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एआई, बिग डेटा, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, कोडिंग एंड प्रोग्रामिंग जैसी भविष्य की प्रौद्योगिकियों में प्रदान किए जाएंगे प्रमाण पत्र

गोरखपुर उद्योग और सेवा क्षेत्र की मांग के अनुसार अद्यतन व्यावहारिक प्रशिक्षण के लिए सैमसंग इंडिया के सहयोग से संचालित सैमसंग इनोवेशन कैंपस के तहत गोरखपुर विश्वविद्यालय के 1600 विद्यार्थियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया है। प्रशिक्षण प्राप्त विद्यार्थियों को शनिवार को प्रमाण पत्र का वितरण किया जाएगा। योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित प्रमाण पत्र वितरण समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कुछ विद्यार्थियों को अपने हाथों से प्रमाण पत्र सौंपेंगे। इस अवसर पर विद्यार्थियों को सीएम योगी से मार्गदर्शन भी प्राप्त होगा।  सैमसंग इनोवेशन कैंपस प्रमाण पत्र वितरण समारोह में  विशिष्ट अतिथि के रूप में सैमसंग इंडिया के प्रेसिडेंट एवं सीईओ जेबी पार्क तथा इलेक्ट्रानिक्स सेक्टर स्किल्स काउंसिल आफ इंडिया के अध्यक्ष विनोद शर्मा की सहभागिता रहेगी। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन करेंगी। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के 1600 से अधिक विद्यार्थी, जिन्होंने सैमसंग इनोवेशन कैंपस के अंतर्गत प्रशिक्षण प्राप्त किया है, उन्हें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, बिग डेटा, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, कोडिंग एंड प्रोग्रामिंग जैसी भविष्य की प्रौद्योगिकियों में प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे। प्रशिक्षण कार्यक्रम इलेक्ट्रानिक्स सेक्टर स्किल्स काउंसिल आफ इंडिया के सहयोग से तथा स्वदेश (सोशल वेलफेयर एंड डेवलपमेंट फॉर इम्पॉवर्ड सोसाइटी) संस्था द्वारा विश्वविद्यालय परिसर में सफलतापूर्वक संचालित किया जा रहा है। गोरखपुर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन का कहना है कि सैमसंग इनोवेशन कैंपस जैसी पहलें विश्वविद्यालय के ‘स्किल टू एम्प्लॉयमेंट’ मिशन को नई गति देती हैं। इसका लाभ हमारे विद्यार्थियों के साथ-साथ क्षेत्र की युवा पीढ़ी को भी मिलेगा। यह गोरखपुर और पूर्वांचल के लिए डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।

जबलपुर में 12 अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई, 16 करोड़ की संपत्ति जब्त, धान खरीदी में 43 करोड़ का घोटाला

जबलपुर  मध्य प्रदेश के जबलपुर में करोड़ों के घोटाले में सरकारी खजाने का जो नुकसान हुआ है उसको पूरा करने के लिए अब अधिकारी-कर्मचारियों की संपत्ति को नीलाम किया जाएगा. जबलपुर कलेक्टर ने 12 कर्मचारियों की संपत्ति कुर्की के आदेश जारी किए हैं. आरोप है कि, इन लोगों की मिली भगत से जबलपुर में एक धान खरीदी में घोटाला हुआ था. जिसमें सरकार को लगभग 43 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ था. फिलहाल अधिकारी-कर्मचारियों से 16 करोड़ रुपए की वसूली की जा रही है. 43 करोड़ के धान घोटाले का पर्दाफाश जबलपुर में पिछले साल लगभग 43 करोड़ रुपए का धान घोटाला किया गया था. आरोप है कि, इसमें कई मिल मालिकों ने जबलपुर के सरकारी गोदाम से धान मिलिंग के लिए ली थी, लेकिन उतना चावल वापस नहीं किया. कई स्थानों पर तो अच्छी धान को गोदाम से उठाया गया था, लेकिन उसे मिलिंग के लिए ना भेज कर सीधे बाजार में बेच दिया गया. उसके बदले बाजार से खराब किस्म का चावल खरीद कर नागरिक आपूर्ति में जमा करवा दिया गया. सरकार से ट्रांसपोर्टेशन और मिलिंग का पैसा ले लिया गया. इस दौरान जिन गाड़ियों से ट्रांसपोर्टेशन दिखाया गया था, उस गाड़ियों का नंबर स्कूटर और कहीं कार का पाया गया था. 16 मिल मालिक और 12 अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ केस जब इस मामले में जांच शुरू की गई तो 43 राइस मिलर्स के अकाउंट में गड़बड़ी पाई गई. जिसमें करीब 43 करोड़ रुपए का धान घोटाला हुआ. सरकार को चूना लगाने के साथ ही कई किसानों के साथ भी धोखाधड़ी की गई और उन्हें पैसा नहीं दिया गया. तत्कालीन कलेक्टर दीपक सक्सेना ने जब इस मामले की बारीकी से जांच करवाई तो 16 मिल मालिकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई. वहीं 12 अधिकारी कर्मचारियों को भी दोषी पाया गया. इन लोगों के खिलाफ भी गबन का मुकदमा दर्ज किया गया. क्योंकि इन अधिकारी कर्मचारियों की भी इस पूरे फर्जीवाड़े में मिलीभगत थी. सहकारी समिति के 4 कर्मचारी के खिलाफ मामला दर्ज इस मामले में सरकार को लगभग 43 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ. जिसमें से 16 करोड़ रुपए की वसूली अधिकारी कर्मचारी से किया जाना है. जबलपुर के वर्तमान कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने कर्मचारियों के खिलाफ नोटिस जारी किए हैं और उनकी चल अचल संपत्ति को कुर्क किया जा रहा है. इसी को बेचकर सरकार अपना नुकसान पूरा करेगी और किसानों को भुगतान करेगी. इस मामले में चार सहकारी समिति के कर्मचारियों को और अधिकारियों के खिलाफ नोटिस जारी किए गए हैं. अधिकारी और सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में होगी धान खरीदी जबलपुर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने कहा कि "पूर्व के अनुभव अच्छे नहीं हैं. इसलिए इस बार खरीदी में ज्यादातर स्वयं सहायता समूह को आगे लाया जा रहा है, उनकी ट्रेनिंग की जा रही है. खरीदी का पूरा काम सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में होगा. पहले स्तर पर सर्वेयर, नोडल ऑफिसर और सीसीटीवी कैमरे के बावजूद भी दूसरे अधिकारियों की भी ड्यूटी लगा रहे हैं. जो इस पूरी धान खरीदी को अपने निगरानी में करवाएंगे. धान खरीदी की रिपोर्ट प्रतिदिन तैयार की जाएगी." सरकारी घाटे या नुकसान को इसी तरीके से अधिकारी कर्मचारियों के व्यक्तिगत चल अचल संपत्ति के माध्यम से बेचकर वसूला जाएगा. तो दूसरे अधिकारी कर्मचारियों में भी इस बात की दहशत होगी कि यदि वे गड़बड़ करते हैं तो कल इसी तरह की कार्यवाही उनके खिलाफ भी हो सकती है.

CM योगी का बड़ा हमला: बिहार में RJD के दौर में अपराधियों का था राज, जनता त्रस्त थी

सीवान  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने बिहार के मतदाताओं से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) के मार्गदर्शन में निरंतर विकास सुनिश्चित करने के लिए राज्य में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) सरकार को फिर से चुनने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा और उन्हें "अंग्रेजों का उत्तराधिकारी" बताया। विकसित बिहार के लिए, हमें एनडीए सरकार चाहिए- CM Yogi योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को सीवान में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा, "एनडीए ने यूपी में वादा किया था कि वह माफिया राज और दंगों को खत्म करेगा। पिछले 8.5 सालों में एक भी दंगा नहीं हुआ है, और जब किसी ने भड़काने की कोशिश की तो दंगा भड़काने के लिए उन्हें न केवल जेल में डाला गया, बल्कि उनकी संपत्ति जब्त कर ली गई और गरीबों के लिए घर बनाने में इस्तेमाल की गई। उन्होंने कहा कि  एक विकसित भारत के लिए, हमें एक विकसित बिहार चाहिए और एक विकसित बिहार के लिए, हमें एनडीए सरकार चाहिए। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व और प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में, हमें बिहार में एनडीए सरकार को फिर से स्थापित करना होगा।" राजद के शासन में बिहार में अराजकता और गुंडागर्दी व्याप्त थी- CM Yogi मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा और उन्हें "अंग्रेजों का उत्तराधिकारी" बताया। उन्होंने कहा कि अंग्रेजों की उत्तराधिकारी होने के नाते, कांग्रेस ने उसी ब्रिटिश परंपरा का पालन करते हुए, पहले पूरे बिहार के लिए संकट पैदा किया। इसने बिहार के विकास में बाधा डाली। जो कुछ बचा था, उसे राजद ने पूरी तरह से मिटा दिया। राजद के शासन में, बिहार में अपराध और अपहरण एक उद्योग बन गए थे। राजद के शासन में बिहार में अराजकता और गुंडागर्दी व्याप्त थी। वे बिहार के युवाओं के लिए पहचान का संकट पैदा कर रहे थे।   

दिवंगत IPS वाई. पूरन कुमार के केस में नया मोड़, IAS पत्नी अमनीत ने फोन-लैपटॉप लौटाने की रखी मांग

चंडीगढ़  हरियाणा की वरिष्ठ IAS अधिकारी अमनीत पी. कुमार ने चंडीगढ़ की अदालत में याचिका दायर कर अपने दिवंगत पति IPS वाई. पूरन कुमार का मोबाइल फोन और लैपटॉप वापस दिलाने की मांग की है। यह दोनों उपकरण पुलिस ने आत्महत्या मामले की जांच के दौरान जब्त किए थे। अदालत ने इस आवेदन पर चंडीगढ़ पुलिस सहित सभी संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने को कहा है। सूत्रों के अनुसार, IPS अधिकारी के परिवार ने अदालत के आदेश के बाद लैपटॉप पुलिस को सौंपा था, लेकिन इससे पहले उन्होंने उसे देने में कुछ देरी की थी। पुलिस का कहना है कि यह लैपटॉप एक अहम सबूत है, क्योंकि इसे अधिकारी ने अपना अंतिम नोट टाइप करने के लिए इस्तेमाल किया था। पुलिस ने बताया कि यह लैपटॉप CFSL (सेंट्रल फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) भेजा जाना है, ताकि नोट की प्रामाणिकता, फिंगरप्रिंट और ईमेल अकाउंट्स की जांच की जा सके। इसके अलावा, पुलिस ने वाई. पूरन कुमार के दो मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। गौरतलब है कि 2001 बैच के IPS अधिकारी वाई. पूरन कुमार की 7 अक्तूबर 2025 को चंडीगढ़ के सेक्टर-11 स्थित आवास पर गोली लगने से मौत हो गई थी। पुलिस जांच में इसे आत्महत्या का मामला बताया गया था। मृतक अधिकारी ने अपने सुसाइड नोट में 16 वरिष्ठ IAS और IPS अधिकारियों के नाम दर्ज किए थे, जिन पर उन्होंने उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए अपने कदम के लिए जिम्मेदार ठहराया था। पुलिस फिलहाल इस पूरे मामले की जांच जारी रखे हुए है।

तेजी से बढ़ रहे डेंगू केस: सिरसा में 275 मरीज, प्रशासन ने जारी की सख्त हिदायतें

सिरसा  जिले में डेंगू के केस लगातार बढ़ते जा रहे है। अब तक 275 मरीज डेंगू के मिल चुके है, जिनमें से 235 मरीज ठीक भी हो चुके है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार दिवाली के त्यौहार बीतने के बाद नवंबर महीने में डेंगू के मरीज बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग सिरसा जिला में लोगों को अपने आस पास के एरिया में साफ-सफाई रखने की हिदायत जारी कर रहे है। डेंगू का लक्षण मिलने के बाद तुरंत अपने नजदीकी सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में इलाज करवाएं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार ग्रामीण इलाकों में ज्यादा डेंगू के मरीज बढ़ रहे है। लारवा मिलने पर नोटिस जारी स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगातार संदिग्धों के सैंपल एकत्रित करने और लार्वे की तलाश के लिए सर्वे किया जा रहा है। विभाग ने जिले में अब तक काफी लोगों को लारवा मिलने पर नोटिस जारी किए गए हैं। नागरिक अस्पताल में मरीजों को भर्ती करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने 30 बेड लगाए हैं, लेकिन अस्पताल में नाम मात्र मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। विभाग ने अब तक करीब सैंकड़ों संदिग्ध लोगों के सैंपल एकत्र किए हैं। कई दिन पहले हुए बारिश होने के बाद अभी भी शहर में अलग-अलग स्थानों पर जलभराव की स्थिति बनी हुई है। इसके कारण डेंगू व मलेरिया के मच्छरों के पनपने का खतरा बढ़ गया है और केसों की संख्या में बढ़ोतरी होने की आशंका भी जताई जा रही है। शहर में फॉगिंग भी करवाई जा रहीः डिप्टी सीएमओ सिरसा नागरिक अस्पताल के डिप्टी सीएमओ डॉ गौरव अरोड़ा ने बताया कि जिला में डेंगू के 275 मरीज मिले है जिनमें से 235 मरीज स्वस्थ हो चुके है। उन्होंने कहा कि सिरसा शहर में फॉगिंग भी करवाई जा रही है। साथ में सीएमओ ने लोगों से अपील की कि लोगों को कूलर, फ्रिज के पिछले हिस्से, टायरों में पानी जमा नहीं होने दें। डेंगू के बचाव के लिए पूरी बाजू के कपड़े पहनने। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की टीमें क्षेत्रों में लगातार सर्वे कर रही हैं और लार्वा को नष्ट करने के लिए दवाओं का छिड़काव भी किया जा रहा है।  स्वास्थ्य विभाग ने नगरपरिषद से किया ये आग्रह  खाली प्लाटों में जलभराव की समस्या को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने नगरपरिषद से आग्रह किया है कि प्लाट मालिकों को नोटिस जारी किए जाएं और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। इन प्लाटों में बारिश का पानी भरने से मच्छरों के लार्वा तेजी से पनप रहे हैं, जिससे बीमारी फैलने की आशंका बढ़ गई है।   

नजाकत अहमद शाह को छत्तीसगढ़ में ग्रैंड वेलकम, आतिशबाजी और गुलदस्ते से स्वागत

रायपुर 6 महीने पहले 22 अप्रैल 2025, पहलगाम के बैसरन मैदान में आतंकियों ने 26 पर्यटकों की जान ली थी। आतंकी जब पर्यटकों पर गोलियां बरसा रहे थे, तब वहां छत्तीसगढ़ के बीजेपी कार्यकर्ता अरविंद अग्रवाल और उनके दोस्त भी अपनी-अपनी फैमिली के साथ मौजूद थे। वे सभी खूबसूरत वादियों में रील बना रहे थे। लोकल गाइड नजाकत अहमद शाह ने जब गोलियों की आवाज सुनी तो उसने सभी को नीचे बैठने को कहा। उसने अरविंद अग्रवाल के कुनबे के दो बच्चों को गले लगाकर सुरक्षित बचा लिया। बाद में वह पूरी टोली को खूनी मैदान से बाहर ले जाने में कामयाब हो गए। नजाकत शाह का ग्रैंड वेलकम पहलगाम आतंकी हमले के बाद देश में गुस्से की लहर दौड़ गई। फिर भारतीय सेना ने पाकिस्तान में बैठे आतंकियों को ऑपरेशन सिंदूर से सबक सिखाया। पहलगाम हमले के पीड़ित और प्रत्यक्षदर्शी आज भी उस घटना को याद कर सिहर उठते हैं। इस बुरे वक्त में दोस्ती के रिश्ते भी बने। सर्दियों में कंबल का कारोबार करने वाले नजाकत अहमद शाह हर साल की तरह गुरुवार को चिरमिरी पहुंचे। इस बार नजाकत अहमद के लिए यह यात्रा यादगार बन गई। चिरमिरी पहुंचते ही अरविंद अग्रवाल समेत इलाके लोग 50 लोग उनके स्वागत के लिए पहुंचे। सभी ने नजाकत को माला पहनाकर सम्मानित किया। उन्होंने अग्रवाल परिवार के साथ लंच पर वक्त बिताया और अपनी यादें साझा कीं। अरविंद अग्रवाल की बचाई थी जान अरविंद अग्रवाल ने पहलगाम हमले को याद करते हुए बताया कि जब आतंकियों ने गोलीबारी शुरू की, तब नजाकत अहमद शाह ने उन्हें बचा लिया। उस समय उनकी पत्नी और चार साल की बेटी थोड़ी दूर थीं। नजाकत ने सबको नीचे बैठने को कहा, फिर मेरी बेटी और मेरे दोस्त के बेटे को गले लगा लिया, जिससे उनकी जान बच गई। नजाकर उन्हें सुरक्षित स्थान पर ले गए और वापस मेरी पत्नी को बचाने के लिए दौड़े। हम कभी नजाकत के एहसान को नहीं भूल सकते हैं। नजाकत अहमद शाह ने बताया कि उनका परिवार सालों से छत्तीसगढ़ में कपड़े बेचने आता रहा है। मुझे बहुत खुशी हुई कि पहलगाम से लौटने के बाद भी अग्रवाल परिवार उनसे फोन पर संपर्क में रहा। अब उनसे मिलकर बहुत अच्छा लग रहा है। शाह ने कहा कि छत्तीसगढ़ हमारे लिए घर जैसा है और हम हर साल तीन महीने व्यापार के लिए यहां आते हैं। आतिशबाजी से स्वागत नजाकत अहमद शाह जब अरविंद अग्रवाल के घर पहुंचे तो उनका ग्रैंड वेलकम हुआ। अरविंद अग्रवाल के घर पहुंचते ही बीजेपी नेता ने पहले गुलदस्ता देकर स्वागत किया। फिर आतिशबाजी की गई। इस स्वागत से नजाकत अहमद शाह भी गदगद थे।

छत्तीसगढ़ के पांचों संभागीय मुख्यालय में लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल जी की भव्य प्रतिमा होगी स्थापित : डिप्टी सीएम अरुण साव

लौह पुरुष सरदार पटेल की 150 वीं जयंती पर मुख्यमंत्री साय की उपस्थिति में डिप्टी सीएम अरुण साव की बड़ी घोषणा छत्तीसगढ़ के पांचों संभागीय मुख्यालय में लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल जी की भव्य प्रतिमा होगी स्थापित रायपुर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने आज राष्ट्रीय एकता दिवस भारत रत्न सरदार वल्लभ भाई पटेल जी की 150वीं जन्म जयंती पर आयोजित रन फॉर यूनिटी कार्यक्रम में प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी की उपस्थिति में बड़ी घोषणा की है। उन्होंने कहा कि, प्रदेश के पांचों संभाग मुख्यालय में स्थित नगर पालिक निगमों में सरदार वल्लभ भाई पटेल जी की भव्य प्रतिमा स्थापना एवं सौंदर्यीकरण कार्य किया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी और डिप्टी सीएम अरुण साव जी आज रन फॉर यूनिटी दौड़ में शामिल हुए और इसी दौरान उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने बड़ी घोषणा करते हुए सभी संभागों में सरदार पटेल की मूर्ति स्थापित करने की घोषणा करते हुए लौह पुरुष को साय सरकार की सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित की है। इस घोषणा के बाद विभाग ने तत्काल पांच शहरों रायपुर, दुर्ग, जगदलपुर, बिलासपुर और अंबिकापुर के लिए 50-50 लाख रुपए जारी कर दिया है। आदेश के मुताबिक, 5 संभाग के 5 नगर निगमों के लिए अधोसंरचना मद से नगर पालिक निगमों को 2 करोड़ 50 लाख रुपए की स्वीकृति प्रदान की है। साव ने रायपुर के सरदार वल्लभ भाई पटेल अंतर्राष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में कहा कि, लौह पुरुष सरदार पटेल जी ने ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ संघर्ष कर मां भारती को स्वतंत्र कराया और आजादी के बाद खंड खंड में बंटे देश के 562 रियासतों को एक सूत्र में पिरोकर भारत को अखंड बनाया है, एक भारत, श्रेष्ठ भारत बनाया है। उनके इस योगदान को देश कभी नहीं भूल सकता। साव ने कहा कि, माननीय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी की मार्गदर्शन में नगरीय प्रशासन विभाग ने सभी संभागीय मुख्यालय में सरदार वल्लभ भाई पटेल जी की भव्य प्रतिमा का लगाने का निर्णय लिया है। इसके लिए 50-50 लाख की स्वीकृति प्रदान कर दी है।

NOC नियमों में बदलाव और स्वास्थ्य केंद्रों में ‘छत्तीसगढ़ महतारी’ की मूर्ति लगाने की मांग

रायपुर छत्तीसगढ़ डॉक्टर्स फेडरेशन (CGDF) के प्रतिनिधिमंडल ने स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जयसवाल से भेंट कर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में स्वास्थ्य सेवाओं और सार्वजनिक हित से जुड़ी दो प्रमुख मांगें रखी गईं, जिस पर मंत्री ने त्वरित कार्यवाही का आश्वासन दिया। ज्ञापन में CGDF ने मांग की है कि चिकित्सकों के लिए, उच्च शिक्षा अध्यन के लिए संपत्ति गिरवी रखने वाले नियम को शिथिल किया जाए एवं नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट’ (NOC) की वर्तमान अनिवार्यता को समाप्त किया जाए। एक नवंबर को राज्य के सभी मेडिकल कॉलेजों, जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) में ‘छत्तीसगढ़ महतारी’ की प्रतिमाओं की स्थापना की जाए। साथ ही पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी का स्मरण एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाए। इसका उद्देश्य स्वास्थ्य संस्थानों में एक सकारात्मक, सांस्कृतिक वातावरण का निर्माण करना और राज्य की सांस्कृतिक विरासत को सम्मान देना है। स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने CGDF के प्रतिनिधिमंडल द्वारा उठाए गए इन मुद्दों को गंभीरता से सुना और दोनों मांगों पर उचित कार्यवाही करने का आश्वासन दिया। CGDF के प्रवक्ता डॉ. गंधर्व पांडे ने कहा, “हम मंत्री द्वारा दिए गए आश्वासन का स्वागत करते हैं। हमें उम्मीद है कि इन दोनों महत्वपूर्ण मुद्दों पर शीघ्र ही सकारात्मक कार्यवाही होगी, जिससे राज्य के चिकित्सकों को लाभ मिलेगा।”

राष्ट्रीय एकता दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री: स्वतंत्रता सेनानियों के परिजनों का किया सम्मान

सभी संभागीय मुख्यालयों में स्थापित की जाएगी सरदार पटेल की भव्य प्रतिमा खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा ‘रन फॉर यूनिटी’ सहित विविध प्रतियोगिताओं का आयोजन रायपुर,  देश के प्रथम उप प्रधानमंत्री एवं गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल अपनी कर्मठता और दृढ़ इच्छाशक्ति से लौहपुरुष बने। आज़ादी के बाद के कठिन हालातों में उन्होंने अपनी सूझबूझ और फौलादी इरादों से 562 रियासतों का भारत में विलय कर अखंड भारत का निर्माण किया। किसानों के संघर्ष और स्वतंत्रता आंदोलन में उनका योगदान अमूल्य रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस कार्यक्रम में यह बात कही। यह कार्यक्रम खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा रायपुर स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में आयोजित किया गया।इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री एवं खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव, कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार मंत्री  गुरु खुशवंत साहेब तथा विधायक राजेश मूणत उपस्थित थे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर उनके महान योगदान का स्मरण करते हुए कहा कि “सरदार पटेल ने अपनी विराट सोच और अटूट इच्छाशक्ति से टुकड़ों में बंटी रियासतों को एक सूत्र में पिरोकर अखंड भारत का निर्माण किया।” सरदार पटेल का जीवन राष्ट्र की एकता, अखंडता और समर्पण का प्रतीक है। उनकी 150वीं जयंती पर आज पूरे देश में अनेक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।  मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गुजरात के केवड़िया में आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य को भी आमंत्रित किया गया है, जहाँ राज्य का विशेष स्टॉल भी लगाया गया है। उन्होंने कहा कि ‘रन फॉर यूनिटी’ केवल देश की एकता और अखंडता का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह फिटनेस और सामूहिक ऊर्जा का भी संदेश देता है। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने राष्ट्रीय एकता दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि “सरदार वल्लभभाई पटेल ने देश की आज़ादी और किसानों के अधिकारों के लिए ब्रिटिश हुकूमत के विरुद्ध कठोर संघर्ष किया।” उनके योगदान को रेखांकित करने के लिए ही उनकी जयंती को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल ने स्वतंत्र भारत के प्रथम उप प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के रूप में ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की अवधारणा को साकार किया। उप मुख्यमंत्री साव ने घोषणा की कि राज्य के सभी संभागीय मुख्यालयों में सरदार पटेल की भव्य प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी। इसके लिए नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा संबंधित नगरीय निकायों को 50-50 लाख रुपये की राशि प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री  साय ने कार्यक्रम में स्वतंत्रता सेनानियों के परिजनों को शाल एवं श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया। उन्होंने प्रतिभागियों द्वारा बनाए गए रंगोली और चित्रों का अवलोकन किया तथा उपस्थित जनों को स्वदेशी अपनाने और भारत में निर्मित वस्तुओं के उपयोग की शपथ दिलाई। राष्ट्रीय एकता दिवस के उपलक्ष्य में खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा रन फॉर यूनिटी के साथ ही महाविद्यालयीन छात्र-छात्राओं के लिए रंगोली, चित्रकला, भाषण एवं काव्य पाठ प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया।मुख्यमंत्री श्री साय ने रंगोली, चित्रकला, भाषण और काव्य पाठ प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किया तथा रन फॉर यूनिटी के प्रतिभागियों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने ‘बस्तर ओलंपिक’ के प्रचार रथ को भी हरी झंडी दिखाई। यह प्रचार रथ बस्तर संभाग के सभी जिलों में पहुंचकर बस्तर ओलंपिक का प्रचार-प्रसार करेगा। कार्यक्रम में खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव श्री यशवंत कुमार ने अपने स्वागत भाषण में सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर आयोजित ‘सरदार@150 यूनिटी मार्च’ के तहत आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ये कार्यक्रम आगामी डेढ़ महीनों तक निरंतर जारी रहेंगे। इस अवसर पर खेल एवं युवा कल्याण विभाग की संचालक तनूजा सलाम, स्वतंत्रता सेनानियों के परिजन, विभागीय अधिकारी, खिलाड़ी तथा महाविद्यालयीन छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

डॉ. मोहन यादव बोले: मध्यप्रदेश में निवेश, नवाचार और रोज़गार के संकल्प का अभ्युदय

सीएम ब्लॉग भोपाल मध्यप्रदेश आज अपनी स्थापना के 70वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। एक नवंबर 1956 को अस्तित्व में आये मध्यप्रदेश में विकास की नई यात्रा विगत दो दशकों से आरंभ हुई, जो प्रदेश को देश में अग्रणी राज्य बनाने की संभावनाओं तक पहुंच गई है। यह सुखद संयोग है कि आज देवउठनी ग्यारस के पावन अवसर पर राज्योत्सव का आयोजन किया जा रहा है। हमारे तीज, त्यौहार और परंपराएं हमारी संस्कृति का आधार हैं। उत्सव के आनंद से ही भविष्य निर्माण के भाव निर्मित होते हैं। मुझे यह बताते हुए प्रसन्नता है कि प्रदेश में सभी त्यौहारों को व्यापक स्वरूप में मनाया जा रहा है। अपने त्यौहारों का सांस्कृतिक संदर्भ ही हमें पुरातन से नूतन की प्रेरणा देता है। हमारे लिए गर्व की बात है कि भारत का ह्दय मध्यप्रदेश वन, जल, अन्न, खनिज, शिल्प, कला, संस्कृति, उत्सव और परंपराओं से समृद्ध है। हमें मां नर्मदा, चंबल, पार्वती, शिप्रा नदियों का सान्निध्य और बाबा महाकाल का आशीर्वाद प्राप्त है। यह भगवान परशुराम की जन्मस्थली, भगवान कृष्ण की शिक्षास्थली और आदि शंकराचार्य जी की तपोस्थली है। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम ने चित्रकूट में लंबा समय व्यतीत किया है। इतिहास प्रसिद्ध राजा नल, भर्तृहरि, विक्रमादित्य की जन्म स्थली भी मध्यप्रदेश रही है। सम्राट विक्रमादित्य ने ही शकों के आतंक से भारत को मुक्त किया था। संसार की पहली वैज्ञानिक कालगणना "विक्रम संवत्" का आरंभ भी मध्यप्रदेश के उज्जैन से हुआ था। मुझे बताते हुए प्रसन्नता है कि हम अपने ऐतिहासिक गौरव की दिव्यता और प्राकृतिक भव्यता के साथ विरासत से विकास की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने भारत को विश्व में सर्वश्रेष्ठ बनाने के लिए विकसित भारत निर्माण का संकल्प दिया है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में हमारा देश विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। प्रधानमंत्री जी के इस संकल्प को साकार करने और विकसित भारत निर्माण के लिए मध्यप्रदेश में निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं। प्रदेश में उद्योग वर्ष मनाने के साथ राज्योत्सव की थीम 'उद्योग और रोज़गार' रखी गई है। इसमें प्रदेश के सतत विकास, सांस्कृतिक समृद्धि और जनभागीदारी का भाव है। यशस्वी प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा से हमें निवेश और औद्योगिक विकास की यात्रा को परिणाम में बदलने का अवसर प्राप्त हो रहा है। विविधता से समृद्ध मध्यप्रदेश के हर क्षेत्र की अपनी विशेषता, क्षमता और दक्षता है, जिसमें अनंत संभावनाएं हैं। इसी को केन्द्र में रखकर हमने प्रदेश में रीजनल इन्वेस्टर्स समिट का नवाचार किया। मुझे यह बताते हुए प्रसन्नता है कि प्रदेश के हर क्षेत्र का कौशल और उद्योग इसमें शामिल हुआ है। व्यापार को सरल बनाने और निवेशकों से सीधे संवाद के लिए हमने मार्च 2024 से उज्जैन से निवेश यात्रा शुरू की और फिर जबलपुर, ग्वालियर, सागर, रीवा, शहडोल, नर्मदापुरम, मुंबई, कोयंबटूर, बेंगलुरु, पुणे, दिल्ली, यूके, जर्मनी, जापान, दुबई तक इसे विस्तार दिया। विभिन्न सम्मेलनों, राष्ट्रीय अंतर्राष्ट्रीय रोड-शो के माध्यम से मध्यप्रदेश के निवेश में कई गुना वृद्धि हुई है। निवेशकों को एक सक्षम, सरल और सुरक्षित वातावरण प्रदान किया गया है। प्रदेश में इनोवेशन हब, स्टार्टअप पॉलिसी, फंडिंग सपोर्ट और इन्क्यूबेशन नेटवर्क स्थापित कर देश की स्टार्टअप क्रांति को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जा रही है। मुझे यह बताते हुए खुशी है कि मध्यप्रदेश ने पिछले एक वर्ष में औद्योगिक निवेश के क्षेत्र में कई ऐतिहासिक उपलब्धियां प्राप्त की हैं। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय निवेशकों ने प्रदेश में निवेश के प्रति गहरी रुचि दिखाई है। खनिज कॉन्क्लेव में प्रदेश को 56 हजार करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले, जो खनिज नीति और प्रशासनिक सरलता का परिणाम हैं। आईटी पार्क, इलेक्ट्रॉनिक निर्माण इकाइयां और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में भी निवेश को प्रोत्साहन मिला है। मुझे यह बताते हुए हर्ष है कि प्रदेश एक ऐसे परिवर्तनकाल से गुजर रहा है जहां निवेश, नवाचार और रोज़गार आधार स्तंभ हैं। लगभग दो वर्षों में प्रदेश ने उद्योग, कृषि, दुग्ध उत्पादन, पर्यावरण, ऊर्जा और सामाजिक सशक्तिकरण के क्षेत्र में अनेक ऐतिहासिक उपलब्धियाँ अर्जित की हैं। भारत के समग्र विकास के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने हमें गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी (GYAN) के सम्मान का मंत्र दिया है। विकास के इन आधार स्तंभ के अनुरूप प्रदेश विकास और कल्याण के लिए युवा शक्ति, गरीब कल्याण, किसान कल्याण और नारी सशक्तिकरण मिशन के तहत कार्य किया जा रहा है। गरीब कल्याण मिशन में स्वरोज़गार और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं, आवास, शिक्षा एवं स्वास्थ्य की सुविधा आदि की दिशा में कार्य किया जा रहा है। मध्यप्रदेश कौशल विकास मिशन और स्टार्टअप नीति 2025 ने युवाओं को जॉब सीकर से जॉब क्रिएटर में परिवर्तित किया है। कौशल विकास मिशन के माध्यम से युवाओं को उद्योग-आधारित प्रशिक्षण दिया जा रहा है। रोज़गार मेले, अप्रेंटिसशिप कार्यक्रम और डिजिटल स्किल सर्टिफिकेशन जैसे प्रयास युवाओं को रोज़गार से जोड़ रहे हैं। रोज़गार सृजन हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। शासकीय और निजी क्षेत्रों में युवाओं के लिए स्थायी, कुशल और सम्मानजनक अवसर उपलब्ध किये जा रहे हैं। मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है जिसने शासकीय भर्ती का कैलेण्डर जारी किया और उसके अनुरूप भर्ती प्रक्रिया भी आरंभ हो गई है। कृषि क्षेत्र को नवाचार के साथ सशक्त बनाने की दिशा में एक नई क्रांति का सूत्रपात हुआ है। प्रदेश सरकार ने ड्रोन आधारित फसल निरीक्षण, स्मार्ट सिंचाई प्रणाली और कृषि उत्पाद मूल्य संवर्धन पर विशेष फोकस किया है। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना और मुख्यमंत्री खेत-तालाब योजना सहित अन्य प्रयासों से किसानों के लिए सिंचाई क्षेत्र बढ़ाने का लगातार प्रयत्न किया जा रहा है। केन-बेतवा और पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना से प्रदेश के किसानों को सिंचाई और पानी की सुविधा व्यापक स्तर पर उपलब्ध होगी। प्रदेश में सिंचाई का रकबा 52 लाख हेक्टेयर से अधिक हो चुका है। इसे दोगुना करने का लक्ष्य है। आगामी 3 वर्षों में सिंचाई क्षेत्र का रकबा 100 लाख हेक्टेयर करने की योजना है। कृषि उपज का प्रत्यक्ष भुगतान, ऑनलाइन मंडी व्यवस्था और जैविक खेती के प्रोत्साहन ने अन्नदाताओं की आय में वृद्धि की है। मध्यप्रदेश गेहूं, सोयाबीन, चना और मसालों के उत्पादन में अग्रणी प्रदेश हैं। महिला सशक्तिकरण को आर्थिक स्वावलंबन से जोड़ने की दिशा में नारी शक्ति मिशन परिवर्तनकारी सिद्ध हो रहा है। लाड़ली बहना योजना के माध्यम से लाखों … Read more