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2026 से MP में कैंसर इलाज होगा आधुनिक: गामा नाइफ और पीईटी-सीटी स्कैन से सुविधा बढ़ेगी

भोपाल  मध्यप्रदेश में कैंसर मरीजों के लिए एम्स भोपाल में प्रदेश का पहला सेंट्रलाइज्ड कैंसर ब्लॉक विकसित किया जा रहा है, जिसे 2026 तक शुरू करने की तैयारी है। इस आधुनिक ब्लॉक में मरीजों को गामा नाइफ और पीईटी-सीटी स्कैन जैसी उन्नत सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध होंगी। वर्तमान में एम्स में जांच और उपचार के लिए मरीजों को लंबी वेटिंग का सामना करना पड़ रहा है, जिसमें सिटी स्कैन और एमआरआई जैसी जांचों के लिए छह माह से एक वर्ष तक का इंतजार शामिल है। नई सुविधा का उद्देश्य मरीजों को सभी सेवाएं एक जगह उपलब्ध कराना है। प्रस्तावित कैंसर ब्लॉक में जांच से लेकर छह प्रकार के उपचार तक की व्यवस्थाएं होंगी, जिनमें कीमोथेरेपी, सर्जरी, टारगेट थेरेपी, रेडिएशन थेरेपी, मेंटल हेल्थ काउंसलिंग और स्टेम सेल ट्रीटमेंट शामिल हैं। वर्तमान में कैंसर मरीजों को जांच, सर्जरी और रेडिएशन के लिए अलग-अलग विभागों में जाना पड़ता है, जबकि नया ब्लॉक शुरू होने के बाद सभी विशेषज्ञ एक साथ मिलकर मरीज की स्थिति के अनुसार संयुक्त निर्णय लेंगे। जांच से लेकर 6 तरह के इलाज तक की सुविधा नए कैंसर ब्लॉक में मरीजों को जांच से लेकर ट्रीटमेंट तक की सभी सेवाएं एक ही स्थान पर मिलेंगी। इसमें कीमोथेरेपी, सर्जरी, टारगेट थेरेपी, रेडिएशन थेरेपी, मेंटल हेल्थ काउंसलिंग और स्टेम सेल ट्रीटमेंट की व्यवस्था होगी। एम्स प्रशासन का कहना है कि फिलहाल कैंसर मरीजों को अलग-अलग विभागों में भटकना पड़ता है। जांच एक जगह, सर्जरी दूसरी जगह और रेडिएशन तीसरी जगह होती है। लेकिन इस ब्लॉक के शुरू होने के बाद सभी विशेषज्ञ एक साथ मिलकर मरीज की स्थिति के अनुसार संयुक्त फैसले लेंगे। गंभीर मरीजों के लिए ‘प्रेफरेंस सिस्टम’ तैयार होगा एम्स के इस नए ब्लॉक में स्मार्ट स्क्रीनिंग सिस्टम तैयार किया जा रहा है। अस्पताल में आने वाले हर मरीज को पहले एक स्क्रीनिंग यूनिट से गुजरना होगा। यहां डॉक्टर उनकी जांच करेंगे और यह तय करेंगे कि मरीज को कैंसर है या नहीं। जिन मरीजों में कैंसर की पुष्टि होगी, उन्हें गंभीरता के आधार पर वर्गीकृत किया जाएगा। इससे जिन मरीजों की हालत गंभीर है, उन्हें कम वेटिंग में प्राथमिकता के आधार पर इलाज मिलेगा। वहीं, जिन मरीजों में सिर्फ कैंसर का संदेह होगा, उन्हें आवश्यक जांच के लिए अन्य संबंधित विभागों में भेजा जाएगा। एमपी के इन जिलों से सबसे ज्यादा मरीज एम्स भोपाल के आंकड़ों के अनुसार, हर साल 36 हजार से ज्यादा कैंसर मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। इनमें से करीब 60% मरीज भोपाल के बाहर के हैं। सबसे ज्यादा केस आगर मालवा (3664), रायसेन (1776), विदिशा (1536), नर्मदापुरम (1216), सागर (1072), रीवा (944) जैसे जिले टॉप पर हैं। हालांकि, इसका बड़ा कारण भोपाल से भौगोलिक नजदीकी है। यह भी सवाल उठता है कि इन जिलों के सिविल अस्पताल या मेडिकल कॉलेज में कैंसर इलाज की व्यवस्था मजबूत क्यों नहीं है?। निदेशक बोले- रिसर्च-क्लिनिकल ट्रायल पर भी फोकस एम्स भोपाल के कार्यकारी निदेशक डॉ. माधवानंद कर ने बताया कि यह कैंसर ब्लॉक प्रदेश में कैंसर ट्रीटमेंट की दिशा बदल देगा। कैंसर के हर मरीज को समग्र इलाज की जरूरत होती है। अभी मरीजों को अलग-अलग विभागों में भागदौड़ करनी पड़ती है। इस ब्लॉक के शुरू होने से सर्जरी, कीमो और रेडिएशन सब एक ही छत के नीचे संभव हो जाएगा। डॉ. माधवानंद ने यह भी कहा कि यहां रिसर्च और क्लिनिकल ट्रायल्स पर भी फोकस किया जाएगा, ताकि कैंसर के शुरुआती लक्षणों में ही सटीक इलाज शुरू किया जा सके। गंभीर मरीजों के लिए प्रेफरेंस सिस्टम भी तैयार किया जा रहा है। अस्पताल में आने वाले हर मरीज की पहले स्क्रीनिंग यूनिट में जांच होगी, जिसके बाद यह तय किया जाएगा कि वह कैंसर रोगी है या नहीं। जिनमें बीमारी की पुष्टि होगी, उन्हें गंभीरता के आधार पर वर्गीकृत कर प्राथमिकता से उपचार दिया जाएगा। वहीं जिन मरीजों में सिर्फ कैंसर का संदेह होगा, उन्हें संबंधित विभागों में आगे की जांच के लिए भेजा जाएगा।

खुशखबरी: लाड़ली योजना के तहत बढ़े हुए पैसे सीधे खाते में, जानिए कब और कैसे मिलेंगे

भोपाल मध्य प्रदेश की महिलाओं के लिए लाड़ली बहना योजना (Ladli Behna Yojana) एक वरदान साबित हो रही है। हर महीने लाखों बहनों के खातों में सीधे 1500 रुपये की सहायता राशि पहुंच रही है, जो उनके परिवार की आर्थिक मजबूती का आधार बन रही है। अब तक योजना की 29 किश्तें सफलतापूर्वक वितरित हो चुकी हैं, और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कई मंचों से घोषणा की है कि यह राशि धीरे-धीरे बढ़ाकर 3000 रुपये तक पहुंचाई जाएगी। नवंबर में इस बार राशि बढ़कर आएगी!  मुख्यमंत्री मोहन यादव अपनी लाड़ली बहनों से किया वादा पूरा करने जा रहे हैं। राज्य की प्रमुख लाडली बहना योजना के 1.26 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को अब हर महीने ₹1500 मिलेंगे। यह राशि पहले ₹1250 प्रति माह थी। यह बढ़ोतरी भाई दूज के बाद से लागू होनी थी, लेकिन सरकारी सूत्रों के अनुसार, 12 नवंबर को नर्मदापुरम जिले के बाबई में एक राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री स्वयं लाभार्थियों के खातों में ₹1500 की राशि ट्रांसफर करेंगे। मंत्री ने भी की पुष्टि महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने भी इसकी पुष्टि की है कि नवंबर से यह बढ़ी हुई राशि मिलनी शुरू हो जाएगी। यह पिछले दो सालों में इस योजना के तहत पहली वृद्धि है। मुख्यमंत्री ने 12 सितंबर 2025 को घोषणा की थी कि लाड़ली बहना लाभार्थियों को हर महीने ₹1500 मिलेंगे, जिसे धीरे-धीरे ₹3000 प्रति माह तक बढ़ाया जाएगा। 12 अक्टूबर 2025 को, 1.26 करोड़ से अधिक लाभार्थियों के खातों में ₹1541 करोड़ की 29वीं किस्त भेजी गई थी। दीवाली बोनस का किया था ऐलान सरकार ने दिवाली बोनस के तौर पर 'भाई दूज' से ₹1500 देने का वादा किया था। 18 अक्टूबर 2025 को मुख्यमंत्री ने 'भाई दूज' पर ₹250 अतिरिक्त जमा करने और अगले महीने से ₹1500 देने की घोषणा की थी। हालांकि, 23 अक्टूबर 2025 को लाभार्थियों को भाई दूज पर वादा किया गया ₹250 अतिरिक्त नहीं मिला, लेकिन सरकार ने नवंबर से ₹1500 प्रति माह की राशि बढ़ाने का अपना वादा दोहराया। योजना के 1.26 करोड़ लाभार्थी मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की शुरुआत पिछली भाजपा सरकार ने मार्च 2023 में, विधानसभा चुनावों से ठीक पहले की थी। शुरुआत में, महिला लाभार्थियों को ₹1000 प्रति माह देने की घोषणा की गई थी। अगस्त 2023 में, सरकार ने अक्टूबर 2023 से राशि बढ़ाकर ₹1250 प्रति माह करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने दिवाली से मौजूदा ₹1250 प्रति माह से बढ़ाकर ₹1500 प्रति माह करने की घोषणा की थी। इस योजना के तहत लाभार्थियों की संख्या 1.26 करोड़ है। अगस्त 2023 से नए रजिस्ट्रेशन बंद 20 अगस्त 2023 के बाद से योजना के तहत कोई नया पंजीकरण शुरू नहीं किया गया है। पिछले महीने तक, लाड़ली बहना योजना के तहत राज्य सरकार ने 29 किस्तों में ₹45,000 करोड़ हस्तांतरित किए हैं।  

सड़क चौड़ीकरण प्रोजेक्ट: स्टेट हाईवे फोरलेन में तब्दील, कृषि मंत्री ने सीएम से उठाई मांग

  रायसेन रायसेन जिले के लोगों के लिए राहत की खबर है। विदिशा बायपास से रायसेन होते हुए भोपाल पहुंचने के लिए फोरलेन बनाया जाएगा। 30 अक्टूबर को सांसद खेल महोत्सव के शुभारंभ कार्यक्रम में विदिशा आए केंद्रीय कृषि मंत्री और क्षेत्रीय सांसद शिवराज सिंह चौहान ने मंच पर मौजूद सीएम डॉ मोहन यादव से भोपाल से सलामतपुर, सांची होते हुए विदिशा तक स्टेट हाइवे 18 को फोरलेन बनाने की मांग की थी। इस पर सीएम ने फोरलेन की घोषणा करते हुए मौके पर ही अधिकारियों को कार्रवाई शुरु करने के निर्देश दिए थे, जिस पर अब तेजी से काम शुरु हो गया है।  सड़क चौड़ीकरण का डीपीआर तैयार एमपीआरडीसी द्वारा सड़क चौड़ीकरण की डीपीआर तैयार की जा चुकी है, जिसे स्वीकृति के लिए चीफ सेक्रेटरी कमेटी को भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही आगे की प्रक्रिया प्रारंभ होगी। डीपीआर के अनुसार 44.5 किलोमीटर लंबी सड़क को फोरलेन बनाया जाएगा, जिसकी अनुमानित लागत 1467.42 करोड़ रुपए है। हालांकि परियोजना के अंतिम रूप तक कुछ बदलाव संभव हैं। सड़क निर्माण हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल पर किया जाएगा। मंत्रियों ने सड़क की खराब स्थिति दरअसल, इस बार केंद्रीय मंत्री के साथ दिल्ली से आए विशेष अतिथियों ने भी सड़क की खराब स्थिति देखी थी। इसी के बाद उन्होंने मंच से सड़क को फोरलेन बनाने की मांग कर दी। हालांकि इसका प्रस्ताव दो साल पहले ही रायसेन कलेक्टर द्वारा शासन को भेजा गया था, जिस पर प्रारंभिक प्रक्रिया के बाद कार्य रुक गया था। अब परियोजना को गति मिली है। इस सड़क के निर्माण से लगभग 100 गांवों को लाभ मिलेगा, साथ ही भोपाल और विदिशा के बीच यात्रा करने वालों को राहत मिलेगी। विशेष रूप से सांची आने वाले देश-विदेश के पर्यटकों के लिए यह फोर लेन सड़क सुविधा और सुरक्षा दोनों का बड़ा माध्यम बनेगी। कई अंधे मोड़ हैं खत्म होंगे अंधे मोड़ इस मार्ग पर भोपाल से सलामतपुर तिराहे तक कई अंधे मोड़ हैं। बालमपुर घाट लंबा व ऊंचा होने के कारण अत्यंत जोखिमपूर्ण है। इन मोड़ों और घाट पर लगभग हर दिन वाहन दुर्घटनाएं होती हैं, जिनमें कई बार बड़े हादसे भी शामिल होते हैं। औसतन हर माह 20 से 25 दुर्घटनाएं दर्ज की जाती हैं। इसी कारण लोग लंबे समय से इस सड़क को फोर लेन करने की मांग कर रहे हैं। मोड़ों और घाटों के साथ सड़क की स्थिति भी बेहद खराब है। जगह-जगह गहरे गड्ढे, जर्जर पुल-पुलियाएं और बार-बार की मरमत के बावजूद खराब हालत लोगों की परेशानी बढ़ा रहे हैं। प्रक्रिया शुरू की जाएगी विदिशा बायपास से लेकर अयोध्या बायपास तक फोरलेन सड़क बनाने का प्रस्ताव तैयार किया है। अभी शासन स्तर से स्वीकृति लेने की प्रक्रिया चल रही है। उमीद है जल्द ही प्रस्ताव पर स्वीकृति मिल जाएगी। इसके बाद आगे की प्रक्रिया शुरु की जाएगी। –सोनल सिन्हा, डिवीजनल मैनेजर, एमपीआरडीसी।

कंबल वाले बाबा का भंडाफोड़: तेल-चूरन बेच रहे थे ‘औषधि’ बताकर, स्वास्थ्य विभाग की बड़ी कार्रवाई

छिंदवाड़ा छिंदवाड़ा के चंदनगांव में 'कंबल वाले बाबा' के नाम से मशहूर गणेश यादव द्वारा लगाए गए शिविर में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छापा मारा है। यह कार्रवाई बाबा द्वारा कथित रूप से अंधविश्वास फैलाने और बिना परमिशन के इलाज के नाम पर सामग्री बेचने के आरोप में की गई है। कंबल से इलाज का दावा, बेच रहे थे चूरन और तेल कंबल से बीमारी ठीक करने का दावा करने वाले बाबा गणेश यादव के शिविर की लंबे समय से चर्चा थी। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर पाया कि बाबा जहां कंबल से बीमारी दूर करने का दावा कर रहे थे, वहीं मरीजों को चूरन की पुड़िया और तेल भी दिया जा रहा था। बताया जा रहा है कि यह चूरन और तेल लगभग 1200 में बेचा जा रहा था। यह पूरा शिविर बिना किसी आधिकारिक परमिशन के चलाया जा रहा था, जिससे यह अंधविश्वास का खेल माना जा रहा है।    स्वास्थ्य विभाग ने जब्त किए सैंपल मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके से चूरन की पुड़िया और तेल दोनों के सैंपल ले लिए हैं। इन सैंपल को जांच के लिए भेजा जाएगा, ताकि उनकी सामग्री और प्रभाव का पता लगाया जा सके। सीएमएचओ छिंदवाड़ा नरेश गोन्नाने ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके से सैंपल जब्त कर लिए हैं और अब देखना होगा कि प्रशासन इस अंधविश्वास के खेल को बंद करवाता है या नहीं। फिलहाल, प्रशासन के सामने यह चुनौती है कि वह अंधविश्वास पर आधारित इस तरह के अनधिकृत शिविरों पर रोक लगाता है या नहीं।

‘झूठ का मुंह काला’ — आरोपों से बरी हुईं विधायक अनुभा मुंजारे

बालाघाट उत्तर सामान्य वनमंडल की डीएफओ (उत्तर) नेहा श्रीवास्तव द्वारा बालाघाट सीट से कांग्रेस विधायक अनुभा मुंजारे पर दो-तीन पेटी रकम की व्यवस्था करने का आरोप लगाकर जिले व प्रदेश की राजनीति में हलचल मचा दी थी। सूत्रों के अनुसार, इस मामले में विधायक अनुभा को क्लीन चिट मिल गई है। हालांकि, इसे लेकर विभाग के अधिकारी कुछ भी कहने से बच रहे हैं। ‘नईदुनिया’ से चर्चा में विधायक ने कहा कि जांच रिपोर्ट में किसी ने भी मेरे द्वारा पैसे मांगने की बात की पुष्टि नहीं की है। ये भाजपा के इशारे पर किया गया कृत्य था। जांच रिपोर्ट में मुझ पर लगे आरोप झूठे साबित हुए हैं। मुझे विश्वास था कि सच सामने आएगा। झूठ का मुंह काला हो गया। 18 अगस्त को डीएफओ नेहा श्रीवास्तव की लिखित शिकायत पर वन विभाग ने दो सदस्यीय टीम गठित की थी। सूत्रों की मानें तो टीम ने जांच उपरांत अपनी रिपोर्ट प्रदेश सरकार को सौंप दी है। इसमें स्पष्ट किया गया है कि डीएफओ नेहा की फारेस्ट रेस्टहाउस में विधायक द्वारा दो-तीन पेटी रकम मांगने की शिकायत की किसी भी गवाह ने पुष्टि नहीं की है। इसमें उन लाेगों के बयान लिए गए थे, जो रेस्टहाउस में तब मौजूद थे। क्लीन चिट मिलने के बाद एक बार फिर जिले में सियासी पारा चढ़ गया है।   ‘मेरी राजनीतिक छवि खराब की गई’ अनुभा ने कहा- ‘रेस्टहाउस में डीएफओ नेहा श्रीवास्तव से दो-तीन पेटी मांगने की शिकायत एक तरह से भाजपा के इशारे पर किया गया कृत्य था। इसके सूत्रधार पूर्व कैबिनेट मंत्री गौरीशंकर बिसेन और उनकी पुत्री मौसम हरिनखेड़े थीं। उन्होंने मेरी राजनीतिक छवि खराब करने की कोशिश की, लेकिन सच्चाई सबके सामने है। इससे साबित हो गया कि डीएफओ कितनी झूठी और फरेबी है। गौरीशंकर बिसेन ने पर्दे के पीछे से इसमें राजनीति की है। क्योंकि वह अपनी बेटी को राजनीति में स्थापित करना चाहते हैं। मौसम हरिनखेड़े जरूर राजनीति करें, लेकिन वह किसी की लकीर मिटाकर अपनी लकीर बड़ी नहीं कर सकतीं। इस मामले से भाजपा ने आंबेडकर चौक पर मंच से मुझे और मेरे परिवार को कलंकित किया। व्यक्तिगत हमले किए गए। डीएफओ का आरोप मेरे परिवार को कलंकित करने वाला आरोप था। एक पल के लिए मैं भी विचलित हुई थी। मैंने अपने 30 साल की राजनीति में ऐसा घटनाक्रम पहले कभी नहीं देखा। क्लीन चिट मिलने से साजिशकर्ताओं के चेहरे पर करारा तमाचा है।' डीएफओ अधर गुप्ता पर आरोप तय, पत्नी नेहा को भी नोटिस बालाघाट के उत्तर व दक्षिण वनमंडल में पदस्थ डीएफओ पति-पत्नी अधर गुप्ता और नेहा श्रीवास्तव की मुश्लिकें बढ़ गई है। एक तरफ नेहा के आरोपों पर विधायक को क्लीन चिट मिल गई है, तो दूसरी तरफ नेहा से शासन ने एक मामले में सात दिन के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है। मामला वन सुरक्षा समिति लामता में एक टेंडर विवाद से जुड़ा है। इसकी शिकायत सुरक्षा समिति लामता के अध्यक्ष शत्रुघ्न असाटी ने की थी। डीएफओ नेहा ने शिकायतकर्ता को समिति के अध्यक्ष पद से हटाने का नोटिस जारी कर दिया। शासन ने इसे दुर्भावना से प्रेरित कार्रवाई माना। वहीं, नेहा के पति डीएफओ अधर गुप्ता पर बाघ की रहस्यमय मौत और बगैर प्रोटोकाल शव जलाने के मामले में आरोप तय हो गया है। सूत्रों के अनुसार, प्रशासनिक कार्यों, वन्य जीव संरक्षण और वित्तीय अनुशासन में लापरवाही बरतने पर शासन ने 170 से अधिक पत्रों आरोप पत्र जारी किया है। अधर पर लगे मुख्य आरोपों में लालबर्रा क्षेत्र में एक बाघ की संदिग्ध मौत व अवैध दाह संस्कार, प्रकरण के आरोपित वनपाल टीकाराम हनोते व वनरक्षक हिमांशु घोरमारे के फरार होने का मामला शामिल है।

विरासत पर सियासत: ‘वंदे मातरम’ को लेकर गहलोत ने साधा निशाना

जयपुर राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शनिवार को वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने के मौके पर केंद्र सरकार की तरफ से विभिन्न जगहों पर आयोजित कार्यक्रम को लेकर कहा कि यह हमारी विरासत को चुराने की कोशिश है। उन्होंने बातचीत करते हुए कहा कि अतीत खुद इस बात की तस्दीक करता है कि वंदे मातरम का भाजपा से कोई सरोकार नहीं है। कभी इन लोगों ने इसे वरीयता नहीं दी। हमारे कांग्रेस के वरिष्ठ और दिग्गज नेताओं ने जितना सम्मान इस गीत को दिया, उतना यह लोग कभी नहीं दे पाएंगे। इस गीत को सबसे पहले बंकिमचंद्र चटर्जी ने लिखा और रविंद्रनाथ टैगोर ने गाया था। ऐसी स्थिति में इस गीत का इन लोगों से तो कोई सरोकार नहीं बनता है। ऐसी स्थिति में मुझे समझ नहीं आ रहा है कि आखिर केंद्र सरकार इस गीत के 150 साल पूरे होने के मौके पर विभिन्न जगहों पर कार्यक्रम क्यों आयोजित कर रही है? उन्होंने कहा कि मेरा सीधा सा सवाल है कि क्या इन लोगों में से किसी ने इस गीत के लिए अपनी उंगली कटाई।  जवाब स्पष्ट है कि कभी नहीं कटाई, तो ऐसी स्थिति में इस संबंध में किसी भी प्रकार की बात कहना पूरी तरह से गलत है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि ये लोग बेवजह से ही वंदे मातरम गीत का जिक्र कर रहे हैं। इनका इससे कोई सरोकार नहीं है। ये लोग बेकार की बातें करते रहते हैं। इन लोगों ने हमेशा संविधान का तिरस्कार किया। यहां तक की संविधान की प्रतियां भी जलाईं। इन लोगों ने कभी भी राष्ट्र का सम्मान नहीं किया। अब ये लोग राजनीतिक फायदा अर्जित करने के लिए नई-नई बातों का जिक्र कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्य की बात है कि केंद्र सरकार नई-नई थ्योरी लेकर आ रही है। अब हाल ही में सरदार पटेल की बात कर रही है। उन्होंने कहा कि इन लोगों ने सरदार पटेल की अस्मिता को संरक्षित करने के लिए क्या किया। सरदार पटेल की विशाल प्रतिमा बना दी, जिसका हम स्वागत करते हैं, लेकिन जरा इनसे पूछिए कि आखिर इन्होंने क्यों सरदार पटेल के नाम से निर्मित स्टेडियम का नाम बदल दिया। मैं पूछना चाहता हूं कि आखिर इन्होंने किसकी सलाह पर सरदार पटेल के नाम से बने स्टेडियम का नाम नरेंद्र मोदी स्टेडियम कर दिया। आखिर उन्हें यह सलाह किसने दी? कांग्रेस नेता ने कहा कि वंदे मातरम राष्ट्रीय गीत को रचित 150 साल पूरे हो चुके हैं। केंद्र सरकार को इस खास मौके पर किसी भी प्रकार के कार्यक्रम का आयोजन करने से पहले विपक्षी दलों के नेताओं को आमंत्रित करना चाहिए था, लेकिन इन्होंने ऐसा नहीं किया।

कैफ़े शूटआउट के बाद एक्शन मोड में कनाडा सरकार, कपिल शर्मा केस में बढ़ी सुरक्षा और निगरानी

पंजाब  कनाडा की अधिकारियों ने हाल ही में तीन भारतीय नागरिकों को देश से निष्कासित करने का आदेश दिया है। ये आरोपी हाल ही में कपिल शर्मा के कैफे, “केप्स कैफे”, पर हुई फायरिंग से जुड़े बताए जा रहे हैं। शुरुआती जानकारी के अनुसार, ये अपराधी लारेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े हुए हैं, जिसे हाल ही में कनाडा में आतंकी संगठन घोषित किया गया है। इस कार्रवाई को दा कनाडा बॉर्डर सर्विसेज एजेंसी (CBSA) ने अंजाम दिया। जांच के दौरान पता चला कि यह लोग ब्रिटिश कोलंबिया में पंजाबी समुदाय के छोटे व्यवसायों से जबरन वसूली करने वाले नेटवर्क से जुड़े हैं। 7 नवंबर को घोषित यह निर्वासन, बीसी एक्सटॉर्शन टास्क फोर्स का पहला ऐसा कदम है, जिसे सीबीएसए, आरसीएमपी और स्थानीय पुलिस ने मिलकर बनाया है। टास्क फोर्स की स्थापना इस साल की शुरुआत में हुई थी, ताकि प्रांत में सक्रिय अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराधियों के खिलाफ खुफिया जानकारी और कार्रवाई को समन्वित किया जा सके। अधिकारियों के मुताबिक, फिलहाल 78 अन्य विदेशी नागरिकों की जांच जारी है, जो कनाडा में प्रवेश के लिए अयोग्य हो सकते हैं और जिनका संबंध आपराधिक नेटवर्क से हो सकता है। 2025 की शुरुआत से ही ब्रिटिश कोलंबिया में जबरन वसूली के मामले बढ़े हैं। अपराधी सोशल मीडिया के जरिए व्यवसायियों से क्रिप्टोकरेंसी में भुगतान की मांग कर रहे हैं, और मांग पूरी न होने पर हिंसा और आगजनी पर उतर रहे हैं। सरी, लोअर मेनलैंड और फ्रेजर वैली के कई छोटे व्यवसाय इससे प्रभावित हुए हैं, जिनमें केप्स कैफे भी शामिल है। अधिकारियों ने निर्वासित व्यक्तियों की पहचान सार्वजनिक नहीं की है। उन्होंने सुरक्षा और गोपनीयता के कारण यह जानकारी साझा न करने का हवाला दिया। उनका कहना है कि यह कदम स्थानीय पंजाबी व्यापारिक समुदाय पर हो रहे अपराध और धमकियों को रोकने की दिशा में महत्वपूर्ण है।

सीमांचल से अमित शाह का हमला: राहुल और तेजस्वी पर साधा निशाना

पूर्णिया  केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज बिहार के पूर्णिया में विशाल जनसभा को संबोधित करने पहुंचे। इस दौरान अमित शाह ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि राजग 160 से अधिक सीट हासिल करके बिहार में सरकार बनाएगा। पहले चरण के चुनाव में आधे राज्य ने पहले ही कांग्रेस-राजद को बाहर का दरवाजा दिखा दिया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पूर्णिया में विपक्ष पर आरोप लगाते हुए कहा कि राहुल और तेजस्वी बिहार के सीमांचल क्षेत्र को घुसपैठियों का अड्डा बनाने पर तुले हुए हैं। अभी-अभी राहुल बाबा और लालू प्रसाद का बेटा तेजस्वी यादव घुसपैठिए बचाओ यात्रा लेकर निकले थे। वो चाहते हैं कि सीमांचल घुसपैठियों का गढ़ बने लेकिन मैं कहता हूं कि ना केवल सीमांचल बल्कि पूरे बिहार से एक-एक घुसपैठिए को हम चुन-चुनकर निकालने का काम करेंगे। हर घुसपैठिये की पहचान की जाएगी, उनके नाम मतदाता सूची से हटाए जाएंगे और उन्हें उनके देश वापस भेजा जाएगा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आगे कहा इस चुनाव में दो खेमे लगे हैं- एक ओर बिखरा हुआ ठगबंधन है और दूसरी ओर पांच पांडवों की तरह NDA है। आधे बिहार ने वोट डाल दिए हैं। पहले चरण के चुनाव में लालू और राहुल की पार्टी का सूपड़ा साफ हो गया है। बिहार में 160 से ज्यादा सीटों के साथ NDA की सरकार बनने वाली है। मोदी जी और नीतीश बाबू के नेतृत्व में बिहार बहुत आगे बढ़कर एक विकसित राज्य बनने जा रहा है।

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा का नीतीश कुमार पर तीखा हमला, बयान से मचा राजनीतिक बवाल

रांची बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर जारी सियासी बयानबाजी के बीच कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने विवादित बयान दिया है। उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को सलाह देते हुए कहा कि PM मोदी की कनपट्टी पर कट्टा रखिए और खुद को CM घोषित करवाइए। "कट्टा" वाली टिप्पणी पर बोलते हुए, खेड़ा ने कहा, "हम नीतीश बाबू को सलाह दे रहे हैं: बंदूक उठाओ और PM मोदी की कनपटी पर लगाओ और खुद को मुख्यमंत्री घोषित कर दो।" इससे पहले, पवन खेड़ा ने आरोप लगाया था कि बिहार चुनाव के पहले चरण में पीढ़ियों से वोट डालने वाले लोगों के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) पर हरियाणा में वोटों में हेराफेरी करने के लिए कथित तौर पर मिलकर काम करने का आरोप लगाया। पहले चरण में 72 सीटें जीतने का भरोसा जताया पवन खेड़ा ने  6 नवंबर को हुए बिहार चुनाव के पहले चरण में कुल 121 सीटों में से 72 सीटें जीतने का भरोसा जताया। उन्होंने इस बार स्ट्राइक रेट तोड़ने का भी दावा किया। उन्होंने कहा, "मैंने सुना है कि प्रधानमंत्री मोदी की कुछ रैलियों में कटौती की गई है। उन्हें डर है कि प्रतिक्रिया सकारात्मक नहीं है। चुनाव के पहले चरण के नतीजे सामने हैं। हम 121 में से 72 सीटें पूर्ण बहुमत से जीतेंगे।"

महिलाओं के सम्मान पर चोट की सजा: माहवारी प्रूफ मांगने वाले अफसरों पर गिरी गाज

रोहतक महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय में महिलाओं के कपड़े उतरवाने और उनकी महावारी की पुष्टि करने के लिए फोटो करने जैसे आरोपों के मामले में विवि की ओर से दो सेनेटरी सुपरवाइजर वितेंद्र और विनोद हुड्डा की सेवाओं को बर्खास्त कर दिया है। वहीं मामले में आरोपित सहायक कुलसचिव श्याम सुंदर शर्मा को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया है। ये आदेश वीरवार देर शाम को जारी किए गए। इस दौरान स्पष्ट किया गया है कि श्याम सुंदर रोहतक मुख्यालय में ही रहेंगे। बता दें कि इससे पहले दो सुपरवाइजर को सप्ताहभर पहले निलंबित किया गया था। वहीं हरियाणा राज्य महिला आयोग की ओर से स्वत: संज्ञान लिए जाने के बाद विवि प्रशासन ने भी प्राथमिक रिपोर्ट तैयार कर हरियाणा राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन रेणु भाटिया के पास भेजी जा चुकी है। इसके अलावा मामले में राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग भी संज्ञान ले चुका है। बता दें कि 26 अक्टूबर को घटना उस समय घटी जब राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष, जो विश्वविद्यालय के कुलाधिपति भी हैं, विश्वविद्यालय के कार्यक्रम में उपस्थित थे। उन्हें भी घटना की जानकारी दी गई, जिसके बाद उन्होंने तत्काल जांच और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।