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शिक्षा में तेज, विवादों में भी तेज प्रताप! 2.88 करोड़ की संपत्ति, 8 मुकदमे

 पटना  बिहार की सियासत में हमेशा चर्चा में रहने वाले लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव एक बार फिर सुर्खियों में हैं। आरजेडी से निष्कासन के बाद अब उन्होंने अपनी नई राजनीतिक पार्टी जनशक्ति जनता दल के टिकट पर महुआ विधानसभा सीट से नामांकन दाखिल किया है। इस दौरान दाखिल किए गए चुनावी हलफनामे में तेज प्रताप ने अपनी शिक्षा, संपत्ति और आपराधिक मामलों से जुड़ी अहम जानकारियां साझा की हैं। कितनी है सपत्ति हलफनामे के मुताबिक, तेज प्रताप यादव 12वीं पास हैं, जबकि उनके छोटे भाई और पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव सिर्फ 9वीं तक पढ़े हैं। तेज प्रताप के पास कुल 2.88 करोड़ रुपये की संपत्ति है, जिसमें 91.65 लाख रुपये की चल संपत्ति और 1.96 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति शामिल है। दिलचस्प यह है कि 2020 में उनकी कुल संपत्ति 2.82 करोड़ थी, यानी बीते पांच सालों में चल संपत्ति घटी लेकिन अचल संपत्ति में बढ़ोतरी हुई है। 8 केस भी दर्ज तेज प्रताप यादव पर इस वक्त 8 आपराधिक मामले लंबित हैं। इनमें धारा 324, 302, 120B, 341, दहेज उत्पीड़न, एससी-एसटी एक्ट और आर्म्स एक्ट जैसे गंभीर प्रावधानों के केस शामिल हैं। उन्होंने बताया कि इनमें से किसी में भी अब तक उन्हें दोषी नहीं ठहराया गया है। हलफनामे में उन्होंने अपनी पत्नी ऐश्वर्या राय का विवरण नहीं दिया है, क्योंकि तलाक का मामला अभी पटना की पारिवारिक अदालत में विचाराधीन है। नई पार्टी से चुनाव लड़ेंगे तेज प्रताप मई 2025 में आरजेडी से 6 साल के लिए निष्कासित किए जाने के बाद तेज प्रताप ने अपनी नई पार्टी बनाई और अब उसी के बैनर तले चुनाव मैदान में हैं। नामांकन के दौरान उन्होंने अपनी दिवंगत दादी की तस्वीर साथ रखकर भावनात्मक अपील की। तेज प्रताप की राजनीति हमेशा विवादों से घिरी रही है, कभी बयानबाजी, कभी निजी रिश्ते, तो कभी पार्टी नेतृत्व से टकराव। बावजूद इसके वे बिहार की सियासत में एक चर्चित और प्रभावशाली चेहरा बने हुए हैं। गौरतलब है कि बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में दो चरणों में मतदान होगा, पहला 6 नवंबर को और दूसरा 11 नवंबर को। मतगणना 14 नवंबर को होगी। ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि तेज प्रताप की नई पार्टी और उनकी नई पारी महुआ सीट पर क्या रंग दिखाती है।

CM फेस पर जारी सस्पेंस के बीच अमित शाह-नीतीश मुलाकात, सीट बंटवारे की गुत्थी सुलझी?

पटना  केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तीन दिवसीय बिहार दौरे पर हैं. शुक्रवार को उन्होंने पटना में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से उनके आवास पर मुलाकात की. इसके बाद वह पटना में प्रबुद्ध सम्मेलन को भी संबोधित करेंगे. यह मुलाकात तब हो रही है जब एनडीए में सीटों का बंटवारा पहले ही हो चुका है. बीजेपी और जेडीयू 101-101 सीटों पर चुनाव लड़ रहे हैं. NDA के सीएम फेस पर क्या बोले अमित शाह? एक दिन पहले 'पंचायत आजतक' के मंच पर अमित शाह से पूछा गया कि अगर एनडीए सत्ता में आता है तो मुख्यमंत्री कौन बनेगा. जवाब में उन्होंने कहा, 'एनडीए कई पार्टियों का गठबंधन है. सभी दल चुनाव के बाद बैठेंगे, विधायक दल बैठेगा और अपना नेता चुन लेगा. फिलहाल हम नीतीश कुमार के ही नेतृत्व में चुनाव लड़ रहे हैं.' उनसे पूछा गया कि अगर बीजेपी के विधायक ज्यादा हुए तो भी क्या नीतीश कुमार ही सीएम रहेंगे. इस पर गृह मंत्री ने जवाब दिया, 'अभी भी हमारे ही विधायक ज्यादा हैं, फिर भी सीएम नीतीश कुमार ही हैं.' इस दौरान उन्होंने नीतीश कुमार के स्वास्थ्य को लेकर उठ रहे सवालों का भी जवाब दिया. सेहत को लेकर उठ रहे सवालों का दिया जवाब विपक्ष लगातार नीतीश कुमार की सेहत को लेकर सवाल उठा रहा है. गृह मंत्री ने इस पर कहा, 'मुझे लगता है कि इस विषय पर निर्णय उनकी पार्टी को ही लेना चाहिए. मैंने कई बार उनसे लंबी-लंबी चर्चा की है. मुझे कोई आपत्ति नहीं दिखी. अगर आयु के चलते कुछ चीजें होंगी भी तो सरकार सिर्फ सीएम नहीं बल्कि पूरी टीम चलाती है.'

रायपुर : रितु नाग ने बढ़ाया सुकमा का मान, राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में जीता स्वर्ण पदक

रायपुर सुकमा जिले की धरती एक बार फिर खेल के क्षेत्र में चमक उठी है। यहां की होनहार छात्रा रितु नाग ने अपने शानदार प्रदर्शन से जिले का नाम पूरे प्रदेश में रोशन किया है। रितु की इस उपलब्धि ने यह साबित कर दिया है कि सुकमा की  बेटियां मेहनत और लगन से हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं। जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप ने रितु की उपलब्धि के लिए बधाई और शुभकामनाएं देते उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है। कोरबा जिले में 12 से 15 अक्टूबर 2025 तक आयोजित 25वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता में रितु नाग ने बस्तर संभाग की हॉकी टीम में शामिल होकर बेहतरीन खेल दिखाया। उनकी टीम ने प्रथम स्थान प्राप्त किया और स्वर्ण पदक (गोल्ड मेडल) अपने नाम किया। इस सफलता से सुकमा ही नहीं, पूरे बस्तर संभाग का गौरव बढ़ गया है। रितु नाग वर्तमान में स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय, छिंदगढ़ में कक्षा 9वीं की छात्रा हैं और प्री-मैट्रिक कन्या छात्रावास में रहकर पढ़ाई कर रही हैं। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, जिला खेल अधिकारी श्री विरूपाक्ष पौराणिक, सहायक खेल अधिकारी श्री कमल कोसरिया और पीटीआई शिक्षिका श्रीमती योगिता नायक को दिया है।

दीपावली पर गन्ना किसानों को खुशखबरी, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा की पहल लाई राहत

रायपुर : उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा के प्रयासों से गन्ना किसानों को दीपावली पर मिला बड़ा तोहफा भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना के गन्ना उत्पादक किसानों को 11.09 करोड़ रुपये का बोनस भुगतान रायपुर उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा के सतत प्रयासों एवं किसान हितैषी दृष्टिकोण के परिणामस्वरूप भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना कवर्धा द्वारा जिले के गन्ना उत्पादक किसानों को दीपावली पर्व के अवसर पर बड़ा आर्थिक लाभ प्रदान किया गया है। कारखाना प्रबंधन द्वारा पिछले पेराई सत्र में गन्ना विक्रय करने वाले किसानों को शासन की ओर से 11.09 करोड़ रुपये का बोनस भुगतान किया गया है। यह बोनस भुगतान उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा के विशेष पहल एवं प्रयासों से संभव हुआ है। उनके नेतृत्व में किसानों के हितों को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए समयबद्ध भुगतान और बोनस वितरण सुनिश्चित किया गया है। भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना कवर्धा ने पेराई सत्र 2024-25 के दौरान किसानों से खरीदे गए गन्ने का 115.44 करोड़ रुपये का संपूर्ण भुगतान कर प्रदेश की सभी शुगर मिलों में अग्रणी स्थान प्राप्त किया है। यह उपलब्धि कारखाने की पारदर्शी कार्यप्रणाली, कुशल प्रबंधन एवं सहकारिता की सुदृढ़ भावना का परिचायक है। दीपावली से पूर्व किसानों को बोनस भुगतान प्राप्त होने से पूरे जिले के कृषक समुदाय में हर्ष एवं उत्साह का वातावरण व्याप्त है। बोनस राशि के भुगतान न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बनाएगी, बल्कि किसानों का विश्वास को और अधिक मजबूत करेगी।

OBC के 5 लाख विद्यार्थियों को राहत, योगी सरकार देने जा रही है खास तोहफा

लखनऊ  यूपी के लाखों ओबीसी (पिछड़ा वर्ग) के छात्रों के लिए शुक्रवार का दिन बेहद खास होने जा रहा है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ के लोक भवन स्थित ऑडिटोरियम में एक भव्य कार्यक्रम के दौरान छात्रवृत्ति वितरण समारोह में डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के जरिए प्रदेश के लाखों विद्यार्थियों के खातों में छात्रवृत्ति की धनराशि सीधे भेजेंगे.  मुख्यमंत्री योगी के निर्देश पर पहली बार प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 से सितंबर माह में ही छात्रवृत्ति वितरण की शुरुआत कर दी है. पहले जहां यह प्रक्रिया दिसंबर-जनवरी तक खिंच जाया करती थी, वहीं अब इसे पहले ही चरण में पूरा कर युवाओं तक राहत पहुंचाई जा रही है. पहले चरण में सरकार ने ₹62.13 करोड़ की धनराशि खर्च कर कक्षा 9 से 12 तक के 2.5 लाख से अधिक OBC छात्रों के खातों में छात्रवृत्ति भेजी थी. अब दूसरे चरण में शुक्रवार को ₹126.68 करोड़ की राशि से 4.83 लाख से अधिक छात्रों को लाभान्वित किया जाएगा. इस प्रकार कुल मिलाकर अब तक प्रदेश के करीब 7.33 लाख छात्र इस योजना से लाभान्वित हो चुके हैं.  पारदर्शी और डिजिटल प्रणाली की मिसाल कार्यक्रम से जुड़ी जानकारी देते हुए प्रदेश के पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेन्द्र कश्यप ने कहा कि जब प्रदेश का युवा शिक्षित और सशक्त होगा, तभी विकसित भारत – विकसित उत्तर प्रदेश के शताब्दी संकल्प-2047 को साकार किया जा सकेगा. उन्होंने बताया कि सरकार की मंशा स्पष्ट है कि कोई भी प्रतिभाशाली छात्र आर्थिक तंगी के कारण शिक्षा से वंचित न रहे. मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति की प्रक्रिया को पूरी तरह तेज, पारदर्शी और डिजिटल बनाया है. अब किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार या देरी की गुंजाइश नहीं रह गई है. पहले जहां छात्रवृत्ति फाइलों में महीनों उलझी रहती थी, वहीं अब आधार-संलग्न खातों में डीबीटी के जरिए धनराशि सीधे भेजी जा रही है. इससे न केवल छात्रों को समय पर सहायता मिल रही है, बल्कि योजना की विश्वसनीयता और प्रभाव भी बढ़ा है.  बजट में रिकॉर्ड बढ़ोतरी, दिखी सरकार की प्राथमिकता राज्य मंत्री नरेन्द्र कश्यप ने बताया कि पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग का बजट वर्ष दर वर्ष लगातार बढ़ाया गया है. वर्ष 2016-17 में जहां यह 1295 करोड़ रुपये था, वहीं अब वित्तीय वर्ष 2025-26 में बढ़कर 3124.45 करोड़ रुपये हो गया है. यानी, यह ढाई गुना से भी अधिक वृद्धि है. उन्होंने कहा कि इससे यह साफ झलकता है कि मुख्यमंत्री योगी की सरकार शिक्षा और सामाजिक न्याय को कितनी प्राथमिकता दे रही है. उन्होंने बताया कि छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति योजनाओं के लिए भी बजट में उल्लेखनीय इजाफा हुआ है. वर्ष 2016-17 में ₹1092.36 करोड़ की राशि इस मद में आवंटित थी, जो अब 2825 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है. इससे लाखों छात्रों को शिक्षा के क्षेत्र में नई दिशा और ऊर्जा मिली है. शिक्षा के माध्यम से आत्मनिर्भरता का संकल्प उन्होंने बताया कि सरकार का उद्देश्य केवल छात्रवृत्ति देना नहीं, बल्कि युवाओं को शिक्षा के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाना है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कई बार स्पष्ट कर चुके हैं कि गरीबी या पिछड़ापन अब किसी के भविष्य की रुकावट नहीं बनेगा. इस दिशा में डिजिटल और पारदर्शी छात्रवृत्ति व्यवस्था एक बड़ा कदम है. प्रदेश सरकार चाहती है कि प्रत्येक छात्र, चाहे वह किसी भी सामाजिक या आर्थिक वर्ग से हो, अपनी प्रतिभा के दम पर आगे बढ़ सके. इसी सोच के तहत OBC छात्रों के लिए यह विशेष व्यवस्था लागू की गई है, ताकि वे शिक्षा प्राप्त कर समाज और राष्ट्र के विकास में सक्रिय भागीदार बन सकें.  डिजिटल ट्रांसफर से घटा भ्रष्टाचार, बढ़ा विश्वास डीबीटी के माध्यम से सीधा ट्रांसफर होने से व्यवस्था में भ्रष्टाचार पर अंकुश लगा है. अब किसी बिचौलिए या अधिकारी की मनमानी की गुंजाइश नहीं बची. छात्रों के खातों में सीधे धनराशि पहुंच रही है, जिससे प्रणाली में पारदर्शिता आई है. यही नहीं, विभाग की मॉनिटरिंग प्रणाली को भी डिजिटल किया गया है, जिससे प्रत्येक ट्रांजैक्शन की जानकारी रियल टाइम में उपलब्ध रहती है. राज्य मंत्री ने बताया कि जल्द ही छात्रवृत्ति प्रक्रिया में AI आधारित सत्यापन प्रणाली लागू की जाएगी, ताकि फर्जीवाड़े या डुप्लीकेट आवेदन को पूरी तरह समाप्त किया जा सके. इस पहल के साथ ही प्रदेश में शिक्षा का नया अध्याय शुरू हुआ है. सरकार का लक्ष्य है कि अगले तीन वर्षों में छात्रवृत्ति वितरण का दायरा दोगुना किया जाए और हर पात्र छात्र को समय पर आर्थिक सहयोग मिले. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद इस कार्यक्रम की मॉनिटरिंग कर रहे हैं. उनका कहना है कि युवाओं में निवेश ही भविष्य में सबसे बड़ा लाभ देगा. योगी सरकार की इस पहल से न केवल OBC समाज के छात्रों में आत्मविश्वास बढ़ा है, बल्कि ग्रामीण इलाकों के स्कूलों और कॉलेजों में नामांकन भी बढ़ा है.

रायपुर में धान खरीदी अब बायोमैट्रिक सिस्टम से, समर्थन मूल्य पर होगी पारदर्शी प्रक्रिया

रायपुर : समर्थन मूल्य पर धान खरीदी बायोमैट्रिक पद्धति से होगी उपार्जन केन्द्रों में ट्रायल रन 3 से 6 नवंबर तक  किसान कर सकेंगे 9 नवंबर से ऑफलाईन एवं ऑनलाईन टोकन के लिए आवेदन सीमावर्ती जिलों में बनाएं जाएंगे चेक पोस्ट अधिकारियों एवं कर्मचारियों को धान खरीदी,प्रक्रिया का प्रशिक्षण रायपुर   समर्थन मूल्य पर धान खरीदी बायोमैट्रिक पद्धति से की जाएगी। किसानों की सुविधा के लिए धान उपार्जन केन्द्रों में ऑफलाईन के अलावा मोबाइल एप के माध्यम से ऑनलाईन टोकन जारी किए जाएंगे। सचिव, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम, प्रबंध संचालक विपणन संघ एवं संचालक खाद्य विभाग के मार्गदर्शन में आज सरगुजा एवं दुर्ग संभाग के अधिकारी-कर्मचारियों को व्यवस्थित और पारदर्शी ढंग से धान खरीदी सम्पन्न कराने के लिए पूरी प्रक्रिया की जानकारी दी गई। अलग-अलग संभागों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम 17 अक्टूबर तक चलेगी। धान खरीदी का कार्य 15 नवंबर से प्रारंभ होगा।   प्रशिक्षण में अधिकारियों ने बताया कि विपणन संघ मुख्यालय स्तर पर इन्टीग्रेटेड कन्ट्रोल एंड कमांड सेन्टर की स्थापना की जाएगी एवं मोबाईल एप्प के माध्यम से विभिन्न प्रकार के एलर्ट आदि भेजे जाएंगे। उपार्जन केन्द्रों में धान के उचित रखरखाव, किसानों की सुविधाओं के संबंध में व्यवस्था किये जाने हेतु उपार्जन केन्द्र प्रभारियों और इससे जुड़े अधिकारियों को प्रशिक्षण में जानकारी दी गई। उपार्जन केन्द्रों को गतवर्षों में दर्ज प्रकरणों एवं संभावित अनियमितताओं के आधार पर संवेदनशील तथा सामान्य में वर्गीकृत किया गया है। जिला प्रशासन द्वारा संवेदनशील उपार्जन केन्द्रों में विशेष निगरानी रखी जावेगी। इन केन्द्रों में पृथक से नोडल अधिकारी भी नियुक्त किये जायेगें। जिनके द्वारा समय-समय पर उपार्जन केन्द्रों का निरीक्षण किया जाएगा। इसके अलावा इन्टीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेन्टर से प्राप्त अलर्ट मैसेज के आधार पर उड़नदस्ता द्वारा तत्काल कार्यवाही की जाएगी। प्रदेश के सीमावर्ती उपार्जन केन्द्रों में पर्याप्त चेक पोस्ट की स्थापना की जा रही है, जिससे अवैध धान के आवक को रोका जा सके।  जिलों में धान उपार्जन वर्ष 2025-26 का प्रशिक्षण कार्य 31 अक्टूबर 2025 तक जिला एवं अनुविभाग में पूर्ण करा लिया जावे। गतवर्ष की भाँति इस वर्ष भी बायोमेट्रिक आधारित धान उपार्जन किया जाएगा। वहीं 3 नवंबर से 6 नवंबर के मध्य उपार्जन केन्द्रों में ट्रायल रन का आयोजन होगा एवं 9 नवंबर से टोकन आवेदन किया जा सकेगा। धान खरीदी के लिए सीमांत एवं लघु कृषकों को 02 टोकन एवं दीर्घ कृषकों को अधिकतम 03 टोकन प्रदाय किया जा सकेगा। अतः सभी जिलों को 30 अक्टूबर तक धान उपार्जन से संबंधित सभी तैयारी पूर्ण करने हेतु निर्देशित किया गया है।  प्रशिक्षण में अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष समितियों को शार्टेज की मात्रा निरंक करने तथा शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए सुचारू रूप से धान उपार्जन पूर्ण करने पर नियमानुसार इन्सेटिव का भी प्रावधान रखा गया है। भारत सरकार द्वारा उपार्जन केन्द्रों के स्वमूल्यांकन हेतु उपलब्ध पोर्टल पीसीएसएपी में उपार्जन केन्द्रों द्वारा धान खरीदी के संबंध मे आवश्यक व्यवस्था पूर्ण कर लेने के उपरांत प्रविष्टि करनी होगी। प्रविष्टि के आधार पर एल-4 ग्रेडिंग पाये जाने पर ही इन्सेटिव की पात्रता उप समिति को होगी। समितियों में डाटा एन्ट्री आपरेटरों का नियोजन 06 माह के लिए समितियों के माध्यम से किये जाने का प्रावधान इस वर्ष की पॉलिसी में किया गया है। ऐसी समितियां जहां अनियमितताएं पाई गई हो, वहां के डाटा एन्ट्री आपरेटरों का नवीन नियोजन किये जाने के निर्देश दिए गये है। 

हिंसा की राह देती है अंतहीन दर्द, आत्मसमर्पण देता है जीवन को नई दिशा- मुख्यमंत्री साय

रायपुर : उत्तर बस्तर और अबूझमाड़ हुए नक्सलमुक्त — बस्तर में शांति और विकास का नया युग : मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय हिंसा की राह देती है अंतहीन दर्द, आत्मसमर्पण देता है जीवन को नई दिशा- मुख्यमंत्री  साय प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह के नेतृत्व में नक्सल उन्मूलन अभियान ऐतिहासिक सफलता की ओर रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि उत्तर बस्तर और अबूझमाड़ का नक्सलमुक्त होना यह प्रमाण है कि अब बस्तर भय नहीं, बल्कि विश्वास और विकास की नई पहचान बन चुका है। प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह के नेतृत्व में भारत आज नक्सलवाद के अंत की दहलीज़ पर खड़ा है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि बीते दो दिनों में 258 नक्सलियों का आत्मसमर्पण इस बात का प्रतीक है कि बंदूक नहीं, बल्कि विश्वास की शक्ति जीत रही है। उन्होंने कहा कि बीते 22 महीनों में छत्तीसगढ़ में 477 नक्सली मारे गए, 2110 ने आत्मसमर्पण किया और 1785 गिरफ्तार हुए — यह आँकड़े हमारे राज्य को नक्सलमुक्त बनाने के अडिग संकल्प के साक्षी हैं। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि 31 मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ को पूरी तरह नक्सलमुक्त बनाने का लक्ष्य अब बहुत निकट है। यह परिवर्तन राज्य सरकार की “नक्सलवादी आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति 2025” तथा “नियद नेल्ला नार योजना” की सफलता का प्रत्यक्ष परिणाम है। डबल इंजन सरकार की संवेदनशील नीतियों, बस्तर में लगातार स्थापित हो रहे सुरक्षा शिविरों और वनांचलों में शासन के प्रति बढ़ते विश्वास ने इस सकारात्मक परिवर्तन को संभव बनाया है। उन्होंने कहा कि अब तक नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में 64 नए सुरक्षा कैंप स्थापित किए जा चुके हैं, जिससे न केवल सुरक्षा सुदृढ़ हुई है, बल्कि विकास और विश्वास की किरण भी हर गांव तक पहुँची है।  मुख्यमंत्री  साय ने हमारे वीर सुरक्षाबलों के अदम्य साहस और बलिदान को नमन करते हुए कहा कि उनके समर्पण से ही आज बस्तर भयमुक्त हुआ है और शांति की राह पर अग्रसर है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि अबूझमाड़ और उत्तर बस्तर नक्सल आतंक से पूर्णतः मुक्त हो चुके हैं, जबकि दक्षिण बस्तर में यह लड़ाई अपने निर्णायक चरण में है। “नियद नेल्ला नार” जैसी योजनाओं ने बस्तर में संवाद, विकास और संवेदना की नई धरती तैयार की है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकार की नीति दो टूक है — हिंसा का कोई स्थान नहीं। जो नक्सली शांति और विकास का मार्ग चुनना चाहते हैं, उनका स्वागत है। लेकिन जो बंदूक उठाकर समाज में आतंक फैलाने की कोशिश करेंगे, उन्हें सुरक्षा बलों की सख़्त कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। मुख्यमंत्री ने सभी नक्सलियों से अपील की — “हिंसा की राह अंतहीन पीड़ा देती है, जबकि आत्मसमर्पण जीवन को एक नई दिशा देते हुए एक नई शुरुआत का रास्ता खोलता है। अपनी मातृभूमि के भविष्य और अपने परिवारों के उज्जवल कल के लिए हथियार त्यागें और विकास की रोशनी में कदम रखें।” उल्लेखनीय है कि  देश में नक्सलवाद के खिलाफ चल रही निर्णायक लड़ाई ने एक ऐतिहासिक मुकाम हासिल किया है। केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट कर जानकारी  कि छत्तीसगढ़ के अबूझमाड़ और उत्तर बस्तर जैसे क्षेत्र, जो कभी नक्सल आतंक के गढ़ हुआ करते थे, अब पूरी तरह नक्सलमुक्त घोषित किए जा चुके हैं।  उन्होंने कहा कि यह न केवल भारत की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था की बड़ी सफलता है, बल्कि विकास, विश्वास और संवेदना की नई कहानी भी है। बीते दो दिनों में देश में कुल 258 नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर आत्मसमर्पण किया है।  केंद्रीय गृह मंत्री  शाह ने कहा कि यह परिवर्तन इस बात का प्रमाण है कि बंदूक नहीं, बल्कि संविधान पर विश्वास की शक्ति जीत रही है। प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के निरंतर प्रयासों से नक्सलवाद अब अपने अंतिम चरण में है।  केंद्रीय गृह मंत्री  शाह ने आत्मसमर्पण करने वाले सभी नक्सलियों की सराहना करते हुए कहा कि यह कदम उनके बेहतर भविष्य और देश की एकता के प्रति समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने सभी नक्सलियों से अपील की कि वे हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटें और देश की प्रगति में सहभागी बनें।

दण्डकारण्य में बड़ा आत्मसमर्पण: 200 से अधिक नक्सली छोड़ेंगे हिंसा का रास्ता

बस्तर में नक्सल उन्मूलन की दिशा में ऐतिहासिक सफलता — दण्डकारण्य क्षेत्र के 200 से अधिक माओवादी कैडर करेंगे आत्मसमर्पण रायपुर राज्य शासन की व्यापक नक्सल उन्मूलन नीति और निरंतर सशक्त रणनीतिक प्रयासों के परिणामस्वरूप दण्डकारण्य क्षेत्र के लगभग 200 माओवादी कैडर, जिनमें वरिष्ठतम हार्डकोर कैडर भी शामिल हैं, ने हिंसा का मार्ग त्यागकर सामाजिक मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया है। इन आत्मसमर्पित माओवादी कैडरों के औपचारिक पुनर्समावेशन समारोह का आयोजन शुक्रवार, 17 अक्टूबर 2025 को प्रातः 11:00 बजे, रिज़र्व पुलिस लाइन, जगदलपुर (जिला बस्तर) में किया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय तथा उपमुख्यमंत्री (गृहमंत्री)  विजय शर्मा उपस्थित रहेंगे। यह निर्णायक और ऐतिहासिक घटनाक्रम मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य शासन की उस नीति का प्रत्यक्ष परिणाम है, जिसमें शांति, संवाद और विकास को केंद्र में रखकर विश्वास और पुनर्वास का वातावरण निर्मित किया गया है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि बस्तर की वास्तविक शक्ति उसके लोगों की आत्मनिर्भरता, शिक्षा, आजीविका और सामाजिक सम्मान में निहित है। इन्हीं मूल्यों पर आधारित शासन की नीति ने अब दण्डकारण्य के भीतरी इलाकों तक नई उम्मीद और परिवर्तन का संदेश पहुँचाया है।यह अवसर बस्तर में नक्सल उन्मूलन की दिशा में एक निर्णायक मोड़ का प्रतीक बनेगा। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में शासन ने न केवल सुरक्षा मोर्चे पर ठोस पहल की है, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़कों, संचार और आजीविका से जुड़े विकास कार्यों के माध्यम से स्थायी शांति की आधारभूमि भी तैयार की है।यह सफलता पुलिस और सुरक्षा बलों की रणनीतिक मुहिम, स्थानीय प्रशासन के समन्वित प्रयासों, तथा जागरूक समाज और जनप्रतिनिधियों की रचनात्मक भागीदारी का भी परिणाम है।

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने गर्भवती माताओं की शत-प्रतिशत जांच सुनिश्चित करने के दिए निर्देश

भोपाल   उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि प्रदेश में डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की कमी शीघ्र दूर होगी। स्वास्थ्य विभाग में भर्ती प्रक्रिया प्रगतिरत है और शीघ्र ही पर्याप्त चिकित्सकीय एवं सहायक चिकित्सकीय स्टाफ की पूर्ति की जाएगी। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने सागर जिले के राहतगढ़ सिविल अस्पताल का अवलोकन कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि अस्पताल में तत्काल ब्लड स्टोरेज फ्रिज की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि आपातकालीन स्थिति में रक्त की उपलब्धता बनी रहे। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि माह की 9 एवं 25 तारीख को आयोजित होने वाले गर्भवती माताओं के स्वास्थ्य परीक्षण शिविरों में शत-प्रतिशत जांच सुनिश्चित की जाए। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सरकार की प्राथमिकता है। हर गर्भवती महिला तक समय पर जांच और उपचार की सुविधा पहुँचे इसके लिए पूरे मनोयोग से प्रयास करें। उन्होंने अस्पताल में स्वच्छता और साफ-सफाई की विशेष व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जन-उपयोगी समस्त आवश्यक औषधियों की उपलब्धता हर समय बनी रहे। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के डिजिटलीकरण की दिशा में भी तेजी से आगे बढ़ रही है। टेलीमेडिसिन सेवा से डॉक्टरों की अनुपलब्धता की समस्या काफी हद तक दूर होगी और समय पर इलाज सुनिश्चित किया जा सकेगा।

किसान सम्मेलन का आयोजन: भोपाल और नर्मदापुरम संभाग के किसान होंगे शामिल

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में शनिवार 18 अक्टूबर को मुख्यमंत्री निवास पर किसान सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। सम्मेलन में नर्मदापुरम, भोपाल, सीहोर, राजगढ़, रायसेन एवं विदिशा जिले से लगभग 2500 किसान शामिल होंगे। भावांतर योजना की दी जाएगी जानकारी सम्मेलन में किसानों को भावांतर योजना के संबंध में जानकारी दी जाएगी एवं योजना का अधिकाधिक लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। योजना अंतर्गत किसान 24 अक्टूबर 2025 से 15 जनवरी 2026 तक मंडी में फसल बेच सकेंगे। किसानों को 15 दिवस में भावांतर की राशि उनके आधार लिंक बैंक खातों में सीधे अंतरित की जाएगी। भावांतर योजना के ई-उपार्जन पोर्टल पर पंजीयन 17 अक्टूबर तक होंगे।