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विशेष गहन पुनरीक्षण में मध्य प्रदेश ने रचा रिकॉर्ड, 93% काम पूरा—6 जिलों में शत-प्रतिशत डिजिटलाइजेशन

भोपाल देशभर में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है. मध्य प्रदेश में भी SIR (Special Intensive Revision) का काम तेजी से जारी है. रविवार 30 नवंबर की शाम तक 5 करोड़ 33 लाख से ज्यादा लोगों के गणना पत्रकों को डिजिटल रूप में बदल दिया गया है. जो कुल प्रक्रिया का लगभग 93 प्रतिशत है. प्रदेश के 39 जिलों ने 95 प्रतिशत से अधिक कार्य पूरा कर शानदार प्रदर्शन किया है, जबकि 5 अन्य जिलों में भी 92 प्रतिशत से अधिक प्रगति दर्ज की गई है. मध्य प्रदेश में कुल 5.73 करोड़ मतदाताओं को 65,014 बीएलओ द्वारा नाम जोड़ने के लिए फॉर्म बांटे गए थे. 23 नवंबर तक इनमें से 3.27 करोड़ फॉर्म डिजिटाइज किए जा चुके थे. हालांकि इस बीच लगातार बीएलओ की हो रही मौतों ने प्रशासन की चिंताएं बढ़ा दी हैं. प्रदेश में अब तक 7 बीएलओ की मौतें हो चुकी हैं. देवास में 26 BLO और दो पटवारियों को नोटिस मध्य प्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संजीव कुमार झा ने बताया कि, ''प्रदेश में गणना पत्रकों के डिजिटलाइजेशन का कार्य तेज गति से जारी है. अभी तक मध्य प्रदेश के 6 जिलों अशोकनगर, नीमच, बैतूल, गुना, मंडला और सीहोर जिले ने SIR का काम शत प्रतिशत पूरा कर लिया है.'' उन्होंने सभी शासकीय सेवकों और नागरिकों को धन्यवाद देते कहा कि यह उपलब्धि सभी के समन्वित प्रयास और अथक परिश्रम से ही संभव हुई है. रविवार 30 नवंबर शाम तक 5 करोड़ 33 लाख से अधिक गणना पत्रकों का डिजिटलाइजेशन पूरा हो चुका है, जो कुल कार्य का लगभग 93 प्रतिशत है. संजीव कुमार झा ने बताया कि प्रदेश के 39 अन्य जिलों ने 95 प्रतिशत से अधिक कार्य पूरा कर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है. इसके अलावा प्रदेश के 5 जिलों में 92% से अधिक कार्य पूर्ण हो चुका है. निर्धारित समय से पहले ही कार्य पूर्णता की ओर है. इसी प्रेरणा और समन्वय से प्रदेश के सभी जिलों में शत-प्रतिशत कार्य शीघ्र पूरा कर लिया जाएगा.'' जबलपुर की स्नेहलता ने सबसे पहले हासिल किया लक्ष्य स्नेहलता पटेल महिला बाल विकास विभाग में सुपरवाइजर की पोस्ट पर हैं. उन्हें पनागर विधानसभा के 10 बूथों (52 से 61) की जिम्मेदारी मिली थी, जिनमें कुल 7706 मतदाताओं की जानकारी अपडेट करनी थी. स्नेहलता ने यह कार्य सबसे पहले पूरा कर जिले में मिसाल कायम की. जहां इनाम के तौर पर उन्हें शासन की ओर से एयर ट्रैवल का विशेष पुरस्कार मिला. उन्होंने पीएम श्री हेली पर्यटन सेवा के तहत कान्हा और बांधवगढ़ की जॉय राइड का आनंद लिया. वहीं मैहर के BLO विनोद सिंह ने समय से 14 दिन पहले SIR का काम पूरा किया था. जिस पर एसडीएम ने सम्मान कर इनाम में दिया सरसी आइलैंड ट्रिप का टिकट दिया था. जबलपुर पूर्व विधानसभा क्षेत्र में काम की रफ्तार धीमी बात करें SIR के सबसे धीमे काम की तो जबलपुर की पूर्व विधानसभा सीट पर सबसे धीमी गति से काम पूरा हो रहा है. यहां अब तक सिर्फ 59% डिजिटाइजेशन हो पाया है. SIR का काम जारी है, लेकिन कुछ अधिकारियों की लापरवाही भी सामने आई है. यहां एक मामला ऐसा भी आया जहां एक भाजपा नेता ने कुछ नाम जोड़े जाने पर आपत्ति जताई है, लेकिन प्रशासन ने इस पर रोक लगाने से इनकार कर दिया. स्थानीय नेताओं का कहना है कि सबसे बड़ी समस्या 2003 की मतदाता सूची उपलब्ध न होना है, जिसे इलेक्शन कमीशन को सभी को उपलब्ध कराना चाहिए. आखिर क्या है SIR? SIR यानी Special Intensive Revision मतदाता सूची को घर-घर जाकर अपडेट करने, गलतियों को सुधारने और डेटा को डिजिटाइज करने का प्रोसेस है. जिन मतदाताओं को फॉर्म नहीं मिले हैं, वे ECI पोर्टल पर ऑनलाइन फॉर्म भर सकते हैं. BLO का विवरण राज्य के CEO की वेबसाइट और राष्ट्रीय मतदाता खोज पोर्टल पर मिल जाता है. SIR की समय सीमा बढ़ाई गई चुनाव आयोग ने 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में चल रही SIR प्रक्रिया की समय सीमा एक हफ्ते के लिए बढ़ा दी है. अब मतदाता सूची का संशोधन 11 दिसंबर तक किया जा सकेगा. ड्राफ्ट रोल अब 9 दिसंबर 2025 की जगह 16 दिसंबर 2025 को जारी होगा. दावे और आपत्ति की तारीखें भी बदलकर 16 दिसंबर 2025 से 15 जनवरी 2026 कर दी गई हैं. मध्य प्रदेश के दमोह में एसआईआर का काम अंतिम चरण में है. यहां पर करीब 95 फीसदी काम पूरा हो चुका है. देवास में 26 बीएलओ और दो पटवारियों को नोटिस देवास जिले का पूरा प्रशासनिक अमला छुट्टी, तीज, त्यौहार के बाद भी SIR के कार्य में डटा हुआ है. विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य में लापरवाही पर कलेक्टर के आदेश पर रजिस्ट्रीकरण अधिकारी एसडीएम देवास द्वारा 26 बीएलओ और दो पटवारियों को नोटिस जारी किए गए हैं. जिसमें पटवारी मनीष शर्मा, अरुण जाटव और बीएलओ प्रमिला भण्डारी, वंदना देवरे सहित अन्य शामिल हैं. जवाब सही नहीं होने पर कलेक्टर द्वारा सख्त कार्यवाही की जाएगी. 

सर्दी में बीमारी से बचना है जरूरी? डॉक्टर गिरीश बंसल की ये 5 सलाह रखें याद

चंडीगढ़ जाने माने एम डी मैडिसन डॉक्टर गिरीश बंसल ने कहा है कि बढ़ती सर्दी में केवल सुबह की धूप में सैर ही लाभकारी है।शाम की सैर का ठंड और प्रदूषण के बढ़ने से परहेज करना चाहिए। डॉक्टर गिरीश डी वाई मेडिकल कॉलेज पूना से एम बी बी एस व एम डी मैडिसन करने के बाद 32 मेडिकल कॉलेज में रेजिडेंट डॉक्टर के रूप में कार्य किया है। वर्तमान में पंचकूला नागरिक हॉस्पिटल में कार्यरत हैं। सर्दियों में एम डी मैडिसन डॉक्टर गिरीश बंसल की सलाह है कि ठंड से बचें, पौष्टिक भोजन करें और हाइड्रेटेड रहें। नियमित व्यायाम करें, लेकिन सुबह जल्दी सैर करने से बचें, खासकर अगर आपको दिल या फेफड़ों की बीमारी है; इसके बजाय हल्की धूप में या शाम को टहलें। यदि कोई भी बीमारी के लक्षण दिखें, तो डॉक्टर से तुरंत सलाह लें, खासकर अगर वे बढ़ जाएं।  डॉक्टर गिरीश बंसल का कहना है कि गर्म कपड़े पहनें,हाइड्रेटेड रहें और त्वचा को सूखने से बचाएं।आहार में विटामिन डी के लिए धूप का आनंद लें और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए पौष्टिक व मौसमी खाद्य पदार्थ खाएं। सूखे मेवे जैसे बादाम, अखरोट और किशमिश फायदेमंद होते हैं।नियमित रूप से व्यायाम करें लेकिन बहुत सुबह और बहुत ठंडे समय में बाहर जाने से बचें। अगर आपको कोई बीमारी है तो डॉक्टर की सलाह के बाद ही व्यायाम शुरू करें। हर रात 7-9 घंटे की पर्याप्त नींद लें और तनाव को नियंत्रित करने के लिए ध्यान या गहरी सांस लेने जैसी तकनीकों का उपयोग करें। बीमार लोगों से दूर रहें, हाथ बार-बार धोएं और चेहरे को छूने से बचें। यदि डॉक्टर सलाह दें तो फ्लू का टीका लगवाएं।  डॉक्टर गिरीश बंसल का कहना है कि दिल के रोगी: ठंड में विशेष ध्यान रखें। डॉक्टर की सलाह के बिना दवा बंद न करें और सामान्य से ज़्यादा खाने से बचें। श्वसन संबंधी समस्या वाले मरीज़ अस्थमा, सीओपीडी, आदि सुबह बहुत जल्दी बाहर न जाएं। डॉक्टर की सलाह लें और लक्षणों पर नज़र रखें। अगर दिक्कत हो तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें। खांसी, जुकाम या बुखार जैसे लक्षण दिखने पर घर पर पारंपरिक उपचार लेने के बजाय तुरंत डॉक्टर की सलाह लें।   

चंडीगढ़ में बड़ी तैयारी—स्लम खत्म करने को प्रशासन का मास्टर प्लान तैयार

पंजाब  चंडीगढ़ में प्रशासन बड़ी तैयारी में है। दरअसल, अब भारी संख्या में झुग्गियां हटाई जाएगीं, जिससे चंड़ीगढ़ स्लम फ्री हो जाएगा। क्लब की झुग्गी बस्ती हटाने के बाद अब प्रशासन धनास की कच्ची कॉलोनी में हटाने की तैयारी कर रही है।  मिली जानकारी के अनुसार, 10 एकड़ क्षेत्र में बसी 800 से झुग्गियों पर बुलडोजर चलाया जाएगा। इस संबंधी जानकारी देते हुए प्रशासन ने बताया कि सर्दियों में शहर  की कच्ची कॉलोनी में कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए कोर्ट का स्टे मिलने की भी संभवना है। गौरतलब है कि, पिछले कई सालों से अवैध कब्जों और अनियोजित बस्तियों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है, जिसके चलते अब तक 4 झुग्गी एरिया हटाए गए हैं। इस अभियान के दौरान 520-528 एकड़ सरकारी जमीन को कब्जाधारियों से खाली करवाया गया है। इसी के साथ प्रशासन ने पिछले कई सालों से अनधिकृत, बिना किसी नक्शे के बनी कॉलोनियों पर भी कार्रवाई करते हुए उन्हें ध्वस्त किया है।  इन 3  कॉलोनी पर कार्रवाई प्रशासन द्वारा इस साल चलाए गए अभियान के दौरान अवैध कॉलोनियों पर सख्त कार्रवाई की गई है। इनमें जनता कॉलोनी, संजय कॉलोनी और आर्दश कॉलोनी शामिल है। इन क्षेत्रों पर कार्रवाई करते हुए इन्हें खाली करवाकर इसे विकास योजनाओं लिए तैयार किया गया है।  धनास की कच्ची कॉलोनी पर कार्रवाई पर किसानों का कहना है कि, वह जमीन प्रशासन को देने के लिए तैयार हैं। लेकिन यहां पर लैंड पुलिंग पॉलिसी लागू होनी चाहिए। किसानों कहना है कि, उनकी जमीन खेती के ये येग्य नहीं है। इसी के चलते उन्होंने यहां पर शैड डालकर लोगों को किराए पर रहने के लिए दिए हुए हैं। 

धान खरीद में किसी किसान की अनदेखी नहीं होगी: मुख्यमंत्री योगी ने अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को धान खरीद की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि क्रय केंद्रों पर पहुंचे हर किसान का धान अवश्य खरीदा जाए और भुगतान समय पर सीधे किसानों के बैंक खातों में पहुंचे। एमएसपी में ₹69 की बढ़ोतरी, 4,227 केंद्रों पर खरीद जारी बैठक में बताया गया कि इस वर्ष कॉमन धान का एमएसपी ₹2369/क्विंटल, ग्रेड-A धान का एमएसपी ₹2389/क्विंटल तय किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में ₹69 अधिक है। वर्तमान में 4,227 खरीद केंद्र संचालित हैं। सीएम योगी ने निर्देश दिया कि किसानों की सुविधा के लिए खरीद केंद्रों की संख्या बढ़ाकर 5,000 की जाए, ताकि उन्हें अपने गांव या कस्बे के पास ही धान बेचने की सुविधा मिल सके।   9.02 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा, ₹1,984 करोड़ का भुगतान 30 नवंबर तक 1,51,030 किसानों से 9.02 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा गया है। इसके बदले ₹1,984 करोड़ से अधिक की राशि सीधे किसानों के खातों में भेजी जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि भुगतान में देरी किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। फोर्टिफाइड चावल की सप्लाई सुनिश्चित करें सीएम योगी ने निर्देश दिया कि स्कूलों में मिड-डे मील और आंगनबाड़ी केंद्रों में फोर्टिफाइड चावल की सप्लाई निर्बाध रहे। बैठक में बताया गया कि अब तक 2,130 मीट्रिक टन एफआरके गुणवत्ता परीक्षण में सफल रहा है। उन्होंने एफआरके सप्लाई में सुधार के लिए वेंडरों की संख्या बढ़ाने और तकनीकी समस्याओं को तुरंत दूर करने को कहा। भीड़ रोकने के लिए केंद्रों पर मैनपावर बढ़े मुख्यमंत्री ने क्रय केंद्रों पर जरूरत के अनुसार मैनपावर बढ़ाने के निर्देश दिए ताकि किसानों को लंबा इंतजार न करना पड़े और कोई भी किसान धान लेकर वापस न लौटे। उन्होंने धान उठान, मिल-मैपिंग और अन्य प्रक्रियाओं को और सरल बनाने पर जोर दिया।   खाद और बीज की उपलब्धता पर निगरानी बैठक में खाद और बीज की उपलब्धता पर भी चर्चा हुई। योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी भी जिले में खाद या बीज की कमी नहीं होनी चाहिए, और किसानों को दोनों वस्तुएं आसानी से उपलब्ध कराई जाएं। विभागों को स्टॉक और सप्लाई की नियमित समीक्षा करने को कहा गया। 

बिहार में चक्रवात का प्रभाव: तापमान गिरा, कोहरे से जनजीवन प्रभावित

पटना दित्वाह चक्रवात का असर आज से बिहार में दिखने लगा है। सोमवार की सुबह राज्य के ज्यादातर हिस्सों में धूप नदारद रही। पटना, पूर्णिया, बेतिया, बेगूसराय, मोतिहारी, गोपालगंज समेत कई जिलों में देर रात से कोहरा छाया रहा। पछुआ हवा चलने के कारण सुबह और रात में ठंड अचानक बढ़ गई। मौसम विभाग ने लोगों से सावधान रहने की अपील की है। विभाग का कहना है कि चक्रवाती प्रणाली की वजह से अगले कुछ दिनों में राज्य के अधिकतर हिस्सों में ठंड और तेज़ी से बढ़ेगी। बताया गया है कि 5 दिसंबर के बाद न्यूनतम तापमान गिरावट के साथ 10 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है, जिससे ठंड का असर और व्यापक होगा। बिहार में पिछले 24 घंटों के दौरान मौसम पूरी तरह शुष्क रहा और राज्य के किसी भी हिस्से में बारिश दर्ज नहीं की गई। अधिकतम तापमान 26.0 डिग्री सेल्सियस से 29.5 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा, जिसमें अररिया में 29.4 डिग्री सेल्सियस का सर्वाधिक तापमान रिकॉर्ड किया गया। वहीं, न्यूनतम तापमान 12.6 डिग्री सेल्सियस से 20.5 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा और किशनगंज में सबसे कम 12.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पूर्णिया में 500 मीटर की न्यूनतम दृश्यता के साथ सुबह के समय हल्का कोहरा छाया रहा, जबकि तापमान में कोई खास उतार-चढ़ाव नहीं देखा गया। मौसम विभाग के अनुसार राज्य के ऊपर बहने वाली हवाओं की दिशा और दबाव में बदलाव फिलहाल दो सक्रिय पश्चिमी विक्षोभों के कारण है। उत्तरी पंजाब और आसपास ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है, जिसका असर उत्तरी हरियाणा तक पहुंच रहा है। इसके साथ ही 5.8 किमी ऊंचाई पर मौजूद द्रोणिका के रूप में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ 20 डिग्री उत्तरी अक्षांश के उत्तर में 61 डिग्री पूर्वीदेशांतर की ओर बढ़ रहा है। इन दोनों प्रणालियों की वजह से पछुआ हवा लगातार बिहार में प्रवेश कर रही है, जिससे ठंड का प्रभाव धीरे-धीरे बढ़ने लगा है।   मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक सुबह के समय हल्के से मध्यम कोहरे की संभावना जताई है और वाहन चालकों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। आगामी 4 से 5 दिनों में अधिकतम तापमान में किसी खास परिवर्तन की उम्मीद नहीं है, जबकि न्यूनतम तापमान अगले 48 घंटों तक स्थिर रहेगा। इसके बाद राज्य के अधिकांश हिस्सों में रात का पारा नीचे जाने के आसार हैं, जिससे ठंड और बढ़ेगी।  

स्टेशन की सुरक्षा होगी और पुख्ता, चारदीवारी निर्माण के लिए मंजूर हुए 2.19 करोड़ रुपए

हिसार  हिसार रेलवे स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए रेलवे प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। स्टेशन को पूरी तरह सुरक्षित दायरे में लाने के लिए लगभग 2200 मीटर लंबी मजबूत बाउंड्रीवॉल का निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना के लिए रेलवे ने 2 करोड़ 19 लाख रुपये की स्वीकृति देते हुए निर्माण का टेंडर जारी कर दिया है। अधिकारियों के अनुसार, कार्य जल्द ही शुरू होने की संभावना है। स्टेशन के चारों ओर बनने वाली यह आधुनिक डिजाइन की दीवार बाहरी व्यक्तियों की अनधिकृत एंट्री पर पूरी तरह रोक लगाएगी। फिलहाल परिसर में शरारती और असामाजिक तत्वों की आवाजाही बढ़ने से यात्रियों की सुरक्षा तथा रेलवे संपत्ति दोनों पर खतरा बना हुआ है। नई बाउंड्रीवॉल बनने के बाद स्टेशन में प्रवेश सिर्फ निर्धारित गेटों और प्लेटफॉर्म मार्ग से ही संभव होगा। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह दीवार न केवल सुरक्षा मजबूत करेगी, बल्कि परिसर की स्वच्छता और सुंदरता में भी सुधार लाएगी। साथ ही रेलवे भूमि पर हो रहे संभावित अतिक्रमण को रोकने में भी मददगार होगी। परियोजना पूरी होने के बाद स्टेशन परिसर अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और नियंत्रित प्रवेश प्रणाली के साथ यात्रियों के लिए बेहतर वातावरण प्रदान करेगा। 

अमरिंदर सिंह का खुलासा—राहुल गांधी को लेकर बयान ने गरमाई पंजाब की राजनीति

अमृतसर पंजाब की राजनीति में एक बार फिर पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह का नाम सुर्खियों में है। एक मीडिया इंटरव्यू में कैप्टन ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी पर गंभीर आरोप लगाते हुए 2018 का पुराना, लेकिन अनसुना किस्सा सांझा किया। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी ने उन पर एक मंत्री को कैबिनेट से हटाने का जबरदस्त दबाव बनाया था और जब उन्होंने इनकार किया तो ट्वीट करने की धमकी तक दे डाली, साथ ही, कैप्टन ने 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों के संदर्भ में भाजपा और शिरोमणि अकाली दल (एस.ए.डी.) के बीच गठबंधन को राज्य में सत्ता हासिल करने की 'एकमात्र राह' बताया, बिना इसके 2027 या 2032 तक सरकार बनाने की कल्पना को 'भ्रम' करार दिया। कैप्टन ने बताया कि यह घटना 2018 की है, जब वे पंजाब के मुख्यमंत्री थे। राहुल गांधी ने उनसे मुलाकात की और एक समाचार पत्र की कटिंग दिखाई, जिसमें एक मंत्री पर कथित अनुचित व्यवहार के आरोप लगाए गए थे। कैप्टन के अनुसार, वे आरोप बेबुनियाद थे और जांच चल रही थी, लेकिन राहुल ने तत्काल कार्रवाई का आदेश दिया। जब कैप्टन ने स्पष्ट किया कि बिना ठोस सबूत के ऐसा कदम राजनीतिक रूप से हानिकारक साबित होगा तो राहुल ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि अगर आप कार्रवाई नहीं करेंगे तो मैं खुद ट्वीट करके घोषणा कर दूंगा कि मंत्री को बर्खास्त किया जा रहा है। कैप्टन ने इसे 'गलत संदेश' भेजने वाला बताया, क्योंकि इससे पार्टी के अंदर अनुशासनहीनता का आभास होता। अंततः, कैप्टन ने मंत्री को बुलाया और हाईकमान की इच्छा से अवगत कराया, जिसके बाद मंत्री ने मात्र पांच मिनट में अपना इस्तीफा सौंप दिया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह मामला तत्कालीन मंत्री राणा गुरजीत सिंह से जुड़ा था, जो माइनिंग विभाग संभाल रहे थे और वर्तमान में कपूरथला से कांग्रेस विधायक हैं। इस खुलासे से कांग्रेस में हलचल मचने की संभावना है, खासकर जब पंजाब की राजनीति पहले से ही जटिल है। उन्होंने राहुल के इस रवैये को 'अनुभवहीन' करार देते हुए कहा कि इससे न केवल मंत्री का अपमान हुआ, बल्कि पार्टी की छवि को भी ठेस पहुंची।   दूसरी तरफ कैप्टन ने पंजाब की बदलती राजनीतिक समीकरणों पर गहन विश्लेषण पेश किया। उन्होंने कहा कि भाजपा को 2027 के विधानसभा चुनावों में सफलता पाने के लिए अकाली दल के साथ मजबूत गठबंधन करना होगा। उनका तर्क है कि भाजपा का ग्रामीण पंजाब में अभी कोई ठोस आधार नहीं है, जबकि अकाली दल का सिख समुदाय और ग्रामीण इलाकों में गहरी पैठ है। भाजपा को राज्य की जटिल सामाजिक-राजनीतिक संरचना समझनी होगी। कैडर निर्माण में दो-तीन चुनाव लगेंगे, इसलिए गठबंधन ही एकमात्र विकल्प है। बिना इसके 2027 या 2032 की सरकार बनाने का सपना देखना व्यर्थ है," कैप्टन ने स्पष्ट शब्दों में कहा। उन्होंने जोर देकर कहा कि वे खुद स्वस्थ और सक्रिय हैं तथा 2027 के चुनावों के लिए पूरी तरह तैयार हैं। पंजाब ने उन्हें जो कुछ दिया, उसके प्रति आभार व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य के हित में वे हमेशा प्रतिबद्ध रहेंगे। कैप्टन के बयान छेड़ सकते पंजाब की राजनीति में नई बहस कैप्टन के ये बयान एक प्रमुख मीडिया चैनल को दिए गए इंटरव्यू में आए हैं, जो पंजाब की राजनीति में नई बहस छेड़ सकते हैं। भाजपा और अकाली दल के बीच संबंधों को लेकर लंबे समय से अनिश्चितता बनी हुई है, लेकिन कैप्टन का यह आह्वान गठबंधन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है। कांग्रेस के प्रवक्ताओं ने अभी तक इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो चुकी हैं।

MP में व्यापक अतिक्रमण हटाने की तैयारी! BJP विधायक का सदन में बड़ा बयान

भोपाल भाजपा के वरिष्ठ विधायक डॉ. सीतासरन शर्मा ने सोमवार को विधानसभा में नर्मदापुरम और इटारसी में अतिक्रमण का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि जहां से अतिक्रमण हटाया जाता है, वहां कुछ दिनों बाद फिर से हो जाता है। बाहरी लोग आकर सड़कों के किनारे अतिक्रमण कर रहे हैं। इसका स्थायी समाधान होना चाहिए। उनका समर्थन करते हुए सागर से भाजपा विधायक शैलेंद्र जैन ने कहा लोगों का शहरों से मोहभंग हो रहा है और वे बाहरी क्षेत्र में रहने लगे हैं। पूरे प्रदेश में हटाए जाएंगे अतिक्रमण नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) चल रहा है, जिसमें अमला लगा है। इसके पूरा होते ही टीम बनाकर कार्रवाई की जाएगी। पूरे प्रदेश में अतिक्रमण हटाए जाएंगे और यह फिर न हो, यह भी सुनिश्चित करेंगे। इस पर भाजपा विधायक अजय विश्नोई बोले कि इसमें गरीबों का ध्यान रखा जाए। उन्हें हटाएं तो दूसरी जगह उनके रहने की व्यवस्था भी करें।   हमारे अच्छे खिलाड़ी दूसरे राज्यों से खेलते हैं भाजपा विधायक दिलीप सिंह परिहार ने सरकारी नौकरियों में खिलाड़ियों को बोनस अंक देने का मामला सदन में उठाया। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि बोनस अंक देने का प्रविधान तो नहीं है पर आयु सीमा में पांच वर्ष की छूट अवश्य दी जाती है। एक अप्रैल, 2020 से अब तक 37 उत्कृष्ट खिलाड़ियों को नौकरी दी गई है। आवेदनों का किया जा रहा परीक्षण वर्ष 2015 की विक्रम अवार्डी वर्षा वर्मन और वर्ष 2019 की मुस्कान किरार का आवेदन विलंब से मिलने के कारण नियुक्ति नहीं दी जा सकी। आवेदनों का परीक्षण किया जा रहा है। मध्य प्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य है जहां मुख्यमंत्री युवा शक्ति योजना अंतर्गत सभी विधानसभा क्षेत्रों में एक-एक स्टेडियम बनाए जा रहे हैं। संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि हमारे अच्छे खिलाड़ी दूसरे राज्यों में चले जाते हैं। हरियाणा से हमारे पहलवान खेल रहे हैं।  

काम के दौरान बेहोश हुईं BLO अधिकारी: ब्रेन हेमरेज के बाद वेंटिलेटर पर भर्ती

मुरादाबाद  मुरादाबाद से BLO ड्यूटी में लगे कर्मचारियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर एक और चिंताजनक खबर सामने आई है. हाल ही में मुरादाबाद में एक टीचर BLO सर्वेश सिंह ने आत्महत्या कर ली. उन्होंने पत्नी ने आरोप लगाया कि SIR के काम के दबाव के चलते उन्होंने ये कदम उठाया. वहीं अब एक महिला BLO को ब्रेन हेमरेज होने की जानकारी सामने आई है. महिला की पहचान 57 साल की आभा सोलोम के रूप में हुई है. आभा पाकबड़ा के प्राइमरी स्कूल में सहायक अध्यापिका हैं और वर्तमान में SIR (चुनाव संबंधी पंजीकरण कार्य) में लगी हुई थीं. इसी बीच उनकी तबीयत बिगड़ गई. उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है और वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है.हालांकि, परिवार ने आभा सोलोम ने अभी तक उनकी तबीयत के पीछे SIR के कार्य के दबाव का सीधा आरोप नहीं लगाया है. उनके पति और बेटा शहर से बाहर हैं. इसलिए वह मुरादाबाद में अपने भाई-बहनों के साथ रहती हैं. काम करते हुए हो गईं बेहोश रविवार को जब उनके परिवार के लोग चर्च गए हुए थे. तब वह घर पर अकेले ही SIR के फॉर्म अपलोड करने का कार्य निपटा रही थीं. दोपहर लगभग दो बजे, जब उनकी बहन चर्च से वापस लौटीं, तो उन्होंने आभा को बिस्तर पर लेटा हुआ पाया. उन्हें दवाई देने के लिए उठाने पर आभा बेहोशी की हालत में मिलीं, जिसके बाद तुरंत बाकी घरवालों को बुलाकर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया. वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया ​अस्पताल में आभा सोलोमन की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है. डॉक्टरों ने कहां कि उनका ब्लड प्रेशर काफी कम है और साथ ही ब्रेन हेमरेज की आशंका भी जताई गई है. परिजनों ने पुष्टि की है कि आभा सोलोमन बीपी की पुरानी मरीज हैं और उनका इलाज चल रहा है. हालांकि, परिवार ने अभी तक इस उनकी तबीयत खराब होने के पीछे SIR के कार्य के दबाव का सीधा आरोप नहीं लगाया है. हालांकि, उनकी तबीयत काम करते हुए ही बिगड़ी थी.

नई नीति से खुलेंगे अंतरराष्ट्रीय दरवाज़े: रिसर्च यात्रा और ठहरने का पूरा खर्च उठाएगी पंजाब सरकार

चंडीगढ़ पंजाब के युवाओं के भविष्य को सुरक्षित और मजबूत बनाने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने एक क्रांतिकारी और ऐतिहासिक कदम उठाया है। "यंग साइंटिस्ट्स ट्रैवल असिस्टेंस स्कीम" की शुरुआत के साथ, सरकार ने राज्य के प्रतिभाशाली वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं के लिए वैश्विक मंच के दरवाजे खोल दिए हैं। यह दूरदर्शी पहल पंजाब में विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में नई ऊर्जा भरने का काम कर रही है, जिससे राज्य के युवाओं को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की स्पष्ट इच्छा दिखाई देती है। ओएसडी टू सीएम अमनजोत सिंह ने बताया कि पंजाब स्टेट काउंसिल फॉर साइंस एंड टेक्नोलॉजी (PSCST) द्वारा STEM आउटरीच प्रोग्राम के तहत संचालित यह स्कीम, इस बुनियादी चुनौती को संबोधित करती है कि कई प्रतिभाशाली शोधकर्ता केवल आर्थिक सीमाओं के कारण विश्व की सर्वश्रेष्ठ कॉन्फ्रेंसेज़ और रिसर्च प्लेटफॉर्म तक नहीं पहुँच पाते। मान सरकार का उद्देश्य स्पष्ट है: पंजाब का कोई भी युवा वैज्ञानिक सिर्फ पैसों की कमी के कारण पीछे न रह जाए। यह योजना विशेष रूप से राज्य के कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और अनुसंधान संस्थानों में कार्यरत 45 वर्ष से कम आयु के योग्य वैज्ञानिकों, प्रौद्योगिकीविदों और शिक्षकों के लिए है, जिनके पास पीयर-रिव्यू वाली पत्रिकाओं (Scopus/SCI/Web of Science) में न्यूनतम दो प्रकाशन होना अनिवार्य है। ओएसडी टू सीएम अमनजोत सिंह ने बताया कि यह सहायता युवा वैज्ञानिकों को देश और विदेश में आयोजित होने वाले महत्वपूर्ण शैक्षणिक और वैज्ञानिक आयोजनों, जैसे कि कॉन्फ्रेंस, सेमिनार, सिम्पोज़िया, कार्यशालाओं, अल्पकालिक स्कूल/पाठ्यक्रम/प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लेने या अपने शोध पत्र प्रस्तुत करने में सक्षम बनाएगी। योजना के अंतर्गत, प्रतिभागियों को अधिकतम ₹15,000 तक की ट्रैवल असिस्टेंस प्रदान की जाएगी, जिसमें हवाई किराए या रखरखाव भत्ते का 50 प्रतिशत और पंजीकरण फीस शामिल है। यह सहयोग युवा वैज्ञानिकों को दुनिया भर में हो रहे नवीनतम वैज्ञानिक विकास और तकनीकी रुझानों से परिचित होने, ज्ञान का आदान-प्रदान करने और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग स्थापित करने का अवसर देगा। यह कदम पंजाब की वैज्ञानिक और तकनीकी प्राथमिकताओं के अनुरूप अनुसंधान को बढ़ावा देगा। ओएसडी टू सीएम अमनजोत सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने इस योजना को पंजाब की प्रगतिशील सोच का प्रतीक बताया है। उनके अनुसार, अब समय आ गया है कि पंजाब के युवा भी विश्वस्तरीय वैज्ञानिक चर्चा का हिस्सा बनें और अपनी शोध को दुनिया के सामने रखें। उन्होंने कहा, "हमारी सरकार युवा शक्ति और वैज्ञानिक प्रगति में दृढ़ विश्वास रखती है। यह स्कीम केवल एक वित्तीय मदद नहीं है, बल्कि हमारे युवा शोधकर्ताओं के सपनों को उड़ान देने का माध्यम है।" मान सरकार लगातार यह साबित कर रही है कि विकास का अर्थ सिर्फ सड़कें और इमारतें नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य को सुरक्षित और मजबूत बनाना भी है। पहले जहां सरकारी योजनाएँ अक्सर कागज़ों तक सीमित रहती थीं, वहीं अब पंजाब में वास्तविक और दृश्यमान परिवर्तन दिखाई दे रहा है। ओएसडी टू सीएम अमनजोत सिंह ने बताया कि यह योजना स्पष्ट संदेश देती है कि पंजाब का युवा अब पीछे नहीं रहने वाला। यह पहल न केवल रिसर्च और इनोवेशन को बढ़ावा देगी, बल्कि पंजाब की नई पीढ़ी को उच्च स्तर पर सोचने, सीखने और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनने का मौका भी देगी। पंजाब के मतदाता यह महसूस कर रहे हैं कि राज्य में एक ऐसी सरकार कार्यरत है जो सिर्फ वादे नहीं करती, बल्कि उन पर अमल भी करती है, और यह योजना उसी दिशा में उठाया गया एक मजबूत कदम है जो अवसर, सम्मान और एक उज्ज्वल भविष्य देने के मान सरकार के लक्ष्य को दर्शाती है।