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600 से ज्यादा जवानों की शहादत के बाद बदली तस्वीर, झारखंड में माओवाद पर लगा ब्रेक

 रांची  शासन से असंतुष्ट होकर सत्ता के विरुद्ध उठाए गए हथियार को झुकाने में सुरक्षा बलों को दो दशक का लंबा अंतराल लगा। छह सौ से अधिक जवानों-अधिकारियों का बलिदान देना पड़ा। केंद्र व राज्य की सरकार ने दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ निरंतर अभियान चलाया। प्रलोभन दिया, राज्य सरकार की आत्मसमर्पण व पुनर्वास नीति जैसा प्लेटफार्म दिया। जंगल-जंगल खाक छानी, मारक कार्रवाई की, गोला-बारूद के आपूर्ति रूट को ध्वस्त किया, राशन की सप्लाई चेन तोड़ी, सुदूर गांवों तक ग्रामीणों का विश्वास जीता, उन तक विकास की उम्मीद पहुंचाने की पहल की, तब जाकर यह सफलता मिली। इन दो दशकों में झारखंड से एक-एक कर दर्जनभर माओवादी संगठनों के वजूद मिटते चले गए। अब स्थिति यह है कि सभी बड़े माओवादी, उग्रवादी या तो मारे गए या मुख्य धारा में लौटकर खेती-बारी करने लगे या फिर गिरफ्तार-आत्मसमर्पण के बाद जेल में सुख-चैन की जिंदगी जी रहे हैं। न भागदौड़ की जिंदगी, न मारे जाने का भय है। पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) से शुरू हुआ माओवादियों का सफर अब थम गया है। इस संगठन से टूट-टूटकर करीब दर्जनभर कुख्यात संगठन तक बने, लेकिन सुरक्षा बलों की दृढ़ इच्छा शक्ति व साहस ने एक-एक कर सभी संगठनों को धूल चटा दी है। जिस रास्ते से लोग दिन में गुजरने से भय खाते थे, सुरक्षा में तैनात पदाधिकारी व जवान मुंह पर गमछा बांधकर उस इलाके में चलते थे, वहां अब रात में भी लोग बेखौफ होकर चल रहे हैं। जंगल में भी गोले-बारूद की गूंज थम चुकी है। मोबाइल के टावर उड़ाने वाले, पुल-पुलिया ध्वस्त करने वाले, सुरक्षा बलों पर हमला करने वाले माओवादी, उग्रवादी अब नहीं के बराबर हैं, यूं कहें तो मृत प्राय हो चुके हैं। करोड़ो की लेवी से कारोबारी थे परेशान, मिली मुक्ति झारखंड में दो दशक से विकास योजनाओं को धरातल पर उतारने नहीं दे रहे थे माओवादी। बड़े-बड़े कारोबारी झारखंड में कारोबार से हिचकते थे, इसकी मूल वजह थी माओवादियों तक करोड़ों की लेवी पहुंचाना। पूरा झारखंड दहशत में था। कोयला का कारोबार हो, सड़क, पुल-पुलिया का निर्माण हो, सड़क बनना हो या फिर स्कूल, अस्पताल बनना हो, ईंट, गिट्टी, बालू का परिवहन हो, माओवादियों को लेवी दिए बगैर कोई काम नहीं होता था। केंद्र व राज्य ने मिलकर पहले आपरेशन ग्रीन हंट शुरू किया। आपरेशन ग्रीन हंट से आपरेशन क्लीन व आपरेशन नव जीवन तक ने माओवादियों, उग्रवादियों की कमर तोड़ डाली। इसका नतीजा यह हुआ कि झारखंड के जंगलों में शांति लौट आई। लंबे समय तक मुख्य रूप से सक्रिय रहे हैं चार प्रमुख संगठन माओवादियों के चार प्रमुख संगठन ही मुख्य रूप से सक्रिय रहे हैं। इनमें सबसे बड़ा माओवादी संगठन भाकपा माओवादी हैं। इसके अलावा दूसरे स्थान पर पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट आफ इंडिया (पीएलएफआई), तृतीय सम्मेलन प्रस्तुति कमेटी (टीएसपीसी) व झारखंड जन मुक्ति परिषद है। इन चारों ही माओवादी संगठनों के सभी बड़े नेता, बड़े उग्रवादी मारे, पकड़े जा चुके हैं। कइयों ने आत्मसमर्पण कर मुख्य धारा से जुड़ना स्वीकार किया है। ये हैं दो दशक में झारखंड में सक्रिय रहे प्रमुख माओवादी संगठन     पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) : यह देश में माओवादियों का सबसे पुराना संगठन है। इसी संगठन के बाद बंगाल के नक्सलबाड़ी में शासन के विरुद्ध युद्ध छिड़ा और इससे प्रेरित होकर नक्सलबाड़ी से हथियार के साथ युवाओं ने हथियार उठाया, जिन्हें नक्सली कहा गया।     भाकपा माओवादी (सीपीआइ, माओवादी) : पीएलजीए के बाद देश में भाकपा माओवादियों की नींव पड़ी। इनके नेता झारखंड, बिहार, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, बंगाल आदि राज्यों में सक्रिय हुए। युवाओं को माओवाद से जोड़ा और देखते ही देखते यह देश का सबसे बड़ा माओवादी संगठन बन गया, जो सत्ता के विरुद्ध हथियार के बल पर शासन का विरोध करता था।     तृतीय सम्मेलन प्रस्तुति कमेटी (टीएसपीसी) : भाकपा माओवादियों के ही कुछ सदस्य टूटकर अपना नया संगठन बनाए। ये खुद को माओवादियों के समानांतर अपना संगठन संचालित करने लगे। ये सर्वाधिक कोयला क्षेत्र में ही सक्रिय रहे। चतरा, लातेहार, पलामू, हजारीबाग, रांची आदि जिलों में इस संगठन ने लंबे समय तक अपना वर्चस्व कायम की थी।     झारखंड जन मुक्ति परिषद (जेजेएमपी) : यह माओवादियों के विरुद्ध खड़ा किया गया संगठन था। बाद में यह संगठन भी माओवादी विचाराधारा के अनुरूप चलने लगा और देखते ही देखते नासूर बन गया। इसको लेकर कई बार सुरक्षा बलों की गतिविधियां भी कटघरे में खड़ी हुई थी, क्योंकि इस संगठन के नेता पहले सुरक्षा बलों के साथ माओवादियों के विरुद्ध अभियान में शामिल होते थे। इस संगठन का भी झारखंड से सुपड़ा साफ हो गया।     सम्राट गिरोह : रांची-खूंटी सीमा पर लकड़ी की तस्करी सहित अन्य गतिविधियों में यह संगठन सक्रिय था। इस संगठन ने अपने साथ कई युवाओं को जोड़ा। बाद में यह संगठन भी माओवाद की तर्ज पर खुद को स्थापित करने का प्रयास किया। दहशत भी कायम किया, लेकिन यह दहशत लंबे समय तक रह नहीं सका।     झारखंड लिबरेशन टाइगर्स (जेएलटी) : रांची, खूंटी क्षेत्र में कुख्यात जयनाथ साहू के सम्राट गिरोह से खुद को अलग कर दिनेश गोप ने झारखंड लिबरेशन टाइगर्स नामक संगठन बनाया। बाद में इस संगठन को जब प्रतिबंधित किया गया तो दिनेश गोप ने पीएलएफआइ नाम से संगठन बनाया।     पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट आफ इंडिया (पीएलएफआई) : जेएलटी प्रतिबंधित होने के बाद पीएलएफआई नाम से संगठन बनाकर दिनेश गोप लंबे समय तक माओवादी गतिविधियां संचालित करता रहा। टेरर फंडिंग मुख्य काम रहा। अब यह संगठन भी समाप्त हो चुका है। ये संगठन भी कुछ समय के लिए रहे सक्रिय झारखंड में कुछ समय के लिए झारखंड प्रस्तुति कमेटी (जेपीसी), सशस्त्र पीपुल्स मोर्चा (एसपीएम), संघर्ष जन मुक्ति मोर्चा (एसजेएमएम), झांगुर ग्रुप, पहाड़ी चिता, शांति सेना नाम से संगठन सक्रिय रहे। इनके माओवादी, स्पिलिंटर ग्रुप कारोबारियों के लिए परेशानी का सबब बने रहे। बाद में इन संगठनों का भी खात्मा हो गया। कई संगठनों के सदस्यों ने आपराधिक गिरोह से खुद को जोड़ लिया।

प्रिंसिपल अनिल कुमार को ‘वैश्विक शिक्षक रत्न’ पुरस्कार, चंडीगढ़ का बढ़ाया गौरव

चंडीगढ़. सेक्टर-31 स्थित राजकीय बौद्धिक दिव्यांग पुनर्वास संस्थान (जीआरआईआईडी) के प्रिंसिपल अनिल कुमार को विशेष शिक्षा और बौद्धिक दिव्यांगजनों के पुनर्वास के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए ‘वैश्विक शिक्षक रत्न पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें नई दिल्ली स्थित इंडियन सोसाइटी ऑफ इंटरनेशनल लॉ, सुप्रीम कोर्ट कॉम्प्लेक्स में आयोजित समारोह में प्रदान किया गया। अंतरराष्ट्रीय समरसता मंच की ओर से आयोजित इस समारोह में देश के विभिन्न राज्यों से आए शिक्षाविदों, गणमान्य व्यक्तियों और सहभागी देशों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। समारोह में शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया गया। इस दौरान विभिन्न राज्यों के कुल 51 शिक्षकों को ‘वैश्विक शिक्षक रत्न पुरस्कार’ और ‘शिक्षक गौरव पुरस्कार’ प्रदान किए गए। जीआरआईआईडी में बौद्धिक दिव्यांगजनों के लिए शिक्षा, प्रशिक्षण, पुनर्वास और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में विभिन्न स्तरों पर कार्य किया जाता है। ऐसे में संस्थान के प्रधानाचार्य को मिला यह सम्मान चंडीगढ़ के लिए भी महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

जालंधर में 4 साल के बच्चे के अपहरण का खुलासा, आरोपी गिरफ्तार

जालंधर. कमिश्नरेट पुलिस जालंधर ने चार वर्षीय बच्चे के अपहरण के मामले को सुलझाते हुए बच्चा चोरी और चाइल्ड ट्रैफिकिंग से जुड़े गिरोह के मुख्य आरोपित रजत रत्तू उर्फ रोकी को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि आरोपित ने अपने एक अन्य साथी के साथ मिलकर चार वर्षीय बच्चे को चाइल्ड ट्रैफिकिंग के उद्देश्य से अगवा किया था। उसने यह बच्चा एक लाख रुपए में बेचना था। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई बिना नंबर की सफेद एक्टिवा भी बरामद कर ली है। दूसरे आरोपित की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। पुलिस कमिश्नर सतिंदर सिंह के निर्देश पर डीसीपी सिटी आदित्य एस. वारियर, एडीसीपी जोन-2 माधवी शर्मा और एसीपी वेस्ट आतिश भाटिया की निगरानी में थाना बस्ती बावा खेल पुलिस ने कार्रवाई की। एसआइ गुरदीप चंद, थाना प्रभारी बस्ती बावा खेल, और एएसआइ सुखदेव चंद, चौकी इंचार्ज लेदर कांप्लेक्स, की टीम ने मामले की जांच शुरू की।

ग्रेटर नोएडा के ‘उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो’ में लगेंगे टेराकोटा के चार स्टॉल

वैश्विक पटल पर चमक बिखेरेगा गोरखपुर की माटी का शिल्प ‘टेराकोटा’ ग्रेटर नोएडा के ‘उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो’ में लगेंगे टेराकोटा के चार स्टॉल ओडीओपी में शामिल किए जाने के बाद टेराकोटा शिल्पियों और कारोबारियों के जीवन में आई समृद्धि गोरखपुर गोरखपुर की तमाम विशिष्टताओं में से एक माटी का हस्तशिल्प ‘टेराकोटा’ वैश्विक पटल पर एक बार फिर अपनी चमक बिखेरने के लिए तैयार है। ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में 25 से 29 सितंबर तक आयोजित होने जा रहे उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस) के चौथे संस्करण में गोरखपुर के टेराकोटा उत्पादों के चार विशेष स्टॉल लगाए जाएंगे। इस अंतरराष्ट्रीय मंच के माध्यम से स्थानीय टेराकोटा शिल्पियों और कारोबारियों को सीधे राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय खरीदारों, निर्यातकों और बड़े व्यापारिक घरानों से जुड़ने का अवसर मिलेगा। एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना में शामिल होने के बाद से इस पारंपारिक शिल्प को नया जीवन मिला है, जिससे शिल्पियों और कारोबारियों के जीवन में आर्थिक समृद्धि और सामाजिक सम्मान का नया दौर शुरू हुआ है। उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो में इस बार गोरखपुर के टेराकोटा के चार स्टॉल आकर्षण का प्रमुख केंद्र होंगे। ट्रेड शो में आने वाले विदेशी प्रतिनिधियों और बड़े कॉरपोरेट खरीदारों के सामने इन उत्पादों की सीधी ब्रांडिंग से निर्यात की संभावनाओं के नए द्वार खुलने की भी पूरी उम्मीद है। उद्योग विभाग ने जिन शिल्पियों और कारोबारियों को यूपीआईटीएस में स्टाल लगाने के लिए चयनित किया है, उनमें मेसर्स अतरंगी कलाकारी के बैनर तले टेराकोटा ज्वेलरी व होम डेकोरेशन प्रोडक्ट बनाने वाली दीपिका सिंह, रीतिका कृतिका क्रिएशन से सुनीता मौर्या, गिफ्ट सिटी से कमलेश तिवारी और मेसर्स रोशनी एक उम्मीद ट्रस्ट की कोमल मद्देशिया शामिल हैं। उद्योग उपायुक्त उज्ज्वल सिंह का कहना है कि इंटरनेशनल ट्रेड शो में लगने वाले टेराकोटा के स्टाल न केवल गोरखपुर के शिल्पियों की मेहनत और हुनर का प्रदर्शन करेंगे, बल्कि यह साबित करेंगे कि यदि पारंपरिक हुनर को सही नीति, तकनीक और बाजार का सहारा मिले तो मिट्टी भी सोना उगल सकती है। यूपीआईटीएस में मिलने वाला अवसर गोरखपुर के टेराकोटा के निर्यात की दिशा में भी काफी महत्वपूर्ण साबित होगा। योगी सरकार ने की ब्रांडिंग तो खूब बढ़ा कारोबार भटहट ब्लॉक के औरंगाबाद गांव को टेराकोटा शिल्प का मूल गांव माना जाता है। औरंगाबाद और इसके आसपास के गांवों में पीढ़ियों से टेराकोटा का काम किया जाता रहा है। वर्ष 2018 में मुख्यमंत्री ने एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना शुरू की और टेराकोटा को गोरखपुर का ओडीओपी उत्पाद घोषित किया गया। इसके तहत शिल्पकारों को विद्युत चालित चाक, पगमिल, अनुदान पर ऋण की सुविधा उपलब्ध कराई गई। इससे उत्पादन क्षमता बढ़ी तो दूसरी तरफ योगी सरकार ने बड़े-बड़े मंचों से टेराकोटा की ब्रांडिंग की। परिणामस्वरूप इसकी मांग में लगातार वृद्धि होती गई। कारोबार में वृद्धि होने से टेराकोटा शिल्पकारों के जीवन स्तर में व्यापक सुधार हुआ है। कच्ची झोपड़ियों में काम करने वाले कई शिल्पियों ने पक्के वर्कशॉप और पक्के मकान बना लिए हैं। नई पीढ़ी, जो कभी मिट्टी के इस काम से दूरी बना रही थी, अब आधुनिक डिजाइनिंग सीखकर अपने पुश्तैनी कारोबार में सक्रिय रूप से हाथ बंटा रही है।

दीपक बैज के आरोपों पर स्वास्थ्य मंत्री का जवाब, अस्पताल चलने की दी चुनौती

रायपुर. छत्तीसगढ़ की सियासत में नेताओं के बीच जुबानी जंग का सिलसिला जारी है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पंचायत मंत्री विजय शर्मा के बीच प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर हुई बहस के बाद अब कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर स्वास्थ्य मंत्री को चुनौती दी है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल पर निशाना साधते हुए उन्हें चुनौती दी है। बैज ने कहा है कि वे प्रदेश के किसी भी अस्पताल में जाकर जमीनी स्थिति देखने के लिए तैयार हैं। बैज की ओर से स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठाए जाने के बाद मामला राजनीतिक बहस में बदल गया। श्याम बिहारी जायसवाल ने स्वीकार की चुनौती दीपक बैज की चुनौती पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने भी पलटवार करते हुए इसे स्वीकार कर लिया। उन्होंने कहा कि दीपक बैज उनके पुराने मित्र हैं और वे उनका सम्मान करते हैं। अस्पताल का चयन भी बैज अपनी पसंद से कर सकते हैं।स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि बस्तर क्षेत्र या रायपुर का कोई भी अस्पताल चुन लिया जाए, वे वहां साथ चलने के लिए तैयार हैं। वे स्वास्थ्य मंत्री के तौर पर ही नहीं, बल्कि एक मित्र के रूप में भी उनके साथ जाएंगे। जाना होगा तो खबर भेज दें, जरूर जाएंगे : स्वास्थ्य मंत्री स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने कहा कि अगर दीपक बैज किसी अस्पताल का जायजा लेने जाना चाहते हैं तो उन्हें इसकी जानकारी भेज दें। जाना होगा तो खबर भेज दें, जरूर जाएंगे। इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने कांग्रेस को लेकर तंज भी कसा। उन्होंने कहा कि “कांग्रेस में चर्चा करने का कोई इंफेक्शन आ गया है।” अब दोनों नेताओं की चुनौती के बाद यह देखना दिलचस्प होगा कि अस्पताल का चयन कब और कहां होता है और क्या दोनों नेता साथ में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जायजा लेने पहुंचते हैं।

MP स्थापना दिवस की थीम तय, ‘समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश’ पर होगा आयोजन

समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश की थीम पर मनाया जाए प्रदेश का स्थापना दिवस : मुख्यमंत्री डॉ. यादव कृषि पर केन्द्रित होंगी प्रदर्शनियां और कृषि के क्षेत्र में नवाचार व उपलब्धियों को मिलेगा सम्मान सभी शासकीय भवनों पर स्थापना दिवस पर एक नवम्बर की रात्रि को की जाएगी रोशनी जनता की भागीदारी को करें प्रोत्साहित जिला स्तर पर भी होंगे आयोजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश स्थापना दिवस की बैठक में दिए निर्देश भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि वर्ष 2026 समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश की थीम पर किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। एक नवम्बर को वर्ष 2026 का मध्यप्रदेश स्थापना दिवस कृषि विकास और किसान कल्याण पर केंद्रित हो। उन्नत कृषि, प्राकृतिक खेती, कृषि में नवाचार आदि पर विशेष रूप से प्रदर्शनियां आयोजित की जाएं तथा कृषि के क्षेत्र में नवाचार करने और उपलब्धियां अर्जित करने वाले कृषकों, उद्यमियों, युवाओं को सम्मानित किया जाए। उन्होंने कहा कि राज्य स्तर पर गतिविधियों के साथ ही जिलों में भी उत्साह और उल्लास के साथ कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। सभी शासकीय भवनों पर स्थापना दिवस पर एक नवम्बर की रात्रि में रोशनी की जाए। प्रदेश की प्रतिभाओं को अपनी कला, योग्यता और क्षमता के प्रदर्शन का मौका प्रदान करने के लिये कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। स्थापना दिवस समारोह प्रदेश का उत्सव है। राज्य और जिलास्तरीय कार्यक्रमों में अधिक से अधिक जनभागीदारी सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ये निर्देश मध्यप्रदेश स्थापना दिवस के संबंध में आज मंत्रालय में हुई बैठक में दिए। बैठक में मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल, अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन, संजय कुमार शुक्ला, शिवशेखर शुक्ला, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना सहित संस्कृति तथा अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। देशज व्यंजनों का लगेगा मेला बैठक में बताया गया कि 71वें मध्यप्रदेश स्थापना समारोह का राज्य स्तरीय समारोह लाल परेड ग्राउंड में होगा। इसके अंतर्गत विकसित मध्यप्रदेश-2047, एक जिला-एक उत्पाद, मध्यप्रदेश के जननायक, प्रदेश की पारम्परिक कलाओं, मंदिर स्थापत्य, भारत की ऋषि परम्परा, प्रदेश में विरासत से विकास और कृषि के क्षेत्र में उपलब्धियों पर प्रदर्शनियां लगाई जाएंगी। इस अवसर पर देशज व्यंजनों का मेला भी विशेष रूप से होगा। एक नवम्बर की शाम को भव्य स्तर पर सुगम संगीत पर कार्यक्रम होगा। इसमें देश के प्रतिष्ठित कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे। इस अवसर पर आकर्षक आतिशबाजी भी की जाएगी। जिले की उपलब्धियों को किया जाए प्रदर्शित स्थापना दिवस समारोह में जिला मुख्यालयों पर विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियां, जिलावार उत्कृष्ट कार्यों और जिला उत्पादों का प्रदर्शन किया जाएगा। जिला स्तरीय कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों, उद्योगपतियों, व्यवसायियों, धर्मगुरुओं, स्वयंसेवी संस्थाओं, स्वतंत्रता सेनानियों, लोकतंत्र सेनानियों, शहीद सैनिकों के परिजन और महत्वपूर्ण उपलब्धि अर्जित करने वाले स्व-सहायता समूहों, स्टार्ट-अप से जुड़े व्यक्तियों को विशेष रूप से आमंत्रित करने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में राज्य स्तरीय कार्यक्रम के लिए बैठक व्यवस्था, यातायात, सुरक्षा व्यवस्था आदि के संबंध में भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।  

बस्तर के नितेश कश्यप को मिला नया जीवन, लिवर कैंसर को दी मात

आयुष्मान भारत बना संबल बस्तर के नितेश कश्यप को मिला नया जीवन, लिवर कैंसर को दी मात समय पर जांच और उपचार के साथ आयुष्मान भारत योजना से मिला पांच लाख रुपए तक के निःशुल्क उपचार का सहारा रायपुर, बस्तर जिले के तोकापाल विकासखंड के ग्राम करंजी निवासी 27 वर्षीय श्री नितेश कश्यप के लिए आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना जीवन में नई उम्मीद लेकर आई। लंबे समय से पेट दर्द की असहनीय पीड़ा झेल रहे नितेश जब गांव के आयुष्मान आरोग्य मंदिर पहुंचे, तो उन्हें प्राथमिक उपचार और दवाइयां दी गईं। दवाइयों से अपेक्षित राहत नहीं मिलने पर दोबारा स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने पर वहां पदस्थ कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर श्रीमती प्रीति बघेल ने उनकी स्थिति की गंभीरता को समझते हुए तत्काल उन्हें महारानी जिला अस्पताल, जगदलपुर रेफर किया। समय पर जांच से सामने आई गंभीर बीमारी            महारानी जिला अस्पताल में चिकित्सकों ने नितेश की आवश्यक जांचें कराईं। खून की जांच, अल्ट्रासाउंड और सीटी स्कैन जैसी विस्तृत जांचों में उनके लिवर कैंसर से पीड़ित होने की पुष्टि हुई। गंभीर बीमारी की जानकारी मिलने के बाद परिवार चिंतित हो गया, लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें उपचार की पूरी प्रक्रिया समझाते हुए आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत उपलब्ध निःशुल्क उपचार सुविधा का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया। पांच लाख रुपए तक के उपचार कवच से हुआ सफल ऑपरेशन          आयुष्मान भारत योजना के तहत उपलब्ध पांच लाख रुपये तक के कैशलेस उपचार की सुविधा ने नितेश और उनके परिवार को बड़ी आर्थिक चिंता से राहत दी। योजना के माध्यम से उनके जटिल उपचार और ऑपरेशन की प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी की गई। उपचार के बाद नितेश स्वस्थ होकर अपने सामान्य जीवन की ओर लौट रहे हैं। आयुष्मान भारत ने मुझे नई जिंदगी दी           सफल उपचार के बाद नितेश कश्यप ने भावुक होकर कहा कि आयुष्मान भारत योजना ने उन्हें वास्तव में नई जिंदगी दी है। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि पात्र हितग्राही इस जनहितकारी योजना का लाभ अवश्य लें। नितेश ने समय पर सही मार्गदर्शन देने वाले स्वास्थ्यकर्मियों, उपचार करने वाले चिकित्सकों और शासन के प्रति आभार व्यक्त किया। उनकी कहानी यह बताती है कि समय पर स्वास्थ्यकर्मियों की सतर्कता, उचित जांच और उपचार के साथ स्वास्थ्य योजना का आर्थिक संबल गंभीर बीमारी से जूझ रहे परिवार के लिए बड़ी राहत बन सकता है।

सड़कें बनेंगी विकास की राह, CM यादव ने बताया समृद्धि का आधार

सड़कें होती है क्षेत्र के विकास और समृद्धि का आधार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने राजौदा-केलोद-डबलचौकी मार्ग का किया भूमि-पूजन क्षेत्र के करीब 25 गांव के 70 हजार ग्रामीणों को मिलेगा लाभ सुखलिया से टिगरिया मार्ग का होगा निर्माण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देवास जिले के ग्राम केलोद में हुए कार्यक्रम को किया वर्चुअली संबोधित भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सड़कें क्षेत्र के विकास और समृद्धि का आधार होती है। सड़कें अपने साथ क्षेत्र की समृद्धि का मार्ग प्रशस्त्र करती हैं। गणेश उत्सव और सेवा संकल्प अभियान की मंगल बेला में हाटपिपलिया क्षेत्र को विकास की बड़ी सौगात मिल रही है। लगभग 98 करोड रुपए की लागत से बनने वाला 32 किलोमीटर लंबा, राजोदा- केलोद- डबल चौकी मार्ग, हाट पिपल्या को देवास, इंदौर और बैतूल से जोड़ेगा। यह मार्ग राजौदा से शुरू होकर केलोद होते हुए ग्राम डबल चौकी में इंदौर बैतूल राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़ेगा। इस क्षेत्र के निवासियों का इंदौर और बैतूल आना-जाना आसान होगा। सड़क से क्षेत्र के करीब 25 गांव के 70 हजार ग्रामीणों को लाभ मिलेगा। देवास जिला मुख्यालय आने-जाने में करीब 40 से 45 किलोमीटर की दूरी कम होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव देवास जिले के हाट पीपल्या विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत राजौदा-केलोद -डबल चौकी मार्ग के ग्राम केलोद में सपन्न भूमि-पूजन कार्यक्रम को मुख्य मंत्री निवास से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। ग्राम केलोद में हुए कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, विधायक हाट पिपल्या मनोज चौधरी, विधायक खातेगांव आशीष शर्मा उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विधायक मनोज चौधरी को उनके जन्म-दिवस की बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। सेवा-संकल्प अभियान में सभी करें सहभागिता मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने क्षेत्र के लोगों को सौगात देते हुए सुखलिया से टिगरिया मार्ग निर्माण की घोषणा की। लगभग 12 किलोमीटर लंबे इस मार्ग का निर्माण 1140 लाख रुपए की लागत से किया जाएगा। इससे 20 गांव की 20 हजार से अधिक ग्रामीण आबादी लाभान्वित होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जुलाई माह में सन्नोड़ के विद्यार्थियों के लिए उत्कृष्ट सांदीपनी विद्यालय भवन की सौगात दी गई है। हाट पिपल्या के विकास में राज्य सरकार कोई कसर नहीं छोड़ेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प के अनुरूप प्रदेश में सबका साथ-सबका विकास के भाव को चरितार्थ किया जा रहा है। राज्य सरकार प्रदेश में स्वामित्व योजना अन्तर्गत 50 लाख ग्रामीण अभिलेखों की नि:शुल्क रजिस्ट्री करा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी माताओं , बहनों, युवाओं और बुजुर्गों से सेवा संकल्प अभियान से जुड़ने का आह्वान किया। ग्राम केलोद में आयोजित कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष देवास श्रीमती लीलाबाई भेरूलाल अटारिया, जिलाध्यक्ष रायसिंह सेंधव सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।  

सेवा संकल्प का उद्देश्य युवाओं में देशभक्ति और आत्मविश्वास बढ़ाना: राज्यमंत्री गौर

सेवा संकल्प अभियान नई पीढ़ी में देशभक्ति और आत्मविश्वास बढ़ाना ही सेवा संकल्प  का मुख्य उद्देश्य: राज्यमंत्री  गौर मेरे सपनों का भारत" प्रतियोगिता के होनहार छात्र-छात्राएं हुए सम्मानित भोपाल  पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  कृष्णा गौर ने कहा है कि "आज की नई पीढ़ी के दिल में अपने देश के प्रति गहरा प्रेम और समर्पण साफ दिखाई देता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर आयोजित 'सेवा संकल्प अभियान' का मुख्य उद्देश्य हमारे बच्चों और युवाओं में आत्मविश्वास और देशभक्ति की भावना को बढ़ाना है, जिससे वे एक मजबूत भारत के निर्माण में अपना योगदान दे सकें।" राज्यमंत्री श्रीमती गौर सोमवार को भोपाल के गोविंदपुरा स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, आनंद नगर में 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत आयोजित 'मेरे सपनों का भारत' चित्रकला और भाषण प्रतियोगिता के पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने स्कूल की शैक्षणिक व्यवस्था की सराहना की और बच्चों की प्रतिभा का उत्साहवर्धन किया। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश को मिली नई दिशा राज्यमंत्री श्रीमती कृष्णा गौर ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के मजबूत और दूरदर्शी नेतृत्व में आज भारत विकास के नए आयाम तय कर रहा है। आज पूरा देश उनके बताए रास्ते पर आगे बढ़ रहा है। स्वच्छता अभियान की बात करते हुए उन्होंने कहा कि एक साफ-सुथरा समाज ही एक स्वस्थ और मजबूत देश का निर्माण करता है। प्रधानमंत्री मोदी ने अपना पूरा जीवन देश की सेवा में समर्पित किया है और उनके विचारों को अपनाकर ही हम एक समृद्ध भारत बना सकते हैं।  भारतीय संस्कृति और संस्कार ही हमारी असली पहचान राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने भारतीय संस्कारों और मूल्यों पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति और अच्छे संस्कार ही पूरी दुनिया में भारत को एक अलग और खास पहचान दिलाते हैं। शिक्षकों और गुरुओं के सही मार्गदर्शन में आज का हर बच्चा आत्मविश्वास से भरा हुआ है और देश की सेवा के लिए पूरी तरह तैयार है।  विद्यार्थियों का हुआ सम्मान समारोह में 'मेरे सपनों का भारत' विषय पर आयोजित चित्रकला और भाषण प्रतियोगिता में अच्छा प्रदर्शन करने वाले प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने पुरस्कार और प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में संतोष ग्वाला, पार्षद श्रीमती छाया ठाकुर, श्रीमती ममता विश्वकर्मा, प्राचार्य पुष्पा, अशोक गुप्ता, प्रदीप लोधी सहित अन्य जनप्रतिनिधि, शिक्षक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से पहले पूरा होगा जन-मन सभागार, CM यादव ने दिए निर्देश

जन-मन सभागार का निर्माण कार्य ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से पहले करायें पूर्ण : मुख्यमंत्री डॉ यादव भवन विकास निगम की अधीन बनाई जायेगी रेवेन्यू जनरेटिंग बाडी – मुख्यमंत्री ने दी सहमति मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मप्र भवन विकास निगम के संचालक मंडल की पांचवीं बैठक में प्रस्तावों को दी मंजूरी भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में सोमवार को मंत्रालय में मध्यप्रदेश भवन विकास निगम लिमिटेड के संचालक मंडल की पांचवी बैठक हुई। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निगम की आय सृजन के लिए रेवेन्यू जनरेटिंग बॉडी बनाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि काम करने का तुरंत स्कोप और रेवेन्यू मिल सके, इसके लिए नवीन एवं वैकल्पिक राजस्व स्त्रोतों का विकास जरूरी है। इसके लिये निगम ने जल्द से जल्द 'रेवेन्यू जनरेटिंग बॉडी' का गठन कर लिया जाए। संचालक मंडल ने इस अहम प्रस्ताव पर सैद्धांतिक सहमति दे दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में जिन बड़े भवन परियोजनाओं का निर्माण कार्य भवन विकास निगम द्वारा कराया जा रहा है, प्रयास करें कि वे तय समय-सीमा से पहले ही पूरी हो जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज से रुबरु संवाद के लिए मुख्यमंत्री निवास में तैयार किये जा रहे जन-मन सभागार का निर्माण कार्य जनवरी 2027 में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से पहले पूर्ण कर लिया जाए। उन्होंने कहा कि जितने भी नए मेडिकल कॉलेजों की बिल्डिंग एवं अन्य अधोसंरचनाएं भवन विकास निगम द्वारा तैयार किए जाएं, वह केंद्र सरकार के वायबिलिटी गैप फंडिंग (वीजीएफ नॉर्म्स) के आधार पर ही तैयार किये जाएं। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निगम के दो बड़े प्रस्तावों को  मंजूरी दी।‌ मुख्यमंत्री ने निगम को प्राप्त होने वाली 25 करोड़ रुपए तक की प्राक्कलित अनुबंध राशि (पीएसी) वाली सभी निविदाओं की स्वीकृति/ निरस्तीकरण के लिए निगम के प्रबंध संचालक एवं इसी आशय से गठित अधिकार समिति को अधिकृत किए जाने के प्रस्ताव का अनुमोदन किया। प्रस्ताव के अनुसार अब प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश भवन विकास निगम इस संबंध में आगामी सभी कार्रवाई करने के लिए अधिकृत होंगे। इसी प्रकार मुख्यमंत्री ने संचालक मंडल द्वारा निगम की संगठनात्मक संरचना के अंतर्गत महाप्रबंधक (तकनीकी) संवर्ग में महाप्रबंधक (निविदा) एवं महाप्रबंधक (रीडेंसिफिकेशन) के दो नए पद सृजित करने के  प्रस्ताव का अनुमोदन किया। इसके अनुसार अब प्रबंध संचालक, भवन विकास निगम में इस संबंध में आगामी सभी कार्रवाई के लिए अधिकृत किए गए।‌ बैठक में निगम के प्रबंध संचालक ने भवन विकास निगम द्वारा पूरी की जा रही भवन परियोजनाओं की जानकारी दी गई। बताया गया कि लोक निर्माण विभाग द्वारा भवन विकास निगम को कुल 763 परियोजनाएं आवंटित की गई हैं और इन सभी सक्रिय परियोजनाओं की कुल निर्माण लागत राशि 10 हजार 994 करोड़ रुपए है। बताया गया कि निगम द्वारा आईआईएम इंदौर के माध्यम से भर्ती की जा रही है। इसके अलावा मानक निविदा दस्तावेज भी तैयार किया जा रहे हैं। इससे पारदर्शिता एवं मानकीकरण में वृद्धि हुई है। प्रबंध संचालक ने बताया कि निगम में काम करने वाले ठेकेदार को काम पूरा होने के बाद भुगतान की अवधि औसतन 33 दिन से घटाकर 11 दिन कर दी गई है। इससे समय की बचत हो रही है। उन्होंने बताया कि निगम द्वारा प्रदेश में उज्जैन मेडिसिटी, सिंगरौली, मंडला, रीवा एवं बुदनी (जिला सीहोर) कुल 5 मेडिकल कॉलेजेस और उज्जैन का संयुक्त प्रशासनिक भवन तैयार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने यह सभी कार्य समय-सीमा में पूरे करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री आवास परिसर में 26.57 करोड़ रुपए लागत से तैयार किया जा रहा जन-मन सभागार आगामी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से पहले पूरा कर लिया जाए। इससे बड़ी सुविधा होगी। प्रबंध संचालक ने बताया कि निगम द्वारा भोपाल में 130 करोड़ रुपए की लागत से 150 कक्षों का नया राज्य अतिथि गृह (स्टेट गेस्ट हाउस) और जबलपुर में 65 करोड़ रुपए की लागत से 75 कक्षों वाले सर्किट हाउस का निर्माण भी किया जा रहा है। बैठक में लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल, अपर मुख्य सचिव संजय दुबे, अपर मुख्य सचिव मनीष रस्तोगी, प्रमुख सचिव लोक निर्माण सुखबीर सिंह, प्रमुख सचिव वन राघवेंद्र कुमार सिंह, प्रमुख सचिव विवेक पोरवाल, भवन विकास निगम के प्रबंध संचालक सिबि चक्रवर्ती एवं अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।