samacharsecretary.com

विपक्ष हर मुद्दे को केवल वोट बैंक के नजरिए से देखता है, चाहे किसान हों या दलित: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

लखनऊ, यूपी विधानसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अनुपूरक बजट पर चर्चा के दौरान विपक्ष को किसानों के मुद्दे पर आइना दिखाया। उन्होंने बताया कि किस तरह पूर्व की सरकारों में किसानों की अनदेखी की गई। किसानों को सिर्फ वोटबैंक की तरह देखा गया, उनके उत्थान के लिए कोई विशेष कार्य नहीं हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में आज खेती को बाजार, तकनीक और इंफ्रास्ट्रक्चर से जोड़ने का मजबूत तंत्र तैयार हो चुका है। एक्सप्रेस-वे, लॉजिस्टिक पार्क और बेहतर कनेक्टिविटी के कारण किसानों की उपज अब राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय बाजार तक आसानी से पहुंच रही है। एग्रीकल्चर वैल्यू चेन को मजबूती देने के लिए स्टोरेज, प्रोसेसिंग सेंटर और कोल्ड चेन इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया गया है, जिससे इस क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निवेश भी बढ़ा है। 20 प्वाइंट में मुख्यमंत्री के भाषण के प्रमुख अंश इस प्रकार हैं– 1.    अन्नदाता किसान हमारे लिए वोट नहीं, वह सम्मान का पात्र है। 2.    यूपी के पास उपजाऊ जमीन और प्रचुर जल संसाधन होने के बावजूद पहले किसानों को आधुनिक तकनीक और बेहतर बीज नहीं दिए गए। 3.    किसान दिवस के अवसर पर किसानों के मसीहा चौधरी चरण सिंह की 123वीं जयंती पर विधान भवन के सामने आयोजित कार्यक्रम में विपक्ष की गैरमौजूदगी दुर्भाग्यपूर्ण रही। 4.    सीएम ने कहा– विपक्ष हर मुद्दे को केवल वोट बैंक के नजरिए से देखता है, चाहे किसान हों या दलित। इसी वजह से उनके हितों में वास्तविक काम नहीं हुआ। किसानों के बारे में विपक्ष का आचरण यही है। 5.    मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने चौधरी चरण सिंह सीड पार्क के लिए जमीन आवंटन का काम प्रारंभ किया। आपके समय में क्या होता था? उस दौरान लागत ज्यादा थी, उत्पादन कम था, बाजार नहीं था, किसान तबाह था, परेशान था। बिचौलियों के द्वारा लाभ ले लिया जाता था। 6.    आज किसान सुरक्षित हैं। किसान को योजनाओं का लाभ मिल रहा है। यूपी आज देश के अंदर गन्ना उत्पादन का नंबर एक का राज्य है। 7.    आपके समय में चीनी मिलें बिकती थीं, बंद होती थीं। वर्षों-वर्षों गन्ना मूल्य बकाया रहता था, किसान तरसता था। अब यह स्थिति नहीं है। अन्नदाता किसान हमारे लिए वोट नहीं, वह सम्मान का पात्र हैं। 8.    अन्नदाता को नई तकनीक के साथ आच्छादित किया जा रहा है। 9.    22 लाख हेक्टेयर से अधिक भूमि को सिंचाई की सुविधा दी गई है। विपक्ष ने 8 प्रतिशत कृषि विकास की दर रखी थी। अब यह बढ़कर 18 प्रतिशत पहुंच चुकी है। 10.    एमएसपी के साथ ही डीबीटी के माध्यम से भुगतान करने में आज उत्तर प्रदेश देश के अंदर नंबर एक स्थान पर है। 11.    देश के अंदर उत्तर प्रदेश कृषि योग्य भूमि का केवल 11 प्रतिशत हिस्सा रखता है, लेकिन अच्छा बीज, समय पर बीज, अच्छी तकनीक से तीन-तीन फसल किसान ले रहा है। इसी का परिणाम है कि देश के कुल खाद्यान्न का 21 प्रतिशत अकेले यूपी पैदा कर रहा है। 12.    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के जरिये अब तक 94,668 करोड़ रुपये सीधे डीबीटी के माध्यम से अन्नदाता के खाते में पहुंचाए हैं। इसमें किसी को संदेह नहीं होगा। इसमें भी चेहरा नहीं देखा गया। किसान किसान है। आपके लिए वह भेदभाव का शिकार हो सकता है, हमारे लिए नहीं। 13.    पूरे देश में अकेले यूपी में 55 प्रतिशत गन्ने का उत्पादन हो रहा है। यूपी में पहले एथेनॉल उत्पादन जो केवल 41 करोड़ लीटर था, आज 182 करोड़ लीटर हो गया है। 14.    हर खेत को पानी के लक्ष्य को नहरों, पाइपलाइन और माइक्रो इरिगेशन जैसी परियोजनाओं के माध्यम से आगे बढ़ाया गया है। इसके परिणामस्वरूप देश की कुल 86 प्रतिशत सिंचित भूमि अकेले उत्तर प्रदेश के पास है और यूपी देश का सर्वाधिक सिंचित भूमि वाला राज्य बन गया है। 15.    सीएम योगी ने कहा कि किसानों को ऊर्जा और तकनीक दोनों स्तर पर राहत दी गई है। पीएम कुसुम योजना के तहत 94 हजार अन्नदाता किसानों को सोलर पैनल उपलब्ध कराए गए हैं। साथ ही किसानों को मुफ्त बिजली दी जा रही है और 16 लाख किसानों के ट्यूबवेल के बिजली बिल माफ कर सरकार उसके लिए पैसा उपलब्ध करा रही है। 16.    उन्नत बीज, प्राकृतिक खेती, ड्रोन और जलवायु-अनुकूल आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल से प्रदेश की कृषि विकास दर तेजी से बढ़ रही है। 17.    गोवंश संरक्षण और दुग्ध उत्पादन में भी सरकार ने ठोस काम किया है। प्रदेश में 16 लाख से अधिक गोवंश के लिए गौ संरक्षण स्थल बनाए गए हैं। 18.    जो अन्नदाता किसान अपने घर में गाय पालते हैं, उन्हें वेरिफिकेशन के बाद ₹1500 प्रति गाय का भुगतान किया जा रहा है। इसका सकारात्मक परिणाम यह है कि दुग्ध उत्पादन में उत्तर प्रदेश अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है। 19.    स्मार्ट खेती और मिलेट्स (श्री अन्न) की खेती के विस्तार में भी उत्तर प्रदेश ने देश में अग्रणी स्थान बनाया है। 20.    मत्स्य उत्पादन में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे ग्रामीण आय और पोषण दोनों को बढ़ावा मिला है। उन्होंने कहा कि ये सभी प्रयास मिलकर किसानों की खुशहाली और प्रदेश की समग्र कृषि अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे रहे हैं।

आष्टा में बवाल के बाद सख्ती: करणी सेना हमले के केस में 10 आरोपियों की गिरफ्तारी

आष्टा थाना पार्वती क्षेत्र में करणी सेना के कार्यकर्ताओं पर हुए हमले और वाहनों में तोड़फोड़ के मामले में पुलिस की कार्रवाई जारी है। घटना के बाद पुलिस ने वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर तेजी से कार्रवाई करते हुए बुधवार देर रात दबिश देकर 6 और आरोपितो को गिरफ्तार किया। इस प्रकार अब तक कुल 10 आरोपितो की गिरफ्तारी हो चुकी है। गौरतलब है कि 21 दिसंबर को कुछ असामाजिक तत्वों ने करणी सेना के कार्यकर्ताओं पर मारपीट की थी और उनके वाहनों में तोड़फोड़ की थी। घटना के संबंध में थाना पार्वती में मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई थी।   घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मौके और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज एकत्रित किए, जिनकी मदद से आरोपियों की पहचान की गई। मंगलवार को पुलिस ने पहले 4 आरोपितो को गिरफ्तार किया था, वहीं बुधवार रात को 6 अन्य आरोपियों को भी दबोच लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों में अकील अहमद, अलीम उद्दीन, फिरोज उद्दीन, मुजफ्फर उद्दीन, नायब अहमद, मुस्ताक उद्दीन, साहूद आलम, इस्माइल शाह, शहीद खा और सलमान खा शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है और घटना में शामिल अन्य व्यक्तियों की पहचान की जा रही है। फरार आरोपियतो की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। एसडीओपी आकाश अमलकर का कहना है कि इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इतिहास रचेगा पुलिस का सबसे बड़ा पासिंग-आउट परेड, शपथ दिलाएंगे गृहमंत्री अमित शाह : मुख्यमंत्री

पंचकूला हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आज पंचकूला के सेक्टर-5 स्थित यवनिका पार्क से हरियाणा पुलिस के बैच संख्या-93 के जवानों द्वारा आयोजित अटल जनसेवा को समर्पित दौड़ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती की स्मृति में आयोजित यह दौड़ एकता, अनुशासन और राष्ट्रसेवा की भावना का प्रेरणास्पद प्रतीक है। उन्होंने बताया कि आज सांय केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह भारतीय पुलिस के इतिहास के सबसे बड़े पुलिस पासिंग-आउट बैच को सामूहिक शपथ दिलवाएंगे। इस ऐतिहासिक बैच में कुल 5,061 जवान शामिल हैं, जिनमें 4,191 पुरुष एवं 870 महिला जवान हैं। इस प्रकार, इस बैच में 20.75 प्रतिशत महिला भागीदारी सुनिश्चित हुई है, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में हरियाणा पुलिस में महिलाओं की भागीदारी मात्र 3 प्रतिशत थी, जो आज बढ़कर 10 प्रतिशत से अधिक हो चुकी है। राज्य सरकार ने इसे आगामी वर्षों में 25 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने यह भी कहा कि प्रदेश में नशे के विरुद्ध चलाए जा रहे व्यापक अभियान में हरियाणा पुलिस की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही है। नवप्रशिक्षित जवान इस अभियान के ब्रांड एम्बेसडर के रूप में समाज में जागरूकता फैलाने का कार्य करेंगे।  उन्होंने कहा कि यह दौड़ 39 सप्ताह के कठोर प्रशिक्षण की सफल पूर्णता का प्रमाण है तथा पुलिसिंग और कर्मयोगी पाठ्यक्रम के उन मूल्यों को व्यवहार में उतारने की शुरुआत है, जिन्हें जवानों ने प्रशिक्षण के दौरान आत्मसात किया है। इस दौड़ में ग्रामीण पृष्ठभूमि से आए 4,252 जवान तथा शहरी पृष्ठभूमि के 809 जवान एक साथ कदमताल कर रहे हैं, जो पूरे हरियाणा की सामाजिक एकता और समरसता का सशक्त संदेश देता है। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस बैच की एक और उल्लेखनीय विशेषता यह है कि लगभग 85 प्रतिशत जवान स्नातक एवं स्नातकोत्तर हैं। इनमें से 2,390 जवान (50 प्रतिशत से अधिक) 26 वर्ष से कम आयु के हैं, जो हरियाणा पुलिस में नई ऊर्जा, आधुनिक दृष्टिकोण और कार्यकुशलता का संचार करेंगे। उन्होंने कहा कि यह दौड़ केवल एक शारीरिक गतिविधि नहीं, बल्कि योग, पी.टी. एवं आत्मरक्षा जैसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों से विकसित आत्मबल और अनुशासन का परिणाम है। उल्लेखनीय है कि इन जवानों ने 9 अप्रैल 2025 को उत्साहपूर्वक 1,356 यूनिट रक्तदान कर समाजसेवा का उत्कृष्ट उदाहरण भी प्रस्तुत किया। इस अवसर पर कालका विधायक शक्ति रानी शर्मा, पूर्व विधानसभा स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता, जिला अध्यक्ष अजय मित्तल, पुलिस महानिदेशक ओ पी सिंह, हरियाणा पुलिस अकादमी के निदेशक डॉ अरशिंदर सिंह चावला, उपयुक्त सतपाल शर्मा, पुलिस महानिरीक्षक पंकज नैन, भाजपा की प्रदेश उपाध्यक्ष, बंतो कटारिया, ओम प्रकाश देवीनगर, दीपक शर्मा सहित अन्य गणमान्य भी उपस्थित थे।

अंदर का आदमी ही निकला ठग: इंदौर में अकाउंटेंट ने UPI से निकाले 11.5 लाख, मामला दर्ज

इंदौर मल्हारगंज पुलिस ने उद्योगपति विकास धूत के 76 वर्षीय पिता मुरलीधर धूत की शिकायत पर अकाउंटेंट और उसके साथी पर धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। आरोपित अकाउंटेंट ने यूपीआई पासवर्ड बदल कर खाते से 11 लाख 54 हजार रुपये निकाल लिए थे। पुलिस के मुताबिक विकास धूत की अवंतिका जिनिंग फैक्ट्री (जवाहर मार्ग) है। आरोपित हिमांशू जोशी (द्वारकापुरी) अकाउंटेंट की नौकरी करता था। मुरलीधर धूत नहीं करते थे ऑनलाइन बैंकिंग का इस्तेमाल मुरलीधर धूत वृद्धावस्था के कारण ई-बैंकिंग का उपयोग नहीं कर सकते थे और हिमांशु से ही ऑनलाइन ट्रांजेक्शन करवाते थे। आरोप है कि इस दौरान हिमांशु ने यूपीआई आईडी और पासवर्ड बदल दिए और खाते से 11 लाख 54 हजार रुपये कपिल टांक के खाते में ट्रांसफर कर लिए।   बैंक से चेक अनादरित होने पर बैंलेस की जांच की और हिमांशु से पूछताछ की गई। उसने माफी मांगी और शपथपत्र देकर कहा वह रुपये लौटा देगा। महीनों बाद भी रुपये न देने पर साइबर सेल को शिकायत की गई। मंगलवार को मल्हारगंज पुलिस ने हिमांशु और कपिल के खिलाफ केस दर्ज कर लिया।

नेता प्रतिपक्ष ने की सीएम विवेकाधीन कोष की सराहना, सीएम योगी ने आभार के साथ गिनाए सपा काल के घोटाले

नेता प्रतिपक्ष बोले- कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों में जरूरतमंदों के लिए संजीवनी साबित हो रही है सरकार की योजना सत्ता–विपक्ष के साथ-साथ मुस्लिम समुदाय के लोग भी योजना से हो रहे हैं लाभान्वितः माता प्रसाद पांडे   लखनऊ, शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन विधानसभा में अनुपूरक बजट पर चर्चा के दौरान सत्ता और विपक्ष के बीच सकारात्मक संवाद देखने को मिला। नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय द्वारा मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष की खुले मंच से प्रशंसा के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आभार जताते हुए पूर्ववर्ती सरकार की नीतिगत विफलताओं और घोटालों को सदन के सामने रखा। विधानसभा के शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन अनुपूरक बजट पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष योजना की सराहना की। उन्होंने कहा कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के उपचार में यह योजना अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो रही है। इसके माध्यम से न केवल सत्ता पक्ष बल्कि विपक्ष के विधायकों की संस्तुतियों पर भी जरूरतमंदों को सहायता दी जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि इस योजना से मुस्लिम समाज के लोग भी समान रूप से लाभान्वित हो रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष के वक्तव्य पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनका आभार व्यक्त किया, लेकिन अपने संबोधन में उन्होंने समाजवादी पार्टी के कार्यकाल के दौरान हुए घोटालों और प्रशासनिक लापरवाहियों का उल्लेख भी किया। मुख्यमंत्री ने गिनाए घोटाले और अनियमितताएं मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकार के दौरान अनुसूचित जाति और जनजाति के छात्रों की छात्रवृत्ति में बड़े पैमाने पर घोटाले हुए। अनेक छात्रों की स्कॉलरशिप रोकी गई या समय पर नहीं दी गई, जिससे गरीब और वंचित वर्ग के विद्यार्थियों को गंभीर नुकसान उठाना पड़ा। उन्होंने पेंशन योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि पहले दिव्यांगजन, निराश्रित महिलाएं और वृद्धजन केवल ₹300 से ₹750 की अधूरी और अनियमित पेंशन पाते थे, जबकि वर्तमान सरकार डीबीटी के माध्यम से पारदर्शी व्यवस्था के तहत सालाना ₹12,000 सीधे उनके खातों में भेज रही है। मुख्यमंत्री योगी ने सड़क निर्माण योजनाओं में ‘टोकन मनी’ की व्यवस्था को भी गंभीर अनियमितता बताया। उन्होंने कहा कि 25 करोड़ रुपये की सड़क परियोजना को स्वीकृति देकर मात्र ₹1 लाख जारी किया जाता था, जिससे कार्य ठप रहता था और योजनाएं केवल कागजों तक सीमित रह जाती थीं। मुख्यमंत्री ने बिजली उत्पादन, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्रों में भी पिछली सरकार की नीतियों को विफल बताया और कहा कि 2017 से पहले की लापरवाही के कारण प्रदेश विकास की दौड़ में पीछे रह गया था।

निवेश के नाम पर ठगी का झटका: व्हाट्सएप फ्रॉड के शिकार पूर्व IG, ICU में भर्ती

चंडीगढ़  कई रिटायर्ड अफसर गंवा चुके हैं रकम, फर्जी ‘F-777 वेल्थ ग्रुप’ की साइबर जांच तेज    पटियाला। पूर्व आईजी अमर सिंह चाहल ऑनलाइन निवेश ठगी का शिकार हो गए हैं। ठगी की इस साजिश के बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई, फिलहाल वह वेंटिलेटर पर हैं और हालत स्थिर बताई जा रही है। मामला सामने आने के बाद पटियाला पुलिस की साइबर क्राइम सेल ने जांच तेज कर दी है। पुलिस के अनुसार, पूर्व आईजी को पहले रिटायर्ड अफसरों के एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया। इसके बाद उन्हें एक अलग ग्रुप ‘F-777 वेल्थ इक्विटी रिसर्च ग्रुप’ में शामिल कराया गया, जहां शेयर बाजार, IPO और अन्य निवेश योजनाओं में भारी मुनाफे का लालच दिया गया। शुरुआत में थोड़ी रकम पर रिटर्न दिखाकर भरोसा जीता गया, फिर बड़ी राशि निवेश कराई गई, जिसके बाद ठगी सामने आई। जांच में सामने आया है कि इस व्हाट्सएप ग्रुप में पटियाला के कई रिटायर्ड और नामी अधिकारी भी शामिल थे, जो अपनी रकम गंवा चुके हैं। पुलिस ने ऐसे अधिकारियों की सूची तैयार कर ली है, हालांकि अभी कोई भी लिखित शिकायत देने को तैयार नहीं है। अधिकतर अधिकारी मौखिक रूप से ठगी की पुष्टि कर रहे हैं। साइबर सेल की कई एंगल से जांच पूर्व आईजी की पत्नी के बयान पर साइबर क्राइम सेल में FIR दर्ज, जिन मोबाइल नंबरों से संपर्क किया गया, उनकी लोकेशन ट्रेस की जा रही, यह भी जांच कि किस रिटायर्ड अफसर ने ठग को ग्रुप में जोड़ा, फर्जी नामों से काम कर रहे आरोपियों के खिलाफ अज्ञात में मामला दर्ज। पुलिस की अपील : पुलिस ने ऐसे किसी भी व्यक्ति से, जो इस या इसी तरह की स्कीम का शिकार हुआ हो, सामने आकर शिकायत दर्ज कराने की अपील की है, ताकि ठगों तक जल्द पहुंचा जा सके। यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि ऑनलाइन निवेश के नाम पर बनाए जा रहे फर्जी व्हाट्सएप ग्रुप कितने खतरनाक साबित हो सकते हैं, चाहे शिकार कोई आम नागरिक हो या वरिष्ठ अधिकारी।

खेती को बनाया मिशन: 10 वर्षों से कर रहे खास काम पर सिरसा के आशीष सम्मानित

हिसार चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय में मंगलवार को किसान दिवस पर प्रदेश के 42 प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया गया। समारोह में मुख्य अतिथि एचएयू कुलपति प्रो. बीआर कांबोज ने सिरसा के गांव सुकेरा खेड़ा के आशीष मेहता को किसान रत्न अवॉर्ड से सम्मानित किया। उन्हें स्मृति चिन्ह, प्रमाणपत्र व 31 हजार रुपये पुरस्कार के तौर पर प्रदान किए गए।   किसान रत्न अवॉर्ड से सम्मानित आशीष ने कहा कि दस साल से फसल अवशेष प्रबंधन कर रहा हूं। अपने खेत की मिट्टी को लेकर बेहद जागरूकता से काम करते हैं। इससे खेत में जैविक कार्बन की मात्रा बढ़ी है। किसानों का मिट्टी के प्रति संवदेनशील होना चाहिए। जैविक खेती अपनाने से किसानों को आर्थिक तौर के अलावा हेल्थ के रूप में भी फायदा होगा। प्रदेश के इन किसानों को किया गया सम्मानित  भिवानी के मंढाणा से श्याम सुंदर, धनासरी से कृष्णा, फतेहाबाद के बरसीन से राजेंद्र, कुलां से ममता को सम्मानित किया गया। सिरसा के गांव भड़ोल्यांवाली से जसविंदर सिंह, ओढ़ा से सर्वजीत कौर, हिसार के गांव खेड़ी बरकी से नरेश कुमार, सदलपुर से अरुणा देवी, हिसार से गांव चिड़ौद निवासी प्रदीप कुमार व फतेहाबाद के ढांड से मुकेश कुमार को सम्मानित किया गया।      

राजनांदगांव को विकास की नई सौगात, मुख्यमंत्री समग्र विकास योजना में ₹87.58 लाख के 17 कार्य स्वीकृत

राजनांदगांव छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष एवं राजनांदगांव विधायक डॉ. रमन सिंह के निरंतर प्रयासों, दूरदर्शी नेतृत्व एवं औद्योगिक विकास को प्राथमिकता देने वाली नीति के परिणामस्वरूप राजनांदगांव जिले को एक ऐतिहासिक औद्योगिक उपलब्धि प्राप्त हुई है। देश की प्रतिष्ठित सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (गेल) द्वारा राजनांदगांव में ₹10,500 करोड़ के निवेश से यूरिया निर्माण इकाई स्थापित किए जाने का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया है। यह निवेश प्रस्ताव राज्य सरकार द्वारा आयोजित छत्तीसगढ़ स्किल टेक कार्यक्रम के दौरान सामने आया, जिसका आयोजन राज्य कौशल विकास विभाग एवं वाणिज्य एवं उद्योग विभाग द्वारा किया गया था। इस कार्यक्रम में उर्वरक, टेक्सटाइल, फार्मा, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सोलर क्षेत्र की विभिन्न कंपनियों ने राज्य में कुल ₹13,690 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्रस्तुत किए। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की उपस्थिति में प्रस्तुत इन प्रस्तावों में सबसे बड़ा निवेश प्रस्ताव ₹10,500 करोड़ का गेल द्वारा दिया गया, जिसके अंतर्गत राजनांदगांव में गैस पाइपलाइन आधारित उर्वरक (यूरिया) संयंत्र की स्थापना की जाएगी। इस परियोजना से न केवल क्षेत्र में औद्योगिक आधार मजबूत होगा, बल्कि राज्य के लगभग 3,500 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे। प्रस्तावित यूरिया प्लांट से प्रतिवर्ष लगभग 1.27 मिलियन टन यूरिया उत्पादन किया जाएगा, जिससे कृषि क्षेत्र को मजबूती मिलने के साथ-साथ छत्तीसगढ़ की औद्योगिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर नई ऊंचाई प्राप्त होगी। इसी क्रम में, राजनांदगांव क्षेत्र के समग्र एवं संतुलित विकास की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में मुख्यमंत्री समग्र विकास योजना वर्ष 2025–26 के अंतर्गत 87 लाख 58 हजार की लागत से 17 विकास कार्यों के लिए स्वीकृति प्रदान की गई है। इन स्वीकृत विकास कार्यों में सामुदायिक भवन, व्यावसायिक परिसर, रंगमंच निर्माण, सीसी रोड, मुक्तिधाम शेड, प्रतीक्षालय निर्माण सहित अन्य जनोपयोगी अधोसंरचना से जुड़े कार्य शामिल हैं, जिनसे स्थानीय नागरिकों को प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होगा विधानसभा अध्यक्ष एवं राजनांदगांव विधायक डॉ. रमन सिंह ने इस ऐतिहासिक औद्योगिक निवेश तथा क्षेत्रीय विकास कार्यों की स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय राजनांदगांव के आर्थिक, औद्योगिक एवं सामाजिक विकास को नई दिशा देगा तथा जिले को विकास के नए केंद्र के रूप में स्थापित करेगा।

प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़कर हुई 81, अब रेफरल सिस्टम को सीमित कर प्रत्येक मेडिकल कॉलेज में बेहतर उपचार की व्यवस्था की जा रही सुनिश्चितः मुख्यमंत्री

  विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश के लिए सरकार को अब तक 98 लाख से अधिक नागरिकों के सुझाव प्राप्त हुए हैं, 2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखकर तैयार की जा रहीं नीतियांः योगी   लखनऊ, विधानसभा में अनुपूरक बजट पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, विकास कार्यों की गति और विकसित उत्तर प्रदेश के रोडमैप को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि सरकार की इच्छाशक्ति पहले दिन जैसी ही मजबूत है और योजनाओं को अब टोकन फंडिंग नहीं, बल्कि ठोस वित्तीय प्रावधानों के साथ ज़मीन पर उतारा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सरकार द्वारा स्वास्थ्य के क्षेत्र में किए गए कार्यों का उल्लेख करना आवश्यक है। प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़कर अब 81 हो चुकी है। आपके क्षेत्र में भी माधव बाबू के नाम पर मेडिकल कॉलेज स्थापित किया गया है। पहले स्थिति यह थी कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से मरीज को मेडिकल कॉलेज रेफर किया जाता था तो उसे गोरखपुर भेज दिया जाता था, फिर एम्स या लखनऊ आना पड़ता था। इससे मरीज और उसके परिजनों को भारी परेशानी होती थी। अब हमने इस व्यवस्था को समाप्त किया है। सभी मेडिकल कॉलेजों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि रेफर करने की आदत छोड़कर वहीं उपचार की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करें, और इस दिशा में कार्य भी हो रहा है। यह प्रदेश का 81वां मेडिकल कॉलेज है। अमेठी जैसे क्षेत्र, जहां वर्षों तक कांग्रेस का प्रभाव रहा, वहां भी मेडिकल कॉलेज नहीं बन पाया, जबकि अब हमारी सरकार ने वहां यह कार्य प्रारंभ किया है। मैं मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह को धन्यवाद देता हूं, जिन्होंने भूमि उपलब्ध कराई और वहां मेडिकल कॉलेज शुरू हुआ। इस सत्र में वहां कक्षाएं भी प्रारंभ हो चुकी हैं। बलिया में भी मेडिकल कॉलेज की दिशा में कार्य प्रगति पर है। सरकार ने भूमि प्रस्ताव शीघ्र मंगवाया है और धन की व्यवस्था भी कर दी गई है। बलिया में भी मेडिकल कॉलेज स्थापित किया जाएगा। अब तक 98 लाख से अधिक लोगों ने विकसित उत्तर प्रदेश के लिए अपने सुझाव साझा किए मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं एक और महत्वपूर्ण विषय का उल्लेख करना चाहूंगा। पिछले सत्र में 13–14 अगस्त को इस सदन में ‘विकसित भारत–विकसित उत्तर प्रदेश’ विषय पर व्यापक और सार्थक चर्चा हुई थी। इस चर्चा के बाद प्रदेशभर के लगभग 300 बुद्धिजीवियों के साथ विचार-विमर्श किया गया और उन्हें विभिन्न संस्थानों में भेजकर इस विषय पर संवाद कराया गया। इसके बाद एक पोर्टल विकसित किया गया, जिसके माध्यम से प्रदेश की जनता से सुझाव आमंत्रित किए गए। मुझे यह बताते हुए प्रसन्नता है कि अब तक 98 लाख से अधिक लोगों ने विकसित उत्तर प्रदेश के लिए अपने सुझाव साझा किए हैं। उन्होंने कहा कि 2047 में प्रधानमंत्री के विकसित भारत के विजन के अनुरूप विकसित उत्तर प्रदेश कैसे बने, इस विषय पर प्राप्त सुझावों को लेकर हम आईआईटी कानपुर के सहयोग से विभिन्न सेक्टरों में कार्य कर रहे हैं। सरकार की इच्छाशक्ति आज भी पहले दिन जैसी मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं केवल इतना कहना चाहता हूं कि सरकार की इच्छाशक्ति पहले दिन जैसी थी, आज भी वैसी ही है और उसी दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। सप्लीमेंट्री डिमांड्स में भी उन्हीं क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है, जहां वास्तविक आवश्यकता थी। अब सरकार टोकन मनी की नीति पर नहीं चलती। पहले 25 करोड़ की सड़क के लिए मात्र 1 लाख रुपये जारी कर दिए जाते थे, जिससे काम संभव ही नहीं था। अब सरकार ने स्पष्ट नीति तय की है कि एक साथ 40 से 50 प्रतिशत धनराशि जारी की जाएगी और 75 प्रतिशत कार्य पूर्ण होते ही अगली किस्त जारी की जाएगी, जिससे कार्यों की गति बनी रहे। कार्ययोजना और डीपीआर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब कार्यों के क्रियान्वयन में तेजी लाई जा रही है। वर्ष 2024–25 और 2025–26 में विकास की यह गति और अधिक तेज होती हुई दिखाई देगी। मुख्यमंत्री का शायराना अंदाज मुख्यमंत्री ने सदन में अपनी बात की शुरुआत और अंत दोनों शायरी के साथ किया। उन्होंने अपने संबोधन की शुरुआत में समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए पूछा था कि…'इधर उधर की न बात कर, ये बता कि काफिला क्यों लुटा'…वहीं, सीएम ने अपने संबोधन के अंत में नेता प्रतिपक्ष और विपक्ष के सदस्यों से अपील करते हुए कहा कि अनावश्यक नकारात्मकता से बचें। हर विषय को जाति या संकीर्ण दृष्टि से देखने की आदत प्रदेश के हित में नहीं है। उत्तर प्रदेश को जितना नुकसान पहले हो चुका है, उससे अब बचने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि अंत में यही कहूंगा कि… राह में मुश्किल हों हजार, तुम दो कदम बढ़ाओ तो सही, हो जाएगा हर सपना साकार, तुम चलो तो सही, तुम चलो तो सही। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित उत्तर प्रदेश के जो सपने इस सदन ने देखे हैं, उन्हें साकार करने के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ रही है।

एक्सप्रेस-वे व लॉजिस्टिक पार्क से किसानों की उपज को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय बाजार तक मिली कनेक्टिविटीः योगी आदित्यनाथ

  पीएम कुसुम योजना से 94 हजार किसानों को सोलर पैनल, 16 लाख ट्यूबवेल के बिजली बिल माफः मुख्यमंत्री योगी गोवंश संरक्षण, दुग्ध-मत्स्य उत्पादन और श्री अन्न की खेती में यूपी अग्रणी, खेती, कनेक्टिविटी, दुग्ध-मत्स्य और स्मार्ट एग्रीकल्चर में यूपी को बढ़त लखनऊ, विधान सभा के शीतकालीन सत्र में अनुपूरक बजट पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में आज खेती को बाजार, तकनीक और इंफ्रास्ट्रक्चर से जोड़ने का मजबूत तंत्र तैयार हो चुका है। एक्सप्रेस-वे, लॉजिस्टिक पार्क और बेहतर कनेक्टिविटी के कारण किसानों की उपज अब राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय बाजार तक आसानी से पहुंच रही है। एग्रीकल्चर वैल्यू चेन को मजबूती देने के लिए स्टोरेज, प्रोसेसिंग सेंटर और कोल्ड चेन इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया गया है, जिससे इस क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निवेश भी बढ़ा है। किसानों को ऊर्जा और तकनीक दोनों स्तर पर राहत दी गई मुख्यमंत्री ने कहा कि हर खेत को पानी के लक्ष्य को नहरों, पाइपलाइन और माइक्रो इरिगेशन जैसी परियोजनाओं के माध्यम से आगे बढ़ाया गया है। इसके परिणामस्वरूप देश की कुल 86 प्रतिशत सिंचित भूमि अकेले उत्तर प्रदेश के पास है और यूपी देश का सर्वाधिक सिंचित भूमि वाला राज्य बन गया है। सीएम योगी ने कहा कि किसानों को ऊर्जा और तकनीक दोनों स्तर पर राहत दी गई है। पीएम कुसुम योजना के तहत 94 हजार अन्नदाता किसानों को सोलर पैनल उपलब्ध कराए गए हैं। साथ ही किसानों को मुफ्त बिजली दी जा रही है और 16 लाख किसानों के ट्यूबवेल के बिजली बिल माफ कर सरकार उसके लिए पैसा उपलब्ध करा रही है। उन्नत बीज, प्राकृतिक खेती, ड्रोन और जलवायु-अनुकूल आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल से प्रदेश की कृषि विकास दर तेजी से बढ़ रही है। ग्रामीण आय और पोषण दोनों को मिला बढ़ावा अन्य क्षेत्रों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गोवंश संरक्षण और दुग्ध उत्पादन में भी सरकार ने ठोस काम किया है। प्रदेश में 16 लाख से अधिक गोवंश के लिए गौ संरक्षण स्थल बनाए गए हैं। जो अन्नदाता किसान अपने घर में गाय पालते हैं, उन्हें वेरिफिकेशन के बाद ₹1500 प्रति गाय का भुगतान किया जा रहा है। इसका सकारात्मक परिणाम यह है कि दुग्ध उत्पादन में उत्तर प्रदेश अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्मार्ट खेती और मिलेट्स (श्री अन्न) की खेती के विस्तार में भी उत्तर प्रदेश ने देश में अग्रणी स्थान बनाया है। इसके साथ ही मत्स्य उत्पादन में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे ग्रामीण आय और पोषण दोनों को बढ़ावा मिला है। उन्होंने कहा कि ये सभी प्रयास मिलकर किसानों की खुशहाली और प्रदेश की समग्र कृषि अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे रहे हैं।