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अद्भुत घटना: बालाजी भगवान गर्भगृह से आए बाहर, भक्तों के लिए तैयार अमृत खीर

रायपुर आश्विन माह की पूर्णिमा, यानी 6 अक्टूबर को शरद पूर्णिमा धूमधाम से मनाई जाएगी. इस दिन चंद्रमा अपनी 16 कलाओं के साथ अमृत वर्षा करता है. मठ-मंदिरों और घरों में खीर बनाई जाएगी, बंगाली समाज में मां लक्ष्मी की विशेष पूजा होगी, और दूधाधारी मठ में भगवान बालाजी की सदियों पुरानी परंपरा निभाई जाएगी. दूधाधारी मठ में बालाजी की विशेष पूजा शरद पूर्णिमा पर दूधाधारी मठ में भगवान बालाजी को आधी रात गर्भगृह से बाहर लाया जाएगा. यह सदियों पुरानी परंपरा है, जिसमें भगवान को चांदी के सिंहासन पर विराजमान कर महंत रामसुंदर दास अनुष्ठान करेंगे. इसके बाद भक्तों को अमृत खीर का प्रसाद वितरित किया जाएगा. ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, इस बार चंद्रमा का सप्तम भाव में होना और वृद्धि योग इस दिन को विशेष फलदायी बनाता है, हालांकि सर्दी और भावनात्मक समस्याओं से जूझ रहे लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है. बंगाली समाज में मां लक्ष्मी की कोजागरी पूजा बंगाली समाज में शरद पूर्णिमा को मां लक्ष्मी की पूजा, जिसे कोजागरी पूजा भी कहते हैं, विशेष उत्साह के साथ की जाएगी. रायपुर की कालीबाड़ी चौक, पंडरी सिटी, शिवानंद नगर, माना कैंप, डब्ल्यूआरएस कॉलोनी, और गुढ़ियारी सहित कई कालीबाड़ियों में शाम 7:30 बजे से पूजा, पुष्पांजलि, भोग और आरती का आयोजन होगा. बंग समाज के लोग इस अवसर पर एकत्रित होकर मां लक्ष्मी का आशीर्वाद लेंगे. श्री महाकाल धाम में शिवामृत महोत्सव खारुन तट पर स्थित महाकाल धाम, अमलेश्वर में शरद पूर्णिमा पर शिवामृत महोत्सव का आयोजन होगा. सुबह 9 बजे से सहस्त्र पार्थिव शिवलिंग निर्माण, पूजन और वैदिक हवन के साथ उत्सव शुरू होगा. दिनभर रुद्राभिषेक और पूजन के बाद संध्या में भगवान महाकाल की महाआरती, भक्ति संध्या, जागरण और अखंड संकीर्तन होगा. इसके अलावा, गोपाल मंदिर में रास उत्सव और गिरिराज मंदिर में दो दिवसीय उत्सव मनाया जाएगा, जहां ठाकुरजी को श्वेत वस्त्र-आभूषणों से सजाया जाएगा और चंद्रमा की रोशनी में आरती की जाएगी.

पंजाब को नशे से मुक्त करने का वादा दोहराई आम आदमी पार्टी ने, नए पदाधिकारी बनाए

जालंधर  पंजाब को नशे के अभिशाप से मुक्त करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए, आम आदमी पार्टी ने 'नशे के विरुद्ध युद्ध' अभियान के अंतर्गत 'नशा मुक्ति मोर्चा' के नए पदाधिकारियों की घोषणा की है। ये नवनियुक्त पदाधिकारी राज्य भर में नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूकता फैलाने, पीड़ितों को नशा मुक्ति केंद्रों तक पहुंचाने और सरकार द्वारा नशा विरोधी कानूनों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। 'आप' पंजाब अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने नवनियुक्त पदाधिकारियों को उनकी नई ज़िम्मेदारी के लिए बधाई दी। अमन अरोड़ा ने कहा कि ये नियुक्तियां नशे के विरुद्ध अभियान को एक नई दिशा देंगी और आप पंजाब में एक स्वस्थ और समृद्ध समाज बनाने के अपने एजेंडे को और मजबूत करेगी। 

निर्वाचन आयोग की तैयारी: क्या बिहार विधानसभा चुनाव दो चरणों में होगा?

पटना/नई दिल्ली बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए तारीखों का एलान आज हो सकता है। इस बार का चुनाव दो चरणों में होने के आसार हैं। पिछली बार तीन चरणों में चुनाव हुआ था। इस बार त्योहारों के कारण सिर्फ नवंबर महीने का समय मतदान के लिए बच रहा है और राष्ट्रीय जनता दल समेत विपक्षी दलों ने दो चरण में मतदान कराने के लिए भारत निर्वाचन आयोग से अपील की है। सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी और जनता दल यूनाईटेड ने एक चरण में ही मतदान की सलाह दी थी। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने इन अपीलों-सलाहों पर बात करने के बाद रविवार को पटना में प्रेस कांफ्रेंस के दौरान चुनाव की तारीखों पर कोई बात नहीं की थी। वह रविवार शाम को दिल्ली पहुंचे और अब आज, सोमवार को शाम चार बजे भारत निर्वाचन आयोग का नई दिल्ली में संवाददाता सम्मेलन है। माना जा रहा है कि इसमें चुनाव की तारीखें घोषित हो जाएंगी। हालांकि, चुनाव आयोग के संकेतों को देखते हुए 7 अक्टूबर के बाद अधिसूचना जारी होने की संभावना बताई जा रही थी। दो चरणों के चुनाव की संभावना क्यों ज्यादा बिहार में विधानसभा का चुनाव करीब 30-35 साल के दौरान पांच-छह चरणों में होता था। वर्ष 2010 का चुनाव छह, 2015 का पांच और 2020 का तीन चरणों में हुआ था। इस बार मतदाताओं के विशेष गहन पुनरीक्षण के कारण दुर्गा पूजा के पहले चुनाव की बाकी तैयारियां नहीं हो सकी थीं। इस महीने दीपावली और फिर लोक आस्था का महापर्व छठ भी है। ऐसे में 27-28 तारीख तक मतदान की संभावना नहीं है। राजनीतिक दलों ने भी छठ के बाद ही मतदान की तारीखें रखने की अपील की थी। इसके साथ ही ध्यान देने वाली बात यह भी है कि विधानसभा के कार्यकाल के प्रावधान के तहत 22 नवंबर के पहले बिहार में नई सरकार के लिए निर्णय होना है। इसलिए, माना जा रहा है कि दो चरणों में चुनाव कराया जा सकता है। बिहार विधानसभा की 243 सीटों के लिए होना है मतदान देश के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार रविवार को पटना से लौटे। दो दिन के बिहार दौरे के बाद अब मतदान की तारीखें घोषित करना ही बचा है। मतदाताओं का गहन पुनरीक्षण पूरा कर मतदाता सूची जारी की जा चुकी है। बिहार की 243 विधानसभा सीटों पर चुनाव के लिए अमूमन सितंबर अंत तक अधिसूचना जारी होती रही है। 2010 में 27 सितंबर को पहले चरण की अधिसूचना जारी हुई थी और अंतिम छठे चरण का मतदान 20 नवंबर को कराया गया था। 2015 में तो 16 सितंबर को पहले चरण की अधिसूचना जारी कर पांचवें और अंतिम चरण का मतदान 5 नवंबर को हुआ था। 2020 में पहले चरण की अधिसूचना 1 अक्टूबर को जारी हुई थी और तीसरे-अंतिम चरण का मतदान 7 नवंबर को हुआ था।

चंडीगढ़ की तर्ज पर पंजाब के महानगर में नई पहल, खास सुविधाएं मिलने वालीं

जालंधर  रोटरी क्लब जालंधर सिटी के प्रधान धन्या नैय्यर की अध्यक्षता में कार्यक्रम का आयोजन किया, जिसमें मेयर वनीत धीर मुख्यातिथि थे। उन्होंने शहर में चल रहे विकास कार्यों की चर्चा करते हुए बताया कि 2016 में स्वच्छ भारत अभियान की रैंकिंग में जालंधर 117वें स्थान पर था, लेकिन अब शहर के विकास कार्यों की बदौलत जालंधर रैकिंग में 82वें स्थान पर पहुंच गया है। फारैस्ट विभाग की सहायता से पटेल चौक से सूरानुस्सी तक साढ़े 5 करोड़ रूपए की लागत से विभिन्न पौधे लगाए जा रहे है। उन्होंने बताया कि जल्द ही माडल टाउन से मिठ्ठापुर रोड, अर्बन अस्टेट, 120 फुटी रोड, पुडा कम्पलैक्स के नजदीक, श्री देवी तालाब मंदिर से पठानकोट चौंक 6 स्थानों पर साइकलिंग व वाकिंग ट्रैक का निर्माण करवाया जाएगा। इसके साथ ही पी.ए.पी. चौक से शहर में प्रवेश मार्ग को जल्द ही सुंदर बनाने का कार्य भी जल्द ही शुरू किया जाएगा। शहर की टूटी सड़कों की मुरम्मत जल्द ही करवाई जा रही है। कुत्तों की समस्या से निपटने के लिए 1 करोड़ रूपए की लागत से रामामंडी में आप्रेशन थिएयर का निर्माण करवाया जाएगा। वहीं ब्रजेश सिंघल ने बताया कि रोटरी क्लब की ओर से नकोदर रोड के नजदीक जल्द ही रोटरी कम्युनिटी वैल्फेयर व वोकेश्नल सैंटर का निर्माण करवाया जाएगा, जिसमें युवाओं की करियर काउंसलिंग की सिखलाई दी जाएगी। प्रोजैक्ट डायरैक्टर सुभाष सूद ने विभिन्न प्रोजैक्टों की जानकारी दी तथा बी.के. मैनी ने सबका धन्यवाद व्यक्त किया। इस अवसर पर एस.वी.हंस, महेश गुप्ता, इंदर इकबाल अरोड़ा, ईरा पाल, गीतिका चड्डा, रविंदर सूद, छाया बख्शी, डा. अमनप्रीत ओबराय, जैसमिन पन्नू, पुनीत चड्डा, डा. पवन गुप्ता, दीपक पाल, शिव बासंल, चेतन बख्शी, शीतल शर्मा, कमल गुप्ता, डा. विक्रम ओबराय, प्रभपाल पुन्नू व अन्य गण्य भी उपस्थित थे।

मौसम का मिज़ाज बदला: प्रदेश के 11 जिलों में ओले गिरने की संभावना, 15 क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश

लखनऊ उत्तर प्रदेश में मानसून के विदा होने से पहले पूरब और पश्चिम दोनों संभागों में जोरदार बारिश देखने को मिली है। अब पश्चिमी विक्षोभ के असर से सोमवार को पश्चिमी यूपी में ओले भी गिरने वाले हैं। माैसम विभाग ने सोमवार के लिए पश्चिमी तराई के सहारनपुर, शामली, बिजनाैर समेत 15 जिलों में गरज चमक के साथ ओले गिरने की आशंका जताई है। वहीं पश्चिम के 13 जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। इस दाैरान 30 से 40 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने की भी चेतावनी है। लगभग 38 जिलों में मेघ गर्जन के साथ वज्रपात की भी आशंका है। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से सोमवार को पश्चिमी यूपी के कई जिलों में भारी बारिश और गरज चमक के साथ ओले गिरने की चेतावनी है। बुधवार से पूर्वी और पश्चिमी यूपी में माैसम के शुष्क रहने के संकेत हैं। आज फिर बदल सकता है मौसम का मिजाज राजधानी में रविवार को दिन चढ़ने के साथ धूप खिली। पारा चढ़ने के साथ गर्मी भी बढ़ी। हवा में नमी ज्यादा होने के कारण दोपहर में तीखी धूप के साथ उमस बेकाबू होती गई। हालांकि सुबह और शाम के वक्त नमी से भरी ठंडी हवाओं के चलते ही गर्मी से थोड़ी राहत रही। रविवार को धूप की तेजी के चलते अधिकतम तापमान में करीब तीन डिग्री का उछाल दर्ज किया गया। माैसम विभाग का कहना है कि सोमवार को एक बार फिर राजधानी क्षेत्र में बादलों की सक्रियता बढ़ने के आसार हैं। इससे छिटपुट बूंदाबांदी की संभावना भी है। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि एक नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से सोमवार को लखनऊ में बादलों की आवाजाही के साथ बूंदाबांदी की परिस्थितियां बन सकती हैं। इससे गर्मी और उमस से राहत मिलेगी। विक्षोभी की तीव्रता ज्यादा रही तो मंगलवार को भी बादल और बूंदाबांदी देखने को मिल सकती है। रविवार को दिन का अधिकतम तापमान 2.9 डिग्री की उछाल के साथ 34 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। वहीं न्यूनतम तापमान बिना किसी बदलाव के साथ 24.2 डिग्री सेल्सियस रिकाॅर्ड हुआ।  

पंजाब की गरीबी दर में सुधार, शहरों में 17.6% से घटकर 2.6%, हरियाणा की स्थिति क्या है?

चंडीगढ़  पंजाब में पिछले एक दशक के दौरान गरीबों की संख्या घटी है। अब शहरों में सिर्फ 2.6 फीसदी लोग ही गरीब हैं। इसी तरह गांवों में भी सुधार हुआ है।ग्रामीण इलाके में वर्ष 2011-12 में 7.4 फीसदी लोग गरीबी रेखा के नीचे थे लेकिन वर्ष 2022-23 में सिर्फ 0.6 फीसदी लोग गरीबी रेखा के नीचे रह गए हैं। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) की रिपोर्ट में यह सामने आया है। रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2011-12 के दौरान शहरों में 17.6 फीसदी लोग गरीबी के रेखा के नीचे थे लेकिन वर्ष 2022-23 में गरीबी में रिकॉर्ड स्तर की गिरावट दर्ज की गई है। सिर्फ 2.6 फीसदी ही लोग ही गरीबी रेखा के नीचे रह गए हैं। पंजाब में अब असमानता दूर हो रही है और साथ ही लोगों की प्रति व्यक्ति मासिक खपत भी बढ़ रही है जिसका सीधा असर सुधार के रूप में मिल रहा है। केंद्र और राज्य सरकारें समावेशी विकास और गरीबों के लिए आर्थिक अवसरों को बढ़ावा देने वाले नीतियां बनाकर भी गरीबी उन्मूलन के लिए काम कर रही हैं जिसके अच्छे नतीजे मिल रहे हैं। अब गरीबी के पैमाने में भी आया बदलाव रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में गरीबी के पैमाने में भी बदलाव आया है। वर्ष 2011-12 में ग्रामीण गरीबी रेखा 1127 और शहरी गरीबी रेखा 1479 रुपये प्रति व्यक्ति हर माह थी। वर्ष 2022-23 में यह बढ़कर ग्रामीण इलाकों में 2048 और शहरी क्षेत्रों में 2622 रुपये हो गई है। अगर ग्रामीण क्षेत्रों में कोई व्यक्ति 2048 रुपये से कम प्रति माह खर्च करता है, तभी उसे गरीब माना जाएगा। इससे साफ है कि गरीबी का पैमाना बदलने के बावजूद गरीबों की संख्या में कमी हो रही है। मुफ्त राशन, रोजगार गारंटी व अन्य सरकारी योजनाओं ने गरीब लोगों की स्थिति में सुधार में अहम भूमिका निभाई है। पड़ोसी राज्य में भी पहले से सुधार पड़ोसी राज्यों में भी पहले से सुधार हो रहा है। हरियाणा में वर्ष 2011-12 के दौरान गांवों में 11 फीसदी, जबकि वर्ष 2022-23 में सिर्फ 4.1 फीसदी लोग गरीबी रेखा के नीचे रह गए हैं। इसी तरह शहरों में वर्ष 2011-12 के दौरान 15.3 फीसदी जबकि अब सिर्फ 4.3 प्रतिशत लोग ही गरीबी रेखा नीचे रह गए हैं। डीएवी कॉलेज अर्थशास्त्र विभाग के प्रोफेसर बिमल अंजुम ने बताया कि प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबी दर लगभग समाप्त हो गई है। शहरी क्षेत्रों में भी गरीबी दर बहुत कम है। इसका श्रेय कृषि उत्पादन, उद्योग और सरकारी योजनाओं को जाता है। गरीबी कम होने के बावजूद प्रदेश के सामने बड़ी चुनौतियां हैं। इसमें बेरोजगारी, नशा, किसानों की आय बढ़ाना और आर्थिक असमानता शामिल हैं। मुफ्त राशन योजना से भी बाहर, घर में गाड़ी व एसी है तो नहीं मिलेगा राशन इसी का नतीजा है कि प्रदेश में अधिकतर लोग मुफ्त राशन योजना से भी बाहर हो रहे हैं। हाल ही में सरकार ने इसे लेकर दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं। इसके तहत प्रदेश में जिस किसी भी घर में गाड़ी, एयर कंडीशनर (एसी) या फिर परिवार के किसी भी सदस्य के पास 2.5 एकड़ भूमि है तो उन्हें मुफ्त राशन का लाभ नहीं मिलेगा। पंजाब में फिलहाल 1.52 करोड़ लाभार्थी हैं जिन्हें राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत मुफ्त गेहूं मिलता है। इनमें से अब 10.28 लाख लाभार्थियों को मुफ्त राशन से हाथ धोना पड़ सकता है।  

गौ मांस मामले में भोपाल में फिर गरमाई स्थिति, रामेश्वर शर्मा ने अधिकारियों को सख्त कदम उठाने की अपील की

भोपाल  भोपाल में आज बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने परवलिया क्षेत्र में फिर से गौ मांस पकड़ा, जिससे क्षेत्र में एक बार फिर गौकशी का मामला उठ खड़ा हुआ है। विधायक रामेश्वर शर्मा ने इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह एक गंभीर चिंता का विषय है। शर्मा ने कहा कि इस प्रकार की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए बड़े अधिकारियों को सक्रियता से मैदान में उतरना होगा। उनका मानना है कि गौकशी करने वाले और लव जिहाद के मामलों में लिप्त व्यक्तियों के खिलाफ सार्वजनिक रूप से कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। भोपाल में फिर गौ मांस का मामला, बोले रामेश्वर शर्मा "बड़े अधिकारी उतरें मैदान में, सरगना को पकड़ें" पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई में, परवलिया सड़क थाना क्षेत्र में एक कार से मांस बरामद किया गया। इस मामले में पुलिस ने मांस के साथ कार को जब्त कर लिया है। बजरंग दल के कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंचे और पुलिस की जांच में सहयोग किया। इससे पहले, हबीबगंज क्षेत्र में भी गौ मांस पकड़े जाने की घटना हुई थी। विधायक रामेश्वर शर्मा ने उस मामले पर भी प्रतिक्रिया दी थी, जिसमें उन्होंने पुलिस से गोकशी करने वालों की एक व्यापक सूची तैयार करने की मांग की। उन्होंने कहा कि केवल एक या दो मामलों में कार्रवाई करना पर्याप्त नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि गौहत्या के मामलों में शामिल सभी व्यक्तियों को अपराधी मानते हुए उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। शर्मा ने कहा कि गौ हत्यारों के हौसले तोड़ने के लिए सरकार को ठोस कदम उठाने होंगे। सख्त कार्रवाई की आवश्यकता विधायक ने इस मुद्दे पर जोर देते हुए कहा कि गौ हत्यारों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए। उन्होंने पुलिस को निर्देश दिया कि वे उन लोगों के हाथ-पैर तोड़ने और उनके मकानों को तोड़ने की कार्रवाई करें जो गौकशी में लिप्त हैं। यह बयान उन्होंने उस समय दिया जब बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने गौ मांस पकड़े जाने की घटनाओं के खिलाफ आवाज उठाई। समुदाय की भूमिका विधायक ने कहा कि समाज को भी इस मुद्दे पर जागरूक होना चाहिए और गौकशी के मामलों को रोकने के लिए एकजुट होना चाहिए। उन्होंने बजरंग दल के कार्यकर्ताओं का धन्यवाद देते हुए कहा कि ऐसे मामलों में उनकी सक्रियता महत्वपूर्ण है। सरगनाओं को पकड़ें विधायक शर्मा ने यह भी कहा कि गौकशी करने वालों के सरगनों को पकड़ना आवश्यक है, ताकि इस तरह की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सके। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि पुलिस की कार्रवाई को और मजबूत करना होगा ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं ना हों।

पटना से मेट्रो का सफर शुरू, किराया, रूट और सुविधाओं की पूरी जानकारी

पटना पटनावासियों के लिए आज बड़ा दिन है। कई साल का इंतजार खत्म हो गया रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज सुबह पौने 12 बजे पटना मेट्रो के पहले फेज की सेवा का शुभारंभ कर दिया। पाटलिपुत्र बस टर्मिनल डिपो के पास बने मेट्रो स्टेशन से वह भूतनाथ से न्यू आईएसबीटी तक पहले फेज की मेट्रो के परिचालन का शुभारंभ किया। पटना मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (पीएमआरएल) ने परिचालन की अंतिम तैयारी पूरी कर ली है। इसके अलावा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कॉरिडोर वन के तहत पटना जंक्शन सहित छह भूमिगत मेट्रो स्टेशनों और 9.35 किलोमीटर लंबी सुरंग की आधारशिला भी रखेंगे। मेट्रो के कोच को मधुबनी पेंटिंग से खास तौर पर सजाया गया है, जो बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करता है। कोचों में गेट, खिड़कियों और अंदरुनी हिस्सों पर गोलघर, महावीर मंदिर, महाबोधि वृक्ष, बुद्ध स्तूप और नालंदा के खंडहर जैसे बिहार के विश्वप्रसिद्ध पर्यटक स्थलों के आकर्षक स्टिकर लगाए गए हैं। मेट्रो रेल सुरक्षा आयुक्त जनक कुमार गर्ग पहले ही प्रायरिटी कॉरिडोर के तीन स्टेशनों पर मेट्रो के परिचालन को हरी झंडी दे चुके थे हर 20 मिनट के अंतराल पर मिलेगी मेट्रो पटना मेट्रो प्रबंधन के अनुसार, मेट्रो रेल सुरक्षा आयुक्त ने सिग्नलिंग सिस्टम, पटरियों की मजबूती, ट्रेन की गति, ब्रेकिंग सिस्टम और अन्य तकनीकी पहलुओं की गहन जांच की है। सभी मानकों पर खरा उतरने के बाद मेट्रो को परिचालन के लिए मंजूरी दी गई। शुरुआत में मेट्रो की अधिकतम गति 40 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। आईएसबीटी से जीरो माइल का किराया 15 रुपये होगा। वहीं न्यू आईएसबीटी से भूतनाथ मेट्रो स्टेशन का किराया 30 रुपये निर्धारित किया गया है। यानी पटना मेट्रो का फिलहाल न्यूनतम किराया 15 रुपये और अधिकतम किराया 30 रुपये होगा। पहले चरण में आइएसबीटी मेट्रो स्टेशन से भूतनाथ रोड तक मेट्रो चलेगी। फिलहाल इसका परिचालन सुबह 8 बजे से रात 10 बजे तक किया जाएगा। हर 20 मिनट के अंतराल पर प्रत्येक स्टेशन पर मेट्रो उपलब्ध होगी। प्रतिदिन मेट्रो 40 से 42 फेरे लगाएगी। महिलाओं और दिव्यांगों के लिए प्रत्येक ट्रेन में 12-12 सीटें आरक्षित होंगी। बीएसएपी के जवान संभाएंगे सुरक्षा की कमान मेट्रो कोच में मोबाइल और लैपटॉप चार्जिंग की सुविधा भी होगी। प्रत्येक कोच में सभी दरवाजों के पास एक लाल रंग का पैनिक बटन दिया गया है। कोच के अंदर डिस्प्ले बोर्ड पर अगले स्टेशन की जानकारी और घोषणाएं लगातार चलती रहेंगी। वहीं यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हर मेट्रो कोच में 360-डिग्री सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। आपात स्थिति के लिए दो इमरजेंसी बटन और माइक्रोफोन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। आपात स्थिति में बटन दबाने पर यात्री सीधे मेट्रो रेल के ड्राइवर से बात कर सकेंगे और सीसीटीवी फुटेज भी कंट्रोल रूम में भेजी जाएगी। प्रत्येक कोच में कुल 138 सीटें हैं और उसमें 945 यात्री खड़े होकर यात्रा कर सकते है। पटना मेट्रो की सुरक्षा बिहार स्पेशल आर्म्ड पुलिस (बीएसएपी) के जवान संभालेंगे। बीएसएपी के जवान मेट्रो पर चप्पे-चप्पे पर तैनात रहेंगे। प्रवेश द्वार से लेकर प्लेटफार्म तक इनकी तैनाती होगी। बेली रोड पर मेट्रो के निर्माण कार्य का भी शिलान्यास करेंगे सीएम मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सोमवार को ही बेली रोड पर मेट्रो के भूमिगत खंड के निर्माण कार्य का भी शिलान्यास करेंगे। यह भूमिगत खंड मेट्रो परियोजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो शहर के व्यस्त इलाकों में मेट्रो के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करेगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कॉरिडोर वन के तहत कुल छह भूमिगत स्टेशनों के लिए 9.35 किमी की सुरंग की आधारशिला रखेंगे। इस कॉरिडोर में पटना जंक्शन से रुकनपुरा और मीठापुर तक 9.35 किमी लंबी सुरंग शामिल है, जिस पर कुल 2,565.80 करोड़ रुपये खर्च किये जाएंगे। इसका निर्माण कार्य अगले 42 महीनों में पूरा करने का लक्ष्य है। निर्माण के फेज वन में रुकनपुरा, राजा बाजार और चिड़ियाघर स्टेशन के साथ ही पाटलिपुत्र एलिवेटेड स्टेशन के बाद रुकनपुरा रैंप शामिल है। जिसकी कुल लागत 1,147.50 करोड़ रुपये है। वहीं, फेज दो में विकास भवन, विद्युत भवन और पटना जंक्शन स्टेशन के साथ विकास भवन से मीठापुर तक सुरंग का निर्माण भी शामिल है। जिसकी कुल लागत 1,148.3 करोड़ है। पटना मेट्रो की कुल लागत 13,925.5 करोड़ रुपये है, जिसमें जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (जेआइसीए), केंद्र सरकार और बिहार सरकार का योगदान है। पटना मेट्रो के दो कॉरिडोर रेड लाइन (16.86 किमी) और ब्लू लाइन (14.56) में कुल 24 होंगे। पहले चरण का पूरा संचालन 2027 तक शुरू होने की संभावना है।  

SMS अस्पताल हादसा: आग के बाद तुरंत पहुंचे सीएम शर्मा स्थिति का लिया जायजा

जयपुर जयपुर में कल देर रात सवाई मान सिंह अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर के न्यूरो आईसीयू वार्ड में अचानक लगी आग से सात मरीजों की मौत हो गई। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा मामले की सूचना मिलते ही अस्पताल पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। सोशल मीडिया पर अपनी पोस्ट में उन्होंने कहा कि जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में आग लगने की घटना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। अस्पताल पहुंचकर चिकित्सकों एवं अधिकारियों से जानकारी ली और त्वरित राहत कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मरीजों की सुरक्षा, इलाज और प्रभावित लोगों की देखभाल के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। प्रभु श्रीराम दिवंगत आत्माओं को अपने श्री चरणों में स्थान दें। राज्य सरकार प्रभावित परिवारों के साथ है और उन्हें हर संभव सहयोग प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।   हादसे को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर के ICU में आग लगने से सात लोगों की मृत्यु बहुत दुखी करने वाली है। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि इस हादसे में कम से कम जनहानि हो। प्रभु दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान दें एवं घायलों को शीघ्र स्वस्थ करें। साथ ही यह भी कहा है कि राज्य सरकार इस घटना की उच्च स्तरीय जांच करवाकर यह सुनिश्चित करे कि भविष्य में कहीं भी ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति न हो सके। इधर प्रदेश की उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने भी एक्स पर लिखा  है कि जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल में आग लगने की हृदय विदारक घटना में मरीजों की जनहानि का समाचार अत्यंत दु:खद और पीड़ादायक है।   ईश्वर दिवंगत आत्माओं को अपने श्री चरणों में स्थान दें और शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करती हूं। प्रभु श्रीराम हादसे में घायल हुए नागरिकों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करें । नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने अपने शोक संदेश में कहा कि एसएमएस अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर के ICU में आग लगने से 3 महिलाओं सहित 8 लोगों की मृत्यु का समाचार अत्यंत दुःखद एवं हृदय विदारक है। इस भीषण घटना ने मन को झकझोर कर रख दिया है, हृदय अत्यंत व्यथित है। मेरी गहरी संवेदनाएं दिवंगतों के परिजनों के साथ हैं। ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में एवं शोकाकुल परिजनों को यह असहनीय दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें और घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूं। अभी जयपुर जिला कलेक्टर से घटना की पूरी जानकारी ली है और थोड़ी ही देर में SMS अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर पहुंच रहा हूं। गौरतलब है कि कल देर रात एसएमएस अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर के न्यूरो आईसीयू में आग लगने से सात लोगों की मौत हो गई, मरने वालों में तीन महिलाएं भी शामिल हैं।

दुर्ग में राशन कार्ड पर बड़ी कार्रवाई: संदिग्ध 53 हजार से ज्यादा नाम होंगे निरस्त

दुर्ग प्रदेश में फर्जी और अपात्र राशन कार्ड धारकों पर खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने बड़ी कार्यवाही शुरू कर दी है। विभाग ने 46 लाख से अधिक संदिग्ध राशन कार्डों का सत्यापन अभियान चलाया है, जिसमें चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। कई कार्डधारक ऐसे मिले जिनकी मृत्यु हो चुकी है, तो कई प्रदेश छोड़कर बाहर जा चुके हैं। ऐसे मामलों में अब तक 53,234 सदस्यों के नाम राशन कार्ड से निरस्त किए जाने की तैयारी है। इनमें अकेले रायपुर जिले के 9,233 सदस्य शामिल हैं। पहले चरण में 1.93 लाख सदस्य हटाए जा चुके इससे पहले भी विभाग ने राज्यभर में 1 लाख 93 हजार 67 सदस्यों के नाम राशन कार्ड से हटाए थे। इनमें रायपुर जिले के 19,574 सदस्य शामिल थे। भौतिक सत्यापन में यह पाया गया कि इनमें अधिकांश सदस्य मृत हो चुके या अन्य राज्यों में बस चुके हैं। दरअसल, केंद्र सरकार ने सभी राशन कार्डधारकों को ई-केवाईसी कराने के निर्देश दिए थे। समय पर ई-केवाईसी न कराने वाले 46 लाख से अधिक लोगों को संदिग्ध सूची में डाल दिया गया था। इसके बावजूद कई संदिग्ध कार्डधारकों के नाम पर हर महीने खाद्यान्न उठाव जारी था। अब आय, टैक्स और जमीन के आधार पर होगी छंटनी विभाग अब अगला कदम उठाने की तैयारी में है। जिन परिवारों की वार्षिक आय 6 लाख रुपए से अधिक है, जो आयकर (इनकम टैक्स) जमा करते हैं, या जिनके पास 5 एकड़ से अधिक कृषि भूमि है, उनके नाम राशन कार्ड से हटाने की कार्यवाही शुरू की जाएगी। खाद्य नियंत्रक भूपेंद्र मिश्रा ने बताया कि रायपुर जिले में पहले ही 19 हजार से अधिक सदस्यों के नाम निरस्त किए जा चुके हैं। शेष 9 हजार से अधिक सदस्यों के नाम हटाए जाने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। इसके बाद नियमानुसार अन्य अपात्रों की छंटनी जारी रहेगी। इतने-इतने नाम होंगे निरस्त (जिला अनुसार सूची) जिला    निरस्त होने वाले सदस्य रायपुर    9,233 बस्तर    4,879 बीजापुर    7 दंतेवाड़ा    2 कांकेर    1,923 कोंडागांव    735 नारायणपुर    180 सुकमा    58 बिलासपुर    3,000 गौरेला-पेंड्रा-मारवाही    1,005 जांजगीर    281 कोरबा    33 मुंगेली    114 रायगढ़    49 बालोद    879 बेमेतरा    1,248 दुर्ग    6,319 कवर्धा    1,773 राजनांदगांव    247 बलौदाबाजार    2,248 धमतरी    346 गरियाबंद    862 महासमुंद    2,722 बलरामपुर    3,044 जशपुर    6,007 कोरिया    2 सरगुजा    7,178 खैरागढ़    18 मोहला-मानपुर    995 सारंगढ़-बिलाईगढ़    717 मनेंद्रगढ़-चिरमिरी    1,240 अपात्रों पर विभाग की सख्ती जारी विभाग का कहना है कि सरकार का लक्ष्य वास्तविक गरीब और पात्र परिवारों तक सस्ते राशन की सुविधा पहुंचाना है। ऐसे में जिन लोगों के नाम अपात्र श्रेणी में पाए जा रहे हैं, उनके कार्ड निरस्त कर खाद्यान्न वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाया जा रहा है।