बेहतरी के लिए हॉर्ट फुलनेस संस्था से समन्वय कर गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। सिंहस्थ-2028, सड़क सुरक्षा, साइबर सक्षमता विकास पुलिस की प्राथमिकताओं में है।  

विंध्य लंबी उड़ान भरने के लिए है तैयार: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

विंध्य गौरव अवार्ड कार्यक्रम में हुए शामिल, विंध्य क्षेत्र की विभूतियों को किया सम्मानित भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि विंध्य के लोगों में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। राष्ट्र सेवा, कला, अभिनय, साहित्य, चिकित्सा, इंजीनियरिंग, खेल सभी क्षेत्रों में विंध्य की प्रतिभाओं ने नए मानक स्थापित किए हैं। आज थल सेना और नौ-सेना का प्रतिनिधित्व विंध्य के सपूत कर रहे हैं। विंध्य क्षेत्र में अधोसंरचना, सिंचाई, पर्यटन सभी क्षेत्रों में अभूतपूर्व विकास हो रहा है। विंध्य लंबी उड़ान भरने के लिए तैयार है। रीवा-सीधी टनल, सोलर पार्क, रीवा एयरपोर्ट, हाईवे, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार ने विंध्य क्षेत्र में संभावनाओं का विस्तार किया है। विंध्य का उज्जवल भविष्य है विंध्य लंबी उड़ान भरने के लिए तैयार है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यहाँ की प्रतिभाएँ विंध्य क्षेत्र को अग्रणी क्षेत्र बनाने में कोई कोर कसर बाक़ी नहीं छोड़ेंगी। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल कार्यालय आयुक्त, दिव्यांगजन, मध्यप्रदेश स्टेट रिसोर्स सेंटर भवन, भोपाल में स्नेहा इवेंट्स एंड मैनेजमेंट, मुंबई द्वारा आयोजित आयोजित विंध्य गौरव अवार्ड कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली विंध्य क्षेत्र की विभूतियों को सम्मानित किया। विंध्य के लोग रिश्ता निभाना जानते हैं उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने बताया कि रीवा की बेटी स्वर्गीय श्रीमती कृष्णा कपूर की स्मृति में कृष्णा-राजकपूर ऑडिटोरियम बनाया गया। जब उनके पुत्र रणधीर कपूर रीवा आए तो वे भावुक हो गए उन्होंने कहा जो काम बेटे नहीं कर पाए वो आपने कर दिया। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि विंध्य के लोग रिश्ता निभाना जानते हैं। कार्यक्रम में पूर्व मंत्री श्री पी.सी. शर्मा विधायक श्री कुंवर सिंह टेकाम, श्री शारदेंदु तिवारी, श्री घनश्याम चंद्रवंशी सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।  

मल्हारगढ़ विधानसभा क्षेत्र में लगभग 250 सड़कों का हुआ निर्माण : उप मुख्यमंत्री देवड़ा

उप मुख्यमंत्री ने ग्राम चावली में लगभग 4 करोड़ रुपये के सड़क मार्ग का किया भूमिपूजन भोपाल उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने ग्राम चावली में लगभग 4 करोड़ रुपये की लागत से किए जा रहे विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। कार्यक्रम के अंतर्गत 3 करोड़ 91 लाख रुपये की लागत से निर्मित होने वाले बोरखेड़ी से बाबूखेड़ा व्हाया चावली सड़क मार्ग का विधिवत भूमिपूजन किया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती दुर्गा विजय पाटीदार, जिला योजना समिति सदस्य श्री राजेश दीक्षित सहित अन्य जनप्रतिनिधि, जिला अधिकारी, विकास खंड अधिकारी, बड़ी संख्या में ग्रामीणजन एवं मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे। उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि प्रदेश में सड़कों का चहुंमुखी विकास किया गया है। इसी क्रम में मल्हारगढ़ विधानसभा क्षेत्र में लगभग 250 सड़कों का निर्माण पूर्ण किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि आगामी एक वर्ष में मल्हारगढ़ सूक्ष्म सिंचाई परियोजना के माध्यम से हर खेत तक सिंचाई का पानी पहुंचाया जाएगा, जिससे किसानों को बिजली की समस्या से राहत मिलेगी और सीधे चंबल नदी का पानी खेतों तक उपलब्ध होगा। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी का सपना था कि नदियों को आपस में जोड़ा जाए, जिससे कोई भी क्षेत्र सूखे से प्रभावित न रहे और प्राकृतिक बाढ़ पर नियंत्रण किया जा सके। आज देशभर में नदी जोड़ो परियोजना के अंतर्गत कार्य तेजी से प्रगति पर हैं। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि आयुष्मान कार्ड सभी वर्गों के पात्र नागरिकों के बनाए गए हैं, इसमें किसी प्रकार का भेदभाव नहीं किया गया है। किसान सम्मान निधि योजना का लाभ भी सभी पात्र किसानों को मिल रहा है। साथ ही सरकार द्वारा गरीबों को आवास उपलब्ध कराकर उन्हें सम्मानजनक जीवन प्रदान करने का कार्य किया जा रहा है।  

झारखंड विधानसभा के 18 से बजट सत्र के आज से विधायक पूछ सकेंगे सवाल

रांची. झारखंड विधानसभा का पंचम (बजट) सत्र 18 फरवरी से 19 मार्च तक आयोजित किया जाएगा। राज्यपाल की मंजूरी मिलने के बाद विधानसभा सचिवालय ने सत्र का औपबंधिक कार्यक्रम जारी कर दिया है। इस संबंध में सभी विधायकों को सूचना भेज दी गई है। विधानसभा सदस्य शुक्रवार से ही सदन में अपने-अपने प्रश्न दर्ज करा सकेंगे, जिससे सत्र की तैयारी औपचारिक रूप से शुरू हो गई है। सत्र के पहले दिन 18 फरवरी को राज्यपाल विधानसभा सत्र को संबोधित करेंगे। इसी दिन शोक प्रकाश भी प्रस्तुत किया जाएगा। इसके बाद सरकार और विपक्ष के लिए सत्र की कार्यवाही क्रमशः आगे बढ़ेगी। हेमंत सोरेन सरकार 24 फरवरी को वित्तीय वर्ष 2026-27 का आम बजट विधानसभा में पेश करेगी, जिसे इस सत्र का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है। राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव 19 फरवरी को प्रश्नकाल के बाद राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पेश किया जाएगा। इस प्रस्ताव पर सदन में वाद-विवाद होगा, जिसमें सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों अपनी-अपनी बात रखेंगे। 20 फरवरी को धन्यवाद प्रस्ताव पर सरकार का उत्तर दिया जाएगा। इसके बाद मतदान कराया जाएगा। इसी दिन वित्तीय वर्ष 2025-26 की तृतीय अनुपूरक व्यय विवरणी भी सदन के पटल पर रखी जाएगी। 21 और 22 फरवरी को विधानसभा की कार्यवाही नहीं होगी। 23 फरवरी को तृतीय अनुपूरक व्यय विवरणी पर विस्तृत चर्चा, मतदान और संबंधित विनियोग विधेयक का उपस्थापन एवं पारण किया जाएगा। 25 फरवरी से बजट पर सामान्य वाद-विवाद की शुरुआत होगी, जिसमें विभिन्न दलों के विधायक सरकार की वित्तीय नीतियों पर अपनी राय रखेंगे। 26 और 27 फरवरी को अनुदान मांगों पर चर्चा 26 और 27 फरवरी को अनुदान मांगों पर चर्चा और मतदान प्रस्तावित है। इसके बाद 28 फरवरी से आठ मार्च तक होली और अन्य पर्व-त्योहारों को लेकर अवकाश रहेगा। नौ मार्च से 13 मार्च तक अलग-अलग तिथियों में प्रश्नकाल के बाद वित्तीय वर्ष 2026-27 के आय-व्ययक की अनुदान मांगों पर वाद-विवाद, सरकार का उत्तर और मतदान कराया जाएगा। 14 और 15 मार्च को पुनः अवकाश रहेगा। सत्र के अंतिम चरण में 16 और 18 मार्च को अनुदान मांगों पर चर्चा के साथ-साथ वित्तीय वर्ष 2026-27 के विनियोग विधेयक सदन में लाए जाएंगे। इसके बाद विभिन्न राजकीय विधेयकों और अन्य शासकीय कार्यों पर विचार किया जाएगा। सत्र के अंतिम दिन 19 मार्च को गैर-सरकारी संकल्प प्रस्तुत किए जाएंगे।

खेलों के प्रोत्साहन पर सीएम योगी का जोर, प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को संवारने का संदेश

गोरखपुर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों का आह्वान किया है कि वे किसी एक खेल को गोद लेकर उससे जुड़ी प्रतिभाओं को तराशें। खेल के जरिये स्वस्थ प्रतिस्पर्धा कराकर अनुशासन और खेल भावना को मजबूत करने में योगदान दें। सीएम योगी शुक्रवार को दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में पूर्वी क्षेत्र अंतर विश्वविद्यालय बास्केटबॉल (महिला) प्रतियोगिता के औपचारिक उद्घाटन समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल गतिविधियों को बढ़ाने से युवा नशे से दूर रहेंगे और तमाम विकृतियों से बचे रहेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने खेलों के माध्यम से भी विकसित भारत बनाने के अभियान में भरपूर प्रयास किए हैं। प्रदेश की पहली स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी मेरठ में बन चुकी है। मेरठ में हर प्रकार के स्पोर्ट्स आइटम बन रहे हैं और इसे सरकार ने ओडीओपी में शामिल किया है। सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में विगत 11 वर्षों में देश में एक नई खेल संस्कृति ने जन्म लिया है। 2014 के पहले खेल की गतिविधियां और प्रतियोगिताएं सरकार के एजेंडे का हिस्सा नहीं होती थीं। खेल और खिलाड़ियों की उपेक्षा होती थी। अंतरराष्ट्रीय मानक के अनुरूप इंफ्रास्ट्रक्चर न होने से खिलाड़ी खेल से पलायन करने को विवश होते थे। कुंठित, हताश और निराश रहते थे। जबकि 2014 से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में खेल और खिलाड़ियों का प्रोत्साहन देखते ही बनता है। पीएम मोदी ने खेलो इंडिया, फिट इंडिया और सांसद खेल प्रतियोगिता जैसे अभियानों से स्वस्थ और सशक्त राष्ट्र की प्रेरणा दी है। गांव-गांव तक खेल प्रतिभाओं को मंच दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की प्राचीन परंपरा ने खेलकूद को सदैव महत्व दिया है। भारत की ऋषि परंपरा के उद्घोष ‘शरीरमाद्यं खलु धर्मसाधनम्’ का उद्धरण देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा जीवन के जितने भी साधन हैं, उन्हें स्वस्थ शरीर से ही प्राप्त किया जा सकता है। शरीर स्वस्थ रखने के लिए खेलकूद की गतिविधियों से जुड़ना होगा। नियम, संयम और अनुशासन से शरीर पर ध्यान देना होगा। स्वस्थ शरीर से ही समाज और राष्ट्र को सशक्त बनाने के लिए प्रेरणा मिलेगी। मुख्यमंत्री ने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि खेलकूद को तमाम परिवारों ने जीवन का हिस्सा बनाया है। उन्होंने कहा कि कई राज्यों में बेटे-बेटी में भेदभाव नहीं है। सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में बड़े पैमाने पर खेल इंफ्रास्ट्रक्चर को आगे बढ़ाया गया है। प्रदेश की हर ग्राम पंचायत में खेल मैदान व ओपन जिम, ब्लॉक स्तर पर मिनी स्टेडियम, जिला स्तर पर स्टेडियम बनाने के कार्य युद्धस्तर पर आगे बढ़े हैं। खेल गतिविधियां अनौपचारिक न रहें, बल्कि दिनचर्या का हिस्सा बनें, इसके लिए सरकार ने 96000 से अधिक युवक मंगल दलों और महिला मंगल दलों को स्पोर्ट्स किट वितरित की हैं। खिलाड़ियों के प्रोत्साहन के लिए सरकार की तत्परता का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि ओलंपिक में प्रदेश के प्रतिभागी खिलाड़ी को सरकार 10 लाख रुपये देती है। ओलंपिक एकल स्पर्धा में स्वर्ण पदक विजेता को 6 करोड़ रुपये का पुरस्कार और क्लास वन जॉब देने की व्यवस्था बनाई गई है। ओलंपिक की टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाले यूपी के खिलाड़ी को 3 करोड़ और एकल स्पर्धा में रजत पदक विजेता को भी 3 करोड़ रुपये का पुरस्कार दिया जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स गुजरात में होंगे। हर राज्य और खिलाड़ियों को इसके अनुरूप खुद को तैयार करना होगा। भारत 2036 के ओलंपिक गेम्स की मेजबानी के लिए भी आवेदन कर रहा है। उन्होंने गोरखपुर को आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत से समृद्ध धरा बताने के साथ आजादी के आंदोलन में चौरीचौरा की घटना, वैदिक साहित्य के विश्व में सबसे बड़े प्रकाशन केंद्र 'गीता प्रेस' की महत्ता बताई। साथ ही अमर सेनानी पंडित रामप्रसाद बिस्मिल तथा बंधु सिंह से इस जिले के किसी न किसी रूप में जुड़ाव का उल्लेख करते हुए गोरखपुर को महान उपन्यासकार मुंशी प्रेमचंद की कर्मभूमि बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरखपुर अनेक विभूतियों की पावन धरा है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने गोरखपुर विश्वविद्यालय क्रीड़ा परिषद की खेल विवरणिका का विमोचन भी किया।

26 जनवरी को रायपुर में राज्यपाल तथा जगदलपुर में मुख्यमंत्री के आतिथ्य में होंगे विशेष आयोजन

रायपुर, छत्तीसगढ़ शासन के संस्कृति विभाग द्वारा राष्ट्रगीत वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर राज्यभर में चार चरणों में विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है, जिसके तहत द्वितीय चरण में कार्यक्रमों का आयोजन 19 से 26 जनवरी 2026 तक किया जाएगा। गणतंत्र दिवस के दिन रायपुर में राज्यपाल तथा जगदलपुर में मुख्यमंत्री के आतिथ्य में विशेष कार्यक्रम आयोजित होंगे। साथ ही राज्य के सभी जिला मुख्यालयों, ब्लॉक मुख्यालयों, ग्राम पंचायतों तथा स्कूल-कॉलेजों में ध्वजारोहण एवं राष्ट्रगान के पश्चात बड़े पैमाने पर सामूहिक वंदे मातरम् गायन किया जाएगा। इन कार्यक्रमों में मंत्रीगण, सांसद, विधायक, जनप्रतिनिधि, स्थानीय अधिकारी, प्रमुख हस्तियां और नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। द्वितीय चरण में 19 से 26 जनवरी तक राज्य के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में एनसीसी, एनएसएस, स्काउट एवं गाइड की सहभागिता के साथ वंदे मातरम् से संबंधित संगीतमय प्रस्तुतियाँ, विशेष सभाएँ, निबंध प्रतियोगिता, वाद-विवाद, प्रश्नोत्तरी, पोस्टर निर्माण, रंगोली, चित्रकला एवं प्रदर्शनी आयोजित की जाएंगी। राज्य पुलिस बैंड द्वारा सार्वजनिक स्थलों पर वंदे मातरम् एवं देशभक्ति गीतों पर आधारित प्रस्तुतियाँ दी जाएंगी। सार्वजनिक एवं निजी सहभागिता के तहत प्रदेश में वंदे मातरम् ऑडियो-वीडियो बूथ स्थापित किए जाएंगे, जहां नागरिक अपनी आवाज में वंदे मातरम् का गायन रिकॉर्ड कर अभियान के पोर्टल पर अपलोड कर सकेंगे। पोर्टल पर वंदे मातरम् की पूर्व रिकॉर्डेड धुन के साथ गायन की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। उल्लेखनीय है कि प्रथम चरण का आयोजन 7 से 14 नवंबर 2025 को सफलतापूर्वक किया जा चुका है। वही तृतीय चरण 7 से 15 अगस्त 2026 को हर घर तिरंगा अभियान के साथ संचालित किया जाएगा एवं चतुर्थ चरण का आयोजन 1 से 7 नवंबर 2026 को किया जाएगा। भारत सरकार, संस्कृति मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप यह आयोजन ग्राम पंचायत, जनपद, जिला एवं राज्य स्तर पर व्यापक जनभागीदारी के साथ कार्यक्रमों को संपन्न कराया जाएगा, जिसका उद्देश्य नागरिकों में राष्ट्रगीत के प्रति भावनात्मक जुड़ाव और राष्ट्रभक्ति की भावना को सुदृढ़ करना है।

विनोबा भावे सब स्टेशन में डबल सर्किट सप्लाई, जबलपुर के विद्युत नेटवर्क को मिली नई ताकत

जबलपुर के विद्युत नेटवर्क को मिली नई सुदृढ़ता, विनोबा भावे सब स्टेशन में अब डबल सर्किट सप्लाई एम.पी. ट्रांसको के विनोबा भावे सब स्टेशन में अब डबल सर्किट सप्लाई  जबलपुर मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) ने जबलपुर शहर की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। कंपनी द्वारा 132 के.वी. विनोबा भावे सबस्टेशन के लिए निर्मित की जा रही अत्यंत जटिल डबल सर्किट ट्रांसमिशन लाइन परियोजना का सब स्टेशन स्तर पर दूसरा चरण भी सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया है। अब शहर को मिलेगी और अधिक विश्वसनीय बिजली आपूर्ति एम.पी. ट्रांसको के मुख्य अभियंता अमरकीर्ति सक्सेना ने बताया कि 132 के.वी. विनोबा भावे सबस्टेशन के स्विचयार्ड में सीमित स्थान होने के बावजूद, पहले से स्थापित सेट-अप में आवश्यक तकनीकी संशोधन करते हुए दूसरे 132 के.वी. सर्किट की व्यवस्था करना एक अत्यंत चुनौतीपूर्ण कार्य था। उन्होंने बताया कि ट्रांसको की टीम ने समर्पण, आपसी समन्वय एवं सतत परिश्रम के बल पर इस जटिल कार्य को सफलतापूर्वक पूरा कर एक नई तकनीकी मिसाल कायम की है। इससे शहर के विद्युत तंत्र को और अधिक स्थायित्व एवं विश्वसनीयता प्राप्त होगी। विनोबा भावे सब स्टेशन में अतिरिक्त सर्किट की सुविधा अब 132 के.वी. विनोबा भावे सब स्टेशन को 220 के.वी. सबस्टेशन नयागांव, जबलपुर से एक अतिरिक्त सर्किट उपलब्ध हो गया है, जो पहले से संचालित 132 के.वी. व्हीकल फैक्टरी सबस्टेशन, जबलपुर से जुड़े सर्किट के अतिरिक्त है। इस नई व्यवस्था से किसी एक सर्किट में तकनीकी समस्या उत्पन्न होने की स्थिति में न्यूनतम समय में विद्युत आपूर्ति बहाल की जा सकेगी। साथ ही रख-रखाव कार्यों के दौरान अब पूर्ण शटडाउन लेने की आवश्यकता भी नहीं पड़ेगी।