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MP की लाड़ली बहनों को बड़ा तोहफा, CM मोहन यादव आज ट्रांसफर करेंगे 37वीं किस्त की रकम

भोपाल. मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार, 14 जून को सागर जिले के देवरी विधानसभा क्षेत्र के केसली से राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी लाड़ली बहना योजना की 37वीं किस्त (Ladli Behna Yojana 37th Installment) जारी करेंगे। इस अवसर पर प्रदेश की सवा करोड़ से अधिक पात्र महिलाओं के बैंक खातों में सिंगल क्लिक के माध्यम से 1500 रुपये की राशि ट्रांसफर की जाएगी। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को लेकर क्षेत्र में प्रशासनिक तैयारियां तेज कर दी गई हैं। अधिकारियों के अनुसार कार्यक्रम स्थल पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी की जा रही हैं। 190.85 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपने दौरे के दौरान केसली क्षेत्र में 190.85 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात भी देंगे। सरकार का दावा है कि इन परियोजनाओं से क्षेत्र के विकास को गति मिलेगी और स्थानीय नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। महिलाओं को आर्थिक सहायता का लाभ लाड़ली बहना योजना (Ladli Behna Yojana) मध्यप्रदेश सरकार की प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाओं में शामिल है। योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता दी जाती है, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें और घरेलू जरूरतों को बेहतर तरीके से पूरा कर सकें। 37वीं किस्त के अंतर्गत एक बार फिर 1.25 करोड़ से अधिक महिलाओं को सीधे उनके बैंक खातों में राशि प्राप्त होगी। क्या है लाड़ली बहना योजना? लाड़ली बहना योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण, स्वास्थ्य और पोषण में सुधार के उद्देश्य से संचालित की जा रही है। इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। योजना का लाभ उन्हीं महिलाओं को मिलता है जो मध्यप्रदेश की स्थानीय निवासी हों। परिवार की वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से कम होनी चाहिए। परिवार में कोई सरकारी कर्मचारी नहीं होना चाहिए और पांच एकड़ से अधिक भूमि या चारपहिया वाहन नहीं होना चाहिए। विवाहित, विधवा और तलाकशुदा महिलाएं, जिनकी आयु 21 से 60 वर्ष के बीच है, योजना के लिए पात्र हैं। ऐसे चेक करें किस्त का स्टेटस लाड़ली बहना योजना की किस्त का स्टेटस चेक करने के लिए महिलाएं आधिकारिक वेबसाइट cmladlibahna.mp.gov.in पर जाकर “आवेदन व भुगतान की स्थिति” विकल्प पर क्लिक कर सकती हैं। इसके बाद समग्र आईडी या रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज करना होगा। ओटीपी सत्यापन के बाद भुगतान की पूरी जानकारी स्क्रीन पर दिखाई देगी।

दिल्ली सरकार का बड़ा प्लान: 11.4 एकड़ में ई-वेस्ट इको पार्क, 30 साल लीज पर निजी कंपनी

नई दिल्ली  राजधानी की दिल्ली सरकार इलेक्ट्रॉनिक कचरे (ई-वेस्ट) के निपटारे के लिए बनने वाले ई-वेस्ट इको पार्क को अब पीपीपी मॉडल पर विकसित करेगी। सरकार को इसपर कोई पैसा खर्च नहीं करना होगा। दिल्ली सरकार की दिल्ली स्टेट इंडस्ट्रियल एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डिवेलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड ( DSIIDC ) ने टेंडर जारी कर इसके लिए निजी कंपनियों से प्रस्ताव मांगे है। सूत्रों की मानें तो चयनित कंपनी को यह परियोजना 30 साल के लिए लीज पर दी जा सकती है। दिल्ली में हर साल 2 लाख टन इलेक्ट्रॉनिक कचरा निकलता है राजधानी दिल्ली में हर साल 2 लाख टन इलेक्ट्रॉनिक कचरा निकलता है। यह देश में निकलने वाले कुल इलेक्ट्रॉनिक कचरे का 9.5 पर्सेट है। इसलिए तत्कालीन सरकार ने वर्ष 2022 में होलंबी कलां में 21 एकड़ क्षेत्र में ई-वेस्ट इको पार्क बनाने का फैसला किया था। उस समय कई कोशिशों के बाद भी डीडीए की ओर से पूरी जमीन उपलब्ध नहीं कराए जाने के कारण यह योजना लटकी रही। मौजूदा सरकार ने 11.4 एकड़ में विकसित करने का फैसला लिया अब मौजूदा सरकार ने इसे 11.4 एकड़ में विकसित करने का फैसला किया है। डीडीए ने इसके लिए जमीन भी उपलब्ध करा दी है। DSIIDC के दस्तावेजों के मुताबिक, यह परियोजना PPP मॉडल पर विकसित की जाएगी। इसके तहत चयनित कंपनी ई-वेस्ट 2 लाख टन ई-वेस्ट दिल्ली में हर साल निकलता है। ई-वेस्ट इको पार्क में कैसे होगा काम     ई-वेस्ट मैनेजमेंट नियमों के तहत, पुराने मोबाइल, टीवी, फ्रिज और कंप्यूटर जैसे इलेक्ट्रॉनिक कचरे को सुरक्षित तरीके से नष्ट और अलग किया जाएगा।     जो उपकरण ठीक किए जा सकते हैं, उनकी मरम्मत करके उन्हें दोबारा उपयोग के लिए तैयार किया जाएगा।     पार्क में एक डेडिकेटेड इलेक्ट्रॉनिक बाजार होगा, जहां रीसायकल और नवीनीकृत किए गए सामानों को बेचा जाएगा।     कचरे से प्लास्टिक को अलग किया जाएगा और कीमती धातुओं को निकालने व दोबारा निर्माण (Remanufacturing) करने की तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा।

यूपी में अपराधियों पर शिकंजा: बरेली में 84 शातिरों को माफिया घोषित करेगी पुलिस

लखनऊ अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए यूपी पुलिस लगातार ऐक्शन ले रही है। इसी कड़ी में बरेली के एसएसपी अनुराग आर्य ने जघन्य अपराधों में शामिल 84 अपराधियों का चिह्नीकरण कराया है, जिन्हें माफिया घोषित किया जाएगा। यह कार्रवाई 30 जून तक पूरी की जाएगी, एडिशनल एसपी को निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि अपराध और अपराधियों पर रोकथाम के लिए पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। इनकी निगरानी के लिए गैंगस्टर, गैंग पंजीकरण, हिस्ट्रीशीट खोलने और माफिया घोषित करने की कार्रवाई भी की जाती है। इसी कड़ी में लूट, चोरी, डकैती, हत्या, मादक पदार्थ तस्करी, गोकशी, जमीनों पर अवैध कब्जे जैसे अपराधों में शामिल 84 अपराधियों का चिह्नीकरण करके माफिया घोषित कराया जा रहा है। इनकी सूची तैयार कराकर सभी थानों को सौंप दी गई है और संबंधित एडिशनल एसपी को 30 जून तक यह कार्रवाई पूरी कराने के निर्देश दिए हैं। 8 अपराधियों के गैंग रजिस्टर्ड हत्या, लूट, डकैती, गोकशी जैसे जघन्य अपराधों में शामिल आठ अपराधियों के गैंग पंजीकृत किए गए हैं। 21 अन्य अपराधियों को गैंग के सदस्य के तौर पर पंजीकृत किया है। जल्दी ही इन सभी के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई भी होगी। किला में परसाखेड़ा के आसिफ का गैंग पंजीकृत कर सोहेल उर्फ सोहिल, बिलाल और रहीमुद्दीन को सदस्य बनाया गया है। अलीगंज में कुंडरिया फैजुल्लपुर के नेकसू उर्फ पूरनलाल के गैंग का पंजीकरण कर भूपराम को सदस्य बनाया है। हाफिजगंज में लमखेड़ा के बाबूराम निराला के गैंग में मुन्नालाल, मैना देवी, बिल्लू यादव उर्फ बलवीर और पुरनापुर के प्रमोद उर्फ पकौड़ी के गैंग में सनी व प्रशांत पटेल को सदस्य बनाया है। मीरगंज में दियोरिया अब्दुल्लागंज निवासी सुहेल को गैंगलीडर और तस्लीम को सदस्य बनाया है। इज्जतनगर में पुरनापुर के मनोज पटेल को गैंग लीडर और गौरव गंगवार, केशव पटेल, शिवम पंडित व अजय पटेल को सदस्य बनाया है। क्योलड़िया में भूड़ा सैदपुर के मुस्तकीम का गैंग पंजीकृत कर अनूप, मुन्ना पुत्र नियामुद्दीन, नईम, मुन्ना पुत्र मोहम्मद उमर व जीशान को सदस्य बनाया है। बारादरी में बड़ेपुरा निवासी विमल को गैंगलीडर और सोहिल खान उर्फ सोहेल व अनिल को सदस्य बनाया गया है। उत्तरी क्षेत्र के सर्वाधिक अपराधी बनेंगे माफिया शहर क्षेत्र के सर्किल प्रथम में तीन, द्वितीय में सात, तृतीय में 16 अपराधी चिह्नित किए गए हैं। उत्तरी क्षेत्र के बहेड़ी सर्किल में 32, नवाबगंज में दो व हाईवे में 13 अपराधी माफिया घोषित होंगे। दक्षिणी क्षेत्र के आंवला सर्किल में तीन, मीरगंज में चार और फरीदपुर में चार अपराधी चिह्नित किए गए हैं। दो साल में पंजीकृत हुए 102 गैंग एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि अपराध पर रोकथाम के लिए शातिर अपराधियों का चिह्नीकरण करके लगातार कार्रवाई कराई जा रही है। इसी कड़ी में आठ शातिर अपराधियों का गैंग पंजीकरण कराया गया है। इससे पूर्व दो साल में करीब 102 गैंग पंजीकृत किए गए हैं। अब जिले में पंजीकृत गैंग की संख्या 503 हो गई है। 84 अन्य अपराधी माफिया घोषित करने के लिए चिह्नित किए गए हैं( क्या बोले एसएसपी बरेली के एसएसपी अनुराग आर्य ने कहा कि अपराध पर रोकथाम के लिए शातिर अपराधियों का चिह्नीकरण करके लगातार कार्रवाई कराई जा रही है। आठ शातिर अपराधियों का गैंग पंजीकरण कराया है। 84 अन्य माफिया घोषित करने के लिए चिह्नित किए गए हैं, जिन पर 30 जून पर कार्रवाई कराई जाएगी।

बिहार पुलिस में बड़ा बदलाव: 12 रेंज को फिर चार जोन में बांटने की योजना

 पटना बिहार में कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है. राज्य में 7 साल पहले खत्म की गई जोनल व्यवस्था को फिर से लागू करने की तैयारी पूरी हो चुकी है. इसके लिए पुलिस मुख्यालय की ओर से प्रस्ताव भेजा गया था, जिसे मंजूरी मिलने की बात सामने आ रही है. 12 पुलिस रेंज को फिर बांटा जाएगा जोन में फिलहाल बिहार में 12 पुलिस रेंज काम कर रही हैं. नई व्यवस्था लागू होने के बाद इन रेंजों को फिर से जोन में विभाजित किया जाएगा. इससे फील्ड पुलिसिंग को अधिक प्रभावी बनाने और प्रशासनिक निगरानी मजबूत करने में मदद मिलेगी. जल्द लागू हो सकती है नई व्यवस्था सूत्रों के मुताबिक, गृह विभाग से हरी झंडी मिलने के बाद नई व्यवस्था को जल्द लागू किया जा सकता है. शुरुआती जानकारी के अनुसार, पहले की तरह चार जोन बनाए जा सकते हैं. हालांकि, वर्तमान जरूरतों को देखते हुए कुछ बदलाव भी किए जा सकते हैं. 2019 में खत्म हुई थी जोनल व्यवस्था बिहार पुलिस में जुलाई 2019 में बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया गया था. उस समय जोनल सिस्टम को समाप्त कर केवल रेंज व्यवस्था लागू की गई थी. साथ ही बेगूसराय को नया रेंज बनाकर कुल रेंज की संख्या 11 से बढ़ाकर 12 कर दी गई थी. अभी किन जिलों को संभालती हैं रेंज? वर्तमान में पटना रेंज में पटना और नालंदा शामिल हैं. मगध रेंज में गया, नवादा, औरंगाबाद, जहानाबाद और अरवल आते हैं. भागलपुर रेंज में भागलपुर, बांका और नवगछिया पुलिस जिला शामिल है. तिरहुत रेंज में मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, शिवहर और वैशाली जिले आते हैं. कोसी रेंज में सहरसा, सुपौल और मधेपुरा हैं. वहीं पूर्णिया रेंज में पूर्णिया, कटिहार, अररिया और किशनगंज जिले शामिल हैं. मुंगेर रेंज में मुंगेर, जमुई, लखीसराय और शेखपुरा आते हैं. बेगूसराय रेंज में बेगूसराय और खगड़िया जिले शामिल हैं. 37 साल तक लागू रही थी जोन व्यवस्था बिहार पुलिस में जोनल सिस्टम की शुरुआत 1982 में हुई थी. उस समय राज्य को चार जोन- पटना, भागलपुर, कोसी और तिरहुत में बांटा गया था. यह व्यवस्था करीब 37 वर्षों तक लागू रही. जोन में आईजी रैंक के अधिकारी और रेंज में डीआईजी रैंक के अधिकारी तैनात किए जाते थे. पुलिसिंग को और मजबूत करने की कवायद सरकार का मानना है कि जोनल व्यवस्था लागू होने से पुलिस प्रशासन की निगरानी और जवाबदेही बढ़ेगी. साथ ही कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में बेहतर समन्वय स्थापित किया जा सकेगा. इसी उद्देश्य से पुराने सिस्टम को नए स्वरूप में फिर से लागू करने की तैयारी की जा रही है.

हरियाली बढ़ाने के लिए मनरेगा से पहाड़ियों पर हरित मॉडल विकसित करेगा प्रशासन

सोनभद्र सोनांचल की सूखी और बंजर पहाड़ियां अब हरियाली की नई कहानी लिखने जा रही हैं। इस वर्ष पौधारोपण अभियान को नवाचार से जोड़ते हुए जिले की छह प्रमुख पहाड़ियों को हरित माडल के रूप में विकसित करने की योजना तैयार की गई है। मनरेगा के माध्यम से जुड़वानी पहाड़ी, गड़ही पहाड़ी, अंबेडकर नगर पहाड़ी, रासपहाड़, सरहद पहाड़ी और भवरहवा पहाड़ी पर बड़े पैमाने पर पौधारोपण कराया जाएगा। प्रशासन का लक्ष्य केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि उन्हें सुरक्षित रखते हुए स्थायी हरित आवरण तैयार करना है। पर्यावरण संरक्षण और जल संवर्धन को साथ लेकर चल रही इस पहल में आधुनिक जल संरक्षण तकनीकों का सहारा लिया जाएगा। पहाड़ियों की ढलानों पर ट्रेंच (खाई) बनाई जाएंगी, जिनमें वर्षा का पानी संचित होगा। इससे पौधों को लंबे समय तक नमी मिलती रहेगी और भूजल स्तर को भी मजबूती मिलेगी। अभियान में स्थानीय ग्रामीणों और सामुदायिक संस्थाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी, जिससे पौधों की देखभाल और संरक्षण की जिम्मेदारी साझा हो सके। ग्रामीण क्षेत्र की अर्थव्यवस्था होगी समृद्ध जिले में हरित क्षेत्र बढ़ाने के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देने की तैयारी है। इसके तहत प्रत्येक विकास खंड में 10-10 फलोद्यान विकसित किए जाएंगे। इन फलोद्यानों की देखभाल स्वयं सहायता समूहों को सौंपी जाएगी। इससे जहां महिलाओं को रोजगार और आय के अवसर मिलेंगे, वहीं गांवों में फल उत्पादन बढ़ने से पोषण और पर्यावरण दोनों को लाभ पहुंचेगा। यह पहल आने वाले वर्षों में जिले की पहचान को नई हरित दिशा देगी। क्या है ट्रेंच तकनीक पौधारोपण को सफल बनाने में ट्रेंच तकनीक को काफी प्रभावी माना जाता है। इसके अंतर्गत पहाड़ियों पर लंबी और संकरी खाइयां बनाई जाती हैं, जिनमें वर्षा जल एकत्र होता है। धीरे-धीरे यह पानी मिट्टी में समाहित होकर पौधों की जड़ों तक नमी पहुंचाता है। इससे कम वर्षा वाले क्षेत्रों में भी पौधों की जीवितता बढ़ती है। साथ ही मिट्टी का कटाव रुकता है और भूजल पुनर्भरण को भी गति मिलती है। हरियाली के साथ बढ़ेगी आजीविका फलोद्यान विकास योजना पर्यावरण संरक्षण के साथ ग्रामीण महिलाओं के सशक्तीकरण का भी माध्यम बनेगी। स्वयं सहायता समूहों को फलोद्यानों की देखभाल और प्रबंधन की जिम्मेदारी मिलने से उन्हें नियमित आय का अवसर मिलेगा। आंगनबाड़ी केंद्र व परिषदीय विद्यालयों में इसे भेजा जाएगा। यह माडल हरित विकास और ग्रामीण आर्थिक सुदृढ़ीकरण का संतुलित उदाहरण बन सकता है। जनपद के छह पहाड़ियों पर ट्रेंच बनाकर पौधारोपण किया जाएगा। इसको लेकर सभी तैयारी अपने अंतिम चरण में है। निश्चित रूप से पर्यावरण संरक्षण को लेकर ऐसी पहल की जरूरत है। आमजन भी अधिक से अधिक पौधा रोपण के कार्य में आगे आएं।     चर्चित गौड़, जिलाधिकारी, सोनभद्र  

छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस को जल्द मिलेगा नया मुखिया, प्रदेश अध्यक्ष की दौड़ में कई चेहरे चर्चा में

रायपुर  छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस के नए मुखिया की खोज तेज हो गई है, जिसे लेकर दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में दावेदारों के साक्षात्कार का दौर शुरू हो चुका है. अलग-अलग जिलों से आए 35 से अधिक युवा नेता इस रेस में शामिल होने के लिए देश की राजधानी पहुंचे हैं. इस इंटरव्यू प्रक्रिया के संपन्न होने के बाद चुनावी मैदान में उतरने वाले अंतिम प्रत्याशियों की सूची तय की जाएगी, जिसके बाद ही मतदान की रूपरेखा स्पष्ट होगी।  इस बार मुकाबले को केवल दो ध्रुवों तक सीमित नहीं माना जा रहा है, बल्कि संगठन में सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन बिठाने के लिए अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, महिला और अल्पसंख्यक वर्ग के चेहरों को भी पूरा मौका दिया जा रहा है, जिससे अंतिम चरण में मुकाबला बेहद दिलचस्प होने की उम्मीद है।  इस पूरे चुनावी घमासान के बीच भिलाई नगर के विधायक देवेंद्र यादव और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के गुटों के बीच खींचतान की खबरें भी हवाओं में हैं।  हालांकि, इन अटकलों को खारिज करते हुए देवेंद्र यादव ने साफ किया कि वरिष्ठ नेता हमेशा युवाओं को रास्ता दिखाते हैं और वे चुनाव में सीधे तौर पर हस्तक्षेप नहीं करते।  उन्होंने इसे गुटबाजी के बजाय एक स्वस्थ पारिवारिक प्रतिस्पर्धा करार दिया और खुद का उदाहरण देते हुए कहा कि वे भी एनएसयूआई की छात्र राजनीति से निकलकर ही आज इस मुकाम पर पहुंचे हैं. उन्होंने सभी युवा कार्यकर्ताओं से आपसी मतभेद भुलाकर सदस्यता अभियान को गति देने और संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की अपील की है।  राजनीतिक गलियारों में इस समय दो नामों को लेकर सबसे ज्यादा चर्चाएं गर्म हैं, जिनमें पहला नाम पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के करीबी माने जाने वाले विनयशील का है।  विनयशील के पक्ष में सबसे मजबूत कड़ी यह है कि उन्होंने वर्तमान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के गृह क्षेत्र कुनकुरी की नगर पंचायत में जीत दर्ज की थी, जिसे उनकी मजबूत सांगठनिक पकड़ के तौर पर देखा जा रहा है।  वहीं दूसरी ओर, विधायक देवेंद्र यादव के खेमे से बलौदाबाजार के शैलेंद्र बंजारे का नाम प्रमुखता से उछाला जा रहा है. शैलेंद्र को यादव का बेहद विश्वसनीय सिपहसालार माना जाता है और उनके समर्थकों में उनकी उम्मीदवारी को लेकर किसी प्रकार का संशय नहीं है. अब देखना यह होगा कि शीर्ष नेतृत्व अंततः किन दो-तीन नामों पर अपनी अंतिम मुहर लगाता है।   

सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के 5 साल बाद देश को मिलेगी पहली NDA-प्रशिक्षित महिला फाइटर पायलट

चंडीगढ़  भारतीय सैन्य इतिहास में 13 जून 2026 का दिन एक ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में दर्ज होने जा रहा है। वर्ष 2021 में महिलाओं को राष्ट्रीय रक्षा अकादमी में प्रवेश देने संबंधी ऐतिहासिक फैसले के पांच वर्ष बाद देश को एनडीए रूट से पहली महिला फाइटर पायलट मिलने जा रही है। चरखी दादरी जिले के गांव छपार की बेटी ईशिता सांगवान आज भारतीय वायुसेना की फाइटर स्ट्रीम में स्थायी कमीशन प्राप्त कर नया इतिहास रचेंगी। हैदराबाद स्थित एयर फोर्स अकादमी डुंडीगल में आयोजित पासिंग आउट परेड के दौरान ईशिता को स्थायी कमीशन प्रदान किया जाएगा। इसके साथ ही वह एनडीए के पहले महिला बैच से फाइटर पायलट बनने वाली देश की पहली अधिकारी बन जाएंगी। देशभर में थीं केवल दो सीटें,पहली महिला फाइटर पायलट बनेंगी ईशिता ईशिता की सफलता उनकी प्रतिभा, मेहनत और दृढ़ संकल्प की कहानी है। वर्ष 2021 में जब महिलाओं के लिए एनडीए के द्वार खुले, तब वह 12वीं कक्षा की छात्रा थीं। पिता से इस अवसर की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने फाइटर पायलट बनने का लक्ष्य तय कर लिया। राष्ट्रीय स्तर पर महिलाओं के लिए वायुसेना की फ्लाइंग ब्रांच में केवल दो सीटें उपलब्ध थीं। ईशिता ने लिखित परीक्षा और एसएसबी साक्षात्कार में सफलता प्राप्त करने के साथ-साथ फाइटर पायलट बनने के लिए अनिवार्य कंप्यूटरीकृत पायलट चयन प्रणाली (सीपीएसएस) परीक्षा भी पहली ही कोशिश में उत्तीर्ण कर ली। खड़कवासला से डुंडीगल तक तय किया गौरवपूर्ण सफर पुणे स्थित राष्ट्रीय रक्षा अकादमी में तीन वर्ष की कठिन सैन्य प्रशिक्षण अवधि के दौरान ईशिता ने हर चुनौती का सामना किया। इसके बाद उन्होंने एयर फोर्स अकादमी, डुंडीगल में उन्नत उड़ान प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया। पासिंग आउट परेड के बाद वह भारतीय वायुसेना की फाइटर स्ट्रीम का हिस्सा बनकर देश की वायु सुरक्षा में अपनी भूमिका निभाएंगी। ईशिता एक शिक्षित परिवार से संबंध रखती हैं। उनके पिता चरण सिंह सांगवान विद्यालय प्राचार्य हैं, जबकि माता अनीता सांगवान शिक्षिका हैं। परिवार के अनुसार उनकी सफलता में स्वर्गीय दादी लिछमा देवी के आशीर्वाद और परिवार के निरंतर सहयोग की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। जुड़वां बहन आस्था एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही हैं, जबकि भाई आर्यन पुणे से बीटेक कर रहे हैं। ईशिता सांगवान की यह उपलब्धि न केवल चरखी दादरी और हरियाणा, बल्कि पूरे देश के लिए गौरव का विषय है। यह बदलते भारत की उस नई तस्वीर को भी रेखांकित करती है, जहां बेटियां अब हर क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रही हैं और आसमान भी उनकी उड़ान को सीमित नहीं कर पा रहा।

आजमगढ़ बनेगा खास आम की खेती का केंद्र, दुनिया के सबसे महंगे आम का मदर प्लांट तैयार

आजमगढ़  यूपी के पूर्वांचल की धरती पर अब दुनिया का सबसे महंगा आम उगेगा। आजमगढ़ में जापान के प्रसिद्ध मियाजाकी आम का मदर प्लांट तैयार हो रहा है। कृषि विज्ञान केंद्र लैदौरा इस आम के पेड़ से कलम तैयार करने में जुटा है। ऐसे में दो लाख रुपये किलो वाला मियाजाकी आम जिले की पहचान बनेगा। वहीं सोनभद्र में भी एक व्यक्ति ने अपने बाग में मियाजाकी आम का पौधा लगाया है। जापान का प्रसिद्ध मियाजाकी आम दुनिया का सबसे महंगा आम है। स्वाद और खुशबू में लाजवाब होने के साथ-साथ यह सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में जापानी मियाजाकी आम की कीमत दो लाख रुपये प्रति किलोग्राम है। स्थानीय बाजार में भी इसकी कीमत 70 हजार रुपये से दो लाख रुपये प्रति किलोग्राम तक रहती है। कृषि विज्ञान केंद्र लैदौरा में मियाजाकी आम के पौधे तैयार किए गए हैं। इनका प्रयोग मदर प्लांट के रूप में किया जा रहा है। उद्यान वैज्ञानिक मदर प्लांट के पौधों से कलम तैयार कर मियाजाकी आम के पौधे लोगों को मुहैया कराएंगे। कलम से तैयार पौधे तीन से पांच साल में फल देने लगेंगे जबकि बीज वाले पौधे लगाने पर फल आने में करीब 10 साल का समय लग जाता है। लाल-जामुनी और हरे रंग का मिश्रण है खासियत मियाजाकी की पैदावार सोनभद्र के छपका गांव में भी हो रही है। गहरा लाल-जामुनी और हरे रंग का मिश्रण इस आम की खासियत होती है। वरिष्ठ अधिवक्ता उमेशधर दुबे ने पिछले साल 15 अगस्त को इसका पौधा लगाया था। इसका छिलका चमकदार होता है और स्वाद में बहुत मीठा होता है। कब लगा सकते हैं पौधे लैदौरा के प्रभारी कृषि विज्ञान केंद्र के डॉ. एलसी वर्मा ने बताया कि दुनिया के सबसे महंगे आम जापानी मियाजाकी का पौधा तैयार किया गया है। पुणे की नर्सरी से लाकर इसे लगाया गया है। इसका प्रयोग मदर प्लांट के तौर पर किया जाएगा। कलम से तैयार पौधों को लगाने का सही समय जुलाई से सितंबर तक होता है। पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र में है नर्सरी अभी तक पश्चिम बंगाल के कोलकाता की एग्रो नर्सरी, ग्रीनरी नर्सरी ठाकुरनगर और महाराष्ट्र के पुणे स्थित नर्सरी ही इस जापानी मियाजाकी आम के पौधे उपलब्ध कराती हैं। जापानी मियाजाकी आम का एक पौधा 1500 से 5000 रुपये तक में मिलता है। मध्य प्रदेश के जबलपुर और ओडिशा में भी इसकी खेती होने लगी है। आजमगढ़ के चार ब्लॉकों रानी की सराय, मिर्जापुर, अहरौला और पवई में प्रमुखता से आम की खेती होती है। इन चार ब्लॉकों के करीब 12 प्रतिशत क्षेत्रफल में आम के बाग मौजूद हैं।

भीषण गर्मी में रेलवे का खास इंतजाम, प्लेटफॉर्म पर फोगर-स्प्रिंकलर से मिल रही ठंडी फुहार

बिलासपुर  भीषण गर्मी और हीटवेव के बीच यात्रियों को राहत देने के लिए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) ने बिलासपुर जंक्शन पर विशेष व्यवस्था की है। स्टेशन के प्लेटफॉर्मों पर रूफ-टॉप वॉटर स्प्रिंकलर और हाई-प्रेशर मिस्टिंग सिस्टम (फोगर) लगाए गए हैं, जिनसे लगातार पानी की बारीक फुहारें छोड़ी जा रही हैं। इससे प्लेटफॉर्म का तापमान कम हो रहा है और यात्रियों को गर्मी से काफी राहत मिल रही है। बिलासपुर जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 सहित अन्य प्रमुख प्लेटफॉर्मों की छतों पर पाइपलाइन के जरिए मिस्टिंग सिस्टम स्थापित किया गया है। फोगर से निकलने वाली पानी की बेहद महीन बूंदें आसपास के गर्म वातावरण को ठंडा करती हैं, जिससे यात्रियों को चिलचिलाती धूप के बीच भी अपेक्षाकृत ठंडक का एहसास होता है। गर्मी से परेशान यात्रियों ने रेलवे की इस पहल की सराहना की है। यात्री प्लेटफॉर्म पर पड़ रही फुहारों का आनंद लेते दिखाई दे रहे हैं। लोगों का कहना है कि यह व्यवस्था गर्मी के दौरान सफर को अधिक आरामदायक बना रही है। रेलवे ने सिर्फ फोगर सिस्टम ही नहीं लगाया है, बल्कि यात्रियों के लिए ठंडे पेयजल और शरबत की व्यवस्था भी की है। अधिकारियों के अनुसार गर्मी के मौसम में यात्रियों को अधिकतम राहत पहुंचाने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। प्रदेश के इन रेलवे स्टेशनों पर भी व्यवस्था लागू दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा बिलासपुर के अलावा रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव और गोंदिया रेलवे स्टेशनों पर भी इसी तरह की व्यवस्था लागू की गई है। रेलवे का मानना है कि बढ़ते तापमान और हीटवेव के प्रभाव को देखते हुए इस तरह की सुविधाएं यात्रियों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो रही हैं।     बिलासपुर स्टेशन पर यात्रियों के लिए किए गए विशेष इंतजाम     प्लेटफॉर्म पर रूफ-टॉप वॉटर स्प्रिंकलर सिस्टम लगाया गया।     हाई-प्रेशर मिस्टिंग और फोगर सिस्टम से ठंडी फुहारें छोड़ी जा रही हैं।     यात्रियों के लिए ठंडे पानी और शरबत की व्यवस्था।     हीटवेव के दौरान प्लेटफॉर्म का तापमान कम करने का प्रयास।     सोशल मीडिया पर रेलवे की इस पहल की जमकर तारीफ। भीषण गर्मी में काफी मिल रही राहत सोशल मीडिया पर भी बिलासपुर स्टेशन के फोगर सिस्टम के वीडियो और तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही हैं। लोग इसे रेलवे का यात्री हित में उठाया गया अभिनव और सराहनीय कदम बता रहे हैं। भीषण गर्मी के बीच प्लेटफॉर्म पर मिल रही यह ठंडी फुहारें यात्रियों के लिए किसी राहत भरी बारिश से कम नहीं हैं। प्रमुख प्लेटफॉर्मो पर लगाए गए हैं हाई प्रेशर मिस्ट शावर रेलवे अधिकारियों के अनुसार बिलासपुर जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 समेत प्रमुख प्लेटफॉर्मों की छतों पर पाइपलाइन बिछाकर हाई-प्रेशर मिस्ट शावर लगाए गए हैं। इनसे निकलने वाली पानी की बेहद बारीक बूंदें आसपास के गर्म वातावरण को तेजी से ठंडा करती हैं, जिससे प्लेटफॉर्म पर तापमान में उल्लेखनीय कमी महसूस होती है। गौरतलब है कि इस बार देश के कई हिस्सों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार चल रहा है। ऐसे में रेलवे द्वारा अपनाया गया यह ‘कूलिंग मॉडल’ यात्रियों के लिए बड़ी राहत साबित हो रहा है। सोशल मीडिया पर भी इस अनोखी व्यवस्था के वीडियो और तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही हैं और लोग इसे रेलवे का स्मार्ट व यात्री हितैषी कदम बता रहे हैं।

60 किलोग्राम भार वर्ग में करेंगी भारत का प्रतिनिधित्व

भोपाल मध्यप्रदेश राज्य बॉक्सिंग अकादमी, भोपाल की प्रतिभावान मुक्केबाज माही लामा का चयन चीन में आयोजित होने वाले World Cup of Boxing 2026 के लिए भारतीय टीम में हुआ है। माही लामा 60 किलोग्राम भार वर्ग में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। यह प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता 15 से 20 जून 2026 तक चीन में आयोजित की जाएगी, जिसके लिए भारतीय दल आज रात चीन के लिए रवाना होगा। अंतर्राष्ट्रीय मंच पर मध्यप्रदेश की मजबूत उपस्थिति माही लामा का भारतीय टीम में चयन मध्यप्रदेश की खेल प्रतिभाओं के निरंतर उभरते स्तर और राज्य बॉक्सिंग अकादमी में उपलब्ध कराए जा रहे उच्च स्तरीय प्रशिक्षण का प्रमाण है। विश्व स्तरीय इस प्रतियोगिता में उनकी सहभागिता प्रदेश के लिए गौरव का विषय है तथा यह राज्य में विकसित हो रही उत्कृष्ट खेल संस्कृति को भी दर्शाता है। कठोर परिश्रम और उत्कृष्ट प्रदर्शन का परिणाम माही लामा ने राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर की विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए अपनी पहचान बनाई है। उनकी निरंतर मेहनत, अनुशासन और समर्पण के बल पर उन्हें भारतीय टीम में स्थान प्राप्त हुआ है। अब वे विश्व कप जैसे प्रतिष्ठित मंच पर देश का प्रतिनिधित्व करते हुए अपनी प्रतिभा और कौशल का प्रदर्शन करेंगी। प्रदेश के युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत माही लामा की यह उपलब्धि प्रदेश के उभरते खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। यह सफलता दर्शाती है कि दृढ़ संकल्प, नियमित अभ्यास और उचित मार्गदर्शन के माध्यम से अंतर्राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचा जा सकता है। उनकी उपलब्धि प्रदेश में खेलों के प्रति युवाओं के उत्साह को और अधिक प्रोत्साहित करेगी। खेल मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने दी शुभकामनाएँ सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने माही लामा को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि मध्यप्रदेश के खिलाड़ी लगातार अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर देश का गौरव बढ़ा रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि माही लामा चीन में आयोजित बॉक्सिंग वर्ल्ड कप में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए भारत और मध्यप्रदेश का नाम रोशन करेंगी।